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मा की मस्ती compleet

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रमण ने कहा कि भाभी जी ये मैं नही कह रहा ये तो मेरा दिल मुझसे कहलवा रहा है,इसमे मेरा कोई दोष नही है.आप हो ही इतनी हसीन कि कोई भी आप को उस रूप मे देखेगा तो आप का दीवाना हो ही जाएगा

अब तो आरती के मूह पर हया की लाली ने गजब कर दिया,और वो बोली कि मैं जा रही हूँ,जब मनु आएगा तो आप उसको पढ़ा देना.

रमण ने कहा कि भाभी जी आप ऐसे कहाँ नाराज़ हो कर जा रही हो,अगर आप को मेरी बाते इतनी बुरी लग रही हैं तो मैं अब कुछ भी नही बोलूँगा.

और रमण एकदम से चुप हो कर वहीं बैठ गया,आरती समझ गयी कि रमण ने उसकी बात का बुरा मान लिया है,इसलिए वो ही बोली कि मैं तो तुमको झूठी त्तारीफ करने के लिए मना कर रही थी,फिर मनु भी आनेवाला है,वो ये सब सुनेगा तो उसको कैसा लगेगा.अच्छा आपको इतना बुरा लगा तो मे आगे से आपको नही बोलूँगी,पर चलो अब उस पार्टी की फोटो तो दिखा दो.

रमण समझ गया कि उसका तीर सही निशाने पर जा रहा है,अगर वो थोड़ी सी कोशिस और करेगा तो आरती पके हुए आम की तरह उसकी झोली मे आ जाएगी,और इस मस्त जवानी का रस पीने का उसको मौका मिल जाएगा.पर अपनी चाल सही समय पर सही तरीके से चलनी होगी और मनु को साथ मिला कर रखना होगा,जिस-से कि आरती के मन मे बेटे का कोई डर ना रहे,और जब मनु साथ होगा तो उसके बाप से शिकायत ही कौन करेगा.

रमण ने अपना मोबाइल निकाला और जैसे उसने पिछली पार्टी की फोटुस मे से छाँट कर एक अलग ही फोल्डर मे आरती की खास-2 फोटो डाल ली थी ,इस बार भी ऐसा ही किया,फिर वो बोला कि लो भाभी जी आप खुद ही देख लो.

पर रमण ने वो फोल्डर निकाल कर नही दिया,आरती कोशिस करने लगी पर उसको कहीं भी फोटुस नही मिली,तो वो बोली कि रमण इसमे तो कहीं नही हैं.

रमण ती यही चाहता था इस बहाने वो जाके आरती के बगल मे बैठ गया और फिर उसके हाथ से मोबाइल ले कर उसने वो फोल्डर खोला जिसमे कि आरती की फोटुस थी.

फिर वो दोनो मिल कर फोटुस देखने लगे ,रमण ने कुछ फोटुस ऐसे ऐंगल से ली थी कि आरती की जवानी और भी उभर कर आ रही थी,आरती उन फोटुस को देख कर अंदर ही अंदर अपने पर बहुत खुस हो रही थी,कि वो इस उमर मे भी इतनी खूबसूरत और सबसे बड़ी बात सेक्सी लग रही है.एक फोटो मे उसका बेटा मनु भी उसको बहुत गरम नज़रो से देख रहा था,ये बात आरती ने भाँप ली.वो हैरान रह गयी कि मनु भी उसको ऐसी गंदी नज़र से देख रहा है,जैसे वहाँ पार्टी मे मौजूद सारे देख रहे हैं,वैसे कुछ दिनो से मनु का व्यवहार उसके प्रति कुछ बदल तो गया था,ये वो समझ रही थी,पर इसमे भी उसको मज़ा आता था,कि उसका खुद का बेटा उसको इस उमर मे भी हसीन समझता है.आरती बोली कि रमण ये सारी फोटुस तुमने और किसी को तो नही दिखाई.

रमण बोला देखा भाभी जी मैं ना कहता था कि आप बिल्कुल सेक्सी हैं और मेरी इस बात को ये फोटुस साबित कर रही हैं,ये फोटुस मैने और तो किसी को नही पर मनु को दिखाई थी.

आरती ये सुन कर एकदम से परेशान हो गयी.

ये बात रमण समझ गया,इसलिए आगे बोला ,ये फोटुस देख कर मनु बहुत खुस हुआ और बोला कि रमण भैया आप देख रहे हो मेरी मम्मी इस उमर मे भी जवान लगती हैं.

ये सुन कर आरती को बहुत इतमीनान हुआ कि मनु ने इन फोटुस को देख कर बुरा नही माना.और वो खुद बड़ा खुश हुआ है,इसका मतलब है कि उसको खुद अपनी मम्मी सेक्सी रूप मे पसंद है.

रमण बोला भाभी जी मैने पहले भी कहा है और आज फिर कह रहा हूँ कि आप तो ऐसी ही सेक्सी ड्रेसस पहना करो.

 


आरती बोली वो तो ठीक है पर मनु क्या सोचेगा.

रमण बोला वो तो खुद ही चाहता है कि आप कम से कम हमारे साथ तो बिल्कुल फ्रेंड्ली रहें.

इन सब बातों के बीच आरती जो कि रमण से बिल्कुल सटी हुई बैठी थी,उसको अंदर ही अंदर कुछ-2 होने लगा था,वैसे भी रमण ने अपना काफ़ी सारा वजन आरती पर डाल रखा था,और वो फोटुस दिखाने के बहाने आरती से चिपका जा रहा था,उसका खुद का लोड्‍ा पॅंट फाड़ कर बाहर आने को तैयार था.

आरती की चूत से भी इन गरम -2 बातों के कारण पानी सा निकल रहा था,और वो गर्मी महसूस कर रही थी.

