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मम्मी की बालो से भरी फुद्दी

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मम्मी की बालो से भरी फुद्दी

मेरा नाम है सुमित और मेरी मम्मी का नाम है प्रोतिमा, वो एक टिपिकल बन्गाली महिला है. उसकी उमर कुछ ४५ साल है थोडी हेल्दी टाईप की है, लेकिन उसके थोडेसे मोटापे की वजहसे उसका बदन बहुत गदराया और सेक्सी लगता है. वो अक्सर स्लीव्हलेस ब्लाउझ पहनती है जिसमे उसकी चुचिया बहुत उभर कर आती है. कई बार उसकी साडी नाभीके नीचे पहनी होती जिससे उसका फुला हुआ मुलायम सेक्सी पेट और उसकी लुभावनी नाभी देखने के लिए मै तरस जाता था. मैने उसकी ब्रा देखी है, जिसका साईझ ३८ सी है, तो आप अन्दाजा लगा सकते है कि कितने बडे मम्मे होगे उसके......कभी कभी वो जब झुक जाती थी तो उसके बूब्सके बीच की वैली मुझे पागल कर देती थी.......मम्मी की गान्ड भी काफी बडी है और जब वो चलती है तो उसकी गान्ड खूब मटकती है.

हमारे घर मे एक नौकर है जिसका नाम है रामू. उसकी उमर लगभग २३/२४ है और वो काफी मजबूत कद का जवान है. एक दिन मै कॉलेजसे वापस आया तो किचन से मम्मी की आवाज आ रही थी, वो रामू से बाते कर रही थी.

दरवाजा खुला ही था तो मै बिना दरवाजा खटखटाए अन्दर चला गया. मै वैसे तो कॉलेजसे आनेपर सीधा अपने कमरेमे जाता हू लेकिन उस दिन मुझे पता नही क्या सूझा, मैने किचन मे झान्क कर देखा तो रामू जमीन पर बैठा था और उसके सामने सब्जी की थाली थी. मम्मी उसकी तरफ पीठ कर के खडी थी और कुछ पका रही थी. उसने एक गाऊन पहना था जो स्लीव्हलेस था, उससे मम्मीकी गोरी बाहे खूब सुन्दर लग रही थी. रामू सब्जी काटने के बजाए मम्मीकी गान्ड देख रहा था, मम्मी काम करते वक्त हिल रही थी जिससे उसकी गान्ड बहुत सेक्सी तरीकेसे थिरक रही थी. रामू अपने धोति के उपर से अपने लन्ड को पकड कर हिला रहा था. मैने ये सब देखा और अपने कमरे की तरफ चला गया.

कुछ दिन बाद मम्मीने मुझे रामू को सर्व्हन्ट क्वार्टरसे बुलानेके लिए कहा. मै हमारे घर के पीछे रामू का कमरा था वहा गया और उसका नाम पुकारा लेकिन कोई जवाब नही मिला. मुझे लगा कि वो शायद सो गया है इसलिए मै उसके कमरे का दरवाजा खोलकर अन्दर गया. उसके बाथरूमसे आवाज आ रही थी तो मै समझ गया कि वो बाथरूम मे है, इसलिए मै जाने के लिए मुडा तभी मैने उसके बिस्तर पर देखा और मुझे शॉक लगा. उसके बिस्तर पर एक मरून कलरवाली पॅन्टी पडी थी, मै उसे देखकर ही पहचान गया कि वो मम्मी की थी. मैने वो पॅन्टी उठाई तो उसपर कुछ चिपचिपासा लगा था, यकीनन वो रामू का वीर्य था. साला हरामी मेरी मम्मी की पॅन्टी लेकर मूठ मार रहा था. मुझे उसका गुस्सा भी आया और एक अजीबसी सनसनी शरीर मे दौड गई. रामू मूठ मारते वक्त क्या सोच रहा होगा, कैसे वो मम्मी का खूबसूरत बदन अपनी आन्खो के सामने ला रहा होगा यह सोच कर मेरे लन्डमे एक करन्ट लगा और वो खडा होकर डोलने लगा. मै वहासे चला गया. कुछ समय बाद रामू घर मे आकर अपना काम करने लगा.

