• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

माया complete

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date


"अहाहहा हां ना दामाद जी उम्म्म अहाहहा यह आपका लंड अहहाहा है ही ऐसा अहहहहा.. कोई भी औरत आहमम्म्म रांड़ बन जाए उईईइ माँ अहाहहाहाहा.. कितनी नसीब अहहहहा उम्म्म्मम स्लूरप्रप्प्प अहाहा स्ल्लुप्रपप अहहहहा है मेरी बेटी अहहहहहहहा" कहके शालिनी भारत के लंड को अपने मूह के अंदर बाहर करती

"आहाहहा स्लूरप्प्प अहहहहहा उईइ माआ जमाई जी अहहहहाआ... हाहन मेरी सासू माँ अहहहा उम्म अहहहहा यॅ फक्क फक्क अहहहाहा स्लूरप्प्प्प अहहा स्लर्प अहहहहहहहहा उम्म्म अहहहहहः" बीच रिज़ॉर्ट के रूम नंबर 1001 में यही आवाज़ें आ रही थी.... बहामास की एग्ज़ोटिक लोकेशन पे आते ही कोई भी बहक सकता है, और यह दोनो तो बनाए गये हैं एक दूजे के लिए

"आहाहः सासू माँ आहहहहहा इतनी टाइट है अहाहाः आप की चूत हाहहाः"

"उम्म्म अहहा स्लूरप्प्प अहहा सीईईईईई.. तो आपका लंड अहाहहा स्लर्प अहाहहा डालके लूस अहहाहा उम्म्म्म करो ना मेरे जमाई राजा अहहहहहा..." कहके शालिनी ने भारत के लंड को अपने मूह से निकाला और खड़ी हो गयी.. खड़ी होके शालिनी झुकी और अपने पेर का अंगूठा पकड़ा झुक के...इस पोज़िशन में उसने भारत को चोदने को कहा... भारत पीछे से गया और उसकी चूत पे अपने लंड को सेट किया और धीरे धीरे टोपे को घुमाने लगा

"ओओअंम अहाहा. तडपाओ मत ना अहहहाहा सासू माँ को आहाहः.. अब फाड़ डालो ना अहहहहहः" कहके शालिनी ने हल्के से अपनी गान्ड को पीछे किया जिससे भारत का लंड हल्का सा उसकी चूत में घुस्सा

"उई माँ अहहहा... कितना कड़क है आहहहाः" कहके शालिनी अपनी चूत को भारत के लंड पे रगड़ने लगी, और हवा में उसकी गान्ड को गोल गोल घूमने लगी... भारत ने भी अपना हाथ उठाया और उसके चुतडो पे दो थप्पड़ झाड़ दिए

"आहहा लगता है ना अहहहहा चोदो ना अब सासू माँ को अहहहहहा" शालिनी अब पूरी तरह बहेक चुकी थी

भारत ने भी अब ज़्यादा देर नहीं की, और अपने लंड को पूरा का पूरा शालिनी की चूत में उतार दिया.. जैसे जैसे लंड अंदर जाता शालिनी की जान निकलती जाती

"अहाहहाहा धीरे अहहहहा " शालिनी ने बस इतना ही कहा, के भारत ने धक्कों को तेज़ कर दिया

"हाहहहाः सासू माँ अहहाहा.. धीरे क्यूँ रांड़ मेरी अहहाहा यह और ले ना अंदर अहहहहहहा" कहके भारत अपने धक्कों को ज़्यादा से ज़्यादा ज़ोर देने लगा.

"आहहहा अहाहा उम्म्म अहहाहा य्स्स एसस्स ओह्ह्ह्ह फक मी अहाहहाहा यआःहहहहहहहा ओह्ह्ह्ह इम्म्माम आइ आम युवर अहाहाहा स्लट अहहहहहाहा चोदो सासू माँ को अहहहहाः उम्म्म यआःा अहहहहाहा" शालिनी की चीखें निकलने लगी

रूम में 16 डिग्री पे एसी चल रहा था, पर इन दोनो की चुदाई में दोनो के बदन पसीने से भीग चुके थे..

"आहहहहः और चोदो ना अहहहहहाहा.. यहाँ आओ ना अहहओमम्म्म" कहके शालिनी रूम की विंडो के पास गयी और आधी झुक के अपनी चूत हवा में उठाई..

"आआहहा मेरी रांड़ सासू माँ " कहके भारत ने फिर से अपने लंड को शालिनी की चूत पे सेट किया और धक्के मारने लगा

"आहाहहा चोदो ना इस रांड़ को अहाहाः मेरे जमाई राजा अहहहहहा.. फक मी हार्ड ना अहहहहहा.. यआः बेबी अहहहहा आइम कमिंग अहहः ओमम्म्म उम्म्म्म" चीखते चीखते शालिनी का जिस्म अकड़ गया और उसकी चूत पानी छोड़ने लगी

"आहहाहा उम्म्म्मम उईइ आ आ अहहहहहा माआआअ धीरे धीरे अहहहहः प्लीज़ अहहहहाः" शालिनी रहम की भीक माँगने लगी, पर भारत कुछ भी सुनने के मूड में नहीं था वो बस धक्के मारे जा रहा था

"उम्म्म अहहाहा यॅ अहहाहाहा मेरी रंडी अहहहहा यॅ अहहहहहाहा ठप्प्प्प ठप्प्प्प ठप्प्प्प ठप्प्प्प ठप्प्प्प ठप्प्प्प्प्प......" ऐसी आवाज़ें आ रही थी जैसे कोई चूत पे चाबुक चला रहा हो

"आहाहा मेरे जमाई अज़आअजज्जा..." शालिनी बस अब और कुछ कह नहीं पा रही थी

"हनान आना मेरी सासू माँ आआजाजझहह.. ठप्प्प ठप्प्प्प अहहहहहाः फक यू स्लट आहाहहहा" भारत बस धक्कों के बीच में कुछ कहना चाह रहा था

करीब 5 मिनट बाद

"आआहः सासू माँ अहाहाः मेरा निकलने वाला है अहााआहहा" जैसे ही भारत ने यह कहा, शालिनी ने अपनी चूत को भारत के लंड से अलग किया और झुक के ही भारत के लंड को हाथ में लिया और उसे हिलाने लगी

"अहहहहा ओह्ह्ह्ह यआःहा अहहः फास्टर बेबी आहाहहहाः"

"अहहाहा उम्म्म उम्म्म स्लूरप्प्प अहहहाहा कम फॉर युवर सासू माँ ना अहहहहाहा सासू माँ को पिलाओ ना अहहहहहा यॅ अहहहहहा" कहके शालिनी ज़ोर ज़ोर से भारत के लंड को निगलने लगी, हिलाने लगी

'आहाहा सासू माँ आ रहा हूँ मैं अहाहहा ओह्ह्ह्ह एेआआःस्शशहशहशह आहहहाहाहः" चिल्लाके भारत ने शालिनी के मूह को नीचे किया और अपने लंड को उसके उपर खाली किया

इतना स्पर्म आज तक भारत का कभी नहीं निकला था.... जैसे ही भारत ने अपने लंड को खाली किया, उसने शालिनी के होंठों को चूसना स्टार्ट किया और एक हाथ से अपने पूरे माल को शालिनी के चेहरे पे किसी फेस पॅक की तरह फेला दिया.. यह दोनो इतने गंदे इससे पहले कभी नहीं हुए थे, पर भारत की इस हरकत से शालिनी भी खुश हो गयी...

चुदाई के बाद दोनो एक दूसरे की बाहों में सोए रहे और अपनी साँसें इकट्ठी करने लगे... 20 मिनट बाद जब शालिनी की साँसें आई

 


"तुम ना, मुझसे ज़्यादा मेरी माँ को चोदना चाहते हो" शालिनी ने भारत के सीने पे बैठ के कहा

"उम्म्म... पर प्यार तो तुमसे ही करता हूँ ना.. सासू माआहह"

3 दिन बहामास में बिताने के बाद, इट वाज़ बॅक टू बिज़्नेस फॉर भारत.. मुंबई आके भारत ने ऑफीस जाय्न की और आदि से मिलने गया

"हाई आदि.. मॉर्निंग..." कहके भारत आदि की कॅबिन में गया

"हाई यंग मॅन... हाउ वाज़ युवर ट्रिप... ऑल फाइन" आदि ने भी पेपर्स से अपना चेहरा निकाल के भारत को जवाब दिया

"यस.. थॅंक्स आ टोन आदि..बाइ दा वे.. आइ हॅव आ न्यूज़ फॉर यू" भारत ने आदि के सामने बैठ के कहा

" आइ नो भारत... आइ नो... इंडिया हो या यूएस, आदि से कोई बात नहीं छुपी.. कब जाय्न कर रहे हो जेपीएम" आदि ने अपने स्पेक्स उतार के पूछा

"हाहाहा... आइ लव यू वेरी मच आदि.. यू मेड माइ जॉब वेरी ईज़ी.. बट यस, मुझे 40 दिन में जाय्न करना है..." भारत इस बात से बिल्कुल नहीं चोंका कि आदि को पता थी उसकी बात.. जब भारत जेपीएम के फिगर्स निकलवा सकता है, तो यह तो बहुत छोटी बात थी आदि के लिए..

"नो प्राब्लम यंग मॅन...आइ आम हियर फॉर 15 डेज़ मोर... जाते जाते आइ विल सी तुम्हारा नोटीस पीरियड में प्राब्लम ना हो.." आदि ने हँस के कहा

"थॅंक्स आदि... सी या अराउंड" कहके जैसे ही भारत बाहर जाने के लिए उठा आदि ने उसे पीछे से एक बार फिर टोका

"भारत.. जाते जाते किसी का प्रमोशन करवाना चाहते हो..."

