• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

मेरा चुदाई का सफ़र

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
मैं हँसते हुए अपने कमरे में आ गया और लाइट जलाई तो देखा कि पर्बती मेरे बिस्तर पर सर रख कर नीचे फर्श पर बैठे ही सो गई थी।

मैं अपने कपड़े बदल कर बाथरूम से बाहर निकला और उसको हल्के से जगाया और जब वो जगी तो मैंने उसको उठा कर उसकी धोती इत्यादि उतार कर पूरी नंगी कर दिया और स्वयं भी नंगा हो गया और उसको लेकर अपने बेड में लेट गया।

पर्बती का शरीर एकदम फ्रेश और जवान था क्यूंकि उसकी उम्र भी ज़्यादा नहीं थी और उसकी शादी में चुदाई भी बहुत कम हुई थी तो उसको चोदने का अपना ही कुछ अलग आनन्द था।

मैं उसके लबों को चूमने के बाद उसके गोल गुदाज़ मुम्मों को चूसने लगा और उसकी मोटी चूचियों को मुंह में रख कर गोल गोल घुमाना मुझको बहुत ही अच्छा लगता था।

साथ साथ मैं उसकी बालों भरी चूत के अंदर छुपी भग को भी हल्के से मसल रहा था और इस तरह कुछ ही समय में वो मुझको अपने ऊपर आने का न्योता देने लगी और मैंने उसको फ़ौरन घोड़ी बना कर चोदना शुरू कर दिया।

क्यूंकि पर्बती काफी अरसे से नहीं चुदी थी तो वो पहली बार बड़ी जल्दी ही झड़ गई लेकिन मैं आज उसको पूरा काम सुख देना चाहता था। मैंने उसको लिटा कर और स्वयं भी लेट कर उसके पीछे से अपना लंड उसकी फूली चूत में डाल दिया और फिर आहिस्ता चुदाई का माहोल बना दिया। जिसमें दोनों प्रतिद्वंदी बड़े आराम से एक दूसरे को काम सुख प्रदान करते हैं।

इस पोज़ के बाद मैंने पर्बती को अपने ऊपर बिठा लिया और वो ऊपर से मुझको चोदने लगी।

क्यूंकि ऊपर वाले पोज़ में चुदाई की लगाम औरत के हाथ में होती है, वो जैसे चाहे जिस स्पीड से चाहे अपने आदमी को चोद सकती है और स्वयं पूरा आनन्द ले सकती है।

पर्बती मुझ को आनंद से चोद रही थी और अभी तक कुल मिला कर 5-6 बार छूट जाने के कारण पूरी तरह से तृप्त और संतुष्ट हो चुकी थी लेकिन फिर भी वो अभी भी वो मुझ को ऊपर से पूरे जोश से चोद ही रही थी कि जाने कब मैं गहरी नींद में सो गया।

सुबह उठा तो पर्बती जा चुकी थी और मेरे रात के कपड़े भी मुझको पहना गई थी।

थोड़ी देर बाद कम्मो मेरे लिए चाय लेकर आई और हम दोनों ने मिल कर चाय पी। उसने बताया कि मम्मी पापा सुबह जल्दी चले गए थे।

मैंने कम्मो से पूछा- शूटिंग कब तक चलेगी? मेरे कॉलेज वापस जाने के दिन भी नज़दीक आ रहे हैं।

कम्मो बोली- मेरे ख्याल से 3-4 दिन और चलेगी शायद।

मैं बोला- कम्मो, तुम सारे खर्चे का हिसाब रूबी मैडम से कर रही हो ना? जितना भी दुकान वाले का हिसाब है वो साथ ही साथ निबटा दिया करो, नहीं तो बाद में सारा खर्च हम पर आ जाएगा।

नाश्ते के टेबल पर रूबी और मधु मैडम भी मिल गई और उन्होंने बताया कि आज कोई खास प्रोग्राम नहीं है शूटिंग का सो सब फ्री हैं जैसा चाहें वो कर सकते हैं।

मधु मैडम ने मुझसे पूछा- सोमू, यहाँ कुछ ख़ास चीज़ है देखने के लिए?

मैं बोला- कोई खास जगह या चीज़ तो नहीं है देखने के लिए यहाँ पर अगर आपकी मर्ज़ी हो तो हमारा घोड़ों का स्टड फार्म है यहाँ जो शायद आप देखना चाहें?

मधु मैडम बोली- स्टड फार्म क्या होता है?

मैं बोला- यहाँ हमारे फार्म में घोड़े और घोड़ियाँ पाले जाते हैं और कई दूसरी ज़मींदार अपनी घोड़ियों को हरा करवाने भी आते हैं।

मधु मैडम बोली- घोड़ियों को हरा कैसे किया जाता है? कभी देखा नहीं।

मैं बोला- पापा ने कुछ ख़ास नसल के घोड़े पाले हुए हैं जो सिर्फ घोड़ियों के साथ सेक्स करके उनके बच्चे पैदा करना का काम करते हैं।

मधु और रूबी मैडम दोनों साथ ही बोली- अच्छा एनिमल सेक्स? क्या हम देख सकते हैं? पहले कभी देखा नहीं।

मैंने कहा- हाँ, देख सकते है लेकिन पहले मुझको कन्फर्म करने दो अपने स्टड फार्म मास्टर से कि कोई घोड़ी आई हुई है हरी होने के लिए!

मैंने राम सिंह को पुछवा लिया और उसने बताया कि आज दो बाहर की घोड़ियों को हरा करना है और एक अपने फार्म की घोड़ी को भी हरा करना है और उसने कहा कि आप मेहमानों को ला सकते हैं यह दिखाने के लिए!

मैंने सब मैडमों को बता दिया और उन्होंने फैसला लिया कि वो सब डांसर्स को ले जाएंगी यह खेल दिखाने के लिए!

कॉटेज में लड़कियों से बात हो गई और वो सब यह देखने के लिए बहुत अधिक इच्छुक थीं।

मैडम की कार में दो तीन ट्रिप में सब लड़कियाँ स्टड फार्म पहुँच गई।

मैं और कम्मो भी उनके लिए लंच का सारा इंतज़ाम करके स्टड फार्म अपनी बाइक पर पहुँच गए।

राम सिंह ने नाश्ते पानी का इंतज़ाम कर रखा था सो सबने पहले जलपान किया और फिर राम सिंह हम सबको लेकर घोड़ों के अस्तबल ले गए जहाँ घोड़ियों के गर्भाधान की तैयारी चल रही थी।

सब लड़कियों को पता नहीं था कि क्या होने वाला है सो वो मेरे से पूछ रही थी कि क्या करेंगे ये लोग!

जब मैं बताने लगा तो सारी लड़कियाँ मुझ को घेर कर खड़ी हो गई और जब मैंने बताया कि घोड़े का 2-3 फ़ीट का लंड घोड़ी की चूत के अंदर घोड़ा डालेगा तो घोड़ी के बच्चा होने की सम्भावना बन जाती है।

तब हेमा धीरे से फुसफुसाई- कल जब तुमने हम सबके अंदर अपना लंड डाला तो क्या हमारे अंदर भी बच्चा होने की सम्भावना बढ़ गई थी?

