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भैया का ख़याल मैं रखूँगी complete



रागिनी: विराट. प्लीज़ ऐसी बातें मत करो. देखना सब ठीक हो जाएगा.

बिहारी: चाहता तो मैं भी यही हूँ कि सब ठीक हो जाए, कॉन चाहेगा के उसकी जवान पत्नी किसी और से चुदे मगर मैं अपनी हालत समझता हूँ. लेकिन चलो कोई बात नहीं, तुम्हारा भ्रम भी जल्द ही टूट जाएगा.

यह कह कर बिहारी ने रागिनी की चूत को सूखे कपड़े से पोछा और पानी का बर्तन रखने किचन की तरफ चल दिया. रागिनी बेड पर ही टाँगे खोली बैठी रही और सोचती रही कि विराट ऐसी बातें क्यूँ कर रहे हैं. क्या सच मच मे वो मेरी भूख शांत करने के काबिल नहीं हैं???, क्या सच मे मुझे हर रोज़ कल रात की तरह ही तड़पना पड़ेगा.रागिनी ने अपने बदन पर कंबल डाला और सोचते हुए लेट गई. करीब 10:00 बजे बिहारी ने उसे जगाया और कहा कि नाश्ता तैयार है.

रागिनी: विराट, आप मेरे लिए कितना कुछ कर रहे हैं और मैं सोती ही रह गई.

बिहारी: मेरी तो रोज़ की आदत है, अपने ही घर मे मुझे नौकरो के सब काम करने पड़ते हैं. जैसे सफाई, खाना बनाना कपड़े धोना वगेरह वगेरह.

रागिनी: मैं जानती हूँ विराट कि आप एक अच्छे इंसान हैं और सब कुछ होने के बाद भी आप अपने ही घर मे नौकरों की तरह रहते हैं लेकिन अब मैं आ गई हूँ और जब तक आपको आपका हक नहीं मिल जाता मैं चैन से नहीं बैठूँगी.

बिहारी ने रागिनी को अपने सीने से लगाते हुए कहा: रागिनी, तुम मुझे इतना प्यार मत करो कि मैं अपने आप को दुनिया का सबसे खुशनसीब इंसान समझने लगूँ.

रागिनी ने भी अपनी बाहें बिहारी के गले मे डाल दी और बोली: विराट, मैं आपको दुनिया का वो हर सुख, वो हर हक देना चाहती हूँ जिसके आप हकदार हैं.

बिहारी, रागिनी के बालों मे हाथ फिराते हुए अपनी कामयाबी पर खुश हो रहा था. बिहारी: अच्छा चलो अब जल्दी से नहा लो और फिर नाश्ता कर लो.

रागिनी की चूत मे अभी भी आग लगी थी, उसकी चूत की भूख उसके पेट की भूख से कहीं ज़्यादा थी लेकिन उसने अपने मन को समझाया कि आगे भी ऐसी कई रातें आएँगी जिस मे वो अपने खवाब पूरे कर सकती है. धीरे धीरे चलकर रागिनी बाथरूम तक पहुँची. उसकी चूत मे अभी भी दर्द था लेकिन अब वो बर्दाश्त के लायक था. गरम पानी की सिकाई से उसकी चूत की स्वेल्लिंग भी कम हो गई थी. बाथरूम मे गरम पानी मे बैठकर रागिनी ने खूब रगड़ रगड़ कर स्नान किया और फिर बाथरूम से बाहर आई तो देखा विराट वहाँ नहीं था. रागिनी के दिल से एक ठंडी आह निकली.

रागिनी सोचने लगी " यह विराट को क्या हो गया है, एक ही रात मे उनका सारा क्रेज़ ही ख़तम हो गया. उन्हे पता था कि मैं बाथरूम मे नगी ही गई थी और बाहर भी नंगी ही आउन्गी. तो फिर मुझे छेड़ने के लिए वो यहाँ क्यूँ नहीं रुके?? क्या उनके शरीर के साथ साथ उनका दिल भी बूढ़ा हो गया है????

थके मन से रागिनी ने बॅग से एक ड्रेस निकाली. एक पिंक कलर की घुटनो तक की स्कर्ट और उसपर लाल रंग का टॉप. रागिनी ने ड्रेस के अंदर काले रंग की ब्रा पहनी और पैंटी तो उस से पहनी ही ना गई. जैसे ही उसने पेंटी पहननी चाही, पैंटी के मुलायम कपड़े से भी रागिनी को जलन होने लगी तो उसने पैंटी ना पहनने का फ़ैसला किया. रागिनी ने विराट द्वारा दिए हुए हार को भी पहना और अच्छी तरह तैयार होकर कमरे से बाहर निकली तो देखा बिहारी नीचे हाल मे बैठा हुआ उसका इंतज़ार कर रह था. रागिनी को देखते ही बिहारी ने उस से कहा कि जल्दी से नीचे आ जाओ. ब्रेकफास्ट करके तुम्हे सारा घर दिखाता हूँ. अब रागिनी के लिए सबसे बड़ी मुसीबत थी सीडीयाँ उतारना. वो सीडीयो तक पहुँची तो जैसे ही उसने अपना बयान पावं उठाकर एक सीधी पर रखा उसके मुँह से एक कराह निकल गई.

बिहारी मुस्कुराया और पूछा क्या हुआ.

रागिनी: हटो बशरम कहीं के, मेरी दुख रही है और तुम्हे हँसी आ रही है.

बिहारी: आराम से रेलिंग पकड़ कर धीरे धीरे नीचे आओ.

रागिनी ने रेलिंग का सहारा लेकर नीचे आना शुरू किया लेकिन हर बार उसका शरीर कांप जाता. जब रागिनी 3-4 सीडीयाँ उतर गई तब बिहारी तेज़ी से भागता हुआ सीडीयों पर चढ़ा और देखते ही देखते रागिनी को अपनी बाहों मे उठाकर नीचे आने लगा.

रागिनी ने अपनी बाहें बिहारी के गले में डाल दी और बोली: थॅंक्स विराट.

