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मा की मस्ती compleet

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आरती ने कहा कि नही वो नही आएगी,उसका मन नही कर रहा कहीं बाहर जाने का.

तब एकदम से मनु ने कहा कि भैया जब मम्मी बाहर नही जाना चाहती तो क्यों ना यहीं घर पर ही रात को मूवी देखें और यहीं पर डिन्नर करें ,पापा तो होंगे नही तो हम सब यहीं पर सॅटर्डे नाइट एंजाय करते हैं ना.

रमण ने कहा कि यार ये तो वोंडरफुल्ल आइडिया है,पर तुम्हारी मम्मी को कोई एतराज़ नही होना चाहिए ,वैसे भी हम उनकी बात तो मान ही रहे हैं,तो आप क्या कहती हो भाभी जी फिर सॅटर्डे की रात बाहर ना जा कर यहीं पर एंजाय करें.

आरती ने कहा कि इसमे उसको कोई एतराज़ नही है,वो तो उनको बाहर जाने से भी मना नही कर रही अगर वो लोग कहीं बाहर जाना चाहते हैं तो जा सकते हैं.

रमण ने कहा कि ऐसे नही चलेगा भाभी जी जब हम यहाँ घर पर ही मूवी और डिन्नर का प्रोग्राम रख रहे हैं तो आप को भी शामिल होना ही होगा तभी मज़ा आएगा.

फिर मनु ने भी कहा कि हां मम्मी जब हम सब यहाँ पर ही मज़े करेंगे तो आप को तो शामिल होना ही है.और वो अपनी मम्मी से ज़िद करने लगा.

तब आरती ने कहा कि ठीक है जब तुम लोगों की यही इच्छा है तो कोई बात नही.

ये सुनते ही मनु खुस हो गया.

खुस तो रमण उस-से भी ज़्यादा था पर दिखा नही रहा था.

अब ये तय हो गया कि वो लोग शनिवार की शाम को ही मूवी देखेंगे और डिन्नर ऑर्डर करके घर पर ही डिन्नर भी कर लेंगे.

अगले दिन रमण ने मनु को ये ज़िमेदारी दी कि वो अपनी मा को कहे कि रात के टाइम वो कोई बढ़िया और सेक्सी ड्रेस पहने पर उसको राज़ी कैसे करना है ये काम मनु को ही करना था.

अब सारी ज़िमेदारी मनु पर आ गयी थी,कि वो कैसे अपनी मा को हॅंडेल करता है और परसों रात को क्या होता है?

अगला सारा दिन मनु इसी टेंशन मे रहा कि मम्मी को कैसे राज़ी करूँ कि वो कुछ सेक्सी स्टफ पहन कर उन लोगों की शाम का मज़ा दुगना कर दें,वो इसी सोच मे था कि मा को कैसे रेडी करे ,तभी उसे एक तरकीब सूझी कि क्यों ना मा को पहले कि पार्टी की फोटुस दुबारा से दिखाई जाएँ जिस-से कि वो कुछ तो फ्री महसूस करे,तब उसने अपना लॅपटॉप निकाला और ड्रॉयिंग रूम मे जहाँ उसकी मम्मी बैठी थी वहीं आ कर बैठ गया और वो फोटुस देखने लगा.

आरती की नज़र जैसे ही अपनी फोटुस पर पड़ी वो बोली कि मनु ये तुम क्या देख रहे हो?

मनु बोला कि कुछ खास नही मम्मी वो रमण भैया ने जो आपकी फोटुस खींची थी,उन सब को मॅनेज कर रहा था,आप भी देख लो एक बार फिर से.

आरती वहाँ पर आके उसके साथ बैठ गयी,तब मनु ने वो फोल्डर खोला जिसमे कि उसकी मा की कुछ सेक्सी तरीके की फोटुस थी,जो कि रमण ने ली थी.

आरती उन फोटुस को देख कर एकदम से लाल हो रही थी,ये मनु भी देख रहा था,इसलिए वो बोला कि मम्मी आप इन सब ड्रेसस मे क्या कमाल लगती हो आप इनको फिर से पहना करो ना.

आरती ने कहा कि वो तो उस दिन पार्टी मे रमण ने कहा तो पहन ली थी,वैसे वो ऐसे ड्रेसस कभी-2 ही पहनती है.

मनु ने कहा कि ये सब आप के उपर बहुत सूट करती हैं और इनको पहन कर आप बहुत सुंदर भी तो लगती हो.

आरती ने कहा कि ठीक है अब कभी ऐसे मौके पर पहन लेगी.

 


मनु यही तो चाहता था,वो तुरंत बोला कि कल शाम को जब रमण भैया आएँगे तब आप ऐसी ही कोई बढ़िया आउटफिट पहन-ना.

आरती ने कहा कि नही घर पर इस ड्रेस का क्या काम.ये तो किसी पार्टी वगेरह मे ही अच्छी लगती हैं.

मनु-तो वो ही तो है कल हमारे घर पर ही है,पर है तो पार्टी ही जिसमे मे आप और रमण भैया शामिल होंगे,और रमण भैया को भी अच्छा लगे-गा .

आरती ने कहा कि ऐसा रमण ने कब कहा.

मनु-वो तो हमेशा ही कहते हैं कि आप बहुत सुंदर हैं,और वो आपको पसंद भी करते हैं.

आरती-मनु ये तुम क्या कह रहे हो,ये ठीक नही है.

मनु-इसमे क्या बुरा है,वो तो आपसे सिर्फ़ दोस्ती ही करना कहते हैं,और कुछ नही कहते.उस दिन भी आप जब वादा करके उनके साथ मूवी देखने नही गयी तो उनको कितना बुरा लगा था,आपको पता भी है.

आरती-ये तो मुझे भी पाया है कि मैं उसको वादा करके उसके साथ नही गयी,तो रमण को बुरा तो लगा ही होगा,पर मेने सोचा कि जब तुम्हे ये पता चलेगा कि मे रमण के साथ अकेले मे मूवी देखने गयी हूँ ,तो तुम क्या सोचोगे.

मनु-इसमे सोचने की क्या बात है,मैं भी तो अपने दोस्तों के साथ मूवी देखने जाता हूँ.

आरती-पर ये अलग है,ऐसे में अगर तुम्हारे पिता जी को पता चल गया तो क्या होगा.

मनु-अरे वो खुद बाहर क्या-2 करते हैं आपको बताते हैं क्या,फिर जब उनको बाहर मस्ती करने का हक़ है तो आपको क्यूँ नही.

आरती-तो तुम्हे मेरे रमण के साथ मूवी जाने के बारे मे सब पता था,और तुम्हे कोई एतराज़ नही था.

मनु-आरे वो तो रमण भैया ने मुझे बता ही दिया था,और फिर मैने कहा ना कि अगर आप को कहीं किसी के साथ कोई ख़ुसी मिलती है तो इसमे मुझे क्या एतराज़ होगा.

आरती-मुझे लगा कि तुमको बुरा लगेगा और तुम अपने पिता जी से कह दोगे इसलिए मेने पिक्चर का प्रोग्राम कॅन्सल कर दिया था.

