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मेरा चुदाई का सफ़र

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मैडमों की खुले में चूत चुदाई

सरपट घोड़े को भगाते हुए उसको चोदने लगा और चंद मिनटों में रूबी ‘हाय हाय मी जातोस मी जातोस रे…’ कहते हुए ढेर हो गई।

मैंने अपना लंड रूबी की फड़कती चूत से निकाला और कम्मो ने उसको तौलिये से साफ़ कर दिया और रूबी की चूत को भी साफ़ कर दिया।

शाम की चाय हम सबने बैठक में पी और वहीं बैठ कर सारे इंतज़ामों के बारे में चर्चा भी की मधु और रूबी मैडम से।

रात के खाने के बाद मैं दोनों मैडमों को हवेली के बगीचे में घुमाने ले गया, दोनों मेरी साइड में चल रही थी और दोनों ने मेरा हाथ पकड़ा हुआ था, दोनों ही कोशिश कर रही थी कि उनके सॉलिड चूचे मेरे बाजुओं से टकरा जाएँ और मेरे हाथ अक्सर उनके गोल और मोटे चूतड़ों के ऊपर से बार बार फिसल जाते थे।

एक अँधेरे स्थान पर मैंने पहले मधु मैडम और फिर रूबी दोनों का मुंह अपनी तरफ करके उनके लबों पर एक गर्म चुम्बन दे दिया।

मधु मैडम बोली- सोमू यार, मैंने कभी खुले में नहीं किया सेक्स। क्या यहाँ लॉन में पॉसिबल है यह सब?

रूबी मैडम भी बोली- हाँ हाँ, मैंने भी कभी नहीं फक करवाया खुले में यानि पब्लिक प्लेस में!

मैं बोला- पॉसिबल तो है लेकिन उसके लिए थोड़ा मन पक्का रखना होगा। वैसे यह लॉन तो बहुत सेफ है क्योंकि हवेली के गेट पर तो चौकीदार होता है, वो किसी को अंदर नहीं आने देगा लेकिन आपका नाज़ुक जिस्म में घास वगैरह चुभ सकता है, इसका ध्यान रखना पड़ेगा आप दोनों को!

मधु और रूबी एकदम बोल पड़ी- हमें तो कोई फर्क नहीं पड़ता।

मैं बोला- तो चलिए फिर मेरे साथ, बिल्कुल सेफ जगह है जहाँ किसी की नज़र नहीं पड़ सकती।

और मैं उनकी कमर में अपने दोनों हाथ डाले चल पड़ा और रास्ते में उनके गोल चूतड़ों को भी सहलाता जाता था। उन दोनों ने भी मेरे लंड को पैंट के ऊपर से अपने हाथों से सहलाना शुरु कर दिया था।

चलते चलते हम एक ऐसी जगह पहुँच गए जहाँ घर में जल रही लाइट का कोई असर नहीं पड़ रहा था और जो घने पेड़ों के झुरमुट में छुपी हुई थी।

मैंने दोनों मैडम से कहा- कैसी है यह जगह?

दोनों ने घूम घूम कर देखा और मुलायम घास को परखा और फिर बोली- हाँ, यह ठीक जगह है और नीचे घास भी काफी सॉफ्ट है।

मुझको घेर लिया उन दोनों ने और मुझको लबों पर एक के बाद बड़ी कामातुर चुम्मियाँ करने लगी दोनों बॉम्बे की हसीनाएँ! मैं भी उनके सॉफ्ट मुम्मों को अपने हाथों में लेकर मसलने लगा और उनकी ब्रा और ब्लाउज़ में छुपे चूचुकों को मसलने लगा।

और उनकी साड़ी या फिर सलवार सूट के बाहर से चूत में हाथ डालने लगा और दोनों जल्दी ही चुदाई लिए तैयार हो गई लेकिन वो जगह ऐसी थी कि कपड़े उतारने का तो सवाल ही नहीं था तो मैंने मधु को एक पेड़ को पकड़ कर रखने को कहा और उसको थोड़ा झुका कर और पैंट से अपने एकदम से अकड़े लंड को निकाला और मधु मैडम के पीछे से चूत के मुंह पर रख कर एक ज़ोर का धक्का मारा तो लंड सीधा उसकी गीली चूत के अंदर पूरा चला गया।

रूबी मैडम अपने हाथ से मेरे लंड को मधु मैडम की चूत में जाते हुए महसूस कर रही थी और हर बार जब वो गीला होकर निकलता था उसको बड़ा आनन्द आ रहा था। रूबी कभी मेरे अंडकोष को छेड़ रही थी और कभी लौड़े को फील कर रही थी और कभी फिर मेरे चूतड़ों के साथ खेल रही थी।

अब मैंने महसूस किया कि मधु मैडम अब छुटने के लिए तैयार है तो मैंने धक्कों की स्पीड एकदम तेज़ कर दी और उसके चूतड़ों को दोनों हाथों में पकड़ कर ज़ोरदार लंड का अटैक जारी रखा।

इस धुआँदार अटैक के कारण मधु एकदम से अकड़ी और फिर ढीली पड़ गई और मैं समझ गया कि मैडम का काम हो गया है।

थोड़ी देर लंड को मधु मैडम की कांपती चूत से नहीं निकाला और उसको जब निकाला तो वो एकदम से गीलेपन से तरबतर हो चुका था।

रूबी तैयार बैठी थी, उसने झट से मेरे गीले लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसको लपालप चूसने लगी और उसने यह समझ के चूसना शुरू किया था कि शायद मेरा लंड मैडम को चोद कर बैठ जाएगा और वो रह जायेगी।

थोड़ी देर चूसने के बाद भी जब उसने देखा कि मेरा लंड अभी भी अकड़ा हुआ था तो उसने चूसना छोड़ दिया और घास पर बैठ गई, वो यह देख कर हैरान रह गई कि मेरा लंड लाल अभी भी लहलहा रहा था।

अब मैं भी बैठ गया और उसके गोल लेकिन छोटे मुम्मों के साथ उसकी कमीज के बाहर से खेलने लगा और फिर उसको घोड़ी बनने के लिए कहा।

घोड़ी बनते ही मैंने उसकी सलवार को एकदम से नीचे किया और फिर अपने लौड़े के साथ उसकी चूत पर टूट पड़ा और लंड को अंदर डालने के बाद कभी धीरे कभी तेज़ रूबी मैडम को चोदने लगा।

क्योंकि उसने सिर्फ अपनी सलवार ही नीचे की थी तो उसके गोल और सख्त चूतड़ों को मैं देख सकता था और उनको फील कर सकता था।

रूबी मैडम मेरे लंड से अब काफी वाकिफ हो चुकी थी, वो चुदाई का पूरा मज़ा ले रही थी और मधु मैडम अपनी साड़ी को अभी भी ऊपर करके धीरे धीरे ऊँगली कर रही थी।

क्यूंकि हम खुले में चुदाई कर रहे थे तो ज़्यादा समय ना लेते हुए मैंने रूबी मैडम की चुदाई की स्पीड एकदम तेज़ कर दी और साथ में उसकी भग को भी रगड़ना शुरू कर दिया जिससे वो अब छूटने के करीब हो गई थी।

रूबी के चूतड़ों पर हल्की सी थपेड़ मारते हुए मैंने चुदाई जारी रखी और तेज़ धक्काशाही के कुछ मिन्ट बाद ही रूबी मैडम एकदम से कांपने लगी और उसकी चूत में सिकुड़न शुरू हो गई और वो बहुत ही धीरे से फुसफुसाती हुई बोली- मार दे सोमू यार, उफ्फ मी गयाला रे!

फिर वो वहीं घास पर लेट गई और मैंने अपना गीला लौड़ा निकाल कर उसको रुमाल से पौंछा और पैंट के बटन बंद करते हुए चलने के लिए तैयार हो गया।

रूबी मैडम भी अपनी ड्रेस ठीक करके चल पड़ी और हम तीनो कुछ ही क्षणों में अपने कमरों में पहुँच गए।

थोड़ी देर बाद कम्मो आई, मेरे लिए स्पेशल दूध जिसमें छुवारे बादाम और पिस्ता इत्यादि पड़े हुए थे, कमरे में छोड़ कर जाने लगी तो मैंने उसको रोक कर एक ज़ोर की जफ्फी डाली और एक हॉट किस उसके होटों पर जमा कर उसकी साड़ी उठा कर उसकी बालों भरी चूत को सहला दिया।

अगले दिन सुबह कोई 10 बजे के करीब एक मिनी बस हवेली के बाहर आ कर रुकी और उसमें से 10-12 लड़कियाँ निकली।
 
डांस वाली लड़कियाँ और वो काला हीरा

अगले दिन सुबह कोई 10 बजे के करीब एक मिनी बस हवेली के बाहर आकर रुकी और उसमें से 10-12 लड़कियाँ निकली।

रूबी मैडम ने उनका स्वागत किया।

फिर हम सब उनको लेकर कॉटेज की तरफ चल दिए उसी मिनी बस में!

वहाँ कम्मो और उसकी काम वालियाँ पहुँच चुकी थी और किचन में नाश्ता इत्यादि की तैयारी चल रही थी।

कम्मो उन सबको लेकर उनके कमरो में पहुँचा आई, सिर्फ दो लड़कियाँ जिनको कमरा नहीं मिला, उनके बारे में इंतज़ाम करना बाकी था, तो उनको एक कमरे नुमा स्टोर रूम में टिका दिया और सबको लेकर नाश्ता के लिए डाइनिंग टेबल पर ले आई थी।

जैसे ही नाश्ता खत्म हुआ, रूबी उन सबको लेकर बैठक में आ गई और उनको काम समझाने लगी।

वहीं पर उसने सबको मुझ से मिलवाया और बताया कि मैं वहाँ के ज़मींदार का लड़का हूँ और सारे काम का मैनेजर भी हूँ।

अब मैंने सब लड़कियों को ध्यान से देखा तो उनमें से सबकी सब लम्बे कद बुत की थी और काफी सुन्दर और सुडौल शरीर की मालिक थी। एक ख़ास बात जो मैंने नोट की, वो सब एक जैसी ही लम्बी थी, सबकी हाइट 5’5″ फ़ीट से ऊपर ही थी।

एक दो मुझ से बार बार नज़र मिला रही थी और बात करने की कोशिश कर रही थी।

आते जाते एक दो से तो हाथ से हाथ टकराए थे और मैंने उनको सॉरी भी बोल दिया था।

एक उनमें से बहुत चुलबुली थी, वो मेरे पास वाले सोफे पर आकर बैठ गई और बोली- हेलो मैनेजर साहब, मेरा नाम जूली है, आपका क्या नाम है?

मैंने उसको और बाकी लड़कियों को अपना नाम बताया तब जूली बोली- क्यों मिस्टर सोमू, क्या तुम कॉलेज में हो क्या?

मैं बोला- हाँ, मैं कॉलेज के फर्स्ट ईयर में हूँ, आप कहाँ तक पढ़ी हैं?

जूली बोली- मैंने बी ए किया हुआ है, और ये सब लड़कियाँ भी कॉलेज कर चुकी हैं।

मैं बोला- बॉम्बे शहर तो, कहते हैं, बहुत बड़ा है, क्या यह सच है?

जूली बोली- बॉम्बे बहुत बड़ा शहर है सारे इंडिया में, तुम्हारा लखनऊ तो कुछ भी नहीं उसके मुकाबले में!

इतने में रूबी मैडम भी आ गई और बोली- चलो नाश्ता हो गया है तो डांस की तैयारी करनी शुरू करें। अपने कपड़े भी चेंज कर लो जल्दी से!

सब लड़कियाँ जल्दी से अपने कमरों में चली गई और मैं भी रूबी मैडम से कह कर अपने घर आ गया।

नहा धोकर मैं फिर कॉटेज में जाने लगा तो मधु मैडम आ गई और बोली- सोमू यार, वो कार तो बिजी है, तुम मुझ को कॉटेज छोड़ आओ।

मैं बोला- आइए मैडम, मैं वहीं जा रहा हूँ अपनी बाइक पर, आप भी चल सकती हैं मेरे साथ!

जब बाइक चलाई तो मैडम मेरे से चिपक कर बैठ गई और उसके सॉलिड मुम्मे मेरी पीठ से चिपक गए और मैं थोड़े तेज़ चला कर ब्रेक मार रहा था जिससे मैडम के मुम्मे और भी चिपके रहे मेरी पीठ से!

कॉटेज पहुँच कर मैंने मैडम को याद कराया- मैडम याद है न वो आपका वायदा?

मैडम बोली- कौन सा वायदा सोमू?

मैं भी मैडम की आँखों में आँखें डाल कर बोला- वही, जो लड़की अच्छा डांस नहीं करेगी, उसको मुझसे फ़क करवाओगे आप?

मैडम ज़ोर से हंस दी- बड़ी तेज़ यादाश्त है यार तेरी। मैं ज़रूर फक करवाऊँगी लेकिन उससे पहले ही वो तुझ को घेर लेंगी और तुझको नहीं छोड़ेंगी, ख़ास तौर से तेरी फकिंग कैपेसिटी देख कर! देख लेना!

हम दोनों अंदर चले गए और मैडम उनको निर्देश देने में बिजी हो गई।

थोड़ी देर तो मैं मैडम को देखता रहा कि वो रूबी को और डांसर्स को क्या आदेश दे रही हैं, फिर मैं घूमता हुआ किचन में चला गया जहाँ फुलवा और उसकी सहयोगी खाना बनाने में लगी हुई थी।

कम्मो भी पहुँच चुकी थी, वो उनको जहाँ भी ज़रूरत होती थी, मदद कर रही थी।

सबको देखते हुए मेरी नज़र उस काले हीरे पर पड़ी जो अभी कुछ रसोई का काम कर रही थी।

उसने मेरी तरफ देखा और हल्के से मुस्करा दी।

कम्मो हमारी आँखों की इशारेबाजी देख रही थी, वो मेरे पास आई और बोली- आप पीछे स्टोर में चलिए, मैं आपके हीरे को लेकर आती हूँ।

मैं टहलते हुए स्टोर में गया और वहाँ पड़े हुए सामान को देख ही रहा था कि कम्मो काले हीरे को लेकर आ गई।

आते ही कम्मो बोली- छोटे मालिक, इससे मिलो, यह है देवकी!

मैं बोला- अच्छी सुन्दर है यह देवकी तो, इसकी शादी हो चुकी है क्या?

कम्मो बोली- हाँ छोटे मालिक, हो तो चुकी है लेकिन इसका पति बाहर गया हुआ है नौकरी के सिलसिले में, तो यह अभी दो साल से अनछुई है।

मैंने देवकी से पूछा- कब गया था बाहर तेरा पति?

देवकी शर्माती हुई बोली- यही कोई 2 साल पहले और तबसे लौट कर ही नहीं आया है।

मैं बोला- तो तू दो साल से अछूती है क्या?

वो और भी शरमाते हुए बोली- हाँ छोटे मालिक, क्या करें किस्मत ही खराब है ससुर!

कम्मो बोली- क्यों देवकी, छोटे मालिक तुझ को अगर अभी हरा कर दें तो तैयार है क्या?

देवकी शर्म से और सांवली हो गई और कुछ बोले बगैर सर को हाँ में हिला दिया।

कम्मो बोली- छोटे मालिक, आप देवकी को लेकर छत पर चले जाओ, मैं आती हूँ आपके पीछे।

मैंने देवकी को आगे आगे चलने को कहा और खुद उसके पीछे सीढ़ियाँ चढ़ने लगा।

ऊपर पहुँच कर देखा, वहाँ एक छोटा सा कमरा बना हुआ है जिसमें एक दीवान नुमा बेड बिछा हुआ था।

जैसे ही हम कमरे में पहुंचे मैंने देवकी का मुंह अपनी तरफ करके पूछा- क्यों देवकी, तुम तैयार हो ना?

