S
StoryPublisher
Guest
रागिनी के ऐसा कहने से वीरेंदर के लंड मे खून खून का बहाव तेज़ होना शुरू हो गया.
वीरेंदर: तुम बहुत बेशरम हो.
रागिनी: तो आप को क्या लगा, वो मेजर मुझे अंदर पूजा करने के लिए ले गया होगा?????
वीरेंदर: इतना तो मुझे यकीन था कि तुम पेपर्स पेर साइन भी करवा लोगि और किसी तरह से बच निकलोगी लेकिन इस तरह से उसे जॅलील कर दोगि, मैने यह नहीं सोचा था.
रागिनी: अरे अभी अपने मेरा जलवा देखा कहाँ है.
वीरेंदर: लेकिन फिर भी यार, किसी के सामने ऐसे कपड़े उतारने के लिए भी बहुत बड़ी हिम्मत चाहिए.
रागिनी: बॉस, प्राइवेट सेक्टर में इतना कॉंप्रमाइज़ तो करना ही पड़ता है ना.
वीरेंदर: आइ डॉन'ट बिलीव कि उसने तुम्हे छुआ भी नहीं और और उसका.............................
रागिनी: आपसे किसने कहा कि उसने मुझे छुआ नहीं. अरे उसने तो मुझे कस के अपने साथ सटा लिया था. लेकिन जैसे ही मैने उसे वहाँ पर छुआ उसकी बोलती बंद हो गई.
वीरेंदर: यू नॉटी गर्ल, तुमने तो उसकी साँस ही बंद कर दी होगी.
रागिनी: ही ईज़ सच अन इमपेशियेन्स ओल्ड मॅन. मेरे हाथ लगते ही उसने सीधा ब्लोजॉब करने के लिए कहा.
वीरेंदर के लंड यह सुनकर तनाव मे आने लगा.
वीरेंदर: ब्लोजॉब??????? इट मीन्स यू हॅड ........................
रागिनी(मायूस होते हुए): कहाँ सर, आइ मिस्ड दट, जैसे ही मैं उसकी टाँगों के बीच बैठी, ही जस्ट ब्रस्ट.
वीरेंदर: ओह, सच आ ट्रॅजिडी फॉर बोथ ऑफ यू. सपोज़ ही विल नोट ब्रस्ट, देन????
रागिनी: आइ विल डेफनेट्ली गिव हिम व्हाट ही वांट्स. आफ्टर ऑल, आइ आम यंग. आइ टू हॅव सम एमोशन्स . वैसे भी, ब्लॉजोब विल नोट बी न्यू टू मी,ई आम नोट 100% वर्जिन.
वीरेंड़े(हैरानी से आँखें फाडे हुए): मीन्स???
वीरेंदर पर रागिनी की बातों का असर सिर चढ़कर बोलने लगा था. उसकी नसों में खून भरने लगा था.
वीरेंदर(हैरानी से): कब???? और किस के साथ???
रागिनी: जस्ट टू डेज़ बॅक. जब देल्ही आने का डिसिशन लिया तो मेरे बाय्फ्रेंड को खुश करने के लिए उसे पहली बार ब्लॉजोब देना पड़ा.
वीरेंदर: ओह माइ गॉड, यू आर अमेज़िंग रागिनी.
रागिनी: उसने भी यही कहा था.
वीरेंदर : किसने????
रागिनी: मेरे बाय्फ्रेंड ने, जब उसे मैने ब्लॉजोब दिया.
वीरेंदर: लेकिन मैने तो पहले ही कह दिया, मेरा मतलब कि मैने तो ऐसे ही.................
रागिनी ने झट से अपनी उंगली अपने होंठो पर रखकर वीरेंदर को चुप रहने का इशारा किया. वीरेंदर एकदम चुप हॉ गया. रागिनी ने वीरेंदर की पॅंट की तरफ देखा जहाँ एक बड़ा सा टेंट बन चुका था.
रागिनी ने होंठो पर जीभ फिराई और कहा: बाद मे भी कहोगे.
वीरेंदर: कब, मेरा मतलब क क्क्या???
दोनो की नज़रें मिली और आँखो ही आँखो मे दोनो के बीच काफ़ी बातें हो गई.
रागिनी: ऑफीस चलो सब बताती हूँ.
वीरेंदर ने ऑफीस की तरफ गाड़ी मोड़ दी.
रागिनी: होप आशना दीदी डिड्न'ट माइंड.
