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मा की मस्ती compleet

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अगले दिन सुबह से ही आरती बहुत एक्शाइटेड थी ,उसके कानों मे बार-2 रमण की कही हुई बाते गूँज रही थी,और वो बार-2 मुस्करा रही थी,पर दिल मे थोड़ा सा डर भी था मनु को ले कर,पर मनु ने तो खुद ही मूवी के लिए चलने को कहा था,इसलिए कोई खास मुश्किल नही थी,रात को ही आरती ने अरविंद को बता दिया था कि कल वो और मनु मूवी देखने जाएँगे उसने कहीं भी अरविंद से रमन का जिकर नही किया था,उसने सोचा कि अगर बात आएगी तो वो कह देगी कि घर से तो वो ही गये थे रास्ते मे वो दोनो भी मिल गये थे.

इधर आज मनु सोच रहा था कि कई दिन के बाद प्रिया का इतना साथ मिल पाएगा और फिर रमन भैया ने कहा ही है कि वो बात को आगे बढ़ाएँगे,तो वो भी खुश था.आरती ने मनु से पूछा कि वो उनके साथ चलने मे ऑड ना लगे तो उसको क्या पहन-ना चाहिए तब मनु ने कहा कि वैसे तो मम्मी तुम कुछ भी पहनती हो आपको बहुत सूट करता है पर आज के दिन तो कोई जीन्स और टॉप ही पहनो,जिससे कि ऐसा सच मे लगे कि आप रमन भैया की गर्लफ्रेंड हो.आरती ने सुन कर मनु से कहा कि मनु मज़ाक मत करो,तो मनु ने कहा कि इसमे हर्ज़ ही क्या है मैं आपनी गर्लफ्रेंड प्रिया और आप आपने बाय्फ्रेंड रमन के साथ मूवी देखने जा रहे हैं.ये तो बहुत बढ़िया है.

आरती ने मनु के कहे अनुसार एक जीन्स और उसपेर एक नया टाइट टॉप पहन लिया,शाम को रमन का फोन आया कि वो लोग कब पहुँच रहे हैं तो मनु ने कहा कि वो तैयार हैं वो टाइम पर आ जाएँगे,तो रमन ने कहा कि वो उन लोगो को पिकप करने आ रहा है वो तैयार रहें क्योंकि उनको पिकप करके वो प्रिया को भी लेगा तब सब चलेंगे,मनु ने कहा ठीक है.

रमन अपनी कार ले कर मनु के घर आ गया,आरती जब घर से बाहर मनु के साथ आई तो एक बार तो रमन के होश उड़ गये आरती जीन्स और टॉप मे क़यामत बनी हुई थी और टॉप उसके जिस्म से ऐसे चिपक रहा था कि उसकी गोलाईयों का साइज़ पूरे का पूरा नज़र आ रहा था,रमन ने आते ही कहा कि क्या आज आपका कहीं बिजली गिराने का इरादा है,रमन आजकल मनु के सामने ही मनु की मा से फ्लर्ट करने लगा था,

इस-से आरती को कई बार तो अज़ीब सा लगता था पर जब मनु को कोई एतराज़ नही था तो फिर वो भी कुछ ज़्यादा नही बोलती थी,आरती और मनु बाहर आए तो रमन ने आगे बढ़ कर आगे का कार का दरवाज़ा खोल तो आरती पीछे बैठने लगी,रमन ने कहा भाभी जी ये ग़लत बात है,जब आप मेरे साथ हो तो मेरे साथ ही आगे बैठो ना,मनु ने कहा कि ये भी ठीक है,इस तरह से आरती और रमन आगे और मनु पीछे बैठ गये,फिर उन लोगों ने प्रिया को लिया और पिक्चर हॉल पर आ गये,यहाँ पर टिकेट रमन ने पहले ही ले रखी थी तो वो सब अंदर चले गये और जा कर सीट्स पर बैठ गये तब वहाँ पर पहले मनु फिर प्रिया फिर आरती और लास्ट मे रमन इस तरह से बैठ गये.

पिक्चर शुरू होने पर हॉल मे अंधेरा हो गया,रमन मनु और प्रिया का तो मूवी मे कोई इंटेरेस्ट था ही नही वो तो सिर्फ़ मज़े लेने आए थे,इसलिए अंधेरा होते ही मनु और प्रिया ने तो चूमा चामि शुरू कर दी,पर इस-से आरती को बहुत दिक्कत लग रही थी तब रमन ने कहा कि भाभी जी क्या बात है आप पिक्चर नही देख रही क्या कोई प्राब्लम है ,फिर आरती ने कहा कि ऐसा है कि आगे भी सीट खाली हैं वहाँ चलते हैं,रमन तो चाहता ही यही था,वो आरती के साथ आगे की सीट्स पर आ गया,कुछ देर मे ही वो दोनो मूवी देखने लगे,तब हिम्मत करके रमन ने अपना हाथ आरती के हाथ पर रख दिया,पहले तो आरती ने सोचा कि शायद ग़लती से रख गया है,पर जब रमन अपने हाथ से आरती के हाथ को दबाने लगा तो उसने रमन की तरफ देखा,रमन ने भी आरती की तरफ देखा,आरती ने रमन से कहा कि ये आप क्या कर रहे हो,

