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भैया का ख़याल मैं रखूँगी complete



बिहारी ने लाइट बंद की और उसे अंधेरे में बस कदमों की आहट सुनाई दी.

थोड़ी देर बाद, आशना: बिहारी लाइट जला दो लेकिन ध्यान रखना कि कहीं इस बार तुम्हारी पिचकारियाँ ना छूट जायें.

बिहारी ने धड़कते दिल से लाइट ऑन की और फर्श की तरफ देखा. फर्श की तरफ देखते ही उसे झटका लगा.आशना वहाँ पर नहीं थी, तभी उसे आशना के खिलखिला कर हँसने की आवाज़ आई. बिहारी ने आवाज़ की तरफ देखा तो उसकी धड़कन रुकते रुकते रह गई और लंड से पिचकारी निकलते निकलते रुक गई. इस बार आशना साइड पर रखे हुए एक सोफे पर बिल्कुल उसी अंदाज़ मे लेटी थी जैसे की थोड़ी देर पहले वो फर्श पर लगे बिस्तर पर. इस बार उसके हसीन बदन पर नाइटी गायब थी और एक स्काइ कलर की बहुत ही शॉर्ट स्कर्ट उसने पहनी हुई थी जो कि उसके नितंबों को मामूली सा ढके हुए थी. इस अवस्था में बिहारी को आशना की गुलाबी रंग लिए हुए चूत भी दिखाई दे रही थी.

बिहारी: आआआअहह मालकिन बस करो अब और ना तडपाओ नहीं तो मेरा सच मे हार्ट फैल हो जाएगा.

आशना खिलखिलाकर हँसने लगी.

आशना: अभी से यह हाल है तो सोचो जो मैं आगे करने वाली हूँ, तुम तो सच मुच ही पागल हो जाओगे.

बिहारी: अब क्या करने का इरादा है तुम्हारा आशना.

आशना: बस देखते जाओ. लाइट बंद कर दो बिहारी.

बिहारी: में साहब रहने दो ना कहीं सच मच में पानी ना निकल जाए.

आशना: यह हमारा हुकुम है, लाइट बंद कर दो.

बिहारी ने एकदम से लाइट बंद कर दी. इस बार भी बिहारी को कदमों की आहट सुनाई दी. बिहारी का कलेजा मुँह को आने को था.

आशना: चलो अब लाइट जला दो और मार लो अपनी आशना की गान्ड.

बिहारी ने इस बार एक लंबी सी साँस ली और काफ़ी डरते हुए लाइट जलाई. लाइट ऑन करते हुए उसके हाथ कांप रहे थे. उसने जैसे ही लाइट ऑन की उसे अपने पीछे से आवाज़ आई. "आँखे बंद करके घूम जाओ बिहारी",

बिहारी ने कस कर आँखें बंद कर ली और घूम गया.

आशना: अब धीरे धीरे आँखें खोलो. लेकिन धीरे धीरे खोलना, फिर ना कहना कि मैने तुम्हे सचेत नहीं किया.

बिहारी ने धड़कते दिल से आँखें खोलना शुरू की, उसके माथे पर पसीना सॉफ देखा जा सकता था. जैसे ही बिहारी की नज़र आशना पर पड़ी वो हक्का बक्का रह गया और उसके लंड ने एक के बाद एक पिककारियाँ छोड़नी शुरू कर दी.

आशना उस वक्त इस अवस्था में बेड के पास खड़ी थी और उसकी गदराई गान्ड बिहारी की नज़रों के सामने थी. आशना का चेहरा पीछे की तरफ मुड़ा हुआ था और वो कामुक नज़रों से बिहारी को देख रही थी.

बिहारी के लंड से निकलते हुए लावे को देख कर आशना मुस्कुरा उठी और बोली: तू तो गया काम से बिहारी, अब कैसे चोद पाएगा आशना की गान्ड कुँवारी. बिहारी के लंड से लगातार वीर्य की बौछार हो रही थी और आशना अपने होंठों पर जीभ फेरते हुए बोली: साले इतना माल बेकार कर दिया, थोड़ा दम रखता तो यह सारा माल मेरे किसी छेद में निकाल रहा होता.

रागिनी फर्श पर लगे बिस्तर पर पैट के बल लेट गई और बिहारी की तरफ देख कर सेक्सी आवाज़ में बोली "काका आशना को नहीं चोदोगे क्या"???? क्या आप भी इस शेर की तरह खोखले हो गये हो????

आशना के कामुक अंदाज़ से बिहारी की आह निकल गई लेकिन उसका लंड सुस्त पड़ने लगा था.

यह कह कर रागिनी बेड पर चढ़ गई और पेट के बल लेट कर अपनी कोहनियो पर अपने शरीर का वज़न रख कर बिहारी की तरफ देखने लगी और बोली: क्या आप भी वीरेंदर की तरह मुझे गरम कर के छोड़ देंगे.

बिहारी: मालकिन आपके इस अप्सरा समान सौंदर्य को देख कर मेरे लंड से रहा नही गया और आँसू बहा बहा कर अपनी व्याकुलता का परिचय देने लगा.

आशना: मेरी चूत भी तो कब से व्याकुल है ज़ालिम, अब इसका क्या करूँ.

बिहारी: मालकिन आप मेरे लोड्‍े को तैयार करो तब तक मैं आपकी चूत की खुजली मिटाने की कोशिश करता हूँ. यह कह कर बिहारी आशना की तरफ झपटा.

रागिनी ने झट से पलटा मारा और बिहारी बेड के उपेर जा गिरा.

आशना: इतना उतावला पन नहीं बिहारी. जा पहले अपने लंड को अच्छे से धोकर आ.

बिहारी: साली ज़्यादा नाटक ना कर वरना मेरे लंड का सारा माल तेरे मुँह मे छोड़ दूँगा.

आशना(डरने का नाटक करते हुए): माफ़ करना काका, वो क्या है ना कभी वीर्य से सना हुआ लंड चूसा नहीं ना तो इस लिए मुँह से निकला गया.

बिहारी: सुन ले रांड़, अगर मुझ से चुदवाना है तो मेरा माल भी पीना पड़ेगा.

आशना: नहीं नहीं काका यह मत करना, मैं मर जाउन्गी.

बिहारी: सोच ले नहीं तो चली जा मेरे कमरे से.

रागिनी: काका इतना नाराज़ क्यूँ होते हो अपनी आशना से, ले लूँगी आपका लंड अपने मुँह मे और पिला देना अपना सारा वीर्य मुझे लेकिन मुझे ताड़पता हुआ ना छोड़ो. आओ मेरी प्यास भुजा दो.

बिहारी: अब आई ना लाइन पर साली. चल आजा मेरे उपर और अपनी चूत मेरे होंठों पर टिका दे.

आशना ने अपनी टाँगें बिहारी के कंधे के इर्द-गिर्द कर के अपनी फड़कती हुई गुलाबी चूत बिहारी के होंठों पर रख दी और आआआः करते हुए गप्प से बिहारी का नरम पड़ चुका लोड्‍ा अपने मुँह में ले लिया.

आशना और बिहारी दोनो का बदन थोड़ी देर के लिए थिरका और फिर वो दोनो एक दूसरे को हराने मे जुट गये. आशना बिहारी के सुपाडे की चमड़ी को पूरी तरह से नीचे खींच कर उसके लिंग को अपने होंठों से चूस रही थी और अपनी जीभ से उसे चुबला रही थी. वहीं बिहारी भी अपनी एक उंगली उसकी चूत में घुसा कर कभी अपनी जीभ से आशना की क्लिट को चुबलाथा तो कभी जीभ लंबी करके उसे चूत में धकेल देता. रह रह कर दोनो के जिस्मों मे तरंगे उठ रही थी और वो अपना संतुलन खो रहे थे.बिहारी ने आशना की चूत से उंगली निकली तो आशना ने अपने नितंबों को थिरका कर इसका विरोध किया.

 


बिहारी: चिंता ना कर, पहले इस उंगली से तेरा पिछला छेद कुरेद लूँ फिर दोबारा इसे तेरी चूत की गहराई में धकेल दूँगा. बिहारी ने चूत रस से भीगी उंगली आशना के पिछले छेद में दबाई तो आधा इंच उंगली उसमे फस गई.

आशना एक दम घबरा गई और अपने छेद को भींच लिया.

