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यह कहानी मेरी ओर मेरी बहन के बीच की है. मेरी बहन मुझसे सवा साल छोटी है. वैसे तो ये कहानी बहुत पहले से ही शुरू हो चुकी थी जब मम्मी और पापा की चुदाई देख कर मेरा चुदाई करने का मन होने लगता था. उसी वजह से मैं वो सब अपनी बहन पर आजमाता था जैसे कि मैं उसकी गांड में उंगली कर देता था या कभी उसकी चुचियों को दबा देता था … वगैरह वगैरह.
बाद में जब मैं 20 साल का हुआ, तब एक रात को मैंने देखा कि मेरे पापा मम्मी की गांड मार रहे थे और मम्मी ‘आह्ह … ओह … उचए … उम्मम … ओहह …’ कर रही थीं. उस दिन मेरा मन खराब हो गया. उस वक्त रोज की तरह मेरे साथ मेरी छोटी बहन बगल में ही सो रही थी.
मैंने उसे देखा, वो सलवार कमीज़ में थी और मेरी तरफ गांड करके सोई हुई थी. जब मैंने उसकी गांड देखी, तब मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसकी गांड पर अपना हाथ रख दिया. वो कुछ न बोली. शायद वो गहरी नींद में सो रही थी. इससे मेरी हिम्मत और बढ़ गई और मैंने उसके करीब जाकर उसकी गांड को अपने लंड के साथ टच कर दिया व एक हाथ उसके मम्मों पर रख दिया.
इतने में ही उसने करवट ली. मैं डर के मारे पीछे को हो गया और सोने का नाटक करने लगा.
कुछ देर बाद कोई हलचल न होने के बाद मैंने फिर से अपना लौड़ा उसके पीछे चिपका दिया. अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था, इसलिए मैंने बहन की सलवार का नाड़ा खोलने के लिए हाथ बढ़ाया और नाड़ा मिलते ही खोल दिया. फिर उसकी सलवार को नीचे कर दिया. उसने लाल रंग की पैन्टी पहनी थी. उसकी बड़ी गांड देख कर मेरा लंड तन कर पूरा 7″ का हो चुका था.
फिर मैंने उसको सीधा लिटा दिया और उसकी पैन्टी भी नीचे को कर दी. अब मैंने उसकी चूत को देखा और देखता ही रह गया. मेरी बहन की चूत एकदम गोरी चूत थी. उसकी चूत पर अभी कुछ बाल निकलने ही शुरू हुए थे. उसकी चूत की झांटें छोटे छोटे ब्राउन से रेशमी बाल जैसे थे. फिर मैंने उसकी चूत के पास होकर चूत की एक चुम्मी ली और चूत चूसने लगा. तभी उसने करवट ली, जिससे मैं डर गया और उसके कपड़े ठीक कर दिए.
फिर मैंने बाथरूम में जा कर मुठ मार कर खुद को शांत किया और सो गया.
अगले दिन सुबह जब मैं उठा, तो मेरी बहन कुछ काम कर रही थी और मम्मी नाश्ता बना रही थीं. मुझे उठा हुआ देखकर बहन ने गुड मॉर्निंग कहा और कहा कि मम्मी ने चाय बना दी है, आप पी लो.
मैं चाय पीते हुए अपनी बहन की गांड देख रहा था. थोड़ी देर बाद वो कमरे में झाड़ू लगाने आई. वो झुक कर झाड़ू लगा रही, जिससे उसके गहरे गले वाले कुरते में से उसके हिलते हुए मम्मे दिख रहे थे. मैं अपना लंड सहलाता हुआ उसके बड़े बड़े मम्मों को देख रहा था.
उसने मुझे लंड सहलाते हुए देखा तो शायद वो ये जान चुकी थी कि मैं क्या घूर रहा हूं. इसलिए उसने पूछा- क्या देख रहे हो भैया?
मैं हड़बड़ा कर बोला- कुछ नहीं … बस ऐसे ही ये ये … कुछ नहीं!
बस ये बोल कर मैं वहां से चला गया.
फिर जब रात को जब मैं घर आया, तो उस वक्त करीब रात के 11:30 बज गए थे. पापा के रूम में से ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ की आवाज आ रही थी. मैंने की-होल में से झाँक कर देखा तो मेरी मम्मी, पापा के ऊपर चढ़ी हुई थीं और पापा नीचे से लंड पेल रहे थे. मम्मी उछल उछल कर चुदवा रही थीं. मैं उनकी चुदाई देख कर गर्म हो गया और अपना लंड सहलाने लगा. कुछ देर में ही वो दोनों झड़ गए और मम्मी यूं ही निढाल होकर पापा के ऊपर गिर गईं.
