• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

भैया का ख़याल मैं रखूँगी complete



चाइ पीने के बाद, आशना-रागिनी गाड़ी लेकर शॉपिंग के लिए निकल गये. एक माल में शॉपिंग करने के बाद आशना ने वीरेंदर को कॉल करने के लिए पॉकेट से फोन निकाला ही था कि वीरेंदर का फोन आ गया. आशना ने झट से फोन उठाया.

वीरेंदर: हाई इतनी बेकरारी उधर भी है क्या??

आशना(रागिनी से थोड़ा दूर जाते हुए): आप जानते हैं, मैं आपको कॉल करने ही वाली थी कि आपका कॉल आ गया.

वीरेंदर: आहो भाग्य हमारा जो आपने हमे याद किया देवी जी. बोलिए क्या हुकुम है ?????

आशना: राजकुमारी चाहती हैं कि उनका खास ड्राइवर उनके साथ लंच करे.

वीरेंदर: राजकुमारी जी कभी डिन्नर भी कर्वाओ, इतनी सेवा करूँगा कि सुबह का ब्रेकफास्ट भी भूल जाओगी.

आशना: उसका भी सोचेंगे, अभी आप जल्दी से "होटेल ................." में पहुँचो, हम अपक इंतज़ार कर रहे हैं.

वीरेंदर: आपको ज़्यादा देर इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा राजकुमारी जी, हम शीगर ही वहाँ पहुँचते हैं.

वीरेंदर के वहाँ पहुँचते ही आशना ने लंच ऑर्डर किया और फिर आइस-क्रीम खाने के बाद वो होटेल से बाहर निकल गये.

वीरेंदर: आशना तुम घर चलो, मैं शाम को तुम्हे घर पर ही मिलता हूँ और हां आज रात का डिन्नर हम दोनो मेरे रूम मे ही लेंगे. रागिनी, क्या तुम अभी ऑफीस चलना चाहोगी या घर जाना चाहती हो?

इस से पहले के रागिनी कुछ बोलती, आशना बोली: हम दोनो घर जा रहे हैं. आप शाम को जल्दी आ जाइएगा.

वीरेंदर: जो आग्या राजकुमारी जी.

रागिनी वीरेंदर के साथ ऑफीस जाना चाहती थी ताकि वो उसे अपने जाल मे फाँस सके और जल्द से जल्द उससे चुद सके लेकिन आशना ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया.

रागिनी(मन में): साली यहाँ मेरी चूत फड़फदा रही है और तू मेरी चूत और वीरेंदर के लोड्‍े में दीवार बन कर खड़ी हो गई है. आज की रात किसी भी कीमत पर मैं तेरे इस आशिक को अपनी चूत का स्वाद चखा कर ही रहूंगी. कल से तेरी उस घर में उल्टी गिनती शुरू.

आशना और रागिनी दोनो घर की तरफ चल दिए.

आशना(रास्ते में): क्या हुआ रागिनी, बहुत खामोशी से बैठी हो???

रागिनी: वो दीदी ज़रा थकान हो गई है इतना बड़ा माल घूम कर.

आशना(मुस्कुराते हुए): चलो घर जाकर आराम कर लेना और शाम को वीरेंदर का कमरा सजाने में मेरी हेल्प करना.

रागिनी: सर का कमरा?????क्यूँ??????मेरा मतलब आज कोई खास दिन है क्या????

आशना: दिन ख़ास नहीं भी है तो क्या हुआ, आज की रात मैं वीरेंदर के लिए ख़ास बनाने जा रही हूँ.

इतना सुनते ही रागिनी के होश उड़ गये. उसे लगा कि जैसे वीरेंदर राइट की तरह उसकी मुट्ठी से निकल गया हो. रागिनी परेशान हो उठी.

आशना: मैं चाहती हूँ कि आज की रात वीरेंदर कभी ना भूले.

रागिनी: दीदी लेकिन शादी से पहले यह सब, मेरा मतलब..............

आशना(हंसते हुए): अरे यार तुम तो एक दम बॉटम लाइन पर आ गई. ऐसा कुछ भी करने नहीं जा रही हूँ मैं, बस वीरेंदर को यह यकीन दिलाने जा रही हूँ कि अब उनके सारे अरमान पूरे होने वाले है.

रागिनी: मतलब????

आशना: मतलब तो मैं भी नहीं जानती, बस ऐसे ही कुछ सोचा है मैने आज वीरेंदर के लिए. तुम मेरी बेहन जैसी हो और तुमपेर भरोसा करती हूँ, इसीलिए तुम्हे यह सब बता रही हूँ. आज रात को मैं वीरेंदर को सर्प्राइज़ देना चाहती हूँ, प्लीज़ मेरी हेल्प कर देना.

रागिनी: दीदी यह भी कोई पूछने की बात है, मैं आपकी हेल्प ज़रूर करूँगी.

दोनो घर पहुँचे तो बिहारी अपने कमरे में आराम से लेटा हुआ टीवी देख रहा था. गाड़ी की आवाज़ सुनकर बिहारी झट से अपने कमरे से बाहर आया. रागिनी को आशना के साथ देख कर बिहारी समझ गया कि आज रागिनी बिना किसी सफलता के वापिस लौटी है.

बिहारी(आशना से): बिटिया खाना लगा दूं?????

आशना: नहीं काका, हम ने खाना खा लिया है. शॉपिंग करते करते भूख लगी तो हम ने बाहर ही खा लिया.

बिहारी: रागिनी तुम क्यूँ आ गई, ऑफीस नहीं गई क्या आज???

आशना: काका यह तो बहुत ज़िद कर रही थी जाने की लेकिन मैं ही इसे अपने साथ ले आई. शॉपिंग करते करते हम दोनो ही थक गई हैं, अब थोड़ी देर के लिए आराम करेंगे.

आशना अपने कमरे में चली गई तो बिहारी ने इशारे से रागिनी से पूछा कि क्या हुआ??रागिनी ने उसे अपने कमरे में आने का इशारा किया. बिहारी झट से उसके कमरे में आया तो रागिनी ने सबसे पहले तो उसे ओफिसे की सारी बात बताई और फिर बताया कि बीती रात को उन दोनो में से किसी ने भी उन्हे नहीं देखा है. अगर ऐसा होता तो उनकी बातों से पता चल जाता.

बिहारी: मैने तो पहले ही कहा था कि तुम्हारा वेहम है , तुमने ख़ामखा ही मेरा तड़पटा लोड्‍ा अपनी चूत से निकला दिया था.

रागिनी: तो आ जाओ अभी फिर से ठंडा कर लो इसे. मेरी चूत भी तो सुबह से फडक रही है.

बिहारी: दिन दहाड़े यह सब करने से पकड़े जाने का ख़तरा ज़्यादा है. रात को आकर तेरी चूत की प्यास बुझाउन्गा.

रागिनी: आज रात को शायद आशना भी वीरेंदर को अपनी चूत देने वाली है.

बिहारी के कान एकदम खड़े हो गये.

बिहारी: तुम्हे कैसे पता???

रागिनी ने उसे गाड़ी मे हुई सारी बात बताई तो बिहारी सोचने लगा कि किसी तरह उनका वीडियो बन सके और उसके हाथ लग जाए तो आशना को ब्लॅकमेल किया जा सकता है.

बिहारी: क्या तुम किसी तरह से उनके कमरे में वीडियो कॅमरा छुपा सकती हो??

रागिनी: वो तो मैं आराम से छुपा कर लगा दूँगी.

बिहारी: तुम बस मेरा यह काम कर दो, वादा करता हूँ कल रात को ही तुझे भी वीरेंदर के लोड्‍े से चुदवाउंगा.

बिहारी की बात सुनकर रागिनी एक दम खुश हो गई और उस से चिपक गयी.

बिहारी: देखो कितनी खुश हो गई वीरेंदर के लोड्‍े से चुदने की बात सुनकर.

रागिनी को एकदम समझ आया कि वो दूसरे मर्द के लंड से चुदने की खुशी में भूल गई कि वो अपने पति के साथ ही चिपकी खड़ी है.

रागिनी: हटो बेशरम कहीं के, पहले तो मुझे खुद बेशरम बनाया और अब खुद ही मेरी खिंचाई भी कर रहे हो.

बिहारी ने ज़ोर से रागिनी की गान्ड मसल कर कहा, तुम दोनो की चुदाई तो मैं अपनी आँखो से देखना चाहता हूँ, बोल दिखाएगी ना अपने पति को गैर मर्द से अपनी चुदाई????

रागिनी ने शरमा कर आँखें बंद करके हाँ में गर्दन हिलाई.

