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मेरी बहनें मेरी जिंदगी complete

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अरुण के दिमाग़ ने ये सुनते ही काम करना बंद कर दिया..."क्याअ..." अरुण ने चीखते हुए मन मे सोचा..."प्रेग्नेंट.?? दिमाग़ तो ठीक है ना.??"

उसी पल उसे ये समझ मे आया कि किसी और ने उसे ऐसा करते देख लिया तो पक्का सीधे पागलख़ाने ले जाएगा..यहाँ सोफे पर बैठ कर वो अपने आप से ही लड़ रहा है वो भी किस बात पर कि उसकी बहेन को प्रेग्नेंट करना है कि नही...यस आइ आम डेफनेट्ली क्रेज़ी..

"तुम समझ नही रहे ये समझना नही चाहते. तुम्हे पता है ना कि जब तुम किसी के सेक्स करते हो तो नेक्स्ट स्टेप प्रेग्नेन्सी ही होता है..इट्स अवर ट्रडीशन ब्रो.." दिमाग़ ने फिर कहा

"हमेशा नही....!" अरुण दोबारा चीखा लेकिन इस बार उसे रियलाइज़ हुआ कि उसने मुँह से चीखा तो वो चारो तरफ देखने लगा कि कही किसी ने सुन तो नही लिया..

"ओके हियर'स दा होल प्लान. अगर तुमने उनको प्रेग्नेंट कर दिया, तो वो हमेशा तुम्हारी होकर रहेंगी..हमेशा! हमे कभी भी उन्हे किसी चूतिए को देना नही पड़ेगा..और वैसे भी सब तुमसे इतना प्यार करती हैं तो बच्चा होने के बाद ये प्यार और बढ़ जाएगा..इस तरीके से हम लोगो को कभी भी चूत की कमी नही पड़ने वाली..एक आइडिया और हमारी जिंदगी चूतो से भर जाएगी..सोच मरते दम तक चूत ही चूत.." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने फिर कहा

अरुण ने एक गहरी साँस ली..."ओके, बॅक टू लिस्ट मुझे क्लियर्ली बताओ 2 नंबर क्या है लिस्ट मे.."

"यही तो नंबर 2 था. देखो 4 चूत हैं इस घर मे, इनमे से एक ना एक चूत तो हमेशा तुम्हारा लंड लेने के लिए तय्यार ही रहेगी.." दिमाग़ ने जबाब दिया

"बस..यही प्लान है??" अरुण ने पूछा

"और नही तो क्या..जब चाहो तब चूत मिले..जागो तब चूत हो...सोते टाइम चूत..और क्या चाहिए एक आदमी को...हां अगर तुम आदमी ना हो तो आइ कॅन अंडरस्टॅंड." दिमाग़ ने अरुण पर व्यंग किया

"मुझे कभी तुमसे डिस्कशन स्टार्ट ही नही करना चाहिए था.." अरुण ने अपने सिर पर रिमोट मारते हुए कहा..

"वेल, ये तो हो नही सकता ना..वी आर इनसेपरबल.." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने हंस कर कहा

अरुण गुस्से मे अपना चेहरा नोचने लगा..उसने सोचा था कि वो इस आवाज़ को कंट्रोल कर सकता है..लेकिन कैसे..आइडिया.."एक शर्त लगाओगे??" अरुण ने एक शातिर मुस्कान के साथ कहा..

"शर्त?? कैसी शर्त??" दिमाग़ की आवाज़ ने कहा

"यही कि ये जो तुम मुझसे हर वक़्त करने को कहते रहते हो..मैं तुम्हारे बात को सुनकर भी इग्नोर कर सकता हूँ.."

"हाआहहहहहहा,,,एक सेकेंड..हाहहहहहहा" अरुण के दिमाग़ ने हंसते हुए कहा

"आइ'म सीरीयस.." अरुण ने कहा तो आवाज़ और तेज़ी से हँसने लगी.

"आइ नो..तुम सीरीयस हो...इसलिए तो और ज़्यादा हँसी आ रही है.." दिमाग़ की आवाज़ ने कहा

"मेरे कहने का मतलब है कि मैं तुम्हारी बात को रेज़िस्ट कर सकता हूँ." अरुण ने मन में जबाब दिया

"ठीक है..लग गयी शर्त. तो कितने दिन तक तुम खुद को रोकोगे?? तुम समझ रहे हो ना कि रोकने का मतलब है तुम्हे सब से सेक्स करना बंद करना होगा??" दिमाग़ की आवाज़ ने फिर कहा

"हां हां.." अरुण बोला तो लेकिन थोड़ा जोश कम हो गया था. अभी तक उसने ये नही सोचा था कि रेज़िस्ट करने का मतलब था सेक्स ना करना..उसने अपना सिर हिलाया और अपने इरादे को मजबूत किया..

"डील. मैं तुम्हारी जो भी बातें होगी उन्हे रेज़िस्ट करने वाला हूँ...2 वीक्स यानी 14 दिन तक. मुझे ये करना ही होगा..अगर इसके चक्कर मे कोई गड़बड़ होती है तो हो जाए लेकिन मैं शर्त जीतकर ही रहूँगा.." अरुण नेदिमाग़ की आवाज़ को जबाब दिया

"ओके अगर तुम हार गये तो मुझे क्या मिलेगा??" दिमाग़ ने फिर अरुण से पूछा

अब अरुण सोच मे पड़ गया. एक तो खुद के मन की आवाज़ से शर्त लगा रहा था..ये कैसे पासिबल है..लेकिन फिर भी..

अरुण को एक ही रास्ता नज़र आ रहा था..

"अगर मैं हार गया, तो एक दिन के लिए..ध्यान रखना सिर्फ़ एक दिन के लिए मैं तुम्हारा गुलाम बन जाउन्गा. जो तुम कहोगे चाहो कितना भी अजीब काम हो मैं करने को तय्यार हूँ...लेकिन अगर, अगर मैं हारा तो."

"जब तुम हार गये, तुम्हारे कहने का मतलब है." दिमाग़ ने कहा

अरुण ने उस लाइन पर ध्यान नही दिया. वो सोचने लगा..क्या वो ये कर पाएगा..करना ही होगा..उसे खुद को तो कम से कम प्रूव ही करना था.

"बाइ दा वे, लड़कियाँ काफ़ी खुश होने वाली है ये डिसिशन सुन कर..हाहहाहा.." दिमाग़ ने चटखारा लेते हुए कहा

"ओह फक.." अरुण ने अपना सिर पकड़ लिया. ये तो उसने सोचा ही नही था. उनको जब पता चलेगा कि उसने सेक्स ना करने का डिसिशन लिया है तो वो क्या करेंगी. और ये तो बता नही सकता कि उसने अपने मन से ही ये शर्त लगाई है..

"आइ थिंक मैं पागल हो रहा हूँ."

"ना. पागल नही हो यार..." दिमाग़ ने कहा

"मैं अपने ही सिर मे एक आवाज़ से बात करता हूँ, उससे लड़ता हूँ, यहाँ तक उस से शर्त तक लगाता हूँ. ये किस नॉर्मल इंसान के ट्रेट्स हैं. ज़रा बताना मुझे.."

"ओके, अगर इस तरीके से देखा जाए तो.." दिमाग़ ने जबाब दिया

अरुण ने आगे उसकी बात नही सुनी और ये सोचने लगा कि ये बात वो सबको कैसे बताएगा और ख़ासकर आरोही को. वो तो कल रात से जाने क्या क्या सोचे बैठी होगी..और सोनिया..उसे क्या कहेगा..उसके इस डिसिशन से अगर वो वापस पहले वाली सोनिया बन गयी तो..हुहह..

जितना ज़्यादा वो इस चीज़ के बारे मे सोच रहा था उतना ही ज़्यादा पछता रहा था कि ये चूतिया सी शर्त आख़िर उसने लगाई ही क्यूँ.. और अगर कही वो हार गया तो पता नही ये आवाज़ उस से क्या क्या करवाएगी. पता चले वो सड़क पर नंगा घूम रहा हो और आती जाती लड़कियों को छेड़ रहा हो..ओह शिट..

अरुण ने अपना सिर हिलाकर कुछ सोचा..थोड़ी देर के लिए बाहर चला जाए..उसने सोचा..ना घर मे रहेगा ना सब पर नज़र पड़ेगी ना कुछ होगा..

वो जाने के लिए उठा ही था कि सुप्रिया के रूम का दरवाजा खुलता है और सुप्रिया बाहर आती है..उसे देख कर अरुण फिर पछताने लगता है..सुप्रिया ने सिर्फ़ एक डीप नेक टीशर्ट और पैंटी पहनी हुई है..

वो मटकती हुई सोफे के पास आई और अरुण के पास चिपक गयी और उसके मुँह को अपने पास खींच कर किस करने लगी..

लेकिन अरुण ने अपना चेहरा घुमा लिया तो उसके होठ अरुण के गाल से टकरा गये..

सुप्रिया की थयोरी चढ़ गयी.."कुछ गड़बड़ है क्या.." उसने अरुण का चेहरा अपनी तरफ घुमाया और उस पर साँस छोड़कर पूछा.."मॉर्निंग ब्रीथ??"

"ना..थोड़ा कॉंप्लिकेटेड है.." अरुण ने उसे गले लगा के कहा शायद इस से वो अपनी बात ढंग से कह पाए..

"ममममईए...ए.ए.ए.ए."

अरुण ने गहरी साँस ली. आने वाले दो साप्ताह बहुत भारी पड़ने वाले हैं.

"दी..मुझे लगता है हम लोगो को अब सेक्स नही करना चाहिए.." अरुण ने सीधे सीधे लफ़ज़ो मे सुप्रिया से कह दिया लेकिन तुरंत ही पछताने लगा कि इस तरीके से नही कहना चाहिए था.

"तू पिटेगा..पक्का" अरुण के दिमाग़ ने कहा

सुप्रिया ने उसकी बात सुनी तो एक दम से उसे गले से हटाया और उसकी तरफ बड़े अजीब तरीके से देखने लगी. दोनो के बीच मे एक खामोसी छा गयी.

"व्हाई? क्यू?..4 मे से 3 लड़कियाँ तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती हैं और तुम मना कर रहे हो. 90 पर्सेंट लोग किसी का खून भी कर देंगे इसे पाने के लिए...लिटरली.." सुप्रिया ने कहा

"इसमे भी दिमाग़ है..बस तुझमे नही है.." दिमाग़ ने कहा

"दी..." अरुण बोलने लगा..