 
रमण ने हिम्मत करके कहा कि अपनी गर्लफ्रेंड का हाथ अपने हाथ मे ले रहा हूँ,आरती ने कहा कि ऐसे मत करो,मनु देख लेगा रमन ने कहा कि वो नही देखे गा वो तो प्रिया के साथ बिजी है,और जब वो दोनो बाय्फ्रेंड गर्लफ्रेंड हैं तो हाथ तो हाथ मे रख ही सकते हैं,ये सुन कर आरती ने अपने आप को ढीला छोड़ दिया,रमन ने सोच चलो आज एक और टारगेट अचिव हो गया,मनु के बाद अब आरती भी कुछ-2 चेंज हो रही है.

उस दिन के वाक़ये से मनु और प्रिया मे अंडरस्टॅंडिंग बढ़ ही गयी,और रमण भी आरती के करीब आ रहा था,अब मनु बहुत खुस था और वो रमण का बहुत अहसानमंद था,ये बात अगले दिन जब रमण ट्यूशन के लिए उसके घर आया तो उसने रमण को कही,रमण ने कहा कि दोस्ती मे ऐसा कुछ नही होता वो तो उसके लिए जो भी कर सकता है किया.

मनु ने कहा कि भैया पेर आप ने मुझे जो मौका दिया वो फिर कब मिलेगा,रमण ने कहा कि मेरे भाई ज़्यादा जल्दी मत करो,जो तुम कहते हो वो भी मिल जाएगा,बस थोड़ा सा तसल्ली करो,ज़्यादा जल्दी मे काम खराब ही होता है.

फिर वो पढ़ाई मे लग गये,इतने मे आरती कमरे मे आई,आज आरती घर के कॅषुयल कपड़ों मे ही थी,कल के वाक़ए के बाद वो रमण को कोई मौका नही देना कहती थी,इसलिए उसने नाश्ता रखा और चली गयी,पर रमण जब तक वो आँखों से ओझल नही हो गयी रमण आरती को ही देखता रहा.

रमण ने मनु से पूछा कि क्या उसकी मम्मी कुछ नाराज़ है क्या जो बिना कुछ बोले ही चली गयी,मनु ने कहा कि ऐसी तो कोई बात नही है,मम्मी तो मूवी से आने के बाद बहुत ही खुस थी,तो रमण ने कहा फिर आज क्या हुआ,मनु ने कहा कि मैं बाद मे मम्मी से पूछूँगा.

इसके बाद लाइफ रूटिन से चल रही थी,अब आरती रमण के आइ कॉंटॅक्ट से बचने की कोशिस करती थी.पर रमण अपना सारे का सारा कनसेन्रेशन आरती पर ही रखे हुए था,इसलिए वो कोशिस करता था कि कैसे आरती की कंपनी ज़्यादा से ज़्यादा एंजाय की जाए,पर अरविंद के डर की वजह से ज़्यादा कुछ नही कर सकता था.

इस बीच मनु का जनमदिन नज़दीक आ गया ,मनु ने रमण को उसका वादा याद दिलाया,रमण ने कहा कि तुम चिंता मत करो मुझे अपना वादा अच्छी तरह से याद है,तुम तो पार्टी की तैयारी करो,फिर क्या था वैसे भी ये मनु का 18अर्रहवाँ जनमदिन था इसलिए उसके पापा ने पार्टी तो देनी ही थी.

 


फिर वो दिन भी आ गया,जिसका मनु को इतना इंतेज़ार था,आज के दिन उसने अपने सभी दोस्तों को पार्टी मे इन्वाइट किया हुआ था,और वो बहुत खुस था,सबसे पहले सुबह-2 आरती ने आ कर मनु को जनमदिन विश किया फिर तो जैसे कि फोन बंद ही नही हुआ.

रात को पार्टी मे मनु बहुत ही जॅंच रहा था,आज आरती ने भी एक बहुत ही सेक्सी गाउन पहना हुआ था,जो कि बॅकलेस था और जिसमे आरती का जिस्म सोने की तरह से चमक रहा था,सभी की नज़रे आरती पर ही अटक रही थी,एक बार तो मनु भी अपनी मा को देखता ही रह गया,और ये भूल गया कि आरती उसकी मम्मी है,उसका लंड आरती को इस रूप मे देख कर बिल्कुल तन गया था.

