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Guest
इस तरह हम लोग काफी देर तक खाना खाते रहे. कभी वह मेरे लंड पर आइसक्रीम लगाती और मेरा लंड चूसने और चाटने लगती, कभी मैं उसकी चूत पर दही डाल देता और चाटने लगता. इस तरह से खाने में कितना मजा आ रहा था, आप लोग सोच सकते हैं.
अब मैं उसकी चूत में उंगली डालने लगा. वह पूरी तरह से गर्म हो गई थी. मेरा भी लंड पूरा खड़ा हो गया था. मैंने कहा- तुम मेरे लंड पर अपनी चूत चौड़ी करके बैठ जाओ. उसके बाद हम लोग खाना खाते हैं.
वो अपनी चूत में मेरा लंड लेकर मेरी गोद में बैठ गई. उसकी चूत में मेरा लंड अन्दर तक घुस गया. अब हम लोग खाना खाने लगे.
रेखा बोली- बहुत दर्द कर रहा है पापा. लेकिन मैं उसके चेहरे को चूसते हुए नीचे से धीरे-धीरे उसकी चूत में लंड की ठोकर मारता रहा. हम लोगों ने खाना खा लिया था.
कुछ देर बाद मैंने उसे टेबल के सहारे झुका दिया और उसकी चूत चोदने लगा. कुछ ही देर में वो झड़ गई. मैं जोर-जोर से उसकी चूत में अपना लंड पेलता रहा. कुछ देर बाद मेरा माल निकलने वाला था तो मैंने अपना माल आइसक्रीम में गिरा दिया और अपनी बेटी को बोला कि वह मेरा पूरा माल आइसक्रीम के साथ चाट जाए.
मेरी बेटी भी गर्म थी, वो आइसक्रीम के साथ मेरा लंड भी चाट रही थी.
एक ही दिन में मैंने उसे पूरा रंडी बना दिया था. इस वक्त मेरी बेटी एक रंडी कुतिया की तरह मेरे लंड के रस को आइसक्रीम के साथ चाट रही थी, जिसे देख कर मेरा लंड फिर खड़ा होने लगा था. मैंने आइसक्रीम को उसके शरीर पर लगाना शुरू कर दिया और फिर उसके पूरे शरीर को चूसने लगा. कभी मैं उसकी चूचियों को चूसता, कभी गांड में उंगली डालता.
मैं अपनी बेटी से बोला- चलो अब थोड़ा आराम कर लेते हैं.. तब तक पिंकी भी उठ जाएगी, फिर एक साथ मज़ा करेंगे.
फिर हम लोग नंगे ही सो गए.
करीब 2 घंटे बाद मेरी नींद खुली तो मैंने पिंकी को बाथरूम जाते देखा. मैं भी उसके साथ बाथरूम में चला गया. पिंकी शरमाते हुए बोली- मामा जी, आप बाहर जाइए ना मुझे टॉयलेट करना है.
मैं बोला- कोई बात नहीं, मुझे तुमको टॉयलेट करते हुए देखना है. आज तक मैंने किसी लड़की को टॉयलेट करते हुए नहीं देखा है. सुबह सुबह मेरा लंड भी खड़ा हो गया है, तुम टॉयलेट करो.
पिंकी- लंड खड़ा हो गया है तो क्या आप मुझे अभी ही चोदने की सोच रहे हैं?
“देखेंगे डार्लिंग..”
यह कहकर मैं उसके सामने बैठ गया और उसकी छोटी सी बुर से निकलती हुई पेशाब की धार को देखने लगा.
अभी वो मूत ही रही थी कि तभी मैंने उसकी चूत को अपनी उंगलियों से बंद कर दिया. पिंकी बोली- मामा जी छोड़िए ना.. मुझे जोर से पेशाब लगी है.
फिर मैंने पिंकी को उठाकर शीट के सहारे घोड़ी बना दिया और उसकी चूत में लंड पेलकर बोला, अब जोर से पेशाब करो.
वो पेशाब करने लगी, मेरे लंड में जब गरम पानी का आभास हुआ तो बहुत मज़ा आया.
पेशाब धीरे धीरे नीचे बह रहा था. फिर मैं तेजी से अपना लंड पिंकी की चूत में पेलने लगा. वह कामुकता से सिसकारने लगी. मैंने पिंकी की गांड पे थूक दिया और उंगली से उसकी गांड सहलाने लगा. कुछ ही देर में उसकी गांड का छेद मुलायम हो गया.