बिहारी ने रागिनी को ऐसे उठा रखा था जैसे किसी बच्चे को उठाते हैं. रागिनी का धड़ बिहारी के लेफ्ट कंधे से सटा हुआ था और बिहारी के एक हाथ रागिनी के गले से थोड़ा नीचे और एक हाथ घुटनो से थोड़ा उपर. बिहारी ने जानबूझ कर अपना नीचे वाला हाथ उपर की तरफ सरकाना शुरू कर दिया. नीचे आते आते रागिनी की स्कर्ट बिल्कुल उसकी कमर तक पहुँच चुकी थी और बिहारी का हाथ रागिनी के गदराए नितंबो पर.

बिहारी: यह क्या?? तुमने तो पैंटी पहनी ही नहीं.

रागिनी ने नीचे उतरते हुए बिहारी के कंधे पर प्यार से मुक्का मारते हुए कहा: पैंटी भी जलन कर रही थी, ऐसी हालत कर दी आपने मेरी.

बिहारी: मुझे तो लगा था कि सुबह सुबह तुमने मुझे अपनी गान्ड देने का मन बना लिया है.

रागिनी: हरगिज़ नहीं, आगे वाली की हालत देख कर लगता है कि पीछे से देने का वादा तोड़ ही दूं.

बिहारी: ऐसा मत करना, मेरा तो दिल ही टूट जाएगा.

रागिनी हँसने लगी और बोली: विराट आख़िर आप पीछे के लिए इतने उतावले क्यूँ हैं??

 


बिहारी: ऐसी गंद तो भगवान ने शायद ही आज तक किसी की बनाई हो और अगर मैने इसे नहीं चोदा तो भगवान को क्या मुँह दिखाउन्गा. उपर बैठे सारे देवता लोग हँसेंगे मुझ पर.

रागिनी शरमा कर बिहारी के सीने से चिपक गई और बोली "अगर इतनी ही पसंद है तो जब चाहे ले लेना".

रागिनी के शरीर से निकलती गर्मी ने बिहारी की काम शक्ति को भी जगा दिया और उसने अपने हाथ रागिनी के चुतड़ों पर रख कर उसे अपने साथ और सटा लिया. रागिनी के गले से एक घुटि हुई चीख निकल गई.

रागिनी ने अपना चेहरा उठाकर बिहारी की तरफ देखा तो बिहारी ने इशारे से पूछा: क्या इरादा है?

रागिनी ने शर्मा कर अपनी पीठ बिहारी की तरफ कर दी. बिहारी ने अपने हाथ आगे बढ़ा कर रागिनी को कमर से पकड़ कर अपने साथ सटा लिया. बिहारी का लिंग रागिनी की गान्ड की गर्मी पाकर ही दहाड़ उठा. रागिनी ने बिहारी के लंड की थिरकन अपने नितंबों पर महसूस की तो उसकी चूत ने भी रस छोड़ना शुरू कर दिया.

रागिनी: विराट प्लीज़ छोड़िए ना, मुझे भूख लगी है.

बिहारी ने अपनी कमर को झटका देकर अपना लंड रागिनी की गान्ड पर दबाया और बोला: भूख तो इसको भी लगी है.

बिहारी का अकड़ता हुआ लंड अपनी गान्ड पर महसूस करते ही रागिनी के मुँह से निकला:ऊऔच!!!!, उूउउंम्म विराट प्लीज़ छोड़िए ना चुभता है.

बिहारी: क्या चुभता है???

रागिनी: आपका वो जंगली जानवर.

बिहारी: मेरा वो जंगली जानवर फिर से तबाही मचाना चाहता है और यह कह कर बिहारी ने अपने हाथ रागिनी के सख़्त हो चुके उभारों पर रख दिए.

रागिनी का सर पीछे की ओर बिहारी के कंधे पर जा गिरा और उसके नथुनो से गरम साँसें निकलने लगी. रागिनी ने भी अपनी गान्ड को बिहारी के लंड पर रगड़ना शुरू कर दिया. रह रह कर उसके होंठों से आह निकल रही थी. बिहारी ने अपने हाथों से रागिनी का टॉप उठाते हुए अपने हाथ रागिनी के पेट पर फेरने शुरू कर दिए. रागिनी को गुदगुदी होने लगी तो वो बिहारी की गिरफ़्त से छूटने का प्रयास करने लगी लेकिन बिहारी ने अपने हाथ उसकी कमर पर कस दिए.

रागिनी: विराट प्लीज़ छोड़ो ना, गुदगुदी हो रही है.

बिहारी: अभी तुम्हारे जिस्म की गुदगुदी और तुम्हारी चूत की खुजली मिटा देता हूँ.

रागिनी: पहले छोड़िए तो सही, सच मे बहुत गुदगुदी हो रही है, रागिनी बिहारी की मज़बूत बाहों से निकलने का असफल प्रयास करती रही.

बिहारी ने झटके से उसका टॉप उतार कर फैंक दिया. रागिनी एक दम पलटी और अपनी छाती पर अपनी दोनो बाज़ुएँ एक दूसरे को क्रॉस कर के रख दी.

बिहारी: हाई रानी क्या खजाना छुपा रही हो अपने पति से.

रागिनी ने बड़ी अदा से कहा: खजाना तो बहुत है लूटने को लेकिन मेरे पति को कोई कदर ही नहीं. वो तो इस खजाने को किसी और के ही हवाले करना चाहते हैं.

बिहारी: साला नमार्द ही होगा जो इस खजाने को बिना लूटे किसी और को लूटा दे और ऐसा कहते ही बिहारी ने रागिनी को अपनी बाहों मे भर लिया.बिहारी के हाथ रागिनी की पीठ पर चलने लगे तो रागिनी ने भी अपने हाथ बिहारी के गले मे डाल दिए.

रागिनी: तो लूट लो ना मेरे लुटेरे, कब से तैयार खड़ी हूँ लूटने को और एक आप हैं कि मेरी हालत पर तरस ही नही खा रहे.

बिहारी: नयी नवेली दुल्हन को जितना तडपा तडपा कर चोदा जाए उतना ही मज़ा आता है.

रागिनी: तो तडपा तडपा कर चोदो ना मुझे विराट.

बिहारी: लेकिन तेरी चूत मे तो दर्द हो रहा होगा ना, क्यूँ ना सुबह की शुरुआत तेरी गान्ड से करूँ.

रागिनी: वो भी जल्द ही दूँगी लेकिन मेरी चूत की प्यास तो भुजा दीजिए विराट. प्रॉमिस 2-3 मे ही जब मैं ठीक से चलने लगूंगी तो आपका लंड मैं गंद में भी लूँगी, मगर इस वक्त मेरी चूत की खुजली मिटा दीजिए.