लेकिन उस दिन से मैने रामूपर नजर रखना शुरु किया. मैने देखा कि कई बार उसकी नजर मम्मी की गान्ड और बूब्स पर टिकी रहती थी. सबसे हैरत वाली बात यह थी कि मम्मीने भी उसे कभी टोका नही. मुझे यकीन है कि उसे भी उसकी नजर पता चली होगी. शायद मम्मी भी उस नजर को पसन्द करती होगी. एक-दो बार तो काम करते वक्त मैने रामू को मम्मीकी बडी गान्ड को पीछेसे धीरेसे सहलाते हुए पकडा. लेकिन मम्मी की तरफसे कोई रिॲक्शन नही था. मुझे लगा कि इन दोनोके बीच मे जरूर कुछ चल रहा है. फिर मैने उन दोनोको डबल मिनिन्गमे बात करते हुए सुन लिया.

एक दिन रामू केले ले आया तो मम्मी बोली ‘ ये क्या लाये हो, तुम्हे पता है ना मुझे लम्बे और मोटे केले पसन्द है’ और फिर दोनो हसने लगे. ऐसी बाते सुनकर मुझे यकीन होने लगा की दोनो मे कुछ चल रहा है. मम्मी का अब कपडे पहनने का तरीका भी बदला हुआ था. मैने नोटिस किया कि मम्मी अब ब्रा नही पहनती थी और उसके निप्पल उसके झीने ब्लाउझसे साफ झलकते थे. उसके ब्लाउझ काफी टाईट हुआ करते थे जिससे उसके बूब्स का शेप उभरकर आता था और ज्यादा सेक्सी लगता था. ऐसा लगता था मानो वो जानबूझकर अपने उभरे हुए मम्मोका प्रदर्शन करवा रही हो.

एक बार मुझे कुछ छुटटी थी मै मेरे कमरे मे था (जो पहली मन्झिलपर था). मम्मी-पापा का बेडरूम नीचे वाली मन्झिलपर था. किचन भी नीचे था तो मम्मी अक्सर नीचेही रहती थी. उस दिन दोपहर का खाना खाने के बाद मै उपर मेरे कमरे गया, जाते जाते मम्मी को बोल के गया कि मेरे सिर मे दर्द है और मै सोने जा रहा हू. मम्मी ने कहा ठीक है बेटा सो जाओ. मै उपर जाकर लेट तो गया लेकिन काफी देर बिस्तर पर करवटे बदलने के बाद भी मुझे नीन्द नही आइ. दर्द भी ज्यादा हो गया था, तो मैने सोचा कोई गोली ली जाए.

मै नीचे जाने लगा तभी मुझे सीढियोपर मम्मी की आवाज आई

"रामू यह क्या बद्तमीजी है"

रामू बोला "मालकिन, ये बद्तमीजी नही बल्कि प्यार है, और मै जानता हू आप भी प्यार की भूखी हो."

मम्मी बोली "अभी जाओ अपने रूम मे मेरा बेटा उपर है..."

इसके पहले मम्मी कुछ और कहती उसकी आवाज जैसे गले मे फस गयी हो, मै थोडा सा आगे हुआ तो देख कि रामू ने मम्मी को अपने बाहो मे लिया हुआ है और जबरदस्ती किस कर रहा है. मम्मी ने पहले तो कोशिश की खुद को छुडाने की लेकिन बाद मे उसकी कोशिश कम होती गै. अब रामू मम्मी के होठ चूस रह था और गान्ड पर हाथ फेर रह था. मम्मी भी उसका साथ दे रही थी. कुछ देर बाद मम्मी बोली

"अब तुम जाओ, कही सुमित ना जाग जाए"

लेकिन रामू मम्मी को छोडने को तैयार नही था, वो कभी मम्मी के बूब्स दबाता और कभी गान्ड. बडी मुश्किल से मम्मी ने उसको जुदा किया इस वादे पर कि वो रात को उसे अपने बेडरूम मे बुलायेगी.

