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प्यार - ( गम या खुशी )

अपडेट -21

हम यूँ ही बातें करते रहे कि तभी फ़ोन की घंटी बजी , कॉल अननोन था ।

परिधि ने समय देखा फिर न जाने उसे क्या सूझी बड़ी मिन्नत के साथ.... प्लीज स्पीकर ऑन करके बात कीजिए ना ।

मैंने स्पीकर ऑन करके... हेल्लो । दूसरी तरफ एक दम सन्नाटा था कोई आवाज नहीं ।

अचानक मेरा हँसता चेहरा उतर गया । पता नहीं क्या हुआ उस समय मेरी आँखों में आंसू आ गए ।

मैं कंपते होठों से... हेल्लो रूही । अब भी कोई आवाज नही दूसरी ओर से ।

लेकिन मैं अब भी रूही की बढ़ी दिल की धड़कन सुन सकता था , मैं महसूस कर सकता था रूही का बैचैन मन , उसका उदास चेहरा, उसकी साँसे ।

मैं थोड़ी देर रुही को यूं ही महसूस करता रहा फिर फ़ोन रख दिया ।

.

मेरा दिल अंदर से बेचैन हो गया था रूही को उदास देख कर । मैंने अपने आप को थोड़ा नार्मल किया परिधि को गुड़ नाईट बोल कर अपने कमरे में चला गया । मेरी ऐसी हालत देख परिधि भी कुछ नहीं बोली । कमरे में आते ही मैंने मेडिसिन ली जिसमे नींद की गोली भी थी ।

अगले दिन....

सुबह मेरी नींद थोड़ी देर से खुली । पहले से अब बॉडी काफी ठीक लग रही थी । पर रह रह कर मुझे रूही की याद आ रही थी , कुछ देर बाद रंजना आंटी ( परिधि की माँ ) खुद चाय लेकर मेरे पास आई । हमने एक दुसरे को गुड़ मोर्निंग विश किया फिर इधर उधर की बातें करने लगे ।

अभी सुबह के 9 बज रहे थे । चाय के बाद मैं फ्रेश होने चला गया । मैं जब नहा कर बाहर आया तो परिधि मेरे बिस्तर पर बैठी थी । मैने जब अपनी हालात देखी तो जल्दी से फिर बाथरूम में चला गया क्योंकि उस वक्त में केवल टॉवल में था । अब मैं रात वाले कपड़े ही पहन कर बाहर आ गया । परिधि का फिर वही रिएक्शन मुझे देखा और हल्की सी स्माइल बदले में मैने भी उसे स्माइल दिया ।

परिधि ने फिर मुझे जल्दी से तैयार होकर हॉल में आने को कह कर चली गई । जब वो गई तो मैंने बिस्तर पर देखा वहाँ कुछ पैकेट रखा था । मैंने उनपर न ध्यान देते हुए अपने नार्मल ऑउटफिट मैं हॉल मैं आया ।

हॉल में सब मेरा नाश्ते पर इंतजार कर रहे थे पर परिधि वहां नहीं थी । सब लोगो को मैंने गुड़ मोर्निंग विश किया और नास्ता करने बैठ गया । टेबल पर मेरी बात सबसे होती रही मोहित अंकल मुझसे मेरे और मेरी फैमिली के बारे में पूछ रहे थे । वहीं लाल अपने और अपने स्कूल के बारे में बता रहा था और आंटी की दिलचस्पी मेरी उन पहली वाली बातों में थी जो उन्होंने मुझसे पहले दिन सुना था । खैर में उन बातों को जहाँ तक हो सके टालता रहा पर आखिर में मुझे बताना पड़ा ।

अब उनको समझ में आ चुकी थीं बात , की क्यों मैं ऐसे बोल रहा था । हम फिरसे आपस मे बात करते रहे फिर एक एक करके सब लोग चले गए । और मैं अकेला बैठा परिधि के इंतजार मैं । कुछ देर यूँ ही बैठने के बाद परिधि भी वहाँ आई ।

