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कामिनी आंटी नशे के कारण बहकी हुई आवाज़ में बोलीं, “मोनू, साले तू… तूने… मेरी चूत मारी… मेरे मुँह, गले में मादरचोद अपना लंड चोदा और मेरी चूचियों के बीच में भी लंड घिस के चोदा और…. और… यहाँ तक की साले तूने मेरी गांड को भी नहीं छोड़ा…. बोल साले भोसड़ी के… तुझे कभी मैंने ना कहा क्या… हैं, तेरा मूत भी पिया है मैंने? तो इसके बाद क्या पूछता है… जैसे तू मुझे चोदना चाहता है वैसे चोद, गाँड मारनी है… तो साले गाँड मार ले”
मैंने कहा “आंटी तुम बस आराम से कुत्तिया बन कर अपनी गाँड हवा में उठाओ… मैं अपना लंड रिक्की से तबियत से चुसवाकर तुम्हारी मस्त गाँड के लिये तैयार करता हूँ.” मैंने रिक्की को बुला कर अपने सामने घुटने बर बैठा कर लंड चूसने के लिये बोला और कहा, “लो रिक्की, चूस के तैयार करो अपनी मम्मी के लिये. देखो आज आपकी मम्मी कैसे नशे में धुत्त होकर मेरा लंड अपनी गाँड में लेगी. आंटी देख तेरी बेटी क्या तबियत से मेरा लंड चूसे के मोटा कर रही है तेरी गाँड के लिये. ये तो आज अपनी मम्मी की गाँड फड़वाकर ही मानेगी. देख तो सही साली एक दिन में ही क्या रंडी की तरह चूसने लग गयी है.”
मैं रिक्की का मुँह पकड़ कर हलके-हलके शॉट लगाने लगा. इतनी देर में कामिनी आंटी भी एक हाथ में बोत्तल पकड़ कर पलंग पर जैसे मैंने कहा था वैसे ही कुत्तिया बन गयी. मैने रिक्की के मुँह से अपना लंड निकाला और बोला, “रिक्की चलो ज़रा अपनी मम्मी कि गाँड के छेद को तैयार करो मेरे लंड के लिये… अच्छे से क्रीम लगाओ ताकि आंटी को ज्यादा तकलीफ न हो.”
रिक्की ने अपने हाथ में खूब सारी क्रीम भरी और कामिनी आंटी की गाँड के छेद पर लगाने लगी और बोली, “मोनू मम्मी की गाँड का छेद तो बहुत टाईट है. मेरी उँगली भी बड़ी मुशकिल से अंदर जा रही है लंड डालोगे तो गांड फट जाएगी.”
मैंने कहा, “कुछ नहीं होगा. हम पहले भी आंटी की गांड मार चुके है. आराम से खूब क्रीम मलो. थोड़ी देर बाद जब गाँड का छेद रीलैक्स हो जायेगा तब बड़े आराम से मेरा लंड अंदर जायेगा…” मेरी बात सुन कर रिक्की अपनी माँ की गाँड पर पूरी लगन से क्रीम मलने लगी और कामिनी की गाँड को लंड के लिये तैयार करने लगी. जब कामिनी तैयार हो गयी तो मैं पलंग पर चढ़ा और अपना तन्नाया हुआ लंड कामिनी आंटी के चूत्तड़ों पर फेरने लगा और रिक्की को बोला, “अब ज़रा मेरे लंड के ऊपर भी क्रीम लगाओ! अब मैं तेरी मम्मी के भूरे रंग के गाँड के छेद को खोलूँगा.”
रिक्की ने बड़े ही प्यार से मेरे लंड पर क्रीम लगायी और एकदम चिकना कर दिया. मैंने रिक्की को कहा कि वो अपने दोनों हाथों से अपनी मम्मी के चूत्तड़ पकड़ ले और खींच कर चौड़े करे ताकि कामिनी आंटी की गाँड का छेद थोड़ा सा खुल जाये. रिक्की ने मेरे कहे अनुसार अपनी मम्मी के दोनों विशाल चूत्तड़ों को पकड़ लिया और चौड़े कर दिये जिससे कामिनी आंटी की गाँड का छेद थोड़ा सा खुल गया. मैंने अपने हाथ से लंड पकड़ा और गाँड के छेद पर टिका दिया और दूसरे हाथ की उँगलियों से गाँड के छेद को और चौड़ा किया और लंड का सुपाड़ा टिका कर हल्के से झटका दे कर कामिनी आंटी की गाँड में सरका दिया. क्रीम की चिकनाहट के कारण मेरा एक इंच लंड कामिनी आंटी की गाँड के छल्ले में जा कर फँस गया.