वीरेंदर(अब तक काफ़ी एग्ज़ाइटेड हो चुका था): होप यू वन'ट टेल हर.
रागिनी: डील, आप चाचू को नहीं बताना मैं दीदी को नहीं बताउन्गी.
वीरेंदर: ओके डन.
रागिनी: लेकिन सिर्फ़ ब्लो जॉब बस और कुछ नहीं.
वीरेंदर: और अगर मेजर ने इस के आगे डिमॅंड रखी होती तो.
रागिनी: उस बुड्ढे मैं इतना दम नहीं था.
वीरेंदर: लेकिन मैं तो जवान हूँ, मेरा क्या???
रागिनी: उूउउम्म्म्मम सोचूँगी लेकिन आज नहीं. आज सिर्फ़ ब्रेकफास्ट होगा. लंच और डिन्नर फिर कभी.
वीरेंदर: कब???
रागिनी: अरे इतने उतावले ना बनो बॉस, कुछ टाइम तो दो. आख़िर इतने सालों से संभाल रखी है यह जवानी. प्रॉमिस सबसे पहले आप को ही दूँगी. क्या पता रात को ही मूड बन जाए.
वीरेंदर(खुशी से): रात को सब के सोते हे मैं तुम्हारे कमरे मे आ जाउन्गा.
रागिनी: जी नहीं, अगर मेरा मूड हुआ तो मैं खुद ही आ जाउन्गी.
वीरेंदर: चलो अब तो आपकी हर बात माननी ही पड़ेगी.
रागिनी मन ही मन अपनी कामयाबी पर खुश हो रही थी. लेकिन उसे एक डर यह भी था कि विराट को वो यह सब कैसे बता पाएगी. उसने तो विराट को बस यही कहा था कि वो वीरेंदर के सिर्फ़ करीब जाएगी मगर उसे कभी छूने नहीं देगी. रागिनी ने मन मैं डिसाइड किया कि वो विराट को यही बताएगी कि वीरेंदर उस पर फिदा हो गया है लेकिन वो उसे बस तडपाएगी और उस से आगे कुछ भी नहीं करने देगी. रास्ते मे वीरेंदर ने आशना को टेंडर मिल जाने की खूसखबरी दी और तबीयत का पूछ कर उसे शाम को घर मे ही सेलेब्रेट करने का प्रॉमिस भी किया.
ऑफीस पहुँचते ही वीरेंदर ने सारे स्टाफ को एक छोटी सी पार्टी दी. सबने मिलकर लंच किया और फिर वीरेंदर ने टेंडर मिलने की खुशी मे सबको छुट्टी कर दी. 4:00 बजे तक सारा शोरुम खाली हो गया था. शोरुम का मेन गेट लॉक करके वीरेंदर जैसे ही अपने कॅबिन मे आया, उसने देखा कि रागिनी वहाँ नहीं है.
वीरेंदर: रागिनी कहाँ हो तुम??
रागिनी: सर मैं वॉश रूम मे हूँ. जस्ट कमिंग, यू टेक दा सीट आंड जस्ट रिलॅक्स.
वीरेंदर आराम से सोफे पर बैठ गेया. आगे आने वाले लम्हो के बारे मे सोचते हुए उसके लंड मे तनाव बढ़ने लगा. थोड़ी देर बाद रागिनी वॉशरूम से बाहर निकली और बाहर निकलते ही उसने अपनी स्पोर्ट्स ब्रा वीरेंदर की तरफ उछाल दिया. वीरेंदर ने ब्रा को हवा मे कॅच किया और उसे सूंघ कर कहा "लव्ली फ्रेग्रेन्स" रागिनी ने जॅकेट पहनी थी और उसकी सारी ज़िप बंद करके रखी थी. वीरेंदर जानता था कि ज़िप खुलते ही उसकी आँखो को ज़िंदगी मे पहली बार किसी लड़की के वक्षो के दर्शन होने वाले थे. रागिनी एक सेक्सी चाल के साथ उस के पास पहुँची और वीरेंदर के आगे खड़ी हो गई. वीरेंदर ने नज़र उठाकर रागिनी की तरफ देखा तो रागिनी का चेहरा शरम और सेक्स के बुखार मे लाल हो चुका था.
वीरेंदर: रागिनी, अगर तुम किसी मजबूरी मे यह सब..........रागिनी ने अपने होंठो पर उंगली रखकर वीरेंदर को चुप रहने का इशारा किया.
