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माँ की अधूरी इच्छा complete

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रमेश: मन जी मन ।

साली मैं तेरा पति और उसका बाप हु ।

उसके कहने पे जीन्स पहन कर घुम रही है

और वो तेरी गाण्ड मसल रहा है।

दोनो गोवा घुम आये साले ने बाप को चूतिया बना दिया और अपने माँ से मिल आई की पापा बिमार है वहाँ फ़ोन किया तो वो ठीक है।

आब तुम दोनों को देखता हु की तुम दोनों की उडान कहा तक है।

क्या छुपा रहे हो तुम। उड़ना तो शुरु करो मैं भी तो देखु तू कितनी बड़ी छिनाल है जो अपने बेटे से चूदती है।

एक बार शुरु तो करो।

अगली सुबह

नहाने के बाद सरला तैयार होती है।

रमेश तुम साडी मत पहनो।

सरला: मतलब।

रमेश: मतलब सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज ।

सरला: पर

रमेश: पर क्या तुम्हे ऐसे देखेगा तभी तो कुछ होगा और सरला रमेश की बात मान कर ऐसे ही बाहर आ जाती है

और थोड़ी देर बाद अरुन भी आ जाता है और सरला को देख कर हैरान रह जाता है की पापा के सामने माँ सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में।

रमेश के समझाने के हिसाब से सरला सब कुछ करती है। जैसे अरुन के सामने झुक कर अपने मम्मे दिखाना

और पेटीकोट के साइड में खुली जगह से अपनी पेंटी दिखाना पर अरुन पर कोई फ़र्क़ नहीं पडता।

सरला भी हैरान थी की अरुन को क्या हुआ इतना सब देखने के बाद तो अरुन मेरी फाड़ देता पर आज कुछ क्यों नहीं कर रहा।

सरला: लगता है पापा के सामने इसकी हिम्मत नहीं कर रही।

रमेश भी सोचता है की आखिर क्या है कही ये उसकी गलत फहमी तो नहीं की इन दोनों में कुछ चल रहा है

सरला उस टाइम नाश्ता सर्व कर रही थी ।तभी अरुन सरला की गाण्ड में ऊँगली कर देता है और सरला चिहुँक जाती है।

जिसे रमेश देख लेता है।

रमेश: मन ही मन वाह। बेटा बाप को चुना लगा रहा है

मौका देख कर गाण्ड मैं ऊँगली कर दी।

और ऑफिस जाते वक़्त

रमेश सरला से।

तूम्हे मेरी कसम मेरे पीछे कुछ मत करना ।

मैने देखा अरुन ने तुम्हारी गाण्ड में ऊँगली डाली।

जरुर उसके मन में कुछ है।

वाकी रात में देखते है।

सरला: ठीक है मैं इंतज़ार करुँगी।

ओर रमेश ऑफिस चला जाता है।

सरला अरुन के रूम में

सरला: वो क्या था।

अरुण: क्या क्या था।

पापा के सामने।

अरुण: अच्छा वो कुछ नहीं आप की गाण्ड में ऊँगली डाल दी थी।

सरला: रमेश के होते हुए।

अरुण: तो डरता हु क्या।

सरला: कुछ करना है।

सरला बाप बेटे के सामने इस हालत की बजह से गरम हो गई थी।

अरून सरला को अपनी बाँहों में उठाता है और डायनिंग टेबल पे ला कर उल्टा कर के लीटा देता है धङ टेबल पे और पैर निचे अधलेटी हुए।

और पीछे से उसका पेटीकोट उठा कर उसकी पेंटी उतार देता है और अपना लंड निकाल कर उसकी गाण्ड में बिना गिला किये पेल देता है।

सरला: आह कमिने मार ड़ाला गिला तो कर लेता।

पर अरुन कुछ नहीं सुनता और सटा सट धक्के मारता रहता है।

सरला: आह मेरे राजा थोड़ा रहम तो कर लिया कर की जान ले कर मानेगा।

पर अरुन को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता और पेलता रहता है

पर उन दोनों को नहीं पता था की कोई तीसरा भी उनकी चुदाई देख रहा है

और वो रमेश था।

 
वो अरुन के द्वारा सरला की इतनी बेरहमी से गाण्ड चुदाई देख कर पागल हो जाता है।

की इतना बड़ा लंड सरला कैसे ले रही है वो भी गाण्ड में उसका तो अरुन से आधा भी नहीं है

और अंदर सरला सिसकती रहती है।

रमेश इसी मोके के इंतज़ार में था पर अब जब अरुन सरला की गाण्ड मार रहा था तो उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी अंदर जाने की वो तो बस अरुन के लंड की लम्बाई में खो गया था।

