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मम्मी की पापा के बॉस के साथ चुदाई
आज मै मम्मी की पापा के बॉस के साथ चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हू वो बिलकुल ही सच्ची कहानी है. मेरी मम्मी-सुनीता- जिसकी उमर ४१ साल के है एक बेहद खूबसूरत और सेक्सी औरत है. उसका रन्ग गोरा और चेहरा हसमुख रहता है. वो हमेशा साडी-ब्लाउझ पहनती थी लेकिन उन कपडोमे उसका सेक्सी बदन और भी झलकता था. उसकी चुचिया कीसी पपीतेकी तरह मोटी और सुडौल थी. उसका मुलायम चिकना पेट और उसपर सेक्सी सी नाभी उसकी खूबसूरतीमे चार चान्द लगाती थी. उसके चुतड मोटे और फैले हुए थे जो चलते समय ऐसे मटकते थे की नजर नही हटती. पापा एक प्रायव्हेट कम्पनी मे काम करते है. पापा अपने बॉस की तारिफ करते रहते थे. मै भी उनके बॉस से एक बार मिल चुका था जब मै पापा से मिलने उनके ऑफिस मे गया था. वैसे वो कोई खास अच्छा नही लगे थे मुझे, हा ये बात है की वो लम्बे कद और बडे मस्क्युलर टाईपके लगते थे.
ये उन दिनोकी बात है जब मेरी कॉलेज शुरु हुई थी. एक दिन शाम को पापा का बॉस पापा के साथ घर आए. पापाने बताया की उन्हे कीसी अर्जन्ट मीटीन्गके लिए दिल्ली जाना पडेगा और बॉस उन्हे घर तक छोडने आए थे. पापा निकलने लगे की अचानक जोरकी बारिश शुरु हुई. पापाने बॉस से कहा
"सर, ऐसा कीजिए, मै टॅक्सी लेकर आगे चला जाऊन्गा, आप खाना खाकर यही रुक जाना, बारिश बहुत तेज है, ऐसी हालत मे गाडी चलाना ठीक नही होगा"
बॉसने थोडी ना नुकुर की तो मम्मी ने भी कहा की आप यही रह जायिये कल चले जाए. मम्मी की बात से बॉस मान गए और पापा निकल गए. कुछ देर टीव्ही देखने के बाद मम्मीने आवाज दी की खाना लग गया है. हम दोनो डायनिन्ग टेबल पर बैठे, मम्मी खाना परोसने लगी. बॉस ने कहा भाभी आप भी बैठ जाईए, और कीतनी देर करोगी, साथ मे खाना खा लेन्गे. मम्मी हिचकीचाई लेकिन फिर वो भी हमारे साथ बैठकर खाना खाने लगी. मै टेबल के एक साईड मे बैठा था और बॉस और मम्मी दूसरी तरफ. मुझे कुछ गडबड महसूस होने लगी, मम्मी बॉसकी तरफ बडे प्यारसे देख रही थी, वो भी बात तो मुझसे कर रहे थे लेकिन नजरे मम्मीपर टिकी हुई थी. मै जानबूझकर खाना खाते समय मेरा चम्मच निचे गिरा दियाअ और टेबलके नीचे झुक गया. चम्मच उठाआते समय जो देखा मेरा दिमाग सुन्न हो गया. बॉस मम्मी के पेट को और उसके वक्षोको साडी के उपर से सहला रहे थे और मम्मी भी उनका साथ दे रही है.
खाना खाने के बाद मै अपने रूम मे चला गया और बॉस गेस्ट रूम मे. लेकिन मै ताक मै जागता रहा की बॉस अब क्या करते है. मेरा शक सही निकला. रात के १०:०० बजे बॉस अपने रूम से निकल कर मम्मी के रूम मे गये और उन्होने दरवाजा अन्दर से बन्द कर दिया. मै भी उनके रूम के वेन्टिलेटर से झान्ककर देखने लगा.
मम्मी अपने बेड पर चुपचाप बैठी थी. वो बेड पर बैठ गये और उन्होने मम्मी का हाथ पकडकर उसे अपनी तरफ खीन्च लिया. रूम मे एक नाईट लॅम्प जल रहा था और लगभग अन्धेरा ही था. मम्मी ने उनसे बाथरूम जाने को कहा और बाथरूम चली गयी. बाहर आते ही बॉसने मम्मी को दीवार के सहारे खडा कर दिया और मम्मी के होटो को चूमने लगे. वो बडे प्यारसे मम्मी के होटोको चूसने लगे और मम्मी की जुबान को अपने मुह मे ले कर चूसने लगे. मम्मी एक दम पागल सी हो रही थी जैसे जन्नत का मज़ा आ रहा हो.