देवकी शरमाई, लेकिन बोली कुछ नहीं।

मैंने फिर पूछा- बोलो देवकी, तैयार हो अपनी चूत चुदवाने के लिए?

देवकी ने फिर हामी में सर हिला दिया।

तब मैंने कहा- ऐसे नहीं देवकी, बोलो हाँ या ना?

देवकी ने अपनी साड़ी के पल्लू में छुपा कर धीरे से बोला- हाँ छोटे मालिक।

जैसे ही उसने हाँ बोला, मैंने उसको पकड़ लिया और उसकी साड़ी का पल्लू उसके मुम्मों के ऊपर से हटा दिया, उसके ढीले ब्लाउज को ऊपर करके सांवले लेकिन सॉलिड और मोटे मुम्मे बाहर आ गए, मैं उनको चूसने लगा।

साथ ही मैंने उसको बेड पर लिटा दिया और उसकी धोती ऊँची करके उसकी चूत पर काले बालों में से साफ झलकते चूत के होटों को मसलने लगा।

उसकी चूत काफी गीली हो चुकी थी, मैंने अपनी पैंट ढीली करके अपने खड़े लौड़े को निकाला और उसको देवकी के हाथ में दे दिया।

देवकी खुश हो गई लंड को हाथ में लेकर और फिर मैंने बिना कुछ भी देर किये उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया और उसकी टांगों को चौड़ा कर के धीरे धीरे धक्के मारने लगा।

उसकी चूत एकदम से टाइट थी क्यों कि वो दो सालों से इस्तेमाल नहीं हुई थी और मेरे लौड़े को पाकर चूत और भी निहाल हो गई थी।

मैंने उसके सांवले लेकिन मोटे चूतड़ों के नीचे हाथ रख कर ज़ोरदार चुदाई शुरू कर दी और जैसा कि मुझको उम्मीद थी, देवकी जल्दी ही झड़ गई और ज़ोर ज़ोर से हाय हाय करने लगी।

तब मैंने उसके मुंह पर हाथ रख दिया और उसकी चूत के पानी के पूरी तरह से झड़ जाने तक अपने लंड को अंदर डाल कर बैठा रहा।

जब मैं उठने लगा तो देवकी ने मुझ को कसके जफ्फी मारी और मेरे होटों पर एक चुम्मी भी दे दी।

पहले मैंने देवकी को नीचे भेज दिया और फिर 5 मिन्ट बाद मैं भी नीचे आ गया।

जैसे ही मैं हाल में पहुँचा वहाँ मुझ जूली मिल गई और पूछने लगी- कहाँ थे आप?

मैंने कहा- मैनेजर हूँ ना, सब इंतज़ाम देखने पड़ते हैं। बोलो, कोई काम था मुझसे?

जूली बोली- तुम ज़रा आना मेरे कमरे में, कुछ काम है।

मैं उसके पीछे चल दिया और जब हम उसके रूम में पहुँचे तो उसने झट से कमरे का दरवाज़ा बंद कर लिया और मुझको एकदम अपनी बाहों में ले कर बहुत ही टाइट जफ्फी मारी।

फिर उसने अपने गरम होंट मेरे होंटों पर रख दिए और एक बहुत ही कामातुर जफ्फी मारी।

मैं थोड़ा घबरा कर बोला- यह क्या कर रही हो जूली?

जूली बोली- मैं तुमको फक करना चाहती हूँ।
 


मैं बोला- अच्छा! फक करना चाहती हो तो आओ फिर, देख क्या रही हो?

जूली बोली- क्या तुम नहीं चाहते मुझको फक करना?

मैं बोला- चाहता तो बहुत हूँ लेकिन क्या यह उचित समय होगा? बाहर तुम्हारी मैडम है, वो कहीं पकड़ ना लें, इसका डर नहीं है क्या?

जूली बोली- डर तो है पर क्या करें फिर?

मैं बोला- इन दोनों को जाने दो। फिर मैं तुमको जितना तुम चाहोगी उतना फक कर दूंगा।

जूली बोली- ठीक है अभी हम सिर्फ छेड़छाड़ कर लेते हैं.

मैं बोला- ठीक है लेकिन तुम्हारी रूम पार्टनर भी तो आ सकती है ना?

जूली बोली- आने दो साली को, उसको भी लंड चाहिए और वो भी गाँव का मज़बूत लंड!

फिर उसने पैंट से मेरा लौड़ा निकाल कर देखना शुरु किया, जूली हैरानी से बोली- अरे यह तो खड़ा है… कितना बड़ा होगा यह?

मैं बोला- यही कोई 7 इंच से कुछ ज़्यादा है।

अब मैं भी जूली के चूचे मसलने लगा, उसके मुम्मे काफी गोल और सॉलिड लग रहे थे। उसने फ्रॉक ड्रेस पहनी हुई थी और उसका फ्रॉक

केवल उसके घुटनों तक ही था।

मैंने भी झट से उसके ड्रेस के नीचे अपना एक हाथ डाल दिया और उसकी पैंटी के ऊपर से उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा।

अब जूली बैठ कर मेरे लंड को लपालप चूसने लगी और मैं भी उसके मुम्मों को उसकी फ्रॉक से बाहर निकाल कर सहलाने लगा।

थोड़ी देर में मुझको लगा कि किसी ने कमरे का दरवाज़ा खोला और चुपचाप हम को देख रही है।

मैंने झट मुड़ कर देखा तो वो एक गोरी सी लम्बी लड़की वहाँ खड़ी थी और हमको बड़े ध्यान से देख रही थी।

जूली बोली- आओ सैंडी, देखो गाँव का छोकरा है कितने मोटे कॉक के साथ!

मैंने सैंडी की तरफ देखा, वो काफी गोरी और सुडौल बदन वाली लड़की थी, उसने भी फ्रॉक पहन रखा था।

सैंडी बोली- यह तो सोमू है, यहाँ का मैनेजर… इस के साथ क्या कर रही है जूली? ज़मींदार साहिब का लड़का है यह, पकड़ी गई न, तो

वो लोग तुझको छोड़ेंगे नहीं।

मैं बोला- रिलैक्स गर्ल्स, यहाँ कोई नहीं पकड़ता किसी को और मुझ को तो पकड़ने की किस में हिम्मत है! अच्छा अब बताओ क्या सैंडी

भी फक करेगी मुझको?

जूली ने सैंडी से पूछा- क्यों सैंडी, क्या मरजी है? फक करना है इसको?

सैंडी बोली- अरे इस छोटे से छोकरे को क्या फक करना है जूली। तू भी ना हर किसी से फक करवाने के लिए तैयार हो जाती है?

जूली ज़ोर से हंस पड़ी और सैंडी को कहा- इधर तो आ सैंडी, तेरे को कुछ दिखाना है!

सैंडी बड़ी बेदिली से जूली के पास गई और बोली- क्या री? क्या दिखाना चाहती है?

जूली मेरा खड़ा लौड़ा निकाल कर सैंडी को दिखाने लगी। सैंडी मेरा खड़ा लंड देख कर अचरज में पड़ गई और उसको अपने हाथ में लेती

हुई बोली- यह असली है या नकली है?

मैं बोला- जूली सैंडी, तुम दोनों फैसला करो, नहीं तो मैं तो जा रहा हूँ।

और यह कह कर मैं अपने लौड़े को पैंट के अंदर डाल कर पैंट के बटन बंद करने लगा।

यह देख कर जूली मेरे लंड को फिर से निकाल कर उसको चूसने लगी।

सैंडी भी उसके पास आई और बोली- जूली, प्लीज थोड़ा मुझको भी चूसने दे न प्लीज!

मैंने कहा- सैंडी मैडम, यू आर नोट परमिटेड टू टच इट! जब तुमको मेरे लंड पर विश्वास नहीं तो प्लीज इसको हाथ मत लगाना। आओ

जूली हम फक करें!

मैं अब जूली को डीप किस करने लगा और साथ में उसके चूतड़ों को सहलाने लगा और फिर उसकी पैन्टी को नीचे खिसका कर उसको

बेड पर झुका कर मैं उसको पीछे से चोदने लगा।

सैंडी भी नज़दीक आकर सारा तमाशा देखने लगी। मेरा लौड़ा कैसे जूली की चूत में अंदर बाहर हो रहा था, यह सैंडी देख रही थी और

अपनी ऊँगली पैंटी के ऊपर से अपनी चूत पर चला रही थी।

मैंने जूली के दोनों नंगे चूतड़ों को कस कर अपने हाथों में पकड़ा हुआ था और पूरे जोश-औ-खरोश के साथ उसकी चूत चुदाई में मग्न

था।

सैंडी ना जाने कब मेरे पीछे आकर मेरे अंडकोष से खेलने लगी लेकिन मैं बेखबर हुआ धक्के मारने में लगा हुआ था। जब मैंने महसूस

किया कि जूली अब झड़ने के करीब है तो मैंने धक्कों की स्पीड बेइंतहा बढ़ा दी, चंद ही मिनटों में जूली के शरीर की सिहरन एकदम से

तेज़ हो गई और वो बहुत ही जल्दी ‘ओह माय गॉड…’ कहती हुई झड़ गई।

वो बेड में पूरी तरह से झुक गई और मैं भी उसके ऊपर पसर गया।

फिर मैं उठा और अपने लंड को पैंट के अंदर कर के कमरे के बाहर जाने लगा तो सैंडी मेरे सामने आ गई और बोली- मेरा भी कर दो न

प्लीज सोमू?

मैं बोला- नहीं सैंडी, आज नहीं, फिर कभी सही… टेक केयर, बाई जूली!

मैं वहाँ से निकल कर बैठक में आ गया और देखा कि डांस का रिहर्सल चल रहा था और किसी का तो ध्यान नहीं था लेकिन अपनी

कम्मो ने मुझको सवालिया निग़ाहों से पूछा कि कहाँ थे अब तक?

मैंने भी हाथ के इशारे से बता दिया कि सब ठीक है।

जूली और सैंडी भी आ गई थी कमरे में।

ज़्यादातर लड़कियों ने कमीज और चूड़ीदार पजामी या फिर सलवार पहन रखी थी रिहर्सल के टाइम और उन सबके मुम्मे खुले हुए थे

उनकी कमीज़ों में, उनका हिलना और उछलना डांस के स्टेप्स के साथ मुझ को बड़ा ही आनन्द दे रहा था।

काला हीरा यानि देवकी भी डांस देख रही थी और एक बार जब हमारी नज़र मिली तो मैंने उसको हल्के से आँख मार दी और यह देख

कर देवकी की बांछें खिल उठी थी।

जब डांस चल रहा था तो उनमें से कुछ लड़कियाँ अपनी बारी की इंतज़ार कर रही थी और उन में से तीन लड़कियाँ, मुझको लगा, धीरे

धीरे मेरे सामने आकर खड़ी हो गई थी।

मैंने कोई ख़ास ध्यान नहीं दिया लेकिन जब वो आहिस्ता से मेरे नज़दीक आने लगी तो मुझको शक हुआ कि कहीं ये मेरे पास तो नहीं

आना चाहती हैं?

अब मैंने महसूस किया कि उन दोनों ने अपने चूतड़ मेरे आगे जोड़ दिए थे और वो बहुत ही धीरे से मेरे लंड को टच करने की कोशिश

कर रही थी।

अब मैं भी अपनी कमर को उनके चूतड़ों के साथ घिसने लगा और मेरा लंड जो फिर खड़ा हो गया था वो उनको टच कर रहा था।

मैंने दोनों को ध्यान से देखा, दोनों ही काफी लम्बी और सुडौल शरीर वाली थी। उन्होंने भी वो डांस वाली ड्रेस पहन रखी यानि सलवार

कमीज, वो भी बहुत ही टाइट।

मैं उनके चूतड़ों पर हाथ रख कर धीरे से उनको सहलाने लगा और वो दोनों यह देख कर और भी करीब आ गई।

अब मैंने अच्छा मौका देख कर बोला- मैं हूँ सोमू, आप लोगों का मैनेजर, इस कॉटेज में अगर कोई भी प्रॉब्लम हो तो बताना ज़रूर।

दोनों ने पीछे मुड़ कर मेरी तरफ देखा और अपना हाथ बढ़ा दिया मुझसे मिलाने के लिए!

मैंने भी उनसे हाथ मिलाया और तभी उनमें से एक लड़की ने मेरे हाथ में हल्की सी खुजली कर दी और मैं समझ गया कि ये दोनों तो

तैयार हैं।

उनमें से ज़्यादा सुन्दर लड़की ने कहा- मेरा नाम सुनंदा है और इसका नाम रागिनी है और हम दोनों ही डांसर हैं।

मैंने भी उनके कान के पास मुंह ले जाकर कह दिया- आप दोनों बहुत सुन्दर और काफी स्मार्ट लग रही हो।

 
दोनों बहुत ही खुश हो गई मेरी इस तारीफ से और दोनों ने एक दिलरुबा मुस्कान मेरी तरफ बखेर दी।

तभी रूबी मैडम ने उन दोनों को आवाज़ दी और दोनों जल्दी से डांस फ्लोर पर चली गई।

उनके जाने के बाद मैं थोड़ी देर के लिए किचन भी गया और वहाँ काम कर रही औरतों और लड़कियों से बातचीत की और देखा कि

कौन सी लड़की या फिर औरत नई आई है।

दो तीन औरतें मुझको नई लगी और फिर मेरी नज़र दुल्हनिया पर पड़ी जिसकी चूत का द्वार मैंने खोला था, वो मुझको देख कर

मुस्करा दी और जवाब में मैं भी मुस्करा दिया।

वहाँ से घूम कर मैं फिर डांस रिहर्सल को देखने खड़ा हो गया। मैं जहाँ खड़ा था, वहाँ कुछ डांसर लड़कियाँ भी खड़ी थी और मैं उनके

पीछे थोड़ा हट कर खड़ा हो गया।

कुछ देर बाद वो लड़कियाँ भी पीछे होते हुए मेरे एकदम आगे आकर खड़ी हो गई और मुझको समझते देर नहीं लगी कि इनको भी मेरे

बारे में खबर लग चुकी है।

मैं चुपचाप खड़ा था और अपनी तरफ से कुछ भी नहीं कर रहा था लेकिन थोड़ी देर बाद मैंने नीचे देखा तो उन लड़कियों में से एक का

बायां हाथ मेरी पैंट के ऊपर से मेरे लंड को ढूंढ रहा था।

जब उसको मेरे लंड का आभास मिल गया तो वो हाथ पहले धीरे धीरे से उसको बाहर से फील कर रहा था, लेकिन जैसे ही मेरा लौड़ा

अकड़ गया तो उसने अपना हाथ खींच लिया।

जल्दी ही उस लड़की के हाथ को एक दूसरी लड़की के हाथ ने रिप्लेस कर दिया और पहले वाली लड़की वहां से ज़रा हट गयी और वो

दुसरे हाथ वाली ने उस की जगह ले ली.

अब मैं ने देखा आगे खड़ी तीनो लड़कियां ने मिल कर एक दिवार सी बना दी मेरे आगे ताकि कोई उन के हाथ की हरकत को ना देखा

सके.

क्यूंकि मैं तो इस सारे कार्यक्रम में आनंद ले रहा था सो उन को मेरी तो फ़िक्र थी नहीं बाकी कोशिश यह थी कि कोई आगे वाला न

देख रहा हो.