बिहारी: डरो मत कुछ नहीं होगा, ढीला छोड़ो अपने आप को और लंबी लंबी साँसें लो.

आशना: काका बहुत दर्द हो रहा है.

बिहारी: मालकिन आज तो आपकी गान्ड मारे बिना मुझे चैन नहीं मिलेगा.

आशना:काका, प्लीज़ धीरे धीरे से उंगली से मार लो मेरी, कृपया अपना नाग इस मे मत घुसाना नहीं तो यह मुझे डॅन्स लेगा.

बिहारी: नाग तो कब से फन उठाए खड़ा है. लेकिन मैं चाहता हूँ कि पहले अपनी उंगली से इस मे जगह बना लूँ कहीं आप का छेद मेरे नाग के फन से फट ना जाए.

आशना: आआआ धीरे, काका आपकी उंगली से अगर इतना दर्द हो रहा है तो आपका वो तो मेरी जान ही लेलेगा.

बिहारी(हंसते हुए): मालकिन आपने आज तक सुना है कि कोई लड़की चुदते चुदते मर गई हो. डरिये मत और आराम से गान्ड ढीली छोड़ दीजिए, कुछ ही समय मे इस तंग गुफा को इतनी चिकनी कर दूँगा कि मेरा पूरा लंड इसमे समा जाएगा.

आशना ने अपनी गान्ड ढीली छोड़ी मगर वो बार बार उसे कस लेती या यूँ कहिए कि वो बार बार अपने आप ही सिकुड जाती. धीरे धीरे करके बिहारी ने कोई 2-3" अपनी उंगली आशना की गंद मे उतार दी. आशना ने बिहारी का लंड अपने मुँह से निकाल दिया था. उसे पता था कि गान्ड मे दर्द के कारण अगर उसने दाँत भींच लिए तो काका के लंड के दो टुकड़े भी हो सकते हैं. 3" तक अपनी उंगली आशना की गान्ड मे घुसाने के बाद बिहारी ने उंगली वही रहने दी बिना किसी हरकत के.

आशना: काका बहुत दर्द हो रहा है.

बिहारी: बस अब तो उंगली घुस गई है, अब इसे थोड़ा चिकना करना है उसके बाद तो गपा गॅप मेरा लंड इसमे चलेगा.

आशना ने ज़ोर से अपनी गान्ड भींची तो उंगली चिकनी होने के कारण प्लॉप की आवाज़ करती हुई बाहर निकल गई. बिहारी की उंगली गान्ड से निकलते ही आशना ने अपनी उंगली अपनी खुली हुई गान्ड मे घुसा दी.

बिहारी ने अपनी उंगली फिर से उसकी गान्ड में डालनी चाही तो आशना तड़प कर बोली.

आशना: आआआहह काका बस अब मत घुसाना, आपकी उंगली बहुत मोटी है.

बिहारी: अभी तो कटोरी मे पड़ा घी तेरी गान्ड मे घुसाकर इसे चिकना बनाना है आशना तभी तो तू मेरा लंड ले पाएगी. चल अच्छी कुतिया की तरह मुँह तकिये मे छुपाकर गान्ड ढीली करवा ले वरना कहीं ऐसा ना हो कि मुझे ज़बरदस्त करनी पड़े और तेरी गान्ड फट जाए.

आशना बिहारी के उपेर से उठ कर उसकी बगल में कुतिया की तरह हो गई. अपनी गान्ड को हवा मे उठाकर उसने अपना चेहरा तकिये पर रख दिया. बिहारी उठा और कटोरी से घी लेकर अपनी उंगली को अच्छे से तर किया. आशना की तरफ़ देख कर उसने उसे अपनी उंगली दिखाई.

आशना: अच्छी तरह से घी लगा लीजिएगा काका कहीं सुखी ना रह जाए.

बिहारी: आज कुछ भी सूखा नहीं रहेगा मालकिन. ना मेरी उंगली, ना आपकी चूत, ना आपकी कुँवारी गान्ड, सब गीले होंगे आज की रात.

आशना: और काका आपका लंड??

बिहारी: यह तो आज आपकी गान्ड के खून से नहाएगा मालकिन, भला यह सूखा कैसे रह सकता है अपनी छोटी मालकिन के होते हुए.

आशना: तो आ जाओ काका और लगा लो अपने लंड पर मेरी गान्ड के खून से टीका.

बिहारी बेड पर पहुँचा और आशना के पीछे जाकर घुटनों के बल बैठ गया. आशना की चूत को हल्का सा चूमने के बाद बिहारी ने अपनी घी से लथपथ उंगली को आशना की गान्ड के द्वार पर लगा दिया. बाहर ने गान्ड के होल को अच्छी तरह से चुपडा और अपनी उंगली के पोर से घी को अंदर टहलाने लगा.

बिहारी: ऐसी गान्ड तो बहुत करमो वालो को मिलती है मालकिन.

आशना: आज से यह तुम्हारी है, तुम जब चाहो इस से खेल सकते हो.

बिहारी: मैं तो हमेशा इस से चिपका रहूँगा मालकिन. मेरी ज़िंदगी तो धन्य हो गई आप जैसी मालकिन पाकर.

आशना:उई माआ, धीरे धीरे उंगली अंदर करो ना.

बिहारी: तो फिर लंड कैसे लोगि मेरा????

आशना: लेना पड़ेगा अब क्या कर सकती हूँ, अपनी गान्ड दिखाकर अपने नौकर के लंड को ललकार जो दिया है तो अब भुगतना तो पड़ेगा ही ना.

बिहारी: तेरी गान्ड है ही इतनी ज़ालिम कि दिल चाहता है कि जानवरों की तरह इस को प्यार करूँ.

आशना: तो करो ना, किसने मना किया है.

बिहारी: अगर मैं जानवर बन गया तो फिर तू कभी किसी को अपनी गान्ड पर हाथ भी नहीं लगाने देगी.

आशना: तेरे सिवा तो तो मैं वैसे भी किसी और को हाथ लगाने नहीं दूँगी.

बिहारी: सच कहता हूँ अगर तेरी गान्ड की बोली लगाई जाए तो मुँह माँगी कीमत मिलेगी.

आशना: आआहह, बस ऐसे ही करते रहो उंगली अंदर.

बिहारी: बोल लगवायेगी बोली अपनी गान्ड की.

आशना: कॉन खरीदेगा इस चुदि हुई गान्ड को. तेरा मूसल तो इसे ऐसे फाड़ देगा कि यह तो किसी के काम की ही नहीं रहेगी.

बिहारी: यही तो फरक होता है गान्ड और चूत मैं. यहाँ चूत कुछ दिनो की चुदाई के बाद दम तोड़ देती है वहीं साली गान्ड हमेशा आकड़ी ही रहती है. तू हां कर मैं तेरे लिए ग्राहको का बंदोबस्त करता हूँ.

आशना:आआहह कककक, बहुत मज़ा आ रहा है विराट , नाउ फक माइ आस.

बिहारी ने अपने लोड्‍े को भी घी से मल दिया और रागिनी के पीछे आकर अपने लोड्‍े के सुपाडे को उसकी गान्ड पर सेट कर दिया. बिहारी ने गान्ड के छेद पर अपना सुपाडा दबाया तो रागिनी उछल पड़ी.

बिहारी: चुप चाप लेटी रह साली, यह लोड्‍ा तो अब हर कीमत पर पीछे नहीं हटने वाला.

रागिनी(मासूमियत से): लेट ती हूँ ना, इतना गरम क्यूँ हो रहे हो. गान्ड चोदने के पैसे दिए है तो क्या मेरी जान ही ले लोगे.

बिहारी ने भी पैंतरा बदल कर कहा: साली तेरी गान्ड के वश में आकर ही इतनी बड़ी कीमत चुकाई है और तू नखरे कर रही है.

रागिनी फिर से कुतिया के पोज़ मे आ गई.

रागिनी: यह ले साले, कर ले अपने पैसे वसूल.

बिहारी के शरीर मैं एक दम करेंट दौड़ा. बिहारी ने रागिनी को कमर से पकड़कर अपने सुपाडे को उसकी गान्ड पर टिकाया और एक ज़ोरदार धक्का दे दिया. बिहारी ने सोचा कि रागिनी चीखेगी मगर रागिनी के गले से एक आअहह निकली तो बिहारी हैरान रह गया. बिहारी ने देखा कि उसका लंड फिसल कर रागिनी की चूत मे घुस गया है.

