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मा की मस्ती compleet

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मनु को समझ नही आया कि अभी लंड और भी चूत के अंदर जाएगा,उसके लिए तो जितना अंदर चला गया था उतना ही बहुत था,पर जब प्रिया ने कहा तो उसने और तेज़ धक्का लगा कर अपना पूरा लंड प्रिया की भोसड़ा बन चुकी चूत मे डाल दिया

जैसे ही मनु का लंड पूरा का पूरा प्रिया की चूत मे घुस गया ,मनु के तो आनंद का कोई हिसाब ही नही रहा,उसको लगा कि आज जिंदगी मे जो मज़ा मिला है वो तो सबसे ज़्यादा है,मनु का लंड प्रिया की चूत मे घुस कर उसकी चूत की गरमी को पूरी तरह से महसूस कर रहा था,मनु तो प्रिया से बिल्कुल ही चिपक गया था,उसको ना होश था और ना ही पता था कि अब आगे कैसे होगा.

तब प्रिया ने मनु से कहा ,कि मनु अब अपने लोड्‍े को थोड़ा सा बाहर निकाल कर फिर से धक्का लगाओ,और अंदर बाहर करो,मनु ने प्रिया की इंस्ट्रेक्षन को फॉलो किया तो चूत मे लंड के घर्षण से उसको और ज़्यादा मज़ा आया.

अब तो मनु और तेज़ी से लंड को आगे और पीछे करने लग गया.

प्रिया को भी आज एक कुँवारा और अनाड़ी लंड मिला था ,इसलिए उसको भी मज़ा आ रहा था.

अब वो दोनो अपनी चुदाई मे पूरी तरह से मस्त हो गये थे.

इधर बाहर रमण आरती से चिपका हुआ था,और आरती के थोड़ा सा सुरूर मे होने का पूरा फ़ायदा उठा रहा था,वैसे भी अब आरती को भी मज़े आ रहे थे और उसने पहले की तरह से शरमाना कम कर दिया था,वो भी रमण की चिपका चिपकी का फुल मज़ा ले रही थी

रमण आरती के टॉप के उपर से ही उसकी पीठ पर धीरे-2 हाथ फेर रहा था,और उसकी गोरी काया के मज़े ले रहा था,आरती भी धीरे-2 गरम होने लगी थी.

फिर अचानक से जैसे आरती को कुछ होश आया और उसने अपने आप को संभाला,और वो एक झटके से रमण से अलग हो गयी,रमण को भी झटका लगा और वो समझ गया कि आरती अभी इस सब के लिए तैयार नही है.

वो आरती से अलग हो गया ,और आरती ने एकदम से अपना सिर झुका लिया,पर आपस मे कोई कुछ नही बोल रहा था,तभी रमण आरती को ले कर आ कर बैठ गया.

तब आरती ने रमण से पूछा कि मनु कहीं नज़र नही आ रहा,कहाँ चला गया,रमण ने कहा कि यहीं कहीं होगा जाएगा कहाँ,आज वो भी अपनी बर्तडे पार्टी एंजाय कर रहा होगा

ये बात रमण की बिल्कुल सही थी,आज तो मनु सच मे अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी पार्टी को एंजाय कर रहा था

इस टाइम मनु और प्रिया दोनो एक दूसरे पर पड़े हुए थे,मनु तो आज दो बार झाड़ कर पूरा संतुष्ट हो गया था,पर प्रिया के साथ ऐसा नही था,उसको ज़्यादा मज़ा नही आया था,फिर भी वो मनु को ये शो नही कर रही थी.

फिर दोनो जने उठे और जल्दी-2 अपने कपड़े पहन लिए,और वहाँ से बाहर हॉल मे आ गये जहाँ पर पार्टी चल रही थी.

आरती की नज़र जैसे ही मनु पर पड़ी उसने पूछा कि मनु तुम कहाँ चले गये थे,मनु तो पहले ही तैयार था,उसने कहा कहीं नही बस यहीं इधर-उधर था

अब आरती ने कहा कि मनु देर बहुत हो रही है अब हम को आपने घर चलना चाहिए,मनु ने कहा कि ठीक है मैं रमण भैया से बोल कर आता हूँ.

मनु रमण के पास गया और बोला कि मम्मी अब घर जाने के लिए कह रही है,रमण ने कहा कि ठीक है,और वो भी मनु के साथ आरती के पास आ गया.

