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पापा की दुलारी जवान बेटियाँ complete

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इतना मोटा लंड अपनी चूत में घुसते ही दर्द से रीना की आँख खुल जाती है और वह बोलती है।

रीना- आहह उहह पापा आह्ह.. मुझे उठा लिया होता… ऐसे सोते हुए ही चोद रहे हो.. आहह..

बंसल- मेरी प्यारी बच्ची.. ओह्ह ओह्ह.. कब से तेरे उठने का इन्तजार कर रहा हूँ साला लौड़ा तेरी कमसिन जवानी देख कर झटके मार रहा था.. इसी लिए मैंने सोचा अब लौड़ा चूत में जाएगा तब अपने आप तू उठ जाएगी।

रीना- आह्ह.. आह.. चोदो पापा.. आह्ह.. मज़ा आने लगा है.. उई आप कितने अच्छे हो.. आह्ह.. चोदो.. मेरी चूत की आज आह्ह.. सारी खुजली मिटा दो आह्ह..

बंसल ने तो जैसे चुदाई की डिग्री ले रखी थी.. उसका लौड़ा तो लोहे की रॉड जैसा तना हुआ था और शॉट पर शॉट मार रहा था, मगर बेचारी रीना तो बिना अनुभव के ही चूत में लौड़ा ले रही थी।

उसकी चूत तो वक्त पर ही लावा उगलेगी ना..

लगभग 15 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद रीना सिसकने लगी.. ठंडी ‘आहें’ भरने लगी।

रीना- आह्ह.. सस्स ऊह्ह पापा आह्ह.. बहुत मज़ा आ रहा है उई… धपाधप चोदो और ज़ोर से आह उफ़फ्फ़ कककक सी मेरी चूत आह्ह.. का बाँध टूटने वाला है अई फास्ट आह्ह.. फास्ट.. फाड़ दो आह्ह.. मेरी चूत को उफ़फ्फ़ मैं गई आह्ह..

रीना ने आँखें बन्द कर लीं.. वो झड़ने लगी और चरमसुख का आनन्द लेने लगी और 2 मिनट बाद उसका बदन ढीला पड़ गया मगर बंसल अब भी उसको ठोके जा रहा था।

रीना- आह्ह.. आह मेरे पापा.. आह्ह.. अब निकाल भी लो आह.. लौड़ा बाहर..

मेरी चूत में से.. आह आह जलन होने लगी है.. आईईइ आहइ आह।

बंसल- अभी कहाँ जानेमन.. आह्ह.. उहह अभी तो मेरे लौड़े में करंट भी पैदा नहीं हुआ आह्ह.. आज तुझे इतना चोदूँगा आह्ह.. तेरी चूत की सारी खुजली मिटा दूँगा आह्ह..
 
रीना- आह आह प्लीज़ पापा.. निकाल लो.. बड़ी जलन हो रही है आह्ह..

बंसल- रानी निकाल तो लूँ मगर तेरी मुँह में वापस घुसाऊँगा.. अभी उसको ठीक से नहीं चोद पाया हूँ आह्ह.. बोल चूसेगी ना मेरे लंड को अच्छे से आह्ह..

रीना- आह्ह.. ठीक है लाओ पापा मैं चुस्ती हूँ। आह्ह.. कम से कम चूत को तो सुकून मिलेगा।

बंसल ने रफ्तार से दो-चार झटके मार कर लौड़ा रीना की चूत से बाहर निकाल लिया रीना ने चैन की सांस ली और बैठ कर लौड़े को देखने लगी।

रीना- क्या बात है पापा.. ये तो भूखे शैतान की तरह अकड़ा खड़ा है चूत का हाल बिगाड़ दिया.. फिर भी इसका मन नहीं भरा क्या।

बंसल-बेटी तेरी जवानी ऐसी है की मन क्या भरेगा।जितना चोदो प्यास उतनी बढ़ती जाती है।अब मेरा लंड चूस बेटी।जल्दी से ले ले अपने गरम मुँह में।

रीना-लाओ पापा।पहले लौड़े को चूम तो लूँ.. बड़ा मन ललचा रहा है.. ऐसे कड़क लौड़े को देख कर..