अब मैंने पेशाब से गीले लंड को चूत से निकालकर पिंकी की गांड के होल में घुसा दिया.
वो “आअह्ह.. मामाजी..” करते हुए चिल्लाने लगी.
मैं तेजी से पिंकी की गांड मारने लगा.
काफी देर तक मैं पिंकी की चूत में उंगली और गांड में लंड पेलता रहा.
पिंकी दो बार झड़ गई.. लेकिन मैं उसको पेलता रहा.
फिर मैंने पिंकी की गांड में ही अपना वीर्य भर दिया. कुछ देर बाद पिंकी लैट्रिन करने लगी, मैं अपने लंड को उसके मुँह के पास ले गया और बोला- मेरे लंड को चूसो.
यह कह कर मैंने अपने सारे कपड़े निकाल दिए. मेरा लंड फिर धीरे धीरे टाइट होने लगा. मैं अपने लंड को पिंकी के गालों से सटाने लगा. पिंकी मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी. मेरा लंड चूसते हुए वो लेट्रिन कर रही थी. मुझे बहुत मजा आ रहा था.
फिर मैं बोला- मुझे तुम्हारे बदन पर पेशाब करना है.
पिंकी- छी: कितने गंदे हो आप!
मैं- प्लीज जानू मेरा बहुत मन है कि किसी लड़की के पूरे बदन को अपनी पेशाब से नहला दूँ और उसको अपना पेशाब पिलाऊँ.
बहुत मनाने पर पिंकी राजी हो गई. मैं उसके पूरे बदन पर पेशाब करने लगा. फिर मैंने उसको मुँह खोलने को कहा. उसने अपनी आँखें बंद करके मुँह खोल दिया. मैंने अपनी कमसिन भांजी के मुँह में पेशाब की धार को छोड़ दिया.. जिसे उसने थोड़ा सा पीने के बाद थूक दिया.
फिर मैं पिंकी के साथ बाथरूम में ही नहाने लगा. मैं उसके पूरे शरीर पर साबुन लगा रहा था. वह भी मेरे शरीर पर साबुन लगा रही थी. हम दोनों एक दूसरे के अंगों से खेल रहे थे.
अब मैं उसकी चूत में उंगली डालने लगा. वह पूरी तरह से गर्म हो गई थी. मेरा भी लंड पूरा खड़ा हो गया था. मैंने कहा- तुम मेरे लंड पर अपनी चूत चौड़ी करके बैठ जाओ. उसके बाद हम लोग खाना खाते हैं.
वो अपनी चूत में मेरा लंड लेकर मेरी गोद में बैठ गई. उसकी चूत में मेरा लंड अन्दर तक घुस गया. अब हम लोग खाना खाने लगे.
रेखा बोली- बहुत दर्द कर रहा है पापा. लेकिन मैं उसके चेहरे को चूसते हुए नीचे से धीरे-धीरे उसकी चूत में लंड की ठोकर मारता रहा. हम लोगों ने खाना खा लिया था.
कुछ देर बाद मैंने उसे टेबल के सहारे झुका दिया और उसकी चूत चोदने लगा. कुछ ही देर में वो झड़ गई. मैं जोर-जोर से उसकी चूत में अपना लंड पेलता रहा. कुछ देर बाद मेरा माल निकलने वाला था तो मैंने अपना माल आइसक्रीम में गिरा दिया और अपनी बेटी को बोला कि वह मेरा पूरा माल आइसक्रीम के साथ चाट जाए.
मेरी बेटी भी गर्म थी, वो आइसक्रीम के साथ मेरा लंड भी चाट रही थी.
एक ही दिन में मैंने उसे पूरा रंडी बना दिया था. इस वक्त मेरी बेटी एक रंडी कुतिया की तरह मेरे लंड के रस को आइसक्रीम के साथ चाट रही थी, जिसे देख कर मेरा लंड फिर खड़ा होने लगा था. मैंने आइसक्रीम को उसके शरीर पर लगाना शुरू कर दिया और फिर उसके पूरे शरीर को चूसने लगा. कभी मैं उसकी चूचियों को चूसता, कभी गांड में उंगली डालता.