रागिनी ने अपना हाथ पीछे ले जाकर बिहारी के कूल्हे को दबाया और बोली: आआअहह विराट फक मी, फक युवर रागी.

बिहारी: साली तेरी चूत बड़ी चुदास है, मेरे लोड्‍े को गान्ड के छेद से खींच कर अपने अंदर ले गई.

रागिनी: आआआहह विराट प्लीज़ फक मी, डॉन'ट लीव मी .

बिहारी: साली तेरी गान्ड फिर से बच जाएगी.

रागिनी: बाद में मार लेना, प्लीज़ अभी नहीं.

 


बिहारी ने झटके से अपना लंड खींच लिया और बोला: ज़्यादा नखरे ना कर. आज गान्ड मारनी है तो मारनी है.

रागिनी को चूत मे ख़ालीपन का एहसास हुआ तो उसकी आँखों में आँसू आ गये.

रागिनी(मन में): कितना निर्दई इंसान है, यहाँ मेरी चूत में आग लगी है और उसे भुजाने की बजाए इसे मेरी गान्ड मारने की पड़ी है.

बिहारी ने सुपाडे को रागिनी की गान्ड पर दबाया तो रागिनी ने अपनी गान्ड कस ली.

बिहारी: साली थोड़ा डीला छोड़ ना इसे, ऐसे तो यह कभी भी अंदर नहीं घुसेगा और मेरा काम तमाम हो जाएगा.

रागिनी: प्लीज़ विराट, मेरी चूत मारिए ना देखो कितनी गीली हो गई है बस थोड़ी देर ही लगेगी उसके बाद आप चाहे तो आप मेरी गान्ड भी मार लीजिएगा.

बिहारी: हट साली, जब देखो चूत का रोना रोती रहती है. तेरी चूत चोदने के बाद मुझमे इतनी ताक़त बचेगी क्या कि मैं तेरी कुँवारी गान्ड मार सकूँ.

रागिनी: विराट बस एक बार प्लीज़.

बिहारी: सच सच बता कि कहीं तूने अपनी कुँवारी गान्ड की बोली लगवाने का ही तो नहीं सोच लिया.

रागिनी:आआअहह विराट ऐसा मत कहो प्लीज़, फक मी.

बिहारी: सच बोल कहीं तू किसी और को तो अपनी गान्ड नहीं देना चाहती ताकि तुझे ढेर सारे पैसे मिले.

रागिनी:आआआअहह.

बिहारी: बोल ना अब चुप क्यूँ है.

बिहारी की बातों से रागिनी एकदम गरम हो उठी, उसकी चूत किसी भी वक्त लावा छोड़ सकती थी.

बिहारी: क्या हुआ मज़ा आ रहा है ना किसी और के लंड के बारे में सोच कर.

रागिनी:आआअहह हाआआनन्न विराट मुझे किसी और से ही चुदा दो प्लीज़. मैं किसी से भी चुदवा लूँगी, किसी से भी और मुझे पैसे भी नहीं चाहिए. पैसे आप रख लेना बस मेरे लिए एक तगड़े लंड का इंतज़ाम कर दो प्लीज़.

बिहारी: अब आई ना सही लाइन पर. बड़ी जल्दी तेरी यह ख्वाहिश पूरी कर दूँगा लेकिन पहले तेरी गान्ड मार लूँ.

ठीक उसी वक्त रागिनी की चूत का बाँध टूट गया और वो झड़ने लगी. बिहारी ने भी दाव खेलते हुए अपना सुपाडा रागिनी की गान्ड मे दबाया और एक ज़ोरदार झटका दिया. बिहारी का सुपाडा घी की चिकनाई से एक दम खचक से अंदर धँस गया. रागिनी उछल पड़ी लेकिन इस बार बिहारी ने अपना हाथ उसकी कमर पर रखकर उसे दबाए रखा.

रागिनी अभी भी झड रही थी. बिहारी ने लंबी सांस खींचते हुए एक और करारा धक्का मारा और आधे से ज़्यादा लंड उसकी गान्ड मे उतार दिया. बिहारी का लंड रागिनी की गान्ड मे फँसते ही रागिनी की चीख निकल गई और बिहारी का भी लंड घुट गया.

बिहारी:अयाया साली ढीला छोड़ नहीं तो मेरे लोड्‍ा कुचला जाएगा.

रागिनी:आआआअहह विराट प्लीज़ बस और नहीं, मैं मर जाउन्गी.

बिहारी: इतनी जल्दी नहीं मरने दूँगा तुझे, अभी तेरा जिस्म बेच कर बहुत पैसा कमाना है. तुझे वीरेंदर के नीचे लिटाकर उसे मजबूर कर दूँगा कि वो अपनी दौलत मेरे नाम कर दे.

रागिनी:आआहह, विराट मैं आपका साथ दूँगी, आप जो कहेंगे मैं मानूँगी आआह.

बिहारी ने एक और ज़ोरदार धक्का दिया और पूरा लंड रागिनी की विशाल गान्ड की तंग घाटी में उतार दिया. रागिनी की आँखों से आँसू निकल आए लेकिन इस बार वो चीखी नहीं. वो समझ गई थी कि पति के रूप में उसे एक जल्लाद मिला है. वो अपना शरीर उसे नोचने के लिए उसके हवाले कर चुकी थी.

बिहारी: बस अब और दर्द नहीं होगा, पूरा चला गया.

रागिनी खामोश रही बस उसकी आँखों से आँसू निकल कर बिस्तर को भिगोते रहे.

बिहारी: तुम ठीक तो हो रागी?????

रागिनी: आप मेरी चिंता ना करें, आप चोदते रहिए.

बिहारी का कलेजा एक दम मुँह को आ गया यह सुनकर. वो समझ गया कि उसने बहुत जल्दबाज़ी कर दी है रागिनी की गान्ड चोदने में भी और उसे अपने प्लान के हिसाब से ढालने में भी.

बिहारी(मन में अपने आप को ही गाली देते हुए):साले तू तो है ही पैदाइशी हरामी बस लंड से ही सोचता है, दिमाग़ तो कभी तूने इस्तेमाल किया ही नहीं. अगर बीना को हिस्से में शामिल नहीं करना तो रागिनी को अपने तलवों में रखना ही होगा. बिहारी ने फट से पैंतरा बदला.

बिहारी: मुझे माफ़ कर दो रागिनी, मैं अपने आप को रोक नहीं पाया.

रागिनी: मैने आप से कोई शिकायत नहीं की विराट. आप जैसे मर्ज़ी मेरा भोग कीजिए और जब मन भर जाए तो मेरे बदन को बेच कर आप दौलत भी कमाएँगे तो मैं उफ्फ तक नहीं करूँगी.अगर बीना जी मुझे नहीं मिलती और मेरी शादी आप से नही होती तब भी मैं मजबूरी में किसी कोठे पर ही यह सब कर रही होती.

बिहारी: मुझे माफ़ कर दो रागिनी, मैं तुम्हारा दिल नहीं दुखाना चाहता था, मेरा यकीन करो यह सब मैं खुद को और तुमको उत्तेजित करने के लिए कह रहा था. भला तुम ही सोचो तुम जैसी सुंदर बीवी पाकर कॉन साला हरामी खुश नहीं होगा और दो दिन में ही अपनी बीवी को बेचने की बात कहेगा.

रागिनी:आआहह विराट बहुत दर्द हो रहा है.

बिहारी: निकाल लूँ????

रागिनी ने बस ना में गर्दन हिलाई.

बिहारी: आइ लव यू रागिनी, मैं तुम्हे बहुत प्यार करता हूँ और तुम्हे कभी भी दुखी नहीं देख सकता.

रागिनी: आइ लव यू टू विराट, मैं आपके साथ हर हाल में खुश हूँ.आप के लिए तो मेरी जान भी कुर्बान विराट.

बिहारी(माहौल को बदलने के लिए): जान क्या खाक कुर्बान करोगी, गान्ड की कुर्बानी देने में ही इतना वक्त लगा दिया.

रागिनी ने अपनी गान्ड टाइट की तो बिहारी के गले से दर्दनाक आह निकल गई.

रागिनी: अब चला ना पता. सोचो मुझे कितना दर्द हो रहा होगा.