मनु-आरे मा अब तो आपको पता चल गया कि मुझे आप की किसी बात से कोई प्राब्लम नही है तो फिर आप क्यूँ घबरा रही हो,और अब इसी बात पर प्लीज़. कल शाम को कोई बढ़िया सी ड्रेस पहन लेना कि रमण भैया की आपसे नाराज़गी भी दूर हो जाए,और आपको भी अच्छा लगे

ये सब बातें सुन कर आरती के दिल मे एक हलचल सी मच गयी,अब उसको मालूम था कि उसके बेटे मनु को भी उसकी और रमण की दोस्ती से कोई एतराज़ नही है,बल्कि वो तो खुद कह रहा है कि आरती को भी अपनी ख़ुसी के लिए थोड़ी सी आज़ादी लेनी चाहिए,और वो खुद कह रहा है कि वो और रमण दोस्ती कर लें तो फिर वो भी आगे बढ़ सकती है.

अब आरती इस टेंशन से मुक्त थी कि मनु क्या सोचगा,अब तो वो खुद कल शाम का इंतेज़ार कर रही थी,कल के लिए क्या तैयारी करनी है और क्या-2 घर मे चाहिए वो बस ये ही सोच रही थी.

और आरती ने सोच लिया था कि वो अब रमण को पहले से ज़्यादा लिफ्ट देगी,इसलिए कल पहन-ने के लिए कोई बढ़िया आउटफिट भी चाहिए,जिसमे कि उसका बेटा मनु भी बुरा ना फील करे और वो रमण को भी खुश और टिस्स कर सके.

अगले दिन रमण सही ट्यूशन के टाइम पर मनु के यहाँ पहुँच गया,मनु ने रमण को देखते ही कहा कि भैया आप जल्दी नही आ गये.

रमण ने कहा कि नही पहले हम रोज़ अपने टाइम पर जो ट्यूशन होती है उसकी पढ़ाई करेंगे और उसके बाद शाम को एंजाय्मेंट का प्रोग्राम एंजाय करेंगे.

ये सुन कर मनु ने कहा कि ये ठीक नही है,आज तो छुट्टी होनी चाहिए थी,पर तभी आरती बोली जो उन दोनो की बातें सुन रही थी कि रमण ये तुम सही कह रहे हो पहले पढ़ाई के टाइम पढ़ाई फिर बाद मे दूसरे सब काम.

आरती ने अभी तो दिन मे पहन-ने वाली नाइटी ही पहनी हुई थी,क्यूंकी वो भी रमण को इतनी जल्दी आना एक्सपेक्ट नही कर रही थी,और वो सोच रही थी कि रमण तो शाम को ही आएगा तभी चेंज कर लेगी,पर रमण का ये बिहेवियर उसके दिल को छू गया कि जब पढ़ाई करनी है तब और कोई काम नही करना ,इस-से उसके दिल मे रमण के प्रति और ज़्यादा आकर्षण उत्पन्न हो गया.

 


रमण और मनु रूम मे आ गये,मनु बोला ये क्या भैया आप भी ना सारा मूड खराब कर देते हो,

रमण ने कहा कि यार तुम समझोगे नही ये जो औरतें होती हैं ना और वो भी खास कर वो जब ये देखती हैं कि आदमी इतना सिंकेयर है तो वो बहुत खुस हो जाती हैं,तुमने देखा नही मेरी ये बात सुन कर कि पहले पढ़ाई फिर और काम ,तुम्हारी मम्मी कितनी खुस हो गयी.

चलो अब वो सब छोड़ो और बताओ कि कल क्या प्रोग्रेस हुई,तुम्हारी मम्मी से कोई बात हुई या नही.

मनु ने कहा कि मेरी बात तो हुई है मम्मी से पर मे आप को बताने नही वाला,जो भी बात हुई है उसका मतलब आपको बाद मे समझ आ जाएगा,आप इंतेज़ार करो

वैसे आज देखने के लिए आप कौन सी मूवी लाए हो?

रमण ने कहा कि वही है जो उस दिन देखने जाने वाले थे,मर्डर-2

मनु बोला -वाउ ये ही मूवी तो मुझे भी देखनी थी.

रमण-पर अगर तुम्हारी मम्मी रेडी ही नही हुई तो फिर मूवी का क्या मज़ा आएगा.

मनु ने कहा वेट आंड वाच

तभी आरती उनके रूम मे नाश्ता ले कर आ गयी,तो वो दोनो चुप हो गये.

आरती नाश्ता दे कर चली गयी,तब रमण ने कहा कि आज की पढ़ाई कर लें फिर मूवी देखते हैं,

मनु बोला ओके.

इधर आरती उन लोगों को नाश्ता देने के बाद अपने रूम मे आ गयी,फिर उसने सोचा कि अब कपड़े चेंज कर लेने चाहिए,पर क्या पहन-ना है वो ये डिसाइड नही कर पा रही थी,फिर उसने एक ड्रेस निकाली जिसमे कि बदन छुपने के साथ-2 दिखाई भी देता था,बल्कि छुपाने से ज़्यादा दिखाई ही देता था,और साथ मे रेड कलर की ब्रा और पैंटी भी निकाली,फिर वो शवर ले कर आई और थोड़ा सा मेकप करके तैयार हो गयी.

इस बीच रमण और मनु भी पढ़ाई से फारिग हो गये,तब रमण ने कहा कि यार मनु तुम तो कह रहे थे वेट आंड वाच उसका क्या हुआ.

मनु बोला अभी तो वेट ही किया है थोड़ी देर मे वाच भी कर लेना.

अब वो दोनो ड्रॉयिंग रूम मे आ गये,रमण ने डीवीडी निकाल कर मनु को दी वो बोला की पहले कुछ कोल्ड ड्रिंक वागरेह पी लेते हैं.

उसने आवाज़ लगाई मम्मी हमारे लिए कोल्ड ड्रिंक लाना,जब आरती कोल्ड ड्रिंक ले कर रूम मे आई तो रमण की आँखे तो खुली रह ही गयी मनु का भी लोड्‍ा खड़ा हो गया,आज आरती इन कपड़ों मे गजब की हसीन लग रही थी,और जवानी उसके शरीर से टपक रही थी,रमण तो आरती का ये रूप देख कर पलक झपकाना ही भूल गया,और उसका मूह खुला का खुला रह गया.

उधर यही हाल कुछ-2 मनु का भी था,वो तो अपनी मा को इस सेक्सी रूप मे देख कर खुस हो गया.

आरती उन दोनो का ये हॉल देख कर एकदम से झेंप सी गयी,पर मन ही मन बहुत खुस भी हुई और अपनी सुंदरता पर बहुत खुस हुई.

फिर जब उसने देखा कि ये दोनो तो एकदम ऐसे हो गये हैं कि कोई आवाज़ ही नही निकाल रहे तो उसने ही कहा कि कोल्ड्ड्रिंक नही पीनी क्या?तब उन दोनो की तंद्रा टूटी,और बोले क्यों नही .

फिर आरती भी वहीं बैठ गयी,रमण तो उसको ही देखे जा रहा था,वो बोला कि भाभी जी आप भी हर बार कोई ना कोई नया ही रूप ले कर आती हो,

आरती ने कहा कि क्या हुआ,

रमण ने कहा की क्या नही हुआ,आज तो आप गजब ढा रही हो,ऐसे ही अगर आप मेरे सामने आती रही तो मेरा क्या होगा.

