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उसी क्षण सारे ज्यूरज की लाइट एकदम गुल हो गई । सारा शहर अंधेरे में डूब गया । हर घर में, प्रत्येक दुकान मे, हर सड़क पैर केवल अंधेरा था ।
वड़ा रोमानचक और भयानक वातावरण बन गया ।
छोटे बच्चे भयभीत होकर अपनी मां से लिपट गए । नव-पत्नियां चीख मारकर अपने पति के अंक में समा गई । ऐसा लगने लगा जैसे विनाश होने वाला हो । प्रकृति मानो प्रलय करना चाहती हो ।
पूरे शहर की आंखें आकाश पर टिक गईं । वहाँ भी कुछ नजर नहीं आया----केबलल अंधेरा सिर्फ अधेरा, गहन, काजल-सा!
तभी….........
बादल पुन गरजे, बिजली फिर चमकी!
इस वार,ज्यूरेज के निवासियों के इंसानी जिस्म वृक्ष के सूखे पते की भांति कांप उठे । रीढ की हड्डियों में एक ठंडी लहर दोड़ गई । जिसने आकाश पर गरजती हुई बिजली देखी, उसके मुह से कांपती हुई आवाज निकली ।।।
"वि..ना...श...दू...त...वि...का...स !"
प्रत्येक इंसान कांप उठा । इस वार अधिक लोर्गों की आंखें आकाश की गहन अंधकार में टिक गईं । तभी फिरं बिजली भयानक गड़गड़ाहट के साथ गरजी । उफफ । देखने लायक दृश्य था ।
जब साधारणतया बिजली कड़कती है तो बादलों में दूर दूर तक टेढी-मेढी रेखा के रूप में बिजली चमचमाती हुई भागती-सी प्रतीत होती है । ऐसा प्रतीत होता है जैसे कोई चमकता हुआ लंबा, सर्पाकार जानवर बादलों में भागता चला गया हो । लेकिन आज तो ज्यूरेज के निवासियों ने, घने काले बादलों में बिजली चमकने पर बडी अजीब-सी बात देखी ।
उसे देखकर ही तो सब लाग कांप उठ थे ।
सबने देखा…काले बादलों में विजली कौधी ।
विजली कोंधने पर सबने देखा-काले बादलों के बीच लिखा था-" विनांशदूत विकास ।"
अंधेरे में विजली के कड़कड़ाने से 'विनाशदुत विकास' चमका ।
सर्पाकार रेखा के स्थान पर-"बिनाशदूत विकास!'
सारे ज्यूरज ने देखा । हर इंसान कांप उठा ।
जिन्होंने नहीं देखा था । इस बार उन लोगों की दृष्टियां भी ऊपर उठ गईं ।
कुछ ही अंतराल के पश्चात 'गड़गड़ाहट के साथ पुन: बिजली कड़की ।
" विनाशदूत विकास ।' इसके चमकने के साथ ही पूरे शहर के अंधेरे के बीच आंखो को चौधिया देने वाला प्रकाश फेल जाता था ।
उसके बाद अगले ही पल: घुप्प अंधेरा । अब पूरे ज्यूरज पर आतंक छा गया ।
साधारण जनता भी जान गई कि यह कोई प्राकृतिक प्रकोप नहीं बल्कि उसी शेतान विकास का करिश्मा है । सबको अपनी मौत सामने नजर आने लगी रह-रहकर विजली कड़कती वहीँ लिखा हुआ चमक उठता ।
बार-वार इंसान -कांप उठते । विजली उसी प्रकार कड़कती थी । अंतर केवल इतना था कि सर्पांकार के स्थान पर वह "विनाशदूत विकास' की आकृति में होता था ।
लगभग दस मिनट तक यूं ही भयानक वातावरण में विजली कड़कती रही ।
अचानक बादलों से चमकता हुआ एक चेहरा नजर आया ।