बाद में पापा ने कहा कि आज मैं तुम्हें डॉगी स्टाइल में चोदूंगा. मम्मी ‘जी हुजूर …’ कहते हुए डॉगी के पोज में खड़ी हो गईं.
वैसे मैं आप सभी को बता दूं कि मेरी मम्मी की उम्र इस वक्त अभी 51 साल की होंगी और उनका फिगर 38-36-42 का होगा. वे एकदम सफेद दूध जैसी हैं.
उनकी चुदाई देखने के बाद मैं अपने कमरे में पहुंचा. मेरी बहन सो चुकी थी. मैंने दरवाजा बंद किया और मेरी बहन की गांड के ऊपर एक हाथ रख कर सहलाने लगा. बाद में मैंने उसकी सलवार नीचे कर दी और उसकी येलो कलर की पैन्टी भी सरका दी. फिर मैंने उसको सीधा करके एक उंगली उसकी चूत में डाल दी, वो एकदम से जाग गई.
मैंने उसके मुँह पे हाथ रख दिया ताकि वो चिल्ला न सके. मैंने उससे कहा कि मेरी बात सुनो, प्लीज चिल्लाना मत … पहले मेरी पूरी बात सुन लो.
उसने हां में जवाब देते हुए सिर हिलाया तो मैंने अपना हाथ हटा दिया.
मैं चुप रहा तो वो समझ गई कि मैंने सिर्फ उसको न चिल्लाने के लिए यूं ही कहा था कि मेरी बात सुन लो.
उसने अपने कपड़े ठीक से पहने और मुझसे बोली कि तुम्हें शर्म नहीं आती अपनी बहन के साथ ऐसा करते हुए?
मैंने कहा- सॉरी मुझे माफ़ कर दो … अब से ऐसा कुछ नहीं होगा सॉरी.
उसने ओके कहा और वो सोने लगी. लेकिन मैं कहां मानने वाला था. मैं उसके साथ सट कर सोने लगा. मैंने उसे अपने से चिपका कर कर सोने लगा. वो मुझे खुद से दूर करने लगी.
उसने कहा- तुम ये क्या कर रहे हो?
बाद में जब मैं 20 साल का हुआ, तब एक रात को मैंने देखा कि मेरे पापा मम्मी की गांड मार रहे थे और मम्मी ‘आह्ह … ओह … उचए … उम्मम … ओहह …’ कर रही थीं. उस दिन मेरा मन खराब हो गया. उस वक्त रोज की तरह मेरे साथ मेरी छोटी बहन बगल में ही सो रही थी.
मैंने उसे देखा, वो सलवार कमीज़ में थी और मेरी तरफ गांड करके सोई हुई थी. जब मैंने उसकी गांड देखी, तब मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसकी गांड पर अपना हाथ रख दिया. वो कुछ न बोली. शायद वो गहरी नींद में सो रही थी. इससे मेरी हिम्मत और बढ़ गई और मैंने उसके करीब जाकर उसकी गांड को अपने लंड के साथ टच कर दिया व एक हाथ उसके मम्मों पर रख दिया.
इतने में ही उसने करवट ली. मैं डर के मारे पीछे को हो गया और सोने का नाटक करने लगा.
कुछ देर बाद कोई हलचल न होने के बाद मैंने फिर से अपना लौड़ा उसके पीछे चिपका दिया. अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था, इसलिए मैंने बहन की सलवार का नाड़ा खोलने के लिए हाथ बढ़ाया और नाड़ा मिलते ही खोल दिया. फिर उसकी सलवार को नीचे कर दिया. उसने लाल रंग की पैन्टी पहनी थी. उसकी बड़ी गांड देख कर मेरा लंड तन कर पूरा 7″ का हो चुका था.