बिहारी: मैं चाहता था कि वीरेंदर का लोड्‍ा सबसे पहले तेरी चूत में जाए मगर कोई बात नहीं अगर आशना उस से पहले चुद जाती है तो भी फ़ायदे मे हम ही रहेंगे. बस उनकी वीडियो हमे मिल जानी चाहिए.

रागिनी: वादा है मेरा कि वो वीडियो आपको ज़रूर मिलेगी.

बिहारी: चल अब आराम कर ले, रात को जब वीरेंदर आशना की चुदाई करेगा, मैं तेरे कमरे में आकर सारी रात तुझे पेलने वाला हूँ.

रागिनी: मैं इंतज़ार करूँगी आपका विराट.

बिहारी: काश मैं वीरेंदर की जगह होता और तुम आशना की जगह तो मज़ा ही आ जाता.

रागिनी: वो रात भी जल्द आएगी विराट, बहुत जल्द.

शाम को करीब 6:00 बजे वीरेंदर ने आशना को फोन करके बताया कि उसे आने में थोड़ा टाइम लग जाएगा. एक ट्रक की डेलिवरी लेने के लिए उसे कुछ देर ऑफीस में रुकना पड़ेगा.

आशना:आप सारा काम ख़तम करके आइए तब तक मैं आपके लिए डिन्नर तैयार कर लूँगी.

वीरेंदर: तुम्हे डिन्नर तैयार करने की ज़रूरत नहीं है. तुम खुद अच्छे से तैयार हो जाओ और काका को बोल कर बटर चिकन और राइस बनवा दो.

आशना: मैं डिन्नर भी बना लूँगी और तैयार भी हो जाउन्गी. आप काम ख़तम करके झट से आ जाइए.

वीरेंदर: मैं बस डेढ़-दो घंटो में ट्रक खाली करवाकर पहुँच जाउन्गा.

 


आशना ने रागिनी के साथ मिलकर पहले तो वीरेंदर के कमरे को सजाया. कमरे के एक साइड पर टेबल सजाया और उस पर अलग अलग तरह की छोटी बड़ी कॅंडल्स सजाई और फिर डिन्नर तैयार कर दिया. इसी बीच रागिनी ने चालाकी से रूम में कॅमरा छुपा दिया था. इस सारे काम में 8:30 बज चुके थे. वीरेंदर अभी तक नहीं पहुँचा था.

आशना ने अपने कमरे में जाकर वीरेंदर को फोन लगाया तो वीरेंदर ने झट से फोन उठाया और बोला: कमिंग स्वीटहार्ट, ऑन दा वे. विदिन 15 मिनट्स वी आर इन माइ रूम. आशना के जिस्म में रोमांच की एक लहर उठी और उसके गाल गुलाबी हो गये.

वीरेंदर: अरे यार तुम तो अभी से शरमा गयी, सोचो रात को तुम्हारा क्या हाल होगा.

आशना(शरमाते हुए): आपको कैसे पता कि मैं शरमा रही हूँ.

वीरेंदर: जब से मेरी ज़िंदगी में आई हो, शरमा ही तो रही हो. काश एक बार मेरी तरह बेशरम हो जाओ तो जीने का मज़ा ही आ जाए.

आशना: जी नहीं, बेशर्मी आपको ही मुबारक, मैं जैसी भी हूँ अच्छी हूँ.

वीरेंदर: अच्छी????? अरे यार तुम तो बॉम्ब हो बॉम्ब, आटम बॉम्ब.

आशना हँसने लगी.

वीरेंदर: और आज तो यह आटम बॉम्ब मैं फोड़ कर ही रहूँगा.

आशना ने शरमा कर फोन काट दिया और बोली " बेशरम कहीं के". आशना वॉश रूम में घुस गई. करीब दम मिनट में वीरेंदर घर पहुँचा और आते ही सीधा अपने रूम में घुस गया. उसने एक बार भी मुड़कर रागिनी के रूम की तरफ नहीं देखा. रागिनी अपने कमरे के बाहर खड़ी वीरेंदर को देखती रही.

बिहारी: नया जोश है, बहुत जल्द ज़मीन पर गिरेगा, उड़ने दो साले को.

रागिनी: इसको तो मैं इतना तडपाउंगी कि यह मजबूर होकर अपनी प्रॉपर्टी मेरी चूत के नाम कर देगा, बस एक बार इस चुदैल को घर से निकलवा दूं.

बिहारी: बहुत जल्द यह सब होने वाला है. बस अपनी चूत को ठंडा ना पड़ने देना.

अपने कमरे में घुसते ही वीरेंदर एक दम हैरान रह गया. अपने साथ लाया हुआ समान उसने बेड पर रखा और कमरे की सजावट देख कर वो मन ही मन आशना को थॅंक्स कर उठा इस रात को यादगार बनाने के लिए. वीरेंदर ने जेब से मोबाइल निकाला और आशना का नंबर. डाइयल किया.

आशना ने झट से फोन उठाया और बोली: मैं थोड़ी देर मैं आती हूँ तब तक आप फ्रेश होकर तैयार हो जाइए.

वीरेंदर ने बिहारी को आवाज़ लगाकर खाना उपेर लगाने के लिए कहा और खुद वॉशरूम में घुस गया. बिहारी ने झट से हॉट केसस में खाना डाला और बटर चिकन में ढेर सारा अफ़रोडियासिक मिला कर सारा समान वीरेंदर की टेबल पर सज़ा दिया. रागिनी भी उसके साथ उपर चली आई और छुपाए हुए कैमरे को ऑन करके वो दोनो नीचे चले गये. वो जानते थे कि अब कोई भी नीचे आने वाला नहीं है. बिहारी और रागिनी ने खाना खाया, बिहारी ने भी अफ़रोडियासिक की डोज ले ली. आज उसे रागिनी को आशना समझ कर रगड़ कर चोदना था.

फ्रेश होकर वीरेंदर ने एक ग्रे सूट पहना. ग्रे कोट के अंदर लाइट पिंक कलर की शर्ट वीरेंदर के उपेर काफ़ी जच रही थी. तैयार होकर वो आशना का इंतज़ार करने लगा. उसने फिर से आशना को फोन लगाया.

आशना: कमिंग इन फाइव मिनट्स और फोन काट दिया.

वीरेंदर ने टेबल पर रखी सारी कॅंडल्स जला दी और रूम की सारी लाइट ऑफ कर दी. सीलिंग पर लगी 4 कंसिल्लेड लाइट्स जो कि हल्के नीले रंग की थी उन्हे जला कर वीरेंदर ने बेड पर रखा समान उठा कर उसमें से गुलाब के लाल फूलों का एक गुलदस्ता निकाल कर टेबल पर रख दिया और एक वाइन की बॉटल भी टेबल पर सज़ा दी.

आशना अपने रूम से निकली. आज आशना सच में बिजली गिराने के मूड में थी. उसने नेट का पर्पल कलर का लहंगा और चोली पहनी थी. चोली स्लीवेल्सेस थी जिस से उसकी वॅक्स की हुई बाहें चमक रही थी. आशना ने हल्का सा मेकप किया था. चोली उसकी कमर से थोड़ी सी उपेर थी, जिस से उसकी नाभि सॉफ दिखाई दे रही थी. लहँगे को ज़मीन से थोड़ा सा उपर उठा कर आशना धड़कते दिल से वीरेंदर के रूम के दरवाज़े तक पहुँची.

वो नॉक करने ही वाली थी कि उसके कान में आवाज़ पड़ी: अंदर आ जाओ आशना, रूम का दरवाज़ा मेरे दिल के दरवाज़े की तरह खुला पड़ा है.

आशना ने हैरानी से दरवाज़ा खोला. वीरेंदर उसके सामने खड़ा था. वीरेंदर और आशना दोनो ने एक दूसरे को जी भर कर देखा. रूम में रोमॅंटिक वातावरण को देखा कर आशना के दिल की धड़कनें तेज़ हो गई. तभी वीरेंदर ने अपना हाथ आगे करके आशना को गुलाब के फूल प्रेज़ेंट किए और बोला " ब्यूटिफुल फ्लवर्स फॉर दा मोस्ट ब्यूटिफुल एंजल ऑफ माइ लाइफ".

आशना ने शरमा क्कार "थॅंक्स" कहा और गुलदस्ता ले लिया. वीरेंदर ने झुक कर आशना का स्वागत किया और आशना किसी राजकुमारी की तरह चल कर टेबल तक पहुँची. वीरेंदर ने दरवाज़ा बंद किया और उसे लॉक कर दिया. डोर लॉक करते हुए वो आशना की तरफ देख रहा था. आशना ने शर्मा कर मुस्कुराते हुए "ना" में गर्दन घुमाई.

वीरेंदर: आज राजकुमारी जी इस कमरे से बाहर हमारी मर्ज़ी से जाएँगी.