कांप उठे इंसान । यह चेहरा मासूम था, बेहद सुंदर । हर सुंदरी के दिल की धड़कन ।
उसके मस्तक पर चमचमाता हुआ ताज था ।
विकास ।। वह विकास ही था । अमेरिका के लिए शैतान, । पूरे अमेरिका के लिए-- --- -प्रलंय-कारी-विनाशदूत । उस मासूम लड़के से अमेरिका का बच्चा-बच्चा कांपता था । उस समय विकास का चेहरा अंधेरे के बीच ऐसा चमक रहा था , मानो अंधेरे के बीच पर्दे पर फिल्म । बिकास की मासूम आंखों से मानो खून बरस रहा-था ।
उसका मुखड़ा इस प्रकार भयानक लग रहा था मानो स्वयं यमराज सामने खड़ा हो । पूरा शहर बादलो मे चमकने वाले उस शैतान को देख रहा था । अचानक विकास के गुलाबी होंठ हिले, उसकी आवाज पूरे ज्यूरज पर गूंजी।
" ज्यूरज के निवासियों, अमेरिकन कुतो तुम मुझे देख रहे हो! आने बाले दस मिनट में तुम्हारा यह शहर खाक में मिल जाएगा । लोग विकास को जल्लाद कहते हैं कुत्तों लेकिन आज तुम्हे मालूम होगा कि विकास केवल जल्लाद ही नहीं, बल्कि विनाशदूत भी है । न केवल तुम्हारे इस शहर में बल्कि मैं पूरे अमेरिका में ही विनाश फेला दूंगा ।प्रलय कर दूंगा ।। सुनो अमेरिकन कुतो! तुम्हारी सरकार ने मेरे देश में सी. आई .ए का जाल फैला रखा है । तुम विश्व के तख्ते से मेरे देश का नामो-निशान मिटा देना चाहते हो। जो भारत को विकास करता हुआ नहीं देख सकते हो तो हो, उसके क्या परिणाम होगा? उसका परिणाम होगा---अमेरिका मे विनाश! मैं अमेरिका के चपे-चपे को खाक में मिला दूगा । विकास का प्रतिशोध बड़ा भयानक होता है अमेरिकन कुत्तों! जो मेरे देश की तरफ़ आंख उठाते है, उसके लिए मेरे दिल में रहम नहीं । मैं देश के दुश्मन को चीर-फाड़कर सुखा दिया करता हूं । अब जाओ उन आकाओं के पास-जिन्हे वोट देकर तुमने अपनी सरकार बनाई है । कहो उनसे कि तुम्हें विकास के विनाश से बचा ले । अव प्रयोग करें, वे उन शस्त्रो का, जिनके बूतें पर वे विश्व के सरदार बनते है । तुम भी सुन तो अमेरिकन हुक्मरानो-कांप क्यो रहे हो? सुनो, तुम भी सुनो । विकास जो कहता है, डंके की चोट पर कहता है , अब भी कहता हू कि या तो मेरे देश को सी आई ए के जाल से मुक्त कर दो वरना............ वरना सारे अमेरिका को विनाश के कगार पर झोंक दूंगा । मै मंगल ग्रह पर हूं । अगर कुछ बिगाड़ सकते हो तो बिगाड लो ।। जिस तरह ज्यूरज दस मिनट में समाप्त हो जाएगा, उसी तरहु पूरे अमेरिका को समाप्त करने में भी मुझे दस मिनट लगेंगे । लो, अब देखो--ज्यूरज में विनाश ॥॥॥ विकास का प्रतिशोध ॥"
विकास की आवाज बंद हो गई । उसका दहकता हुआ प्यारा मुखड़ा अब भी चमक रहा था ।।।
अब पूरा शहर अवाक सा ऊपर देख रहा था, मानो इसानी जिस्म प्रतिमा बनकर रह गए हों ।
अचानक सभी चौक उठे । विकास के शब्द कानों में गूँजे-" दस मिनट में ज्यूरेज समाप्त हो जाएगा !"
