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बजाज का सफरनामा

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मैंने अब रिक्वेसटिंग में भाभी से क्वीन माँगी तो उन्हूने ब्लाउज के अंदर हाथ डाल के क्वीन निकालने की कोशिश की पर वो शायद अंदर गुस गयी थी तब उन्हूने आ गे आ कर मुझे कहा लो तुम खुद ही निकल लो मैंने ब्लाउज के अंदर हाथ डाला एक हाथ दूसरा हाथ पर ब्लाउज टाइट था दोनों हाथ बड़ी बड़ी से भाभी के मम्मो को छू कर सहला कर ही बाहर आ गये ..तब भाभी ने कहा रुको ब्लाउज खोलना पड़ेगा ये कह कर मेरी और पीठ का ली ..मैं दो मिनट खड़ा रहा तो भाभी बोली खोलो ना ब्लाउज के हुक खोलो ..तब मैंने पहली बार भाभी का ब्लाउज खोला हुक खुलते ही ब्लाउज नीचे लटक गया तब भाभी मेरी और घूमी…भाभी के मस्त बूब्स ब्लाउज में कसे हुए आधे बाहर को झांकते …मैं चुप खड़ा भाभी के बूब्स को देखता रहा …दो मिनट बाद भाभी ने कहा ..अब निकालो ना ..मैंने पूछा क्या ब्रा !!?/ भाभी हँसी और बोली नहीं रे तेरी क्वीन..तो मैंने कहा मेरी क्वीन तो अब तुम ही हो …तो भाभी ने कहा तो फिर ठीक हाउ ये कह कर वोआप्ना ब्लाउज वापस पहनने लगी तो मैंने कहा रुको रुको मैं निकलता हूँ क्वीन ये कह कर मैंने आपना एक हाथ ब्रा में डाला तो उनका एक मस्त बूब मेरे हाथ में आ गया मैंने उसे प्यार से सहलाया और फिर हल्के से दबाया और फिर सहलाया इससे ही कराता रहा और भाभी चुप खड़ी रही फिर मैंने उनके निप्पल को हलक़ेंसे दबाया तो वो बोली क्वीन ढूँढ त्तरहे हो या शैठानी कर रहे हो तो मैंने कहा शायद क्वीन दूसरी और है ये जकेह कर मैंने दूसरा हाथ डाल कर दूसरे बूब के साथ भी ऐसा ही किया फिर पहला फिर दूसरा ,,तभी भाभी बोली रुको तुमसे नहीं होगा एेकेः कर भाभी ने खुद हाथ डाल कर क्वीन निकल के मुझे दे दी और फिर ब्लाउज पहन लिया….इसे छोटी मोटी शराराते और छीना झपटी चलती रहती…बाथरूम का मेरी और का दरवाजा खुला रहता था और जब मुझे बाथरूम यूज करना होता था तो मैं दरवाजे को हल्के से धक्का देता ..यदि बाथरूम में कोई नहीं होता तो बाथरूम खुल जाता और मैं उसे कर लेता…..

फिर भाभी को मायके जाने का टाइम आया भाभी दो दिन बाद मायके जाने वाली थी तीन महीने के लिए ……आंटी अंकल मंदिर गये थे सुबह के 9 बज रहे थे उनको 12 बजे के बाद आना था घर में मैं और भाभी ही थे…इतने में मुझे बाथरूम यूज करने की हुई तो मैं उठ कर बाथरूम की और गया दरवाजे को हल्का सा धक्का दिया तो वो खुल गया दरवाजा बंद नहीं था देखा तो भाभी नहा रही थी बिलकुल नंगी…शायद दरवाजा बंद करना भूल गयी थी….मेरी और उनकी पीठ थी और वो फ़वारे के नीचे नहा रही थी पनो की बूंदें उनके शरीर पर गिर रही थी और वो मस्त से नहा रही थी….दरवाजे की हल्की आवाज़ से वो पलटी ..उन्हूने मुझे देखा पर ना तो शरमाई ना झेंपी ना उन्हूने आपना कुच्छ छिपाया वरण वो वैसी ही सीधी खड़ी रही और मैं उनकी पिंकी चिकनी फुददी और मस्त बूब्स को पानी में भीगते देखता रही…
 