रमण की बात सुन कर वो बोली कि अगर मनु को कोई भी ऐतराज नही है तो वो तो घर मे ऐसी मॉर्डन ड्रेस पहन ही सकती है.

रमण बोला अगर आप को शक़ है तो मे मनु से पुछवा दूँगा.

आरती जल्दी से बोली कि नही नही ऐसी कोई बात नही है,और मुझे आप की बातों का यकीन है,मैं कोशिस करूँगी.

अब तो रमण का दिल बल्लियों उछलने लगा था,कि ये मुर्गी उसके जाल मे आ रही है.

फिर इतने मे ही मनु बाहर से आ गया,और उसने उन दोनो को साथ-2 बाते देख लिया,आरती एकदम से घबरा गयी,ये बात मनु भी ताड़ गया,इसलिए माहौल को हल्का करने के लिए बोला कि रमण भैया तुम मेरी मम्मी के साथ क्या कर रहे हो.

रमण बोला कि यार वो उस दिन पार्टी मे जो फोटुस खींची थी वो दिखा रहा हूँ.

मनु बोला अर्रे भैया उस पार्टी की मा की फोटुस तो बहुत ही शानदार आई थी,अच्छा है कि तुम मम्मी को दिख रहे हो,पर पापा को मत दिखना ,नही तो वो आपकी और मेरी दोनो की पिटाई कर देंगे,कि उनकी बीवी की इतनी खूबसूरत और सेक्सी फोटुस तुम लोग क्यूँ देख रहे हो,और हां रमण भैया ये फोटुस मुझे भी मैनल पर सेंड कर देना.

रमण ने कहा कि यार उस दिन दिखा तो दी थी अब क्या करोगे.

मनु बोला कि भैया वो फोटुस ऐसी हैं कि एक बार क्या कई बार देखने पर भी मन नही भरता.क्यों मम्मी मैं सही कह रहा हूँ ना,रमण भैया ने आपको हर ऐंगल से शूट किया है,आप लग भी जबरदस्त सेक्सी रही हो.

अब तो आरती क्या बोल सकती थी,वो बोली कि क्या सच मे उस दिन मैं तुमको इतनी पसंद आ रही थी.

मनु बोला और नही तो क्या,अगर आप मेरी मा नही होती तो आप को बताता कि आप मुझे कैसी लग रही थी.

आरती सब समझ रही थी,और वो बात को आगे नही ले जाना चाहती थी,नही तो पता नही मनु क्या-2 बोल सकता था,इसलिए वो चुप ही रही.

पर यहाँ से रमण ने बात को आगे बढ़ाया,और बोला कि यार तुम बताओ तो सही.हमे भी तो पता चले कि तुम क्या कह रहे हो.

 


मनु कुछ नही बोला और आरती की दूसरी तरफ आ कर बैठ गया और कहा कि वो भी फोटुस फिर से देखगा.

आरती अब दोनो के बीच सॅंडविच बनी हुई थी,और दोनो जनो के लंड आरती के जिस्म की गर्मी और गरमा गरम फोटो देख कर फूले हुए थे.

तीनो जने फोटो देख रहे थे,पर रमण के हाथ थोड़ी-2 हरकतें भी कर रहे थे,पर मनु के साथ मे बाते होने के कारण कुछ कह नही पा रही थी.पर रमण और मनु तो आपस मे मिले हुए ही थे ,उनको कोई प्राब्लम ही नही थी.

कुछ फोटुस के बाद एक फोटो मे आरती की क्लीवेज़ ज़्यादा नज़र आ रही थी,उसको देख कर मनु बोला कि माँ देखो आप क्या खूब लग रही हो,आरती एकदम से लाल हो गयी.पर बोली कुछ नही.

ऐसे ही मनु और रमण आरती की अलग -2 फोटुस के बारे मे बातें कर रहे थे,पर आरती ज़्यादा रिप्लाइ नही कर रही थी,ये बात रमण समझ गया,कि मनु के कारण आरती ज़्यादा नही बोल रही,तो वो बोला कि ठीक है अब मे चलता हूँ और ये सब की सब फोटुस मैं मनु तुम्हे मैनल कर दूँगा.

मनु ने कहा कि ठीक है भैया.

अगले दिन रमण ने मनु को आरती की फोटुस वाला फोल्डर मैनल कर दिया,पर उसके साथ-2 रमण ने कुछ मेच्यूर औरतो की सेक्सी फोटुस और कुछ सेक्सी कहानियो के लिंक यानी राजशर्मास्टॉरीज भी मैनल मे थे.