अब मुझे मम्मी का रात का प्रोग्राम पता चल गया, और मुझे भी देखना था मम्मी के साथ रामू क्या गुल खिलाता है. तो मैने प्लान को थोडा और बढावा देने की सोचा. शाम को जब रामू ने चाय-नास्ता परोसा तो मैने मम्मी को बताया कि मै अपने दोस्त के साथ उसके घर पर पढाई करने जानेवाला हू और रात को वही पर ठहरने वाला हू. ये बात सुनकर दोनोके चेहरेपर खुशी छा गई लेकिन मेरे सामने उन दोनो ने कुछ नही कहा.

लेकिन मम्मी ने रामू की ओर हसकर इशारा किया जो मैने देख लिया. फिर एक बार तसल्ली करने के लिए उसने मुझे पूछा

"सुमित पक्का तुम रात वहा गुजारोगे? खाने खा कर जाओगे ना? " तो मैने हा कह दिया. रात का खाना खा कर मै तैय्यार हुआ और बाहर निकल गया. थोडी देर तक बाहर टहलने के बाद मै सीधा घर के पीछे के रास्तेसे घर मे घुस गया और घर के छत पर चढ गया और रोशनदान से घर के अन्दर झान्कने लगा. अन्दर का नजारा साफ दिखाई दे रहा था. मैने देखा कि मम्मी ने एक साधारणसी साडी पहनी थी और पल्लु पूरी तरहसे लपेट लिया था, लेकिन जब वो चलने लगी तो मै हक्क बक्का रह गया कि उसने अन्दर ब्लाउझ पहनाही नही था. वो एकदम टिपिकल बन्गाली औरत के भेस मे थी, उसके बडे बडे गदराए मम्मे हिल रहे थे. उसने एक बार पल्लु ठीक करनेके लिए उसे बाजूमे किया तो मेरी आन्खे फटी की फटी रह गई, उसने अन्दर ब्रा भी नही पहनी थी. उसके बडे वक्ष और उसपर भूरे कलर के गोल और उसपर सख्त हुए निप्पल.....कसम से, बहुत ही सेक्सी नजारा था.

तभी दरवाजेपर किसीने दस्तक दे दी तो मम्मीने जाकर दरवाजा थोडाही खोला. बाहर रामू को देखकर उसने मुस्कुराकर उसे अन्दर ले लिया. रामूने भी शायद मम्मी को इस अन्दाज मे नही देखा था. बगैर ब्लाउझ और ब्रा की उसकी चुची देखकर रामू का लन्ड खडा होने लगा. मम्मी ने उसे एक सेक्सीसा स्माईल दिया और बेडरूम की ओर चल पडी. रामू उसकी तरफ देखता ही रह गया, उसे यकीन नेही हो रहा था कि उसकी सेक्सी मालकिन, जिसे पाने का वो सपना देखता था, जिसका बदन याद करके वो मूठ मारता था, आज वो औरत उसके सामने बिना ब्लाउझ और ब्रा पहने आई है. मम्मी जब बेडरूम की ओर मुडी तो मैने देखा कि उसकी गोरी पीठ पूरी तरहसे नन्गी थी, सिवा कन्धेपर जहापर साडी का पल्लु टिका हुआ था. वो जैसे चलने लगी तो उसकी गान्ड एक नशीली लय मे हिलने लगी. उसके नितम्बोका उभार साडी से साफ दिखाई दे रहा था, शायद उसने पॅन्टी भी नही पहनी थी. उसके गोरे पैर साडी के नीचेसे दिखाई दे रहे थे. रामू ने अपना हाथ अपने लन्ड पर ले जाकर सहलाया. उसके नसीब मे इतनी खूबसूरत औरत होगी इसका मुझे तो क्या उसे भी अन्दाजा नही होगा.अब ज्यादा समय गवाना उसने उचित नही समझा, हाथ आए मौके को वो छोडना नही चाहता था, उसने झट्से दरवाजा बन्द कर लिया और मम्मी को पीछे से जाकर पकड लिया और उसकी गोरी बाहो को और कन्धो को चूमने चाटने लगा. फिर उसने मम्मी से कहा,

"हाय मेरी जान, अपना खूबसूरत जिस्म तो दिखाओ........"

