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पापा की दुलारी जवान बेटियाँ complete

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बंसल- अरे बेटी तुम फिकर क्यो करती हो मैं तुम्हे अपनी गोद मे उठा लेता हू और बंसल अपनी बेटी को अपनी गोद मे उठा लेता है और रीना उसके सीने से चिपक जाती है, बंसल अपनी बेटी के होंठो को चूमता हुआ।

बंसल- बेटी तुम्हारी गान्ड बहुत मस्त है।

रीना-( मुस्कुरा कर)पापा अपनी बेटी को नंगी करके अपनी गोद मे उठाते हुए आपको शरम नही आती है।

बंसल- तुम्हारे जैसी बेटी को पूरी नंगी करके गोद मे उठाने और अपने लंड मे चढाने मे बहुत मज़ा आता है और (अपनी बेटी की चूत की फांको को फैलाकर देखते हुए )देखो तो बेटी तुम्हारी चूत कितना पानी छोड़ रही है, जानती हो यह क्या कह रही है।

रीना- मुस्कुरा कर क्या कह रही है।

बंसल- बेटी यह कह रही है की पापा अपने मोटे लंड को मेरे अंदर फसा कर खूब कर कर मेरी चूत मार दीजिये।

रीना- तो फिर देख क्या रहे है पापा जैसा वह कह रही है वैसा आप करते क्यो नही।

बंसल- क्यो नही अभी कर देता हू और बंसल रीना की दोनो टाँगो को अपनी कमर से लपेट कर उसकी चूत के छेद मे अपने लंड को जैसे ही सेट करता है रीना अपनी चूत का धक्का उसके लंड पर मार देती है और बंसल का लंड अपनी बेटी की फटी हुई गीली चूत मे सॅट से अंदर घुस जाता है और रीना अपने पापा के सीने से चिपक जाती है और बंसल खड़े-खड़े ही अपनी बेटी को चोदने लगता है।
 
रीना अपने पापा के होंठो को चूसने लगती है और बंसल अपनी बेटी की गान्ड को दबोचे हुए उसकी चूत को मारने लगता है।

रीना अपने पापा के खड़े लंड पर झूलते हुए अपनी चूत को रगड़ने लगती है, थोड़ी देर बाद बंसल रीना को सीधा बेड पर लेटा देता है और रीना अपनी मोटी-मोटी गदराई जाँघो को पूरा खोल कर अपने पैरो को उपर कर लेती है और उसकी फूली हुई चूत पूरी खुल कर फैल जाती है।

बंसल अपनी बेटी की गुलाबी रस से भीगी चूत को देख कर अपने लंड को अपनी बेटी की चूत मे रख कर एक तगड़ा शॉट मारता है और उसकी चूत मे उसका लंड पूरा जड़ तक समा जाता है और फिर बंसल अपने पेरो के पंजो के बल बैठा-बैठा अपनी बेटी की चूत को कस-कस कर चोदने लगता है।

रीना- आह-आह करते हुए अपनी चूत को अपने पापा के लंड पर मारने लगती है, दोनो ओर से खचा खच ठुकाई चालू हो जाती है एक धक्का बंसल अपनी बेटी की चूत मे मारता है तो दूसरा धक्का रीना अपने पापा के लंड पर मार देती है इस तरह टू वे कम्यूनिकेशन शुरू हो जाता है और फिर बंसल अपनी स्पीट को पूरी रफ़्तार पर लाकर अपनी बेटी की चूत को कस-कस कर ठोकने लगता है।

फिर बंसल अपनी बेटी के नंगे बदन पर सो जाता है और उसके दूध को दबोचता हुआ उसके होंठो को पीने लगता है और उसका लंड सटसट अपनी बेटी की चूत को चोदने लगता है, करीब 20 मिनिट तक दोनो ओर से तगड़े धक्के पड़ते है और फिर रीना की चूत पूरी तरह चिकनी होकर सिकुड़ने और फैलने लगती है और वह एक दम से आह-आह पापा आह मैं गई पापा कहते हुए अपने पापा को कस कर अपने सीने से चिपका लेती है और उसकी चूत पानी छोड़ देती है और बंसल भी अपनी बेटी की कसी हुई चूत मे अपने लंड को जड़ तक फसा कर रुक-रुक कर पिचकारी मारने लगता है, और दोनो एक दूसरे के साथ कस कर चिपक जाते है।
 
करीब 2 मिनिट तक दोनो गहरी साँसे लेते हुए एक दूसरे से चिपके रहते है उसके बाद बंसल साइड मे लेट जाता है और रीना उसके सीने से चिपक कर सो जाती है, बंसल अपनी बेटी के सर के बालो को सहलाता हुआ उसे प्यार करने लगता है।