फिर जब सब लोग आ गये तो केक काटा गया,केक काट कर मनु ने सबसे पहले आपनी सेक्सी मा को खिलाया फिर बाकी सब के साथ शेअर किया,जब केक कट गया तो सबसे पहले अरविंद ने सबको शांत रहने को कहा और फिर अपनी जेब से एक छोटा सा गिफ्ट पॅक निकाल कर मनु को दिया,और उस-से कहा कि वो अपने पापा के गिफ्ट को खोल कर देखे सभी लोग उत्सुकता के साथ मनु के हाथ की तरफ देखने लगे.जब मनु ने गिफ्ट रॅप खोला तो अंदर से एक छोटी सी डिब्बी निकली,सबने सोचा कि कोई ब्रसलेट वगेरह होगा ,पर जब वो डिबी खुली तो अंदर से एक केयरिंग निकला,जिसमे कि मनु की नई बाइक की चाबी थी,मनु तो मारे ख़ुसी के उछल पड़ा,उसके पापा ने उसको कोई भी हिंट नही दिया था कि वो मनु को बर्तडे पर उसकी मनपसंद बाइक देने वाले हैं,मनु जल्दी से घर के बाहर आया तो बिल्कुल गेट के सामने नयी यामेहा के लेटेस्ट मॉडेल की बाइक खड़ी थी,मनु की आँखे फटी की फटी रह गयी,जब उसको उसके दोस्तों ने गिफ्ट के लिए कंग्रेजुलेट किया तो उसे होश आया,वो दौड़ के अंदर गया और अपने पापा से चिपक गया.

 


आज के दिन मनु के लिए ख़ुसीयो की कोई इंतेहा ही नही थी,फिर वो पापा से अलग हो कर अपनी मम्मी के पास गया और अपनी मा को अपने गले से लगा लिया,आरती के मोटे-2 मम्मे मनु की छाती मे रगड़ खाने लगे,ये मनु को भी महसूस हुआ कि उसकी छाती मे कुछ गरम चीज़ लग रही है,फिर वो अपनी मा से अलग हुआ.

इसके बाद वो सभी लोग पार्टी एंजाय करने लगे,जब मनु रमण से मिला तो उसने रमण से पूछा कि उसके गिफ्ट का क्या हुआ,रमण ने कहा कि मेरे भाई कुछ इंतेज़ार करो यहाँ पर वो गिफ्ट नही दिया जा सकता,तुम एक दो दिन इंतेज़ार करो,पार्टी मे सभी मस्त थे मनु और उसके दोस्तों ने बहुत एंजाय किया प्रिया भी पार्टी मे बहुत सेक्सी बन कर आई हुई थी मनु ने प्रिया के साथ खूब मस्ती और डॅन्स किया,फिर पार्टी ख़तम होने पर सभी अपने-2 घर चले गये.

अगले दिन जब रमण मनु के घर आया तो मनु और रमण मनु के कमरे मे आ गये,फिर कल की पार्टी की बाते होने लगी,रमण ने कहा कि मनु तुम्हारी किस्मत का तो जवाब नही ,कल तुम्हारे पापा ने तुम्हे इतना शानदार गिफ्ट दिया है,मनु ने कहा रमण भैया वो तो ठीक है पर इस गिफ्ट का फ़ायदा तो तब है ना जब मेरी कोई गर्लफ्रेंड मेरे साथ बाइक हो,नही तो क्या फायेदा.रमण ने कहा यार तुम बहुत जल्दिबाजी करते हो मैने तुम्हे कहा तो है कि ऐसा ही होगा.तुम मुझ पर विश्वास करो.

फिर बात कल पार्टी मे आए हुए लोगों के बारे मे होने लगी,तो रमण ने कहा कि कल पार्टी मे तुम्हारी गर्लफ्रेंड प्रिया तो बहुत सेक्सी लग रही थी,पूरी पार्टी की नज़र उसपेर ही अटकी थी,या फिर वो कुछ ठहर कर बोला ,कि तुम्हारी मम्मी भी कल की पार्टी मे गजब ढा रही थी,उनकी ड्रेस तो इतनी शानदार थी कि उसपेर से नज़र ही नही हट-ती थी,मनु भी रमण की इस बात से सहमत था,पर अपनी मा के बारे मे ऐसे खुले विचार व्यक्त करने मे उसको शरम आ रही थी,पर ये सच था कि उस दिन उसकी मा उसको भी गजब की सेक्सी लग रही थी,ये बात रमण भी भाँप गया और उसने कहा कि यार तुम्हारी मम्मी की ड्रेस सेन्स कमाल की है,ये तो मानते हो ना,मनु ने कहा कि हां वो जो गाउन मम्मी ने पहना था वो मम्मी पर बहुत ही जॅंच रहा था,तब रमण ने आगे कहा कि तुम्हारी मम्मी तो प्रिया से भी सुंदर लग रही थी,मनु ने कहा हां उस दिन मम्मी उस ड्रेस मे गजब की हसीन लग रही थी,रमण ने देखा कि अब मनु लाइन पर आ रहा है,तब रमण ने कहा कि प्रिया भी शॉर्ट स्कर्ट मे बहुत सेक्सी लग रही थी,अब तुम बताओ कि उस दिन तुम्हारी मम्मी और प्रिया मे कौन ज़्यादा सुंदर और सेक्सी लग रहा था?

अब मनु सोच मे पड़ गया कि क्या जवाब दे उसका दिल तो कह रहा था कि कह दे प्रिया मेरी मा के सामने कुछ भी नही लग रही थी,और मेरी मा तो गजब की सेक्सी लग रही थी,पर वो जवाब नही दे पा रहा था.

