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माँ बेटे का अनौखा रिश्ता

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गतांक से आगे.....................

रीमा ने अपना पीछवाडा हिलाते हुये पीछे मुड कर मुझे देखा और मुस्कुरायी फिर थोडा आगे झुकी और अपने दोनो हाथ अपने चूतडो पर रख दिये। एक स्वर्ग का द्वार तो तू भोग चूका है मेरे लाल और फिर उसने अपने हाथो से अपने चूतड खीच कर चौडे कर दिये और अपनी गाँड खोल कर मेरे सामने कर दी और मेरे इस दूसरे स्वर्ग के द्वार को पाने की इच्छा रखता है न मेरे लाल तो ले आजा थोडी अपनी माँ कि सेवा कर फिर मैं अपने इस कसे संकरे द्वार का मजा भी दूंगी मेरे लाल और इस छेद में तुझे पहले छेद से ज्यादा मजा आयेगा समझा गाँडू। रीमा की गाँड का नजारा मेरे सामने आते ही मैं तो मस्ती से भर गया। मुझे उसकी इस गाँड मे ही लंड डाल कर हिलाना था और उसके लिये कुछ भी कर सकता था। आ जा बेटा अब बहुत हो गया अब तो भोग माँ के चूतड देख पसीने से तार तार हो गये है और पसीना तो अब बहने को तैयार है। तूने थोडी देर और की तो पसीना बह कर बर्बाद हो जायेगा आ जा मेरे लाल मेरी गंडिया बाद मे निहार लेना। अब मेरे लिये भी बहुत मुशकिल था रीमा के चूतडो से दूर रहना मैं रीमा के पीछे घुटनो के बल बैठ गया। मेरे बैठते ही रीमा की खुली हुयी गाँड एक दम मेरे सामने आ गयी मन किया अभी अपना मुँह रीमा के चूतडो के बीच घुसा दूं और उसकी गाँड चाट लूं पर पहले उसके चूतड से बह रहा पसीना पीना ज्यादा जरुरी था। रीमा ने अभी भी अपने चूतड खोल रखे थे मैंन कहा माँ तुम अब अपने चूतड छोड दो मैं तुम्हारा पसीना पीऊंगा।

रीमा ने अपने चूतड छोड दिये और घुटनो और हाथो के बल हो गयी और अपना चेहरा पीछे घुमा कर बोली ले बेटा बन गयी तेरी माँ कुतिया अब भोग अपनी माँ को मेरे लाडले। मैं थोडा झुक गया और अपने चेहरे को रीमा के भारी चूतड के पास ले गया पहले उसके बदन से निकल रही पसीने और चूत रस से मिली जुली गंध को मैंने सूंघा सच मे बहुत ही मस्तानी गंध थी रीमा के बदन की। फिर अपना ध्यान रीमा के बांये चूतड की तरफ लगाया जिस पर पसीने की बूंदे मोतियो की तरह चमक रही थी। फिर मैंने रीमा के चूतड को चूमना शुरु कर दिया चूमने के साथ साथ मैं रीमा का पसीना भी पी रहा था उसके चूतड के निचले हिस्से से चलते हुये मैं उपरी हिस्से तक गया और उसकी शराब से भी किमती पसीने की एक एक बूंद को मैंने पिया। पसीने के बूंदे चूमने के बाद मैंने उसके चूतड को चाटना शुरु कर दिया। पूरी जीभ निकाल कर नीचे से उपर तक लेकर जाता और उसके चूतड को चाटता अच्छे से एक एक इंच उसके चूतड को चाटने के बाद मैंने उसके चूतड को कुछ हिस्से को मुँह मे भर कर चूसना शुरु कर दिया जैसे जो पसीना रीमा के चूतड में समा गया हो उसे भी चूस कर बाहर निकाल कर पी संकू। मुझे इस तरह उसका चूतड चूसना बहुत भा रहा था। मेरा एक हाथ मेरे लंड कर चला गया और मैंने अपने सुपाडे को अपनी उंगलियो में पकड कर मसलने लगा क्योकि मेरी उत्तेजना मुझे पागल बनाये दे रही थी। मुझे समझ ही नंही आ रहा था कि क्या करूं और क्या नंही। इसलिये उसके चूतड को चूसने पर अपना ध्यान केन्द्रित करके मैं उसके बाँये चूतड के एक एक हिस्से को मुँह मे भर कर चूसा। रीमा भी मस्ती मै अपने चूतड हिला कर अपने मजे का इजहार कर रही थी। बाँये चूतड से पसीना निचोड लेने के बाद मैंने दाँये चूतड कि और अपना रुख किया। रीमा का बाँया चूतड मेरे मुँह के प्रतिकार की वजह से थूक से सन कर एक दम चमक रहा था।

उसके थूक से सने चूतड को एक नजर देखने के बाद अपना मुँह रीमा के दाँये चूतड पर लगा दिया और उसके पसीने को पीने लगा उसके दाँये चूतड को भी थोडी देर मैं मैंने चूम, चाट और चूस कर अपने थूक से सान दिया और अब उसके दोनो चूतड मेरे थूक में सने चमक रहे थे। फिर मैंने रीमा के थूक से सने दौनो चूतड अपने हाथो से पकडे और उनको जोर जोर से मसलने लगा। चूतड थूक से सने होने के कारण मेरे हाथ उसके चूतड पर फिसल रहे थे। पर उसके मुलायम चूतडो का अहसास मुझे अपने हाथो पर बहुत हे मस्ताना लग रहा था। थोडी देर रीमा के मुलायम चूतडो को मसलने का मजा लेता रहा फिर मैने अपनी नाक रीमा के चूतड की दरार पर रखी और उसकी गाँड कि मस्ताने गंध को सूंघने लगा। हाय क्या कर रहा रे गाँडू गाँड सूंघ रहा है मादरचोद हाय माँ के लौडे साले तू तो गाँड का बडा ही रसीया है तेरे जैसे रसीया बहुत ही कम मिलते है आज तू मुझे मिला है तो पूरा मजा लूंगी मुझे भी अपनी गाँड को प्यार करवाना पंसद है। गाँड पंसद है न तुझे बहनचोद मैं भी देखती हूँ कि तू क्या क्या कर सकता है मेरे चूतडो के लिये आज देख तेरी क्या हालत करती हूँ मैं अपने चूतड खुद ही पीछे करके मेरे चेहरे पर दबाते हुये रीमा ने कहा।