बिहारी: बस आज माफ़ कर दो. आज के बाद तुम्हारी गान्ड तभी मारूँगा जब तुम खुद गिडगिडा कर कहोगी, यह मेरा वादा है.

रागिनी:बाद की बात तो बाद में सोचेंगे विराट लेकिन अभी मुझे बहुत दर्द हो रहा है प्लीज़ कुछ कीजिए ना.

 
mini wrote: kya baat h.kya story h,,,bemisaal...super hot and mera pyara bihari apne rang mai..mza aa gya
 


बिहारी ने अपना हाथ नीचे ले जाते हुए रागिनी की चूत पर रख दिया और अपनी उंगली से उसकी क्लिट को कुरेदने लगा.

रागिनी सिहर उठी. उसके बदन मे तरंगे उठने लगी. रागिनी की कमर हिलने लगी.

बिहारी: अब क्या हुआ, अब दर्द नहीं हो रहा क्या???

रागिनी:दर्द तो अभी भी है मगर चूत की खुजली के आगे यह दर्द भी सह लूँगी.

बिहारी:बुरा मत मानना लेकिन तुम्हारी चूत में खुजली बहुत है सच में.

रागिनी: पता नहीं क्यूँ जितना चुदती हूँ मन ही नहीं भरता.

बिहारी: मन तो मेरा भी नहीं भरता लेकिन काश मैं भी जवान होता.

रागिनी खामोश रही. बिहारी ने भी पीछे की तरफ धीरे धीरे झटके लगाना शुरू कर दिया. गान्ड में लंड और चूत पर बिहारी का हाथ होने से रागिनी बहुत जल्द मस्त हो गई और तेज़ी से कमर चलाने लगी. बिहारी ने भी देखा कि रागिनी फिर से मस्ती मे आ गई है तो उसने अपने दोनो हाथ रागिनी की गान्ड पर रखकर लंबे लंबे धक्के लगाना शुरू कर दिया. रागिनी की सिसकारियाँ कमरे में गूंजने लगी. रागिनी की चूत काफ़ी गीली हो चुकी थी और यही हाल उसकी गान्ड का भी था. घी के कारण रागिनी की गान्ड में बिहारी का मूसल सतसट दौड़ रहा था. बिहारी ने झुक कर रागिनी के लहराते हुए उभार पकड़ लिए और उन्हे ज़ोर से मसल्ने लगा.

रागिनी की गान्ड अपने आप टाइट होती चली गई और उसका स्खलन हो गया. बिहारी ने भी जब देखा कि वो रागिनी की टाइट गान्ड मे ज़्यादा देर तक टिक नहीं पाएगा तो उसने झटके से अपना लंड बाहर खींचा और रागिनी को पीठ के बल लिटा कर उसकी टाँगें कंधे पर रख कर अपना लंड उसकी चूत में उतार दिया. रागिनी ने एक लंबी हुंकार भरी जैसे उसे स्वर्ग का आनंद मिला हो. चूत में लंड पेलते ही बिहारी ने ताबड़तोड़ धक्कों से रागिनी की चुदाई करना शुरू कर दिया और रागिनी ने भी अपनी गान्ड उठा उठा कर बिहारी को उत्तेजित करना शुरू कर दिया. जैसे ही बिहारी के लंड से निकले वीर्य की तेज़ धार रागिनी की कोख से टकराई उसके भी सारे बंधन टूट गये और एक अजीब सी चीख मारकर वो भी झड़ने लगी.

दोनो के शरीर एक दूसरे के अंदर समा जाना चाहते थे. पसीने से लथ पथ उनके शरीर वासना की आग में बह रहे थे और कमोवेश में आकर रागिनी ने अपने दाँत बिहारी के कंधे मे गढ़ा दिए. बिहारी ने भी रागिनी के होंठों को अपने दाँतों से काट लिया और एक बार फिर से उनका जिस्म से निकले खून के कतरे बिस्तर में रिसने लगे.चरम सुख भोग कर बिहारी रागिनी पर ही गिर गया और दोनो ना जाने कब एक दूसरे की बाहों में थक कर सो गये.

सुबह जब रागिनी की नींद खुली तो बिहारी को बिस्तर पर ना देख कर हैरान रह गई. रागिनी के नितंबों मे असीम पीड़ा हो रही थी. रात को हुए सेक्स की याद आते ही उसके चेहरे पर एक मुस्कान तैर गई. रागिनी जैसे ही उठ कर बैठने को हुई वो अचानक खड़ी हो गई और उसके मुँह से निकला "आउच". रागिनी के लिए बैठना भी मुश्किल हो गया था.

रागिनी(मन मैं):सत्यानाश कर दिया मेरा दो ही रातों मे विराट ने. पता नहीं अब कितने दिन मुझे यह दर्द सहना पड़ेगा.

रागिनी बाथरूम मे घुसी और टाय्लेट सीट पर बैठ गई.बड़ी मुश्किल से उसने अपने सुबह के काम निपटाए और नहा धोकर बाथरूम से बाहर आई. बाहर आकर उसने बॅग से एक ऑरेंज कलर की लूस कुरती और वाइट जीन्स निकाली. फिर दूसरे बॅग से डार्क ब्राउन कलर की ब्रा-पैंटी सेट निकाल कर कपड़े पहन लिए. पैंटी काफ़ी टाइट थी और उसपे पॅंट भी इतनी टाइट थी कि वो काफ़ी अनकंफर्टबल फील कर रही थी. ऐसे कपड़ों की उसे तो आदत ही नहीं रही थी. अपने आप को आईने मे देख कर एक बार वो भी शरमा गई. जीन्स उसकी जाँघो से ऐसे चिपक गई थी जैसे उसी की स्किन हो. टाइट पॅंट के कारण उसके नितंब और उभर आए थे. रागिनी ने मुड़कर अपने नितंबों को आईने में देखा तो उसे लगा कि यह तो एक ही रात में काफ़ी बड़े हो गये हैं. अच्छी तरह से तैयार होकर रागिनी धीरे धीरे चलकर कमरे से बाहर निकली तो देखा कि काफ़ी रोशनी थी हाल मे. रागिनी ने सामने घड़ी मे देखा तो दिन के 10:30 बज रहे थे.

रागिनी: हाई राम इतना टाइम हो गया और विराट ने मुझे जगाया भी नहीं.विराट, विराट कहाँ हैं आप.??? लेकिन कोई रेस्पॉन्स नहीं. रागिनी धीरे धीरे चलकर किचन तक पहुँची लेकिन वहाँ भी कोई नहीं था. रागिनी परेशान हो उठी.

उसने अपने लिए चाइ बनाई और हाल में आकर धीरे से एक नरम सोफे पर बैठ गई. हालाँकि सोफा काफ़ी नरम था मगर उसे बैठने में काफ़ी तकलीफ़ हो रही थी. किसी तरह वो बैठी रही. चाइ जैसे ही ख़तम हुई, बाहर से बिहारी ने हाल में प्रवेश किया.

रागिनी: कहाँ चले गये थे आप विराट मुझे अकेला छोड़कर.

बिहारी: तुम्हारे लिए ही इंतज़ाम करने गया था.

रागिनी के गाल यह सुनकर लाल हो गये.

रागिनी: धत्त, बताइए ना.

बिहारी: सच मैं, सब कम हो गया अब बस अब तुम्हे वहाँ ले जाना है.

रागिनी का दिल ज़ोरों से धड़कने लगा.

बिहारी: अच्छा किया तुम तैयार हो गई , चलो जल्दी से. थोड़ी देर तक वो भी आने ही वाले होंगे.

रागिनी: कॉन???

बिहारी: अरे वीरेंदर और आशना आने वाले होंगे. सुबह ही वीरेंदर का फोन आया था कि वो आज शाम तक पहुँच जाएँगे.

रागिनी की जान में जान आई.

रागिनी: लेकिन मुझे कहाँ जाना है???

बिहारी: पीछे बने सर्वेंट क्वॉर्टर्स में तुम्हे कुछ दिन रहना पड़ेगा. उसके बाद तो हमे साथ ही रहना है. मैने आशना और वीरेंदर का कमरा भी सेट कर दिया है और सारा समान वैसा ही रख दिया है जैसा कि पहले था ताकि किसी को शक ना हो कि इन दो-तीन दिनो मैं एक कुँवारी लड़की उनके कमरे में चुद चुकी है.

