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भैया का ख़याल मैं रखूँगी complete



बिहारी ने अपने पाजामा की एलास्टिक मे हाथ डालकर उस पर प्यार से हाथ फेरा और बोला "प्यारे अगर सबर नहीं किया ना तो ज़िंदगी भर इस लोंड़िया की चूत के दर्शन भी नसीब नहीं होंगे, इस लिए सबर रख और आराम से खा जो मिले".

बिहारी ने अपने लिंग पर दो चपत लगाई जैसे उसे चुप चाप बैठने के लिए कह रहा हो मगर उसका लिंग भी कोई मामूली लंड नहीं था. काफ़ी औरतो का स्वाद चख चुका था और कुँवारी चूत की महक से तो बिल्कुल बग़ावत पर ही उतर आया था.

बिहारी काफ़ी देर तक टीवी मे ध्यान लगाए रहा ताकि अपने लिंग को धोका दे सके कि आज उसके लिए कोई काम नहीं है. तभी उसे ध्यान आया कि रागिनी को बाथरूम मे गये तो काफ़ी समय हो गया है. बिहारी ने बेड पर लेटते ही रागिनी को आवाज़ लगाई. रागिनी, कहाँ हो तुम???

रागिनी: जी आ रही हूँ बस 5 मिनिट.

बिहारी: साली यह लड़कियाँ बाथरूम मे इतना टाइम क्यूँ लगाती हैं???

बिहारी के लिए तो इस वक्त एक एक मिनिट भी एक घंटे के बराबर था

करीब 10 मिनिट तक भी जब रागिनी बाहर नहीं आई तो बिहारी बाथरूम के दरवाज़े के पास जाकर नॉक करता है.

रागिनी: मुझे बाहर आने मे शरम आ रही है विराट.

बिहारी: चलो मैं एक काम करता हूँ, अपनी आँखें बंद कर लेता हूँ तुम आ जाओ.

रागिनी: विराट, आप प्लीज़ बेड पर लेट कर अपने चेहरे पर कंबल ले लीजिए मैं अभी आती हूँ.

बिहारी(बेड की तरफ जाते हुए): साला, सील पॅक चूत के लिए क्या क्या करना पड़ रहा है. नखरे तो ऐसे कर रही है कि जैसे बिना कपड़े खोले ही चुदवायेगी.

बिहारी बिस्तर पर जाकर कंबल लेकर लेट गया और बोला: आ जाइए मेरी हुस्न की मल्लिका जी.

रागिनी ने धीरे से दरवाज़ा खोला और अपना चेहरा बाहर निकाल कर बाहर देखा और तेज़ी से फिर से सर को अंदर करके बोली: विराट प्लीज़ मुँह ढक लो ना.

बिहारी(मन मैं): साली अजीब मुसीबत है, अभी थोड़ी देर मे नंगी होकर मस्त चुदेगि लेकिन पहले नखरे ज़रूर करेगी.

बिहारी ने अपना मुँह भी ढक लिया लेकिन एक आँख से कंबल को तोड़ा सा हटा दिया ताकि वो रागिनी को देख सके.

रागिनी: मैं आउ???

बिहारी: कहो तो मैं उठा लाउ???

रागिनी: नहीं बस आ रही हूँ.

रागिनी ने फिर से सिर बाहर निकाल कर देखा तो वो यह नहीं देख पाई कि बिहारी की एक आँख अभी भी कंबल से बाहर है. रागिनी तेज़ी से बाथरूम से बाहर आई और दरवाज़ा बंद करके तेज़ी से बेड की तरफ भाग आई. बिहारी को उसकी एक झलक ही मिली लेकिन रागिनी ने अपने शरीर पर चुन्नी लपेट रखी थी. वो ज़्यादा कुछ देख तो नहीं पाया लेकिन वो यह ज़रूर समझ गया कि रागिनी ने उसकी लाई हुई ही कोई ड्रेस पहनी हुई है तभी तो उसे बाहर आने मे इतनी शर्म महसूस हो रही है. बिहारी की पीठ की तरफ आकर रागिनी ने अपने बदन से चुन्नी अलग की और उसे दूर फैंक कर कंबल मे घुस गई लेकिन बिहारी से दूरी बनाकर.

रागिनी: अब आप मुँह बाहर निकाल सकते हो विराट.

बिहारी(धीमी आवाज़ मे): लंड कब बाहर निकालु.

रागिनी:क्या???

बिहारी: मैने कहा, आज की रात भी क्या शरमाना.

रागिनी ने अपने पूरे शरीर को कंबल मे ढक रखा था, सिर्फ़ उसका चेहरा ही बिहारी देख पा रहा था. रागिनी का दमकता मदहोश चेहरा देख कर बिहारी के लंड मे तनाव बढ़ने लगा और वो समझ गया कि दूध ने असर करना शुरू कर दिया है. रागिनी के चेहरे पर इतनी मासूमियत थी कि बिहारी जैसा लड़कीबाज़ आदमी भी एक बार सोचने पर मजबूर हो गया कि क्या वो इस लड़की के साथ ठीक कर रहा है??? फिर उसने सोचा कि जो भी कर रहा हूँ शादी कर कर ही कर रहा हूँ तो इस मे बुरा ही क्या है. बिहारी के दिल मे रागिनी के लिए एक पल के लिए प्यार उमड़ आया.

रागिनी ने शरमाते हुए पूछा: क्या देख रहे हैं??

बिहारी: कुछ दिख ही तो नहीं रहा. एक तो तुमने लाइट पहले ही बंद करवा दी और अब इतना मोटा कंबल भी ले लिया. लगता है के मेरी सुहागरात के अरमान अधूरे ही रह जाएँगे.

रागिनी: ऐसा ना कहें विराट, आपके हर अरमान मे, मैं आपका पूरा साथ दूँगी और दिल-ओ-जान से आपको प्यार दूँगी और खुश रखूँगी. आपकी हर बात मानूँगी.

बिहारी खिसक कर उसके पास सरक गया तो रागिनी के चेहरे पर एक दम सुर्खी आ गई.

बिहारी:क्या तुम सच मे मेरी हर बात मनोगी??

रागिनी: आपसे बाद मेरे लिए इस दुनिया मे कोई नहीं विराट, आपकी कसम.

बिहारी: तो फिर लाइट ओन करने दो ना, मैं तुम्हें पहली ही बार मे जी भर कर देख लेना चाहता हूँ, तुम्हारे जिस्म के हर एक अंग को अपनी आँखों मे बसा लेना चाहता हूँ, तुम्हारे जिस्म की छवि को अपनी रूह मे इस तरह बसा लेना चाहता हूँ कि अगर आँखें बंद भी करूँ तो मुझे तुम ही तुम दिखाई दो.

बिहारी की ऐसी बातों से नासमझ रागिनी एकदम पिघल गई और उसे एकदम नशा सा छाने लगा. उसे समझ नहीं आ रहा था कि उसे यह क्या होने लगा है लेकिन उसकी आँखों की खुमारी से बिहारी को पता चल गया कि रागिनी पर दूध का असर हावी होने लगा है. वो इस मोके को खोना नहीं चाहता था. उसने देख लिया था कि लोहा गरम है, अब बस हथोडा मारने की देर है.

 
mini wrote: wah such kya likha h,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,mza aa gya,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,super duper
 


बिहारी: तुम नहीं जानती रागिनी, तुम्हारे जैसी बीवी पाने के लिए मैं कितनी राते जगा हूँ, जब भी आँखें बंद करता था तो जिस लड़की का चेहरा आँखों मे आता, तुम बिल्कुल वैसी ही हो. तुम सिर्फ़ मेरे लिए ही बनी हो.

रागिनी: ओह.... हां विराट, हां, मैं सिर्फ़ आपकी हूँ, मुझे अपना बना लो, मुझे अपने मे समा लो विराट ताकि मेरा कोई वजूद ही ना रहे. मैं आपके लिए कुछ भी कर सकती हूँ विराट. आपने मुझे सहारा देकर मुझ पर बहुत बड़ा एहसान किया है. इसके बदले आप जो कहोगे मैं मानने के लिए तैयार हूँ.