मनु ने जब मैनल खोली तो उसने अपनी मम्मी की फोटो के साथ उन फोटुस को भी देखा,उसका लंड तो एकदम तन-तना गया,उसने अपने लंड को बैठाने की कोशिस की तो वो और ज़्यादा बढ़ने लगा,फिर मनु ने वो कहानी वाला राजशर्मास्टॉरीज का लिंक खोला उन कहानियो मे मेच्यूर शादी शुदा औरते अपने किसी जान पहचान वाले से मज़े लेती हैं ,उन कहानियो को पढ़ कर तो मनु का हाल बहुत बुरा हो गया,अब उसको मूठ मारने की ज़रूरत महसूस हो रही थी,उसने पहले जा कर अपने कमरे का दरवाजा अच्छी तरह से बंद किया,फिर आ कर अपनी पॅंट नीचे करके अपना फॅन-फनाता हुआ लंड बाहर निकाला,पर जैसे ही उसने उसको हाथ लगाया ,उसको अपने लंड मे दर्द सा महसूस हुआ,फिर भी उसने अपने लंड को आगे पीछे करना शुरू किया,मनु कहानी पढ़ता जा रहा था और मूठ मारता जा रहा था,तभी अचानक उसके हाथ से पता नही क्या हुआ और वो पेज तो हट गया और उसकी मम्मी की सेक्सी फोटो उसकी आँखों के सामने आ गयी,इस टाइम तक मनु का लंड इतना तन चुका था कि अब उसके लिए रुकना मुश्किल था,और अपनी मा को इस सेक्सी फोटो मे देख कर तो वो और पागल हो गया और अपनी मा को ही अपने ख़यालों मे अपने लंड के नीचे ले कर चोदने लगा और आरती के नाम की ही मूठ मारने लगा,वो देख रहा था कि उस मा उसके लंड को अपनी चूत मे ले रही है,और वो अपनी मा को चोदे जा रहा है,उसका मज़ा इस ख़याल से ही बढ़ गया और उसको ज़्यादा मज़ा आने लगा,और मनु के लंड ने पानी छोड़ दिया,वो एकदम पानी निकलते ही अपने आप को हल्का महसूस करने लगा,मनु का हाथ अपने लंड से निकले हुए पानी से चिप चिपा हो रहा था,पर उसकी इतनी हिम्मत नही हो रही थी,कि वो उठे और हाथ को धो ले.वो वैसी ही हालत मे वहीं पड़ा रहा,जब उसका खुमार पूरा उतर गया तब उसको सामने स्क्रीन पर अपनी मम्मी की फोटो देख कर ध्यान आया कि उसने अपनी मा के नाम की मूठ मारी है,वो दिल ही दिल मे अपने आप पर गुस्सा हुआ,कि ये उसने क्या किया.

फिर वो उठा और जा कर बाथरूम मे अपना हाथ और लंड धो कर आया,वापिस आ कर उसने पहले सामने की स्क्रीन से अपनी मा की फोटो को हटा दिया,पर उसके दिल मे हलचल तो हो ही गयी थी.

फिर मनु कहानी को दुबारा से खोलता है और पढ़ना शुरू करता है,तभी उसे ख़याल आता है कि अगर वो इस साइट के होम पेज पर जा कर और कहानी पढ़े तो.मनु जो साइट के होम पर जाता है वो साइट राजशर्मास्टॉरीजडॉटकॉम थी,वहाँ पर उसको और बहुत से लिंक मिलते हैं,वो वहाँ पर इन्सेस्ट स्टोरीस वाला लिंक खोलता है,वहाँ पर तो घर मे ही आपस मे चुदाइ की कहानी भरी हुई थी,वो एक कहानी पर क्लिक करता है जिसमे कि मा और बेटे की चुदाई की कहानी थी,उस कहानी को पढ़ कर उसका लंड तुरंत फिर से तनाव मे आने लगता है,और वो कहानी पढ़ते-2 कहानी मे लड़के की जगह खुद को और मा की जगह अपनी मम्मी आरती को इमॅजिन करने लगता है,अब तो मनु को कहानी का मज़ा और भी बढ़ जाता है,एक दो बार तो वो इस ख़याल को अपने दिमाग़ से झटकने की कोशिस करता है,पर जब भी वो ऐसा करता है तभी वो ख़याल और ज़्यादा तेज़ी से उसके दिमाग़ मे घर करने लगता है,वो कहानी पढ़ कर हैरान है कि कैसे एक सगा बेटा अपनी ही सग़ी मा को चोद सकता है,पर फिर उसका दिमाग़ ही जवाब देता है कि जिसकी मा उसकी मा आरती जैसी सेक्सी औरत हो वो तो आपनी मा चोदे बिना रह ही नही सकता.

 


मनु सोचता है कि क्या वो भी ऐसे ही अपनी मा को चोद सकता है,पर उसको कोई रास्ता समझ मे नही आता,तब बस वो ख़यालों मे ही आपनी मा की चूत मे अपना लंड डाल-2 कर उसकी चुदाई करता रहता है,तभी मनु का लंड दूसरी बार पानी छोड़ देता है.

इस बार वो आराम से उठ कर अपने आप को साफ करता है और बिस्तेर पर जा कर लेट जाता है,और अपनी आखें बंद कर लेता है,पर आँखें बंद करते ही आरती आ कर उसकी आँखों के सामने खड़ी हो जाती है,वो आँखें खोल देता है,पर कमरे मे तो कोई भी नही है,अब मनु का दिल नही मानता,और वो फिर आ कर अपना लॅपटॉप ऑन करता है और फिर से वो ही साइट ओपन करता है,इस बार कहानी दूसरी है ,पर है मा और बेटे की चुदाई की ही कहानी,इस कहानी मे मा को बेटा और उसका दोस्त दोनो मिल कर चोदते हैं,अब तो गॅंग बॅंग के नाम पर मनु का लोड्‍ा फिर से खड़ा हो जाता है,पर उसके लंड मे बार-2 मूठ मारने से थोड़ा सा दर्द भी हो रहा है,पर कहानी के मज़े के सामने उसको इस बात की कोई परवाह नही है,अबकी बार तो मा की दोनो के साथ जम कर चुदाई हो रही है,वो वहाँ पर भी आरती को ले आता है और बेटे की जगह खुद को महसूस करता है,तब वो सोचता है कि तीसरा कौन होगा,तभी मनु के दिमाग़ मे आता है कि उसकी मा को तो रमण फसाना ही चाह रहा है ,तो तीसरा बंदा रमण इमॅजिन करता है,अब तो मज़ा ही बढ़ जाता है,जब मनु और रमण दोनो मिल कर आरती को चोद रहे हैं तो मनु के मज़े का कोई ठिकाना नही है.

अचानक से मनु के दिमाग़ मे एक बात कोंधती है कि क्यों ना रमण उसकी मा को जल्दी से फसा ले और इस काम मे वो रमण की मदद कर ही रहा है,और जैसे रमण कह रहा था कि मनु जब उसकी मदद करेगा तो बदले मे भी कुछ करेगा,तो वो प्रिया के साथ और मौका दिलवा देंगे.