कुछ देर बाद रीना के मोबाइल पर फोन आता है फोन उसके घर से उसकी माँ उर्मिला ने किया था रीना अपनी मां से बात करने लगती है उर्मिला बताती है की उसकी तबीयत खराब है उसने दवा लिया था लेकिन कोई असर नहीं हो रहा।

इसीलिए वह रीना को बोलती है की तुम कल सुबह ही यहां आ जाओ ताकि हम किसी डॉक्टर से दिखा दे। फिर उर्मिला बंसल से बातें करने लगती है बंसल को भी वह प्रॉब्लम बताती है फिर बंसल और रीना आपस में तय करते हैं कि सुबह होते ही बंसल रीना को बस पकड़ा देगा ताकि वह जल्दी ही अपनी मां के पास पहुंच जाए फिर जब जरूरत पड़ेगी तो वह रीना को बुला लेगा।

शाम को शालू फोन करती है

शालू- पापा हम लोग कल सुबह आएंगे।

वह बंसल और रीना को खुशखबरी देती है कि वह नोएडा की कंपनी में मैनेजर बन चुकी है और उसे फ्लैट और गाड़ी भी मिला है इसलिए वह पापा को बताती है कि हम लोग सुबह ही मैं अपना सामान लेकर नए फ्लैट में आ जाऊंगी क्योंकि परसों से मुझे ड्यूटी जॉइन करनी है।

वह बंसल को बोलती है कि हम लोग कल सुबह ही यहां आ जाएंगे और जरूरत का सारा सामान मिलकर खरीद लेंगे फिर आप अगले दिन सुबह ही यही से ऑफिस चले जाना।फिर वह रीना से बात करती है की वह सुबह मिल नहीं पायेगी।तुम माँ को दिखा देना वह ठीक हो जाएंगी तो मैं तुम्हे बुला लुंगी।

बंसल रीना से बोलता है बेटी कल सुबह तो तुम अपनी मां के पास चले जाओगी हमारे पास सिर्फ आज की रात है हम लोग रात को खूब मजे करेंगे क्योंकि कल सुबह तुम्हें छोड़ने भी जाना है।

अब तो मैं फिर से अकेला हो जाऊंगा क्योंकि शालू भी नोएडा शिफ्ट हो जाएगी उसे बहुत बड़ा प्रमोशन भी मिल गया है वह जल्दी ही कंपनी संभालने लगेगी।
 
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शाम के करीब साढ़े-सात या आठ बज रहे होंगे. रीना बंसल के कमरे में घुसते ही दरवाजा अंदर से बंद करके अपने कपड़े उतारकर फेंकने लगी. उसको देखकर बंसल ने भी बिना वक्त गंवाए अपने कपड़े उतार कर फेंक दिए।

रीना ने बड़े जोश में आकर अपने एकदम आदमजात नंगे बाप को जाकर एक जोरदार चुम्बन दिया. दोनों के बीच कोई वार्तालाप नहीं हुआ पर जैसे दोनों को पता था कि आगे क्या करना है. चुम्बन के साथ-साथ रीना अपने पापा का लंड अपने हाथ में लेकर उसको मसलने और आगे पीछे करने लगी. बंसल भी कहाँ पीछे रहने वाला था, वो भी उसकी चूचियों और दूसरे हाथ से कभी उसकी कोमल गांड तो कभी माखन जैसी जांघें तो कभी मलाई जैसी चूत को मसलता रहा।

दोनों एक-दूसरे को उत्तेजित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे. करीब दस मिनट तक एक दूसरे पर इसी तरह प्रहार करने के बाद दोनों ने 69 की पोजीशन ली और अब रीना अपने पापा का लंड चूस रही थी और बंसल अपनी जवान बेटी की चूत को जोर-जोर से चाट रहा था. इसी तरह लगभग बीस मिनट तक एक-दूसरे को जोर जोर से चूसने और चाटने के बाद बंसल ने अपना लोहे जैसा खड़ा लंड अपने जवान बिनब्याही बेटी की चूत में डाला और जोर-जोर से पेलने लगा।

काफी देर तक दोनों बाप बेटी के बीच बहुत जोर को चुदाई चली. दोनों के मुँह से आवाज़ें निकल रही थी और दोनों बेपरवाह होकर एक दूसरे को चोदने में व्यस्त थे. फिर अंत में बंसल ने अपने लंड से निकले वीर्य को अपने बेटी की चूत में ही गिरा दिया और उसी वक्त रीना के चूत ने भी पानी छोड़ दिया.