बिहारी: तेरी चूत मे इतनी खुजली होती है कि मुझ अकेले से यह नहीं मिट सकती. जितनी कोशिश करता हूँ यह और भड़क जाती है.

रागिनी: आप ने ही तो लगाई है ज़ालिम तो आपको ही मिटानी भी पड़ेगी.

बिहारी: तेरे इन्ही हॉंसलों से तो डर लगता है रानी कि अगर तुझे गरम करके मैं तुझे ठंडा ना कर पाया तो तू तो रास्ते मे किसी भी कुत्ते के आगे बिछ जाएगी.

रागिनी काफ़ी गरम हो चुकी थी, उसकी चूत की गर्मी बिहारी अपने लोड्‍े पर महसूस कर रहा था.

 


रागिनी: हां बिछ जाउन्गी विराट, मैं किसी के भी आगे बिछ जाउन्गी अगर आप मुझे इतना तडपाओगे तो.

बिहारी: आआअहह. सच मैं तू किसी से भी चुदवा लेगी अगर मैं तेरी तमन्ना पूरी ना कर पाया तो???

रागिनी: आह विराट प्लीज़ कुछ करो, मुझे कुछ हो रहा है, सारी रात तडपी हूँ मैं, अब और इंतज़ार नहीं होता.

बिहारी: तो चल फिर बाहर और पकड़ लाते हैं किसी को भी.

बिहारी ने रागिनी का हाथ पकड़ कर उसे खींचा तो रागिनी उसके साथ 3-4 कदम खिचती चली आई और फिर वो वही रुक गई. बिहारी ने रागिनी की तरफ पीछे मूड कर देखा तो रागिनी ने शरमा कर "ना" मे गर्दन हिलाई.

बिहारी: अब क्या हुआ, ख़तम हो गई खुजली.

रागिनी खामोश खड़ी रही.

बिहारी: चल तो सही, देख मैं तेरी चूत के लिए एक दम दार लोड्‍ा लेने तेरे साथ ही जा रहा हूँ. तुझे अकेला भेज दिया तो पता नहीं तू गली के कुत्तो को भी छोड़ेगी या नहीं.

रागिनी ने बिहारी से हाथ छुड़ाकर अपने चेहरे पर रख दिए.

बिहारी: क्यूँ, अब क्यूँ शरमा रही है??

रागिनी: प्लीज़ विराट, ऐसी बातें ना करो.

बिहारी: चुदना नहीं है क्या????

रागिनी ने हाथों से चेहरा छुपाकर ही हां मे गर्दन हिलाई. बिहारी ने उसकी कलाई पकड़ी और खेंचते हुए घर से बाहर ले गया.

रागिनी: प्लीज़ विराट, ऐसा ना करो. मैं अधनंगी हूँ.

बिहारी: तो क्या हुआ, थोड़ी देर मे तो तुझे पूरी नंगी करके सड़कों पर घुमाउंगा.

रागिनी ने अपनी कलाई छुड़ाने की काफ़ी कोशिश की मगर बिहारी उसे खेंचता हुआ काफ़ी आगे तक ले गया.

रागिनी: विराट प्लीज़ छोड़ो मुझे ,मेरा हाथ दर्द कर रहा है.

बिहारी ने उसकी कलाई कस के पकड़ रखी. इस सारे तमाशे के दौरान रागिनी बिहारी पर ज़रा भी नहीं चिल्लाई, जिस से बिहारी की हिम्मत बढ़ रही थी.

रागिनी: विराट, अपनी एक दिन पुरानी बीवी के साथ कोई ऐसे करता है क्या, छोड़ो मुझे.

इस बार रागिनी की आवाज़ मे तेज़ी थी. रागिनी की आवाज़ में बदलते तेवर देख कर बिहारी ने उसे तुरंत छोड़ दिया और रागिनी अपनी कलाई चुड़ते हुए भागने को हुई लेकिन दर्द के कारण भाग ना सकी.

रागिनी(हंसते हुए): मेरे बुद्धू पातिदेव, इतने से ही डर गये.

बिहारी भी तेज़ी से उसकी तरफ भागा और जल्द ही रागिनी को पकड़ लिया. उसने रागिनी को अपने से चिपकाते हुए कहा: आज नहीं छोड़ुगा तुझे, आज तेरी चूत का भुर्ता ना बन दिया तो मेरा नाम बदल देना.

रागिनी(हंसते हुए): ठीक है मेरे बूढ़े पातिदेव.

बिहारी ने रागिनी को अपने कंधे पर लादा और घर के पीछे बने लॉन मे ले गया. चलते चलते उसने रागिनी की गान्ड से स्कर्ट उपर करके कमर तक पहुँचा दी.

रागिनी: विराट प्लीज़ नीचे उतारो, कोई देख लेगा.

बिहारी(रागिनी को नीचे उतारते हुए): यहाँ कोई नहीं देख सकता, चारो तरफ उँची दीवार और बड़े बड़े अशोका ट्रीस हैं.

रागिनी: लेकिन विराट, अंदर चलो ना प्लीज़, अगर किसी ने देख लिया तो.

विराट: अगर औरत हुई तो मैं संभाल लूँगा और अगर मर्द हुआ तो तेरी लॉटरी.

रागिनी: एक तो आपसे सम्भल नहीं रही, दूसरी का क्या आचार डालोगे???

बिहारी: तू मेरी छोड़, मैं जो भी करूँगा सो करूँगा, अपनी बता क्या तू दो दो झेल पाएगी.

रागिनी(अपनी पतली कमर पर हाथ रखते हुए, बड़ी अदा से बोलती है): अभी 18 की हूँ, दो क्या 5-6 भी मेरे आगे पानी माँगेंगे.

बिहारी: साली तू बहुत गरम चीज़ है, 5-6 ले भी लेगी तो उफ्फ तक ना करेगी.

रागिनी, बिहारी की जॅलील बातों से और गरम हो उठी और बोली: 5-6 क्या मैं तो 10 से भी ना डरूँ.

 


बिहारी: मैं तो तेरी चूत खोल कर पछता रह हूँ साली, मुझे पता होता कि तू इतनी गरम निकलेगी तो मैं तो हमेशा तुझे सील पॅक ही रखता.