रागिनी: हटो बेशरम कहीं के, मुझे आपको छोड़ कर कहीं नहीं जाना.

बिहारी: सोच लो, अगर नहीं गई तो वीरेंदर तुम्हे चोदे बिना इस घर में रुकने नहीं देगा.

रागिनी: ना बाबा ना, तब तो चलो मुझे वहीं छोड़ दो. मुझे तो अब 2-4 दिन किसी से नहीं चुदवाना.

बिहारी: क्यूँ एक ही रात में सारा नशा उतर गया क्या??

रागिनी: इस वक्त मेरी जो हालत है मैं ही समझ सकती हूँ.

बिहारी: चलो 2-4 दिनो के बाद ही सही लेकिन तुम्हे लंड की ज़रूरत तो पड़ेगी ही ना तो तुम तब वीरेंदर के सामने आ जाना.

रागिनी(बिहारी की बात को इग्नोर करते हुए): विराट, मैं क्या कहती हूँ ना कि आप मुझे यहीं नीचे किसी कमरे में ही रहने दीजिए.

बिहारी: और अगर वीरेंदर ने तुम्हे देख लिया तो, क्या तुम उस से चुदवा लोगि???

रागिनी: जब देखो एक ही बात, कभी दिमाग़ से भी सोचा करो.

बिहारी(मन में):साली यह भी जान गई कि मैं लंड से सोचता हूँ.

बिहारी: बोलो क्या बोलना चाहती हो.

रागिनी: देखिए आप चाहते हैं ना कि आशना और बीना जी वीरेंदर से दूर रहें.

बिहारी: हां, तो???

रागिनी:अगर आप कोई बहाना बना कर मुझे यहीं रोक लें तो मैं वीरेंदर को अपने जाल में फँसाने की कोशिश कर सकती हूँ ताकि आशना और बीना जी का पत्ता सॉफ हो जाए.

बिहारी: इस से क्या फ़ायदा होगा???

रागिनी: देखिए विराट, वीरेंदर की कमज़ोरी औरत है और मैं उसे ऐसा जलवा दिखाउन्गी कि वो दुम हिलाता मेरे पीछे भागेगा और जो मैं कहूँगी वही करेगा.

बिहारी: और इस सब के बीच अगर उस ने तुम्हे चोद दिया तो फिर हम क्या करेंगे????

रागिनी: बस यही तो कमी है आप में, दिमाग़ पर ज़ोर नहीं डालते आप.

बिहारी: क्या मतलब???

रागिनी: मैं वीरेंदर को ऐसे तडपाउंगी कि वो मुझ से शारीरिक संबंध बनाने के लिए पागल हो जाए लेकिन मैं हर बार उस की पकड़ से बच निकलूंगी और जब वो बिल्कुल लाचार हो जाएगा तो सौदे में उस से प्रॉपर्टी के पेपर्स पर साइन करवा लूँगी.

बिहारी: तो क्या उस के बाद तुम उस से शारीरिक संबंध बना लोगि.

रागिनी: अरे प्रॉपर्टी के पेपर्स हाथ में आते ही हम रातों रात यहाँ से गायब हो जाएँगे.

बिहारी: वाह, क्या आइडिया है. साँप भी मर जाएगा और चूत भी नहीं फटेगी.

बिहारी का अजीब मुन्हावरा सुनकर रागिनी खिलखिलाकर हँसने लगी.

रागिनी: विराट आप भी ना पता नहीं कहाँ कहाँ से ऐसी बातें लाते हैं.

रागिनी: तो कैसा लगा मेरा प्लान.

बिहारी(मन में सोचते हुए): अब बस किसी तरह बीना को ठिकाने लगा दूं, उस के बाद तू वीरेंदर को अपने जाल में फाँसना और मैं आशना के सामने धीरे धीरे यह साबित कर्दुन्गा कि तुम्हारा और वीरेंदर का कोई चक्कर चल रहा है. इस से दो फ़ायदे होंगे, एक तो आशना हमेशा के लिए वीरेंदर की ज़िंदगी से निकल जाएगी और दूसरा वीरेंदर की सारी प्रॉपर्टी मेरी हो जाएगी. अगर आशना पर यकीन बनाने के लिए मुझे रागिनी को वीरेंदर से चुदवाना भी पड़े तो मैं पीछे नहीं हटूँगा. एक बार प्रॉपर्टी मेरे नाम हो जाए तो आशना और तुझे लेकर ऐसी जगह चला जाउन्गा कि हमे ढूँढ पाना भी नामुमकिन हो जाएगा और वहाँ जाकर मैं तुम दोनो के जिस्म से अपनी प्यास भुजाउन्गा.

 


रागिनी: कहाँ खो गये???

बिहारी(हड़बड़ा कर): वो, वो मैं सोच रहा था कि तुम्हे वीरेंदर के सामने कैसे लाउ.

रागिनी: यह तो आप ही सोचिए, मैं तो आपके लिए कुछ भी करने को तैयार हूँ.

बिहारी: एक काम कर सकते हैं.

रागिनी: क्या???

बिहारी:ज़रा कान इधर लाओ और उसने सारा प्लान रागिनी को समझा दिया.

रागिनी: अरे वाह, दिमाग़ से सोचो तो आप से चतुर इंसान शायद ही कोई हो.

बिहारी: और अगर लंड से सोचूँ तो???

रागिनी: आप से चोदु इंसान भी कोई नहीं मिलेगा मेरे होने वाले "चाचू". दो रातों में ही मेरी वो हालत कर दी जैसे कि मैं लड़की ना होकर कोई जिस्म बेचने वाली खेली खाई औरत होऊ.

उसके बाद रागिनी ने नाश्ता बनाया और नाश्ता तैयार करके दोनो कुछ देर तक धूप में बैठ कर आगे की प्लॅनिंग करने लगे. बिहारी के लिए इस वक्त सबसे बड़ा सवाल था कि बीना को कैसे ठिकाने लगाया जाए और सोचते सोचते उसके दिमाग़ में एक बहुत ही ख़तरनाक आइडिया आ गया. धूप में बैठने से रागिनी की हालत में भी काफ़ी सुधार आया था . अब उसका दर्द काफ़ी कम हो गया था और वो अब आराम से बैठ सकती थी.

बिहारी: रागिनी, तुम ज़रा लंच की तैयारी करो तब तक मैं अपने कमरे में तोड़ा आराम कर लेता हूँ.

रागिनी: विराट, आप सब संभाल लेंगे ना???

बिहारी: आज का दिन मैं संभाल लूँगा, आगे की सारी ज़िम्मेदारी तुम पर है.

रागिनी: वो तो आप मुझ पर छोड़ दें, बीना जी को तो मैं वीरेंदर तक पहुँचने ही नहीं दूँगी और रही बात आशना की तो उसे तो मैं देख ही लूँगी.

बिहारी: तुम बस एक बार वीरेंदर को अपने क़ब्ज़े में कर लो, उसके बाद तो वो ऐसे छटपटाएगा जैसे किसी लन्गडे लूले के लंड में खुजली हो तो वो छटपटाता होगा.

रागिनी, बिहारी की बात सुनकर हंस दी.बिहारी उठा और अपने रूम में चला गया .रागिनी भी किचन में आ कर लंच की तैयारी करने लगी.

रूम में आते ही बिहारी ने अलमारी से अपना मोबाइल निकाला और उसे ऑन करके बीना का नंबर. डाइयल किया.

बीना ने फोन उठाते ही कहा: आ गाएे मेरी चूत की खुश्बू, कुत्ते.

बिहारी: साली तेरी चूत की खुश्बू तो मेरे अंदर ऐसे बसी है कि उसे मैं भूल ही नहीं सकता.

बीना: साले तुम दोनो अपनी अपनी लोंड़िया से मज़े कर रहे हो और मैं यहाँ चूत की खुजली से मरी जा रही हूँ.

बिहारी: क्या हुआ???

बीना: कल रात को वीरेंदर को भी फोन किया था लेकिन उस ने फोन ही नहीं उठाया, साला चाट रहा होगा आशना की गान्ड.

बिहारी: देख कुतिया मेरी आशना के बारे में ऐसा गंदा ना बोला कर.

बीना: साले तू भी तो कुत्ते की तरह रागिनी के चीथड़े उड़ाने में लगा हुआ है. कल शाम को भी थोड़ी देर नहीं रुक सका मेरे पास.