"यॅ, मैं समझ गयी रात मे जो कुछ भी हुआ वो सिर्फ़ सिंपती के कारण हुआ. अब तो तुम्हारे पास आरोही और सोनिया है ना.." सुप्रिया ने दर्द से भरे एक्सप्रेशन के साथ कहा..

"नूओ" अरुण तेज़ी से बोल पड़ा.."दी, फिरसे वही बात. मैं पहले ही कह चुका आप सब मेरे लिए बराबर हो. आइ लव यू ऑल, ईक्वली. आइ जस्ट..मैं..कैसे बताऊ.." अरुण अपने दिमाग़ मे सही वर्ड्स को ढूढ़ने लगा जिससे वो सुप्रिया को समझा सके..

"देखा चूत ना मिलने पर क्या हो जाता है तुझे.." दिमाग़ ने फिर चुटकी ली

सुप्रिया भी चुपचाप उसे देखती रही..लेकिन उसके चेहरे के एक्सप्रेशन वही रहे..

"ये सब मेरे साथ इतनी जल्दी हो गया है कि मेरा दिमाग़ डाइजेस्ट नही कर पा रहा. अभी 15 दिन पहले मैं सिंपल सा लड़का था जिसने आज तक रिलिटी मे कभी किसी लड़की के साथ किस से आगे नही बढ़ा. और आज 3 3 लड़कियाँ और वो भी मेरी बहनें मेरे साथ सेक्स करने को तय्यार हैं और उन मे से 2 के साथ मैं कर भी चुका हूँ...मैं ये नही कह रहा, कि मुझे ख़ुसी नही बट..मैं थोड़ा डर भी गया हूँ.."

"डर?" सुप्रिया ने अब थोड़ा प्यार से पूछा.."कैसा डर? तुम्हे वो सब कुछ मिल रहा है जो दुनिया मे ज़्यादातर लोगो को जिंदगी भर मे नसीब नही होता. हम सब तुम्हे प्यार करते हैं आंड यू ऑल्सो लव अस. फिर भी.."

अरुण ने अपना सिर हिला के कुछ सोचा..

"मुझे डर है कि कही मैं किसी को प्रेग्नेंट ना कर दूं"

सुप्रिया ने बात समझकर एक ठंडी साँस ली और उसका हाथ अपने हाथ मे लेकर कहा.."अरुण, तुम्हे इस बारे मे परेशान होने की कोई ज़रूरत नही है. मैं मानती हूँ, कि थोड़ा रिस्क तो होता है. लेकिन हम लोग प्रिकॉशन्स यूज़ कर सकते हैं."

अरुण अब थोड़ा परेशान होने लगा कि कैसे समझाए सुप्रिया को..

"दी और एक बात..मैं अपने आप को प्रूव करना चाहता हूँ कि मैं आप तीनो को रेज़िस्ट कर सकता हूँ. मतलब इच्छा होते हुए भी खुद को कंट्रोल कर सकूँ."

"रेज़िस्ट? कंट्रोल? लेकिन क्यू? अच्छी ख़ासी हेल्थ है, अभी तो यंग हो और उपर से तीन तीन सेक्सी लड़कियाँ तुम्हारे साथ कभी भी बेड मे जाने के लिए तय्यार हैं..फिर क्यूँ?"

"एक्सलेंट पॉइंट..सुप्रिया 1 अरुण 0" अरुण के दिमाग़ ने चुटकी ली

अरुण ने अब थोड़ा खुद को टफ करते हुए कहा.."दी अभी तक जब भी आप लोगो की इच्छा होती थी आप लोग मेरे साथ कुछ भी कर लेते थे चाहो मेरी इच्छा हो कि नही. लेकिन अब मैं खुद को प्रूव करना चाहता हूँ, कि मैं डिसाइड कर पाउन्गा कि कब सेक्स करना है, और किसके साथ करना है.."

सुप्रिया ने कुछ देर तो उसे देखा फिर एक सुपीरियर आटिट्यूड वाली स्माइल दी.."रियली? तुम खुद को कंट्रोल करोगे जब हम मे से कोई भी तुम्हारे कपड़े फाड़ कर तुम्हारे साथ वो चीज़े करना चाहेगी जो तुमने कभी सोची भी नही होंगी.."

"यही तो मैं कह रहा था डफर.." दिमाग़ की आवाज़ ने फिर चुटकी ली

"दी प्लीज़...आपको इस बात से अजीब नही लगता कि हम भाई बहेन हैं?"

"मुझे लगा हम लोग इस बात को पहले ही डिसकस कर चुके हैं?" सुप्रिया ने कहा

अब अरुण को सच मे काफ़ी ज़्यादा पछतावा होने लगा कि आख़िर शर्त क्यू लगाई. बहुत मुश्किल होने वाली थी..

"अरुण ध्यान से सुनो..तुमने मेरे और आरोही इनफॅक्ट सबके अंदर अगर स्नेहा को नॉर्मल माने तो..हीही..हां तो हम सबके अंदर एक दूसरे पर्सन को जगा दिया जिसे हम लोग शांत नही कर सकते और करना भी नही चाहते. और तुम ये भी जान लो कि हम लोग तुम्हे उत्तेजित करना तो बंद नही करने वाले."

"भाई अभी भी वक़्त है..शर्त कॅन्सल कर सकता है.." दिमाग़ की आवाज़ ने फिर चुटकी लेते हुए कहा

"दी, ओके क्लियर बात, ओके, मैं कुछ दिन अपनी किसी भी बहेन के साथ सेक्स नही करने वाला. और कोई कुछ भी कहे मैं अपना डिसिशन नही बदलूँगा. मुझे प्रूव करना है कि मैं अपने आप को कंट्रोल कर सकता हूँ बस."

"ओके, ड्सिसन ले लिया है तो.." सुप्रिया ने एक शातिर मुस्कान के साथ कहा..जिसे देखकर अरुण को डर तो लगने लगा.."अच्छी बात है. लेकिन अब तुम पक्का पछताओगे कि ये डिसिशन क्यूँ लिया. बाइ स्वीतू..हॅपी कॉंटरोलिंग." सुप्रिया ने खड़े होकर उसके गाल पे किस किया और किचन की तरफ जाने से पहले एक बार उसकी तरफ देखा और आँख मार के कहा..

"ओके, माइ डियर ब्रदर..गेम स्टार्ट्स नाउ.."

"यू आर डेफनेट्ली क्रेज़ी. दिन मे 3 बार सेक्स करने को मिले तो कौन आदमी मना करता है. और उपर से तूने अपनी स्नेहा को देखा है..वो भी तय्यार हो रही है धीरे धीरे.." दिमाग़ की आवाज़ ने कहा

अरुण ने आवाज़ को इग्नोर कर दिया. वैसे भी अब उसकी बात सुनने का कोई फ़ायदा तो था नही. फिर वो उठ कर किचन मे चला गया. कुछ ही देर हुई थी सोनिया और आरोही दोनो बातें करते हुए किचन मे आ गयी और दोनो ने अरुण के दोनो गालों पर किस कर दिया. अरुण ने अपने दिमाग़ को उन पर ना लगा कर अपने सॅंडविच पर किए रखा. लेकिन फिर भी उसने आँखो से देख ही लिया था..सोनिया तो नहा चुकी थी तो शॉर्ट्स और टीशर्ट मे थी लेकिन आरोही...वो स्पोर्ट्स ब्रा और कॉटन के स्लीपिंग शॉर्ट्स मे थी..

Arun ke dimag ne ye sunate hi kam karna band kar diya..."Kyaaa..." Arun ne cheekhte hue man me socha..."Pregnant.?? Dimag to thik hai na.??"

Usi pal use ye samajh me aaya ki kisi aur ne use aisa karte dekh liya to pkka sidhe pagalkhane le jayega..yahan sofe par baith kar wo apne aap se hi lad raha hai wo bhi kis bat par ki uski behen ko pregnant karna hai ki nahi...yes I am definitely crazy..

"Tum samajh nahi rahe ye samjhana nahi chahte. Tumhe pata hai na ki jab tum kisi ke sex karte ho to next step pregnancy hi hota hai..Its our tradition bro.."

"HAMESHA NAHI....!" Arun dobara cheekha lekin is bar use realize hua ki usne munh se cheekha to wo charo taraf dekhne laga ki kahi kisi ne sun to nahi liya..

"Okay here's the whole plan. Agar tumne unko pregnant kar diya, to wo hamesha tumhari hokar rahengi..hamesaa! Hame kabhi bhi unhe kisi chutiye ko dena nahi padega..aur waise bhi sab tumse itna pyar karti hain to bachcha hone ke bad ye pyar aur badh jayegi..is tarike se hum logo ko kabhi bhi choot ki kami nahi padne wali..ek idea aur hamari jindagi chooton se bhar jayegi..soch marte dam to choot hi choot.."

Arun ne ek gehri saans li..."Okay, back to list mujhe clearly batao 2 no kya hai list me.."

"Yahi to no 2 tha. Dekho 4 choot hain is ghar me, inme se ek na ek choot to hamesha tumhara lund lene ke liye tayyar hi rahegi.."

"Bas..yahi plan hai??"

"Aur nahi to kya..Jab chaho tab choot mile..jago tab choot ho...sote time choot..Aur kya chahiye ek admi ko...haan agar tum admi na ho to I can understand."

"Mujhe kabhi tumse discussion start hi nahi karna chahiye tha.." Arun ne apne sir par remote marte hue kaha..

"Well, ye to ho nahi skta na..we are inseparable.."

Arun ne gusse me apna chehra nochne laga..usne socha tha ki wo is awaz ko control kar skta hai..lekin kaise..idea.."Ek shart lagaoge??" Arun ne ek shatir muskan ke sath kaha..

"Shart?? Kaisi shart??"

"Yahi ki ye jo tum mujhse har waqt karne ko kehte rehte ho..main tumhare baat ko sunkar bhi ignore kar skta hoon.."

"Haaahahahhahaha,,,ek second..hahahhahahha"

"I'm serious.." Arun ne kaha to awaz aur teji se hasne lagi.

"I know..tum serious ho...isliye to aur jyada hasi aa rahi hai.."