की सरला इतना बड़ा लंड गाण्ड में कैसे ले रही है।

सरला: आह धीरे कर मार ड़ाला बेरहम ।

आजा मेरे राजा निकल दे और बरदास्त नहीं होता

रमेश का मन करता है की अंदर जा कर अरुन को रोके

की छोड दे सरला को।

पर पता नहीं उसे सरला की सीसकियो में मजा आ रहा था।

चोद साली छिनाल को ऐसे ही

बडी कहती थी की आप के बस का नही।

अब पता चल रहा है न मर्द क्या होता है।

शाबाश चोद इस छिनाल को ऐसे ही। शाबाश कर दे बाप का न रोशन।

और अंदर

अरुन :क्या हुआ रांड फट गई या नहीं की और जोर से पेलुँ।

सरला: आह ओह फट गई आह जल्दी से निकाल दे पानी अपना नहीं तो मर जॉंऊँगी।

अरुण: मरने नहीं दूंगा तुझे ।

तुझे तो तेरे पति के सामने चोदूँगा। तू देखता जा रांड़

और तेरी ननद प्रीति और उसकी बेटी को भी चोदुँगा।

बोल चुदवायेगी ना।

सरला: हाँ चुदवाऊंगी मेरे राजा आ आह ।

तू कहेगा तो उस खानदान की जीतनी औरत है सब को तुझ से चुदवा दुँगी।

और अरुन सरला की गाण्ड में झड जाता है।

बाहर रमेश अरुन के मुह से सुनता है की सरला को वो उसके सामने चोदेगा और सरला उसकी बहिन प्रीति को चुदवाने के लिए बोल रही थी और खानदान की सारी औरतो को भी।

यही सोचते २ रमेश की पेण्ट गिली हो जाती है।

की उसका बेटा उसकी बीवी को उसके सामने चोदने की बात कर रहा है।

रमेश ऑफिस चला जाता है और अरुन भी कॉलेज निकल जाता है।

और सरला लँगड़ाते हुए घर का काम ख़तम करती है

शाम को रमेश के आने के बाद सभी खाना खाते है

और अपने २ रूम में।

रमेश: पीछे कुछ हुआ क्या ।

सरला: नहीं आप नहीं थे इस लिए कुछ नहीं हुआ अरुन कॉलेज चला गया था और अभी आया।

रमेश: तुम लँगड़ा क्यों रही हो ।

सरला: वो कुछ काम ज्यादा है न तो जांघे छिल गई है और चलने में प्रॉब्लम हो रही है।

रमेश: मन ही मन साली रंडी बेटे से गाण्ड मरवा रही थी और बोल रही है जाँघें छिल गई है।

आज तो तुम दोनों को रंगे हाथ पकड़ के रहुंगा।

रमेश: आज तुम अरुन के रूम में सो जाओ।

सरला: पर उससे क्या होगा।

रमेश: तुम सोने तो जाओ।

सरला: ठीक है आप की मर्जी।
 
और सरला अरुन के रूम में।

अरुण: क्या हुआ सरला यहाँ कैसे।

सरला: तुम्हारे पापा ने भेजा है बोल रहे है तुम्हारे पास सोने के लिये।

अरुण: क्यों क्या हुआ।

सरला: पता नही।

अरुण: अच्छा है।

सरला: क्यों

अरुण: दिन में गाण्ड और अब चुत और मुँह ।

सरला: हाँ तुम्हारी तो लोटरी लग गई।

अरुण: चलो चुसो

सरला अरुन के अंडरवियर को उतार देती है

और उसके लंड को चुसने लगती है।

बाहर रमेश अरुन के दरवाजे के की होल से देखते हुए

अपना लंड सहला रहा है।

सरला अरुन के लंड को चूस रही थी

रमेश ये क्या है।

अब नया लंड चुसना ये पक्की रंडी है जो अपने बेटे का लंड चूस रही है।

अरुण: आआआअह्ह उउउउउउउह माँ ऐसे ही।

लगता है पापा दरवाजे से झाक रहे है।

रमेश घबरा जाता है।

सरला; मुँह से लंड को निकालते हुए।

पागल हो क्या वो तो सो रहे है।

अरून सरला के मुह में लंड डालते हुए।

मुझे पता है। मैं तो इमेजिन कर रहा था

काश पापा तुम्हे इस पोजीशन में देखते की कैसे रंडी की तरह तुम बेटे का लंड चूस रही हो।

और सरला सिर्फ सुन कर उत्तेजित हो जाती है और अरुन के लंड को जोर जोर से चुसने लगती है ।

अरुण: आआह्ह्ह्हह्ह अब छोड माँ और चोदने दे।

और खुद लेट जाता है और सरला उसके लंड के उपर अपनी गीली चूत रख के बैठ जाती है ।

रमेश कितनी सरीफ बनती थी और अब देखो कैसे लंड पे उछल रही है साली कुतिया।

अभी पकड़ता हु। फिर कुछ सोचकर चल छोड़ अभी तो सुरुआत है बाद में पकड़ लुँगा और अंदर के सीन को देख कर अपना लंड भी हिलाने लगता है।