फिर-----पूरे शहर में जैसे भगदड मच गई । चारों तरफ़ काजल-सा गहन अंधेरा । लोग घरों से निकलकर सडकों पर आए। इधर-उधर भागे, आपस में टकराए गिरे । भाग दौड चीख-पुकार-हुडदंग मारकाट ।
बडा अजीब-सा आतंक था ।
तंभी बदल जोरं से गरजे, बिजली जोर से कड़की और 'विनाश' का पहला अक्षर 'वि' एकदम टूटं गया ।
ऊपर अंधकार था लेकिन 'बि' की उस अकृति के चमकीलेपन से सारे शहर मे प्रकाश हो गया था । सब लोग भयभीत नजरों से उसे देख रहे थे ।
तब…जबकि वह ज्यूरेज की धरती के, किसी भाग से जा टकराया ।
कर्णभेदी धमाका हुआ----मानो वहाँ कोई विनाशकारी बम गिरा हो । सारे ज्यूरज की धरती भूकंप की भांति डगमगा गई । उस धमाके से हर इंसान 'घड़ाम-धड़ाम' करके धरती पर गिरे ।
और वहां…जहां 'बि' की आकृति का यह राँड गिरा था----विनाशकारी दृश्य सामने आया । दूर दूर तक का इलाका भयानक लपलपाती हुई आग की लपटों में लिपट गया । इंसानी जिस्मों के चिथड़े हवा में विखर गए । न जाने कितनी चीरखें एक साथ ही बहीं दफन होकर रह गई । आग ही आग--- चारो तरफ खौफनाक लपलपाती हुई आग ।
" हा हा हा !" विनाशदूत के भयंकर कहकहे ने ज्यूरेज़ के ज़र्रे-जर्रे को कंपकंपा दिया । वास्तव मे इस समय विकास शैतान लग रहा था, मानो वह इस विनाश को देखकर खुश हो । । सारे ज्यूरज में उसका भयंकर कहकहा गूंज रहा था ।
एक बार पुनः विजली कड़की -बादल गरजे ।
इस बार जीवित लोगों ने देखा 'विनाश' शब्द का 'बि' गायब था और केवल 'नाशदूत विकास' चमका था और इस गर्जना के साथ ही 'ना' टूटकर धरती की तरफ आने लगा ।।
वह ज्यूरेज़ के दूसरे कोने पर गिरा । फिर भयंकर परिणाम । आग की लपटें धधक उठी ।
विकास का किर वही पैशाचिक कहकहा । इस तरह क्रम जारी हो गया । रह-रहकर बिजली कड़कती, बदल गरजते एक अक्षर टूटकर धरती पर आ गिरता । इसी प्रकार दस मिनट पश्चात अंतिम अक्षर यानी 'स' टूटकर धरती पर आ गिरा । इस प्रकार सारा ज्यूरेंज आग की लपटों में धिर गया ।।
विनाश....प्रलय भंयकर आग.. .धधकते शोले!
पूरे ज्यूरेज में कोई भी इंसान जिदां नहीं था । लपलपाती आग पूरे ज्यूरेज को धधकते शोलों में बदलती रही ।।
और विकास के पैशाचिक कहकहे उस शहर को कंपकंपाते रहे ।
कुछ समयोपरांत पूरा ज्यूरेज एक राख का ढेर बना हुआ था ।
विनाशदूत अपने विनाशकारी बादलों के साथ गायव था ।
वातावरण में दिन जैसा प्रकाश पुन: फेल गया था ।
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एक नहीँ-ज्यूरेज जैसी अनेक घटनाएं थीं ।
अमेरिका के अनेक शहरों में इसी प्रकार धुआं फैला विकास के कहकहो के साथ पूरे शहर विनाश की भट्ठी में झोंक दिए गए थे । पूरे अमेरिका में भयंकर आतंक था । प्रत्येक की जुबान पर विनाशदूत विकास का नाम था । अमेरिका का बच्चा-बच्वा विकास के नाम से थर-थर कांपने लगता था । सरकारी मशीनरी में भगदड मची हुई थ्री लेकिन इसका क्या किया जाए कि उसके पुर्जे फेल हो चुके थे ।
वड़ा रोमानचक और भयानक वातावरण बन गया ।
छोटे बच्चे भयभीत होकर अपनी मां से लिपट गए । नव-पत्नियां चीख मारकर अपने पति के अंक में समा गई । ऐसा लगने लगा जैसे विनाश होने वाला हो । प्रकृति मानो प्रलय करना चाहती हो ।
पूरे शहर की आंखें आकाश पर टिक गईं । वहाँ भी कुछ नजर नहीं आया----केबलल अंधेरा सिर्फ अधेरा, गहन, काजल-सा!
