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Guest
पायल अपनी नम आखो से मुझे देखने लगी. जितना उसके लिए ये सब अजीब था, मेरे लिए भी था. मगर मैं अभी सिर्फ़ पायल को घर मे से निकालना चाहता था. बॅस! मैने उसके लिए दरवाजा खोला और उसके पीछे पीछे ऑटो तक चलने लगा. हम दोनो चुप थे. बॅस ऑटो के एंजिन की और कही किसी गाड़ी के हॉर्न की आवाज़ आ जाती. पायल ऑटो मे बैठ गयी और मैने ऑटो वाले को एक 100 का नोट दिया और जाने के लिए कहा. पायल की नज़रें नीचे झुकी हुई थी. ऑटो स्टार्ट हुआ और मैं 2 कदम पीछे हो गया और ऑटो चल पड़ा. मैं अब भी ऑटो को ही देख रहा था. पता नही क्यू? बॅस देख रहा था! और तभी पायल ने अपना सिर ऑटो से बाहर निकाल कर मेरी ओर देखा और बाइ करने लगी. उसकी आखो मे मायूसी और तक़लीफ़ मैं सॉफ देख पा रहा था मगर एक नपुंसक की तरह मैं कुछ कर नही पा रहा था. घिन आने लगी थी मुझे अपने आप पर. मैने ज़मीन को घूर्ने लगा, जैसे अभी वो फट जाए और मैं अंदर चला जाउ. कुछ ही देर मे ऑटो नज़र से ओझल हो गया और मैं हताश होकर घर मे आ गया.
घर का डोर डबल लॉक किया. दिमाग़ मे ढेर सारे सवाल घूम रहे थे. मगर आज मुझमे ना ताक़त थी और ना ही होसला उन सवालो से भीड़ने का. मैं बस किसी तरह सब कुछ भूलना चाहता था. भाग भाग कर जाता भी कहाँ? आज तो मेरे ज़मीर ने मुझे धूतकार दिया था. उसके सामने कैसे मैं सफाई दे सकता था? नही दे सकता! पायल, मेरी सबसे अच्छी दोस्त को आज मैने तक़लीफ़ दी हैं. उसके जैसी दोस्त मैने खो दी अब.मैं स्टेर्स चढ़ कर अपनी रूम मे आया किसी तरह. एक घुटन सी होने लगी थी मुझको. ऐसा लग रहा था जैसे कोई मेरा गला दबा रहा हो मगर सिर्फ़ उतनी ही ढील दे रहा था कि मैं साँस ले सकूँ और तक़लीफ़ झेल सकूँ.. मुझे कुछ तुझसे मे नही आ रहा था और ना ही दिमाग़ काम कर रहा था. उतने मे ही मेरी नज़र टवल पर पड़ी.
'नहा लेता हूँ!'
अपने आप से ही कहते हुए मैने टवल उठाया और एक एक कपड़ा उतारना स्टार्ट किया. टी-शर्ट के नीचे तो कुछ पहना था ही, जल्दी से जीन्स और अंडरवर एक ही झट्के मे निकाल दी. घर मे कोई नही था और मैं नुड़ीसम का फॅन भी हूँ. मगर इस वक़्त मेरे दिमाग़ मे वो सब नही चल रहा था. मैं नंगा ही बाथरूम की ओर चल पड़ा. बाथरूम का दरवाज़ा खोला, बंद करना ज़रूरी ना समझते हुए मैने टवल टाँग दिया और शवर स्टार्ट कर दिया. सुना था ठंडे पानी से नहाने पर फ्रेश हो जाते हैं. और वाकई मे, अच्छा महसूस हो रहा था. ठंडा ठंडा पानी मेरे नंगे जिस्म पर से बह रहा था किसी झरने के पानी की तरह. मैं पानी की हर बूँद तक महसूस कर सकता था. पानी जैसे जैसे मेरे जिस्म से नीचे बहता जा रहा था वैसे वैसे मुझे थोड़ी राहत मिल रही थी. मेरा दिमाग़ जैसे किसी कंप्यूटर की तरह रिसटार्ट हो गया हो. मैं अपने रिक्षन के बारे मे सोचने लगा. हो सकता हैं कि इतने दिनो बाद किसी लड़की का जिस्म छूने को मिला तो मैं कुछ ज़्यादा एग्ज़ाइट हो गया. और उसमे भी पायल की उस हरकत से मैं आपा खो बैठा. मैं जानता था कि मैने ग़लत किया, मगर आटीस्ट मुझे पता तो चल गया कि वजह क्या थी मेरे ऐसे बिहेवियर की.
मैने ज़्यादा सोचना ठीक नही समझा और वो बात दिमाग़ मे से निकाल देने की कोशिश करने लगा कि तभी;
'टिंग तोंग!!!!टिंग..टिंग..टिंग...टोननगज्गग!!!'
मुझे डोरबेल की आवाज़ आने लगी. अभी मेरा नहाना ठीक से नही हुआ था मगर जो भी डोर पे था, रुकने का नाम नही ले रहा था. मैने शवर बंद किया और सोचा कि चलो पहले देख लेता हूँ कौन हैं तो.. मैने टवल लिया और तभी याद आया कि मैने कपड़े तो लिए ही नही हैं. बाहर लगातार बेल बजे जा रही थी. मैने ज़ोर से आवाज़ लगाई;
'आया!!!'
मैने फट से टवल लिया और कमर से बाँध लिया. और दौड़ते हुए रूम मे गया, एक टीशर्ट उठाई और पहनते पहनते मैं स्टेर्स उतारने लगा. मैं टवल के नीचे बिल्कुल नंगा था. जल्दी जल्दी मैं स्टेर्स उतरने लगा.
' हाअ हां! आयाअ...वेट!'
कंटिन्स बेल्स से मैं परेशान हो रहा था. फाइनली मैं दरवाजे तक पहुँच ही गया. एक बार फिर से मैं टवल ठीक से बाँध लिया ताकि कही छूट ना जाए. और दरवाजे की कड़ी खोल दी. जैसे ही मैने दरवाजा खोला, मैं हक्का बक्का रह गया और मेरे मूह से निकल गया;
'तुम?'......................................