 


आरती रमण से बोली कि अब हम लोग चलते हैं,रमण ने कहा कि ठीक है मैं आप लोगों को छोड़ देता हूँ,तब मनु ने कहा कि रमण भैया उसकी कोई ज़रूरत नही है हम बाइक तो लाए ही हैं,उस पर ही चले जाएँगे.आप को तकलीफ़ करने की कोई ज़रूरत नही है.

रमण बोला कि तकलीफ़ की कोई बात नही ही पर क्यूंकी रात काफ़ी हो गयी है,और तुमने थोड़ी सी पी भी रखी है इसलिए कहीं तुम्हे कोई प्राब्लम ना हो जाए.

मनु बोला कि भैया ऐसी कोई बात नही है,मैने बियर ही तो पी थी और उसको भी बहुत देर हो चुकी है,इसलिए आप परेशान ना हो.

रमण आरती से बोला कि भाभी जी मैं तो आप लोगों की सहूलियत के लिए बोल रहा था.

आरती ने कहा कि ऐसी कोई दिक्कत नही है,मनु आराम -2 से बाइक को ले जाएगा.

फिर मनु ने बाइक स्टार्ट की और आरती को बोला कि मम्मी बैठ जाओ,आरती को बैठने मे थोड़ी सी दिक्कत हुई,तो रमण ने आरती को बाइक पर बैठने मे मदद की ,उसका तो भाग्य एक बार फिर खुल गया,क्यूंकी आरती को बाइक पर मदद करने के बहाने एक बार फिर उसकी जवानी का छू कर मज़ा लेने का मौका जो मिल गया था.

अब वो सब लोग अपने-2 घर को चले गये.

रास्ते मे आरती मनु के पीछे बैठी हुई थी और थोड़ा सा शराब और थोड़ा सा वासना का नशा होने की वज्जह से मनु से बिल्कुल ही चिपकी हुई थी,मनु भी आज पहली बार चूत मार के बहुत खुस था,और अपनी मा को इस रूप मे देख कर उसका लोड्‍ा फिर से तन गया था.

क्यूंकी जिसको एक बार चूत का मज़ा मिल जाए उसको तो फिर पता चल जाता है कि जन्नत यहीं पर है,फिर आरती सेक्सी तो लग ही रही थी,और आज मनु को याद आ रहा था कि रमण ने एक दिन कहा था कि जो मज़ा खेली खाई चूत मारने मे है वो नयी मे नही है,जैसे आज मनु के लंड को खून लग गया था तो उसको आपनी मा मे भी एक चूत ही लग रही थी,इस कारण से वो बाइक को बहुत ही धीरे-2 और मज़े से चला रहा था,क्यूंकी इस-से आरती के मम्मे मनु को पूरी तरह से महसूस हो रहे थे.और वो मम्मों की गरमी को महसूस कर रहा था.

फिर वो लोग अपने घर पहुँच गये,बाइक खड़ी कर के मनु ने आरती से कहा कि मा अब उतर जाओ,हम घर आ गये,आरती बाइक से उतरी तो उसका बॅलेन्स बिगड़ गया तब जल्दी से मनु ने उतर कर आरती को सहारा दिया ,इस सब के बीच मे मनु के हाथ अपनी मा को मोटे-2 मम्मों पर पड़ गये,पर उसने उनको हटाया नही,फिर जब आरती सीधी हो गयी,तब मनु ने अपने हाथ हटा कर आरती को अपने कंधे का सहारा दिया,और आरती को ले कर घर मे अंदर आ गया,आरती का काफ़ी वजन मनु पर ही था,और वो आरती के मज़े ले रहा था,आज मनु का अपनी मा के प्रति सोचने का नज़रिया बिल्कुल ही बदल गया था और वो अपनी मा की जवानी को पूरी तरह से भोगना चाह रहा था

 


फिर उसने आरती को ला कर उसके बेड पर लिटा दिया,आरती ने मनु को बोला कि बेटा अब तुम भी जा कर सो जाओ,देर बहुत हो गयी है,मनु ने कहा कि ठीक है मा.

पर मनु एकदम से आरती के बेडरूम से बाहर नही आया,और वहीं पर खड़ा हो कर आरती को इस सेक्सी रूप मे देखने लगा,इतने मे आरती की आँख खुल गयी और जब उसने देखा कि मनु वहीं खड़ा है तो उसने कहा कि बेटा तुम अभी तक गये नही,और यहाँ खड़े हो कर क्या देख रहे हो.