आशना ने सर झुका कर कहा: आज मैं हमेशा के लिए इस कमरे में आपके साथ रहने के लिए आई हूँ. यह सुनते ही वीरेंदर खुशी से झूम उठा.

वीरेंदर: वाउ, आशना यू मेक माइ डे, माइ लाइफ. आइ कॅन'ट फर्गेट दिस मोमेंट.

आशना को अपनी बाहों में भरने केलिए वीरेंदर जैसे ही आगे बढ़ा, आशना ने कहा.

आशना: क्या अब यहीं खड़ा रखोगे या बैठने के लिए भी बोलोगे.

वीरेंदर: ओह, आइ आम सो सॉरी. तुम्हे देख कर तो सारी तहज़ीब ही भूल जाता हूँ.

आशना: तहज़ीब और आप मैं???????

वीरेंदर: जी जो थोड़ी बहुत है वो भी आप को देख कर गुल हो जाती है.

वीरेंदर ने झट से एक चेयर पीछे की और आशना को सीट ऑफर की. धीरे धीरे आशना की आँखें भी रूम की रोशनी के हिसाब से अड्जस्ट हो गयी. पहले उसे रूम में काफ़ी अंधेरा लग रहा था मगर अब उसे इतनी रोशनी भी ज़्यादा लग रही थी. आशना ने चारो तरफ नज़र घूमाकर जब टेबल पर रखी वाइन की बॉटल को देखा तो बोली: आज सेलेब्रेशन के पूरे मूड में हैं आप.

वीरेंदर: सिर्फ़ सेलेब्रेशन के ही नहीं, आज तो फुल मूड में हूँ मैं. क्यूँ तुम नहीं हो क्या????

आशना: देखते हैं और यह कह कर शरमा कर नज़रें झुका ली.

वीरेंदर: तो तुम कहाँ से स्टार्ट करना चाहती हो????

आशना ने हैरानी और शरम के मिले जुले भाव से वीरेंदर की ओर देखा तो वीरेंदर ने कहा: पहले डिनर या खाने के साथ साथ डिनर???

आशना खिल कर मुस्कुरा दी.

आशना: आइ थिंक पहले डिनर बट सिर्फ़ आप.

वीरेंदर: दट'स नोट पासिबल. आज के बाद जो कुछ भी करूँगा मुझे उसमें तुम्हारा साथ चाहिए.

आशना: अच्छा जी और अगर मैं मना कर दूं तो???

वीरेंदर: तब तो काम और भी आसान हो जाएगा.

आशना: मतलब????

वीरेंदर: ज़्यादा कुछ नहीं बस एक रेप और हो जाएगा.

आशना एक दम घबरा उठी.

 
वीरेंदर: नाउ दा बॉल ईज़ इन युवर कोर्ट. बोलो क्या चाहती हो????? जूस ऑफ ग्रेप ऑर रेप????

आशना(शरम से लाल होती हुई): अगर मैं दोनो के लिए मना कर दूं तो?????

वीरेंदर: आईला, ऐसा क्या. उसके लिए तो अपुन ने कुछ सोचा ही नहीं.

वीरेंदर ने यह बात इस अंदाज़ मे बोली के आशना मुस्कुराए बिना ना रह सकी. आशना ने सलाद की प्लेट से नॅपकिन पेपर्स हटाए और वाइन की बॉटल हाथ में उठा ली. वीरेंदर चमकती आँखो से उसे देखने लगा. आशना ने काफ़ी कोशिश की मगर बॉटल उस से खुल नहीं पाई.

आशना: बहुत टाइट है, खुलती ही नहीं.

वीरेंदर: अभी सील पॅक है, लाओ मैं ही तोड़ता हूँ इसकी भी सील.

आशना का बदन एक दम झुनजुना गया यह सुनकर. वीरेंदर ने बॉटल आशना के हाथ से लेते हुए आशना के हाथ की उंगलियाँ छू ली.

वीरेंदर: वाउ, लगता है जैसे रेशम को टच कर लिया हो.

आशना: जल्दी से खोलो, ज़्यादा बातें मत बनाओ.

वीरेंदर: खोलता हूँ जान, इतनी भी क्या जल्दी है.

आशना इस बार हिम्मत करके वीरेंदर की आँखो में देख कर मुस्कुराती रही. वीरेंदर ने ज़ोर लगाकर बॉटल खोल दी.

आशना: वाउ, ग्रेट.

वीरेंदर: तुम दो ग्लासस में वाइन डालो, मैं आइस क्यूब्स लेकर आता हूँ. वीरेंदर ने अपने रूम में रखे फ्रिड्ज से आइस क्यूब्स लिए और टेबल पर रख दिए. आशना ने दोनो ग्लासस को आधा आधा भर दिया था. वीरेंदर ने दोनो ग्लासस में आइस क्यूब्स डाले और आशना को उसका ग्लास पकड़ा दिया. दोनो ने चियर्स की और एक एक सीप लिया.

आशना: ज़्यादा नशा तो नहीं होगा ना????

वीरेंदर: हो भी गया तो क्या हुआ, आज कॉन सा मुझे ड्राइविंग करनी है.

आशना ने एक टेन्स स्माइल दी.

वीरेंदर ने अपना हाथ आशना के हाथ पर रखा और बोला "डॉन'ट वरी, मैं हूँ ना".

आशना(मासूमियत से): उसी बात का तो डर है कि मेरे साथ इस बंद कमरे मे आप हो.

वीरेंदर: हां, यह तो मैने सोचा ही नहीं.

दोनो बातें करते करते सीप करते रहे और बीच बीच में सलाद के चटकारे भी लेते रहे. करीब 10 मिनट तक दोनो के ग्लास खाली हो चुके थे.

आशना: यू वान्ट टू कन्फेस सम्तिंग टू मी, इस्न'ट यू?????

वीरेंदर: ओह येआः, आइ आम. आक्च्युयली बात ऐसी है कि, यह कहकर वीरेंदर ने बॉटल उठाई और बोला: अभी तो बहुत ज़्यादा बची है यार.

आशना: तो जल्दी क्या है. सारी रात बाकी है.

वीरेंदर: तो क्या सारी रात हम बैठ कर पीते ही रहेंगे.

आशना: तो और क्या इरादा है राजकुमार का.

दोनो को हल्का हल्का सरूर होना शुरू हो गया था.

वीरेंदर: आज तुम्हे राजकुमारी से पत्नी बनाने का इरादा है मेरा.

आशना(शरमाते हुए): पहले बताओ कि तुम(नशे में आशना आप से तुम पर उतार आई) क्या बताने वाले थे.

वीरेंदर: ओह यआः, इंटेलिजेंट गर्ल. मैं भूल ही जाता हूँ.बात दरअसल यह है कि, अरे यार तुम ग्लास तो भरो.

आशना ने बॉटल उठाई और वीरेंदर के पास जाकर खड़ी हो गई. वीरेंदर सर उठाए आँखें फाडे उसे देखे जा रहा था.

वीरेंदर: बैठ जाओ वरना गिर जाओगी.

आशना: लगता है मुझे नशा हो गया है.

वीरेंदर: असली दारू लाया हूँ. वाइन शॉप वाला बोला 20-22 साल पुरानी वाइन है.

आशना: फिर तो यह मेरी उम्र की हुई.

वीरेंदर: अरे हां यार, मैने तो इस बात की तरफ ध्यान ही नहीं दिया.

आशना: देखा, हूँ ना मैं इंटेलिजेंट.

वीरेंदर: हाँ तो तुम मुझे क्या बताने वाली थी?????

आशना: रूको ज़रा आराम से बैठने दो और यह कहकर आशना वीरेंदर की गोद में बैठ गई. वीरेंदर ने झट से अपनी बाहें आशना की कमर मे लपेट दी.

आशना: नो चीटिंग, वरना मैं तुम्हे कुछ नहीं बताउन्गी.

वीरेंदर: सॉरी, सॉरी और यह कहकर उसने आशना के कान पकड़ लिए. आशना ने बॉटल को मुँह मे लगा करेक लंबा घूँट भरा.

वीरेंदर:सारी दारू खुद पिओगी क्या, लाओ मुझे भी दो.

आशना ने बॉटल वीरेंदर की पहुँच से दूर कर दी और अपना चेहरा पीछे करके वीरेंदर के होंठो पर अपने होंठ रख दिए. वीरेंदर ने झट से अपना मुँह खोला तो आशना ने आधा घूँट उसके मुँह में उडेल दिया. आशना ने अपने होंठ वापिस खेँचे और बोली: देखा, इस तरह से वाइन कड़वी भी नहीं लगी.

वीरेंदर: लाओ अब मैं ट्राइ करूँ. वीरेंदर ने भी एक घूँट भरा और आशना के होंठो से होंठ मिलाकर आधा घूँट उसके मुँह मे उडेल दिया.

