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मीनाक्षी की कामवासना complete

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राज ने मुझसे कहा, "मैं भी तुम्हारी चुदाई देखना चाहता हूँ। एक बार तुम मोनू से मेरे सामने चुदवा लो।”

मैंने कहा, "ठीक है।” मैंने मोनू को अपने पास बुलाया। जब वो मेरे पास आया तो मैंने उसका टॉवल एक झटके से खींच लिया। मोनू का आठ इंच का खूब मोटा लंड फनफनाता हुआ बाहर आ गया। राज उसके लंड को देखता ही रह गया। वो बोला, "मेरी बीवी तो अभी कुँवारी है। इसका इतना मोटा लंड उसकी चूत में कैसे घुसेगा।”

मैंने कहा, “जैसे पहली-पहली बार किसी मर्द का लंड किसी औरत की कुँवारी चूत में घुसता है।”

राज बोला, “उसे बहुत तकलीफ होगी।

मैंने कहा, “वो तो हर औरत को पहली पहली बार होती है।”

राज बोला, “उसे बहुत ज्यादा दर्द होगा और वो खूब चिल्लायेगी।”

मैंने कहा, “चिल्लाने दो उसे, उसके बाद उसको मज़ा भी तो खूब आयेगा।”

राज चुप हो गया और मेरे पास बैठ गया। मोनू ने अपना लंड मेरे मुँह के पास कर दिया तो मैं उसका लंड चूसने लगी। दस मिनट में ही मोनू का लंड एक दम लोहे के जैसा हो गया। मैं अपने चूत्तड़ राज की तरफ़ कर के डॉगी स्टाईल में हो गयी। मोनू ने अपना लंड एक झटके से मेरी चूत में घुसेड़ दिया तो मेरे मुँह से जोर की आह निकली। पूरा लंड मेरी चूत में घुसा देने के बाद मोनू मुझे चोदने लगा। राज बड़े ध्यान से मुझे मोनू से चुदवाते हुए देखता रहा। मोनू ने मुझे लगभग ४५ मिनट तक चोदा और फिर झड़ गया। मैं भी दो बार झड़ चुकी थी। मोनू ने जब अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला तो मैं मोनू के लंड को चाट चाट कर साफ़ करने लगी।

उसके बाद मैंने राज से कहा, “आज तुम अकेले ही साईट पर चले जाओ और मुझे चुदाई का मज़ा लेने दो।”

राज बोला, "ठीक है। उसके बाद वो चल गया।

मैंने दूसरे दिन सुबह तक मोनू से खूब चुदवाया। दूसरे दिन सुबह आठ बजे राज आ गया। मैंने मोनू को कुछ पैसे दिए और कहा, “तुम बाज़ार जा कर खूब अच्छी तरह से खा लेना। आज सारी रात तुम्हें राज की कुंवारी बीवी की चुदाई करनी है।”

वो मुस्कुराते हुए बोला, “ठीक है।”

 
मैं राज के साथ साईट पर चली गयी। शाम को वापस आते हुए मैं राज के घर रुकी। उसकी बीवी एक दम दुबली-पतली, छरहरे बदन की थी और वो मुझसे भी ज्यादा खूबसूरत और गोरी थी। राज ने मुझसे कहा, “ये मेरी बीवी सीमा है।” सीमा ने मुझे बिठाया और चाय बनाने जाने लगी तो राज बोला, “मीना शाम के बाद चाय-कॉफी नहीं पीती... तू किचन से ग्लास और बर्फ ले आ... मैं पैग बना देता हूँ।” थोड़ी देर बाद सीमा ग्लास, बर्फ और सोडा ले आयी और राज ने व्हिस्की की बोतल निकाल कर दो पैग बनाये। मेरे जोर देने पर सीमा ने भी पैग ले लिया और हम इधर-उधर की बातें करते हुए पीने लगे। दिन भर की थकान के बाद व्हिस्की बहुत अच्छी लग रही थी और मैंने जल्दी ही दो पैग पी लिए और जब राज तेरे लिए तीसरा पैग बनाने लगा तो मैंने इंकार नहीं किया। सीमा तो पहला पग ही अभी तक पी रही थी।

उसके बाद मैंने सीमा से कहा, “आज तुम मेरे साथ मेरे घर चलो। आज रात को हम सब एक ही साथ डिनर करेंगे।” सीमा तैयार होने लगी। जब वो तैयार हो कर मेरे पास आयी तो वो मेक-अप में और भी ज्यादा खूबसूरत लग रही थी। मैं उन दोनों के साथ कार से घर आ गयी। घर पहुँचने पर मैं सीमा को अपने बेडरूम में ले गयी और उस से बैठने को कहा। वो मेरे बेड पर बैठ गयी। राज भी सीमा की बगल में बैठ गया। मैंने राज के सामने ही अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए तो सीमा कभी राज को और कभी मुझे देखने लगी। मैंने ब्रा, पैंटी और हाई हील सैंडलों को छोड़ कर सारे कपड़े उतार दिए। ।

सीमा बोली, “दीदी, आप को राज के सामने कपड़े उतारने में शरम नहीं आती?”