बिहारी: सच मैं तुम मेरी हर बात मनोगी??

रागिनी:हुउन्न्न्न्न, कसम से विराट, आपकी कसम.

बिहारी: लाइट जला लूँ, मुझे तुम्हे देखना है.

रागिनी:आआहह, जला लीजिए विराट और कर लीजिए मेरा दीदार. भुजा लीजिए अपनी आँखों की प्यास.

बिहारी: प्यास, मेरी प्यास तो रागिनी तुम्हारे करीब आने से और बढ़ गई है. मेरे दिल की प्यास, मेरे होंठों की प्यास, मेरे हाथों की प्यास, मेरी आत्मा की प्यास, मेरे .............यह कह कर बिहारी चुप हो गया. रागिनी ने सवालिया नज़रो से उसे देखा और मदहोशी मे बोली: बोलिए ना विराट, आपके...........

बिहारी: रागिनी तुम्हारे जिस्म के लिए मेरे लंड की प्याससस्स.

रागिनी:श्श्श्श्श्श्श्श्श्श्श्श्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्श्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आआआआः विराट यह आपने मुझे क्या कर दिया, मेरा खुद पर काबू खोता जा रहा है.

बिहारी: होने दो बेकाबू रागिनी तुम अपने आप को, अब मैं तुम्हारे साथ हूँ तुम्हारे बेकाबू शरीर को मंज़िल तक पहुँचाने के लिए.

रागिनी: प्लीज़ विराट, कुछ करो ना, मुझे मंज़िल दे दो ना विराट.

बिहारी तेज़ी से उठा और लाइट जला दी. लाइट जलते ही सारा कमरा रोशन हो गया.शूकर है कि लाइट जलते ही रागिनी ने शरम के मारे अपना चेहरा कंबल मे छुपा लिया था वरना बिहारी के पाजामे मे बने टेंट को देख कर उसके तो होश ही उड़ जाते. बिहारी ने अपने लोड्‍े पर हाथ रख कर मन मे बोला(बस कुछ देर और, फिर सारा काम तेरा ही है).

बिहारी रागिनी के पास जाकर बैठ गया और धीरे से उसके चेहरे से कंबल हटाया. कंबल हटते ही रागिनी का मदहोश सुर्ख चेहरा उसके सामने आया. गोरा रंग लिए हुए उसके गाल शरम से लाल सुर्ख हो चले थे. रागिनी के होंठ और बंद आँखे शरम से फड़फडा रहे थे. बिहारी ने झुक कर उसके माथे पर किस किया तो रागिनी सिहर उठी और उसके सुर्ख होंठों से एक आह निकल गई.

बिहारी: कितनी प्यारी और सुन्दर लड़की दी है भगवान ने मुझे बीवी के रूप मे.

रागिनी (आँखें बंद किए मुस्कुराते हुए बोलती है): तो बना लीजिए ना इस लड़की को अपनी बीवी, इसके जिस्म पर अपनी छाप छोड़ कर.निचोड़ दीजिए इसके अंग-अंग से जवानी का रस ताकि इस जिस्म को हमेशा आपके एहसास की ही भूख रहे.

बिहारी ने अपना एक हाथ कंबल मे डालकर रागिनी के गले पर चलाना शुरू किया और फिर धीरे धीरे हाथ को उसके कान के पिछले और निचले हिस्से पर फिराने लगा.

रागिनी: सस्स्स्स्स्स्शह अह्ह्ह्ह विराट मुझे अपनी बना लीजिए अहह.

बिहारी इस खेल का पक्का खिलाड़ी था. हालाँकि वो खुद भी रागिनी जैसी लड़की पा कर अपने होश खो रहा था मगर उसे पता था कि यह लड़की उसकी बीवी है, इसलिए वो सयम से काम ले रहा था. आज जीवन मे पहली बार बिहारी का दिमाग़ उसके लोड्‍े पर भारी पड़ रहा था. बिहारी ने धीरे धीरे अपना दूसरा हाथ भी कंबल मे घुसाया और रागिन की बगल मे लेट गया. अब आलम ऐसा था कि रागिनी पीठ के बल लेटी हुई अपनी जंघें आपस मे रगड़ रही थी और उसका शरीर कंबल के अंदर तप रहा था जबकि बिहारी बस एक पाजामे मे अपनी छाती को तकिये पर रख कर रागिनी की बगल मे लेटा हुआ था.

बिहारी के हाथ कंबल मे धीरे धीरे रागिनी की बाजुओ पर पहुँच गये और उस मखमली बदन पर जब बिहारी के मर्दाना हाथ लगे तो दोनो की सिसकी एक दूसरे की सिसकी मे खो गई. रागिनी का गला सूखने लगा था.वो बड़ी मुश्किल से थूक निगल पा रही थी.उसकी दाई बाज़ू पर अपनी पकड़ मज़बूत करते हुए बिहारी ने उसे अपनी तरफ पलटा तो रागिनी अपनी बाई तरफ होती चली गई अब उसका बदन बिहारी के हाथो मे ढीला पड़ने लगा था. बिहारी ने भी अपने आप को अपनी दाई तरफ पलटा और अपना सिर तकिये पर रख दिया.

बिहारी की आँखों मे हवस सॉफ झलक रही थी और वहीं रागिनी की आँखें भी सेक्स के नशे से बंद होने लगी थी. बिहारी ने अपने बाए हाथ को रागिनी के कंधे पर रखकर उसे अपनी तरफ खींचा. रागिनी का विरोध अब बिल्कुल ख़तम हो गया था मगर शरम का घूँघट उसने अभी भी नहीं छोड़ा था. धीरे धीरे बिहारी ने उसका चेहरा बिल्कुल अपने चेहरे के करीब कर दिया. रागिनी और बिहारी दोनो एक दूसरे की आँखों मे देख रहे थे. दोनो की आँखों मे लाल डोरे तैर रहे थे. बिहारी ने अपने चेहरे को रागिनी के चेहरे के पास ले जाते हुए अपने होंठ खोले तो रागिनी शरमा गई. उसकी आँखे बंद हो गई और धड़कते दिल के साथ वो बिहारी के अगले कदम का इंतज़ार करने लगी. उसके होंठ लरजने लगे यह सोच कर कि पहली बार कोई मर्द उन्हे अपने होंठों मे लेकर उनका रस पीने वाला है.

काफ़ी देर बाद भी रागिनी ने जब बिहारी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया महसूस नहीं की तो उसने आँखे खोली और बिहारी की आँखों मे सवालिया नज़र से देखा.

बिहारी: सोच रहा हूँ कि तुम्हे ऐसे ही सज़ा कर रख लूँ, तुम्हे मैला करने का मन नहीं कर रहा.

रागिनी यह सुन कर और शरमा गई.

रागिनी ने काँपति आवाज़ मैं कहा:मेरे सरताज, मुझे इंतज़ार है कि आप मुझे मैला करें और अपनी छाप मेरे कोरे बदन पर लगाए. मैं वादा करती हूँ कि आपको हर दिन मैं सजधज कर फिर से एक नयेपन का अनुभव दूँगी.

बिहारी, रागिनी की इस बात से बहुत प्रभावित हुआ. बिहारी ने उसकी आँखों मे देखते हुए कहा: मैं तुम्हे हमेशा रानी बना कर रखूँगा, तुम्हे कभी किसी चीज़ की कमी नहीं होने दूँगा.

रागिनी: मैं आपके साथ हर हाल मे खुश हूँ मेरे पातिदेव, मैं हमेशा आपकी खुशी के लिए तन और मन से आपको समर्पित हूँ.

बिहारी: लेकिन, तन तो तुमने कंबल मे छुपा रखा है मुझे दिखती ही नहीं. यह सुनकर रागिनी की आँखें बंद हो गई और वो मुस्कुराने लगी.