ये बोलकर रीना अपने पापा के लंड को पहले चूमती है फिर सुपाड़े पर जीभ फिराकर चाटने लगती है।कुछ देर चाटने के बाद रीना ने लौड़े को मुँह में ले लिया और मज़े से चूसने लगी।

बंसल का बदन जलता अंगारा बन गया था.. वो हवसी हो गया था रीना का सर पकड़ कर झटके मारने लगा.. पूरा लौड़ा अन्दर तक डालता और बाहर निकाल लेता।

रीना भी कम ना थी.. वो होंठों को भींच कर अपने पापा के लौड़े को कसी चूत का अहसास दिला रही थी।

बंसल- आह्ह.. आह चूस साली… क्या मस्त चूसती है राण्ड आह्ह.. मज़ा आ गया आह्ह.. साला आज तो लौड़ा झड़ने का नाम ही नहीं लेगा.. तेरी जवानी का नशा चढ़ गया है साली रंडी.. आह्ह.. चूस ऐसे ही आह्ह..

रीना-कितनी गन्दी गाली दे रहे हो पापा।क्या अपनी बेटी को ऐसे गाली देता है कोई।

बंसल-अरे बेटी।सेक्स के टाइम जितना ही गन्दी बात बोलो उतना ही ज्यादा मज़ा आता है।ये सिर्फ मज़े के लिए है।तू तो मेरी सबसे प्यारी बेटी है।

रीना-ओके पापा।मैं समझ गई।

रीना फिर से अपने पापा के लंड को चूसने लगती है।

बंसल अब पागलों की तरह अपनी बेटी के मुँह को चोदने लगा।

काफ़ी देर बाद बंसल ने लौड़ा रीना के मुँह से बाहर निकाला।
 
बंसल- चल बेटी अब कुतिया बन जा बस अब तेरी चूत में ही झडूंगा.. चूत तो पानी पी-पी कर काफ़ी गीली हो गई है। अबकी बार चूत को भीतर तक वीर्य रस का मज़ा दे ही देता हूँ।

रीना- ऑउह्ह.. मेरे पापा.. आप के लौड़े में क्या मज़ा आ रहा था.. दिल कर रहा था बस अभी पानी निकाले और सारा गटक जाऊँ.. उफ्फ.. कितना गर्म अहसास था.. आपने सब चौपट कर दिया.. लो बन गई कुतिया.. कर लो अपना अरमान पूरा.. चूत की हालत पहले ही खराब है अबकी बार पूरी फाड़ ही दो.. ताकि दर्द होने का झंझट ही ना रहे।

रीना ने मुस्कुराते हुए ये बात कही थी.. उसके साथ बंसल भी मुस्कुरा दिया।

रीना अब कुतिया बन गई थी और बंसल तो एकदम बेसबरा हो रहा था उसने जल्दी से लौड़े को चूत पर टिकाया और घुसा दिया पूरा.. एक ही बार में..

रीना ने लंड को चूस कर एकदम चिकना कर दिया था इसलिए एक ही झटके में पूरा अन्दर घुस गया।

रीना- आहइ मर गई रे.. अई पापा आह्ह.. आपने एक ही बार में आह्ह.. पूरा घुसा दिया.. आईईइ चूत पहले ही दुख रही थी उफ़फ्फ़…

बंसल- मेरी जान बस जब तक मेरा रस तेरी चूत में नहीं गिरता, तब तक ये दर्द रहेगा.. उसके बाद तू खुद कहेगी कि चूत मरवाने में बहुत मज़ा आता है.. चल अब संभल जा बेटी… मैं तेरी सवारी शुरू कर रहा हूँ।
 
इतना बोलकर बंसल रफ्तार से रीना की चूत मारने लगा। रीना भी ‘आई उ उफ़फ्फ़ कककक’ करती रही। दस मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई से बंसल के लौड़े में करंट पैदा हो गया था। वो अब अँधाधुंध शॉट मार रहा था।पूरा बेड हिल रहा था।रीना के चूतड़ों पर जब बंसल का शारीर धक्का मारता तो फट फट की आवाज आती।