 
उसके ऐसा करने से मेरी नाक उसकी चूतड की दरार मैं फंस गयी और उसकी गाँड की गंध सीधा मेरे नाक में समा गयी। और मैं भी गहरी सांँस लेकर उस मस्तानी गंध को अपने अंदर लेने लगा। सूंघ गाँडू सूंघ अपनी माँ कि गाँड ले मादरचोद यही चाहिये था न तुझे अब ले अपने चूतड को और भी कस कर मेरी नाक पर दबाते हुये रीमा बोली मैंने भी अपनी नाक रीमा की चूतड की दरार मे और घुसा दी मुझे उसकी वह सौंधी गंध बहुत ही पंसद आ रही थी। साथ ही साथ मैं उसके दोनो चूतड अभी भी मसल रहा था। अब मेरा थूक उसके चूतड पर थोडा सूख गया था जिसकी वजह से उसके चूतड अब बडी ही आसाने से मेरे हाथ मे पकड में आ रहे थे। और मैंने रीमा के चूतड को पूरी ताकत के साथ मसलना शुरु कर दिया। रीमा भी आगे पीछे अपने चूतड हिला रही थी जैसे वह मेरी नाक से अपनी गाँड चोद रही हो पर क्योके मैं उसके चूतड अपने हाथो से दबा रहा था जिसकी वजह उसके मोटे चूतडो के माँस ने उसकी गाँड का छेद अपनी अंदर छुपा रखा था जिसकी वजह से मेरी नाक उसके चूतड पर ही दब रही थी अभी तक मैं अपनी नाक से उसकी गाँड को महसूस नंही कर पाया था। रीमा को भी अपने मोटे चूतड मसलवाते हुये अपने चूतड की गंध सुंघवाने मे मजा आ रहा था। वह खुद ही अपने चूतड पीछे ढेल कर मेरे चेहरे पर दबा रही थी साथ ही साथ मुझे अपने चूतड जोर जोर से मसलने के लिये उकसा रही थी। माँस से भरे चूतडो पर मर्द का हाथ पडने के बाद रीमा बिल्कुल गली की कुत्तिया कि भांति हो गयी थी जो किसी भी कुत्ते का लंड चूत में लेने को बेताब हो जाती है। चूत की गर्मी ने रीमा का हाल बुरा कर दिया था।

क्रमशः........................
 
गतांक से आगे.....................

थोडी देर इसी तरह मजा लेने के बाद मैंने फिर से रीमा के चूतडो को चूमना शुरु कर दिया मैं भी रीमा के चूतडो की खूबसूरती देख कर पागल हो गया था। और पागलो की तरह उसके चूतड को चूम रहा था। अब रीमा की गाँड से दूर रहना मेरे लिये बिल्कुल ही मुश्किल हो गया था। मैंने आखरी बार उसके दोनो चूतडो पर एक एक गहरा चुम्बन दिया। फिर एक बार उसके चूतडो को देखा और अपने हाथ उसके चूतड की दरार पर रख कर दरार को चीर कर उसकी गाँड जो चूतडो की गहरी खायी में छुपी हुयी थी खोल दिया। चूतडो का द्वार खोलते ही गाँड का हसीन नजारा मेरी आँखो के सामने था। दरार के बीच छुपी हुयी रीमा की छोटी से भूरी गाँड इसी छोटे से छेद मे मैं अपना लंड डालने की तमन्ना रखता था। इसी छोटे से छेद में अपना लंड घुसा कर मैं रीमा के भरपूर गुलाबी भारी गदराये बदन की मैं सवारी करना चाहाता था। रीमा के चूतडो के गद्दे को अपनी जांघो पर महसूस करते हुये अपने मोटे लंड को रीमा की गाँड की गहरायी में उतार कर उसकी गाँड की गहरायी नापना चाहाता था। और इस सब के लिये रीमा की गाँड को प्यार करके तैयार करना बहुत जरूरी था। अगर मैं प्यार से उसकी गाँड की सेवा करू तो श्याद रीमा मुझे ये अपनी गाँड मारने दे यही सोच कर सबसे पहले मैंने रीमा के गाँड का एक चुम्बन लिया।