पहली बार परिधि को मैं ध्यान से देख रहा था । परिधि इंडियन ऑउटफिट मैं साड़ी पहने हुए थी । पिंक कलर की साड़ी , साड़ी से मैचिंग ब्लाऊज़ , लो वेस्ट से पहने हुए जिसमें जिसमें उसके सुड़ौल बदन खिलकर निखर रहा था । चेहरे पर एक अलग ही तेज ,माथे पर काली बिंदी , कान में झुमके, बाल खुले, होठों पर लिपिस्टिक उसकी सुंदरता देखते ही बनती थी ।

परिधि अब तक मेरे पास पहुंच चुकी थी और मुझे इस तरह निहारते देख शर्म से उसका चेहरा लाल हो गया था । अब मुझसे रहा ना गया और बोला... इसस आपका यह शर्माना क्या कातिल अदा है ।

मेरी बात सुनकर हम दोनों हँसने लगे । अब परिधि बोली... संगत का असर है आप भी बोलना सिख गए ।

लेकिन परिधि मुझे टोकते हुए.... यह आपने क्या पहना है ।

मैं.... क्यों क्या हुआ अच्छा नहीं है ।

परिधि.... मैंने कब कहा बुरा है , पर आपके बिस्तर पर मैंने आपके लिए ड्रेस रखा है , प्लीज उसे पहन लीजिए ।

अब मैंने पूछा... प्लान क्या है ।

परिधि... कोई बात नहीं अभी पहले ड्रेस बदल लीजिए ।

मैं कमरे में गया वहाँ वो पैकेट उठाया उसमे काले रंग का सूट था । सूट के साथ टाई , टाई पिन, वाइट शर्ट, और एक खूबसूरत वॉच थी । देखने से काफी महँगी लग रही थी । मैं उसे पहन कर हॉल में आ गया , अभी परिधि खड़े खड़े नास्ता कर रही थीं । जब परिधि ने मुझे देखा तो वो भी बस मुझे देखती ही रह गई तबतक रंजना आंटी भी हॉल में आ गई ।

अपनी बेटी को इस तरह देख आंटी बोली..... अब रहने दे बेटा ऐसे देखेगी तो प्यार हो जाएगा ।

अपनी माँ के इस तरह के व्यंग पर परिधि का चेहरा फिर शर्म से लाल हो गया और अपना सर माँ के सीने से लागते हुए.... " माँ आप भी न कुछ भी बोलती हो वैसे भी आप चिंता मत करो मैं इतनी जल्दी आपको छोड़कर नहीं जाने वाली "

 
अपडेट -22

फिर माँ ने अपनी बेटी को थोड़ा प्यार दिया और चली गई । आंटी के जाने के बाद परिधि ने मुझे देखा और बोली.... क्यों बाबू जेंटलमैन क्या इरादा है दिल्ली तो आज घायल होने वाला है ।

मैं अपनी तारीफ सुनकर बड़ा ही प्रसन्न हुआ , दिल खुश कर दिया परिधि ने । फिर मैंने भी परिधि से कहा... मिस इरादे तो आपके मुझे नेक नहीं लग रहे , आखिर दिमाग में चल क्या रहा है जो मुझे इस तरह के ऑउटफिट में हम बाहर जा रहे है ।

परिधि थोड़ा मुस्कुराते हुए... जनाब कुछ पल और ठहर जाए आप खुद समझ जायेंगे । वैसे भी दिमाग को थोड़ा शांत रखिए क्योंकि वही आपको आने वाली मुसीबत से बचने वाला है । अशांत मन, एक गलती और आप सूली पर ।

परिधि की बातें किसी सस्पेंस मूवी की तरह थी इसलिए मैंने भी सब समय पर छोड़ दिया अब जो हो सो हो देखा जाएगा ।

मुझे ख्याल आया कि पता नहीं परिधि कितना समय लेने वाली है इसीलिए मैंने सोचा क्यों न पहले सबसे बात कर लूं ।

इसी ख्याल के साथ सबसे पहले बात हुई माँ से सबी हाल समाचार जानकर मैंने फ़ोन कट किया । पापा को कॉल किआ तो पापा कहि बिजी थे मेसेज आया बाद में बात करता हूँ ।

नेक्स्ट कॉल सिमरन उससे भी बात की सिमरन मासी के घर जल्दी जाने पर जोर दे रही थीं ।

अब दिया कि बारी थी...