आदि की यह बात सुन भारत थोड़ा चोंक गया, पर उसने खुद को संभाला और पलट के जवाब दिया

"यू नो आदि, आइ लव व्हेन यू डोंट बीट अराउंड दा बुश.. सीधा पॉइंट पे आते हो... हां एक बंदा है"

"यस आइ नो.. अब जो तुम्हे जेपीएम के फिगर्स निकल वा के दे सकता है, उसका ध्यान तुम नहीं रखोगे तो कैसे चलेगा हाँ... ओके.. मैल मी, आइ विल डू इट... आंड वन मोर थिंग भारत... ज़िंदगी में उपर जाने के लिए काम करना भी ज़रूरी है.. हमेशा याद रखना" कहके आदि वापस अपनी जगह पे बैठा और भारत भी वहाँ से निकल गया

ऑफीस में भारत के लिए वो दिन नॉर्मल था.. कुछ ज़्यादा ख़ास नहीं था, वो बस अपनी कॅबिन में बैठा ही था कि उसके पास फोन आया यूएस से

"हेलो.." भारत ने कहा

"वॉट नॉनसेन्स, यू गॉट आ जॉब, व्हेअर ईज़ माइ पार्टी हाँ" शॅरन ने खुशी भरी आवाज़ में कहा

"ओह येस, दट पेंडिंग... टर्न अप टू इंडिया, विल मेक यू हॅपी स्वीट हार्ट.. प्रॉमिस"

"स्टॉप बीयिंग आ फ्लर्ट. आइम सेंडिंग यू जेम्ज़' नंबर, ही वांट्स टू टॉक टू यू.. कॉल हिम ऑलराइट, बाई" कहके शॅरन ने फोन कट किया और भारत को जेम्ज़ का नंबर एसएमएस किया... एसएमएस मिलते ही भारत ने जेम्ज़ को कॉल किया

"यस जेम्ज़.. हाउ आर यू.." भारत ने कहा

"आइम फाइन, यू से.. एनी प्लॅन्स फॉर युवर जाय्निंग.. आइ मीन अन्य रिक्वाइर्मेंट.. आइ डोंट वान्ट यू टू वेस्ट आ सिंगल डे इन ऑफीस आफ्टर जाय्निंग.. सो इफ़ यू हॅव एनी रिक्वाइर्मेंट्स, प्लीज़ टेल मी नाउ, आंड आइ विल वर्क ऑन इट"

"उः.. प्रॉबब्ली यस... सिन्स आइ वान्ट बी रिपोर्टिंग टू विक्रम, आइ नीड सम डीटेल्स ऑफ विक्रम'स टीम, ऑल दा मेंबर्ज़ आंड देन इफ़ रिक्वाइयर्ड आइ वुड वान्ट आ सेपरेट टीम ऐज वेल..."

"यू गॉट इट.. 10 मिनट्स, आंड डीटेल्स इन युवर इनबॉक्स... बी रेडी फॉर कॉल टुमॉरो विद मार्श, माइ बॉस.. सी या" कहके जेम्ज़ ने फोन कट किया

"बेन्चोद गोरे... अभी मैने जाय्न भी नहीं किया... और आ गये घिसने" जैसे ही भारत ने यह कहा उसका फोन फिर बजा.. लेकिन इस बार फोन पे नंबर देख के वो काफ़ी खुश हुआ

"हेलो स्वीटहार्ट... कहाँ है.... ओह, फील्ड में. चल शाम को मिलते हैं, " कहके भारत ने फोन कट किया और अपने काम में लग गया...

उधर, बहामासा से लौट के, शालिनी ने ऑफीस जाय्न नहीं किया था.. उसने भारत से डिसकस भी किया था कि वो जॉब छोड़ दे, और घर पे ही वक़्त बिताए...

"तो कैसी रही ट्रिप मेरी बहू की, कहाँ कहाँ ठुकाई की.." सीमी ने शालिनी को गले लगा के पूछा.. सास बहू दोनो सीमी के रूम में थी, और सिगरेट के कश ले रही थी..

"आहः सासू माँ.. चूत में ही खुदाई हुई ना... गान्ड तो आपका बेटा आपकी लेना चाहता है..." शालिनी ने जवाब में धुआँ उड़ा के कहा

"क्या बहू रानी... तुम्हारी जवान गान्ड छोड़ के, यह गान्ड क्यूँ लेगा वो, वो तो बस एक चुदाई के बाद ही इग्नोर कर रहा है... देखो इस चूत को कैसे सूख रही है " कहके सीमी ने अपनी लेग्गीन उतारी और अपनी गीली पैंटी शालिनी को दिखाई

"उम्म्म्म... एक दम सुखी लगी पड़ी है..." कहके शालिनी और सीमी दोनो हँसने लगे और एक दूसरे को चूमने लगे और जिस्मों की आग में खेलने लगे

उधर, भारत शाम को अपनी ऑफीस से निकलके सीधा अंधेरी वेस्ट की तरफ निकला.. अंधेरी वेस्ट में भारत का फेव केफे था लीपिंग विंडोस... वहाँ जाके भारत जिससे मिलना चाहता था वो शक्स वहाँ कब्से बैठा हुआ था.

"क्या सर.. कितना लेट किए, एक कॉल पे भी नहीं गया" राज ने बाहर आके भारत से कहा

"क्या कॉल कॉल यार.. कुछ दिन में तू जेपीएम में आ जाना.. वर्क फॉर मी देअर... " भारत ने अंदर जाते हुए कहा

"बट सर, इधर प्रमोशन का क्या हुआ.." राज ने चौंक के कहा

"राज यू नो हाउ इट ईज़,, आदि 15 दिन में जा रहा है, और मैं भी 40 दिन में... तेरा प्रमोशन मना किया आदि ने.." भारत ने अपने लिए कॉफी ऑर्डर करके कहा

भारत की बात सुन राज चिंता में आ गया...

"इतनी चिंता क्यूँ, ले तो जा रहा हूँ तुझे जेपीएम, एक डेसिग्नेशन उपर ही दूँगा" भारत ने राज के कंधे पे हाथ रख के कहा

"ठीक है सर..." राज ने बस इतना ही कहा

भारत राज को अपनी टीम में ही रखना चाहता था, क्यूँ कि राज काम में बहुत ही सही बंदा था, उसके कॉंटॅक्ट्स , उसका नेटवर्क बहुत ज़ोर का था.... सेल्स में हमेशा आगे और स्मार्ट भी था.. और सबसे ज़रूरी.. जेपीएम के फिगर्स लाने वाला राज ही था भारत के लिए.. इसलिए तो आदि के कहने के बावजूद भी भारत उसे वहाँ प्रमोशन नहीं दिला रहा था

 


"वैसे राज.. तुमने वो इन्फ़ॉर्मेशन निकाली कैसे.. आइ मीन, क्या कॉंटॅक्ट है वहाँ.." भारत ने बात पे आते हुए कहा

"सर.. वो छोड़िए ना, आप का काम ज़रूरी है"

"नहीं ना, मैं छोड़ दूँगा तो तेरा क्या होगा.. ना इधर का प्रमोशन , ना जेपीएम... सीधा जवाब दे भाई... कैसे किया" भारत ने अपने कश लेते हुए कहा

भारत की धमकी के बाद राज ने कहा

"सर, मेरी वाइफ ईज़ इन जेपीएम... शी ईज़ पीए तो विक्रम कोहली.. बस उससे ही कहा, और यह काम हो गया"

"युवर वाइफ.. ओक, आइ वान्ट टू मीट हर इफ़ यू डोंट माइंड.... इनफॅक्ट, व्हाई डोंट यू गाइस कम ओवर टू माइ हाउस फॉर आ डिन्नर...आस्क युवर वाइफ कि तुम्हारे बॉस ने डिन्नर पे बुलाया है.. ओके?" भारत ने सवाल पूछा

राज ने काफ़ी सोचा.... आज भारत को ऐसे देख उसे एहसास तो हो गया कि बॉस से इतनी ज़्यादा दोस्ती अच्छी बात नहीं, पर राज को लगा कि यह नज़दीकी वो अपनी तरफ मोड़ सकता है...

"ओके सर.. वेनेवर यू से"

"टुनाइट माइ फ्रेंड.. अभी 6 हुए हैं, रात को 9 बजे आओ.. सी यू सून" कहके भारत ने बिल पे किया और घर की तरफ निकला

जैसे ही भारत घर पहुँचा, राकेश और सीमी से काफ़ी दान्ट मिली उसको... उसको इतनी बड़ी पोज़िशन मिली बट उसने उनको बताया तक नहीं था

"यह तो मेरी बहू है, वरना तू तो कहाँ रहता है आज कल" सीमी ने भारत के कान खींच के कहा

"चिल ना मोम डॅड... आपको सर्प्राइज़ देना है.. आइए इधर..." कहके भारत ने सीमी और राकेश को सामने बिठाया और शालिनी को भी बुलाया..

"मोम डॅड... थॅंक यू फॉर बीयिंग सो नाइस टू अस.. आज शालिनी और मैने आपके लिए एक सर्प्राइज़ प्लान किया है, आंड प्लीज़ डोंट रिजेक्ट इट ओके" भारत ने हुकुम देते हुए कहा

"हां भाई, बट क्या है वो तो बोलो" राकेश ने भारत से कहा

"मोम डॅड.. यह लीजिए, ऑल एक्सपेन्स पैड वर्ल्ड ट्रिप.. युरोप, शौथेर्न हेमिस्फियर.. आंड ओफ़कौरसे नॉर्थ अमेरिका" कहके भारत ने कवर्स दोनो के हाथ में दिए

"अववव..... बेटा, दिस ईज़ नीडलेस" सीमी ने कवर्स लेके कहा

"ओफ़कौर्स नोट मोम...आप के लिए यह कुछ भी नहीं... आंड यस 3 दिन बाद निकलना है. इसलिए शालिनी भी शॉपिंग में आपकी मदद करेगी ओके.. " कहके भारत और शालिनी राकेश और सीमी के पास बैठ गये

राकेश और सीमी के लिए यह पल बहुत ख़ास था... दोनो की आँखें नम तो थी, पर बहुत खुश थे दोनो..

"अरे मोम डोंट क्राइ.. अभी मस्त खाना बनाइए शालिनी के साथ, मेरी टीम का एक मेंबर आ रहा है विद हिज़ वाइफ फॉर डिन्नर..." भारत ने उठ के कहा

"कौन है यह..." शालिनी ने पूछा, पर भारत ने उसे चुप रहने का इशारा किया और चेंज करने चला गया.. सीमी और शालिनी खाने की तैयारी में लग गये और राकेश भी अपने फ्रेंड्स के पास निकल गया... भारत फ्रेश होने गया तो उसने ध्यान रखा के ही स्मेल्स गुड..

"अगर विक्रम की पीए है, तो आगे जाके वो मेरी पीए होगी... और अगर इतना बड़ा काम वो सफाई से कर सकती है, तो शी मस्ट बी आ वेरी स्मार्ट लेडी..." भारत ने अच्छे से पर्फ्यूम लगाया और कॅषुयल टीशर्ट पहेन के ट्रॅक पहना... खाना बना के शालिनी भी जल्दी से तैयार हुई और सीमी ने भी हल्का सा टच अप कर लिया... रात के 9 बजे जब डोर बेल बजी तब भारत ने दरवाज़ा खोला

"राज... कम ऑन इन मॅन..." कहके भारत ने राज के लिए रास्ता बनाया, उसके पीछे उसकी बीवी को देख भारत हक्का बक्का रह गया.. काफ़ी टाइम बाद भारत ने एसी लड़की देखी जो पहली नज़र में ही उसके दिल में उतरी हो... पोनी में बँधे हुए बाल, शिफ्फॉन की रेड कलर सारी, स्लीवेलेस्स ब्लाउस गोलडेन कलर, कान में दो लाइट झुमके, हल्का सा मेक अप और कलाई में डेलिकेट सी रोलेक्स की सिल्वर .... कुछ देर तक उसको निहारने के बाद भारत ने उसके लिए भी रास्ता बनाया और पीछे दरवाज़ा बंद किया

"ओह्ह्ह्ह... 34-28-36.. मे बी" भारत ने धीरे से कहा और आगे बढ़ गया

"शालिनी.. दे आर हियर.." कहके भारत भी राज और उसकी वाइफ के सामने बैठा...