"Mere kehne ka matlab hai ki main tumhari baat ko resist kar skta hoon."

"Thik hai..lag gayi shart. To kitne din tak tum khud ko rokoge?? Tum samajh rahe ho na ki rokne ka matlab hai tumhe sab se sex karna band karna hoga??"

"Haan haan.." Arun bola to lekin thoda josh kam ho gya tha. Abhi tak usne ye nahi socha tha ki resist karne ka matlab tha sex na karna..Usne apna sir hilaya aur apne irade ko majboot kiya..

"Deal. Main tumhari jo bhi batein hogi unhe resist karne wala hoon...2 weeks yani 14 din thak. Mujhe ye karna hi hoga..agar iske chakkar me koi gadbad hoti hai to ho jaye lekin main shart jeetkar hi rahunga.."

"Ok agar tum har gaye to mujhe kya milega??"

Ab arun soch me pad gaya. Ek to khud ke man ki awaz se shart laga raha tha..Ye kaise possible hai..lekin fir bhi..

Arun ko ek hi rasta najar aa raha tha..

"Agar main haar gaya, to ek din ke liye..dhyan rakhna sirf ek din ke liye main tumhara gulam ban jaunga. Jo tum kahoge chaho kitna bhi ajeeb kam ho main karne ko tayyar hoon...lekin agar, AGAR main haara to."

"JAB tum har gaye, tumhare kehne ka matlab hai."

Arun ne us line par dhyan nahi diya. Wo sochne laga..kya wo ye kar payega..karna hi hoga..Use khud ko to kam se kam prove hi karna tha.

"By the way, ladkiyan kafi khush hone wali hai ye decision sun kar..hahahaha.."

"Oh fuck.." Arun ne apna sir pakad liya. Ye to usne socha hi nahi thi. Unko jab pata chalega ki usne sex na karne ka decision liya hai to wo kya karengi. Aur ye to bata nahi skta ki usne apne man se hi ye shart lagayi hai..

"I think main pagal ho raha hoon."

"Naa. pagal nahi ho yaar..."

"Main apne hi sir me ek awaz se bat karta hoon, usse ladta hoon, yahan tak us se shart tak lagata hoon. Ye kis normal insan ke traits hain. Jara batana mujhe.."

"Okay, agar is tarike se dekha jaye to.."

Arun ne age uski bat nahi suni aur ye sochne laga ki ye bat wo sabko kaise batayega aur khaskar aarohi ko. Wo to kal raat se jane kya kya soche baithi hogi..aur soniya..use kya kahega..uske is decision se agar wo wapas pehle wali soniya ban gayi to..huhhh..

Jitna jyada wo is cheez ke bare me soch raha tha utna hi jyada pachta raha tha ki ye chutiya si shart akhir usne lagayi hi kyu.. Aur agar kahi wo haar gaya to pata nahi ye awaz us se kya kya karwayegi. Pata chale wo sadak par nanga ghum raha ho aur aati jati ladkiyon ko ched raha ho..oh shit..

Arun ne apna sir hilakar kuch socha..Thodi der ke liye bahar chala jaye..usne socha..Na ghar me rahega na sab par najar padegi na kuch hoga..

Wo jane ke liye utha hi tha ki supriya ke room ka darwaja khulata hai aur supriya bahar aati hai..use dekh kar arun fir pachtane lagta hai..supriya ne sirf ek deep neck tshirt aur panty pehni hui hai..

Wo matakti hui sofe ke paas aayi aur arun ke paas chipak gayi aur uske munh ko apne paas kheench kar kiss karne lagi..

Lekin arun ne apna chehra ghuma liya to uske hoth arun ke gaal se takara gaye..

supriya ki tyori chadh gayi.."Kuch gadbad hai kya.." Usne arun ka chehra apni taraf ghumaya aur us par saans chodkar pucha.."morning breath??"

"Nah..thoda complicated hai.." Arun ne use gale laga ke kaha shayad is se wo apni bat dhang se keh paye..

"Mammmeee...e.e.e.e."

Arun ne gehri saans li. Aane wale do sapatah bahut bhari padne wale hain.

"Di..mujhe lagta hai hum logo ko ab sex nahi karna chahiye.." Arun ne seedhe seedhe lafzo me supriya se keh diya lekin turant hi pachtane laga ki is tarike se nahi kehna chahiye tha.

"Tu pitega..pkka"

Supriya ne uski bat suni to ek dum se use gale se hataya aur uski taraf bade ajib tarike se dekhne lagi. Dono ke beech me ek khamosi chaa gayi.

"Why? Kyu?..4 me se 3 ladkiyan tumhare sath sex karna chahti hain aur tum mana kar rahe ho. 90 percent log kisi ka khoon bhi kar denge ise pane ke liye...literally.."

"Isme bhi dimag hai..bas tujhme nahi hai.."

"Di..." Arun bolne laga..

"Yeah, main samajh gayi raat me jo kuch bhi hua wo sirf sympathy ke karan hua. Ab to tumhare paas aarohi aur soniya hai na.." Supriya ne dard se bhare expression ke sath kaha..

"NOOO" Arun teji se bol pada.."Di, firse wahi baat. Main pehle hi keh chuka aap sab mere liye barabar ho. I love you all, equally. I just..main..kaise batau.." Arun apne dimag me sahi words ko dhudhne laga jisse wo supriya ko samjha sake..

"Dekha choot na milne par kya ho jata hai tujhe.."

Supriya bhi chupchap use dekhti rahi..lekin uske chehre ke expression wahi rahe..

"Ye sab mere sath itni jaldi ho gaya hai ki mera dimag digest nahi kar pa raha. Abhi 15 din pehle main simple sa ladka tha jisne aaj tak reality me kabhi kisi ladki ke sath kiss se aage nahi badha. Aur aaj 3 3 ladkiyan aur wo bhi meri behnen mere sath sex karne ko tayyar hain aur un me se 2 ke sath main kar bhi chuka hoon...Main ye nahi keh raha, ki mujhe khusi nahi but..main thoda dar bhi gaya hoon.."

"Dar?" Supriya ne ab thoda pyar se pucha.."Kaisa dar? Tumhe wo sab kuch mil raha hai jo duniya me jyadatar logo ko jindagi bhar me naseeb nahi hota. Hum sab tumhe pyar karte hain and you also love us. Fir bhi.."

Arun ne apna sir hila ke kuch socha..

"Mujhe dar hai ki kahi main kisi ko pregnant na kar doon"

Supriya ne baat samjhkar ek thandi saans li aur uska hath apne hath me lekar kaha.."Arun, tumhe is bare me pareshan hone ki koi jarurat nahi hai. Main manti hoon, ki thoda risk to hota hai. Lekin hum log precautions use kar skte hain."

Arun ab thoda pareshan hone laga ki kaise samjhaye supriya ko..

"Di aur ek baat..Main apne aap ko prove karna chahta hoon ki main aap teeno ko resist kar skta hoon. Matlab icha hote hue bhi khud ko control kar sakoon."

"Resist? Control? Lekin kyu? Achi khasi health hai, abhi to young ho aur upar se teen teen sexy ladkiyon tumhare sath kabhi bhi bed me jane ke liye tayyar hain..fir kyu?"

"Excellent point..Supriya 1 Arun 0"

Arun ne ab thoda khud ko tough karte hue kaha.."Di abhi tak jab bhi aap logo ki icha hoti thi aap log mere sath kuch bhi kar lete the chaho meri icha ho ki nahi. Lekin ab Main khud ko prove karna chahta hoon, ki main decide kar paunga ki kab sex karna hai, aur kiske sath karna hai.."

Supriya ne kuch der to use dekha fir ek superior attitude wali smile di.."Really? Tum khud ko control karoge jab hum me se koi bhi tumhare kapde faad kar tumhare saath wo chize karna chahegi jo tumne kabhi sochi bhi nahi hongi.."

"Yahi to main keh raha tha duffer.."

"Di please...aapko is bat se ajib nahi lagta ki hum bhai behen hain?"

"Mujhe laga hum log is bat ko pehle hi discuss kar chuke hain?"

Ab arun ko sach me kafi jyada pachtava hone laga ki akhir shart kyu lagai. Bahut mushkil hone wali thi..

"Arun dhyan se suno..tumne mere aur aarohi infact sabke andar agar sneha ko normal mane to..hihi..haan to hum sabke andar ek dusre person ko jaga diya jise hum log shant nahi kar shakte aur karna bhi nahi chahte. Aur tum ye bhi jan lo ki hum log tumhe uttejit karna to band nahi karne wale."

"Bhai abhi bhi waqt hai..shart cancel kar skta hai.."

"Di, okay clear bat, okay, main kuch din apni kisi bhi behen ke sath sex nahi karne wala. Aur koi kuch bhi kahe main apna decision nahi badlunga. Mujhe prove karna hai ki main apne aap ko control kar skta hoon bas."

"Okay, decison le liya hai to.." Supriya ne ek shatir muskan ke sath kaha..jise dekhkar arun ko dar to lagne laga.."achi baat hai. Lekin ab tum pakka pachtaoge ki ye decision kyu liya. Bye sweetu..happy controling." Supriya ne khade hokar uske gaal pe kiss kiya aur kitchen ki taraf jane se pehle ek bar uski taraf dekha aur ankh mar ke kaha..

"Okay, my dear brother..game starts now.."

"YOu are definitely crazy. Din me 3 bar sex karne ko mile to kaun admi mana karta hai. aur upar se tune apni sneha ko dekha hai..wo bhi tayyar ho rahi hai dheere dheere.."

Arun ne awaz ko ignore kar diya. Waise bhi ab uski baat sunane ka koi fayda to tha nahi. Fir wo uth kar kitchen me chala gaya. Kuch hi der hui thi soniya aur aarohi dono batein karte hue kitchen me aa gayi aur dono ne arun ke dono galon par kiss kar diya. Arun ne apne dimag ko un par na laga kar apne sandwich par kiye rakha. Lekin fir bhi usne ankho se dekh hi liya tha..soniya to naha chuki thi to shorts aur tshirt me thi lekin aarohi...wo sports bra aur cotton ke sleeping shorts me thi..