वो सोचता है कि प्रिया की तो मिल ही चुकी है,उसके लिए तो मौके आते ही रहेंगे,पर अगर वो अपनी मा को फसाने मे रमण की मदद के बदले मे रमण से अपनी मा को चोदने का जुगाड़ करने को कहेगा,तो रमण शायद मना नही करेगा,और उसको भी एक और चूत मिल जाएगी,वो भी घर मे ही,उसका जब दिल चाहेगा अपनी मा को चोद सकेगा,और जब आरती उसके साथ होगी तो प्रिया को भी जब मर्ज़ी घर पर ला कर चोदा जा सकेगा.

अब तो मनु का हाथ अपने लंड पर और ज़्यादा तेज़ी से चलने लगता है,पर क्यूंकी उसका लंड अभी थोड़ी देर पहले ही 2 बार झाड़ा था इसलिए उसका पानी ही नही निकल रहा था,पर जब से उसके दिमाग़ मे रमण के साथ मिल कर अपनी मा की चूत को बजाने का ख़याल आया था ,उसका लंड झड़ने को तैयार हो रहा था,और तभी मनु का पानी फिर से निकल गया

आज शाम को मनु तीन बार झाड़ चुका था,पर उसका दिल था कि मान ही नही रहा था,अब वो क्या करे वो यही सोच रहा था.कैसे करके वो ये बात रमण से कहे,हालाँकि रमण तो खुद ही उसकी मा को फाँसना चाह रहा है,और इस काम मे उसकी मदद भी ले रहा है,पर उसके बदले मे वो मनु को प्रिया की चूत मारने के लिए जगह का बढ़िया जुगाड़ करने का वादा उसने किया है,पर अब वो अपनी मा की चूत को उस काम के बदले मे मारना चाह रहा था.

पर अब मनु ने सोच लिया था कि वो कैसे भी करके रमण से अपनी मा की चूत मारने का जुगाड़ करेगा.

ये सोच कर मनु के दिल को तसल्ली मिल गयी.

मनु अब अपने कमरे से बाहर आया ,तो उसने देखा कि उसकी मा ने नाइटी पहन रखी थी,और वो खाना बना रही थी,उसको आज अपनी मा हर दिन के मुक़ाबले ज़्यादा सेक्सी लग रही थी,पर वो ज़्यादा कुछ नही कर सकता था ,कारण कि उसका बाप घर पर ही था.

इस समय उसकी कोई भी हरकत उसको मुसीबत मे डाल सकती थी,इसलिए वो बस दूर से ही अपनी माँ को निहार रहा था,पर ऐसे कि उसकी नज़रे अपनी मा की नाइटी को फाड़ कर अपनी मा के सेक्सी जिस्म का एक्स्रे कर रही थी,तभी आरती की नज़र मनु पर पड़ी और उसने मनु को आवाज़ दी और अपने पास बुलाया.

आरती ने कहा कि आज वो स्कूल से आने के बाद कहाँ था,और क्या कर रहा था,मनु एकदम से अपनी मा के सवाल से हड़बड़ा गया,कि क्या जवाब दे.

फिर उसने सोच समझ कर जवाब दिया कि एग्ज़ॅम्स नज़दीक आ रहे हैं और आज रमण भैया ने नही आना था तो वो स्टडीस कर रहा था,ये सुन कर आरती बहुत खुश हुई और मनु का गाल प्यार से थप-थपाया.

 


मनु को अपनी मा के हाथों का स्पर्श अपने गाल पर बहुत ही अछा लगा,फिर आरती ने टेबल पर खाना लगा दिया,और मनु को कहा कि वो और उसके पापा खाने के लिए खाने की टेबल पर आ जाए.

मनु अपने पापा को ले कर टेबल पर आ गया,और वो सब खाना खाने लगे,फिर अरविंद ने मनु से कहा कि मनु बेटे तुम्हारी स्टडी कैसे चल रही है,मनु ने कहा कि पापा बढ़िया चल रही है,रमण भैया के पढ़ाने का स्टाइल बहुत ही बढ़िया है,और इस बार के एग्ज़ॅम्स मे आपको फर्स्ट आ कर दिखाउन्गा.

अरविंद मनु की ये बात सुन कर बहुत खुस हुआ,फिर बोला कि आरती देखो रमण हमसे मनु की ट्यूशन के बदले मे कोई ट्यूशन फीस नही लेता,और फिर भी मनु की पढ़ाई पर इतना ध्यान देता है,इसलिए तुम भी उसका पूरा-2 ख़याल रखा करो,हमारे यहाँ उसको किसी भी किसम की तकलीफ़ नही होनी चाहिए.

मैने रमण को कई बार फीस के लिए कहा है पर वो सुनता ही नही,ना ही ऑफीस मे उसका बाप रमेश कुछ बताता है,इस कारण हमारा फ़र्ज़ है कि उसका अच्छी तरह से ध्यान रखे,वैसे मैने उसको फीस ना लेने के कारण कई बार अलग-2 गिफ्ट्स दिए हैं ,पर उसका पॅशन ऐसा है कि कहना ही क्या.

आरती बोली कि आपको फिकर करने की कोई ज़रूरत नही है,मैं रमण का और उसकी ज़रूरतो का ध्यान रखती हूँ,और वो जब भी आता है उसको बिना नाश्ता किए जाने नही देती,इसलिए आप को फिकर करने की ज़रूरत नही है,फिर मैं भी देख रही हूँ कि रमण हमारे मनु की पढ़ाई का इतना ध्यान रख रहा है ,तो ये तो हमारा फ़र्ज़ है ही.