.ये पहली बार थी के मैं उन्हें नंगा देखा रहा था ..मैं उन्हें पाँच मिनट्स तक इससे ही देखता रहा …तब वो बोली क्या तौन यार…बस यार हो गया …तो मैंने भी कहा भाभी मैं तो इस लिए खड़ा था के शायद आप की पीठ पर साहबुन लगाना हो तो मैं मदद कर दम…तो भाभी हँसी…और बोली शैठान…यानि भाभी नाराज़ नहीं थी ..फिर मैंने दरवाजा बंद किया और दरवाजा बंद करते करते मेरे कानों में आवाज़ आई ..”फिर कभी‚ और एक हँसी…मेरा हाल बुरा होने लगा था …मैं अभी तक ख़यालो में भाभी को नंगा ही तसवीर कर रहा था..

..इतनी देर में भाभी नहा के मेरे रूम में आ गयी उनके शरीर पर सिर्फ़ एक टावल था और वो हंसते हुए बोली अब मेरी बड़ी है तुम जब नहाओ तो दरवाजा बंद मत करना मैंने भी तुम्हें नहाते हुए देखना है मैं बोला ओके भाभी मैं बस अभी नहाता हूँ..5 मिनट में मैं बाथरूम में था और नहा रहा था बिलकुल न्यूड ..अगले .पाँच मिनट के बाद भाभी की साइड का दरवाजा खुला और भाभी मुझे नंगा नहाते हुए देखने लगी… रे लिंग को पकड़ के साहबुन लगाया और सुपाडे के टोपे को खोल के उस पर भी साहबुन लगाया और फिर उसे अच्छे से धोया मेरे..इससे ही 5 मिनट देखने के बाद भाभी बोली अगर कहो तो मैं तुम्हारे पीठ पर साहबुन माल दम मैं बोला भाभी ..ई विल लव इट ..भाभी तुरंत अंदर आ गयी और मेरे पीठ पर साहबुन मलने ;आ गयी तो मैं बोला भाभी पीठ के साथ साथ कमर के नीचे और टांगों पर भी इनायत कर दो तो मजा आ जाएगा….भाभी ना कहा जरूर और मेरे पीठ और पैरों चूतड़ आधी पर साहबुन लगा के मलने लगी ..फिर उन्हूने मुझे एज झुकने को कहा और अच्छी तरह से मेरे चूतड़ गुदा और अंडकोष और उस के आस पास साहबुन लगा के पानी से हाथों हाथ धोती भी रही ..गांड पे साहबुन लगते और धने के दौरान भाभी ने मेरी गांड में एक उंगली डाल के अच्छे से घुमा दी …..भाभी के स्पर्श से अब मेरा लिंग खड़ा होने लगा था..भाभी सामने की और आ गयी और मेरे लिंग को मलते हुए धोया इस दौरान मेरा लिंग ठाना गया था और कभी कभी उनके मुँह और कभी उनके होठों से टकरा रहा था ….भाभी ने कहा यार तरुण तेरा ये पप्पू तो बड़ा ही मस्त है ..एक दम शानदार और जानदार ओए देख कितना घमांण्दी है कैससे सर टन के खड़ा है…मैंने पूछा भाभी आप को पसंद है …भाभी बोली कुच्छ नहीं बस हां में सर हिला दिया…मुझे लगा शायद वो इसे मुँह में ले ले..लेकिन भाभी मेरी जांघों पैरों और टांगों को धोती रही …..इसी नहाने में भाभी का टावल भी गीला हो गया था और भाभी भी…तब मैंने कहा भाभी लाओ अब मैं तुम्हारी पीठ पर साहबुन माल लेता हूँ ..ये कहते हुए मैंने उनका टावल खोल दिया ..वो बस इनकार कराती ही रही गयी…..अब मैंने भाभी को मेरे एज खड़ा कर दिया और उनकी पीठ पर साहबुन मलना चालू किया इस दौरान मेरे हाथ उनके बूब्स पर भी फिसलते रहे….फ़वारा चालू था तो साहबुन लगाना और ढाना दोनों साथ साथ चल रहे थे …
 
