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धीरज का लंड उसकी गरमा गरम मस्त मखमली चूत में घुसकर चूत में लगी आग को भुजाने की कोशिश कर रहा था.
"ओह धीरज! मैं फिर से होने वाली हूँ! ओह धीरज! धीरज! धीरज!" डॉली अपनी उंगलियाँ धीरज के हिप्स में गढ़ाए जा रही थी. धीरज ने अपनी बाहें डॉली की बाहों के नीचे ले जाकर, उसको रोल कर दिया, और डॉली को अपने उपर ले आया.
डॉली उठकर उसके लंड के उपर बैठ गयी, और किसी कामुक औरत की तरह लंड की सवारी करने लगी. धीरज बस मुस्कुरा रहा था, और उनके बेड का हेडरेस्ट दीवार से टकरा कर ठक ठक की आवाज़ कर रहा था.
डॉली जल्दी जल्दी उपर नीचे होकर अपनी चूत में धीरज के लंड को अंदर बाहर कर रही थी. धीरज ने उसके खड़े हुए निपल्स को पकड़ लिया, और उसकी घुंडीयों को अपनी उंगली और अंगूठे के बीच लेकर उनको मसलने लगा, और उपर नीचे हो रही चून्चियो से उनको अपनी तरफ खींचने लगा. डॉली की चुदाई ने उसको झड़ने पर मजबूर कर दिया था, उसकी टाँगों में कसाव बढ़ने लगा, उसकी गोलियों सिंकूडने लगी, और बस कुछ ही सेकेंड में लावा फूटने वाला था.
"आ! आ! आ! अहह!" डॉली'स के कराहने की आवाज़ उसके उपर नीच होने से मिलते हुए निकल रही थी. धीरज उसकी चूत में से निकल रहे जूस को अपने लंड पर महसूस कर रहा था. और जैसे ही लंड से वीर्य की धार निकली और उसकी प्यासी चूत में पानी की एक पिचकारी छूटी, डॉली की चूत ने धीरज के लंड को जकड लिया. डॉली का बदन काँप उठा, और वो ढेर होकर उसकी छाती पर लेट गयी, उसकी चूंचियाँ दोनो की छातियो के बीच कुशन का काम कर रही थी, और उसकी चूत बार बार खुल कर बंद हो रही थी, और लंड में से ज़्यादा से ज़्यादा पानी निचोड़ने की कोशिश कर रही थी.
दोनो तेज तेज साँसें ले रहे थे, लेकिन डॉली हाँफ रही थी. उसका सिर धीरज के कंधों पर था. धीरज ने डॉली के बालों पर हाथ फिराते हुए उसको माथे पर किस कर लिया, और मन ही मन सोचने लगा कि तान्या इतनी आवाज़ों को सुनकर क्या सोच रही होगी.
तान्या के समझ में नही आ रहा था कि राज बगल के रूम से आ रही आवाज़ों से इतना ज़्यादा क्यों परेशान है. तान्या को तो ये सब बहुत एग्ज़ाइटिंग लग रहा था, और वो चाहती थी कि राज भी कुछ करे.
राज के भी कुछ समझ में नही आ रहा था, वो अपनी सग़ी बड़ी बेहन की चुदाई की आवाज़ों से इतना ज़्यादा क्यों परेशान हो रहा है. डॉली दीदी अपने पति से ही तो चुदवा रही थी, किसी गैर मर्द से तो नही. आख़िर राज चाहता क्या है? क्या डॉली दीदी की शादी के बाद भी उनके उपर अभी भी उसका हक़ है? बेड पर लेट कर राज अपनी दीदी की कराहने की आवाज़ों को सुनने लगा, और उसके दिमाग़ में दीदी की चुदाई की पिक्चर चलने लगी. राज अपनी दीदी के नंगे बदन और उनकी उछल रही चूंचियों की कल्पना करने लगा. वी उस पल को याद करने लगा जब दीदी उसकी उपर बैठ कर उसको चोदा करती थी, और दीदी ने कैसे उसको पागल कर दिया था.
"चलो राज हम भी थोड़ी अपनी आवाज़ें निकालते हैं," तान्या ने राज के पाजामे में बन रहे टेंट को देखते हुए बोला, और खिसक कर उसके पास आ गयी.