मैंने कहा, “मेरे पति को गुजरे हुए छः महीने से ज्यादा हो चुके हैं। मैंने इन छः महिनों में कभी भी सैक्स का मज़ा नहीं लिया था। एक दिन मैंने राज से कहा तो मुझे मालूम हुआ कि इसका तो लंड ही नहीं खड़ा होता। मैं राज के सामने पहले भी एक दम नंगी हो चुकी हैं। इसलिए मुझे शरम नहीं आती। मैंने अपनी सैक्स की भूख मिटाने के लिए एक नौकर रख लिया है। उसका नाम मोनू है। उसका लंड बहुत ही लंबा और मोटा है।

और वो बहुत ही अच्छी तरह से मेरी चुदाई करता है। मैं अपने कपड़े उतार कर मोनू से चुदवाने जा रही हूँ। मुझे ये भी मालूम है कि तुम अभी तक कुँवारी हो। तुम बैठ कर मेरी चुदाई का मज़ा लो। उसके बाद अगर तुम्हारा मन करे तो तुम भी उससे चुदवा लेना। आखिर तुम चुदवाने के लिए कब तक तड़पती रहोगी। इसी लिए आज मैं तुमको यहाँ ले आयी हूँ।”

सीमा बोली, “मुझे शरम आयेगी।”

मैंने कहा, "काहे की शरम। जब मुझे तुम्हारे सामने चुदवाने में शरम नहीं आ रही है तो तुम क्यों शरमा रही हो। तुम बैठ कर मेरी चुदाई का मज़ा लो। शायद तुम्हारा मन भी चुदवाने का करे। आखिर अब तुम्हें सारी जिंदगी राज के साथ ही गुजारनी है। राज को मैंने पहले ही समझा दिया है और उसे कोई ऐतराज़ नहीं है।” सीमा चुप हो गयी। मैंने एक ग्लास में व्हिस्की डाल कर एक तगड़ा सा पैग बना कर उसे दिया। “लो सीमा... ये पीयो... तुम्हें अच्छा लगेगा और शरम भी चली जायेगी।” मैंने मोनू से पहले ही कह रखा था की जब मैं उसे बुलाऊगी तो वो एक दम नंगा ही मेरे पास आये। मैंने मोनू को पुकारा तो वो मेरे कमरे में आ गया। वो एक दम नंगा था। सीमा ने जैसे ही उसका लंड देखा तो उसने अपना सिर झुका लिया।

 
मैंने सीमा से कहा, “अब क्यों शरमा रही हो। अब तो मोनू तुम्हरे सामने एक दम नंगा ही आ गया है। तुम देखो तो सही कि इसका लंड कैसा है।” सीमा ने अपना सिर ऊपर उठा लिया। वो मोनू का लंड देखने लगी। मोनू सीमा के पास आया और बोला, "कैसा लगा मेरा लंड?”

सीमा कुछ नहीं बोली और अपना ड्रिंक पीने लगी। मैंने मोनू का लंड चूसना शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में मोनू का लंड एक दम सख्त हो गया तो मैं मोनू से चुदवाने लगी। सीमा चुपचाप बैठ कर देखते हुए व्हिस्की पीती रही। मोनू ने मुझे लगभग ३५ मिनट तक चोदा और झड़ गया। जोश और नशे के मारे सीमा की आखें एक दम गुलाबी हो चुकी थीं। जब मोनू ने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला तो मैंने सीमा को अपनी चूत दिखाते हुए कहा, “देखो, मेरी चूत ने मोनू का लंबा और मोटा लंड कैसे अपने अंदर ले लिया।” सीमा मेरी चूत को देखने लगी। मैंने कहा, “अब तुम भी एक बार मोनू से चुदवा लो। अगर तुम्हें इससे चुदवाना पसंद नहीं आयेगा तो तुम फिर मोनू से कभी मत चुदवाना।”

सीमा ने शरमाते हुए कहा, “इसका लंड तो बहुत मोटा है। मुझे बहुत तकलीफ होगी।”

मैंने कहा, “तुम अभी कुँवारी हो इसलिए तुम चाहे जिस भी लंड से पहली बार चुदवाओगी... तकलीफ तो तुम्हें होगी ही। उसके बाद मज़ा भी खूब आयेगा।” वो कुछ नहीं बोली। मैंने मोनू से कहा, “तुम अपना लंड सीमा के हाथ में दे दो जिससे ये तुम्हारा लंड ठीक से देख ले।” मोनू सीमा के पास आ गया। उसने सीमा के हाथ से खाली ग्लास ले कर एक तरफ रख दिया और उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया। सीमा ने शरमाते हुए उसके लंड को अपने हाथों में पकड़ लिया और देखने लगी। थोड़ी देर बाद मैंने कहा, “अगर तुम्हें इसको लंड अच्छा लग रहा हो तो चुदवा लो।” वो कुछ नहीं बोली।