वीरेंदर: हाउ वाज़ दा टेस्ट?

आशना: वाउ ग्रेट. इस तरह तो काफ़ी टेस्टी बन गई है यह वाइन.

वीरेंदर: चलो अब बताओ, क्या कन्फेस करना था तुम्हे???

आशना: मुझे या तुम्हे?????मिस्टर. तुम्हे क्या लगता है कि मुझे वाइन का नशा हो गया है.???

वीरेंदर(मुस्कुराते हुए): चालाक कहीं की, पकड़ लिया ना मुझे.

आशना: तो और क्या???अच्छा चलो अपनी चेयर थोड़ी पीछे करो और मुझे आराम से बैठने दो. वीरेंदर ने अपनी चेयर पीछे की और उस पर बैठ गया.

आशना उसकी गोद में बैठने लगी तो वीरेंदर बोला: देखने में तो तुम इतनी बेवकूफ़ नहीं लगती. आशना झट से अपनी कमर पर हाथ रखकर उसकी तरफ पलट कर गुस्से से देखने लगी.

आशना: व्हाट डू यू मीन??

वीरेंदर: अरे मेरी तरफ मुँह करके बैठो ना, तभी तो बात करने में मज़ा आएगा.

आशना ने अपने सर पर हाथ मारा और बोली: सच मैं मैं पागल ही हूँ मैं. थॅंक्स हनी फॉर दा गाइडेन्स.

आशना अपनी दोनो टाँगे वीरेंदर की टाँगो के इर्द गिर्द करके उसकी गोद में बैठ गई.

वीरेंदर: तो बताओ, कहाँ थी तुम.

आशना: तुम्हारी गोद मे और कहाँ.

वीरेंदर: मेरा मतलब क्या बताने वाली थी तुम.

आशना: हां याद आया, आक्च्युयली मैं बताना चाह रही थी कि मैं आपकी वाली आशना हूँ.

वीरेंदर(चमकती आँखो से): सच!!! और यह कहकर उसने आशना को गले लगा लिया.

आशना(पीछे हटते हुए): नो चीटिंग, अब आपकी बारी है, बताओ आप क्या बताना चाहते थे.

वीरेंदर: मैं, मैं बताना चाहता हूँ कि मैं वीरेंदर हूँ, वीरेंदर शर्मा.

आशना: नो तुम सिर्फ़ मेरे वीरेंदर हो और यह कह कर उसने वीरेंदर को गले से लगा लिया.

वीरेंदर: यार तुम्हारा बदन ही इतना नशीला है तो हम दारू क्यूँ पी रहे हैं.

आशना: हम दारू पी रहे हैं????छि, कितने गंदे हैं हम लोग.

वीरेंदर ने आशना के हाथ से बॉटल लेकर टेबल पर रख दी.

आशना: मुझे कुछ हो रहा है.

वीरेंदर: मुझे तो कब से कुछ हो रहा है.

आशना: जब भी मुझे भूख लगती है तो मुझे कुछ होने लगता है.

वीरेंदर: वाउ, मुझे भी.

आशना तो चलो फिर खाना खा लें पहले. उसके बाद देखते हैं कि और क्या क्या होता है.

वीरेंदर: गुड आइडिया.

आशना वीरेंदर की गोद से नीचे उतरी और एक प्लेट मे खाना सर्व कर दिया.

वीरेंदर: तुम नहीं खाओगी????

आशना: यह मेरे लिए ही तो है.

वीरेंदर: आईला, तो मैं?????

आशना: मायूस मत हो, दोनो इसी में खा लेंगे.

वीरेंदर: लेकिन पहले मैं खाउन्गा.

आशना: क्यूँ???? मैने डाला है तो पहले मैं खाउन्गा.

वीरेंदर: छोड़ो यार क्या लड़ना, दोनो मिलकर खाते हैं ना.

आशना: वाउ दट'स ग्रेट.

वीरेंदर: आइ आम अन इंटेलिजेंट पर्सन.

आशना(अपने चेहरे पर आए बालों को मुँह से उड़ाते हुए):हुह, बट नोट मोर दॅन मी.

वीरेंदर: ओके, ओके आज कोई लड़ाई नहीं, आज के दिन सिर्फ़ प्यार.

आशना की आँखो मे चमक आ गई और बोली: क्या तुम मुझे प्यार करोगे????

वीरेंदर: हां, कर लूँगा.

आशना: तो फिर मैं भी तुम्हे प्यार करूँगी.

वीरेंदर: ठीक है, कर लेना. दोनो एक दूसरे को खाना खिलाने लगे.

 


खाना खाते हुए अचानक आशना बोली: तुम्हारे प्यार करने से अगर मुझे बच्चा हो गया तो??????

वीरेंदर: तो हम उसे डॉक्टर. बनाएँगे. तुम डॉक्टर. ना बन सकी तो क्या हम उसे ज़रूर डॉक्टर. बनाएँगे.

आशना: लेकिन मैने सुना है कि शादी से पहले बच्चा हो जाए तो समाज उसे नाजायज़ कहता है.

वीरेंदर: तो शादी करलेंगे ना हम.

आशना: कब????

वीरेंदर: अभी खाना खाने के बाद.

आशना: आइ लव यू वीरू.

वीरेंदर: आइ लव यू टू शानू.

दोनो ने खाना खाने के बाद हाथ धोए और वीरेंदर फिर से चेयर पर बैठ गया.

आशना: यहाँ आओ ना बेड पर मेरे पास, इतनी दूर क्यूँ बैठे हो.

वीरेंदर: ओह, मैं तो भूल ही गया कि प्यार तो बेड पर किया जाता है.

बेड के पास आकर वीरेंदर ने अपना कोट उतार दिया और एक साइड पर रख दिया. आशना ने भी अपनी चुनरी उतार कर एक साइड पर लहरा कर फैंक दी.

वीरेंदर: आईला, कॉंपिटेशन, तो यह लो. वीरेंदर ने शर्ट के बटन खोलकर उसे भी उतार दिया. इस वक्त वीरेंदर टॉपलेस खड़ा था. उसकी बालो से भरी मर्दाना छाती देख कर आशना की साँसें तेज़ हो गई और यकायक ही शरम से उसकी आँखें झुक गई. खाना खा लेने से नशे में थोड़ी कमी आई थी मगर दोनो अभी भी नशे में थे.

आशना सरक कर वीरेंदर के लिए जगह बना कर बैठ गई. वीरेंदर भी उसके पास जाकर बैठ गया. आशना ने बैठे बैठे ही अपनी टाँगे सीधी की और वीरेंदर को अपनी गोद में सर रखने का इशारा किया. वीरेंदर खुशी से झूमता हुआ उसकी गोद मे सर रख कर लेट गया. दोनो की नज़रें मिली और एक टक एक दूसरे को देखने लगे.

आशना(शरमाते हुए): क्या देख रहे हो???

वीरेंदर: अपनी दुल्हन को देख रहा हूँ.

आशना: ऐसा क्या है देखने लायक????

वीरेंदर: आसमान से उतरी हुई परी हो. ज़मीन पर मेरे लिए आई एक अप्सरा हो. तुम्हारे जिस्म का हर अंग शराब से नशीला है. तुम्हारी आँखें झील सी गहरी हैं. तुम्हारे होंठ जैसे गुलाब की पंखुड़ी. सुरहीदार गर्दन, यह दूध सी रंगत लिए गुलाबी जिस्म और और...... ..................

आशना: और?????

वीरेंदर: और तुम्हारे......................

आशना(धड़कते दिल से): हां मेरे?????

वीरेंदर: तुम्हारे यह उभार, जैसे रस से भरे आम.

आशना: आअहह.

वीरेंदर: और सबसे विचित्र तुम्हारी पतली कमर के नीचे तुम्हारे भारी नितंब. सब कुछ तो देखने लायक हैं.

आशना(मायूसी से): बस देखने लायक है????

वीरेंदर: ज़िंदगी भर प्यार करने लायक है तुम्हारा सारा बदन.

आशना: तो आओ ना करो ना मुझे प्यार. कब से तुम्हे प्यार देने और तुम्हारा प्यार पाने के लिए तरस रही हूँ मैं.

वीरेंदर ने उसकी कमर में बाहें डाल कर आशना को बेड पर लिटा दिया और खुद उसके उपर आ गया.

आशना: आ, आओ वीरेंदर लव मी, लव युवर आशना.

वीरेंदर ने आगे बढ़कर आशना के होंठो पर अपने होंठ रख दिए. दोनो के होंठ मिलते ही उनकी जीभ एक दूसरे के मुँह मे चलने लगी. अफ़रोडियासिक के असर से दोनो के बदन मे खून का संचार तेज़ होने लगा था. वीरेंदर ने अपने हाथ उठाकर आशना के उभारों पर रखने चाहे तो आशना की आँखें एक दम से फैल गई और उसके गले से एक घुटि हुई चीख निकली. आशना ने अचानक से वीरेंदर को पीछे धकेल कर अपने हाथ अपने वक्षो पर रख दिए.