रागिनी:श्श्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्श्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह, आप आराम से लेट जाइए और मुझे आपकी पर्सनल सेक्रेटरी होने का सबूत देने दीजिए.
यह बात रागिनी ने इतने कामुक अंदाज़ मे कही कि वीरेंदर का रहा सहा डर भी ख़तम हो गया.
[नोट: आइ अंडरस्टॅंड कि कुछ रीडर्स को यह बात बहुत बुरी लगेगी कि वीरेंदर-रागिनी के बीच ऐसे रीलेशन नहीं बनने चाहिए, लेकिन सच्चाई को छिपा देने से स्टोरी की महत्व कम हो जाएगा. यह बात पढ़ने मे बहुत बुरी लगेगी लेकिन "मेल मेंबर्ज़" समझ सकते हैं कि इस सिचुयेशन मे बहुत ही कम लोग पीछे हट पाते हैं. मैं नहीं जानती कि वीरेंदर ने यह सब करके ग़लत किया या नहीं, जो है सो आपके सामने है].
वीरेंदर सोफे पर बैठा रागिनी के चेहरे को देखे जा रहा था जैसे उसे विश्वास ही नहीं हो रहा हो. रागिनी, वीरेंदर के सामने नीचे फर्श पर घुटने रखकर बैठ गई और वीरेंदर की आँखूं मे देख कर अपनी आँखो के इशारे से कहा "रिलॅक्स". रागिनी ने अपने हाथ वीरेंदर के गले के पास लेजाकर वीरेंदर की टाइ ढीली की और उसे उतार कर एक साइड पर रख दिया.
रागिनी के चेहरे पर एक सेक्सी स्माइल थी और वीरेंदर उस मे डूब गया था. रागिनी ने उठकर वीरेंदर का कोट उतारा और उसे सलीके से एक साइड पर रख दिया. कोट रखने के लिए जैसे ही रागिनी पीछे को मूडी तो वीरेंदर की नज़र रागिनी की उभरी हुई गान्ड पर गई, वीरेंदर का दिल तड़प उठा उसे मसल्ने के लिए. वीरेंदर का दिल इतनी ज़ोर से धड़क रहा था कि ऐसा लग रहा था कि उसका दिल मुँह के रास्ते बाहर निकल आएगा. रागिनी वापिस वीरेंदर के पास आई और उसे कॉलर से पकड़ कर सोफे से उठा दिया.
वीरेंदर: तुम बहुत बेशरम हो.
रागिनी: तो आप को क्या लगा, वो मेजर मुझे अंदर पूजा करने के लिए ले गया होगा?????
वीरेंदर: इतना तो मुझे यकीन था कि तुम पेपर्स पेर साइन भी करवा लोगि और किसी तरह से बच निकलोगी लेकिन इस तरह से उसे जॅलील कर दोगि, मैने यह नहीं सोचा था.
रागिनी: अरे अभी अपने मेरा जलवा देखा कहाँ है.
वीरेंदर: लेकिन फिर भी यार, किसी के सामने ऐसे कपड़े उतारने के लिए भी बहुत बड़ी हिम्मत चाहिए.
रागिनी: बॉस, प्राइवेट सेक्टर में इतना कॉंप्रमाइज़ तो करना ही पड़ता है ना.
वीरेंदर: आइ डॉन'ट बिलीव कि उसने तुम्हे छुआ भी नहीं और और उसका.............................
रागिनी: आपसे किसने कहा कि उसने मुझे छुआ नहीं. अरे उसने तो मुझे कस के अपने साथ सटा लिया था. लेकिन जैसे ही मैने उसे वहाँ पर छुआ उसकी बोलती बंद हो गई.
वीरेंदर: यू नॉटी गर्ल, तुमने तो उसकी साँस ही बंद कर दी होगी.
रागिनी: ही ईज़ सच अन इमपेशियेन्स ओल्ड मॅन. मेरे हाथ लगते ही उसने सीधा ब्लोजॉब करने के लिए कहा.
वीरेंदर के लंड यह सुनकर तनाव मे आने लगा.
वीरेंदर: ब्लोजॉब??????? इट मीन्स यू हॅड ........................
रागिनी(मायूस होते हुए): कहाँ सर, आइ मिस्ड दट, जैसे ही मैं उसकी टाँगों के बीच बैठी, ही जस्ट ब्रस्ट.
वीरेंदर: ओह, सच आ ट्रॅजिडी फॉर बोथ ऑफ यू. सपोज़ ही विल नोट ब्रस्ट, देन????