दिया.... क्या बेटू कैसा है ( मजक में माँ की एक्टिंग कर रही थीं ) ।

मैं... ठीक हूँ माते आप कैसे हो ।

दिया... कुछ नहीं बेटा बस सोच रही थी कि दिल्ली से मेर लाल मेरे लिए क्या लेकर आएगा ।

मैं.... क्या ले आऊं माँ आपके लिए मुझसे बढ़कर थोड़ी कोई है गिफ्ट मैं खुद आ जाता हूँ ।

दिया.... मैंने सोचा मेरा लाल मेरे लिए गिफ्ट में लहँगा लाएगा , उसकी मैचिंग ज्वेलरी, नेल पॉलिश, कान की बलिया , मैचिंग हैंड बैग, मैचिंग चूड़ियाँ और हाँ लिपस्टिक भी पर मेरा लाल तो मुझसे प्यार ही नहीं करता ।

मैं.... चल चल नौटंकी मैं कुछ नहीं लाने वाला ।

दिया.... भैया प्लीज इतना सा तो माँगा है, कौन का पूरा जहाँ मांग लिया ।

मैं.... तू तो स्वार्थी निकली माँ , पापा और दीदी के लिए कुछ ना लूं ।

दिया.... सुनो भैया मैं कुछ नहीं जानती मुझे तो यह सब चाहिए , बाकी आपको जिसके लिए जो लेना हो देख लेना ।

फिर मैंने ओके बोल उससे थोड़ी देर बात की और फ़ोन कट कर दिया ।

अभी 10:30 बज रहे थे और सब लोगों से मेरी बात हो चुकी थी मैं नीचे हॉल मैं बैठ गया परिधि के इंतजार में । मुझे ज्यादा इन्तेजार नहीं करना पड़ा अभी 5 मि ही हुए थे कि परिधि मेरे पास आ गई ।

परिधि आते ही.... चले सर । और मैं परिधि के साथ चल पड़ा एक अनजाने सफर की ओर ।

कहानी जारी रहेगी........

 
शुक्रिया मित्रों....

आप क्यों सर हम शुक्रिया कहते है....

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अपडेट - 23

परिधि कर चला रही थी और मैं उसके साथ आगे बैठा था । मैंने फिर एक बार परिधि से प्लान जानने की कोशिश की तो परीधि..... अब तो साथ है ना बस देखते जाइए ।

कार कॉफी शॉप के पास रुकी.... आप कार में बैठो मैं अभी आई । बोलकर परिधि अंदर गई ।

मैं उसका कार में इंतजार करता रहा । यही कोई 10मि हुए होंगे कि एक वेटर कार के पास आया और बोला.... सर् आपको मैडम बुला रही हैं ।

वेटर के पीछे पीछे मैं कॉफी शॉप के अंदर आया और वेटर मुझे एक टेबल पर छोड़ कर चला गया । पर यह क्या यहाँ 3 लड़कियो की ग्रुप थी पर परिधि कहि नहीं थी । मैं अभी खड़ा आश्चर्य से सोच रहा था , की मैं तो इन्हें जानता नहीं फिर यह मुझे क्यों बुला रही हैं ?

तभी उनमें से एक ने वेलकम मोड में खड़े होते हुए अपनी दोनों बाहें फैलाकर.... " Welcome to delhi dangerous group please have a seat "

अब मैं भला क्यों बैठने लगा ? जान न पहचान मैं तेरा मेहमान वैसे भी मैं किसी भी अनजान से ज्यादा मेलजोल नहीं बढ़ाता इसीलिए जवाब दिया.... " धन्यवाद मोहतरमा, पर मैं आपके खतरनाक दिल्ली समूह में शामिल नहीं हो सकता । लगता हैं आप लोगों को कोई गलतफहमी हुई है, इसलिए मुझे बुला लिया । जी अब मैं इजाजत चाहूँगा क्योंकि कोई मेरा वहाँ पतिक्षा कर रहा है और वापस लौट कर मुझे वहां नहीं पाया तो परेशान हो जाएंगी , धन्यवाद "

मेरी बात सुनकर 3नो हँसने लगी और वही लड़की बोली ....