मैं जानता था कि वो मेरी टांग खींच रही है सो मैंने भी उसी लहजे में धीरे से उसको बताया- हाँ, सम्भावना तो बढ़ जाती अगर मैं आप सबकी चूत में अपने लंड से वीर्य की पिचकारी मार देता तो? लेकिन आप सबने नोट किया होगा कि मेरा एक बूँद भी वीर्य नहीं छूटा था किसी की चूत में तो किसी को भी बच्चा होने की कोई सम्भावना नहीं है।

हम ये बातें कर ही रहे थे कि हमारा स्टार घोड़ा एक घोड़ी के पास लाया गया और वो पहले घोड़ी के चारों तरफ घूमा और फिर घोड़ी की चूत को सूंघा और फिर घोड़ी के पास गया और उसके मुंह के साथ कुछ देर छेड़छाड़ करने लगा और फिर वो वापस घोड़ी के पीछे आया और फिर उसकी चूत को सूंघा और फिर उसका लंड एकदम से खड़ा हो गया और वो एक झटके से घोड़ी के ऊपर चढ़ा और उसके 3 फुट लम्बे लंड को ज़ोर से घोड़ी की चूत के अंदर डाल दिया, कुछ पल आगे पीछे होने लगा और फिर उसने अपने लंड से ज़ोरदार पिचकारी वीर्य की छोड़ी और घोड़ी की चूत को पानी से भर कर वो नीचे उतर आया।

इसी तरह दूसरी घोड़ी भी तैयार कर के लाई गई और उस पर दूसरे घोड़े को चढ़ाया गया और वैसे ही उसका भी पानी छूट कर घोड़ी की चूत को पानी से भर गया।

मैंने लड़कियों को ध्यान से देखा कि सबके चेहरे कामुकता की गर्मी से लाल हो रहे थे और 2-3 अपने दुपट्टे को आगे करके अपनी ऊँगली से अपनी भग को सहला रही थी।

मेरे आगे खड़ी हुई तीन चार लड़कियाँ अपने चूतड़ों को मेरे लंड के साथ जोड़ कर हल्के से रगड़ा लगा रही थी और इस काम में मैं उनकी पूरी सहयता कर रहा था, एक के साथ रगड़ लगा कर दूसरी के पीछे शिफ्ट हो रहा था और तीसरी के चूतड़ों को हाथ से सहला रहा था।

जब बाकी लड़कियों ने इस खेल के आनन्द को समझा और मेरे आगे पीछे होने लगी तब तक दो घोड़ियाँ हरी हो चुकी थी और बाकी एक घोड़ी रह गई थी, उसके पीछे जब घोड़ा खड़ा हुआ तो वो बहुत ही बिगड़ रही थी और पास आने वाले घोड़े को लातें मार रही थी।

इस घोड़ी के लिए राम सिंह खुद भी अंदर चला गया और धीरे धीरे कुछ अस्फुट शब्द बोलते हुए बिगड़ी घोड़ी के बालों को सहलाने लगा और उसके कान में कुछ बोलने लगा और थोड़ी देर में ही वो घोड़ी कुछ शांत हो गई।

अब वो मस्त काला घोड़ा घोड़ी के चारों तरफ घुमा और फिर अपना बहुत ही बड़ा लंड निकाल कर घोड़ी के ऊपर चढ़ गया। कुछ देर वो आगे पीछे हुआ और फिर अपने वीर्य का फव्वारा छोड़ता हुआ नीचे उतर आया।

मेरे आगे खड़ी लड़कियों तो अब इतनी अधिक कामातुर हो चुकी थी कि वो अपनी गांड मेरे लंड के साथ खूब रगड़ रही थी और मैं भी सब के चूतड़ों को अपने पैंट में छुपे लंड से हरा पीला कर रहा था।

उधर दोनों मैडमों को कम्मो समझा रही थी और मैंने नोट किया कि रूबी मैडम तो खुले आम अपनी ऊँगली अपनी चूत में डाले कम्मो के साथ सट्ट के खड़ी थी।

इधर डांसर लड़कियों के साथ हम सब वापसी चल पड़े और तब मैंने उन लड़कियों से पूछा कि क्या उन्होंने कभी नदी में नहाने का आनन्द लिया है?

सब बोली- नहीं… लेकिन जुहू बीच में समुद्र में बहुत बार नहाई हैं।

मैंने पूछा- क्या नदी में स्नान करने की इच्छा है किसी की?

सब बोली- हाँ इच्छा तो है पर यहाँ नदी कहाँ है जिसमें नहाया जा सके?

मैं बोला- जहाँ शूटिंग हुई थी ना, उसी नदी में नहा सकते हैं अगर सबकी मर्ज़ी हो तो!

जूली बोली- अरे सोमू, उसमें तो पानी ही नहीं है ज़्यादा। नहा कहाँ सकते है उसमें?

मैं बोला- जगह है जहाँ आप सब अच्छी तरह से नहा सकती है सारे कपड़े उतार कर… आप सब की मर्ज़ी हो तब ही प्रोग्राम बन सकता है?

सब बोली- सोमू बनाओ प्रोग्राम नहाने का, हम तैयार हैं।

 
थोड़ी देर में कम्मो हमारी तरफ आती हुई दिखाए दी, मैंने उससे पूछा- ये लड़कियाँ नदी में नहा सकती है क्या?

और साथ ही कम्मो को आँख भी मार दी।

कम्मो बोली- हाँ, एक जगह है जहाँ गाँव वाली औरतें भी नहाती हैं, ये सब वहाँ नहा सकती हैं अगर इनकी मर्ज़ी हो तो!

सब डांसर्स तैयार हो गई और कॉटेज में जाकर सब अपने नहाने वाले कपड़े बदल कर आ गई और कम्मो उनको कार में ले गई और वहीं उतार दिया जहाँ गाँव वाली औरतें नहा कर जा चुकी थी।

सबको वो जगह बड़ी पसंद आई और वो और भी खुश हुई जब उनको कम्मो ने बताया कि यहाँ गाँव के मर्दों का आना सख्त मना है तो वो बगैर किसी प्रॉब्लम के यहाँ खुले आम नहा सकती हैं, अगर चाहें तो पूरी नंगी भी नहा सकती हैं।

मैं अपनी बाइक पर बैठ कर अपनी पुरानी झाड़ी में छुपने वाली जगह पर आ गया और बाइक को थोड़ी दूर छुपा कर पार्क कर आया और जा कर अपनी ख़ास जगह में बैठ गया।

मैं वहाँ टाइम पास करने के लिए 6 कोका कोला की बोतलें भी साथ ले आया था।

जब मैंने झाड़ी का पर्दा हटा के देखा तो डांसर्स सब नहाने के लिए तैयारी कर रही थी, दो लड़कियों को कम्मो मेरी वाली झाड़ी की तरफ ला रही थी।

मैं समझ गया कि कम्मो ज़रूर उनको पेशाब करवाने ला रही होगी और वही हुआ, उसने दोनों को बताया कि वो झड़ियों की तरफ मुंह करके पेशाब कर सकती हैं।

कम्मो ने उनको यकीन दिलाया कि यहाँ कोई भी आदमी नहीं आ सकता सो वो चाहें जितना बेशर्म हो कर सब कुछ कर सकती हैं।

दोनों ने अपने चारों और देखा और फिर सलवार को ढीला कर के पेशाब करने बैठ गई।

क्यूंकि वो सब मेरे सामने ही हो रहा था, मैं उनकी यह सेक्सी हरकत देख रहा था।

दोनों लड़कियों को मैंने डांस करते हुए देखा था लेकिन वो मेरे से चुदाने के लिए अभी तक नहीं आई थी। वो शायद कमरा नम्बर 7 की लड़कियाँ थी लेकिन दोनों काफी सुडौल और सुन्दर थी। दोनों की चूत पर काले बालों की गहरी घटा छाई हुई थी और उनके पेशाब की धार उसी बालों भरी गुफा से निकल कर काफी दूर तक जा रही थी।

दोनों बातें भी कर रही थी जो मुझको साफ़ सुनाई दे रही थी।

जो लड़की लाल रंग की सलवार कमीज पहने थी वो बोली- क्यों नीलू, क्या आज रात सोमू हमको फक कर पायेगा कि नहीं? बड़ी खुजली हो रही है चूत में यार!