मै अब मेरी सेक्सी मम्मी की रासलीला देखने के लिये बेताब हो रहा था. पता नही क्यू अपनी मम्मी को दूसरे मर्द के साथ देख कर मै बहुत ज्यादा उत्तेजित हो रहा था. बॉस मम्मी का चुम्बन ले रहे थे और उनके हाथ मम्मी के पीठ पर चल रहे थे. उन्होने मम्मी को अपने बाहो मे कस लिया और मम्मी उनसे एकदम चिपक गयी. बॉसके गरम बदन और सान्सो को शायद मम्मी मह्सूस कर रही थी. फिर उनका बाया हाथ मम्मी की कमर पर आया और फिर मम्मी के बायी चूची पर आ कर रुक गया. मेरी सान्स तेज हो रही थी, मम्मी पूरी तरह से कान्प गयी और कसमसाकर उनको हटाने की एक नाकाम सी कोशिश की, पर उन्होने मम्मीको ऐसे कस कर दबोचा हुआ था की मम्मी अपने आप को छुडा न सकी. उन्होने मम्मी के चेहरेको अपने हाथो मे लिया और मम्मी का निचला होट चूसने लगे. अब मम्मी भी गरम होने लगी. बॉसने मम्मी के हाथ को पकड कर अपने कन्धे पर रखा, मम्मीनेभी बडे प्यारसे उन्हे बाहोमे ले लिया. अब मम्मी की चुचिया उनके छाती से एक दम सट गयी. मम्मी तो जैसे पूरी तरह से खो गयी. फिर उन्होने मम्मी को दीवार की तरफ मुह करके खडे होने को कहा. मम्मी ने अपना मुह दीवर की तरफ कर लिया, मम्मी की पीठ उनकी तरफ थी. उन्होने फिर मम्मी के चूची पर हाथ रख और मम्मी के कान के नीचे जीभ से चाटने लगे. मम्मी तो जैसे एक दम पागल सी होने लगी. फिर धीरेसे उन्होने मम्मी की गर्दन पर हलकेसे काटना शुरु कर दिया और मम्मी आहे भरने लगी.
उन्होने मम्मी से कहा "सुनिता मेरी जान, तू बहुत नमकीन है, आय लव्ह यू"
मम्मी सिर्फ ‘सर......सर......’ ही कह सकी. मैने मह्सूस किया कि मम्मी के गान्ड के बीचो बीच उनका गरम लन्ड सटा हूआ था. उन्होने कब अपना अन्डरवेअर उतार दिया मुझे जोश मे पता भी नही चला. मम्मी ने अपनी गान्ड को उनकी तरफ कर किया ताकी उनका लन्ड ठीक से ॲड्जस्ट हो सके. मम्मी अभी सिर्फ पेटिकोट और ब्लाउझ मे थी. बॉसके हाथ अब धीरे धीरे मम्मी के साये के नाडे पर आ गया. उन्होने मम्मी को किस करते हुए एकही झटके मे पेटिकोट के नाडे को खोल दिया. मम्मी का पेटिकोट सरक कर नीचे जमिन पर गिर गया. मम्मी ने पॅन्टी नही पहनी थी. अब मम्मी की नन्गी गान्ड पर उनका लन्ड लगा हूआ था. मै इतना जोश मे आ गया था की मेरे लन्ड से पानी भी छूट गया थ. मै बॉस का लन्ड देखना चाहता था लेकिन मेरा मुह तो उनके पीठ की तरफ था. फिर बॉसने मम्मी का ब्लाउझ उतारने के बाद पिछे से मम्मी की ब्रा के हूक खोल दिये और एक झट्के से मम्मी की ब्रा को उतार कर फेन्क दिया. मै उमन्ग से लाल हो गया. पहली बार किसी मर्द के सामने मम्मी एक दम नन्गी हो गयी थी. फिर बॉसने पीछे से मम्मी के बूब्स को दोनो हाथो मे पकड लिया और मसलने लगे. जैसे ही उन्होने मम्मी की निपल्स को मसलना शुरु किया तो मम्मी सिस्कारिया भरने लगी. बॉसने मम्मी को दीवार के सहारे और दबा दिया. मम्मी की गान्ड पर उनका लन्ड सता हुआ था और मम्मी क दोनो बूब्स उनकी मुठठी मे थे. वो उन्गली और अन्गुठए से मम्मी के निपल्स को बेदर्दी से मसल रहे थे. मम्मी तो जैसे जोश मे एक दम पागल सी हो रही थी.