और धीरे धीरे मुठियाने लगता है।

और अंदर अरुन सरला की बैंड बजा रहा था।

सरला: आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआज़ाअ आ गया।

सरला:आह तेरे पापा देखते की उनका बेटा कितना बढ़िया चोदता है।

वो भी कुछ सिख लेते ।

बाहर रमेश सारी बात सुन रहा था।

और मुट्ठ तेज़ तेज़ मारने लगता है।

अरुण:क्या करेंगे सिख के चोदना तो मुझे है।

तुम्हारे बाद प्रीति बुआ को और उनकी लड़की रानी को भी ।

और मौका मिले तो इस घर की सब रांडो को।

और ।

सरला ; हहहहहजहजजजजज ज़ालिम आआआअह्ह माआआआआ देखो अरुन के पाप देखो कितना बड़ा लंड है तुमारे बेटे का।

और कितनी मस्त चोदता है ।

बचा लो अपनी बीवी को इससे ।

बहुत बेरहम है ये बिलकुल रहम नहीं करता।

अगर तुम्हारी बहन मिल गई इसको तो उसकी चुत और गाण्ड दोनों फाड़ देगा।

और बाहर रमेश उनकी बातें सुन के झड जाता है।

पर अरुन नहीं और सरला को अपनी गोदी में उठा कर उसको पेलने लगता है।

रमेश वहां से उठकर अपने रूम में आ जाता है।

कमिना मेरी बीवी को चोद रहा है और मेरी बहन को चोदना चाहता है मैं ऐसा नहीं होने दुँगा।

बीवी चोद दी तो क्या हुआ बहन नहीं चोदने दुन्गा।

और इधर अरुन कैसा लगा मेरी जान अपने पति के सामने चुदवाते हुए।

सरला: वो कहा है।

अरुण: चले गये अपने रूम में।

सरला: आआआअह्ह पागल है क्या।

वो तो सो रहे है।

अरुण: अब सो रहे है। पहले दरवाजा पे थे।

सरला: मतलब।

अरुण: मतलब ये तुमने मुझे कुछ नहीं बताया पर मैंने सब सुन लिया था ।

और सुबह भी दरवाजे पे खड़े हो कर तुम्हारी गाण्ड फतटे हुए पापा देख रहे थे।

और अब लंड चुसते हुए।

सरला: तुम्हे कैसे पता।

अरुण: पापा ने जो कहानी बनाई है वो झूठी है जब वो तुम्हे चुतिया बना रहे थे मैं बाहर खड़े हो कर सुन रह था

पर सच्चाई ये है की वो तुम्हे रंगो हाथ पकड़ना चाहते है पर उन में हिम्मत नहीं है।

इसलिये सिर्फ देख कर चले जाते है।

सरला: इसका मतलब अब हमें डरने की ज़रूरत नही।

अरुण: नहीं बस जबतक वो ड्रामा करते है उनका साथ देते रहो।

सरला: जान मुझे माफ़ कर देना की मैंने तुम से छुपाया।

अरुण: गलती तुम्हारी नहीं है कहानी ऐसी थी की कोई भी बेकूफ़ बन जाता।

तूम तो उनकी वाइफ हो तो थोड़ा ट्रस्ट तो बनता है

पर तुम चिंता मत करो जब तक मैं हु तुम्हे कोई पागल नहीं बना सकता।

और सरला को बेड पे झुका के पीछे से उसकी चुत मारने लगता है ।

और कुछ देर और चोदने के बाद झड जाता है।

और दोनों थक कर बेड पे लेट जाते है।

इधर रमेश

मुझे प्रीति को बचाना पड़ेगा ये अरुन बहुत शातिर है जब मेरी बीवी को फसा सकता है तो मेरी बहन को भी फसा लेगा।

अगली सुबह सरला उठा कर अरुन के रूम से।

सरला सिर्फ पेटीकोट और ब्रा पहन कर अपने रूम में आ जाती है।

रमेश जगा हुआ था।

रमेश: तुम सरीफ ब्रा और पेटीकोट में। अरुन ने देख क्या।

सरला: नहीं वो सो रहा था।

रमेश: तो क्या तुम ऐसे सोइ थी।

सरला: हाँ आप ने ही तो कहा था की अरुन को पटाने के लिए इसलिए रात में अपनी ब्लाउज और साड़ी उतार दी थी।