बिहारी ने आगे बढ़कर उसकी बंद आँखों को चूम लिया.

रागिनी:आआहह.

बिहारी ने फिर उसके गालों को हल्के से चूमा जो कि काफ़ी गरम थे. रागिनी की सांस तेज़ चलने लगी. दोनो गालों पर आहिस्ता से चूमने के बाद बिहारी ने रागिनी की नाक पर चूमा.

रागिनी:उूउउफफफफ्फ़.

रागिनी जानती थी कि अब विराट कहाँ चूमने वाले हैं. जैसे ही बिहारी उसके होंठों के पास पहुँचा, रागिनी ने नीचे खिसकते हुए अपना चेहरा बिहारी की छाती मे छुपा लिया.

रागिनी:उउंम, अपने शराब पी रखी है.

बिहारी:अगर मुझे पता होता कि तुम इतनी नशीली हो तो मैं शराब को हाथ भी नहीं लगाता.

रागिनी: अच्छा जी, बहाने??.

बिहारी: मैने कहीं सुना था कि सुहागरात पर थोड़ी शराब पीने से सेक्स ज़्यादा देर तक कर सकते हैं.

रागिनी ने काँपति आवाज़ मैं पूछा: ज़्यादा देर तक क्यूँ करना है आपको???.

बिहारी: मैं नहीं चाहता कि तुम पहली बार मे ही अधूरी रह जाओ और मैं जल्दी छूट जाउ. मैं तुम्हे पूरा सुख देना चाहता हूँ.

रागिनी:आआआआहह, तो दीजिए ना मुझे पूरा सुख, बना लीजिए ना मुझे अपना.

बिहारी: आज तुम्हे मैं पूरा मज़ा दूँगा, तुम आज का दिन कभी भूल नहीं पाओगी. कल सुबह तक मैं तुम्हे इतना प्यार करूँगा कि सुबह तक तुम ठीक से खड़ी भी नहीं हो पाओगे.

रागिनी:आआआअहह उूुुउउफफफफफफ्फ़, करिए ना कुछ भी करिए लेकिन ज़्यादा दर्द मत करना विराट प्लीज़.

बिहारी: ज़्यादा नहीं लेकिन थोड़ा दर्द तो होगा ही तुम्हे, आख़िर तुम पहली बार अपने अंदर लोगि.

रागिनी ने एकदम अपना चेहरा बिहारी की छाती से उठाकर बिहारी की तरफ देखा और बोली: विराट आप कितने गंदे हैं ना.

विराट : अपनी बीवी से गंदी बातें नहीं करूँगा तो क्या पड़ोसी की बीवी से करूँगा.

रागिनी ने एकदम कंबल से अपनी बाहें निकाल कर बिहारी की नंगी पीठ पर कसते हुए कहा: नहीं मुझ से ही करनी हैं और जो कुछ करना है मेरे साथ ही करना है.

बिहारी की पीठ पर रागिनी के मचलते हाथ बिहारी को पागल बनाने लगे. एक तो शराब का नशा दूसरा उस अफ़रोडियासिक का असर और तीसरा बिस्तर पर 18 साल की कमसिन कली जो कि बिहारी से चुदने को बेकरार है, बिहारी तो स्वर्ग के गोते खाने लगा. बिहारी ने भी अपने हाथ कंबल मे डालकर रागिनी की जलती हुई पीठ पर अपना हाथ रखकर उसे अपने से सटा लिया. रागिनी ने एक हुंकार भरी और बिहारी से चिपक गई. रागिनी ने शरम के मारे अपनी कमर को मोड़ कर अपनी टाँगे बिहारी की टाँगो से दूर करके रखी थी और वहीं बिहारी ने भी अपनी कमर रागिनी से दूर करके रखी थी. उसे डर था कि उसके के लिंग का रूप जानकार शायद रागिनी डर ना जाए. वो जनता था कि उसका लंड कोई अद्भुत तो नहीं मगर रागिनी जैसी अन्छुइ लड़की के लिए नॉर्मल भी नहीं है और कुँवारी लड़की के लिए तो इतना बड़ा लंड किसी अद्भुत लंड से कम नही है.

 


बिहारी ने महसूस किया कि रागिनी ने एक बहुत ही पतले कपड़े की ड्रेस पहन रख है जो कि उसके कंधो के नीचे से शुरू होती है. बिहारी को याद आ गया कि रागिनी ने एक वाइट कलर की ट्रॅन्स्परेंट ड्रेस पहन रखी है जो कि उसकी कमर के थोड़ा सा नीचे तक ही होगी. बिहारी का लिंग यह महसूस करते ही पाजामा को फाड़ने के लिए उतावला हो उठा. बिहारी जानता था कि रागिनी ने नीचे सामने कपड़े की एक बहुत ही महीन और छोटी पैंटी पहनी होगी जो कि जाँघो के साइड पर डोरियो के सहारे बाँधी जाती है. बिहारी ने यह ड्रेस खुद पसंद की थी.

बिहारी: रागिनी करीब आओ ना, दूर क्यूँ जा रही हो.

रागिनी: करीब तो हूँ.

बिहारी: पूरी करीब आओ ना.

रागिनी: उूहुऊँ मुझे शरम आती है.

बिहारी ने एकदम अपने हाथ रागिनी की कमर से उठकर कंबल को पकड़ा और उसे उठाकर पीछे फैंक दिया. बिहारी ने यह सब इतनी तेज़ी से किया कि रागिनी कुछ समझ ही ना पाई और जब उसे समझ आया तो आधा कंबल बेड पर और आधा नीचे नीचे झूल रहा था. बिहारी के हाथ रागिनी की कमर पर फिर रहे थे. रागिनी शरमा कर पेट के बल हो गई और शरम से अपना चेहरा बिस्तर मे छुपा लिया. बिहारी ने अपनी कोहनी का सहारा लेते हुए अपना शरीर बिस्तर से उठाया और रागिनी के पूरे शरीर को निहारने लगा. रागिनी के लंबे बाल एक क्लटचर मे क़ैद होकर उसकी पीठ से होते हुए कमर से दूसरी ओर बिखरे पड़े थे. उसके उपरी बदन पर पतले सफेद कपड़े की एक्स बहुत ही सेक्सी ड्रेस उसके कंधे के नीचे से लेकर पतली कमर तक चिपकी हुई थी. ड्रेस के बिल्कुल आख़िरी सिरे पर गुलाबी रंग की तीन इंच की एक झालर लगी थी जो कि उसके नितंबो पर पड़ी थी. बिहारी ने अपने शरीर को बिस्तर से उठाया और रागिनी की कमर के पास बैठ गया.

जैसे ही बिहारी बैठने को हुआ रागिनी ने धीमे से कहा: विराट प्लीज़, मुझे बहुत शरम आ रही है.

बिहारी खामोश रहा और बैठ कर उसके नितंबो पर पड़ी पिंक झालर को उठा कर अपनी नज़र रागिनी के नितंबो पर डाली तो उसके गले से एक घुटि हुई आह निकली. रागिनी ने बिहारी की आह सुनी तो अपना चेहरा उठा कर विराट को देखा तो उसे अपने नितंबों को घूरता हुआ पाया. रागिनी का पूरा बदन गुलाबी हो गया. बिहारी ने भी उसके गोरे शरीर को रंग बदलते देखा. रागिनी की नग्न मांसल जांघे और एक छोटी सी पैंटी मे क़ैद उसके गोलाई लिए हुए विशाल नितंब देख कर बिहारी का बुरा हाल हो रहा था.

बिहारी: रागिनी तुम्हारा बुन्द बहुत खूबसूरत है.

