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Guest
सच कहूँ तो मैंने सेक्स तो बहुत किया है, पर उस सबमें मैं हमेशा खुद ही हीरो रहता था पर इस तरह लाइव ब्लूफिल्म वो भी अपनी बीवी की, मैं पहले बार देख रहा था.
सलोनी को पूरी नंगी होकर इस तरह मेहता अंकल के लण्ड से चुदवाते देख मेरी हालत ख़राब हो रही थी.
मैंने अपना लण्ड पैंट से बाहर निकाल लिया था और अपने ही हाथों से सहला रहा था.
अब मैंने नलिनी भाभी को देखा, लगता था वो भी पहली बार ही ऐसे लाइव शो देख रही थी, उनकी हालत भी पतली थी, अपनी शर्म के कारण वो बिस्तर पर तो नहीं जा रही थी लेकिन कुर्सी पर बैठे हुए ही, उनका हाथ अपने पेटीकोट के अंदर था, साफ़ पता चल रहा था कि वो अपनी चूत के साथ खेल रही हैं.
मैं अभी नलिनी भाभी को ही बुलाकर उन्हीं को चोदने का प्लान बना रहा था कि तभी मुझे अपनी ओर वाले कमरे में कुछ आहट सी हुई.
ओह इस समय कौन आ गया?
मैं अभी बाथरूम का दरवाजा बंद करने की सोच ही रहा था कि वो तो एकदम से दरवाजे पर ही आ गया.
मुझे कुछ नहीं सूझा.. बाथरूम बहुत बड़ा था और मोटे मोटे परदे भी थे, मैं वहीं पास के एक मोटे परदे की ओट में हो गया.
तभी बाथरूम की लाइट ओन हुई और एक बहुत ही सुन्दर लड़की मेरे सामने प्रकट हुई.
क्या खूबसूरती थी उसकी… बहुत लम्बी, 6 फुट से 2-3 इंच ही कम होगी, बहुत ही ज्यादा गोरी, दूध से भी ज्यादा साफ़ रंग था उसका… उस पर रंगत गुलाबी, आँखें तो ज्यादा खूबसूरत नहीं थी, उनको काजल से बड़ा बनाया हुआ था पर होंठ बहुत चौड़े, मोटे और लाल थे. कपड़े भी बहुत सेक्सी पहने थे, अमूमन महिला संगीत में लड़कियाँ लहंगा-चोली जैसे वस्त्र ही पहनती हैं, जो उसने भी पहना था परन्तु उसकी हाइट ज्यादा होने के कारण वो इन वस्त्रो में बहुत ही सेक्सी लग रही थी.
उसका लहंगा कमर से बहुत नीचे बंधा था जो उसकी पतली कमर की पूरी ख़ूबसूरती को दिखा रहा था और चोली इतनी छोटी थी कि ऊपर से उसके भरी मम्मों की पूरी गोलाई बाहर थी और चोली के निचले भाग से भी गोलाई का कुछ अंश बाहर था, चोली के कप उसकी चूची की पूरी गोलाई को दिखा रहे थे.
फिर चोली के नीचे से लहंगे तक का भाग नंगा था जो सफेद लाइट में चमक रहा था.
एक तो गोरा रंग, ऊपर से बहुत पतली कमर, उस पर उसकी गहरी नाभि जिस पर उसने कोई चमकता हुआ नाग लगा रखा था और फिर नाभि के नीचे का भी काफी हिस्सा नंगा ही था, उसने अपना लहंगा शायद अपनी चूत से 2-3 इंच ही ऊपर बाँधा हुआ था.
कुल मिलाकर सेक्स के रस से सराबोर थी वो हसीना.मेरे देखते ही देखते वो ठीक मेरे ही सामने आई..अरे वहाँ तो कमोड था… ओह यह तो मूतने के लिए आई है.
और बिना कुछ सोचे उसने अपने लहंगे को कमर तक उठा लिया, अब उसकी दोनों लम्बी नंगी टाँगें मेरे सामने थी, बिल्कुल चिकनी और केले के तने जैसी !
वो अपने लहंगे को बहुत ही संभालकर अपनी कमर के ऊपर को समेट रही थी कि कहीं वो गन्दा ना हो जाए.
पर उसकी इस हरकत से मुझे बहुत ही सेक्सी दृश्य के दर्शन हो गए थे.
उसने लहंगा कमर से भी ऊपर उठ जाने से उसकी कमर में फंसी छोटी सी कच्छी बहुत ही खूबसूरत लग रही थी.