फिर बड़ी थी भाभी के छूटरो की मैंने भाभी को एज झाँकने को कहा आयार प्यार से उनकी गान्ड और फूली हुई चुत पे साहबुन लगाया और उनकी जांघों टांगों पैरों को ढोते हुए मैं सामने की और आ गया और उनके पैरों से जांघों से शुरू करते हुए उनकी चुत को खूब साहबुन लगाया सहलाया और धोया इस दौरान मैंने एक उंगली उनकी चुत में डाल कर उसमें घुमाई भाभी चीख उठी थी मैं अब फिर पीछे की और आया और भाभी को एज झुकने को कहा और मैंने कहा के भाभी आपकी पिंकी बहुत जोरदार है शानदार भी…मेरे पप्पू को आप की पिंकी बहुत पसंद हे और वो इसे छू कर प्यार करना चाहता है…ये कहते हुए मैंने आपना पापू भाभी की पिंकी के मुँह पर टीका दिया …भाभी बोली ..देखो अंदर मत करना तरुण,,मैंने कहा नहीं भाभी बस पप्पू को पिंकी से मिलना है दोस्तों की तरह भाभी बोली ओके तो मैं बोला भाभी आप भी तो थोड़ा एज बाद कर पिंकी को पप्पूसे मिलवओ ना वो बोली ओके लो ये कहते हुए मैंने और भाभी ने एक साथ ज़ोर लगाया तो 30 % लंड चुत के अंदर था तो भाभी बोली यार ये तो तुमने पूरा ही अंदर कर दिया तो मैंने कहा नहीं भाभी पूरा भझर ही है देखो ना ये कहते हुए मैंने भाभी का हाथ लंड पर लगाया और उनसे कहा देखो ना ,,,

भाभी ने लंड पर हाथ फेराते हुए कहा हां यार लगता तो इससे ही है के सारा बाहर है पर महसूस इससे हो रहा है जैसे सारा अंदर हो अब और अंदर मत करना और इसे ही रहना मैंने अब भाभी के मम्मो को सहलाना और दबाना चालू कर दिया भाभी बीच बीच में सिहर उठती थी …भाभी ने कुच्छ देर बाद कहा बस हो गया अब निकल लो मैंने कहा ओके भाभी ..एक बात काहू एक बार पप्पू और पिंकी को ज़ोर से गले मिलने जैस्सा कर ले जैसे दोस्त लोग मिलते है तो आख़िरी बार एक ज़ोर की गले मिलनी करते है आपुन भी इससे करे तो …भाभी बोली ओके पर ज्यादा ज़ोर से नहीं मैंने कहा नहीं पर दिल से और जिंदादिली से ..वो बोली ओके …मैंने कहा 1 2 3 बोलने पर दोनों एक साथ करेंगे ओके …भाभी ओके पर 1 2 3 मैं कहूँगी मैंने कहा ओके अब भाभी ने जिससे ही कहा 1 2 3 मैंने और भाभी ने एक साथ ज़ोर लगाया तो 50 % से ए ज्यादा लंड अंदर था ..भाभी के मुँह से हल्की सी चीख निकली और उन्हूने कहा ये क्या किया तरुण तुमने तो पूरा ही अंदर कर दिया ..

मैंने भाभी से कहा नहीं यार…चलो तुम नहीं मानती तो देखो मैंने फिर भाभी का हाथ लेकर लंड पे रखा उन्हूने टटोल कर देखा और फिर बोली हां यार लगता तो है ज्यादा हिस्सा बाहर ही है पर फिर मुझे ऐसा क्यों लग रहा है जैसे पिंकी पूरी भर गयी हो,,एक बात तो है तरुण यार तुम्हारा ये पप्पू मोटा भी बहुत है और लंबा भी..तो मैंने कहा मौमीता यार तुम्हारी पिंकी भी बड़ी शानदार है और गहरी भी …अगर इजाज़त हो तो इससे पूरा अंदर डाल के देखू एक बार ..इस पर भाभी ने कहा नहीं तरुण …ये ठीक नहीं है और इससे कह कर एक दम से खड़ी हो गयी और मुझे हटा कर और नहा धो कर आपने रूम में चली गयी…मुझे बुरा लगा मैं उनको रोकता रहा पर उन्हूने रूम में जा के दरवाजा बंद कर दिया……
 