रमेश: तो अरुन ने कुछ कहा।

सरला: नहीं सिर्फ घुर रहा था।
 
रमेश मन में।

कमिनी नंगी हो कर चुदवा रही थी और बोल रही है सिर्फ ब्लाउज और साडी उतारी थी।

रमेश: और कुछ नहीं किया।

सरला: नहीं आप ने ही तो कहा था की जो भी करो मेरे सामने करना।

रमेश: अच्छा तो अब क्या पहनोंगी।

सरला: जो आप बोलो।

रमेश: ठीक है फिर अभी भी सिर्फ ब्रा और पेटीकोट में बाहर जाना।

सरला: ठीक है जैसी आपकी मर्ज़ि।

और सरला नहा कर किचन में सिर्फ ब्रा और पेटीकोट में काम कर रही थी।

और रमेश डायनिंग टेबल पे अखबार पढ़ रहा था।

तभी अरुन बाहर आता है।

और सरला को इन कपडो में देख कर।

सिटी बजाता है।

रमेश अरुन को तिरछी नज़र से देखता है पर कुछ नहीं बोलता।

अरून सिटी बजा कर किचन में आ जाता है और सरला के बुटक्क मसलने लगता है।

सरला: तेरे पापा देख लेंगे।

अरुण: मैं भी तो यही चाहता हु।

की वो अपनी बीवी को मुझसे चुदते देखे।

और सरला के चूतडो को कस कर मसलने लगता है।

जीस की बजह से सरला के मुह से चीख निकल जाती है।

रमेश: क्या हुआ।

सरला: कुछ नहीं।

रमेश: तो चीख़ी क्यु।

सरला: वो अरुन परेसान कर रहा है।

रमेश: ऐसा क्या किया उसने ।

सरला: आप देख लो आ कर।

रमेश: अरुन माँ को परेसान मत करो। पर देखने नहीं आता।

वो जानता था पर उसकी समझ में नहीं आ रहा था की वो कुछ बोल क्यों नहीं रहा।

तभी उसको महसूस होता है की उसके लंड में कठोरता आ रहा है।

उसे कुछ समझ नहीं आता की उसके पास मौका है पर वो पकड़ने के बजाय गरम क्यों हो रहा है।

ओर उठ कर अपने रूम में आ जाता है।

और बाहर अरुन सरला को अपनी बाँहों में ले कर चुसने लगता है।

सरला: वो घर पर है ।

अरुण: तभी तो ।

और सरला को किचन की स्लेप पे झुका के उसका पेटीकोट उठा कर अपना लंड उसकी चुत में एक ही झटके में पूरा पेल देता है।

सरला चीख पड़ती है ।

रमेश बाहर भागता हुआ आता है और अरुन को सरला की चुत मारते हुए देखता है ।

रमेश: ये क्या कर रहे हो।

अरून कुछ नहीं बोलता पर सरला

सरला: आआआह देखो आआआप की बजह से अरुन क्या कर रहा है अअअअअ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह

सीएएएएए

आप कुछ बोलते क्यों नहीं स्स्सस्स्स्से

आज आआआआ

रोको न इसे ।

रमेश: छोड दे अपनी माँ को क्या कर रहा है तु।

अरुण: उउउउउउउह क्या मस्त माल है तुम्हारी बीवी इसकी चुत मार रहा हु एक दम टाइट माल है

एक दम कसा कसा जा रहा है।

सरला: उउउउउउउह माआआआआ मरररररररर डाआआआआआ कमिने कुछ तो शरम कर तेरे पापा खड़े है सामने ।छोड़ मुझे कम से कम उनका लिहाज तो कर बाद में मार लियो जितना मन करे पर इनके सामने तो छोड़ दे।

रमेश: क्या कर रहा है तु।

तेरी माँ को लग जायेगी समझा कर।

सरला तुम समझाओ इसे की इसका बहुत बड़ा है। तुम्हे चोट लग जायेगी ।

सरला: आआआआआ क्याआआआआ हुआआआआ तेज़ कर मेरे राजा

तेरे पापा क्या बोल रहे है सुना नहीं इनका बहुत छोटा है इस लिए मेरी चुत टाइट है ज्यादा तेज़ करेगा तो मेरी चुत फट जायेगी।

पर तू फिकर मत कर चोद मुझे जैसे चाहे चोद अब तो तेरे पापा भी कुछ नहीं बोल रहे है।

और रमेश वही खड़े हुए अपनी बीवी को चुदते हुए देखते रहता है।

और सोच रहा था की कहा रंगे हाथ पकड़ना चाहता था और अब खुद चुदते हुए देख रहा है और रोक भी नहीं रहा।

तभी अरुन सरला को अपनी गोदी में उठा कर डायनिंग टेबल पे लीटा देता है और उसका पेटीकोट और ब्रा उतार देता है ।

और टेबल पे चढ़ कर चोदने लगता है।

रमेश: क्या कर रहा है तू छोड उसे।

अरुण: वही तो कर रहा हु मेरे बाप चोद तो रहा हूँ।

रमेश: छोड़ने को बोल रहा हु चोदने को नही।

और अरुन अपनी स्पीड बढ़ा देता है।

सरला: आआआआजआआआ मेरे राआजाएआ

आआआआ ुह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ मरररररररर डाआआआआआ

सुनो नीतू के पापा बचाओ मुझे प्लीज बहुत दर्द हो रहा है। देखो न आपका बेटा कैसे बेरहमी से चोद रहा है

आप ने कभी भी नहीं चोदा ऐसे ।

आआआ उफ़ मज़ा क्या करु आआआअह्ह्

माआआआआ देखो कैसे मेरा पति मुझे अपने बेटे से चुदते हुए देख रहा है पर रोक नहीं रहा।

सरला: आप में दम नहीं है क्या जो इसे रोक सको।

आआआअह्ह और तेज मेरी जान और तेज़। फाड़ दे मेरी चुत आह।

देखो न नीतू के पापा आह।

रमेश: और तेज चोद इस रंडी को अरुन जीतनी तेज़ चाहे उतनी तेज।

मुझ से बोल रही है बचाओ और तुझ से बोल रही है और तेज़।

फाड़ दे इसकी चूत।
 
सरला: अरुण हाँ फाड़ दे अब तो तेरे बाप ने भी बोल दिया आज मेरी फाड़ कल प्रीति की फाड़ना। मैं इन्तज़ाम करुँगी तेरी लिए प्रीति का और उसकी बेटी का।इसके पूरा खानदान की औरतो को चोदना। मैं सब को चुद वाऊँगी तुझसे आहह सी आ आ आह उह माँ आह बन जा मादरचोद और बाद में बहन चोद भी बनना।

