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‘दीदी, बताओ प्लीज, फिर पति क्या करता है पत्नी के साथ?’
‘उसे पूरी तरह से नंगी कर देता है और फिर खुद भी नंगा हो जाता है। दोनों काफी देर तक एक दूसरे के अंगों को छूते हैं, उन्हें सहलाते हैं और अंत में पति अपनी पत्नी की योनि में अपना लिंग डालने की कोशिश करता है। जब उसका लिंग आधे के करीब योनि के अन्दर घुस जाता है तो पत्नी की योनि की झिल्ली फट जाती है और उसे बड़ा दर्द होता है, योनि से कुछ खून भी निकलता है। कोई-कोई पत्नी तो दर्द के मारे चीखने तक लगती है। परन्तु पति अपनी मस्ती में भर कर अपना शेष लिंग भी पत्नी की योनि में घुसेड़ ही देता है।’ ‘फिर क्या होता है दीदी?’
‘होता क्या, थोड़ी-बहुत देर में पत्नी को भी पति का लिंग डालना अच्छा लगता है और वह भी अपने कूल्हे मटका-मटका कर पति का साथ देती है। इस क्रिया को सम्भोग-क्रिया या मैथुन क्रिया कहते हैं।’
अनीता समझ चुकी थी कि अब सुनीता भी पूरी जानकारी लेने को उतावली हो गई है तो उसने सुनीता से कहा- अगर तू पूरी जानकारी चाहती है तो मेरे पास सुहागरात की एक सीडी पड़ी है, उसे देख ले बस, तुझे इस वारे में सब-कुछ पता लग जायेगा।
सुनीता एकदम चहक उठी, बोली- दिखाओ दीदी, कहाँ है वह सीडी? जल्दी दिखाओ नहीं तो रात को जीजू आ जायेंगे तुम्हारे कमरे में।
अनीता बोली- तेरे जीजू के पास वो सबकुछ है ही कहाँ, जो मेरे साथ कुछ कर सकें।
सुनीता ने आश्चर्य से पूछा- हैं??! सच दीदी… जीजू नहीं करते आपके साथ, जो कुछ आपने मुझे बताया अभी तक पति-पत्नी के रिश्ते के बारे में?’
अनीता बोली- तेरे जीजू बिकुल नामर्द हैं। पहली रात को तो मैंने किसी तरह उनका लिंग सहला-सहला कर खड़ा कर लिया था और हम-दोनों का मिलन भी हुआ था मगर उस दिन के बाद तो उनके लिंग में कभी तनाव आया ही नहीं।
सुनीता ने पूछा- दीदी, फिर तुम अपनी इच्छा कैसे पूरी करती हो?
अनीता बोली- ये सारी बातें मैं तुझे बाद में बताऊँगी, पहले तू सीडी देख।
अनीता ने सीडी लेकर सीडी प्लेयर में डाल दी और फिर दोनों बहनें एक साथ मिलकर देखने लगीं।
पहले ही दृश्य में एक युवक अपनी पत्नी की चूचियाँ दबा रहा था। पत्नी सी..सी करके उत्तेजित होती जा रही थी और युवक का लिंग अपनी मुट्ठी में लेकर सहला रही थी। धीरे-धीरे उसने पत्नी के सभी कपड़े उतार फेंके और खुद भी नंगा हो गया। उसने अपनी पत्नी की योनि को चाटना शुरू कर दिया। पत्नी भी उसका लिंग मुँह में लेकर चूस रही थी।
यह दृश्य देखकर सुनीता के सम्पूर्ण शरीर में एक उत्तेजक लहर दौड़ गई, उसकी योनि में एक अजीब सी सुरसुराहट होने लगी थी। वह बोली- दीदी, मुझे कुछ-कुछ हो सा रहा है।
अनीता बोली- तेरी योनि पानी छोड़ने लगी होगी।
सुनीता बोली- हाँ दीदी, चड्डी के अन्दर कुछ गीला-गीला सा महसूस हो रहा है मुझे।
अनीता ने उसकी सलवार खोलते हुए कहा- देखूं तो…!!