मैंने कहा, “क्या हुआ? कुछ बोलती क्यों नही? अगर तुम्हें इसका लंड अच्छा नहीं लग रहा है तो छोड़ दो इसका लंड।” उसके बाद मैंने मोनू से कहा, “मोनू तुम रहने दो और जा कर कपड़े पहन लो। सीमा को तुम्हारा लंड पसंद नहीं आ रहा है।” मोनू जैसे ही अपने लंड से सीमा का हाथ हटाने लगा तो सीमा ने उसके लंड को जोर से पकड़ लिया। मैं समझ गयी कि सीमा चुदवाने के लिए राजी है।

मैंने मोनू से कहा, “मोनू सीमा तुमसे चुदवाने के लिए राजी है। तुम सीमा के कपड़े उतार दो और इसकी अच्छी तरह से चुदाई कर के इसे एक दम खुश कर दो।” मोनू ने सीमा के कपड़े उतारने शुरू कर दिए तो सीमा शरमाने लगी लेकिन उसने मोनू को रोका नहीं। मोनू ने धीरे धीरे सीमा के सारे कपड़े उतार दिए। अब सीमा ने सिर्फ हाई हील के सैंडल पहने हुए थे और सीमा का गोरा बदन अजंता की मूरत जैसा लग रहा था। उसे देख कर मोनू खुश हो गया। मोनू ने सीमा को बेड पर लिटा दिया।

 
मोनू ने अपने होंठ सीमा के होंठों पर रख दिए और उसके होंठों को चूमने लगा। थोड़ी ही देर में सीमा को भी जोश आने लगा तो वो भी मोनू के होंठों को चूमने लगी। मोनू सीमा के पीठ पर अपना हाथ फिराते हुए उसे चूमने लगा तो सीमा भी मोनू की पीठ पर अपना हाथ फिराने लगी।

सीमा की आँखें धीरे धीरे गुलाबी सी होने लगी। मोनू ने सीमा को चूमते हुए उसके निप्पलों को मसलना शुरू कर दिया।

सीमा सिसकरियाँ भरने लगी। राज बड़े ध्यान से देख रहा था। फिर मोनू ने सीमा की चूचियों को, फिर पेट को और फिर उसकी नाभी को चूमना शुरू कर दिया। सीमा धीरे धीरे जोश में आ रही थी और सिसकरियाँ भर रही थी। थोड़ी देर तक सीमा की नाभी और उसके आसपास चूमने के बाद मोनू ने सीमा की चूत को चूमना शुरू कर दिया तो सीमा जोर-जोर से आहें भरने लगी। मोनू एक हाथ से सीमा के निप्पलों को मसल रहा था और दूसरे हाथ से सीमा की जाँघ को सहला रहा था। सीमा ने जोश के मारे अपनी दोनों जाँघों को एक दम सटा लिया।

मोनू ने सीमा की दोनों जाँघों को एक दूसरे से अलग किया। सीमा की चूत पर एक भी बाल नहीं था और उसकी चूत एक दम गोरी और चिकनी थी। मोनू ने अपनी जीभ सीमा की चूत के दोनों फाँकों पर फिरानी शुरू कर दी तो सीमा जैसे पागल सी होने लगी। उसने मोनू के सिर को जोर से पकड़ लिया लेकिन मोनू रुका नहीं। वो अपनी जीभ को सीमा की चूत की फाँकों पर तेजी से फिराने लगा। दो मिनट में ही सीमा झड़ गयी और उसकी चूत एक दम गीली हो गयी। मोनू ने सीमा की चूत का सारा रस चाट लिया और फिर अपनी जीभ सीमा की क्लिट पर गोल गोल घुमाने लगा। सीमा ने जोश के मारे जोर की सिसकी ली।

मैंने सीमा से पूछा, “क्या हुआ?