मम्मी तो जैसे तैयार बैठी थी, उसने तुरन्त साडी निकाल दी. मेरी अन्दाजा गलत था, उसने अन्दर एक बहुत ही छोटीसी काली पॅन्टी पहनी थी जो उसके गोरे बदन पर सेक्सी लग रही थी. उसके बडे मम्मे अब खुलकर सामने आ गए, उसके निप्पल भी काफी बडे थे. मम्मी के जिस्म का ये नजारा देखकर रामू जैसे पागल हो गया और उसने मम्मी को बेड पर गिरा दिया और उस पर लेट कर पागलो की तरह उसके बूब्स चूसने लगा. मम्मी के वक्ष इतने बडे थे की उसके हाथ मे नही आ रहे थे. किसी छोटे बच्चे की तरह रामू मम्मी के मम्मे चूस रहा था और दूसरे हाथ से दुसरे वक्ष को मसल रहा था. कभी वो निप्पल्स को चबाता था, तो कभी दोनो वक्षोको बीच मे खीन्च कर उन्हे एक साथ मुह मे लेने की कोशिश करता था. फिर उसने मम्मी के पेट को चाटते हुए उसकी कमर तक गया और उसकी टान्गो के बीच बैठ कर बोला

"चलो मेरी जान, अब अपनी पॅन्टी उतारो" मम्मी ने शरमसे अपना मुह ढक लिया. रामू बोला

"अरे मेरी रानी, ऐसे शरमाओगी तो मजा कैसे लोगी, चलो जल्दी उतारो" मम्मी ने कहा

"हट बेशरम, मै नही ........तुमही उतारो" फिर रामू ने मम्मी की पॅन्टी उतार दी और मेरी दूसरा अन्दाजा गलत निकला. हालान्कि मम्मी अपनी बगल साफ रखती थी लेकिन उसकी चूत पर लम्बे घने काले बाल थे.

रामू मम्मी की फुद्दी देख कर बोला,

"मेरी जान, तुम शेव्ह नही करती?"

मम्मी अपनी चूत पर हाथ फेर कर बोली,

"किस के लिये शेव्ह करू, सुमित के पापा साल मे १५ दिनो के लिये आते है और तो और, उनका खडा करने मे आधा टाईम जाता है, फिर २-४ धक्कोमेही उनका दम निकल जाता है और खलास हो जाते है."

ये सुन कर रामू बोला

"जानता हू रानी..." उसकी बात बीच मे काटकर मम्मी बोली

"तुम क्या जानते हो" तो रामू हसते हुए बोला

" अरे मेरी जान मै तो हमेशा आपके बेडरूम मे झान्का करता था, मै जानता हू साब क्या करते थे और क्या नही"

मै सुनकर दन्ग रह गया, ये हरामी रामू कई दिनोसे मम्मीपर नजर रखे हुए था, मतलब उसका प्लान पक्का था. मम्मी भी ये बात सुनकर चौन्क गई

"क्या कहते हो......इसका मतलब तुमने हमारी वो बाते सुन ली........."

रामू बोला" हा मालकिन, मै जान गया था कि आप जैसी औरत के लिये साब जैसा कमजोर लन्ड नही मेरे जैसा मर्द चाहिये."

फिर रामू मम्मी की चूत पर हाथ फेरने लगा और मम्मी के मुह से सेक्सी सिसकारिया निकलने लगी. वो भी रामू को टान्गो मे दबा रही थी. रामू ने उसकी पॅन्टी पूरी तरहसे निकाल दी और बाजूमे फेन्क दी. उसने मम्मी को बिस्तर के किनारे खीन्च लिया और खुद घुटनोके बल फर्श पर बैठ गया. वो ऐसा क्यू कर रहा है इसका मुझे और मम्मीको भी अन्दाजा नही था. इसके पहले कि हम कुछ समझ सके, उसने मम्मी की टान्गे चौडी कर दी और उसकी फूली हुई फुद्दी चाटने लगा, मम्मी ने शायद ओरल सेक्स कभी अनुभव नही किया था, उसके मुह से एक जोर की सिसकारी निकली और वो रामू का सिर पकड कर अपनी चूत पर दबाने लगी, मम्मी की हालत देखने वाली थी, कभी वो अपनी गान्ड उपर कर के रामू का मुह और ज्यादा फुद्दी पर रगडने की कोशिश करती और कभी अपने बडे बडे मम्मो को दबाती. रामू मन लगाकर मम्मी की चूत चाट रहा था और उसके भरपूर नितम्बोको मसल रहा था, कभी वो हाथ उपर ला कर मम्मी के बडे बूब्स मसल देता. कुछ देर चाटने के बाद रामू ने अपनी कमीज उतारी तो मम्मी बोली