वीरेंदर: अरे यार क्या हुआ???

आशना(शर्म से लाल होकर): यह क्या करने लगे थे तुम???

वीरेंदर: तुम्हारे बाल आ रहे थे चेहरे पर उन्हे पीछे करने लगा था.

आशना: सब समझती हूँ मैं.

वीरेंदर: लेकिन फिर भी मेरी हालत नहीं समझती.

आशना: वो भी समझती हूँ और यकीन मानो तुम्हारे ही लिए जी रही हूँ अब.

वीरेंदर: यार तुम तो एकदम फिल्मी डाइलॉग बोल रही हो.

आशना: अच्छा चलो बैठ जाओ अब बताओ, "तुम क्या कन्फेस करने वाले थे.

शराब का नशा तो धीरे धीरे कम होने लगा था मगर उनके लहू मे दौड़ता हुआ कामोत्तेजित करने वाला पदार्थ अब अपना असर दिखाना शुरू कर गया था. आशना का चेहरा तप कर लाल हो गया था और वहीं वीरेंदर के लिंग में भी तनाव अपने ज़ोरों पर पहुँच गया था. आशना की योनि ने भी रिसना शुरू कर दिया था. दो जवान बदन एक ही कमरे में एक ही बिस्तर पर अपने आप को कंट्रोल मे रखने की बेइन्तिहा कोशिश कर रहे थे.

वीरेंदर बेड से उतर कर सोफे पर बैठ गया.

आशना: क्या हुआ????

वीरेंदर: जो मैं तुम्हे बताने जा रहा हूँ उसे सुनकर शायद तुम मुझे माफ़ ना कर सको लेकिन यह बोझ दिल मैं रखकर में तुमसे शादी करके तुम्हे दुख नहीं देना चाहता. मैं तुम्हे बेहद प्यार करता हूँ और किसी भी कीमत पर तुम्हे खोना नहीं चाहता. मैं चाहता तो तुमसे सच छिपाकर रख सकता हूँ मगर मैं अपने रिश्ते की बुनियाद तुम्हे धोखे में रखकर नहीं बनाना चाहता.

आशना: वीरेंदर बात क्या है?????

वीरेंदर ने आशना को बीना से लेकर रागिनी तक की सारी बात बता दी. आशना के चेहरे पर दुख और दर्द के भाव आते चले गये.

 


सब कुछ सुनने के बाद वीरेंदर बोला: आशना मैं तुम्हारा गुनेहगार हूँ, तुम जो सज़ा दो मुझे मंज़ूर है. तुम चाहो तो मुझे ठुकरा सकती हो, यह कहकर उसने आशना की तरफ देखा. आशना के चेहरे की तरफ देखते ही वीरेंदर की रूह कांप उठी. आशना की आँखो से आँसुओ की झड़ी लगी हुई थी. वो बैठी बैठी जड सी बन चुकी थी. वीरेंदर ने उसे पुकारा लेकिन वो तो कहीं शून्य में जा चुकी थी. वीरेंदर जानता था कि उसने आशना का दिल दुखाया है. अगर यह सब बातें आशना के आने से पहले बीती होती तो शायद आशना को इनका इतना बुरा नहीं लगता.

वीरेंदर काफ़ी देर तक असहाय सा बैठा रहा. फिर वो हिम्मत करके आशना के पास गया और धीरे से अपना काँपता हुआ हाथ उसके कंधे पर रखा, आशना ने अपना कंधा झटक कर वीरेंदर के हाथ को दूर किया.

वीरेंदर: आशना...................

आशना(रोते हुए, गुस्से से): जस्ट लीव मी अलोन.

वीरेंदर ने अपनी शर्ट उठाई और चुप चाप कमरे से निकल गया.

वीरेंदर के जाते ही आशना फुट फुट कर रोने लगी. उसके आँसू थमने का नाम हे नहीं ले रहे थे. काफ़ी देर तक यों ही रो लेने के बाद आशना के आँसू भी सूखने लगे और रह रह कर उसके ज़हन मे वीरेंदर की बातें घूमती रही. धीरे धीरे आशना ने अपनी हालत पर काबू पाया और बेड से उठकर रूम की लाइट ऑन की. रूम मे रोशनी फैलते ही उसे अहसास हुआ कि कितनी मेहनत से उसने आज वीरेंदर का कमरा सजाया था और आज की रात को लेकर अपने दिल में कितने सपने संजोए थे. लेकिन अब सब ख़तम हो चुका था.

आशना की आँखो में एक बार फिर से नमी आ गई यह सब सोच कर. देल्ही आकर उसने हर घड़ी कुछ खोया ही खोया था. पहले अपनी पहचान खोई, फिर अपनी नौकरी खोई, फिर अपना भाई खोया और आज तो उसने अपना प्यार भी खो दिया.

आशना की नज़र टेबल पर रखी वाइन की बॉटल पर पड़ी. आशना ने बोतल उठाई और मुँह से लगा ली गटा गॅट शराब उसके गले से उतर कर उसके जिस्म में फैलने लगी. हर घूँट के साथ आशना की आँखो से आँसू मोती की तरह फिसल कर उसके गले से सरकते हुए उसकी चोली को भिगोने लगे. आशना ने एक ही बार मैं आधी से ज़्यादा बोतल खाली कर दी. उसके जिस्म में एक दम से जलन बढ़ने लगी और शराब का नशा उसके दिमाग़ पर भी छाने लगा.

आशना वॉश रूम मे घुसी और जैसे ही लाइट ऑन करके वो वॉशबेसिन के शीशे के सामने आई तो उसके दिल से आवाज़ आई " इस सब में तेरी भी तो ग़लती है".

आशना( मन में): नहीं नहीं, इसमे मेरी क्या ग़लती है???

दिल: क्यूँ????? तू नहीं जानती कि उसके खून मे कितनी मात्रा मे आफ्रोडीज़िक पाई गई थी. अगर उस वक्त तूने वीरेंदर को संभाल लिया होता तो क्या आज वीरेंदर भटका होता???? कभी नहीं, वो तुझसे प्यार करता है, यह अलग बात है. लेकिन उसकी शारीरिक ज़रूरतें अगर तू पूरी नहीं करेगी तो वो बाहर ही भटकेगा. तू तो उसकी हालत शुरू से जानती थी मगर क्या तूने कभी उसकी हालत समझने की कोशिश की????यही सच है कि तूने ही उसे सहारा नहीं दिया बल्कि उसमे अपना सहारा ढूँढा. उस ने तो फिर भी हिम्मत करके तुझे सब सच बता दिया. यह प्यार नहीं तो और क्या है????वो तुझे सच बता कर तुझे भविष्य मे धोके में नहीं रखना चाहता था मगर क्या तू कभी उसे सच बता पाएगी???? आशना, तुझे यह नहीं भूलना चाहिए कि तू अपनी सेक्षुयल नीड्स सॅटिस्फाइ करने के लायक है लेकिन वो तो यह भी नहीं कर सकता. तू सब जानती है तो सोच भला वो ग़लत कहाँ पर है???

आशना के दिमाग़ में अचानक आया कि वीरेंदर इस वक्त इतनी रात मैं कहाँ गया होगा. वो लड़खड़ाते कदमों से रूम में आई और वीरेंदर का नंबर. डाइयल किया. एक बेल पर ही वीरेंदर ने कॉल उठा ली.

वीरेंदर: हेलो.

आशना(अपने आप को नॉर्मल दिखाते हुए): मेरी ही कॉल का वेट कर रहे थे क्या जो एक ही बेल में उठा ली.

वीरेंदर: अगर तुम कॉल नहीं भी करती तो ज़िंदगी भर तक इंतज़ार कर सकता हूँ आशना मैं तुम्हारा. आइ आम सॉरी.

आशना: नो, यू आर नोट सॉरी बट मी. इट्स मी हू ईज़ सॉरी. आइ लव यू आंड आइ लव यू, आइ कॅन'ट शेयर माइ लव टू एनिबडी.

वीरेंदर: क्या हो गया है तुम्हे, ग़लती मैने की और माफी तुम माँग रही हो.

आशना: अभी कहाँ हो????

वीरेंदर: अपने कमरे मे हूँ, तुम रूको मैं अभी आ रहा हूँ.

कुछ ही सेकेंड्स मे वीरेंदर रूम मे दाखिल होता है. आशना , वीरेंदर को देखते ही उस से चिपक गई.