वो बोली, “दीदी, मेरे सारे बदन में आग सी लग गयी है। तुम मोनू से कह दो अब देर ना करे नहीं तो मैं पागल हो जाऊगी। मुझसे अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है।”

मैंने मोनू से कहा तो वो बोला, “मीना, मेरा लंड बहुत मोटा और लंबा है। अगर मैंने सीमा को अभी चोद दिया तो इसे बहुत दर्द होगा। अभी सीमा को एक बार और झड़ जाने दो। तब ये जोश से एक दम पागल हो चुकी होगी और मेरा पूरा का पूरा लंड आरम से अपनी चूत के अंदर ले लेगी।”

मैंने कहा, “ठीक है, जैसा तुम ठीक समझो, करो।”

 
मोनू सीमा के ऊपर ६९ की स्थिति में लेट गया और उसकी चूत को तेजी से चाटने लगा। सीमा अब तक बहुत ज्यादा जोश में आ चुकी थी। उसने बिना कुछ कहे ही मोनू का लंड अपने मुँह में ले लिया और तेजी के साथ चूसने लगी। सीमा का दिल बहुत तेजी से धड़क रहा था और उसकी साँसें बहुत तेज चल रही थी। वो जोर-जोर की सिसकारियाँ भरते हुए मोनू का लंड चूस रही थी। थोड़ी देर बाद सीमा ने मुझसे कहा, दीदी, मोनू से कह दो अब देर न करे। मैं एक दम पागल सी हुई जा रही हूँ।”

मैंने कहा, “मैं क्यों कहूँ, तुम ही मोनू से कहो कि वो तुम्हारी चुदाई करे।”

सीमा इतनी ज्यादा जोश में आ चुकी थी कि वो रोने लगी। लेकिन उसने मोनू से कुछ भी नहीं कहा। पाँच मिनट में ही सीमा फिर से झड़ गयी तो उसने मोनू का सिर जोर से पकड़ लिया और बोली, “अब तो मैं फिर से झड़ गयी हैं। अब तो देर ना करो। जल्दी से चोद दो मुझे।”

मोनू ने कहा, “मेरा लंड बहुत लंबा और मोटा है। तुम इसे अपनी चूत के अंदर ले पाओगी? बहुत दर्द होगा।” ।

सीमा बोली, “मैं कुछ नहीं जानती। बस तुम अब देर मत करो। डाल दो अपना पूरा का पूरा लंड मेरी चूत में और खूब जोर-जोर से चोदो मुझे।”

मोनू बोला, “ठीक है। मैं लेट जाता हूँ। तुम खुद ही मेरा लंड अपनी चूत के अंदर ज्यादा से ज्यादा घुसाने की कोशिश करो।”

मोनू सीमा के ऊपर से हट कर लेट गया तो सीमा तुरंत ही मोनू के ऊपर चढ़ गयी। सीमा जोश में एक दम पागल हो रही थी। उसने मोनू के लंड का सुपाड़ा अपनी चूत के बीच रखा और जोर से दबा दिया। मोनू के लंड का सुपाड़ा सीमा की चूत को चीरता हुआ अंदर घुस गया। उसे इतनी तेज दर्द हुआ कि वो तड़पते हुए तुरंत ही मोनू के ऊपर से हट गयी और लेट गयी। सीमा को बिल्कुल भी नहीं मालूम था कि इतना दर्द होगा।

आखिर मोनू का लंड भी तो बहुत मोटा था। सीमा दर्द के मारे तड़प रही थी। मोनू सीमा के होंठों को चूमने लगा। थोड़ी देर बाद सीमा शाँत हुई तो मोनू ने कहा, “मेरे ऊपर आ जाओ और मेरा लंड अपनी चूत में और ज्यादा घुसाने की कोशिश करो।”

सीमा बोली, “मैं तुम्हारा लंड अपनी चूत में नहीं घुसा पाऊँगी। मुझे बहुत जोर से दर्द हो रहा है। अब तुम ही अपना लंड मेरी चूत में घुसाओ।”

मोनू बोला, “बहुत दर्द होगा।”

सीमा बोली, “तुम तो मर्द हो। तुम ही अपना लंड मेरी चूत में जबरदस्ती घुसा सकते हो।”

मोनू बोला, “ठीक है।”

 
मोनू सीमा की टाँगों के बीच आ गया। उसने सीमा की टाँगों को घुटनों से मोड़ कर उसके कॅधे के पास सटा कर दबा दिया। सीमा एक दम दोहरी हो गयी और उसकी चूत उपर की तरफ उठ गयी।

मोनू ने अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत के बीच रखा। मोनू ने जोर लगाते हुए अपना लंड सीमा की चूत के अंदर दबाना शुरू किया। जैसे ही मोनू का लंड सीमा की चूत में दो इंच घुसा तो सीमा जोर-जोर से चीखने लगी। लेकिन मोनू रुका नहीं और उसने थोड़ा जोर और लगा दिया। सीमा दर्द के मारे तड़पने लगी। उसकी आँखों में आंसू आ गये। उसका सारा बदन पसीने से नहा गया।

उसकी टाँगें थरथर काँपने लगी। मोनू का लंड सीमा की चूत में तीन इंच तक घुस चुका था। मैं सीमा के पास बैठ गयी और मैंने उसकी चूचियों को सहलाना शुरू कर दिया। सीमा ने मुझे जोर से पकड़ लिया और रोने लगी। वो बोली, “दीदी, बहुत दर्द हो रहा है। मैं मोनू का पूरा लंड अपनी चूत के अंदर कैसे ले पाऊगी।”