रागिनी: सही कहा विराट आपने, अब मैं नहीं रुकने वाली. आज अगर तेरा सारा रस ना निचोड़ लिया तो मैं भी राजपूताना लड़की नहीं (रागिनी आप से तू पर उतर आई).

बिहारी जानता था के रागिनी पूरी तरह से गरम हो चुकी है और चूत की आग बर्दाश्त नहीं कर पा रही, इसीलिए वो ऐसा बोल रही है. बिहारी ने उसे अपनी बाहों मे लेते ही उसकी काली जालीदार ब्रा के हुक्स खोल दिए.

ब्रा खुलते ही रागिनी ने उसे दूर फैंक दिया और बिहारी की तरफ देख कर पहले तो मुस्कुरा कर शरमाई और फिर बिहारी की तरफ पीठ करके बोली: विराट, अगर किसी ने देख लिया तो, प्लीज़ अंदर चलो ना, मुझे शर्म आ रही है.

बिहारी: जब 10- 10 से चुदेगि तो तब शरम नहीं आएगी.

रागिनी: तब तो मैं ऐसे भाग जाउन्गी और यह कह कर रागिनी भागने लगी. दर्द को बर्दाश्त करती हुई वो भागे जा रही थी लेकिन बिहारी से वो कितना तेज़ भाग सकती थी.

बिहारी: तो समझ ले मैं उन 10 मे से एक हूँ और यह ले तुझे पकड़ लिया. बोल अब क्या करेगी???

रागिनी: प्लीज़ मुझे छोड़ दीजिए, मैं शादी शुदा हूँ, प्लीज़ मुझ पर तरस खाइए.

बिहारी: साली शादी शुदा है तो यहाँ क्या करने आई है.

रागिनी: देखिए मुझे नहीं पता था कि आप लोग मेरे साथ यह सब करना चाहते हैं वरना मैं यहाँ कभी नहीं आती, मैं तो बस अपने पति के कहने पर यहाँ आई थी.

बिहारी: चल हट साली, वो तेरा पति है??? पैसे लिए हैं उसने हम से.

रागिनी: देखिए, मैं आपके सारे पैसे लौटा दूँगी मगर मेरी इज़्ज़त पर दाग मत लगाइए.

बिहारी: लेकिन तू तो नंगी होकर यहाँ आई है तो कैसे विश्वास कर लें कि तू हमसे चुदवाना नहीं चाहती.

इतना सुनते ही रागिनी बिहारी की छाती मे सर रखकर उस से चिपक गई और बोली: विराट प्लीज़ बस, अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं होगा. कुछ कीजिए ना.

बिहारी: अब मुझ से कुछ नही होगा मेरी रागी. अब तो तुझे इस से ही चुदवाना पड़ेगा, मैं इस से पैसे ले चुका हूँ.

रागिनी ने बिहारी को कस कर पकड़ लिया. रागिनी समझ गई कि विराट इस खेल को लंबा खेंचना चाहता है. उसने बिहारी का साथ देते हुए कहा: लेकिन विराट आपने अपनी बीवी को इन कुत्तों के आगे क्यूँ बेच दिया???

बिहारी:देखो रागी, इस से दो फ़ायदे होंगे. एक तो तुम्हारी भूख शांत हो जाएगी और दूसरा हमे पैसों के लिए वीरेंदर के आगे हाथ भी नहीं फैलाने पड़ेंगे.

रागिनी: क्या सच मे आप नाराज़ तो नहीं होंगे मुझसे विराट अगर मैने इनसे चुदवा लिया तो.??

यह सुनते ही बिहारी के लोड्‍े मे करेंट दौड़ गया.

बिहारी: ना रागी ना, ऐसा सोचना भी मत. मैं तुमसे ज़िंदगी में सबसे ज़्यादा प्यार करता हूँ, तभी तो तेरी खुशी के लिए यह सब कर रहा हूँ रागी. मैं तुम्हे यूँ तड़प्ता हुआ नहीं देख सकता.

रागिनी: ओह, आइ लव यू विराट.

बिहारी:आइ लव यू टू रागिनी.

बिहारी ने रागिनी को कलाई से पकड़ा और घूमाकर अपने सीने से चिपकाते हुए बोला: क्यूँ रानी, आ गया ना यकीन, हम ने तुझे पैसे देकर खरीदा है.

रागिनी खामोश रही और अपने हाथ पीछे ले जाते हुए बिहारी का लोड्‍ा पकड़ लिया. बिहारी के बदन मे रोमांच दौड़ गया.

रागिनी ने बिहारी का लोड्‍ा पकड़ कर टर्न किया और बिहारी की आँखों मे देख कर बोली: वाह साहब, माल तो तगड़ा लगता है आपक, ठोकने का दम भी रखते हो या मेरे पति की तरह सिर्फ़ गरम कर के ही छोड़ दोगे.

बिहारी, रागिनी के बदले रूप को देख कर हैरान रह गया. बिहारी यह सोच रहा था कि अचानक रागिनी को क्या हो गया. रागिनी झट से नीचे बैठ गई. झटके से उसने बिहारी के पाजामे को नीचे किया और बिहारी का फनफनाता हुआ लंड निकाल कर गप्प से मुँह मे ले लिया. बिहारी की तो सांस ही अटक गई.

बिहारी का गला सूखने लगा और काफ़ी देर बाद उस के गले से जब आवाज़ निकली तो वो बोला: आआआआअहह रागी, तुम सच मच एक गरम कुतिया हो.

यह सुनते ही रागिनी ने और जोश से बिहारी का लंड चूसना शुरू कर दिया. बिहारी, रागिनी की लंड चूसने की कला से काफ़ी खुश था. कुछ ही घंटों मे रागिनी लंड चूसने मे एक्षपरट बन गई थी. रागिनी ने बिहारी के लंड को जड से पकड़ कर उसपर अपने गुलाबी होंठ चलना शुरू कर दिया. बिहारी का लंड रागिनी के मुँह की लार से चमक उठा था.

 


बिहारी: बस रागी, बस नहीं तो मैं तेरे मुँह मे ही झड जाउन्गा.

रागिनी ने झट से बिहारी का लंड अपने मुँह से निकाला और घुटनों के बल होकर अपने हाथों पर झुक गई.

बिहारी: यहीं पर....अगर किसी ने देख लिया तो?