मनु आपने मा बाप की ऐसी बातें सुन कर बहुत खुस हुआ,इसका ये मतलब है कि अब उसके पिता जी को तो रमण पर पूरा भरोसा है ही,और उसकी मा भी रमण से बहुत इंप्रेस है,अब रमण और वो मिल कर आरती को आसानी से फँसा सकते हैं.

अगले दिन मनु जब स्कूल से घर आया तब उसने देखा कि आज उसकी मम्मी ने एक बहुत ही मॉर्डन ड्रेस पहनी हुई थी,तब वो अपनी मम्मी से बोला कि मम्मी आज आप कहीं जा रहे हो क्या.

आरती-नही मुझे तो कहीं नही जाना,पर तूने ये क्यों पूछा.

मनु-आप ने आज बहुत नयी ड्रेस पहनी हुई है और मेकप भी किया है,इसलिए मुझे लगा कि आप कहीं बाहर जा रहे हो.

आरती बोली वो तो वैसे ही आज मैने सोचा कि तुम लोग रोज मेरे पीछे पड़े रहते हो कि मे मॉर्डन ड्रेस मे ज़्यादा अच्छी लगती हूँ,और परसो भी तुम लोग ही इन्सिस्ट कर रहे थे कि मैं घर मे वो ड्रेसस क्यों नही पहनती,तो मैने सोचा कि आज तुमको सर्प्राइज़ दिया जाए.

मनु ताड़ गया कि आज तो उसकी मा उन दोनो जनो पर बिजलियाँ गिराने वाली है.

आरती आगे बोली कि अगर तुमको मेरा ये ड्रेस पहन-ना अछा नही लगा तो मैं बदल लेती हूँ.

मनु जल्दी से बोला कि ऐसी कोई बात नही है मा,मैं तो आपको इस ड्रेस मे देख कर बहुत खुस हूँ,और मुझे मालूम है कि रमण भैया भी जब आपको इस रूप मे देखेंगे तो बहुत ही खुस होंगे.आप इन कपड़ों मे बहुत सुंदर लग रही हो.

आरती बोली बस-2 तुम्हे और कोई काम नही है क्या?

मनु ने कहा कि आप तो हमेशा ऐसे ही कहती हो,चलो मैं आपको आपकी रमण भैया ने जो फोटुस दोनो बार खींची हैं दिखाता हूँ.

आरती ने कहा कि वो तो मैने देख रखी हैं.

मनु-अर्रे मे आपको वो फोटुस अपने लॅपटॉप पर लार्ज करके दिखाता हूँ,मोबाइल के मुक़ाबले कंप्यूटर की बड़ी स्क्रीन पर आप क्या खूब लग रही हो.

ये कह कर मनु अपना लॅपटॉप वहीं सोफे पर ले आया,और फिर उसने वो फोल्डर खोले जो रमण ने उसको भेजे थे.पर वो पहले ही उसमे से दूसरी फोटो हटा चुका था.

 


अब दोनो मा बेटे सोफे पर साथ-2 बैठ कर फोटुस देखने लगे,वो इतनी चतुराई से खींची गयी थी कि उन फोटुस मे आरती अपने कम कपड़ों से भी और कम मे नज़र आ रही थी.

ये देख कर आरती शरमा रही थी,वो बोली कि मनु अब बस करो.

मनु बोला क्या मा आप इतनी सुन्दर हो ये तो मुझे रमण भैया की फोटोग्रफी से ही पता चला.आप तो बिकुल हेरोइन की तरह लग रही हो.आप को देख कर मेरा भी दिल आप पर आ रहा है.

आरती बोली धत ,कुछ तो शरम करो,मैं तुम्हारी मा हूँ.

मनु-ये ही तो पंगा है,कि आप मेरी मा हो.

वो दोनो जने इन बातों मे लगे हुए थे कि दरवाजे की घंटी बजी,मनु बोला लगता है कि रमण भैया आ गये हैं.

आरती ने कहा कि तुम गेट खोलो मैं आती हूँ.

मनु ने कहा कि मम्मी आप ही खोलो ना आप को इस ड्रेस मे देख कर रमण भैया भी खुस होंगे.

आरती ने जा कर गेट खोला,तो गेट पर ही रमण का तो मूह खुल का खुल रह गया आरती लग ही ऐसी रही थी.

आरती ने कहा कि अब अंदर नही आना क्या?

रमण को जैसे एकदम से होश आया,और वो अंदर आ गया.मनु रमण की शकल देखे जा रहा था,वो बोला कि भैया क्या हुआ आपको?

रमण उसके पास गया और धीरे से बोला कि यार मनु ये आज तुम्हारी मम्मी को क्या हुआ है,कहींजा रही है क्या?

मनु ने कहा कि आपको भी शॉक लगा ना,ऐसे ही मुझे लगा था,जब मे स्कूल से आया,मैने पूछा तो बोली कि तुम ही लोग कहते हो कि ऐसे बनके रहने पर मैं अच्छी लगती हूँ,इसलिए मैं तो तुम्हे खुस करने के लिए ये कपड़े पहन कर तैयार हुई थी.

रमण ने कहा वो तो बहुत बढ़िया बात है.

तभी आरती नाश्ता ले कर आ गयी,और बोली कि रमण कैसे हो?

रमण ने कहा कि भाभी जी मेरे पर तो आज बिजली ही गिर गयी है,अब मैं कैसा हो सकता हूँ.

ये सुन कर आरती हँसने लगी और बोली कि अब बस भी करो ऐसी तो मैं कुछ खास भी नही लग रही.

रमण ने कहा कि ये तो देखने वाले से पूछो कि आप क्या लग रही हो.क्यों मनु?

मनु कुछ नही बोला

फिर उन लोगों ने नाश्ता किया और फिर मनु और रमण मनु के रूम मे पढ़ाई के लिए आ गये.