मनु ने भी कहा कि हां मा आज आप बहुत सुंदर लग रही हो.

आरती-अब तुम दोनो मेरी तारीफ ही करते रहोगे या कुछ लोगे भी.और अब क्या प्रोग्राम है ये भी तो बताओ.

रमण बोला कि प्रोग्राम तो वो ही है,भाभी जी जो उस दिन डिसाइड किया था पहले यहीं पर मूवी देखते हैं फिर यहाँ पर ही डिन्नर मॅंगा कर डिन्नर करेंगे.

आरती ने कहा की ठीक है फिर मूवी तो लगाओ.

रमण ने मनु को कहा कि यार अब पिक्चर शुरू करो.

आरती बोली कि तुम लोग पिक्चर लगाओ,मैं तब तक कुछ स्नॅक्स ले आती हूँ,

रमण नेकहा हां ये ठीक रहेगा,चलो मे भी आप के साथ चलता हूँ,और वो भी खड़ा हो गया और आरती के साथ किचेन मे आ गया.

आरती ने कहा कि तुमको आने की क्या ज़रूरत थी मैं ला तो रही थी,रमण बोला कि वो बात नही है,मैं मनु के सामने बोलना नही चाह रहा था,आज आप को देख कर मेरे दिल मे कुछ-2 हो रहा है,आप इतनी सुन्दर लग रही हो कि मेरा दिल कर रहा है कि आप को चूम लूँ.

आरती ये सुन कर एकदम से शर्मा गयी,और उसके गाल पर लाली आ गयी,वो बोली धत्त ये तुम क्या कह रहे हो.

रमण ने कहा कि वही कह रहा हूँ जो मेरे दिल ने मुझे कहने को कहा,अब तो मुझ से सबर ही नही हो रहा था,इसलिए आपके पीछे यहाँ पर आया हूँ,कि मनु के सामने आप को भी शरम आएगी.

आरती- आरे नही ऐसी कोई कोशिस भी मत करना,

 


रमण बोला अब ये नही हो सकता और उसने आरती को अपनी बाहों मे जाकड़ लिया,आरती उसकी पकड़ से निकलने की नाकाम कोशिस करने लगी,हालाँकि उसकी कोशिस मे बहुत ज़्यादा दम भी नही था.

फिर रमण ने अपने होंठ पहले तो आरती के गालों पर रख दिए फिर वहाँ से हटा कर दूसरे गाल पर रख दिए और आरती के दोनो गालों की चूमि ले कर आरती को छोड़ दिया,आरती एकदम सकपका गयी,उसे उम्मीद नही थी कि रमण इतना आगे बढ़ कर उसको ऐसे ही छोड़ देगा.

तभी रमण फिर से आगे बढ़ा और इस बार आरती को अपनी बाहों मे ले कर अपने होंठ उसके नरम और नज़ूक होंठों पर रख दिए,फिर कुछ देर तक ऐसे ही किस करने के बाद एकदम से आरती को वहीं किचेन मे छोड़ कर बाहर आ गया.

रमण के इस अप्रायाशित किस से आरती एकदम हाकी-बक्की रह गयी,फिर जब उसको अहसास हुआ कि रमण ने आज उसके लबों पर किस किया है,तो वो एकदम से शरम के मारे लाल हो गयी,फिर आरती ने अपने कपड़े ठीक किए और स्नॅक्स ले कर बाहर आ गयी,बाहर जैसे ही उसकी नज़र रमण से मिली रमण ने अपनी एक आँख मारी तो आरती जल्दी से दूसरी तरफ देखने लगी ,फिर उसने चोर निगाहो से मनु की तरफ देखा कि वो देख तो नही रहा,पेर वो नही देख रहा था,तो उसको कुछ सुकून मिला.

अब वो 3नो वहीं पर बैठ गये पिक्चर शुरू हो गयी थी,पर आरती के दिल मे अलग ही उथल-पुथल मची हुई थी कि आज जो रमण ने उसको किस किया है ,इसका आगे क्या परिणाम होगा,फिर उसने सोचा कि मनु को तो कोई एतराज़ ही नही है,और उसको एतराज़ नही है और अरविंद को कोई बताएगा नही तो आरती के दिल को कुछ सुकून मिला.

पिक्चर जब मर्डर जैसे हॉट हो और उसमे जॅक्वलिन फर्नॅंडेज़ जैसी हॉट हेरोयिन के एमरान के साथ हॉट-2 सीन हों तो मज़ा तो आ ही जाता है,ये देख कर रमण का और मनु का लंड उनकी पॅंट मे तंबू बन गया था और आरती की साँसे भी कुछ तेज़ चलने लगी थी.

कुछ ही देर मे मूवी ख़तम भी हो गयी पर उसका एफेक्ट उन सभी पर था,तब मनु ने कहा कि मैं खाना ऑर्डर कर देता हूँ,वो कुछ देर मे आ जाएगा.

रमण बोला कि यार तब तक 1-1 बियर ही हो जाए ,मनु ने कहा पर घर पर तो बियर है नही,यहाँ तो सिर्फ़ विस्की ही है,रमण ने कहा कि मे लाया हूँ ना कार मे रखी हैं और वो अपनी कार से 6 बोतल बियर की निकाल लाया.

तब मनु ने कहा कि ये ठंडी तो नही हैं,मम्मी आप इनको फ्रीज़र मे रख दो जल्दी ठंडी हो जाएँगी.

आरती बोली वो तो ठीक है पर ये इतनी सारी किस लिए ,रमण ने कहा कि आप ठंडी तो करो ,ज़रूरी नही है कि सारी ही पी जाए.आरती वो बीटल फ्रीज़र मे रख आती है,तब तक मनु खाने का ऑर्डर कर देता है.

तब रमण बोला कि यार तब तक 1-1 पेग ही हो जाए,मनु बोला कि वो तो ठीक है पर मम्मी मना कर देगी,आप ही कहो,तब तक आरती रूम मे आ गयी थी रमण बोला कि भाभी जी जब तक ये ठंडी होती है 1-1 पेग ले लें क्या?

आरती ने कहा कि नही यहाँ पर विस्की नही पी जाएगी,

रमण बोला कि सिर्फ़ 1-1 ही लेंगे वो भी छोटा-2 ,आज तो कम से कम हमारी बात मान लीजिए.तब आरती ने कहा कि ठीक है पर बिल्कुल स्माल ही लेना.

 


फिर आरती अरविंद की विस्की की बोतल निकाल कर लाती है तब तक मनु भी 3 ग्लास ले आता है,आरती 3 ग्लास देख कर बोली कि ये 3 ग्लास क्यों लाए हो?मनु ने कहा की आप नही लोगि क्या.

आरती-नही मैं ये नही लूँगी,तब रमण ने कहा कि ठीक है फिर कोई भी ये नही लेगा आप वो बोतल ही निकाल लाओ अब तो कुछ ठंडी हो गयी होंगी,आरती बोली कि हां ये ठीक है,फिर वो पहले कुछ स्नॅक्स लाई,और फिर वो बियर भी ले आई

इस बीच मनु ने टेबल पर सब कुछ अरेंज कर के रख दिया,जब आरती वापिस आई तो रमण ने कहा कि भाभी जी अब बियर पीने मे तो आपको कोई एतराज़ नही है ना.