रागिनी(काँपति आवाज़ मे): तो मेरी तो लॉटरी लग जाएगी.

इतना सुनते ही बिहारी का रहा सहा होश भी गया. बिहारी पागल सा हो गया. वो झट से पाजामा उतार कर रागिनी के पीछे बैठ गया और उसकी स्कर्ट उठा कर रागिनी की गान्ड नंगी कर दी. बिहारी की आँखें चमक उठी. बिहारी ने अपने हाथ से रागिनी की गान्ड पर थप्पड़ मारा तो रागिनी कराह उठी. बिहारी ने थोड़ा पीछे होकर अपना मुँह रागिनी की चूत से लगाया तो रागिनी की आह निकल गई.

रागिनी:अयाया यू बस्टर्ड, जस्ट फक मी. आइ आम सूऊओ हॉट. माइ पुसी ईज़ ऑलरेडी वेट. जस्ट फक मी आंड फक मी गुड वित युवर बिग डिक.

बिहारी की कुछ समझ नहीं आया लेकिन वो समझ गया कि रागिनी बिल्कुल तैयार है. उसने तेज़ी से अपना लोड्‍ा रागिनी की चूत के मुँह पर टिकाया और इस से पहले कि वो कुछ हरकत करता, रागिनी ने अपनी गान्ड पीछे दबा दी. गान्ड पीछे दब्ते ही रागिनी की चूत ने खचाक से बिहारी का लोड्‍ा अपनी चूत मे 4" तक उतार लिया. दोनो के होंठों से एक साथ आह निकली और रागिनी ने बिना देर किए अपनी गान्ड चलाना शुरू कर दिया.

बिहारी: आहाः रागी और घुमा अपनी गान्ड आ यह घूमती है तो मेरे लंड पर छुरिया चल जाती हैं.

रागिनी: आह विराट, अपनी गान्ड के सहारे ही तो अपनी चूत की प्यास भुजा रही हूँ नहीं तो आपका मन मुझे चोदने का करता ही नहीं.

बिहारी: तुझे तो मैं दिन रात चोदता रहूं रानी मगर मेरे लोड्‍े में इतनी ताक़त नही कि तुझ जैसी गरम लड़की तो ठंडा कर सकूँ.

रागिनी:आआआः विराट, ईई अम्म्म्मम कुम्मीननगगगगगगगगगगग, जस्ट फक मी हार्ड अया आ जस्ट लाइक दट, यॅ यॅ एेआअहह.

रागिनी की चूत पानी छोड़ते ही रागिनी धम्म से आगे गिर पड़ी और बिहारी का वार हवा मे खाली चला गया. बिहारी आगे झुक कर रागिनी के उपर लेट गया और अपनी टाँगों से उसकी टांगे छोड़ी कर दी. उसने रागिनी पर लेटे ही अपने लोड्‍े को रागिनी की चूत पर रखकर एक ज़ोरदार धक्का लगा दिया. रागिनी दर्द से बिलबिला उठी और अपने हाथो से लॉन की घास उखाड़ने लगी. रागिनी की आँखों मे आँसू निकल आए.

रागिनी: आह आह विराट, प्लीज़ इस तरह बहुत दर्द हो रहा है.

बिहारी: साली मेरा लंड अपनी चूत से निकाल दिया तूने, ले अब चुद ऐसे ही.

रागिनी: प्लीज़ विराट इसे बाहर निकालो मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

बिहारी: चुप चाप लेटी रह साली तेरे पैसे दिए हैं मैने तेरे पति को.

रागिनी ने अपनी गान्ड बिहारी के लोड्‍े पर दबाई और बोली: आहाआह उउउफफफफफफफफफफ्फ़ लेकिन इस तरह जानवर की तरह मत चोदो मुझे, घर जाके अपने पति को क्या चूत दिखाउन्गी.

बिहारी का दिमाग़ हिल गया जब उसने देखा कि रागिनी फिर से इसे खेल समझ कर खेल रही है.

बिहारी:साली अगर उसे तेरी चूत की इतनी ही फिकर है तो फिर तुझे वो यहाँ भेजता क्यूँ है.

रागिनी: वो भी क्या करे, बेचारा बूढ़ा हो गया है. लोड्‍े में दम तो रहा नहीं, लेकिन जवान बीवी चाहिए थी. अब मेरी प्यास भुजाने की ज़िम्मेदारी तो उसी की है ना.

बिहारी: साली तेरी प्यास तो कभी ना भुजे. कितने लोड्‍े तेरी चूत मे गुम हा जाएँ लेकिन तुझे चैन ना मिले.

रागिनी: तो क्या करूँ इस जवानी का, कहाँ जाऊ तू ही बता दे.

बिहारी: मेरे बहुत दूर तक कॉंटॅक्ट्स हैं, तू चाहे तो मैं उनसे बात करूँ. चुदाई के साथ साथ खूब पैसा भी मिलेगा.

रागिनी: तो बात आगे चला ना साले मगर मेरी चूत पर रहम खा, इस तरह से तो यह फट ही जाएगी.

बिहारी: इसे तो कभी ना फटने दूं, यह तो मेरी सोने की चिड़िया है.

रागिनी: अया आआहहा विराट, आइ आम कूम्म्मिंगगगगगगग अगेन विराट, आहहहा होल्ड मी टाइट, फक मी हरदााहहाआहहुउऊउफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़.

इस सखलन के साथ ही रागिनी बिल्कुल निष्क्रिए हो गई. बिहारी को ऐसे मज़ा नहीं आ रहा था. उसे तो सेक्स में तभी मज़ा आता था जब औरत चिल्ला चिल्ला कर चुदवाये. बिहारी रागिनी के उपर से उठा और उसका तना हुआ लोड्‍ा "पक" की आवाज़ से रागिनी की चूत से निकल आया. बिहारी का लोड्‍ा चूत से निकलते ही रागिनी ने एक आह भरी और बिहारी की तरफ देखा.

बिहारी: तू तो कहती है कि तुझे चुदने का बड़ा शोक है, अब फट गई क्या???

रागिनी उठ कर बैठ गई और बोली: तेरे लोड्‍े मे इतना दम कहाँ है जो मेरी चूत को फाड़ सके, तेरे जैसे तो मेरी यह चूत कितने निगल जाए.