मनु बोला कि मा आज तुम मुझे बहुत ही सुंदर और सेक्सी लग रही हो,इसलिए मे तुम को ही देख रहा हूँ.

आरती बोली बेटा अब तुम जाओ और मुझे भी सोने दो अगर मैं तुम्हे इतनी ही सुंदर लग रही हूँ तो कल दिन मे देख लेना.

फिर मनु आरती के कमरे से बाहर आ गया,और अपने रूम मे सोने चला गया.

आज की रात मनु को नींद नही आने वाली थी,आज जो भी कुछ हुआ वो आज रात को उसको परेशान करने वाला था.

वही हुआ,रात को जैसे ही मनु कमरे मे आ कर बिस्तर पर लेटा,तो उसकी आँखों के सामने प्रिया का नंगा बदन नाचने लगा,फिर वो आँखों से ओझल हुआ ही था कि,मनु की आँखों के सामने उसकी मा आ गयी,फिर उसको उस सेक्सी रूप मे देख कर मनु का लंड फन-फ़ना गया,उसने सपने मे ही आपनी मा के मम्मों को दबाना शुरू कर दिया,इधर वो सपने मे आपनी मा की चुचियाँ दबा रहा था,और असल मे अपने लंड से मूठ मार रहा था,थोड़ी ही देर मे उसके लंड ने पानी फैंक दिया,पानी निकलते ही मनु को जैसे होश आया कि वो क्या कर रहा था और क्या सोच रहा था.

उसने देखा कि उसके कपड़े खराब हो गये हैं वो उठा और जा कर अपने आप को साफ किया और सिर्फ़ अंडरवेर बदल कर पहन ली और वैसे ही सोने लगा,पर फिर से उसकी मम्मी उसकी आँखों के सामने आ गयी,अब वो क्या करे?

यही सोचते-2 उसका हाथ हां और ना करते-2 फिर लंड पर चला गया ,लंड महरमान फिर से खड़े और कड़े हो गये थे,वो फिर लंड पर हाथ चलाने लगा,पर इस बार उसने अंडरवेर हटा दिया,और फिर लंड से पानी निकल गया.

अब जा कर मनु को कुछ शांति मिली,पर लंड का हाल खराब हो गया था,आज पहले दो बार तो वो प्रिया के साथ झाड़ चुका था,और अब दो बार अपनी मा के नाम की मूठ मार कर उसके लंड मे दर्द होने लगा था.

फिर वो अंडरवेर पहन कर सो गया.

सुबह मनु की आँख बहुत देर से खुली कल रात को देर से सोने के कारण और मूठ मारने के कारण आज उसको थकान महसूस हो रही थी,फिर भी वो बिस्तर से उठा और कपड़े पहन कर बाहर आया.

बाहर उसकी मा भी देर से ही उठी थी और वो अभी नाइटी मे घर के काम कर रही थी,मनु को देख कर वो बोली कि बेटा उठ गये आज बहुत देर तक सोते रहे.

मनु बोला कि हां मा आज नींद नही खुली,फिर स्कूल की तो आज छुट्टी ही है.फिर मनु की नज़र मा की नाइटी के खुले हुए गले पर गयी ,वहाँ से उसे अपनी मा के मोटे-2 मम्मे बाहर निकलने को तैयार नज़र आए,तो उसका लंड फिर खड़ा होने लगा.

 


मनु जल्दी से अपने कमरे मे आ गया,और सोचने लगा कि ये कुछ दिन से उसको क्या हो गया है,और वो क्यों आपनी मा को सेक्स की नज़र से देखने लगा है,कहीं उसका दिमाग़ तो खराब नही हो गया है,पर वो जितना आपनी मा की सेक्सी छवि को अपने दिमाग़ से निकालने की कोशिस करता वो उतनी ही ज़्यादा उसकी आँखों के सामने आ जाती.

पर अब उसको एक बार फिर से मूठ मारने की ज़रूरत महसूस होने लगी थी.वो जल्दी से बाथरूम मे घुस गया और अपने लंड को हिलाने लगा,वो अपनी मा के बारे मे सोच रहा था और अपना लंड हिला रहा था,उसे अपनी मा सेक्सी रूप मे सामने नज़र आ रही थी,वो अपना लंड तेज़-2 हिलाने लगा और फिर थोड़ी देर मे ही झाड़ गया.फिर वो लंड को और हाथों को धो कर बाहर आया.