फिर दिन भर भाभी मेरे रूम में नहीं आई ना ही हमारी कोई बात हुई अगले दिन भी भाभी मेरे रूम में नहीं आए ना ही ऊपर ही आए पूरा दिन वो नीचे ही रही …अब आज शाम को भैया आ जाएँगे और कल तो भाभी भी आपने मायके चली जाएगी तीन महीनों के लिए…सुबह के 9 बजे थे…..आज फिर आंटी अंकल मंदिर गये थे और 12 बजे तक आने वाले थे मैं आपने रूम में था और भाभी के बड़े में ही सोच रहा था और आपने पलंग पे लेता हुआ था के भाभी रूम में आई ओए मेरे पास लेट गयी और मुझे गले लगा लिया और कहने लगी “यार तरुण ई लव यू और ंतूम्हारे बिना नहीं रही सकती प्लीज़ मुझसे नाराज़ मत हो यार भाभी और देवर के बीच में ऐसा होना मुझे कुच्छ अच्छा नहीं लगा पर खैर मैं नाराज़ नहीं हूँ पर तुम मुझे छोड़ना मत ..प्लीज़ डोंट लीव में ….ई कॅन नोट लाइव वितऊथ यू…

भाभी कहती भी जा रही थी और मुझे लिपटा भी जा रही थी..अब मेरी बड़ी थी मैंने भाभी को लिपटा के उन के होठों पर एक गहरी किस दी और कहा के भाभी ..ई टू लव यू वेरी मच और उनके बूब्स को सहलाता और दबाता रहा ..फिर मैंने कहा के भाभी मुझे बुरा तो लगा था जब मेरे पापू को आपने मर्जी से अंदर लिया था और फिर आपनी मर्जी से बाहर निकल दिया ..इस पा भाभी बोली तुम्हें बुरा लगा ..मैंने कहा हां बहुत बुरा लगा ..तो भाभी बोली मैं एज से ध्यान रखूँगी ..पर तुम नाराज़ मत होना अब ऐसा करो तुम 10 मिनट के बाद मेरे रूम में आओ ..दस मिनट के बाद ओके ..मैंने कहा ओके और भाभी मुझे एक और किस दे के आपने रूम में चली गयी..मैं सोचता रहा अब भाभी क्या करने वाली थी…

10 मिनट गुजरने के बाद मैं भाभी के रो में गया तो भाभी एक दम नंगी खड़ी थी..और वो बोली के तरुण मैंने जो किया उस के लिए सॉरी अब तुम मेरी पिंकी में आपने पप्पू को दाखिल करा दो पर प्लीज़ पहले जितना था उस से ज्यादा नहीं और इससे ही 15 मिनट तक रहना और फिर निकल लेना ..ये मेरा प्रष्चित समझ लो..ये कहते हुए भाभी घोड़ी बन गयी और उन्हूने मुझे राइड का इशारा किया और बोली आ जाओ तरुण आपने पापू के साथ ..लेकिन मैं खड़ा रहा और भाभी से बोला भाभी अगर आप सही समझे तो क्यों ना सीधे से और सामने से करे अब की बार..आप पलंग पे लेट जाओ और आपनी टाँगे चो दी कर लो और मैं ऊपर आ जाता हूँ ..इस तरीके से आप को ज्यादा आराम मिलेगा और मुझे भी फिर मैं आप के ऊपर लेट जाऊँगा …भाभी ने कहा हां ये ठीक रहेगा और पलंग पे लेट कर उन्हूने आपने टाँगे ऊपर कर के मुझे बुलाया और मैं भी पलंग पर चढ़ गया मैंने एक पिल्लो भाभी के छूटरो के नीचे रखा इस से भाभी की चुत उभर कर ऊपर की और हो गयी…,मैं भाभी की दोनों टांगों के बीच बैठ गया और भाभी की चुत को सहलाने लगा ..भाभी की चुत गीली हो रही थी,,,भाभी ने फिर कहा …चलो आओ ना…मैंने फिर कहा भाभी अरे यू शुरू …फिर तुम नाराज़ तो नहीं होगी ….भाभी ने कहा कहा तो सही यार …मैं नाराज़ नहीं हूँ ..अब तुम करो ना यार…तब मैंने कहा भाभी आप मेरे पापू को आपनी पिंकी पे डालो ना..भाभी ने मेरे लंड को आपने राइट हाथ में लिया और लेफ्ट हॅंड से आपनी चुत के पंखुड़ियां को फैला कर आपनी चुत के मुँह पर लंड को टीक्या और मुझे इशारा किया ..
 