बिहारी: अरे वो घर में अकेली थी, इसलिए जल्दी चला गया.

बीना: अकेली थी तो क्या हुआ, जाते जाते एक बार मुझे चोद देता तो तेरे कॉन से टटटे खाली हो जाते.

बिहारी: साली उसे शीशे में उतारने तो दे फिर देख तेरी चूत भी हरी कर दूँगा.

बीना: काश वो लम्हा जल्दी आ जाए.

बिहारी: अच्छा सुन, आज शाम को तेरा वीरेंदर मेरी आशना के साथ घर पहुँच रहा है, क्या इरादा है?????

बीना(खुशी से चहकते हुए): तेरे मुँह में आशना की चूत, साले इतनी बड़ी खबर अब सुना रहा है.

बिहारी: रागिनी के बदले तुम्हे भी एक गिफ्ट देने का मन कर रहा है.

बीना: कैसा गिफ्ट.

बिहारी: शाम के खाने में आशना को नींद की गोलियाँ देकर सुला दूँगा और वीरेंदर के खाने में दवाई मिलाकर उसे तेरे लिए खुला छोड़ दूँगा, जो करना है कर लेना.

बीना: सच.

बिहारी: मुच.

बीना: लेकिन अगर तूने आशना के साथ कुछ करने की कोशिश की तो.

बिहारी: साली, मर्ज़ी से चुदने वाली बीवी को छोड़ कर उस घमंडी आशना के साथ ज़बरदस्ती क्यूँ करूँगा, उसे तो मैं तडपा तडपा कर चोदने वाला हूँ लेकिन अभी नहीं.

बीना: लेकिन रागिनी को पता ना लग पाए कि मैं वहाँ आउन्गी.

बिहारी: तू चिंता ना कर, तू बेफिकर होकर आना, मैं रागिनी को सर्वेंट क्वॉर्टर में शिफ्ट कर दूँगा.

बीना: जियो मेरे राजा.

बिहारी ने फोन बंद किया और ऑफ करके अलमारी में रख दिया और मुस्कुराते हुए लेट गया.

कुछ देर बाद रागिनी ने बिहारी को किचन से ही आवाज़ लगाई.

रागिनी: विराट, आप हाथ मुँह धो लीजिए मैं खाना लगा देती हूँ.

बिहारी कमरे से बाहर आया और बोला: अभी रहने दो अभी भूख नहीं है.

रागिनी: क्यूँ क्या हुआ???

बिहारी: अभी मेरा लंड प्यासा है तेरी चूत का पानी पीने के लिए.

रागिनी: अरे उसके लिए तो बहुत पानी है और यह कह कर वो बिहारी से चिपक गई.

बिहारी: लेकिन तुम तो कह रही थी कि अभी 2-4 दिन तो तुम चुदवा ही नहीं पाओगी.

रागिनी: वो तो मैने मज़ाक में कहा था. आपके लिए तो मैं हमेशा तैयार हूँ.

बिहारी: सच में बहुत गरम बीवी मिली है मुझे और यह कह कर बिहारी ने रागिनी को गोद मे उठा लिया. बिहारी उसे लेकर सीधा हाल में लगे दीवान पर ले गया.

रागिनी: विराट प्लीज़ अंदर चलो ना कमरे में, यहाँ कोई आ जाएगा.

बिहारी: कोई नहीं आएगा, अभी बहुत टाइम है उनके आने में.

यह कह कर बिहारी ने रागिनी को दीवान पर लिटा दिया और उसके उपर चढ़ गया.

बिहारी ने अपने होंठ रागिनी के होंठों पर रखे तो रागिनी मचल उठी. बिहारी ने उसके होंठों का रस चूस्ते हुए अपने हाथों से कुरती के उपेर से ही रागिनी के उभार दबोच लिए.

 


रागिनी(किस तोड़ते हुए): ओओउच,, विराट धीरे से दबाओ ना, दर्द होता है.

बिहारी ने झटके से उठ कर रागिनी की कुरती उतार दी और उसकी ब्रा के हुक्स खोल कर उसे भी उतार दिया.

रागिनी: बड़े उतावले हो रहे हो, क्या बात है???

बिहारी: नयी नयी शादी हुई है तो दुल्हन को सही डोज तो देनी ही पड़ेगी ना.

रागिनी: अच्छा जी, यह क्यूँ नहीं कहते कि टाइट चूत का मज़ा लेने का मन कर रहा है.

बिहारी: तुम तो काफ़ी समझदार हो गई हो.

रागिनी: और आप बहुत ही बेशरम, देखो कैसे खुले में ही मेरे साथ सेक्स करने लगे.

बिहारी: तुम्हे तो इस घर के हर कोने में चोदुन्गा मैं और यह कह कर बिहारी ने अपने होंठ रागिनी के वक्षों पर रख दिए.

रागिनी:आआअहह विराट जो आपका मन करता है करिए, मैं तो आपके लिए हमेशा तैयार रहूंगी.

बिहारी: मैं जानता हूँ कि तुम मुझसे बहुत प्यार करती हो, तभी तो तुमने मेरा साथ देने की पहल की.

रागिनी, बिहारी की चुसाइ से गरम होती जा रही थी.

रागिनी: आह विराट बस कीजिए, आ जाइए और मुझ में समा जाइए.

बिहारी ने अपने कपड़े निकाले और सिर्फ़ एक अंडरवेर में रह गया. बेड पर आकर उसने रागिनी की पॅंट भी उतार दी. अब दोनो के बदन पर एक एक ही कपड़ा बचा था. बिहारी रागिनी के उपेर लेट गया और उसने उसके कान के पीछे चुंबनो की बौछार कर दी. रागिनी तड़प उठी और अपने हाथो से अपनी पैंटी भी निकाल कर एक तरफ फैंक दी.

रागिनी: अयाया विराट बस, अब आ जाइए ना.

विराट: मेरा अंडरवेर कॉन उतारेगा???

रागिनी: आप खुद ही उतार लीजिए ना प्लीज़्ज़ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज.

बिहारी: इतना शरमाओगी तो वीरेंदर का अंडरवेर कैसे उतार पाओगी????

रागिनी ने हैरानी से उसकी तरफ देखा.

बिहारी: मैं जानता हूँ कि तुम उसे कुछ करने नहीं दोगि लेकिन अगर उसे काबू में रखना है तो उसे यह एहसास तो दिलाना ही होगा कि तुम उसे सब कुछ करने दोगि तभी तो वो तुम्हारे पीछे भगेगा.

रागिनी ने अपने हाथ बिहारी के अंडरवेर में फसाए और उसे नीचे खिसका दिया. अपने पैरों में बिहारी के अंडर वेअर को फसा कर बेड से नीचे फैंक दिया.

रागिनी: विराट फक मी नाउ, चोदिये मुझे.

बिहारी: अरे अभी कैसे चोद सकता हूँ अभी तो मेरा लंड गीला करना पड़ेगा और यह कह कर बिहारी उठने लगा.

रागिनी ने उसे उठने ना दिया और कस के पकड़ लिया और बोली: मैं बहुत गीली हूँ आप डाल दीजिए अब.

बिहारी ने लंड रागिनी की चूत के मुँह पर सेट किया और एक करारा धक्का मारा. एक ही वॉर मे पूरा 7" लंड रागिनी की गहरी चूत में उतार गया.

रागिनी:आआआआहह विराट आआहह मज़ा आ गया.

रागिनी और बिहारी की घमासान चुदाई का दौर करीब आधे घंटे चला.

खाने के दौरान बिहारी ने रागिनी को आज की रात सर्वेंट क्वॉर्टर में गुज़ारने को कहा और वादा किया कि कल वो वीरेंदर से बात करके उसे इस घर में रखने के लिए मना लेगा. रागिनी ने पहले तो काफ़ी ना नुकुर की लेकिन जब बिहारी ने उस के साथ वादा किया कि रात को सब के सोने के बाद वो उसके कमरे मे आ जाएगा तो रागिनी मान गई. बिहारी ने रागिनी को उसके कमरे में पहुँचा दिया और खुद अपने रूम में आकर रात की प्लॅनिंग करने लगा. आज की रात उसके लिए बहुत खास थी. आज वो पहली बार बीना के खिलाफ अपना दिमाग़ इस्तेमाल कर रहा था और अगर सब ठीक रहा तो बीना नाम का काँटा उसके रास्ते से हमेशा हमेशा के लिए हट जाएगा.