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१० मिनट बाद वो मम्मी को पकडकर बेड के पास ले गये और बेड पर बैठने को कहा. मम्मी बेड पर बैठ गयी. उन्होने लाईट ओन कर दी. जैसे ही रोशनी हुई मम्मी अपने बदन को छुपाने के लिये चादर को खीन्च कर अपनी तरफ करने लगी तो उन्होने वो चादर भी खीन्च कर फेन्क दी. मै पहली बर मम्मी को नन्गा देख रहा था. मम्मी की बुर दिखने से कुवारी लडकी की बुर जैसी दिखती थी. एक दम मस्त चूचिया भी कमाल की थी. मम्मी एक कबूतरी की तरह शिकारी के जाल मे थी और बॉस मम्मी को उपर से निचे तक निहार रहे थे. उनका मोटा और लम्बा तना हुआ लन्ड मम्मी के सामने था. मुझे देख के साफ पता चल रहा था की उनका लन्ड ८ इन्च लम्बा और करीब २ इन्च मोटा है और मै यही समझता था की सभी मर्दो का लन्ड भी लगभग इतना ही बडा होता होगा, लेकिन उनका लन्ड तो बहुत ही मोटा और लम्बा था. मै उनके लन्ड को देख कर हैरान रह गया. उन्होने मम्मी के हाथो को पकड कर अपने लन्ड पर रख दिया और बोले,
"पता है यह ८ इन्च लम्बा, और ३ इन्च मोटा है." मम्मी तो एक दम जोश मे थी जैसे उनके मन की मुराद भी पूरी हो रही थी. मम्मी ने तुरन्त ही उनका लन्ड हाथ मे पकडा और सहलाने लगी.
मै सोचने लगा की इतना मोटा और लम्बा लन्ड मम्मी के बुर और गान्ड मे कैसे जायेगा. थोडी ही देर मे उनका लन्ड पूरी तरह तन गया. मम्मी भी जोश से अपने आपको काबु मे नही रख पा रही थी और बोली,
सर, प्लीझ जल्दी कुछ कीजिये ना नही तो मै पागल हो जाउन्गी." बॉस मम्मी के ऊपर से हट गये और बेड से निचे उतर कर खडे हो गये. उन्होने मम्मी की गान्ड को बेड के किनारे पर रख दिया और वो मम्मी की टान्गो के बीच आ कर खडे हो गये. मम्मी बेड पर आधी लेटी हुई थी और पैर जमिन पर थे. उन्होने मम्मी के पैर हाथो से पकड कर फैला दिये और अपने लन्ड की टोपी मम्मी के बुर के बीच मे रख दी और एक झटका दिया. मम्मी ‘आआह्ह्ह्ह्ह’ कर के चिलाई, मै समझ गया की मम्मी की बुर मे बॉस का लन्ड प्रवेश कर चुका है .
मैने देखा की बॉस ने अब एक जोर का झटका मारा और उनका आधा लन्ड मम्मी की बुर
फाडता हुआ अन्दर घुस गया. मम्मी दर्द से चिल्ला उठई,
"उई मा........मर.. जाउन्गी........मै.....आह्ह्ह.... सर...रुक जाइये.....प्लीझ .. ." मम्मी कराहने लगी तो वो रुक गये और अपने लन्ड को मम्मी के बुर से बाहर निकाल लिया. उन्होने मम्मी के गान्ड को उठा कर एक तकिया निचे रख दिया. अब मम्मी की बुर थोडी और उपर हो गयी. वो मम्मी के उपर झुक गये और मम्मी के होठो को अपने मुह मे ले लिया. फिर उन्होने अपने लन्ड की टोपी मम्मी के बुर के बीच रखा और एक जोरदार धक्का मारा. मम्मी की चीख निकलते निकलते रह गयी क्यू की बॉसने मम्मी के होठो को अपने होठो से दबाकर रखा था. मम्मी दर्द से करह उठी तो वो रुक गये. उनका आधा लन्ड घुस चुका थ. २-३ मिनट तक मम्मी के ऊपर लेटे रहने के बाद उन्होने धीरे धीरे लन्ड को अन्दर बाहर करना शुरु कर दिया. मम्मी अभी भी दर्द से कराह रही थी.