बिहारी: तो चल साली तुझे ऐसा लोड्‍ा दिलाता हूँ कि तू भी क्या याद करेगी.

बिहारी ने रागिनी को हाथ दिया तो रागिनी भी बिहारी का हाथ पकड़ कर उठ गई और बोली: राजा जहाँ मर्ज़ी ले चल पर मेरी चूत की प्यास भुजा दे.

बिहारी ने रागिनी की ब्रा उठाकर अपने लोड्‍े पर लपेटी और रागिनी को गोद मे उठाकर घर के आगे बने लॉन मे ले आया. बिहारी को याद आया कि अभी दो दिन पहले ही उसने इस टेबल पर बीना को कुतिया बना कर चोदा था.

बिहारी: यहाँ चुदेगि या कमरे में.

रागिनी: बाहर ज़मीन पर नहीं, राजा मैं तो बेड पर चोदने लायक चीज़ हूँ. अभी 18 की हूँ, बड़ी नाज़ुक हूँ, कहीं ज़मीन पर मेरा बदन छिल ना जाए.

बिहारी उसे उठा कर घर के अंदर आ गया. और उसे सोफे पर पटक दिया. बिहारी: चल चूत खोल कर कुतिया बन जा. रागिनी: कुतिया बन के नहीं विराट, आप उपर आइए ना. बिहारी ने उसे सोफे पर लिटाया और खुद उसकी टाँगों के बीच आकर अपने लोड्‍े को दिशा देकर रागिनी की गीली चूत मे पेल दिया. एक ही धक्के मे बिहारी ने अपना पूरा लंड उस चूत मे उतार दिया.

रागिनी: आअहह, धीरे कर साले, पैसे दिए हैं तो क्या एक ही बार मे चूत फ़ाड़ेगा.

बिहारी: चूत तो सबसे दम दार चीज़ बनाई है भगवान ने. जितना मर्ज़ी बड़ा लोड्‍ा इसमे पेल दो, यह साली उसे निगल जाती है.

बिहारी ने ताबड तोड़ धक्कों के साथ रागिनी को चोदना शुरू किया. रागिनी: आहह उूुउउफफफफ्फ़ हाँ ऐसे ही चोदो राजा, बस ऐसे ही चोदते जाओ मुझे दिन रात. मैं तो धन्य हो गई विराट, मुझे आपके लंड से प्यार हो गया है.

बिहारी: साली चुद मुझ से रही है और नाम विराट का ले रही है.

रागिनी: विराट को मैं कभी नहीं भूल सकती, उस ने ही तो मुझे चोद्कर इतना बहाल कर दिया है कि अब लगता है कि मैं लंड के बिना रह ना पाउन्गा.

बिहारी: अगर तू मुझसे पहले चुदवा लेती तो तुझे विराट का नहीं मेरा लोड्‍ा ही पसंद आता.

रागिनी: तो क्या हुआ, अब तो तू मुझे चोद ही रहा है.

बिहारी: साली तेरी सील की इतनी कीमत देता कि तू रातों रात लखपती बन जाती.

रागिनी: तो लगा मेरी गंद की बोली, मेरी गंद अभी तक अन्चुदि है.

बिहारी: क्यूँ तेरे विराट मे इतना दम नहीं कि तेरी गंद की सील खोल सके.

रागिनी: इसी गान्ड की बदोलत ही तो उसका लोड्‍ा खड़ा करती हूँ, तू बोली तो लगा, बोल क्या देगा इसके बदले.

बिहारी: तेरी गान्ड तो करोड़ों मे एक है लेकिन मैं तुझे इसके बदले 3 लाख दे सकता हूँ.

रागिनी:बाप रे 3 लाख, इतने सारे पैसे सिर्फ़ एक गान्ड के लिए.

बिहारी: तेरी गान्ड मे जो नशा है अगर तुझे पता लग जाए तो तू तो करोड़ो मे खेले. तू नहीं जानती ऐसी गान्ड किसी किसी को ही नसीब होती है.

रागिनी: चल मैं विराट से बात करूँगी, अगर उसे तुझ पर दया आ गई तो यह गान्ड तेरे नाम.

 


ऐसा सुनते ही बिहारी के टट्टो का सेलाब रागिनी की चूत की गर्मी को धोता हुआ झार झार कर बह गया और उसके साथ ही रागिनी भी एक बार फिर से चरम सुख को प्राप्त हो गई. बिहारी उसके उपर ही लेटा लेटा अपनी साँसें संभालने लगा. बिहारी की साँसें नॉर्मल हुई तो वो रागिनी के उपर से उठा और उसने घड़ी की तरफ देखा तो 12:00 बजे का टाइम हो गया था. बिहारी अभी पूरी तरह से नॉर्मल भी नहीं हुआ था कि घर के लॅंडलाइन की घंटी बजी.

बिहारी: साला कॉन है जो हनिमून पर भी तंग कर रहा है. बिहारी ने फोन कान से लगाया तो बीना की आवाज़ उसके कान मे पड़ी. बीना की आवाज़ सुनते ही बिहारी बोला: जी नहीं वीरेंदर जी तो घर पर नहीं हैं, जब आएँगे तो मैं उन्हे बता दूँगा. यह कह कर उसने फोन रख दिया.

रागिनी: किसका फोन था???

बिहारी: वीरेंदर के किसी दोस्त का था.

रागिनी: वीरेंदर कब आएँगे.

बिहारी: तुम्हे उसे इतनी इज़्ज़त देने की ज़रूरत नहीं है रागी, रिश्ते मे वो तुमसे छोटा है और वैसे भी मैं तो अपने कर्मों की वजह से यहाँ नौकरों की तरह रह रहा हूँ लेकिन तुम इस घर की मालकिन हो और बस कुछ ही दिनो की तो बात है फिर तो हम आराम की ज़िंदगी जियेंगे.

यह सुनते ही रागिनी बिहारी से चिपक गई.

रागिनी: आइ लव यू विराट, आपको मेरी कितनी चिंता है.

बिहारी: लेकिन तुम्हे मेरी ज़रा भी नही. रागिनी: ऐसा क्यूँ लगा आपको??.

बिहारी: देखो कल रात से कितनी मेहनत कर रहा हूँ, अब तो इतनी ताक़त भी नहीं रही कि किचन तक जा सकूँ. बहुत बूख लगी है, कुछ खिला दो यार.