अरुण: आह आ मेरा निकलने वाला है ।

सरला: निकाल दे मेरे अंदर बढा दे मेरा गर्भ बना ले अपने बच्चे की मा।

रमेश: नहीं अरुन बाहर निकाल ।नहीं तो ये गर्भवती हो जायेगी।

बाहर निकाल अपना पानी ।

सरला: नहीं मेरे अंदर निकाल तू बना ले अपने बच्चो की माँ आह।

और अरुन सरला की चुत में झडने लगता है।

और सरला के मम्मे पे सर रख कर लेट जाता है।

और रमेश भी अपनी पेण्ट में पानी छोड़ देता है।

और चुप चाप वही फर्श पर बैठ जाता है।

और थोड़ी देर बाद सरला अरुन को उठाती है और खुद उठ कर अपने रूम में चलि जाती है अरुन अपने रूम में।

थोड़ी देर बाद रमेश भी अपने रूम में आ जाता है पर सरला को कुछ नहीं बोलता।

और वाशरूम में जा कर फ्रेश हो जाता है।

बाहर आ कर।

रमेश: तुम कोई दवा ले रही हो या नही।

सरला सर झुकाये हुए ।

नही।

रमेश: अगर बच्चा ठहर गया तो।

सरला:आप बताओ अरुन तो बच्चा चाहता है।

रमेश: पागल हो क्या वो तो बच्चा है उसे क्या पता दुनियादारी की तुम तो समझती हो तुम उसे समझाओ

और नहीं माने तो मना कर दो ।

थोड़ी देर रुक कर।

सेक्स करने से ।तब वो मान जाएगा।

सरला: आप लो बुरा नहीं लगा।

अब रमेश क्या करे उसने तो सरला को झूठ बोला था की वो वायेजर है अब सच कैसे बोले।

रमेश: मैंने तुम से कहा था न की मुझे सेक्स करने से ज्यादा देखना अच्छा लगता है।

सरला: आप को बुरा तो नहीं लगा की आप के सामने आप के बेटे ने मुझे नंगा कर के चोदा।

रमेश खामोश हो जाता है।

सरला: आप को बुरा लगा मैं उसको मना कर दुँगी।

रमेश: मैंने ऐसा कब कहा।

सरला मन ही मन मुस्कराते हुए अब फँसा मुरगा।

सरला: तो अब कोई प्रॉब्लम नहीं है ।

रमेश: नहीं मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं ।

सरला: मुझे भी कोई प्रॉब्लम नहीं है।

तभी अरुन की आवाज़ आती है।

माँ कहा हो मेरे रूम में आना ।

सरला उस वक़्त सिर्फ टॉवल में थी क्यों की फ्रेश होकर आई थी और रमेश आ गया था।

सरला: मैं जाऊ अरुन बुला रहे है।

रमेश: जाओ ।

सरला: ऐसे ही जाऊ या चेंज करूँ।
 
सरला अब रमेश को जान बूझ कर बेइज्जत कर रही थी क्यूं की रमेश ने उसे झूठ बोला था और वो अब रमेश से पहले के मुक़बले ज्यादा ग़ुस्सा थी उसे खुद नहीं पता था की अब वो क्या करेगी।

रमेश: ऐसे ही चल जाओ ।

अरुन को अच्छा लगेगा।

और सरला अपनी टॉवल उतार कर रमेश के मुह पे फ़ेक देती है।

मेरे बेटे को ऐसे और भी अच्छा लगेगा

और नंगी ही अरुन के रूम में आ जाती है।

रमेश आँखे फाडे सरला को देखता रहा।

अरून के रूम में

अरुण: ये क्या हुआ जान।

सरला: क्यों अच्छी नहीं लग रही ।

अरुण: माँ तुम तो एक नंबर की रांड हो अच्छी क्यों नहीं लगोगी।

और सरला को खींच कर बेड पे लीटा देता है।

और सरला के मम्मे मुह में भर लेता है।

सरला: आआआह अरुन छोड़ न ।

अरुण: क्या हुआ मन नहीं है।

सरला: मन तो है पर रमेश झाक रहा होगा।

और वैसे भी अभी तो तूने चोदा था अभी भी चुत दुःख रही है।

अरून चलो फिर आज अपने बेटे की बाँहों में सो जाओ।

सरला: हाँ पर तुम्हे एक वादा करना है ।

अरुण: क्या ।

सरला: की तुम अब प्रीति और उसकी बेटी की चुत और गाण्ड दोनों फाड़ोगे।

अरुण: अब क्या हुआ।

सरला: रमेश ने झूठ बोला। अब उसके सामने उसकी बहन और उसकी बेटी को चोदना तब जाके मुझे ख़ुशी मिलेगी।