"ये कोई कॉंपिटेशन हो रहा है क्या?" राज खीज कर बोला, और फिर उसको एहसास हुआ कि वो बेकार में अपना गुस्सा तान्या पर निकाल रहा है. तान्या की तो इसमे कोई ग़लती नही है, वो तो बहुत अच्छी बीवी है.
"आइ'म सॉरी," वो बोला, और तान्या की तरफ घूमकर देखा, तान्या अपना नाइट्गाउन उतार चुकी थी.
"शो मी यू'आर सॉरी," तान्या मुस्कुराते हुए बोली, और अपनी नंगी जांघों को उसके पाजामे में बन रहे टेंट के उपर घिसने लगी. राज ने तान्या को सर्प्राइज़ कर दिया जब वो तान्या को उसकी पीठ के बल लिटाते हुए उसके उपर आ गया और अपने पाजामा उतार दिया.
जैसे ही राज तान्या के उपर आया, वो अपने लंड को तान्या की गीली चूत के सामने ले आया, वो ऐसा इसलिए कर रहा था जिस से उसके दिमाग़ से अपनी सग़ी बड़ी बेहन डॉली की चुदाई के बार में सोचने से वो अपने दिमाग़ को हटा सके. राज समझ नही पा रहा था कि वो हमेशा डॉली दीदी की चुदाई के बारे में ही क्यों सोचता रहता है, और तभी उसने अपने हथियार को अपनी बीवी की इंतेजार कर रही गीली मुलायम चूत में घुसा दिया.
बगल के रूम से आ रही चुदाई की आवाज़ सुनकर तान्या की चूत पहले से ही चिकनी होकर चुदने के लिए तय्यार हो चुकी थी. अपनी आँखें बंद कर के तान्या आवाज़ों को सुनकर ही अंदाज़ा लगा रही थी कि बगल के रूम में धीरज क्या कर रहा होगा, जिस से डॉली की ऐसी आवाज़ें निकल रही हैं. तान्या अपने एक्सपीरियेन्स से जानती थी कि कैसे धीरज किस तरह पहले अपनी जीभ से चूत को चाटता है और फिर अपना मूसल जैसा लंड चूत में पेल देता है. राज के लंड का तान्या की चूत में अंदर बाहर होना जारी था, और अब तान्या भी अपनी गान्ड उपर की तरफ उछाल कर राज का साथ देने लगी थी.
"ओह धीरज! मैं फिर से होने वाली हूँ! ओह धीरज! धीरज! धीरज!" डॉली अपनी उंगलियाँ धीरज के हिप्स में गढ़ाए जा रही थी. धीरज ने अपनी बाहें डॉली की बाहों के नीचे ले जाकर, उसको रोल कर दिया, और डॉली को अपने उपर ले आया.
डॉली उठकर उसके लंड के उपर बैठ गयी, और किसी कामुक औरत की तरह लंड की सवारी करने लगी. धीरज बस मुस्कुरा रहा था, और उनके बेड का हेडरेस्ट दीवार से टकरा कर ठक ठक की आवाज़ कर रहा था.
डॉली जल्दी जल्दी उपर नीचे होकर अपनी चूत में धीरज के लंड को अंदर बाहर कर रही थी. धीरज ने उसके खड़े हुए निपल्स को पकड़ लिया, और उसकी घुंडीयों को अपनी उंगली और अंगूठे के बीच लेकर उनको मसलने लगा, और उपर नीचे हो रही चून्चियो से उनको अपनी तरफ खींचने लगा. डॉली की चुदाई ने उसको झड़ने पर मजबूर कर दिया था, उसकी टाँगों में कसाव बढ़ने लगा, उसकी गोलियों सिंकूडने लगी, और बस कुछ ही सेकेंड में लावा फूटने वाला था.
"आ! आ! आ! अहह!" डॉली'स के कराहने की आवाज़ उसके उपर नीच होने से मिलते हुए निकल रही थी. धीरज उसकी चूत में से निकल रहे जूस को अपने लंड पर महसूस कर रहा था. और जैसे ही लंड से वीर्य की धार निकली और उसकी प्यासी चूत में पानी की एक पिचकारी छूटी, डॉली की चूत ने धीरज के लंड को जकड लिया. डॉली का बदन काँप उठा, और वो ढेर होकर उसकी छाती पर लेट गयी, उसकी चूंचियाँ दोनो की छातियो के बीच कुशन का काम कर रही थी, और उसकी चूत बार बार खुल कर बंद हो रही थी, और लंड में से ज़्यादा से ज़्यादा पानी निचोड़ने की कोशिश कर रही थी.