"चलो अब जल्दी से अपना लम्बा और मोटा केला दिखाओ, देखू तो तेरे पास क्या है"

रामू बेड की साईड पर खडा हुआ और बोला

"लो मेरी जान तुम ही ये काम कर लो"

मम्मी हसते हुए बोली" हा मेरे राजा, क्यू नही" और फिर मम्मी ने रामू की धोती को खोला और उसकी अन्डरवेअर नीचे कर दी. मेरे तो जैसे होश उड गए और यही हाल मम्मी का था, वो भी सहम गई. रामू का लन्ड पूरी तरह से खडा थ, वो काले कलर का मोटा रॉड जैसा था, लगभग ९ इन्च का होगा. मम्मी ने अपने होठोपर जीभ फेरकर दरते हुए उस काले नाग को अपनी हाथो मे ले लिया. मम्मी की नाजुक गोरी उन्गलियोमे तो रामू का लन्ड और मोटा लग रहा था. मम्मीने धीमी और सहमी आवाज मे कहा

"रामू तेरा ये हथियार तो काफी मोटा और लम्बा है, सुमित के बाबा का तो इसके आधे साईझ का भी नही है...... तेरी होने वाली बीवी बहुत सुखी होगी"

रामू हसकर बोला" अरे मालकिन, मेरी बीवी आएगी तब आएगी, आज तो मेरी बीवी आप हो, आओ देखो मेरे लन्ड को देखो....घबराओ नही"

मम्मी बिस्तर के साईड पर बैठ गई और उसका लन्ड हाथमे लेकर उसे सहलाने लगी. फिर उसने रामू की तरफ एक शरारती स्माईल दिया और अचानक उसके लन्ड को मुह मे ले लिया. रामू खुशी से पागल हो गया और उसने मम्मी के सिर को पकड कर अपना पूरा लन्ड उसके मुह मे ठूसने की कोशिश करने लगा. मम्मी भी किसी कसी हुई वेश्या की तरह रामू को ब्लो-जॉब दे रही थी, उसका मुह पूरा खुला हुआ था फिर भी लन्द पूर अन्दर नही गया था. मम्मी को सास लेना मुश्किल हो रहा था, और रामू उसकी परवाह किए बिना पूरा लन्ड मम्मी की मुह मे घुसाना चाहता था. थोडी देर लन्ड चुसवाने के बाद रामू ने मम्मी से कहा

"मालकिन अब लेट जाओ" मम्मी ने तुरन्त उसकी बात मान ली मानो वो उसकी गुलाम बन गई थी. रामू मम्मी की टान्गे खोल के बीच मे बैठ गया और लन्ड को मम्मी की बालो से भरी फुद्दी पर फेरने लगा.

मम्मी बोली" रामू, ये तुम्हारा हथियार बहुत बडा है मेरी चूत फाड देगा"

रामू हसते हुए बोला" अरे नही मेरी जान, तू तो ऐसे डर रही है जैसे तू अभी भी कुवारी है"

मम्मी ने उसके चौडे सीने पर हाथ रखकर बोली" कुवारी नही हू मेरे राजा लेकिन मै बहुत अर्से से तुम्हारे जैसे किसी तगडे मर्द से चुदवाया नही इस लिये थोडा डर लग रहा है, पता नही मेरी चूत तुम्हारा ये बडा लम्बा लन्ड झेल पाएगी या नही"

मै मम्मी की बाते सुन कर हैरान रह गया, वो कैसे आराम से किसी बाजारू औरत जैसी बाते कर रही थी और बिलकुल किसी पेशेवर रन्डी की तरह रामू से बात कर रही थी.