मैंने कहा, "पहली पहली बार दर्द तो होता ही है। तुम घबड़ाओ मत, मोनू जब धीरे-धीरे पूरा का पूरा लंड तुम्हारी चूत में घुसा कर तुम्हें चोदेगा तब तुम्हें खूब मज़ा आयेगा और तुम सारा दर्द भूल जाओगी। उसके बाद तुम्हें मोनू से चुदवाने में कभी दर्द नहीं होगा और तुम चुदाई का पूरा मज़ा ले पाओगी।”

मोनू अपना लंड सीमा की चूत में डाले हुए रुका रहा। थोड़ी देर बाद सीमा शाँत हो गयी। मोनू ने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए। मोनू का लंड अभी भी सीमा की चूत में चार इंच तक ही अंदर बाहर हो रहा था। थोड़ी देर बाद सीमा को मज़ा आने लगा

और वो पाँच मिनट की चुदाई के बाद झड़ गयी। मोनू ने अपनी गति थोड़ा बढ़ा दी। मोनू हर १५-२० धक्कों के बाद एक जोर का धक्का लगाते हुए सीमा की चुदाई करने लगा। जब वो जोर का धक्का लगा देता तो उसका लंड सीमा की चूत के अंदर और ज्यादा गहरायी तक घुस जाता। जब मोनू जोर का धक्का लगा देता तो सीमा दर्द के मारे तड़प उठती थी। सीमा बहुत ज्यादा जोश में थी इसलिए उसे दर्द का ज्यादा एहसास नहीं हो रहा था। मोनू इसी तरह सीमा की चुदाई करता रहा। वो अभी सीमा को ज्यादा तेजी के साथ नहीं चोद रहा था। दस मिनट की चुदाई के बाद सीमा फिर से झड़ गयी तो मैंने पूछा, “अब कैसा लग रहा है?”

सीमा बोली, “मज़ा तो आ रहा है लेकिन दर्द भी बहुत हो रहा है।

मैंने कहा, “अभी मोनू का पूरा लंड तुम्हारी चूत में नहीं घुसा है इसलिए वो तुम्हें धीरे धीरे चोद रहा है। जब वो अपना पूरा का पूरा लंड तुम्हारी चूत में घुसा देगा तब वो तुम्हारी बहुत तेजी के साथ चुदाई करेगा। उसके बाद तुम्हें चुदवाने में खूब मज़ा आयेगा।”

सीमा ने पूछा, “अभी कितना बाकी है?”

मैंने कहा, “अभी तक तो मोनू का लंड तुम्हारी चूत में केवल पाँच इंच ही घुसा है।”

सीमा बोली, “मोनू से कह दो कि वो अपना पूरा लंड मेरी चूत में जल्दी से घुसा दे। मैं जल्दी से जल्दी चुदवाने का पूरा मज़ा लेना चाहती हूँ।”

मैंने कहा, “दर्द बहुत होगा।”

वो बोली, “दर्द तो धीरे धीरे घुसाने में भी हो रहा है।”

मैंने कहा, “ठीक है।” फिर मैंने मोनू से कहा, “अब तुम पूरी ताकत लगा कर अपना पूरा का पूरा लंड इसकी चूत में घुसा दो।”

 
मोनू बोला, "मैं अभी घुसा देता हूँ।” मोनू ने पूरी ताकत के साथ बहुत जोर-जोर के धक्के लगाने शुरू कर दिए। सीमा दर्द के मारे चीखने लगी। सारा कमरा उसकी चींखों से गूंजने लगा। सीमा ने दर्द के मारे अपने सिर के बाल नोचने शुरू कर दिए। ८-१० जोरदार धक्कों के बाद मोनू का लंड पूरा का पूरा सीमा की चूत में घुस गया। सीमा दर्द के मारे तड़प रही थी। मोनू ने पूरा लंड घुसा देने के बाद बहुत तेजी के साथ सीमा की चुदाई शुरू कर दी। सीमा दर्द के मारे चीखती रही लेकिन मोनू रुका नहीं। वो बहुत तेजी के साथ सीमा को चोद रहा था।

दस मिनट तक तो सीमा बुरी तरह से चीखती रही और फिर धीरे धीरे शाँत होने लगी। अब तक सीमा की चूत ने अपना पूरा मुँह खोल कर मोनू के लंड को अंदर जाने का रास्ता दे दिया था। मोनू भी पूरे जोश के साथ सीमा को चोद रहा था। पाँच मिनट और चुदवाने के बाद सीमा शाँत हो गयी। उसकी दर्द भरी चींखें अब जोश भरी सिसकरियों में बदल रही थी।

पाँच मिनट और चुदवाने के बाद वो झड़ गयी तो उसे और ज्यादा मज़ा आने लगा। अब मोनू का लंड सीमा की चूत में कुछ आराम से अंदर बाहर होने लगा था। सीमा भी अब अपने चूत्तड़ उठा उठा कर चुदवाने लगी थी। मैंने सीमा से पूछा, “अब मज़ा आ रहा है।?”