" दिल धड़क जाते है लड़को के ,

हमारी एक झलक पाने के लिए ।

बहार आ जाती हैं महफ़िल में,

हमारे बस आ जाने से ।

क्या चीज़ हु मैं तुम्हें क्या पता ए गुस्ताख ,

छू दूं तो आग लग जाती हैं पानी में " ।

अब मैंने भी उसे जवाब दिया....

" हम खुशबू है तुम फूल कहलाते हो ,

हम हूर है तुम जिस्म कहलाते हो ।

हम बादल है तुम घटा कहलाते हो ,

हम सूरज है तुम रोशनी कहलाते हो ।

कितने नादान है जो इतना ना समझ सके ,

हम है तो तुम हो हम से तुम कहलाते हो " ।

अब तो बस उनका मुह खुला का खुला जो अभी अपने हुस्न की तारीफ खुद कर रही थी , उसेभी समझ आ चुका था बिना कद्रदान किसी भी चीज की कद्र नहीं होती ।

फिर मैंने उन्हें कहा... देवियों यदि आपकी वार्तालाप की अवधि समाप्त हो चुकी हो तो क्या मैं अब अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान कर सकता हूँ ।

इतना बोलकर मैं जैसे ही चलने को हुआ तो परिधि सामने से मेरा रास्ता रोकते हुए..... ऐसे कैसे आप हमारी महफ़िल छोड़ कर चले जायेंगे, यहाँ आये है तो कुछ समय आप हमारे साथ बिताएंगे ।

मैं.... " छोड़ा नहीं करते हम किसी को बीच मझदार में, पानी की तरह आकार लेते है हम हर किरदार में ।

एक मैं , दूसरी परिधि , और तीसरी वो लड़की एक ही अंदाज में बाद विवाद कर रहे थे और तभी उनमें से दूसरी लड़की बोली ...

इस दिल में आ गया है तूफान,

कौन है यह खूबसूरत नौजवान ।

मैं.....

" ना हम किसी महफ़िल की जान है, ना कोई तूफान है ।

राहुल बुलाते है सब मुझे , बस यही मेरी पहचान है ।

मेरी बात पूरी होते ही आखरी लड़की भी बोल पड़ी....

"तुम जो आए ज़िंदगी में बात बन गई ,

हो सपने तेरी चाहतों के- 2 देखती हूं हर घड़ी ।

दिन है सोना और चांदी रात बन गई ,

हो ओ तुम जो आए ज़िंदगी मे बात बन गई " ।

इतना सुनते ही वहाँ तो जैसे हँसी का फब्बारें छूट पड़े । सब के सब हँसने लगे । फिर वही लड़की जिसने अभी गीत गाया था ... अभी नार्मल हो गए तुम लोग या अपनी तरकश से दो चार तीर और निकालू ।

सब हँसने हँसते बैठ गए और मैंने भी उन्हें जॉइन किआ । परिधि ने फिर सबसे मिलवाया । परिधि अपने हाथों से इशारा करके बताते हुए... यह है अंजलि ( जिसने वेलकम किया था ) , यह है सिम्मी ( गाने वाली लड़की ) और यह है नीलू ।

फिर मेरी तरफ इशारा करते हुए.... और यह है मई फ्रेंड ।

तीनो लड़कियाँ बीच मे बात काटती हुई.... " यह ना तूफान है ना किसी महफ़िल की जान, राहुल है इनकी पहचान " ।

एक बार फिर हम सब हँसने लगे । हम लोगों ने 1बजे तक कॉफी शॉप में ही बात करते रहे । बातों बातों में दो बातें पता चली..