 
आरोही ने आगे जाकर फ्रिज खोला और नीचे झुककर कुछ निकालने लगी..अब अरुण का तो मुँह चलना ही रुक गया..आरोही ने फिर पैंटी नही पहनी थी और झुकने से उसकी चूत की लाइन्स सॉफ सॉफ दिखाई दे रही थी..जितना वो हिलती उतना ज़्यादा धीरे अरुण का मुँह चलता..

"गान्ड..देख...एक मार ना.." दिमाग़ ने अरुण की कहा

"ःऊह्ह्ह्ह...हुहह.कंट्रोल..." अरुण ने गहरी साँस लेकर दूसरी तरफ मुँह घुमा लिया.

तब तक सुप्रिया भी किचन मे आ गयी.

"हः...गेम हॅड आब्वियस्ली बिगन..तू तो गया.." दिमाग़ ने अरुण को चेताया

सुप्रिया ने सुबह के कपड़ो को बदल लिया था लेकिन ये कपड़े..शॉर्ट्स और एक वाइट शर्ट पहने थी जिसके 3 बटन खुले हुए थे और सॉफ पता चल रहा था कि उसने ब्रा नही पहनी है...ओह..गॉड..सुप्रिया अपनी गान्ड को मटकाती हुई अरुण के पास आई और उसके सामने झुककर उसका माथा चूमा और आँख मार दी..अरुण की नज़रें तो उन दो घाटियों पर ही अटकी थी जो शर्ट मे से झलक रही थी...

अरुण सोचने लगा ये निपल तो चूसने की भीख माँग रहे हैं...काश दी अकेले मे मिल जाए तो तुरंत ही इन पर टूट पडू..

"यू...माइ बॉय...सही जा रहे हो..मैं तो कहता हूँ यहीं पर शर्ट फाड़ के टूट पड़ कोई कुछ नही कहेगा..और अगर किस्मत अच्छी हुई तो शायद आज फोरसम भी हो जाए.." दिमाग़ ने कहा

"नो.." अरुण अपने ख़यालो से बाहर आते ही बोला.."आइ कॅन कंट्रोल.."और गहरी गहरी साँसें लेने लगा..

"ना..चोद दे..चोद दे.." दिमाग़ की आवाज़ चिल्लाने लगी

उसने सोचा अब तो यहाँ से जाना ही बेहतर होगा.

अरुण उठा और फ्रिज मे से पानी निकालकर पीने लगा...फिर बाहर आकर सोफे के पास ही जा रहा था कि दरवाजा खुलने की आवाज़ आई. तो उसने आवाज़ की दिशा की तरफ़ ध्यान दिया तो स्नेहा के रूम का दरवाजा खुला था..

"प्लीज़ ढंग के कपड़े हो प्लीज़ भगवान ढंग के कपड़े हों...प्लीज़" अरुण मन मे दुआ करते हुए सोचने लगा.

अरुण ने जब स्नेहा की ओर देखा तो गिरते गिरते बचा..स्नेहा ने टॅंक टॉप पहना था वो भी कुछ ज़्यादा ही डीप नेक का..निपल के इंप्रेशन तो सॉफ सॉफ देखे जा सकते थे..और उपर से बूब्स की जड़ पे वो काला तिल..और नीचे उसने सिर्फ़ पैंटी पहनी हुई थी...जैसे जैसे वो आगे बढ़ रही थी उसके दूध हिलते जा रहे थे..

अरुण को पता था कि स्नेहा ने ऐसे कपड़े उसे परेशान करने के लिए नही पहने हैं. ये तो बस स्नेहा थी. वो लगभग घर मे ऐसे ही कपड़े पहना करती थी.

स्नेहा थोड़ा तेज़ी से चलती हुई आई और अरुण के गाल पर किस किया तो उसके बूब्स अरुण की छाती मे चुभ गये अरुण ने अपनी आँखें बंद कर ली..

"मॉर्निंग, माइ डियर बेबी..उम्म्म" ये कहकर वो किचन मे चली गयी..

अरुण ने बिना सोचे पलटकर देखा और फिर पछताने लगा..पूरे किचन मे सेक्षुयल एनर्जी भरी पड़ी थी...4 4 कामदेवियाँ वहाँ बैठी बातें कर रही थी..

अरुण ने तुरंत ही अपने कमरे मे जाना ठीक समझा और दौड़ के चला गया...

"तू तो हारेगा..बेटे.." दिमाग़ ने अरुण को कहा

अरुण ने जाते टाइम सुप्रिया की आवाज़ सुनी लेकिन कोई रिक्षन नही दिया. आने वाले 14 दिन बहुत भारी होने वाले हैं.

आधा घंटा हुआ था कि आरोही आई उसके कमरे मे...

उसके चेहरे पर गुस्सा सॉफ दिख रहा था..

वो आई और बेड पर टाँगो को क्रॉस करके बैठ गयी.

"हाई." अरुण ने उसकी तरफ ना देखते हुए कहा.. थोड़ा डर भी लग रहा था..

"भाई, तुम आख़िर मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकते हो..?" आरोही गुस्से मे बोली.

"हुआ क्या?" अरुण ने धीरे से पूछा..और वो डर भी रहा था..

"हुआ क्या बहुत कुछ हुआ है....हाउ कॅन यू डू दिस टू मी??" आरोही गुस्से मे थोड़ा तेज बोली..

अब अरुण को थोड़ा हर्ट भी हुआ क्यूकी वो अपनी किसी भी बहेन को तकलीफ़ मे देख नही सकता था और आरोही के लिए तो उसके दिल मे वैसे भी स्पेशल प्लेस था..

अरुण को कुछ समझ मे नही आया तो चुप रहा..

"अब कुछ कहने के लिए भी नही है तुम्हारे पास.." आरोही की शक्ल देख कर लग रहा था कि वो रोने वाली है..

"दी ने बताया, है ना.." अरुण ने उसके हाथ को पकड़ते हुए कहा लेकिन आरोही ने हाथ झटक दिया.

"क्या फ़र्क पड़ता है किसने बताया...मैं ये पूछ रही हूँ कि मेरे साथ ही ऐसी पार्षियालिटी क्यू..??" आरोही ने अपना आँख को रगड़ते हुए कहा.

"यार आरू प्लीज़ यार तुम तो मुझे समझो..मेरा इंटेन्षन तुम्हे या किसी को हर्ट करने का नही है..आइ आम जस्ट.."

"हां सही बात है, सब को प्यार बताते फ़िरो जब आरोही की बारी आती है तो वो ही सब समझे..क्यू क्यूकी मैं तुम्हारी फीलिंग्स समझती हूँ. लेकिन तुम ने अरुण, तुमने कभी मेरी फीलिंग्स समझी.." अब आरोही के हल्के से आसू निकलने लगे..

तो अरुण भी उसके पास बेड पर बैठ कर उसके आसू पोछ डाले..

"प्लीज़ आरू, रोना मत...मैं ये नही कह रहा कि आइ डोंट लव यू..और ये बात तुम अच्छे से जानती हो...मैं जानता हूँ तुम जाने कब्से उस टाइम का इंतजार कर रही हो. व्हेन वी विल बी टुगेदर....और मैं ये भी नही कह रहा कि वो नही होगा..बस अभी 2 वीक्स तक नही.."

"क्यू जब मेरी बारी आई तभी तुम्हे ये कंट्रोल करना था खुद को..सोनिया और सुप्रिया दी के लिए तो कभी ये ख़याल नही आया तुम्हारे दिल मे.." आरोही अभी भी गुस्से मे थी..

"आरोही प्लीज़ ट्राइ टू अंडरस्टॅंड...ओके आइ आम गोयिंग टू टेल यू दा ट्रूथ..." अरुण ने उसका हाथ पकड़ लिया तो इस बार आरोही ने नही छुड़ाया..

"ट्रूथ.??" आरोही भी सर्प्राइज़्ड लग रही थी..

"देखो इसको सुनने के बाद प्लीज़ मुझे पागल मत कहना..देयर'स आ वाय्स इन माइ हेड. मुझे नही पता कि क्या है लेकिन ही ओर शी आइ डोंट नो..मुझसे बात करती है. बात करने का मतलब मुझे हमेशा कुछ सेक्स से रिलेटेड करने को मजबूर करती रहती है..लाइक वो आ सोनिया वाला इन्सिडेंट उस टाइम भी ये सब इसी की कारस्तानी थी..तुम समझ रही हो ना.."

आरोही ने हां मे सिर हिलाया.."थोड़ा थोड़ा..आगे बोलो.."

"तो आज सुबह मैं सोफे पर बैठा तो उसने कहा कि अब मैं प्रेग्नेंट करूँ तुम सबको जिससे तुम सब मेरे साथ हमेशा के लिए रहो..." अरुण इतना कह के आरोही का रियेक्शन देखने लगा..

आरोही का चेहरा कन्फ्यूषन के भाव से भरा हुआ था.."प्रेग्नेंट?? सीरियस्ली..ये सब तुम्हारे दिमाग़ मे रहने वाली आवाज़ बोलती है..?"

"मैं जानता था तुम मेरी बात पर बिलीव नही करोगी..लेकिन ये सच है..तो मैं इतना आगे उसकी बातों मे फँसना नही चाहता तो मैने एक शर्त लगाई.."

आरोही अरुण को ऐसे देख रही थी जैसे कोई एलीयन उसके सामने बैठा हो लेकिन वो बोलता रहा..

"तो शर्त ये है कि मैं 2 वीक्स तक तुम सबके ऐक्शन और इस आवाज़ की जितनी भी बातें होती हैं उनको रेज़िस्ट करूँगा..और खुद को कंट्रोल करूँगा..तो 2 वीक्स तक नो सेक्स,,,वित एनिवन..सोनिया के साथ भी नही.."

आरोही पहले तो उसे देखती रही फिर पेट पकड़कर हँसने लगी और उसके कंधे पर हाथ रख के और ज़ोर से हँसने लगी..

"ये भेजेगी तुझे पागलख़ाने.." दिमाग़ ने फिर चुटकी ली

अरुण असमंजस से उसे देखता रहा...

"हिहिई.हाहह..हाहह...ओके ओके..तो तुमने अपने ही दिमाग़ मे रहने वाली आवाज़ से शर्त लगाई है कि तुम इस घर मे रहने वाली हर लड़की जिनमे से तीन तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती है वो भी कभी भी और कहीं भी उन सबको रेज़िस्ट करोगे...हिहिहहीी...यू आर मॅड..." आरोही हँसे जा रही थी..

