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माया complete

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"उम्म... मोम, कैसे मेनटेन किया है खुद को आपने.." शालिनी आगे आके बोली, लेकिन उसका बदन अभी भी सीमी से चिपका हुआ था...

"यह कैसी बातें कर रही हो अपनी सास के साथ.. गंदी बहू रानी.. छीई" सीमी ने धीरे से कहा और दोनो हँसने लगे...

"गंदी तो तब होती जब अपनी सास का ख़याल नहीं रखती.. लेकिन मैं तो यहाँ आपका और आप के बेटे का ख़याल रखने ही आई हूँ ना.." कहके शालिनी ने धीरे से अपने होंठ आगे किए और सीमी को होंठ चूसने की दावत दी..... सीमी भी धीरे धीरे आगे बढ़ रही थी, उसको लालच होने लगी थी... शरीर की आग पिछले कुछ दिनो में काफ़ी बढ़ गयी थी... भारत का लंड ना सही, शालिनी की चूत ही शायद यह आग बुझाए, यह सोच सीमी ने अपने तपते होंठ शालिनी के नरम होंठों पे जैसे ही रखे, दोनो के मूह से

"उम्म्म्मममममममम अहहहहहाहः" की सिसक निकली

"अहाहहा, छोड़ो भी अब... अपने पति के पास जाओ ना, यहाँ क्यूँ यह सब" सीमी ने अपने होंठ शालिनी से अलग किए, पर अब तक दोनो के बदन एक दूसरे से चिपके हुए थे और दोनो हंस हंस के बातें कर रहे थे...

उधर राकेश काफ़ी थक चुका था इसलिए वो जल्दी ही सो गया था.. भारत अपने रूम में बैठे बीते कुछ गणित कर रहा था.. उसकी गणित पैसो का नहीं, उपर पहुँचने का होता है.. वो बैठे बैठे यह सोच रहा था कि इंटरव्यू में क्या करेगा, और कौनसी डेसिग्नेशन माँगेगा.. उसने शॅरन को फोन मिलाया जो दूसरे दिन यूएस के लिए निकल रही थी

"हे शॅरन.. होप यू एंजाय्ड दा पार्टी" भारत ने पहले शब्द कहे

"ओह यस आ लॉट.. फन मीटिंग युवर मम.. से, व्हाट्स अप" शॅरन ने अपने सूटकेस बंद करते हुए कहा

"जस्ट वांटेड टू कन्फर्म दा जेपीएम थिंग, आरयू ऑन इट ?" भारत ने सुराग लेना चाहा

"ओह यस.. इट्स डन... आ वीक फ्रॉम नाउ, यू नीड टू मीट मी ऑन टाइम्स स्क्वेर एनवाई.. आइ विल टेक यू फ्रॉम देअर टू जेपीएम.. एनितिंग एल्स.."

"ना... सी या इन आ वीक्स टाइम... हॅव आ सेफ वन. बाय" कहके भारत ने फोन रखा और अपने कुछ ऑफीस के चम्चो को काम सौंपा, जेपीएम इंडिया के कुछ फिगर्स कंपाइल करने के लिए.. अब सेल्स में यह काम इतना मुश्किल नहीं... अक्सर, जो बंदे सेल्स फील्ड में घूमते हैं, चाहे वो किसी भी कंपनी में हो, आपस में दोस्त ही होते हैं.. चाइ की थडी या सुत्ते दोस्त.. इनके अलग अलग मिलने के ठिकाने होते हैं.... अब चम्चे तो चम्चे हैं, लग गये भारत बॉस के दिए हुए काम पे..

"व्हाई टेक सो मच स्ट्रेस.. इतनी क्या जल्दी है उपर पहुँचने की हाँ" शालिनी ने रूम में आके कहा

"नतिंग बेब.. यू से, कैसा फील कर रही हो,, फाइनली मेरी बीवी हाँ.. लकी यू.." भारत ने हंस के शालिनी से गले लग के कहा

"आइ लव यू आ लॉट भारत.. अब थोड़ा डर भी लगने लगा है" कहके शालिनी भारत से चिपकी रही

"कैसा डर बेबू..." भारत ने शालिनी को कस्के गले लगाया

"तुम इतना उपर पहुँचना चाहते हो... दिल से चाहती हूँ तुम्हारी हर मुराद पूरी हो, पर यह सोच के डर लगता है, कि तुम जितना उपर जाओगे, उतना ही मुझसे दूर होते जाओगे.. और मैं वो बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर पाउन्गि.." शालिनी ने नम आँखों से कहा

"मैं कहीं नहीं जाउन्गा... हम जाएँगे.." कहके भारत ने शालिनी को फिर से कस लिया

"चलो ठीक है.. खाना खाने आओ पहले, यह सब बाद में देखते हैं.." कहके शालिनी राकेश को बुलाने गयी और सीमी के साथ दोनो अपने पतियों का वेट करने लगी... राकेश और

भारत एक साथ ही आए खाने और खाते खाते चारो में काफ़ी हसी मज़ाक और बातचीत हुई.. बातों बातों में भारत ने राकेश को आदि के गिफ्ट के बारे में बताया और इंटरव्यू के बारे में.. सीमी और राकेश दोनो खुश थे कि भारत काफ़ी जल्दी करियर में प्रोग्रेस कर रहा है.. टेबल पे शालिनी और सीमी आँखों आँखों में कुछ बातें कर रहे थे,

भारत ने यह नोट किया पर इग्नोर करके खाने पे ध्यान दिया.. कुछ देर में खाना निपटके चारो अपने अपने कमरे में निकल लिए

"उम्म... बेबी, आज सुहागरात है हमारी, क्या सर्प्राइज़ दोगि मुझे" भारत ने शालिनी को कमरा बंद करके कहा और उसे पीछे से जाकड़ लिया

"अरे, रूको, आज की रात तुम्हारे लिए काफ़ी स्पेशल है..." कहके शालिनी ने खुद को अलग किया भारत से और वॉशरूम गयी फ्रेश होने.. पीछे भारत ने भी अपने कपड़े बदल लिए और शालिनी का वेट करने लगा.... कुछ देर में शालिनी जब बाथरूम से बाहर आई, भारत उससे देख के दंग रह गया.. शालिनी उस वक़्त एक पिंक टू पीस में थी, ब्रा से उसके चुचे बाहर आने को फुदक रहे थे, और नीचे से उसकी चूत , उसकी जांघें देख कोई ना मर्द भी होता तो भी वो एक बार तो शालिनी को चोद ही डालता....

 


"ओह्ह्ह.. आज की रात कोई मरने वाला है.." कहके भारत बेड से उठा और जाके शालिनी से चिपक गया.. शालिनी से चिपक के, भारत अपना लंड शालिनी की चूत पे उसके पैंटी के उपर से ही घिसने लगा..

"अहहहहा... वेट ना, सर्प्राइज़ दिखती हूँ... " कहके शालिनी ने अपनी ब्रा उतारी और स्ट्रॅप से उसकी आँखें बंद कर दी...

"खबरदार जो आँखें खोली" कहके शालिनी उससे थोड़ी दूर हुई...

"अरे डार्लिंग, तुम नहीं, तो तुम्हारे चुचों की महक से ही काम चलाउन्गा कुछ वक़्त" कहके भारत ब्रा के कप को नाक के पास लाया और उसे सूंघने लगा

कुछ 30 सेकेंड्स बाद, दरवाज़ा खुलने की आवाज़ हुई और उसके दूसरे पल दरवाज़ा बंद होने की

"हाए मेरी जान कहाँ गयी थी......" भारत ने आवाज़ सुनके कहा... धीरे धीरे शालिनी भारत के पास आई और उसके कान में कहा " एंजाय दा सर्प्राइज़ बेबी, डोंट ओपन दा आइज़ एट

" कहके भारत का ट्रॅक उतारा और उसके लंड को धीरे धीरे कर हिलाने लगी

"उम्म्म... दिस ईज़ रेग्युलर बेबी अहहाहा, बट कीप गोयिंग उम्म्म...." कहके भारत बेड पे आराम से पीछे होके लेट गया.... धीरे धीरे कर लंड हिला कर, शालिनी ने अपनी स्पीड बढ़ा दी और अब एक प्रोफेशनल की तरह लंड हिलाने लगी

"अहहाहा बेबी, हाउ ईज़ इट... उम्म्म्म, मोम को चोदो ना अहहहहहा.. आज तुम्हारी मोम को चोदो ना अहहहाहा" कहके शालिनी ने अपनी स्पीड और तेज़ कर दी

"यस अहहहहा.. उम्म्म्मम बेबी अहहहहाः...." भारत सिर्फ़ इतना ही कह पाया

"बेबी नहीं उम्म श्हसस्स.. मोम कहो ना अहाहहाः" कहके शालिनी ने भारत के लंड के टोपे को सहलाना शुरू किया और अंगूठे से उसको सहलाने लगी

"अहहहहा यस अहहाहा मोम प्लीज़ फास्ट अहहहाहा लव यू मों आहाहहहहहा" कहके भारत ने अपनी टीशर्ट भी उतार फेंकी.. भारत के यह कहते ही शालिनी ने कहा

"ओपन दा आइज़ बेबी.."

भारत ने यह सुनते ही जैसे ही अपनी आँखों से ब्रा हटाई , वो अपने नीचे सीन देख के बौखला सा गया

"हाउईज़ दा सर्प्राइज़ बेबी..." शालिनी ने धीरे से कहा और उसके टट्टों को सहलाने लगी और उसकी आँखों में देखने लगी...

भारत के लंड को सीमी चूस रही थी और शालिनी उसके टट्टों को चाटने लगी...

यह देख भारत को समझ नही आया वो क्या कहे

"क्या हुआ बेटा... अपनी बीवी को माँ बना के चोद्ते हो.. आज अपनी माँ को अपनी बीवी की तरह चोदो.." कहके सीमी ने एक बार फिर भारत के लंड को मूह में लिया और उसे चूसने लगी..

शालिनी ने टट्टों को चाटना चालू ही रखा

"उम्म आहा सीसी... सासू माँ, अपने बेटे का ख़याल तो रखो, अपनी चूत चटाओ उसको" सीमी ने शालिनी से कहा..

"उम्म अहाहहा.. मेरी बहू रानी समझदार है उफ़फ्फ़ फहहा" कहके शालिनी नीचे से उठी और भारत को धक्का दिया बेड पे.. बेड पे गिरते ही शालिनी अपनी चूत भारत के मूह के पास लाई

"अहहहमम्म्म.. अपनी माँ को सक कर ना बेटा आआहा आजा आना आ" कहके शालिनी ने अपनी चूत को भारत के मूह पे रखा और भारत भी उसे सक करने लगा

"स्लूप्र्रर आहाहाहाहा.... स्लूर्र्ररप्प्प्प्प्प्पााहहहहः" इन आवाज़ों से भारत शालिनी की चूत को चाटने लगा.. नीचे सीमी भारत के लंड को अपने चुचों के बीच लाके उसे रगड़ने लगी

"अहहाहा उःम्म्म अहहहहहाहा.. उम्म अहहहहहहा" सीमी सिसकने लगी और अब एक जंगली रंडी की तरह भारत के लंड को मूह में लेके अपने सर को आगे पीछे करने लगी..