आरती बोली ऐसी तो कोई बात नही है तुम लोगों का साथ देने के लिए मे भी थोड़ी सी ले ही लोंगी.

ये सुन कर रमण ने कहा कि ठीक है मैं आप के लिए भी डालता हूँ,और फिर तीनो जने धीरे-2 बियर के साथ स्नॅक्स लेने लगे,पर इस चुप्पी को मनु ने तोड़ा और बोला कि रमण भैया मूवी बड़ी अच्छी थी,हेरोयिन तो जबरदस्त लग रही थी.

रमण ने कहा कि कहाँ यार भाभी जी के आगे तो वो हेरोयिन पानी भरती है,आज जिस रूप मे भाभी जी हैं उनके आगे वो क्या लगती है,क्यों मैं सही कह रहा हूँ ना.

ये सुन कर मनु ने कहा कि हां भैया आज तो मम्मी भी किसी भी हेरोयिन को मात दे रही है,आरती जो अभी तक ये सब सुन रही थी अब बोली कि ये तुम लोग क्या फालतू की बाते कर रहे हो ,मूवी के बीच मे मैं कहाँ से आ गयी.

रमण बोला कि सच मे भाभी जी ये हेरोयिन क्या चीज़ हैं, ऐसी हेरोयिन आपकी नेतुरल खूबसूरती के आगे पानी भरती हैं.अगर आप भी इनकी तरह से आउटफिट्स पहनो ना तो आप इनसे कहीं ज़्यादा स्मार्ट और सेक्सी लगोगी.

आरती आरे बस-2 ये कुछ ज़्यादा ही हो रहा है.

मनु-नही मम्मी रमण भैया सही कह रहे हैं,आप भी ऐसी ड्रेसस ले आओ और पहनो तो आप इन सब से ज़्यादा सेक्सी लगोगी.

आरती हट बदमाश तू भी आज कल बहुत बोलने लग गया है.

इतने मे रमण ने कहा कि अब मग खाली हो गये आप बाकी की बोतल भी ले आओ.आरती उधर बियर लेने गयी ,इधर रमण ने सबके मग्स मे थोड़ी-2 विस्की डाल दी,जब आरती बोलल्स ले आई तो उसने जल्दी से उसी विस्की मे बियर भी मिला दी.

फिर ड्रिंक्स का नया दौर शुरू हो गया,रमण ने कहा कि भाभी जी आज आप ने हमे कंपनी दे कर जो हमारे उपर अहसान किया है,मैं बता नही सकता.आप के साथ बैठ कर मूवी देखने मे बहुत मज़ा आ या.

आरती सब समझ रही थी कि रमण कौन्से मज़े की बात कर रहा है,वैसे आज उसको भी रमण के यूँ किस करने से जो अनुभूति हुई थी,उसका जवाब नही था,और वो इसीलिए अब भी वहीं बैठी थी.

रमण ने बात एक बार फिर मूवी की तरफ मोड़ दी और कहा कि आज कल हेरोयिन इतनी सुंदर नही होती सारा कमाल तो मेकप का ही होता है,और रही सही कसर कपड़े पूरी कर देते हैं.

मनु -आप बात तो सही कह रहे हो भैया.आप क्या कहती हो मम्मी?

आरती-मैं क्या कहूँगी तुम लोग जो कह रहे हो सही है.

रमण -तो आप भी मानती हैं ना कि अगर आप भी ऐसे ही मेकप करेंगी और ऐसे ही कपड़े पहनेंगी तो आप इन से ज़्यादा सुन्दर लगेंगी.

अब आरती पर तोड़ा -2 शराब का सुरूर चढ़ने लगा था और फिर अपनी सुंदरता के बारे मे किसी से भी सुन-ना किस औरत को अच्छा नही लगता,आरती बोली कि शायद ऐसा ही हो.

रमण-तो फिर ये तय रहा कि आगे से आप घर पर ऐसे ही सुंदर बन कर ही रहेंगी,मनु देख लो अब भाभी जी ने तुम्हारे सामने हामी भरी है,अब ये मना नही कर सकती.

मनु-हां मा आप अब ऐसे ही आउटफिट पहना करो,बल्कि मे तो कहूँगा कि ये शुरुआत आप अभी से करो.

रमण-सही बात है,आप अभी कोई ऐसा आउटफिट पहन कर आओ जो इस फिल्म की हेरोयिन से मिलता हो.

आरती अब तक कुछ-2 मस्ती मे आ ही गयी थी,वो बोली कि तुम लोग सही कह रहे हो मैं कोई इन हेरोइनो से कम थोड़ी हूँ,मैं भी इतनी सेक्सी लग सकती हूँ,मैं अभी आती हूँ कपड़े बदल कर.

 


आरती वहाँ से निकल कर अपने रूम मे आ गयी,आज वो बहुत खुस थी,और थोड़ी नशे मे भी थी,इसलिए रूम मे आते ही उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए,अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी मे थी,उसने फिर अपनी आल्मिरा मे से ड्रेस देखनी शुरू की,वहाँ पर बहुत सारी वेस्टर्न ड्रेसस थी जो बहुत सुंदर-2 थी,पर उनमे से एक भी अल्ट्रा मॉडर्न नही थी,जैसे कि फिल्म की हेरोयिन ने पहनी थी,फिर वो अपने उन कपड़ों मे देखने लगी जो पुराने थे,उनमे उसे एक मिक्री मिनी स्कर्ट और बॉब्बी स्टाइल टॉप नज़र आया,जिसकी स्लीव्स नही थी,उसने वो निकाल लिया पर अब जब वो टॉप पहनने लगी तो वो उसको फँस ही नही रहा था,फिर उसने किसी तरह से पहन लिया हालाँकि वो बहुत छोटा था और उसमे उसके मम्मे समा नही रहे थे,पर अब दूसरी प्राब्लम शुरू हो गयी,उसमे से उसकी ब्रा पूरी ही नज़र आ रही थी,और उस ड्रेस की शो खराब कर रही थी,अब वो क्या करे,तो उसने वो टॉप उतार दिया पर कोई और ड्रेस नही मिल रही थी,इसलिए पहन-ना तो कुछ था ही तब एक ही उपाय था कि वो अपनी ब्रा उतार दे तो आरती ने अपनी ब्रा भी निकाल दी ,ब्रा के निकलते ही उसके मोटे-2 चुचे एकदम से जैसे जॅंगल से कबूतर निकलते हैं,ऐसे बाहर आ गये.

अब आरती ने वो टॉप दुबारा पहन लिया,अब तो वो उस टॉप मे ऐसे लग रही थी कि कोई फिल्मी हेरोयिन भी क्या होगी,और उपर से ब्रा ना होने की वजह से उसकी मोटी-2 चुचियाँ तो टॉप को फाड़ कर बाहर आने को उतारू थी,वैसे भी कुछ तो शराब का नशा और कुछ वासना के नशे के कारण उसकी चुचियाँ और भी ज़्यादा फूल गयी थी.