नीलू बोली- देख सोनल, आज नहीं तो कल बारी आ ही जायेगी, ज़रा सब्र कर यार! वैसे लड़का है बड़ा ही सेक्सी, मैं तो चूम चूम कर साले को आधा कर दूंगी।

सोनल बोली लड़का है बड़ा ही किमामी, साले की नशीली आँखें और ज़ोरदार लंड कमाल का है।

जल्दी ही दोनों पेशाब कर के चली गई।

उनके जाने के बाद झाड़ी के बाहर नदी की तरफ देखा तो सब लड़कियाँ पानी में अठखेलियाँ कर रही थी और एक दो ने तो अपनी कमीज उतार रखी थी और अपने नंगे मम्मों के साथ आपस में खूब चूमा चाटी कर रही थी और खूब छेड़छाड़ का माहौल बना हुआ था।

थोड़ी देर बाद देखा कि कम्मो झाड़ी की तरफ आ रही है और मेरे सामने बैठ अपनी साडी ऊंची करके पेशाब करने लगी और साथ ही बोली- क्यों छोटे मालिक, सब ठीक चल रहा है ना?

मैं बोला- सब ठीक है कम्मो रानी, मेरे दिल और मेरे लंड की मल्लिका, वो जो लाल रंग की सलवार पहने लड़की है न, उसका नाम सोनल है, उसको चुदाई की बहुत इच्छा है, वो जल्दी चुदना चाहती है मुझसे! तुम उसको यहाँ ले आओ प्लीज और कहना कि सोमू बुला रहा है।

कम्मो हंस के बोली- वाह छोटे मालिक, आप और आपका यह लंडम चूत के बेहद भूखे हो, अभी लेकर आती हूँ साली सोनल को!

तब तक मैं बाहर का नज़ारा देख रहा था, कुछ लड़कियों ने पतले सफेद कुर्ते और साथ में सफेद पजामी पहन रखी थी तो उनके कुर्ते भीगने के बाद एकदम से पारदर्शी हो चुके थे और सफेद पजामी से उनकी चूत के काले बालों की एक झलक भी यदा कदा नज़र आ जाती थी।

कुल मिला कर बड़ा ही मन मोहक और लंड दोहक दृश्य था। मोटे और गोल मुम्मे और गोल उभरे हुए चूतड़ों की तो भरमार थी जिधर देखो उधर ही वो दिख रहे थे।

दो चार लड़कियाँ कुछ अधिक कामातुर हो चुकी थी, वो आपस में खूब छेड़छाड़ और पकड़म पकड़ाई में लीन थी।

कम्मो हंस के बोली- वाह छोटे मालिक, आप और आपका यह लंडम चूत के बेहद भूखे हो, अभी लेकर आती हूँ साली सोनल को!

तब तक मैं बाहर का नज़ारा देख रहा था, कुछ लड़कियों ने पतले सफेद कुर्ते और साथ में सफेद पजामी पहन रखी थी तो उनके कुर्ते भीगने के बाद एकदम से पारदर्शी हो चुके थे और सफेद पजामी से उनकी चूत के काले बालों की एक झलक भी यदा कदा नज़र आ जाती थी।

कुल मिला कर बड़ा ही मन मोहक और लंड दोहक दृश्य था। मोटे और गोल मुम्मे और गोल उभरे हुए चूतड़ों की तो भरमार थी जिधर देखो उधर ही वो दिख रहे थे।

दो चार लड़कियाँ कुछ अधिक कामातुर हो चुकी थी, वो आपस में खूब छेड़छाड़ और पकड़म पकड़ाई में लीन थी।

कुछ देर बाद मुझको बाहर से किसी के खांसने की आवाज़ आई तो मैंने झाड़ी से नदी की साइड वाली खिड़की फ़ौरन बंद कर दी और तभी कम्मो और सोनल अंदर आ गई।

सोनल झाड़ी वाली जगह को देख कर बड़ी खुश हुई और आते ही मुझ से लिपट गई और बोली- वाह!!! क्या बात है सोमू यार, क्या जगह है यह छुपने के लिए और सब कुछ करने के लिए!!

मैं मुस्कराते हुए बोला- जगह तो अच्छी है लेकिन क्या तुम सब कुछ करवाने के लिए तैयार हो?

सोनल बोली- सच बताना सोमू, तुमको कैसे पता चला कि मैं सब कुछ करवाने के लिए तड़प रही हूँ?

मैं बोला- मैं तो स्टड फार्म में ही तुमको देख कर जान गया था कि यह एक लड़की है जो सब कुछ करवाने के लिए तड़प रही है। क्यों ठीक है ना? तुमने घोड़ा जब घोड़ी पर चढ़ा तो तुम्हारा हाथ तुम्हारी पुसी पर ही था और तुम छुप कर आनन्द ले रही थी। क्यों सच है ना?

सोनल थोड़ी शरमाई और हाँ में सर हिला दिया।

तब कम्मो बोली- अरे तुम दोनों जल्दी करो ना… नहीं तो बाहर नदी पर सोनल को सब खोजने लगेंगे।

मैंने सोनल को खींच कर अपने पास ले लिया और ताबड़तोड़ उसके लबों पर चुम्मियों की बारिश कर दी और हाथों से उसके मोटे गोल मुम्मों को भी मसलने लगा।

सोनल ने भी देर लगये बगैर मेरे लंड को पैंट से निकाल कर सीधा अपने मुंह में ले लिया और खूब जोश से उसको चूसने लगी।

कम्मो ने इशारा किया कि हम जल्दी करें तो मैंने सोनल को उठाया और उसकी गीली सलवार को नीचे खिसका दिया, उसकी बाहर से गीली चूत को थोड़ी देर चाटा और फिर उसको उठा कर झाड़ी के सहारे थोड़ झुका कर खड़ा कर दिया और पीछे से अपने खड़े लंड को उसकी चूत में घुसेड़ दिया और धीरे धीरे उसको पूरा का पूरा अंदर डाल कर हल्के धक्के मारने शुरू कर दिए।

मैं सोनल की एकदम गोरी गांड और उसके रेशमी चूतड़ों को मसल रहा था और जैसे ही मैं अपने हाथ उसकी फड़कती चूत के अंदर डाल कर उसकी भग को रगड़ने लगा तो सोनल तेज़ी से आगे पीछे होने लगी और मैंने भी धक्कों की स्पीड और तेज़ कर दी।

सोनल इतनी अधिक कामातुर हो चुकी थी आज सुबह घोड़ों की चुदाई देख कर कि वो जल्दी ही पानीपत की पहली लड़ाई में धराशयी हो गई और ‘मैं मरी रे… मैं गई रे…’ कहते हुए मेरे लंड के साथ आकर चिपक गई।