"आहा बेटा उफ़फ्फ़.... देखो, तुम्हारी बीवी को माउत फक की ज़रूरत है अहहहहः.. " शालिनी ने भारत से कहा.. यह सुन भारत ने भी धीरे धीरे लंड के धक्के मारना सीमी के मूह में चालू किया

"अहहहः मेरी सासू माँ अहाहहाः... कितनी बड़ी रंडी हो तुम अहहाहा, मेरी ज़रूरत समझ गयी अहहहौमम्म" कहके सीमी ने भारत के लंड के धक्कों को सहना चालू रखा..

भारत के हर झटके के साथ, सीमी के हलक तक उसका लंड जा रहा था,

"उफ़फ्फ़ अहहहहा मेरी रंडी बहू अहाहहाः.. मेरा पानी पी ले अहाहहाहा" कहके शालिनी भारत के उपर से उठी और सीमी के आगे अपनी चूत बिछा के सो गयी.....सीमी ने एक पल के लिए भारत के लंड को छोड़ा और शालिनी की चूत को चूसने लगी....

"उम्म अहहाहा सासू माँ मेरी रंडी अहहाहा.. तेरे बेटे के लंड के लिए तड़प रही हूँ अहहहहाहौमम्म स्लूर्पहाहहहहः... कम फॉर मी ना माइ सासू रंडी आहाहहहः" कहके सीमी शालिनी की चूत में एक एक कर तीन उंगलियाँ डाल दी और उसे रगड़ने लगी

"अहहहहहा एआष् अहहाहा फास्टर अहहहहा ज़ोर से मेरी बहू रानी अहहहहहा ज़ोर से आहहा उईईई मैं आई अहहहहहााअ" कहके शालिनी ने अपना पूरा पानी सीमी के मूह में छोड़ दिया.. सीमी ने शालिनी का पानी चाट के फिर भारत के लंड को मूह में लिया

"अहहाहम्म्म्म म.. उम्म्म इम्म्मी . फक युवर मोम ना बेटा अहहहह. आइ.एम सो अलोन अहहहहा.." कहके सीमी ड्रेसिंग टेबल पास गयी और उधर झुक के खड़ी हो गयी... लाइट में उसकी गान्ड की चमक देख भारत के मूह में भी पानी आने लगा...

"उम्म्म.,.. भारत, फक युवर मॉम ना अहहहा... आज अपनी माँ को चोदो और मदर्चोद बन जाओ अहहा... इनकी वजह से ही हम एक हुए हैं ना हाहहा... आओ कम ओन" कहके शालिनी ने भारत को उठाया बेड से और उसे स्मूच करके आगे ले जाने लगी... जैसे जैसे भारत और शालिनी आगे बढ़ रहे थे., शालिनी भी धीरे धीरे उसके लंड को हिलाने लगी..

"देखो इस चूत को अहहाहा... यहीं से तुम आए हो.. आज तुम्हे इसका ख़याल रखना है..उम्म्म अहहाहा स्लूप्र्र्रप अहहः" कहके शालिनी ने एक बार फिर भारत के होंठों को अपने होंठों से मिलाया और धीरे धीरे उसके लंड को आगे ले जाके सीमी की चूत पे सेट किया

"अहहहमम्म... फक हर ना माइ हब्बी आहहहाः" कहके शालिनी ने भारत को छोड़ा और आगे जाके सीमी के होंठों को चूसने लगी और उसके चुचों को मसल्ने लगी...

"ओह अहाहहा... मोम, आइ वॉंट टू फक यू अहहहहा.. " कहके भारत ने भी एक ही झटके में अपने लंड को सीमी की चूत में घुस्सा दिया.. पहले झटके में सीमी की चूत की दीवारों पे महसूस हुआ भारत का लंड.. इतना बड़ा नहीं था, लेकिन इतना तगड़ा था कि वो किसी की भी फाड़ सकता था

"अहहहहा उफफफफ्फ़ धीरे अहहहहहहाहा" सीमी ने पहले झटके में कहा

"नणना अहहाहा.. फक हर हार्डर माइ हब्बी अहहाहा.... ज़ोर से चोदो इस रांड़ को आहंम.. मज़ा ले ने मेरी रांड़ सासू माँ अहहहा.. अपने बेटे से चुदवा आज" कहके शालिनी ने सीमी के होंठों पे प्रहार चालू रखा

"अहहहहः यआःा अहहहा... आइ लव यू मोम आहाहहहहा एस अहहहहा.... यआःा ठप ठप्प ठप्प्प ठहहाहाप्प्प फक फुयकक्क फुक्कलनाहहहहा" आवाज़ें रूम में गूंजने लगी

"अहहाहा हां बेटा चोद दे ना आज मुझे अहहहहा.. लव यू माइ सन अहाहहाअ... मेरी बहू रानी अहाहहा लव यू अहहहा.. तेरी वजह से अहहहः यह आअजजा आज हुआ है

अहहहहाहा.. हाए और चोदो मेरे मर्द बेटा अहहहहा.. मेरी सारी जायदाद अज़ज्जजा आआहहः तेरे नाम मेरी मेरी बहूरानी अहहहहाहा और चोदो ना बेटा अहहहहा.. यआहहा अहहहहा. ट्रीट मे लाइक आ स्लट अहहहहहा यआः फक मी अहहहः" सीमी अनाप शनाप बकने लगी.. भारत भी आज बेरहम होकर चुदाई करने लगा था

":उहहा अहहा मोम यआःा आहा ल;व यू मोम अहहहहहा... ओह्ह्ह फक अहहहः थॅंक्स शालिनी अहहहहहा फक अया अहहाहा ओह्ह्ह माइ स्लट वाइफ अहजहहहाहा" कहके भारत सीमी की चूत में धक्के लगाता गया.. आगे से शालिनी भी जब सीमी को किस करके और उसके चुचों को मसल के थक गयी

"बेबी अहहहा.... सोफा पे लाओ ना इस रांड़ को अहहहहहा" कहके शालिनी उठी और सीमी को डेब पे लाई.. सोफा पे आते ही, शालिनी वहाँ लेट गयी, और सीमी को उसके उपर आने को कहा.. जैसे ही सीमी ने पैर उपर उठाया, भारत ने उसी वक़्त लंड को उसकी चूत में घुसाया और धक्के लगाने लगा

"अहहहाहा बेटा अजहहा धीरे, पोज़िशन आहहहाः में आने तो अहहहाहा दे ना अजाहा उफफफ्फ़" कहके सीमी चिल्लाने लगी....

"अहहाहा मेरी सासू रांड़, यही पोज़िशन है हमारी अहाहहाहा " कहके शालिनी नीचे से उसकी चूत को अपने हाथों से रगड़ने लगी

"अहहहा यआःा अहहहहा.. तुम सॅलो अहहहहहा ब्लू अहाहा फिल्म में तो काम नहीं करते अहहहहा.. यॅ फक मी हार्डे अहहहहाअ..." कहके सीमी अपनी चूत को आगे पीछे करने लगी..

"अहहः एंजाय ना मोम अहाहहाहाआ... लव यू आ लॉट अहहहहा.."कहके भारत धक्के लगाता चला गया, बीच में सीमी ने पीछे पलट के देखा तो भारत शिद्दत से उसकी चूत मार रहा था... "अहहहहा कम हियर ना बेबी अहहहहा, सक मॉमा लिप्स ना आआहहहहाः उम्म्म्ममम" सीमी ने उसके होंठ चूसना चालू किया..

"अहाहाहा फक ना अहहाहा आइम टाइयर्ड बेटा अहहहहहहा" सीमी ने धीरे से कहा.. यह सुन के भारत ने अपने लंड को सीमी की चूत से निकाला और सीमी को अपनी बाहों में लेके बेड की तरफ चलने लगा.. बेड पे सीमी को फेंक के, अब आगे से उसकी चूत पे लंड सेट किया और धक्के मारना चालू कर दिया

"उम्म्म, मेरी रांड़ सासू का मूह खाली क्यूँ अहहाहाः" कहके शालिनी अपनी चूत लेके सीमी के मूह पे बैठ गयी, और सीमी भी पालतू रंडी की तरह शालिनी की चूत को चाटने लगी...

"स्लूऊर्रप्प अहहहहहहा..उम्म्म अहहहहा .. येअहह्हा फक मोम अहहाहा ठप्प्प ठप्प्प्प तह्प्प्प्प्प्प थप्प्प " इन आवाज़ों से रूम गूंजने लगा... भारत के धक्को की वजह से सीमी में अब बिल्कुल भी जान नहीं रही थी....

":अहहहः मोम, आइम कमिंग आहहहहाहा.. कहके भारत ने अपने लंड को सीमी की चूत से निकाला और अपने लंड का सारा पानी सीमी के चुचों पे छोड़ दिया.. और वो थक के बेड पे एक कोने में गिर सा गया

"उम्म्म अहहा इसे वेस्ट नहीं करते मेरी प्यारी सासू माँ" कहके शालिनी ने सीमी के चुचों से भारत के स्पर्म को अपने होंठों पे लिया और सीमी को चूमने लगी, सीमी ने भी बखुबी उसका साथ दिया...

"आहाहाहा मेरी रंडी बहू... दुनिया की सबसे प्यारी बहू है तू " कहके सीमी ने शालिनी को गले लगा लिया जिससे उन दोनो के चुचे आपस में टकराने लगे..

 


सीमी की चूत करीब आधे घंटे तक मारने के बाद भारत के सीने से जान ही निकल गयी थी.. उसको चोद चोद के, भारत बेड पे गिर ही गया और आँखें बंद करके ज़ोर ज़ोर से साँसें लेने लगा.. उधर शालिनी और सीमी ने भी एक दूसरे को चूमना बंद किया और सीमी अपने कमरे की ओर निकल गयी कपड़े पहेन के...

"व्हाट हॅपन बेबी... काफ़ी थक गये हाँ.." शालिनी ने भारत की छाती पे बैठ के कहा

"व्हाट .." भारत इसके आगे कुछ कह ही नहीं पाया.. उसकी साँसें उखाड़ने लगी....