बॉस फिर रुक गये और मम्मी के होठो को चूसने लगे. अचानक उन्होने एक जोरदार धक्का दिया. उनका लन्ड सनसनाता हुआ मम्मी के बुर मे और ज्यादा अन्दर तक घुस गया. मम्मी चिल्लाने लगी. वो बोले,
सुनिता, मेरी जान अभी तक तो ये ६ इन्च ही अन्दर घुसा है और तुम इतना चिल्ला रही हो"
मम्मी ने उनसे रुक जए को कहा लेकिन वो नही रुके और मम्मी को तेजी से चोदने लगे. बिजली की तरह उनका लन्ड मम्मी के बुर मे अन्दर बाहर होने लगा. जैसे ही मम्मी की चीख कुछ कम होती वो एक धक्का ज़ोर से लगा देते और मम्मी फिर चीख पडती थी. कुछ देर तक वो इसी तरह चोदते रहे. धीरे धीरे उनका पूरा लन्ड मम्मी के बुर की गहरायी तक जगह बना चुका था और तेजी के साथ अन्दर बाहर हो रह था. मम्मी दर्द से तडप रही थी. ८-१० मिनट के बाद मम्मी को भी मज़ा आने लगा. मम्मी ने अपने हाथ उनकी कमर पर कैन्ची की तरह कस दिये और अपनी गान्ड उठा उठा कर उनका साथ देने लगी.बॉस खुश होकर बोले, "शाबाश मेरी सुनिता, अब तो तुझे चुदवाना आ गया." वो मम्मी को लगभग १५-२० मिनट तक चोदते रहे. इस दौरान मम्मी ३-४ बार झड चुकी थी और वो थे की रुकने का नाम ही नही ले रहे थे. वो मम्मी के ऊपर से हट गये और मम्मी को घोडी की तरह बन जाने को कहा. मम्मी उठ कर जमीन पर आ गयी और घोडी की तरह हो गयी. उन्होने मम्मी की कमर पकड कर अपना लन्ड पीछे से मम्मी के बुर मे दाल दिया. मम्मी फिर दर्द से कराहने लगी पर उन्होने मम्मी को समझाया की बाद मे मज़ा आयेगा. य़े चोदने की सब से अच्छी स्टाईल है. कुछ ही देर मे मम्मी का दर्द जैसे कम हो गया और मम्मी को मज़ा आने लगा. मम्मी अब अपनी गान्ड को ढकेल कर कर के ताल से ताल मिलने लगी. १०-१५ मिनट के बाद वो मम्मी के बुर मे ही झड गये. वो दोनो साथ ही साथ जमीन पर ही लेट गये. बॉस मम्मी को प्यार से चूमने लगे.
कुछ देर बाद उन्होने कहा, "सुनिता, और मज़ा दोगी"
मम्मी मानो उनकी गुलाम बन गई थी, उसने अपना सर हा मे हिला दिया. तब बॉसने अपना लन्ड, जो की फिर खडा
हो गया था मम्मी के हाथ मे दे दिया. मम्मी उसे प्यारसे सहलाने लगी. थोडी देर बाद उनका लन्ड एक दम गरम लोहे की तरह हो गया. उन्होने अपने मुह मे मम्मी की बायी चुची ले ली और दायी को मुठी से कस कर दबाने लगे.
"क्या सख्त चुचिया है तेरी सुनिता......बडीही मजेदार और नमकीन है" उन्होने मम्मी की दोनो चुचियो को कस के दबोच लिया और बीच मे अपनी जीभ फेरने लगे. मम्मी ने भी अपनी बहो से उनके सिर को पकड लिया और अपनी चुचियो को उपर की तरफ कर दिया. बॉस इस अदा से और खुश होकर बोले,
"सुनिता, क्या मस्त चीज़ है तू" और उन्होने मम्मी के चुचियो को जीभ से चाटना शुरु किया. एक हाथ से वो मम्मी के एक निपल को मसल रहे थे और दुसरी निपल को अपने दान्त से काटने लगे. धीरे धीरे वो किस करते हुए मम्मी की कमर तक आ गये उन्होने अपनी बीच की उन्गली मम्मी की बुर मे घुसा दी.
उफ्फ......मम्मी तडप उठी. ऊनकी उन्गली मम्मी के बुर मे अन्दर बाहर होने लगी. मम्मी को भी मज़ा आने लगा और मम्मी आहे भरने लगी. अचानक वो उठे और मम्मी के पैरो के बीच मे आ गये. बॉसने मम्मी के पैर उठाये और अपने कन्धो पर रख लिये. ऊनका तन हुआ लन्ड मम्मी के बुर से बस केवल एक इन्च की ही दूरी पर था. बॉस ने मम्मी के आन्खो मे देखा और बोले, सुनिता, मेरी जान, फिर एक बार चोदू?" मम्मी ने अपना सिर हा मे हिला दिया और अपनी बुर को उन्के लन्ड से सटा दिया और बोली, "धीरे धीरे चोदियेगा प्लीज, बहुत दर्द होता है" बॉसने हसकर मम्मी के गान्ड के नीचे का तकिया सेट किया और मम्मी की चुची को पकडा और निपल्स को मसलते हुए अपने लन्ड को मम्मी के बुर मे घुसाने लगे. अभी तक उन्होने एक भी धक्का नही मारा था लेकिन उनका आधा लन्ड मम्मी के बुर मे घुस चुका थ. मम्मी के चूची को दबाते हुए और दोनो निपल्स को खीन्चते हुए बॉस बोले, " एक बार मे पुरा अन्दर लोगी"
आज मै मम्मी की पापा के बॉस के साथ चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हू वो बिलकुल ही सच्ची कहानी है. मेरी मम्मी-सुनीता- जिसकी उमर ४१ साल के है एक बेहद खूबसूरत और सेक्सी औरत है. उसका रन्ग गोरा और चेहरा हसमुख रहता है. वो हमेशा साडी-ब्लाउझ पहनती थी लेकिन उन कपडोमे उसका सेक्सी बदन और भी झलकता था. उसकी चुचिया कीसी पपीतेकी तरह मोटी और सुडौल थी. उसका मुलायम चिकना पेट और उसपर सेक्सी सी नाभी उसकी खूबसूरतीमे चार चान्द लगाती थी. उसके चुतड मोटे और फैले हुए थे जो चलते समय ऐसे मटकते थे की नजर नही हटती. पापा एक प्रायव्हेट कम्पनी मे काम करते है. पापा अपने बॉस की तारिफ करते रहते थे. मै भी उनके बॉस से एक बार मिल चुका था जब मै पापा से मिलने उनके ऑफिस मे गया था. वैसे वो कोई खास अच्छा नही लगे थे मुझे, हा ये बात है की वो लम्बे कद और बडे मस्क्युलर टाईपके लगते थे.