"हाई.. आइ आम भारत..." भारत ने राज की वाइफ की तरफ हाथ बढ़ाया

"ओफ़कौर्स... आइ आम रीना... रीना शाह.... प्लेषर" कहके रीना ने भारत से हाथ मिलाया

15 दिन बाद आदि के फेरवेल की तैयारियाँ होने लगी... आदि अपनी टीम के काफ़ी नज़दीक था, इसलिय हर टीम मेंबर उसका तैयारियों में जुटा रहा.. भारत ने भी अपना योगदान दिया और वो काफ़ी खुश था.. खुश इसलिए था क्यूँ कि आदि ने जात जाते एचआर में अपना ओके दे दिया था, कि भारत 40 दिन में ही जा सकता है... शाम को आदित्य के फेरवेल का पार्ट था, उसकी तरफ से एक मॉट्वेशनल स्पीच... वैसे स्पीच तो काफ़ी बड़ी थी, लेकिन एक आखरी लाइन थी जो आदि ने अपने सामने खड़े भारत को देख के कही थी

"इस कॉर्पोरेट में चूहे बिल्ली का खेल सदियों पुराना है... ज़िंदगी और करियर में सबसे आगे वो जाता है, जो सिर्फ़ अपना नहीं बल्कि अपन साथ जुड़े हुए लोगों के बारे में पहले सोचता है...."

जब भारत ने ध्यान से नोट किया, आदित्य की नज़रें उसी को देख रही थी... लेकिन भारत ने ज़्यादा परवाह ना करते हुए उस बात को हवा में उड़ा दिया.. स्पीच के बाद खाने और ड्रिंक्स का दौर चला... आदित्य सबसे मिल रहा था और सब को धन्यवाद कह रहा था... जब उसकी नज़रें भारत पे पड़ी, भारत एक कोने में अकेला खड़ा ड्रिंक्स ले रहा था और मज़े से कश खींच रहा था...

"एनी प्राब्लम यंग मॅन..." आदि ने उसके पास जाते हुए कहा

"आदि... नोट अट ऑल... इनफॅक्ट दिस वन ईज़ फॉर यू" भारत ने गिफ्ट देके कहा

"शालिनी ने ख़ास भजा है फॉर यू.." भारत ने फिर कहा...

"सच आ डार्लिंग शी ईज़.. थॅंक्स कहने उसको मेरी तरफ से" आदित्य ने गिफ्ट को ध्यान से अपने बॅग में डाला

"आइ विल... एनीवेस, एनी ऐड्वाइज़ फॉर मी" भारत ने अपनी जीभ दबा के पूछा

"आहह... सो चॅंप्स को अब मैं सलाह दूं... हाहाहा, एनीवेस, भारत गो स्लो... इतनी तेज़ी अच्छी बात नहीं.. मैं डरा नहीं रहा, पर अपने एक्सपीरियेन्स से कह रहा हूँ... " आदि ने एक भारी आवाज़ में कहा

आदि की बात सुन के भारत कुछ देर खामोश रहा... वो सोचने लगा कि आदि ऐसा क्यूँ कह रहा है... लेकिन अगले पल ही उसने आदि से कहा

"आदि... डोंट वरी, आइ विल बी फाइन... ऑल्वेज़"

 


"और एक चीज़ भारत.. राज को खुद जैसा मत बनाओ, ही ईज़ आ डेडिकेटेड पर्सन... तुमने उसके साथ अच्छा नहीं किया.. मैने तुम्हे कभी मना नहीं किया था उसके प्रमोशन के लिए, तुम अगर चाहते तो उसको यहाँ प्रमोशन दिलवाते और 4 महीने बाद जेपीएम ले जाते, बट यहाँ भी तुमने अपनी सोची.. नतीजा यह होगा के वो एक कदम पीछे रहेगा और तुम्हारे नीचे ही रहेगा.. इसकी क्या ज़रूरत थी, आइ वान्ट टू नो" आदि ने अपनी आवाज़ एक दम नॉर्मल रखी थी...

"आदि यू नो... इट्स लाइक...." भारत के पास शब्द नहीं थे आज आदि के सामने

"आइ नो भारत.. सब से पहले हमेशा याद रखना कि तुम्हारा बॉस हमेशा तुमसे दो कदम आगे रहेगा... मुझे तुमसे यह उम्मीद बिल्कुल नहीं थी... आंड बिवेर ऑफ विक्रम.. हॅव आ गुड डे" कहके आदि दूसरे लोगों से मिलने गया भारत को अकेला छोड़ के...

"बिवेर ऑफ विक्रम...." भारत के दिमाग़ में बार बार यह लाइन गूँज रही थी... आदि ने जो भी कहा सही कहा, बट यह लाइन पता नहीं क्यूँ भारत को कुछ समझ नही आई.. भारत अपने ख़यालों में ही था, कि उसकी टीम उसके पास आई और उससे बातें करने लगी.. अपनी टीम से एक घंटे बात करते करते भारत ने उन लोगों के नाम भी शॉर्टलिस्ट कर दिए, जिनको वो जेपीएम में ले जाएगा.. जेम्स ने उसे अपनी टीम का अप्रूवल तो दिया ही था, पर साथ ही उसे चाय्स दी थी कि जब वो चाहे, जिसे वो चाहे, विक्रम की टीम से ले सकता था...

"बट रिमेंबर भारत.. आइ वान्ट दा नंबर्स टू शो अप इन वन क्वॉर्टर.. इफ़ आइ लाइक दा नंबर्स, यू कॅन स्टे विद युवर टीम, बट इफ़ नोट, देन यू कॅन बीड़ गुड बाइ टू युवर टीम" जेम्स के यह शब्द भारत को काफ़ी खटक रहे थे.. भारत जिस्मानी तौर पे वहाँ था, लेकिन दिमागी तौर पे वो कहीं और ही था... तीन चीज़े थी उसके दिमाग़ में

"विक्रम से बच के रहना " आदि के शब्द

"नंबर्स इन वन क्वॉर्टर" जेम्स के शब्द

"34 28 26" राज की बीवी रीना के वाइटल स्टॅट्स

करीब एक घंटा बिताने के बाद, भारत ने सबसे अलविदा ली और आदि से भी एक आखरी बार गले लग के अपने घर की तरफ चल दिया.. घर पे शालिनी अकेली थी, राकेश और सिम्मी वर्ल्ड टूर पे गये हुए थे... घर जाते जाते भारत के दिमाग़ पे आदि का वाक्य छा गया था..

"बिवेर ऑफ विक्रम" आदि ने ऐसा क्यूँ कहा.... यह सोचते सोचते भारत अपने घर पहुँचा... घर का दरवाज़ा खोलते ही शालिनी उससे चिपक सी गयी..

"व्हाट हॅपंड बेबी... " कहके भारत शालिनी को अंदर लाया और उसके साथ बैठ गया

"डुन्नो... बस डर लग रहा था, पता नहीं क्यूँ आज काफ़ी ख़याल आ रहे थे दिमाग़ में.." शालिनी ने भारत के कंधे पे अपना सर रख के कहा

"ओह्ह्ह... चिल मार स्वीट हार्ट... लो यह, शायद अच्छा लगे" कहके भारत ने अपनी पानी की बॉटल उसको दी.. शालिनी को पानी पीके थोड़ा अच्छा लगा, पर वो वहाँ से उठी नहीं और ना ही भारत को उठने दिया

"ओके टेल मी, व्हाई आर यू सो लॉस्ट.." शालिनी ने फाइनली अपना सर उठा के कहा

"आइ आम फाइन स्वीटी..." भारत ने झूठ कहा

"अरे ई नो रे बाबा, अब बताओ, झूठ नही बोलो" शालिनी ने दबाव डाला

"ओके..." भारत ने कहा और उसे सारा किस्सा बताया, कि कैसे उसने जेपीएम से इन्फो निकलवाई, कैसे राज ने उस तक वो इन्फो पहुँचाई और कैसे उसने राज का प्रमोशन रुकवाया ताकि वो भी जेपीएम में भारत की टीम में आ सके...

"आर यू नट्स ओर व्हाट... तुमने एक जॉब के लिए क्या क्या किया....." शालिनी ने बस इतना ही कहा कि भारत ने उसे रोकना चाहा, लेकिन शालिनी खामोश नहीं हुई

"नो... लेट मी कंप्लीट ओके... जो भी तुमने किया वो ग़लत है, इन्फो निकलवाई... क्या हुआ तुम्हारी काबिलियत को, तुम्हे यह सब करने की क्या ज़रूरत है... और रही बात करियर में उपर जाने की, तो और कितना उपर जाना है.. यू आर आ फक्किंग टेरिटरी मॅनेजर अट एज ऑफ 29... कुछ दिन में एसएम सेल्स बनॉगे विद एंटाइयर जेपीएम इन युवर किटी... इससे ज़्यादा क्या करना चाहते हो..."

"शालिनी..." भारत ने फिर यह कहा लेकिन शालिनी इस बार भी नहीं रुकी

"नो.. दिस ईज़ अनॅक्सेप्टबल टू मी ओके.. दोस्त से ज़्यादा दुश्मन हैं तुम्हारे, कोई तुमसे बात तक नहीं करता.. गिने चुने एक या दो दोस्त हैं बस, उनके लिए भी तुम इतने श्रूड हो कि मुश्किल से वो तुमसे मिलते हैं... कौन से काम का ऐसा करियर या ऐसा पैसा.. पैसों की क्या ज़रूरत है तुम्हे, ज़िंदगी भर तुम कुछ नहीं करो तो भी आराम से बैठ के खा सकते हो, इतना बनाया है पापा ने... " शालिनी गुस्से से लाल हुए जा रही थी और भारत को काफ़ी खरा खोटा सुनाया.. भारत ने उसे सुना पर जवाब नहीं दिया, क्यूँ कि वो जानता था की शालिनी सही कह रही है.. कुछ देर में शालिनी ने भी खुद को शांत किया और कुछ कहे बिना अपने कमरे में चली गयी.... भारत वहीं बैठा रहा, काफ़ी देर तक सोफे पे बैठ के अपनी सिगरेट के धुएँ के साथ खेलता रहा और सोचता रहा

"मैं जानता हूँ जो मैं कर रहा हूँ वो ग़लत है.. पर सही मैं कर नहीं सकता, और ग़लत मुझसे छुटेगा नहीं..." भारत ने धीरे से खुद से कहा.. अपनी सिगरेट बुझा के भारत फ्रेश होके खाना खाने लगा और टीवी देखने लगा.. करीब 10 मिनट बाद उसके मोबाइल पे एसएमएस आया

"स्टे अवे फ्रॉम दा बिच... नो लव.. नो फक विद हर..." शालिनी ने भारत से रीना के लिए कहा

माया... ताक़त की माया... भारत के सर चढ़ के बोल रही थी.. जेपीएम में इतनी बड़ी डेसिग्नेशन तो पा ली , पर भारत आने वाले प्रेशर के बारे में सोच रहा था... अभी उसने जेपीएम जाय्न भी नहीं किया था और जेम्स उसके पीछे पड़ गया था.. शायद भारत ने यह कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दौर भी आएगा, एक और ग़लती कर ली थी उसने... जेम्स को वो कभी अपनी मुट्ठी में नहीं रख सकता था , क्यूँ कि जो फिगर्स उसने जेपीएम से निकलवाए थे, उसका कोई बॅक अप नहीं था उसके पास जिससे कभी वो जेम्स को ब्लॅकमेल कर सके...