यह सुनकर रागिनी के शरीर मे और गुलबीपन आ गया. वो समझ गई कि विराट उसके जिस्म के किस हिस्से की तारीफ कर रहा है. बिहारी की आँखों के सामने रागिनी के गुलाबी नितंब थरथरा रहे थे. बिहारी की नज़र रागिनी की पैंटी पर पड़ी. पतली सी पैंटी रागिनी के नितंबों की दरार मे घुसी हुई थी. बिहारी ने देखा कि पैंटी की लाल डोरियाँ रागिनी की जाँघो के दोनो साइड पर झूल रही हैं. बिहारी ने एक डोरी को पकड़कर थोड़ा सा झटका दिया तो रेशम की डोरी अपने आप ही खुलती चली गई. रागिनी को डोरी खुलने का पता तब लगा जब उसे अपनी पैंटी मे ढीलापन महसूस हुआ. रागिनी का दिल एक दम से धक कर उठा.

रागिनी: धत्त!!!! विराट यह क्या कर रहे हैं.

बिहारी: अपनी बीवी के बदन को आँखों मे बसा रहा हूँ, उसके एक एक अंग को बारीकी से देख कर अपनी रूह मे उतार रहा हूँ.

रागिनी: अच्छा, अब तो देख लिया, प्लीज़ अब लाइट बंद कर दीजिए ना.

बिहारी: अब इस कमरे की लाइट सुबह ही बंद होगी.

रागिनी: विराट, सच्ची मे मुझे बहुत शरम महसूस हो रही है और डर भी लग रहा है.

बिहारी: कल से सारी शरम चली जाएगी और रही डर की बात तो अभी तक तुमने मेरा देखा ही कहाँ है.

रागिनी: धत्त, कैसी बातें करते हैं आप, जाओ हम आप से नहीं.........इस से पहले कि रागिनी आगे बोलती उसे महसूस हुआ कि विराट ने पैंटी की दूसरी डोरी भी खींच दी है.

रागिनी:आआआहह विराट प्लीज़ीयीईयीई.

बिहारी ने बैठे बैठे हे पैंटी को पकड़ा और उसे एक झटके मे खींच कर रागिनी के जिस्म से जुदा कर दिया. झटका इतना तेज़ था कि पैंटी के साथ रागिनी का निचला हिस्सा भी कुछ देर के लिए हवा मे उठा और फिर बिस्तर पर स्थिर हो गई. हुआ तो यह बस कुछ ही पलों के लिए, लेकिन इस दौरान बिहारी ने रागिनी के नितंबो की गोलाईयों का पूरा माप ले लिया. रागिनी ने अपनी जांघे कस के बंद कर रखी थी जिस से उसके मांसल नितंब और भी ज़्यादा गोलाई लिए हुई एक छोटी सी पहाड़ी के आकर मे दिख रहे थे.रागिनी की नसों मे खून ने तेज़ी ले ली थी और बिहारी का सारा खून उसके लिंग मे इकट्ठा होने लगा.

बिहारी: जान एक बार पलटो ना.

रागिनी ने ना मैं गर्दन हिलाई और अपने हाथ अपने चेहरे के आस पास कर के अपने चेहरे को छुपा दिया. बिहारी बेड से उठ गया, रागिनी का दिल एक दम से धड़क उठा. उसे लगा शायद विराट नाराज़ हो गये हैं. रागिनी अपने आप को कोसने लगी कि इतना शरमाने की ज़रूरत क्या है आज तो सब कुछ करने का हक है विराट को. रागिनी अपने ख़यालो मे अपने आप को दोषी मानते हुए अपने आप को ही बुरा भला कह रही थी और बिहारी रागिनी के पीछे उसके पैरों की तरफ चला गया और जैसे ही बिस्तर पर उसने अपना घुटना रखा, रागिनी की खुश्बू की कोई सीमा ना रही. उसे लगा कि विराट उसके जिस्म पर फिदा हो गयी हैं और वो ज़्यादा देर तक नाराज़ नही रह सके.

इस बार रागिनी ने विराट का पूरा साथ देने की ठान ली. बिहारी बिस्तर पर आ गया तो रागिनी ने बिना जांघे खोलेअपनी एक टाँग दूसरी टाँग पर चढ़ा कर अपने पैरो को एक दूसरे से कस लिया. बिहारी रागिनी की टाँगो के दोनो तरफ अपने घुटनो के बल खड़ा हो गया. सामने की तरफ से रागिनी के नितंब देख कर बिहारी की आँखें फटी की फटी रह गई. इतनी खूबसूरत गान्ड किसी लड़की की हो सकती है उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी. गुलाबी रंग लिए हुए और उपर की तरफ उभर लिए हुए वो बिहारी को लालायित कर रही थी और बिहारी का लंड उसका स्वाद चखने के लिए लार टपकाने लगा.बिहारी ने हाथो के बल झुक कर रागिनी के गुलाबी थिरकते नितंबो पर एक हल्का सा किस किया.

रागिनी बस एक ही किस मे पिघल गई और उसकी चूत ने तड़प्ते हुए आँसू बहाना शुरू कर दिए. रागिनी की चूत तो पहले से ही काफ़ी गीली हो चुकी थी मगर बिहारी की इस हरकत से तो उसने ऐसे बहना शुरू किया जैसे अब कभी रुकने का नाम ही नही लेगी. रागिनी केवल एक किस से ही चरमोत्कर्ष तक पहुँच गई. बिहारी ने देखा कि उसके झुकने से उसका लंड(जो अभी तक पाजामे मे ही सांस ले रहा था) रागिनी के विशाल नितंबो से मात्र 2-3 इंच ही दूर रह गया था. रागिनी इस वक्त अगर अपने नितंबो को ज़रा भी हरकत देती तो बिहारी का लंड उसे डॅस लेता.

बिहारी ने अपने लंड को रागिनी के नितंबो से दूर करते हुए उसके नितंबो पर अपने हाथ रख कर अपने होंठों से उस पर चुंबनो की झड़ी लगा दी. रागिनी की तो सांस ही अटक गई और सांस लेना मुश्किल हो गया. अभी वो एक सखलन से उभर नहीं पाई थी कि दोबारा उसकी चूत मे रस भरना शुरू हो गया. रागिनी तड़प उठी थी. उसकी कुँवारी चूत को अब एक दमदार लंड की ज़रूरत थी. बिहारी के चुंबनो से रागिनी की जाँघो का फासला बढ़ने लगा और एक वक्त ऐसा आया कि जब बिहारी को अपनी दोनो जाँघो पे रागिनी की मखमली जाँघो का एहसास हुआ. इस एहसास ने रागिनी और बिहारी दोनो को आनंदित कर दिया.

 
बिहारी(धीमी आवाज़ मैं): रागिनी ओ रागिनी.

रागिनी उूउउम्म्म्म.

बिहारी: पलटो ना अब तो, देखो मेरा खड़ा होकर दुखने लगा है.

रागिनी: आप ऐसी बातें करोगे तो मैं पलट नहीं सकूँगी विराट.

बिहारी: रागिनी मैं चाहता हूँ कि तुम भी आज की रात मुझसे खुल जाओ और हमारे मिलन का पूरा मज़ा लो. रागिनी ने अपने चेहरे को हाथो से छुपाए हुए सिर्फ़ हां मैं गर्दन हिलाई. वो विराट की नाराज़ नहीं करना चाहती थी.

बिहारी: चलो आँखें बंद करके पलट जाओ और मुझे अपना हुस्न दिखा दो. अपने विराट को अपना हुस्न दिखाकर इतना पागल कर दो कि वो तुम पर टूट पड़े और कब यह रात गुज़र जाए, पता ही ना चले.

रागिनी: विराट मेरा सब कुछ आप को समर्पित है लेकिन मुझे दर्द से बड़ा डर लग रहा है.

बिहारी: दर्द होगा तो मैं निकाल लूँगा. तुम्हे बड़े प्यार से प्यार करूँगा और धीरे धीरे सारा अंदर डाल दूँगा. एक बार अंदर लाने मैं थोड़ी तकलीफ़ होगी, उसके बाद तो जन्नत ही जन्नत है.

रागिनी: मैं भी आपके साथ जन्नत की सैर करना चाहती हूँ विराट बस प्लीज़ देखना मुझे दर्द कम हो नहीं तो मेरी चीख निकल जाएगी.