"ओके ओके..शांत आरोही..कंट्रोल...हाहाहा.आ..कंट्रोल..ओके सॉरी अब नही हसुन्गी..हाहह.." लेकिन इसके बाद भी वो थोड़ी देर तक हँसती रही..

अरुण भी बिना कुछ बोले उसे देखता रहा...अटलिस्ट वो अब रो तो नही रही थी..

"अच्छा तो तुम 14 दिन तक किसी के साथ सेक्स नही करने वाले..लेकिन ये बताओ अगर तुम शर्त हार गये तो.."

"तो मैं एक दिन के लिए उसका गुलाम बन जाउन्गा वो जो कहेगा मैं करूँगा..कुछ भी.." अरुण धीरे से बोला..

"अच्छा तभी आज सुप्रिया दी इतना ओपन ओपन कपड़े पहने हुई थी...खैर एक बात बताऊ, जैसा तुमने मुझे इस आवाज़ के बारे मे बताया है और अगर उस हिसाब से तुम हार गये तो बहुत पछताने वाले हो.."

"एसस्स, आइ न्यू इट..शी ईज़ माइ पार्ट्नर.." दिमाग़ की आवाज़ ने खुश होते हुए कहा

"अगर.." अरुण ने ज़ोर देकर कहा..

"अच्छा चलो अब मेरी कंडीशन पर आओ, मेरा क्या.."

अरुण ने उसका चेहरा पकड़कर उसके होठों को चूमा फिर कहा...

"आइ'म रियली सॉरी टू से दिस आरू..लेकिन तुम्हे भी 14 दिन तक इंतजार करना पड़ेगा...लेकिन उसके बाद पक्का आइ विल मेक अवर यूनियन स्पेशल. आइ ऑल्सो वान्ट टू डू दिस....प्रॉमिस..आंड आइ लव यू, रियली..आंड आगे से रोना मत, नही तो बहुत मारूँगा.."

आरोही ने भी उसके हाथों पर अपने हाथ रख दिए.."आइ नो भाई, यू लव मे आंड आइ लव यू टू. मुझे बस उस टाइम ये लगा कि तुम पार्षियालिटी कर रहे हो. लेकिन अब मैं तुम्हारी बात समझ गयी हूँ लेकिन.." इतना कह कर वो रुक गयी..

"लेकिन.." अरुण ने डर कर पूछा.

"लेकिन, क्यूकी तुम मुझे 14 दिन तक इतना इंतजार करवाने वाले हो तो मैं तुम्हारी आवाज़ की साइड लूँगी.."

"येस्स्स, सक्सेस्स्स मेरी तरफ 3 हैं तेरी तरफ कोई नही..." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने कहा

"व्हाट डू यू मीन..??" अरुण ने पूछा..

"मतलब मैं तुम्हारा ये ब्रह्म्चर्य वाला ख़याल ख़त्म करवा के ही रहूंगी.."

"प्लीज़ यार आरू, तुम भी.."

"तुम भी क्या, तुम मुझे इतना तड़पाने वाले हो तो तुम भी तय्यार रहो मिस्टर अरुण..." आरोही ने किसी बच्चे की तरह उसके गाल खींचे और रूम से चली गयी.. डोर पर पहुच कर उसने पीछे देखा और आँख मार दी फिर चली गयी..

"मैं सही मे मरने वाला हूँ" अरुण ने सोचा

"हारने के बाद मरना..एक दिन मेरा गुलाम बन जा फिर हँसते हँसते मर जाना"

उसके बाद वो रूम मे 2 3 घंटे तक रहा. कभी कंप्यूटर चलाता कभी नॉवेल पढ़ता कभी मोबाइल पर लगता लेकिन कुछ फ़ायदा नही हुआ. उसने सोचा ऐसे हर टाइम तो वो रूम मे बंद रह नही सकता.

कुछ तो करना पड़ेगा इन लोगो से ध्यान हटाने के लिए. लेकिन इतनी देर हो गयी ये आवाज़ कहाँ चली गयी. अभी तक तो आवाज़ को दस बाते बोलनी चाहिए थी. शायद सही मौके पर बॉम्ब फोड़ने का इंतजार कर रही होगी. अरुण ने घड़ी की तरफ देखा तो दोपहर हो रही थी..यानी कि ल्यूक टाइम..

तो वो उठा और दरवाजे को हल्के से खोलकर सिर्फ़ सिर को बाहर निकाला और चारो तरफ देखा..उसे डर था कही कोई एक दम से उस पर कूद ना पड़े..पता चले अपनी ही बहन रेप कर डाले..

खैर उपर वाले फ्लोर पर तो कोई नही था और ना ही हॉल मे..तो उसने थोड़ा आगे बढ़ कर नीचे देखा तो आरोही स्नेहा की मदद कर रही थी खाना बनाने मे. दोनो बातें भी कर रही थी लेकिन उसे कोई आइडिया नही था कि किस बारे मे. तो अरुण नीचे आ गया और डाइनिंग टेबल पर बैठ कर मोबाइल चलाने लगा.

आरोही ने आहट सुन किचन से बाहर देखा तो अरुण सॉफ सॉफ दिखाई दिया. "थोड़े मज़े लिए जाए.." आरोही ने मन मे सोचा.

अरुण थोड़ी थोड़ी देर मे किचन की ओर देखता रहता. इधर आरोही ने बोव्ल के अंदर से कोई पेस्ट था उसमे उंगली डुबो दी फिर उसे बाहर निकालकर अपने मुँह मे रख कर चूसा.

"कैसा बना है.." स्नेहा ने आरोही से पूछा..

तो आरोही ने दूसरे हाथ की उंगली को उस पेस्ट मे डुबो दिया फिर वो उंगली स्नेहा के मुँह मे रख दी तो स्नेहा ने पेस्ट मे चूस लिया लेकिन फिर स्नेहा को भी अजीब लगा जब आरोही ने उंगली को बाहर निकालने की जगह अंदर ही रखा और इधर उधर हल्के से हिलाने लगी. इस से थोड़ा सा पेस्ट स्नेहा की चिन से होता हुआ क्लीवेज और साइड मे गिर पड़ा..जिससे उसके टॅंक टॉप गंदा हो गया..

आरोही ने जल्दी से उसके टॅंक टॉप को उसके शरीर से अलग कर दिया.."मैं सुप्रिया दी को दे देती हूँ..वो वैसे भी कपड़े ही धोने जा रही होंगी.." ये कहकर उसने टॅंक टॉप को साइड मे रख दिया. तो स्नेहा ने कुछ नही कहा और वो वैसे ही ब्रा मे पेस्ट को चलाने लगी.

अरुण के लंड ने तो सलामी देना शुरू ही कर दिया था. सामने दो दो कामदेवी जो खड़ी थी. स्नेहा ने ब्लॅक कलर की ब्रा पहनी थी और वो भी सही तरीके से उसके दूधों को ढकने मे असमर्थ थी. निपल्स तो जैसे टॉप को फाड़ देने पर ही उतारू थे.

आरोही ने अरुण के चेहरे को भाव को पढ़ा तो उसे और मज़ा आने लगा. उसने सोचा इसको थोड़ा और आगे ले जाते हैं. तो उसने स्नेहा को अपनी तरफ घुमाया और अपनी उंगली से क्लीवेज पर से उस पेस्ट को उठाया और पेस्ट को सक कर लिया..फिर उसी भीगी उंगली से बचे हुए पेस्ट को हटाया और उसे भी चाट लिया..स्नेहा उसे ये सब करते हुए मना नही कर रही थी..उसे तो समझ मे ही नही आया कि करे तो क्या..

"चोद डाल दोनो को..देख फिर लेज़्बीयन सीन चालू हो रहा है.." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने अरुण को उकसाया

Aarohi ne aage jakar fridge khola aur niche jhukkar kuch nikalne lagi..ab arun ka to munh chalna hi ruk gaya..aarohi ne fir panty nahi pehni thi aur jhukne se uski choot ki lines saaf saaf dikhayi de rahi thi..jitna wo hilati utna jyada dheere arun ka munh chalta..

"GaanD..dekh...ek mar na.."

"HUhhhh...huhhh.control..." Arun ne gehri saans lekar dusri taraf munh ghuma liya.

Tab tak supriya bhi kitchen me aa gayi.

"Hah...game had obviously begun..tu to gaya.."

Supriya ne suabah ke kapdo ko badal liya tha lekin ye kapde..shorts aur ek white shirt pehne thi jiske 3 button khule hue the aur saaf pata chal raha tha ki usne bra nahi pehni hai...Oh..god..Supriya apni gaand ko matakati hui arun ke paas aayi aur uske samne jhukkar usma matha chuma aur aankh maar di..arun ki najrein to un do ghatiyon par hi ataki thi jo shirt me se jhalak rahi thi...

Arun sochne laga ye nipple to chusne ki bhikh mang rahe hain...kash di akele me mil jaye to turant hi in par toot padu..

"Yoo...my boy...sahi ja rahe ho..main to kehta hoon yahi par shirt fad ke toot pad koi kuch nahi kahega..aur agar kismat achi hui to shayad aaj foursome bhi ho jaye.."

"NO.." Arun apne khayalo se bahar aate hi bola.."I can control.."Aur gehri gehri saansein lene laga..

"Nah..chod de..chod de.."

Usne socha ab to yaha se jana hi behtar hoga.

Arun utha aur fridge me se pani nikalkar peene laga...fir bahar aakar sofe ke paas hi ja raha tha ki darwaja khulne ki awaz aayi. To usne awaz ki disha ki tarf dhyan diya to sneha ke room ka darwaja khula tha..

"Please dhang ke kapde ho plz bhagwan dhang ke kapde hon...plz" Arun man me dua karte hue sochne laga.

Arun ne jab sneha ki or dekha to girte girte bacha..sneha ne tank top pehna tha wo bhi kuch jyada hi deep neck ka..nipple ke impression to saaf saaf dekhe ja skte the..aur upar se boobs ki jad pe wo kala til..aur niche usne sirf panty pehni hui thi...jaise jaise wo aage badh rahi thi uske doodh hilte ja rahe the..

Arun ko pata tha ki sneha ne aise kapde use paresan karne ke liye nahi pehne hain. Ye to bas sneha thi. Wo lagbhag ghar me aise hi kapde pehna karti thi.

