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बंसल- हाँ बस ऐसे ही रहना बेटी.. आज तेरी मोटी गाण्ड में लौड़ा घुसा कर मैं धन्य हो जाऊँगा।
बंसल ने ऊँगली घी में भरकर रीना की गाण्ड के सुराख पे रख दी और धीरे-धीरे उसमें घुसाने लगा।
रीना- आ आ आह्ह.. दीदी आपकी चूत से क्या मस्त रस आ रहा है.. आईईइ आह्ह..पापा आराम से.. कुँवारी गाण्ड है मेरी…ये मत भूलना की मैं आपकी प्यारी बेटी हूँ।
बंसल- अरे रानी अभी तो ऊँगली से घी तेरी गाण्ड में भर रहा हूँ ताकि लौड़ा आराम से अन्दर चला जाए।
रीना- ऊँगली से ही हल्का दर्द हो रहा है.. लौड़ा डालोगे तो मेरी जान ही निकल जाएगी पापा।
शालू- उफ़फ्फ़ अरे कुछ नहीं होगा तू बस चूत रस का मज़ा ले बाकी पापा अपने आप संभाल लेंगे।
रीना चूत चाटने में लग गई और बंसल ऊँगली से उसकी गाण्ड को चोदने लगा.. उसको मज़ा देने के लिए दूसरे हाथ से उसकी चूत में भी ऊँगली करने लगा।
अब रीना को बड़ा मज़ा आ रहा था.. वो अपनी जीभ शालू के चूत में घुसा कर चाटने लगी।
शालू- आह्ह.. अई आह अरे वाह.. छोटी बड़ा मस्त चूस रही हो आह्ह..बड़ा मज़ा आ रहा है।
बंसल ने घी रीना की गाण्ड में अच्छे से लगा दिया था।
अब उसका लौड़ा झटके खाने लगा था।
उसने रीना की कुँवारी गाण्ड पर एक चुम्बन किया और लौड़े पर अच्छे से घी लगा लिया।
अब बंसल ने लौड़ा गाण्ड के सुराख पे रखा.. दोनों हाथों से उसको थोड़ा खोला और टोपी को उसमें फँसा दिया।
बंसल ने ऊँगली घी में भरकर रीना की गाण्ड के सुराख पे रख दी और धीरे-धीरे उसमें घुसाने लगा।
रीना- आ आ आह्ह.. दीदी आपकी चूत से क्या मस्त रस आ रहा है.. आईईइ आह्ह..पापा आराम से.. कुँवारी गाण्ड है मेरी…ये मत भूलना की मैं आपकी प्यारी बेटी हूँ।
बंसल- अरे रानी अभी तो ऊँगली से घी तेरी गाण्ड में भर रहा हूँ ताकि लौड़ा आराम से अन्दर चला जाए।
रीना- ऊँगली से ही हल्का दर्द हो रहा है.. लौड़ा डालोगे तो मेरी जान ही निकल जाएगी पापा।
शालू- उफ़फ्फ़ अरे कुछ नहीं होगा तू बस चूत रस का मज़ा ले बाकी पापा अपने आप संभाल लेंगे।
रीना चूत चाटने में लग गई और बंसल ऊँगली से उसकी गाण्ड को चोदने लगा.. उसको मज़ा देने के लिए दूसरे हाथ से उसकी चूत में भी ऊँगली करने लगा।
अब रीना को बड़ा मज़ा आ रहा था.. वो अपनी जीभ शालू के चूत में घुसा कर चाटने लगी।
शालू- आह्ह.. अई आह अरे वाह.. छोटी बड़ा मस्त चूस रही हो आह्ह..बड़ा मज़ा आ रहा है।
बंसल ने घी रीना की गाण्ड में अच्छे से लगा दिया था।
अब उसका लौड़ा झटके खाने लगा था।
उसने रीना की कुँवारी गाण्ड पर एक चुम्बन किया और लौड़े पर अच्छे से घी लगा लिया।
अब बंसल ने लौड़ा गाण्ड के सुराख पे रखा.. दोनों हाथों से उसको थोड़ा खोला और टोपी को उसमें फँसा दिया।