रीना को भी मज़ा आने लगा था वह भी गांड पीछे करके अपने पापा से चुदवा रही थी।

रीना- अईयाया पापा.. आह्ह.. आह उफ़फ्फ़ आपका आह्ह.. पानी कब निकलेगा आह…

बंसल- उह उह बस आह.. निकलने ही वाला है बेटी आह..।

बंसल का लौड़ा एकदम से फट गया उसमें से वीर्य की धार निकलने लगी रीना की चूत में गर्म-गर्म पानी भरने लगा.. उसको भी बड़ी राहत मिली।साथ में रीना भी फिर से झड़ने लगी।

जब बंसल ठंडा हो गया तो एक तरफ सीधा लेट गया।आज का सुबह इतना अच्छा था तो दिन कैसा होगा।यही सोचकर बंसल बेहद खुश था।इधर रीना ने भी चैन की सांस लेते हुए अपने पापा के सीने पर सर रख दिया।

और दोनों फिर से सो गए।
 
कहानी जारी रहेगी।अगला अपडेट जल्दी ही।थैंक्स
 
अगला दिन संडे था इसलिए बंसल और शालू की छुट्टी थी

शालू : ओह पापा आप अभी तक बेड पर ही पड़े है और मैं फ्रेश भी हो गई।

कुछ चाय वग़ैरह पिलाऊ क्या,बंसल ने शालू का हाथ पकड़ कर अपनी गोद में बैठा लिया और कहने लगा। आज मैं चाय नही खूब कस कस कर तेरा दूध पीना चाहता हूँ,शालू पेंट में खड़े पापा के लंड को अपने हाथ में भर कर दबोचते हुए कहने लगी।

हाय पापा कितना मोटा लंड है आपका लगता है यह आज अपनी बेटी के दोनो छेद फाड़ कर रख देगा, तब बंसल ने कहा वो तो ठीक है लेकिन रीना कहाँ है क्या तुम अकेली ही पापा का प्यार लोगी, तब शालू ने कहा आपकी बेटी है । आप ही उसे लेकर आइए वह तो बाथरूम में फ्रेश हो रही है।

बंसल अच्छा तुम यह कपडे तो उतारो मैं उसे लेकर आता हूँ और फिर बंसल बाथरूम में गया रीना को लेने। रीना शीशे के पास खड़ी थी उसने शॉर्ट स्कर्ट पहना हुआ था जिसमे उसकी गुदाज मोटी जांघे बिल्कुल चिकनी और गोरी नज़र आ रही थी और उसकी भारी गान्ड का साइज़ देखते ही बंसल का लंड झटके लेने लगा और बंसल ने पीछे से जाकर रीना की गान्ड से चिपक गया पापा के मोटे लंड की चुभन से रीना सिहर गई और पलट कर पापा के सीने से लग गई।

बंसल ने उसके गालो को चूमते हुए कहा क्या बात है हमारी बेटी हमसे नाराज़ है क्या तब रीना ने कहा पापा आपका बहुत मोटा है रात का दर्द ही बाकी है अभी तक।

तब बंसल ने कहा अच्छा अपने हाथ में पकड़ कर देखो क्या खूब मोटा है।
 
तब रीना ने अपने हाथ में पूरा लंड पकड़ कर देखते हुए कहा बाप रे यह तो रात से भी ज़्यादा मोटा लग रहा है।

बंसल- जानती हो यह इतना मोटा क्यो हो गया है।

रीना - क्यो।

तब बंसल ने उसके मोटे मोटे चुतड़ों को अपने हाथो में भर कर कहा तुम्हारे इतने मोटे मोटे चुतड़ों को देख देख कर यह इतना मोटा हुआ है तुम्हारे चूतड़ तो इस समय इतना गदरा रहे है की तुम्हारी मम्मी की मोटी गान्ड भी इनके आगे कम नज़र आती है, तब रीना ने पापा के लंड को सहलाते हुए कहा पहले तो यह छोटे थे जब से आप दुबई गए है तब से ही यह इतने मोटे हो गये है।