अनीता ने ऐसा कहकर सुनीता की योनि को एक उंगली से सहलाना शुरू कर दिया।
एक सिसकी सुनीता के मुँह से फूट निकली- ..आह: दीदी, बहुत मन कर रहा है, अन्दर कोई मोटी सी चीज ठूंस दो इसके अन्दर, बस आप इसी तरह से मेरी योनि में अपनी उंगली डाल कर उसे अन्दर-बाहर करती रहो।
अनीता ने सुनीता की सलवार उतार फेंकी और बोली- तू इसी तरह से चुपचाप पड़ी रहना, मैं दरवाजे की सिटकनी लगा कर अभी आती हूँ।
अनीता ने लौट कर देखा कि सुनीता अपनी योनि को खूब तेजी से सहला रही थी। अनीता ने उसके सारे कपड़े उतार कर उसे पूरी नंगी कर दिया और फिर वह खुद भी नंगी हो गई।
दोनों बहनों ने एक-दूसरे को अपनी बांहों में भर लिया और कस कर चिपट गईं। दोनों बहनों की आँखें टीवी पर टिकी थीं जहाँ स्त्री-पुरुषों के बीच नाना-प्रकार की काम-क्रीड़ायें चल रही थीं।
अनीता ने सुनीता की चूचियों की कस कर दबाना शुरू कर दिया और अपने होंट उसके होटों से सटा दिए। सामने के दृश्य में एक साण्ड सा मर्द अपने लिंग को एक नंगी औरत की योनि में घुसेड़ने की तैयारी में था।
कुछ ही देर में वह अपना लिंग उसके योनि में घुसेड़ कर लगातार धक्के लगा रहा था और अंत में औरत उस मोटे लिंग को बर्दाश्त न कर पाई और बेहोश हो गई। यह सब देख सुनीता का सारा बदन गर्म हो गया, वह बुरी तरह कामाग्नि में झुलसने लगी, उसके मुख से अजीब सी कामुक आवाजें आने लगी थीं।
अगले दृश्य में उसने एक स्त्री को हब्शी का लिंग सहलाते हुए देखा, उस औरत ने लिंग को अपनी योनि पर टिका लिया और फिर समूचा लिंग एक ही झटके से योनि में जा घुसा। औरत थोड़ी देर छटपटाई और फिर उठ खड़ी हुई।
सुनीता का शरीर बेकाबू हो गया उसने अपनी बड़ी बहन को अपनी बाहों में कस कर जकड़ लिया और बोली- दीदी, अब अपनी योनि में किसी का लिंग डलवाने की मेरी बहुत इच्छा हो रही है। दीदी, जीजू जब इस लायक नहीं हैं तो फिर तुम अपनी कामाग्नि कैसे शांत करती हो?
‘उसे पूरी तरह से नंगी कर देता है और फिर खुद भी नंगा हो जाता है। दोनों काफी देर तक एक दूसरे के अंगों को छूते हैं, उन्हें सहलाते हैं और अंत में पति अपनी पत्नी की योनि में अपना लिंग डालने की कोशिश करता है। जब उसका लिंग आधे के करीब योनि के अन्दर घुस जाता है तो पत्नी की योनि की झिल्ली फट जाती है और उसे बड़ा दर्द होता है, योनि से कुछ खून भी निकलता है। कोई-कोई पत्नी तो दर्द के मारे चीखने तक लगती है। परन्तु पति अपनी मस्ती में भर कर अपना शेष लिंग भी पत्नी की योनि में घुसेड़ ही देता है।’ ‘फिर क्या होता है दीदी?’
‘होता क्या, थोड़ी-बहुत देर में पत्नी को भी पति का लिंग डालना अच्छा लगता है और वह भी अपने कूल्हे मटका-मटका कर पति का साथ देती है। इस क्रिया को सम्भोग-क्रिया या मैथुन क्रिया कहते हैं।’
अनीता समझ चुकी थी कि अब सुनीता भी पूरी जानकारी लेने को उतावली हो गई है तो उसने सुनीता से कहा- अगर तू पूरी जानकारी चाहती है तो मेरे पास सुहागरात की एक सीडी पड़ी है, उसे देख ले बस, तुझे इस वारे में सब-कुछ पता लग जायेगा।
सुनीता एकदम चहक उठी, बोली- दिखाओ दीदी, कहाँ है वह सीडी? जल्दी दिखाओ नहीं तो रात को जीजू आ जायेंगे तुम्हारे कमरे में।
अनीता बोली- तेरे जीजू के पास वो सबकुछ है ही कहाँ, जो मेरे साथ कुछ कर सकें।
सुनीता ने आश्चर्य से पूछा- हैं??! सच दीदी… जीजू नहीं करते आपके साथ, जो कुछ आपने मुझे बताया अभी तक पति-पत्नी के रिश्ते के बारे में?’