मेरे चुम्बन लेते ही रीमा के मुँह से एक करहा निकल गयी फिर मैंने अपने हाथो से अच्छी तरह से उसके चूतड खीच कर उसकी गाँड पूरी नंगी कर दी और उसकी गाँड की दरार मे चुम्बन लेने लगा। उपर से शुरु करके नीचे तक जब मैं चूमता हुया गाँड पर पहुँचा तो उसकी गाँड का गहरा चुम्बन लिया फिर इसी तरह गाँड पर गहरा चुम्बन लेते हुये नीचे से उपर उसके चूतड की दरार का चुम्बन लिया। फिर मैं रीमा के चूतड की दरार को उपर से लेकर नीचे तक अपनी जीभ निकाल कर चाटने लगा। उसके चूतडो के बीच भी काफी पसीना जमा हो गया था जिसकी वजह से उसकी गाँड और उसके आस पास का हिस्सा भी गीला था और मैंने अपने थूक से उसको और भी गीला कर दिया। उसकी गाँड चाटने से पहले मैं रीमा की गाँड के आस पास के हिस्से को चाट कर अच्छे से गीली कर देना चाहाता था। और मैंने थोडी ही देर में रीमा की चूतड की दरार को चाट कर अपने थूक से गीला कर दिया। फिर रीमा से बोला माँ अब तुम खुद अपनी चूतड खोलो अपने हाथो से अब मैं तुम्हारे ये खूबसूरत गाँड को अपनी जीभ से प्यार करूंगा। उसको अपनी जीभ से कुरेदूंगा और अपनी जीभ से तुम्हारे इस छोटे से छेद को चोदूंगा भी। ठीक है बेटा मैं खुद ही खोलती हूँ मैं भी देखती हूँ की तू कितना प्यार करता है मेरी गाँड के साथ अभी तक तो सिर्फ तेरे मुँह से सुना है अब महसूस भी करूंगी।

इतना कह कर रीमा थोडा आगे झुक गयी और खुद ही अपने हाथो से अपने मोटे चूतड खोल कर अपनी गाँड को मेरे सामने कर दिया ले बेटा देख ले अपनी माँ की गाँड खोल कर पडी है तेरे सामने अब प्यार कर मेरी गाँड को दिखा कितनी पंसद है तुझे ये मेरा छोटा सा छेद। रीमा की खुली गाँड सामने आते ही मेरा सारा बदन मस्ती के हिलोरे लेने लगा। फिर मैंने आगे झुक कर उसकी गाँड पर अपने होंठ रख दिये और एक बहुत ही गहरा चुम्बन दिया मैने रीमा की गाँड को। फिर तो मैंने रीमा की गाँड पर चुम्बनो के झडी लगा दी। मैं तो उसकी गाँड को ऐसे चूम रहा था जैसे वह मेरी काम के देवी रीमा का प्रसाद हो मेरे लिये। फिर मैंने अपने मुँह मे थूक भरा और रीमा की गाँड पर लगा दिया और अपनी जीभ से उस थूक को उसकी गाँड पर फिराने लगा। जीभ की नोक से मैंने अपना थूक रीमा की गाँड पर चुपड दिया फिर उसे अपने मुँह मे भर कर चूस लिया और गाँड पर लगा सारा थूक पी गया।

 
फिर इसी तरह मैं रीमा की गाँड को गीला करने लगा। रीमा को भी गाँड चटवाने मे बडा मजा आ रहा था जैसे ही मैं अपनी जीभ की नोक उसकी गाँड के ईर्द गिर्द लगता रीमा अपना चूतड पीछे कर देती जिससे अगर हो सके तो मेरी जीभ उसकी गाँड में घुस जाये वह भी मेरी जीभ से अपनी गाँड चुदवाना चाहाती थी। मन तो मेरा भी था उसकी गाँड मे जीभ घुसेडने का इसीलिये तो मैं उसकी गाँड को अपने थूक से गीला कर रहा था। अरे गाँडू साले क्या कर रहा है मादर चोद क्यो तडपा रहा है अपनी माँ को साले घुसेडता क्यो नंही जीभ मेरी गाँड में कुत्ते। माँ बस थोडा सब्र करो अभी घुसेडता हूँ अपनी जीभ। रीमा का इस तरह जीभ घुसवाने के लिये गिडगिडाना मुझे बहुत भा गया था। और फिर मैंने अपनी जीभ मे ज्यादा सा थूक भर कर उसकी गाँड पर चुपड दिया और अपनी जीभ की नोक से उस थूक को रीमा की गाँड मे घुसाने लगा रीमा ने और जोर लगा कर अपनी गाँड खोल दी जिससे आसानी से मेरी जीभ उसकी गाँड मे घुस सके। मैंने जीभ उसकी गाँड पर रखी और जोर से दबायी मेरे जीभ के नोक थूक के साथ फिसल कर रीमा की गाँड मे घुस गयी। हाय रे अब दिया न तूने मजा घुसा दे मेरे राजा बेटे पूरी घुसा दे अपनी जीभ मेरी गाँड मे। मैंने थोडा जोर और लगाया और मेरी थोडी जीभ और रीमा की गाँड मे घुस गयी। रीमा तो जैसे मचल ही उठी ओह ऐसे ही बेटा ऐसे ही मजा दे अपनी माँ को तेरी माँ की गाँड को बडे दिनो बाद किसी ने ऐसे चाटा है। चोद बेटा चोद अपनी माँ की गाँड अपनी जीभ से तेरी माँ की गाँड मचल रही है तेरी जीभ से चुदने के लिये।