उसने एक हाथ से लहंगे को पकड़, दूसरे से अपनी कच्छी नीचे सरका दी और जल्दी से कमोड पर बैठ गई.
मुझे उसकी चिकनी चूत साफ नजर आ रही थी… बिल्कुल चिकनी, बाहर को निकले हुए होंठ !
मैंने देखा चूत का दाना और उसके होंठ हल्के से कांपे और उसमें से मूत निकलने लगा.
एक हसीना मेरे सामने बैठी मूत रही थी और मैं उसको देख रहा था, बड़ा ही मनोहारी दृश्य था.
तभी वहाँ सलोनी की तेज आवाज आई- अह्ह्ह्हाआआ… अह्ह्ह्ह आःह्हाआआआआ आह्ह्हा तेज अंकल और तेज अह्हा अह्हा
और ये आवाजें सुनकर वो हसीना चौंक गई, आश्चर्य के भाव लिए कमोड से उठी, बहुत ही सेक्सी अंदाज़ से अपनी फैंसी कच्छी जो उसके खड़े होने से पंजों तक पहुँच गई थी, उसको अपने पाँव से बाहर किया.
इस दौरान भी वो लहंगे को वैसे ही अपने दोनों हाथों से अपनी कमर तक ऊँचा किये पकड़े रही.
फिर वो उसी दरवाजे की ओर गई जहाँ से मैं अभी कुछ देर पहले सलोनी को चुदवाते हुए देख रहा था.
मैंने पहली बार उसकी आवाज सुनी- ओह गॉड… यह क्या… डैड तो सलोनी भाभी को चोद रहे हैं… घर में इतने मेहमान हैं… अगर किसी ने देख लिया तो?
…ओह…
मेरी समझ में एकदम से आ गया… अरे यह तो रिया है… मेहता अंकल की बड़ी बेटी.
उफ्फ… मुझे तो पहले ही समझ जाना चाहिए था इसको देखकर… आखिर लंदन से आई है, तभी ऐसी है.
उसने अपना लहंगा अभी तक नहीं छोड़ा था और उसके झुके खड़े होने से मुझे वो दिख गया जिसे देखकर मेरे लण्ड ने बगावत कर दी…
अब मैं भी नहीं रुक सकता था और…???
कहानी जारी रहेगी.
सलोनी को पूरी नंगी होकर इस तरह मेहता अंकल के लण्ड से चुदवाते देख मेरी हालत ख़राब हो रही थी.
मैंने अपना लण्ड पैंट से बाहर निकाल लिया था और अपने ही हाथों से सहला रहा था.
अब मैंने नलिनी भाभी को देखा, लगता था वो भी पहली बार ही ऐसे लाइव शो देख रही थी, उनकी हालत भी पतली थी, अपनी शर्म के कारण वो बिस्तर पर तो नहीं जा रही थी लेकिन कुर्सी पर बैठे हुए ही, उनका हाथ अपने पेटीकोट के अंदर था, साफ़ पता चल रहा था कि वो अपनी चूत के साथ खेल रही हैं.
मैं अभी नलिनी भाभी को ही बुलाकर उन्हीं को चोदने का प्लान बना रहा था कि तभी मुझे अपनी ओर वाले कमरे में कुछ आहट सी हुई.
ओह इस समय कौन आ गया?
मैं अभी बाथरूम का दरवाजा बंद करने की सोच ही रहा था कि वो तो एकदम से दरवाजे पर ही आ गया.
मुझे कुछ नहीं सूझा.. बाथरूम बहुत बड़ा था और मोटे मोटे परदे भी थे, मैं वहीं पास के एक मोटे परदे की ओट में हो गया.
तभी बाथरूम की लाइट ओन हुई और एक बहुत ही सुन्दर लड़की मेरे सामने प्रकट हुई.
क्या खूबसूरती थी उसकी… बहुत लम्बी, 6 फुट से 2-3 इंच ही कम होगी, बहुत ही ज्यादा गोरी, दूध से भी ज्यादा साफ़ रंग था उसका… उस पर रंगत गुलाबी, आँखें तो ज्यादा खूबसूरत नहीं थी, उनको काजल से बड़ा बनाया हुआ था पर होंठ बहुत चौड़े, मोटे और लाल थे. कपड़े भी बहुत सेक्सी पहने थे, अमूमन महिला संगीत में लड़कियाँ लहंगा-चोली जैसे वस्त्र ही पहनती हैं, जो उसने भी पहना था परन्तु उसकी हाइट ज्यादा होने के कारण वो इन वस्त्रो में बहुत ही सेक्सी लग रही थी.