अब हाथ वाली लड़की ने मेरी पैंट के बटन खोलने शुरू कर दिए और उस को कुछ मुश्कल होते देख कर मैं ने ही पैंट के बटन खोलने

में उन को थोड़ी सहायता देनी शुरू कर दी.

उस लड़की के गोरे हाथ ने मेरा लंड को मेरे अंडरवियर के अंदर से निकाल कर उस को ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया था.

यह देख कर मैं भी कुछ मज़ा लेने के खातिर उस के चूतड़ों को छूने लगा और फिर आहिस्ता से अपनी ऊँगली उस की गांड से होते

हुए उस की उभरी हुई चूत में डालने की कोशिश करने लगा.

उस ने पैंटी पहन रखी थी सो ऊँगली ज़्यादा दूर तक चूत के अंदर नहीं जा सकी लेकिन मैं पैंटी के बाहर से ही मसलने लगा.

दूसरा हाथ दूसरी लड़की के नितम्बों पर फेरने लगा.

तीनो ने मुझ को इस तरह घेरा हुआ था कि मैं कुछ भी करूँ वह सामने वालों को नहीं दिख रहा था.

बारी बारी से तीनो ने मेरे लौड़े को फील किया और कुछ समय उस के साथ खेल कर वो तीनो एक दुसरे के सुपर्द कर रही थी, बड़े ही

संयम और यत्न से वो यह सेक्सी खेल मेरे लौड़े के साथ खेल रही थी।

मेरे मुंह अपने आप उस समय निकल गया-माशाल्लाह क्या आपसी जोड़ और जुगाड़ है यारो वाहा वाहा।

हमारा यह खेल कुछ देर तो ठीक चला लेकिन फिर रूबी मैडम की पैनी नज़र से हमारी यह खेल की छुपी हरकत और ज़्यादा ना छुप

सकी और उस ने उन तीनो लड़कियों को अपने पास बुला लिया।

लेकिन मैं वाकये में उन तीनो से एक दम बहुत ही ज़्यादा प्रभावित हुआ जब वो तीनो ने मिल कर मेरी पैंट के अंदर मेरा लौड़ा डाल

कर पैंट के खुले बटन भी बंद कर दिए और फिर वो तीनो वहां से हटी!

डांस रिहर्सल के बाद वो तीनों डांसर मेरे पास आई, मुझको चारो तरफ से घेर लिया और खूब प्यार से मेरा थैंक्स करने लगी।

मैं कुछ हैरान था कि यह थैंक्स किस बात का कर रही हैं।

फिर उनमें से एक तेज़ तरार लड़की ने कहा- सोमू यार, तुम्हारा कॉक तो बहुत ही रॉकी है यार! कहाँ से खरीदा है इसको?

मैं उनके मज़ाक के लहजे को समझ गया और उसी टोन में बोला- गाँव में हर शनिवार बाजार लगता है, वहीं से खरीदा है। तुमको यह पसंद है तो तुम ले लो, मैं दूसरा ले लूँगा!

यह सुन कर बाकी खड़ी लड़कियाँ बड़े ज़ोर से हंस दी और सवाल पूछने वाली लड़की एकदम से झेंप गई।

फिर वही लड़की बोली- मेरा नाम आबिदा है, इन दोनों का नाम श्वेता और शिल्पी है। हम सब बाम्बे में एक ही मोहल्ले में रहती हैं और फिल्मों में डांस का काम करती हैं।

मैं बोला- मेरा नाम सोमू है, मैं लखनऊ में कॉलेज में पढ़ता हूँ और दशहरे की छुट्टियों में गाँव में आया हूँ और आपके बॉस ने मुझको यहाँ का सारा इंतज़ाम करने, देखने के लिए कहा है, यह कॉटेज मेरे पिता जी की है जो यहाँ के ज़मींदार भी हैं, आपको कोई प्रॉब्लम हो तो बताना ज़रूर।

आबिदा बोली- अच्छा हुआ आपने बता दिया, मेरे कमरे में एक बहुत ही अजीब सी प्रॉब्लम है, आप प्लीज उसको ठीक करवा दीजिये।

मैं बोला- ठीक है, मैं अपने मिस्त्री को बुला लाऊँगा तो वो देख लेगा और ठीक कर देगा।

आबिदा बोली- नहीं ना, आप अभी चल कर प्रॉब्लम तो देख लीजिये, फिर मिस्त्री को बुला कर ठीक करवा देना।

मैं बोला- अभी तो आपका डांस रिहर्सल चल रहा है, बाद में दिखा देना जब आप को काम से फुर्सत हो तो।

आबिदा बोली- नहीं, अभी काम नहीं चल रहा, यह टाइम चाय ब्रेक का है, आप चलिए प्लीज!

मैं बड़ी विवशता से उन तीनों के पीछे चल पड़ा और जब हम उनके काफी पीछे वाले कमरे में पहुँचे तो कमरे में घुसते ही उन्होंने दरवाज़ा बंद कर दिया।

आबिदा ने सबसे पहले आगे बढ़ कर मुझसे आलिंगन कर लिया और फिर एक ज़ोरदार चुंबन मेरे होटों पर जड़ दिया और उसके हाथ मेरे लौड़े पर जाकर टिक से गए।

मैंने भी उसको चुम्बन दिया और बोला- देखो लड़कियो, इस तरह से मेरे साथ आप को कुछ भी मज़ा नहीं आएगा और आप में किसी को भी कोई सेक्स का पूरा आनन्द नहीं आएगा। मैं तुमसे वायदा करता हूँ कि मैं तुम सब को एक एक कर के पूरी तसल्ली दूंगा लेकिन आराम से! इस लिए मैं तुम को सलाह दूंगा कि सब कम्मो दीदी से मिलो और वो प्लान करेगी कि कैसे किस को कब कहाँ फक करना है।

आबिदा ने बाकी लड़कियों की तरफ देखा और उन दोनों ने मेरे साथ सहमति जताई।

अब मैं बोला- लेकिन थोड़ी सी किसिंग और छेड़ा छाड़ी तो अभी भी आप कर सकती हैं!

फिर मैंने उन तीनों को बारी बारी से किस किया और उनके चूतड़ों, उनके मुम्मों को थोड़ा मसला और उन्होंने मेरे खड़े लौड़े को पैंट से निकाल कर थोड़ा सा चूमा और मेरे अंडकोष को सहला दिया।

फ़िर हम सब बैठक में आ गए जहाँ अभी भी रिहर्सल चल रहा था।

मौका देख कर मैंने कम्मो को इशारा किया, वो मेरे पीछे लॉन में आ गई। लॉन में घूमते हुए मैंने उसको सब प्रॉब्लम बताई कि कैसे लड़कियाँ मुझको बार बार चुदाई के लिए घेर रही हैं।

कम्मो बोली- मुझको यह मालूम था कि ऐसा होने वाला है, लेकिन मैं नहीं जानती थी कि ये सब इतनी बेशर्म और निडर हैं। छोटे मालिक, आप बेफिक्र रहो, मैं इन लड़कियों का कुछ हल सोचती हूँ।

फिर हम दोनों अंदर बैठक मैं आ गए।

मुझको देख कर रूबी मैडम मेरे पास आई और बोली- सोमू क्या तुम डांस में दिलचस्पी लेते हो?

मैं बोला- नहीं मैडम, मैंने आज तक कभी डांस नहीं किया अपने जीवन में!

रूबी मैडम बोली- अच्छा, अगर तुमको हम डांस करने का मौका दें तो क्या तुम डांस करना चाहोगे?

मैं बोला- अगर आप डांस करना सिखा दें तो अवश्य ही मैं डांस करने की कोशिश करूंगा।

रूबी मैडम बोली- तो आओ किसी खाली कमरे में चलते हैं, मैं तुमको डांस करना सिखाने की कोशिश करती हूँ।

मैं रूबी मैडम को अपने छत वाले कमरे में ले गया, वहाँ एकान्त देख कर रूबी मैडम का चुदवाने का मूड बन गया लेकिन मैंने उनको याद दिलाया कि हम यहाँ डांस सीखने के लिए आये हैं।

रूबी एकदम से संभल गई और मेरा हाथ पकड़ के उसने मुझको डांस स्टेप्स सिखाने शुरू कर दिए।

और कुदरत का खेल देखिये कि मैं बहुत जल्द ही सारे बेसिक स्टेप्स सीख गया।

अब मैडम नीचे गई और एक डांसर को बुला लाई और मुझको उसके साथ डांस करने के लिए कहा।

डांस फिर शुरू हुआ और मैडम ने ताली बजा कर मुझको उस लड़की डांसर के स्टेप्स का अनुसरण करने के लिए कहा जो मैंने बिना किसी गलती के पूरा कर लिया।

रूबी मैडम इतनी खुश हुई कि उसने जोश में मुझे गले लगा लिया और मेरे लबों पर एक गर्म चुम्मी जड़ दी।

मैंने उस डांसर लड़की की तरफ देखा और उसकी आँखें रूबी मैडम के इस व्यवाहर से विस्फारित हो रही थी लेकिन रूबी मैडम ने उस लड़की को भी घेर कर फिर हम दोनों को एक टाइट जफ्फी मारी।

मैंने मौका देख कर उस डांसर लड़की के नितम्बों पर हाथ फेर दिया और उसको अपने आगोश में ले लिया और साथ में रूबी मैडम के लबों पर एक कामुक चुम्मी कर दी।

रूबी मैडम हम दोनों को लेकर नीचे बैठक में आई और मधु मैडम से फ़ख्र से बोली- लो मैडम, आपके लिए एक लड़का डांसर भी पेश है। ज़रा इसके स्टेप्स तो देखिये?

रूबी के इशारे पर और ताली की थाप पर हम दोनों डांस करने लगे जिसको देख कर मधु मैडम हैरान हो गई और ज़ोर से बोली- म्यूजिक चलाओ जल्दी से।

तब ग्रामोफ़ोन पर गाना बजने लगा और मैं और वो डांसर लड़की रूबी मैडम के सिखाये स्टेप्स पर डांस करने लगे।

हम दोनों डांस में इतने लीन हो गए थे कि अपनी सुध बुध भूल कर डांस करते ही रहे जबकि बाजा बंद हो चुका था।

मधु मैडम ने ज़ोर से तालियाँ बजाई और उनके साथ बाकी सब लड़कियों ने भी वाह वाह की।

सन 1954 में फ़िल्मी डांस के स्टेप्स बड़े ही आसान और सीधे और लयदार हुआ करते थे आजकल के बहुत तेज़ और उछल कूद वाले स्टेप्स के बिल्कुल विपरीत।

मधु मैडम भाग कर मेरे पास आई, मुझको गले लगा लिया और कहा- सोमू यार, तुमने हमारी एक बड़ी भूल को सुधार दिया वरना वो पंचोली साहिब तो हम सब को खा जाते। क्यों रूबी, थोड़ी और प्रैक्टिस करवाएँ इसको आज रात तो कल यह डांस के लिए तैयार हो जाएगा ना?

रूबी और बाकी सब लड़कियों ने भी शोर मचा कर अपनी ख़ुशी जताई।

यह सब तमाशा कम्मो भी देख रही थी, उसने और गाँव की सब काम वालियों ने भी बड़ी ज़ोरदार तालियाँ बजाई।

आबिदा और उसके साथी डांसर्स ने भी मुझको घेर लिया और कहा- सोमू जी, कमाल का डांस करते हैं आप तो।

मैं सर झुकाये सबकी तारीफ कबूल करता रहा।

मधु मैडम ने कहा- सोमू, तुम आज रात को यहीं रुको और थोड़ी रिहर्सल करो ताकि कल हम शूटिंग शुरू कर सकें।

मैं बोला- यस मैडम, जैसा आप कहें।

यह सुन कर डांस वाली लड़कियों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई।

तभी कम्मो उन लड़कियों में से आबिदा और जूली वगैरह को साथ लेकर लॉन में चली गई और थोड़ी देर बाद वो वापस आई और मुझ को इशारे से अपने पास बुलाया।

मैं और कम्मो भी लॉन में आ गए और वहाँ उसने मुझ को बताया कि सब लड़कियों को बता दिया है कि किस क्रम से उनकी चुदाई का नंबर लगाया जाएगा।

कम्मो बोली- यहाँ 12 लड़कियाँ हैं, उनमें से कितनी चुदवाने वाली हैं इसका पता आबिदा बेगम लगाएगी और फिर हर रात आप एक कमरे में रहने वाली दो लड़कियों को चोदा करोगे, यह काम तकरीबन एक घंटे में खत्म करके हम अपने हवेली चले जाया करेंगे। हर चुदाई के मौके पर मैं खुद रहा करूँगी आपके साथ।

मैं बोला- शाबाश कम्मो डार्लिंग, फिर आज किसकी बारी है? लेकिन कम्मो डियर वो जो हवेली में बैठी हुई हैं मधु और रूबी भी तो चुदना मांगेंगी। उनका क्या करेंगे?

कम्मो बोली- हर रात आप दोनों में से एक को चोद दिया करना, बस हो गया काम! आज रात आप डांस के लिए तो रुक ही रहे हैं तो खाना खाकर आपको मैं खुद आबिदा और उसकी रूम पार्टनर के पास ले जाऊँगी।

मैं बोला- ठीक है, रात का खाना बन गया क्या?

कम्मो बोली- हाँ छोटे मालिक, ये सब तो मीट खोर हैं, सब काम वालियाँ इनको शाम 7 बजे खाना परोस कर और बर्तन इत्यादि मांज कर अपने घरों में चली जाएंगी। मैंने इन के लिए कार का बन्दोबस्त कर रखा है तो इनको कोई कष्ट नहीं होने देंगे।

खाना खाने के बाद तो डांस रिहर्सल होगी जिसमें मुझ को भी आना था तो चुदाई का कार्यक्रम तो उसके बाद ही हो पायेगा।

डांस रिहर्सल रात काफी देर तक चलता रहा और जब तक रूबी मैडम ने अपनी संतुष्टि नहीं जताई तब तक यह डांस रिहर्सल चलता रहा और इस दौरान मुझको तकरीबन सब लड़कियों के साथ डांस करना पड़ा और डांस करते हुए कई मौके मिले जब उन लड़कियों ने मेरे लंड को पैंट के बाहर से छुआ और मैं भी हर लड़की के चूतड़ों और मुम्मों को छूने से बाज़ नहीं आया।

कई ने आँखों आँखों में ही चुदाई के लिए निमंत्रण दिया और मैंने भी उनकी सलवार के बाहर से चूत पर तेजी से हाथ लगा कर अपनी रज़ामंदी ज़ाहिर की।

थोड़ी देर बाद रूबी मैडम चली गई हवेली और पीछे रह गए हम सब!

हम सब खाने से फारिग हो गए थे तो बैठक में आकर बैठ गए और हलवा खाते हुए कम्मो ने बताया- अभी तो मैंने आबिदा के कमरे में जाना है जहाँ उसकी सहेली रोज़ी भी मिलेगी और उन दोनों का काम करना है।

थोड़ी देर बाद कम्मो ने इशारा किया तो मैं कम्मो के साथ उन दोनों के कमरे की तरफ चल पड़ा जहाँ पहुँच कर देखा तो दोनों ने अपनी बहुत ही पतली झीनी सी नाइटी पहन रखी थी जो मुश्किल से उनके घुटनों तक ही आ रही थी और दोनों ने नाइटी के अलावा कुछ भी नहीं पहन रखा था।

दोनों की नाइटी काफी पारदर्शी थी, उन दोनों के जिस्म की साफ़ झलक मेरे लौड़े को मिल रही थी और उसके मुंह से लार निकलना शुरू हो गया था।

कमरे में घुसते ही आबिदा और रोज़ी ने मुझको घेर लिया और दोनों ने खूब आलिंगन और चुम्बनों की वर्षा कर दी।

कम्मो ने उन दोनों को कहा- आप अपनी नाइटी उतार दें!

