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चाइ पीने के बाद, आशना-रागिनी गाड़ी लेकर शॉपिंग के लिए निकल गये. एक माल में शॉपिंग करने के बाद आशना ने वीरेंदर को कॉल करने के लिए पॉकेट से फोन निकाला ही था कि वीरेंदर का फोन आ गया. आशना ने झट से फोन उठाया.
वीरेंदर: हाई इतनी बेकरारी उधर भी है क्या??
आशना(रागिनी से थोड़ा दूर जाते हुए): आप जानते हैं, मैं आपको कॉल करने ही वाली थी कि आपका कॉल आ गया.
वीरेंदर: आहो भाग्य हमारा जो आपने हमे याद किया देवी जी. बोलिए क्या हुकुम है ?????
आशना: राजकुमारी चाहती हैं कि उनका खास ड्राइवर उनके साथ लंच करे.
वीरेंदर: राजकुमारी जी कभी डिन्नर भी कर्वाओ, इतनी सेवा करूँगा कि सुबह का ब्रेकफास्ट भी भूल जाओगी.
आशना: उसका भी सोचेंगे, अभी आप जल्दी से "होटेल ................." में पहुँचो, हम अपक इंतज़ार कर रहे हैं.
वीरेंदर: आपको ज़्यादा देर इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा राजकुमारी जी, हम शीगर ही वहाँ पहुँचते हैं.
वीरेंदर के वहाँ पहुँचते ही आशना ने लंच ऑर्डर किया और फिर आइस-क्रीम खाने के बाद वो होटेल से बाहर निकल गये.
वीरेंदर: आशना तुम घर चलो, मैं शाम को तुम्हे घर पर ही मिलता हूँ और हां आज रात का डिन्नर हम दोनो मेरे रूम मे ही लेंगे. रागिनी, क्या तुम अभी ऑफीस चलना चाहोगी या घर जाना चाहती हो?
इस से पहले के रागिनी कुछ बोलती, आशना बोली: हम दोनो घर जा रहे हैं. आप शाम को जल्दी आ जाइएगा.
वीरेंदर: जो आग्या राजकुमारी जी.
रागिनी वीरेंदर के साथ ऑफीस जाना चाहती थी ताकि वो उसे अपने जाल मे फाँस सके और जल्द से जल्द उससे चुद सके लेकिन आशना ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया.
रागिनी(मन में): साली यहाँ मेरी चूत फड़फदा रही है और तू मेरी चूत और वीरेंदर के लोड्े में दीवार बन कर खड़ी हो गई है. आज की रात किसी भी कीमत पर मैं तेरे इस आशिक को अपनी चूत का स्वाद चखा कर ही रहूंगी. कल से तेरी उस घर में उल्टी गिनती शुरू.
आशना और रागिनी दोनो घर की तरफ चल दिए.
आशना(रास्ते में): क्या हुआ रागिनी, बहुत खामोशी से बैठी हो???
रागिनी: वो दीदी ज़रा थकान हो गई है इतना बड़ा माल घूम कर.
आशना(मुस्कुराते हुए): चलो घर जाकर आराम कर लेना और शाम को वीरेंदर का कमरा सजाने में मेरी हेल्प करना.
रागिनी: सर का कमरा?????क्यूँ??????मेरा मतलब आज कोई खास दिन है क्या????
आशना: दिन ख़ास नहीं भी है तो क्या हुआ, आज की रात मैं वीरेंदर के लिए ख़ास बनाने जा रही हूँ.
इतना सुनते ही रागिनी के होश उड़ गये. उसे लगा कि जैसे वीरेंदर राइट की तरह उसकी मुट्ठी से निकल गया हो. रागिनी परेशान हो उठी.
आशना: मैं चाहती हूँ कि आज की रात वीरेंदर कभी ना भूले.
रागिनी: दीदी लेकिन शादी से पहले यह सब, मेरा मतलब..............
आशना(हंसते हुए): अरे यार तुम तो एक दम बॉटम लाइन पर आ गई. ऐसा कुछ भी करने नहीं जा रही हूँ मैं, बस वीरेंदर को यह यकीन दिलाने जा रही हूँ कि अब उनके सारे अरमान पूरे होने वाले है.
रागिनी: मतलब????
आशना: मतलब तो मैं भी नहीं जानती, बस ऐसे ही कुछ सोचा है मैने आज वीरेंदर के लिए. तुम मेरी बेहन जैसी हो और तुमपेर भरोसा करती हूँ, इसीलिए तुम्हे यह सब बता रही हूँ. आज रात को मैं वीरेंदर को सर्प्राइज़ देना चाहती हूँ, प्लीज़ मेरी हेल्प कर देना.
रागिनी: दीदी यह भी कोई पूछने की बात है, मैं आपकी हेल्प ज़रूर करूँगी.
दोनो घर पहुँचे तो बिहारी अपने कमरे में आराम से लेटा हुआ टीवी देख रहा था. गाड़ी की आवाज़ सुनकर बिहारी झट से अपने कमरे से बाहर आया. रागिनी को आशना के साथ देख कर बिहारी समझ गया कि आज रागिनी बिना किसी सफलता के वापिस लौटी है.
बिहारी(आशना से): बिटिया खाना लगा दूं?????