रागिनी: आइ विल डेफनेट्ली गिव हिम व्हाट ही वांट्स. आफ्टर ऑल, आइ आम यंग. आइ टू हॅव सम एमोशन्स . वैसे भी, ब्लॉजोब विल नोट बी न्यू टू मी,ई आम नोट 100% वर्जिन.
वीरेंड़े(हैरानी से आँखें फाडे हुए): मीन्स???
वीरेंदर पर रागिनी की बातों का असर सिर चढ़कर बोलने लगा था. उसकी नसों में खून भरने लगा था.
वीरेंदर(हैरानी से): कब???? और किस के साथ???
रागिनी: जस्ट टू डेज़ बॅक. जब देल्ही आने का डिसिशन लिया तो मेरे बाय्फ्रेंड को खुश करने के लिए उसे पहली बार ब्लॉजोब देना पड़ा.
वीरेंदर: ओह माइ गॉड, यू आर अमेज़िंग रागिनी.
रागिनी: उसने भी यही कहा था.
वीरेंदर : किसने????
रागिनी: मेरे बाय्फ्रेंड ने, जब उसे मैने ब्लॉजोब दिया.
वीरेंदर: लेकिन मैने तो पहले ही कह दिया, मेरा मतलब कि मैने तो ऐसे ही.................
रागिनी ने झट से अपनी उंगली अपने होंठो पर रखकर वीरेंदर को चुप रहने का इशारा किया. वीरेंदर एकदम चुप हॉ गया. रागिनी ने वीरेंदर की पॅंट की तरफ देखा जहाँ एक बड़ा सा टेंट बन चुका था.
रागिनी ने होंठो पर जीभ फिराई और कहा: बाद मे भी कहोगे.
वीरेंदर: कब, मेरा मतलब क क्क्या???
दोनो की नज़रें मिली और आँखो ही आँखो मे दोनो के बीच काफ़ी बातें हो गई.
रागिनी: ऑफीस चलो सब बताती हूँ.
वीरेंदर ने ऑफीस की तरफ गाड़ी मोड़ दी.
रागिनी: होप आशना दीदी डिड्न'ट माइंड.
वीरेंदर(अब तक काफ़ी एग्ज़ाइटेड हो चुका था): होप यू वन'ट टेल हर.
रागिनी: डील, आप चाचू को नहीं बताना मैं दीदी को नहीं बताउन्गी.
वीरेंदर: ओके डन.
रागिनी: लेकिन सिर्फ़ ब्लो जॉब बस और कुछ नहीं.
वीरेंदर: और अगर मेजर ने इस के आगे डिमॅंड रखी होती तो.
रागिनी: उस बुड्ढे मैं इतना दम नहीं था.
वीरेंदर: लेकिन मैं तो जवान हूँ, मेरा क्या???
रागिनी: उूउउम्म्म्मम सोचूँगी लेकिन आज नहीं. आज सिर्फ़ ब्रेकफास्ट होगा. लंच और डिन्नर फिर कभी.
वीरेंदर: कब???
रागिनी: अरे इतने उतावले ना बनो बॉस, कुछ टाइम तो दो. आख़िर इतने सालों से संभाल रखी है यह जवानी. प्रॉमिस सबसे पहले आप को ही दूँगी. क्या पता रात को ही मूड बन जाए.
वीरेंदर(खुशी से): रात को सब के सोते हे मैं तुम्हारे कमरे मे आ जाउन्गा.
रागिनी: जी नहीं, अगर मेरा मूड हुआ तो मैं खुद ही आ जाउन्गी.
वीरेंदर: चलो अब तो आपकी हर बात माननी ही पड़ेगी.
रागिनी मन ही मन अपनी कामयाबी पर खुश हो रही थी. लेकिन उसे एक डर यह भी था कि विराट को वो यह सब कैसे बता पाएगी. उसने तो विराट को बस यही कहा था कि वो वीरेंदर के सिर्फ़ करीब जाएगी मगर उसे कभी छूने नहीं देगी. रागिनी ने मन मैं डिसाइड किया कि वो विराट को यही बताएगी कि वीरेंदर उस पर फिदा हो गया है लेकिन वो उसे बस तडपाएगी और उस से आगे कुछ भी नहीं करने देगी. रास्ते मे वीरेंदर ने आशना को टेंडर मिल जाने की खूसखबरी दी और तबीयत का पूछ कर उसे शाम को घर मे ही सेलेब्रेट करने का प्रॉमिस भी किया.