यह देख शालिनी हल्की सी हँसी, और उठ के अपने कपड़े पहने और भारत के पास आके फिर लेट गयी... 10 मिनट बाद जब भारत की साँसें सम्भल्ने लगी, तब उसने कहा

"व्हाट वाज़ तीस... मैं इसके लिए तैयार ही नहीं था"

"व्हाट दा हेल... तुम्हारे साथ मुझे मोम का भी ख़याल रखना है.. और तैयार नहीं थे, तो आधा घंटा कैसे चोदा इनको.. उन्होने ना तो मेरे जितना लंबा ब्लोवजोब दिया, ना ही 69... मैने वक़्त देखा, पूरी पूरी चुदाई की तुमने उनकी 25 मिनट तक.. इतना स्टॅमिना कहाँ से आया अगर रेडी नहीं थे तो..." कहके शालिनी ने भारत को अपनी चुचों की आड़ में

छुपा लिया और दोनो पूरी रात यूही सोते रहे..

उधर सीमी ने जाके अपने कमरे में देखा तो राकेश पर अभी भी नींद की दवाई का असर चालू था.. वो धीरे से अपने कमरे के बाथरूम में गयी और नहाने लगी.. आज सीमी की उतेज्ना देखने जैसी थी... सीमी ने कपड़े उतारे बिना ही शवर ऑन किया और उसके नीचे खड़ी हो गयी.. जैसे ही पानी की पहली बूँद उसकी चूत पे गेरी

"आहाहहा सीसिसीसिसीसिस" उसकी सिसकारी निकली

सीमी ने जब नीचे कर देखा, तो उसकी चूत का काफ़ी बुरा हाल हो चुका था... उसने धीरे से उसे टच किया तो ज़रा सूजी हुई लगी उससे... और हो भी क्यूँ ना, सीमी को राकेश से चुदे हुए 2 महीने हो गये थे.. सीमी इन 2 महीनो में जंगली बिल्ली बन चुकी थी.. यह तो शालिनी ने उसे वादा किया था कि उनकी सुहाग रात पे शालिनी नहीं, सीमी चुदेगि भारत से, नहीं

तो इन 2 महीनो में सीमी ने बाहर के जिगलो के लंड के बारे में भी सोच रखा था.. पिछले आधे घंटे में हुई चुदाई के बारे में सोच सोच के सीमी और भी गीली होती जा रही थी... करीब आधे घंटे तक सीमी शवर के नीचे ही खड़ी रही.. जब उसे लगा कि वो अब ठीक है, आराम से बाथरोब पहेन के वो राकेश के पास आई और उससे लिपट के सो गयी...

सुबह जब भारत उठा तो पास में शालिनी नहीं थी.. फ्रेश होके वो बाहर गया तो शालिनी और सीमी दोनो किचन में थे.. दोनो नॉर्मल थे, हँस हँस कर बतिया रहे थे... सीमी को विश करना आज पहली बार, भारत को थोड़ा ऑक्वर्ड लगा.. इसलिए किचन से आगे बढ़ के वो राकेश के साथ बिता और दोनो मार्केट की बातें करने लगे.. कुछ ही देर में सीमी और शालिनी चाइ नाश्ता लेकर आ गये... सीमी को सामने देख भारत उससे आँख नहीं मिला पा रहा था... इसलिए उसने चुप चाप कुछ बात किए बिना चाइ ली और फिर राकेश के साथ बातें करने लगा.... राकेश के साथ वो बात ही कर रहा था, तभी उसके मोबाइल पे एसएमएस आया

"स्टॉप बिहेविंग लाइक आ चाइल्ड नाउ... डोंट इग्नोर मोम... " शालिनी ने भारत को मसेज किया था...

कुछ देर तक वहीं बैठ के भारत ने अपनी चाइ और नाश्ता ख़तम किया और फिर किचन में जाके सीमी से चिपक गया

"गुड मॉर्निंग मोम.. स्लेप्ट वेल" भारत ने पीछे से चिपक के कहा...

"ओफ़कौर्स बेटे... " कहके सीमी ने भी उसे गला लगाया और दोनो बहू बेटे को फोर्हेड पे चूम लिया

"मोम, कल हम घूमने जाएँगे इसलिए थोड़ी शॉपिंग करनी है.. एक काम करते हैं, आप और डॅड भी चलिए हमारे साथ, शॉपिंग के साथ मूवी भी देख लेंगे" भारत ने सीमी से कहा

"अस्क युवर डॅड.. वो रेडी तो मी टू" कहके सीमी ने भारत को बाहर भेजा और शालिनी के साथ अपने काम में लग गयी.. भारत ने राकेश के साथ जाके प्लान डिसकस किया

"अरे वाह.. वेरी गुड आइडिया, काफ़ी दिन हुए यार मूवी देखे.. चलो लेट्स गेट रेडी आंड गो... आंड हम मेरी न्यू कार में आएँगे.. दा BMW आइ8.. " राकेश ने गर्व से कहा

"यह कब खरीदी आपने" भारत ने सर्प्राइज़ होके कहा

"ओये, तेरे लिए मँगवाई थी.. बट जैसे ही देखी, मुझसे रहा नहीं गया.. इसलिए अब मैं चलाउन्गा, तू अपनी खुद ले ले" कहके राकेश हँसने लगा और सब लोग तैयार होने चले गये

चारो लोग, तैयार होके निकल लिए मौज मस्ती करने.. राकेश सीमी अपनी गाड़ी में, और भारत शालिनी अपनी में...

"थॅंक्स स्वीट हार्ट,.." शालिनी ने भारत से कहा और उसके कंधे पे अपना सर रख दिया

"क्यूँ बेबी.." भारत ने सिर्फ़ इतना ही कहा

"बस.. ऐसे ही.. अब कुछ डिसकस नही करो.." शालिनी ने भारत से कहा और वो चल दिए माल की तरफ

शालिनी और सीमी एक एक कर हर स्टोर में जाते और खाली हाथ निकलते... राकेश और भारत माल में घूम घूम के काफ़ी थक चुके थे...

"यार कुछ ले क्यूँ नहीं रही हो तुम.." राकेश ने सीमी से कहा

'अरे कुछ समझ आए तो.. सब कुछ ओल्ड फॅशंड है इधर.. " सीमी ने शिकायती अंदाज़ में कहा

"मोम, आप एक काम करो, आप डॅड को लेके घूमाओ.. तब तक मैं और शालिनी कुछ खाते हैं और आपके लिए भी लाते हैं, ओके ना"

"हां यह सही है, तू अपनी बीवी के साथ घूम, मैं अपनी वाली के साथ" कहके राकेश ने सीमी का हाथ पकड़ा और दोनो आगे बढ़ने लगे..

भारत और शालिनी जाके कॉर्नर में बने एक रेस्तरो में जा बैठे और अपने लिए कुछ खाना ऑर्डर कर दिया... वहीं बैठे बैठे भारत और शालिनी बातें कर रहे थे, तभी भारत की नज़र भीड़ में खड़े एक शक्स पे पड़ी जो कोने में खड़ा अख़बार पढ़ रहा था.. भारत ने जब ध्यान से उसे देखा, तो उससे रहा नहीं गया...

"वेट शालिनी आइ विल बी बॅक..." कहके भारत उस शक्स के पीछे दौड़ा, जिसे देख वो शक्स भी वहाँ से भागा.. भारत उसके पीछे, वो उसके आगे.. माल के एक फ्लोर से दूसरे पे , दूसरे से तीसरे पे.. भारत बस उस शक़स के पीछे दौड़ता गया... जब वो शक़्स तीसरे फ्लोर पे गया , तब लिफ्ट पकड़ के वो बेसमेंट की तरफ भागा.. जब तक भारत लिफ्ट पे पहुँचता, तब तक वो निकल चुका था... भारत वापस स्टेर्स पे आया और जल्दी से नीचे भागने लगा.. भारत को वापस फर्स्ट फ्लोर पे देख शालिनी भी उसके पीछे भागने लगी

"भारत, वेट.. भारत .." चिल्लाके शालिनी उसके पीछे जाने लगी...

भारत को कुछ भी सुनाई नही दे रहा था, वो बस उस शक़स को पकड़ना चाहता था.. हानफते हानफते भारत जैसे ही नीचे पहुँचा, तो देखा वो शक़्स एक बिना नंबर की गाड़ी में भाग निकला...

"भारत.. व्हाट ईज़ इट.. व्हाट्स रॉंग.. व्हाट हॅपंड" पीछे से परेशान शालिनी ने चिल्ला के पूछा

"लुक अट यू.... आओ बैठो, बताओ क्या हुआ.... " शालिनी ने भारत को बिठाया और पूछा

"शालिनी... वो.... वो......" भारत की साँसें उखड़ने लगी

"हाउ कॅन यू बी श्योर भारत कि यह वोही है.. आइ मीन कोई और भी तो.." शालिनी ने इतना ही कहा कि भारत ने उसे अपनी आँखें दिखा के चुप करवाया

माल में हुए हादसे के बाद, भारत का बिल्कुल मन नहीं लगा लेकिन राकेश और सीमी की वजह से बे दिली वो उनके साथ रहा और मूवी देख के घर आ गये... घर आके भारत सीधा अपने कमरे में आ गया जिससे सीमी को कुछ ठीक नहीं लगा, पर उसने कुछ कहा नहीं और इग्नोर करके राकेश के साथ अपने काम में लग गयी..

 


"मैं उसे कहीं भी और किसी भी सूरत में पहचान सकता हूँ शालिनी.. आंड मुझे उसकी मौजूदगी से परेशानी नहीं है, परेशानी का मुद्दा है उसका मुझे देख के यूँ भागना और गायब होना" भारत ने अपने लिए सिगर्रेट जला के कहा.. भारत आगे कुछ कहने ही जा रहा था के उसका फोन बजने लगा.

"हे शॅरन... व्हस अप..." भारत ने फोन आन्सर करके कहा

"भारत.. आइम गुड, इट्स कन्फर्म्ड राइट, यू वुड बी अपीयरिंग फॉर आन इंटरव्यू डे आफ्टर टुमॉरो हियर.. आइ मीन यू आर डन विद दा टिकेट्स आंड अरेंज्मेंट्स राइट..." शॅरन ने अपनी ऑफीस की खिड़की के बाहर देखते हुए कहा

"ओह यस शॅरन... बट स्टिल आइम अनवेर अबाउट पोज़िशन" भारत ने शालिनी को अपनी सिगर्रेट देते हुए कहा

"दा पोज़िशन ईज़ ऑफ सीनियर मॅनेजर वेल्त टीम... बट आइ आम अफ्रेड, इट्स गोयिंग टू बी इन इंडिया ओन्ली.. होप यू आर फाइन विद दट" शॅरन ने थोड़ा झिझक के कहा, क्यूँ कि वो जानती थी कि भारत ने उसे यूएस के लिए कहा था और उसने हामी भी भरी थी

"व्हाई नोट यूएस, आइ मीन वी हॅड ऑलरेडी टॉक्ड ओवर इट राइट.." कहके भारत फिर परेशानी में आ गया

" आइ नो... बट दे आर नोट इन मूड टू हाइयर फॉर यूएस... दे थिंक इंडियन ईज़ गुड फॉर इंडिया ओन्ली.... सो यू आर इन ?" कहके शॅरन ने बात ख़तम करना चाही

"आंड हू वुड आइ बी रिपोर्टिंग टू..." भारत ने आखरी सवाल पूछा

"नो आइडिया मॅन... दिस वन ईज़ नोट इन माइ कंपनी.."