अब आरती ने वो मिक्री मिनी स्कर्ट डाली,तो वो तो बिल्कुल जानदार माल नज़र आ रही थी,फिर उसने अपने आप को शीशे मे देखा तो जो प्राब्लम टॉप के साथ थी वो ही स्कर्ट के साथ भी थी,पर टॉप के लिए तो उसने ब्रा ही उतार दी थी,पर अब अगर वो स्कर्ट जिसमे से उसकी पैंटी बाहर नज़र आ रही थी वो पैंटी हटा ती है तो उसकी चूत ज़रा सा झुकने पर ही खुल कर नज़र आ सकती थी,उसने सोचा कि पहले ट्राइ करती हूँ कि पैंटी हटाने से कैसा लगता है,पर जैसे ही पैंटी हटाई गजब हो गया अब तो वो बिल्कुल ही नंगी लग रही थी,फिर उसने वहाँ पर उसी आल्मिरा मे देखना शुरू किया तो उसको वहाँ पर ही एक बहुत छोटी और पुरानी पैंटी मिल गयी जो कि स्कीन कलर की भी थी,उसने सोचा कि ये ट्राइ कर लेनी चाहिए,जब वो पहनी तो वो उसको ठीक लगी,अब आरती ने अपने उपर थोड़ा सा मेकप किया और फिर अपने आप को दुबारा शीशे मे देखा तो एक बार तो वो खुद ही अपने आप को नही पहचान पाई.

आरती ने जब खुद को शीसे मे देखा तो वो खुद को ही बहुत हॉट लग रही थी,वो अपने आप पर ही फिदा हो रही थी,फिर भी आरती ने अपनी ड्रेस के हिसाब से अपने आप को और भी बढ़िया तरह से मेकप किया,आज आरती अपने आप को जितनी सुंदर वो थी उस-से भी ज़्यादा खूबशूरत दिखाना चाह रही थी,वो सेक्सी ड्रेस के साथ-2 मेकप मे भी एक सेक्सी पुट ले आई.अब तो वो हवा मे उड़ रही थी,फिर जब उसको लगा कि अब बाहर चल कर उन दोनो लोगों को दिखाना चाहिए कि वो भी किसी भी सेक्सी हेरोयिन से कम नही है तो वो बाहर आ गयी ,और सीधे ही ड्रॉयिंग रूम मे पहुँच गयी,जहाँ वो दोनो ही बैठे थे और बियर चुसक रहे थे और आपस मे बातें भी कर रहे थे,

हालाँकि उनका टॉपिक लड़कियाँ ही था,वो आपस मे आज आरती के बारे मे ही बातें कर रहे थे,कि वो अब धीरे-2 उनके रंग मे रंग रही है,और मनु बता रहा था कि उसने कैसे अपनी माँ को आज को पार्टी को पूरी तरह से एंजाय करने के लिए तैयार किया था,मनु ने रमण को बताया कि अब उसकी माँ भी कह रही है कि कोई उसके साथ थोड़ा फ्लर्ट करे,और आज रमण के पास पूरा मौका है कि वो उसकी माँ के साथ फ्लर्ट करके उसको एंजाय कर सके.

रमण भी इस बात को समझ रहा था कि आज जैसा मौका फिर हाथ नही आने वाला,इसलिए वो भी तैयार था कि कैसे भी करके आज आरती से फुल मज़े ले ही लिए जाएँ ,इसलिए उसने मनु को बोल कर उसका हॅंडीकॅम और डिजिकम दोनो मंगवा लिए थे और उनको सॅट करके तैयार कर लिया था,आज रमण ने जो रिस्क आरती को किस करके लिया था अगर आज वो इस-से आगे नही बढ़ा तो ये मौका फिर उसको नही मिलने वाला था,ये रमण अच्छी तरह से जानता था,और फिर जब बेटा खुद अपनी मा को उस-से चुदवाने को तैयार है और माँ भी चुदने के लिए राज़ी है तो फिर उसकी तो पाँचो उंगलियाँ घी मे और लंड चूत मे घुसने को तैयार ही है.

 


आरती कमरे मे तो आ गयी पर वो दोनो तो अपने आप मे ही बीज़ी थे तब उसने आगे आ कर कहा कि अब बताओ तुम लोग कि मैं कैसे लग रही हूँ,वो दोनो आरती की आवाज़ सुन कर उसकी तरफ देखते हैं तो उन की ज़ुबान तो तालू से ही चिपक जाती है और मूह खुला रह जाता है साथ ही साथ आँखें जो हैं वो फॅट जाती हैं,इस टाइम उन दोनो की हालत देखने लायक थी वो दोनो तो आरती के इस सेक्सी रूप को देख कर हक्के बक्के ही हो जाते हैं .

जब वो दोनो कुछ भी नही बोलते और आरती को सिर्फ़ देखते ही रहते हैं तब आरती ने बोला कि क्या हुआ क्या मैं सुंदर नही लग रही,तब जा कर उन दोनो को होश आता है,तब रमण बोला कि आप तो सुंदर क्या पता नही उससे भी कही ज़्यादा लग रही हो,बल्कि आज तो आप आरती भाभी जी ही नही लग रही,किसी स्वर्ग लोक की अप्सरा की तरह से लग रही हो.

उधार मनु ने जब अपनी मा को इस सेक्सी रूप मे देखा तो उसका लंड एकदम से अपनी पॅंट मे खड़ा हो गया,उसको अपनी माँ के मोटे-2 मम्मे उसके टॉप से बिल्कुल ही बाहर नज़र आ रहे थे,उसका दिल कर रहा था कि इन मोटे-2 मम्मों को पकड़ के खूब दबाऊ और इनमे से दूध निकाल लूँ,पेर आरती क्यूंकी उसकी माँ थी इसलिए वो ऐसा कुछ नही कर सकता था,पर दिल की सोचों ने ही उसके लंड को खड़ा होने पर मजबूर कर दिया था.

मनु बोला कि मा अब तो तुम जॅक्वलिन फर्नॅंडेज़.से भी कहीं ज़्यादा सुंदर और शानदार लग रही हो,वो तो तुम्हारे इस रूप के आगे कुछ भी नही है.

रमण का लंड भी आरती को ऐसे सेक्सी और नंगे रूप मे देख कर खड़ा हो गया था,और उसको ये विश्वास भी हो गया था कि आज की रात तो आरती की चूत का स्वाद उसके लंड को ज़रूर मिल ही जाएगा.

तब मनु ने आगे बढ़ कर अपनी माँ का हाथ पकड़ लिया और फिर उसके गालों पर एक चुम्मा ले लिया,ये देख कर रमण बोला कि ये तुम ने क्या किया,तब मनु बोला कि माँ आज इतनी सुंदर लग रही है कि मैं आपने आप को उसकी चुम्मि लेने से नही रोक सका,तब रमण ने कहा कि सुंदर तो भाभी जी मुझे भी लग रही हैं तो क्या मैं भी उनकी चुम्मि ले सकता हूँ,आरती ये सुन कर शरमा गयी पर मनु बोला कि ये तो आपकी मर्ज़ी है,मुझे तो जैसा लगा मैने किया.