कनेक्षन्स, ब्लॅकमेल, मिसयूज़ ऑफ डेसिग्नेशन,गॉसिप्स, इन्फर्मेशन्स, सब चीज़ पर भारत ने इतना ज़्यादा फोकस किया हुआ था, कि वो एक बेसिक चीज़ भूल गया... वो था पर्फॉर्मेन्स... एग्ज़िस्टिंग पोज़िशन पे भी उसका पर्फॉर्मेन्स कम होने लगा था... आदि की जगह पे उसका न्यू बॉस आया था, पर उसे भी सेट होने में टाइम लगने वाला था और भारत का पास्ट पर्फॉर्मेन्स देख उसने कभी उसे कुछ नहीं कहा.. जब भारत ने खुद अपने सेल्स फिगर्स देखे तो वो खुद शॉक हो गया था.. काफ़ी लोग सोच रहे थे कि शायद भारत एग्ज़िट मोड पे है इसलिए वो यहाँ ध्यान नहीं दे रहा, पर भारत खुद सच्चाई जानता था.. अंदर ही अंदर वो सोच रहा था इस के बारे में.. भारत किसी से भी झूठ बोलेगा, लेकिन वो खुद से कभी झूठ नहीं बोलेगा...

"लेट्स गो सम्वेर.. आइ नीड आ कपल डेज़ ऑफ फ्रॉम ऑल दिस.." भारत ने शालिनी को एसएमएस किया

"व्हेअर..." शालिनी का जवाब आया

"एनिवेर यू से. आइ जस्ट नीड पीस... अवे फ्रॉम ऑल दिस नॉनसेन्स... नीड टू इंट्रॉस्पेक्ट नाउ.. सी या सून" कहके भारत अपनी जगह से उठा और अपने नये बॉस से मिलने गया... भारत का नया बॉस नारायण.. नारायण साउत इंडियन था, हमेशा डिसिप्लिंड रहने वाला बंदा था... वो यहाँ काम करने के तौर तरीके से वाकिफ़ नहीं था, लेकिन उसने जल्द से जल्द नये तौर तरीके में खुद को अड्जस्ट किया.. वो कुछ फील्ड के बन्दो से मिलने में व्यस्त था, तभी बीच में उसके सेलफोन पे भारत का एसएमएस आया

"कॅन वी टॉक.. फॉर 5 मिन्स"

नारायण ने खुद को एक्सक्यूस किया और भारत से मिलने बाहर आया... जैसे ही नारायण आया भारत ने उसके साथ अपनी प्राब्लम डिसकस करना चालू किया, पर नारायण के पास वक़्त नहीं था

"भारत, बी स्ट्रेट.. मेरे पास वक़्त नहीं है" नारायण ने साउत इंडियन टोन में कहा

"कूल.. आइम ऑन लीव फॉर 3 डेज़, सी या आफ्टर दट..." कहके भारत ने नारायण के रेस्पॉन्स का वेट भी नहीं किया और वहाँ से निकल गया.. क्यूँ कि भारत के कुछ 10 दिन ही बाकी थे इधर, उसने भी कुछ ज़्यादा नहीं सोचा और अपनी मीटिंग के लिए वापस चला गया

रास्ते पे घर जाते जाते भारत को ख़याल आया कि शायद आदि उसे गाइड कर सके इस बारे में.. उसने फोन भी उठाया और फोन बुक आदि के नाम पे भी गया.. लेकिन पता नहीं क्या रोक रहा था उसे कॉल का बटन दबाने से.. करीब 10 मिनट तक उसने एक हाथ से ड्राइव की और कॉल के बटन पे हाथ रखा लेकिन बटन नहीं दबाया... जैसे ही उसका घर नज़दीक आया, उसने फोन फिर अपनी जेब में रख दिया और गाड़ी पार्क करके उपर गया...

"हेलो स्वीटहार्ट... व्हाट्स रॉंग टेल मी" शालिनी ने भारत के घर पे पेर रखते ही कहा

"पता नही यार, कुछ समझ नहीं आ रहा, पर्फॉर्मेन्स ईज़ गोयिंग डाउन, आंड मेरी स्वीटहार्ट भी मुझसे नाराज़ है.. ऐसे में कुछ समझ ही नहीं आ रहा" भारत ने अपने सिगरेट के बॉक्स को हाथ में लेके कहा

"कोई स्वीटहार्ट नाराज़ नहीं है.. और यह दो, अब तीन दिन नो स्मोकिंग, नो ड्रिंकिंग.. आंड नो सेक्स ओके... फर्गेट एवेरितिंग, इफ़ पासिबल, अपने दिमाग़ को फॉर्मॅट कर दो.. कोई सेल्स का फिगर नहीं, कोई कॉल नहीं..... मोबाइल यहाँ रख के चलेंगे तुम्हारा...." शालिनी ने भारत के हाथ से सिगरेट का बॉक्स छीना और उसे साइड में रख दिया

"ओक यार.. बट हम जा कहाँ रहे हैं वो तो सोचो..." भारत ने अपने पेर सोफा पे लंबे किए और शालिनी की गोद में सर रख के सोया

"सोचूँ क्या, टिकेट्स बुक कर ली, रिज़ॉर्ट्स बुक्ड... केरला... वहाँ की ग्रीनरी विल डेफनेट्ली हेल्प यू टू गेट ऑफ स्ट्रेस.. और एक सर्प्राइज़ है" शालिनी ने भारत से कहा

"सर्प्राइज़ क्या.." भारत ने बंद आँखों से ही कहा

 


"नो स्मोकिंग, नो ड्रिंक्स तो है ही.. बट फूड भी वेज ही कहा है मैने.. स्ट्रिक्ट नो टू नोन वेज.." कहके शालिनी ने जैसे बॉम्ब फोड़ा हो भारत के सर पे

"शॉक है यह बाबू... बट विल ट्राइ... कब चलना है.." भारत ने गुस्से पे काबू करके कहा

"3 घंटे में फ्लाइट है.. चलो गेट रेडी, फ्लाइट में सो लेना.." कहके शालिनी रेडी होने के लिए उठी और साथ भारत की सिगरेट का बॉक्स और उसका मोबाइल भी ले गयी...

2 घंटे में रेडी होके भारत और शालिनी एरपोर्ट की तरफ बढ़ गये... शालिनी ने ध्यान रखा था कि कपड़ों में हर वो चीज़ ले जिससे भारत को कंफर्ट मिले, उसका नतीजा था कि बॅग में जीन्स बस एक या दो , ट्रॅक पॅंट्स की भरमार थी... और खुद के लिए भी उसने सिंपल कपड़े लिए थे.. सिड्यूसिंग छोड़ो, जीन्स के अलावा कोई ड्रेस नहीं थी उसके पास...

"लॉट्स ऑफ सेक्स, ड्रिंक्स आंड स्मोक.... सब दूर रहेगा ना तो दिमाग़ मस्त दौड़ेगा फिर से तुम्हारा... समझे " शालिनी ने मज़ाक में गाड़ी में बैठते हुए कहा

करीब एक घंटे की ड्राइव और 4 घंटे लंबी फ्लाइट के बाद भारत और शालिनी केरला पहुँचे.... शालिनी ने वहाँ हाउस बोट बुक की थी... वो नहीं चाहती थी कि कोई भी डिस्टर्बेन्स या कोई ऐसी चीज़ हो जिससे भारत का ध्यान टूटे... रात को क्यूँ कि दोनो थक चुके थे, दोनो ने बोर्ड करके अपने हाउस बोट में जाके सो गये थे.. सुबह के करीब 6 बजे दरवाज़े की नॉक से शालिनी की नींद टूटी.. उसने जब दरवाज़ा खोल के देखा तो सामने खड़े शक्स को देख वो काफ़ी खुश हुई..

"भारत गेट अप... यू लेज़ी बूम.. चलो मसाज कर्वाओ आयुर्वेदिक..." कहके शालिनी ने भारत को जगाया और भारत को इससे बड़ा शॉक आज तक नहीं मिला था....

3 दिन तक हाउस बोट में शालिनी ने हर चीज़ का बंदोबस्त रखा था जिससे भारत का स्ट्रेस कम हो... मसाज, योगा टीचर, फिर आयुर्वेदिक टी., फिर झील की सेर, फिर एक कॅमपिंग का पार्ट, ट्रेकिंग, वॉटर राइड्स.. हर चीज़ में उसने ध्यान रखा कि भारत का मॅग्ज़िमम पार्टिसिपेशन होना चाहिए.. भारत ने भी काफ़ी अच्छे से वो सब किया जो शालिनी उससे करवा रही थी.. चाहे वो योगा ही क्यूँ ना हो...

"सर, व्हाई सच हेल्त, सीम्स यू वर इंटो एक्सर्साइज़ अर्लीयर.. प्लीज़ मेनटेन इट" एक दिन मसाज वाले ने भारत से कहा

"यस.... थॅंक्स आ लॉट फॉर रिमाइंडिंग.." कहके शालिनी ने फिर एक नोट बनाया और उसे अपने पर्स में रख दिया..

3 दिन बाद जब भारत और शालिनी मुंबई जाने के लिए वापस निकले तब शालिनी ने कहा

"आइम सॉरी फॉर दट डे क्यूटी पिए.. "

"अरे थ्ट्स ओके यार, इनफॅक्ट थॅंक यू, यहाँ आके बहुत अच्छा लगा.. लगता है अब रुटीन चेंज करना पड़ेगा"

"ओफ़कौर्स , उसकी लिस्ट पकडो... दिस विल हेल्प" कहके शालिनी ने उसे एक नोट पकड़ाया

नोट में हर एक चीज़ थी वक़्त के साथ.. सुबह से लेके शाम का शेड्यूल, जिम, योगा, पानी कितना पीने का, कितनी सिगरेट, हर चीज़...

"दिस ईज़ डॉमैनेटिंग यार" भारत ने लिस्ट वापस देके कहा

"हहहः... लिव विद इट नाउ.. बॉस का हुकुम है समझे..." कहके शालिनी ने मज़ाक में भारत के गालों को सहलाया और उनकी फ्लाइट ने टेक ऑफ किया

मुंबई आके शालिनी और भारत अपने घर के लिए निकले और दोनो काफ़ी खुश थे.. भारत के दिमाग़ में एक शांति सी थी.. वो अब ध्यान से सोच रहा था आने वाले टाइम के बारे में, उसने अब तक यह भी सोच लिया था कि उसका पहला कदम क्या होना चाहिए...