"कूल.. विल सी यू डे आफ्टर टुमॉरो. बाई..हॅव आ गुड वन अहेड..." कहके भारत ने फोन रखा और शालिनी के साथ डिसकस किया शॅरन के साथ हुई बात को

"तो इसमे प्राब्लम क्या है... टेरिटरी मॅनेजर से डाइरेक्ट वेल्त... अच्छा है ना, और मुंबई में ही रहेंगे... हाउ गुड ईज़ दट.." शालिनी ने भारत की परेशानी दूर करनी चाही, पर वो कामयाब नहीं हुई.. 5 मिनट में वो भारत को अकेला छोड़, सीमी के पास चली गयी और दोनो कल की पॅकिंग के लिए लग गये.. देर रात तक बॅग्स पॅक करके जब शालिनी अपने कमरे में आई तो देखा भारत अभी किसी से फोन पे लगा हुआ था

"तुम्हारे पास इसकी कुछ न्यूज़ आए तो बताना मुझे... गोल्ड्मन शच्स इंडिया में पता करो ओके... " कहके भारत ने फोन कट किया

"कॅन यू प्लीज़ कट दिस क्रॅप... 10 मिनट के बाद मुझे इस बारे में कोई बात नहीं चाहिए.. आम आइ क्लियर..." शालिनी कड़क आवाज़ में भारत से कहके फ्रेश होने चली गयी

शालिनी के जाते ही भारत ने 2-3 एसएमएस' किए और फिर बेड पे आराम से लेट गया.. 10 मिनट में शालिनी जब फ्रेश होके आई तो देखा भारत बेड पे आराम से लेटा हुआ है, पर उसके चेहरे की शिकन बता रही थी कि वो अभी भी कुछ सोच रहा है..

"तुम जानते हो, सोते सोते सोचने में तुम बड़े ही क्यूट लगते हो.." कहके शालिनी भारत के उपर आके सो गयी

"और तुम जानती हो, तुम्हारी इसी अदा की वजह से मैने तुम्हारे साथ शादी की है.." कहके भारत ने शालिनी को बाहों में लिया और उसे किस करके दोनो सो गये.. कुछ 3 घंटे में ही दोनो उठ के फ्रेश होने लगे, पर भारत ब्रश करके फिर सो गया

"भारत.. लेज़ी डॉग, जल्दी नहा लो यार... क्या है बच्चो के जैसे" कहके शालिनी उसे उठाने लगी

"कम ऑन बेबी, वी आर फ्लाइयिंग बिज़्नेस क्लास यार.. मुंबई टू न्यू यॉर्क... उधर कौन देखेगा मुझे, आंड मैं मेरा प्यूमा का ट्रॅक पेंट पहनुंगा ओके.. दट विल गिव मी सोबर लुक्स.. हॅपी"

"भारत, व्हाट यार, पूरा दिन नहीं नहाओगे... आंड टेल मी, किसी एर होस्टेस्स ने तुम्हारे बाद ब्रीथ की वजह से अटेंड करना छोड़ दिया तो... " कहके शालिनी जल्दी से फ्रेश होने गयी और जान गयी अब भारत कोई सुस्ती नहीं करेगा... खैर शालिनी अच्छी तरह से रेडी हुई, बॉडी पे कोई ऐसा पार्ट नहीं था जो उसने वॅक्स ना किया हो... सर के बालों से लेके चूत के बाल, सब का ध्यान देके एक घंटे बाद जब वो बाथरूम से निकली, भारत उधर नहीं था

"व्हाट दा हेल..." कहके वो अच्छी तरह तैयार होने लगी, और जीन्स टॉप के बदले, उसने एक टिपिकल भारतीय पोशाक पहनी.. माँग में सिंदूर, हाथों में चूड़ीयाँ.. वो सब को दिखना चाहती थी की वो हनिमून पे जा रही है... अपने रूम से तैयार होके जब निकली, तब राकेश और सीमी उसे ऐसे देख कर काफ़ी खुश हुए...

"लुकिंग वेरी प्रेटी बेटा, गॉड ब्लेस्स यू... " कहके सीमी ने उसे गले लगाया और तीनो मिलके भारत का वेट करने लगे.. करीब 10 मिनट में भारत जब आया तो राकेश ने उसे कहा

"क्या यार.. यह देख, तेरी बीवी कितनी सोनी लग रही है.. और तू है, बस जीन्स और टी शर्ट. वो भी फटी हुई है" राकेश ने जीन्स की तरफ इशारा करके कहा..

"डॅड, चिल्लेक्ष... मैने डियो लगाया है.. अब एर होस्टेसेस मुझे इग्नोर नहीं करेंगी.." कहके भारत ने सीमी को गले लगाया और चारों एरपोर्ट की तरफ निकल गये

रास्ते पे शालिनी ने सब डॉक्युमेंट्स चेक कर लिए एक बार और फिर आराम से बैठ के सीमी से बतियाने लगी.. एरपोर्ट पहुँच के भारत और शालिनी अंदर जाने से पहले राकेश और सीमी का आशीर्वाद लेने लगे...

"हॅव आ गुड वन भारत.. पहुँच के कॉल कर देना ओके." कहके राकेश ने भारत को छोड़ दिया और शालिनी से गले मिला

"मोम... विल मिस यू.." कहके भारत जैसे ही सीमी से गले लगा, सीमी ने कस्के भारत को अपने चुचों में धसाने की कोशिश की...

"उम्म्म्म... मम्मा आइविल ऑल्सो मिस यू माइ बॉय... आंड... अपनी रंडी पत्नी को अच्छे से चोदना, समझे.." सीमी ने भारत के कान में धीरे से कहा जिसपे भारत ने कुछ ज़्यादा रिएक्ट ना करके, बस एक स्माइल दी और सीमी से अलग हुआ.. दोनो चेक इन करके अंदर चले गये और राकेश भी सीमी के साथ घर की तरफ निकला...

रास्ते पे सीमी के मोबाइल पे एसएमएस आया

"विश यू वर विद अस... वुड हॅव फक्ड बोथ लाइक स्लट्स..." भारत

मेसेज पढ़ के सीमी के चेहरे पे खुशी की लहर दौड़ गयी जैसे.. जब से भारत और सीमी की चुदाई हुई थी, भारत अच्छी तरह सीमी से बात भी नहीं कर पा रहा था.. इस मेसेज से सीमी की सारी गिल्ट दूर हुई और वो खुश होने लगी...

"दिस मेसेज वाज़ नीडलेस..." भारत ने शालिनी से कहा जब दोनो बोरडिंग का वेट कर रहे थे

"भारत, प्लीज़ यार... मैं नहीं बोल रही कि तुम अपनी मोम से प्यार करो, या एनी अदर शिट.. बट मुझे लगता है शी ईज़ नोट सॅटिस्फाइड फिज़िकली दीज़ डेज़, तो क्या करें.. बाहर जाएगी तो हमारी बदनामी ही होगी... आंड उनको बस चोदना है.. मुझे चलेगा वो.. बट प्यार नहीं करना ओके.. वो मुझसे सहन नहीं होगा...: शालिनी की यह बात सुनके भारत थोड़ा कन्फ्यूज़ हो गया... बट उसने सिर्फ़ सुन के कुछ रिएक्ट नहीं किया और दोनो बैठ के बोरडिंग का वेट करने लगे... करीब 2 घंटे बाद फ्लाइट बोर्ड करके दोनो आराम से अपनी सीट पे सेट्ल हो गये

"आइ मस्ट से, आदि तुम्हे बहुत चाहता है.. तभी तो बिज़्नेस क्लास टिकेट्स दी है.." शालिनी ने भारत से मॅगज़ीन लेते हुए कहा

"एप... वैसे अड्वेंचर के लिए भी अच्छी है यह जगह" भारत ने जवाब में कहा...

 
मित्रो हॅपी दीवाली आप सभी को मेरी तरफ से बेस्ट विशिज
 


मुंबई से न्यूयारक की 20 घंटे लंबी फ्लाइट मे क्या करेंगे यार ये सब बातें करते करते फ्लाइट टेक ऑफ हुई और भारत शालिनी अपनी सीट पे दिए हुए गेम्स में उलझ गये... करीब 6 7 घंटे बाद जब दोनो बोर हुए गेम्स और मॅगज़ीन्स से, तो उन्होने कुछ खाने का ऑर्डर दिया..

"आइ मस्ट से यू आर लुकिंग वेरी प्रेटी टुडे.." भारत ने खाना सर्व करने वाली . को देख के कहा, लेकिन जैसे ही शालिनी ने उपर देखा तो भारत ने अपनी आँखें उसकी तरफ फेर ली... यह देख एयिर्हसटेस्स भी हस के वहाँ से निकल गयी..

"ह्म्म... मैं सब समझती हूँ" शालिनी ने जवाब दिया और दोनो खाने में बिज़ी हो गये..

खाना ख़ाके जब शालिनी वॉशरूम गयी, तब भारत ने भी कुछ करने का सोचा... भारत उठ के वहाँ से वॉशरूम के पास गया और शालिनी को ओपन करने के लिए कहा

"व्हाट.."

"शालिनी एक मिनट.." कहके भारत ने नॉक किया.. जैसे ही शालिनी ने दरवाज़ा खोला, भारत अंदर गया और अंदर की तरफ से दरवाज़े को लॉक कर दिया

"बेबी, गिव मी आ ब्लो जॉब प्लीज़.." कहके भारत शालिनी के होंठ की तरफ बढ़ा,

"भारत, फ्लाइट है.. आंड किसी ने देखा तो" शालिनी दूर होने लगी

"नो वन विल कम.. मैने एर होस्टेस्स से कहा है, शी विल टेक केर" कहके भारत ने अपने होंठ शालिनी के होंठों से मिलाए और उसे कुछ बोलने का मौका ही नहीं दिया

धीरे धीरे भारत अपना ज़ोर कम करने लगा और आराम से शालिनी के होंठों को चूसने लगा.. शालिनी भी अब उसका साथ दे रही थी

"उम्म्म्म.. अहहहहा... अहाहहा सक ना अहहहहा" कहके भारत ने अपनी जीन्स उतारी और शालिनी को नीचे बिठा दिया..