अब ये तो रमण को खुला निमंत्रण था कि वो आगे बढ़े और आरती को किस करे और वो ऐसे मौके खोता नही था,इसलिए जैसे ही मनु ने ये कहा वो आगे बढ़ा और उसने आरती को कस के पकड़ लिया और उसके गरमा गरम लाल-2 होठों पर अपने सुलगते हुए होठ रख दिए और उसको किस करने लगा,आरती भी एकदम से समझ नही पाई कि ये क्या हुआ पर जब तक उसको समझ आता तब तक रमण के होंठ उसके होंठों से चिपक गये थे और वो उनको चूसने लगा था,आरती को इसमे मज़ा तो आ रहा था पर क्यूंकी उसका बेटा मनु भी सामने बैठा था इसलिए वो अपने आप को छुड़ाने की कोशिस करने लगी पर रमण ने उसको अपनी मजबूत बाजुओ के घेरे मे ले रखा था इसलिए वो छूट नही पाई,तभी रमण ने अपने होंठ आरती के होठों से हटा लिए और उसको अपनी बाहों की क़ैद से आज़ाद कर दिया.

 


इधर जब रमण ने आरती को किस करना शुरू किया तो ये देख कर मनु का लोड्‍ा तो पॅंट को फाड़ कर बाहर आने को छटपटाने लगा ,तब उसका और कोई बस नही चला तो वो अपने हाथ को पॅंट के उपर से ही लंड पर ले गया और उसको सहलाने लगा,मनु को रमण के द्वारा अपनी माँ को किस करते हुए देखने मे बहुत मज़ा आ रहा था और वो कह रहा था कि रमण इससे भी ज़्यादा कुछ करे.

जब रमण आरती को पकड़ कर किस कर रहा था तब उसके हाथ भी आरती के जिस्म का मुआयना कर रहे थे,और उसको बड़ा ही मज़ा आ रहा था,और उसकी इस हरकत से आरती के जिस्म का तापमान भी बढ़ता जा रहा था,पर सारा कारण ये था कि मनु भी वहीं बैठा था और चाहे कितना भी खुलापन हो पर इतना नही था कि आरती अपने बेटे के सामने ही खुल कर अपना जिस्म किसी को भी सोन्प दे,इसलिए वो ज़्यादा कुछ भी नही कर रही थी.

तो जब रमण ने आरती को बंधन से आज़ाद कर दिया तो पहले तो आरती ने बहुत गहरी-2 साँसें ले कर अपने आप को व्यवस्थित किया,फिर वो सोचने लगी कि ये रमण ने उसके साथ क्या किया तो उसका चेहरा शरम से लाल गुलाबी हो गया,वो रमण से बोली कि ये तुमने क्या किया तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे ऐसे किस करने की.

तब रमण बोला कि वो तो जो उसके दिल मे था उसका इज़हार कर रहा था,यही बात तो मनु ने कही थी,इसलिए उसने वही किया जो उसको उसके दिल ने कहा,

आरती ये सुन कर चुप हो गयी ,मनु ने कहा कि मम्मी रमण भैया सही कह रहे हैं,

आरती बोली कि हां तुम दोनो ही सही हो,तुम दोनो ऐसे हरकतें करोगे तो मैं यहाँ से जा रही हूँ.

रमण-आरे भाभी जी आप तो नाराज़ हो रही हैं आप लग ही ऐसे रही थी कि मैं आपने आप को आपको किस करने से नही रोक सका,इसलिए ये हो गया आगे से ऐसा नही होगा,पर ये सच है कि मैं आज आपको देख कर आपने आप पर काबू नही रख पा रहा हूँ,अच्छा चलो इसी ख़ुसी मे एक एक पेग और हो जाए.मनु ने भी कहा कि हां आज मेरी मम्मी की जवानी की खुशी मे एक-2 और हो ही जाए.पर पहले ऐसा करते हैं कि अपने कैमरे से अपनी मा के इस नशीले रूप की कुछ फोटुस ही ले लो.मनु ने कहा कि हां ये ठीक है,मुझे भी याद रहेगा कि मेरी मम्मी इस उमर मे भी इतनी सेक्सी लग रही है,मैं फोटो लेता हूँ,ये कह कर उसने झट से अपना डिजिकम निकाला और अपनी मा की फोटुस लेने लगा,आरती को कुछ भी कहने और सुनने का मौका ही नही मिला.

आरती बोली कि नही अब और नही वैसे ही ज़्यादा हो गयी है,इसलिए ही तुम लोग ऐसी हरकतें कर रहे हो.

रमण और मनु एक साथ बोले कि नही ये शराब का नही आपके रूप का नशा है,जो कि हमारे उपर चढ़ गया था,अब एक-2 पग लेने से ये ठीक हो जाएगा.

मनु ने भी कहा कि प्लीज़ मम्मी मान जाओ आज आपकी इस सेक्सी सुंदरता के नाम ही एक जाम हो जाए.

इतना कहने पर आरती मान गयी और बोली कि बस एक ही और लेंगे,उसके बाद नही.

दोनो ने कहा कि ठीक है

दोनो की हालत इस टाइम बहुत ही टाइट हो रही थी,दोनो पूरी तरह से गरम थे,बल्कि दोनो नही तीनो ही आरती भी तो पूरी तरह से चदासि हो रही थी,उन दोनो के लंड तो बुरी तरह से तने ही हुए थे,साथ ही साथ आरती के मम्मे भी तने हुए ही थे और उसकी चूत से भी पानी टपक रहा था,इस टाइम उसकी चूत मे बहुत खुजली हो रही थी.

रमण ने जल्दी से तीन पेग बनाए और इस बार भी उसने चुपके से तीनो मे विस्की भी मिला दी थी,जिससे कि थोड़ा सुरूर और बढ़ जाए,और फिर उसने सबको कहा कि अपने -2 ग्लास ले लो तब आरती को उन दोनो ने अपने बीच मे बैठा लिया,

बैठने पर आरती की मिनी स्कर्ट और उपर को चढ़ गयी और उसकी स्किन कलर की छोटी सी पैंटी पूरी तरह से बाहर आ गयी,जिसमे की उसकी चूत भी नही छुप रही थी.फिर वो तीनो धीरे-2 ड्रिंक करने लगे,थोड़ी ही देर मे वो पेग ख़तम हो गया रमण ने बिना पूछे ही एक और पेग तैयार कर दिया,फिर नया दौर शुरू हो गया,अब तीनो का सुरूर बढ़ गया था,तभी रमण ने अपना हाथ आरती की नंगी जाँघ पर रख दिया और उसको धीरे-2 उपर को ले जाने लगा,आरती भी ये महसूस कर रही थी,पर उसको भी मज़ा आ रहा था,अब तो उसने अपने बेटे मनु की तरफ भी देखना उचित नही समझा,और वो भी मज़े लेने लगी,ये देख कर मनु भी अपनी मा से बिल्कुल सट गया,और वो भी अपनी मा के जिस्म की गर्मी को लेने लगा.

 
आरती रमण के हाथ फेरने पर बहुत गरम होती जा रही थी,और उसका नशा भी बढ़ता जा रहा था,जो कि शराब के साथ-2 वासना का भी था,रमण का हाथ अब सरकते-2 आरती की पैंटी तक पहुँच गया था,वो लोग आपस मे बातें भी किए जा रहे थे,

मनु ने कहा कि मम्मी आज तो अपने कमाल कर दिया आपने तो अच्छी- हीरोइनो को मात कर दिया,आपका ये ड्रेस तो बहुत ही स्टयूनिंग है.

