लक्ष्मण दास की निगाह ज्यों ही उस तरफ घूमी, घबराहट में कार पर से कंट्रोल हट गया।
कार संभाल ।” सपन चड्ढा चीखा। परंतु तब तक कार ‘धड़ाम से सड़क के किनारे खड़े पेड़ से जा टकराई थी।
सपन चड्ढा ने किसी तरह खुद को बचाया।
लक्ष्मण दास का माथा स्टेयरिंग से जा टकराया। परंतु रफ्तार कम होने की वजह से बचाव हो गया था।
परंतु वो तीन इंच का इंसान डैशबोर्ड पर मौजूद रहा।
ये...ये क्या है सपन?” क...कहीं अंतरिक्ष जीव त...तो नहीं है?” पागल है क्या...ये...ये।” तभी कार में अजीब-सी महक फैलने लगी। दोनों को लगा जैसे उनके मस्तिष्क सुन्न होने लगे हों।
जो मुझे छू लेता है, वो मेरा गुलाम बन जाता है।” डैशबोर्ड पर खड़े तीन इंच के आदमी के होंठों से आवाज निकली–“तुम दोनों ने मुझे छुआ, अब तुम दोनों मेरे गुलाम हो ।”
क...कौन हो तुम?”
मोमो जिन्न हूँ मैं।”
मोमो जिन्न?”
हां, जथूरा का सेवक मोमो जिन्न। इस दुनिया के लोग मुझे कम ही जानते हैं।”
इ...इस दुनिया...?”
“खामोश रहो। जो मैं कहता हूं सिर्फ वो सुनो। मैं तो कब से | तुम दोनों के इंतजार में उड़ रहा था।”
“उड़ रहा था?”
। “हां, जथूरा ने खबर भिजवाई थी मुझे कि तुम दोनों यहां से निकलोगे और...।”
तेरी तो ।” एकाएक लक्ष्मण दास ने उसे पकड़ने के लिए गुस्से से अपना हाथ आगे बढ़ाया। | इससे पहले कि वो मोमो जिन्न को पकड़ पाता, उसके हाथ को बेहद तीव्र झटका लगा।। | लक्ष्मण दास का पूरा शरीर झनझना उठा।
मोमो जिन्न की हंसी गुंजी वहां।।
दोबारा ऐसी गलती की तो मैं तुम्हारी जान ले लूंगा। अपने गंदे हाथ मुझसे दूर रखो।” मोमो जिन्न ने कहा।