रूम मे आ कर रमण ने मनु से कहा कि तुम्हारी माँ तो बहुत चेंज हो गयी है.

मनु बोला कि हां भैया मुझे भी ऐसा ही लग रहा है,कि वो आपमे इंटरेस्ट ले रही हैं,पर मेरे सामने शायद कुछ नही बोल पा रही.

रमण ने कहा कि तुम्हे मेरी मैनल मिल गयी थी क्या?

मनु ने कहा कि वो तो कल ही मिल गयी थी,मे अभी वो फोटुस ही अपनी मम्मी को दिखा रहा था.

रमण ने कहा कि सारी दिखा दी क्या ?

मनु-अर्रे नही भैया मुझे भी पता है कि क्या दिखना है और क्या छुपाना है.

रमण ने कहा कि फिर भाभी जी ने क्या कहा .

मनु-वो तो कुछ नही बोली पर चहरे से लग रहा था कि वो फोटुस उनको भी बहुत पसंद आई हैं.

रमण ने कहा तो फिर ठीक है,अब मैं अपनी फ्रेंडशिप वाली बात तुम्हारी माँ से कर सकता हूँ.

 


मनु बोला देख लो भैया कहीं गड़बड़ ना हो जाए,वैसे तो कल ही पापा मम्मी को कह रहे थे कि वो आपका पूरा ध्यान रखे.

रमण ने कहा ये तो और भी बढ़िया है.वैसे भी मुझे लग रहा है कि अब कोशिस करने पर तुम्हारी मम्मी मेरे साथ फँस सकती है.अब तो बस मोका देख कर बात करनी है.फिर रमण मनु को पढ़ा कर चला गया.

रमण के जाने के बाद आरती ने मनु से कहा कि तुम्हारे सर कुछ कह रहे थे क्या?

मनु ने कहा नही तो वो कुछ भी नही बोले.

आरती ये सुन कर बहुत मायूस हो गयी,ये मनु ने भी नोट किया.

फिर उसने रमण को फोन पर ये सारी बाते बता दी.

अगली बार जब रमण ट्यूशन के लिए आया तो उस दिन आरती ने सिंपल नाइटी ही पहन रखी थी,रमण ने कहा कि भाभी जी आज क्या हुआ आज आप तैयार नही हुई,आरती ने कहा ऐसी कोई बात नही है वो तो बस ऐसे ही है.

रमण ने कहा कि भाभी जी मनु कहाँ है वो बोली कि अपने रूम मे पढ़ रहा है,तब रमण बोला कि भाभी जी आप बुरा मत मान-ना उस दिन आप गजब की सेक्सी लग रही थी,पर मे मनु के सामने ज़्यादा कुछ नही बोला,पर आज मैं आप के लिए पिक्चर की 2 टिकेट लाया था,आप चलेंगी मेरे साथ मूवी देखने .

आरती मन ही मन खुश हो गयी,पर बोली कि मैं कैसे जा सकती हूँ,मनु क्या सोचेगा.

रमण ने कहा कि उसकी आप चिंता मत करो मैं उसको समझा दूँगा.

फिर रमण मनु के पास उसके रूम मे गया और सारी बाते उसको बता दी और बोला कि अब मैं और तुम्हारी मम्मी मूवी देखने जा रहे हैं तुम पीछे से सब संभाल लेना.

आरती अपने रूम मे थी तभी रमण ने गेट पर नॉक की तो उसने पूछा कि कौन है,

रमण ने कहा कि मैं हूँ और मनु को मैने कह दिया है,आप रेडी हो जाओ.

आरती ने कहा कि हम लोग आएँगे कब तक क्यूंकी मनु के पापा भी आने वाले होंगे तो अच्छा नही होगा.

रमण ने कहा कि तो फिर ऐसा करते हैं कि कल चलते हैं ,तो जल्दी चल कर जल्दी आ जाएँगे.

आरती ने कहा हां ये ठीक रहेगा,तो रमण बोला कि ठीक है मैं 1 बजे आप को पिक अप कर लूँगा आप तैयार रहना,और कोई बढ़िया सी ड्रेस पहन कर रखना.

ये कह कर रमण मनु के पास आ गया,और मनु को उसकी मा से हुई बातों के बारे मे बताया.मनु ने कहा कि भैया आपकी तो सेट्टिंग हो गयी,अब आगे क्या करना है.

रमण ने कहा कि करना क्या है,अब कल मैं तुम्हारी मम्मी को तुम्हारी ही बाइक पर मूवी दिखाने ले जाउन्गा,तुम्हारा क्या ख़याल है सही रहेगा ना.

मनु ने कहा हां ये तो बहुत बढ़िया रहेगा.

 


रमण तो फिर ठीक है मैं चलता हूँ और कल मिलते हैं.

अगले दिन आरती सुबह से ही बहुत एक्शिटेड थी,आज वो रमण के साथ मूवी देखने जाने वाली थी,ये बात मनु को तो पता थी,पर उसके बाप अरविंद को पता नही था कि उसकी बीवी आज उसको बताए बिना किसी और के साथ मूवी देखने के लिए जाने वाली है.

मनु ने अपनी मम्मी से मूवी देखने के बारे मे कोई बात नही की वो अपनी मा को जताना नही चाहता था,कि उसको पता है कि आज वो रमण के साथ बाहर जा रही है,फिर वो तैयार हो कर अपने स्कूल चला गया.

अरविंद भी रेडी हो कर और ब्रेकफास्ट करके ऑफीस के लिए निकल जाता है.

अब उन सबके जाने के बाद आरती का हाल खराब हो जाता है,वो मन ही मन सोचती है कि उसको रमण के साथ जाना चाहिए या नही अगर किसी ने देख लिया तो क्या होगा?और वो रमण के साथ जा ही क्यों रही है?