रमण बोला कि हन भाभी जी आप को तो इस रूप मे देख कर मज़ा ही आ गया,तब तक रमण का हाथ आरती की पैंटी के बिल्कुल उपर पहुँच गया था,और वो उसको उपर से दबाने लगा था,अब आरती से सहन नही हो रहा था,तो उसने एक ज़ोर की आह भरी,उसके ऐसा करते ही रमण ने अपना हाथ आरती की पैंटी से हटा लिया.पर जब उसने देखा कि उस सिसकी के बाद आरती ने कुछ भी विरोध नही किया तो वो अपना हाथ फिर से आरती की जाँघ पर ले गया,

मनु ये सब देख रहा था,और मज़े ले रहा था,उसको अपनी मा के साथ रमण के सेडक्षन करने पर बहुत ही मज़ा आ रहा था,और इस कारण उसका लंड बहुत टाइट हो रहा था,और वो कह रहा था कि बात इस सब से आगे बढ़े,इसलिए वो देख कर भी अपनी मा के साथ जो हो रहा था उसको अनदेखा कर रहा था.

वैसे भी अब आरती और रमण इतना आगे बढ़ चुके थे कि अब पीछे लौटना मुश्किल था.उधर अब मनु से भी अपने आप पर कंट्रोल नही हो रहा था,पर आरती अभी शराब और वासना के नशे मे भी ये नही भूली थी कि उसका बेटा मनु भी यहीं है,और इस वजह से वो बहुत ज़्यादा उत्तेजना नही दिखा पा रही थी.

ये बात रमण को समझ आ गयी ,फिर उसने मनु को इशारा किया कि वो रूम से बाहर चला जाए जिस-से कि आरती भी खुल कर वासना का खेल खेल सके,मनु रमण का इशारा समझ गया और बोला कि मुझे तो अब नींद आ रही है,अब मैं तो अपने कमरे मे जा रहा हूँ,अभी आप लोग और मस्ती करना चाहो तो आपकी मर्ज़ी है,मैं तो सोने चला,ये कह कर मनु ने किसी की भी प्रतिक्रिया का इंतेज़ार किए बिना उठा और कमरे से बाहर चला गया.

मनु के बाहर जाते ही रमण का जो हाथ अभी तक आरती की जाँघ पर ही था वो वापस उपर की ओर चल पड़ा और धीरे-2 फिर से पैंटी पर पहुँच गया,और फिर रमण ने अपना दूसरा हाथ जिसमे कि ग्लास था ,ग्लास को टेबल पर रख कर खाली किया और आरती के कंधे पर से दूसरी तरफ ले जा कर उसके मम्मों पर रख दिया,मम्मे तो आरती के वैसे ही टॉप को फाड़ कर बाहर आने को तैयार थे ही ,रमण का हाथ जैसे ही उन पर रखा गया,वो और भी तेज़ी से उपर नीचे होने लगे,तब रमण ने आरती की पैंटी को एक साइड किया और अपनी उंगली सीधे ही बिना कोई मौका गँवाए उसके स्वर्ग द्वार मे डाल दी,

जैसे ही रमण की उंगली आरती की चूत मे घुसी आरती की एकदम से तेज़ सिसकियाँ निकालने लगी,पर उसको एक बार को होश भी आया कि वो ये क्या कर रही है,फिर आरती ने नज़र उठा कर कमरे मे दौड़ाई तो कमरे मे रमण और उसके अलावा और कोई नही था,इसका मतलब सॉफ था कि मनु कमरे से बाहर जा चुका था,और अब उसके लिए मैदान साफ था,तब उसने सोचा कि जब मनु को सब कुछ पता होने पर भी अपनी मा की रमण से चुदाई पर कोई एतराज़ नही है,तो फिर वो ही क्यों अपनी भावनाओं का गला घोंटे,इसलिए उसने भी सब कुछ भुला कर इस आनंद का मज़ा लेने की सोच ली,और अपनी आँखें बंद करके रमण की उंगली को अपनी चूत मे महसूस करने लगी.

उधर मनु भी साला पक्का मादरचोद था ,वो आज अपनी मा की चुदाई की ब्लू फिल्म लाइव ही अपनी आँखों से देखना चाहता था,इसलिए ही उसने ज़्यादा ड्रिंक भी नही की थी,और अपनी बियर मे विस्की मिलाने ही नही दी थी,जिस-से कि होश मे रहे और सारी फिल्म को अपने होश हवास मे रह कर अपनी आँखों से देख सके,तो इससे वो ज़्यादा नशे मे नही था,और बाहर से कमरे मे हो रहे सारे घटना क्रम को बहुत उत्सुकता से देख रहा था.अंदर जब रमण ने अपनी उंगली आरती की फुद्दि मे डाली तो आरती की सिसकियाँ तो निकली ही साथ ही साथ मनु के मूह से भी एक आह निकली,और उसे ऐसा लगा कि अब बर्दाश्त नही होगा अगर उसने अपने लंड को पॅंट से बाहर नही निकाला तो,इसलिए उसने अपनी पॅंट खोल कर नीचे कर दी और अपना लंड जो इतना कड़क हो गया था कि उसकी नसें भी उस पर चमक रही थी और दर्द भी कर रहा था अपने अंडर वेअर से बाहर निकाला,लंड पर हाथ रखते ही उसमे से एक दर्द की लहर उठी और फिर लंड ने अपना पानी निकाल दिया,जैसे ही लंड मे से पानी निकला उसका तनाव कुछ कम हुआ और उसमे दर्द भी कम हो गया,पर लंड पूरी तरह से बता नही,क्यूंकी लंड को भी मालूम था कि पिक्चर अभी बाकी है.

अंदर हाल ये था कि आरती की आँखें तो वासना की खुमारी मे बंद हो गयी थी और रमण के एक हाथ की उंगली उसकी चूत के अंदर घुस कर उसकी चूत का अंदर से मुआयना कर रही थी,और दूसरा हाथ जो कि आरती की चुचियों पर था अब वो टॉप के उपर से ही उसके मम्मों को बुरी तरह से दबा रहा था,आरती की मदहोशी भी बढ़ती जा रही थी,और वो अब वासना की आग मे पिघल रही थी,तभी रमण ने अपने होंठ आरती के नरम नाज़ुक होठों पर रख दिए और वो उनको चूसने लगा,आरती ने भी इस बार प्रतिक्रिया मे रमण के होठों को चूसना शुरू कर दिया,अब आरती पूरी तरह से जोश मे आ चुकी थी,और उसकी चूत मे खुजली बढ़ती जा रही थी.