Sneha thoda teji se chalti hui aayi aur arun ke gaal par kiss kiya to uske boobs arun ki chati me chubh gaye arun ne apni ankhen band kar li..

"Morning, my dear baby..ummm" Ye kehkar wo kitchen me chali gayi..

Arun ne bina soche palatkar dekha aur fir pachtane laga..pure kitchen me sexual energy bhari padi thi...4 4 kaamdeviyan waha baithi batein kar rahi thi..

Arun ne turant hi apne kamre me jana theek samjha aur daud ke chala gaya...

"Tu to harega..bete.."

Arun ne jate time supriya ki awaz suni lekin koi reaction nahi diya. Aane wale 14 din bahut bhari hone wale hain.

Adha ghanta hua tha ki aarohi aayi uske kamre me...

Uske chehre par gussa saaf dikh raha tha..

Wo aayi aur bed par tango ko cross karke baith gayi.

"Hi." Arun ne uski taraf na dekhte hue kaha.. thoda dar bhi lag raha tha..

"Bhai, tum akhir mere sath aisa kaise kar skte ho..?" Aarohi gusse me boli.

"Hua kya?" Arun ne dhire se pucha..aur wo dar bhi raha tha..

"Hua kya bahut kuch hua hai....how can you do this to me??" Aarohi gusse me thoda tej boli..

Ab arun ko thoda hurt bhi hua kyuki wo apni kisi bhi behen ko takleef me dekh nahi skta tha aur aarohi ke liye to uske dil me waise bhi special place tha..

Arun ko kuch smajh me nahi aaya to chup raha..

"Ab kuch kehne ke liye bhi nahi hai tumhare paas.." Aarohi ki shakl dekh kar lag raha tha ki wo rone wali hai..

"Di ne bataya, hai na.." Arun ne uske hath ko pakadate hue kaha lekin aarohi ne hath jhatak diya.

"Kya fark padta hai kisne bataya...main ye puch rahi hoon ki mere sath hi aisi partiality kyu..??" Aarohi ne apna ankh ko ragadte hue kaha.

"Yar aaru please yaar tum to mujhe samjho..mera intention tumhe ya kisi ko hurt karne ka nahi hai..I am just.."

"Haan sahi baat hai, sab ko pyar batate firo jab aarohi ki bari aati hai to wo hi sab samjhe..kyu kyuki main tumhari feelings samajhti hoon. Lekin tum arun, tumne kabhi meri feelings samjhi.." Ab aarohi ke halke se aasu nikalne lage..

To arun bhi uske pas bed par baith kar uske aasu poch dale..

"Please aaru, rona mat...main ye nahi keh raha ki I dont love you..aur ye bat tum ache se janti ho...main janta hoon tum jane kabse us time ka intezar kar rahi ho. when we will be together....aur main ye bhi nahi keh raha ki wo nahi hoga..bas abhi 2 weeks tak nahi.."

"Kyu jab meri bari aayi tabhi tumhe ye control karna tha khud ko..soniya aur supriya di ke liye to kabhi ye khayal nahi aaya tumhare dil me.." aarohi abhi bhi gusse me thi..

"Aarohi please try to understand...okay I am going to tell you the truth..." Arun ne uska hath pakad liya to is bar aarohi ne nahi chudaya..

"Truth.??" Aarohi bhi surprised lag rahi thi..

"Dekho isko sunane ke bad plz mujhe pagal mat kehna..There's a voice in my head. Mujhe nahi pata ki kya hai lekin he or she I dont know..mujhse baat karti hai. Baat karne ka matlab mujhe hamesha kuch sex se related karne ko majboor karti rehti hai..like wo aah soniya wala incident us time bhi ye sab isi ki karastani thi..tum samajh rahi ho na.."

Aarohi ne haan me sir hilaya.."thoda thoda..aage bolo.."

"To aaj subah main sofe par baitha to usne kaha ki ab main pregnant karu tum sabko jisse tum sab mere sath hamesha ke liye raho..." arun itna keh ke aarohi ka reaction dekhne laga..

Aarohi ke chehra confusion ke bhavo se bhara hua tha.."Pregnant?? Seriously..ye sab tumhare dimag me rehne wali awaz bolti hai..?"

"Main janta tha tum meri baat par believe nahi karogi..lekin ye sach hai..to main itna aage uski baton me fasna nahi chahta to maine ek shart lagai.."

Aarohi arun ko aise dekh rahi thi jaise koi alien uske samne baitha ho lekin wo bolta raha..

"To shart ye hai ki main 2 weeks tak tum sabke actions aur is awaz ki jitni bhi batein hoti hain unko resist karunga..aur khud ko control karunga..to 2 weeks tak no sex,,,with anyone..soniya ke sath bhi nahi.."

Aarohi pehle to use dekhti rahi fir pet pakadkar hasne lagi aur uske kandhe par hath rakh ke aur jor se hasne lagi..

"Ye bhejegi tujhe pagalkhane.."

Arun asmanjas se use dekhta raha...

"Hiihii.hahh..hahh...okay okay..to tumne apne hi dimag me rehne wali awaz se shart lagayi hai ki tum is ghar me rehni wali har ladki jinme se teen tumhare sath sex karna chahti hai wo bhi kabhi bhi aur kahi bhi un sabko resist karoge...hihihhii...you are mad..." Aarohi hase ja rahi thi..

"Okay okay..shant aarohi..control...hahaha.a..control..okay sorry ab nahi hasungi..hahh.." Lekin iske bad bhi wo thodi der tak hasti rahi..

Arun bhi bina kuch bole use dekhta raha...atleast wo ab ro to nahi rahi thi..

"Acha to tum 14 din tak kisi ke sath sex nahi karne wale..lekin ye batao agar tum shart har gaye to.."

"To main ek din ke liye uska gulam ban jaunga wo jo kahega main karunga..kuch bhi.." Arun dhire se bola..

"Acha tabhi aaj supriya di itna open open kapde pehne hui thi...khair Ek bat bataun, jaisa tumne mujhe is awaz ke bare me bataya hai aur agar us hisab se tum har gaye to bahut pachtane wale ho.."

"Yesss, I knew it..she is my partner.."

"Agar.." Arun ne jor dekar kaha..

"Acha chalo ab meri conditon par aao, mera kya.."

Arun ne uska chehra pakadkar uske hothon ko chuma fir kaha...

"I'm really sorry to say this aaru..lekin tumhe bhi 14 din tak intezar karna padega...lekin uske bad pkka I will make our union special. I also want to do this....promise..and I love you, really..and aage se rona mat, nahi to bahut marunga.."

Aarohi ne bhi uske hathon par apne hath rakh diye.."I know bhai, you love me and I love you too. Mujhe bas us time ye laga ki tum partiality kar rahe ho. Lekin ab main tumhari baat samajh gayi hoon lekin.." itna keh kar wo ruk gayi..

"Lekin.." Arun ne dar kar pucha.

"Lekin, kyuki tum mujhe 14 din tak itna intezar karwane wale ho to main tumhari awaz ki side lungi.."

"Yessss, successss meri taraf 3 hain teri taraf koi nahi..."

"What do you mean..??" Arun ne pucha..

"Matlab main tumhara ye brahmcharya wala khayal khatm karwa ke hi rahungi.."

"Please yar aaru, tum bhi.."

"Tum bhi kya, tum mujhe itna tadpane wale ho to tum bhi tayyar raho mr Arun..." Aarohi ne kisi bachche ki tarah uske gal kheenche aur room se chali gayi.. door par pahuch kar usne piche dekha aur ankh mar di fir chali gayi..

"Main sahi me marne wala hoon"

"Harne ke bad marna..ek din mera gulam ban ja fir haste haste mar jana"

Uske bad wo room me 2 3 ghante tak raha. Kabhi computer chalta kabhi novel padhta kabhi mobile par lagta lekin kuch fayda nahi hua. Usne socha aise har time to wo room me band rah nahi skta.

Kuch to karna padega in logo se dhyan hatane ke liye. Lekin itni der ho gayi ye awaz kaha chali gayi. Abhi tak to awaz ko das bate bolni chahiye thi. Shayad sahi mauke par bomb fodne ka intezar kar rahi hogi. Arun ne ghadi ki taraf dekha to dopahar ho rahi thi..yani ki luch time..

To wo utha aur darwaje ko halke se kholkar sirf sir ko bahar nikala aur charo taraf dekha..use dar tha kahi koi ek dum se us par kud na pade..pata chale apni hi behene rape kar dale..

Khair upar wale floor par to koi nahi tha aur na hi hall me..to usne thoda aage badkar niche dekha to aarohi sneha ki madad kar rahi thi khana banane me. Dono baatein bhi kar rahi thi lekin use koi idea nahi tha ki kiss bare me. To arun niche aa gaya aur dining table par baith kar mobile chalane laga.

Aarohi ne ahat sun kitchen se bahar dekha to arun saaf saaf dikhayi diya. "Thode maje liye jaye.." Aarohi ne man me socha.

Arun thodi thodi der me kitchen ki or dekhta rahta. Idhar aarohi ne bowl ke andar se koi paste tha usme ungli dubo di fir use bahar nikalkar apne munh me rakh kar chusa.

"Kaisa bana hai.." Sneha ne aarohi se pucha..

To aarohi ne dusre hath ki ungli ko us paste me dubo diya fir wo ungli sneha ke munh me rakh di to sneha ne paste me choos liya lekin fir sneha ko bhi ajeeb laga jab aarohi ne ungli ko bahar nikalne ki jagah andar hi rakha aur idhar udhar halke se hilane lagi. Is se thoda sa paste sneha ki chin se hota hua cleavage aur side me gir pada..jisse uske tank top gaanDa ho gaya..

Aarohi ne jaldi se uske tank top ko uske shareer se alag kar diya.."Main supriya di ko de deti hoon..wo waise bhi kapde hi dhone ja rahi hongi.." Ye kehkar usne tank top ko side me rakh diya. To sneha ne kuch nahi kaha aur wo waise hi bra me paste ko chalane lagi.

Arun ke lund ne to salami dena shuru hi kar diya tha. Samne do do kaamdevi jo khadi thi. Sneha ne black colour ki bra pehni thi aur wo bhi sahi tarike se uske doodhon ko dhakne me asmarth thi. Nipples to jaise top ko fad dene par hi utaru the.