लेकिन मैंने नोट किया कि सोनल अभी भी एक बार और चुदने के लिए पूरी तरह से तैयार थी।

लेकिन कम्मो ने उसको उठा दिया और वो मुझको गर्म चुम्मी देकर चली गई और अपनी सहेली नीलू को भेजने का वायदा कर गई।

थोड़ी देर बाद कम्मो नीलू को लेकर भी आ गई।

मैंने सब से पहले नीलू को एक कामुक जफ्फी मारी और उसके होटों को थोड़ी देर चूमा और फिर उसके गोल गुदाज़ मम्मों को चूसने लगा और झुक कर एकदम सिल्की पेट को चूमता हुआ अपनी जीभ को उसकी बेहद गीली चूत पर टिका दिया।

मैं उसकी भग को मुंह में लेकर गोल गोल चूसने लगा और वो कामुक होती हुई अपने चूतड़ों को उठा कर मेरे मुंह से बार बार जोड़ रही थी।

नीलू मेरे बालों को पकड़ कर कभी मेरे मुंह को चूत पर दबा रही थी और कभी वो मुंह को हटाने की कोशिश कर रही थी।

जब मैंने महसूस किया कि नीलू चुदाई के लिए एकदम बेकरार है तो मैंने उस को नीचे लिटा कर अपनी पैंट को नीचे खिसका कर अपना लौड़ा निकाल कर उसकी चूत के मुंह पर रखा और एक ही धक्के में लंडम पूरा का पूरा उसकी चूत में चला गया।

फिर शुरू हुई नीलू की चुदाई जिसमें लंड को पूरा बाहर निकाल कर पूरा अंदर डालने का क्रम शुरू कर दिया।

और जब नीलू नीचे लेटी हुए बहुत तिलमिलाने लगी तो मैंने तेज़ स्पीड से उसको चोदना शुरू कर दिया और अपने दोनों हाथों को उस के चूतड़ों के नीचे रख कर गहरे धक्के मारना चालू कर दिया।

नीलू गहरे धक्कों से जल्दी ही स्खलित हो गई और वो जब छूट रही थी तो उसकी जांघों ने मेरी कमर को पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लिया।

जाने से पहले नीलू ने एक टाइट जफ्फी मार कर बहुत ही प्यारा सा थैंक्स मुझको किया।

 
नीलू को लेकर जब कम्मो चली गई तो मैंने बाहर की तरफ देखा तो 4-5 लड़कियाँ मेरे छुपने के सामने वाली जगह पर पेशाब करने आ रही हैं और सब एक कतार में बैठ कर अपनी सलवारें ढीली करके पेशाब की ज़ोरदार धार मारने लगी और साथ में बातें भी करती रहीं- आज तो बहुत ही मज़ा आया यार, एक तो घोड़ों के इतने लम्बे लंड के दर्शन हो गए और दूसरे यहाँ नदी में नहाने का मौका मिल गया और अब कोई सोमू का लम्बा लंड भी दिलवा दे तो लाइफ बन जाए!

उन में से एक तेज़ तरार लड़की जिसको मैं नहीं पहचानता था, बोली – काश मेरे अंदर भी घोड़े के माफिक लम्बा और मोटा लंड जा सकता तो मज़ा ही आ जाता।

एक और लड़की बोली- साली घोड़े के माफिक लंड तेरे अंदर जाएगा तो वो तेरे मुंह से बाहर आ जाएगा। लंड हो तो सोमू जैसा, ना बहुत बड़ा न ही बहुत छोटा। मेरे बॉय फ्रेंड का लंड तो इतना छोटा है जैसे कि बच्चे की लुल्ली… अंदर जाता है तो पता ही नहीं चलता कि कुछ अंदर गया है या नहीं।

तीसरी बोली- मेरा बॉय फ्रेंड का लंड तो अच्छा है लेकिन अंदर डालते ही झड़ जाता है साला। मेरी चूत उसको हेलो भी नहीं कर पाती कि वो उलटी कर के बाहर निकल जाता है! क्या करें, समझ नहीं आता?

लड़कियों के जाने के बाद मुझको ख्याल आया कि अगर कम्मो इन लड़कियों की हेल्प करे तो शायद इनकी सेक्स लाइफ सुधर सकती है।

मैंने फैसला किया कि आज दोपहर खाना खाने के बाद कम्मो को कह कर इन लड़कियों की हेल्प कर दी जाए तो शुभ काम होगा।

पेशाब करने वाली लड़कियों में मुझको ज़ूबी भी दिखाई दी और मैंने महसूस किया कि वो भी ख़ूबसूरती का मुजस्समा है और उसकी अभी तक चूत लेने का मौका नहीं मिला।

 
हर साल आता है, हर साल जाता है, इस नये साल में आपको वो सब मिले, जो आपका दिल चाहता है। नया साल मुबारक।

URL]
 
नहाने के बाद सब लड़कियाँ वापस कॉटेज में आ गई और अपने अपने कमरों में चली गई।

दोपहर के खाने के बाद कुछ लड़कियाँ सोने के लिए अपने कमरों में चली गई और बैठक में सिर्फ मैं कम्मो और 2 डांसर बची थी, उनमें ज़ूबी और एक और बहुत ही खूबसूरत लड़की थी जो हमारे साथ बैठक में बैठी थी।

मैंने कम्मो से पूछा- ये दोनों डांसर कौन कौन हैं?

कम्मो उन दोनों के पास गई और उनको बुला कर अपने पास ले आई और पास बिठा कर पूछने लगी- आप दोनों कौन हैं और यहाँ अकेली चुपचाप क्यों बैठी हैं? आप दोनों की तबियत तो ठीक है ना?

दोनों थोड़ी देर सोचती रही फिर बोली- मैं ज़ूबी हूँ और यह है कृतिका, हम रूम नंबर 4 में रहती हैं।

कम्मो ने पूछा- तुम दोनों इतना चुप चुप क्यों हो?

दोनों कम्मो को कमरे के एक कोने में ले गई और कुछ खुसर फुसर करने लगी और फिर कम्मो उनको कुछ समझाने लगी और इसके बाद वो उनको लेकर बाहर चली गई।

थोड़ी देर बाद वो लौटी और बोली- उन दोनों को कोई औरतों वाली प्रॉब्लम है, मैंने उनको दवाई दे दी और आराम करने को कहा है, वो अपने कमरे में चली गई हैं।

मैं बोला- अब क्या करें कम्मो डार्लिंग? चलो हम भी सो जाते हैं किसी कमरे में?

कम्मो बोली- मैं सोच रही थी कि इन काम वालियों को खुश कर देते हैं, आज दिन भर ख़ास तौर से वो काला हीरा बहुत ही फुदक रही है आपसे चुदाने के लिए?

मैं बोला- चलो ठीक है यह सुझाव भी, लेकिन कम्मो डार्लिंग सोचना यह भी है कि फ़िल्मी टोली को कैसे बिजी रखें? क्यूंकि तकरीबन सब लड़कियाँ मुझ से चुद चुकी है और इन सबकी चूतें इस वक़्त पूरी तरह से तसल्ली में हैं। वैसे पता करो कोई लड़की रह तो नहीं गई?

कम्मो बोली- छोटे मालिक रह भी गई है तो उस लड़की को आगे आना चाहिए ना अगर उसको आपसे चुदाने की इच्छा है तो? मैं सोचती हूँ क्यों न हम इन लड़कियों के साथ मिलकर आज रात एक छोटा सा सुंदरता प्रतियोगिता का प्रोग्राम रख लेते हैं जिसमें दोनों मैडमों को जज बना देते हैं।

मैं बोला- वाह कम्मो जान, क्या आईडिया है! साथ में लड़कियों का स्ट्रिप टीज़ का प्रोग्राम भी रख देंगे जिससे सबको बड़ा मज़ा आयेगा ख़ास तौर से मैडमों को और मुझ को। क्यूँ कैसा है यह आईडिया?