तब बंसल ने कहा अच्छा सच सच बताओ जब यह मोटा डंडा तुम्हारी दीदी के गान्ड में घुसा था तब तुम्हे मज़ा आया था कि नही तब रीना ने मुस्कुराते हुए कहा वह सिन देखकर मुझे बहुत मज़ा आया पापा लेकिन दीदी बोली थी की यह मोटा ज़रूर है लेकिन अंदर जाकर बहुत मज़ा देता है।

तब बंसल ने कहा तुम्हारी चुचियाँ भी बहुत भर गई है लगता है इनमे बहुत दूध भरा हुआ है और बंसल ने रीना के चूचकों को कस कस कर चुसना शुरू कर दिया तब रीना ने कहा आह सीई पापा ऐसे मत चूसिये जब आपका डंडा अंदर घुसता है तब इन्हे कस कस कर चूसवाने का मन होता है।
 
बंसल; तो फिर आज हम तुम्हारे इन मोटे मोटे खरबूजो का रस अपने मोटे गन्ने को तुम्हारी गान्ड में डाल डाल कर चुसेगे और बंसल ने अपनी बेटी रीना को गोद में उठा लिया और अपने बेड की ओर बढ़ गया जैसे ही बंसल बेडरूम के अंदर घुसा सामने शालू केवल ब्रा और पैंटी में बेड के सामने खड़ी थी उसकी गुलाबी पैंटी उसकी गान्ड में फँसी हुई थी और उसकी गान्ड बहुत मस्त नज़र आ रही थी.

बंसल के अंदर पहुचते ही शालू पलटी और कहने लगी लगता है रीना बहुत नाराज़ है आपसे आ नही रही थी क्या।

रीना- नहीं दीदी.. ऐसी बात नहीं है। अब तो हम रोज चुदाई करेंगे। अब मुझसे कहाँ बर्दाश्त होगा.. आप और मैं पापा को हमेशा मज़े देंगे।

बंसल- अच्छा मुझे मज़े दोगी.. क्यों तुम दोनों मज़े नहीं लोगी क्या?

रीना हँसने लगती है और उसके साथ दोनों भी मुस्कुरा देते हैं।

रीना- दीदी वो वाली मूवी लगाओ ना.. उसको देख कर चुदाई करेंगे.. मज़ा आएगा…

शालू- अरे वो तो उस दिन हमने देख ली थी ना.. आज तुझे दूसरी दिखाती हूँ अच्छी वाली.. तू भी क्या याद करेगी।

बंसल- हाँ शालू बेटी.. मैं समझ गया तू कौन सी मूवी की बात कर रही है.. चल जल्दी से लगा दे… आज रीना बेटी को ये भी सिखा देते हैं कि कभी दोनों छेदों में चुदना हो तो कैसे चुदना चाहिए।

रीना- दोनो छेदों में चुदने का क्या मतलब है दीदी?

शालू- अभी देख लेना छोटी।

शालू ने एक सेक्सी डीवीडी लगा दी।

तीनों पास बैठ कर देखने लगे.. बंसल बीच में था और उसकी दोनों बेटियाँ उसके दाएँ-बाएँ बैठी हुई थीं.. फिल्म में एक लड़की बैठी हुई थी।

तभी दो आदमी आकर उसको चूमने लगते हैं और धीरे-धीरे उनका चोदना शुरू हो जाता है।
 
असल बात यह है कि शालू रीना को यही दिखना चाह रही थी कि कैसे दो आदमी एक लड़की को चोदते हैं और हुआ भी वही.. जब दोनों उसको आगे-पीछे से चोदने लगे रीना बोल पड़ी।

रीना- ओह्ह.. माँ.. ये क्या एक साथ दो आदमी लौड़ा डाल रहे हैं.. ऐसा होता है क्या?

