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मिनी को बिस्तर पे बैठाया और उसके दूसरे गाल पे अपने लंड से थप्पड़ जैसे मारने लगा।
उसने मेरे लंड को हाथ से पुचकारा और लंड की तरफ देखकर बोली- आज तुझे नई चूत मिल सकती है, अच्छे से चुदाई मचाना मेरे शेर! और फिर मेरे लंड को चूमने और पुचकारने लगी।
फिर मेरी तरफ देखकर बोली- आप बाहर जाकर बैठो, मैं अभी आती हूँ नंगी होकर।
मिनी मेरी नस नस जानती है, उसे पता है कब कौन से शब्द का उपयोग मुझे उत्तेजित कर सकता है।
मैं बाहर आकर सोफे पर आरके के करीब बैठ गया, हम दोनों ही तौलिये में थे। कोमल कालीन पर दोनों पांव पीछे मोड़ कर बैठी थी, उसने जीन्स और टॉप पहना हुआ था।
कोमल के बड़े बड़े बूब्स उसके पिछवाड़े से थोड़े बड़े थे, उसकी कमर ज्यादा से ज्यादा 30 रही होगी। उसका गोरा रंग बता रहा था कि उसका बदन संगमरमर सा चमकदार होगा।
मिनी काले रंग की बड़े गले की मैक्सी पहन कर बाहर आ गई, ये मैक्सी बहुत मोटी थी, इसमें से कुछ भी अंदर तक नहीं दिखता था। मैं आदेश देते हुए बोला- मिनी पैग बनाओ।
मिनी आगे बढ़ी और झुक कर हमारे पैग बनाने लगी।
मिनी के झुकने से उसके बोबे थोड़े ज्यादा दिखने लगे, मैंने कहा- मिनी एक काम करो, तुम वो एयरहोस्टेस वाली ड्रेस पहन कर आओ और मुझे आकर्षित करने की कोशिश करो।
यह बात सुन कर तो कोमल के कान खड़े हो गए। मिनी धीमे क़दमों से बैडरूम की तरफ जा रही थी, कोमल भी मिनी के पीछे चली गई।
कोमल ने जाकर मिनी से बोला- भाभी, लगता है भैया को ज्यादा चढ़ गई है, आप उन्हें अंदर बुला लो, मैं नीलू को बाहर ही रखूंगी।
मिनी बोली- थैंक्स यार, कोमल पर वो इस समय कुछ नहीं सुनने वाले!
कोमल बोली- तो आप नीलू के सामने भैया को कैसे आकर्षित करोगी? आपको अजीब नहीं लगेगा?
मिनी बोली- वो वैसे भी ये सब मेरे या अपने लिए नहीं, तुम्हारे लिए कर रहे हैं जिससे तुम अपने पति के साथ आराम से चिपक कर या जैसे चाहो वैसे बैठ सको।
कोमल बोली- भैया कितने अच्छे हैं न, मेरा कितना ध्यान रखने की कोशिश कर रहे हैं। भाभी मुझे भी कुछ ऐसे कपड़े दो न कि नीलू आपको न देखकर मुझे देखे।
मिनी हंस के बोली- अच्छा तो ये बात है? मेरे पास 2 जोड़ी कपड़े हैं क्योंकि तुम्हारे भैया को भूमिका निभाने (Role Playing) वाले खेल पसंद हैं। एक तो एयर होस्टेस वाले कपड़े हैं और दूसरी नर्स की ड्रेस है। तुम चाहो तो नर्स बन जाओ।
कोमल के लिए तो जैसे ये सब कुछ सपने जैसा था, वो बोली- हाँ भाभी, मैंने कुछ गन्दी मूवी में देखा है ऐसा भूमिका वाले खेल को खेलते हुए, आप लोग तो सच में बहुत दिलचस्प जोड़े हो। मुझे दिखाइए न वो नर्स वाले कपड़े में भी आज नीलू को सातवें आसमान की सैर कराती हूँ।
मिनी बोली- ये हुई न बात, अब तुम खुल के बात कर रही हो।
मिनी ने कोमल को नर्स वाली वेशभूषा दिखाई तो कोमल बोली- भाभी, यह तो बहुत छोटी है।
मिनी बोली- हाँ, तभी तो आदमी को आकर्षित कर पाएंगे हम।
कोमल अपनी टॉप और जीन्स उतारने लगी तो मिनी बोली- तुम कहो तो मैं बाहर जाऊँ?