आशना: नहीं काका, हम ने खाना खा लिया है. शॉपिंग करते करते भूख लगी तो हम ने बाहर ही खा लिया.
बिहारी: रागिनी तुम क्यूँ आ गई, ऑफीस नहीं गई क्या आज???
आशना: काका यह तो बहुत ज़िद कर रही थी जाने की लेकिन मैं ही इसे अपने साथ ले आई. शॉपिंग करते करते हम दोनो ही थक गई हैं, अब थोड़ी देर के लिए आराम करेंगे.
आशना अपने कमरे में चली गई तो बिहारी ने इशारे से रागिनी से पूछा कि क्या हुआ??रागिनी ने उसे अपने कमरे में आने का इशारा किया. बिहारी झट से उसके कमरे में आया तो रागिनी ने सबसे पहले तो उसे ओफिसे की सारी बात बताई और फिर बताया कि बीती रात को उन दोनो में से किसी ने भी उन्हे नहीं देखा है. अगर ऐसा होता तो उनकी बातों से पता चल जाता.
बिहारी: मैने तो पहले ही कहा था कि तुम्हारा वेहम है , तुमने ख़ामखा ही मेरा तड़पटा लोड्ा अपनी चूत से निकला दिया था.
रागिनी: तो आ जाओ अभी फिर से ठंडा कर लो इसे. मेरी चूत भी तो सुबह से फडक रही है.
बिहारी: दिन दहाड़े यह सब करने से पकड़े जाने का ख़तरा ज़्यादा है. रात को आकर तेरी चूत की प्यास बुझाउन्गा.
रागिनी: आज रात को शायद आशना भी वीरेंदर को अपनी चूत देने वाली है.
बिहारी के कान एकदम खड़े हो गये.
बिहारी: तुम्हे कैसे पता???
रागिनी ने उसे गाड़ी मे हुई सारी बात बताई तो बिहारी सोचने लगा कि किसी तरह उनका वीडियो बन सके और उसके हाथ लग जाए तो आशना को ब्लॅकमेल किया जा सकता है.
बिहारी: क्या तुम किसी तरह से उनके कमरे में वीडियो कॅमरा छुपा सकती हो??
रागिनी: वो तो मैं आराम से छुपा कर लगा दूँगी.
बिहारी: तुम बस मेरा यह काम कर दो, वादा करता हूँ कल रात को ही तुझे भी वीरेंदर के लोड्े से चुदवाउंगा.
बिहारी की बात सुनकर रागिनी एक दम खुश हो गई और उस से चिपक गयी.
बिहारी: देखो कितनी खुश हो गई वीरेंदर के लोड्े से चुदने की बात सुनकर.
रागिनी को एकदम समझ आया कि वो दूसरे मर्द के लंड से चुदने की खुशी में भूल गई कि वो अपने पति के साथ ही चिपकी खड़ी है.
रागिनी: हटो बेशरम कहीं के, पहले तो मुझे खुद बेशरम बनाया और अब खुद ही मेरी खिंचाई भी कर रहे हो.
बिहारी ने ज़ोर से रागिनी की गान्ड मसल कर कहा, तुम दोनो की चुदाई तो मैं अपनी आँखो से देखना चाहता हूँ, बोल दिखाएगी ना अपने पति को गैर मर्द से अपनी चुदाई????
रागिनी ने शरमा कर आँखें बंद करके हाँ में गर्दन हिलाई.
बिहारी: मैं चाहता था कि वीरेंदर का लोड्ा सबसे पहले तेरी चूत में जाए मगर कोई बात नहीं अगर आशना उस से पहले चुद जाती है तो भी फ़ायदे मे हम ही रहेंगे. बस उनकी वीडियो हमे मिल जानी चाहिए.
रागिनी: वादा है मेरा कि वो वीडियो आपको ज़रूर मिलेगी.
बिहारी: चल अब आराम कर ले, रात को जब वीरेंदर आशना की चुदाई करेगा, मैं तेरे कमरे में आकर सारी रात तुझे पेलने वाला हूँ.
रागिनी: मैं इंतज़ार करूँगी आपका विराट.
बिहारी: काश मैं वीरेंदर की जगह होता और तुम आशना की जगह तो मज़ा ही आ जाता.
रागिनी: वो रात भी जल्द आएगी विराट, बहुत जल्द.
शाम को करीब 6:00 बजे वीरेंदर ने आशना को फोन करके बताया कि उसे आने में थोड़ा टाइम लग जाएगा. एक ट्रक की डेलिवरी लेने के लिए उसे कुछ देर ऑफीस में रुकना पड़ेगा.
आशना:आप सारा काम ख़तम करके आइए तब तक मैं आपके लिए डिन्नर तैयार कर लूँगी.
वीरेंदर: तुम्हे डिन्नर तैयार करने की ज़रूरत नहीं है. तुम खुद अच्छे से तैयार हो जाओ और काका को बोल कर बटर चिकन और राइस बनवा दो.
आशना: मैं डिन्नर भी बना लूँगी और तैयार भी हो जाउन्गी. आप काम ख़तम करके झट से आ जाइए.
वीरेंदर: मैं बस डेढ़-दो घंटो में ट्रक खाली करवाकर पहुँच जाउन्गा.