अब रमण ने अपने दोनो हाथों से आरती के मम्मों को दबाना शुरू कर दिया था,और आरती ने भी अपने दोनो हाथ रमण के जिस्म पर फिराने शुरू कर दिए थे,अब दोनो जने डूब कर किस कर रहे थे,और दोनो की जिभें भी आपस मे एक दूसरे के साथ खेल रही थी,फिर दोनो अलग-2 हो गये और रमण ने आरती के टॉप को खींचना शुरू कर दिया आरती ने भी उसको सहयोग किया और अपने दोनो हाथ उपर कर दिए,जिस-से कि उसका टॉप उसके शरीर से अलग हो गया और उसकी गोल-2 मोटी-2 चुचियाँ एक दम से तन कर बाहर आ गयी ,उस समय ऐसा लग रहा था कि जैसे किसी ने उनमे हवा भर दी हो और वो 36 से 40 हो गयी हैं.

 


रमण आरती के मम्मे देखते ही उन पर टूट पड़ा और उनको फिर से बुरी तरह से हॉर्न की तरह से दबाने लगा,फिर उसने आगे बढ़ कर अपने होठ उसकी चुचियों पर रख दिए और वो उनको चूसने लगा,मम्मों की चुसाइ से आरती की आँखें और गुलाबी हो गयी,और वो मदहोशी मे अपना सिर इधर उधर पटकने लगी थी,अब उससे बर्दाश्त नही हो रहा था,और वो कह रही थी कि रमण उसको बुरी तरह से रोन्द दे,और उसको मसल कर उसकी चूत को फाड़ दे,अब उसके अरमान जो उसने छुपा रखे थे वो पूरी तरह से भड़क गये थे,उसका पति घर पर नही था और बेटा उसको खुद ही चुदवाने के लिए मौका दे कर वहाँ से चला गया था,तो वो हर तरह से आज़ाद थी,अपनी मन की इच्छा को पूरा करने के लिए.

उसने रमण का सर अपनी चुचियों से हटा कर उसको नीचे की तरफ धकेला तो रमण समझ गया कि अब आरती क्या चाह रही है

रमण को जब आरती नीचे की तरफ धकेलने लगी तो रमण ने आरती के मम्मों को चूसना छोड़ दिया और नीचे हो कर अपना मूह पैंटी के उपर से ही आरती की चूत पर रख दिया,आरती की चूत की महक ने एक बार तो रमण को इतना मदहोश कर दिया कि उसके होश ही उड़ गये और वो बेहोश सा हो गया,तब आरती ने उसका सिर पकड़ कर तेज़ी से अपनी चूत पर दबाया तब वो वापस होश मे आया,फिर उसने अपने हाथ आगे कर के पहले उसकी पैंटी के कपड़े को हल्का सा साइड किया और उसकी चूत की महक को अपनी नाक से सूंघने लगा,आरती से अब सबर नही हो रहा था,और वो चाह रही थी कि रमण उसकी चूत को चूसे चाटे और खा जाए,तो जब रमण सिर्फ़ उसकी चूत की महक ही ले रहा था,तब आरती का सबर जवाब देने लगा और उसने रमण को बोला कि ये तुम क्या कर रहे हो मेरे अंदर आग लगी हुई है,और मेरी ....... आह सुलग रही है,इसका कुछ करो.

रमण बोला इसका ही तो इलाज़ करना है पर इसमे से जो महक आ रही है,वो ही मुझे इतना मदहोश कर रही है कि मेरा दिल उसको छोड़ ही नही रहा ,और मैं इसको सिर्फ़ सूँघे ही जा रहा हूँ.

आरती बोली अब इसको सूंघना छोड़ो और इसको चूसो और खा जाओ.

रमण-किसको

आरती आरे इसी को जिसको सूंघ रहे हो.

रमण -भाभी जी जब आप मेरे साथ यहाँ तक आ गयी हैं तो अब शरमाना छोड़ो और इसको-2 मत करो इसका नाम लो ये क्या है.

आरती- अर्रे साले जब तू नाम ही सुन-ना चाहता है तो सुन ,साले तो मेरी चूत को चूस ले ,और चूत को खा जा यही मेरे से सुनना चाहता है ना तू.

रमण -ये हुई ना बात अब आप जब मुझे ऐसे बोलेंगी तो मेरी क्या मज़ाल है कि मैं आप को तृप्त ना करूँ.

ये कह कर रमण ने आरती को वहीं पर सोफे पर ही लिटा दिया और फिर उसी पैंटी को उतारने लगा,आरती ने भी अपने चूतड़ उँचे करके अपनी पैंटी उतारने मे उसकी मदद की,और आरती की पैंटी जैसे-2 नीचे जा रही थी वैसे-2 आरती की सुंदर चूत रमण के सामने आती जा रही थी

जैसे ही आरती की पैंटी चूत के नीचे आई,रमण की आँखों ने झपकना बंद कर दिया,आरती की चिकनी चूत देख कर वो सब कुछ भूल गया,आरती ने आज ही अपनी चूत के बाल साफ किए थे,क्यूंकी वो खुद ही अपनी चूत कुटवाना चाहती थी,ये उसकी छुपी हुई इच्छा थी,इसलिए उसने चूत को खूब चिकना किया हुआ था,और जब इतनी चिकनी मक्खन जैसी चूत रमण के सामने आई तो वो अपने होशो हवाश खो बैठा,आज उसका इतने दिन का सपना जो पूरा होने जा रहा था,जब उसने उस चूत को खूब निहार लिया तब वो झुका और उसने सबसे पहले आरती की चूत का एक गहरा चुंबन लिया,फिर अपनी जीभ निकाली और चूत को चाटना शुरू किया,चूत पहले से ही रस से भरी हुई थी,और उसका पानी बाहर तक छलक रहा था,इसलिए जैसे ही उसकी जीभ ने चूत को छुआ,तब आरती के शरीर मे भी एक अज्जीब से मदहोशी और करेंट दौड़ गया और रमण को एकदम नमकीन स्वाद मिला ,जो उसके लिए अमृत जैसा था,फिर वो चूत को पहले उपर से ही कुत्ते की तरह से चाटने लगा,पर जब उपर स्वाद आना बंद हो गया तब उसने अपने हाथ की उंगलियों से उसकी चूत को पकड़ा और उसके छेद को खोला तब अंदर से चूत का गुलाबी छेद जो फूल और पिचक रहा था दिखने लगा,उसकी चूत मे अंदर लबा-लब पानी भरा हुआ था और वो बहुत हसीन लग रही थी,जब रमण उसको निहारने ही लगा .

आरती से सबर नही हुआ और वो बोली कि अब क्या मेरी चूत को ही निहारते रहोगे इसमे अपनी जीभ डाल दो ना अब सहन नही हो रहा,तब रमण ने दोनो तरफ से चूत के छेद को और फेलाया और अपनी पूरी की पूरी जीभ एक ही बार मे उसकी रसीली चूत मे घुसा दी,पर जैसे बाल्टी मे पानी भरा हो और उसमे कुछ डालो तो पानी बाहर छलक जाता है,ऐसे ही आरती की चूत से भी उसका रस बाहर छलक गया,तब रमण ने अपनी जीभ बाहर निकाली और पहले जो रस बाहर छलक गया था उसको चाट कर सॉफ करने लगा,जब वो सारा रस साफ हो गया तब उसने फिर से धीरे-2 अपनी जीभ आरती की चूत मे घुसनी शुरू की,पर इस बार वो बाहर से ही चपड-2 चाट-ता जा रहा था,क्यूंकी वो उस अमृत की एक भी बूँद बर्बाद नही करना चाहता था.

 
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