तब रमण ने ही कहा कि मनु अगर तुम बुरा ना मानो तो जो मेरे को लगा वो मे बोलता हूँ,तुम्हारी बर्तडे पार्टी मे तुम्हारी मम्मी ही सबसे ज़्यादा सुंदर और सेक्सी लग रही थी,अब मनु ने भी सोचा कि इसमे क्या शरमाना जब रमण ने सच्चाई कह ही दी है तो फिर उसने भी कहा हां भैया आप सच कह रहे हो.

इतने मे आरती नाश्ते के साथ आ गयी,आरती वहाँ पर ही बैठ गयी,फिर रमण ने कल की पार्टी का टॉपिक छेड़ दिया ,वो बोला भाभी जी मुझे तो पता ही नही था कि आप इतनी ज़्यादा सुंदर हो कल वाली ड्रेस मे तो आप बिल्कुल हूर की परी लग रही थी.आरती ने कहा क्या आप भी जब देखो मेरी झूठी तारीफ ही करते रहते हो,जबकि मन ही मन वो बहुत खुस हो रही थी.रमण ये बात ताड़ गया,उसने कहा नही भाभी जी आप को मे सच कह रहा हूँ,बल्कि अभी मैं और मनु ये ही बात कर रहे थे कि उस दिन पार्टी मे सबसे सुंदर कौन लग रहा था,तो हम दोनो का ही ये मान-ना था कि उस दिन की पार्टी की जान आप ही थी.मनु ने कहा हां मम्मी रमण भैया सही कह रहे हैं,आप की ड्रेस का तो जवाब ही नही था,रमण ने कहा कि आप को मेरी बात ग़लत लगती है तो मैं उस पार्टी मे अपने मोबाइल से खींची हुई फोटो भी दिखा सकता हूँ,तब आरती ने कहा कि अच्छा चलो दिखाओ.

 


रमण ने पार्टी मे आरती की बहुत सारी फोटो खींची थी,पर उन मे से सबसे ज़्यादा सुंदर और सेक्सी लगने वाली फोटो एक अलग फोल्डर मे डाल ली थी,उस ने अपना मोबाइल निकाला और वो फोल्डर खोल कर आरती के हाथ मे दे दिया,तब मनु ने कहा कि रमण भैया मुझे भी फोटो देखनी हैं ,मुझे भी दिखाओ ना तब रमण ने कहा तुम अपनी मम्मी के साथ ही देख लो ना,आरती ने कहा कि बेटा तुम भी आ जाओ दोनो देख लेते हैं,मनु ने कहा कि ठीक है.

आरती ने जब पहली ही फोटो देखी तो वो खुस हो गयी उस फोटो मे वो गजब की सुंदर लग रही थी,फिर उस ने जल्दी से आगे की फोटो देखनी शुरू की जैसे-2 वो आगे बढ़ रही थी फोटो मे वो और सेक्सी लग रही थी,ऐसे लगता था कि रमण ने सारी पार्टी मे सिर्फ़ उसकी ही फोटो खींची हैं वहाँ पर उसकी हर ऐंगल से खींची हुई फोटो थी,किसी-2 फोटो को तो इस ऐंगल से खींचा गया था कि गाउन मे से क्लीवेज़ के साथ-2 मम्मों का भी बहुत सा भाग नज़र आ रहा था,मनु अपनी मम्मी को इस रूप में देख कर गरम होने लगा.मनु ने अपनी मम्मी से कहा कि मुझे नही पता था मम्मी की आप इतनी सुंदर हो,ये तो रमण भैया की खींची हुई फोटोज से पता चला कि आप इतनी सुंदर और सेक्सी भी हो.

आरती के गाल शरम के मारे लाल हो गये,उसने कहा कि रमण क्या पूरी पार्टी मे तुम मेरी ही फोटोज खींच रहे थे,यहाँ और किसी की भी फोटो नही है,तब रमण ने कहा कि वो कोई फोटोग्राफर का काम कोई नही कर रहा था,उसको तो जो सबसे अच्छा लगा वो उसी की फोटो खींच रहा था.

ये सुन कर आरती और लाल हो गयी,तब रमण ने गरम लोहे पर चोट करते हुए कहा कि मुझे नही पता था कि आप आजकल की मॉर्डन ड्रेस मे इतनी सेक्सी लगती हो,मनु ने भी कहा हा मम्मी आगे से आप ऐसी ही ड्रेसस खरीदा करो,आरती ने कहा कि वो तो हर तरह की ड्रेस पहनती है,अगर तुम लोगों को ये अच्छी लगी तो आगे से कोशिस करेगी कि मॉर्डन ड्रेसस ही खरीदे.