.अब मैंने एक पूरा ज़ोर लगा के लंड को भाभी की चुत में तेल दिया …भाभी की एक जोरदार चीख निकली और मेरा लगभग 70 % लंड अंदर था भाभी तो एक दम उछल पड़ी थी और दर्द उनके चेहरे पर दिख रहा था मैंने भाभी के माम्मो को चूमना चाटना सहलाना चालू कर दिया 3-4 मिनट के बाद भाभी की साँस नॉर्मल हुई तो वो बोली तरुण यार तुमने तो मुझे मर ही डाला था …क्या पूरा ही डाल दिया मैंने कहा नहीं यार ..मैंने फिर भाभी की हथेली लंड पे लगा के उनको दिखाया …वो बोलीं देखो जानूं अब और मत डालना प्लीज़…मैंने कहा ओके..और अब मैं भाभी के मम्मो को गालों कोहोंठो को पूरे बदन को छूने चाटने और प्यार करने लगा भाभी भी मुझे प्यार करने लगी ..मैं भाभी के ऊपर लेता हुवा था और हम दोनों एक दूसरे को प्यार करते रहे मेरे ऊपर लेते रहने से मेरा पापू पिंकी के अंदर 1-1 5 करते हुए अंदर घुसटा रहा और लगभग लगभग पूरा ही अंदर घुस गया था ये मैं भी जानता था और भाभी भी पर हम दोनों चुप थे …फिर भाभी ने पूछा के अब तो तुम राज़ी हो ना मैंने कहा हां ..बहुत ..तब भाभी ने कहा अब तुम उठो मैं थोड़ी देर आराम करूँगी और फिर शाम को तुम्हारे भैया भी आ जाएँगे तो वो भी रात को आपना छोटा पप्पू पिंकी में डालेंगे… मैंने पूछा छोटा पप्पू तो भाभी बोली के हां तुम्हारे पापु के सामने तो वो छोटा पापु ही है…तब मैंने भाभी से कहा के तुमने छोटा पापु क्यों कहा …और फिर कहा के भाभी मैं रात को भैया और तुम्हारी चुदाई देखना चाहता हूँ तब भाभी ने कहा के टेरेस की तरफ की खिड़की मैं रात को खुली रखूँगी और परदा भी एक तरफ से हटा के रखूँगी ..तुम आराम से सब देख सकोगे …मैंने भाभी को प्यार किया और फिर रात की इंतेज़ार करने लगा….

