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वीरेंदर ने तुरंत ही डॉक्टर. को फोन करके बता दिया कि होश मे आने के बाद बिहारी अबनॉर्मल तरीके से बिहेव कर रहा है. उसके बाद वीरेंदर, बिहारी को होश मे लाने की कोशिश करने लगा. करीब 20 मिनट तक बिहारी को होश मे लाने की अथक कोशिश के बाद जब बिहारी को होश आया तो वो अपने आप मे नहीं था. वो काफ़ी डरा हुआ था और चिल्लाए जा रहा था. वो बिस्तर से उठकर भागने लगा तो वीरेंदर ने उसे पकड़ लिया.
वीरेंदर: होश मैं आओ काका, यह क्या हो रहा है आपको?
बिहारी: वो वो भी आ गयी. अब मैं नहीं बचूँगा. वो दोनो मिलकर मुझे मार डालेंगी. छोड़ दो मुझे, मैं भाग जाना चाहता हूँ यहाँ से.
तभी उसे बाहर खड़ी आशना की वोही भयानक आवाज़ आई.
आशना: कहाँ जाएगा तू. तू कहीं भी भाग ले, मैं तेरा पीछा नहीं छोड़ूँगी. अब तू नहीं बचेगा, तूने ही मेरा कतल किया है कमिने. मैं जानती थी यह नीच हरकत तेरे सिवा कोई नहीं कर सकता. बीना की आत्मा की आवाज़ सुनकर बिहारी की सोचने समझने की रही सही शक्ति भी जवाब दे गयी. वो एक दम बौखला गया.
तभी कॉल बेल बजी. आशना ने बेल्ट का बटन दबाकर माइक्रोफोन ऑफ किया और दरवाज़े पर खड़े डॉक्टर. और नर्स को जल्द से अंदर ले आई. बिहारी, वीरेंदर की पकड़ से निकलने की लाख कोशिश कर रहा था. बिहारी ज़ोर ज़ोर से चीख रहा था और वीरेंदर से छूटने का भरसक प्रयास कर रहा था. बेकाबू बिहारी को देख कर डॉक्टर. ने नर्स को झट से इंजेक्षन तैयार करने को कहा.
बिहारी: तुम सब भी मारे जाओगे. छोड़ दो मुझे, एक एक को मरना है. मुझे जाने दो, मैं मरना नहीं चाहता. मुझे जाने दो. वो दोनो मिलकर सब सत्यानाश कर देंगी. बिहारी की बातें डॉक्टर. और नर्स की समझ मे नहीं आ रही थी. उन्हे यह सब बिहारी के दिमाग़ का फितूर लग रहा था. नर्स ने इंजेक्षन तैयार करके बिहारी को इंजेक्ट कर दिया. बिहारी कुछ देर तक छटपटाता रहा और फिर धीरे धीरे शांत पड़ गया.
बेहोशी मैं भी वो कुछ कुछ बुद्बुदाये जा रहा था.
डॉक्टर. ने वीरेंदर की तरफ देखा और बोला: मिस्टर. वीरेंदर, ऐसा कब से बिहेव कर रहे हैं यह?
वीरेंदर: डॉक्टर. दोपहर को यह मेरे साथ ही थे. ऑफीस की तरफ जाते हुए गाड़ी मे ही यह सब शुरू हो गया.
डॉक्टर.: देखिए मिस्टर. वीरेंदर, इनके कुछ टेस्ट्स करने पड़ेंगे उनकी बिना पर ही मैं कुछ बता सकूँगा लेकिन यहाँ तक फिज़िकल ओप्ब्स्वेशन्स का सवाल है, मुझे तो यह केस पूरे हिस्टीरिया का लगता है. यह अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं. इस अवस्था मे इन्हे घर मे रखना काफ़ी ख़तरनाक साबित हो सकता है.
वीरेंदर: लेकिन डॉक्टर. सुबह तक तो यह बिल्कुल नॉर्मल थे और फिर अचानक से यह सब?
डॉक्टर. : आइ कॅन अंडरस्टॅंड मिस्टर. वीरेंदर, लेकिन कयि बार ऐसा हो जाता है कि इंसान अपने दिल की बात किसी को बता नहीं पाता और फिर जब एक दम से उस पर सारे एमोशन्स हावी हो जाते हैं तो वो इस तरह से बिहेव करना शुरू कर देता है.
वीरेंदर: तो अब हमे क्या करना चाहिए?
डॉक्टर.: आइ थिंक के आपको एक बार नूरॉलजिस्ट से कन्सल्ट कर लेना चाहिए. कल आप इन्हे लेकर हॉस्पिटल आ जाइए. इनके सारे टेस्ट्स वहीं हो जाएँगे. अभी तो इन्हे इंजेक्षन दे दिया है और सुबह तक यह बेहोश ही रहेंगे, बाकी की रिपोर्ट कल के डाइयग्नोसिस के बाद ही पता चलेगी.
डॉक्टर. को विदा करके वीरेंदर ने बिहारी के दरवाज़े को बाहर से लॉक किया और अपने रूम मे आ गया.
आशना और रागिनी ने मिलकर डिन्नर तैयार किया. डिन्नर के बाद आशना और रागिनी, आशना के कमरे मे चले गये और वीरेंदर अपने कमरे में. वीरेंदर और आशना, रागिनी को अपने बीच के संबंध के बारे मे अभी नहीं जताना चाहते थे इस लिए उन्होने उस रात अलग सोने का फ़ैसला किया.
रात को ही बातों के दौरान आशना ने रागिनी को बता दिया कि उसके फ्यूचर के बारे मे सोचते हुए वीरेंदर ने डिसिशन लिया है कि उसकी और मोहित(वीरेंदर के शोरुम का मॅनेजर) की शादी करवा दी जाए. आशना ने रागिनी को बताया कि मोहित एक डाइवोर्स है. उसकी पहली बीवी शादी के कुछ दिनो बाद ही अपने बाय्फ्रेंड के साथ भाग गयी थी.
रागिनी, मोहित को अच्छे से जानती थी. रागिनी ने बिना किसी शर्त के आशना की बात मान ली.
आशना: तुम्हारी शादी की तारीख 11 नवंबर. को तय हुई है. हम ने मोहित से भी बात कर ली है, उसे भी कोई आपत्ति नहीं है. अगर तुम्हे लगता है कि तुम उसके साथ खुश रह पाओगी तो हम शादी की तैयारियाँ शुरू कर देते हैं.