कोमल बोली- भाभी, दोस्त भी बोल रही हो और ऐसी बात भी कर रही हो?
मिनी बोली- नहीं, मुझे लगा कि तुम बोलने में संकोच करोगी इसलिए मैंने ही पूछ लिया, कोमल तुम बहुत खूबसूरत इंसान हो। तुमने मुझे दोस्त सिर्फ समझा ही नहीं, मान भी लिया है, तुम्हारे व्यवहार से में बहुत खुश हो गई।
कोमल बोली- आप भी ड्रेस पहन लो!
थोड़ा हंसते हुए बोली- या मैं बाहर जाऊँ?
मिनी भी हंसने लगी और अपनी मैक्सी उतार दी।
कोमल मिनी को देखकर हैरान हो गई, बोली- भाभी, आपने अंदर कुछ पहना ही नहीं था।मिनी बोली- हाँ तुम्हारे भैया को मैं ऐसे ही पसंद हूँ। इसलिए ऐसे ही जाती हूँ उनके सामने… ख़ास तौर पर जब वो ड्रिंक कर रहे हों।
कोमल बोली- भाभी, आपका बदन तो बहुत खूबसूरत है।
मिनी बातें सुनते सुनते ड्रेस पहनने लगी।
कोमल बोली- भाभी आप इसके अंदर भी कुछ नहीं पहनने वाली क्या?
मिनी बोली- यार जब उकसाना है तो पहनने का क्या फायदा!
फिर दोनों हंसने लगी।
मिनी की ड्रेस किंगफ़िशर एयरलाइन्ज़ जैसे लाल और सफ़ेद रंग की थी। उसमे एक छोटा सा टॉप था और एक बहुत छोटी सी माइक्रो स्कर्ट… और पूरी टांगों के लिए सफ़ेद मौजे जो जांघ के थोड़े ऊपर तक आते हैं और लाल रंग की जूतियाँ।
कोमल ने भी अपनी ब्रा और पैंटी उतार फेंकी और नर्स वाले कपड़े पहन लिए।
कोमल बोली- भाभी, इससे तो मेरा पिछवाड़ा ढंग से ढक भी नहीं पा रहा?
कोमल ने घूम कर दिखाया।
मिनी बोली- हाँ, सही कह रही हो… पर यहाँ है ही कौन तुम्हें देखने वाला?
मिनी बोली- मेरी स्कर्ट का भी यही हाल है, देखो!
कोमल बोली- भाभी, इसमें तो ऐसा लग रहा है जैसे उनके सामने हम लोग बिना कपड़ों के ही हैं।
मिनी बोली- यही तो रिझाने की कला है, थोड़ा दिखाओ थोड़ा छुपाओ, थोड़ा दिखा के छुपाओ थोड़ा छुपा के दिखाओ।
कोमल को इस बात पर बहुत तेज़ हंसी आ गई, बोली- आपकी यह बात ज़िन्दगी में कभी नहीं भूल पाऊँगी।
मिनी ने पहले कोमल को कमरे में जाने के लिए कहा, बोली- मुझे तो मेरे पति इन कपड़ों में पचासों बार देख चुके हैं। तुम्हारे पति ने तुम्हें ऐसे कभी नहीं देखा होगा इसलिए पहले तुम जाकर अपना जलवा बिखेरो, मैं तुम्हार पीछे पीछे आती हूँ।
कोमल थोड़ी शर्माती हुई थोड़ी घबराई हुई बैडरूम से बाहर निकली।
इधर में और आरके धीरे धीरे अपने लौड़ों को मसाज दे रहे थे।
हाँ आप सही समझे एक दूसरे के लौड़ों को… खुद हिलाने में वो मज़ा कहाँ!