अरुण: पर माँ।

सरला: मैं बोल रही हु न और मुझे अब कोई प्रॉब्लम नही।
 
दोस्तों कैसा लगा आज का मेगा अपडेट।सभी कमेंट करने वालो का बहुत बहुत शुक्रिया।थैंक्स
 
और सरला अरुन की बाँहों में लेट जाती है।

सरला: वादा करो अरुण।

अरुण: पर माँ मैं सिर्फ आप का हूँ और रहुंगा।

सरला: तुम सिर्फ मेरे हो बाबू ।

पर रमेश ने फिर से मेरा दिल तोडा है।

उसे इसकी किमत चुकानी पड़ेगी ।

उस की बजह से मैंने उसकी झूठी कहानी तुमसे छुपाई।

तूम्हे हर्ट किया।

अरून सरला को अपनी बाँहों मैं ले कर उसके होंठो को चुमने लगता है।

सरला: बोलो ना।

अरुण: करना क्या है।

स: प्रीति की तो मार ली है अब उसको बेटी परी को भी चोदना है तुझे।

बाहर रमेश अभी भी खड़ा था।

और उससे समझ नहीं आ रहा था की क्या करे।

लोगो को बताये या रिश्तेदार को।

और एक मन उसका उनदोनो को देखने का कर रहा था

और सायद उसे अब ये एहसास हो रहा था की जो कहानी उसने सरला को बताइ थी कही सच तो नहीं। उसे उनदोनो को सेक्स करते हुए देखना अच्छा लग रहा था।

उनदोनो की चुदाई देख कर उसका पेण्ट में दो बार पानी निकल गया था।

और अंदर अरुन सरला को चुसने के बाद।

अरुण: जरा चूस के पानी निकल दो जान।

सरला: ठीक है और अरुन के लंड को पकड़ कर अपने मुह में ले लेती है।

और उसके टोपे को चुसने लगती है।

अरुण: आहः

क्या तुम ने कभी पापा का लंड चूसा है ।

सरला: न में सर हिलाते हुए।

अरुण: आह ओह माँ आह क्या चुस्ती है रांड़।

रमेश अरुन के मुह से रांड सुन कर

हैरान हो जाता है।

साली रंडी क्या क्या करेगी।

और सरला मस्त हो कर अपने बेटे का लंड चुस्ती रहती है।

अरुण: बहुत खूब मेरी जान चल घोड़ी बन गाण्ड मारनी है। और सरला घोड़ी बन जाती है और अरुन पूरा का पूरा 9 इंच का लंड उसकी गाण्ड में घुसा देता है।

सरला: आह मार फाड़ दे मेरी गाँड।

सुनते हो जी। तुम्हारे बेटे ने मेरी गाण्ड फाड़ दी आह

जरा यहाँ आओ।

रमेश को समझ नहीं आता।

सरला: उफ जल्दी आओ ना।

रमेश दरवाजा खोल कर अंदर आ जाता है।

सरला: आह देखो क्या किया अरुन ने पूरा का पूरा 9 इंच का मुसल मेरी गाण्ड में उतार दिया ।

बहुत तेज दर्द हो रहा।

जरा ड्रावर से के वाई जेली निकाल दो।

ओर रमेश जेली निकाल कर लाता है ।

रमेश समझ नहीं पा रहा था की वो इन दोनों की बात क्यों मान रहा है।

सरला: जरा मेरे गाण्ड के छेद पे और अरुन के लंड पे लगा दो प्लीज।

और अरुन लंड निकाल लेता है।

ओर रमेश अपने हाथ से सरला की गाण्ड पे जेली लगाता है।

उसकी नज़र जब सरला की गाण्ड पे पड़ती है तो उसकी गाण्ड का गंडोरा बना हुआ था पूरे २'५ इंच का सुराख़ दिख रहा था।

रमेश अरुन से ।

रमेश: बेटा देख तेरी माँ की गाण्ड का क्या हुआ है।

मैने कभी इसकी गाण्ड नहीं मारी तेरा लंड तो मेरे लंड से तिनगुना है ।

थोड़ा धीरे कर।

सरला: आप उसको कुछ मत बोलो नहीं तो मेरी गाण्ड नहीं मारेगा जी।

तूम बस क्रीम लगाओ और हाँ अरुण के लंड पर भी लगा दो और जाओ उसे अपना काम करने दो।

अगर ग़ुस्सा आ गया तो मुझे प्यासा छोड़ देगा और तुम्हारे बस का अब है नहीं की मेरी प्यास बुझा पाओ।

ओर रमेश अरुन के लंड पे जेली लगा कर पीछे हो जाता है।

और अरुन फिर से एक ही बार में पूरा लंड डाल देता है।

सरला: उफ आह ओह माँ मर ड़ाला कमिने मादरर्चोद

देख रमेश तेरी बजह से मेरी क्या हालत हो रही है

न तो मुझे प्यासा छोडता न मेरे साथ ऐसा होता

पर जो होता है अच्छे के लिए होता है

अगर मैं प्यासी नहीं होती तो मुझे ये मुसल कैसे मिलता। अअअअअरुन मर गई मैं।

रमेश :अरुण धीरे धीरे कर सरला को बहुत दर्द हो रहा है।

सरला: चुप हो जाआओ प्लीज तुम ।नहीं तो अरुन नहीं मारेगा मेरी गांड। मेरी जान कुछ मत सुन इसकी और जितने जोर से चोदनी हो चोद और कर ले पर अधुरी मत छोड मुझे और तुझे तो अभी प्रीति और परी की भी गाण्ड और चुत मारनी है।