अब मनु का नज़रिया अपनी मा के प्रति बिल्कुल बदल गया था और वो उसको एक सेक्स की देवी नज़र आ रही थी,पर वो अपनी सोच से आगे नही बढ़ सकता था,क्यूंकी वो हिम्मत उसमें नही थी.

तब मनु ने रमण को फोन किया,रमण ने फोन उठाया और पूछा कि मनु भाई क्या हाल चाल है,मनु ने कहा कि रमण भैया हाल चाल बढ़िया है और आप सूनाओ,क्या कर रहे हो,रमण बोला कि भाई आज तो रेस्ट कर रहा हूँ कल की पार्टी मे काफ़ी थक गया था तो आज तो रेस्ट ही करूँगा,और बोलो कैसे याद किया,क्या प्रिया की याद आ रही है.

मनु इस बात से थोड़ा सा शर्मा गया,वो बोला कि ऐसी कोई बात नही है,उसने तो ऐसे ही फोन मिला लिया था,अच्छा अब रखता हूँ ,कल तो आप आएँगे ही.

रमण बोला हां यार कल मिलते हैं

उधर रमण का भी हाल कुछ अच्छा नही था रात भर उसके सपनो मे आरती ही आती रही,और अब उसको लग रहा था कि अगर जल्दी से आरती उसको नही मिली तो उसका हाल खराब हो सकता है.

पर कल के आरती के हाव भाव से रमण को लग रहा था कि उसकी मंज़िल ज़्यादा दूर नही है,पर आरती अभी मनु के कारण थोडा सा झिझक रही है.

उसने सोच लिया था कि अब पहले मनु को अपने साथ अच्छी तरह से मिला कर उसको राज़ी करेगा फिर आरती को उसके बेटे के साथ मिल कर चोदेगा.

इसके लिए ही उसने मनु के सामने प्रिया नाम का चारा फेंका था,और मनु उस जाल मे फँस गया था,अब वो जैसे चाहेगा मनु को चला सकता था.

 


अगले दिन रमण सही टाइम पर ट्यूशन के लिए पन्हुंच गया,मनु भी उसका ही इंतेज़ार कर रहा था,आज तो आरती उसको नज़र नही आई,फिर वो अंदर आ गया.

मनु ने आते ही रमण को थॅंक्स बोला ,तो रमण ने कहा कि भाई ये किसलिए,तब मनु ने कहा कि आपने जो मेरे लिए फेवर किया और मुझे प्रिया की चूत दिलवाई ये उसके लिए है.

रमण ने पूछा कि भाई मज़ा आया कि नही,मनु बोला रमण भैया ये मेरे बर्तडे का सबसे बड़ा गिफ्ट था,जो आपने दिया था.

रमण ने पूछा कि उस रात को ठीक से किया था क्या,मनु बोला भैया आप ने जब मुझे पीछे कमरे मे जाने को कहा तो पहले मैं जिस कमरे मे गया वहाँ तो पहले से ही सलीम स्वाती मेडम की चूत मार रहा था.

ये सुन कर रमण ने कहा कि यार वो तो स्वाती की लेता ही रहता है,तुम्हे थोड़ा सा ध्यान रख कर जाना चाहिए था,फिर क्या हुआ?

मनु बोला फिर मे प्रिया को ले कर दूसरे रूम मे चला गया वहाँ कोई नही था वहाँ ले जा कर मे प्रिया को सही से बजाया,मुझे बहुत मज़ा आया.

रमण ने कहा तो फिर ठीक है तुम्हारा काम तो हो गया ना.

मनु बोला हां भैया और ये सब आप के कारण हुआ.

रमण ने कहा कि अब क्या प्रोग्राम है,अब प्रिया कब मिल रही है.

मनु बोला अभी तो कोई बात नही हुई है,जब भी होगी मे आपको ज़रूर बता दूँगा.

फिर रमण ने कहा की पार्टी तो तुम्हारी मम्मी ने भी अच्छी तरह से एंजाय की थी.

मनु बोला कि हां भैया वो जो ड्रेस आपने दी थी वो मम्मी पर बहुत अच्छी लग रही थी.

रमण बोला कि यार वो तो बस ऐसे ही ले ली थी,पर एक बात है उस ड्रेस मे तुम्हारी मम्मी सच मुच किसी भी हीरोइन से कम नही लग रही थी,मैं तो सच मे तुम्हारी मम्मी पर फिदा हो गया था.

मनु बोला कि ये क्या बोल रहे हो भैया.