जब उनकी नाइटी उतर गई तो वो दोनों ही बहुत सुन्दर लगी मुझको खासतौर पर आबिदा, जिसका रंग एकदम गोरा था और शरीर की उठान एकदम बढ़िया थी। उसके मम्मे गोल और सॉलिड लग रहे थे और चूत भी एकदम सफाचट थी और उसके नितम्ब भी गोल और उभरे हुए थे वो बिल्कुल एक फ़िल्मी मूर्ति लग रही थी।

उसके साथ खड़ी हुई रोज़ी भी काफी हसीन थी और बहुत ही खूबसूरत शरीर की मालिक थी, उसके उन्नत उरोज और एकदम गोल और मोटे चूतड़ और सफाचट चूत एक कामुक नज़ारा पेश कर रहे थे।

रोज़ी स्वयं ही आगे आकर मेरे भी कपड़े उतारने लगी और जब वो मेरे अंडरवियर तक पहुंची तो मैंने और कम्मो ने एक दूसरे की तरफ देखा और इंतज़ार करने लगे कि देखें ‘अब क्या होगा!’

लेकिन रोज़ी शायद कई बार इसी तरह यह काम कर चुकी थी तो वो होशियार थी और जैसे ही मेरा लौड़ा उछल कर बाहर आया तो रोज़ी ने झट से लपक कर उसको अपने मुंह में ले लिया।

मैंने और कम्मो ने ‘वाह वाह’ की और कहा- कमाल की फुर्ती दिखाई है रोज़ी ने!

आबिदा ने जल्दी से मुझको पकड़ लिया और अपने रसीले होटों को मेरे होटों पर रख कर एक ज़ोरदार जफ्फी मारी।

मैंने भी एक हाथ उसके गोल मुम्मों पर फेरने के लिए छोड़ दिया और दूसरे से उसकी चूत में ऊँगली चलाने लगा।

उधर कम्मो भी नंगी हो चुकी थी, उसने रोज़ी को पकड़ लिया और उसके होटों को चूसने लगी। रोज़ी ने कम्मो के मोटे मुम्मों को मसलना शुरू कर दिया और इस तरह कम्मो ने रोज़ी को भी साथ साथ मज़ा देना शुरू कर दिया जिससे मेरा काम बहुत ही आसान हो गया।

आबिदा बहुत अधिक कामुक हो चुकी थी और बार बार मेरे लौड़े को पकड़ कर उसको खींच रही थी।

मैंने उसका इशारा समझ कर उससे पूछा- कैसे चुदवाना पसंद करोगी यानि कौन सी पोजीशन से तुमको चोदूँ?

आबिदा बोली- मैं तुम्हारे ऊपर बैठ कर चोदूंगी।

मैं बिस्तर पर लेट गया और मेरे लंड हवा में लहलहा रहा था।

आबिदा ने दोनों टांगें मेरी दोनों और रख कर बीच में बैठ कर मेरे खड़े लंड को अपनी लबलबाती चूत के मुंह पर रखा और धीरे से मेरे लंड को चूत के अंदर ले गई और फिर झुक कर उसने मेरे लबों को अपने होटों द्वारा चूसना शुरू कर दिया, ऊपर से अपनी कमर को ऊपर नीचे कर के उसने मुझको चोदना शुरू कर दिया।

उसकी टाइट लेकिन एकदम रसीली चूत ने मेरे लंड को प्यार से अंदर बाहर आने दिया और मैंने उसके गोल कमर को हाथों से पकड़ कर मैं भी नीचे से अपनी कमर उठा उठा कर उसकी चुदाई का जवाब देने लगा।

उधर रोज़ी कम्मो की चूत को बड़े प्यार से चाट रही थी, कम्मो ने उसके सर को कस कर अपने हाथों से पकड़ रखा हुआ था और अपनी चूत को ऊपर उठा कर उसने रोज़ी के मुंह के साथ जोड़ दिया था

वो दोनों भी चुदाई में पूरी मस्त थी और एक दूसरी को पूरी आग लगा रही थी।

अब आबिदा ने जल्दी जल्दी से ऊपर से धक्के मारने शुरू कर दिए और थोड़ी देर में ही उसकी चूत से दूधिया पानी बहने लगा लेकिन वो अभी भी धक्के मारने में मस्त थी।

मैंने महसूस किया कि आबिदा जल्दी ही छूटने वाली है तो मैंने अपनी ऊँगली उसकी चूत में डाल कर उसकी भग को मसलना चालू कर दिया और ऐसा करते ही आबिदा की चूत में उबाल आ गया और उसने अपनी कमर मेरे लौड़े के साथ जोड़ कर एक ज़ोरदार हुंकार भरी और वो ज़ोर से कांपती हुई स्खलित हो गई।

उसने छूटने के साथ मुझको कस कर अपनी छाती से चिपका लिया और मेरे होटों से अपने होटों को जोड़ कर मेरा रस पीने लगी।

तब तक कम्मो ने रोज़ी को एक बार छूटा दिया था और वो फिर भी मेरे लौड़े की प्यासी थी। जैसे ही आबिदा मेरे ऊपर से हटी, रोज़ी मेरे साथ आकर लेट गई और मेरे लौड़े को झुक कर चूसने लगी।

थोड़ी देर मैंने उसको लंड को चूसने दिया और फिर उसको घोड़ी बनने के लिए कहा, वो झट से घोड़ी बन गई और मैंने उसके पीछे बैठ कर उसकी गीली चूत में अपने तना हुआ लौड़ा घुसेड़ दिया, पहले थोड़ा से और फिर धीरे धीरे पूरा का पूरा अंदर डाल दिया और फिर हल्के हल्के धक्के शुरू कर दिये।

 
मैंने उसके गोल और गोरे चूतड़ों को अपने दोनों हाथों में पकड़ रखा था और आहिस्ता आहिस्ता लंड वाला पिस्टन उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा।

रोज़ी को अब बहुत आनन्द आना शुरू हो गया और वो बिदकी घोड़ी की तरह अपने चूतड़ों को आगे पीछे करने लगी।

हम दोनों ने धक्के मारने की लय को एक समान कर लिया और फिर कभी तेज़ और कभी धीरे धक्के मारने का सिलसिला जारी हो गया।

मैंने पूरा लौड़ा अंदर डाल कर फिर उसको धीरे से बाहर निकाल कर फिर पूरा अंदर धकेलने का चक्कर चालू कर दिया और उसकी स्पीड भी एकदम से तेज़ करते हुए मैं उसके चूतड़ों पर एक हाथ से थापी भी मारने लगा।

रोज़ी ने अपना सर नीचे की तरफ करके अपने गोल चूतड़ों को मेरे लंड से बार बार जोड़ते हुए यह इशारा दे दिया कि वो झड़ने के करीब है और मैंने अब अपनी अंधाधुन्ध स्पीड को चालू करते हुए शीघ्र ही रोज़ी को उसकी मंजिल पर पहुँचा दिया।

रोज़ी का जब छूटा तो वो अपने सर को इधर उधर करने लगी और उसकी चूत का सिकुड़ना भी जारी हो गया, उसकी चूत की पकड़ मेरे लंड पर तीव्र हो गई।

वो बिस्तर पर लेट चुकी थी और मैं भी उसके ऊपर ही पसरा हुआ था।

जैसे ही रोज़ी की चूत की पकड़ कुछ ढीली हुई और मेरा लंड चूत के बाहर आया तो मैं उठा और कम्मो जो साथ ही नंगी ही लेटी हुई थी उसकी की टांगों के बीच में बैठ कर अपने लंड को उसकी चूत में डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा।

कम्मो ने मुझको कस कर अपने शरीर से चिपका लिया और मेरे धक्कों का जवाब देने लगी।

रोज़ी के साथ लेस्बो सेक्स करके वो इस वक्त काफी गर्म हो चुकी थी तो ज़्यादा देर टिक ना सकी और जल्दी ही धराशायी हो गई और मुझको गहरे चुम्बन के बाद उसने छोड़ दिया।

मैं उठा और अपने गीले लौड़े को हाथ में लेकर उसको हवा में लहलहाते हुए सारे कमरे में घूमने लगा।

आबिदा यह सारा दृश्य देख रही थी और उसकी आँखें हैरानी से खुली की खुली रह गई।

आबिदा ने कम्मो से पूछा- अरे सोमू का लंड तो अभी भी खड़ा है… यह कैसे हो सकता है? सोमू क्या तुम अफीम खाते हो?

कम्मो बोली- छोटे मालिक कुछ भी नशे की चीज़ नहीं खाते या पीते हैं और यह जो तुम लंड का नज़ारा देख रही हो वो तो जारी रह सकता है जब तक छोटे मालिक चाहें। यह इनको कुदरती वरदान है लेकिन यह इसका दुरूपयोग कभी नहीं करते।

अब मैं उठा, कम्मो को एक जफ्फी मारी और अपने कपड़े पहनने लगा और तब तक कम्मो भी पानी साड़ी और ब्लाउज पहन चुकी थी।

रोज़ी और आबिदा दोनों ही नंगी उठी और मुझको एक बड़ी भाव भीनी चुम्मी और जफ्फी दी दोनों ने और बोली- सोमू यार, तुम तो कमाल की चीज़ हो, अगर हमारा बस चले तो हम तुमको अपने साथ ही ले जाएँ।

कम्मो बोली- ऐसा कभी न करना, क्यूंकि दुनिया में बहुत सी प्यासी औरतें हैं जिनको सोमू जैसे लंड की ज़रूरत अक्सर पड़ती रहती है।

फिर हम दोनों बाइक पर बैठ कर घर आ गए और वहाँ पर्बती ने हवेली का दरवाज़ा खोला और हम दोनों अंदर आकर अपने कमरे में चले गए।

कम्मो रसोई में गई और मेरे लिए ख़ास मसालेदार दूध ले कर आई जिसको पीने के बाद मुझ में शक्ति की एक लहर सी दौड़ गई।

कम्मो बोली- छोटे मालिक, अब कुछ दिन तो आपको यह दूध तो पीना पड़ेगा। खासतौर से जब तक यह फ़िल्मी पार्टी यहाँ है। अच्छा अब मैं चलती हूँ।

यह कह कर वो जाने लगी तो मैंने उसको पकड़ लिया और एक बड़ी कामुक जफ्फी और लबों पर एक चुम्बन दे दिया।

मैं बिस्तर पर आज सिर्फ अपने अंडरवियर में ही लेट गया क्यूंकि मैं काफी थक गया था और मुझको काफी सख्त नींद आई हुई थी।

ना जाने कब मेरी नींद खुली तो मैंने महसूस किया कि कोई हाथ मेरे शरीर पर रेंग रहा है लेकिन मैं दम साधे लेटा रहा यह देखने के लिए कि यह किसका हाथ है।

थोड़ी देर इसी तरह मेरे शरीर पर रेंगने के बाद उस हाथ ने मेरे लंड को छेड़ना शुरू किया और जल्दी ही मेरा लंड एकदम से अकड़ गया लेकिन मैं बिल्कुल कुछ भी हरकत किये बगैर दम साधे लेटा रहा।

फिर एक मुंह मेरे लंड को लेकर उसको धीरे धीरे चूसने लगा और जैसे जैसे वो मुंह मेरे लंड को चूसता जा रहा था, लंड और भी अकड़ता जा रहा था।

अब जैसे ही लंड को छोड़ कर मुंह हटने लगा, मैंने झट से उसको अपने हाथों में पकड़ लिया और उसके अभी भी गीले होटों पर अपने होंट रख दिए।

घने अँधेरे में मुंह का मालिक एकदम अकचका गया और अपने मुंह को छुड़ाने की कोशिश करने लगा।

मैंने अब अपने हाथ उस एकदम नंगे शरीर के मालिक के चूतड़ों पर रख दिए और उनको हल्के हल्के सहलाने लगा।

मैंने यह महसूस किया कि शरीर किसी हसीना का ही हो सकता है।

मुंह की मालकिन ने अब मुंह छुड़ाने की कोशिश छोड़ दी थी और वो अब मेरे द्वारा की गई छेड़छाड़ का आनंद ले रही थी।

अब मैं अपने हाथ उसके नितम्बों से हटा कर उसके मुम्मों पर फेरने लगा और उसके चूचुकों को छेड़ने लगा जो अब एकदम से सख्त हो चुके थे।

कमरे में उस रात्रि बहुत ही घना अन्धकार था, शायद वो अमावस्या की रात थी इसी कारण हम एक दूसरे के अंग भी नहीं देख पा रहे थे।

अब उस अनजान औरत ने मुझको आलिंगनबद्ध किया और मेरे शरीर को चूमते हुए उत्तेजना की चरम सीमा पर पहुंचा दिया। अगले ही कुछ क्षणों में वो औरत मेरे दोनों तरफ पैर रख कर मेरे ऊपर बैठ गई और मेरे लौड़े को हाथ से पकड़ कर उसने अपनी गीली चूत के मुंह पर रख कर ऊपर से ज़ोर का धक्का दिया और फिर उसने बड़े ही प्रेम से मेरी चुदाई शुरू कर दी और मैं उसके गोल गोल मुम्मों को अपने हाथों में लेकर मसलने लगा।

वो कभी कभी झुक कर मेरे होटों को भी चूस रही थी और मैं भी उसके मम्मों को कभी कभी चूस लेता था।

यह सिलसिला कितने समय चला, यह मुझको मालूम नहीं लेकिन ऊपर नीचे होते हुए वो एकदम रुक गई और फिर उसका शरीर ज़ोर से अकड़ा, फिर वो एकदम ढीली पड़ गई और जल्दी ही मेरे ऊपर ही पसर गई।

तब मैंने उसको अपने ऊपर से हटा कर बिस्तर पर लिटा दिया और फिर मैंने स्वयं उसकी टांगों को चौड़ा करके खुद उसको चोदने लगा और इतनी तेज़ और ज़ोरदार चुदाई की उस अनजान औरत की कि मुझको यकीन है कि वो ज़रूर एक दो बार ज़रूर झड़ गई होगी।

फिर मैं उसके ऊपर से हट कर बिस्तर पर लेट गया और बड़ी शीघ्र ही मुझको नींद ने आन घेरा।

सवेरे जब मैं उठा तो वो औरत जा चुकी थी, मैं बहुत हैरान हुआ कि यह कौन हो सकती है? क्या यह रूबी थी या फिर मधु मैडम थी? इस राज़ को मैं आज तक नहीं जान सका।

सुबह जब कम्मो चाय देने आई तो मैंने रात वाले किस्से का ज़िक्र उससे भी किया लेकिन वो भी इस पहेली को नहीं सुलझा सकी।

फिर हम दोनों ने मिल कर कमरे और बिस्तर को पूरी तरह से छान मारा लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

अगले दिन सारा दिन नदी किनारे डांस होता रहा और थोड़ी शूटिंग भी की कैमरा ऑपरेटर्स ने!