बिहारी: चीख निकल भी जाए तो जी भर के चीखना आख़िर अपने पति का अंडा लेना है. किसी से डरने की ज़रूरत नहीं है. तुम्हारी यह चीखें इसी घर मे ही दफ़न हो जाएँगी, किसी को पता नहीं चलेगा कि इस कमरे मे एक कली को रौंदा जा रहा है. मैं तुम्हे रौंदूँगा और तुम खूब चीखना. इसी से यह दिन हमेशा हमे याद रहेगा.

रागिनी: अच्छा जी मैं चीखूँगी तो आप मेरी चीखो को मज़े ले ले कर याद करोगे.

बिहारी समझ गया था एक रागिनी अब बहुत आगे निकल आई है, यही मोका है उसे लंड-दर्शन कराने का.

बिहारी: चीख तो हर लड़की की निकलती है पहली रात, चाहे तेज़ चाहे आहिस्ता. मैं यह भी जानता हूँ कि तुम ज़्यादा चीखोगी क्यूंकी तुम अभी बहुत छोटी हो और तुम्हारी अभी बहुत टाइट होगी मेरे लंबे मोटे के लिए.

रागिनी: क्या?????विराट क्या सच मैं वो इतना बड़ा है?

बिहारी: देख लो खुद ही.

रागिनी(शरमाते हुए): नहीं...... मुझे शरम आती है.

बिहारी: अभी कुछ देर मे ही मैं इसे तुम्हारे अंदर डालने वाला हूँ और तुम शरमा रही हो.

रागिनी: देखिए विराट, आपकी बेशर्मी मे साथ देने से 3 बार तो मैं पिघल ही चुकी हूँ अब और कितना पिघलाओगे मुझे.

बिहारी: आज तो पूरी रात पिघलाउंगा और तडपाउंगा तुम्हारी "नन्ही परी" को अपने "दुष्ट राजा "से.

रागिनी: अपने "दुष्ट राजा " से कहना कि मेरी "नन्ही परी" अभी बहुत छोटी है, ज़्यादा तंग ना करे.

बिहारी: अरे देख लेना तुम्हे पता भी नही लगेगा जब अंदर जाएगा तो.

रागिनी ने एकदम से चेहरा उपर किया, गर्दन पलट कर विराट की तरफ देखा और चहकते हुए बोली "सच".

यह तो गनीमत थी कि रागिनी की नज़र बिहारी के पाजामे मे क़ैद खून उगलते "दुष्ट राजा" पर नहीं पड़ी वरना उसकी चीखे तो उसे अपनी "नन्ही परी" मे लेने से पहले ही निकल जाती.

बिहारी: मुझ पर यकीन करो और भरोसा रखो, मैं तुम्हे ज़रा भी तकलीफ़ नहीं होने दूँगा.

रागिनी: अच्छा आप थोड़ी दूर जाओ मैं पलट ती हूँ.

बिहारी उसकी टाँगों के उपर से हटा तो रागिनी बोली "विराट आपके पीछे वाले टेबल पर रखे फूल कितने अच्छे हैं है ना".

बिहारी ने चौंक कर पीछे देखा और तभी उसके कानों मे रागिनी के हँसने की आवाज़ आई "बुद्धू बनाया, बुद्धू बनाया".

बिहारी ने पलट कर रागिनी की तरफ देखा तो रागिनी उसकी तरफ पीठ किए हुए घुटनो के बल बैठ चुकी थी. रागिनी के घुटने थोड़े से खुले थे और वो अपने चेहरे को एक तरफ करके चोर नज़रो से बिहारी को देख कर हंस रही थी. अपना पोपट बनते देख बिहारी को भी अपनी मूरखता पर हँसी आई.

बिहारी:मैं तो हूँ ही बुद्धू, तभी तो मेरी आज तक शादी नहीं हो पाई.

बिहारिी की यह बात सुंतरे ही रागिनी एक दम पलटी और बिहारी के सीन से चिपकते हुए उसकी आँखों मे देखते हुए बोली: आप ऐसा मत बोलिए मैं तो मज़ाक कर रही थी.

बिहारी(मुस्कुराते हुए): मैं भी तो मज़ाक कर रह था, देखो मेरे मज़ाक से तुम मेरी तरफ पलट भी गई और मेरे सीने से चिपक भी गई.

रागिनी ने बिहारी की छाती पर प्यार से एक मुक्का मारा और विराट को गले लगा कर मुस्कुराते हुए कहा "बेशरम कहीं के". गले मिलते ही बिहारी ने रागिनी की ड्रेस की डोरी जो कि रागिनी की पीठ पर झूल रही थी उसे खींच दिया.

 


रागिनी सिहर उठी और बोली: शैतान भी बड़े हैं आप.

बिहारी: शैतानी तो अभी शुरू हुई है, आगे आगे देखती जाओ.

रागिनी ने उसे और कस के जकड लिया.

बिहारी: थोड़ा धीरे से चिपको जान दम घुट रहा है.

रागिनी ने शरमाते हुए अपने बदन को ढीला किया तो बिहारी ने ड्रेस को नीचे से पकड़ते हुए तेज़ी से रागिनी के शरीर से अलग कर दिया और पिंक ब्रा मे क़ैद रागिनी के बड़े बड़े मगर सख़्त उरोज उसकी आँखों के सामने आ गये. रागिनी बिहारी की इस हरकत को देखती ही रह गई.

रागिनी(बिहारी के सीने मे प्यार से मुक्का मारते हुए): हटो बेशरम कहीं के!!!! और यह कहते ही रागिनी बिहारी से दूर हटने ही वाली थी कि बिहारी ने उसे एक बार फिर से अपने सीने से लगा लिया. दोनो के शरीर मिलते ही एक आग दोनो के बदन मे पैदा हुई और दोनो हवा मे उड़ने लगे. दोनो के तपते हाथ एक दुसरे की पीठ पर चल रहे थे. जहाँ रागिनी के कोमल हाथ बिहारी को स्वर्ग सा सुख दे रहे थे वही बिहारी के मर्दाना हाथ रागिनी को एक अलग ही दुनिया मे ले गये थे. बिहारी जानता था कि इस वक्त रागिनी उस से कहीं ज़्यादा रोमांचित और आनंदित महसूस कर रही होगी क्यूंकी वो तो खेला खाया मर्द है लेकिन रागिनी एक दम कच्ची कली जो अभी पूरी तरह से खिली भी नहीं कि बिहारी जैसे भंवरे के पास चली आई उसे अपना रस पिलाने.

बिहारी ने धीरे धीरे अपने हाथ रागिनी के भारी गान्ड पर रख दिए. रागिनी की तो सांस ही रुक सी गई और बिहारी उस रेशमी गान्ड को अपने हाथो से मसल्ने लगा. रागिनी सचमुच इस दुनिया से कहीं दूर निकल गई थी.

बिहारी(बड़े प्यार से):जान.

रागिनी:हुउऊउउंम.

बिहारी:क्या खाती हो तुम?

रागिनी के हाथ बिहारी की पीठ पर चलते चलते रुक गये, उसने बिहारी के सीने से दूर होकर उसके चेहरे की तरफ देखा और पूछा: क्या मतलब???

बिहारी ने उसकी गान्ड पर ज़ोर से हाथ मारते हुए कहा: देखो यह कितनी बड़ी है.

रागिनी ऊउच!!!

बिहारी: इसे देख कर तो मेरा नशा चार गुना हो गया है.

ऐसा सुनते ही रागिनी की आँखों मे चमक आ गई और शरम से झुक गई. बिहारी ने उसे फिर से अपने सीने से लगाते हुए कहा: बताओ ना??

रागिनी: आपको पसंद आई???

बिहारी: बहुत, जी तो करता है कि पहले यहीं से शुरू करूँ.

रागिनी ने बिहारी की पीठ पर मुक्का मारते हुए कहा: धत्त. सच मैं विराट आप बहुत बेशरम हो.