"अहहाहा सीईईई... उम्म अहहहा..... उम्म गिव इट टू मी ना अहहहहहाअ" कहके शालिनी ने भारत के आधे खड़े लंड को अपने दोनो कोमल हाथों में पकड़ा और धीरे धीरे हिलाने लगी

हिलाते हिलाते शालिनी धीरे धीरे कर, भारत के लंड को मूह में लेने लगी... धीरे धीरे कर, जब भारत के लंड ने शालिनी के मूह में अपना रास्ता बनाया, वो उसे हल्के से माउत फक देने लगा

"अहहाहा उम्म्म्म... सुक्क्क सुक्ककककक स्लूरप्रप अजज्जज्जजाजा सीसिईसिसिस..." शालिनी ससकने लगी

"अहहहाहा बीवी अहाहहा.. चूस ले ना अहहहहहौमम्म्म" कहके भारत के धक्के अब ज़ोर से लगने लगे.. शालिनी पूरी कोशिश कर रही थी भारत के लंड को हलक तक निगलने की

"अहहवगगगममममममम अवरगगगगगग आगगगगाहहहहः सीईईईईई" कहके शालिनी अब भारत के लंड को अपने मूह से ही मुठियाने लगी... भारत ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा और शालिनी को माउत फक करने लगा...

"अहहहा.. बेबी आइम कमिंग अहहहहः.. " कहके भारत ने अपने लंड को शालिनी के मूह से बाहर निकाला और सारा का सारा पानी टाय्लेट सीट पे छोड़ दिया

"अहहाहा.. नाउ सक मी ना बेबी प्लीज़.." कहके शालिनी नीचे से उठी और टाय्लेट सीट पे एक पेर रखा और एक ज़मीन पे.. धीरे से अपने सलवार को नीचे किया और अपनी चूत के दर्शन करवाए भारत को.... शालिनी की चिकनी चूत देख के भारत के मूह में पानी आने लगा

"अहहहहा.. उम्म गिव इट टू मी अहाहा.." कहके भारत ज़मीन पे अपनी टाँगों पे बैठा और अपनी जीभ गाढ दी शालिनी की चूत में

"उउफफफ्फ़ अहहहहाहा ओह्ह.. यॅ " शालिनी हल्की चीखने लगी भारत की जीभ को अपनी चूत पे महसूस करते ही

"उम्म्म अहहहाहा स्लूरप्प्प स्लूर्प्प अहहहहहाहा यॅ माइ रंडी बीवी अहहहहा.. उम्म्म्मममममम यआःहा आहहहा" कहके भारत जीभ से अपना काम करने लगा, और एक हाथ पीछे ले जाके शालिनी के गान्ड के छेद में अपनी उंगली घुमाने लगा

"अहाहहा नोट देअर बेबी अहाहहा यआहहहहहहा" कहके शालिनी ने भारत के बालों को खींचा और उसकी चूत में उसको दबाने लगी

"उम्म्म अहाहहाः एस अहहाहा.. " कहके भारत ने हल्के से अपनी उंगली शालिनी की गान्ड में घुसाई और उसे अंदर बाहर करने लगा

"अननन्ना ना ना.. ओह्ह्ह्ह यस अहहहहाहाः नूओ स्लो बेबी अहहहहहहवह... एसहहः" शालिनी अपनी चरण सीमा पे पहुँच चुकी थी.. चूत में जीभ और गान्ड में उंगली पाके शालिनी अब कंट्रोल नहीं कर पा रही थी....

"अहहहा बेबी येस अहहाहा... मेक मी कम ना अहहहा. यहहहाहा... आइम कमिंग ओह्ह्ह उफफफफ्फ़ अहहहहहाहा.." कहके शालिनी ने अपना सारा पानी भारत के मूह पे छोड़ दिया

"ओह्ह्ह फक अहहाहा.... गेट आउट नाउ..." कहके शालिनी ने खुद को संभाला, और भारत को बाहर जाने को कहा... भारत ने जल्दी से अपने हाथ मूह को धोया और बाहर आ गया... शालिनी अंदर खुद को ठीक करने लगी

भारत जैसे ही बाहर आया, कुछ लोग उसे ही घूर घूर के देखने लगे.. उसने इन सब को इग्नोर करके, एयिर्हसटेस्स को बुलाया...

"आम सॉरी, बट यू वर टू लाउड.... व्हाट कॅन आइ गेट यू..." एयिर्हसटेस्स ने भारत से हस के कहा

"थ्ट्स ओके.. आइ डोंट केर. थॅंक्स आ लॉट फॉर दिस, गेट मी वॉटर बॉटल प्लीज़..."

एर होस्टेस्स पानी लाने गयी... तब तक शालिनी भी आ गयी

"थॅंक्स बेबी.... नेक्स्ट स्टॉप.. न्यू यॉर्क नाउ.... वूहूऊ.." कहके शालिनी खुशी खुशी भारत से गले लग गयी

 


फ्लाइट में किए कारनामे के बाद, शालिनी और भारत को अलग अलग लोग घूर्ने लगे.. यह सब देख शालिनी को तो समझ ही नहीं आ रहा था वो क्या करे...

"चिल मार ना यार, कौन जानता है हमे इधर.. आंड वैसे भी, मेरी बीवी होके तुम दूसरों के बारे में सोचना बंद कर दो अब..." भारत ने अपना जूस फिनिश करके कहा

"कम ऑन यार... चलो, ठीक है, तुम गेम खेलो, मैं सो जाती हूँ... दट माइट हेल्प आ बिट.." कहके शालिनी सो गयी और भारत गेम खेलने में व्यस्त हो गया.. कुछ देर में गेम छोड़ के भारत आँखें खोल के अपनी रेक्लीनेर सीट पे लेट गया और उस इंटरव्यू के बारे में सोचने लगा... लेकिन कुछ देर में ही उसकी आँखों के आ गया वो माल का द्रश्य...

"उसने ऐसा क्यूँ किया आख़िर... " भारत खुद से कहने लगा और सोच सोच के पागल हो रहा था...

खैर... अब सोचते सोचते भारत की आँख भी लग गयी... फ्लाइट लॅंड होने के 2 घंटे पहले भारत की नींद खुली... फ्रेश होके भारत अपनी सीट पे आया और फिर से उस इंटरव्यू के बारे में सोचने लगा...

"यह यूएस है भाई.. यहाँ जुगाड़ तो चलेगा नहीं, और बिसाइड्स... मैने कुछ ख़ास तैयारी भी नहीं की.... अब क्या करूँगा..." भारत ने हल्की आवाज़ में खुद से कहा और अपनी हथेली में अपना चेहरा छुपाने लगा

"चिल ना बेबी..." शालिनी ने धीरे से भारत को कहा

"अरे. व्हेन डिड यू गेट अप स्वीट हार्ट..." भारत ने शालिनी की आवाज़ सुन कहा

"वो छोड़ो, यूएस में इंटरव्यू है तो क्या हुआ, है तो इंडिया के लिए ही.. आंड बिसाइड्स, आइम शुवर अगर तुमने काम के बारे में नहीं प्रिपेर किया, डेफनेट्ली कंपनी के बारे में ज़रूर पता किया होगा... तुम ऐसे तो हो नहीं कि कुछ ना करो.... चलो , चिल मारो, मैं फ्रेश होके आती हूँ.. " कहके शालिनी भी फ्रेश होने गयी और भारत एक बार फिर अपने ख़यालों में डूब गया....

"विक्रम कोहली.... तैयार हो जाओ.. तुम्हारा रीप्लेस्मेंट आ रहा है" भारत ने फिर से कहा और इस बार उसकी आवाज़ में एक कठोरता और आँखों में एक हल्की सी आग दिख रही थी...

न्यू यॉर्क लॅंड करके भारत और शालिनी होटेल द्वारा दी गयी कॅब में बैठे और 30 मिनट में होटेल पहुँच गये.. फ्लाइट काफ़ी लंबी थी, और जेट लग के कारण, शालिनी को होटेल पहुँचते ही तुरंत ही नींद आ गयी.. जैसे ही भारत ने देखा शालिनी सो गयी, भारत रूम बाहर से लॉक करके होटेल के रिसेप्षन पे पहुँचा, और होटेल से रिक्वेस्ट करके अपने लिए एक लॅपटॉप मँगवाया ताकि वो कुछ सर्फ कर सके.... भारत वहीं रिसेप्षन के सामने बैठ के सरफिंग करने लगा... जैसे जैसे वक़्त निकलता रहा, वैसे वैसे भारत नोट्स बनाने लगा... रिसेप्षन पे बैठी लड़की भी काफ़ी देर से उसको देख रही थी..

"आइ हॅव सीन आ लॉट ऑफ मेन हियर... बट हॅव नेवेर सीन सच आ फोकस ऑन वर्क..." उस लड़की ने अपनी साथी को कहा

रात के 9, 10, 11, 12... वक़्त निकलता जा रहा था, पर भारत को कुछ ध्यान नहीं था... वो बस अपने काम में ही लगा हुआ था...

"एक्सक्यूस मी सर... इट्स बीन 5 अवर्स नाउ, वुड यू लाइक टू हॅव आ कप ऑफ कॉफी...." रिसेप्षनिस्ट ने फाइनली अपनी जगह से भारत के पास जाके कहा

"उः.. नो, थॅंक्स आ लॉट... " भारत ने उस लड़की को नज़र अंदाज़ करते कहा और फिर कुछ नोट्स बनाने में जुट गया.. रात के करीब 2 बजे भारत ने फाइनली अपने बनाए हुए नोट्स की प्रिंट ली रिसेप्षन से और अपने रूम में निकल गया.. काफ़ी देर से लॅपटॉप के सामने बैठ के भारत की आँखें भी जल रही थी, इसलिए उसने भी जैसे अपनी आँखें बंद की, उसको तुरंत नींद आ गयी...

सुबह के करीब 7 बज रहे थे, भारत और शालिनी के रूम में एक दम अंधेरा था.. रात को इतने थके हुए थे कि परदा भी नहीं खोला था उन्होने अपनी खिड़की का.... रूम एक दम शांत था, भारत और शालिनी इससे पहले कभी ऐसे नहीं सोए थे... जब दोनो साथ होते एक दूसरे को हग करके ही सोते थे.. आज दोनो अलग अलग, दोनो के मूह एक दूसरे की उल्टी दिशा में... ऐसा लग रहा था मानो पति पत्नी में झगड़ा हुआ हो.... अचानक, भारत के मोबाइल की रिंगटोन बजी... रिंग टोन सुनते ही भारत ने हल्के से अपनी आँख खोली और पास में पड़े फोन को उठाया...