फिर मैं रीमा की गाँड मे फंसी जीभ को हिलाने लगा जैसे रीमा की गाँड के अंदर अपनी जीभ से खुजली कर रहा हूँ रीमा मस्ती मे करहाने लगी आह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह उम्म्म्म्म्म हाँ मेरे लाल ओह्ह्ह्ह्ह्ह मेरे जानू उउह्ह्ह्ह्ह। थोडी देर उसकी गाँड जीभ से कुरेदने के बाड मैंने उसकी अपनी जीभ को रीमा की गाँड के अंदर बाहर करने लगा। रीमा जितनी गाँड अपने हाथो से खोल सकती थी उतनी खोल कर अपनी गाँड चौडी कर दी ताकि मैं आसानी से उसकी गाँड मे अपनी जीभ घुमा संकू। मैंने भी उसके खुले गाँड के छेद को अपनी जीभ से चोदना शुरु कर दिया। मेरी जीभ बाहर निकली हुयी थी जिसकी वजह से मेरी जीभ से लार निकल रही थी जो बह कर सीधा रीमा की गाँड पर ही जमा हो रही थी इस तरह मेरी लार रीमा की खुली हुयी गाँड को और भी चिकना बना रही थी। और उसकी चिकनी गाँड मे मुझे जीभ चलाना आसान हो रहा था। मैंने खुद अपना मुँह आगे पीछे करके उसकी गाँड को अपनी जीभ से चोदने लगा। ओह मेरे लाल मेरी जान मजा आ गया चोद मेरे गाँडू गाँड के रसीये चोद दे अपनी इस बेटा चोद माँ की गाँड अपनी जीभ से मेरे मादर चोद लाल बडा ही अच्छा चोद रहा है मेरे गाँडू चोद और चोद रीमा मुझे उकसाती हुयी बोली।

रीमा के इस बडबडाने का मतलब था एक तो उसे बहुत मजा आ रहा था दूसरा उसकी चूत भी अब पूरी गर्म हो चुकी थी। मैंने उसकी चूत के हालत जानने के लिये अपना हाथ ले जाकर उसकी टाँगो के बीच रख दिया। और उसकी चूत को उपर से सहलाने लगा। मेरे हाथ लगाते ही रीमा की लार टपकाती चूत का चूत रस मेरी उंगलियो पर लगा गया। इसका मतलब अब रीमा बहुत ही गर्म थी और उसकी चूत फिर से चुदास रस से भर गयी थी। मैंने उसकी चुदास रस से भरपूर चूत की दरार में अपनी उंगली चालाने लगा। रीमा की चूत बहुत ही गर्म हो चुकी थी उसकी गर्माहट का अहसास मुझे मेरी उंगली पर हुया मैंने अपनी उंगली रीमा की चूत पर रखी और थोडा सा दबायी मेरी उंगली एक दम से रीमा की चूत मैं उतर गयी। जैसे ही मेरी उंगली रीमा की चूत मे घुसी रीमा की अनुभवी चूत ने झट से मेरी उंगली को उसकी चूत की दिवारो में जकड लिया। जैसे उसने मेरे लंड को जकडा था जब मैं उसे चोद रहा था। मैंने भी अपनी उंगली से उसकी चूत को चोदना शुरु कर दिया।
 
मैं अभी भी उसकी गाँड को अपनी जीभ से चोद रहा था जब बहुत ज्यादा लार उसकी गाँड के पास जमा हो जाती मैं अपनी जीभ को उसकी कसी गाँड से निकाल लेता और उसकी गाँड को चूस कर सारा रस पी जाता और फिर से उसकी गाँड में अपनी जीभ घुसेड देता। रीमा तो जैसे जंन्नत में ही पहुँच गयी थी चूत में उंगली और गाँड मे जीभ उसके मुँह से तो सिर्फ मस्ती मे करहाने की ही आवाज आ रही थी। वह मस्ती में अपनी गाँड मटका कर इसका इजहार कर रही थी। अब मैंने अपनी दो उंगलीयाँ रीमा की चूत मे घुसा दी और धीरे से उसकी चूत चोदने लगा। गाँड चाटना अभी भी जारी था रीमा खुद अपने चूतड हिला कर उंगली और जीभ अपनी चूत और गाँड मे ले रही थी। बडी ही बेर्शम थी रीमा चूत के मजे के लिये मस्त होकर अपने बेटे की उमर के मर्द के साथ खुल कर चुदायी के मजे ले रही थी और अपने बदन की वासना का खुली नुमायीश कर रही थी।

चोद बेटा और जोर से चोद मेरे लाल पूरी घुसा दे अपनी उंगली मेरी चूत में तेरी जीभ तो मेरे बदन के लिये ही बनी है जंहा भी तू अपनी जीभ रख देता है मेरा बदन मस्ती मे झूम उठता है। मादर चोद चाट साले अपनी माँ की गाँड खा जा मेरे चूतड भोसडी की औलाद ओह्ह्ह मेरे प्यारे मजा दे अपनी माँ को। मैंने जोर जोर से रीमा की चूत मे उंगली चलानी शुरु कर दी और गाँड को भी अपनी जीभ से चोदने लगा। रीमा पूरी तरह से पागल हो गयी और अपने चूतड को पागलो के भांति चलाने लगी। अब मेरी तीन उंगलियाँ रीमा की चूत मे चल रही थी रीमा के जोर से चूतड हिलाने की वजह से कभी कभी मेरा चेहरा रीमा की भारी चूतड मे पूरा घुस जाता जिससे मेरी नाक रीमा के चूतडो के बीच दब जाती। और रीमा के मस्ताने बदन की गंध मेरी नाक मे घुस जाती। मेरे पूरी चेहरे पर रीमा के चूतडो का स्पर्श मुझे मस्त कर रहा था। इसलिये मैं बीच बीच मे खुद ही अपने चेहरे को रीमा के चूतडो के बीच घुसा देता और उसके मतवाले चूतडो का मजा लेता। मैंने ना जाने कितनी रातो को रीमा के भारी चूतड मे मुँह घुसाने के सपने देखे थे और आज मेरा ये सपना पूरा हो रहा था।

क्रमशः........................
 
गतांक से आगे.....................