अनीता बोली- तेरे जीजू बिकुल नामर्द हैं। पहली रात को तो मैंने किसी तरह उनका लिंग सहला-सहला कर खड़ा कर लिया था और हम-दोनों का मिलन भी हुआ था मगर उस दिन के बाद तो उनके लिंग में कभी तनाव आया ही नहीं।
सुनीता ने पूछा- दीदी, फिर तुम अपनी इच्छा कैसे पूरी करती हो?
अनीता बोली- ये सारी बातें मैं तुझे बाद में बताऊँगी, पहले तू सीडी देख।
अनीता ने सीडी लेकर सीडी प्लेयर में डाल दी और फिर दोनों बहनें एक साथ मिलकर देखने लगीं।
पहले ही दृश्य में एक युवक अपनी पत्नी की चूचियाँ दबा रहा था। पत्नी सी..सी करके उत्तेजित होती जा रही थी और युवक का लिंग अपनी मुट्ठी में लेकर सहला रही थी। धीरे-धीरे उसने पत्नी के सभी कपड़े उतार फेंके और खुद भी नंगा हो गया। उसने अपनी पत्नी की योनि को चाटना शुरू कर दिया। पत्नी भी उसका लिंग मुँह में लेकर चूस रही थी।
यह दृश्य देखकर सुनीता के सम्पूर्ण शरीर में एक उत्तेजक लहर दौड़ गई, उसकी योनि में एक अजीब सी सुरसुराहट होने लगी थी। वह बोली- दीदी, मुझे कुछ-कुछ हो सा रहा है।
अनीता बोली- तेरी योनि पानी छोड़ने लगी होगी।
सुनीता बोली- हाँ दीदी, चड्डी के अन्दर कुछ गीला-गीला सा महसूस हो रहा है मुझे।
अनीता ने उसकी सलवार खोलते हुए कहा- देखूं तो…!!
अनीता ने ऐसा कहकर सुनीता की योनि को एक उंगली से सहलाना शुरू कर दिया।
एक सिसकी सुनीता के मुँह से फूट निकली- ..आह: दीदी, बहुत मन कर रहा है, अन्दर कोई मोटी सी चीज ठूंस दो इसके अन्दर, बस आप इसी तरह से मेरी योनि में अपनी उंगली डाल कर उसे अन्दर-बाहर करती रहो।
अनीता ने सुनीता की सलवार उतार फेंकी और बोली- तू इसी तरह से चुपचाप पड़ी रहना, मैं दरवाजे की सिटकनी लगा कर अभी आती हूँ।
अनीता ने लौट कर देखा कि सुनीता अपनी योनि को खूब तेजी से सहला रही थी। अनीता ने उसके सारे कपड़े उतार कर उसे पूरी नंगी कर दिया और फिर वह खुद भी नंगी हो गई।
दोनों बहनों ने एक-दूसरे को अपनी बांहों में भर लिया और कस कर चिपट गईं। दोनों बहनों की आँखें टीवी पर टिकी थीं जहाँ स्त्री-पुरुषों के बीच नाना-प्रकार की काम-क्रीड़ायें चल रही थीं।
अनीता ने सुनीता की चूचियों की कस कर दबाना शुरू कर दिया और अपने होंट उसके होटों से सटा दिए। सामने के दृश्य में एक साण्ड सा मर्द अपने लिंग को एक नंगी औरत की योनि में घुसेड़ने की तैयारी में था।
कुछ ही देर में वह अपना लिंग उसके योनि में घुसेड़ कर लगातार धक्के लगा रहा था और अंत में औरत उस मोटे लिंग को बर्दाश्त न कर पाई और बेहोश हो गई। यह सब देख सुनीता का सारा बदन गर्म हो गया, वह बुरी तरह कामाग्नि में झुलसने लगी, उसके मुख से अजीब सी कामुक आवाजें आने लगी थीं।
अगले दृश्य में उसने एक स्त्री को हब्शी का लिंग सहलाते हुए देखा, उस औरत ने लिंग को अपनी योनि पर टिका लिया और फिर समूचा लिंग एक ही झटके से योनि में जा घुसा। औरत थोड़ी देर छटपटाई और फिर उठ खड़ी हुई।
सुनीता का शरीर बेकाबू हो गया उसने अपनी बड़ी बहन को अपनी बाहों में कस कर जकड़ लिया और बोली- दीदी, अब अपनी योनि में किसी का लिंग डलवाने की मेरी बहुत इच्छा हो रही है। दीदी, जीजू जब इस लायक नहीं हैं तो फिर तुम अपनी कामाग्नि कैसे शांत करती हो?