Aarohi ne arun ke chehre ko bhav ko padha to use aur maja ane laga. Usne socha isko thoda aur age le jate hain. To usne sneha ko apni taraf ghumaya aur apni ungli se cleavage par se us paste ko uthaya aur paste ko suck kar liya..fir usi bheegi ungli se bache hue paste ko hataya aur use bhi chaat liya..sneha use ye sab karte hue mana nahi kar rahi thi..use to samjh me hi nahi aaya ki kare to kya..

"Chod daal dono ko..dekh fir lesbian scene chalu ho raha hai.."

 


इधर स्नेहा की आँखें थोड़ी बंद हो गयी जब आरोही की भीगी उंगली उसके दुधो पर पड़ी. हद तो तब हो गयी जब आरोही ने देखा कि स्नेहा की आँखें बंद हैं तो अपनी जीभ से क्लीवेज को चाट लिया. फिर उसके होठों पर किस कर दिया..

"लो दी मैने सॉफ कर दिया आंड बाइ दा वे.. बहुत टेस्टी है..आंड थॅंक यू फॉर मेकिंग इट सो मच टेस्टी.." फिर एक छोटा सा किस दोबारा होठ पर किया और दूर हट गयी..

आरोही ने इसके बाद एक बार अरुण की तरफ देखा और एक नॉटी स्माइल के साथ आँख मार दी..

अरुण से रहा नही गया तो एक बार हाथ आगे बढ़ाकर लंड को दबा दिया..

फिर आरोही ने टॉप को उठाया और वॉशरूम मे चली गयी. लौट कर आई तो एक टीशर्ट थी उसके हाथ मे जो स्नेहा को आरोही ने ही पहनाई. इस बहाने उसके दूधों को 3 4 बार छुआ और ठीक किया.

अरुण तभी पानी पीने आया तो स्नेहा अपने ख़यालो से वापस आई. और एक दम से चारो ओर देखने लगी..उसकी हालत तो ऐसे थी जैसे अभी किसी सपने से जागी हो..उसके चेहरे पर कन्फ्यूषन के भाव और लाली सॉफ सॉफ देखी जा सकती थी.

आरोही ने बड़ी मुश्किल से खुद को हसने से रोका और फिर अरुण की तरफ देख कर कहा.."ओह हाई भाई.." उसने ऐसा जताया जैसे उसने अभी अरुण को देखा था.

अरुण बेचारा थोड़ी तेज़ी से चलता हुआ फ्रिज के पास आया. उसे डर था की स्नेहा कही उसके खड़े लंड को ना देख ले..फिर जल्दी से बॉटल को बाहर लेके चला आया.

बाहर आया तो सोफे पर बैठ गया और टीवी ऑन कर ली. अभी कुछ ही मिनिट हुए थे कि सुप्रिया भी आ गयी और उसके साइड मे बैठ गयी. उसके कपड़े हल्के से गीले थे उपर से नहा कर आई थी तो एक भीनी भीनी खुसबू आ रही थी. सुप्रिया ने जब अरुण की पॅंट की तरफ देखा तो अपने होठों पर जीभ फेरने लगी.

ये कम नही था कि सोनिया भी उछलती कूदती आई और अरुण के लेफ्ट साइड मे चिपक कर बैठ गयी. अरुण अब सोचने लगा कि दो सेक्स अडिक्ट्स मे बीच बैठ गया...और उसे डर लगने लगा कि कही दोनो रेप ना कर डाले. सोनिया पर तो उसे भरोसा था कि वो कुछ ऐसा नही करेगी लेकिन सुप्रिया..उसका कोई भरोसा नही.

सोनिया ने अपना सिर अरुण के कंधे पर रख दिया तो सुप्रिया ने भी दूसरी तरफ से ऐसा ही किया. अरुण को थोड़ी राहत मिली कि चलो अभी तो दोनो ढंग से रहेंगी. ये सोचकर उसका लंड भी थोड़ा शांत होने लगा.

लेकिन ये ख़ुसी चन्द लम्हो की ही थी. पीछे से आरोही आ गयी..वो तो पहले से ही अरुण के पीछे थी लेकिन सही मौके का इंतजार कर रही थी..वो सोफे के सामने आई और दुखी आवाज़ मे बोली.."मेरी लिए जगह नही है.." तो सोनिया और सुप्रिया थोड़ा थोड़ा साइड मे हट गये..लेकिन आरोही..आरोही ने तो अपनी जगह ढूंड ली..वो थी अरुण की गोद..अरुण बेचारा कुछ बोल भी नही पाया तब तक आरोही की ये हरकत देखकर सुप्रिया और सोनिया ने भी अपना सिर उसके कंधे पर दोबारा रख दिया.

आरोही तो आज फुल मूड मे थी...वो धीरे धीरे अपनी गान्ड को हिलाकर अरुण को गर्म करने लगी..उसके चेहरे पर स्माइल और बढ़ गयी जब उसे अपनी चूत पर अरुण के लंड महसूस हुआ..

अरुण की सासें भारी होने लगी लेकिन वो एकटक टीवी को देखता रहा और बिल्कुल सीधा पड़ा रहा..

"अभी घुसेड..अभी.." अरुण के दिमाग़ से आवाज़ आई

अरुण तो ये बात नही सुन रहा था लेकिन उसके लंड ने शायद सुन ली थी..वो तो फुल सबाब मे चढ़ कर गान्ड को चीर्ने की कोसिस कर रहा था..उपर से आरोही ने कोई कमी नही रखी थी वो बिल्कुल धीरे धीरे गान्ड को लंड पर दबा रही थी.

तभी सुप्रिया ने अपना चेहरा उठाकर उसकी गर्दन को होठ खोल कर चाट लिया..और चाटते चाटते कान तक पहुच गयी..

"आइ कॅंट वेट...जब तुम दोबारा हम सब को चोदना स्टार्ट करोगे..उम्म्म" और उसके कान को भी चूसने लगी.

"कम ऑन..यार..इतना कह रही है तो मान जा ना..कोई अपनी बड़ी बहेन की बात को टालता है क्या" अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने उसे मनाते हुए कहा

सोनिया उसे परेशान नही कर रही थी लेकिन ये सब देखकर उसे हँसी काफ़ी आ रही थी...और उसे ये भी कन्फ्यूषन था कि ये हो क्या रहा है...उसने भी उसके कान को दाँतों मे फसा लिया फिर कहा.."भाई पिछली रात को आपकी बहुत याद आई..आज की रात आप सिर्फ़ मेरे हो.."

शिट...अरुण ने सोनिया के बारे मे तो सोचा ही नही था. दिन भर तो किसी ना किसी तरीके से खुद को रोक लेगा..लेकिन रात मे जब सोनिया अपने कपड़े उतारकर नंगी उसके साथ लेटेगी तब क्या करेगा..

"चोदेन्गे और क्या करेंगे...अब हम हमारी प्यारी गुड़िया को मना कैसे कर सकते हैं..हाहाहा..यू आर गॉना बी माइ बिच.."दिमाग़ ने चुटकी ली

अरुण ने आवाज़ पर ध्यान नही दिया. देता भी कैसे, अभी तो खुद को कंट्रोल करने मे बिज़ी था नही तो कबका आरोही को पकड़कर उसके कपड़े फाड़ दिए होते. उसकी साँसे अटक गयी जब आरोही ने अपने सामने से छुपकर उसके लंड के उभार पर हाथ सहलाना स्टार्ट कर दिया..

"लंड निकाल पॅंट से.." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने कहा

अरुण की हल्की सी सिसकारी छूट गयी तो उसने कस के अपने होठ काट लिए जिससे आवाज़ ना हो..और खुद को कहने लगा.."कंट्रोल..हुह्म..कंट्रोल..कंट्रोल" इधर आरोही धीरे धीरे उसके पॅंट्स की जिप को ढूँढ रही थी..अरुण को तभी अपने लंड पर ठंडी हवा का अहसास हुआ और उसकी आँखें शर्म और जोश से बंद हो गयी.. आरोही ने लंड को थोड़ा सा बाहर निकाल लिया था..

"अब इसको पकड़कर उठा और चोद डाल.." आवाज़ ने फिर कहा

अरुण से भी रहा नही गया तो उसके हाथ अपने आप ही आरोही की कमर पर चले गये..

"एस्स" अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने कहा

अरुण को लंड पर हल्का गीलापन महसूस हुआ तो उसे रियलाइज़ हुआ कि आरोही उसके लंड पर उसका प्रेकुं मसल रही थी....फिर उसने धीरे से अपने शॉर्ट्स को साइड मे किया और लंड को चूत पर रगड़ने लगी...

"खाना रेडी है.." स्नेहा ने जैसे ही ये कहा, तुरंत ही तीनो दूर हट गयी..

"ओह नो...फक..प्लीज़ मत जाओ इस वक़्त." दिमाग़ ने मचलते हुए कहा

तीनो बिना एक भी शब्द बोले उसके पास से हटी और आरोही तो ऐसे उतरी जैसे कुछ हुआ ही ना हो ..और बिना कुछ बोले सब किचन की ओर चले गये.

"आइ'म गॉना डाइ.." दिमाग़ ने मारी हुई आवाज़ ने कहा

"एप, आंड आइ फक्किंग हेट यू..यू नो.."

"अब मेरी क्या ग़लती है??" अरुण ने कहा

"अगर पहले ही मेरी बात मानी होती तो ये नौबत नही आती अब यहाँ अकेले बैठ कर हिलाते रहो घंटा.." दिमाग़ ने कहा

"अटलिस्ट मैं जीत तो रहा हूँ.अभी तक.." अरुण ने एक हँसी के साथ कहा..

"आइ हेट यू..." दिमाग़ की आवाज़ ने कहा

अरुण मुँह धोके किचन मे चला गया. आख़िर इतने गर्म सेशन के बाद मुँह धोना तो बनता था. और धीरे से जाकर अपनी जगह पर बैठ गया. बाकी सब लोग आराम से अपनी जगह पर बैठकर बातो मे लगे हुए थे.

आरोही, सुप्रिया और सोनिया तीनो के चेहरे पर स्माइल थी जैसे ओलिंपिक जीत कर आई हो..