सभी लड़कियाँ साड़ी में थी क्योंकि यह उनका ड्रेस कोड था , और दूसरी की तीनों बहुत ही चंचल थी जो मेरा रैगिंग लेने आई थी । हाँ रैगिंग ही कह सकते है क्योंकि उनके सवाल और व्यंग तो कुछ इस प्रकार ही थे ।

 


अपडेट-24

जब सभी लड़कियाँ चली गई, मैं परिधि से.... तुम क्या मुझे हलाल करने लाई थी ।

परिधि....ओह हो अब मैं आप से तुम पर आ गई ।

मैं.... सॉरी वो आचानक से निकल गया ।

परिधि.... नहीं मैं खुद बोर हो गई थी आप आप सुनकर और हाँ यह बार बार सॉरी बोलना बन्द करो ।

मैं... ओके मेम पर तुमने अबतक बताया नहीं ।

परिधि.... हलाल हुए क्या बेचारी क्या क्या सपने लेकर आई थी कि कैसे तुम्हें परेशान किया जाए कि फिर तुम नाराज हो जाओ तो कैसे तुम्हे खुश किया जाए । कल से प्लान कर रही थी पर तुमनें सारे अरमानों पर पानी फेर दिया ।

मैं..... तुम अपने हर नए पहचान वाले के साथ ऐसा करती हो या मैं स्पेशल केस हु ।

परिधि.... पहले तो यह जान लो कि रोज हमारी नए लोगों से मुलाकात होती है , जान पहचान होती है पर कुछ खास लोग ही होते है जिनसे बात आगे बढ़ती है वरना hi , hello तक ही सीमित रहता है । और रही बात परेशान करने की तो दोस्त हो तुम मेरे इतना तो हक बनता है ।

जैसे ही मैं कुछ बोलने वाला हूं कि परिधि.... टाइम अप अब चलो हमे कही और भी चलना है ।

मैं... रुको रुको पहले ये बताओ कि घर पर पता है कि तुम कितनी देर बहार रहोगी ।

परिधि कुछ लोगों की ओर इशारा करते हुए.... देख रहे हो उन्हें , उनको सिर्फ इस बात की तनख्वाह मिलती है कि मैं कहाँ हूँ किसके साथ हूँ घर पर इनफार्मेशन देते रहे और वापस सही सलामत घर पहुंचना ।

मैं... क्या यह तुम्हारे बॉडी गॉर्ड है ।

परिधि.... जी हाँ अब सब हो गया हो तो चले ।

मैं अब क्या कह पाता चल पड़ा परिधि के साथ अंजान सफर के दूसरे पड़ाव पर......

कहनी जारी रहेगी......

 
माफी चाहूँगा मित्रों स्वास्थ्य खराब होने के कारण...

आज कोई अपडेट नहीं है...

आप अपने सुझाव या सवाल पूछ सकते हैं...

कहानी के विषय में...
 
शुक्रिया मित्रों...

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अपडेट -25

मैं अब चल पड़ा परिधि के साथ एक अनजाने सफर के दूसरे पड़ाव पर.....

कॉफी शॉप से निकल कर हम शॉपिंग मॉल में गए । मॉल में जाते ही मैं परिधि से.... अब यहाँ कोई बर्फानी ग्रुप तो नहीं जो मुझे बर्फ ही बना दे ।

परिधि मेरी बातों से हँसते हुए.... नहीं ऐसा कुछ नहीं है यहाँ से कुछ शॉपिंग करेंगे और चिंता मत करो यहाँ कोई प्लान नहीं है ।

मैं... मतलव और कही का प्लान है ।

परिधि... ओह हो चलो मुझे कुछ खरीदना है ।

सबसे पहले परिधि कपड़े की शॉप में गई यहाँ से उसने एक जीन्स और टॉप लिया । भगवान यह लड़कियां भी ना काम से कम 1 घंटा दिमाग खाया उस शॉप कीपर का तब कहीं जाकर उसने कपड़े पसंद किए और साड़ी बदल कर जीन्स और टॉप पहन कर आ गई ।

चेंजिंग रूम से बाहर निकलते ही.... मैं कैसी लग रही हूं ।

मैं... माइंड ब्लोइंग ।

परिधि अपना मुंह बनाते हुए.... हुह यह माइंड ब्लोइंग भी कोई तारीफ है ।

मैं.... अच्छा बावा तुम बहुत खूबसूरत हो ठीक है ना ।

परिधि... क्या खूबसूरत यह भी कोई तारीफ है । क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रैंड नहीं है क्या?