 


बिहारी की आँख खुली करीब 6:00-6:15 बजे जब घर के लॅंडलाइन की घंटी बजी. बिहारी ने दौड़कर रिसेवर उठाया और बोला: हेलो.

दूसरी तरफ वीरेंदर था.

वीरेंदर: काका हम बस एक-डेढ़ घंटे में घर पहुँच रहे हैं. बहुत थक गये हैं और बहुत बूख भी लगी है. आप जल्दी से खाना बना दें.

बिहारी: जी, जी छोटे मालिक.

बिहारी काफ़ी हैरान था कि वीरेंदर काफ़ी खुश लग रहा है.

बिहारी( मन में): कहीं साली ने इसे अपनी चूत तो नहीं दे दी. फिर खुद से ही कहते हुए: नहीं यह नहीं हो सकता, इतनी जल्दी यह सब हो जाना मुमकिन नहीं. उसका दिल बैठा जा रहा था. उसे लगा कि अगर वीरेंदर ने आशना को चोद दिया होगा तो रागिनी कभी भी उसे अपने जाल में नहीं फसा सकेगी. वो भगवान से प्रार्थना कर रहा था कि भगवान किसी तरह से आशना को सील पॅक घर पहुँचा दे, फिर देखना मैं वीरेंदर को इतना मजबूर कर दूँगा कि वो किसी की भी चूत के लिए तड़प उठेगा. एक बार वीरेंदर का लंड रागिनी की चूत मे गया तो वीरेंदर ज़िंदगी भर के लिए उसकी मुट्ठी मे आ जाएगा.

बिहारी ने रात के खाने का इंतज़ाम करना शुरू कर दिया. 7:45 के आस पास वीरेंदर और आशना घर पहुँचे तो बिहारी ने बड़े ज़ोर से उनका स्वागत किया.

आशना: काका हम ने आप को बॅंगलॉर मैं बहुत मिस किया.

वीरेंदर: काका आपके हाथ का लज़ीज़ खाना याद कर कर के मेरे मुँह में तो पानी आता रहा.

बिहारी: आप जल्दी से फ्रेश हो लीजिए मैं खाना लगाता हूँ.

दोनो ने अपने अपने रूम में जाकर हाथ मुँह धोया और बिना चेंज किए ही नीचे आ गये. बिहारी ने आशना के खाने मे नींद की दवाई और वीरेंदर के खाने में अफ़रोडियासिक मिला दिया. उन दोनो ने पेट भर कर खाना खाया.

वीरेंदर: आप भी खाना खा कर बर्तन सॉफ करके सो जाइयेगा. मैं तो बहुत थक गया हूँ मैं तो अभी से सोने लगा.

वीरेंदर के उठते ही आशना भी उपेर की तरफ चल दी. सीडीयाँ चढ़ते हुए उसे फिर से वीरेंदर की नज़रें अपने नितंबो पर महसूस हो रही थी.

उपेर पहुँच कर वीरेंदर बोला: आशना ज़रा मेरे कमरे में आना.

आशना ने "ना" में गर्दन हिलाई और दौड़ कर अपने कमरे का दरवाज़ा खोल कर कमरे में घुस कर दरवाज़ा लॉक कर दिया.

वीरेंदर(दरवाज़े को खटखटाते हुए): आशना, प्लीज़ दरवाज़ा खोलो, मुझे तुमसे बात करनी है.

आशना: गुड नाइट वीरेंदर, सुबह मिलेंगे.

वीरेंदर थोड़ी देर वहीं खड़ा रहा मगर आशना ने कोई रेस्पॉन्स नहीं दिया तो वीरेंदर भी अपने कमरे मे आ गया.

आशना(मन में): मिस्टर. वीरेंदर, आइ आम सॉरी, मुझे पता है कि आप मेरे साथ कुछ वक्त बिताना चाहते हैं लेकिन मुझे लगता है कि आज रात को मेरी मेनास शुरू हो जाएँगे. सो अब कुछ दिन आपसे दूर ही रहना पड़ेगा वरना आप मुझे एग्ज़ाइट करते रहेंगे और मैं शर्मिंदा नहीं होना चाहती.

अपने कमरे में आकर वीरेंदर अपने आप से ही बोला: बड़ी अजीब लड़की है, इसका कुछ पता ही नहीं चलता. पल में लगता है मेरे लिए कुछ भी कर सकती है और दूसरे ही पल बिल्कुल अजनबी बन जाती है.

तभी बिहारी उसके कमरे मे आता है.

बिहारी: छोटे मालिक, शाम को डॉक्टर. बीना जी का फोन आया था. वो शायद आने ही वाली होंगी, उन्हे आप से कुछ काम था शायद.

वीरेंदर: ठीक है, जब आ जाएँ तो मुझे नीचे ही बुला लेना.

बिहारी: जी मालिक और बिहारी वहाँ से चला गया.

वीरेंदर: यह साली अब क्यूँ मिलने आ रही है, लगता है इसकी चूत मे ज़्यादा ही खुजली हो रही है.

कुछ दिन पहले बीना के साथ गुज़ारा वक्त याद आते ही वीरेंदर की नसों में खून का प्रवाह तेज़ हो गया और उसके लंड मे अचानक से तनाव बढ़ने लगा. वीरेंदर की सोचने की शक्ति उसके लंड के फूलने से ख़तम होने लगी.

नीचे बीना आ चुकी थी, आज वो काफ़ी खुश थी और शराब भी पीकर आई थी.

बिहारी: आज किस गम मैं पीकर आई है तू साली.

बीना: आज तुझे छोड़ कर वीरेंदर से चुदने वाली हूँ तो दिल बड़ा दुखी था. सोचा थोड़ा गम हल्का कर लूँ.

बिहारी: साली तू दुखी है या खुश है???

बीना: तेरे टटटे क्यूँ जल रहे हैं, तुझे तो सील पॅक चूत दिलवाई है ना और मैं यह भी जानती हूँ कि तूने उसका कुँवारापन कैसे नोचा होगा. खबरदार जो उस बच्ची को जानवरों की तरह चोदा और उसकी गान्ड मारी तो.

बिहारी(कुटिल मुस्कान के साथ): तेरी गान्ड में क्यूँ कीड़ा उछल रहा है साली, मेरी बीवी है जैसे चाहे चोदु और गान्ड तो मैने उसकी मार भी ली.

बीना: क्या????हरामी, कुछ दिन भी इंतज़ार ना कर सका.

बिहारी: अरे इतनी गरम लड़की तो मैने अपनी पूरी ज़िंदगी में नहीं देखी, साली जब गरम हो जाती है तो उसे लंड के सिवा और कुछ सूझता ही नहीं. तो काहे चिंता करती है मेरी रानी, उसने प्यार से मुझे अपनी गान्ड दी है, मैने कोई ज़बरदस्ती नहीं की.

बीना: तू साले बहुत बड़ा हरामी है रागिनी क्या मिल गई चोदने को, तू मुझे भूल ही गया. दो दिन से चूत मैं उंगली चला चला कर चूत भी नाराज़ हो गई है.

बिहारी: अब इतनी गरम और कसी हुई चूत को छोड़ कर कोई तेरी फटी हुई चुत चोदे तो वो तो कोई पागल ही होगा.

बीना: तू अपनी हद से बाहर जा रहा है साले.

बिहारी: बिगड़ती क्यूँ है, तेरी चूत के लिए ही तो बंदोबस्त किया है आज वीरेंदर के लोड्‍े का. जा चुदा ले उस से और बन जा आशना की सौत.

बीना: आआहह, उस लोड्‍े की याद में ही तो ज़िंदा हूँ वरना दो दिन से तो ऐसा लग रहा था कि साली चूत के रास्ते जान ही ना निकल जाए.

बिहारी: लाइन बिल्कुल क्लियर है, तू जा वीरेंदर के कमरे मे और मैं चला पीछे रागिनी के कमरे मे. नयी नवेली दुल्हन है, लंड से दूर रखूँगा तो कहीं बाहर मुँह ना मारने लगे.