कम्मो बोली- वाह छोटे मालिक, क्या दिमाग चलता है आपका चुदाई के बारे में।

मैं बोला- तुम काला हीरा और दुल्हन को पेश करो ऊपर वाले कमरे में और बाद में इन लड़कियों की जो मुखिया है, उसको पकड़ो और उससे बात करो सौन्दर्य प्रतियोगिता के बारे में।

मैं उठ कर ऊपर वाले कमरे में चला गया जहाँ एक पलंग बिछा था और जिस पर एक गद्देदार बिस्तर भी लगा था।

थोड़ी देर में काला हीरा उर्फ़ देवकी भी आ गई ठुमकती ठुमकती और उसके आते ही मैंने उसको जकड़ लिया अपनी बाहों में और उसके सांवले चेहरे को चुम्मियों से भर दिया क्यूंकि मैं भी घोड़ों का चोदन देख कर एकदम हॉटम हॉट हो रहा था।

देवकी भी बहुत दिनों से प्यासी थी मेरे लंड की तो उसने सीधे अपना हाथ मेरे लंड पर डाल दिया और उसको खड़ा देख कर हैरान रह गई और बोली- वाह छोटे मालिक, आपका तो मेरे आने से पहले खड़ा है?

अब मैंने देवकी के ब्लाउज पर हाथ डाला और उसके मोटे सुडौल मम्मों को मसलने लगा।

देवकी ने ही खुद अपने ब्लाउज को उतार फेंका और और फिर अपनी धोती को भी उतार दिया और मैं उसकी काली बालों से भरी चूत पर मोहित हो गया।

देवकी की चूत की खासियत यह थी कि वो आम चूतों से ज़्यादा ऊपर पेट की तरफ थी और खूब उभरी हुई!

अगर बाल हटा कर देखा जाता तो वो गोल मोल चूत थी और मस्त दिख रही थी।

मैं उसको लेकर बिस्तर की तरफ चला गया और उसको सीधा लिटा कर अपने कपड़े उतारने लगा लेकिन देवकी एकदम से खड़ी हो गई और आगे बढ़ कर मेरे कपड़े उतारने लगी।

जब बैठ कर मेरा अंडरवियर उतारने लगी तो लंड ने उछल कर उसके मुंह पर हल्के से थप्पड़ मारा।

देवकी बड़े ज़ोर से हंस पड़ी और बोली- ससुरा बहुत ही शैतनवा हुई गवा रे, हम का प्यार से चपत मारत है साला।

अब मैंने देवकी को लिटा कर उसकी जांघों में बैठ कर अपना मुंह उस की चूत पर टिका दिया और उसकी चूत को और उसके अंदर छिपे भग को चूसने और चाटने लगा।

देवकी के साथ ऐसे पहले किसी मर्द नहीं किया था तो वो अपने मज़े को बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी और मेरे बाल पकड़ कर मेरे सर को हटाने की कोशिश कर रही थी।

लेकिन मैंने भी उसके चूतड़ों के नीचे हाथ रख कर उसकी चूत को और ऊपर उठा दिया और लपालप उसकी चूत को चूसने लगा।

थोड़े देर में ही देवकी की चूत खुद ही मेरे सर को अपने साथ में फंसा कर जांघों को ज़ोर से दबाने लगी और साथ ही एक कंपकपी के साथ वो स्खलित हो गई और फिर मेरे मुख ऊपर उठा कर बार बार चूमने लगी।

अब मैं देवकी की चूत में अपना लंड धीरे धीरे डालने लगा और साथ ही डालने से पहले उसको एक हल्का रगड़ा चूत के ऊपर भी लगाता रहा ताकि वो फिर से गर्म हो जाए।

जब मेरा लंड उसकी एकदम गीली चूत के अंदर चला गया तो मैं उसके मुम्मों को चूसने लगा और उसकी गोल काली निप्प्लों को मुंह में ले कर गोल गोल घुमाने लगा।

देवकी अब पूरे कामुकता के जोबन पर थी और ज़ोर ज़ोर से नीचे से मेरे धक्कों का पूरा जवाब दे रही थी।

अब मैंने उसकी टांगों को हवा में लहरा कर उसकी ज़ोरदार चुदाई शुरू कर दी और जब वो जल्दी ही फिर स्खलित हो गई तो मैंने उस को साइड में लिटा कर पीछे से धक्कम पेल शुरू कर दी।

इस तरह मैं कई पोज़ बदल बदल कर उसको चोद रहा था और जब वो 3-4 बार छूट गई तो कहने लगी- बस अब और नहीं छोटे मालिक, अब हमका छोड़ देयो ना!

तभी कम्मो आई और कहने लगी- दुल्हन तो आज आई नहीं, देवकी से ही काम चला लो छोटे मालिक।

मैं देवकी के ऊपर से उठा और हम दोनों ने कपड़े पहन लिए और देवकी को 10 रुपये का इनाम देकर नीचे भेज दिया।

देवकी के जाने के बाद कम्मो बोली- मेरी सब लड़कियों से बात हुई है, वो सब सुंदरता प्रतियोगिता के लिए तैयार हैं और साथ में कपड़े उतारने की स्ट्रिप टीज़ के लिए भी तैयार हैं, पूछ रही थी जीतने वाली को इनाम क्या मिलेगा?

मैं बोला- तुम बोलो क्या इनाम दिया जाए?

कम्मो बोली- 100 रूपए का इनाम काफी है.

मैं बोला- हाँ, यह रकम काफी है इस छोटी प्रतियोगिता के लिए… तो फिर आओ दोनों मैडमों से भी बात कर लेते हैं। हाँ पर आज उनके खाने में कुछ ख़ास मुर्गे का कोरमा और मटन चाप बनवा लेना और साथ में गाजर का हलवा बनवा लेना। क्यों ठीक है ना?

कम्मो बोली- इस सारे खाने का खर्चा तो फ़िल्मी कम्पनी ही उठाएगी ना तो बनने दो यह सब कुछ!

हम अभी बातें कर ही रहे थे कि जूही दुल्हन सीढ़ियाँ चढ़ कर के ऊपर आ गई और हम दोनों को नमस्कार करके एक तरफ खड़ी हो गई।

तब कम्मो ने उससे पूछा- जूही आज जल्दी कैसे चली गई थी तुम अभी तो सिर्फ दोपहर के खाने का काम ही निपटा है और शाम की चाय और रात के खाने का काम अभी करना है ना?

जूही बोली- वो दीदी, मेरी सास की तबियत कुछ ठीक नहीं थी, उसको देखने घर चली गई थी। बोलो क्या काम है?

कम्मो बोली- कुछ दिन पहले तू छोटे मालिक को याद कर रही थी ना तो मैंने इसलिए बुलाया था कि कोई ख़ास काम था क्या?

जूही थोड़ी शरमाई और अपना मुंह नीचे कर के बोली- वो छोटे मालिक ने जो मुझ पर किरपा की थी ना तो मैं बहुत दिनों से उनको शुक्रिया देना चाहती थी।

मैं बोला- इसमें शुक्रिया किस बात का, वो छोटा सा काम था, मैंने कर दिया। अब सुनाओ पति ठीक से अपना काम कर रहा है ना?