उस दिन मुझको महसूस हुआ कि कितना कठिन होता है फिल्म का निर्माण करना।

एक एक शॉट को पूरा करने में कई घंटे लग जाते थे और कितनी बार एक ही तरह के डांस स्टेप्स को दोहराना पड़ता था। आज सब डांसर्स ने अपनी पूरी डांस वाली ड्रेस पहनी हुई थी और मुझको भी गाँव के जवान लड़के की पोशाक पहना रखी थी।

लंच ब्रेक में मैं नदी किनारे अपने गुप्त स्थान की तरफ चला गया जो वहाँ से थोड़ी दूर था। सोचा था कि वहाँ जाकर थोड़ी देर सो लूंगा लेकिन जैसे ही मैं उस जगह घुसा तो मेरे पीछे सैंडी नाम की डांसर भी घुस आई। मैं चौंक गया कि यह कैसे यहाँ पहुँच गई?

पूछने पर सैंडी ने बताया कि वो तो मेरे पीछे आते हुए यहाँ तक पहुँच गई थी।

मैं बोला- कहो, कैसे आना हुआ यहाँ?

सैंडी बोली- मैं तुमको फक करना चाहती हूँ अभी यहाँ पर!

मैं बोला- यहाँ तो खतरा है सैंडी, कोई भी आ सकता है यहाँ।

सैंडी बोली- कोई बात नहीं, प्लीज फक करो मुझको!

और सैंडी मुझको पकड़ कर होटों पर चूमने लगी और गाँव वालों के स्टाइल की छोटी सी धोती में से मेरे लंड को ढूंढने लगी।

फिर उसने मेरी धोती ढीली कर दी और मेरे लंड को अंडरवियर से निकाल लिया और उसको अकड़ा हुआ देख कर खुश हो गई। उसने भी गाऊँ वाली औरतों की तरह छोटा सा लहंगा पहन रथा था जो उसके घुटनों तक आ रहा था और उसके नीचे भी एक छोटी सी टाइट पजामी पहन रखी थी।

उसने खुद ही अपनी पजामी को नीचे कर दिया और मेरे हाथ को अपनी चूत के ऊपर रख दिया।

उसकी सफाचट मुलायम चूत पर हाथ फेरते हुए मैंने उसको एक बहुत ही कामुक चुम्बन दे दिया।

उसके मम्मों पर हाथ लगाया तो वो काफी कठोर महसूस हुए और उसके चूतड़ भी गोल और उभरे हुए लगे।

अब मैं पूरे जोश में आ चुका था तो मैंने उसको घोड़ी बनाया और उसकी चूत के मुँह के ऊपर अपना लौड़ा टिका कर ज़ोरदार धक्का मारा और वो पूरा का पूरा अंदर चूत में समा गया।

मैंने उसको धीरे धीरे चोदना शुरू किया क्यूंकि उसकी चूत अभी पूरी गीली नहीं हुई थी। थोड़ी देर हल्के धक्कों के बाद ज़ोरदार धक्कों को शुरू कर दिया क्यूंकि किसी वकत भी कोई आ सकता था।

मैंने धक्कों की स्पीड एकदम तेज़ कर दी और सैंडी जल्दी ही तिलमिलाती हुई झड़ गई लेकिन मैंने अपनी चुदाई जारी रखी और सैंडी को भी अब बेहद मज़ा आने लगा था, वो बार बार अपनी गांड को आगे पीछे कर रही थी और मेरे धक्कों का पूरा जवाब दे रही थी।

सैंडी को कभी हल्की स्पीड और कभी तेज़ स्पीड से चोदते हुए मैं उसको फिर छूटने की कगार पर ले आया और आखरी कुछ धक्के इतनी स्पीड से मारे कि सैंडी का मुख खुला का खुला रह गया।

अब सैंडी अस्फुट आवाज़ में बोल रही थी- मार डालो… और मारो… ओह्ह्ह मी गई ली रे!

यह कहते हुए सैंडी ज़मीन पर लेट गई।

जब वो उठी तो जल्दी से उसने अपने कपड़े ठीक किये और कहने लगी कि वो बम्बई के मछुआरे परिवार से है और वहाँ फक करने की खुली छूट है।

मैंने कहा- कॉटेज में तुम्हारे कमरे का नंबर क्या है?

सैंडी बोली- मेरा और जूली का कमरा नंबर 2 है और तुमसे चुदने की हमारी बारी है आज रात!

मैं बोला- तुम और जूली तो मेरे से चुद चुकी हो न… फिर दुबारा क्यों नंबर लगा रही हो?

सैंडी हंस कर बोली- आज रात हम तीनों नंगे होकर चोदेंगे ना, तो उस चूत चुदाई का मज़ा ही कुछ और है।

फिर मैं सैंडी को लेकर एक घुमावदार रास्ते से वापस लौटा जहाँ अभी सब आराम फ़रमा रहे थे। मुझको यकीन था कि सैंडी अगर चाहे भी तो वो दोबारा वो नदी किनारे वाली छुपने की जगह नहीं ढूंढ पाएगी।

आज रात में कमरा नंबर 2 की डांसर लड़कियों की चुदाई तो अभी बाकी थी तो मैं जाकर उन्हीं के कमरे में थोड़ा लेट गया और ना जाने कब मेरी नींद लग गई और मैं बहुत ही गहरी नींद में सो गया।

और जब मैं उठा तो देखा कम्मो मुझको झंझोड़ कर उठा रही थी।

मैं अकचका कर उठ बैठा और हैरानी से कम्मो से पूछा- क्या मैं बहुत देर सोया?

कम्मो हँसते हुए बोली- नहीं जी, कुछ ज़्यादा देर नहीं यही कोई एक घंटा सोये होंगे आप!

मैं बोला- अच्छा, आज दिन को नहीं सोया ना, शायद इसी लिए नींद आ गई थी।

कम्मो बोली- चलिए खाना तैयार है, चल कर खा लो, बाकी सब लड़कियाँ आपका इंतज़ार कर रही हैं।

मैं जल्दी से उठा और बाथरूम में अपना मुंह धोया और कम्मो का हाथ पकड़ कर मैं बैठक में आ गया।

सब लड़कियाँ मुझ को देख कर शोर मचाने लगी- आइये जनाब, आपका स्वागत है… इधर आ जाइए, हम सब आपकी राह में आँखें बिछाये बैठे हैं।

मैं भी मज़ाकिया लहजे में बोला- मैंने सोचा आप शायद मेरी राह में अपना बिस्तर बिछाये बैठे हैं!

उसी लड़की ने जवाब दिया- जी हाँ जनाब, आपके लिए पलकों के बिस्तर बिछाये बैठे हैं।

मैं बोला- क्या दिलकशी है ऐ मेरे दोस्त, हम भी तो आप पर अपना सब कुछ लुटाए बैठे हैं।

सब लड़कियाँ बोल उठी- वाह वाह, क्या बात है अब जवाब दे ज़ूबी।

ज़ूबी बोली- ज़हे किस्मत जो आप जैसे सब कुछ लुटाने बैठे हैं।

मैं बोला- लूट लो जो लूट सको ऐ मेरे सनम, जान तो क्या अपनी ईमान तक लुटाए बैठे हैं।

 
तभी कम्मो बोली- हज़रात यह लूटने लुटाने का सिलसिला बंद कीजिये और चल कर अपने उनका और उनकी उनका मिलान शुरू कीजिये।

मैं बोला- चलिए जना, अपनी लेकर, हम अभी अपना लेकर आते हैं।

तभी जूली और सैंडी मेरे साथ चलने के लिए तैयार हो गई, उन दोनों को देख कर मैं ज़रा चौंक गया और कम्मो को अपने पास बुला कर बोला- अरे इन दोनों को तो मैं यहाँ चोद बैठा हूँ, अभी फिर से इनकी चुदाई शायद ठीक नहीं होगी। कमरा नंबर 3 वालों की बारी लगा दो ना प्लीज!

कम्मो एकदम ठिठक गई और बोली- छोटे मालिक ठीक कह रहे हैं, इन दोनों का काम तो हो चुका है, अब कमरा नंबर 3 वालों की बारी है, कौन है 3 में बोलो प्लीज?

दो लड़कियों ने अपने हाथ खड़े कर दिए और मैंने उनको पहचान लिया क्यूंकि वो मेरे सामने खड़ी थीं कुछ समय पहले।

मैंने कहा- नंदा जी, और दूसरी हैं रागिनी जी, क्या मैं सही हूँ?

नंदा बोली- अभी मैं लूंगी अपना चंदा, तब शुरू होगा कोई दूसरा धंधा।

मैं बोला- चलो तो फिर कहीं दूर चलें, क्यूंकि धंधा है अभी कुछ मंदा।

मैं और कम्मो नंदा और रागिनी के पीछे उनके कमरे में पहुँच गए और दोनों ने झट शुरू कर दिया अपने कपड़े उतारने।

फिर मुझको अभी कपड़े पहने देख कर रागिनी आ गई और बारी बारी उसन मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए, यहाँ तक कि मेरे अंडरवियर को उतारने के बाद ही उसने मुझको छोड़ा और फिर उसने मेरे लंड को चूसना भी शुरू कर दिया।

अब मैंने दोनों लड़कियों को सीधा खड़ा रहने के लिए कहा और मैं उनको नग्न अवस्था में देख कर बड़ा ही आनंदित हुआ। दोनों के मम्मे एकदम मस्त गोल और सॉलिड थे और काले गोल चूचुक अब पूरी तरह से सख्त हो गए थे।

दोनों की चूत पर घने काले बाल लहरा रहे थे जो कुछ लड़कियों की सफाचट चूत को देखने के बाद अजीब लग रहे थे।

मैंने नंदा से पूछ ही लिया कि ऐसा क्यों है?

नंदा बोली- इन डांसर लड़कियों में से कुछ प्रोफेशनल डांसर्स हैं जो अक्सर डांस बार में डांस भी करती है जब इनके पास फिल्मों का काम नहीं होता तो इनको अपनी चूत को सफाचट रखनी पड़ती है लेकिन मैं और कुछ लड़कियाँ सिर्फ फिल्मों में ही डांस करती हैं सो हम पर चूत सफाचट रखने की शर्त लागू नहीं होती।

मैं बोला- तो यह बात है. वैसे ना मुझ को सफाचट चूत देख कर मज़ा नहीं आता क्यूंकि चूत की शान तो उस पर छाई काली बालों की घटा होती है जो चूत के अंदर के राज़ अपने पीछे छुपा कर रखती है।

अब मैंने कम्मो की तरफ देखा और आगे बढ़ कर उसकी भी साड़ी उतार दी और उसको भी नंगी कर दिया।

फिर मैंने बारी बारी से नंदा और रागिनी के मुम्मों को चूसा और उनके चूतड़ों को काफी देर मसला, कम्मो के मम्मों को भी चूसा और उनका मुकाबला दो हसीन डांसर्स के गोल और अति सुंदर मम्मों के साथ किया।

कम्मो के मम्मे ज़्यादा मोटे और सॉलिड थे और उनमें ज़रा भी लटकाव नहीं था जब कि उन दो फ़िल्मी सुंदरियों के मम्मे गोल और सॉलिड ज़रूर थे लेकिन उनमें थोड़ा थोड़ा लटकाव आना शुरू हो गया था।

यह शायद उनके डांसर के पेशे के कारण था।

फिर कम्मो ने उन दोनों को बिस्तर पर लिटा दिया और आप भी उनके साथ लेट गई।

सबसे पहले मैंने रागिनी की चूत में मुंह डाल कर उसकी चूत को चूमना और चूसना शुरू कर दिया और मेरी देखा देखी कम्मो ने नंदा की चूत को चूसना शुरू कर दिया और इस तरह हम दोनों ने मिल कर दोनों फ़िल्मी कलाकारों को चुदाई के लिए पूरी तैयार कर दिया।

अब रागिनी मेरे लंड को खींचने लगी और अपने ऊपर आने के लिए दावत देने लगी तो मैं जल्दी ही उसकी जांघों में बैठ कर उसकी चूत में सख्त लौड़ा डाल धीरे धीरे चूत की चुदाई करने लगा।

बहुत ही धीरे से लंड को अंदर डालना और फिर अंदर डाल कर कुछ सेकण्ड्स के लिए बगैर हिले डुले उसको अंदर ही रहने देना, यह मेरा नई तकनीक थी जिसको औरतों और लड़कियों ने बहुत ही पसंद किया था।

इस चुदाई के तरीके से कोई भी चुदने वाली औरत या फिर लड़की लंड के साथ और चुदने के लिए उतावली हो जाती थी।

अब मैंने रागिनी को बड़ी तेज़ी से चुदाई के लिए मजबूर कर दिया और वो मेरी स्पीड के आगे अपने सर को इधर उधर करने में लगी हुई थी।

जल्दी ही रागिनी के शरीर में एक ज़ोरदार हरकत होना शुरू हो गई और उसकी चूत में से क्रीम के समान झाग वाला पानी निकलने लगा, जल्दी ही रागिनी झनझनाती हुई छूट गई और छूटते वक्त उसने मुझको अपने शरीर के साथ पूरी ताकत से चिपटा लिया।

रागिनी के ऊपर से हटते ही मैंने नंदा की चूत का निशाना बनाया और उसी तरीके से उसको भी चोद कर मैंने शीघ्र ही अपनी फतह का झंडा लहराया।

फिर मैं लेट गया बिस्तर पर और कम्मो ने भी मेरे ऊपर चढ़ कर मेरे लंड को खूब छकाया और खुद दो बार झड़ कर मुझको भी उस्ताद बनाया।

वहाँ से कपड़े पहन कर हम दोनों हवेली जाने लगे ही थे कि कम्मो ने कहा- आओ तुमको बाकी लड़कियों के कारनामे भी दिखा देती हूँ। हम सबसे पहले कमरा नंबर 6 के बाहर पहुँचे तो कम्मो ने एक चोर झरोखे की तरफ की इशारा किया और जब मैंने अंदर का दृश्य देखा तो मैं दंग रह गया।

नाईट लैंप की मद्धम रोशनी में मैंने देखा कि एक थोड़े भरे जिस्म वाली लड़की ने अपनी कमर में रबर का लंड पेटी से बाँधा हुआ था और एक खूबसूरत लड़की को बड़ी लग्न से चोद रही है और नीचे वाली कलाकार ज़ोर ज़ोर से हाय हाय कर रही थी।

कम्मो जल्दी से 5 नंबर कमरे के दरवाज़े में एक गोल सा छेद था, उसके पास ले गई और वहाँ देखा कि एक नंगी लड़की दूसरी लड़की की गांड में खीरे को डाल रही थी।

यह दृश्य देख कर मैं हैरान रह गया और बाकी कमरों की लाइट बंद थी तो हम वहाँ कुछ नहीं देख सके।

फिर हम दोनों मेरी बाइक पर बैठ कर हवेली आ गए और घड़ी में टाइम देखा तो कोई ज़्यादा समय नहीं हुआ था, यही कोई रात के 9 बजे थे, मैं अपने कमरे में चला गया।

थोड़ी देर बाद कम्मो मेरे लिए गरम गरम मसालेदार दूध लेकर आई और बोली- वो पर्बती कह रही थी कि छोटे मालिक हमको तो भूल ही गए। लेकिन मैंने उसको बताया कि छोटे मालिक कितना काम में फंसे है और जब तक यह फ़िल्मी धंधे वाले लोग नहीं जाते, वो बहुत ही बिजी रहेंगे। मैं पर्बती को आज रात अपनी कोठरी में सुला रही हूँ, उसके शरीर की गर्मी को शांत कर दूंगी, आप बेफिक्र रहें।

जब कम्मो जाने लगी तो मैंने उसके लबों पर एक गर्म चुम्मी जड़ दी और उसके गोल और उभरे हुए चूतड़ों को भी मसला।

जब कम्मो जाने लगी तो मैंने उसके लबों पर एक हॉट किस जड़ दी और उसके गोल और उभरे हुए चूतड़ों को भी मसला।