मैं अपनी बेटी से बोला- चलो अब थोड़ा आराम कर लेते हैं.. तब तक पिंकी भी उठ जाएगी, फिर एक साथ मज़ा करेंगे.
फिर हम लोग नंगे ही सो गए.
करीब 2 घंटे बाद मेरी नींद खुली तो मैंने पिंकी को बाथरूम जाते देखा. मैं भी उसके साथ बाथरूम में चला गया. पिंकी शरमाते हुए बोली- मामा जी, आप बाहर जाइए ना मुझे टॉयलेट करना है.
मैं बोला- कोई बात नहीं, मुझे तुमको टॉयलेट करते हुए देखना है. आज तक मैंने किसी लड़की को टॉयलेट करते हुए नहीं देखा है. सुबह सुबह मेरा लंड भी खड़ा हो गया है, तुम टॉयलेट करो.
पिंकी- लंड खड़ा हो गया है तो क्या आप मुझे अभी ही चोदने की सोच रहे हैं?
“देखेंगे डार्लिंग..”
यह कहकर मैं उसके सामने बैठ गया और उसकी छोटी सी बुर से निकलती हुई पेशाब की धार को देखने लगा.
अभी वो मूत ही रही थी कि तभी मैंने उसकी चूत को अपनी उंगलियों से बंद कर दिया. पिंकी बोली- मामा जी छोड़िए ना.. मुझे जोर से पेशाब लगी है.
फिर मैंने पिंकी को उठाकर शीट के सहारे घोड़ी बना दिया और उसकी चूत में लंड पेलकर बोला, अब जोर से पेशाब करो.
वो पेशाब करने लगी, मेरे लंड में जब गरम पानी का आभास हुआ तो बहुत मज़ा आया.
पेशाब धीरे धीरे नीचे बह रहा था. फिर मैं तेजी से अपना लंड पिंकी की चूत में पेलने लगा. वह कामुकता से सिसकारने लगी. मैंने पिंकी की गांड पे थूक दिया और उंगली से उसकी गांड सहलाने लगा. कुछ ही देर में उसकी गांड का छेद मुलायम हो गया.
अब मैंने पेशाब से गीले लंड को चूत से निकालकर पिंकी की गांड के होल में घुसा दिया.
वो “आअह्ह.. मामाजी..” करते हुए चिल्लाने लगी.
मैं तेजी से पिंकी की गांड मारने लगा.
काफी देर तक मैं पिंकी की चूत में उंगली और गांड में लंड पेलता रहा.
पिंकी दो बार झड़ गई.. लेकिन मैं उसको पेलता रहा.
फिर मैंने पिंकी की गांड में ही अपना वीर्य भर दिया. कुछ देर बाद पिंकी लैट्रिन करने लगी, मैं अपने लंड को उसके मुँह के पास ले गया और बोला- मेरे लंड को चूसो.
यह कह कर मैंने अपने सारे कपड़े निकाल दिए. मेरा लंड फिर धीरे धीरे टाइट होने लगा. मैं अपने लंड को पिंकी के गालों से सटाने लगा. पिंकी मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी. मेरा लंड चूसते हुए वो लेट्रिन कर रही थी. मुझे बहुत मजा आ रहा था.
फिर मैं बोला- मुझे तुम्हारे बदन पर पेशाब करना है.
पिंकी- छी: कितने गंदे हो आप!
मैं- प्लीज जानू मेरा बहुत मन है कि किसी लड़की के पूरे बदन को अपनी पेशाब से नहला दूँ और उसको अपना पेशाब पिलाऊँ.
बहुत मनाने पर पिंकी राजी हो गई. मैं उसके पूरे बदन पर पेशाब करने लगा. फिर मैंने उसको मुँह खोलने को कहा. उसने अपनी आँखें बंद करके मुँह खोल दिया. मैंने अपनी कमसिन भांजी के मुँह में पेशाब की धार को छोड़ दिया.. जिसे उसने थोड़ा सा पीने के बाद थूक दिया.
फिर मैं पिंकी के साथ बाथरूम में ही नहाने लगा. मैं उसके पूरे शरीर पर साबुन लगा रहा था. वह भी मेरे शरीर पर साबुन लगा रही थी. हम दोनों एक दूसरे के अंगों से खेल रहे थे.