"हाई शॅरन.. मॉर्निंग..." भारत ने आलस भरी आवाज़ में कहा

"हाई बॉय.. लुक्स लाइक युवर फ्लाइट वाज़ रियली लोंग हाँ.." शॅरन ने अपनी उत्साह वाली आवाज़ में कहा

"या राइट... सो व्हेन यू रीचिंग टाइम्स स्क्वेर.." भारत ने बेड से उठ के कहा और खिड़की से परदा हटाया... परदा हटते ही, सूरज की किर्ने रूम में पड़ी, और उसी वक़्त भारत की नज़र शालिनी पे पड़ी... शालिनी को ऐसे देख सुबह सुबह भारत को काफ़ी सुकून मिला.. सोते हुए उसके मासूम चेहरे को देख, उसके बालों की एक लट उसकी आँखों में गिरी हुई देख, भारत कहीं खो सा गया..

 


"हेलो... यू देअर.. "शॅरन ने चिल्ला के कहा

"ओह यस... सॉरी.. टेल मी" कहके भारत ने फिर ध्यान शॅरन को दिया

" रीच देअर बाइ 9.. युवर इंटरव्यू ईज़ शेड्यूल्ड अट 10.. सी या सून..." कहके शॅरन ने फोन कट किया

भारत भी फ्रेश होने चला गया और जाते जाते सुबह का ब्रेकफास्ट भी ऑर्डर किया.. एक घंटे में फ्रेश होके भारत बाहर आया और तब तक ब्रेकफास्ट भी आ चुका था.... ब्रेकफास्ट को साइड करके, भारत रेडी होने लगा और रेडी होके करीब 8.15 को शालिनी के पास खड़ा रहा.. एक नज़र शालिनी के चेहरे पे डाल के उसका चेहरा खिल उठा...

"चलो बेबी, हाउ मच टाइम.." भारत ने शालिनी के सर पे हाथ घुमाया और उसे उठाने लगा... कुछ देर में शालिनी उठ गयी पर बेड पे ही लेटी रही....

"तुम अकेले जाओ ना, आइम वेरी टाइयर्ड प्लीज़...." शालिनी ने उठ के कहा.. भारत शालिनी को ऐसे देख पिघल सा गया.. शालिनी उस वक़्त कुछ ऐसी ही लग रही थी...

इतनी क्यूट सी आवाज़ में, इतने मासूम चेहरे से शालिनी ने यह बात कही, कि भारत उसके आगे कुछ कह ही नहीं सका.... उसने बस एक स्माइल दी..

"बेबी, ओके.. पर ऑल दा बेस्ट किस तो दो.." कहके भारत नीचे झुका और शालिनी के होंठ के पास गया.. शालिनी ने भी बिना किसी झिझक के भारत के सर को पीछे से पकड़ा, और उसके होंठों को धीरे धीरे कर चूसने लगी...

"उम्म्म अहहहा अहह सीईईईईईईई...." शालिनी सिसकने लगी, और कुछ ही सेकेंड्स में भारत को दूर कर दिया

"चलो जाओ अब... आंड ब्रेकफास्ट दो मुझे इधर ही. जल्दी.." कहके शालिनी सीधी हुई और खुद को बेडशीट से ढके रखा और भारत ने भी उसे ब्रेकफास्ट बेड पे सर्व किया.. दोनो ने एक दम शांति से अपना नाश्ता किया , और एक फाइनल बाइ करके भारत टाइम्स स्क्वेर के लिए टॅक्सी में निकल गया... करीब 15 मिनट के बाद जब वो टाइम्स स्क्वेर पहुँचा, वहाँ का नज़ारा देख वो काफ़ी खुश हुआ..

टाइम्स स्क्वेर पे खड़े रहके भारत अपनी नज़र हर कोने में घुमा रहा था.. वो हर एक चीज़ को अब्ज़र्व कर रहा था, और हर एक नज़ारा देख वो बस मंद मंद मुस्कुरा रहा था...

"व्हाट्स अप चॅंप..." किसी ने पीछे से भारत के कंधो पे हाथ रखा..

"यू स्केर्ड मी.." भारत ने पलट के देखा तो शॅरन खड़ी थी...

"व्हाई स्माइलिंग हाँ.. व्हाट्स दा सीक्रेट.." शॅरन ने भारत से पूछा और दोनो वॉक करने लगे

" यू नो शॅरन... दा ओन्ली थिंग दट आइ लव अबाउट मुंबई ईज़ दट सिटी नेवेर स्लीप्स.. फॉर दोज़ हू बिलीव इन अचीविंग एनितिंग अट एनी कॉस्ट.. मुंबई ईज़ दा प्लेस फॉर देम... टाइम्स स्क्वेर जस्ट टुक मी टू मुंबई फॉर आ वाइल..." भारत ने शॅरन से कहा और दोनो वॉक करते करते एक कॉफी शॉप पे रुक गये

"थ्ट्स राइट.. न्यू यॉर्क ईज़ दा डेविल ऑफ अमेरिका... पीपल आर स्केर्ड हियर, दे माइट जस्ट गेट बिग फॉर देम्सेल्व्ज़.. यू नो व्हाट आइ मीन.." कहके शॅरन ने अपने लिए कॉफी ऑर्डर की और भारत से बातें करने लगी.. काफ़ी देर अमेरिका और शालिनी के बारे में बात करते करते भारत ने कहा

"बाइ दा वे शॅरन.. हाउ आर माइ फ्रेंड्स.. रूबी आंड सिड.."

"दे आर गुड, मे बी.. यू डोंट टॉक विद देम दीज़ डेज़ .." शॅरन ने कहके एक अजीब लुक्स दिया

"टू ऑक्युपाइड डार्लिंग... विल मीट देम टुडे...."

"नोट पासिबल डियर, दे आर ऑन लीव फॉर सम टाइम नाउ.. इनफॅक्ट दे आर इन इंडिया ओन्ली... " शॅरन की यह बात सुन भारत को झटका सा लगा.. पर उसने तुरंत बात को हवा में उड़ाया और शॅरन से इंटरव्यू के बारे में डिसकस करने लगा.... कॉफी ख़तम करके शॅरन और भारत वहाँ से निकले और वॉक करते करते वॉल स्ट्रीट से होते हुए दोनो अपनी जगह पे पहुँचे..

"ओके दिस ईज़ इट.. आइ विल गो हियर, यू गो डाउन दा लेन, आफ्टर 2 ब्लॉक्स, थर्ड वन जेपीएम बिल्डिंग... ऑल दा बेस्ट आंड कॉल मे वन्स यू आर डन..." कहके शॅरन ने भारत से हाथ मिलाया और अपनी ऑफीस के लिए चली गयी.. शॅरन के जाने के बाद, भारत भी शॅरन के बताए रास्ते पे निकला और 5 मिनट में जेपीएम बिल्डिंग के नीचे खड़ा हुआ... कुछ सेकेंड्स बिल्डिंग देख, भारत ने एक लंबी साँस ली और अंदर चला गया.... मेन एंट्रेन्स से लेके रिसेप्षन तक पहुँचते पहुँचते भारत ने अगर ज़्यादा नहीं, तो एक दो लड़कियों की ठंडी आह तो निकली ही होगी.. लाइट कलर शर्ट पे उसकी डार्क ब्लू टाइ, बाल सेट किए हुए जेल से... और उसकी डार्क पेंट के साथ उसके चमकते जूते.. किसी को भी पहली नज़र में इंप्रेस कर देता.. उसके चेहरे से जो कॉन्फिडेन्स झलक रहा था, वो शायद ही किसी में दिखा हो... और ऐसा हो भी क्यूँ नहीं.. रात को जेपीएम इंडिया के बारे में उसने काफ़ी पता किया फॉर्मली और इनफॉर्मली , पर उसके साथ उसने यह भी देखा के लोग यूएस में इंटरव्यू में देने कैसे आते हैं.. क्या कपड़े सही रहेंगे और दूसरी कुछ बातें...

"सो व्हाई डू वी हाइयर यू मिस्टर...." एचआर मॅनेजर ने बस इतना ही कहा, कि भारत ने उसे बीच में टोक दिया

"भारत.. जस्ट भारत...."

भारत इस वक़्त जेपीएम बिल्डिंग के 25थ फ्लोर पे बनी एक ऑफीस में बैठा था, वो कॅबिन एचआर मॅनेजर का था... कॅबिन में हर एक चीज़ मौजूद थी जो इस बात को यह वज़न दे रही थी, कि वो ऑफीस जेपीएम की है, और किसी ऐरी गैरी बॅंक की नहीं.. चाहे वो एंट्रेन्स का ऑटोमॅटिक गेट हो, रिसेप्षन पे रखे फ्लवर वेस हो या उनकी कॅप्सुल लिफ्ट जिस में से पूरा न्यू यॉर्क देखा जा सकता था... ग्राउंड फ्लोर से लेके 35थ फ्ल्लोर तक, हर फ्लोर पे लगी बड़ी एलसीडी स्क्रीन जिसपे बिज़्नेस न्यूज़ चल रही थी...

"या... मिस्टर भारत..." एचआर मॅनेजर ने भारत की फाइल देख के कहा

"स्टॉप लुकिंग अट माइ फाइल.. दा रीज़न यू शुड हाइयर मी ईज़ हियर मिस्टर वाइट.." भारत ने एचआर मॅनेजर को उसके आखरी नाम से संबोधित किया और उसके हाथ में कुछ प्रिंट आउट्स दिए जो उसने कल रात को बनाए थे.. वाइट ने उसके हाथ से काग़ज़ लिए लेकिन भारत उसको खटकने लगा.., क्यूँ कि अमेरिकन गोरे बिल्कुल नहीं चाहते कोई उनको ऑर्डर दे.... लेकिन वाइट और शॅरन के बीच अच्छा रिश्ता था, इसलिए वाइट ने भारत की इस गुस्ताख़ी को नज़र अंदाज़ किया और उसके हाथ से पेपर लेके उन्हे देखने लगा..