वो बोली, “हाँ दीदी, अब तो बहुत मज़ा आ रहा है।

मैंने पूछा, “अब दर्द नहीं हो रहा है?”

वो बोली, “दर्द तो हो रहा है लेकिन बहुत कम।”

मैंने मोनू से कहा, “अब तुम पूरी ताकत के साथ तेजी से सीमा की चुदाई शुरू कर दो।”

मोनू ने पूरी ताकत लगाते हुए बहुत तेजी के साथ सीमा की चुदाई शुरू कर दी। अब वो सीमा को एक दम आधी की तरह चोद रहा था। पाँच मिनट की चुदाई के बाद ही सीमा ने “और तेज... और तेज...” कहना शुरू कर दिया तो मोनू ने उसे बुरी तरह से चोदना शुरू कर दिया। सारे कमरे में धपधप और फच फच की आवाज़ गूंज रही थी। साथ ही साथ सीमा की जोश भरी किल्कारियाँ भी पूँज रही थी। वो “और तेज... और तेज... खूब जोर जोर से चोदो मेरे राजा... फाड़ दो आज अपनी रानी की चूत को...” कहते हुए चुदवा रही थी। राज आँखें फाड़े हुए सीमा को पूरे जोश के साथ चुदवाते हुए देख रहा था। सीमा अपने चूत्तड़ उठा उठा कर मोनू से चुदवा रही थी। मोनू को अब तक सीमा की चुदाई करते हुए लगभग ४५ मिनट हो चुके थे। उसने सीमा को चोदने के तुरंत पहले ही मुझे चोदा था इसलिए वो झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था। दस मिनट तक चुदवाने के बाद सीमा फिर से झड़ गयी।

 
मोनू अभी भी सीमा को बुरी तरह से चोद रहा था और सीमा एक दम मस्त हो कर मोनू से चुदवा रही थी। दस मिनट और चोदने के बाद मोनू रुक-रुक कर बहुत जोर-जोर के धक्के लगाने लगा तो मैं समझ गयी कि वो अब झड़ने वाला है। सीमा भी अपने चूत्तड़ बहुत तेजी के साथ ऊपर उठा रही थी। दो मिनट बाद ही मोनू सीमा की चूत में झड़ने लगा तो सीमा भी उसके साथ ही साथ फिर से झड़ गयी।

सारा वीर्य सीमा की चूत में निकाल देने के बाद मोनू सीमा के ऊपर ही लेट गया और उसे चूमने लगा। सीमा भी उसकी पीठ को सहलाते हुए उसे चूमने लगी। मैंने सीमा से पूछा, “मज़ा आया?”

सीमा बोली, “हाँ दीदी, बहुत मज़ा आया। मैं इसी मज़े के लिए शादी के बाद से ही तड़प रही थी।”

मैंने कहा, “अब तो तुम राज से नाराज़ नहीं रहोगी?”

वो बोली, “अगर राज मुझे मोनू से चुदवाने से मना नहीं करेगा तो मैं उससे कभी भी नाराज़ नहीं रहूँगी।” वो दोनों थोड़ी देर तक एक दूसरे को चूमते हुए लेटे रहे। दस मिनट बाद मोनू सीमा के उपर से हट गया और उसकी बगल में ही लेट गया। मैंने देखा कि सीमा की चूत का मुँह एक दम चौड़ा हो चुका था। उसकी चूत एक दम गुलाबी हो गयी थी और कई जगह से एक दम कट फट गयी थी। एक घंटे तक आराम करने के बाद सीमा बाथरूम जाना चाहती थी लेकिन वो उठ नहीं पा रही थी। मोनू उसे गोद में उठा कर बाथरूम ले जाने लगा तो मैंने देखा कि मोनू का लंड फिर से खड़ा होने लगा था। मोनू सीमा को लेकर बाथरूम में चला गया।

जब १०-१५ मिनट तक मोनू वापस नहीं आया तो मैं राज के साथ बाथरूम में गयी। मैंने देखा कि मोनू बाथरूम में ही सीमा की डॉगी स्टाईल में बुरी तरह से चुदाई कर रहा था। सीमा भी एक दम मस्त हो कर उससे चुदवा रही थी। मैंने मोनू से कहा, “तुम इसे बेडरूम में ला कर इसकी चुदाई करते तो क्या मैं तुम्हें मना कर देती?” ।

मोनू ने कहा, “ऐसी बात नहीं है। सीमा जब पेशाब कर चुकी तो मुझसे रहा नहीं गया। मैंने सीमा से कहा कि मैं फिर से चोदना चाहता हूँ तो इसने कहा कि यहीं चोद दो ना और मैंने इसे चोदना शुरू कर दिया।”

मैंने कहा, "ठीक है।”

उसके बाद मैं राज के साथ बेडरूम में आ गयी। लगभग ४५ मिनट के बाद मोनू सीमा को गोद में उठा कर ले आया और उसे बेड पर लिटा दिया। सीमा की चूत एक दम सूज चुकी थी। मैंने सीमा से पूछा, “इस बार कैसा लेगा?”