घर आके सबसे पहली चीज़ जो भारत ने चेक की वो था उसका मोबाइल... मोबाइल चार्ज करके, भारत ने देखना स्टार्ट किया.. करीन 100 मिस कॉल्स थे, काफ़ी सारे जेम्स के थे, कुछ नारायण के, कुछ आदि के.. एक अननोन नंबर था... कॉल्स के बाद काफ़ी एसएमएस और मेल्स भी थे.. आदि ने उसे अपनी आनिवर्सयरी पार्टी पे इन्वाइट किया था शालिनी के साथ.. उसका इन्वाइट देख भारत काफ़ी खुश था, भारत आदि जैसे गाइड को कभी खोना नहीं चाहता था.. इसलिए उसने शालिनी को इनफॉर्म किया और एक गिफ्ट लेने के लिए भी कहा... स्क्रोल करते करते उसने एक एसएमएस देखा, वो उसी नंबर से था जहाँ से उसे एक मिस कॉल था.. एसएमएस था

"वेटिंग फॉर यू टू जाय्न जेपीएम... मोर एग्ज़ाइटेड दॅन यू आर.. कम सून"

यह कौन है, भारत सोचने लगा

दूसरे दिन सुबह भारत ने सब से पहले जेम्स को कॉल किया और उसके साथ काफ़ी लाबी बात चीत हुई... अब तक की सारी कॉन्वर्सेशन में जेम्स डॉमिनेट करता था, बट आज भारत ने दिमाग़ का ज़्यादा इस्तेमाल किया और काफ़ी देर तक वो बोलता रहा.. जेम्स को भी अच्छा लगा के भारत फाइनली आक्टिव लगने लगा है... उधर नारायण को भी उसने अपसेट नहीं किया... भारत के जाने से दो दिन पहले जब नंबर्स रिव्यू हुए, तो भारत अपने टारगेट से बस 4 % दूर था

 


"आइ आम इंप्रेस्ड भारत.. 10 दिन पहले 50 % डेफिसिट, अभी 4 %.. तुम्हारे बेंचमार्क्स इतने उपर हैं कि यह भी नहीं होना चाहिए, बट कन्सिडरिंग तुम्हारा स्ट्रेस और जेपीएम के साथ डीलिंग, आइ आम हॅपी... एनी वन विल फाइंड इट डिफिकल्ट टू कम इन युवर शूज" कहके नारायण ने भारत की पीठ थपथपाई सब के आगे... भारत की टीम काफ़ी खुश थी.. और हो भी क्यूँ ना, भारत ने काफ़ी लोगों से कहा था वो उन्हे जेपीएम ले जाएगा और जेम्स ने वो लिस्ट अप्रूव भी की थी.. अब बस वक़्त की बात थी..

"थ्ट्स माइ वर्क सर... एनीवेस, 2 दिन बाद आइ माइट लूज़ कॉंटॅक्ट्स वित मेनी ऑफ यू.. सो वुड रिक्वेस्ट यू प्लीज़ जाय्न मी आंड माइ वाइफ फॉर आ डिन्नर पार्टी टुनाइट.. आंड हर टीम मेंबर से दरख़्वास्त है कि फॅमिली के साथ आयें.." भारत ने सब को इन्वाइट किया और उसने नारायण को ख़ास करके बुलाया था... इसके बारे में जब भारत ने शालिनी से कहा, शालिनी ने जल्दी से होटेल बुक करके सब अरेंज्मेंट्स कर ली.... शाम ढलते ढलते अच्छे होस्ट्स के तरीके से भारत और शालिनी दोनो होटेल ग्रांड में टाइम पे पहुँचे और अरेंज्मेंट्स देख ली... जैसे जैसे लोग आना स्टार्ट हुए भारत और शालिनी सब से मिलने लगे... आदि को देख के शालिनी काफ़ी खुश हुई...

"सो माइ बॉय.. ऑल सेट फॉर न्यू इन्निंग्स हाँ" आदि ने मज़ाक में कहा

"आदि, इट्स ऑल ऑन यू हाँ.. भारत का ख़याल आप को ही रखना है.. यू आर आ फादर फिगर टू अस" शालिनी ने आदि को ड्रिंक देते हुए कहा

"ओह यस स्वीटहार्ट... डोंट वरी... भारत को ढील मैने दी है, तो लगाम कसना मुझे अच्छे से आता है...." कहके आदि और शालिनी दोनो ज़ोर ज़ोर से हँसने लगे...

भारत ने कुछ नहीं कहा और मज़ाक को मज़ाक समझ के वो आदि और शालिनी से दूर गया.. अपनी टीम के हर एक मेंबर से और उसकी फॅमिली से मिला... भारत सब से मिलके राज को ढूँढ रहा था, लेकिन वो उसे दिखा नहीं.. उसने तुरंत राज को कॉल किया, पर कोई जवाब नहीं आया... काफ़ी देर तक सब से बात चीत करके जब उसने शालिनी को देखा तो शालिनी अभी भी आदि और उसकी वाइफ से बात कर रही थी.. उनको डिस्टर्ब नहीं करने का सोच के भारत एग्ज़िट गेट की तरफ बढ़ ही रहा था कि तभी उसकी नज़र सामने आती एक लड़की पर पड़ी

ब्लॉंड बाल खुले हुए , एक दम कॅषुयल स्कर्ट और डेनिम शर्ट में ड्रेस्ड , उस लड़की की चाल में भी एक अदा थी.. शर्ट के उपर के दो बटन खुले हुए थे जिसमे से उसकी क्लीवेज देखी जा सकती थी.. जैसे जैसे वो लड़की भारत के करीब आती, वैसे वैसे भारत के दिल की धड़कन बढ़ती जाती... एक पल के लिए तो भारत खो सा गया था उस लड़की की चाल की अदा देख...

"आहहूंम्म्म... शायद आपने मुझे पहचाना नहीं" उस लड़की ने भारत के पास आके बड़े ही नाज़ से कहा

"ओफ़कौर्स... रीना शाह... " कहके भारत ने रीना से हाथ मिलाया, और इस बार हाथ मिला के उसे एक जेंटल स्क्वीज़ भी दिया

"उम्म्म... प्लेषर सीयिंग यू अगेन सो सून... लुकिंग डॅपर हाँ" रीना ने भारत के ब्लॅक सूट की तरफ इशारा करके कहा

"नोट ऐज बीमिंग ऐज यू.. राज नहीं आया" भारत ने अपने दिल पे काबू रख के पूछा

"ना, उन्हे कोई और ज़रूरी काम आया था, सो आइ केम ओवर.. होप दिस फाइन विद यू" रीना ने टीज़ करते हुए कहा

"ओफ़कौर्स.. वैसे भी यहाँ खूबसूरती कम थी.. अभी ठीक है" भारत पागल सा हुए जा रहा था

"हाहहहहा... आइ मस्ट से, यूआर आ वेरी बिग फ्लर्ट हाँ... वैसे आपकी वाइफ कहाँ है, वो नहीं दिख रहीं" रीना ने अपने लिए ड्रिंक ली और सेम भारत को ऑफर की

"उम्म.... मिलना चाहोगी उससे" भारत ने भी अपने तेवर दिखाना चालू किया

"ना.. लेट हर बी... आइ आम आ वेरी गुड कंपनी" कहके रीना ने भारत को एक हल्की स्माइल के साथ आँख मार दी

भारत चौंका तो नहीं, पर यह सब इतना जल्दी हो रहा था कि उससे कुछ सोचने का मौका ही नहीं मिल रहा था.. शालिनी के बाद यह वो लड़की थी जो भारत के दिल में उतरी थी.. जब से उसने रीना को देखा था वो पागल सा हो गया था, उसकी बॉडी, उसके लुक्स.. सब उसके दिमाग़ में किसी तूफान की तरह छा गया था...

"वैसे मैने आपको उस दिन कॉल ऑर एसएमएस भी किया था, बट यू नेवेर रिप्लाइड हाँ.. बिज़ी बी" रीना ने अपनी शकल को मासूम बनाते हुए कहा

"कब... " भारत थोड़ा सर्प्राइज़ हुए..

"वेट.... " कहके रीना ने अपना फोन निकाला और उससे भारत को कॉल किया.. नंबर देख के भारत को ध्यान आया

"ओह दिस ईज़ युवर नंबर... टेल मी, व्हाई आर यू सो एग्ज़ाइटेड अबाउट माइ जाय्निंग देअर.. मेरे आते ही तुम जाना चाहती हो क्या"

"आप मुझे जाने देंगे ?" रीना ने सवाल का जवाब सवाल में दिया

"दट डिपेंड्स ऑन युवर पर्फॉर्मेन्स स्वीटहार्ट..." भारत ने एक और ड्रिंक ख़तम करके कहा. साथ ही उसने आस पास देखा तो शालिनी कहीं नहीं थी...

"ओह कम ऑन... पर्फॉर्मेन्स तो सब देते हैं... मुझे कुछ अलग ही करना पड़ेगा.. डोंट वरी, आइ आम वेरी गुड" कहके रीना ने अपनी शर्ट के बटन को साइड किया जिससे उसका चुचे का हल्का साइड दिखने लगा

"यू नो रीना...दिस मे बी आ बिट चीज़ी.. बट मुझे इतनी जल्दी सरेंडर करने वाली लड़कियाँ पसंद नहीं.. " कहके भारत ने उससे अलविदा ली और शालिनी को ढूँढने लगा.. जब शालिनी कहीं नहीं मिली, उसने उसे कॉल किया

"व्हेअर आर यू बेबी..." भारत ने चिंतित होके कहा

"स्वीटहार्ट, आइएम अट आदि'स प्लेस.. इनकी गाड़ी खराब हो गयी तो आइ हॅव कम टू ड्रॉप देम.. बस 5 मिनट में निकलती हूँ"

"ड्राइवर को भेजना था यार, " भारत ने फिर कहा

"भारत ही ईज़ आदि, आंड बिसाइड्स ड्राइवर को ढूंढूं तब तक तो मैं यहाँ आ भी गयी.. चिल्लेक्ष, विल बी देअर इन 10 मिन्स" कहके शालिनी ने फोन रख दिया

भारत ने जान बुझ के रीना से पूरी पार्टी में दूरी बनाए रखी.. जहाँ जहाँ वो जाता तिरछी नज़रों से उसे देखता.. रीना, भी भारत को ही देख रही थी.. लेकिन छुप के नहीं

करीब 15 मिनट में शालिनी वापस आई और भारत से मिली.. दोनो ने खाना एक साथ खाया और फॉर्मली शालिनी रीना से मिली.. रात ख़तम होते होते भीड़ कम होने लगी, और रीना बिना बाइ कहे वहाँ से निकल गयी

"होप यू वर अवे फ्रॉम हर" शालिनी ने घर जाते हुए भारत से कहा

"यू शुड हॅव स्टेड विद मी ना... आंड आदि को जो लगाया है मेरे पीछे.. और क्या करोगी जानेमन" भारत ने हँस के जवाब दिया

"चलो ओके.. आइ गॉट माइ आन्सर.." कहके शालिनी ने गाड़ी की स्पीड बढ़ाई और दोनो 20 मिनट में घर पहुँचे...