बिहारी ने उसे कस के जकड लिया और उसके कान के नीचे किस करते हुए धीरे से पूछा: नहीं दोगि क्या???

कान के नीचे विराट के किस करने से ही रागिनी मदहोश हो गई और मदहोश होते हुए बिहारी की बाहों मे गिरती हुई बोली: दूँगी ना..

बिहारी ने उसकी गान्ड से अपने हाथ उठाकर उसकी पीठ पर रखे और झट से उसकी ब्रा की हुक्स अलग कर दी और बोला: तो चलो फिर शुरू करें.

रागिनी ने अपनी ब्रा की लाडियां अपनी बाहों मे झूलती हुई देखी तो बोली: विराट सारे कपड़े उतार दिए मेरे, देखो मुझे कितनी शरम आ रही है.

बिहारी: क्यूँ, इस मे शरम कैसी??

अभी मैं भी तो अपना पाजामा उतारने वाला हूँ तो दोनो पूरे नंगे, कोई शरम नहीं.

रागिनी: देखने मैं तो आप बिल्कुल भोले भले लगते हो लेकिन ......

बिहारी: बिस्तर पर तुम जैसी लड़की हो तो साधु भी शैतान बन जाए और मैं तो हूँ ही शैतान.

रागिनी: वो तो हो आप, बहुत ही बड़े शैतान हो.

बिहारी: मुझ से बड़ा शैतान तो वो है जो मेरे पाजामे मे है और चिल्ला चिल्ला कर बाहर आने की ज़िद कर रहा है.

रागिनी: तो मैं आँखें बंद कर लेती हूँ आप उस बेचारे को आज़ाद कर दो ना, क्यूँ तडपा रहे हो उस शैतान को.

बिहारी ने रागिनी को छोड़ा और एक तकिये पर सिर रखकर और अपने घुटने उपर की तरफ कर के लेट गया.

इस वक्त बिहारी का चेहरा रागिनी की पीठ की तरफ था.

रागिनी(जो कि अभी तक घुटनो के बल ही बैठी हुई थी): क्या हुआ??? लेट क्यूँ गये???

बिहारी: जिस ज़रूरत हो निकाल ले, मुझे तो बड़ी शरम आ रही है.

रागिनी के चेहरे पर मुस्कान आ गई और बोली: मुझे तो पूरा नंगा कर दिया और अब आपको बड़ी शरम आ रही है, अभी बताती हूँ आपको. यह कह कर रागिनी घूमी और बिहारी की कमर के पास घुटने बेड पर टिका कर अपने पैरों पर बैठ गई. बिहारी की नज़र पहली बार रागिनी के उरोजो पर पड़ी जिसके निपल्स एक दम तने हुए खड़े थे.इतने कड़क वक्ष देख कर ही बिहारी के मुँह मे पानी आ गया.

बिहारी(चौंकते हुए):यह क्या है?????????

रागिनी ने उसकी नज़र का पीछा करते हुए जब अपने वक्षो की तरफ देखा तो तेज़ी से अपने हाथ अपने चेहरे पर रख दिए और फिर उतनी ही तेज़ी से अपने बड़े बड़े उरोजो पर.

बिहारी की हसी निकल गई. बिहारी: क्या क्या छुपाओगी तुम अपने छोटे छोटे दो हाथो से??? तुम तो पूरी की पूरी कयामत हो. अपने हाथो से कोई और काम लो.

 


रागिनी ने अपने उरोजो को अपने हाथो से ढकते हुए कहा: पूछ तो ऐसे रहे हो जैसे आपने तो कभी किसी के देखे ही नहीं हैं .

बिहारी: नहीं ऐसा नहीं है, देखे तो बहुतो के हैं हैं लेकिन दूर से ही वो भी कपड़ों मे और इतने बड़े तो किसी के भी नहीं देखे.

रागिनी: यह आप के लिए हैं विराट, इसी लिए आपके सामने बिना कपड़ों के हैं.

बिहारी: लेकिन मुझे तो तुम्हारे मेहंदी वाले हाथ ही दिख रहे है, वो तो दिख नहीं रहे. अपने हाथो को कोई और काम दो और मुझे इन्हे जी भर के देखने दो.

रागिनी: अच्छा जी,और हाथो से क्या काम लूँ????

बिहारी: सोच लो, जो तुम्हे इस वक्त ज़रूरी लग रहा हो वोही करो.

रागिनी: लगता है कल सुबह तक आप मुझे पूरा अपनी तरह बेशरम बना ही देंगे विराट.

बिहारी: अरे सुबह तक की क्या बात है, अभी जब तुम्हारे अंदर घुसाउन्गा ना तो थोड़ी देर तो तड़पोगी लेकिन उसके बाद देखना कैसे उछल उछल के कितनी बेशर्मी से और अंदर डालने के लिए बोलोगि.

इतना सुनते ही रागिनी ने अपने मेहंदी वाले हाथ अपने चेहरे पर रख दिए.

रागिनी: सच मुच आपसे गंदा शायद ही कोई हो, आज तक ऐसी गंदी बातें मैने किसी से नहीं सुनी.

बिहारी: साला कोई और तुमसे ऐसी गंदी बातें करेगा तो उसकी गान्ड ना चोद दूँगा.

रागिनी ने शरम और हैरानी से एकदम अपना हाथ अपने मुँह पर रख लिया.

बिहारी: क्या हुआ???अभी छुआ भी नहीं और उल्टियाँ आनी शुरू भी हो गई क्या??

रागिनी, बिहारी की छाती पर लेट गई जिस से रागिनी के नंगे उभार बिहारी की सख़्त नंगी छाती मे दब गये. रागिनी के होंटो से एक आह निकली. दोनो के नंगे जिस्म मिल जाने से दोनो आनंदित हो उठे.

रागिनी: आप तो बहुत गंदी बातें करते हो.

बिहारी: इसी मे तो मज़ा है. इस से सेक्स का मज़ा दौगुना हो जाता है. बोलो मज़ा लेना है ना.

रागिनी: हुउऊन्ण.

बिहारी: तो फिर दे दे ना?

रागिनी: क्या???

बिहारी: अपनी दे दे ना.

रागिनी भी समझ गई थी कि विराट भी यही चाहते हैं कि वो भी उसका पूरा साथ दे.

रागिनी:ले लीजिए.

बिहारी: क्या ले लूँ??

रागिनी: जो लेना है ले लीजिए.

बिहारी: तो चल पहले पीछे से शुरू करते हैं.

रागिनी एक दम से उसकी छाती से उठ गयी और बोली: ना बाबा ना, मैने तो ऐसे ही कहा था, आप तो सच मुच मे ही उसके पीछे पड़ गये.

बिहारी: तुम्हारी वो है ही ऐसी कि जो देखे वो पीछे ही पड़ जाए.

रागिनी: हटो, नहीं देती मैं.

बिहारी: फिर तो ज़बरदस्त करनी पड़ेगी. क्या सोचोगी तुम भी कि तुम्हारे पति ने सुहागरात के दिन ही रेप कर दिया.

रागिनी: ना बाबा ना रेप मत करना. मैं तो सारी आपकी हूँ तो फिर रेप किस लिए.

बिहारी: तुम मना जो कर रही हो देने के लिए.

रागिनी: वो भी लेलेना लेकिन आज नहीं. धीरे धीरे सब ले लेना, मैं कॉन सी कहीं जा रही हूँ.

बिहारी: राजकुमारी जी एक बार मेरे लंड का चस्का पड़ गया ना तो कहीं जाने का दिल भी नहीं करेगा, हमेशा बेडरूम मे ही घुसे रहने का मन करेगा.

बिहारी ने जैसे ही "लंड" शब्द यूज़ किया, रागिनी एक दम शरमा गई और बोली: धत्त, कैसे गंदे वर्ड्स यूज़ कर रहे हो आप.

बिहारी: देखो रानी अब जो जिसका नाम है तो उसे वोही कहेंगे ना.