फिर मैंने रीमा के चूतडो को बेतहाशा चूमना शुरु कर दिया। अच्छे से उसके चूतडो को चूम कर मैंने अपने दूसरे हाथ की उंगली अपने थूक से गीली करी और रीमा की गाँड पर रख दी। और गोल गोल उसकी गाँड के चारो और फिराने लगा। मेरा दूसरे हाथ की तीन उंगलियाँ अभी भी रीमा की चूत मे जबर्दस्त चल रही थी। अंत मे मैंने अपनी उंगली उसकी गाँड के छेद पर रखी और थोडा जोर लगाया जिससे मेरी आधी उंगली उसकी कसे हुये छेद मे समा गयी। उंगली गाँड मे जाते ही रीमा मचल उठी उयी माँ ये क्या किया मेरी गाँड मे उंगली घुसा दी मादर चोद मर गयी रे दोनो छेद चोदेगा मेरे एक साथ मेरे लाल मजा आ गया तेरा दिमाग भी चुदायी शास्त्र की भाषा सिखने लग गया है मेरे जैसी मस्तानी औरतो को दोनो छेद मे एक साथ चुदवाने मे बडा मजा आता है मेरे लाल चोद माँ की चूत और गाँड एक साथ कर ले मजा मर गयी रे बडा ही मजा आ रहा है। रीमा खुद आगे पीछे अपने चूतड हिला कर अपनी चूत और गाँड दोनो चुदाने लगी और मैंने रीमा की चूतड को चूमना शुरु कर दिया। रीमा की चूत चोदते हुये मेरी उंगलियाँ उसके चूत रस से पूरी तरह सन गयी थी और अब वही चूत रस मेरी हथेली पर बहने लगा था। मैंने अपना हाथ रीमा की चूत से निकाल लिया मेरा चूत रस के सने हाथ को अपनी नाक पर रख कर सूंघने लगा। हाय मादर चोद भोसडी की औलाद क्या कर रहा है उंगली क्यो निकाल ली मेरी चूत से कितना मजा आ रहा था चुदने में और थोडी देर करता तो मैं झड ही जाती। सारा मजा किरकिरा कर दिया तूने।

अरे माँ देखो मेरे हाथ मे कितना सारा तुम्हारा चूत रस लग गया है अगर थोडी देर और इसी तरह तुम्हारी चूत चोदता तो सारा रस बह जाता और बर्बाद हो जाता तो मैंने इसको चाटने के लिये हाथ बाहर निकाला है। ताकि मैं इसको चाट कर साफ कर संकू। तो रुक अपनी उंगली मेरी गाँड के कसे छेद से भी निकाल मैं भी देखना चाहाती हूँ की मेरा बेटा कैसे मेरे चूत रस को चाटता है। ये देखना तो किसी किसी माँ को ही नसीब होता है। ठीक है माँ मैंने रीमा की दोनो चूतडो को आखरी बार चुम्बन लिया और अपनी उंगली उसकी गाँड से निकाल ली। गाँड से निकालने के बाद मैंने उसकी उंगली अपनी नाक के पास रखी और सुंघने लगा। उसकी गाँड की सौधी गंध मुझे बहुत ही मस्तानी लगी और मेरे लंड ने भी एक झटका मार कर रीमा की गाँड को एक सलामी दी। मेरे लंड की हालत बहुत ही खराब थी एक तो वह मस्ती मे बहुत तन गया था दूसरा नडा बंधा होने के कारण लंड की सारी नसे फटने को तैयार थी। और लंड मे दर्द भी हो रहा था पर इस दर्द में भी मेरा लंड पूरा मस्त था और उसे भरपूर मजा आ रहा था। श्याद मैं पूरी तरह से रीमा के मस्ताने बदन का सेवक हो चुका था वह जो भी कहती मैं मना कर ही नंही सकता था। फिर रीमा उठ कर मेरे तरफ मुँह करके अपने नंगे चूतड कालीन पर टिका कर बैठ गयी वह मुझे अपने चूत रस का सेवन करते हुये देखना चाहाती थी। मेरे अंदर उसके लिये जो प्यार था वह इस सब के जरीये महसूस करना चाहाती थी।

जैसे ही रीमा मुड कर बैठी मैंन वह उंगली जो रीमा की गाँड मे घुसायी थी अपने मुँँह मे भर ली और रीमा की और देख कर चूसने लगा। मैंने अपनी ऊंगली को अपने थूक मे लथेडा और चूस कर गाँड रस को पी गया रीमा मुझे यह सब करते हुये देख रही थी और मुझे अपनी उंगली चूसते देख कर रीमा बहुत ही मस्त हो गयी और उसकी हाथ खुद अपनी आप अपनी चूचीयो पर चले गये वह खुद ही अपने हाथ से अपनी घुंडियो से खेलने लगी। थोडी देर मैं ही चाट कर मैंने अपनी ऊगली साफ कर दी। फिर मैंन अपनी दूसरी हथेली को अपने चेहरे के पास लाकर उस पर लगे हुये रीमा के चूत रस को हथेली पर से चाटने लगा। मुझे ऐसा करते देख कर रीमा की आँखो मे प्यार और वासना के भाव जाग उठे। वह पहले से ही गर्म थी पर मेरी इस हरकत से बहुत ज्यादा गर्मा गयी उसका एक हाथ खुद ही फिसल कर अपनी चूत कर चल गया और अपनी गीली चूत के मस्ताने चूत के दाने से रीमा खेलने लगी। मैं अपनी जीभ से रीमा का रस लेता और अपनी जीभ रीमा को दिखाते हुये मुँह मे भर कर चूस लेता। पहले मैंने हथेली मे लगा माल पिया और फिर उंगलियो मे लगे रस को चाट कर पीने लगा। रीमा का मस्ती भरा चूत रस मेरे अंदर एक नयी ही ऊर्जा भर रहा था।
 