"बेबी, यू गो अहेड.. जेम्स से कॉल है, विल रॅप इट अप आंड बी देअर" भारत ने घर में घुस के कहा

"ओके, बट मेक इट फास्ट ऑलराइट.. " कहके शालिनी अपने रूम में चली गयी और भारत भी फ्रेश होके लॅपटॉप ऑन करके जेम्स के कॉन्कल्ल का वेट करने लगा.. इतने में भारत के सेल पे एसएमएस आया

"यूँ छुप छुप के देखना अच्छी बात नहीं, सामने से देखने में ज़्यादा मज़ा है"

 


भारत जानता था कि यह रीना का नंबर है, पर उसने जान बुझ के जवाब दिया

"हू ईज़ इट"

"ओह हो.... इतना जल्दी भूल गये... बॉस अपने कॉलीग्स को इतना जल्दी भूलेगा तो कैसे चलेगा... रीना हियर "

"ओह यस... टेल मी, " भारत जान बुझ के ऐसे बिहेव कर रहा था, वो रीना को पाना तो चाहता था पर अपने हिसाब से..

"होप यू आर नोट गेटिंग बोर्ड हाँ" रीना ने जल्दी से जवाब दिया

"तुमने कुछ इंट्रेस्टिंग भी तो नही कहा..." भारत अपनी मॅस्टरी पे वापस आ रहा था

"असिस्टेंट तो वो कहेगी ना जो बॉस सुनना चाहेंगे" रीना शब्दों के साथ खेलने लगी

"आह्ह्ह्ह... मुझे शब्दों से खेलना बिल्कुल पसंद नहीं रीना... कम टू दा पॉइंट.. मेरा कॉल भी है यूएस में इन 5 मिनट्स.. मेक इट फास्ट" भारत ने घड़ी देख के कहा

"मैने आपका काम किया, उसके बदले मुझे तो कुछ नहीं मिला ना... मोटीवेटेड कैसे रहूंगी" रीना ने फिर घुमाया

"क्या चाहिए... बताओ, आइ विल डू इट" भारत ने जल्दी निपटाने की कोशिश की

"पक्का देंगे.. आ माँस वर्ड हाँ" रीना भारत को बहुत तपा रही थी

"यस.... स्पिल दा बीन्स आउट नाउ" भारत इरिटेट हो रहा था

"ओके... मैं अपने पति से खुश नहीं हूँ... मुझे अपनी रखैल बना दीजिए.... मुझे खुश कीजिए" रीना ने जवाब में कहा

यहाँ चेक करना है लगता है पोस्ट कट गई है............................................

"आहा.. तो तुम हो जेम्स की आँखों के नये सितारे हाँ.." विक्रम ने भारत से हाथ मिलाते हुए कहा

"हां... अब क्या करें, उसने जो चाइनीस फनूस अपने गले में बाँध रखा है, आज नही तो कल उसका रीप्लेस्मेंट तो आना ही था" भारत ने भी उसी अदा में जवाब दिया..

"तुम चाहे जो भी कहो, जो भी करो... मैं भी यह देख लूँगा कि तुम नंबर्स कैसे बढ़ाओगे मेरे सपोर्ट के बिना.. सब को दिख जाएगा कि यहाँ का बाप कौन है..." विक्रम ने दाँत पीसते हुए कहा

"हाहाा.... अगर 40 दिन पहले बाप ने अपने काम पे ध्यान दिया होता, तो आज शायद मैं यहाँ नहीं होता... खैर, अब जो भी हूँ, जैसा भी हूँ... बस मैं ही हूँ... इट वाज़ नाइस मीटिंग यू... मिस्टर विक्रम.. विकी... वॉटेवर.." कहके भारत वहाँ से अपनी कॅबिन में जाने के लिए निकला

विक्रम का कॅबिन ठीक भारत की कॅबिन के सामने थे... आज जेपीएम में पहला दिन था भारत का.. यहाँ आने से पहले भारत ने काफ़ी रिसर्च की थी विक्रम के बारे में, लेकिन कुछ ज़्यादा उसके हाथ नहीं लगा... विक्रम की कॅबिन के ठीक बाहर रीना की डेस्क थी... भारत ने बाहर आते ही रीना को अनदेखा किया और सीधा अपनी कॅबिन में जा बैठा... दोपहर को उस से कॉन-कॉल हुआ और वहीं सब के सामने भारत का इंट्रोडक्षन भी करवाया गया.. ऑफीस में सब को यह लग रहा था कि भारत विक्रम को रिपोर्ट करेगा और जेम्स ने भी अनाउन्स नहीं किया था कि भारत किसको रिपोर्ट करेगा..

"मार्श.. दिस ईज़ इनडीड आ बिग प्राब्लम.. हाउ कॅन वी हॅव टू पीपल डूयिंग दा सेम टास्क विद टू डिफरेंट टीम्स.. आंड दिस न्यू चॅप लुक्स प्रेटी शार्प नाउ, आइ कॅंट सी हिम गेटिंग आउट ऑफ दा वे वेरी सून..." जेम्स ने कॉन-कॉल के बाद कहा..

"जेम्स, नीड टू लर्न.... दा न्यू फ्लवर इन दा गार्डेन अट्रॅक्ट्स दा क्राउड माइ बॉय... गुड बाइ" कहके मार्श निकल गया

जेपीएम में भारत का पहला दिन नॉर्मल ही गुज़रा, रीना के मसेज का उसने कोई जवाब नहीं दिया था.. वो हां तो कहना चाहता था, लेकिन पहेल खुद नहीं करनी थी, वो रीना का डेस्परेशन देखना चाहता था, इसलिए वो बस रीना को इग्नोर ही कर रहा था... दूसरे दिन जब भारत ने ऑफीस आके मैल चेक किया, उसे उसकी लाइफ का सबसे बड़ा सर्प्राइज़ मिला... या यूँ कहा जाए कि जेपीएम इंडिया को एक शॉक सा लगा.... जेम्स ने ऑल इंडिया जेपीएम एंप्लायीस को एक मैल डाला था

डियर टीम मेंबर्ज़,

प्लीज़ टेक आ नोट दट आफ्टर आ स्टॅगरिंग रोल इन सेल्स फॉर जेपीएम, वी आर ग्लॅड टू अनाउन्स दट विक्रम कोहली विल नाउ बी टेकिंग केर ऑफ इंटर्नल ऑडिट.. दा लिस्ट ऑफ विक्रम'स रेपॉर्टीस विल बी सेंट इन आ डिफरेंट मैल... भारत ब*******ई विल नाउ बी टेकिंग केर ऑफ सेल्स अट इंडिया लेवेल... भारत कंटिन्यूस टू रिपोर्ट टू मी, वाइल विक्रम विल डाइरेक्ट्ली रिपोर्ट टू मार्श... ऐज ऑफ नाउ दा पीपल दट यूज़्ड टू रिपोर्ट टू विक्रम, विल नाउ बी रिपोर्टिंग टू भारत विद इम्मीडियेट एफेक्ट. हाउ-एवर, विक्रम'स डेसिग्नेशन अट सेल्स विल रिमेन वेकेंट टिल दा टाइम वी फाइंड इट फिट..

रीगार्ड्स,

जेम्स

 


यह मैल पढ़ के जहाँ भारत को खुशी मिली, वहीं इसकी खबर विक्रम को रात में ही जेम्स ने दे दी थी.. इसलिए तो सुबह सुबह ही विक्रम ने रीना से कहके अपनी कॅबिन का कुछ सामान अपनी नयी कॅबिन में शिफ्ट करवाने को कहा.. रीना ने जब यह मैल पढ़ा, तो वो भी काफ़ी खुश हुई.. पिछले कुछ टाइम से जो वो फीलडिंग भर रही थी, वो फालतू नहीं गयी... ऑफीस के काफ़ी लोग विक्रम को बधाई देने लगे, क्यूँ कि उसकी रिपोर्टिंग मार्श को हुई, मतलब एक डेसिग्नेशन उपर जाने की उम्मीद बढ़ी... विक्रम उपर से हँस तो रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर उसको घुटन महसूस होने लगी.. उधर विक्रम की पूरी टीम चिंतित हुई, क्यूँ कि सब जानते थे कि भारत पुरानी कंपनी से टीम लाने वाला था.. अगर वो टीम आ जाएगी, तो इनको कोई पूछेगा ही नहीं... इसलिए सब एक एक कर, विक्रम से मिलने लगे और अपनी चिंता व्यक्त करने लगे.. विक्रम खुद भी सोचने लगा इसके बारे में, लेकिन अब विक्रम कोने में फँसे एक शेर की तरह था.. जिसके पास पावर तो थी, बट किसी काम की नहीं...

"डोंट वरी टीम, आइ विल टेक केर ऑफ यू.. " विक्रम ने अपने बन्दो से कहा

उधर भारत में एक अलग ही पॉज़िटिव एनर्जी आ गयी थी.. वो सुबह से इस न्यूज़ को लेके इतना अच्छा फील कर रहा था, कि उसने पूरा एक प्लान चॉक आउट कर लिया था.. उसको बस चिंता थी तो एक ही चीज़ की, वो थी विक्रम की पुरानी टीम से काम निकलवाना.. काफ़ी सोचने के बाद, उसने पूरी टीम को अपने पास बुलाया.. रीजनल मॅनेजर्स , टेरिटरी मॅनेजर्स, रिलेशन्षिप मॅनेजर्स.. मुंबई ऑफीस के सब लोग इकट्ठा हुए जेपीएम की कॉन्फ्रेंस रूम में.. और दूसरी ऑफिसस के लोग, चेन्नई, कोलकाता, गुजरात और ना जाने कहाँ कहाँ से, सब ने VC के थ्रू जाय्न किया... सब लोग हैरान थे भारत के इस अप्रोच से.. भीड़ में से एक आवाज़ यह भी आई

"अरे यार अब क्या हुआ.. आज तक विक्रम ने तो नहीं बुलाया था, यह पहले दिन पे ही हमारी ना ले ले.. "

जब भारत कान्फरेन्स रूम में आया, तब एक शांति सी छा गयी... सब ने वोकल में भारत को ग्रीट किया

"थॅंक यू वेरी मच आप सब इतने शॉर्ट नोटीस पे आए... सॉरी बट इंट्रोडक्षन का वक़्त अभी नहीं है हमारे पास.. दिस ईज़ आ बिगिनिंग ऑफ आ क्वॉर्टर, आंड नंबर्स ऑफ लास्ट क्वॉर्टर आर वेरी मेसी... सो आप सब लोग एक एक कर मुझे बताइए, सजेस्ट कीजिए व्हाट कॅन वी डू टू इनक्रीस दा नंबर्स.. आंड डोंट वरी, आज तक जो सपोर्ट आपको नहीं मिला आपकी आइडियास इंप्लिमेंट करने में, वो मैं आपको दूँगा... ऑल दा ज़ोनल मॅनेजर्स, सेंड इन युवर रोड मॅप फॉर कमिंग मंथ एयेसेप. वी शल डिसकस दा सेम इन नेक्स्ट 45 मिनिट्स... मैं हर एक सिटी और हर ज़ोन का प्लान डिसकस करूँगा अट दा कोर लेवेल.. इफ़ आइ आम नोट रॉंग, जेपीएम इंडिया की ऑफिसस 25 सिटीस में है... ऑल दा आरएम'स, प्लीज़ गेट बॅक टू दा फील्ड.. आप भी कंट्रिब्यूट करें कुछ सजेशन हो तो.. आंड आपके सजेशन्स आप मुझे डाइरेक्ट मैल करेंगे.. लूप में किसी को रखने की नो नीड... जिसका सजेशन सबसे ज़्यादा फयदेमंद होगा, उसे बहुत अच्छी तरह रिवॉर्ड आंड अवॉर्ड दिया जाएगा... थॅंक यू वेरी मच.. लेट्स गेट टू आक्षन नाउ..." कहके भारत ने सब में एक एनर्जी डालनी चाही जो शायद सही दिशा में गयी... काफ़ी लोग चिंतित थे, लेकिन काफ़ी लोग खुश थे ऐसे अप्रोच से...