रामू बोला" हा वैसे छोटे लन्ड से चुदी हो तो क्या होता, असली लन्ड तो इसको कहते है"

मम्मी हसते हुए बोली" हा ये भी सच है, और आजकल तो उनका खडा भी नही होता" ये सुन कर रामू जोरसे हसकर बोला" तभी तो तुम ऐसे रन्डी की तरह चुदवाती हो"

मै गुस्सेसे लाल हो गया, एक मामुली सा नौकर मेरी मम्मी को गाली दे रहा था उसे रन्डी बोल रहा था और सबसे हैरत की बात ये थी कि मम्मी भी उसकी बातो का बिलकुल बुरा नही मान रही थी बल्कि हसके मेरे पापा की बदनामी मे साथ दे रही थी. वो बोली

"तो औरत की कोई भूख नही होती है क्या ? मै कब तक अपने मन को चुप करू? मुझे भी जिस्मानी प्यास है और अगर वो मेरी पति नही बुझाता तो मै दूसरे का सहारा जरूर लून्गी"

रामू हसकर बोला" हा तेरे जैसी गरम रन्डी तो बगैर लन्ड के कैसे रह सकती है" और आगे बोला" मुझे तो शक है ये सुमित कही हराम का तो नही" सच बताता हू मुझे इतना गुस्सा आया था कि जाकर साले का मुह तोड दू. लेकिन मेरी मम्मी जिस प्रकार से उसका साथ दे रही थी मै जान गया कि इसका कोई फायदा नही है. मम्मी तो बेशरम होकर रामूसे चुदवा रही थी और वो कमीना हसी मजाक मे मम्मी को पूछ रहा था"क्यू रानी, बताओ सुमित किसका पाप है"

मम्मी बोली" हट नालायक, किसी का नही, इतनी भी गिरी हुई नही हू मै, सुमित हमारा ही बेटा है"

रामू थोडा गुस्सेसे बोला" चल अब ज्यादा बाते मत कर, मुझे चुदाई करने दे" वो तो मम्मीसे ऐसे बात कर रहा था कि मानो वो उसकी रखैल है. उसने उन्गलियोसे मम्मी की फुद्दी खोली और अपना लन्ड उस पर फिट किया, मम्मी के दोनो पैर हवा मे थे और चूत पूरी खुल चुकी थी. रामू ने लन्ड एक बार सेट किया और जैसे ही एक कसकर धक्का मारा तो सिर्फ लन्ड का टोपा ही अन्दर गया और मम्मी की चीख निकल गई और उसने अपना हाथ नीचे लाकर रामू का लन्ड निकालने की कोशिश की. लेकिन रामू ने मम्मी के हाथ अपने एकही मजबूत हाथ मे पकडकर उसके सिर के उपर कर दिये. दूसरे हाथ से वो मम्मी के बूब्स को बुरी तरहसे मसलने लगा. मम्मी के मुह से ‘आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.......स्स्स्स्स्स.....हाय......’ जैसे मादक आवाजे निकल रही थी. बहुत ही सेक्सी नजारा था, मेरी गोरी खूबसूरत मम्मी अपने दोनो हाथ सिर के पास लेकर पडी थी, उसकी क्लीन शेव्ह्ड बगल बहुत सेक्सी लग रही थी, उसके बूब्स उसके हिलने से थिरक रहे थे. रामू ने अपने हाथोसे उसके गोरे गोरे बूब्स को मसल कर लाल कर दिया. मम्मी को दर्द हो रहा होगा, वो चीख रही थी

"हाय मै मर गई, मेरी चूत फाड रहे हो क्या रे हरामी............उफ्फ.......तुम आदमी हो के घोडा.............आआआआआ............ये आदमी का लन्ड तो नही लगता...............कितना मोटा है रे ये.........."

रामू हसते हुए बोला" मै नही तू हरामजादी है जो एक गैर मर्द से चुदवा रही है" फिर झुककर उसने मम्मी का एक वक्ष पकड लिया और उसे दबाने लगा. मम्मी और भी चीखने लगी तो उसने नीचे झुककर मम्मीके होठोपर अपने होठ रख दिये. वो मम्मी को ऐसे किस कर रहा था जैसे उसके होठ चबा कर खा जाएगा. मम्मी की सास अटक रही थी और वो छूटने का प्रयास कर रही थी लेकिन रामू ने उसे ऐसे कसके पकडा था कि उसे छूटने का मौका ही नही मिल रहा था. बडा ही मादक नजारा था, मेरी गोरी खूबसूरत और गदराए बदन वाली मम्मी को वो काला जवान ऐसे चिपक गया था मानो कोई नाग डस रहा हो. मुझे ये देखकर बहुत एक्साईटमेन्ट हो रही थी और मै मन ही मन चाहने लगा कि रामू और जोरसे मम्मी को चोदे.