जूही फिर उदास होते हुए बोली- कहाँ छोटे मालिक, वो कोशिश तो करता है लेकिन बहुत जल्दी ही झड़ जाता है। मैं क्या करूँ, समझ नहीं आता? उसके साथ वो मज़ा नहीं आता जो आपने मुझको उस दिन दिया था। एक बार और कर दो, मुझको वही आनन्द दे दो छोटे मालिक।

यह कह कर वो हाथ जोड़ने लगी और मैंने उठ कर उसके हाथ पकड़ लिए और कम्मो की तरफ देखा तो उस ने आँख का इशारा कर दिया, मैंने कहा- अरे जूही दुल्हन, इसमें हाथ जोड़ने की क्या बात है, मैं तो खुद तुमको याद कर रहा था। अगर तुम्हारी बहुत इच्छा है तो आ जाओ मैं तुमको जितना तुम चाहो तुम्हारे साथ चुदाई का खेल खेल सकता हूँ।

कम्मो ने उठ कर जूही दुल्हन को मेरी बाँहों में डाल दिया और मुझसे कहा- छोटे मालिक, आज आप जूही दुल्हन को अच्छी तरह से चोद डालो ताकि इसके मन की इच्छा कुछ दिनों के लिए पूरी हो जाए। और मैं चलती हूँ दोनों मैडमों को फ़ोन पर सब कुछ बताने के लिए! ठीक है ना छोटे मालिक?

मैंने कहा- ठीक है, यह काम ज़रूरी ना होता तो मैं भी तुम्हारे साथ चलता।

 


कम्मो के जाने के बाद मैंने जूही को अपनी गोद में बिठा लिया और उसको बेतहाशा चूमने लगा। जूही भी मेरे प्यार का जवाब चुम्मियों से देने लगी और कुछ देर बाद मैंने उसके कपड़े उतार दिए और उसके सुडौल मम्मों को चूसना शुरू कर दिया और उसके काले चूचुकों को मुंह में लेकर उनको चूसने का आनंद लेने लगा।

उसकी चूत पर हाथ लगाया तो वो पूरी गीली हो चुकी थी।

मैं जूही को हाथों में लेकर उठा और अपने खड़े लंड का निशाना जूही की चूत पर मारा और धीरे से अपने लंड को जूही की चूत में घुसेड़ने लगा।

मैंने जूही को अपने दोनों हाथों को उसकी गांड के नीचे रख कर उठाया हुआ था जिससे लंड को उसकी चूत में बड़ी आसानी से डाला जा सके और लंड अंदर जा कर जूही की चूत के साथ हिलमिल गया और बड़े जोश से उसको चोदने लगा।

मैंने भी जूही के मुंह को अपने होटों को चिपका कर उसको एक बहुत गहरी चुम्मी दी और उसके चूतड़ों को खुद ही आगे पीछे करके आराम से चोदने लगा।

जूही दुल्हन की दोनों बाहें मेरे गले में थी, वो जैसे हो जोश में आती थी मुझको अपनी बाहों की ताकत से अपने साथ चिपका लेती थी और दिल भर की चुंबन दे देती थी।

जूही 2-3 छूट चुकी थी लेकिन अभी भी उस का मन नहीं भरा था तो मैं उसको बिस्तर में लिटा कर उसकी जांघों के बीच बैठ कर उस की ज़ोरदार चुदाई करने लगा और मेरे बहुत ही तेज़ धक्कों के कारण वो मस्त हुई चुद रही थी और कह रही थी- फाड़ दो… फाड़ दो इस साली को… ओह ओह मैं मर गई रे!

पांच मिन्ट की तेज़ चुदाई से वो बहुत अधिक कांपती हुई ज़ोर से झड़ गई और मुझको खींच के अपने से चिपका लिया।

मैं उसके ऊपर से हट गया और वो आँखें बंद कर के पड़ी रही बगैर हिले डुले कुछ देर के लिए!

फिर वो उठी और जल्दी से अपने कपड़े पहन लिए और मुझको एक कामुक चुंबन देकर चली गई।

उसके जाते ही कम्मो आ गई और बोली- मेरी मैडमो से बात हो गई है, सुंदरता प्रतियोगिता का प्रस्ताव सुन कर बड़ी खुश हो गई हैं और वो शाम को दोनों यहाँ आ जाएंगी। कह रही थी कि वो कुछ खास पीने का भी प्रबंध कर लेंगी।

कुछ समय बाद धीरे धीरे डांसर लड़कियाँ बैठक में आने लगी और काफी अधिक उत्सुक लग रही थी, होने वाली सुंदरता प्रतियोगिता से काफी उत्साहित थी।

सब आपस में अपने प्रतियोगिता में पहनने लायक कपड़ों के बारे में बहस कर रही थी।

हेमा बोली- सुंदरता प्रतियोगिता तो ठीक है लेकिन यह स्ट्रिप टीज़ तो ठीक नहीं लग रहा है।

जूली बोली- स्ट्रिप टीज़ में तो सिर्फ कपड़े ही उतारने हैं और वो भी सब औरतों के सामने और अगर कोई मर्द हुआ भी तो वो अपना सोमू राजा ही होगा ना जिसके सामने हम सब कई बार नंगी हो चुकी हैं वो उस से सब करवाते हुए जिसकी इच्छा हम सबको थी। क्यों ठीक है ना? अब बोलो क्या स्ट्रिप टीज़ में कोई प्रॉब्लम है?

सबने ज़ोर से कहा- नहीं, कोई प्रॉब्लम नहीं है, होने दो स्ट्रिप टीज़ को!

सब लड़कियाँ मेरे इर्द गिर्द जमा हो गई और तब आबिदा बोली- इस प्रतियोगिता के मुख्य जज तो सोमू जी को होना चाहिए क्यूंकि उन्होंने हम सबको अच्छी तरह से देखा और परखा है, हमारे एक एक अंग से पूरी तरह से वाकिफ हैं और उसका आनंद ले चुके हैं।

नंदा बोली- वो तो सब ठीक है, हमको स्ट्रिप टीज़ करने में कोई ऐतराज़ नहीं है लेकिन इस स्ट्रिप टीज़ के विजेता लड़कियों को सोमू की तरफ से एक ख़ास इनाम दिया जाना चाहिए। क्यों सोमू राजा?

मैं बोला- मैं भला किसी को क्या इनाम दे सकता हूँ?

आबिदा बोली- तुम्हरे पास इतनी कीमती चीज़ है जिसकी हर लड़की को ज़रूरत है और चाहत है, बोलो दोगे क्या?

मैं बोला- अच्छा तो तुम लंडम की बात कर रही हो? वो तो हर वक्त हाज़िर है आबिदा जानम, एक बार नहीं जितनी बार कहोगी, वो तुम्हारी चूत की सेवा करने के लिए तैयार है।

तब हेमा बोली- अगर लड़कियों को और सोमू को ऐतराज़ ना हो तो प्रतियोगिता के बाद सब लड़कियों की सोमू के साथ ज़ोरदार चुदाई सेशन हो जाए? क्यों सोमू, तैयार हो चुदाई सेशन के लिए? और क्या तुम सब लड़कियों को चोद सकोगे एक के बाद एक को?