नज़रों से पूरी तरह सतर्क और आँखें और कान बैडरूम के दरवाज़े पर जिससे दोनों में से कोई भी औरत आती दिखे तो लंड को तौलिये में छुपा सके।
जैसे ही आहट आई कि कोई इस तरफ आ रहा है, हमने अपने लंड तौलिया के अंदर कर लिए पर तम्बू बनने से रोक पाना मुश्किल था इसलिए सोफे पर पड़े छोटे तकिए अपनी गोदी में रख लिए।
कोमल को नर्स की वेश भूषा में देखकर लंड तो हुंकार मारने लगा। वो बिल्कुल रंडियों की तरह किचन के दरवाज़े से टिक कर खड़ी हो गई थी।
जैसे ही आहट आई कि कोई इस तरफ आ रहा है, हमने अपने लंड तौलिया के अंदर कर लिए पर तम्बू बनने से रोक पाना मुश्किल था इसलिए सोफे पर पड़े छोटे तकिए अपनी गोदी में रख लिए।
कोमल को नर्स की वेश भूषा में देखकर लंड तो हुंकार मारने लगा। वो बिल्कुल रंडियों की तरह किचन के दरवाज़े से टिक कर खड़ी हो गई थी।
पीछे से मिनी भी आ गई और सीधे कालीन पर आकर बैठ गई और बोली- आपकी किस तरह सहायता कर सकती हूँ सर?
मैंने कहा- आज तो फ्लाइट में नर्स भी आई हुई है।
आरके कोमल को देखते ही बोला- वाह यार कोमल, तुम तो बहुत खूबसूरत लग रही हो।
और उसे अपने बगल में सोफे के हैंड रेस्ट पर बैठा लिया।
अब मैं मिनी को चूमने लगा, उसके होंठों से होंठ मिला कर उसके मुंह के अंदर अपनी जीभ डाल के उसके जीभ से जीभ के पेंच लड़ाने लगा, वो भी मेरा भरपूर साथ दे रही थी।
मैंने तिरछी नज़र से देखा तो आरके भी कोमल को चूम रहा था।
हम दोनों अपनी अपनी बीवी को मसल रहे थे।
मैं नीचे से हाथ डाल के मिनी के नंगे चूतड़ सहलाने लगा और धीरे धीरे उसकी गांड के और नीचे आकर उसकी चूत को भी पीछे से ही पुचकारने लगा।
दोनों औरतें गर्म हो चुकी थी।
मैंने मिनी को अपने से दूर हटाया और बोला- मुझे अंगूर खिलाओ!
मिनी ने अंगूर का गुच्छा उठाया और गुच्छे से ही खिलाने लगी और एक अंगूर तोड़ कर अपने दोनों उरोजों के बीच रख लिया।
कोमल और आरके हमें बड़े ध्यान से देख रहे थे। आरके का हाथ कोमल के कूल्हों पर ही था। मैंने मिनी की वक्षरेखा में जीभ घुसा कर अंगूर उठा लिया।
मिनी को तो ज्यादा शर्म थी नहीं क्योंकि वो तो आरके के सामने कई बार नंगी हो चुकी थी।
पर कोमल ने भी कोशिश की वो अपने स्तनों में अंगूर फंसा कर आरके को खिलाए।
अबकी बार हमारी नज़र उन दोनों पर थी। आरके जब उसके बूब्स में झाँक रहा था तो मैं उसके चूचों को निहार रहा था। कोमल बेचारी देखा देखी सब कर तो रही थी पर उसे बहुत शर्म भी आ रही थी। पर शायद कहीं न कहीं वो इस आज़ादी से बहुत खुश थी और इसका आनन्द भी ले रही थी।
मिनी मेरे बगल से उठकर हम दोनों के पैग बनाने के लिए जमीन पर बैठ गई।
मैंने कहा- क्यूँ कोमल, मज़ा आ रहा है न दोस्त के यहाँ पर पूरी आज़ादी के साथ जीने का?
कोमल थोड़ी बेसुध से सुध में आते हुए बोली- हाँ भैया, हम लोग ऐसा मज़ा सिर्फ अकेले में जब होटल में होते हैं तो ही कर पाते हैं।
मैंने कहा- कोमल तुम बहुत खूबसूरत हो, तुम्हारा बदन का हर अंग एकदम तराशे हुए हीरे की तरह नुकीला और सुन्दर है।
कोमल तो जैसे जमीन में गड़ी जा रही थी, वो थोड़ी शरमाई और अपने छोटे छोटे कपड़ों से अपने आपको ढकने की नाकाम कोशिश करने लगी।
आरके बोला- हाँ यार रंगीला, यह बात तो तू सही बोल रहा है… मेरी बीवी है तो बहुत खूबसूरत पर भाभी का भी जवाब नहीं।
मैंने कहा- अब जब हम लोग इतने अच्छे दोस्त बन गए हैं तो आओ एक खेल खेलें।
मिनी और आरके तो जानते ही थे कि यह मेरी कोई चाल होगी कोमल को फ़ंसाने की… इसलिए उसके कुछ भी बोलने से पहले ही बोले- हाँ हाँ बताओ क्या गेम है?