गर्लफ्रैंड का नाम सुनते ही मेरे चेहरे की रौनक थोड़ी उड़ गई जिसे परिधि ने भाँप लिया और बात को बदलते हुए... राहुल चलो ना कुछ खाते हैं बहुत भूक लगी है । भूक तो मुझे भी लगी थी फिर हम दोनों ने वहाँ खाना खाने लगे ।

मैं.... आगे का क्या प्लान है ?

परिधि.... कोई प्लान नहीं अब तुमसे बात करना चाहती हूँ ।

मैं... क्या बात करनी है ।

परिधि.... कुछ खास नहीं बस यह बताओ कि ये रूही कौन है

मैं.... तुम्हें क्या लगता है ।

परिधि... तुम्हारी गर्लफ्रैंड ।

मैं... नहीं हाँ ।

परिधि.... मतलव ।

मैं.... नहीं वो मेरी गर्लफ्रैंड नहीं लेकिन हाँ मैं उससे प्यार करता था ।

लेकिन अब मैं इस बारे में इससे आगे कोई बात नहीं करना चाहता था इसलिए मैंने परिधि से बात बदलने को कहा । रूही की चर्चा होने से मैं थोड़ा उदास हो गया कि तभी परिधि ने ऐसा कुछ कहा कि मेरे दिल मे छप गया ।

परिधि.... उदासी एक बीमारी है , एक ऐसी बीमारी जो अपनो के साथ साथ अपने परिजनों को भी ले लेती हैं इसलिए अगर कोई उदास रहता है तो उसके साथ उसका पूरा परिवार, और आस पास के लोग उदास हो जाते है । इसलिए आप खुश रहे आपको हँसता देख और4 लोग हँसने लगेंगे । इसीलिए जब तक पॉसिबल हो हँसते रहीए अपने लिए नहीं पर अपने लोगों के लिए भले बनावटी क्यों ना हो ।

परिधि की बात सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा । बहुत ही प्रैक्टिकल बाते की थी परिधि ने । पहली बार परिधि की आंखों में मैंने वही दर्द देखा जो मुझे परिधि के बिना महसूस होता है ।

मैं अचानक से पूछ लिया.... कौन है वो परिधि ।

परिधि.... अभी हमारी पहचान इतनी गहरी नहीं हुई कि सब बात बता दूं पर हां कोई था ।

मैं.... कोई बात नहीं लेकिन मुझे बहुत बुरा लगा ।

परिधि.... इसमें बुरा लगने वाली कोनसी बात है क्यों तुम क्यों नहीं डिटेल बताते रूही के बारे में क्योंकि तुमनें भी यही सोचा होगा ।

हालांकि बात तो सही थी परिधि की इसीलिए मैंने इस बात पर कोई ज्यादा जोर नहीं दिया ।

( चिल्लाते हुए ) परिधि । परिधि.... क्या हुआ ऐसे कोई चिल्लाता है क्या ? मैं तो यही पास में बैठी हूँ ।

मैं... तुम हो पास लेकिन सोच बहुत दूर है मैं उस दूर वाली परिधि को पुकार रहा हूं ।

परिधि.... ओके सर पूरी परिधि तुम्हारे पास बैठी है अब बताओ ।

मैं.... अब यही रहना कहि और चलना है या चले वापस घर ।

घर वापस जाने की बात पर परिधि बोली... यदि तुम मेरे साथ बोर हो रहे हो तो जा सकते हो ( अब थोड़ा चिल्लाते हुए ) या चुपचाप मुझे फॉलो करो , क्योंकि अभी मेरी शॉपिंग खत्म नहीं हुई है ।

शॉपिंग वाली बात से याद आया कि क्यों ना मैं भी सबके लिए आज ही खरीदारी कर लूं वैसे भी दो लोग हो तो शॉपिंग आसान हो जाती है और मासी और कजिनस के लिए भी कुछ खरीद लू गिफ्ट देख कर सब खुश हो जाएंगे । इधर परिधि अपने बॉडी गॉर्ड को कुछ बोलकर आई ।