दोनों बिस्तर पर तेज़-तेज़ हाँफते हुए गिर पड़े. फिर रीना ने बातचीत शुरू की- पापा…

बंसल- हाँ बेटा?

रीना- आप खुश है ना कि मैं आपको कुंवारी चूत के साथ मिली… और आप मेरी चूत का सील तोड़ पाए और मेरी गांड की भी।आपके लिए ही मेरी चूत और गांड कुँवारी थी।

बंसल- हाँ,बेटी इसलिए तो मुझे तुम्हारे साथ ज्यादा मजा आता है और मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ।

और हमेशा करता रहूँगा।ये मैं वादा करता हूँ.

रीना- पापा… आपकी ख़ुशी के लिए आपकी ये बेटी कुछ भी कर सकती है।

बंसल- फिर ठीक है… जा और जाकर तेल ले आ बेटी।

रीना- ओके पापा!
 
और रीना वहीं टेबल पर पड़े कटोरी में रखा तेल ले आई. वापिस आकर उसने अपने बाप का लंड देखा तो वो खड़ा हो चुका था. बंसल ने अपने बेटी को बिस्तर पर झुकाया और उसकी गांड को अपने जीभ से खूब चाटा. रीना को अपने गांड चटवाने में बड़ा मजा आया.

फिर बंसल ने उसकी गांड के छेद पर बहुत सारा तेल लगाकर अपनी उंगली से उसकी गांड की छेद को थोड़ा चौड़ा किया. थोड़ी देर तक उसने अपनी उंगली से रीना की गांड को चोदा जिससे उसकी गांड का छेद थोड़ा खुल गया. रीना को अभी तक ज्यादा दर्द नहीं हो रहा था।

रीना- पापा आप हमेशा मेरी गांड के पीछे क्यों पड़े रहते हो जब देखो आप अपने लंड को मेरी गांड में ही पेलना चाहते हो क्या मेरी चूत में आपको मजा नहीं आता।

बंसल- ऐसी बात नहीं है बेटी मुझे मजा तो तुम्हारी चूत में भी बहुत आता है लेकिन तुम्हारी बड़ी गांड देखकर मेरा लंड हमेशा खड़ा हो जाता है तुम्हारी गांड दुनिया की सबसे अच्छी गाँड है । मैं इसे दिन-रात चोदना चाहता हूं। वैसे भी तुम आज रात भर ही यहां पर हो फिर पता नहीं कितने दिनों के बाद मिलोगी इसीलिए मैं चाहता हूं कि आज रात भर तुम्हारी गांड और चूत को चोद कर अपने लंड को पूरा शांत कर दूँ।

रीना- ठीक है पापा अगर आपको मेरी गाँड इतनी ही पसंद है तो लीजिये पेल दीजिये अपने मोटे लंड को मेरी गांड में लेकिन फिर मेरी चूत भी चोद देना क्योंकि मेरी चूत से बहुत पानी गिर रहा है मैं आपके लंड को अपनी चूत में भी महसूस करना चाहती हूं फिर पता नहीं कितने दिनों के बाद आप का लंड मेरी चूत में जाएगा। लेकिन आपके सिवा मैं किसी और का लंड अपने किसी भी छेद में नहीं लूंगी अब आप ही मेरे सब कुछ हो पापा मैं आपको दुनिया की सारी खुशी दूंगी।
 
अब बंसल ने फिर से उसकी गांड और अपने लंड पर बहुत सारा तेल लगाया और अपना लंड अपने बेटी की मखमल जैसी गांड पर रखकर सेट करके पूछा- बेटी, तुम तैयार हो?

रीना- कब से पापा… मैं तो हमेशा से चाहती थी कि आप मेरी गांड उसी तरह मारें जैसे आप दीदी की मारते हो.

बंसल- ठीक है बेटी फिर… थोड़ा दर्द होगा…

रीना- आप डाल दो पापा… मैं सारे दर्द बर्दाश्त कर लूंगी… अगर मैं रोऊँ भी तो आप रुकना मत… आज फिर से मेरी गांड और चूत को अपने लंड से चोद दो पापा.

बंसल ने अपने दोनों हाथों से रीना की कमर पीछे से पकड़ कर एक जोरदार झटका उसकी गांड पर मारा. उसका लंड चिकनाई की वजह से झट से लगभग आधा रीना की गांड में चला गया. रीना दर्द के मारे बिलबिला उठी, उसकी आंखों से आंसुओं की धारा निकल पड़ी.