ये उन दिनोकी बात है जब मेरी कॉलेज शुरु हुई थी. एक दिन शाम को पापा का बॉस पापा के साथ घर आए. पापाने बताया की उन्हे कीसी अर्जन्ट मीटीन्गके लिए दिल्ली जाना पडेगा और बॉस उन्हे घर तक छोडने आए थे. पापा निकलने लगे की अचानक जोरकी बारिश शुरु हुई. पापाने बॉस से कहा
"सर, ऐसा कीजिए, मै टॅक्सी लेकर आगे चला जाऊन्गा, आप खाना खाकर यही रुक जाना, बारिश बहुत तेज है, ऐसी हालत मे गाडी चलाना ठीक नही होगा"
बॉसने थोडी ना नुकुर की तो मम्मी ने भी कहा की आप यही रह जायिये कल चले जाए. मम्मी की बात से बॉस मान गए और पापा निकल गए. कुछ देर टीव्ही देखने के बाद मम्मीने आवाज दी की खाना लग गया है. हम दोनो डायनिन्ग टेबल पर बैठे, मम्मी खाना परोसने लगी. बॉस ने कहा भाभी आप भी बैठ जाईए, और कीतनी देर करोगी, साथ मे खाना खा लेन्गे. मम्मी हिचकीचाई लेकिन फिर वो भी हमारे साथ बैठकर खाना खाने लगी. मै टेबल के एक साईड मे बैठा था और बॉस और मम्मी दूसरी तरफ. मुझे कुछ गडबड महसूस होने लगी, मम्मी बॉसकी तरफ बडे प्यारसे देख रही थी, वो भी बात तो मुझसे कर रहे थे लेकिन नजरे मम्मीपर टिकी हुई थी. मै जानबूझकर खाना खाते समय मेरा चम्मच निचे गिरा दियाअ और टेबलके नीचे झुक गया. चम्मच उठाआते समय जो देखा मेरा दिमाग सुन्न हो गया. बॉस मम्मी के पेट को और उसके वक्षोको साडी के उपर से सहला रहे थे और मम्मी भी उनका साथ दे रही है.
खाना खाने के बाद मै अपने रूम मे चला गया और बॉस गेस्ट रूम मे. लेकिन मै ताक मै जागता रहा की बॉस अब क्या करते है. मेरा शक सही निकला. रात के १०:०० बजे बॉस अपने रूम से निकल कर मम्मी के रूम मे गये और उन्होने दरवाजा अन्दर से बन्द कर दिया. मै भी उनके रूम के वेन्टिलेटर से झान्ककर देखने लगा.
मम्मी अपने बेड पर चुपचाप बैठी थी. वो बेड पर बैठ गये और उन्होने मम्मी का हाथ पकडकर उसे अपनी तरफ खीन्च लिया. रूम मे एक नाईट लॅम्प जल रहा था और लगभग अन्धेरा ही था. मम्मी ने उनसे बाथरूम जाने को कहा और बाथरूम चली गयी. बाहर आते ही बॉसने मम्मी को दीवार के सहारे खडा कर दिया और मम्मी के होटो को चूमने लगे. वो बडे प्यारसे मम्मी के होटोको चूसने लगे और मम्मी की जुबान को अपने मुह मे ले कर चूसने लगे. मम्मी एक दम पागल सी हो रही थी जैसे जन्नत का मज़ा आ रहा हो.