वो बोली, “इस बार चुदवाने में इतना मज़ा आया कि मैं बता नहीं सकती। मोनू ने इतनी बुरी तरह से मेरी चुदाई की है कि मैं इसका धक्का बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। इस बार की चुदाई ने मेरे बदन का सारा जोड़ हिला कर रख दिया।

मैंने कहा, “अब तो खुश हो।”

वो बोली, “हाँ, अब मैं बहुत खुश हूँ।”

 
अगले दो दिनों तक राज साईट पर नहीं गया। वो केवल सीमा को मोनू से चुदवाता हुआ देखता रहा। मोनू ने दो दिनो में १६ बार सीमा की चुदाई की। सीमा की चूत का मुँह एक दम खुल चुका था। लेकिन उसे अब भी चलने फिरने में दिक्कत हो रही थी। उसकी चूत मोनू से चुदवा-चुदवा कर एक दम सूज गयी थी और किसी डबल-रोटी की तरह फूल चुकी थी। उन दो दिनों में मैंने मोनू से एक बार भी नहीं चुदवाया, केवल सीमा ही चुदवाती रही। मैं चुदवाने का खूब मज़ा लेना चाहती थी।

मेरे मन में ख्याल आया कि मुझे किसी दूसरे मर्द का इंतज़ाम कर लेना चाहिए। तभी हम दोनों चुदाई का खूब मज़ा ले पायेंगी। तीसरे दिन मैं राज के साथ दूसरी साईट पर गयी। वो साईट एक आदिवासी इलाके में थी। सीमा और मोनू घर पर ही थे। मैंने उस साईट पर भी एक आदमी देखा। वो आदिवासी था और उसका रंग एक दम साँवला था लेकिन था बहुत ही हट्टा कट्टा। उसका लंड मुझे मोनू के लंड से भी मोटा और लंबा लगा।

मैंने राज से उसे भी घर पर काम करने के लिए रखने को कहा। राज ने उससे बात की तो वो राजी हो गया। उसका नाम झबरू था। वो हमारे साथ घर आ गया। जब उसे मालूम हुआ कि उसे मेरी और सीमा की चुदाई करनी है तो उसने इनकार कर दिया। मैंने उस से वजह पूछी तो उसने कहा, “मेरा लंड बहुत ही लंबा और मोटा है। मैं एक घंटे के पहले नहीं झड़ पाता। मैं पहले भी दो लड़कियों को चोद चुका हूँ। एक बार की चुदाई में ही उनकी चूत बुरी तरह से फट गयी थी और कुछ दिनों के बाद वो दोनों ही इस दुनिया में नहीं रही। उसके बाद मैंने कसम खायी कि अब मैं किसी की चुदाई नहीं करूंगा।”

मैंने कहा, "ठीक है, तुम मोनू का लंड देख लो। हम दोनों ने बड़े आराम से इसके लंड से खूब चुदवाया है।”

मैंने मोनू से कहा, “तुम झबरू को अपना लंड दिखा दो।

मोनू ने झबरू को अपना लंड दिखाया तो झाबरू ने कहा, “इसका लंड तो मेरे लंड से बहुत पतला और छोटा है।”

मैंने झबरू से कहा, “जरा मैं भी तो देखें कि तुम्हारा लंड कैसा है?”

वो बोला, “हाँ, मैं अपना लंड जरूर दिखा सकता हूँ लेकिन मैं तुम दोनों को चुइँगा नहीं।” झबरू ने अपना निक्कर उतार दिया। उसका लंड देख कर मैं घबड़ा गयी। उसका लंड वाकय बहुत लंबा और मोटा था।

मैंने कहा, “अभी तुम्हारा लंड ढीला है। पहले इसे खड़ा करो। उसके बाद ही तुम्हारे लंड के सही साईज़ का पता चलेगा।”