रामू ने फिर एक और धक्का मारा और उसका लन्ड लगभग पूरा अन्दर दाखिल हुआ. मम्मी के होठ उसने अपने होठोसे बन्द किए थे तो वो बेचारी चिल्ला भी नही सकती थी, लेकिन उसकी जोरदार चुदाई से शायद मम्मी को भी अब मजा आने लगा था. मम्मी बुरी तरह से कान्प रही थी और लन्ड उसकी फुद्दी मे फसा हुआ था. अभी भी आधा लन्ड बाहर था, अब रामू ने आराम से धक्के मारने शुरु किये, जिस से मम्मी को भी मजा आने लगा और वो गान्ड उपर उठा उठा कर रामू का साथ देने लगी. उसके मुह से अजीब अजीब आवाजे निकल रही थी..........ह्म्म्म्म, आआहाअ आहाआआआ......हाय मेरी मा.......बस्स और न डालो, मै मर जाऊन्गी......आआआआह्ह्ह्ह....." लेकिन रामू मजे ले लेकर उसे चोद रहा था. बीच मे मजाक भी कर रहा था. वो हसते हुए बोला

"अच्छा ये बता सुहाग रात मे चुदवाते हुए भी इतना ही दर्द हुआ था क्या"

मम्मी कराहती हुई बोली" आआआआ......नही रे, उनका लन्ड छोटा है........ह्म्म्म्म्म्म्म.....तुमे तो मस्त चोद रहे हो......क्यू उनके बारे मे पूछ कर मूड खराब कर रहे हो.....आआआआ.......चोदो और जोर से...." मम्मी अपनी आखे बन्द कर के बडबडा रही थी और रामू से चुदवा रही थी. फिर रामू ने एक जोर का झटका मारा और लन्ड पूरा अन्दर चला गया. मम्मी दर्द के मारे चिल्लाने लगी" उई मा........मर गई मै......धीरे से मेरे शेर............" रामू मजेसे मम्मी को चोद रहा था

""हाय मेरी जान, क्या टाईट फुद्दी है तुम्हारी, लगता है ज्यादा चुदी नही हो, मेरा नसीब अच्छा है कि तेरे जैसे मस्त चूत मिली....ले और ले.....ले मेरा लन्ड......." रामू पूरा लन्ड अन्दर दाल कर रुक गया, शायद वो मम्मी की इस हालत को एन्जॉय कर रहा था. उस ने मम्मी के अन्डर आर्म्स पर हाथ फेरा, मम्मी ने शायद कुछ दिन पहले ही शेव्ह किया था, इसलिये वहा पर थोडे थोडे बाल निकल आये थय, वो मम्मी की कोमल अन्डर आर्म्स को पागलो की तरह चाटने लगा. मम्मी को गुदगुदी हो रही थे और वो हसने लगी, मैने देखा मम्मी की फुद्दी पूरी तरह से खुल गई थी. शायद रामू की चुदाई की वजहसे फट गई हो. फिर रामू ने मम्मीका एक जोरदार किस लिया और पूछा,

"रानी दर्द कुछ कम हुआ क्या"

मम्मी ने आपनी आन्खे खोली नही, वो अपने दात अपने होठोपर गडाकर दर्द बर्दाश्त कर रही थी, वो बोली