आशना: आइ आम सॉरी, मैने तुम्हे समझा नहीं. हर मोड़ पर जब तुम्हे मेरी ज़रूरत थी मैने तुम्हारा साथ नहीं दिया. मैं कभी अपने आप को माफ़ नहीं कर पाउन्गी.

वीरेंदर ने आशना के सर पर हाथ रखेकर उसे अपने साथ सटा लिया और बोला "पगली गुड़िया, मुझे तुमसे कभी कोई शिकायत नहीं हुई और ना ही कभी होगी.

आशना का दिमाग़ यह सुनकर एकदम शून्य मे चला गया. "पगली गुड़िया", यह नाम तो बचपन में उसे वीरेंदर ने दिया था. आशना ने झट से अपना चेहरा वीरेंदर की तरफ करके उसकी आँखो मे देखा.

आशना: क्या कहा अभी अपने????

वीरेंदर: वोही जो मैं तुम्हे बचपन मैं कहता था.

आशना की आँख से एक बार फिर से आँसुओ की झड़ी बहने लगी.

आशना: तो आपको पता था के मैं.......वीरेंदर ने झट से अपना हाथ उसके होंठो पर रख दिया और बोला " कल ही पता लगा".

आशना: आइ आम सॉरी भा..............

वीरेंदर: सस्स्शह, मैने कहा ना कि मुझे तुमसे कभी कोई शिकायत नहीं थी. हां तुमने मुझे कभी समझने की कोशिश नहीं की.

आशना: मैं समझ गई हूँ आपको वीरेंदर, सच मे समझ गई और अब मुझे किसी और को नहीं समझना.

वीरेंदर ने उसे अपनी बाहों मे कस लिया और बोला: मुझे भी अब किसी से कोई उम्मीद नहीं है तुम्हारे सिवा.

आशना: लेकिन यह सब आपको पता कैसे लगा???

वीरेंदर: बहुत जल्द सब बता दूँगा, मगर आज नहीं.

आशना: आज क्यूँ नहीं???

वीरेंदर: आज मेरी एंजल के साथ मेरी पहली डेट है.

आशना ने भी अपनी बाहें कस कर वीरेंदर के गले मे डाल दी और बोली: आपकी यह एंजल आज से "आपका हर ख़याल रखेगी".

वीरेंदर: जानता हूँ, तभी तो तुम सब कुछ छोड़ कर यहाँ आई हो.

दोनो के जिस्म मिलने से एक बार फिर से उनके शरीर में गर्मी बढ़ने लगी.

वीरेंदर: आज की डेट में मुझे क्या मिलेगा???

आशना: बहुत कुछ और शायद सब कुछ.

वीरेंदर: आईला, ऐसा क्या.

आशना: जी हां मेरे राजकुमार.

वीरेंदर: कहीं तुम्हारे दिल में कोई डर या कोई हीन भावना तो नहीं इस रिश्ते को लेकर.

आशना: मैं तो काफ़ी दूर निकल आई हूँ इस रास्ते पर और अब लोटना नहीं चाहती.

वीरेंदर ने आशना को गोद में उठा लिया.

आशना: उउउइ माँ.

वीरेंदर: तो फिर चलो आज अपने उस रिश्ते को मिटाकर एक नया रिश्ता बनाए.

आशना(वीरेंदर के गले में बाहें डालते हुए): जो आप कहें मेरे पिया जी.

वीरेंदर: ओह हो पिया जी, तो अब मत कहना कि यह क्या किया जी.

आशना को लेकर वीरेंदर बेड पर आ गया और उसे बेड पर पटक दिया.

आशना: ऊउच, यह क्या तरीका है वीरेंदर????

वीरेंदर: जब मॅट्रेस खरीदे थे तो सेल्समन ने गॅरेंटी दी थी कि इस पर कितना भी उछल लो, चोट नहीं आएगी, आज सोचा चेक कर ही लूँ.

आशना: अच्छा???? तो और क्या क्या कहा था उसने???

वीरेंदर: उसने तो यह भी कहा था कि यह मट्रेस्स स्पेशल हनिमून कपल्स के लिए बनाया गया है.

आशना: तब तो चेक करना ही पड़ेगा.

वीरेंदर ने अपनी शर्ट उतारी और झट से बेड पर कूद पड़ा.

वीरेंदर: वाउ, सच मैं बहुत मज़ा आता है इस पर कूदने में.

आशना: आप आराम से कूदिए, तब तक मैं फेश होकर आती हूँ.

वीरेंदर: ओह नो यार, ऐन मोके पर कलपद.

आशना: आज सच मे कलपद नहीं होगा, प्रॉमिस. जस्ट गिव मी 15-20 मिनट्स प्लीज़.

वीरेंदर: कम ऑन, युवर टाइम स्टार्ट्स नाउ, ओन्ली 20 मिनट्स.

 


वॉश रूम आकर आशना ने अपने चेहरे की तरफ देखा, उसका चेहरा बेशक आँसू के निशान से भरा पड़ा था मगर उसकी आँखो में एक अजीब सी चमक थी.

आशना(मन में): थॅंक्स वीरेंदर. तुमने मेरे इतने बड़े झूठ को इतनी आसानी से माफ़ कर दिया और मुझे गले भी लगा लिया. आप से ज़्यादा बढ़कर मुझे कोई प्यार नहीं कर सकता यह मैने आज जान लिया है और देखिएगा आज के बाद आपकी हर ज़रूरत का "ख़याल मैं रखूँगी भैया". इतना सोचते ही आशना के हाथ शरम से अपने आप ही उसके चेहरे पर आ गये.

करीब 15 मिनट मे आशना फेश होकर वॉशरूम से बाहर निकली.

वीरेंदर: वाउ, तो आग दोनो तरफ से बराबर लगी है, 5 मिनट पहले ही आ गई.

आशना: यंग हूँ, हॉट हूँ, सेक्सी हूँ तो एक जवान मर्द के साथ कब तक नखरे दिखाती फिरुन्गि आख़िर मेरे भी तो कुछ अरमान हैं.

वीरेंदर ने बेड से उठकर तेज़ी से आशना को पकड़ लिया और अपनी बाहों में उठा लिया.

आशना: होप इस बार आप फिर से मॅट्रेस का टेस्ट नहीं लोगे.

वीरेंदर: वो तो ज़रूर लूँगा लेकिन किसी और तरीके से.

आशना और वीरेंदर की नज़रें मिली तो आशना शरमा गई और शरमा कर उसने अपना चेहरा वीरेंदर के सीने मे छुपा लिया.

वीरेंदर: मरजावां सोणिये तेरी इस अदा ते.

इस बार वीरेंदर ने आशना को आराम से बिस्तर पर उतारा और खुद उसकी बगल में बैठ गया.वीरेंदर: याद है तुम्हे वो बॅंगलॉर में होटेल वाली रात.

आशना: सब याद है और यह भी याद है कि इतना अच्छा मोका होते हुए भी अपने मेरी मजबूरी का फ़ायदा नहीं उठाया. यू आर सो स्वीट.

वीरेंदर: बस बस इतनी तारीफ मत करो कि बाद में आज की रात को लेकर भी तुम मुझे यही कहो. आज मैं तुम्हारा पूरा फ़ायदा उठाना चाहता हूँ.

आशना: क्या फ़ायदा लोगे मेरा, मुझे भी तो पता चले?????

वीरेंदर: सबसे पहले तो "रूम की लाइट्स ऑफ कर दो प्लीज़ मुझे शरम आती है".

आशना(हैरानी से): क्या???

वीरेंदर(मुस्कुराते हुए): तुम यह लाइन बिल्कुल नहीं बोलोगि.

आशना(आँखे दिखाते हुए): चलो हटो बेशरम, मैं आपकी तरह नही हूँ.

वीरेंदर: आज के बाद तुम यह बात नहीं बोल सकती.

आशना(आँखें नचाते हुए): क्यूँ???

वीरेंदर: क्यूंकी, आज से और आजके बाद, रात को कभी भी इस कमरे की लाइट ऑफ नहीं होगी.

आशना ने धक्का देकर वीरेंदर को बेड पर लिटा दिया और बोली: तो फिर आज से आप मेरी बेशर्मी भी देख लीजिए.

आशना, वीरेंदर के उपर लेट गई. आशना का क्रॉच एरिया ठीक वीरेंदर के क्रॉच एरिया के साथ मिला था और आशना के ब्रेस्ट सीधा वीरेंदर की छाती के उपेर. आशना को अपने क्रॉच एरिया मे वीरेंदर के लिंग की अकड़न महसूस हुई तो बोली: देखो कितने गंदे हैं, थोड़ा सा भी कंट्रोल नहीं है इन्हे.

वीरेंदर: बस इसी चीज़ में कंट्रोल नहीं है. वैसे भी अब तुम आ गई हो तो मुझे इसे कंट्रोल में रखना भी नहीं.