ऑफीस पहुँचते ही वीरेंदर ने सारे स्टाफ को एक छोटी सी पार्टी दी. सबने मिलकर लंच किया और फिर वीरेंदर ने टेंडर मिलने की खुशी मे सबको छुट्टी कर दी. 4:00 बजे तक सारा शोरुम खाली हो गया था. शोरुम का मेन गेट लॉक करके वीरेंदर जैसे ही अपने कॅबिन मे आया, उसने देखा कि रागिनी वहाँ नहीं है.
वीरेंदर: रागिनी कहाँ हो तुम??
रागिनी: सर मैं वॉश रूम मे हूँ. जस्ट कमिंग, यू टेक दा सीट आंड जस्ट रिलॅक्स.
वीरेंदर आराम से सोफे पर बैठ गेया. आगे आने वाले लम्हो के बारे मे सोचते हुए उसके लंड मे तनाव बढ़ने लगा. थोड़ी देर बाद रागिनी वॉशरूम से बाहर निकली और बाहर निकलते ही उसने अपनी स्पोर्ट्स ब्रा वीरेंदर की तरफ उछाल दिया. वीरेंदर ने ब्रा को हवा मे कॅच किया और उसे सूंघ कर कहा "लव्ली फ्रेग्रेन्स" रागिनी ने जॅकेट पहनी थी और उसकी सारी ज़िप बंद करके रखी थी. वीरेंदर जानता था कि ज़िप खुलते ही उसकी आँखो को ज़िंदगी मे पहली बार किसी लड़की के वक्षो के दर्शन होने वाले थे. रागिनी एक सेक्सी चाल के साथ उस के पास पहुँची और वीरेंदर के आगे खड़ी हो गई. वीरेंदर ने नज़र उठाकर रागिनी की तरफ देखा तो रागिनी का चेहरा शरम और सेक्स के बुखार मे लाल हो चुका था.
वीरेंदर: रागिनी, अगर तुम किसी मजबूरी मे यह सब..........रागिनी ने अपने होंठो पर उंगली रखकर वीरेंदर को चुप रहने का इशारा किया.
रागिनी:श्श्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्श्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह, आप आराम से लेट जाइए और मुझे आपकी पर्सनल सेक्रेटरी होने का सबूत देने दीजिए.
यह बात रागिनी ने इतने कामुक अंदाज़ मे कही कि वीरेंदर का रहा सहा डर भी ख़तम हो गया.
[नोट: आइ अंडरस्टॅंड कि कुछ रीडर्स को यह बात बहुत बुरी लगेगी कि वीरेंदर-रागिनी के बीच ऐसे रीलेशन नहीं बनने चाहिए, लेकिन सच्चाई को छिपा देने से स्टोरी की महत्व कम हो जाएगा. यह बात पढ़ने मे बहुत बुरी लगेगी लेकिन "मेल मेंबर्ज़" समझ सकते हैं कि इस सिचुयेशन मे बहुत ही कम लोग पीछे हट पाते हैं. मैं नहीं जानती कि वीरेंदर ने यह सब करके ग़लत किया या नहीं, जो है सो आपके सामने है].
वीरेंदर सोफे पर बैठा रागिनी के चेहरे को देखे जा रहा था जैसे उसे विश्वास ही नहीं हो रहा हो. रागिनी, वीरेंदर के सामने नीचे फर्श पर घुटने रखकर बैठ गई और वीरेंदर की आँखूं मे देख कर अपनी आँखो के इशारे से कहा "रिलॅक्स". रागिनी ने अपने हाथ वीरेंदर के गले के पास लेजाकर वीरेंदर की टाइ ढीली की और उसे उतार कर एक साइड पर रख दिया.
रागिनी के चेहरे पर एक सेक्सी स्माइल थी और वीरेंदर उस मे डूब गया था. रागिनी ने उठकर वीरेंदर का कोट उतारा और उसे सलीके से एक साइड पर रख दिया. कोट रखने के लिए जैसे ही रागिनी पीछे को मूडी तो वीरेंदर की नज़र रागिनी की उभरी हुई गान्ड पर गई, वीरेंदर का दिल तड़प उठा उसे मसल्ने के लिए. वीरेंदर का दिल इतनी ज़ोर से धड़क रहा था कि ऐसा लग रहा था कि उसका दिल मुँह के रास्ते बाहर निकल आएगा. रागिनी वापिस वीरेंदर के पास आई और उसे कॉलर से पकड़ कर सोफे से उठा दिया.