उस रात मैं बहुत ही थका हुआ था और जल्दी ही सो गया।

पिछली रात की तरह आज भी मेरी नींद अचानक खुल गई, मैंने महसूस किया कि मेरे दोनों तरफ कोई सोया हुआ है।

आज मैंने अपने साथ एक टॉर्च रखी हुई थी, जैसे ही मुझको लगा कि कोई मेरे बेड पर है तो मैंने टॉर्च की रोशनी को अपने हाथ से दबा कर देखा कि मेरे साथ रूबी मैडम और मधु मैडम दोनों ही एकदम नग्न अवस्था में लेटी हुई थी।

मैंने अपने लंड को हाथ लगाया तो मैंने महसूस किया कि वो दो तीन बार किसी चूत को चोद चुका है क्यूंकि उसमें सफ़ेद पानी की सूखी परत जमी हुई थी और मेरा पायजामा भी नदारद था।

मैंने ध्यान से दोनों नंगी औरतों को देखा तो पाया कि वो दोनों बड़ी गहरी नींद में सोई हुई थी।

मैं अब जाग चुका था और मेरा लौड़ा भी एकदम मस्त खड़ा था तो मैंने सोचा चलो कुछ इन फ़िल्मी चूतों का भी दुबारा आनंद ले लें।

मैंने धीरे से मधु मैडम की चूत के बालों के साथ खेलना शुरू कर दिया और साथ ही साथ उसकी चूत के भग को भी धीरे धीरे सहलाना शुरू कर दिया और साथ ही एक हाथ से रूबी मैडम के मुलायम चूतड़ों को छेड़ने लगा।

मधु मैडम की चूत जब थोड़ी पनियाने लगी तो मैंने ऊँगली रूबी मैडम की चूत और गांड में डाल कर गोल गोल घुमानी शुरू कर दी।

मधु मैडम ने अब अपनी टांगें खोलनी शुरू कर दी और जैसे जैसे ही वो मेरी ऊँगली द्वारा गरम होती गई उसकी टांगें उतनी ही खुलती गई।

मैं अब उठ कर मधु मैडम की जाँघों के बीच बैठ गया और अपने अकड़े लंड को उसकी चूत के ऊपर बाहर से रगड़ने लगा। फिर इस रगड़ाई को उसकी चूत के मुख पर ले आया और थोड़ा अंदर लंड को डाल कर मैं आराम से बैठ गया और हर थोड़े समय में एक धक्का मार देता और फिर उसके चूचों को चूसता।

यह सिलसिला कोई आधे घंटे तक चला और इस दौरान मैंने महसूस किया कि मधु मैडम कम से कम दो बार चूत में उत्पन्न झनझनाहट के साथ झड़ गई और अब वो बगैर आँख खोले ही अपनी टांगें सीधी करने की कोशिश करने लगी और मैं एक आखरी गहरा धक्का मार कर उसकी चूत के ऊपर से उतर गया।

मेरे उतरते ही वो साइड लेकर फिर बड़ी गहरी नींद में मगन हो गई।

उधर रूबी मैडम जो मेरे दूसरी साइड पर थी, वो अभी भी गहरी नींद में थी लेकिन मैं अभी भी उसकी चूत को सहला रहा था और धीरे धीरे उस में पैदा होते गीलेपन को महसूस कर रहा था।

एक हाथ उसकी चूत पर और दूसरा उसके गोल शानदार उरोजों पर था और दोनों ही काम रूबी को गर्म करने के लिए काफी थे।

रूबी की चूत के पनीयाते ही मैंने मधु मैडम वाला तरीका अपनाया और ठीक 10 मिनट में रूबी मैडम का ज़ोरदार स्खलन कर दिया जिसका उसको शायद पता ही नहीं चला।

फिर वो भी साइड लेकर सो गई।

मैं भी दोनों को अपनी बाँहों में समेट कर फिर से सो गया।

सुबह जब आँख खुली तो सामने निम्मो चाय लिए खड़ी थी और दोनों फिल्म वालियाँ जा चुकी थी।

शायद उसको बहुत दिनों बाद देखा था तो इसलिए मेरे दिल में उसको भी जल्दी से चोदने का विचार आ गया और मैंने उसको अपनी बाँहों में भर कर एक ज़ोरदार आलिंगन के साथ उसके लबो पर चुम्मी दे दी और उसको कुछ भी समय दिए बगैर उसकी धोती को पीछे से ऊपर कर उसको चोदने लगा, चाहे वो यह कहती रह गई कि ‘छोड़ो छोटे मालिक, कोई आ जाएगा।’

निम्मो को हरा किया जल्दी में और फिर चाय पीकर फिर लेट गया और कप ले जाते हुए निम्मो बोली- मैं तो सोच रही थी कि छोटे मालिक हम सब को तो भूल गए फिल्म वालों के आते ही।

मैंने उसको अपने निकट खींच लिया और लेटे हुए ही उसके चूतड़ों पर हाथ फेरते हुए बोला- नहीं रे, तुम लोगों को कैसे भूल सकत है हम। इन फिल्म वालों को जा लेने दो, फिर हम सब मिल कर खूब रंगीली पार्टी करेंगे यहाँ।

थोड़ी देर में कम्मो आई तो मैंने उसको रात की दास्तान सुना दी।

वो बोली- मधु और रूबी बहुत ही बदमाश हैं साली। लड़कियों को बहुत ही तंग करती हैं डांस करते हुए… चलो तैयार हो जाओ डांस के लिए जाना है न आपको।

जब हम कॉटेज पहुंचे तो बड़ी गहमागहमी चल रही थी और सब लड़कियाँ डांस के कपड़े पहनने में लगी थी और किसी का कोई ध्यान मेरी तरफ नहीं था।

मैं चुपचाप ड्रेसिंग रूम में कपड़े बदलने के लिए घुसा और अभी मैंने अपने कपड़े पूरे उतारे भी नहीं थे कि दो डांसर बातें करती हुई ड्रेसिंग रूम में घुसी और मैं झट से लेडीज के कपड़ों वाली ट्राली के पीछे बैठ गया और आगे का तमाशा देखने लगा।

थोड़ी देर बाद रूबी मैडम भी ड्रेसिंग रूम में आई और उनसे बोली- आप दोनों को अपनी ड्रेस का स्टाइल पता है ना आज के लिए, क्यों?

दोनों ने हामी में सर हिला दिया और तब रूबी मैडम उनको छोड़ कर कमरे से बाहर हो गई और वो दोनों लड़कियाँ अपने कपड़े उतारने लगी।

मैं दम साध कर बैठा रहा और उन लड़कियों को स्ट्रिप शो को देखता रहा।

पहली लड़की ने कहा- हेमा, तुमने नीचे आज क्या पहना है?

दूसरी लड़की जिसका नाम हेमा था, बोली- आज कोई पैंटी नहीं और न ही ब्रा ही पहनी है क्योंकि यह मोटे कपड़े वाली ड्रेस पहन कर बहुत ही गर्मी लगे गी शूटिंग करते वकत। और तू क्या पहन रही है नीचे?

पहली लड़की बोली- फिर मैं भी नीचे कुछ नहीं पहनती ना, लगने दे थोड़ी खुली हवा इस साली चूती को? कसम से बड़ी खुजली हो रही है चूत में तू कुछ कर ना यार!

अब मैंने छुपने वाली जगह से देखा, दोनों ने अपने नार्मल कपड़े उतार दिए और बिल्कुल अल्फ नंगी हो कर कमरे में घूमने लगी।

दोनों के जिस्म बड़े ही आला किस्म के थे और उनके शरीर के खास ख़ास अंग साँचे में ढले हुए लग रहे थे।

क्या सुडौल मम्मे और वैसे ही गोल और उभरे हुए चूतड़ देख कर उन दोनों को चोदने का बड़ा मन कर रहा था।

 
दोनों ही कपड़े बदलते समय हर मौके पर एक दूसरे के जिस्म को छूना और दबाना साथ साथ कर रही थी। दोनों की चूत पर घने बाल थे तो वो प्रोफेशनल बार डांसर नहीं थी।

दूसरी लड़की ने कहा- सुशी, यह सोमू द्वारा हमारी चुदाई का नंबर कब आएगा?

सुशी बोली- कल तो 3 नंबर का काम हुआ है और हमारा नंबर 5 है सो शायद हमारा कल नंबर आयेगा।

हेमा बोली- तुम क्या सोचती हो, क्या यह सोमू कुछ कर भी सकता है या फिर ऐसे ही सब लड़कियाँ हेकड़ी मार रहीं हैं?

सुशी बोली- यह तो वक्त आने पर ही पता चलेगा लेकिन एक बात तो माननी पड़ेगी कि साला है बहुत ही क्यूट लड़का यार। दिल करता है कि साले को कच्चा ही चबा जाऊँ चूत में डाल कर।

हेमा बोली- हाँ यार, है तो क्यूट लेकिन बिल्कुल छोकरा लगता है चाहे कद बुत उसका आदमियों जैसा है और उम्मीद है उसका हथियार भी आदमियों जैसा ही होगा।

जब उन्होंने अपनी डांस ड्रेस पहन ली तो एक दूसरी की बाँहों में बाहें डाल कर कमरे से बाहर हो गई और मैं भी अपनी ड्रेस पहन कर बाहर आ गया।

रूबी मैडम सबको आज का डांस सीन समझा रही थी जिसमें उन्होंने मुझको खासतौर से सम्बोधित करते हुए कहा- सोमू, आज एक खास डांस सीन तुम्हारे और हेमा नाम की डांसर के साथ लिया जाएगा जो काफी क्लोसअप में होगा और वो काफी सेक्सी भी होगा। इसलिए जैसे ही सब नदी किनारे जाते हैं तब मैं तुमको और हेमा को थोड़ी डांस सीन की प्रैक्टिस करवा दूंगी। ठीक है?

मैंने और हेमा ने हामी भर दी।

थोड़ी देर में जब बाकी सब डांसर वहाँ से चली गई तो रूबी मैडम ने बाजे पर उसी डांस का म्यूजिक लगा दिया और मुझको समझाने लगी कि कैसे यह डांस करना है।

रूबी मैडम ने अपने साथ प्रैक्टिस के लिए कहा और मुझको अपने पीछे खड़े कर के मेरे आगे के हिस्से को उसकी कमर के साथ जोड़ कर डांस करने के स्टेप्स सिखाने लगी।

रूबी मैडम ने सिल्क की बड़ी पतली साड़ी पहन रखी थी और जैसे ही मैंने अपना आगे का हिस्से उसके चूतड़ों के साथ में जोड़ा तो टन से मेरा लंड मेरे अंडरवियर में खड़ा हो गया और वो रूबी मैडम को ज़रूर फील हुआ लेकिन उसने भी कोई ऐतराज़ किये बगैर प्रैक्टिस जारी रखी और हमने 3-4 बार ये स्टेप्स दोहराये।

फिर रूबी मैडम ने अपनी जगह हेमा को खड़ा कर दिया और फिर हम दोनों ने यह स्टपेस कई बार दोहराये और हर बार मैंने जब अपना अगला हिस्सा हेमा के चूतड़ों के साथ जोड़ा तो हेमा के शरीर में एक सिहरन दौड़ जाती थी।

मेरा तो लंड तब से ही अकड़ा हुआ था जब से मैंने यह स्टेप्स रूबी मैडम के साथ किये थे और उसकी पतली रेशमी साड़ी के साथ लंड लाला जब रगड़ खाता था तो मेरे को और रूबी मैडम के अंदर बिजली का हल्का करेंट ज़रूर महसूस होता था।

हेमा के साथ यह सेक्सी डांस करते हुए मेरा लौड़ा पूरी तरह से खड़ा था लेकिन मेरे अंडरवियर के अवरोध के कारण वो दिख नहीं रहा था लेकिन जिसके साथ यह हॉट डांस किया जा रहा था उसको मेरा लौड़ा पूरी तरह से महसूस हो रहा था।

और यही हाल हेमा का था, वो हर बार मेरे लंड की लम्बाई और चौड़ाई महसूस कर रही थी और मैंने ख़ास तौर से नोट किया कि मेरा खड़ा लंड उसके चूतड़ों के साथ लगते ही उसका चेहरा लाल हो जाता था और वो कोशिश करती थी कि ज़्यादा टाइम वो मेरे लौड़े से चिपकी रहे और मुझको भी उसके ऐसा करने से बहुत अधिक आनंद आ रहा था।

फिर हम जल्दी ही नदी किनारे आ गए, वहाँ सारा स्टाफ हमारी राह देख रहा था।

वहाँ पहुँचते ही कैमरा स्टाफ और स्पॉट बॉयज अपने काम में लग गए और फिर शुरू हुई वहाँ भी रिहर्सल और हमारे हॉट और सेक्सी डांस को देख कर के सबके मुंह खुले के खुले रह गए।

मेरा और हेमा का सोलो डांस हुआ और जब वो कैमरा में कैद हो गया तो मधु मैडम ने बाकी डांसरों के साथ भी यह डांस शूट किया यानि बीच में मैं और हेमा चिपको डांस कर रहे थे और हमारे चारों तरफ बाकी लड़कियाँ भी डांस करने लगी।

फिर उसके बाद मेरा चिपको डांस सब लड़कियों के साथ फिल्माया गया और मेरे खड़े लंड की महिमा सब लड़कियों ने महसूस की।

लंच ब्रेक में हेमा मेरे पास आई और बोली- सोमू यार, तुमने तो मुझको बहुत गरम कर दिया, इसको अब ठंडा भी तो करो ना!

मैंने आस पास देखा और अपने पास किसी को नहीं पाया तो मैंने हेमा से कहा- आओ तो फिर चलो मेरे साथ, तुमको पूरा ठंडा कर देते हैं।

मैं उसको बाइक पर बिठा कर अपनी झाड़ी वाली जगह में ले आया उसको और अंदर ले जा कर उसको कामुक किसिंग शुरू कर दी और फिर जल्दी ही उसका लहंगा ऊपर करके, पजामी को नीचे करके मैंने उसकी बहुत ही गीली चूत में पीछे से अपना खड़ा लंड डाल दिया और फिर धीरे और तेज़ धक्कों से उसकी चुदाई शुरू कर दी।

हेमा बेहद कामुक हो चुकी थी, वो जल्दी ही पानी छोड़ गई लेकिन मैं अभी भी पूरी तरह से ठंडा नहीं हुआ था तो मैं हेमा की चुदाई में लगा रहा।

कोई 10 मिनट की चुदाई के बाद हेमा फिर हाय हाय करते हुए छूट गई।

अब मैंने उसको बालों से पकड़ा और उसका मुंह अपनी तरफ कर के हँसते हुए पूछा- बोल हेमा, अब क्या कहती है मेरे लंड के बारे में? यह कुछ कर भी सकता है या फिर यों ही लड़कियाँ हेकड़ी मार रही हैं इसके बारे में? बोल साली?

हेमा एकदम हैरान रह गई और बोली- यह क्या कह रहे हो सोमू? यह मैंने कब कहा?

मैं बोला- ड्रेसिंग रूम में सुशी के साथ जो बातें मेरे लंड के बारे में की थी वो मैंने सब सुन ली थी। मैं तुमको यहाँ सबक सिखाने के लिए लाया हूँ? अब बोलो ना कैसा लगा मेरे लंड का स्वाद? बड़े आदमियों जैंसा है क्या मेरा लंड? तुम्हारा कुछ काम बना या नहीं?