मैं अभी अपने खयालो में था कि परिधि... अब चले या यही खड़े खड़े शॉपिंग करेंगे । हम दोनों अब शॉपिंग करने के लिए निकले सबसे पहले परिधि एक मोबाइल शॉप में गई ।

मैं..... यहाँ क्यों आई हो कोई नया सेट लेना है क्या ।

परिधि.... नहीं मुझे नहीं तुम्हें चाहिए ।

मैं... क्यों ।

परिधि..... क्योंकि तुमनें तो अपने घर पर कहा था कि फ़ोन चोरी हो गया है ।

मैं... ओह हाँ ।

मैंने और परिधि ने कुछ सेट देखे और परिधि ने एक सेट को पसंद किया... यह कैसा लग रहा है राहुल ।

मैं.... बहुत प्यारा सेट है ।

परिधि.... तो इसे फाइनल करो ।

मैं.... रुको पहले प्राइस कितना है ।

परिधि.... शांत रहो पसंद है ना बस अब कुछ नही ।





मैं कुछ ना बोल पाया बस चुपके से प्राइस देख ली उस सेट की , जैसा मैंने सोचा था ठीक वैसा ही हुआ ये 45000 हजार का सेट था । मेरे तो होश उड़ गए दाम देख कर ।

मैं.... परिधि ऐसा करते है कोई और सेट देख लेते है मैंने सुना यह फ़ोन बहुत हैंग होता है और इसके फीचर्स भी काफी कॉम्प्लिकेटेड है मुझे समझ में नहीं आएगा चलो ना कोई और सेट लेते है ।

अब हम दोनों के बीच जैसे बहस छिड़ चुकी थी मैं अपनी बात समझाता रहा कि क्यों नहीं लेना चाहिए और परिधि अपनी की क्यों लेना चाहिए । अबतक कोई लड़कियों से बहस में जीत पाया है जो मैं जीत पाता । अंत में वोही फ़ोन फाइनल हुआ और मुझे 45000 का चूना लगते दिखने लगा ।

खैर पैसे तो पर्याप्त थे मेरे पास लेकिन मैं शुरू से ही ज्यादा महंगी चीज़ों को यूज़ नही करता था बहुत सिम्पल और मीडियम रेंज की चीज़ें ही यूज़ करता था ।

उसके बाद हम दोनों ने5 बजे तक शॉपिंग की ।

शॉपिंग के दौरान मैंने अपने और सबके लिए... माँ ,पापा, सिमरन, दिया( उसकी डिमांड ) , और मासी एंड फैमिली के लिए शॉपिंग की । मैं बस परिधि को बताता गया वो अपनी पसंद से सब खरीदी करती गई । मुझे तो डाउट था कि यहाँ भी वो अपने प्रीमियम रेंज की खरीदारी कर ले लेकिन परिधि ने खरीदारी मेरे बजेट प्राइस के हिसाब से की ।

यार परिधि ने मेरे लिए कितनी मेहनत की जबकि देखा जाए तो अभी पहचान हुए 24 घंटे भी नहीं हुए । नहीं मुझे परिधि को मोमेंटो तो देनी ही चाहिए फिर पता नहीं कब मुलाकात हो ।

यही सब सोचते हुए.... परिधि मुझे एक खास गिफ्ट खरीदना है पर मैं कंफ्यूज हु ।

मुस्कुराते हुए परिधि.... उसकी पसंद बताओ या तुम्हे कैसा गिफ्ट चाहिए यह बताओ ।

मैं.... पसंद तो नहीं मालूम पर तुम्हे किसी से कोई गिफ्ट मिलने वाला हो तो कैसे गिफ्ट की उम्मीद करोगी ।

परिधि.... अपने लिए तो पर्सनल फ्लैट की उम्मीद और क्या ।

मैं बस हैरान से देखता रहा , यार यह तो खड़े खड़े लाखो की संपत्ति माँग रही है । और बोल तो ऐसे रही है जैसे पर्सनल पेट माँगा हो ।

परिधि... तुम तो हद्द हो यार मजाक भी नहीं समझते ।

मैं...अरे नहीं मैं तो जानता था तुम मजाक कर रही हो ।

परिधि.... ( जोर से हँसते हुए ) हाँ पता चलता है तुम्हारे चेहरे से , खैर अब चले शॉपिंग करने ।

मैं... कुछ सोचा क्या तुमनें ?