रागिनी: फिर भी, ऐसे एक दूसरे के सामने कैसे बोल सकते हैं.

बिहारी: तो चलो फिर बाज़ार चलकर लोगों को बोलते हैं.

रागिनी(शरमाकर मुस्कुराते हुए): विराट आप भी ना.....

बिहारी ने रागिनी को फिर से अपने उपर लिटा दिया. अब आलम ऐसा था कि रागिनी का चेहरा बिहारी के चेहरे के पास था और रागिनी के बड़े बड़े सख़्त उभार बिहारी की छाती पर. रागिनी के कान के पास अपने होंठ लेजा कर बिहारी ने उसके कान के निचले हिस्से को धीरे से काटा तो रागिनी एक दम एग्ज़ाइटेड हो उठी. [काफ़ी लड़कियाँ यह मानती हैं कि यह उनका वीक पॉइंट है. बाकियो का तो पता नहीं पर मेरा तो एक यह भी है].

 


रागिनी ने अपना बाया हाथ विराट के दाए हाथ पर रख दिया.

बिहारी: निकालो ना.

रागिनी(मदहोशी में):क्या???

बिहारी: उसे बाहर निकालो ना.

रागिनी ने अपना हाथ बिहारी के हाथ पर ज़ोर से दबा दिया और अपना चेहरा बिहारी के कंधे मे और ज़्यादा छुपा कर गर्दन हिला कर ना का इशारा किया.

बिहारी: जान निकालो ना, बहुत दर्द कर रहा है. समझा करो अब तो बहुत ही ज़्यादा अकड़ गया है.

रागिनी को बिहारी पर दया आ गई. रागिनी : प्लीज़ आप भी मेरी हेल्प कीजिए ना, मुझसे अकेले नहीं होगा.

बिहारी ने अपनी टाँगे सीधी की और उसका हाथ (जो कि उसके हाथ में था) उठाकर अपने पेट की लेफ्ट वाली साइड पर रख दिया और अपना हाथ अपनी राइट साइड पर रखकर पाजामे के एलास्टिक को उठा दिया.

बिहारी: हाथ को थोड़ा से नीचे ले जाओ.

रागिनी ने अपने हाथ को थोड़ा नीचे सरकाया और उसे पाजामे के उपर बिहारी की कमर पर टिका दिया. रागिनी के दिल की धड़कनें एक दम तेज़ हो गई थी, जिन्हे बिहारी अपने सीने पर महसूस कर सकता था.

रागिनी: विराट, बस इस से आगे मैं नहीं कर पाउन्गी.

बिहारी: आह, रागिनी बस अब ज़्यादा ना तडपाओ, एलास्टिक मे अपनी उंगलियाँ घुसाओ.

रागिनी ने अपनी पतली पतली उंगलियाँ जब बिहारी के पाजामे मे फँसाई तो रागिनी के दिल की धड़कने एक दम तेज़ हो गई. एक बार तो बिहारी को लगा कि कहीं लोंड़िया का हार्ट ही ना फैल हो जाए.

बिहारी:हां रागिनी, बिल्कुल ऐसे ही, बस हो गया.

बिहारी: अब धीरे से एलास्टिक उठा कर पाजामा नीचे कर दो, बस हो गया.

रागिनी: विराट मुझसे नहीं होगा प्लीज़.

बिहारी: रागिनी देखो मैं हमेशा सोचता था कि मेरी बीवी सुहागरात पर मेरे सारे कपड़े उतारे. मैने तो तुम्हे सिर्फ़ एक ही कपड़ा उतारने के लिए बोला है. क्या तुम मेरा यह सपना पूरा करने मे मेरी मदद नहीं करोगी????

रागिनी ने यह सुनते ही एक झटके मे ही बिहारी का पाजामा नीचे उसके घुटनो तक कर दिया. पाजामा नीचे होते ही बिहारी का लिंग पूरे उफान मे आकर हवा मे झूलता हुआ फन उठाकर एक जगह स्थिर हो गया, जैसे बोल रहा हो "साले बहुत तडपाया है, देख अब मेरी बारी". बिहारी का लिंग एक दम तन्कर छत की ओर देख रहा था. लिंग मे इतना तनाव कभी बिहारी ने अपनी जवानी मे भी महसूस नहीं किया था. बिहारी ने धीरे से सर उठाकर अपने लिंग पर नज़र डाली तो उसका ख़ूँख़ार रूप देख कर एक बार तो वो भी डर गया. लिंग पर नसें उभर आई थी, एक एक नस को आसानी से देखा जा सकता था.

बिहारी(मन मे सोचते हुए): यह साला तो मरवाएगा आज, इसे देख कर तो मैं भी डर गया, अगर इस बच्ची ने इसे देख लिया तो डर के मारे कहीं बेहोश ना हो जाए.

बिहारी: रागिनी उठो और आराम से बेड पर लेट जाओ.

रागिनी ने बिहारी को और मज़बूती से जकड़ते हुए ना मे सिर हिलाया.

बिहारी: तो क्या तुम ही उपर आओगी मेरे????

रागिनी ने प्यार से बिहारी की छाती मे मुक्का मारा.

बिहारी: लगता है आज के बाद तुम मुझे हमेशा मारती ही रहोगी.

रागिनी: नहीं तो, मैने कब मारा.

बिहारी: दो तीन बार तो मार के चुकी हो मेरी छाती पर.

रागिनी: वो तो प्यार से था.

बिहारी: लेकिन मैं तो प्यार से नहीं मारूँगा.

रागिनी ने अपना चेहरा उपर उठा कर बिहारी की तरफ देखा और बोली: आप मुझे मारेंगे विराट??

इस वक्त रागिनी के बाल उसके चेहरे पर गिर आए थे. बिहारी ने उसके सिर के पीछे हाथ लेजा कर उसका क्लट्चर खोला और उसके बाल बिखरा कर बोला: तो तुम्हे यहाँ लाया किस लिए हूँ.??

रागिनी ने अपने चेहरे से बाल हटाए और बड़ी मासूमियत से पूछा: आप मुझे सच मे मारेंगे विराट???

बिहारी: पगली, तुम्हे थोड़े ही मारूँगा बल्कि तुम्हारी वो मारूँगा.

रागिनी का चेहरा लाल सुर्ख हो गया.

बिहारी: इसी लिए तो तुम्हे यहाँ इस घर मे लाया हूँ ब्याह कर.

रागिनी: वो तो चाहे जितनी मर्ज़ी मार लेना आप विराट.

बिहारी: लेकिन मुझे लगता है कि तुम मुझे मारने नहीं दोगि.

रागिनी(आँखे नचाते हुए): क्यूँ,,क्यूँ????

बिहारी: मेरा लंड बहुत छोटा है, शायद तुम्हे मज़ा ना आए और तुम मुझे बार बार मारने ना दो.

रागिनी: कैसी बाते कर रहे हैं आप. ऐसा सोचना भी मत, आप मेरे सरताज हो.आप जब चाहो जैसे चाहो मैं आप के आगे बिछने को तैयार हो जाउन्गी.

बिहारी: लेकिन क्या मैं तुम्हे अपने छोटे लंड से मज़ा दे पाउन्गा.

रागिनी: प्लीज़ आप अपना मन छोटा ना कीजिए, साइज़ के बड़ा या छोटा होने से प्यार मे कोई फ़र्क नहीं पड़ता और मैं तो आपके प्यार की दीवानी हूँ.

रागिनी इस बात से बहुत खुश थी कि जिस बात से वो इतना डर रही थी वो शायद ना हो. उसे लगा कि अगर विराट का लिंग छोटा है तो कम से कम दर्द होगा.