 


वाइट ने बिना किसी दिलचस्पी के पेपर लिए और उन्हे देखने लगा, लेकिन जैसे जैसे उसने पेपर्स घुमाए,. उसकी दिलचस्पी और उसकी हैरानगी बढ़ने लगी. उसके हाथ में थी जेपीएम इंडिया की सेल्स रिपोर्ट. यह सेल्स रिपोर्ट आज तक जेपीएम ने पब्लिश नहीं की थी क्यूँ कि जेपीएम इंडिया में लिस्टेड नहीं थी... और उस में भी, जेपीएम ने इंडिया के फिगर्स दिखाए थे, लेकिन वो केवल फिगर्स थे.. भारत ने उसे डीटेल्ड रिपोर्ट दी थी.. इंडिया की किस सिटी में जेपीएम का कितना बिज़्नेस है, उसका क्लाइंट बेस, और कहाँ कहाँ वो पिछड़ रही है उसके कॉंपिटिटर्स से.. यह सब उस पेपर में था.. वाइट ने करीब 15 मिनट तक पेपर्स देखे.. पेपर्स देख के वाइट ने अपना चश्मा उतारा और पास में रखी पानी की बॉटल उठा के पानी पीने लगा... पहली बार वाइट किसी इंटरव्यू कॅंडिडेट के आगे कमज़ोर दिखा... कम से कम आधी पानी की बॉटल ख़तम की और वाइट अपनी साँसें जोड़ने लगा... एक लंबी साँस लेके कहा

"व्हेअर दा हेल डिड यू गेट दिस फ्रॉम" वाइट ने अपने दाँत पीसते हुए कहा

"थ्ट्स नोट दा क्वेस्चन मिस्टर वाइट... क्वेस्चन ईज़ व्हाट कॅन यू डू टू इंप्रूव दा नंबर्स... वन हू कॅन गेट दिस इन्फो फ्रॉम जेपीएम इंडिया, इमॅजिन व्हाट कॅन ही डू व्हेन ही वर्क्स फॉर दा कंपनी.. प्लीज़ सॉर्ट आउट दा क्वेस्चन मिस्टर वाइट... सी या सून.. हॅव आ गुड डे अहेड..." कहके भारत अपनी चेर से उठा और वाइट की कॅबिन के बाहर..

भारत के जाते ही वाइट ने उस सेल्स हेड को बुलाया और उसके थ्रू इंडिया फोन किया... इंडिया में करीब रात के 9 बजे, विक्रम कोहली अपने घर पे बैठे बैठे ड्रिंक्स ही ले रहा था के उसके फोन पे यूएस का नंबर देख उसकी हलक सूखने लगी..

"हाई जेम्ज़.. गुड मॉर्निंग" विक्रम ने उस के वक़्त के हिसाब से कहा

"विक्रम.. देअर ईज़ क्राइसिस..." सेल्स हेड जेम्ज़ ने कहा और एक एक कर विक्रम को सारी बात बता दी... जेम्ज़ की बात सुन के विक्रम के चेहरे पे पसीना आने लगा..

"जेम्ज़. थ्ट्स नोट पासिबल..." विक्रम ने इतना ही कहा कि जेम्ज़ ने उसे बीच में काटा

"डोंट टेल मी दिस विक्रम... नंबर्स आर वेरिफाइड, आंड हॅव कम स्ट्रेट अंडर युवर नोज.. नाउ हियर दिस... वी आर हाइरिंग दिस गाइ नोट बिकॉज़ ही हॅज़ गुड इंटेलेक्चुयल्स, बट वी आर स्केर्ड.. वन हू कॅन स्क्रू अस बाइ नोट बीयिंग अमॉंग्स्ट अस, ही विल बी हेल प्रॉफिटबल व्हेन ही जाय्न्स अस.. आंड बी प्रिपेर्ड विक्रम.. ही विल बी वर्किंग अंडर यू, बट जस्ट टू शो टू इंडिया ऑफीस... ही विल बी रिपोर्टिंग डाइरेक्ट्ली टू मी, आंड वाइट विल बी अपरेज़िंग हिम.. इन शॉर्ट ही विल वर्क फॉर यूएस, फ्रॉम इंडिया ऑफीस.... आंड सेंड मी इन राइटिंग एक्शप्लैइंग व्हाट हॅज़ जस्ट हॅपंड विद दा नंबर्स आंड हाउ डिड ही गॉट दिस.. इन 15 मिन्स ओके...." कहके जेम्ज़ ने फोन कट किया और सामने बैठे वाइट से कहा

"कॉल हिम नाउ , आइ वान्ट टू सी हिम प्लीज़..." कहके जेम्ज़ तूफान की तरह वाइट की कॅबिन से निकला... वाइट ने शॅरन के थ्रू भारत को फिर बुलाया और जेम्ज़ से मिलवाया...

"सो यंग मॅन... प्रेटी शार्प हाँ.. हाउ डिड यू डू दट.." जेम्ज़ ने अपनी टाइ लूस करके कहा

"मिस्टर जेम्ज़... बीयिंग आ सेल्स हेड आइ गेस यू शुड बी जस्ट फोकसिंग ऑन दा वर्क राइट.. आइ मीन हू दा हेल इन सेल्स केर्स फॉर दा मेथोलॉजी.. आंड प्लीज़ रिलॅक्स.... वॉटेवर आइ डिड, वाज़ जस्ट टू प्रेज़ेंट माइ केस.. आंड गेट आ जॉब हियर.... आइ वोंट लीक दीज़ नंबर्स टू एनी ऑफ युवर कॉंपिटिटर्स..." भारत ने एक दम हल्के से कहा

"आंड व्हाट इफ़ यू डिड दिस... हाउ डू आइ ट्रस्ट यू" जेम्ज़ ने गर्मी में कहा

"जेम्ज़.... यू हॅव नो अदर ऑप्षन" भारत ने उतना ही ठंड से जवाब दिया

जैसे ही जेम्ज़ ने उसकी बात सुनी, उसकी हालत खराब होने लगी... भारत ने कल रात को ही यह पढ़ा था, कि जो भी यूएस कंपनी उस के अलावा बाहर किसी देश में मौजूद है, उसे वहाँ के सेल्स आँकड़े सेक में रिपोर्ट करने थे.. जेपीएम इंडिया के आँकड़े इतने खराब थे, कि अगर वो पब्लिश हो जाते तो उनकी रेप्युटेशन और शेर प्राइस पे काफ़ी दबाव आ सकता था.... जब तक जेपीएम को वक़्त मिलता आँकड़े बदलने का, तब तक तो भारत ने असली आँकड़े निकाल भी लिए.. अब अगर जेपीएम अपने ग़लत आँकड़े पब्लिश करती तो भारत के पास सही आँकड़े थे और वो कुछ भी कर सकता था..

"यू विल गेट दा कॉल बाइ ईव्निंग.. हॅव आ नाइस डे" कहके जेम्ज़ ने आगे हाथ बढ़ाया और भारत ने भी उसे हंस के स्वीकारा.. इधर भारत के एक बार फिर से जाते ही, जेम्ज़ ने अपने बॉस को कॉल किया और उससे मिलने का टाइम माँगा... करीब एक घंटे में जेम्ज़ अपने बॉस से मिला और उसे सारी बातें बताई...

"हाहाहा... नाउ दट व्हाट यू कॉल आ बस्टर्ड सेल्स मॅन.. नोज हिज़ कस्टमर्स आंड कॉंपिटिटर्स.. हाइयर हिम, गो अहेड विद युवर विश.. जस्ट पुट वन क्लॉज़ इन हिज़ कांट्रॅक्ट...

"बीयिंग इन इंडिया ओर एनिवेर इन दा वर्ल्ड, ही ओर हिज़ रिलेटिव्स, कन्नोट इनवेस्ट इन जे पी एम आंड इफ़ एनिटाइम ही ईज़ फाउंड ऑफ एनी थिंग विच मे बी टार्निशिंग जप्म'स रेप्युटेशन, ही विल बी फाइयर्ड इमीडीयेट्ली..."

"आंड वन मोर थिंग.. अस्क हिम टू सब्मिट दा लॅपटॉप ओर पीसी व्हेअर ही गॉट दिस इन्फ़ॉर्मेशन टू अस...नाउ प्लीज़ लीव, नीड टू फिनिश माइ गेम ऑफ गोल्फ...." कहके जेम्ज़ के बॉस ने उसे डोर किया और गोल्फ खेलने लगा

अपने बॉस के हिसाब से जेम्ज़ आगे बढ़ा और वाइट के द्वारा भारत का अपायंटमेंट लेटर बनवाया..

"वन लास्ट थिंग, यू नीड टू सब्मिट टू मे दा लॅपटॉप ओर डेस्कटॉप, व्हेअर यू गेट दिस इन्फो..." जेम्ज़ ने अपायंटमेंट लेटर दिखाते हुए कहा

"दट वाज़ ऑफ दा होटेल.. व्हाट शल वी डू नाउ.." भारत ने सही जवाब दिया इस बार

"नो प्राब्लम , माइ मॅन फ्रॉम इट विल कम विद यू, टेक दा थिंग अगेन फ्रॉम होटेल आंड हॅंड इट ओवर टू हिम.." कहके जेम्ज़ ने आइटी से किसी को बुलाया और उसे भारत के साथ उसके होटेल भेजा.. होटेल जाके भारत ने फिर उसी लॅपटॉप की माँग की. और 15 मिनट के बाद उसे वो लॅपटॉप मिला.. सोफा कॉर्नर में जाके भारत काम करने की आक्टिंग करने लगा, लेकिन हक़ीकत में उस आइटी वाले ने सब चेक किया और हिस्टरी से लेके कुकीस तक, सब डेलीट कर दी.. डेस्कटॉप पे जो भी नोट्स थे सब एक एक कर चेक किया और डेलीट मारता गया.. सब डेलीट मार के उसने फिर चेक किया और इतमीनान से वो लॅपटॉप वापस किया होटेल में..

"सो वेलकम अबोर्ड... यू विल बी रिपोर्टिंग टू मी.. आंड यू आर रेस्पॉन्सिबल नाउ फॉर दा नंबर्स ऑफ जेपीएम इंडिया... डू वॉटेवर यू वान्ट टू, हवेवर यू वान्ट टू.. जस्ट गिव मी दा नंबर्स.. आंड आइ वान्ट यू टू जाय्न एयेसेप..... ईज़ दट क्लियर..." जेम्ज़ अब पूरे ताव में आ गया था.

"45 डेज़ जेम्ज़.. विल जाय्न देन... आंड रेस्ट अश्यूवर्ड, यू हॅव नोट हाइयर्ड मी अबव विक्रम... आइ विल मेक श्योर आइ गो देअर...हॅव आ नाइस डे" कहके भारत वहाँ से निकल गया सीधा होटेल के लिए.. लेकिन जेम्ज़ ने भारत की आँखों को देख लिया था, उसकी आँखों में था वो दर्द जो उसे मिला था विक्रम की पोज़िशन ना मिलने से

समुंदर का नीला पानी, ढलती हुई शाम.. पानी के उपर से कुछ सफेद पक्षी उड़ते हुए, और एक दम गरम रेत.. भारत और शालिनी बहामास के सबसे फेमस बीच अबकोस की रेत पे लेटे हुए थे पेट के बल.. जहाँ भारत ने सिर्फ़ शॉर्ट्स पहने थे, वहीं शालिनी ने एक वाय्लेट कलर की बिकिनी पहनी थी.. लेटे लेटे दोनो बियर पी रहे थे और बीच के नज़ारे का मज़ा ले रहे थे....