रमण बोला कि यार तुम मेरी बात का बुरा मत मान-ना जो मेरे को लगा मैने तुम्हे बता दिया,अगर तुम्हे बुरा लगा तो मुझे माफ़ कर देना.

मनु बोला कि भैया ऐसी तो कोई बात नही है,जैसे मे आप को अपने दिल की सारी बातें बता देता हूँ ,ऐसे ही आपने भी अपने दिल की बात मुझे बताई है,तो इसमे कोई बुराई नही है.

रमण ये सुन कर बहुत खुश हो गया,उसको अब अपनी मंज़िल बहुत करीब नज़र आ रही थी

 


रमण की ख़ुसी का कोई ठिकाना नही था,वो जैसा कह रहा था वैसा ही हो रहा था,मनु भी अब अपनी मा के बारे मे रमण से खुल कर बात कर रहा था.

फिर रमण बोला कि मनु भाई कई बार क्या होता है कि दिल की बात ज़ुबान पर तो आ जाती है पर सामने वाला बुरा मान जाता है,पर तुम ने ऐसा नही किया.

मनु बोला रमण भैया अब जब आप मेरे लिए इतना कर सकते हो तो फिर मे भी तो आपकी बात को समझ सकता हूँ.

ये सही है कि उस दिन मेरी मम्मी आपकी दी हुई ड्रेस मे बहुत ही सेक्सी लग रही थी,ऐसे मे अगर आपका दिल मेरी मा पर आ गया तो कोई बात नही है.

मैं ये बात मम्मी को नही बताने वाला.

रमण बोला थॅंक्स मेरे भाई.

पर आज आरती भाभी जी गयी कहाँ हैं?

मनु बोला कि वो अपनी सहेली के यहाँ किसी किटी पार्टी मे गयी हैं,आने ही वाली होंगी.

इतने मे बाहर का दरवाजा खुला और आरती अंदर आ गयी,वो उन दोनो को बाहर ही बैठा देख कर बोली कि क्या हुआ आज पढ़ाई नही कर रहे क्या.

तब रमण बोला कि आज मनु का पढ़ाई का मूड नही है,इसलिए हम परसो की पार्टी की बाते कर रहे थे.

आरती भी वहीं पर आ कर बैठ गयी,आज आरती ने एक चुस्त जीन्स और टॉप पहना हुआ था,वो इसमे भी सेक्सी लग रही थी,जैसा कि मैं पहले ही बता चुका हूँ,रमण और मनु के कहने के बाद आरती ने अपना ड्रेसिंग स्टाइल चेंज कर लिया था,और अब वो ज़्यादा से ज़्यादा फिट कपड़े पहनने लगी थी.

आरती ने कहा कि तुम लोग बैठो मे कुछ खाने को ले कर आती हूँ.

फिर वो चली गयी,तब रमण मनु से बोला कि यार तुम्हारी मम्मी तो आज भी बम लग रही है,मेरा तो ईमान खराब हो रहा है,मनु भी अब रमण के रंग मे रंग गया था,इसलिए उसका लंड भी अपनी मा को देख कर तन जाता था.

मनु बोला कि भैया ये आप क्या बाते कर रहे हो मम्मी ने सुन लिया तो अच्छा नही होगा.

रमण बोला वो तो ठीक है,ये बाते हम ही लोग आपस मे कर रहे हैं तुम्हारी मम्मी के सामने ये बाते हम नही करेंगे,पर तुम्हे मेरा एक फेवर करना होगा कि तुम मेरी बातों को सपोर्ट तो कर ही सकते हो,इस पर तो तुम्हे कोई एतराज़ नही है ना.

मनु बोला ठीक है भैया.

इतने मे आरती उसके लिए कुछ खाने पीने को ले कर आ गयी.

वो भी वहीं पर साथ मे बैठ गयी,रमण ने कहा कि भाभी जी कहीं बाहर गये थे क्या.

आरती बोली कि हां एक फ्रेंड के यहाँ किटी थी वहीं गयी थी.

रमण बोला तभी तो आप इतनी खूबसूरत लग रही हो.

आरती ये सुन कर शर्मा गयी और बोली आप तो हर टाइम मेरे ही पीछे पड़े रहते हो और मेरी झूठी तारीफ करते रहते हो.

 


रमण बोला कि ऐसा आप को लगता है,आप हो ही इतनी सुंदर और फिर ये ड्रेस आप को और सुंदर बना देती है,आप उस दिन पार्टी मे तो बिजलियाँ गेरा रही थी,क्यों मनु मे सही कह रहा हूँ ना?