फिर मैंने उसको सीधा लिटा दिया और उसकी पैन्टी भी नीचे को कर दी. अब मैंने उसकी चूत को देखा और देखता ही रह गया. मेरी बहन की चूत एकदम गोरी चूत थी. उसकी चूत पर अभी कुछ बाल निकलने ही शुरू हुए थे. उसकी चूत की झांटें छोटे छोटे ब्राउन से रेशमी बाल जैसे थे. फिर मैंने उसकी चूत के पास होकर चूत की एक चुम्मी ली और चूत चूसने लगा. तभी उसने करवट ली, जिससे मैं डर गया और उसके कपड़े ठीक कर दिए.
फिर मैंने बाथरूम में जा कर मुठ मार कर खुद को शांत किया और सो गया.
अगले दिन सुबह जब मैं उठा, तो मेरी बहन कुछ काम कर रही थी और मम्मी नाश्ता बना रही थीं. मुझे उठा हुआ देखकर बहन ने गुड मॉर्निंग कहा और कहा कि मम्मी ने चाय बना दी है, आप पी लो.
मैं चाय पीते हुए अपनी बहन की गांड देख रहा था. थोड़ी देर बाद वो कमरे में झाड़ू लगाने आई. वो झुक कर झाड़ू लगा रही, जिससे उसके गहरे गले वाले कुरते में से उसके हिलते हुए मम्मे दिख रहे थे. मैं अपना लंड सहलाता हुआ उसके बड़े बड़े मम्मों को देख रहा था.
उसने मुझे लंड सहलाते हुए देखा तो शायद वो ये जान चुकी थी कि मैं क्या घूर रहा हूं. इसलिए उसने पूछा- क्या देख रहे हो भैया?
मैं हड़बड़ा कर बोला- कुछ नहीं … बस ऐसे ही ये ये … कुछ नहीं!
बस ये बोल कर मैं वहां से चला गया.
फिर जब रात को जब मैं घर आया, तो उस वक्त करीब रात के 11:30 बज गए थे. पापा के रूम में से ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ की आवाज आ रही थी. मैंने की-होल में से झाँक कर देखा तो मेरी मम्मी, पापा के ऊपर चढ़ी हुई थीं और पापा नीचे से लंड पेल रहे थे. मम्मी उछल उछल कर चुदवा रही थीं. मैं उनकी चुदाई देख कर गर्म हो गया और अपना लंड सहलाने लगा. कुछ देर में ही वो दोनों झड़ गए और मम्मी यूं ही निढाल होकर पापा के ऊपर गिर गईं.
बाद में पापा ने कहा कि आज मैं तुम्हें डॉगी स्टाइल में चोदूंगा. मम्मी ‘जी हुजूर …’ कहते हुए डॉगी के पोज में खड़ी हो गईं.
वैसे मैं आप सभी को बता दूं कि मेरी मम्मी की उम्र इस वक्त अभी 51 साल की होंगी और उनका फिगर 38-36-42 का होगा. वे एकदम सफेद दूध जैसी हैं.
उनकी चुदाई देखने के बाद मैं अपने कमरे में पहुंचा. मेरी बहन सो चुकी थी. मैंने दरवाजा बंद किया और मेरी बहन की गांड के ऊपर एक हाथ रख कर सहलाने लगा. बाद में मैंने उसकी सलवार नीचे कर दी और उसकी येलो कलर की पैन्टी भी सरका दी. फिर मैंने उसको सीधा करके एक उंगली उसकी चूत में डाल दी, वो एकदम से जाग गई.
मैंने उसके मुँह पे हाथ रख दिया ताकि वो चिल्ला न सके. मैंने उससे कहा कि मेरी बात सुनो, प्लीज चिल्लाना मत … पहले मेरी पूरी बात सुन लो.
उसने हां में जवाब देते हुए सिर हिलाया तो मैंने अपना हाथ हटा दिया.
मैं चुप रहा तो वो समझ गई कि मैंने सिर्फ उसको न चिल्लाने के लिए यूं ही कहा था कि मेरी बात सुन लो.
उसने अपने कपड़े ठीक से पहने और मुझसे बोली कि तुम्हें शर्म नहीं आती अपनी बहन के साथ ऐसा करते हुए?
मैंने कहा- सॉरी मुझे माफ़ कर दो … अब से ऐसा कुछ नहीं होगा सॉरी.
उसने ओके कहा और वो सोने लगी. लेकिन मैं कहां मानने वाला था. मैं उसके साथ सट कर सोने लगा. मैंने उसे अपने से चिपका कर कर सोने लगा. वो मुझे खुद से दूर करने लगी.
उसने कहा- तुम ये क्या कर रहे हो?