"हाई बेबी...." भारत ने शालिनी को फोन किया

"हेलो स्वीटपति... कैसा है आपका दूसरा दिन, पहले दिन तो आप बहुत बिज़ी थे हाँ" शालिनी ने जवाब में कहा

"अछा अब एक बात सुनो..." कहके भारत ने जेम्स के मैल के बारे में बताया

"ओह्ह्ह माइ गॉड्ड..... आइम सो हॅपी" शालिनी ने चीख के कहा

"चिल माइ जान.. चिल... अच्छा चलो एक काम करते हैं, लेट्स हॅव लंच टुगेदर... तुम जल्दी से ऑफीस आओ, साथ में ही तुम्हारे हाथ का खाना खाएँगे ओके.. बट क्विक हाँ, ई हॅव ओन्ली 40 मिन्स" कहके भारत ने फोन रखा.. और अगले ही पल रीना को कॅबिन में बुलाया

"यस सर.." रीना ने अंदर आके अपनी मुरझाई हुई आवाज़ में कहा

"रीना, बुक आ मीटिंग रूम... आंड हॅव युवर लंच, बी इन कॉल विद मी, नोट्स बनाने हैं काफ़ी सारे." भारत ने काफ़ी अकड़ के कहा

"सॉरी सर, बट आज मेरा हाफ डे है... मुझे कहीं बाहर जाना है" रीना ने उदास आवाज़ में कहा

"ओके.. सेंड युवर रीप्लेस्मेंट" कहके भारत ने उसे जाने का आदेश दिया

रीना काफ़ी उदास हो गयी, आज तक उसने काफ़ी मर्द देखे थे, जो उसके आगे लार टपकाते. कहीं मैने वो एसएमएस जल्दबाज़ी में तो नहीं कर दिया.. यह सोच सोच के रीना परेशान हो रही थी, इनफॅक्ट आज भी उसने झूठ ही कहा था.. उसे लगा था की अगर हाफ डे की बात करेगी तो भारत शायद उसकी लीव अप्रूव नही करेगा, पर उसका पासा उल्टा ही पड़ गया

"उम्म्म.. लव्ली बीवी.. मज़ा आ जाता है तुम्हारे हाथ का खाने से..." भारत ने शालिनी से कहा, दोनो साथ में लंच कर रहे थे भारत की कॅबिन में

"आइ नो, तभी तो मैं आई.. अच्छा चलो, अब मैं जाउ, और तुम भी कॉल कर लो...आंड हां एक बात.. इंटर्नल ऑडिट में तुम्हारा खिलाड़ी कौन है...." शालिनी ने जाते जाते भारत को एक बाउन्सर दे मारा

शालिनी की यह बात सुन भारत सोच में पड़ गया.. अगर विक्रम से बचना है, तो उसकी टीम में कम से कम अपने दो बंदे होने चाहिए... कैसे करेगा वो सोच ही रहा था तभी उसके कान में आवाज़ पड़ी

"सर, लेट्स गो... वी हॅव आ कॉल" रीना ने अंदर आके कहा

रीना को वहीं देख, भारत खुश हुआ पर उसने वो ज़ाहिर नहीं किया.... रीना के साथ कॉल में गये भारत ने 5 घंटे बिताए.. कॉल में हर एक ज़ोन की हर एक सिटी का डीटेल्ड अनॅलिसिस मँगवाया था.. जो जो सवाल भारत पूछ रहा था, आज तक ज़ोनल मॅनेजर्स ने सोचे भी नहीं थे..

"नन ऑफ यू हॅव दा आन्सर्स टू इट हाँ.. हम नंबर्स में इतने पीछे तो हैं, लेकिन क्यूँ पीछे हैं किसी को नहीं पता... गिव मी कंपॅरिज़न बिट्वीन और नंबर्स आंड कॉंपिटिटर्स नंबर्स टुमॉरो... वी विल डिसकस इन ईव्निंग टुमॉरो.. आइ विल सेंड यू युवर टार्गेट्स देन.... थॅंक यू वेरी मच" कहके भारत ने कॉल डिसकनेक्ट किया

"इतनी अपसेट क्यूँ लग रही हो" भारत ने पास बैठी रीना से कहा

"अपसेट नहीं, बस एग्ज़ॉस्टेड" रीना ने हँस के जवाब दिया

"एग्ज़ॉस्टेड क्यूँ... अभी तो यह कुछ भी नहीं था, मैं जब काम करवाता हूँ तो वक़्त बिल्कुल नहीं देखता"

"आप काम करवा ही कहाँ रहे हैं.." रीना ने अपने बाल खोलते हुए कहा

"बहुत जल्दी है तुम्हे..." भारत ने भी अब रिलॅक्स होके कहा

"जल्दी नहीं किया तो बॉस किसी और का पर्फॉर्मेन्स ना नोट कर ले..." रीना ने भी अब ठान ली थी, या तो उस पार या तो इस पार

"खैर इधर तो कॅमरास है तुम्हे नोट करने के लिए" भारत ने जगह से उठ के कहा

"तो चलिए ना.. जहाँ कॅमरास ना हो.." रीना ने दो कदम आगे बढ़ाए और झट से बाहर निकल गयी

भारत भी अपनी कॅबिन में गया और कुछ मेल्स देख के, जेम्स को इनफॉर्म किया आज के कॉल के बारे में...

"नंबर्स बुड्डी.. दट व्हाट आइ वान्ट" जेम्स ने जवाब दिया

"यस जेम्स.... आइ म हाइरिंग सम पीपल टुमॉरो.. सी या सून" कहके भारत ने कॉल कट किया और रीना को एक मसेज किया

"रखैल हो.. रखैल की तरह बिहेव करो... आइन्दा से मुझसे आगे चली, तो याद रखना , चलना छोड़ो, बैठ भी नहीं पाओगि कहीं"

 


ऑफीस का काम निपटने में आज भारत को बहुत देर हो गयी थी.. रात के करीब 12 बज रहे थे, घर जाते जाते भारत को रीना का ख़याल आया.. रीना को भारत दिल से चाहने लगा था, पता नहीं क्या था ऐसा रीना में कि भारत के दिल में रीना उतर चुकी थी... जैसा भी बर्ताव वो रीना के साथ कर रहा था, वो सिर्फ़ इसी वजह से कि रीना को वो अपनी हथेली में रख सके , लेकिन कंधे पे ना चढ़े ... यह सब सोचते सोचते भारत ने घड़ी देखी तो उसे भी एक सर्प्राइज़ लगा, कि शालिनी ने अब तक ना तो कोई एसएमएस ना तो कोई कॉल किया था.... धीरे धीरे भारत अपने घर पहुँचा, और अपनी चाबी से अंदर घुसते ही उसे एक दूसरा शॉक लगा.. पूरे लिविंग रूम में अंधेरा फेला हुआ था, खिड़कियाँ तक बंद थी.. रोशनी की एक किरण तक नहीं थी....

"शालिनी... बेबी, आइम होम..." भारत ने अपना बॅग सोफा पे रख के कहा.. लेकिन कोई जवाब नहीं आया..

"शालिनी... व्हेअर् आर यू हनी..." भारत ने आगे बढ़ के अपनी टाइ लूस की और रूम के बीचो बीच आके खड़ा हुआ.. लेकिन इस बार भी कोई जवाब नहीं मिला... भारत धीरे धीरे टेबल के पास जाके लाइट्स ऑन करने का रिमोट उठाने लगा... जैसे जैसे भारत आगे बढ़ रहा था, उसके पीछे से दो हाथ उसकी तरफ बढ़ रहे थे.... जैसे ही भारत ने रिमोट पे हाथ रखा, दो हाथों ने पीछे से उसके कंधे को पकड़ा, और चिल्लाया

"भोओउुुुुुुुुुउउ........."

इससे भारत अचानक डर गया और तुरंत मूड के पीछे देखने लगा, लेकिन अंधेरे के कारण वो कुछ देख नहीं पाया... जैसे ही उसने देखा माहॉल एक दम फिर खामोश हुआ है, उसने तुरंत रिमोट उठाया और लाइट ऑन कर दी...

'हाहहहहहाहा.. होहोहोहोहो.... भारत डर गया अहहहहहाहा....." एक हँसी के साथ शालिनी चिल्लाने लगी जो सोफे पे बैठ गयी थी....

"अरेययय.. यह क्या हो गया हाँ.. हाहहहहा" कहके शालिनी भारत के पास गयी और उसके सर पे पसीना देख के हँसने लगी..

"व्हट दा हेल..." भारत ने खुद को संभालते हुए कहा

"अपना चेहरा तो देखा, हाहहहहा.. ऐसा लग रहा है जैसे कोई भूत देख लिया हो.." शालिनी ने नॅपकिन से भारत का माथा पोछते हुए कहा

"व्हाट वाज़ दिस... आंड यह ड्रेस क्यूँ इतनी रात को, कहीं जाना है क्या

शालिनी ने उस वक़्त एक दम हल्का सा टच अप किया था, और एक स्ट्रेप्लेस्स मिनी ड्रेस ब्लॅक कलर का पहना हुआ था.. ड्रेस में शालिनी एक दम सुंदर परी जैसी लग रही थी.. उसके सफेद रंग की स्किन, ब्लॉंड बाल और उसकी स्माइल देख भारत पिघलने सा लगा था...