उसने कहा, "मैं अपने लंड को अपने हाथ से कभी नहीं खड़ा करता। इसे तुम दोनों को ही खड़ा करना पड़ेगा।” झबरू के लंड को देख कर सीमा बहुत जोश में थी और वो उसके लंड को लालच भरी निगाहों से देख रही थी। मैंने सीमा को इशारा किया तो उसने झबरू का लंड सहलाना शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में झबरू का लंड खड़ा होने लगा। उसका लंड खड़ा होने के बाद किसी मूसल की तरह दिख रहा था। झबरू का लंड लगभग नौ इंच लंबा और तीन इंच चौड़ा था।

मैंने थोड़ा सोचते हुए कहा, “हम दोनों तुम्हारे लंड से चुदवाने के लिए तैयार हैं।”

सीमा ने तुरंत ही कहा, “दीदी, मैं झबरू से नहीं चुदवाऊगी। केवल तुम ही चुदवा लो।”

 
वो बोला, “लगभग सात इंच घुस चुका है और अभी तीन इंच बाकी है। तुम घबड़ाओ मत... मैं धीरे धीरे अपना बाकी का लंड भी तुम्हारी चूत में घुसा दूंगा।” वो उसी स्टाईल में मेरी चुदाई करता रहा। सीमा बैठ कर व्हिस्की के पैग की चुस्कियाँ लेती हुई आँखें फाड़े उसके लंड को मेरी चूत के अंदर घुसता हुआ देखती रही। झबरू अभी मुझे तेजी के साथ नहीं चोद रहा था। उसके हर धक्के के साथ दर्द के मारे मेरे मुँह से आह की आवाज़ निकल रही थी। लगभग दस मिनट की चुदाई के बाद उसने अपनी गति और बढ़ा दी। मेरे मुँह से अब बहुत जोर जोर की चीखें निकलने लगीं। मैंने झबरू से कहा, थोड़ा धीरे-धीरे चोदो, दर्द हो रहा है।

वो बोला, “अब मैं अपनी गति धीरे-धीरे बढ़ाता रहूँगा क्योंकि अब तुम मेरा पूरा का पूरा लंड अपनी चूत के अंदर ले चुकी हो।”

मैंने चौंक कर कहा, “क्या?”

वो बोला, “मैं सही कह रहा हूँ। तुम सीमा से पूछ लो।”

मैंने सीमा की तरफ़ देखा तो सीमा ने कहा, “दीदी, ये ठीक कह रहा है। इसका पूरा का पूरा लंड तुम्हारी चूत के अंदर घुस चुका है। झबरू ने इतनी अच्छी तरह से अपना पूरा का पूरा लंड तुम्हारी चूत में घुसा दिया है कि मैं भी अब इससे चुदवाने के लिए तैयार

झबरू की गति अब धीरे-धीरे बढ़ती ही जा रही थी। मुझे अभी भी दर्द हो रहा था। दस मिनट की चुदाई के बाद मेरा दर्द एक दम कम हो गया और मुझे मज़ा आने लगा। मैंने धीरे धीरे अपने चूत्तड़ उठा-उठा कर झबरू का साथ देना शुरू कर दिया तो उसने अपनी गति और तेज कर दी। दो मिनट के बाद मैं फिर से झड़ गयी तो झबरू ने अपनी गति और बढ़ा दी। अब वो मुझे बहुत तेजी के साथ चोद रहा था। मैं भी एक दम मस्त हो चुकी थी। उसका लंड मेरी चूत के लिए अभी भी बहुत ही ज्यादा बड़ा था। जब वो अपना लंड बाहर खींचता तो मुझे लगता कि मेरी चूत उसके लंड के साथ ही बाहर निकल जायेगी। धीरे-धीरे झबरू की गति बहुत तेज हो गयी। अब वो मुझे एक दम पागलों की तरह से चोदने लगा था।

अब तक मुझे चुदवाते हुए लगभग चालिस मिनट हो चुके थे। मेरी चूत ने झबरू के लंड को रास्ता दे दिया था और मुझे अब ज्यादा मज़ा आने लगा था। वो मुझे चोदता रहा और मैं एक दम मस्त हो कर चुदवाती रही। लगभग एक घंटे की चुदाई के बाद झबरू झड़ गया और मैं भी उसके साथ ही साथ एक बार फिर से झड़ गयी। मैं इस चुदाई के दौरान चार बार झड़ चुकी थी। झबरू ने अपना सारा वीर्य मेरी चूत में निकालने के बाद अपना लंड बाहर निकाला तो मुझे लगा कि मेरी चूत भी उसके लंड के साथ ही बाहर निकल जायेगी। उसने अपना लंड मेरे मुँह के पास कर दिया तो सीमा बोली, “दीदी, तुम रहने दो। इसका लंड मैं चाट कर साफ़ करूगी।” सीमा ने अपना पैग खतम किया और झबरू के लंड को चाट-चाट कर साफ़ करना शुरू कर दिया। उसके बाद झबरू बेड पर लेट गया और आराम करने लगा। अब वो एक दम संतुष्ट दिख रहा था।

 
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