"कितनी शांति है ना इधर.. जी करता है यहीं बस जायें, कोई मुसीबत नहीं, बस तुम , मैं और यह बियर " शालिनी ने कहा और भारत की आँखों में देखा.... भारत को जो चाहिए था वो नहीं मिला, इसलिए वो अभी तक दुखी था और शांत भी

"ह्म्म्मा..." उसने बस शालिनी की बात का इतनी ही जवाब दिया और फिर आगे देखने लगा

भारत के इस मूड ने शालिनी को थोड़ा अपसेट किया, पर अगले ही पल शालिनी ने कहा

"चलो, बीच में घूमने चलते हैं..." कहके शालिनी उठी और भारत को भी उठा के आगे चल दी.. भारत काफ़ी शांत था, और वो बस आगे चल रहा था... आगे जाके शालिनी ने एक बोट हाइयर की.. एक छोटी सी बोट थी जो बीच की सेर कराती थी... बोट में उन दोनो के अलावा बस उस बोट का सेलर था.... भारत और शालिनी उस बोट में बैठे और समुंदर की सेर के लिए निकल गये.... धीरे धीरे भारत को भी एहसास हुआ कि उसके मूड की वजह से शालिनी की ट्रिप भी खराब हो रही है....

"सॉरी बेबी, मेरी परेशानी अब तुम्हे बिल्कुल तंग नहीं करेगी..." भारत ने शालिनी से कहा और धीरे से उसके निचले होंठ को सक किया....

"उम्म्म्म अहहहा....." शालिनी ने भी उसका साथ दिया और धीरे धीरे दोनो एक किस में डूब गये....

"चलो उपर.... उपर से नज़ारा अच्छा है.." कहके शालिनी ने किस तोड़ी और दोनो बोट के उपर वाले हिस्से में गये... शाम के करीब 6 बज रहे थे, बोट अपनी गति में चल रही थी.. समुंदर के बीचो बीच बोट में दोनो एक दूसरे का हाथ पकड़े कोने में आए..

"चलो, मेरे कुछ पिक्स तो लो..." कहके शालिनी भारत से दूर हुई और दूसरे कोने में जाके एक पिक्स के लिए शालिनी ने अपने बालों को बाँधा और हंसते हंसते पोज़ देने लगी..

भारत ने भी कॅमरा ऑन किया और शालिनी की पिक्स लेने लगा.... कभी सेल्फी , कभी अकेले में दोनो एक दूसरे की पिक्स निकालने लगे...

"मज़ा कम आ रहा है यार, तुम क्या सिर्फ़ एक ही बिकिनी लाई हो" भारत ने शालिनी से कहा.. भारत की बात सुनते ही, शालिनी के चेहरे पे एक शैतानी मुस्कान आई, और उसने धीरे धीरे सिड्यूसिंग अंदाज़ में अपनी पहनी हुई बिकिनी निकाली और बॅग से दूसरी बिकिनी निकाली और फिर भारत के आगे पोज़ किया

"यह कैसी है..." शालिनी ने भारत से पूछा

 


शालिनी का ऐसा पोज़ देख भारत का लंड भी उसके शॉर्ट्स में अकडने लगा और उसके पिक्स लेने लगा.... एक एक कर शालिनी ने अपनी बिकीनिस बदली और पिक्स के लिए पोज़ देती गयी

जैसे जैसे शालिनी पोज़ देती जाती, भारत के लंड में खुजली इतनी बढ़ती जाती.. शालिनी ने भी यह देखा, पर वो भारत को और तड़पाना चाहती थी.... इसलिए वो वहीं बस अलग अलग पोज़स देती... करीब आधे घंटे बाद

"यह पोज़ कैसा रहेगा स्वीट हार्ट..." शालिनी ने एक बहकाने वाले अंदाज़ में कहा

जैसे ही शालिनी ने यह कहा, भारत के मूह में पानी आने लगा..

"उम्म.. अब यह है पिक्चर पर्फेक्ट" कहके भारत ने ज़ूम करके शालिनी के चुचों की पिक खेंची..

"पर तुम्हे फोटो खीचना नहीं आता... मैं बताती हूँ कैसे निकालते हैं.." कहके शालिनी धीरे धीरे आगे आई और आगे आके अपना राइट हॅंड भारत के लंड पे रख दिया और उसे धीरे धीरे मसल्ने लगी

"उम्म अहहहहा.... इससे आज़ाद भी करो अब.." कहके भारत ने शालिनी के बालों को पीछे से पकड़ा और उसके होंठों को चूमने लगा..

"अहहाहा एस अहहहा.... शैतान इतनी देर से क़ैद है उम्म आहहहहहहा" कहके शालिनी नीचे झुकी और धीरे से भारत के शॉर्ट्स को नीचे किया., भारत का लंड अपनी पूरी औकात में आ गया था, नीले आसमान के नीचे, नीले पानी के बीच दो तपते हुए बदन और एक काला कड़क लंड.....

"उम्म अहहा, मुझे यह लॉलीपोप चूसना है ना अहहहहा उम्म्म्मम.." कहके शालिनी ने भारत के लंड के टोपे पे अपनी जीभ ऐसे घुमाई जैसे आइस्क्रीम कोन पे कोई घुमाता हो

"उम्म अहाहहाहाहाहा ओह यआःा अहहहहः" भारत ने बस इतना ही कहा और अपना माथा रिलॅक्स होके पीछे ले गया

"उम्म आआहहहहा यआः उम्म्म उम्म्म स्लूर्प्प स्लर्प आहहहहा.उम्म यॅ हाहहहा यूम्मम्ममी है मेरे पति अहहहहा तेरा लोड्‍ा तो उम्म अहाहाहाहा" कहके शालिनी ने लंड पे अपने ग्रिप बनाई और धीरे धीरे करके लंड अंदर बाहर करने लगी और दूसरे हाथ से भारत के टट्टों को हल्के हल्के थप्पड़ मारने लगी

"उम्म्म अहाहहा और ज़ोर से अहाहहाहा " भारत ने इतना ही कहा और शालिनी अब टट्टों पे ज़ोर ज़ोर से हाथ चलाने लगी.. उसके टट्टों को ऐसे मसल्ति जैसे कोई नींबू को मसलता हो....

"आहाहहहा.. मैं नंगा हूँ , तू क्यूँ नहीं है मेरी रंडी पत्नी अहहहहा.." कहके भारत ने हाथ नीचे करके शालिनी की बिकिनी का उपर का हिस्सा निकाल दिया और अब शालिनी के चुचे भी खुले हुए थे...

"अहहहाहा मैं तो खानदानी रंडी हूँ मेरे भडवे अहहहहा..उम्म्म अहहहहा फक माइ माउत ना अहहहहहा.." शालिनी ने जवाब दिया

शालिनी का यह जवाब सुन भारत ने धीरे धीरे अपने पैर आगे पीछे किए जिससे उसका काला मुस्सल शालिनी के मूह के अंदर बाहर होता.. कुछ ही सेकेंड्स में अब भारत बेरेहमी से शालिनी के मूह को चोदने लगा

"थूप थुप्प्प अहहहहः उम्म हाहहहहः उःम्म्म अहाहहा यॅ फक मीह्तहॉयहा थूप्प्प तुप्प्प अहहहहा" बोट अपनी गति में थी और बोट के उपर के हिस्से में यह आवाज़ें गूँज रही थी... ऐसे मौसम में यह दो नंगे बदन पसीना पसीना हो चुके थे

"उम्म्म अहाहाहा यॅ आहाहहा उम्म्म्मम" शालिनी की सिसक निकली जब उसने थक के भारत के लंड को अपने मूह से बाहर निकाला और फिर उसके टोपे पे अपनी जीभ रखी

"थक गयी क्या मेरी रंडी अहहाहाहा..." कहके जैसे ही भारत ने अपना लंड उसके मूह में डालना चाहा, शालिनी ने इशारे से मना किया और भारत को एहसास दिलाया कि वो अब किनारे पे पहुँचने वाले हैं... शालिनी और भारत ने जल्दी से अपने कॉस्ट्यूम्स पहने और नीचे चले गये...

"होप यू एंजाय्ड दा राइड सर.." सेलर ने भारत से कहा, भारत को समझते देर ना लगी और उसने झट से वॉलेट में से पैसे निकाल के उसको टिप दी... किनारे पे पहुँचते ही, शालिनी और भारत दोनो अपने बीच रिज़ॉर्ट के रूम्स की तरफ बढ़ गये.. रूम में जाते जाते भी दोनो एक दूसरे पे काबू नहीं रख रहे थे.. रूम में घुसते ही, दोनो ने दरवाज़े को पटका और एक दूसरे के गरम जिस्मो की ओर टूट पड़े...

"उम्म अहहहहा यॅ अहाहहा उम्म्म" दोनो की सिसकियाँ निकली जब उन्होने अपने होंठ एक दूसरे से मिलाए

"अहाहहाः उम्म अहहा बेबी ईट मी ना अहहहाहा येअह अहहः" कहके भारत उधर ही ज़मीन पे लेट गया और शालिनी भी 69 की पोज़िशन में आ गयी.... शालिनी ने अपनी गान्ड को एक दम सही से भारत के मूह पे रख के उसके लंड को मूह में लेने लगी

"उम्म्म अहहहहाहा एआस अहाहहा " शालिनी की आह निकली जब भारत ने अपनी जीभ उसकी चूत पे रखी

"उम्म्म्म स्लूरप्प्प स्लूरप्प्प्प आआहहहहा उम्म्म्म सीईईईई स्लूरप्प्प्प अहहहहहहा स्लूरप्प्प्प आहहहहा" भारत शालिनी की चूत को चाटने लगा

"अहाहहाः अहहाहा मेरे दामाद जी अहहहाहहा.. सासू माँ की चूत को चाटो ना अहहहहहहा, अपना लंड भी दो सासू माँ को अहहहहः" कहके शालिनी ने भारत के लंड को मूह में लिया और उसे अपनी हलक में उतारने लगी

"उम्म्म अहहहहा स्लूप्र्रप्प्प्प्प अहहः स्लुप्रपरप अहहहहहा.. मेरी ऋतु डार्लिंग आआहहाहा... उम्म्म आहहा स्लूरप्प्प अहाहहा उम्म्म्म सासू माँ अहहहहा.. आप तो अपनी ही हाहहहहहा अहाहहा उम्म्म बेटी की तरह अहहहहहहाहा रांड़ हो ना अहहहहाआ.. क्या चूत है अहहहहहहहा.. इसी चूत से आई थी ना अहहहहहाः आपकी बेटी रांड़ अहहहहा उम्म्म स्लर्प अहहहहहाहा" भारत ने शालिनी का साथ दिया और सास जमाई का रोल प्ले शुरू हुआ

 
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