आशना ने वीरेंदर की तरफ देख कर कहा: क्या चाहिए????

वीरेंदर: सब कुछ.

आशना: चलो आप भी क्या याद रखोगे कि शादी से पहले ही आपकी बीवी ने आपको मर्द बना दिया था.

वीरेंदर: मतलब????

आशना: मतलब यह कि शादी से पहले आप को तो पूरा मर्द बना दूँगी लेकिन मैं औरत शादी के बाद ही बनना पसंद करूँगी.

वीरेंदर: तो हम कल ही शादी कर लेंगे.

आशना: कल नहीं????

वीरेंदर: तो फिर कब????

आशना: कल क्या डेट है???

वीरेंदर:13थ सेप्टेंबर.

आशना: तो ठीक दो महीने बाद यानी 13थ नवंबर. को आप मेरे पति और मैं आपकी बीवी बनूँगी.

वीरेंदर: दो महीने, यार तुम तो वकीलों वाली डेट डाल रही हो.

आशना: वकील की बेटी हूँ, कुछ तो गुण होंगे ना उनके उनकी बेटी मे.

वीरेंदर: लेकिन 13थ नवंबर. को ही क्यूँ???

आशना: क्यूंकी, उस दिन मोम-डॅड की ऐनिवर्सरी होती है.

वीरेंदर ने आशना के जज़्बातों की कदर करते हुए खामोश रहना ही ठीक समझा.

वीरेंदर: चलो मान लिया, लेकिन तुम मुझे आज ही कैसे मर्द बनाओगी.

आशना ने डॉक्टर. बीना के साथ हुई सारी बातें वीरेंदर को बता दी.

वीरेंदर: तो तुम्हे पता था कि मैं अभी तक वीर................

आशना(वीरेंदर के होंठो पर हाथ रखते हुए): आज के बाद नहीं रहोगे, प्रॉमिस.

आशना ने वीरेंदर के उपर से सरक कर अपने शरीर को बिस्तर पर रखा और थोड़ा सा नीचे हो गई.

 
आशना की नज़र वीरेंदर की पॅंट के उभरे हुए हिस्से पर पड़ी लेकिन उसके दिल मे शरम के कोई भाव नहीं आए बल्कि उसे और ज़्यादा एग्ज़ाइट्मेंट होने लगी. आशना ने अपना चेहरा वीरेंदर के पेट पर रख कर अपनी एक टाँग उठाकर वीरेंदर की टाँगो पर रख दी और धीरे से अपना हाथ वीरेंदर के लिंग की लंबाई पर फिरा दिया. वीरेंदर का पूरा बदन सिहर उठा और वहीं आशना को भी अपनी बेशर्मी पर हैरानी हुई.

आशना(मन में): क्या हो गया है मुझे, इतनी बेशरम कब से हो गई मैं.

वीरेंदर: क्या हुआ?? क्या सोचने लगी????

आशना ने " ना" मे गर्दन हिला कर कुछ नहीं का इशारा किया.

वीरेंदर: गो अहेड, यह काट ता नहीं.

आशना(सर उठा कर वीरेंदर की तरफ देख कर): तो क्या करता है यह???

वीरेंदर(मुस्कुरा कर): सिर्फ़ फाड़ता है.

आशना ने झूठा गुस्सा दिखाते हुए वीरेंदर की कमर पर एक मुक्का मार दिया.

वीरेंदर: सच तो सच है, मानो या ना मानो.

आशना: बोल तो ऐसे रहे हैं जैसे पता नहीं कितनो की फाड़ चुके हैं.

वीरेंदर: एक ही फट जाए इस से तो यह उसी मे खुश है. कोई वर्ल्ड रेकॉर्ड नहीं बनाना इसे.

आशना(शरम और झूठे गुस्से के मिले झूले भाव से): आप चुप करोगे या नहीं??

वीरेंदर: मुझे चुप करवाना है तो आ जाओ मेरे उपेर.

आशना: प्लीज़ वीरेंदर मुझे रुसवा मत करो.

वीरेंदर: अरे यार आज नहीं तो कल यह सब तो होना ही है.

आशना: प्रॉमिस, वक्त आने पर आपका पूरा साथ दूँगी बस धीरे धीरे मुझे थोड़ा खुलने तो दीजिए.

वीरेंदर भी आशना की उलझन समझता था, वो खामोश रहा.आशना ने हिम्मत करके वीरेंदर की बेल्ट खोली और फिर पॅंट की हुक खोलकर ज़िप नीचे खिसका दी. वीरेंदर ने गहरी साँसे लेना शुरू कर दिया. आशना ने पॅंट का एक सिरा पकड़ कर नीचे खिसकाई तो वीरेंदर ने अपनी कमर उठा कर उसकी मदद की. आशना ने उठकर पॅंट वीरेंदर की टाँगो से निकाल कर दूर फैंक दी.

वीरेंदर: वाउ, यू आर लुकिंग हॉट आशना बाइ डूयिंग दिस.

आशना(नज़रें झुका कर): सब आपके प्यार का असर है.

वीरेंदर: ज़रा एक बार मेरी तरफ देखो तो.

आशना ने नज़रें उठाकर वीरेंदर की तरफ देखा.

वीरेंदर: सॉरी अगर मैं तुम्हे फोर्स कर रहा हूँ तो.

आशना: यू डिज़र्व दट वीरेंदर आंड आइ रियली डिज़ाइर इट, माइंड इट.

वीरेंदर: ओह माइ गॉड, आज तो तुम मुझे पागल बना कर ही छोड़ोगी.

आशना(वीरेंदर की नज़रों में देख कर): उूहून, पागल तो कब से हैं हम दोनो एक दूसरे के लिए, आज आपको बस मर्द बनाकर छोड़ दूँगी.

वीरेंदर: तो तुम्हे क्या लगता है कि मैं मर्द नहीं हूँ???

आशना: अभी देख लेती हूँ कि आप किस तरह के मर्द हो.

वीरेंदर ने अपनी टाँगे खोली और आशना को उनके बीच बैठने का इशारा किया. आशना शरमाती हुई मुस्कुराती वीरेंदर की टाँगो के बीच बैठ गई. आशना की नज़र वीरेंदर की जॉकी पर थी जो कि एक बड़े से टेंट का रूप ले चुकी थी. वीरेंदर ने अपनी कमर हवा मे उठाई तो आशना ने वीरेंदर की तरफ देखा. वीरेंदर ने इशारे से उसे जॉकी उतारने को कहा.

आशना: आप आराम से लेटे रहिए, मुझे जो करना है मैं खुद कर लूँगी. आइ डॉन'ट वॉंट गाइडेन्स.

वीरेंदर: ऐसा क्या??? तुम तो ऐसे कह रही हो कि जैसे पता नहीं कितना एक्सपीरियेन्स हो.

आशना: कभी किया नहीं तो क्या, देखा तो बहुत बार है.

वीरेंदर: हां जानता हूँ तुम्हारी वो हॉस्टिल वाली गंदी फ़िल्मे.

आशना: अब वो फ़िल्मे गंदी नहीं रही.

वीरेंदर: अच्छा तो अब क्या कहूँ उन फिल्मों को????

आशना: प्लेष्रबल आक्ट.

वीरेंदर(सर उठाकर आशना की तरफ देखता है): विल यू प्लीज़ गिव मी दा प्लेषर.

आशना: आइ विल आंड फॉरेवर आइ आम रेडी टू प्लीज़ यू माइ लव.

वीरेंदर(तकिये पर सर पटक कर): आह, लगता है यह साला आज ऐसे ही फट जाएगा.

आशना: माइंड युवर लॅंग्वेज, खबरदार आज के बाद अगर इसे गाली दी तो यह कहकर आशना ने अपना हाथ हल्का सा वीरेंदर के टेंट पर फिरा दिया.

वीरेंदर: आहह सस्सिईईईईईईईई. वाउ, सिल्की टच.

आशना: दिस ईज़ वेरी प्रेशियस टू मी, आइ विल हॅंडल इट वित केयर.

वीरेंदर: ओह, आशना आइ लव यू.

आशना: आइ लव यू टू बट नाउ टुडे ईज़ हिज़ टर्न टू गेट माइ लव.

वीरेंदर: तुम मुझे अपनी बातों से ही क्लाइमॅक्स करवा दोगि यार.

आशना: सबर करो, कंट्रोल करना सीखो. डॉन'ट स्पिल हियर आंड देयर, ट्राइ टू होल्ड ऑन.

वीरेंदर: येस मॅम, आइ विल ट्राइ टू होल्ड ऑन.