रीमा ने अपनी दो ऊंगलिया अपने चूत मे घुसेडी और अपने अंगूठे से अपने चूत के दाने को रगडते हुये अपनी चूचीया जोर जोर से मसलने लगी। अपनी मुँह बोली माँ के चूत रस से प्यार करने वाली संतान पा कर माँ बहुत ही प्रसन्न थी। और अब वह मुझे खोना नंही चाहाती थी। धीरे धीरे मैंने अपनी सारी उंगलिया और उसके बीच भी जमा रस को अपनी जीभ से चाट कर चूस लिया। फिर मैंने अपनी ऊंगली अपने मुँह मे डाली और चूसने लगा जैसे कोई लालीपॉप चूस रहा हूँ रीमा भी जोर जोर से अपनी चूत में उंगलियाँ चला रही थी म्म्म्म्म्म ओह्ह्ह्ह्ह मेरे लाल म्म्म्म्म और ऐसा लग रहा था जैसे वह अपना पूरा हाथ ही अपनी चूत मे घुसा देगी। श्याद मेरा उसके चूत रस के प्रति प्यार उसे और भी उत्तेजित कर रहा था। मैंन अच्छी तरह से सारी ऊंगलियाँ चूस कर रीमा का सारा चूत रस पी लिया। रीमा की ऊंगलियाँ उसकी चूत मे घुसी होने के बाद अपने चूत रस से भीग गयी थी। जब मैंने चूसना बंद कर दिया तो रीमा मेरे तरफ देख कर बोली म्म्म्म बेटा मजा आ गया तेरी रंडी माँ को देख खुद अपनी चूत चोद कर मेरी उंगलियाँ भी चूत रस से गीली हो गयी है बेटा आ जा इनको भी चूस ले इनको भी चूस कर साफ कर दे देख नंही तो सारा रस बर्बाद हो जायेगा। अपनी उंगलियो को मेरी तरफ करती हुयी रीमा ने कहा। हाँ माँ कह कर मैं घुटनो के बल चलता हुया रीमा के पास गया और रीमा ने एक हाथ से मेरे सर पर प्यार से हाथ फेरा और अपनी उंगलियाँ मेरे नाक के नीचे कर दी। मैंने पहले रीमा की उंगलियो को सूंघा और फिर प्यार से उसकी उंगलियो को चूमने लगा।

क्रमशः........................

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गतांक से आगे.....................

फिर मैंने उसकी उंगलियाँ एक साथ अपने मुँह मे भर ली और चूसने लगा रीमा खुद ही दूसरे हाथ से अपनी चूची को मसलते हुये मुझे अपना चूत रस पीते हुये निहारने लगी। रीमा की आँखो मे वासाना भाव साफ दिख रहा था। मैं रीमा की उंगलियो को जोर जोर से चूस रहा था और उसके रस को पीता जा रहा था फिर मैंने जीभ लगा कर उसकी उंगलियो के बीच को भी चाटना शुरु कर दिया काफी मदमस्त रस जमा था रीमा की उंगलियो पर। थोडी ही देर मे सारा पी लिया मैंने। माँ देखो अब तो मैंने सारा रस पी लिया अब तो मुझे गाँड चाटने दो बडा मजा आ रहा था तुम्हारी गाँड चाटने मे। साले गाँडू यहाँ मेरी चूत गर्मी मे जल रही है और तुझे गाँड की पडी है माँ थोडी देर गाँड से खेल लेने दो फिर मैं तुम्हारी चूत को झडा कर शांत कर दूंगा चलो ना माँ अब कुतिया बन जाओ और मुझे अपनी गाँड से खेलने दो। रहने दे गाँडू अब मैं अपनी चूत का ख्याल खुद करूंगी तुझे गाँड चाटनी है न ठीक है चटवाऊंगी पर एक अलग आसन मे चल अब तो यहाँ कालीन पर चित लेट जा जैसे रीमा ने कहा मैं फौरन लेट गया रीमा ने सोफे का एक कुशन मेरे सर के नीचे रख दिया। जिस्से मेरा सर थोडा सा उपर उठ गया।

जैसे ही मैंने अपना सर कुशन पर रखा रीमा कालीन पर से उठी और अपने दोनो पैर मेरे चेहरे के दोनो और रख खडी हो गयी मैंने उपर सर उठा कर देखा तो रीमा मुझे नीचे लेट कर मुस्कुरा रही थी और उसकी गीली चूत उसकी खुली टांगो के बीच साफ नजर आ रही थी। ले बेटा अब मैं बैठती हूँ. मेरी नज़र माँ के चूतडो की तरफ थी जो उसके बदन से बाहर निकल कर पहाड की चोटी के सामान उभरे हुये थे। तैयार है बेटा बैठूं मैं तेरे मुँह पर हाँ माँ मै तैयार हूँ। फिर रीमा धीरे धीरे नीचे बैठने लगी। उसके मोटे चूतड धीरे धीरे मेरी आँखो के सामने आने लगे। उन मोटे चूतडो के गोलाई उनका उभार चूतडो के बीच के दरार कमर से फैल के बनाते दिल का आकार सभी धीरे धीरे मेरी आँखो के सामने था वह नजारा मेरे लिये किसी जंन्नत के नजारे से कम नंही था। फिर रीमा बैठ गयी और रीमा के शानदार चूतड मेरी आँखो के सामने थे। रीमा ऐसे बैठी थी जैसे औरते मूतने के लिये बैठती है। रीमा का चेहरा मेरे बदन से दूसरी और था। रीमा के चूतड पूरी तरह खुल गये थे और रीमा की मतवाली गाँड का छेद मेरी आँखो के सामने था। उसकी गाँड का छेद भी खुल गया था अभी कुछ देर पहले मैंने रीमा की गाँड चाटी थी इसकी वजह से रीमा की गाँड का छेद अभी भी गीला था। रीमा की चूत भी नीचे बैठने के कारण खुल गयी थी और उसके अंदर का लाल हिस्सा नजर आ रहा था।