तभी….........
बादल पुन गरजे, बिजली फिर चमकी!
इस वार,ज्यूरेज के निवासियों के इंसानी जिस्म वृक्ष के सूखे पते की भांति कांप उठे । रीढ की हड्डियों में एक ठंडी लहर दोड़ गई । जिसने आकाश पर गरजती हुई बिजली देखी, उसके मुह से कांपती हुई आवाज निकली ।।।
"वि..ना...श...दू...त...वि...का...स !"
प्रत्येक इंसान कांप उठा । इस वार अधिक लोर्गों की आंखें आकाश की गहन अंधकार में टिक गईं । तभी फिरं बिजली भयानक गड़गड़ाहट के साथ गरजी । उफफ । देखने लायक दृश्य था ।
जब साधारणतया बिजली कड़कती है तो बादलों में दूर दूर तक टेढी-मेढी रेखा के रूप में बिजली चमचमाती हुई भागती-सी प्रतीत होती है । ऐसा प्रतीत होता है जैसे कोई चमकता हुआ लंबा, सर्पाकार जानवर बादलों में भागता चला गया हो । लेकिन आज तो ज्यूरेज के निवासियों ने, घने काले बादलों में बिजली चमकने पर बडी अजीब-सी बात देखी ।
उसे देखकर ही तो सब लाग कांप उठ थे ।
सबने देखा…काले बादलों में विजली कौधी ।
विजली कोंधने पर सबने देखा-काले बादलों के बीच लिखा था-" विनांशदूत विकास ।"
अंधेरे में विजली के कड़कड़ाने से 'विनाशदुत विकास' चमका ।
सर्पाकार रेखा के स्थान पर-"बिनाशदूत विकास!'
सारे ज्यूरज ने देखा । हर इंसान कांप उठा ।
जिन्होंने नहीं देखा था । इस बार उन लोगों की दृष्टियां भी ऊपर उठ गईं ।
कुछ ही अंतराल के पश्चात 'गड़गड़ाहट के साथ पुन: बिजली कड़की ।
" विनाशदूत विकास ।' इसके चमकने के साथ ही पूरे शहर के अंधेरे के बीच आंखो को चौधिया देने वाला प्रकाश फेल जाता था ।
उसके बाद अगले ही पल: घुप्प अंधेरा । अब पूरे ज्यूरज पर आतंक छा गया ।
साधारण जनता भी जान गई कि यह कोई प्राकृतिक प्रकोप नहीं बल्कि उसी शेतान विकास का करिश्मा है । सबको अपनी मौत सामने नजर आने लगी रह-रहकर विजली कड़कती वहीँ लिखा हुआ चमक उठता ।
बार-वार इंसान -कांप उठते । विजली उसी प्रकार कड़कती थी । अंतर केवल इतना था कि सर्पांकार के स्थान पर वह "विनाशदूत विकास' की आकृति में होता था ।
लगभग दस मिनट तक यूं ही भयानक वातावरण में विजली कड़कती रही ।
अचानक बादलों से चमकता हुआ एक चेहरा नजर आया ।
कांप उठे इंसान । यह चेहरा मासूम था, बेहद सुंदर । हर सुंदरी के दिल की धड़कन ।
उसके मस्तक पर चमचमाता हुआ ताज था ।
विकास ।। वह विकास ही था । अमेरिका के लिए शैतान, । पूरे अमेरिका के लिए-- --- -प्रलंय-कारी-विनाशदूत । उस मासूम लड़के से अमेरिका का बच्चा-बच्चा कांपता था । उस समय विकास का चेहरा अंधेरे के बीच ऐसा चमक रहा था , मानो अंधेरे के बीच पर्दे पर फिल्म । बिकास की मासूम आंखों से मानो खून बरस रहा-था ।