 


बीना: साले एक बार जो औरत तेरे नीचे आ गई तो वो तो फिर हमेशा के लिए तेरी हो गई. यह तो वीरेंदर के कुंवारे लंड का नशा है जो मैं उस से चुदवाने को मचल रही हूँ वरना आज तेरी नयी नवेली दुल्हन के साथ एक ही बिस्तर पर चुदवाती.

बिहारी: हमारे बेडरूम का रास्ता तेरे लिए हमेशा खुला रहेगा मगर अब तू जा वरना कहीं वीरेंदर सो ना जाए. सुबह तुझे फोन करके तेरा हाल ज़रूर पूछूँगा.

यह कह कर बिहारी बाहर की तरफ निकल गया और बीना सीडीयाँ चढ़ने लगी. सीढ़िया चढ़ते हुए बीना सोचने लगी "बिहारी की शादी रागिनी से करवाकर कहीं मैने ग़लती तो नहीं कर दी, यह साला तो ऐसे फुदक रहा था जैसे मैं इसकी गुलाम हूँ".

बीना( मन में): फुदक ले साले जितना फुदकना है, आख़िर कितने दिन तू मुझसे दूर रहेगा.

बीना जब उपर पहुँची तो वीरेंदर का दरवाज़ा हल्का सा खुला हुआ था. बीना ने धक्का देकर दरवाज़ा खोला तो वीरेंदर कमरे मैं नहीं था, बीना का दिल एक दम से जल गया यह सोच कर कि वीरेंदर कहीं आशना के कमरे में तो नहीं चला गया. वो जैसे ही कमरे से बाहर जाने के लिए मूडी, बाथरूम का दरवाज़ा खुला और वीरेंदर एक लोवर और लूस टी-शर्ट पहन कर बाहर निकला. बीना और वीरेंदर की नज़रें मिली और एक पल के लिए दोनो की आँखें चमक उठी लेकिन वीरेंदर ने जल्दी से आँखें झुका ली तो बीना का कलेजा जल उठा. बीना ने सोचा था कि जिस तरह वीरेंदर उस दिन गिडगिडा रहा था उस से तो उसका जोश और भी बढ़ गया होगा लेकिन यहाँ तो सब उल्टा ही था.

बीना(मन मे): साले कुछ दिन पहले दोनो मर्द मेरे आगे कुत्ते की तरह लार टपकते हुए घूमते थे और आज कुँवारी चूतें क्या मिली, मुझे सूंघना भी गवारा नहीं. मैं भी बहुत बड़ी रांड़ हूँ, जिस लोड्‍े पर दिल आ जाए तो उसे चूत मे लेकर ही दम लेती हूँ.

बीना तेज़ी से आगे बढ़ कर वीरेंदर से चिपक गई और बोली: कितने दिन लगा दिए तुमने बॅंगलॉर में. बीवी के साथ गये तो सास को भूल ही गये. मेरा फोन भी नहीं उठाया तुमने.

वीरेंदर(ठंडे स्वर मैं):फोन गाड़ी में ही रह गया था.

बीना: कोई बात नहीं मैं समझ सकती हूँ जब इतनी हसीन लड़की साथ मे हो तो एक अधेड़ उम्र की औरत का फोन कॉन उठाएगा.

वीरेंदर: नहीं ऐसी बात नहीं है.

बीना ने वीरेंदर के होंठों पेर उंगली रख दी और बोली: कुछ मत कहो वीरेंदर, मुझे तुम्हारा साथ महसूस करने दो, बहुत तडपी हूँ मैं तुम्हारे लिए. तुम्हारे जिस्म की खुश्बू मेरी रूह में इस कदर समा गई है कि लगता है कि तुम हमेशा मेरे आस पास ही कहीं हो.

बीना अपने बदन को वीरेंदर के बदन से रगड़ने लगी और अपने हाथ वीरेंदर की पीठ पर फिराने लगी. वीरेंदर ने बीना की बाजुओं को पकड़ कर अपने से अलगा करना चाहा लेकिन बीना ने उसे कस कर झाकड़ लिया. वीरेंदर का दिमाग़ घूमना शुरू हो गया. वीरेंदर, बीना की गिरफ़्त से छूटने के लिए ज़ोर लगाने लगा लेकिन उसके लंड मे आते तनाव ने उसका सारा विरोध कम कर दिया. बीना की बाजुओं पर वीरेंदर की पकड़ डीली होने लगी और जैसे ही वीरेंदर का लंड पूरी तरह खड़ा होकर बीना की नाभि में चुभने लगा, वीरेंदर ने भी अपनी बाहें बीना की कमर में डाल दी और उसके चूतड़ कस कर मसल दिए.

बीना:आआअहह, वीरेंदर, धीरे. तुम बहुत ज़ालिम हो. क्या ऐसे मसल्ते हैं किसी औरत का जिस्म???

वीरेंदर: साली, मैं तो ऐसे ही मसलता हूँ, अगर दम नहीं है तो दरवाज़ा खुला है, चल भाग जा वरना तेरी वो हालत करूँगा कि तू अपनी बेटी को मुझसे ब्याहने के लिए भी दस बार सोचेगी.

बीना: अरे वो जवान है, कुँवारी चूत तो होती हे रगड़ कर चोदने के लिए है. वो तो सह लेगी, मगर मुझमे अब इतनी ताक़त नहीं बची कि एक जवान मर्द की जान लेवा हरकतों को बर्दाश्त कर सकूँ.

वीरेंदर: मेरी जान तू भी तो किसी जवान लड़की से कम नहीं है. तुझे क्या लगता है कि तेरी उम्र अब ढाल चुकी है????सच तो यह है कि जिसके सामने तू एक बार कपड़े खोल कर खड़ी हो जाए, अगर उसका लंड खड़ा ना हो तो फिर वो कोई नामर्द ही होगा.

बीना: लेकिन तेरा लोड्‍ा तो मुझे बिना नंगा देखे ही अकड़ गया है. मुझे नंगी देखेगा तो यह कही फट ना जाए.

वीरेंदर: आज फाड़ दे इसे और छोड़ने लायक बना दे इस लोड को, मैं तेरा एहसान ज़िंदगी भर नहीं भूलूंगा मेरी बीना.

बीना: अरे इतना तंग आ गया है तू अपने कुंवारेपन से?????

वीरेंदर: हां बीना, अब मैं जल्दी से आशना से शादी करके उसे अपनी बना लेना चाहता हूँ. उसके बिना मैं अब एक पल भी नहीं रह सकता.

बीना: लेकिन उसके बाद मेरा क्या होगा, तू तो आशना के साथ हनिमून में बिज़ी हो जाएगा.

वीरेंदर: मैं कुछ भी करूँगा जो तू बोलेगी, मुझे यहाँ भी कहेगी मैं तुझे चोदने के लिए आ जाउन्गा बस एक बार मेरी मदद कर दे. अगर उस दिन तूने मेरी मदद कर दी होती तो बॅंगलॉर में तो मैं उसे चोद भी चुका होता. मैं तो बस इस लोड्‍े के दर्द की वजह से पीछे रहा वरना मैं तो वहीं से आशना को हनिमून के लिए स्विट्ज़र्लॅंड ले जाता.

बीना: ऐसे कैसे ले जाता, पहले उसे मना तो ले.

वीरेंदर: उसे तो बॅंगलॉर में ही पटा लिया मैने.

बीना(एक दम हैरान होकर):क्या?????

वीरेंदर: अरे इस में इतना चौंकने वाली बात क्या है, प्यार करता हूँ मैं उस से, आख़िर कब तक वो मना करती. बॅंगलॉर में तो मैने उसे अपने दिल का सारा हाल भी सुना दिया, पहले तो नखरे किए लेकिन फिर मान ही गई.

बीना(मन में): यह आशना कहीं कोई खेल तो नहीं खेल रही, वो तो अच्छी तरह जानती है कि वीरेंदर उसका भाई है. तो भला फिर वो कैसे अपने ही भाई से शादी के लिए हां कर सकती है.शायद उसे मुझ पर या बिहारी पर शक हो गया है. अब तो इस से बच कर रहना पड़ेगा.

वीरेंदर: क्या सोच रही है बीना.

बीना: सोच रही हूँ कि अगर आज एक एमर्जेन्सी नहीं होती तो आज मैं पक्का तेरी सील तोड़ देती.

वीरेंदर: नहीं, आज नहीं, आज मैं तुम्हे किसी भी कीमत पर नहीं जाने दूँगा.

 
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