मै अब मेरी सेक्सी मम्मी की रासलीला देखने के लिये बेताब हो रहा था. पता नही क्यू अपनी मम्मी को दूसरे मर्द के साथ देख कर मै बहुत ज्यादा उत्तेजित हो रहा था. बॉस मम्मी का चुम्बन ले रहे थे और उनके हाथ मम्मी के पीठ पर चल रहे थे. उन्होने मम्मी को अपने बाहो मे कस लिया और मम्मी उनसे एकदम चिपक गयी. बॉसके गरम बदन और सान्सो को शायद मम्मी मह्सूस कर रही थी. फिर उनका बाया हाथ मम्मी की कमर पर आया और फिर मम्मी के बायी चूची पर आ कर रुक गया. मेरी सान्स तेज हो रही थी, मम्मी पूरी तरह से कान्प गयी और कसमसाकर उनको हटाने की एक नाकाम सी कोशिश की, पर उन्होने मम्मीको ऐसे कस कर दबोचा हुआ था की मम्मी अपने आप को छुडा न सकी. उन्होने मम्मी के चेहरेको अपने हाथो मे लिया और मम्मी का निचला होट चूसने लगे. अब मम्मी भी गरम होने लगी. बॉसने मम्मी के हाथ को पकड कर अपने कन्धे पर रखा, मम्मीनेभी बडे प्यारसे उन्हे बाहोमे ले लिया. अब मम्मी की चुचिया उनके छाती से एक दम सट गयी. मम्मी तो जैसे पूरी तरह से खो गयी. फिर उन्होने मम्मी को दीवार की तरफ मुह करके खडे होने को कहा. मम्मी ने अपना मुह दीवर की तरफ कर लिया, मम्मी की पीठ उनकी तरफ थी. उन्होने फिर मम्मी के चूची पर हाथ रख और मम्मी के कान के नीचे जीभ से चाटने लगे. मम्मी तो जैसे एक दम पागल सी होने लगी. फिर धीरेसे उन्होने मम्मी की गर्दन पर हलकेसे काटना शुरु कर दिया और मम्मी आहे भरने लगी.
उन्होने मम्मी से कहा "सुनिता मेरी जान, तू बहुत नमकीन है, आय लव्ह यू"
मम्मी सिर्फ ‘सर......सर......’ ही कह सकी. मैने मह्सूस किया कि मम्मी के गान्ड के बीचो बीच उनका गरम लन्ड सटा हूआ था. उन्होने कब अपना अन्डरवेअर उतार दिया मुझे जोश मे पता भी नही चला. मम्मी ने अपनी गान्ड को उनकी तरफ कर किया ताकी उनका लन्ड ठीक से ॲड्जस्ट हो सके. मम्मी अभी सिर्फ पेटिकोट और ब्लाउझ मे थी. बॉसके हाथ अब धीरे धीरे मम्मी के साये के नाडे पर आ गया. उन्होने मम्मी को किस करते हुए एकही झटके मे पेटिकोट के नाडे को खोल दिया. मम्मी का पेटिकोट सरक कर नीचे जमिन पर गिर गया. मम्मी ने पॅन्टी नही पहनी थी. अब मम्मी की नन्गी गान्ड पर उनका लन्ड लगा हूआ था. मै इतना जोश मे आ गया था की मेरे लन्ड से पानी भी छूट गया थ. मै बॉस का लन्ड देखना चाहता था लेकिन मेरा मुह तो उनके पीठ की तरफ था. फिर बॉसने मम्मी का ब्लाउझ उतारने के बाद पिछे से मम्मी की ब्रा के हूक खोल दिये और एक झट्के से मम्मी की ब्रा को उतार कर फेन्क दिया. मै उमन्ग से लाल हो गया. पहली बार किसी मर्द के सामने मम्मी एक दम नन्गी हो गयी थी. फिर बॉसने पीछे से मम्मी के बूब्स को दोनो हाथो मे पकड लिया और मसलने लगे. जैसे ही उन्होने मम्मी की निपल्स को मसलना शुरु किया तो मम्मी सिस्कारिया भरने लगी. बॉसने मम्मी को दीवार के सहारे और दबा दिया. मम्मी की गान्ड पर उनका लन्ड सता हुआ था और मम्मी क दोनो बूब्स उनकी मुठठी मे थे. वो उन्गली और अन्गुठए से मम्मी के निपल्स को बेदर्दी से मसल रहे थे. मम्मी तो जैसे जोश मे एक दम पागल सी हो रही थी.