शाम को भैया आए मैं उनसे मिला उन्हूने मेरे हाल चल पूछे और कहा के यार तुम आपनी भाभी का कुच्छ ध्यान भी रखते हो के नहीं ..यार तुम्हारी भाभी अकेली रहती है ना …कभी आपनी भाभी को गले लगा के प्यार किया है ?? मैं बोला ये क्या कह रहे हो भैया..भैया बोला यार तुम मेरी बात नहीं मानते हो …अब कल तो तुम्हारी भाभी जा रही है ……अभी कल तक का टाइम है …भाभी को प्यार किया करो लगता है मुझे ही तुम्हें सीखना पड़ेगा….खाई रात हुई और भैया भाभी आपने रूम में चले गये मैं टेरेस पे बनी खिड़की पे जा खड़ा हुआ भाभी नेकेड हो गयी ..मुझे उस का इंटेरेस्ट नहीं था क्यों के मैं दिन भा से भाभी को नेकेड देख रहा था पर जब भैया नंगे हुए तो मैं हैरान रही न गया सच में भैया का पप्पू छोटा पाप्ुउ ही था मेरे पप्पू से एक तिहाही रहा होगा उस से ज्यादा तो मैं भाभी की चुत में आज दो बार डाल चुका था खाई भैया ने भाभी को थोड़ा चूमा और फिर उन के ऊपर चढ़ गये और बहुत जल्दी डिसचार्ज भी हो गये भाभी अभी भी पूरी नेकेड थी और अतरपत भी..तभी भैया बोले देखो मैं जानता हूँ के मैं तुम्हें सॅटिस्फाइ नहीं कर पता ..इसीलिए तो मैं तुम्हें पिछले तीन महीने से कह रहा हूँ के तुम तरुण से सेट हो जाओ..तरुण भी तो घर का ही लड़का है और फिर उसका शरीर अच्छा है ….उस से तुम्हें संठान होगी तो वो इसी घर का ही वंश होगा ..यदि तुम किसी बाहर के आदमी से सेट हुई तो धोखा भी कहा सकती हो ..
 
तो भाभी बोली के नहीं नहीं मुझे किसी से कुच्छ नहीं चाहिए …आप जैसे है मेरे लिए ठीक है तो भैया बोले के यार तुम दोनों ही मेरी बात नहीं मन रहे हो …अब मुझे ही कुच्छ करना होगा …रुको मैं ही कुच्छ कराता हूँ …ये कहते हुए उन्हूने मुझे आवाज़ दी तो भाभी ने जल्दी से आपना पेटीकोट पहन लिया ..और आपनी सारी उठा के बिना ब्लाउज ब्रा के ही सारी उठा के औड ली….मैं कमरे में आया और फिर बाथरूम से भैया के कमरे में आ गया…तो भैया बोले के तरुण ये क्या सुन रहा हूँ मैं तुम आपनी भाभी ही का बिलकुल ध्यान नहीं रखते..तुमने कभी आपनी भाभी को गले लगाया है …चलो जल्दी से भाभी क्आयला के तरुण को गले लगाओ…जल्दी करो हमने एक दूसरे को गले लगाया तो भैया बोले ज़ोर से और एक दूसरे के बदन के साथ आपने बदन को घिस्सो घ….भाभी और मेरे घिर गालों पर फिर तो हम दोनों दीवानों की तरह से एक दूसरे को चूम रहे थे.. इसने से भाभी की सारी खुल सी गयी थी और उनके बूब्स नंगे हो गये थे पर हमें पता नहीं चला …फिर भैया ने पूछा क्या तुमने कभी एक दूसरे को चूमा है …

नहीं ना चलो एक दूसरे को किस करो हम चूमने लगे फिर होठों पर फिर गालों पर चूमने चाटने लगे तभी भैया ने कहा के बस अब तुम दोनों अलग हो जाओ अलग होते ही भाभी की सारी नीचे गिर गयी और भाभी के मम्मे नंगे हो गये भाभी सारी उठा के उन्हें ढकने को बड़ी तो भैया ने उसे रोक दिया और मुझसे पूछा के तुम्हें भाभी के मम्मे कैससे लगते है..मैंने कहा बहुत अच्छे तो भैया ने कहा तो इन्हें छुओ चूसो और दबाओ…मैं वैसे ही करने लगा …बरमूडे में मेरा लिंग तनने लगा था…भैया ने कहा भाभी का निप्पल भी चूसो और उंगलियों में मसलों …फिर भाभी से कहा के तुम इसे क्या खड़ी हो चलो तरुण का बरमूडा नीचे उतरो…..जल्दी करो …