ओ भी रमेश के सामने ।

सरला: उफ मार। चोद

आ उफ़ मज़ा आ रहा है और तेज़ मेरी जान और अरुन सरला की गाण्ड में झड जाता है और सरला के उपर लेट जाता है।

रमेश उन दोनों की रफ चुदाई देख कर हैरान रह जाता है। अब उसकी गलती उसे कितनी महंगी पडने वाली है ।

पर उसे एहसास होता है की उसका लोवर अंदर से गिला हो गया है और वह उनदोनो को छोड़ कर अपने रूम में आ जाता है।
 
अगले दिन रमेश की आँख लेट खुलती है।

और फ्रेश हो कर वो डायनिंग टेबल पे आता है।

तो देख कर शॉकड हो जाता है।

सरला एक दम नंगी किचन में काम कर रही थी।

रमेश: ये क्या हे।

सरला: क्या क्या है।

तूम्हे पता है की मेरे सरीर पे अरुन कपडे रहने नहीं देता इसलिए पहनने का क्या फायदा ।

और अभी वो सो रहा है थोड़ी देर में उठ जायेगा। पता नहीं फिर क्या डिमांड करेंगा।

और अपना काम करती रहती है।

थोड़ी देर बाद।

अरुण: माँ।

सरला: हाँ बेटा।

रमेश को देखते हुए।

देखा बुला रहा है ना।

और अरुन के रूम में चलि जाती है।

रमेश अभी उठ ही रहा था की सरला की चीख कमरे में गुजती है ।

सरला: आ मेरी फाड़ डाला।

और रमेश भाग कर अरुन के रूम में देखता हुआ।

अंदर सरला को अरुन ने बेड पे झुका रखा था और और उसकी गाण्ड में लंड पेले जा रहा था।

अरुण:साली रंडी तुझसे बोला था न की सुबह जब मेरी आँख खुले तो मेरे बगल में होनि चाहिये।

पर तू चलि गई ।

सरला: वो रमेश का ब्रेकफास्ट और लंच बनाना था।

अरुण: तो अब बना और बेरहमी से धक्के मारने लगता है।

रमेश: क्या करे रहा है अरुन तेरी माँ है ये।

अरून कुछ बोलता उससे पहले।

सरला: तुम जाओ यहाँ से अरुन को कुछ मत बोलो ।

उसकी गलती नहीं है गलती मेरी है।

तुम ऑफिस चले जाओ वही पर नास्ता कर लेना ।

अरुन तुम अपना काम करो कोई तुम्हे नहीं बोलेगा।

आआआ उफ़ तुम जाओ नीतू के पापा।

और रमेश बाहर आ जाता है।

उसमे इतनी हिम्मत नहीं थी की अरुन को रोक सके।

और बाहर बैठ कर सरला की चीखे सुनता रहता है।

करीब आधा घंटे बाद अरुन और सरला बाहर आते है।

सरला लंगड़ा के चल रही थी।

और दोनों नंगे।

सरला: तुम गये नही।

ओह मेरी चीखे सुन रहे थे ।

देखा अपने बेटे के लंड का कमाल ।लंगडी कर दिया मुझे मैं ये सोच रही हु की प्रीति और उसकी बेटी का क्या हल करेगा मेरा बेटा।

और हॅसने लगती है।

अरुण:माँ भूख लगी है।

सरला: उह मेरा बच्चा अभी बनाती हूँ।

और किचन में काम करने लगती है।

और

अरुण: क्या लग रही है मेरी रांड।

रमेश को देखते हुए।

सरला: चुप कर बदमाश।

आप जा क्यों नहीं रहे ।

र: वो मैं ये बोल रहा था की

तूम प्रीति और रानी का नाम क्यों लेती हो।

उनहोने क्या बिगडा है।

सरला: उन्होंने कुछ नहीं बिगाड़ा ।

तूम ने झूठ बोला ये उसकी सजा है।

रमेश: मतलब ।

सरला: मतलब तुम्हारी कहानी झूठी थी और इसलिए अरुन को मौक़ मिला मुझे तुम्हारे सामने चोदने का

और तुम्हारे लिए एक गुड न्यूज़ है ।

तुम्हरी बहिन प्रीति पहले ही अरुन से चुद चुकी है।

और खुद बोल कर गई थी अरुन से की इस बार जब आएगी तो परी को भी चुदवायेगी क्यों की मेरे राजा बेटा का मुसल बहुत बड़ा है।