अब तो आरती का दिल अज्जीब सी कशमकश मे फँस गया था कि वो करे तो क्या करे?कल तो उस टाइम जब रमण ने उसको पिक्चर के लिए पूछा था ,तब वो बहुत गरम थी और उस टाइम तो उसने हां कर दिया था पर अब आरती का दिल बहुत घबरा रहा था,और वो सोच रही थी कि रमण को मना कर दे या कोई बहाना बना दे.

ये सब सोच कर आरती ने हिम्मत करके रमण को उसके मोबाइल पर फोन मिलाया,जैसे ही रमण ने फोन उठाया और हेलो बोला आरती की ज़ुबान फिर एक बार बंद हो गयी कि वो रमण को क्या बोले?

फिर रमण ने दुबारा हेलो कहा और पूछ कौन है ,भाभी जी आप हैं क्या दूसरी तरफ या मनु ?

अब आरती ने कहा कि हां वो बोल रही है,ऐसा था कि आज उसको अपनी तबीयत कुछ अच्छी नही लग रही,इसलिए वो आज उसके साथ जो मूवी देखने जाने वाली थी वो नही जा पाएगी.

ये सुन कर रमण के अरमानो पर तो एकदम से पानी फिर गया,कहाँ तो उसने क्या-2 सपने देख रखे थे कि आज पिक्चर देखते हुए वो आरती के साथ क्या -2 मस्ती करेगा ,कहाँ सारे का सारा प्रोग्राम ही कॅन्सल होने वाला है,अब वो क्या करे?

फिर रमण ने हिम्मत करके आरती से पूछ कि भाभी जी आपकी तबीयत को हुआ क्या है,ज़्यादा कोई दिक्कत है तो मैं आ जाता हूँ और आपको डॉक्टर के पास ले चलता हूँ.

 


आरती ने कहा कि नही ऐसी कोई बात नही है,बस सिर मे कुछ दर्द सा महसूस हो रहा है और शरीर भी कुछ गिरा-2 लग रहा है,इसलिए ये प्रोग्राम किसी और दिन के लिए रख लेते हैं,प्लीज़. आप बुरा मत मान-ना.किसी और दिन चलते हैं.

ये कह कर आरती ने फोन काट दिया,अब रमण जो सुबह से बहुत ही जॉली मूड मे था उसका तो एकदम से फ्यूज़ ही उड़ गया,कहाँ तो उसने प्लानिंग कर रखी थी कि आज मर्डर-2 की टिकेट्स ला रखी हैं,वहाँ पर आरती जो कि किसी सेक्सी ड्रेस मे होगी,उसको र्थोड़ा सा गरम करेगा और फिर उसकी सोई हुई भावनाए जो कि मनु के सामने होने के कारण बाहर नही आती थी उनको भड़काएगा और उस-से मज़े लेगा,ज़्यादा नही तो आज वो आरती के मम्मे तो दबाएगा ही,और फिर जब मनु की मोटरसाइकल पर उसको ले जाएगा तो बार-2 ब्रेक लगा कर उसके मम्मे फील करेगा,तो आरती भी थोड़ा और ज़्यादा खुल जाएगी,फिर आगे बढ़ने के लिए रास्ता बन जाएगा.

पर उसके सारे अरमानो पर पानी पड़ गया था,अब तो आरती को फँसाने के लिए दुबारा से कोई और चारा लगाना पड़ेगा,है तो वो भो तैयार पर पता नही कहाँ पर क्या अटक रहा है?पता नही कैसे ऐसे ही केएलपीडी होती रहेगी.

ये सोच कर रमण ने सोचा कि अब की बार मनु को भी प्लान मे खुल कर कोई रोल देना होगा,जिस-से कि आरती की जीझक भी ख़तम हो जाए और जैसे वो और मनु खुल गये हैं वैसे ही वो और आरती भी खुल जाएँ

अब रमण ने सोचा कि आगे जो भी करना है वो पूरी तरह से प्लॅनिंग करके ही करेगा,ऐसे जल्दी मे कोई भी कदम उठाने से बनी हुई बात बिगड़ सकती है,आज ट्यूशन ना होने के बावजूद उसने मनु से मिलने की तैयारी कर ली ,ताकि वो उस-से बात करके आगे क्या करना है ये तय करेगा,जिस से कि आज जो हुआ है वो आगे फिर कभी ना हो.

ये सब सोच कर उसने मनु को उसके मोबाइल पर आज जो हुआ वो एसएमएस के द्वारा बता दिया,और स्कूल के बाद मिलने का भी लिखा.

मनु स्कूल से सीधा घर गया,घर पर उसने अपनी मा को कहा कि रमण भैया आज भी ट्यूशन के लिए आएँगे.कोई लेसन रह गया था जो कि कल क्लास टेस्ट के लिए ज़रूरी है.

ये सुन कर आरती जो कि इतमीनान से बैठी थी उसको एक झटका लगा ,क्यूंकी वो तो सोच रही थी कि आज के दिन तो उसको रमण का सामना नही करना पड़ेगा,क्यूंकी आज तो मनु की क्लास ही नही है,अब आरती सोचने लगी कि रमण का सामना कैसे करेगी,और क्या कहेगी कि उसने उसके साथ जाने के लिए क्यों मना किया,अब तो आरती फिर एक कशमकश मे पड़ गयी.

ये बात मनु भी भाँप गया,पर वो बोला कुछ नही,वो चाहता था कि पहले पूरी बात का पता रमण से चले फिर आगे क्या करना है ये सोचा जाएगा.

चाहता तो मनु ये था कि उसकी मा जल्दी से जल्दी रमण के साथ सेट हो जाए जिस-से कि मनु को भी कुछ तो प्रिया के साथ मस्ती करने का मौका मिले ही और सबसे बड़ी बात है कि उसका खुद का दिल आज कल अपनी मा पर फिदा था और वो ये चाहता था कि रमण तो उसकी मा से मज़े ले ही ,वो भी अपनी मा की चूत मार सके.