आरती अब खुलती जा रही थी,पहले उसको लगा कि मनु उसके बारे मे क्या सोचेगा ,पर जब मनु ही ये कह रहा है तो फिर कोई बात ही नही है,हर औरत अपने आप को सेक्सी और सुंदर ही दिखाना कहती है,और वो कहती है कि सामने वाला उसको देखे और उसकी तारीफ करे,पर बोलने मे शरमाती है,रमण ये बात अच्छी तरह से जानता था,इसलिए वो आरती की खुल कर तारीफ कर रहा था आरती को भी अपनी तारीफ सुनने मे मज़ा आ रहा था

रमण ने कहा भाभी जी आप को तो मॉडलिंग करनी चाहिए इतनी सेक्सी फिगर होने के बावजूद आप ऐसे क्यूँ रहती हैं आरती ने कहा कि बस भी करो आप तो मेरे ही पीछे पड़ गये हो ,मनु को भी इन बातो मे मज़ा आ रहा था ,वैसे भी अपनी मा की इतनी सेक्सी फोटोज देख कर उसका लंड खड़ा हो चुका था,इसलिए उसको इस तरह से रमण का अपनी मा से बात करने मे बड़ा ही मज़ा आ रहा था,और इन बातो से उसके लंड का तनाव बढ़ता जा रहा था

रमण ने मौका अच्छा समझ कर कहा कि इस सॅटर्डे को वो भी मनु के जनमदिन की ख़ुसी मे अपने कोचैंग सेंटर मे एक पार्टी रख रहा है,उस पार्टी मे आपने ज़रूर आना है,साथ मे अरविंद जी को भी लाना है,जबकि रमण को पहले से ही पता था कि उस दिन अरविंद सहर मे नही है,पर ये बात उसने जान कर कही थी,तब आरती ने कहा कि उस दिन तो अरविंद यहाँ नही होगा इसलिए उन लोगों का आना मुश्किल है,पर मनु ज़रूर आ जाएगा,तब रमण ने कहा कि भाभी जी अगर अरविंद जी नही हैं तो आप तो हैं आप ही मनु के साथ आ जाना

आरती ने कहा कि नही ऐसे अच्छा नही लगता,तब मनु ने कहा कि मम्मी आप को चलने मे क्या प्राब्लम है पापा से मे इजाज़त ले लूँगा,इस बात पर आरती ने कहा कि फिर वो चल चलेगी.

रात को जब वो सब खाना खा रहे थे तब मनु ने अरविंद से कहा कि पापा रमण भैया मेरे जनमदिन की ख़ुसी मे सॅटर्डे को अपने कोचैंग सेंटर मे एक पार्टी रख रहे हैं और इस पार्टी मे आपको और मम्मी को भी इन्वाइट किया है.अरविंद ने कहा कि बेटे मे तो फ्राइडे को ही काम से बाहर जा रहा हूँ,इसलिए मे तो आ नही पाउन्गा पर तुम लोग ज़रूर चले जाना.मनु खुस हो गया वो जो चाहता था वैसे ही हुआ था.

 


सॅटर्डे की सुबह मनु को रमण ने एक पॅकेट दिया और कहा कि इसमे उसकी मा के लिए एक गिफ्ट है,मनु ने पूछा कि इसमे है क्या,तब रमण ने कहा कि आज के फंक्षन के लिए एक ड्रेस है,अपनी मम्मी से कहना कि आज रात को ये ही पहन कर आएँगी

मनु अंदर गया और जा कर अपनी मम्मी को रमण का दिया हुआ पॅकेट दिया,तब आरती ने पूछा कि ये क्या है,तब मनु ने कहा कि आप ही देख लो रमण भैया ने आप के लिए दिया है,इतने मे रमण का फोन आरती के मोबाइल पर आ गया,रमण ने पूछा कि गिफ्ट कैसा लगा,तब आरती ने कहा कि अभी उसने खोल कर नही देखा है,तब रमण ने कहा कि आप खोल कर देखो,मे होल्ड करता हूँ,जब आरती ने पॅकेट खोला तो उसमे एक बहुत ही सुन्दर स्कर्ट और साथ मे मॅचिंग टॉप था

आरती ने कहा कि इसका क्या मतलब है,तब रमण ने कहा कि उस दिन आपने ही तो कहा था कि आप भी नये-2 प्रकार की मॉर्डन ड्रेस पहनना कहती हैं,तो मैने सोचा कि आज की पार्टी मे अगर आप ये पहनेंगी तो बहुत सुन्दर लगेंगी,आरती ने कहा वो तो ठीक है पर ये ड्रेस तो बहुत ही ज़्यादा अल्ट्रा मॉर्डन लग रही है और फिर मनु भी साथ होगा तो उसको भी अजीब लगेगा,तब रमण ने कहा कि ऐसा कुछ नही है,वो भी अपनी मा को सुंदर और सेक्सी रूप मे देखना चाहता है,उस दिन मनु खुद ही तो कह रहा था,इसलिए उसको कोई फिकर करने की ज़रूरत नही है

आरती तो दिल से चाहती ही थी कि वो ये ड्रेस पहने,पर मनु के कारण थोड़ा सा शर्मा रही थी,पर जब रमण ने कन्विन्स किया तो वो मान गयी.