कामिनी आंटी बोलीं, “मोनू दर्द कर रहा है.”
मैंने कहा, “कामिनी घबराओ नहीं. आराम-आराम से दूँगा. बस तुम हिम्मत कर के लंड लेती रहो.”
मैंने कहा “आंटी तुम बस आराम से कुत्तिया बन कर अपनी गाँड हवा में उठाओ… मैं अपना लंड रिक्की से तबियत से चुसवाकर तुम्हारी मस्त गाँड के लिये तैयार करता हूँ.” मैंने रिक्की को बुला कर अपने सामने घुटने बर बैठा कर लंड चूसने के लिये बोला और कहा, “लो रिक्की, चूस के तैयार करो अपनी मम्मी के लिये. देखो आज आपकी मम्मी कैसे नशे में धुत्त होकर मेरा लंड अपनी गाँड में लेगी. आंटी देख तेरी बेटी क्या तबियत से मेरा लंड चूसे के मोटा कर रही है तेरी गाँड के लिये. ये तो आज अपनी मम्मी की गाँड फड़वाकर ही मानेगी. देख तो सही साली एक दिन में ही क्या रंडी की तरह चूसने लग गयी है.”
मैं रिक्की का मुँह पकड़ कर हलके-हलके शॉट लगाने लगा. इतनी देर में कामिनी आंटी भी एक हाथ में बोत्तल पकड़ कर पलंग पर जैसे मैंने कहा था वैसे ही कुत्तिया बन गयी. मैने रिक्की के मुँह से अपना लंड निकाला और बोला, “रिक्की चलो ज़रा अपनी मम्मी कि गाँड के छेद को तैयार करो मेरे लंड के लिये… अच्छे से क्रीम लगाओ ताकि आंटी को ज्यादा तकलीफ न हो.”
रिक्की ने अपने हाथ में खूब सारी क्रीम भरी और कामिनी आंटी की गाँड के छेद पर लगाने लगी और बोली, “मोनू मम्मी की गाँड का छेद तो बहुत टाईट है. मेरी उँगली भी बड़ी मुशकिल से अंदर जा रही है लंड डालोगे तो गांड फट जाएगी.”
मैंने कहा, “कुछ नहीं होगा. हम पहले भी आंटी की गांड मार चुके है. आराम से खूब क्रीम मलो. थोड़ी देर बाद जब गाँड का छेद रीलैक्स हो जायेगा तब बड़े आराम से मेरा लंड अंदर जायेगा…” मेरी बात सुन कर रिक्की अपनी माँ की गाँड पर पूरी लगन से क्रीम मलने लगी और कामिनी की गाँड को लंड के लिये तैयार करने लगी. जब कामिनी तैयार हो गयी तो मैं पलंग पर चढ़ा और अपना तन्नाया हुआ लंड कामिनी आंटी के चूत्तड़ों पर फेरने लगा और रिक्की को बोला, “अब ज़रा मेरे लंड के ऊपर भी क्रीम लगाओ! अब मैं तेरी मम्मी के भूरे रंग के गाँड के छेद को खोलूँगा.”
रिक्की ने बड़े ही प्यार से मेरे लंड पर क्रीम लगायी और एकदम चिकना कर दिया. मैंने रिक्की को कहा कि वो अपने दोनों हाथों से अपनी मम्मी के चूत्तड़ पकड़ ले और खींच कर चौड़े करे ताकि कामिनी आंटी की गाँड का छेद थोड़ा सा खुल जाये. रिक्की ने मेरे कहे अनुसार अपनी मम्मी के दोनों विशाल चूत्तड़ों को पकड़ लिया और चौड़े कर दिये जिससे कामिनी आंटी की गाँड का छेद थोड़ा सा खुल गया. मैंने अपने हाथ से लंड पकड़ा और गाँड के छेद पर टिका दिया और दूसरे हाथ की उँगलियों से गाँड के छेद को और चौड़ा किया और लंड का सुपाड़ा टिका कर हल्के से झटका दे कर कामिनी आंटी की गाँड में सरका दिया. क्रीम की चिकनाहट के कारण मेरा एक इंच लंड कामिनी आंटी की गाँड के छल्ले में जा कर फँस गया.
कामिनी आंटी बोलीं, “मोनू दर्द कर रहा है.”
मैंने कहा, “कामिनी घबराओ नहीं. आराम-आराम से दूँगा. बस तुम हिम्मत कर के लंड लेती रहो.”