पर बंसल अभी रुकने के मूड में नहीं था, उसने एक और झटका मारा और बाप का लंड जड़ तक बेटी की गांड के अंदर चला गया. रीना को और दर्द हुआ और वो रो पड़ी.

पर बंसल तो जैसे निर्दयी हो चुका था, उसने अपना लंड थोड़ा बाहर निकाला और फिर से एक जोरदार झटका दिया. रीना दर्द कर मारे कराहती रही और बंसल झटके पर झटका देता रहा.

जो लोग गांड मार चुके है उनको पता है गांड में लंड डालने पर हर बार लगता है कि गांड कुंवारी है इसीलिए गांड में लंड पेला जाता है तो हर बार उतना ही दर्द होता है।

करीब पांच मिनट के बाद रीना की गांड अब चौड़ी हो चुकी थी और उसका दर्द कम चुका था. अब रीना को अपनी गांड मरवाने में मजा आने लगा और उसका दर्द आनन्द की आहों में परिवर्तित हो गया- आ… ह… आह… पापा…

बंसल झटके मारते हुए- हुम्म्म… हुम्म्म… हुम्म्म…

रीना- मजा आ रहा है पापा… आह… मुझे पता नहीं था कि गांड मरवाने में इतना मजा आता है… आह.

पर बंसल तो जैसे कोई बात सुनने ही नहीं वाला था, वो जोरदार झटके पर झटके रीना की गांड पर तब तक मारता रहा जब तक उसके लंड से वीर्य नहीं निकलने की स्थिति में आ गया. लगभग 15 मिनट तक अपने बेटी की कुंवारी मखमल जैसी कोमल गांड को बड़ी ही निर्दयता के साथ चोदा. चोद कर थकने के बाद जब उसका लंड पानी छोड़ने वाला था तो उसने अपना लंड उसकी गांड से निकाला और रीना को पलट कर सीधा किया और अपना लंड सीधा अपने बेटी के मुँह में जबरदस्ती पेल दिया.
 
रीना को अब अपनी गांड की महक और स्वाद के साथ अपने बाप का लंड का स्वाद आने लगा. थोड़ी ही देर में बंसल के लंड से वीर्य की बाढ़ निकली और रीना का मुँह उससे भर गया.

फिर दोनों बाप बेटी बिस्तर पर फिर से हांफते हुए गिर गए।

इस बार बंसल ने बातचीत शुरू की- बेटी मजा आया… अपनी गांड मरवाकर?

रीना- हाँ पापा… बहुत मजा आया… पर दर्द भी बहुत हुआ.

बंसल- वो तो मैंने पहले ही कहा था… कि दर्द होगा.

रीना- पर पापा… आप पर तो जैसे भूत सवार हो गया था… आपको मेरा दर्द दिखाई ही नहीं दे रहा था.

बंसल- बेटी… पहले बार गांड की चुदाई की वक्त थोड़ा बेरहम होना पड़ता है नहीं तो काम को अंजाम नहीं मिल पाता.

रीना- अच्छा… तो आपको मजा आया पापा… अपनी बेटी की गांड मारकर?

बंसल- हाँ बेटा… बहुत ज्यादा मजा आया… इतना मजा तो किसी की गांड मारकर भी कभी नहीं आया.

रीना- थैंक यू पापा… आई लव यू.

और रीना अपने नंगे बाप से लिपट गयी.

फिर कुछ देर आराम करने के बाद बंसल ने रीना की चूत में अपना लंड पेल दिया और उसे चोदना शुरू किया रीना भी उसका पूरा साथ दे रही थी रात के 12:00 बजे तक बंसल ने रीना को हर संभव पोज में चोदा।

कभी बेड़ पर कभी नीचे कभी दीवार से कभी कुत्तिया बनाकर कभी घोड़ी बनाकर कभी अपने ऊपर अपने लंड पर चढ़ाकर कभी चूत में कभी गांड में कभी मुंह में मतलब हर संभव तरीके से वह अपनी बेटी को चोदता रहा फिर रात के 12:00 बजे दोनों बाप बेटी नंगे ही लिपट के सो गए क्योंकि बंसल को सुबह सुबह अपनी बेटी को बस पकडाने जाना था।
 
उधर होटल में माथुर और गुप्ता ने शालू को रात को भी रोक लिया था क्योंकि उन दोनों की प्यास 3-4 घंटे में पूरी होने वाली नहीं थी। माथुर और गुप्ता ने शालू को बताया कि परसों से उसे कंपनी में मैनेजर की पोस्ट संभाल लेनी हैं।