उसका मुखड़ा इस प्रकार भयानक लग रहा था मानो स्वयं यमराज सामने खड़ा हो । पूरा शहर बादलो मे चमकने वाले उस शैतान को देख रहा था । अचानक विकास के गुलाबी होंठ हिले, उसकी आवाज पूरे ज्यूरज पर गूंजी।
" ज्यूरज के निवासियों, अमेरिकन कुतो तुम मुझे देख रहे हो! आने बाले दस मिनट में तुम्हारा यह शहर खाक में मिल जाएगा । लोग विकास को जल्लाद कहते हैं कुत्तों लेकिन आज तुम्हे मालूम होगा कि विकास केवल जल्लाद ही नहीं, बल्कि विनाशदूत भी है । न केवल तुम्हारे इस शहर में बल्कि मैं पूरे अमेरिका में ही विनाश फेला दूंगा ।प्रलय कर दूंगा ।। सुनो अमेरिकन कुतो! तुम्हारी सरकार ने मेरे देश में सी. आई .ए का जाल फैला रखा है । तुम विश्व के तख्ते से मेरे देश का नामो-निशान मिटा देना चाहते हो। जो भारत को विकास करता हुआ नहीं देख सकते हो तो हो, उसके क्या परिणाम होगा? उसका परिणाम होगा---अमेरिका मे विनाश! मैं अमेरिका के चपे-चपे को खाक में मिला दूगा । विकास का प्रतिशोध बड़ा भयानक होता है अमेरिकन कुत्तों! जो मेरे देश की तरफ़ आंख उठाते है, उसके लिए मेरे दिल में रहम नहीं । मैं देश के दुश्मन को चीर-फाड़कर सुखा दिया करता हूं । अब जाओ उन आकाओं के पास-जिन्हे वोट देकर तुमने अपनी सरकार बनाई है । कहो उनसे कि तुम्हें विकास के विनाश से बचा ले । अव प्रयोग करें, वे उन शस्त्रो का, जिनके बूतें पर वे विश्व के सरदार बनते है । तुम भी सुन तो अमेरिकन हुक्मरानो-कांप क्यो रहे हो? सुनो, तुम भी सुनो । विकास जो कहता है, डंके की चोट पर कहता है , अब भी कहता हू कि या तो मेरे देश को सी आई ए के जाल से मुक्त कर दो वरना............ वरना सारे अमेरिका को विनाश के कगार पर झोंक दूंगा । मै मंगल ग्रह पर हूं । अगर कुछ बिगाड़ सकते हो तो बिगाड लो ।। जिस तरह ज्यूरज दस मिनट में समाप्त हो जाएगा, उसी तरहु पूरे अमेरिका को समाप्त करने में भी मुझे दस मिनट लगेंगे । लो, अब देखो--ज्यूरज में विनाश ॥॥॥ विकास का प्रतिशोध ॥"
विकास की आवाज बंद हो गई । उसका दहकता हुआ प्यारा मुखड़ा अब भी चमक रहा था ।।।
अब पूरा शहर अवाक सा ऊपर देख रहा था, मानो इसानी जिस्म प्रतिमा बनकर रह गए हों ।
अचानक सभी चौक उठे । विकास के शब्द कानों में गूँजे-" दस मिनट में ज्यूरेज समाप्त हो जाएगा !"