"नही रे.......बहुत दर्द है मेरे राजा........." लेकिन उसने अपने हाथोसे रामू को कसके पकड रखा था, मम्मीके मुह से सिसकिया निकल रही थी.....‘आअह्ह्ह्ह आहाअह, ह्ह्म्म्म आआह्ह्हाआ...........’ ऐसी आवाजोसे पता चल रहा था कि मम्मी को शायद अब मजा आने लगा था, उसने अपने पैर रामू की कमर के गिर्द टाईट कर लिए थे और बीच बीचे मे उसे प्यारसे किस कर रही थी. रामू ने फिर से एक जोर का धक्का मरा और मम्मी की चीखे और जोर की होने लगी. रामू का लन्ड पहले धीरे धीरे अन्दर बाहर हो रहा था. लेकिन उसने स्पीड बढा दी. अब रामू जोर से अपनी कमर हिलाकर बडी तेजीसे मम्मी की फुद्दी मे लन्ड अन्दर बाहर करने लगा, कभी वो उसके बूब्स चूसता तो कभी उसके होठोपे या गालोपर किस करता था, पूरे कमरे मे ‘फच्च....फच्च......फच्च.......’ की आवाज गून्ज रही थी. मम्मीकी चूतसे अन्दर बाहर करता हुआ रामू का काला लन्ड बहुत ही भयानक लग रहा था, वो पूरी तरह मम्मी की चूत की रस से गीला हुआ था, उसके धक्कोकी रफ्तार देखते ही बनती थी.

तभी मम्मी चीखकर बोली "आहाआह रामू.......... मै...... आह..... आह....गए.......आआआआआअह्ह................ओ मेरी मा......." और मम्मी झड गई, उसकी चूतसे पानी निकलकर रामू के लन्ड और उसकी जान्घपे आ गया. ये देखकर रामू को और जोश आया और उसने और जोर जोर से चोदना शुरु कर दिया. बीच मे चुदाई रोककर प्यार से मम्मी के होठ चूस कर बोला

"बस इतनी ही देर मे तू झड गई, मै तो तुझे रात भर रन्डी की तरह चोदनेवाला हू"

मम्मी निढाल हो कर पडी थी, उसने भी प्यारसे रामू का किस लिया और बोली" हा मेरे राजा, आजसे मै तेरी रन्डी हू, मुझे खूब चोदना, रात भर चोदना.....तेरा ये मस्त लन्ड मुझे कितना मजा दे रहा है तुम नही जानते..........लगता है आज सही तरह सुहागन बनी हू"

मम्मी अब पूरी तरहसे रामू के वश मे हो गई थी. मम्मी की ऐसी बाते सुनकर रामू को जोश आया और उसने फिरसे जोरदार धक्के लगाने शुरु किए, मम्मी चीख चिल्ला रही थी लिएकिन उसने बिलकुल ध्यान नही दिया और बडी तेजीसे मम्मी को चोदता रहा. और जब उसकी खलास होने की बारी आई तो किसी जानवर की भान्ति गुर्राता हुआ वो झड गया. उसके ढेर सारे वीर्य से उसने मम्मी की बुर को लबालब भर दिया. उन दोनो की यह चुदाई देखकर मै भी झड गय.

कुछ देर मम्मी और रामू वैसे ही लेटे रहे. फिर रामू उठा और उसने अपना लन्ड धीरे से मम्मी की बुर मे से बाहर निकाला. जैसे ही उसके लन्ड का टोपा निकला बहुत सारा रस मम्मी की फुद्दी मे से बाहर निकल कर उसकी बडी गान्ड और मोटी जान्घोपर बहने लगा. मम्मी की फुद्दी पूरी खुली हुई थी. रामू ने अपना लन्ड पकड कर मम्मी के मुह के पास लाया और बोला

"ले रन्डी अब इस को चूस कर साफ कर" रामू का लन्ड छोटा हो कर ४/५ इन्च का हो गया था. मै हैरत से देखता रहा कि मम्मी ने मुस्कुरा कर रामू के लन्ड को पकडाअ और उस गन्दे लन्ड को चूसने लगी और उसे मजा भी आ रहा था

"ओह रामू ये तो बहुत नमकीन है" और किसी आईसक्रीम की तरह रामू का लन्ड चूस रही थी.

रामू ने पूछा" तूने कभी लन्ड चूसा है"

मम्मी बोली" नही आज से पहले कभी लन्ड नही चूसा था" और उसने अच्छी तरहसे रामू का लन्ड साफ करके चाट लिया. फिर वो दोनो आपसमे बाते करते बिस्तर पर लेट गए.

ऐसीही कई राते रामूने मम्मी की खूब चुदाई की और मै हर बार चुपकेसे देखकर उसका मजा लेता था.

The End
 
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