कम्मो जो सब बातें बड़े ध्यान से सुन रही थी, बोली- तुम 12 लड़कियों को एक साथ चोदना शायद सोमू के लिए मुश्किल हो सकता है लेकिन अगर आप 4-4 के ग्रुप में आएँ तो यह काम वो कर सकता है।

हेमा बोली- वही तो… मज़ा तो तब है जब 12 लड़कियाँ एक साथ नंगी मलंगी सोमू के चारों तरफ फैली हों और वो किसी के मुम्मे चूसे, किसी की चूत में ऊँगली करे और किसी की चूत में लंड डाल रहा हो और एक चोद कर दूसरी पर चढ़ रहा हो और बिल्कुल ऑर्गी जैसा समा बना हो। उफ्फ्फ मज़ा ही जाए अगर ऐसा हो सकता हो तो!

कम्मो बोली- ऐसा हो सकता है अगर बाकी लड़कियाँ एक दूसरी के साथ लेस्बो सेक्स में लगी हों और सोमू लाइन से और कायदे से हर लड़की को काम सुख प्रदान कर सकता है… पर क्या दोनों मैडमों को यह हरकत नागवार नहीं लगेगी क्या?

हेमा बोली- मैडमों को बताएगा कौन? हम सब तो एक जुट हैं, क्यों फ्रेंड्स?

सब ज़ोर से बोली- यस, हममें से कोई भी नहीं बताएगा किसी को, हम सब कसम खाती हैं।

कम्मो बोली- ठीक है, इस खेल का प्लान मैं बनाऊँगी, या आप में से भी कोई मेरे साथ शामिल होना चाहती है?

आबिदा और हेमा दोनों ने हाथ खड़े कर दिए और कम्मो ने दोनों को मिला कर प्लान बनाने का काम शुरू कर दिया।

सब लड़कियाँ रात में होने वाले ब्यूटी कांटेस्ट के लिए अपने कपड़ों का चुनाव करने में लगी हुई थी और मैं बेकार में ही वहाँ बैठा हुआ था।

जब मैं उठने लगा तो जूली मेरे पास आ गई और मैंने उससे पूछा कि अगर वो कुछ नहीं कर रही तो ज़रा लॉन में घूम लेते हैं?तो वो झट मान गई।

हम दोनों हाथ पकड़े हुए लॉन में आ गये।

जूली ने एक लाल फ्रॉक पहना हुआ था जो उसके घुटनों तक ही आ रहा था और वो हवा में खूब लहलहा रहा था। एक दो बार तो वो हवा के तेज़ झोंके के कारण एकदम ऊपर उठ गया और मैंने उसकी वाइट पैंटी के दर्शन कर लिए।

जूली छुपी आँखों से यह सब देख रही थी और मुझको हल्के से अपनी कोहनी मारते हुए बोली- तुम्हारी चोरी पकड़ी गई सोमू जी!

मैंने मुस्कराते हुए कहा- कौन सी चोरी जूली जानम?

वो भी मुस्करा रही थी और मेरे हाथ को अपनी कमर में लपेट कर बोली- वही तुम कुछ देखने की कोशिश कर रहे हो मेरे फ्रॉक के नीचे क्या है?

मैं बोला- वहाँ क्या होगा जो मैंने अभी तक नहीं देखा तुम्हारा? मैं तो सब कुछ देख चुका हूँ तुम्हारा लेकिन इस तरह चोरी से देखने का कुछ और ही मज़ा होता है।

जूली बोली- वही तो!

अब लॉन में कुछ कुछ अँधेरा बढ़ रहा था तो एक पेड़ के नीचे जब हम दोनों पहुंचे तो मैंने जूली को पकड़ कर आलिंगन में बाँध लिया और उसके लबों पर एक गर्म चुम्मी जड़ दी।

वो भी जैसे इसी मौके का इंतज़ार कर रही थी, उसने भी झट से मेरे लौड़े को पकड़ लिया और पैंट के बाहर से ही सहलाने लगी।

मैंने भी एक हाथ उसकी पैंटी के ऊपर रख दिया और उसकी चूत को सहलाने लगा।

एक दूसरे को चूमते चाटते हम एक बिल्कुल अँधेरी जगह में पहुँच गए और फिर मैंने जूली के कान में कहा- मर्ज़ी है क्या?

जूली ने एक किस करते हुए कहा- है तो सही अगर तुम्हारी भी मर्ज़ी है तो?

मैंने जूली को एक घने पेड़ के तने को पकड़ कर खड़ा कर दिया और फिर उसकी पैंटी को नीचे खिसका कर अपने खड़े लंड को पैंट से निकाला और कुछ देर उसकी चूत के ऊपर उसको रगड़ कर धीरे से मैंने उसकी चूत में डाल दिया।

चूत और लंड के मिलन के बाद हम दोनों एकदम से शांत खड़े रहे बिना हिले डुले एक दूसरे से जुड़े हुए!

फिर धीरे से जूली ने अपने चूतड़ों को थोड़ा आगे की तरह किया और फिर पुनः उसको पीछे मेरे लंड से चिपका दिया और इस एक्शन को उसने 4-5 बार रिपीट किया लेकिन मैं बिना हिले डुले शांत खड़ा रहा।

धीरे धीरे से जूली की चूत पनियाती गई और मैंने अपने अंदर बाहर के धक्के शुरू कर दिए और अब जूली के मुंह से आनन्द के सीत्कार की आवाज़ें आने लगी और अब वो भी अपनी कमर को हिला हिला कर मेरे लंड को पूरा का पूरा अंदर लेने लगी और साथ में अस्फुट आवाज़ करने लगी जिससे मैं समझ गया कि जूली अपनी मंज़िल के निकट पहुँच रही है।

मैंने धुआंधार चुदाई शुरू की तो जूली जल्दी से स्खलित हो गई और मेरे लंड के साथ पूरी तरह से चिपट गई।

फिर हम दोनों अपने कपड़े ठीक कर के कॉटेज वापस चल पड़े।

जूली ने अपना सर मेरे कंधे पर रखा हुआ था और वो चुदाई की खुमारी में धीरे धीरे चलती हुई मेरे साथ कॉटेज पहुँच गई।

तभी उसकी रूम मेट सैंडी आ गई और बोली- चलो जूली, तैयार हो जाओ, मैडमों के आने टाइम हो गया है।

थोड़ी देर में दोनों मैडम आ गई, आते ही दोनों ने मुझ को गले लगाया और अपने वक्ष मेरी छाती से रगड़े और अपने हाथों से मेरे लंड को टच करती हुई अपनी सीटों की तरफ गई।

मधु मैडम तो सेंटर सीट पर थी रूबी मैडम और मैं दोनों इनकी बगल पर थे। दोनों ने बड़ी प्यारी बनारसी सिल्क की साड़ी और ब्लाउज पहन रखे थे और बहुत ही खूबसूरत लग रही थी।

मैं उनके पास गया और धीरे से बोला- माशाल्लाह… आप दोनों तो हुस्न का मुजस्मा लग रही हैं और किसी फिल्म की हीरोइन से किसी तरह भी कम नहीं हो।

रूबी मैडम ने उठ कर मुझको लबों पर एक चुम्मी दी और एक कसी जफ्फी मार दी और मेरे चूतड़ों पर हाथ फेरा।

तभी कम्मो कमरे में दाखिल हुई और मैडमों को सारा प्लान बताया।

मधु मैडम ने कहा- सिर्फ हम दो जजों से काम नहीं चलेगा एक और जना जज होना चाहिये ना? सोमू को हमारे साथ जज बना दो और वैसे भी वो इन सबको चख और परख चुका है ना! क्यों रूबी?