मनु बोला हां रमण भैया बात तो सही है उस दिन पार्टी मे सबकी नज़र मम्मी पर ही थी.

ये सुन कर आरती मन ही मन बहुत खुस हुई,पर बाहर से बोली कि वो तो आपकी दी हुई ड्रेस का कमाल था.

रमण बोला कि खाली ड्रेस से कुछ नही होता ,फिगर भी तो वैसी होनी चाहिए,बल्कि मैं तो कहूँगा कि ये उस ड्रेस की खुसकिस्मती थी कि वो आपके जिस्म पर थी.

आरती बोली बस-2 अब मेरी झूठी तारीफे मत करो.

रमण बोला कि ऐसे कोई बात नही है,मैं जो कह रहा हूँ सच और दिल से कह रहा हूँ.

मनु और मे ये ही बात कर रहे थे,कि आप की खूबसूरती का क्या राज़ है.

आरती बोली कि अब बस भी करो तुम लोग क्या मेरे पीछे पड़ गये हो.तुम लोग ऐसे बोलोगे तो मे फिर जा रही हूँ.

असल मे इन सब बातों से आरती के दिल मे हलचल मच रही थी,और उसको उस रात की बाते याद आ रही थी कि क्या-2 हुआ था,और कैसे रात को नशे मे रमण ने उसके साथ मज़े लिए थे,इन सब से उसकी खुद की हालत थोड़ी-2 खराब हो रही थी.

आरती की ये बात सुन कर दोनो जने बोले कि अब हम आपकी कोई बात नही करेंगे,आप नाराज़ ना हों.

फिर आरती ने पूछा कि मनु उस रात को तुम कहाँ चले गये थे मैं तुमको ढूंड रही थी,मनु आरती की ये बात सुन कर एकदम से सकपका गया,पर फिर सम्भल कर बोला कि मैं तो वहीं था कहीं नही गया था आप ही रमण भैया के साथ मस्ती से नाच रही थी.

आरती ये सुन कर चुप हो गयी,क्यूंकी सारी बाते तो उसको भी नही याद थी,इसलिए वो कुछ नही बोली.

फिर रमण बोला छोड़ो यार सब बाते उस दिन पार्टी मे आप लोगों को मज़ा तो आया ना.

दोनो ने कहा कि हां आप की पार्टी थी बड़ी मस्त.

मनु बोला कि भैया अब पार्टी कब दोगे.

रमण ने कहा कि जब भी तुम कहोगे ,तभी दे देंगे.तुम तो बस मोके तैयार करते रहो,पार्टी हूँ देते रहेंगे.

इस तरह से अब रमण और मनु मे बहुत सी बाते साझा हो गयी थी,अब दोनो आपस मे लड़कियों और औरतो के बारे मे खुल कर बाते करते थे.

 


एक दिन मनु ने कहा कि भैया आप कह रहे थे कि आप को थोड़ी मिच्योर औरते पसंद हैं,तो फिर जब स्वाती मेडम सलीम भैया से चुदवाती है,तो आप क्यों नही चोद्ते.

रमण बोला कि यार मैं उसकी ले चुका हूँ,पर अब उसकी चूत बहुत खुल चुकी है,और अब सलीम और महेश दोनो उसको चोद्ते रहते हैं तो मुझे ज़्यादा मज़ा नही आता.

मनु बोला तो क्या स्वाती मेडम को कोई एतराज़ नही है कि आप तीनों जने उसकी लेते हो.

अर्रे यार उसको तो बहुत मज़ा आता है,मैने तुम्हे पहले भी कहा था ना कि शादी-शुदा औरत की लेने मे कहीं ज़्यादा मज़ा है

मनु बोला अब आप कह रहे हो तो सही होगा.

रमण ने कहा और बताओ उस दिन के बाद प्रिया की ली या नही.

मनु बोला कहाँ भैया मौका और जगह दोनो नही मिलते.आप ही कुछ करो,या कोई और पार्टी दो तब जाके मौका मिलेगा.अब तो दिल बहुत कर रहा है.

इतने मे आरती कमरे मे आ गयी,वो उनके लिए नाश्ता लाई थी,आरती ने कहा कि और बताओ पढ़ाई कैसी चल रही है.

रमण ने कहा कि भाभी जी पढ़ाई बढ़िया चल रही है और आप बताए कैसी हैं.

आरती ने कहा कि मे तो ठीक हूँ.