फिर-----पूरे शहर में जैसे भगदड मच गई । चारों तरफ़ काजल-सा गहन अंधेरा । लोग घरों से निकलकर सडकों पर आए। इधर-उधर भागे, आपस में टकराए गिरे । भाग दौड चीख-पुकार-हुडदंग मारकाट ।
बडा अजीब-सा आतंक था ।
तंभी बदल जोरं से गरजे, बिजली जोर से कड़की और 'विनाश' का पहला अक्षर 'वि' एकदम टूटं गया ।
ऊपर अंधकार था लेकिन 'बि' की उस अकृति के चमकीलेपन से सारे शहर मे प्रकाश हो गया था । सब लोग भयभीत नजरों से उसे देख रहे थे ।
तब…जबकि वह ज्यूरेज की धरती के, किसी भाग से जा टकराया ।
कर्णभेदी धमाका हुआ----मानो वहाँ कोई विनाशकारी बम गिरा हो । सारे ज्यूरज की धरती भूकंप की भांति डगमगा गई । उस धमाके से हर इंसान 'घड़ाम-धड़ाम' करके धरती पर गिरे ।
और वहां…जहां 'बि' की आकृति का यह राँड गिरा था----विनाशकारी दृश्य सामने आया । दूर दूर तक का इलाका भयानक लपलपाती हुई आग की लपटों में लिपट गया । इंसानी जिस्मों के चिथड़े हवा में विखर गए । न जाने कितनी चीरखें एक साथ ही बहीं दफन होकर रह गई । आग ही आग--- चारो तरफ खौफनाक लपलपाती हुई आग ।
" हा हा हा !" विनाशदूत के भयंकर कहकहे ने ज्यूरेज़ के ज़र्रे-जर्रे को कंपकंपा दिया । वास्तव मे इस समय विकास शैतान लग रहा था, मानो वह इस विनाश को देखकर खुश हो । । सारे ज्यूरज में उसका भयंकर कहकहा गूंज रहा था ।
एक बार पुनः विजली कड़की -बादल गरजे ।
इस बार जीवित लोगों ने देखा 'विनाश' शब्द का 'बि' गायब था और केवल 'नाशदूत विकास' चमका था और इस गर्जना के साथ ही 'ना' टूटकर धरती की तरफ आने लगा ।।
वह ज्यूरेज़ के दूसरे कोने पर गिरा । फिर भयंकर परिणाम । आग की लपटें धधक उठी ।
विकास का किर वही पैशाचिक कहकहा । इस तरह क्रम जारी हो गया । रह-रहकर बिजली कड़कती, बदल गरजते एक अक्षर टूटकर धरती पर आ गिरता । इसी प्रकार दस मिनट पश्चात अंतिम अक्षर यानी 'स' टूटकर धरती पर आ गिरा । इस प्रकार सारा ज्यूरेंज आग की लपटों में धिर गया ।।
विनाश....प्रलय भंयकर आग.. .धधकते शोले!
पूरे ज्यूरेज में कोई भी इंसान जिदां नहीं था । लपलपाती आग पूरे ज्यूरेज को धधकते शोलों में बदलती रही ।।
और विकास के पैशाचिक कहकहे उस शहर को कंपकंपाते रहे ।
कुछ समयोपरांत पूरा ज्यूरेज एक राख का ढेर बना हुआ था ।
विनाशदूत अपने विनाशकारी बादलों के साथ गायव था ।
वातावरण में दिन जैसा प्रकाश पुन: फेल गया था ।
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एक नहीँ-ज्यूरेज जैसी अनेक घटनाएं थीं ।
अमेरिका के अनेक शहरों में इसी प्रकार धुआं फैला विकास के कहकहो के साथ पूरे शहर विनाश की भट्ठी में झोंक दिए गए थे । पूरे अमेरिका में भयंकर आतंक था । प्रत्येक की जुबान पर विनाशदूत विकास का नाम था । अमेरिका का बच्चा-बच्वा विकास के नाम से थर-थर कांपने लगता था । सरकारी मशीनरी में भगदड मची हुई थ्री लेकिन इसका क्या किया जाए कि उसके पुर्जे फेल हो चुके थे ।