मैंने अपने चेहरे हो थोडा था व्यवस्थित किया जिससे मेरी नाक रीमा की चूत और गाँड के छेद के बीच के हिस्से पर आ गयी रीमा की गीली नंगी चूत मेरे सामने थी और मेरे होंठ गाँड के नीचे आ चुके थे। अब मैं आसाने से अपनी जीभ निकाल कर रीमा की गाँड का मस्त बदबू भरा छेद चाट सकता था। और उसके मस्त स्वाद का मजा ले सकता था। ले बेटा तेरी माँ तेरे मुँह पर बैठ गयी और अब चाट मेरी गाँड बडी विनती कर रहा था न कि गाँड चाटने दो ले अब चाट सोच क्या रहा है रंडी की औलाद हराम जादे चाट मेरी गाँड साली बडी खुजली हो रही है मेरी गाँड मे मिटा दे मेरी खुजली चाट कर फिर तुझे अभी मेरा पेट और मेरी छातीयो से भी तो मेरा पसीना चाटना है और फिर से मेरी चूत गर्म हो जायेगी तो उस्को शांत भी तो तू ही करेगा हरामी अब देर न कर जल्दी से मिटा मेरे गाँड की खुजली। मैंने अपनी जीभ निकाली और रीमा की गाँड पर अपनी जीभ फिराने लगा रीमा ने भी अपने भारी भरकम चूतड को स्थिर कर लिया जिससे मैं रीमा की गाँड के छेद को गीला कर संकू। मैं रीमा की गाँड के चारो और अपनी जीभ की नोक फिराता और फिर उसके छेद पर अपनी जीभ की नोक जमा कर उसकी गाँड कुरेदता। रीमा आरम से बैठ कर अपनी गाँड चटवाने लगी रीमा की ऊंगलियाँ अपनी झाँटो मे चल रहे थे और वह प्यार से अपनी झाँट सहला रही थी। रीमा मस्ती मे ज्यादा देर तक अपनी गाँड को स्थिर नंही रख सकी और मेरी जीभ पर गोल गोल घुमाने लगी। और जब मैं अपनी जीभ रीमा की गाँड के छेद पर रखता तो रीमा अपने चूतड नीचे दबा देती जैसे वह मेरी जीभ अपनी गाँड मे लेना चाह रही हो।
 
मैं खुद भा अपनी जीभ उसकी गाँड मे घुसाने को तैयार था। अब मेरे हाथ खाली थे तो मैंने अपने एक हाथ से अपने लंड को प्यार से होले होले सहलाने लगा क्योकी इतनी देर नाडे में बंधे रहने के कारण मेरा लंड को थोडे प्यार की जरूरत थी जो मेरा हाथ पूरा कर रहा था। रीमा ने अब अपनी उंगली से अपनी चूत की फाँको को सहलाना शूरु कर दिया था जो इस बात का संकेत था कि इतनी बार झडने के बाद भी रीमा मे शरीर मैं फिर से गर्मी चढ गयी थी और उसकी चूत फिर से गर्म होने लगी थी। अब रीमा जोर जोर से अपने चूतड मेरी जीभ पर घुमा रही थी जिसकी वजह से मेरी नाक उसकी चूत पर कभी कभी रगड खा जाती थी। जिससे मेरी नाक रीमा के रस से थोडी गीली हो चली थी। रीमा की गाँड की खुजली अब श्याद कुछ ज्यादा ही बढ चली थी क्योकी रीमा बार बार मेरी जीभ अपनी गाँड मे लेने की कोशिश करने लगी थी।

मैं खुद भी अब रीमा की गाँड मे जीभ डाल कर उसकी गाँड मारना चाहाता था मेरा हाथ भी अब मेरे लंड पर जोर जोर से चल रहा था। रीमा के जोर से चूतड चलाने के कारण कभी कभी तो मेरी नाक रीमा की चूत मैं भी घुस जाती थी रीमा को भी यह बहुत अच्छा लग रहा था उसकी अपनी चूत और गाँड दोनो मराने को मिल रहे थे एक ही साथ। जो उसको और भी उत्तेजित कर रहा था और अब वह अपने चूत के दाने को खुद ही अपने ऊंगली से सहला रही थी। जो मुझे बहुत भा रहा था। थोडी देर बाद रीमा बोली अब बेटा तू अपनी जीभ कडी कर ले अब मैं अपनी गाँड तेरे जीभ पर रख कर तेरी जीभ से मरवाऊंगी। तेरी जीभ लेना का मन है अब तेरी माँ का अपनी गाँड में अब बेटा देख देर न कर और जल्दी से कडी कर ले अपनी जीभ और घुसेड दे अपनी माँ की गाँड मे फिर मैं खुद तेरी जीभ पर उछल उछ्ल कर अपनी गाँड मारूंगी कर न बेटा कडी अपनी जीभ क्यों अभी भी चाटे जा रहा है और मत तडपा बेटा बहुत हो गया मेरे लाल।