रमण ने कहा कि लगता है आज कल कुछ नाराज़ हैं जो हमारे साथ बैठी ही नही.

आरती ने कहा कि ऐसी कोई बात नही है,बस थोड़ा सा घर का काम करती रहती हूँ,फिर वो वहाँ से चली गयी.

रमण उसको जाते हुए देखता रहा,मनु रमण को देखे जा रहा था,कि वो उसकी माँ को देख रहा है.

मनु ने कहा कि क्या देख रहे हो भैया.

रमण ने कहा कि यार मनु बुरा मत मान-ना मे तुम्हे पहले ही बता चुका हूँ कि तेरी मम्मी को देख कर मुझसे कंट्रोल नही होता,और मेरा दिल बहक जाता है,तू बुरा मत मानना.

मनु का नज़रिया तो काफ़ी दिनो से आपनी मा के प्रति बदल ही चुका था,उसको क्या बुरा लगता,फिर भी वो बोला कि कोई बात नही भैया,पर आप चाहते क्या हो.

रमण बोला कि यार मैं तेरी मम्मी से फ्रेंडशिप करना चाहता हूँ.

मनु ने कहा कि वो तो वैसे ही आपको अपना दोस्त ही समझती है,और वैसे ही ट्रीट करती है.

रमण बोला यार वो बात नही है मैं तो गर्लफ्रेंड बाय्फ्रेंड वाली फ्रेंडशिप की बात कर रहा हूँ.

मनु बोला कि भैया ये कैसे मुमकिन है,वो मेरी मा है,और फिर वो शादी शुदा भी तो हैं,पिता जी को पता चल जाएगा तो क्या होगा.

रमण बोला यार वो सब छोड़ ,अगर तुझे कोई अतराज़ नही है तो वो सब तो मॅनेज हो जाएगा.मे तेरे पापा को जानता हूँ,वो अपनी पोस्ट का फ़ायदा सिर्फ़ पैसे से ही नही अलग-2 तरीके से उठाते हैं,और ये तुम भी जानते हो.

मनु बोला इसका क्या मतलब है.

रमण ने कहा कि यार भोले मत बनो ,तुम्हारा बाप रिश्वत मे पैसे के अलावा कई बार नयी-2 लड़कियाँ भी अपनी पार्टी से माँगता है,और वो अपना काम निकलवाने के लिए तुम्हारे पापा की हर इच्छा पूरी करती हैं,तो जब तुम्हारा बाप बाहर इतना कुछ करता है ,तो तुम्हारी मा को सिर्फ़ खुश रहने का भी हक़ नही है.

मनु ने कहा कि भैया ये आप क्या कह रहे हो,ये सही नही हो सकता.

 


रमण ने कहा कि मेरे भाई ये सही है,मैं तुमसे झूठ नही बोल रहा.

मनु बोला फिर तो आपकी बात सही है अगर पापा ऐसा करते हैं तो माँ को भी आपने दिल को खुस रखने के लिए कुछ करने का हक है.

रमण बोला यही तो मैं भी कह रहा हूँ,मैं तुम्हारी मम्मी को पसंद करने लगा हूँ,अगर वो मेरे साथ कुछ टाइम खुश रहती है तो ,इसमे कोई बुराई नही है.मैं जनता हूँ कि अगर मैं थोड़ी सी कोशिस करूँगा और तुम मेरा साथ दोगे तो ये हो सकता है.

मनु बोला वो तो ठीक है,पर इस-से मुझे क्या मिलेगा.

रमण ने कहा कि यार मैने तुम्हारी सेटिंग प्रिया से करवा दी अब और क्या चाहिए.

मनु बोला कि भैया वो जगह वाली बात है ना.

रमण ने कहा कि एक बार मेरी सेटिंग तुम्हारी माँ से हो जाए तो मे तुम्हे और प्रिया को यहीं पर करने की छूट दिलवा दूँगा.

मनु जब रमण से अपनी मा के बारे मे यूँ खुल कर बाते कर रहा था,तो उसके ख़यालों मे प्रिया नही उसकी खुद की मा ही थी जो उसे नज़र आ रही थी.पर उसने ये रमण पर जाहिर नही होने दिया.

फिर मनु बोला कि भैया पर आप मम्मी को कैसे राज़ी करोगे अपने साथ दोस्ती के लिए.