हेमा जल्दी से बोली- सॉरी सोमू, वो मैं यूँही सुशी से तुम्हारे बारे में बात कर रही थी। अगर तुम को बुरा लगा हो तो प्लीज माफ़ कर दो प्लीज सोमू।

मैंने उसको अपनी बाँहों में लेकर होटों पर एक स्वीट किस कर दी और बोला- अभी और लंड की मार खानी है या यह अभी के लिए काफी है?

हेमा भी हंसने लगी- वाह सोमू, तुम्हारा लंड तो कमाल का है, अभी भी खड़ा है जबकि मेरा इसने 3 बार पानी छूटा दिया है। मैं इसको ज़रा चूम लूँ क्या?

फिर नीचे बैठ कर मेरे लंड को चूसने लगी।

थोड़ी देर बाद हम दोनों वहाँ से निकल कर शूटिंग वाली जगह पर पहुँच गए और वहाँ अभी भी खाना चल रहा था।

जैसे ही हम दोनों वहाँ पहुँचे तो सब लड़कियाँ अपनी खाने की प्लेटें ले कर हमारे पास आ गई और पूछने लगी- आप दोनों ठन्डे होकर आ गए क्या?

मैं बोला- हाँ, बहुत बर्फ खाई तो ठन्डे तो होना ही था! आप में कोई और बर्फ खाकर ठंडा होना चाहती है क्या?

सुशी बोली- क्यों हेमा, सोमू ने तुमको बहुत बर्फ खिलाई थी क्या?

हेमा बोली- हाँ, सुशी क्या ठंडी और गर्म बर्फ है, सोमू के पास आते ही गर्म हो तो ठंडा पड़ जाता है और ठंडा हो तो गरम हो जाता है। कमाल की चीज़ है इसके पास।

इन में से दो लड़कियाँ बोली- हमें कब गर्म और फिर ठंडा करोगे सोमू जी महाराज?

मैं खाना खाते हुए बोला- जब तुम कहो तभी कर देंगे? वैसे आप सबने मेरा नाप तो ले ही लिया होगा। हमारा तो एक ही असूल है ‘जिस मन भावे, तिस के भीतर जावे…’

सब एक साथ बोल पड़ी- हमारे मन तो बहुत भा गया है, अब भीतर कब जावेगा।

मैं बोला- जब पर्दा हटेगा सामने से, अंदर चला जावे बुलाने से।

ज़ूबी बोली- हटा देंगे पर्दा भी अगर हम चाहें!

मैं बोला- आ जायेगा सामने जब आप चाहें।

ज़ूबी बोली- वाह सोमू राजा, क्या तुकबंदी कर लेते हो यार तुम भी।

मैं बोला- ज़हे नसीब जो आप मुस्कराये, तभी हमें आप इतना भाये।

 


थोड़ी देर में लंच खत्म हो गया और फिर से शूटिंग का काम शुरू हो गया अब मेरे साथ दो दो डांसरों ने चिपको डांस करना था और पहली थी ज़ूबी और दूसरी थी जूली।

रिहर्सल में दोनों ने मेरे को खूब हाथों से छुआ हर जगह, यहाँ तक ज़ूबी तो लौड़े पर हाथ रख कर बड़ी देर तक डांस करती रही और मैं भी उन दोनों के मम्मों और चूतड़ों पर हाथ फेरने से बाज़ नहीं आता था।

जब फाइनल टेक हुआ तो वो इतना अच्छा और सेक्सी था कि मधु मैडम और रूबी मैडम ने मुझको एक बहुत ही हॉट जफ्फी मारी और जल्दी से लंड पर भी हाथ लगा दिया।

शूटिंग के बाद हम सब कॉटेज पहुँच गये और वहाँ गर्म गर्म पकोड़े और गर्म जलेबी तैयार थी तो सब शाम की चाय के साथ इन सब चीज़ों का आनन्द उठाने लगे।

मैं कपड़े बदलने के लिए ड्रेसिंग रूम में गया और वहाँ 4 लड़कियाँ कपड़े बदल रही थी। मैं वापस बाहर आने के लिए मुड़ा तो उनमें से एक लड़की ने मुझको हाथ से पकड़ लिया और बोली- क्या बात है सोमू जी? हमारे सामने कपड़े नहीं बदल सकते क्या?

मैं भी मज़ाक के लहजे में बोला- तुम बदलो अपने कपड़े तो मैं भी बदल लूंगा। बोलो मंज़ूर है?

पहले वाली लड़की बोली- हाँ मंज़ूर है! क्यों बहनो? सोमू के सामने कपड़े बदलने के लिए तैयार हो क्या?

सबने कुछ सोचने के बाद कहा- हाँ हाँ तैयार हैं!

पहले वाली लड़की बोली- चलो ठीक है सोमू, तो शुरू हो जाओ तुम?

मैं बोला- पहले तुम और बाकी लड़कियाँ शुरू हो जाएँ तो मैं भी शुरू कर दूंगा।

पहले वाली लड़की ने अपने कपड़े उतारने शुरू किये और सबसे पहले अपना लहंगा उतार दिया और किल्ली पर टांग दिया और फिर उस ने अपनी पजामी भी उतार दी, अब वो सिर्फ अपनी पैंटी और ब्लाउज में थी।

उधर बाकी लड़कियाँ भी इसी क्रम में अपने कपड़े उतारने लगी और जब सब अपने आधे कपड़े उतार चुकी तो मेरी तरफ देखने लगी।

मैंने भी अपनी टाइट धोती को उतार दिया और अपनी ऊपर की बंडी को भी उतार दिया।

मैंने सबकी तरफ देखा तो वो सब भी पैंटीज और ऊपर वाले ब्लाउज में ही थी।

मैं बोला- आगे बढ़ो और ब्लाउज और ब्रा भी उतारो ना सब?

अब सब लड़कियाँ थोड़ी हिचकने लगी तो मैंने ज़ोर डाल कर कहा- अपना वायदा पूरा करो लड़कियों? जल्दी से ब्लाउज और ब्रा उतारो यारो!

सबसे पहले बोलने वाली लड़की ने कहा- हाँ हाँ उतारो ब्लाउज और ब्रा सब… नहीं तो हमारी हार हो जायेगी।

और यह कह कर उसने अपने ब्लाउज और ब्रा को उतार कर किल्ली पर टांग दिया।

अब वो सिर्फ एक पिंक पैंटी में थी और उसके सुन्दर और आकर्षक मम्मे एकदम सामने अकड़े खड़े थे।

वो चारो तरफ घूम कर अपनी सुंदरता का प्रदर्शन कर रही थी और अब उसकी देखा देखी बाकी लड़कियाँ भी ऊपर से नंगी हो गई थी और सिर्फ विभिन्न रंगों की पैंटीज में थी।

सुन्दर और सडौल शरीर थे उन सबके और उनको अपनी ख़ूबसूरती पर नाज़ भी था।

इधर मेरा लौड़ा भी पूरी तरह से खड़ा था तो मैंने कह दिया- मेरे खड़े लंड के दर्शन करने हों तो मैं अपना अंडरवियर उतार देता हूँ और तुम सब अपनी पैंटीज उतार दो! बोलो मंज़ूर है क्या?

सब आपस में खुसर फुसर करने लगी, फिर पहले वाली लड़की बोली- मैं तो तैयार हूँ वो इसलिए कि शायद सोमू द्वारा हमारे को फ़क करने की बारी आज या फिर कल आ जाये तो तब उसको तो दिखाना है ही, तो अब क्यों नहीं?

यह कह कर उसने अपनी पैंटी उतार दी और उसकी बालों से भरी चूत सामने आ गई।

बाकी लड़कियों ने भी जल्दी से अपनी पैंटीज़ को उतार दिया और अब मेरे सामने 4 हसीना अल्फ नंगी खड़ी थी।

मैं भी धीरे से सब लड़कियों के सामने अंडरवियर में घूम गया और फिर धीरे से अपने अंडरवियर में हाथ डाल दिया और धीरे धीरे उस को उतार दिया और मेरा लंड उछल कर बाहर आ गया।

सब लड़कियों ने हैरानी व्यक्त की और कुछ तो दौड़ को लंड को पकड़ने के लिए आगे आ गई।

सबने बारी बारी उसको छुआ और कुछ ने चूमना शुरू कर दिया।

मैंने भी सब लड़कियों के मुम्मे और चूतड़ों पर हाथ फेरा और उनको मसला।

अब मैंने कहा- चलो हो गया चूत और लंड दर्शन, अब चल कर खाना खाते हैं।

सबने जल्दी से कपड़े पहन लिए और बाहर आ गए, सबसे पहले मैं निकला और बाद में सब लड़कियाँ भी बाहर आ गई।

आज मीट कोरमा और चावल बने थे, सबको बहुत ही अच्छा लगा और फिर सबको कुल्फ़ी भी खिलाई गई।

खाने के बाद रूबी और मधु मैडम कार में बैठ कर हवेली चली गई।

कम्मो ने बताया कि आज कमरा न. 4 की बारी है, वो उन लड़कियों को ले कर आ गई लेकिन उन दोनों ने अपनी मज़बूरी ज़ाहिर कर दी और मना कर दिया।

मैंने कम्मो के कान में कहा- आज तुम कमरा न. 5 और 6 वालियों को बुला लो!

जब वो लड़कियों को लेकर वापस आई तो उनमें सुशी और हेमा थी और वो दोनों भी थी जो मेरे साथ ड्रेसिंग रूम में भी थी। वो सब मुझको देख कर बड़ी खुश हुई और मुझ को घेर कर अपने कमरे में ले गई।

साथ में कम्मो भी थी।

ड्रेसिंग रूम वाली लड़कियों के नाम डॉली और जॉली था।

हेमा और मेरा साथ तो चिपको डांस से ही था तो हम एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते थे और सुशी ड्रेसिंग रूम में ही थी जब मैंने हेमा को वहाँ देखा था।

डॉली और जॉली अलबत्ता मेरे लिए नई थी हालाँकि इन दोनों को मैं पूरा नग्न देख चुका था ड्रेसिंग रूम में।

कमरे में घुसते ही हेमा ने मुझको पकड़ लिया और एक जफ्फी मुझको डाल दी और मेरे होटों को चूमने लगी।

उसको छोड़ कर मैंने सुशी को पकड़ लिया और उसके कान में धीरे से कह दिया- लंड को हाथ लगा कर देख लो, कैसा है यह? तुम्हारा काम कर सकेगा कि नहीं?

सुशी थोड़ी शरमाई और बोली- वक्त आने पर उसको भी देख लेंगे। वैसे हेमा कह रही थी कि आपके उसने उसको तीन बार हे-मा हे-मा कहने पर मजबूर कर दिया था।

मैं हंस कर बोला- हाँ, वो कुछ इसी तरह बोल रही थी जब मेरा बम्बू लगा बैठा था 3 बार उसमें अपना तम्बू।

सुशी और दूसरी लड़कियाँ अब कम्मो की तरफ देख रही थी और कम्मो ने फैसला किया कि पहले डॉली की बारी है और उसके बाद जॉली का नंबर लगेगा लेकिन लड़कियाँ अपने कपड़े उतार कर एक दूसरी के साथ आनन्द ले सकती हैं।

अब उनमें कपड़े उतारने की होड़ लग गई और सबसे पहले नंबर पर आई डॉली और वो भाग कर मेरे से आकर चिपक गई, मुझको चिपको डांस करने के लिए मजबूर कर दिया और फिर उसने मेरे कपड़े भी उतार दिए और मैंने बारी बारी से सबके साथ चिपको डांस किया।

मधु और रूबी मैडम ने इस डांस के स्टेप्स ऐसे बनाये थे कि कोई भी जोड़ा इस डांस को करते हुए एकदम से बहुत ज़्यादा कामातुर हो जाएगा।

चिपको डांस करते हुए मेरा लौड़ा हमेशा या तो उनके चूतड़ों के अंदर गांड से चिपका हुआ रहता था या फिर अगर सामने से यह डांस किया जाता था तो लौड़ा सीधे लड़की की चूत द्वार पर दस्तक देता था।

कम से कम दो लड़कियाँ यह चिपको डांस आगे से करते हुए ही झड़ गई थी क्योंकि मेरा लंड डांस करते हुए उनकी चूत में भग को रगड़ता था जिससे उनमें कामातुरता बहुत अधिक बढ़ जाती थी और वो सब कई दिनों से लंड की प्यासी थी सो जल्दी ही स्खलित हो जाती थी।

 
मैंने कम्मो के इशारे पर डॉली को खड़े खड़े ही चोदने का प्लान बनाया और इस काम के लिए मैंने डॉली को अपने से चिपका कर थोड़ी देर चूमा चाटा लेकिन वो तो अभी ही बहुत चुदवाने के लिए अधीर हो रही थी तो मैंने उसकी एक टांग ऊपर उठा कर और उसकी बाहें अपने गले में डाल कर लंड की एंट्री मार दी और वो उसके अधिक गीलेपन के कारण फटाक से पूरा ही अंदर चला गया और फिर हम धीरे धीरे एक दूसरे को फक करने लगे।

सब लड़कियाँ बड़े ध्यान से हमारे यह नए ढंग की चुदाई देख रही थी और अपनी गर्ल पार्टनर को और भी गर्म कर रही थी।

डॉली काफी गर्म हो चुकी थी, वो ज़्यादा धके बर्दाश्त नहीं कर सकी और जल्दी ही मेरे से ज़ोरदार चिपकी मार कर छूट गई।

कम्मो ने जॉली को तैयार कर रखा था, वो बेड पर थोड़ा झुक कर खड़ी थी और मैंने अपने डॉली की चूत के पानी से भीगे लंड को छपाक से जॉली की चूत में डाल दिया और वो खुद ही आगे पीछे होकर मुझको ही चोदने लगी और मैं सिर्फ उसके मुम्मों के चूचुकों से खेलता रहा और उसके मुलायम चूतड़ों को हाथ लगा कर खूब आनन्द लेता रहा।

क्यूंकि ये फ़िल्मी कलियाँ थी तो इन्होंने अपने शरीर को मेहनत से संभाल के रखा था और शरीर की सुंदरता को अच्छी तरह से कायम रखा था।

जॉली की चुदाई के वक्त उसकी शारीरिक सुंदरता अति लुभावनी थी और दिल चाह रहा था कि उसके शरीर के हर अंग को चूमता और चाटता रहूँ।

बहुत अधिक कामुक हुई जॉली जल्दी ही हाय हाय चिल्लाती हुई स्खलित हो गई।

अब नंबर था सुशी का जिसको कम्मो ने अभी से बेड पर बिठा रखा था।

मैं जैसे ही जॉली से फारिग हुआ तो कम्मो ने मुझको भी बेड पर बिठा दिया और सुशी को अपनी टांगें फैला कर मेरे दोनों तरफ रख कर लंड के ऊपर बिठा दिया।

अब सुशी का चुनाव था कि वो कैसे चुदना चाहेगी तेज़ या फिर धीरे धीरे।

और चुदाई की सारी मेहनत अब सुशी के ऊपर थी।

उसने पहले कुछ धीरे धीरे चोदना शुरू किया और फिर धीरे से चुदाई की स्पीड तेज़ करने लगी।

मैंने सुशी के चूतड़ों के नीचे अपने दोनों हाथ रखे हुए थे ताकि उसकी चूत मेरे लौड़े के निशाने पर रहे और उसकी दोनों बाहें मेरे गले में थी।

कभी हम डीप किस भी कर लेते थे और कभी मैं उसके गोल और मोटे मुम्मों को चूस भी लेता था।

चुदाई के इस पोज़ में भी सारी मेहनत लड़की या फिर औरत को करने पड़ती थी और आदमी सिर्फ अपने लौड़े को खड़ा रखने की कसरत करता था।