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१० मिनट बाद वो मम्मी को पकडकर बेड के पास ले गये और बेड पर बैठने को कहा. मम्मी बेड पर बैठ गयी. उन्होने लाईट ओन कर दी. जैसे ही रोशनी हुई मम्मी अपने बदन को छुपाने के लिये चादर को खीन्च कर अपनी तरफ करने लगी तो उन्होने वो चादर भी खीन्च कर फेन्क दी. मै पहली बर मम्मी को नन्गा देख रहा था. मम्मी की बुर दिखने से कुवारी लडकी की बुर जैसी दिखती थी. एक दम मस्त चूचिया भी कमाल की थी. मम्मी एक कबूतरी की तरह शिकारी के जाल मे थी और बॉस मम्मी को उपर से निचे तक निहार रहे थे. उनका मोटा और लम्बा तना हुआ लन्ड मम्मी के सामने था. मुझे देख के साफ पता चल रहा था की उनका लन्ड ८ इन्च लम्बा और करीब २ इन्च मोटा है और मै यही समझता था की सभी मर्दो का लन्ड भी लगभग इतना ही बडा होता होगा, लेकिन उनका लन्ड तो बहुत ही मोटा और लम्बा था. मै उनके लन्ड को देख कर हैरान रह गया. उन्होने मम्मी के हाथो को पकड कर अपने लन्ड पर रख दिया और बोले,
"पता है यह ८ इन्च लम्बा, और ३ इन्च मोटा है." मम्मी तो एक दम जोश मे थी जैसे उनके मन की मुराद भी पूरी हो रही थी. मम्मी ने तुरन्त ही उनका लन्ड हाथ मे पकडा और सहलाने लगी.
मै सोचने लगा की इतना मोटा और लम्बा लन्ड मम्मी के बुर और गान्ड मे कैसे जायेगा. थोडी ही देर मे उनका लन्ड पूरी तरह तन गया. मम्मी भी जोश से अपने आपको काबु मे नही रख पा रही थी और बोली,
सर, प्लीझ जल्दी कुछ कीजिये ना नही तो मै पागल हो जाउन्गी." बॉस मम्मी के ऊपर से हट गये और बेड से निचे उतर कर खडे हो गये. उन्होने मम्मी की गान्ड को बेड के किनारे पर रख दिया और वो मम्मी की टान्गो के बीच आ कर खडे हो गये. मम्मी बेड पर आधी लेटी हुई थी और पैर जमिन पर थे. उन्होने मम्मी के पैर हाथो से पकड कर फैला दिये और अपने लन्ड की टोपी मम्मी के बुर के बीच मे रख दी और एक झटका दिया. मम्मी ‘आआह्ह्ह्ह्ह’ कर के चिलाई, मै समझ गया की मम्मी की बुर मे बॉस का लन्ड प्रवेश कर चुका है .
मैने देखा की बॉस ने अब एक जोर का झटका मारा और उनका आधा लन्ड मम्मी की बुर
फाडता हुआ अन्दर घुस गया. मम्मी दर्द से चिल्ला उठई,
"उई मा........मर.. जाउन्गी........मै.....आह्ह्ह.... सर...रुक जाइये.....प्लीझ .. ." मम्मी कराहने लगी तो वो रुक गये और अपने लन्ड को मम्मी के बुर से बाहर निकाल लिया. उन्होने मम्मी के गान्ड को उठा कर एक तकिया निचे रख दिया. अब मम्मी की बुर थोडी और उपर हो गयी. वो मम्मी के उपर झुक गये और मम्मी के होठो को अपने मुह मे ले लिया. फिर उन्होने अपने लन्ड की टोपी मम्मी के बुर के बीच रखा और एक जोरदार धक्का मारा. मम्मी की चीख निकलते निकलते रह गयी क्यू की बॉसने मम्मी के होठो को अपने होठो से दबाकर रखा था. मम्मी दर्द से करह उठी तो वो रुक गये. उनका आधा लन्ड घुस चुका थ. २-३ मिनट तक मम्मी के ऊपर लेटे रहने के बाद उन्होने धीरे धीरे लन्ड को अन्दर बाहर करना शुरु कर दिया. मम्मी अभी भी दर्द से कराह रही थी.