भाभी ने मेरा बरमूडा खींच के उतार दिया तो मेरा तननाया हुआ लिंग सामने आ गया …भैया ने लिंग देख के कहा वो !! कितना सुंदर है … फिर भाभी को देखते हुए बोले मौमीता कितना सुंदर है…….तुहे पसंद है ना ..भाभी बोली हां बहुत..तो चल इसे हाथ में ले ले..देखो तरुण कैससे प्यार से तुम्हारे मम्मे चूस रहा है तुम क्यों नहि टरुन का लिंग चुस्ती ..मैं जानता हूँ उसे भी अच्छा लगेगा…अब मुझे और भाभी को शर्म आने लगी थी…..पर भैया ने ज़ोर दिया तो भाभी ने मेरा लिंग चूसना चालू कर दिया..मैं इससे ही खड़ा था तो भैया ने भाभी को रोक दिया उसे खड़ा किया और तरुण से भाभी का पेटोक्ॉआट उतरने को कहा अब भाभी नंगी थी …भैया ने हमें 69 की पोज़िशन में कर दिया ..और मैं मौमोइटा की पुसी और मौमीता मेरा लिंग चूस रही थी 2 मिनट बाद भैया ने फिर मुझे रोका और भाभी को पलंग पे लेटने और मुझे उसकी टांगों के बीच में बिठा दिया …एक तकिया लेकर भाभी के चूटरो के नीचे लगा के मेरा लिंग लेकर भाभी की चुत पे रखा और मुझे ज़ोर लगाने को कहा
 
…दिन भर से तड़प रहा था मैंने एक ज़ोर लगा के मैंने आधा लिंग भाभी की चुत में डाल दिया भाभी ज़ोर से चीखी …लेकिन मैं रुका नहीं और अगले तीन झटकोन में पूरा लंड भाभी की चुत में डाल दिया..भाभी चीखती रही मचलती रही पर मैं दाना दान भाभी को चोदता रहा आधे घंटे में भाभी दो बार डिसचार्ज हो गयी थी पर मैं अभी ज़ोर लगा रहा था …..आधे घंटे तक ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैं डिसचार्ज होने वाला था तो मैंने भाई से पूछा के मैं डिसचार्ज होने वाला हूँ कहा हूँ …तो भैया बोले अंदर ही हो जा …मैं अंदर ही डिसचार्ज हो गया और फिर दस मिनट तक हम इससे ही पड़े रहे भाभी बहुत खुश थी और मुझे चूमे जा रही थी..फिर हम उठे और भैया को थेन्क्स कहा..भाभी ने भैया को चूमा और थॅंक्स कहा मैंने भी भैया को थॅंक्स कहा…भैया ने कहा के अब तुम दोनों इससे ही प्यार करोगे और साल भर में मुझे बाप का दर्जा दिलाओगे …अब तुम यहां रुको और मैं तुम्हारे कमरे में जा रहा हूँ..पर भाभी ने उन्हें रोक दिया और बोली के नहीं आप यही रुकिया मुझे आप के सामने ही चुदना है….अब मैं भाभी ही को लिटा के दाना दान चोदने लगा और भाभी भी उछल उछल के चुदाया रही थी

अबकी बार चुदा 45 मिनट तक चली और मजा भी खूब आया हम दोनों 10 मिनट तक इससे ही लिपटे हुए पड़े रहे ..बाद में हमने भैया से पूछा कैसी लगी आपको ये चुदाई भैया बोले यार मजा आ गया और अब तो मेरी भी चोदने क्की इच्छा हो रही है पर सोचता हूँ के मौमीता तुम पिछले दो धाइई घंटे से चुद रही हो तक गयी होगी….इस पर भाभी बोली नहीं जी आप के लिए कैसी थकान …जिंदगी में आज ही तो मुझे इसे भरपूर चुदा मिली है तो