मैंने कहा- कोई बहुत अलग नहीं, truth and dare जैसा ही है, बस जोखिम जो है वो थोड़े शरारती हो सकते हैं।
मैंने कहा- तो चलो सोफे थोड़ा पीछे करो! सभी लोग कालीन पर बैठ जाओ!
बीच में मैंने पर्चियों का टोकरा रख दिया- एक खाली बोतल को घुमाना है, जिस पर रुकेगा, उसके लिए जोखिम (dare) बोतल घुमाने वाला बताएगा।
बस तो कोमल बोली- और अगर कोई truth लेगा तो?
मैंने कहा- यहाँ सिर्फ जोखिम ही ले सकते हैं, सच कोई नहीं ले सकता।
अब मैंने बोतल घुमाई और वो जाकर मिनी पर रुकी, मैंने कहा- मिनी तुम्हारे लिए जोखिम यह है कि तुम अपने बदन से कोई भी एक कपड़ा पूरे गेम के लिए अलग कर दो।
मिनी ने थोड़ी ऐसी शक्ल बनाई जैसे उसे यह अच्छा न लगा हो।
फिर थोड़ा दिमाग लगा कर चतुराई का परिचय दिया और अपने गले में बढ़ा स्कार्फ़ उतार फेंका।
सभी ने ताली बजाई।
अबकी बार बोतल घुमाने की बारी मिनी की थी। मिनी ने बोतल घुमाई अबकी बार आरके पर जाकर बोतल रुकी।
मिनी बोली- भैया, आप तौलिया में तो हो ही… सांवरिया वाले गाने पे डांस करके दिखाओ।
मैंने तुरंत सांवरिया वाला गाना लगा दिया, आरके खड़ा होकर गाने पर डांस करने लगा।
आरके ने रणबीर को अच्छा कॉपी करके डांस किया और दोनों लड़कियों को आकर्षित करने में कामयाब रहा।
अबकी बार बोतल आरके ने घुमाई और वो जाकर फिर से रुकी मिनी पर!
मिनी बोली- ओह नो…
आरके बोला- यार मुझे तो कोई आईडिया नहीं आ रहा कि क्या शरारती करवाऊँ? यार रंगीला तू ही कुछ बोल!
मैंने कहा- नहीं, तेरी चाल है, तू चाहे तो पास कर सकता है।
आरके बोला- ऐसे कैसे पास? भाभी ने कहा मुझे छोड़ा था? भाभी आप अपने ड्रेस के टॉप के एक बटन को खोल दो पूरे गेम के लिए। मिनी ने फाटक से एक बटन खोल दिया।
अबकी बार बोतल मिनी ने घुमाई और वो जाकर रुकी मेरे ऊपर… मिनी बोली- अब आया ऊँट पहाड़ के नीचे। आप अगले 3 मिनट तक के लिए खड़े हो जाओ और आप हिल नहीं सकते अगर आप हिले तो टाइम फिर से शुरू होगा।
मैं खड़ा हो गया।
मिनी, आरके और कोमल की तरफ देखकर बोली- तुम लोग क्या कर रहे हो? हेल्प मी, इन्हें अपन हाथ लगा सकते हैं, कुछ भी कर सकते हैं 3 मिनट तक और ये हिल नहीं सकते।
मिनी अपनी जगह से उठी और मेरे करीब आकर मेरी छाती पर निप्पल पर अपने हाथ और उंगलियों से सनसनी करने लगी। उधर आरके ने मेरा तौलिया ऐसे पकड़ रखा था कि कभी भी खोल देगा।
मैंने कहा- आरके बेटा, बोतल सिर्फ मेरे ऊपर ही नहीं रुकी है। वो तेरे पे भी रुकेगी, इज़्ज़त बचा ले भाई की।
आरके मुझे झटके देता रहा जिससे मैं हिल जाऊँ तौलिया पकड़ने को।