उसका लहंगा कमर से बहुत नीचे बंधा था जो उसकी पतली कमर की पूरी ख़ूबसूरती को दिखा रहा था और चोली इतनी छोटी थी कि ऊपर से उसके भरी मम्मों की पूरी गोलाई बाहर थी और चोली के निचले भाग से भी गोलाई का कुछ अंश बाहर था, चोली के कप उसकी चूची की पूरी गोलाई को दिखा रहे थे.
फिर चोली के नीचे से लहंगे तक का भाग नंगा था जो सफेद लाइट में चमक रहा था.
एक तो गोरा रंग, ऊपर से बहुत पतली कमर, उस पर उसकी गहरी नाभि जिस पर उसने कोई चमकता हुआ नाग लगा रखा था और फिर नाभि के नीचे का भी काफी हिस्सा नंगा ही था, उसने अपना लहंगा शायद अपनी चूत से 2-3 इंच ही ऊपर बाँधा हुआ था.
कुल मिलाकर सेक्स के रस से सराबोर थी वो हसीना.मेरे देखते ही देखते वो ठीक मेरे ही सामने आई..अरे वहाँ तो कमोड था… ओह यह तो मूतने के लिए आई है.
और बिना कुछ सोचे उसने अपने लहंगे को कमर तक उठा लिया, अब उसकी दोनों लम्बी नंगी टाँगें मेरे सामने थी, बिल्कुल चिकनी और केले के तने जैसी !
वो अपने लहंगे को बहुत ही संभालकर अपनी कमर के ऊपर को समेट रही थी कि कहीं वो गन्दा ना हो जाए.
पर उसकी इस हरकत से मुझे बहुत ही सेक्सी दृश्य के दर्शन हो गए थे.
उसने लहंगा कमर से भी ऊपर उठ जाने से उसकी कमर में फंसी छोटी सी कच्छी बहुत ही खूबसूरत लग रही थी.
उसने एक हाथ से लहंगे को पकड़, दूसरे से अपनी कच्छी नीचे सरका दी और जल्दी से कमोड पर बैठ गई.
मुझे उसकी चिकनी चूत साफ नजर आ रही थी… बिल्कुल चिकनी, बाहर को निकले हुए होंठ !
मैंने देखा चूत का दाना और उसके होंठ हल्के से कांपे और उसमें से मूत निकलने लगा.
एक हसीना मेरे सामने बैठी मूत रही थी और मैं उसको देख रहा था, बड़ा ही मनोहारी दृश्य था.
तभी वहाँ सलोनी की तेज आवाज आई- अह्ह्ह्हाआआ… अह्ह्ह्ह आःह्हाआआआआ आह्ह्हा तेज अंकल और तेज अह्हा अह्हा
और ये आवाजें सुनकर वो हसीना चौंक गई, आश्चर्य के भाव लिए कमोड से उठी, बहुत ही सेक्सी अंदाज़ से अपनी फैंसी कच्छी जो उसके खड़े होने से पंजों तक पहुँच गई थी, उसको अपने पाँव से बाहर किया.
इस दौरान भी वो लहंगे को वैसे ही अपने दोनों हाथों से अपनी कमर तक ऊँचा किये पकड़े रही.
फिर वो उसी दरवाजे की ओर गई जहाँ से मैं अभी कुछ देर पहले सलोनी को चुदवाते हुए देख रहा था.
मैंने पहली बार उसकी आवाज सुनी- ओह गॉड… यह क्या… डैड तो सलोनी भाभी को चोद रहे हैं… घर में इतने मेहमान हैं… अगर किसी ने देख लिया तो?
…ओह…
मेरी समझ में एकदम से आ गया… अरे यह तो रिया है… मेहता अंकल की बड़ी बेटी.
उफ्फ… मुझे तो पहले ही समझ जाना चाहिए था इसको देखकर… आखिर लंदन से आई है, तभी ऐसी है.
उसने अपना लहंगा अभी तक नहीं छोड़ा था और उसके झुके खड़े होने से मुझे वो दिख गया जिसे देखकर मेरे लण्ड ने बगावत कर दी…
अब मैं भी नहीं रुक सकता था और…???
कहानी जारी रहेगी.