मैंने सोच लिया है के अब आप दोनों को ही मैं कभी चुदा के लिए मना नहीं करूँगी और आज रात तो मुझे रात भर चुदना है आईए ,,आप…मैंने भी कहा हां हां देव भैया आप भी चोदिए ..भाभी को लेकर देव भैया पलंग पर चढ़ गये अब की बार तो देव भैया भी काफी देर टीके भाभी को भी अच्छा लगा ..देव भैया ने भी अच्छा महसूस किया जैसे ही भाभी नीचे उतरी मैंने उन्हें घोड़ी बना ईया और उन्हें घोड़ी बना के चोदने लगा ..इसी आसान में तो मैंने भाभी की चुत में पहली बार लंड डाला था 10 मिनट चोद के मैं रुक गया और सोफे पे बीत गया और भाभी को मेरे लंड पे बिठा के उन्हें चूमने और उनके मम्मे चूसने लगा दस मिनट बाद मैंने भाभी को पालन पे लिटाया और उनकी टाँगे कंधों पे ले के चोदने लगा इस से भाभी की चुत सिकुर गयी और भाभी को दर्द सा महसूस होने लगा तो उन्हूने मुझे रुकने को कहा और पलंग पर टाँगे फैला के लेट गयी

………………….मैं रेस्ट करने रुक गया ……………….तभी मेरी हेरानगी के देव भैया फिर से तैयार थे और वो भाभी को चोदने लग गये अब भाभी मजे से और आसानी से चुदाया रही थी ….अब मैं ऊपर चढ़ के भाभी की बगल में लेट गया और चुदा खत्म कर के भाभी हम तीनों के लिए दूध लेने चली गयी उस से पहले उन्हूने हाथ मुँह धोया मम्मे धोए चुत ढोई और फिर हमारे लिए दूध बना के आ गयी ….हम तीनों ने दूध पिया और तीनों ही डबल बेड पर पास पास में इससे ही नंगे लेट गये …अब मैंने भैया से पूछा भैया आप ने मुझे इतना सुख दिया है आज ..पर आपनी पत्नी को आपने छोटे भाई से चुदवाना…इस पर भैया बोले मैं तेरी भाभी को पूरा सुख नहीं दे पता हूँ और ये कही बाहर कही बिगड़ जाए इस से तो घर मिस्टर तुझसे सेट हो जाए यही मौ चाहता था .हलकी तू सगा नहीं फिर भी तूने मेरी इच्छा पूरी की..अब मैं चाहता हूँ के तुम दोनों रात दिन चुदा करो और एक साल में मुझे पिता बना दो …आज इस बात से हम तीनों खुश है तुम तुम्हारी भाभी और मैं ..अब मौमीता भाभी उठी और सिंदूर की डिबिया लेकर आई और मुझे खड़ा कर के सिंदूर लगाने को कहा और फिर मेरे पैर छू कर बोली आज से आप दोनों मेरे पाती है दुनिया के सामने देव मेरे पाती है पर अंदर आप दोनों ई मेरे पाती है..मेरे शरीर पर आप दोनों का हक है… अब भाभी मेरे कुंड पर चढ़ गयी और दे दाना दान मेरे लंड पर कूद कूद कर चुदाई करने लगी….इससे ही हम रात भर चुदाई करते रहे और भाभी का मायके जाने का प्रोग्राम कॅन्सल हो गया और भैया भी अगले तीन दिन तक वही रुके रहे ….भैया के जाते वक्त भाभी ने भैया से कहा के तुम जा रहे हो पर तरुण से बोल के जाओ के तुम्हारे जाने के बाद भी वो मुझे रोज़ चोदेगा …और पूरे दम खम से चोदेगा..भैया ने मुझसे वही रिपीट किया …

अगले तीन महीनों तक मैंने और मौमीता भाभी ने खूब चुदा की और तीन महीने के बाद जब देव भहाया घर आए तो बहुत खुश हुए ..क्यों के भाभी अब तीन महीने के पेट से थी ….अब मौमीता भाभी मेरा और भी ज्यादा ख्याल रखती है .
 
दोस्तों आपके comment नहीं मिल रहे है लगता ह मेरा सफरनामा पसंद नहीं आया आपको
 
कल से में नए topic स्टार्ट कर रहा हु जिसमेकहानिया novel साइज रहेगी mean एक कहानी में काम से कम 14 पोस्ट और सब कहानियो का एक दिन में ही update rahega कोई भाई अपनी राय देने चाहता ह की इसका क्या नाम रखु
 
आजादी के पावन पर्व की सभी को हार्दिक शुभकामनाये
 
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