रागिनी: सब कुछ बना दूँगी मेरे पतिदेव, पहले मुझे आपना कमरा तो दिखाओ.

बिहारी ने रागिनी को अपना कमरे की तरफ इशारा करते हुए कहा "तुम कमरे मे चलो, मैं उपर वाले कमरे से तुम्हारा समान लेकर आता हूँ. रागिनी बिहारी के कमरे की तरफ चल दी और बिहारी उपर की ओर चल दिया. उपर जाकर बिहारी ने सारा नक्शा ठीक किया और फिर रागिनी का समान नीचे अपने कमरे मे रख दिया. अलमारी से अपना मोबाइल निकाल कर, बिहारी हाल मे आया तो कीचीन से रागिनी बोली: आप बाहर बैठ कर धूप का आनंद लीजिए मैं खाना वहीं लेकर आ जाउन्गी.

बाहर आकर बिहारी ने झट से मोबाइल ऑन किया और बीना का नंबर. मिलाया.

बीना ने फोन उठाते ही पूछा: कैसा लगा मेरा गिफ्ट????

बिहारी: एकदम बढ़िया, सील पॅक. साली खूब चीखी चिल्लाई लेकिन मैने पूरा लोड्‍ा घुसा कर ही दम लिया.

बीना: अब कहाँ है नयी दुल्हन.

बिहारी: अपने पति के लिए खाना बना रही है.

बीना: तो मज़ा आया ना?

बिहारी: मज़े की बात कर रही है तू, अरे मैं तो पागल हो गया हूँ ऐसी बीवी पाकर, उसने तो मुझे कुछ ही दिनो मे अपनी गान्ड देने का वादा भी कर दिया है, साली बहुत गरम है.

बीना:मुझे पता है तूने ही उसको इस के लिए राज़ी किया होगा.

बिहारी: तू तो जानती है कि कुँवारी गान्ड मेरी कमज़ोरी है.

बीना: चल ऐश कर, जब तक वीरेंदर और आशना नहीं आ जाते, तब तक मैं भी तुझे डिस्टर्ब नहीं करूँगी.

बिहारी: अच्छा एक बात सुन, मुझे गरभनिरोधक गोलियाँ दिला सकती है क्या??

बीना: वाह, अभी से इतनी चिंता हो रही है उस बच्ची की.

बिहारी: चिंता तो होगी ना, अभी बच्ची है, शायद बच्चा पैदा करने लायक नही है.

बीना: साले तेरा पूरा लोड्‍ा निगल गई और तू कहता है अभी बच्ची है लेकिन तू चिंता ना कर, शाम को आकर गोलियाँ ले जाना. तुम्हे सब समझा भी दूँगी कि कब और कैसे खिलानी हैं.

बिहारी: तो चल फिर शाम को आता हूँ तेरे पास.

बीना: अच्छा सुन, वीरेंदर की कोई खबर है क्या???

बिहारी: क्यूँ उसके लोड्‍े की याद आ रही है.

बीना: हाँ रे ज़ालिम, जब से उसे देखा है, चूत आँसू बहाए जा रही है.

बिहारी: नहीं, उसका तो कोई फोन नहीं आया.

बिहारी: तो उस छमियां को फोन करके पूछ ले.

बीना:नहीं उसको अगर फोन किया तो उसे शक़ हो सकता है. मुझे बस इस बात का डर है कि कहीं बॅंगलॉर मे ही हनिमून ना मना लें.मुझे किसी भी कीमत पर उनके पहले प्यार की निशानी सीडी मे चाहिए.

बीना: सीडी से याद आया, अपनी सुहागरात की सीडी भी लेते आना शाम को, जब तक वीरेंदर नहीं आ जाता तब तक उसे देख कर ही उंगली चलाउन्गी.

बिहारी: अरे यार, वो तो मैं भूल ही गया.

बीना: क्या???

बिहारी: कुँवारी कली के खुमार में मैं तो कॅमरा ऑन करना ही भूल गया, तू चिंता ना कर, आज रात को बना लूँगा.

बीना: क्या खाक बनाएगा, चुदि हुई लड़कियों की सीडीज़ तो लाखों मिल जाती हैं बाज़ार मे.मुझे तो चूत उद्घाटन की सीडी चाहिए थी. खैर कोई बात नहीं आशना के केस मे ऐसी ग़लती हो गई तो भारी नुकसान होगा. एक बार उनकी सीडी मेरे हाथ लग जाए तो फिर आशना को ब्लॅकमेल करके हम दोनो सारी जायदाद पर कुंडली मार कर बैठ सकते हैं

बिहारी ने फोन स्विच ऑफ करके जेब में डाला और आराम से कुर्सी पर बैठ गया.

 


रागिनी ने खाना बनाया और दोनो बाहर खिली धूप मे बैठ कर लंच लेने लगे. बिहारी ने जम कर खाना खाया जैसे पता नहीं कितने दिन से भूखा हो. खाना खाने के बाद बिहारी वहीं पसर गया और रागिनी बर्तन उठकर किचन की तरफ चल दी. किचन सॉफ करके जब रागिनी बाहर आई तो देखा बिहारी घोड़े बेच कर सो रहा है. हालाँकि खाना खाने के बाद रागिनी भी अब नॉर्मल हो चुकी थी लेकिन वो विराट से ढेर सारी बातें करना चाहती थी. अपना मन मसोस कर वो हाल मे आ गई और वहीं सोफे पर सुसताने लगी. रात भर की थकान के कारण वो भी जल्द ही सो गई.

शाम, करीब 5:30 बजे रागिनी ने बिहारी को जगाया.

रागिनी: आप फ्रेश हो लीजिए, मैं आप के लिए चाइ बना देती हूँ.

बिहारी: नहीं चाइ नहीं पीता मैं, दूध पीता हूँ.

रागिनी की आँखों में चमक आ गई यह सुनकर. रागिनी ने शरमा कर आँखें झुका ली.

बिहारी: तुम चाइ बना कर पी लो, मैं दूध लेकर आता हूँ.

इतना सुनकर रागिनी को झटका लगा. उसने तो कुछ और ही समझा था. बिहारी अपने कमरे मे गया और गाड़ी की चाबी निकाल कर बाहर आ गया.

रागिनी: मुझे भी ले चलिए ना अपने साथ. थोड़ा घूम भी लेंगे.