उसके दिमाग़ मे उसके पुराने आशिक ने काफ़ी डर डाला था कि जब वो सुहाग रात पर उसकी सील तोड़ेगा तो उसे बड़ा दर्द होगा. एक बार तो उसने ज़बरदस्ती रागिनी को अपना 4.5" का लिंग दिखा भी दिया था जिसे देख कर रागिनी डर गई थी और डरती भी क्यूँ ना उस वक्त रागिनी सोहलवे साल मे ही थी और किसी भी लड़की के लिए इस उम्र में किसी पुरुष का लिंग देखना उसके दिल मे डर पैदा कर ही देता है . उसके दिल मे तब ऐसा डर बैठा कि फिर उसने कभी जावेद के साथ शादी से पहले आगे बढ़ने की सोची ही नहीं.

 


बिहारी: चलो अब आराम से लेट जाओ और मुझे अपना काम करने दो.

रागिनी, बिहारी के उपर से उठी और पीठ के बल लेट गई. बिहारी, रागिनी की तरफ पासा पलट कर लेट गया और अपनी एक टाँग रागिनी की टाँगों पर रख दी. बिहारी ने कोहनी के सहारे उठकर रागिनी के चेहरे की तरफ देखा. रागिनी की आँखें बंद थी और शरम और लज़्जत से फड़फडा रही थी और यही हाल उसके होठों का भी था.

रागिनी का शरमाता हुआ मुस्कुराता चेहरा देख कर बिहारी बोला: रागिनी अपनी आँखें तो खोल यार.

रागिनी ने ना मे सिर हिलाया.

बिहारी: देखो कल को तुम पछताओगी कि इस खूबसूरत रात को, इन हसीन पलों को तुमने आँखें बंद करके ही बिता दिया. हर इंसान की ज़िंदगी मे यह रात एक ही बार आती है, इसे खूब मज़े से बिताना चाहिए.

रागिनी: लेकिन मैं जब भी आँखें खोलती हूँ तो आप कोई ऐसी बात कर देते हैं जिस से शरम के कारण मेरी आँखें खुद ब खुद बंद हो जाती हैं.

बिहारी: अच्छा चलो अगर मेरे कारण तुम्हारी आँखें बंद हो जाती है तो फिर मैं ही तुम्हारी आँखें खोल भी देता हूँ. बिहारी धीरे से उठा औट घुटनो के बल बिल्कुल रागिनी के चेहरे के पास खड़ा हो गया.

बिहारी: चलो एक बार अपनी आँखें खोलो तो सही, फिर देखना तुम आँखें बंद कर ही नही पाओगी.

रागिनी: प्लीज़ विराट कोई शरारत मत करना.

बिहारी: मैं कोई शरारत नहीं कर रहा, देखो मैं तो तुम्हे हाथ भी नही लगा रहा हूँ, तुम बस एक बार अपनी आँखें खोलो लेकिन कोई चीटिंग मत करना एक दम से आँखें खोल देना.

रागिनी: ओके, विराट मैं आँखें खोल रही हूँ.

बिहारी: शाबाश, एकदम से खोल दो.

रागिनी ने एकदम से आँखें खोल दी. पहले तो उसे कुछ समझ मे नहीं आया लेकिन जैसे ही उसकी नज़र के सामने बिहारी के लिंग का लाल मोटा सा सुपाडा आया तो रागिनी की आँखें फटी की फटी रह गई. उसने डर के मारे जल्दी से आँखें बंद कर दी और फिर अचानक से दोबारा खोल कर चोर नज़रों से उस विकराल लंड को शरमाकर देखने लगी.

बिहारी की हँसी छूट गई.

बिहारी: क्यूँ खुल गई ना आँखें??

रागिनी कुछ ना बोली बस एक टक उस काले नाग को देखती रही.

बिहारी: बोलो ना कुछ. रागिनी फिर से खामोश.

बिहारी: क्या हुआ????लेकिन कोई जवाब नहीं.

बिहारी ने धीरे से उसके चेहरे को थपथपाया तो रागिनी को होश आया और उसके होंठों से एक ज़ोरदार चीख निकली :आआआआआआआआआआआ ईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई ईईईईई और उसने कस कर आँखें बंद कर ली. रागिनी की साँसें तेज़ चलने लगी.

बिहारी: क्या हुआ??? पसंद नहीं आया क्या??

रागिनी: यह, यह........यह क्या है विराट????

बिहारी: इसे लंड लौडा बोलते हैं और यह तुम्हारे पतिदेव का एकमात्र लौडा है जो ज़िंदगी भर तुम्हे चोदने वाला है.

रागिन(बिहारी की बेशर्म बातों से बहकते हुए)आइ: लेकिन, लेकिन विराट आपने तो कहा था कि आपका.................... मगर विराट यह तो बहुत बहुत बड़ा है.

विराट: बस आज की रात तुम्हे बड़ा लगेगा, कल से तुम घपा घप अपनी चूत मे ले लोगि इसे. बिहारी अब पूरा बेशर्मी पर उतर आया था. वो जानता था कि अगर रागिनी को जल्दी से गरम ना किया तो वो उसका लौडा लेने के लिए इनकार कर्देगि और फिर बिहारी को सारी उम्र रागिनी के नाम की मूठ ही मारनी पड़ेगी.

रागिनी: प्लीज़ विराट ऐसा मत कहो, आपकी ऐसी बातों से मुझे कुछ हो जाता है.

बिहारी: अरे अब तो हम पति पत्नी हैं तो एक दूसरे से कैसी शरम. तुम भी बस थोड़ी ही देर मे सब डर शर्म भूल कर इसे अपनी चूत का रास्ता दिखाओगी.

रागिनी ने अपना चेहरा दूसरी रातरफ़ पलटकर कहा: विराट, इतना बड़ा नहीं ले पाउन्गी.प्लीज़ मुझ पर तरस खाओ.

बिहारी: तरस तो तुम इस पर खाओ, देखो कब से तुम्हे घूर रहा है कि तुम कब इसे प्यार करोगी.

रागिनी: प्यार??? यह तो देखने मे इतना डरावना है, इसे कोई कैसे प्यार कर सकता है.

रागिनी की आँखों मे बार बार बिहारी का लहराता हुआ लिंग घूम रहा था. उसे एक दम से जावेद के लिंग का ख़याल आ गया. उसने सोचा कि जावेद का लिंग तो विराट के लिंग के मुक़ाबले तो काफ़ी छोटा था. आज तो उसकी खैर नहीं.

रागिनी(मन में): हे भगवान, बस आज मुझे बचा लेना, मुझे इतनी शक्ति देना कि मैं अपने पति का पूरा साथ दे सकूँ और इनके द्वारा दिए गये दर्द को बर्दाश्त कर सकूँ.

रागिनी ने जैसे ही आँखें खोली तो देखा कि बिहारी ने अपना काला लौडा बिल्कुल उसके गालों के करीब लाकर रख दिया है. रागिनी की आँखें शर्म से बंद होने लगी लेकिन उसकी शर्मीली मुस्कुराहट देख कर बिहारी समझ गया कि रागिनी अपने होश गँवा चुकी है.

बिहारी के लिंग की गरमाहट से ही रागिनी की चूत झर झर कर बह उठी. रागिनी ने इस बार अपनी आँखें बंद नहीं की बस शरमा दी और शरमाते हुए अपनी निगाहें बिहारी के लिंग पर टिका दी.

बिहारी: अब बोलो कैसा है यह???

रागिनी: बहुत बड़ा है यह तो मगर बहुत प्यारा भी है.

बिहारी: अब देखना यह तुम्हे कितना प्यार करेगा.

रागिनी: इसे देख कर तो लगता नहीं कि यह किसी को प्यार भी कर सकता है, यह तो सिर्फ़ दर्द ही दे सकता है.

बिहारी: तुम्हारा यह शक बहुत जल्द दूर हो जाएगा.

बिहारी: चलो अब जल्दी से इसे मुँह दिखाई दो.

रागिनी: मुँह दिखाई????? लेकिन मेरे पास तो कुछ भी नहीं है देने को.

बिहारी: झूठ मत बोलो रागिनी तुम्हारे पास तो ऐसा खजाना है कि जो कभी ख़तम ही ना हो और जिस पर भी लूटा दो वो दुनिया का सब से खुशनसीब इंसान बन जाए.

 
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