थोड़ी देर में सुशी मेरे गले में बाहें डाले हुए अपनी चूत को आगे पीछे करते हुए एक झूले का आनन्द लेने लगी। अब मैंने सुशी की गांड में हाथ की ऊँगली डाल दी और सुशी और भी जोश से मुझ को चोदने लगी।

थोड़ी देर तीव्र चुदाई के बाद सुशी मेरे गले से चिपक गई और अपनी चूत को मेरे लौड़े से जोड़ कर कंपकंपाती हुई झड़ गई।

कम्मो ने सुशी को वहाँ से उठाया और उसकी जगह हेमा को ले आई और मुझको लेटने को कह कर उसने हेमा को मेरे ऊपर से मुझको चोदने के लिए कहा।

हेमा तो मेरे से पहले ही चुद चुकी थी, उसको चोदने का मेरे मन में कोई विशेष आकर्षण नहीं था, फिर भी उसको भी चोदना मेरी ड्यूटी थी और सच कहूँ तो हेमा चुदाई की मास्टर थी, इतना अधिक चुदाई की शौक़ीन थी कि कोई भी मौका इस काम का नहीं छोड़ना चाहती थी।

हेमा मेरे ऊपर बैठ कर पहले धीरे धीरे से ऊपर नीचे हो रही थी और मैं उसकी काली डोडियों से खेल रहा था लेकिन उसकी चूत इतनी रसीली हो चुकी थी कि उसकी चूत का पानी टपक कर मेरे पेट पर जमा हो रहा था।

हेमा सबसे बेखबर आँखें बंद किये मुझको चोदने में मगन थी।

उसके गोल और मोटे मम्मे बार बार ऊपर नीचे हो रहे थे और उसकी बालों से भरी चूत मेरे हरियाले लंड को बार बार पूरा निगल जाती थी और फिर उसका थोड़ा सा रस चूस कर वापस ऊपर हो जाती थी।

मैंने उसकी उभरी हुई चूत में हाथ डाला तो वो अत्यंत गीली हो चुकी थी लेकिन मैंने उसके मोटे भग को छूना और मसलना शुरू कर दिया और अब हेमा की चुदाई स्पीड एकदम से तेज़ होने लगी और मैं उसके उछलते स्तनों को एक हाथ से पकड़ कर मसलने लगा।

अचानक सबने देखा कि हेमा का मुंह थोड़ा सा खुला और एक ज़ोरदार हुंकार उसके मुंह से निकल गई और वो स्खलित होते हुए मेरे ऊपर पसर गई।

उसकी सिकुड़ती हुई चूत मेरे लंड को दोहने की कोशिश में थी लेकिन मेरी ट्रेनिंग और सेल्फ कंट्रोल के कारण मेरा एक बूँद वीर्य भी नहीं निकला इस सारी चुदाई प्रकरण में!

लेकिन इस चुदाई सेशन और फिर सारा दिन की कामुक डांस प्रक्रिया के कारण मेरे अंडकोष में वीर्य को रोकने के कारण थोड़ा भारीपन आ रहा था और अब उचित समय था कि मैं वीर्य स्खलन कर लेता तो जैसे ही मैं हेमा को चोद कर उठा, सामने कम्मो आ गई और मैंने उसको पकड़ा और बेड पर लिटा दिया और सिर्फ उसकी साड़ी ऊपर करके उसकी चुदाई शुरू कर दी।

ऐसी तेज़ धकम्पेल शुरू की मेरे बेलगाम घोड़े ने कि कम्मो की एकदम रसीली चूत भी उसको नहीं रोक सकी।

गहरे धक्के, ज़ोरदार धक्के मारते हुए मैंने कम्मो को चोदना शुरू कर दिया।

इतनी देर से चुदाई के माहौल में रहते हुए कम्मो भी अपनी कामुकता के शिखर पर पहुँच चुकी थी, वो जल्दी ही अपने चूतड़ों को उठा उठा कर मेरे लौड़े का स्वागत कर रही थी।

आँखों ही आँखों से वो मेरा धन्यवाद कर रही थी कि मैंने देखा डांस वाली सारी लड़कियाँ गुरु और चेले की लंड और चूत की लड़ाई बड़े ध्यान से देख रही थी।

कम्मो मेरी हालत से पूरी तरह से वाकिफ थी और वो चाहती थी कि मेरा वीर्य जल्दी छूट जाए लेकिन मैं भी इस कोशिश में था कि हम दोनों साथ साथ छूटें।

 
फिर कम्मो का शरीर एकदम अकड़ा और उसका पानी भी छूटने लगा और तभी कम्मो की चूत ने एक ट्रिक खेली और मैं भी अपने वीर्य के बाँध को रोक नहीं सका और मेरा भी फव्वारा ज़ोर से छूटा और मैं कम्मो के गुदाज़ शरीर पर लुढ़क गया।

कम्मो ने मेरे सर को सहलाया और हम दोनों उठ बैठे।

और यह देख कर सब लड़कियाँ हैरान थी कि मेरा लंड अभी भी पूरी तरह से खड़ा था और हवा में लहलहा रहा था।

थोड़ी देर बाद हम दोनों बाइक पर बैठ कर हवेली पहुँच गए।

मैं अपने कमरे में पहुँचा ही था कि पर्बती आई और बोली- छोटे मालिक, आपको मम्मी और बड़े मालिक याद कर रहे थे, कहा है कि जैसे ही आप पहुँचें, मैं आपको बता दूँ!

यह कह कर वो जाने लगी लेकिन मैंने उसका हाथ पकड़ लिया, उसको अपनी तरफ खींच उसके लबों पर एक गर्म चुम्मी जड़ दी और साथ ही उसके मोटे गुदाज़ मुम्मों को भी मसल दिया।

वो कहती रही- यह क्या कर रहे हो छोटे मालिक? कोई आ जाएगा, छोड़ो न प्लीज!

जैसे जैसे वो बोलती थी, वैसे ही मैं उसके जिस्म पर हाथ लगा रहा था।

मैंने उसको आलिंगन में लेकर उसकी धोती को ऊपर उठा दिया और उसकी बालों से भरी चूत पर हाथ फेरने लगा।

पर्बती की चूत एकदम सूखी थी, उसको ऊँगली से गीली किया मैंने, उसको कहा कि आज रात वो काम खत्म करके मेरे कमरे में आ जाए, आज उसकी चुदाई की रात है।

मैं जल्दी से मम्मी पापा के कमरे में पहुँच गया जहाँ वो मेरा इंतज़ार ही कर रहे थे।

पापा बोले- सोमू बेटा पिछले कुछ दिनों से मैं देख रहा हूँ कि तुम बहुत ही ज़्यादा काम कर रहे हो, जब से ये फिल्म वाले यहाँ आये हैं, तुम्हारा काम बहुत ही बढ़ गया है, तुम छुट्टियाँ मनाने यहाँ आये हो बेटा, काम करने नहीं।

मैं बोला- नहीं पापा, काम कोई ख़ास ज़्यादा नहीं है और मुझको इस काम में बहुत अधिक मज़ा आ रहा है, और फिर सारा काम तो कम्मो और उसकी सहेलियों ने संभाल लिया है, मैं तो ऊपर से ज़रा देखभाल कर रहा हूँ।

मम्मी बोली- शाबाश सोमू, तुम वाकयी में बड़े हो रहे हो।

मैं ज़रा झिझकते हुए बोला- पापा वो फिल्म वालों ने मुझको डांस ग्रुप में भी शामिल कर लिया है तो मैं डांस की शूटिंग डांसर्स के साथ कर रहा हूँ।

पापा मम्मी दोनों बहुत खुश हुए और पापा बोले- वेरी गुड बेटा, यह तो बहुत ही अच्छी खबर तुमने सुनाई। हमने तुमको इसलिए बुलाया है कि कल हम 3 दिनों के लिए बरेली जा रहे हैं जहाँ मेरे एक ख़ास दोस्त की लड़की की शादी है तो पीछे से तुमने घर को संभालना है! ठीक है?

मैं बोला- वो तो मैं संभाल लूंगा लेकिन यह पंचोली साहिब से आपकी क्या बात हुई है पैसे के बारे में?

पापा बोले- पंचोली साहिब ने एक लाख रुपया एडवांस में जमा कर दिया है मुनीम जी के पास! पैसे का हिसाब किताब वो देख रहे हैं, जब ये लोग जाएंगे तो फाइनल हिसाब मुनीम जी कर लेंगे। ये लोग तुमको क्या फीस दे रहे है डांस के लिए?

मैं बोला- मैंने पूछा नहीं डांस डायरेक्टर से! कुछ दे दें तो इनकी मर्ज़ी है और अगर ना भी दें तो फ़र्क नहीं पड़ता क्यूंकि मैं बड़ा मज़ा ले रहा हूँ।

पापा बोले- ठीक है सोमू बेटा, जैसा तुम ठीक समझो। हम सुबह जल्दी चले जाएंगे। जाओ बेटा, अब सो जाओ बेटा, सारे दिन की भाग दौड़ से थक गए होंगे।

मैं अपने कमरे में पहुँचा ही था कि देखा मधु मैडम और रूबी के कमरे की लाइट जल रही है, मैं दरवाज़ा खटका कर अंदर घुस गया।

दोनों एकदम नंगी एक दूसरी के साथ गुंथी लेटी हुई थी और लेस्बो सेक्स में लीन थी, मुझको देख कर दोनों एकदम चौंक गई।

मैं बोला- वेरी सॉरी मैडम जी, मैंने तो दरवाज़ा खटखटया था लेकिन शायद आप बहुत बिजी थी इसीलिए सुना नहीं। कुछ हेल्प करूँ आप दोनों की?

रूबी तो चुप रही लेकिन मधु मैडम बोली- अरे सोमू राजा, आओ आओ, क्या ठीक टाइम पर आये हो!

मधु मैडम वैसे ही नंगी खड़ी हो गई और आगे बढ़ कर मुझ को अपने से लिपटा लिया, मेरी चुम्मियाँ लेती हुई मेरे को सारे कमरे में घुमाने लगी।

मेरे को अपने से चिपकाए हुए ही बोली- यार सोमू, क्या सेक्सी डांस किया था आज तुमने! मेरी तो पुसी में क्लिट्टी खड़ी हो गई थी! उफ़्फ़ क्या फड़कता डांस था!

मैं बोला- मैडम जी, डांस के स्टेप्स तो आप दोनों के ही थे, बहुत ही हॉट डांस है! क्या यह सेंसर बोर्ड से पास हो जाएगा मैडम?

मधु मैडम बड़े जोश से बोली- ज़रूर होगा! आओ सोमू राजा, अपने कपड़े उतार दो, फिर चिपको डांस करते हैं हम तीनों।

मैंने रूबी मैडम की तरफ देखा, वो अपनी चूत में ऊँगली डाल कर हल्के हल्के अपनी भग को मसल रही थी।

मैंने कहा- ठीक है!

मधु मैडम ने जल्दी से मेरे कपड़े उतार दिए और फिर मैं और मधु मैडम धीरे धीरे से चिपको डांस करने लगे।

डांस करते वकत मेरा लंड मैडम की चूत में ऊपर से घुसा हुआ था और उसकी भग को रगड़ मार रहा था।

जैसे जैसे मैडम को मज़ा आ रहा था, वैसे वैसे ही वो मेरे से चिपकती जा रही थी।

दो तीन चक्कर कमरे के लगाने के बाद वो मुझको लेकर बेड पर आ गई, मुझको बेड पर लिटाने की कोशिश करने लगी लेकिन मुझको तो चिपको डांस में बड़ा आनन्द आ रहा था तो मैं उसको कस कर कर अपने से चिपकाये हुए घूमता रहा और 2 चक्कर के बाद ही लंड और भग की घिसाई के कारण मधु मैडम का पानी छूट गया और वो कांपती हुई मेरे गले से लिपट गई।

रूबी मैडम अब उठी और अपने उन्नत उरोजों के साथ एक गज गामिनी की तरह मेरी तरफ बढ़ी, आँखों में कामुकता की खुमारी लिए हुए वो मेरे निकट आई और मेरे सीधे तने हुए लौड़े को अपने हाथ में ले लिया और उसको चूम कर बोली- क्यों बे लंडम, तुझको अपने पर बड़ा घमंड है ना कि तुझको कोई हरा नहीं सकता? चल आ, आज मैं तेरा घमंड चूर चूर कर दूंगी साले।

यह कह कर वो नीचे बैठ गई और मेरे लंड को पागलों की तरह चूमने और चूसने लगी।

उसका चुसाई का खेल कोई 10 मिन्ट चला होगा लेकिन जब लंड पर कोई असर नहीं पड़ते देख कर वो मुझको खींच कर बिस्तर पर ले गई और मुझको नीचे लिटा कर आप मेरे ऊपर चढ़ बैठी और बड़े ज़ोर की धक्काशाही शुरू कर दी।

मैं मन ही मन मुस्करा रहा था क्यूंकि इस चुदाई के दौरान वो दो बार स्वयं झड़ चुकी थी लेकिन फिर भी हार नहीं मान रही थी।

मैं भी अपनी बाहें अपने सर के नीचे रख कर बड़े आराम से रूबी के करतब देख रहा था।

जब दो बार रूबी फिर छूट गई तो थक कर मेरे ऊपर पसर गई तब मधु मैडम आगे बड़ी और रूबी को हटा कर खुद मेरे लौड़े पर विराजमान हो गई।

जब उसने भी सारे हथकंडे आज़मा लिए और स्वयं 3 बार पानी छोड़ गई और मेरा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकी तो उसने भी हाथ खड़े कर दिए।

तब मधु मैडम ने कहा- उफ़्फ़ रूबी, मैं तो भूल गई सोमू राजा तो बिमारी से ग्रस्त है इस बिमारी की वजह से इसका लंड काफी देर खड़ा रह सकता है और कोई चूती इसको हरा नहीं सकती और जब यह चाहे इसका वीर्य भी छूट सकता है।

रूबी बोली- मधु मैडम जी, आपको यह पहले बतलाना चाहिए था ना! हम खामख्वाह इतनी मेहनत करते रहे इसका छुटाने के लिए! इस चक्कर में मेरा 4-5 बार छूट गया!

मैंने कहा- अच्छा चलो आज की सभा विसर्जित करते हैं और कल देखेंगे क्या होता है? वैसे मैडमो, आपका चिपको डांस हिट हो जाएगा अगर सेंसर बोर्ड ने पास कर दिया तो! अच्छा मुझको क्या मिलने वाला है इस डांस के लिए?

मधु मैडम बोली- तुमको क्या चाहिए सोमू यार? तुम्हारे पास तो सब कुछ है धन, मन, लन, फन और क्या चाहिए?

मैं बोला- मैडम जी, मेरी जेब खर्ची के लिए पैसे चाहिए होते हैं ना! मैंने आपके लिए इतने दिन डांस किया और मुफ्त का मैनेजर बना तो उसका कुछ तो फायदा होना चाहिए ना?

मधु मैडम बोली- तुम घबराओ नहीं सोमू यार, मैंने पंचोली साहिब से बात कर ली है, उन्होंने कहा है कि वो तुमको उचित मेहनताना देंगे।

मैं बहुत खुश हो गया और मैं जोश से बोला- वाह मैडम जी, चलो इसी ख़ुशी में आप दोनों को एक एक बार और चोद देता हूँ!

दोनों मैडम एक साथ चिल्ला पड़ी- नहीं सोमू, तेरे लंड ने तो हमारी चूतें चोद चोद कर लाल कर दी हैं, इनको सुजा दिया है। अब दो दिन कोई लंड वंड नहीं चाहिए।

 
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