रूबी बोली- आप ठीक कह रही हैं मैडम, सोमू मास्टर को हमारे साथ जज बना दो! क्यों सोमू, जज बनोगे ना?

मैं बोला- जैसा आप कहो मैं तो आपके इशारों का ग़ुलाम हूँ!

मधु मैडम हंस दी और बोली- यार, सोमू तुम ग्रेट हो।

मैं बोला- आपकी ज़र्रा नवाज़ी है वरना बंदा किस काम का है!

मधु मैडम बोली- ज़हे नसीब सोमू, तुम्हारे जैसा अगर मेरा पति हो तो लाइफ बन जाए!

मैं बोला- क्या अभी पति नहीं है क्या?

मधु मैडम बोली- पति तो है लेकिन साला किसी काम का नहीं, हर वक्त पिये रहता है और रात को खर्राटे भरता है।

मैं चुप रहा।

बैठक को साफ़ कर दिया गया था और बीच का हिस्सा खाली कर दिया गया था और बैठक के आखिर में तीन जजों की कुर्सियाँ लगी हुई थी और सामने एक छोटा सा टेबल रख दिया था जिस पर पानी का जग और कुछ गिलास रखे हुए थे।

थोड़ी देर में कार्यक्रम शुरू हुआ।

प्रोग्राम के मुताबिक हेमा हर एक लड़की का नाम एक लिस्ट से पढ़ रही थी जिसकी कार्बन कापी हम तीनो के पास भी थी और उसके आगे मार्क्स लिखने का भी कॉलम बना हुआ था।

एक एक कर के सब लड़कियाँ बैठक में बने खुले स्थान पर आ रही थी और मॉडल्स की तरह आगे पीछे होकर अपने हुस्न का जलवा दिखा रही थी और कुछ क्षणों में वापस जा रही थी।

और हम जज उनकी सुंदरता के मुताबिक़ नंबर प्रदान कर रहे थे।

 
हुस्न का यह कार्यक्रम कोई आधा घंटा चला और फिर शुरू हुआ स्ट्रिप टीज़ का प्रोग्राम जिसमें लड़कियों को एक एक करके अपने शरीर के सारे कपड़े उतारने थे और वो भी म्यूजिक पर डांस करते हुए।

सारे कपड़े उतारने के बाद उनको बैठक में ही रहने का आदेश था जब तक सब लड़कियों को निर्वस्त्र होने का प्रोग्राम समाप्त नहीं होता।

स्ट्रिप टीज़ का कार्यक्रम शुरू होने से पहले दोनों मैडमों ने अपने थैले से 2-3 रंगीन बोतलें निकाली और अपने ग्लासों में डालने लगी और मुझसे भी पूछा- क्यों सोमू, यह सोम रस पियोगे क्या?

मैं बोला- नहीं मैडम, मैं अपनी ठंडी कोकाकोला ही पियूँगा।

सबसे पहले आने वाली लड़की जूली थी जिसने निहायत ख़ूबसूरती के साथ अपने कपड़े उतारने शुरू किये।

सबसे पहले उसने हल्के से डांस करते हुए अपनी स्कर्ट के साथ का ब्लाउज उतार दिया और फिर डांस करते हुए उसने अपनी ब्रा भी उतार दी और अपने गोल और सॉलिड मुम्मों को हवा में लहराते हुए वो मेरे पास आई, अपने स्तनों को मेरी नाक के नीचे घुमाते हुए वापस नाचती हुई बैठक के सेंटर में चली गई और वहाँ उसने काफी टीज़ करते हुए अपनी स्कर्ट को भी धीरे धीरे नीचे खिसका कर उतार दिया और अब वो सिर्फ अपनी पिंक सिल्क पैंटी में थी और वो बेइंतेहा सेक्सी लग रही थी।

मेरे साथ जुड़ कर खड़ी हुई थी कम्मो रानी जिसके हाथ में अपनी लिस्ट थी जिसमें वो पेंसिल से नंबर दे रही थी।

एक दो चक्कर सिर्फ पैंटी में लगाने के बाद उसने अपनी सिल्क की टाइट पैंटी भी कुछ देर में उतार दी और अपने पूरे नंगे शरीर के साथ वो सारी बैठक में खूब मटक मटक कर चलती हुई हम तीनो जजों के पास आई।

रूबी मैडम के पास आई तो मैडम ने हाथ आगे बढ़ा कर उसके एक मोटे मुम्मे को थोड़ा सा मसला और मधु मैडम ने उसके दूसरे मम्मे को फील किया और मेरे पास आई तो मैंने उसके चूतड़ों को थोड़ा सा दबाया।

फिर वो बैठक के बीच पहुँच कर सब देखने वालों को फ्लाइंग किस करके एक कुर्सी पर बैठ गई।

हेमा ने दूसरी लड़की का नाम पुकारा जो सैंडी थी, उसने भी बड़ी खूबसूरती से अपना शारीरिक प्रदर्शन किया, पूरी तरह से नंगी होने के बाद वो मेरे पास सबसे पहले आई, मेरी गोद में आकर बैठ गई और मेरे लंड को हाथ से छू कर दूसरी दोनों मैडमों को चूमती और छेड़ती हुई अपनी सीट पर जाकर बैठ गई।

अब आने वाली लड़की आबिदा थी जिसने बहुत ही सुंदर स्कर्ट और टॉप पहन रखा था और उसने भी अपने कपड़े बड़े ही इत्मीनान से और सादगी से उतारे।

जब वो भी पूरी निर्वस्त्र हो गई तो अपनी काली चूत की ज़ुल्फ़ों, जो खासतौर से चमक रही थी, में अपनी उँगलियों में घुमाती हुई वो पहले मैडमों के इर्द गिर्द घूमी और फिर मेरे पास आई और मेरे लबों पर एक हॉट चुंबन जड़ कर और मेरे लौड़े को अपना हाथ लगा कर वापस चली गई।

अगली लड़की नंदा थी, उसने एक छोटा सा घाटनों जैसा नीचे से बाँधने वाला ब्लाउज और झिलमिलाता हुआ लहंगा पहन रखा था और वो बेहद खूसूरत लग रही थी।

उसके कपड़े उतारने का स्टाइल थोड़ा भिन्न था क्यूंकि उसने पहले अपना लहंगा उतार दिया, फिर उसने ब्लाउज की गाँठ खोली और उसे उतार दिया और फिर उसने अपनी लाल चमकी वाली पैंटी उतार दी। फिर वो नाचती हुई मैडमों के इर्द गिर्द घूमी और फिर मेरे पास आई और मेरे मुंह से अपने मुम्मो को जोड़ कर उसने एक झटके में अपनी ब्रा को अलग कर दिया।

उसके मोटे और गोल मम्मे उछल कर मेरे मुंह की तरफ लपके लेकिन मैं उससे एक कदम आगे था और ऐन मौके पर मैंने अपना मुंह पीछे खींच लिया।

इस तरह नंदा का वार खाली गया लेकिन मैंने उसको सजा देने के लिए उसको पकड़ लिया और उसके चूतड़ों पर हाथ रख कर उसके मुंह पर अपना मुंह रख दिया और एक ज़ोरदार चुम्मी उसके होटों पर जड़ दी।

सब लड़कियों ने खूब ज़ोर ज़ोर से तालियाँ मारी और कहा- वाह सोमू राजा, क्या फुर्ती दिखाई है तुमने!

 
Back
Top