परिधि.... चलो तो अब तुमने बोल दिया कि मुझे कैसे गिफ्ट की उम्मीद रहेगी तो सब मुझ पर छोड़ दो ।

मैं... कही तुम सच में तो फ्लैट बुक करने तो नहीं जा रही ।

परिधि... वेरी फनी अब चले ।

हम दोनों ही चल पड़े परिधि ने एक लाजवाब टेडी खरीदा 6 फुट का मैंने बोला... as expected

परिधि.... तो जब तुम्हे पहले से पता था तो मेरी हेल्प क्यों चाहिए थी ।

मैं... मैंने सोचा तुम कुछ अलग सोचती होगी ।

परिधि.... मैं क्यों अलग सोचती हूं मैं भी लड़कियो के समाज से बिलोंग करती हूं ।

मैं... वैसे यह टेडी के पीछे लॉजिक क्या होता है ।

परिधि.... हम इसे देख कर देने वाले को फील करते है ।

परिधि.... प्लीज अब चलो शॉपिंग खत्म करो हमे कही और भी चलना है ।

मैं... क्या कही और बीबी चलना है मेम आप कौन सा डाइट लेते हो जो थकती ही नहीं ।

परिधि... थकान वो क्या होती है ? तुम्हे हो रही है तो तुम जा सकते हो bye mr.

मैं... मैं तो तुम्हारे लिए कह रहा था कि तुम्हारे नाजुक बदन में कोई लचक न आ जाए नही तो मैं one week and 24 hour a day continue active रह सकता हु ।

परिधि.... ओह हो अपने मुंह मिया मिट्ठू । अब बकवास बंद करो और चलो ।

हम यूँ ही आपस मे कुछ खट्टी मीठी बातें करते पेमेंट काउंटर पर पहुंचे । परिधि के बॉडी गॉर्ड ने हमे समान वाले बैग दे दिए । परिधि मेरे आगे थी और उसने अपना सामान टेबल पर रख दिया । पर ये क्या चेक लिस्ट में वो मोबाइल वाला बैग भी परिधि के पास था जो मेरे लिए खरीदा गया था ।

मैं.... परिधि गलती से वो मेरा मोबाइल वाला बैग तुम्हारे पास चला गया है उसे मुझे दे दो ।

परिधि.... शांत गधा धारी भीम , कोई गलती नहीं हुई यह मैंने तुम्हारे लिए लिया है ।

मैं... पर मैं इतना महंगा गिफ्ट नहीं ले सकता सॉरी ।

परिधि.... गिफ्ट तो ले सकते हो न ।

मैं... हां पर इतना महंगा नहीं ।

परिधि.... अब बस तुम भी बहुत नाटक करते हो । क्या कभी तुमने सुना नहीं कि गिफ्ट की कीमत नहीं देने वाले कि नीयत देखते है ।

भाई कोई नहीं जीत सकता लड़कियो से , यह तो हमारी बात से ही हमे फंसा देती हैं ।

परिधि ने अपना बिल पे किया और अब मैं काउंटर पर बिल पे करने पहुंच गया । मैंने अपना बैग काउंटर पर रखा ।

पर यह क्या सामने रखते ही सिक्योरिटी अलार्म क्यों बजने लगे ? मैं तो बिल्कुल सहम सा गया कि हे भगवान अब क्या होगा...

कहानी जारी रहेगी......

 
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उन संबंधो को नमन !//cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f64f.svg//cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f337.svg

//cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f33f.svg मैं और मेरे परिवार की तरफ

से आपको व आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनाएं ।

अभय कुमार //cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f618.svg//cdn.jsdelivr.net/gh/twitter/twemoji@latest/assets/svg/1f618.svg

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