ठीक है माँ कर लेता हूँ मैं अपनी जीभ कडी कह कर मैंने एक और बार उसकी गाँड अपनी जीभ से चाटी और अपनी जीभ की नोक कडी करके बाहर निकाली और रीमा के गाँड के छेद पर रख दी। रीमा ने अपने चूतड को थोडा इधर उधर करके ठीक से गाँड को मेरी जीभ की नोक पर जमाया और अपने चूतड मेरी जीभ पर दबाने लगी। मेरी जीभ कडी थी दूसरा रीमा ने अपने एक हाथ से अपने चूतड और चौडे करके अपनी गाँड का छेद और भी खोल दिया था जिससे मेरी जीभ आसानी से रीमा की गाँड मे घुस सके। रीमा के प्रयास से धीरे धीरे मेरी जीभ रीमा की गाँड मे घुसने लगी और रीमा की गाँड की गर्मी मुझे अपनी जीभ पर महसूस होने लगी। जैसे जैसे जीभ रीमा की गाँड मे घुस रही थी रीमा मस्ती में गर्म हो रही थी और आँखे बंद करके करहाते हुये उसका आंनद उठा रही थी। धीरे धीरे रीमा ने करीब २ इंच जीभ अपनी गाँड मे घुसा ली। जीभ गाँड मे घुसाने के बाद रीमा थोडी देर रुक कर इसी तरह बैठी रही फिर उसने दोनो हाथो से अपने चूतड चौडे किये और धीरे धीरे अपने चूतड हिलाने लगी जिससे मेरे जीभ उसकी गाँड के अंदर बाहर हो रही थी। और रीमा मेरी जीभ से अपनी गाँड चुदाने लगी। चूतड पूरी तरह से खुले होने के कारण मेरी जीभ आसाने से उसकी गाँड मे घुस रही थी। मैंने अभी भी अपनी जीभ कडी ही कर रखी थी और रीमा खुद ही अपने चूतड हिला कर अपनी गाँड मराने का मजा ले रही थी।

 
थोडी देर तक अपनी जीभ इस तरह कडी रखने के कारण मेरी जीभ में थोड दर्द होने लगा था और अब रीमा भी अपने चूतड ज्यादा नीचे दबा रही थी ताकि ज्यादा से ज्यादा जीभ गाँड मे ले सके। अब रीमा के चूतड की रफतार बढ गयी थी और वह जोर जोर से चूतड हिला रही थी। मेरी जीभ उसकी गाँड गपागप निगल रही थी। रीमा मेरी जीभ से ही अपनी गाँड की खुजली मिटाने में जुटी हुयी थी। जब काफी देर तक रीमा की गाँड जीभ से चोदने हुये मेरी जीभ थक गयी तो मैंने अपना सर थोडा उपर उठा कर अपनी जीभ रीमा की गाँड से निकाल ली और रीमा की गाँड का एक चुम्बन लिया और बोला माँ अब तुम रुक जाओ मैं तुम्हारे चूतड खोल कर तुम्हारी गाँड जीभ से चोदता हूँ। हाय रे जालीम ये क्या किया तूने अपनी जीभ निकाल ली मेरी गाँड से बडा मजा आ रहा था मेरी गाँड को मस्त खुजली मिटा रही थी तेरी जीभ मेरी गाँड की। मेरी गाँड की हालत खराब है और तू मेरे साथ खेल खेल रहा है माँ के लौडे मादर चोद नही माँ मेरी जीभ थक गयी थी और उसमे दर्द भी हो रहा था इसलिये मैंने सोचा की अब मैं तुम्को और जीभ को थोडा आराम दे दूँ अब मैं खुद तुम्हारे चूतड चौडे करके तुम्हारी गाँड खोल कर तुम्हारी गाँड चाटूंगा और तुम सिर्फ मेरे मुँह पर बैठ कर अपनी गाँड को चटवाने का मजा लेना।

तो कर न मादरचोद ज्यादा बड बड मत कर चाट मेरी गाँड अब सहा नंही जाता तेरी माँ से माँ बहुत बैचेन है तेरी जीभ का प्यार पाने के लिये। मैंने फिर से एक चुम्बन रीमा के मतवाली गाँड पर रख दिया और खुद अपने हाथो से खीच कर उसके चूतड एक दम चौडे कर दिये जिस्से रीमा की गाँड के छेद एक दम खुल गया और उसके अंदर का लाल हिस्सा भी नजर आने लगा। रीमा की खुली गाँड मुझे बहुत ही सुंदर लग रही थी मैंने उसकी गाँड छिद्र के चारो और चुम्बनो के बौछार कर दी। मन भर कर चुम्बन लेने के बाद मैंने रीमा की गाँड के छिद्र मैं अपनी जीभ लगायी और जीभ को गाँड पर गोल गोल घुमाने लगा। रीमा मस्ती मैं करहाते हुये अपने चूतड स्थिर करके बैठी थी। मैने रीमा की गाँड मे अपनी जीभ से थूक भरना शुरु कर दिया जिससे रीमा की गाँड का रस्ता थोडा गीला हो जाये और मैं आसाने से रीमा की गाँड जीभ से मार संकू। फिर मैंन अपनी जीभ रीमा की गाँड मे घुसेडी और गाँड के अंदर घुमा कर गाँड की गर्मी का ज्याजा लेने लगा। रीमा भी मस्ती में भर गयी और उसके मुंह से करहाने की आवाजा आने लगी। रीमा अपने हाथ चूत पर रख कर खुद ही अपनी चूत को सहलाने लगी थी।

क्रमशः........................
 
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