बंसल- मेरी जान होता है.. तभी तो ये फिल्म बनी.. आगे देखो और भी मज़ा आएगा जब तीसरा आकर इसके मुँह को चोदेगा.. यही तो है असली चुदाई का मज़ा।

इतना बोलकर बंसल उसके मम्मों को सहलाने लगा।

इधर शालू भी कम ना थी.. वो बंसल के लौड़े को सहला रही थी।

आधा घंटा तक तीनों फिल्म देखते रहे.. बंसल का लौड़ा अब पूरा तन गया था और तीन लौड़ों से चुदती हुई लौन्डिया का ख्याल करके रीना और शालू दोनों की चूत पानी-पानी हो गई थीं।

बंसल- चल बेटी.. अब तेरी गाण्ड मारकर तुझे एकदम पक्की चुदक्कड़ बना देता हूँ ताकि तू कभी भी मुझ को पूरी तरह खुश कर सके।

रीना- पापा आप की बात तो ठीक है मगर आपका लंड बहुत मोटा और बड़ा है.. ये मेरी छोटी सी गाण्ड के छेद में कैसे जाएगा.. बहुत दर्द होगा।

बंसल- अरे बेटी कुछ नहीं होगा.. चूत में चला गया तो गाण्ड में क्यों नहीं जाएगा।

शालू- हाँ छोटी चूत में तो सील टूटी इसलिए इतना दर्द हुआ.. गाण्ड में ऐसा कुछ नहीं है.. दर्द होगा, मगर उतना नहीं।

रीना ने अपने पापा के लौड़े को हाथ से पकड़ कर देखा।
 
रीना- देखो दीदी शाम को ये इतना फूला हुआ नहीं था अभी तो बहुत मोटा लग रहा है।

शालू- अरे ऐसा कुछ नहीं है.. पापा ने पावर बढ़ाने की गोली ले ली है.. इसके कारण ये ऐसा लग रहा है।

रीना चौंकते हुए अपने पापा को देखने लगती है।

बंसल- अरे बेटी इसमें चौंकने वाली क्या बात है.. अब देखो शाम से तुम दोनों को चोद रहा हूँ.. मैं भी इंसान हूँ थक गया हूँ.. इसलिए गोली ली, ताकि मेरा पावर बना रहे और दिन भर हम मज़ा करते रहें बस…

रीना- ठीक है पापा.. जैसा आपको अच्छा लगे.. मगर ये फिल्म देख कर मेरी चूत गीली हो गई है.. बड़ी खुजली हो रही है.. पहले इसकी खुजली मिटा दो।

बंसल- हाँ बेटी.. क्यों नहीं मगर पहले चूत मार लूँगा तो तेरा पावर कम हो जाएगा और उसके बाद गाण्ड में दर्द होगा.. चल आजा पहले बस थोड़ी देर गाण्ड मार लूँ.. उसके बाद पानी चूत में ही निकालूँगा ताकि दोनों काम एक ही बार में हो जाएं।

शालू बिस्तर पर टेक लगा कर बैठ गई बंसल ने रीना से कहा- इस तरह घोड़ी बन जाओ कि तुम शालू की चूत भी चाट सको और गाण्ड भी मरवा सको।

रीना- हाँ पापा ये ठीक रहेगा.. मगर पहले आपके लौड़े को चूस कर गीला तो कर दूँ ताकि आराम से अन्दर चला जाए।

बंसल- अरे नहीं थूक से काम नहीं चलेगा.. गाण्ड में लौड़ा ऐसे नहीं जाता। तेरी गाण्ड तो मैं देसी घी लौड़े पर लगा कर मारूँगा..

शालू-अब घी कहाँ से लाओगे पापा।

बंसल-अरे बेटी तेरी माँ ने आते समय मुझे दिया था।

शालू-लेकिन पापा मम्मी ने खाने के लिए दिया होगा।

बंसल-अरे नहीं बेटी।तुम्हारी माँ बहुत समझदार है उसे मालूम होगा की मुझे कभी भी उसकी जरुरत पड़ सकती है।बस 2 मिनट रुक मैं अभी लाया.. तब तक शालू बेटी तू रीना बेटी को गर्म कर।

शालू और रीना एक-दूसरे के होंठ चूसने लगीं और निप्पल दबाने लगीं।

बंसल ने एक प्याली में थोड़ा सा घी लिया और कमरे में ले आया।

बंसल- बस रीना बेटी अब सही पोज़ में आ जाओ.. मुझसे सबर नहीं हो रहा.. तेरी मक्खन जैसी गाण्ड मुझे पागल बना रही है।

शालू वापस टेक लगा कर बैठ गई और रीना घोड़ी बन कर उसकी चूत चाटने लगी।
 
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