शाम को आरती पार्टी के लिए जब तैयार हुई तो वो जब ब्रा के ऊपर टॉप पहन-ने लगी तो टॉप ब्रा पर सूट नही कर रहा था,उस टॉप मे ब्रा पहन-ने की कोई गुंजाइश नही थी,अब आरती ने सोचा कि क्या किया जाए,पर जब कुछ नही सूझा तब उसने सोचा कि कोई बात नही है,और अपनी ब्रा हटा कर सिर्फ़ टॉप पहन लिया,टॉप स्लीव्लेस्स और सिर्फ़ मम्मों से शुरू होने वाला था फिर उसने स्कर्ट पहन कर जब अपने आप को शीशे मे देखा तो वो एक बार तो खुद को भी नही पहचान पाई.कि ये वो है या कोई और है.वो उन कपड़ों मे गजब की सेक्सी और कम उमर की लग रही थी.

इतने मे बाहर से मनु ने अपनी मा को आवाज़ दी कि मम्मी जल्दी करो चलना नही है क्या,तब आरती थोड़ा सा झिझकति हुई कमरे से बाहर आई,बाहर निकलते ही जैसे ही मनु की नज़र अपनी मम्मी पर पड़ी,तो उसकी तो आँखें फटी की फटी रह गयी,आज तो उसकी मा गजब का सेक्सी माल लग रही थी,उसका लंड अपनी मा को इस रूप मे देखते ही खड़ा हो गया,वैसे भी आज मनु को पहली बार चूत चोदने को मिलने वाली थी ,इस ख़याल से ही उसका लंड बैठ नही रहा था,ऊपेर से उसकी मा को इस रूप मे देख कर तो वो पॅंट फाड़ कर बाहर आने को तैय्यार था,अगर आरती उसकी मा नही होती और आज मनु को प्रिया की चूत ना मिलने वाली होती तो वो आज जरुुर् अपनी मा आरती को चोद ही डालता.

जब आरती ने देखा कि मनु आँखें पड़े उसको देखता ही जा रहा है,तो वो और ज़्यादा शर्मा गयी,और उसके चेहरे पर हया की लाली आ गयी.

फिर उसने मनु को कहा कि मनु ऐसे क्या देखे जा रहे हो,क्या तुम्हे ये ड्रेसस्स अच्छी नही लग रही.

तब मनु ने कहा कि मम्मी मुझे तो आज आपकी तारीफ करने के लिए शब्द ही नही मिल रहे,मे सोच रहा हूँ कि आज तक आपने अपना ये रूप कहाँ छुपा रखा था.

मनु की ये बात सुन कर आरती और शर्मा गयी और बोली कि अगर तुम ऐसा बोलॉगे तो मे अपनी ड्रेस चेंज कर लूँगी.

मनु ने जल्दी से कहा कि मम्मी प्लीज़ ऐसा मत करना,आज इस ड्रेस मे आप बहुत ही शानदार लग रही हो,बल्कि सच-2 बोलूं तो बहुत ही सेक्सी लग रही हो,आप की उमर भी बहुत कम लग रही है इसलिए प्लीज़ ऐसा गजब मत करना,आज की पार्टी मे सब सिर्फ़ आपको ही देखेंगे,और आज की पार्टी की जान आप ही होगी

 


इन सब बातो से आरती को अजीब सा तो लग रहा था पर मज़ा भी आ रहा था,आज उसका बेटा ही उसको सेक्सी बता रहा है ,ये सोच कर वो मन ही मन बहुत खुस हो रही थी.

फिर मनु ने कहा कि मम्मी आज हम दोनो मेरी नयी मोटरसाइकल पर चलते हैं.

आरती ने कहा नही बेटे हम लोग ऑटो से चल चलेंगे.

मनु ने कहा कि नही आज जब मेरे जनमदिन की पार्टी है तो मे आपने जनमदिन के तोहफे पर क्यों ना जाउ

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आरती बोली वो तो ठीक है पर इस ड्रेस मे मुझे तुम्हारे साथ बाइक पर बैठने मे बहुत दिक्कत होगी.

मनु बोला मा ऐसा कुछ नही है आप बैठो तो सही कोई प्राब्लम नही होगी.

फिर मनु ने बाइक निकली,और आरती मनु के पीछे बाइक पर बैठी,पर बाइक की सीट स्लॅंट होने की वजह से वो आगे हो गयी और ग्रिप नही बन पाई,तब मनु ने कहा कि मम्मी आप मेरे साथ होकर मुझे कस कर पकड़ लो फिर कोई डर नही लगेगा,आरती ने ऐसे ही किया,पर इस-से उसको मनु को कस कर पकड़ने से उसके शरीर का काफ़ी वजन मनु पर आ गया,और मनु को शरीर मे गर्मी महसूस होने लगी,फिर मनु ने बाइक स्टार्ट की और वो लोग रमण के कोचैंग सेंटर पर आ गये.

वहाँ पर रमण उन लोगों का ही वेट कर रहा था,जब उसने आरती को मनु के पीछे इस पोज मे देखा तब उसका लंड एकदम से तन-तनाने लगा.