बिहारी: आज नहीं, तुम ठीक से चल नहीं पाओगी तो लोग हँसेंगे. मैं वादा करता हूँ कि कल तुमको ज़रूर घुमाने ले चलूँगा.

रागिनी (दुखी होते हुए): लेकिन मैं यहाँ पर अकेली बोर हो जाउन्गी.

बिहारी: समझा करो तुम्हे नहीं ले जा सकता, तेरा ही जुगाड़ करने तो जा रहा हूँ. मुझ अकेले से तो तू ठंडी होगी नहीं, देखता हूँ किसी को तेरे लिए.

रागिनी खामोश रही.

बिहारी(मन मे सोचते हुए): साली कुछ बोली ही नहीं, इसका मतलब यह भी यही चाहती है.

बिहारी: 2 से कम चल जाएगा????

रागिनी:क्या????, कितने बेशरम हैं आप विराट, अपनी बीवी को किसी और से ........

बिहारी: अरे यार तुम्हे ठंडा करने के लिए ठंडी बियर लेने जा रहा हूँ और पूछ रहा हूँ कि दो से काम हो जाएगा.

रागिनी:उउउन्न्ञणन् करते हुए बिहारी की छाती पर सिर रख देती है.

बिहारी: वैसे तुमने क्या सोचा था???

रागिनी ने कस के बिहारी को अपनी बाहों मे जाकड़ लिया.

रागिनी: मैं बियर नहीं पीती.

बिहारी: फिर तो किसी को पकड़ कर ही लाना पड़ेगा, तू तो लंड का जूस ही पिएगी और यह कर कर बिहारी ने रागिनी को पीछे किया और खुद गाड़ी की तरफ चल दिया.

रागिनी: धत्त.

बिहारी(पीछे मुड़कर देखते हुए): देख लेना एक दिन तो ऐसा करना ही पड़ेगा और तेज़ी से आगे बढ़ गया.

बिहारी गाड़ी के पास पहुँचा तो रागिनी चिल्लाकर बोली: जल्दी आना, मैं खाना बना देती हूँ. मेरे लिए एक ही बियर लाना.

बिहारी ने अपना चेहरा उसकी तरफ करके एक किस रागिनी की तरफ उछाल दी. बिहारी के जाने के बाद रागिनी किचन मे आ गई. मटन तो दिन का काफ़ी बचा था तो उसने और सब्ज़ी नहीं बनाई.

रागिनी(अपने आप से): पता नहीं विराट रात को खाने में राइस लेंगे या चपाती. चलो जब आ जाएँगे तब ही पूछ कर बना दूँगी.

रागिनी हाल में आकर बैठ गई लेकिन उसका मन नहीं लग रहा था. वो हाल मे ही टहलने लगी और टहलते टहलते उसने सोचा कि उपर चलकर देख लिया जाए कि विराट ने कमरा ठीक कर दिया है कि नहीं. रागिनी जैसे ही सीडीयाँ चढ़ने लगी, उसकी चूत मे रह रह कर टीस उठ रही थी लेकिन अब वो पहले से काफ़ी कम थी. उपेर जाकर रागिनी ने देखा कि वीरेंदर का कमरा विराट ने बिल्कुल बदल कर रख दिया था. वो बाहर निकली और चलते चलते आशना के कमरे के बाहर पहुँची. उसे बहुत हैरानी हुई कि वीरेंदर के अलावा यह किसका कमरा हो सकता है जिस्पर ताला नहीं है. उसने दरवाज़ा खोल कर अंदर देखा तो अंदर कोई नहीं था.रागिनी कमरे मे घुसी मगर वो बिल्कुल खाली था.

रागिनी: बड़ी अजीब बात है,सारा कमरा खाली है फिर भी खुला हुआ है. शायद विराट इसे लॉक करना भूल गये. रागिनी ने बाथरूम का दरवाज़ा खोला तो वहाँ पर भी कोई नहीं था. रागिनी जैसे ही बाहर आने के लिए मूडी उसकी नज़र हुक्स पर टॅंगी ड्रेस पर गई तो वो हैरान रह गई.

रागिनी: यह तो किसी लड़की की ड्रेस है. रागिनी ने हुक से पीले रंग की स्वेट शर्ट और सफेद रंग की चूड़ीदार पाज़ामी उतारी तो उसके नीचे से पिंक ब्रा और काफ़ी पुरानी काले रंग की पैंटी भी दिखाई दी.

रागिनी: इस घर में यह लड़की की ड्रेस किसकी है???

रागिनी का मन अंजानी आशंका से घिर गया, "कहीं विराट का किसी के साथ......", नहीं नहीं यह नही हो सकता.

वो खुद को ही तस्सल्ली देने लगी: वीरेंदर भी तो इसी घर मे रहता है, हो सकता है यह ड्रेस उसी की गर्लफ्रेंड की हो. हां, ज़रूर यह ड्रेस वीरेंदर की गर्लफ्रेंड की ही होगी, तभी तो दोनो के कमरे एक ही फ्लोर पर हैं. इसका मतलब, वीरेंदर की गर्लफ्रेंड है और वो उसे इस कमरे मे रखता है "चीप कहीं का". भाई की शादी नहीं होने देता और खुद ऐश कर रहा है.

रागिनी के मन मैं उथल पुथल मची हुई थी. उसने वो ड्रेस वहाँ से ले जा कर अपने कमरे में छुपा कर रख दी. बाहर आकर वो फिर से हॉल में बैठ गई. अकेले में पूरा घर उसे खाने को दौड़ रहा था. करीब 8:00 बजे रागिनी के कान में गाड़ी के हॉर्न की आवाज़ पड़ी तो वो दौड़ती हुई बाहर निकली. बिहारी ने गाड़ी पार्क की और गाड़ी से समान निकाल कर बाहर आते ही रागिनी को अपनी तरफ दौड़ते हुए देखा तो बोला: क्या बात है, सुबह तो लंगड़ा कर चल रही थी और अब देखो कैसे फुदक रही हो.

 
jay wrote: हाए डॉली

ये बिहारी तो साला महा कमीना निकला इसका दिमाग़ तो शैतान का दिमाग़ है बाप रे क्या क्या प्लान बना रहा है

अगले अपडेट का बेसब्री से इंतजार है
:lol: :lol: :lol: :lol: :lol: :lol: :lol: :lol:
 
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