"ना ना.... कहीं जाना नहीं है, बस एक छोटा सा सर्प्राइज़ देना है.. चलो आओ... " कहके शालिनी ने भारत को आगे धकेला और उसके पीछे पीछे चलने लगी.. जैसे ही शालिनी और भारत अपने रूम के दरवाज़े के पास पहुँचे, शालिनी ने अपना सिल्क का रुमाल निकाला और भारत की आँखों को उसमे क़ैद कर दिया

"सर्प्राइज़ है हनी.." कहके शालिनी ने रूम का दरवाज़ा खोला और भारत को अंदर धकेल के खुद अंदर गयी और रूम के दरवाज़े को लॉक कर दिया

"सर्प्राइज़ क्यूँ स्वीटहार्ट.. वो तो बताओ" भारत ने एक कदम आगे आके कहा

"वो तुम खुद ही सोचो ना... आओ मेरे पास चलो...." कहके शालिनी भारत को गाइड करने लगी..

"सीधे सीधे आओ... कहीं नहीं मुड़ना... और आओ , और आगे" कहके शालिनी भारत को अपने इशारों पे चलाने लगी....

"ओके.... अब खड़े रहो, और हाथ आगे बढ़ा के मेरे बदन को टच करो"

यह सुन के भारत के चेहरे पे एक बड़ी सी मुस्कान आ गयी

"बदन को तो नहीं... लेकिन मेरे फेव पार्ट को टच करूँगा, तुम्हारी आँखें, तुम्हारे होंठ सब खूबसूरत है.. पर आज मेरा मूड यह छूने का है..." कहके भारत ने अपने हाथ शालिनी के चुचों की तरफ बढ़ा दिए...

"उम्म्म्म..... " कहके जैसे ही भारत ने अपने हाथ शालिनी के चुचों पे रखे उसने तुरंत हाथ पीछे खींच लिए...

"इट्स नोट यू स्वीटहार्ट..." कहके भारत ने जैसे ही अपनी आँखों से पट्टी हटाई, सामने खड़े शक्स को देख उसके चेहरे पे पहले सर्प्राइज़, फिर एक मुस्कान फेल गयी

"हेलो मेरे दामाद जी...." कहके ऋतु ने अपना गाल आगे बढ़ाया और भारत से एक किस ली

"हॅपी बर्तडे.. " कहके ऋतु ने भारत को किस बॅक किया

"थॅंक्स...." भारत ने सिर्फ़ इतना ही कहा, क्यूँ कि उसे समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या कहे..

"होव्स दा सर्प्राइज़ स्वीटहार्ट..." कहके शालिनी धीरे से भारत की तरफ बढ़ी और नीचे झुक के भारत के पॅंट की ज़िप खोलने लगी.... जैसे ही उसका लंड बाहर आया, शालिनी ने उसे झट से हथेली में लिया और हल्के हल्के सहलाने लगी

"उम्म्म्मम अहहहहहा....उम्म्म्ममम " की सिसकियों के साथ शालिनी ने धीरे धीरे अपने कपड़े भी उतार दिए

"अहहाहा उम्म्म अहहहहहाआ.. एआष्ह" शालिनी सिसकारियाँ निकालने लगी... उधर भारत ऋतु के सामने ऐसी पोज़िशन में कुछ ज़्यादा वाइल्ड हो गया था, उसने आँखों से ऋतु को इशारा किया आने का... बदले में ऋतु ने अपने कपड़े उतारे और पलट के अपनी गान्ड का छेद भारत को दिखाने लगी

"उम्म्म.. बेबी.. दिस ईज़ नोट आ सर्प्राइज़ ना" कहके भारत ने शालिनी के बालों को पकड़ा और उसे माउत फक देने लगा

"उम्म मवाहाहहहहहा.. हाना ना अहहहहा... कितने उतावले हो मेरी माँ को चोदने को अहहहहाआ.... तुम्हारा अहहहहा लंड तो अहाहहा गीला करूँ ना अहहहहा,,," कहके शालिनी ज़ोर ज़ोर से भारत के लंड को अंदर बाहर करने लगी और किसी पॉर्न स्टार की तरह लंड पे थूकने लगी..

"उम्म्म अहहहहा अहहाहा , आर्घ अहहहहा स्लूरप्प्प्प्प्प अहाहा" भारत और शालिनी मिलके सिसकने लगे, जिन्हे देख नंगी हुई ऋतु भी अपनी चूत घिसने लगी...

"अहहहहा.. कम हियर...." कहके शालिनी ने भारत को लंड से घसीट के ऋतु के पास ला गयी.. और नंगी ऋतु की चूत पे भारत के लंड को सेट किया

"अहहहः... फक माइ मोम, अहहहा शी ईज़ आ बिच"

शालिनी की यह बात सुन, भारत ने अपने लंड को एक धक्का मारा और सीधा ऋतु की चूत के चिथड़े उड़ाता उसके अंदर घुस गया

"अहहहहाहा धीरे ओह्ह्ह्ह....." ऋतु की चीख निकली

 


"धीरे क्यूँ मेरी रंडी माँ.. अभी तो गान्ड भी मर्वानी बाकी है" कहके शालिनी ऋतु के पास गयी और उसके चुचों के साथ खेलने लगी

"अहहहाहा... फक हर हार्ड ना माइ हज़्बेंड अहहह्ा" कहके शालिनी ने ऋतु के चुचों को मूह में लिया और चूसने लगी

"आहहहाहा हां चोदो ना जमाई अहहहहः राजा अहहहहाआ... ओह्ह्ह एस अहहहहहा... थप्प्प थप्प्प्प थप्प्प्प्प...." भारत का लंड ऋतु की चूत से टकराता, उसमे ऋतु की जान निकल जाती

"अहहहहहा.... जमाई अहहहहः राजा जी अहहहहाआ. इधर चोदो ना अहहहहहा..." कहके ऋतु ने भारत के लंड से अपनी चूत को अलग किया और सोफा पे घोड़ी बन के अपनी गान्ड के छेद को खोलने लगी

"अहाहहाः गान्ड मारो ना अहहहहहा जमाई रहा अहाजाजा" ऋतु ने अपनी गान्ड दिखाते हुए कहा

ऋतु की गान्ड देख के ही भारत के मूह में पानी आ गया... ऋतु की मखमैल नरम गोल मुलायम गान्ड भारत की आँखों और लंड के सामने थी.... भारत आगे बढ़ा और ज़ोर से ऋतु की गान्ड पे एक थप्पड़ जड़ दिया

"आहहहहहा.... धीरे ना अहहहहहा" ऋतु ने मस्ती में आके कहा

"क्युं भैन की लोडी... " कहके भारत ने एक और थप्पड़ ऋतु की गान्ड पे जड़ा.... और इतनी देर तक उसको मारता रहा जब तक उसकी गान्ड टमाटर जैसी लाल नही हुई...

"अहहहंम बेन्चोद जमाई अहहहहाः.... तुम्हारी माँ को ऐसे चोदना ना अहहहहा. फिलहाल सास की तो गान्ड में लंड डालो ना अहहहहाः" कहके ऋतु ने अपना हाथ पीछे ले जाके गान्ड के छेद को खोल दिया.. भारत ने अपने तने हुए लंड को पकड़ा, और ऋतु की गान्ड के छेद पे रखा...

"धीरे धीरे अहहहहाहा..." ऋतु ने सिसकी लेके कहा

"तेरी माँ का भोसड़ा रंडी.... ज़ोर से चोदो इसको मेरे सैयाँ..." शालिनी ने भारत के होंठों को चूमते हुए जवाब दिया

भारत ने शालिनी के होंठों को चूसना शुरू किया , और ऋतु की गान्ड में अपना लंड एक ही झटके में घुसाना चाहा.. लंड तो पूरा नहीं घुसा, बस आधा ही घुस पाया, पर ऋतु की आँख से आँसू निकलने लगे

"अहहहा.. नो नो अहहा निकालो बाहर प्लीज़ अहहाहा नूऊ नूऊओ" ऋतु एक कुतिया की तरह चीखने लगी

"अहहहाहा... नो रेहेम हब्बी अहाहा.. फक दा स्लट...." कहके शालिनी ने अपने हाथ नीचे ले जाके भारत के टट्टों को हाथ में पकड़ा और उन्हे मसल्ने लगी

"अहहहहहहः यआः सासू माँ अहहा.. तेरी माँ को चोदु अहहहहा" कहके भारत ने एक और झटका लगाया और इस बार उसका लंड थोड़ा ज़्यादा अंदर घुसा

"उम्म. नो मर्सी बेन्चोद हब्बी मेरे अहाहा..." शालिनी ने फिर कहा और ऋतु की गान्ड पे थप्पड़ जड़ने लगी

इस बार भारत ने अपने लंड को एक झटके में बाहर निकाला, और उसी तेज़ी से वापस अंदर डाल दिया.. अंदर बाहर अंदर बाहर करके ऋतु की गान्ड के चिथड़े हो गये थे.... जैसे जैसे भारत का लंड अंदर जाता वैसे वैसे दर्द कम होने लगता.... आलाम यह हुआ, कि करीब 5 मिनट बाद ऋतु मस्ती में आ गयी और अपनी गान्ड को हवा में उछाल उछाल के भारत के लंड को लेने लगी... यह देख शालिनी उनसे दूर हुई और ज़मीन पे जाके अपनी माँ को अपने पति से चुद्ते देख अपनी चूत में उंगली करने लगी...

"अहहहः यआःा हाहहाहा बेबी राइड मी अहहहा... यस फक मी अहहहहहहहा"

"तःप्प्प थप्प्प्प अहहहाः ओह्ह्ह एआष् अहहहहाहा... आहः फक हर ना अहहहहा माइ हब्बी ऊहफफ्फ़ अहहहहा.. मम्मी आअहह चुद गयी अहहहहाहा" इन आवाज़ों से माहॉल में एक अलग ही गर्मी आ गयी थी....

"आआहहः सासू माँ आहहाहा..आइ म कमिंग अहहहहाहा ओह य्स्स नूऊओ अहहहहहहहहहहह ओह" कहके भारत ने अपना पूरा माल ऋतु की गान्ड पे ही छोड़ दिया

अपना पूरा स्पर्म ऋतु की गान्ड पे निचोड़ के भारत ने ऋतु को सीधा किया और उसके होंठ सक करने लगा

"उम्म्म अहहाहा म्मकम्युंमम्मम" लव यू सासू माँ

"लव सिर्फ़ मुझसे ही करना है समझे.." कहके शालिनी भी ज़मीन पे रेंगते रेंगते उनके पास आई और उसके लंड को हाथ में पकड़ा

"उम्म अहाहा.. यह तो मेरी रखेल है, वो वाला प्यार मेरी बीवी... यही सर्प्राइज़ क्यूँ वैसे.." भारत ने शालिनी और ऋतु को अपनी बाहों में लेके पूछा

"हॅपी बर्तडे बेबी...." शालिनी ने भारत से कहा और उसके होंठ चूमने लगी

 
Back
Top