रमण बोला कि वो सब मैं देख लूँगा पर बस मैं तुम्हे जैसे-2 कहूँ तुम वैसे ही करते रहना,कुछ टाइम तुम मुझे अपनी मा के साथ अकेले दोगे तो ये सब फिक्स हो जाएगा.

मनु ने कहा कि ठीक है.

 


अगली बार जब रमण मनु को ट्यूशन देने के लिए आया उस दिन पहले ही उसने मनु को फोन कर दिया कि वो आ रहा है,तो मनु कुछ देर के लिए बाहर चला जाए,कि जब रमण आए तो उसकी मा घर मे अकेली हो,मनु समझ गया और रमण के आने से थोड़ी देर पहले ही अपनी मा को बोला कि उसको कुछ बुक लानी हैं जो रमण भैया ने बोली हैं वो ले कर आता है,अगर रमण भैया आएँ तो वो उनको बिठा लेना.

आरती ने कहा कि ठीक है ,पर तुम जल्दी आ जाना.

मनु के जाने के थोड़ी ही देर बाद रमण आ गया,आरती ने दरवाज़ा खोला तो रमण ने कहा कि आज मनु कहाँ गया.

आरती बोली कि वो कह कर गया था कि आप ने कुछ बुक्स के लिए कहा है वो लेने जा रहा है ,जल्दी आ जाएगा ,आप बैठो वो आने वाला होगा.

आरती ने आज एक डीप गले की नाइटी पहनी हुई थी,जिसमे से उसका जिस्म छलक के बाहर आने को हो रहा था.रमण ने सोचा कि आज तो उसकी किस्मत ही खुल गयी है.

रमण अंदर आ गया,आरती ने कहा कि आप बैठो मे कुछ ले कर आती हूँ.

फिर आरती दोनो के लिए पीने को कोल्ड ड्रिंक ले कर आ गयी,रमण ने कहा कि भाभी जी आप फॉरमॅलिटी मत किया करो.

आरती बोली नही ऐसे कोई बात नही है.

फिर रमण और वो कोल्ड ड्रिंक पीने लगे,रमण ने कहा कि मनु ने बहुत देर लगा दी,आप भी मेरे साथ बोर हो रही हो.

आरती-अरे ये क्या कह रहे हो ऐसी कोई बात नही है.मुझे आपसे कोई बोरियत नही होती.

रमण ने कहा कि ऐसा है तो फिर आप हमारे साथ बैठी क्यूँ नही.

आरती अब क्या बोलती,कि वो लोग ऐसी -2 बाते करते हैं कि उसको वहाँ पर बैठने मे शरम आती थी.पर वो बोली नही.

फिर रमण ने कहा कि क्या आपको मेरो कंपनी अच्छी नही लगती.

आरती-नही ऐसे बात नही है,आप और मनु दोनो मिल कर जब मेरी खिंचाई करते हो ,इसलिए मे अब आप दोनो के साथ नही बैठती.

रमण-अर्रे मैने ऐसा कब किया.

आरती-वो जब पार्टी के अगले दिन आप और मनु बोल रहे थे तो मुझे ऐसा ही लगा.

रमण बोला कि भाभी जी आप क्या कह रही हो,ऐसा कुछ भी नही था,बल्कि मे तो मनु के सामने बोला नही ,उस दिन तो आप गजब की सेक्सी लग रही थी,और अगर आप अरविंद साब की बीवी नही होती,तो मे वहीं पर कुछ कर बैठता,सही कह रहा हूँ,मैने आपने आप पर कैसे कंट्रोल किया मैं ही जानता हूँ,उस दिन जो बिजली मेरे पर गिरी मे बता नही सकता.

ये सुन कर आरती शरम के मारे लाल हो गयी,और बोली ये आप क्या कह रहे हो.

रमण-आप को मेरी बात झूठ लग रही होगी ,पर ये सच है उस दिन आप मुझे बिल्कुल अप्सरा की तरह लग रही थी,उस ड्रेस मे आप का जलवा ही अलग था,मैने तो उस रात आपकी इतनी सारी फोटुस ली कि मेरे मोबाइल की मेमोरी ही जवाब दे गयी.

ये सुन कर आरती का लाल मूह और लाल हो गया.पर वो बोली कि ये आप क्या बोले जा रहे हो,ऐसी बाते करना ठीक नही है.

ये सुन कर रमण समझ गया कि आरती के दिल मे तो हां है,पर मूह पर जमाने और पति,बेटे की वजह से ना है,अब उसने इस हालत का पूरा फ़ायदा उठाने का मन बना लिया था.

 
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