दोनो तेज तेज साँसें ले रहे थे, लेकिन डॉली हाँफ रही थी. उसका सिर धीरज के कंधों पर था. धीरज ने डॉली के बालों पर हाथ फिराते हुए उसको माथे पर किस कर लिया, और मन ही मन सोचने लगा कि तान्या इतनी आवाज़ों को सुनकर क्या सोच रही होगी.
तान्या के समझ में नही आ रहा था कि राज बगल के रूम से आ रही आवाज़ों से इतना ज़्यादा क्यों परेशान है. तान्या को तो ये सब बहुत एग्ज़ाइटिंग लग रहा था, और वो चाहती थी कि राज भी कुछ करे.
राज के भी कुछ समझ में नही आ रहा था, वो अपनी सग़ी बड़ी बेहन की चुदाई की आवाज़ों से इतना ज़्यादा क्यों परेशान हो रहा है. डॉली दीदी अपने पति से ही तो चुदवा रही थी, किसी गैर मर्द से तो नही. आख़िर राज चाहता क्या है? क्या डॉली दीदी की शादी के बाद भी उनके उपर अभी भी उसका हक़ है? बेड पर लेट कर राज अपनी दीदी की कराहने की आवाज़ों को सुनने लगा, और उसके दिमाग़ में दीदी की चुदाई की पिक्चर चलने लगी. राज अपनी दीदी के नंगे बदन और उनकी उछल रही चूंचियों की कल्पना करने लगा. वी उस पल को याद करने लगा जब दीदी उसकी उपर बैठ कर उसको चोदा करती थी, और दीदी ने कैसे उसको पागल कर दिया था.
"चलो राज हम भी थोड़ी अपनी आवाज़ें निकालते हैं," तान्या ने राज के पाजामे में बन रहे टेंट को देखते हुए बोला, और खिसक कर उसके पास आ गयी.
"ये कोई कॉंपिटेशन हो रहा है क्या?" राज खीज कर बोला, और फिर उसको एहसास हुआ कि वो बेकार में अपना गुस्सा तान्या पर निकाल रहा है. तान्या की तो इसमे कोई ग़लती नही है, वो तो बहुत अच्छी बीवी है.
"आइ'म सॉरी," वो बोला, और तान्या की तरफ घूमकर देखा, तान्या अपना नाइट्गाउन उतार चुकी थी.
"शो मी यू'आर सॉरी," तान्या मुस्कुराते हुए बोली, और अपनी नंगी जांघों को उसके पाजामे में बन रहे टेंट के उपर घिसने लगी. राज ने तान्या को सर्प्राइज़ कर दिया जब वो तान्या को उसकी पीठ के बल लिटाते हुए उसके उपर आ गया और अपने पाजामा उतार दिया.
जैसे ही राज तान्या के उपर आया, वो अपने लंड को तान्या की गीली चूत के सामने ले आया, वो ऐसा इसलिए कर रहा था जिस से उसके दिमाग़ से अपनी सग़ी बड़ी बेहन डॉली की चुदाई के बार में सोचने से वो अपने दिमाग़ को हटा सके. राज समझ नही पा रहा था कि वो हमेशा डॉली दीदी की चुदाई के बारे में ही क्यों सोचता रहता है, और तभी उसने अपने हथियार को अपनी बीवी की इंतेजार कर रही गीली मुलायम चूत में घुसा दिया.
बगल के रूम से आ रही चुदाई की आवाज़ सुनकर तान्या की चूत पहले से ही चिकनी होकर चुदने के लिए तय्यार हो चुकी थी. अपनी आँखें बंद कर के तान्या आवाज़ों को सुनकर ही अंदाज़ा लगा रही थी कि बगल के रूम में धीरज क्या कर रहा होगा, जिस से डॉली की ऐसी आवाज़ें निकल रही हैं. तान्या अपने एक्सपीरियेन्स से जानती थी कि कैसे धीरज किस तरह पहले अपनी जीभ से चूत को चाटता है और फिर अपना मूसल जैसा लंड चूत में पेल देता है. राज के लंड का तान्या की चूत में अंदर बाहर होना जारी था, और अब तान्या भी अपनी गान्ड उपर की तरफ उछाल कर राज का साथ देने लगी थी.