आरती जैसे ही बाइक से उतर कर खड़ी हुई रमण तो उसको देखता ही रह गया,तब मनु ने कहा कि रमण भैया मेरी मा को ऐसे मत देखो,तब रमण की तंद्रा भंग हुई.

रमण ने कहा भाभी जी आप तो आजकल जब भी मिलती हैं आपकी उमर और कम से कम होती जा रही है,

आरती ने कहा हटो भी आप सब लोग मिल कर मुझे ऐसे ही चढ़ाते रहते हो,वहाँ मनु भी यही कह रहा था,अब आप भी.

रमण ने कहा तो इसमे ग़लत क्या है,आप लग ही ऐसी रही हो कि आप पर से नज़र ही नही हट रही ये ड्रेस तो जैसे आप ही के नाप से आप ही के लिए बनी है,ऐसा लग रहा है.

आरती बोली तो इसमे मे क्या करूँ आप ने तोहफा भेजा था और कहा था तो फिर पहन कर तो आना ही था.

रमण ने मन ही मन सोचा अच्छा ऐसा है तो मैने ग़लती कर दी मुझे इसको नंगा आने के लिए कहना चाहिए था.

पर बाहर से रमण ने कहा कि माइ प्लेषर,जो आप ने मेरी बात का मान रखा और मेरे तोहफे को इतना महत्व दिया.कि वो आपके जिस्म पर आ सके.

फिर वो लोग अंदर आ गये,जहाँ काफ़ी लोग आ चुके थे,सब मनु और उसकी मम्मी का इंतेज़ार कर रहे थे.

सभी की नज़रे एक बार तो आरती पर ही अटक रही थी,फिर सब ने मनु को विश किया.

इतने मे प्रिया भी वहाँ आ गयी और उसने आगे बढ़ कर मनु को हग कर लिया और उसको फिर से बर्तडे विश किया,प्रिया आज की ड्रेस मे बॉम्ब लग रही थी,आज की रात वो किसी अप्सरा की तरह से सज और संवर कर आई थी.

 


मनु तो भौचक्का रह गया प्रिया को देख कर,आज उसकी लाइफ मे क्या हो रहा था वो समझ नही पा रहा था,एक तरफ तो उसकी खुद की मम्मी आइटम बनी हुई थी दूसरी तरफ प्रिया आइटम बॉम्ब बनी हुई थी,ये बर्तडे उसको ता जिंदगी याद रहने वाला था.

फिर पार्टी की शुरुआत करते हुए रमण ने कहा कि अब सबसे पहले मनु केक काटेगा,फिर पार्टी आगे बढ़ेगी.

मनु ने केक काटा और सबसे पहले अपनी मम्मी फिर प्रिया और फिर रमण को खिलाया,फिर प्रिया ने भी केक का एक टुकड़ा मनु को खिलाया और हाथ मे लगी हुई क्रीम को मनु के चेहरे पर लगा दिया.

पार्टी शुरू हो चुकी थी सब अपनी-2 मस्ती मे लग गये ड्रिंक्स और स्नॅक्स का दौर शुरू हो गया म्यूज़िक भी बजने लगा.

मनु ने रमण को एक साइड मे ले जा कर पूछा कि आगे क्या करना है,रमण ने कहा कि बस अब थोड़ा-2 खा पी लो फिर तुम अपना गिफ्ट खोल लेना,और एक आँख दबा कर बोला कि पीछे किसी भी कमरे मे प्रिया को ले जाना और मज़े करना.

मनु की तो ये सुन कर बाँछें खिल गयी,वो जल्दी से प्रिया के पास चला गया,और फिर वो दोनो बाते करने लगे,फिर मनु ने प्रिया को एक ड्रिंक ऑफर की जो उसने ले ली,अब दोनो मज़े से सीप करने लगे,बीच-2 मे मनु प्रिया पर हाथ भी फेर रहा था,प्रिया को रमण ने पहले से ही अपने साथ शामिल कर रखा था और कह रखा था कि आज की रात को वो मनु को अपनी चूत का मज़ा दे दे.

जिस-से कि उसके लिए भी थोड़ा सा आगे बढ़ना आसान हो जाए और मनु अपनी मम्मी की लेने मे रमण की मदद कर दे.

इस सब के बीच रमण आरती से चिपका हुआ था,और उसके साथ ही उसको ड्रिंक्स मे कंपनी दे रहा था,उसने आरती की बियर मे थोड़ी सी विस्की उस दिन की तरह से मिला दी थी,जिस-से की आरती को जल्दी ही सुरूर आने लगा था.

इतने मे वहाँ म्यूज़िक पर डॅन्स शुरू हो गया और मनु प्रिया को ले कर डॅन्स करने लगा,रमण ने भी आरती को डॅन्स करने को कहा ,थोड़ी झिझक के बाद वो भी रमण के साथ डॅन्स करने लगी,डॅन्स करते-2 मनु प्रिया के अंग-2 से मज़े लेने लगा और वो भी मनु को अपने जिस्म के पूरे मज़े दे रही थी.