बॉस फिर रुक गये और मम्मी के होठो को चूसने लगे. अचानक उन्होने एक जोरदार धक्का दिया. उनका लन्ड सनसनाता हुआ मम्मी के बुर मे और ज्यादा अन्दर तक घुस गया. मम्मी चिल्लाने लगी. वो बोले,
सुनिता, मेरी जान अभी तक तो ये ६ इन्च ही अन्दर घुसा है और तुम इतना चिल्ला रही हो"
मम्मी ने उनसे रुक जए को कहा लेकिन वो नही रुके और मम्मी को तेजी से चोदने लगे. बिजली की तरह उनका लन्ड मम्मी के बुर मे अन्दर बाहर होने लगा. जैसे ही मम्मी की चीख कुछ कम होती वो एक धक्का ज़ोर से लगा देते और मम्मी फिर चीख पडती थी. कुछ देर तक वो इसी तरह चोदते रहे. धीरे धीरे उनका पूरा लन्ड मम्मी के बुर की गहरायी तक जगह बना चुका था और तेजी के साथ अन्दर बाहर हो रह था. मम्मी दर्द से तडप रही थी. ८-१० मिनट के बाद मम्मी को भी मज़ा आने लगा. मम्मी ने अपने हाथ उनकी कमर पर कैन्ची की तरह कस दिये और अपनी गान्ड उठा उठा कर उनका साथ देने लगी.बॉस खुश होकर बोले, "शाबाश मेरी सुनिता, अब तो तुझे चुदवाना आ गया." वो मम्मी को लगभग १५-२० मिनट तक चोदते रहे. इस दौरान मम्मी ३-४ बार झड चुकी थी और वो थे की रुकने का नाम ही नही ले रहे थे. वो मम्मी के ऊपर से हट गये और मम्मी को घोडी की तरह बन जाने को कहा. मम्मी उठ कर जमीन पर आ गयी और घोडी की तरह हो गयी. उन्होने मम्मी की कमर पकड कर अपना लन्ड पीछे से मम्मी के बुर मे दाल दिया. मम्मी फिर दर्द से कराहने लगी पर उन्होने मम्मी को समझाया की बाद मे मज़ा आयेगा. य़े चोदने की सब से अच्छी स्टाईल है. कुछ ही देर मे मम्मी का दर्द जैसे कम हो गया और मम्मी को मज़ा आने लगा. मम्मी अब अपनी गान्ड को ढकेल कर कर के ताल से ताल मिलने लगी. १०-१५ मिनट के बाद वो मम्मी के बुर मे ही झड गये. वो दोनो साथ ही साथ जमीन पर ही लेट गये. बॉस मम्मी को प्यार से चूमने लगे.
कुछ देर बाद उन्होने कहा, "सुनिता, और मज़ा दोगी"
मम्मी मानो उनकी गुलाम बन गई थी, उसने अपना सर हा मे हिला दिया. तब बॉसने अपना लन्ड, जो की फिर खडा
हो गया था मम्मी के हाथ मे दे दिया. मम्मी उसे प्यारसे सहलाने लगी. थोडी देर बाद उनका लन्ड एक दम गरम लोहे की तरह हो गया. उन्होने अपने मुह मे मम्मी की बायी चुची ले ली और दायी को मुठी से कस कर दबाने लगे.
"क्या सख्त चुचिया है तेरी सुनिता......बडीही मजेदार और नमकीन है" उन्होने मम्मी की दोनो चुचियो को कस के दबोच लिया और बीच मे अपनी जीभ फेरने लगे. मम्मी ने भी अपनी बहो से उनके सिर को पकड लिया और अपनी चुचियो को उपर की तरफ कर दिया. बॉस इस अदा से और खुश होकर बोले,
"सुनिता, क्या मस्त चीज़ है तू" और उन्होने मम्मी के चुचियो को जीभ से चाटना शुरु किया. एक हाथ से वो मम्मी के एक निपल को मसल रहे थे और दुसरी निपल को अपने दान्त से काटने लगे. धीरे धीरे वो किस करते हुए मम्मी की कमर तक आ गये उन्होने अपनी बीच की उन्गली मम्मी की बुर मे घुसा दी.
उफ्फ......मम्मी तडप उठी. ऊनकी उन्गली मम्मी के बुर मे अन्दर बाहर होने लगी. मम्मी को भी मज़ा आने लगा और मम्मी आहे भरने लगी. अचानक वो उठे और मम्मी के पैरो के बीच मे आ गये. बॉसने मम्मी के पैर उठाये और अपने कन्धो पर रख लिये. ऊनका तन हुआ लन्ड मम्मी के बुर से बस केवल एक इन्च की ही दूरी पर था. बॉस ने मम्मी के आन्खो मे देखा और बोले, सुनिता, मेरी जान, फिर एक बार चोदू?" मम्मी ने अपना सिर हा मे हिला दिया और अपनी बुर को उन्के लन्ड से सटा दिया और बोली, "धीरे धीरे चोदियेगा प्लीज, बहुत दर्द होता है" बॉसने हसकर मम्मी के गान्ड के नीचे का तकिया सेट किया और मम्मी की चुची को पकडा और निपल्स को मसलते हुए अपने लन्ड को मम्मी के बुर मे घुसाने लगे. अभी तक उन्होने एक भी धक्का नही मारा था लेकिन उनका आधा लन्ड मम्मी के बुर मे घुस चुका थ. मम्मी के चूची को दबाते हुए और दोनो निपल्स को खीन्चते हुए बॉस बोले, " एक बार मे पुरा अन्दर लोगी"