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शालु - सोच छोटी पापा का मुठ इतना टेस्टी है तो लंड चूसने में कितना मजा आएगा।।
रीना - दीदी ये क्या कह रही हो।।।।
शालु - ठीक तो कह रही हूँ।। क्या हमारा फ़र्ज़ नहीं बनता की हम दोनों पापा की हर जरुरत का ख्याल रखें। वैसे ही जैसे वो रखते है।
रीना - हाँ दीदी लेकिन।।। रीना कहते कहते रुक जाती है।
शालु - लेकिन कुछ नहीं मैं डिसाइड कर ली पापा को उनके हिस्से का सुख दूँगी।
रीना - लेकिन दीदी ये गलत है।। पाप है।
शालु - कुछ गलत नहीं है।। क्या जानवर भाई बहन या पापा मम्मी रिलेशन देखते हैं ? वो भी तो भगवन के बनाये हुए हैं क्या वो आपस में सेक्स नहीं करते?
मेरी कई दोस्त अपने पापा के साथ सेक्स का मजा ले चुकी है।।
रीना - ओह दीदी।
शालु - सुन तुझे अच्छा नहीं लग रहा तो तू घर वापस जा।। मैं तो अब पापा की सेक्सुअल जरुरत को पूरा करुँगी तू मेरा साथ दे या न दे।
रीना - ऐसी बात नहीं हैं दीदी।।
शालु - तुझे जो अच्छा लगे कर।। लेकिन अपने जिस्म की भी सुन।। देख तेरी बुर कितना पानी छोड़ रही है। चाहती तो तू भी है पापा से चुदवाना मगर रिश्ते से शरमा रही है क्यों? शालु रीना के बुर में लगतार अपनी उँगलियों को अंदर बाहर चला रही थी।
रीना - ओह दीदी।।। आप। सही कह रही हो।
शालु - तो अब बोल मेरा साथ देगी?
रीना -हाँ दीदी।
शालु - ओके तो अब बस रात का इंतज़ार है।आज रात हमदोनों पापा को वो ख़ुशी देंगे जिसके लिए पापा कितने दिनों से प्यासे है।मैं जाके पापा को खुशखबरी देती हूँ की आज रात उनके बरसों का सपना पूरा होगा।
रीना-कैसा सपना दीदी।
शालू-अरे मेरी जान पापा का सपना है किसी कुँवारी लड़की की सील तोड़ने का।
रीना शर्म से लाल हो जाती है।
रीना - दीदी ये क्या कह रही हो।।।।
शालु - ठीक तो कह रही हूँ।। क्या हमारा फ़र्ज़ नहीं बनता की हम दोनों पापा की हर जरुरत का ख्याल रखें। वैसे ही जैसे वो रखते है।
रीना - हाँ दीदी लेकिन।।। रीना कहते कहते रुक जाती है।
शालु - लेकिन कुछ नहीं मैं डिसाइड कर ली पापा को उनके हिस्से का सुख दूँगी।
रीना - लेकिन दीदी ये गलत है।। पाप है।
शालु - कुछ गलत नहीं है।। क्या जानवर भाई बहन या पापा मम्मी रिलेशन देखते हैं ? वो भी तो भगवन के बनाये हुए हैं क्या वो आपस में सेक्स नहीं करते?
मेरी कई दोस्त अपने पापा के साथ सेक्स का मजा ले चुकी है।।
रीना - ओह दीदी।
शालु - सुन तुझे अच्छा नहीं लग रहा तो तू घर वापस जा।। मैं तो अब पापा की सेक्सुअल जरुरत को पूरा करुँगी तू मेरा साथ दे या न दे।
रीना - ऐसी बात नहीं हैं दीदी।।
शालु - तुझे जो अच्छा लगे कर।। लेकिन अपने जिस्म की भी सुन।। देख तेरी बुर कितना पानी छोड़ रही है। चाहती तो तू भी है पापा से चुदवाना मगर रिश्ते से शरमा रही है क्यों? शालु रीना के बुर में लगतार अपनी उँगलियों को अंदर बाहर चला रही थी।
रीना - ओह दीदी।।। आप। सही कह रही हो।
शालु - तो अब बोल मेरा साथ देगी?
रीना -हाँ दीदी।
शालु - ओके तो अब बस रात का इंतज़ार है।आज रात हमदोनों पापा को वो ख़ुशी देंगे जिसके लिए पापा कितने दिनों से प्यासे है।मैं जाके पापा को खुशखबरी देती हूँ की आज रात उनके बरसों का सपना पूरा होगा।
रीना-कैसा सपना दीदी।
शालू-अरे मेरी जान पापा का सपना है किसी कुँवारी लड़की की सील तोड़ने का।
रीना शर्म से लाल हो जाती है।