आल कल तो ये हाल था कि आरती कोई भी आउटफिट पहनती थी,अगर उसमे उसकी थोड़ी सी भी क्लीवेज़ नज़र आती थी तो उसी टाइम मनु का लंड अपनी मा की चूत के नाम पर सलामी देने लगता था.वो अब अपनी मम्मी को सेक्स की नज़र से देखने लगा था,और उसके नाम की मूठ मारने लगा था.

आरती आज के दिन रमण का सामना नही करना चाहती थी ,इसलिए वो जल्दी से रेडी हो कर मनु से कहती है कि आज वो अपनी एक सहेली के यहाँ जा रही है.

मनु तो सब समझ रहा था कि आरती मनु का सामना नही करना चाहती है इसलिए वो यहाँ से जा रही है,पर ये उसके लिए भी अच्छा था ,क्यूंकी उसके ना होने पर वो दोनो आपस मे आराम से बाते कर सकते थे,और आगे के प्लान के बारे मे सोच सकते थे.

 


आरती के घर से जाने के कुछ ही देर के बाद रमण आ गया,उसने आते ही मनु से पूछा कि उसकी मम्मी कहाँ है,तब मनु ने बताया कि वो तो अपनी किसी सहेली के यहाँ गयी है,रमण भी समझ गया कि आरती किसलिए गयी है.

अब आगे क्या करना है ये उन दोनो को ही सोचना था इसलिए वो दोनो अंदर आ गये.

तब मनु ने रमण से पूछा कि आज असल मे हुआ क्या था जो उसकी मम्मी उसके साथ जो मूवी देखने जाने वाली थी वो प्रोग्राम कैसे कॅन्सल हो गया.

रमण ने मनु को कहा कि ये तो पक्का उसको भी नही पता कि क्या हुआ ही ,उसके पास तो बस सुबह फोन आया कि आज उसकी मम्मी की तबीयत ठीक नही है,इसलिए वो उसके साथ मूवी देखने नही जा सकेगी,इसके आगे कोई बात ही नही हुई और आरती ने फोन रख दिया,अब वो आरती को फोर्स तो नही कर सकता था ना कि वो उसके साथ पिक्चर के लिए ज़रूर चले.

मनु ने कहा कि इसका मतलब है कि मम्मी अभी भी थोड़ा सा जीझक रही है और उनको थोड़ी सी घबराहट है कि क्या होगा इसलिए वो नही गयी.

तब रमण ने कहा कि ऐसा ही मुझे लग रहा है,पर यार अब आगे क्या करना है,ये बहुत सोच समझ कर करना है.

मनु ने कहा कि भैया आप ही कोई तरकीब सोचो मैं तो हर तरह से आपके साथ हूँ.

रमण ने कहा कि अभी तो मुझे कोई तरकीब नही सूझ रही पर आगे कुछ सूझा तो मैं बताउन्गा,तब तक हमे घर मे तुम्हारी मम्मी को ये फील नही होने देना है कि मुझे उनके फिल्म के लिए ना जाने से कोई गिला शिकवा है.

अगले दिन जब रमण ट्यूशन के लिए आया तब आरती घर पर ही थी,आज वो घर पर तो थी,पर रमण से नज़रे नही मिलाना चाह रही थी,जबकि रमण सब कुछ नॉर्मल ही शो कर रहा था.

तो जब रमण और मनु के लिए आरती नाश्ता ले कर गयी तब रमण ने आरती को कहा भाभी जी नमस्ते और आप की तबीयत कैसी है.

आरती ने कहा कि ठीक है,और वो बाहर आ गयी ,रमण भी आगे कुछ नही बोला.

ऐसे ही 2-3 हफ्ते निकल गये,अब आरती नॉर्मल हो गयी थी और रमण भी आरती से हाय हेलो करता रहता था,कि उसको कोई बात अज्जीब ना लगे.

तब रमण ने आरती को भी अपने साथ नाश्ते के लिए कहा और बोला कि भाभी जी आज तो आप भी हमारे साथ बैठ जाओ,आरती भी कुछ अलग ना लगे इसलिए वहाँ पर बैठ गयी और वो सब वहीं नाश्ता करने लगे.

इस तरह से लाइफ दुबारा से पटरी पर आ गयी थी,अब फिर से रमण आरती से मज़ाक करने लगा था,और मनु भी उनकी बातों मे शामिल होता ही था,अब आरती ने दुबारा से कुछ भड़कीले कपड़े पहन-ने शुरू कर दिए थे,उसको ये तो पता ही था कि रमण की उस पर नज़र है,इस बात का वो भरपूर मज़ा लेती थी,पर मनु के कारण थोड़ा खुल नही पाती थी.

तब एक दिन अरविंद को ऑफीस के काम से 2-3 दिन के लिए टूर पर जाना था,और दिन भी थर्स्डे था,तो मनु ने ये बात रमण को बता ही दी थी.

रमण जब ट्यूशन के लिए आया तब उसने वैसे ही पढ़ाई के बीच आरती से बाते की और मनु से कहा कि यार आज कल काफ़ी दिन हो गये कही बाहर जा कर पार्टी वागरह किए हुए.

मनु ने कहा कि भैया पढ़ाई से टाइम ही नही मिल रहा,तो फिर क्या करें.ऐसा करते हैं कि सॅटर्डे को पापा यहाँ नही हैं कही मूवी के लिए चलते हैं.

रमण ने तब कहा कि ये भी ठीक है,तब उसने कहा कि भाभी जी आप भी चलोगि क्या परसूं रात को मूवी देख कर आते हैं,बहुत दिन हो गये हैं अब तो.

 
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