रमेश सरला की बात सुनकर शॉकड हो जाता है।

क्या बोल रही हो।

सरला: वही जो सच है

इस लिए मैं उनका नाम लेती हूँ।

क्यूं की राखी को 4 दिन रह गये है और वो दोनों आने वाली है राखी पे और फिर उस दिन मेरा बेटा दोनों की चुत और गाण्ड को फाड़ देगा वो भी तुम्हारी मौजुदगी में और तुम कुछ नहीं कर पाओगे।

 
उस दिन कुछ नहीं होता।

रात को रमेश घर आता है और बेड पे

लेटे हुए।

सरला से।

रमेश: कुछ करो सरला।

सरला: समझी नहीं ।

वो ड्रेसिंग टेबल पे अपना मेकअप कर रही थी अरुन ने आज उससे पूरी रंडी की तरह मेकअप करने ले लिए बोला था।

रमेश: प्रीति और परी को बचा लो।

सरला: मैं क्या कर रही हूँ।

जो करेगा अरुन करेंगा।

रमेश: तुम उसे रोक सकती हो।

सरला: नहीं अब नहीं ।

रमेश: प्लीज रोक लो तुम्हे जो करना है कर लो अरुन के साथ।

सरला: रमेश को डराते हुए ।

मुझे अरुन के बच्चो की माँ बनना है।

रमेश: तो बन जाओ।

वैसे भी तुम बिना कंडोम के उससे चुदती हो।

सरला: पक्का न ।

रमेश: हाँ मुझे कोई ऐतराज़ नहीं है तुम्हारे माँ बनने में।

सरला: ठीक है उससे बात करती हूँ।

और उठकर खड़ी हो जाती है और अपने सारे कपडे उतारने लगती है ।

सरला: मैं तयार हूँ जोर से बोलती है।

थोड़ी देर में अरुन आ जाता है।

रमेश सोच रहा था की क्या हो रहा है।

तभी अरुन सरला के पास आ कर उसके मम्मे मसल देता है।

और रमेश से।

अरुण: क्या मस्त मम्मे है माँ के।

रमेश कुछ नहीं बोलता।

अरुण: चुत और गाण्ड भी ज़बर्दस्त है ।

पर तुम्हारी बहन भी कम नहीं है।

रमेश सरला को देखता है।

सरला:अरुन ये बोल रहे है की प्रीति को छोड़ दो ।

अरुण: क्यों

सरला: बोल रहे है की बहन है उनकी और परी तो कमसिन है।

तुम्हारा मुसल झेल नहीं पायेगी।

अरुण: तो मैं क्या करुं।

रमेश : तुझे जो करना है सरला के साथ कर ले मैं तुझ से कुछ नहीं बोलूँगा और न रोकूँगा और सरला तेरे बच्चो की माँ बनना चाहती है उसमे भी मुझे कोई ऐतराज़ नहीं है।

पर उन दोनों को छोड़ दो

अरून सरला को देखते हुए

और सरला इशारे में मना करती है।

अरुण: ठीक है अगर प्रीति और परी के साथ मैं कोशिश नहीं करुँगा पर अगर वो खुद से चुद्वायेगी तो मैं अपने इस मुसल (अपना लंड पे हाथ फेरते हुए )

से उन दोनों की फाड़ दुँगा ।

मंजूर।

रमेश:हाँ ठीक है वो तुम से कुछ नहीं बोलेंगी ।

मै होने नहीं दुन्गा।

सरला: मन ही मन एक बार जो भी मेरे बेटे का मुसल देख ले वो उससे दुर रह ही नहीं सकती ।

और अरुन सरला को।

अरुण: चले रांड अपने रूम में।

या यही चुदवाना है ।

सरला: जैसे आप की मर्ज़ी मालिक।

रमेश ये मालिक क्या है।

सरला: वो हम रोले प्ले कर रहे है ।

अरुन मेरे मालिक है और मैं इनकी ख़रीदी हुए गुलाम हूँ।

इनकी पर्सनल रांड़।

अरुण: तो यही कर लेते है।

अरून रमेश से :थोड़ा साइड होना

रमेश साइड हो जाता है और अरुन वही बेड पे लेट जाता है ।

और सरला को लंड चुसने के लिए बोलता है।

सरला अरुन के पैरो के बीच में आ कर बैठ जाती है और अरुन के लंड को पकड़ कर चुसने लगती है।

अरुण:शाबास रांड ऐसे ही चूस मेरे लंड को

आज साबित कर अपने मालिक को की तुझे खरीद कर कोई गलती नहीं की मैंने ।

और सरला अरुन के लंड को और जोर जोर से चुसने लगती है जैसे साबित करना चाहती हो की उससे अच्छा लंड कोई नहीं चूस सकती ।

रमेश चुप चाप उनदोनो की हरकत को देखता रहता है।

और अरुन और सरला लंड चुसाई में मगन रहते है ।

और थोड़ी देर बाद अरुन सरला के मुह में झड जाता है

जिसे सरला चाट चाट कर पी जाती है।और वही लेट जाते है।

सरला रमेश से।

तूम अरुन के रूम में सो जाओ।

आज से ये रूम मेरा और इनका मेरे नए पति अरुन का है।

गुड़ नाइट।

और जाते जाते दरवाजा बंद कर देना।
 
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