कुछ देर के बाद म्यूज़िक एक बार बंद हुआ तो सबरुक गये फिर ड्रिंक्स का दौर शुरू हो गया,अब तो प्रिया की आँखें बंद होने लगी थी,कुछ यही हाल आरती का भी हो रहा था,म्यूज़िक दुबारा शुरू होने पर मनु प्रिया को ले कर डॅन्स करने लगा और फिर थोड़ा सा साइड हो कर प्रिया को ले कर पीछे एक कमरे की तरफ चल दिया.

रमण ये देख रहा था जैसे ही मनु वहाँ से गया रमण ने आरती को डॅन्स के लिए कहा और उसको ले कर डॅन्स करने लगा ,पर नशे के कारण आरती रमण से चिपकी जा रही थी और रमण का तो आज भाग्य ही खुल गया था,वो आरती से चिपक कर उसके जिस्म से अपने जिस्म को रगड़ रहा था.

 
इधर मनु प्रिया को ले कर एक कमरे की तरफ गया और जैसे ही दरवाज़ा खोला तो अंदर पहले से ही सलीम एक लेडी टीचर की ले रहा था,वो लोग वहाँ पर पहले से ही चुदाई मे लगे हुए थे,मनु तो देखता ही रह गया,तब सलीम ने कहा कि यार देख क्या रहे हो तुम भी प्रिया को ले कर किसी दूसरे कमरे मे चले जाओ और वहाँ पर इसकी चूत मारो,यहाँ पर मुझे इसको पेलने दो और जाते-2 दरवाज़ा थोड़ा सा बंद कर देना.

मनु जल्दी से प्रिया को ले कर बाहर निकला और दरवाज़ा बंद कर दिया,फिर वो प्रिया को ले कर दूसरे कमरे मे आ गया.

अंदर आते ही मनु ने सबसे पहले कमरे को अंदर से बंद किया,फिर वो प्रिया से चिपक गया,और अपने होठ प्रिया के नरम और मुलायम गुलाबी होठों पर रख दिए,एक बार तो प्रिया के होठों की गर्मी से ही मनु पिघलने लगा,पर फिर अपने आप को संभाल कर वो प्रिया के कपड़े उतारने लगा,प्रिया भी अपने कपड़े उतारने मे मनु का सहयोग कर रही थी,फिर जब प्रिया पूरी नंगी हो गयी तब मनु ने भी अपने कपड़े जल्दी से उतार दिए.

दोनो जने नंगे हो कर आपस मे चिपक गये,मनु का तो ये पहला मौका था इसलिए वो जल्दी बाज़ी कर रहा था,पर प्रिया तो पहले से ही खेली खाई हुई थी ,उसको कोई जल्दी नही थी,वो आराम -2 से मनु के लंड को हाथ मे ले कर आगे पीछे करने लगी,मनु का लंड बुरी तरह से तना हुआ था,और थोड़ा सा आगे पीछे करते ही उसमे से पिचकारी निकल गयी,और उसका लोड्‍ा लूज हो गया.

अब तो मनु एकदम से हड़बड़ा गया कि ये क्या हो गया,पर प्रिया को तो मालूम था कि ये मनु का पहला चान्स है,तो उसने मनु को कहा कि कोई बात नही,उसका लंड अभी फिर से खड़ा हो जाता है और वो वहीं बैठ गयी और मनु के लंड को पहले अपनी उतारी हुई पैंटी से साफ किया फिर अपना मूह खोल कर अपने मूह मे ले लिया.

मनु की तो एकदम से साँसें अटक गयी,और वो सीधा सातवें आसमान पर पहुँच गया,लंड की चुसाइ से मनु का लंड फिर से तुरंत ही खड़ा होने लगा था.

प्रिया ने मनु के लंड को अपने मूह से निकाल दिया,क्यूंकी और ज़्यादा चूसने पर वो नया खिलाड़ी था उसका लंड फिर से झाड़ सकता था.

मनु ने फिर प्रिया की चुचियो को दबाना शुरू कर दिया था ,पर अब उसका लंड फिर से कड़क हो गया था,इसलिए उसने जल्दी से प्रिया को वहीं लिटाया,और फिर अपने लंड को उसकी चूत के मूह पर रख दिया,पर पहली बार होने के कारण उसे समझ नही आ रहा था कि इसको अंदर कहाँ और कैसे करना है,तब प्रिया ने मनु के लंड को अपने हाथ मे पकड़ा और अपनी चूत के मूह पर अच्छी तरह से फँसा दिया और उसको बोली कि अब तुम उपर से धक्का लगाओ,मनु ने ऐसा ही किया और उसका लंड थोड़ा सा प्रिया की चूत मे घुस गया,मनु को तो जैसे स्वर्ग का आनंद मिल गया पर तभी प्रिया ने कहा कि रुक क्यों गये अब ऑर तेज़ धक्का लगा कर इसको पूरे का पूरा चूत मे डाल दो.

 
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