आशना: गुड बॉय. जस्ट रिलॅक्स आंड टेक ईज़ी आंड लोंग ब्रेत. आशना ने अपने हाथो से जॉकी का एलास्टिक पकड़ा और उसे धीरे धीरे नीचे खिसकाना शुरू कर दिया.जॉकी जैसे ही सुपाडे की स्टार्टिंग तक पहुँची, आशना ने शरारत भरी नज़रो से वीरेंदर को देखा. वीरेंदर सर उठाकर आशना को देख रहा था और उसकी साँस रुकी हुई थी.

आशना(डाँटते हुए): आइ सेड टेक डीप ब्रेत.

वीरेंदर ने अपने सिर को तकिये पर दे मारा और लंबी लंबी साँस लेने लगा. आशना ने अपनी नज़र को वीरेंदर के लिंग पर रखते हुए जॉकी को नीचे करना शुरू किया. शुपाडा बाहर निकलते ही आशना के दिल में एक हूंक उठी और उसकी आँखें नशे और लज़्ज़त में बंद होने लगी. उसने कंट्रोल करके जॉकी को नीचे खिसकाना जारी रखा. जैसे जैसे इंच बाइ इंच जॉकी नीचे आती रही, आशना के दिल की धड़कन बढ़ती रही. आशना ने डर और शरम के बावजूद आँखें खोली तो सामने का नज़ारा देख कर उसकी आँखें फैल गई और हाथ अपने आप मुँह पर आ गये जैसे वो अपनी ही चीख को रोकना चाहती हो.

 


वीरेंदर का आधे से ज़्यादा लिंग आशना की नज़रों के सामने था. उसका विकराल रूप देखकर आशना का बुरा हाल था. उसकी आँखो में डर सॉफ देखा जा सकता था.

वीरेंदर(हंसते हुए): क्या हुआ???? डर क्यूँ गई????

आशना को तो मानो काटो तो खून नहीं, बुत(स्टॅच्यू) बनी वो वीरेंदर के लिंग को देखती रही. वीरेंदर ने खुद ही अपने हाथो से जॉकी उतार कर फैंक दी और आशना के सामने टाँगे फैलाए अपने लिंग के खुले दर्शन करवाने लगा. आशना के दिल की धड़कन इतने ज़ोर से चलने लगी कि आशना को लगा के वो अभी बेहोश हो जाएगी. वीरेंदर ने अपने हाथ से उसे झिंजोड़ा तो आशना होश मे आई. कभी वो वीरेंदर के चेहरे को तो कभी उस विकराल लिंग को देखती.

वीरेंदर: क्या हुआ???तुम्हारे वो सो कॉल्ड"प्लेष्रबल आक्ट" मैं तुमने इसे नहीं देखा क्या????

आशना: माइ गॉड वीरेंदर इट ईज़ ह्यूज. आइ, आइ, आइ मीन, इट दिस रियल??????

वीरेंदर: 100% रियल आंड ईज़ दा ओन्ली वन यू हॅव टू प्लीज़ फॉर दा होल लाइफ.वैसे तुम्हे पसंद तो है ना????

आशना(अभी भी हैरानी से): पसंद??? अरे यह तो मेरी जान ही निकाल देगा.

वीरेंदर: बस पहली बार थोड़ा तड़पोगी. उसके बाद तुम गपा गॅप इसे रोज़ अपने अंदर लोगि.

आशना: धात्ट!! आप कितने बेशरम हो ना, इस तरह से कोई किसी लड़की से बात करता है क्या???.

वीरेंदर: आज इस बात का जवाब भी दूँगा तुमको.

आशना हैरानी से विरेदर की तरफ देखने लगी.

वीरेंदर: हमेशा यही कहती हो ना कि मैं लोफर हूँ और बहुत बेशरम हूँ.

आशना: हां, कोई शक???

वीरेंदर: तो फिर तुम तो मुझसे भी बड़ी बेशरम निकली.

आशना: क्या मतलब है आपका???

वीरेंदर: मुझे तो कल ही पता चला तुम्हारे बारे में लेकिन तुम तो पहले से जानती थी ना.

आशना, वीरेंदर की बात सुनकर एकदम चुप हो जाती है और उसके चेहरे के भाव बदलने लगते हैं.

वीरेंदर को लगा कि शायद उसने कुछ ग़लत बोल दिया है. आशना को चुप चाप देखकर वीरेंदर परेशान हो उठा. वो समझ सकता था कि आशना के दिमाग़ में इस वक्त क्या चल रहा होगा.

वीरेंदर: आइ आम सॉरी, आइ वाज़ जस्ट जोकिंग.

आशना(नज़रें झुकाए): नो भैया, इट्स ओके.

इतना सुनते ही वीरेंदर का शरीर ठंडा पड़ने लगा. आशना के मुँह से "भैया" शब्द सुनकर वीरेंदर की आँखो के आगे अंधेरा छाने लगा.

वीरेंदर: आइ हर्ट यू न मी "पगली गुड़िया" और यह कहकर वीरेंदर उठ कर बैठ गया.

आशना अभी भी उसकी टाँगो के बीच बैठी हुई थी. वीरेंदर ने आशना को पकड़ कर अपनी तरफ खींचा तो आशना कटी पतंग की तरह उसके सीने से जा चिपकी.

वीरेंदर: आइ आम सॉरी, आइ डॉन'ट वान्ट टू हर्ट यू. आइ वाज़ जस्ट जोकिंग.

आशना: आइ आम नोट हर्ट वीरेंदर. इस मानसिक स्थिति से तो मैं कब की काफ़ी उपर निकल आई हूँ.

वीरेंदर: क्या मतलब????

आशना: भैया मैं जानती थी कि एक ना एक दिन यह सब आपके सामने आ ही जाएगा, मुझे इस बात का हमेशा डर लगा रहता था कि आप शायद मुझे समझ नहीं पाएँगे. मेरे लिए सबसे बड़ी मुश्किल यही थी कि मैं खुद आपको कैसे यह सब बता पाउन्गी.

वीरेंदर: चलो अच्छा है यह सब मुझे खुद ही पता चल गया.

आशना: लेकिन कैसे???

वीरेंदर: वक्त आने पर सब बता दूँगा, बस किसी को भी पता नहीं लगना चाहिए कि तुम्हारी सच्चाई क्या है और मैं इस बारे मैं सब जान गया हूँ. और एक बात रागिनी से तुम कल भी उसी तरह बात करोगी जैसे कि अभी तक करती आई हो.

आशना: उस बिच को तो मैं छोड़ूँगी नहीं.

वीरेंदर: वाह एयिर्हसटेस्स को गुस्सा भी आता है?????

आशना: मेरे हक को कोई और छीनने की कोशिश भी करेगा तो मैं उसे, मैं उसे........

वीरेंदर: क्या करोगी?????

आशना: उसे प्लेन से नीचे फैंक दूँगी.

वीरेंदर: आआहहहहाहा, यह हुई ना एयिर्हसटेस्स वाली बात.

आशना: वीरेंदर आप हंस रहे हैं????? आप नहीं जानते मैं उस से कितनी नफ़रत करने लगी हूँ.

वीरेंदर: और मुझसे????

आशना(सेन्सिटिव होते हुए): आपसे अब तक तो नफ़रत ही की है वीरेंदर, अब सिर्फ़ प्यार करना है.

वीरेंदर ने आशना को सीने से चिपका लिया.

दो प्रेमी एक दूसरे की बाहों में आकर सुकून महसूस कर रहे थे.

वीरेंदर: अच्छा अब सबसे पहले यह बताओ कि हमारे पुराने रिश्ते के बारे मे कॉन कॉन जानता है???

आशना: सबसे पहले बीना जी जानती थी मगर अब वो इस दुनिया में रही नहीं.

बीना का नाम सुनते ही वीरेंदर किसी गहरी सोच में डूब गया.

आशना: मेरी फ्रेंड प्रिया भी जानती है कि आप ही मेरे वीरेंदर भैया हैं.

वीरेंदर(चौंकते हुए): क्या??????.

आशना: डॉन'ट वरी, मैं उसे कभी नहीं बताउन्गी कि हम ने शादी कर ली है.

वीरेंदर(आशना को चिडाने के लिए): शादी???? तो क्या तुम मुझसे शादी करने वाली हो???

आशना: तो आपको क्या लगता है कि आपसे शादी किए बिना ही मैं इस नाग (वीरेंदर के लिंग की तरफ इशारा करते हुए) को दूध पिलाउन्गी.

यह कहते ही आशना ने वीरेंदर को धक्का देकर बेड पर लिटा दिया और बोली: अब कोई बात नहीं करेगा. बिल्कुल खामोशी चाहिए मुझे अब. बाकी की सारी बातें एक छोटे से "प्लेष्रबल आक्ट" के बाद. वीरेंदर ने मुस्कुराते हुए अपनी आँखे बंद कर ली और अपने शरीर को ढीला छोड़ दिया.

 
Back
Top