गुप्ता ने कहा की कल सुबह हमलोग तुम्हे तुम्हारे पापा के होटल छोड़ देंगे और तुम उनको यहां साथ लेकर आना ताकि अपने फ्लैट पर तुम सभी जरूरी सामान खरीद सको कल दिन भर में तुम्हारी सभी सेटिंग हो जाएगी तो तुम परसों से कंपनी ज्वाइन कर लोगी।

तब तुम्हारे पापा परसों सुबह लौट जाएंगे यहीं से ऑफिस के लिए हम लोग कल सुबह ही तुमको तुम्हारे पापा के होटल छोड़ देंगे।हम लोग खाने का ऑर्डर दे रहे हैं कुछ देर के बाद खाना आ जाएगा तब तक तुम अपने पापा से बात कर लो ।

खाना खाने के बाद वह दोनों शालू को लेकर बेड पर आ गए फिर दोनों ने शालू को पूरी तरह से नंगा कर दिया और खुद भी नंगे हो गए फिर तो उन दोनों ने शालू की इतनी चुदाई की की शालू की चूत और गाँड दोनों की हालत खराब हो गई।

दोनों ने एक साथ शालू से अपना लंड चूसवाया। शालू को जब चोदना शुरू किया एक का लंड शालू की चूत में और एक का लंड गांड में रहता था । बदल बदल कर उन्होने शालू को हर जगह चोदा कभी बेड पर कभी नीचे कभी कुतिया बनाकर अभी घोड़ी बनाकर कभी दोनों एक साथ।

एक बार तो दोनों ने एक साथ अपना लंड शालू की गांड में घुसा दिया था शालू दर्द से चिल्ला उठी थी लेकिन शालू भी किसी रंडी से कम नहीं थी वह भी दोनों को हर धक्के का जवाब दे रही थी। वो दोनों शालू को रात के 12 बजे तक किसी रंडी की तरह चोदते रहे क्योंकि शालु जैसी गरम लड़की उन दोनों को अपनी जिंदगी में नहीं मिली थी।

रात 12 बजे तक चुदाई से थक कर तीनों सो गए।
 
सुबह-सुबह रीना ने उठकर अपने पापा को उठा दिया दोनों जल्दी जल्दी तैयार हो गए फिर बंसल ने रीना को जी भरकर प्यार किया। फिर बंसल ने रीना को ले जाकर उसे घर के लिए बस पकड़ा दिया ।

जब बस वहां से रवाना हो गए तब बंसल जल्दी से होटल आ गया क्योंकि शालू कभी भी वहां आ सकती थी । आधा घंटा बाद शालू भी आ गई ।

शालू -पापा मैं अपना सारा सामान पैक कर ली हूं अब हम लोग चलते हैं वहां पहुंचकर फिर हमें सभी जरूरी सामान खरीदने हैं फिर फ़्लैट को सजाकर हम लोग आराम करेंगे।

बंसल- ठीक है बेटी जल्दी करो बहुत सारा काम है हम लोग जल्दी ही निकलते हैं।

फिर दोनों बाप बेटी समान लेकर होटल से बाहर आ जाते हैं और गाड़ी से नोएडा शालू के फ्लैट पर पहुंचते हैं फ्लैट बहुत ही अच्छी जगह पर था अभी उधर नई नई कोठियां और फ्लैट बने हुए थे।

बंसल और शालू सामान का लिस्ट तैयार करते हैं फिर वह शॉपिंग के लिए जाते हैं 3 घंटे की शॉपिंग के बाद सारा सामान अपनी गाड़ी में रख जाते हैं और फिर अपने फ्लैट में आ जाते हैं।

दिन भर के भागदौड़ से दोनों थक गए हैं फिर दोनों आराम करते हैं अब शाम हो चुकी है शालु किचन में खाना बनाती है दोनों बाप बेटी मिलकर खाना खाते हैं फिर टीवी देखने लगते हैं।

कुछ देर के बाद शालू आकर अपने पापा की गोद में बैठ जाती है और बंसल शालू की चूचियों को मसलते हुए कहता है ।

बंसल- शालू बेटी अब तो तुम भी मुझसे दूर हो गई हो अब तो फिर मुझे अकेले ही रहना पड़ेगा ।

शालु- नहीं पापा हर शनिवार को आप मेरे पास या मैं आपके पास आ जाया करूंगी और दो दिनों तक खूब मस्ती करेंगे आइए बेड पर चलिए मैं अभी आपकी सारी थकान उतार देती हूँ।
 
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