अरुण को तुरंत ही सब कुछ फिरसे याद आने लगा..सुप्रिया की बातें, आरोही की गान्ड का अहसास और सोनिया का किस..हुह..उसने प्लेट पर ध्यान दिया.

अरुण ने डिसाइड किया कि इन थॉट्स से आज़ादी पाने के लिए हर वक़्त कुछ ना कुछ तो हर वक़्त करना ही पड़ेगा. उसने सोचा कि अभी खाने के कुछ घंटे बात जिम जाके थोड़ा वर्काउट करेगा फिर रोहित को कॉल करके कही घूमने चला जाएगा. या फिर स्नेहा के साथ किसी मूवी देखने चला जाउ. आइडियास एक के बाद एक उसके दिमाग़ मे घूमने लगे.

खाना खाते व्क़्त कुछ भी खास नही हुआ, सींक मे प्लेट रखकर वो सबको देखने लगा.

"किसी से पूछ क्या किसी को सेक्स करना है.." दिमाग़ से आवाज़ आई

तभी उसे याद आया कि पूल काफ़ी गंदा हो गया हो तो वो सबको बोलकर पूल सॉफ करने चला गया.

आधे घंटे तक वो पूल की सफाई करता रहा तो उसे महसूस हुआ कि उपर खिड़की से तन्का झाँकी करी जा रही है. उसे खुद पर गर्व भी महसूस हुआ कि उसकी बहनें उसकी तरफ इतनी ज़्यादा अट्रॅक्टेड हैं.

पूल सॉफ करने के बाद वो बाथरूम मे नहाने लगा. नहा के वो अंडरवेर ही पहेन रहा था कि तभी दरवाजा खुला और आरोही का चेहरा अंदर आया. आरोही को देखकर अरुण ने जल्दी से अंडरवेर को उपर चढ़ा लिया.

ये देखकर आरोही के चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी. वो बिना पूछे अंदर आई और अपना बाथरोब उतार दिया. अंदर कुछ नही पहना हुआ था..अरुण मुँह खोल के उसे देखता रहा..

"हाई भाई..पुकचह.." आरोही ने उसके पास आके उसके होठों पर किस किया और एक बार लंड को सहला दिया फिर बिना कुछ किए शवर ऑन करके उसके नीचे खड़ी हो गयी..

ठंडा ठंडा पानी जैसे ही उसके सिर से होता हुआ उसके निपल्स पर आया..निपल्स एक दम से खड़े हो गये...

अरुण की नज़रें वहाँ से हटने का नाम ही नही ले रही थी..उसकी इच्छा तो हो रही थी अभी जाके उसके गुलाबी निपल्स को मुँह मे भर ले.

"जा भाई...देख कितनी उतावली हो रही है..जो माँग रही है वो दे दे.." दिमाग़ की आवाज़ ने उसे उकसाया

अरुण ने एक दम से अपनी आँखें बंद करी और बाथरूम से बाहर निकलने लगा. उसकी बॉडी तो उसे जाने से रोक रही थी लेकिन वो रुका नही और सीधा अपने रूम मे आ गया और बेड पर लेट गया. ये किस बवाल मे फसा लिया मैने खुद को?? अरुण सोचने लगा. अगर इन लोगो ने ये करना बंद नही करा तो पक्का मैं मर जाउन्गा..

"मुझे पहले ही पता था, कुछ ना कुछ तो गड़बड़ है तेरे अंदर...भला कुँवारी चूत को ऐसे कोई छोड़कर आता है..इंपोटेंट तो नही है ना..?"

अरुण ने इस बात का जवाब देना ठीक नही समझा. पता नही आगे बात कहाँ तक बढ़ जाए. उसने अपनी आँखें बंद करी और धीरे धीरे सो गया.

कुछ घंटो की नींद के बाद अरुण नींद से जागने लगा. तो कुछ जानी पहचानी फीलिंग हो रही थी. कुछ हो रहा था उसके साथ..

उसने एक दम से आँखें खोलकर अपनी कोहनियों के बल सिर को उठाया. तो सुप्रिया उसके पैरों के बीच बैठकर खड़े लंड को चूस रही थी.

अरुण को उठता देख सुप्रिया उसकी आँखों मे देखने लगी..

"प्लीज़...दी..", अरुण ने सुप्रिया को हटाने के लिए उसके सिर को पीछे करने की कोसिस करते हुए कहा.

तो सुप्रिया ने अपने दाँत दिखा कर हल्के से लंड पर रख दिए..

"नही..मैं जानता हूँ आप ऐसा कुछ नही करोगी.." अरुण थोड़ा डर के बोला..

"ट्राइ कर लो.." सुप्रिया ने आँख मार कर कहा और फिर उसके लंड को मुँह मे भर लिया.

अब बेचारा कुछ कर भी नही सकता था तो इस चीज़ के मज़े ही लेने लगा..सुप्रिया हर धक्के के साथ लंड को और ज़्यादा मुँह मे घुसेडने लगी..जब पूरा लंड उसके मुँह मे चला गया तो अरुण की सिसकारी निकलने लगी..जितनी बार उसका सुपाडा गले के एंड से टकराता उतनी बार अरुण की आहा निकलती.

अरुण को अपने अंदर ऑर्गॅज़म फील होने लगा, वो सुप्रिया को बताने ही वाला था कि वो झड़ने वाला कि तभी सुप्रिया ने एक दम से लंड को बाहर निकाला और खड़ी होकर बिना कुछ कहे रूम से बाहर चली गयी.

अरुण अचंभे मे उसको जाते हुए देखता रहा..

"ओह्ह्ह, व्हाट दा फक!" अरुण के मुँह से निकला

"देखा, मैने क्या कहा था..अब कोई तुझे चूत नही देने वाला. अब को तुझसे चुदने की जगह तुझे चोदने वाली हैं..चूतिया कही का." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने अरुण पर व्यंग कसते हुए कहा

अरुण अपना सिर खुजाने लगा, एक मन तो सुप्रिया को थॅंक यू कह रहा था कि वो रुक गयी लेकिन बाकी पूरी बॉडी और दूसरा मन कह रहा था कि सुप्रिया को ऐसा नही करना चाहिए थे. अगले 10 12 मिनिट मे जब उसका लंड ढीला पड़ गया तो उसने ट्रॅक्सयूट पहना और नीचे आ गया.

नीचे स्नेहा किसी किताब मे डूबी हुई थी और सुप्रिया वॉशरूम मे गुनगुनाते हुए कपड़े धो रही थी. बिल्कुल मासूम सी लग रही थी.

"घंटा मासूम." अरुण के मुँह से निकल गया.

आरोही का कुछ अता पता नही था. सोनिया टीवी पर कोई सीरियल देख रही थी..

"मैं जिम जा रहा हूँ" अरुण जाते हुए बोला..

"वेट, भाई..मैं भी चलूं?? बहुत दिन हो गये तबसे नही गयी.. सोनिया ने कहा

अरुण सोचने लगा कि सोनिया को ले जाने मे कोई हर्ज़ नही है. उसे विस्वास था कि सोनिया उसे जानबूझ कर परेशान नही करेगी और करेगी भी तो वो अपनी कसरत पर ध्यान देगा.

अरुण के हाँ कहने पर सोनिया जल्दी से अपने रूम मे चेंज करने चली गयी और ग्रे ट्रॅक्सयूट पहेन कर आ गयी.

दोनो इधर उधर की बातें करते हुए जिम को चले गये. अरुण अपनी पसंद की मशीन्स की ओर चला गया. वहाँ बस 2 3 लड़के और थे और लड़कियाँ कोई नही था. वैसे भी शाम के 3 बजे कौन जिम मे होता है.

सोनिया भी उसकी मशीन के सामने आ गयी और उसकी तरफ मुस्कुरा कर अपना ट्रॅक्सयूट का उपर उतारने लगी. उसने पिंक कलर का टॉप और ग्रे कलर की पॅंट्स पहनी थी. वो अरुण के जस्ट सामने वाली मशीन पर चली गयी और झुक कर वर्काउट करने लगी.

अरुण ने भी इस बात पर ध्यान नही दिया फिर अपने सेट्स कंप्लीट करके दूसरी मशीन पर चला गया. तो फिर से सोनिया भी आ गयी और फिर उसके सामने वाली मशीन पर कसरत करने लगी. इस वाली मे आगे झुककर बार को खिचना पड़ता था.

जितनी बार वो खिचती उतनी बार उसकी गान्ड की मास पेशियाँ हिलती. अरुण का लंड ये देखकर खड़ा होने लगा..

"इसको साथ मे लाना इतना अच्छा आइडिया भी नही था.." अरुण खुद को कोसने लगा.

"बेस्ट आइडिया भाई.." दिमाग़ की आवाज़ ने चुटकी ली

सोनिया ने कुछ सेट्स करे फिर जैसे ही अरुण किसी और जगह गया वो भी वही चली गयी और उसके सामने ही कसरत करने लगी. लगबघ 20 मिनिट तक यही सब चलता रहा.

"तुम जानबूझकर ये सब कर रही हो, है ना.." अरुण ने उस पर इल्ज़ाम लगाया.

"एप.." सोनिया ने अपने होठों को गीला करते हुए कहा.

"तुम्हे भी दूर करना पड़ेगा क्या??" अरुण ने कहा.

"तू इसे दूर कर, मैं तेरी जान ले लूँगा." दिमाग़ की आवाज़ ने कहा

ये सुनकर पहले तो सोनिया के चेहरे पर तकलीफ़ के भाव आए लेकिन फिर उसने बच्चों वाली आवाज़ मे पलके झपकते हुए कहा.."मुझे लगा आप मुझसे प्यार कलते थे भाई.."

Idhar sneha ki ankhen thodi band ho gayi jab aarohi ki bheegi ungli uske dudhon par padi. Had to tab ho gayi jab aarohi ne dekha ki sneha ki ankhen band hain to apni jeebh se cleavage ko chat liya. Fir uske hothon par kiss kar diya..

"Lo di maine saaf kar diya and by the way.. bahut tasty hai..and thankyou for making it so much tasty.." fir ek chota sa kiss dobara hoth par kiya aur door hat gayi..

Aarohi ne iske bad ek bar arun ki taraf dekha aur ek naughty smile ke sath ankh mar di..

Arun se raha nahi gaya to ek bar hath age badhakar lund ko daba diya..

Fir aarohi ne top ko uthaya aur washroom me chali gayi. Laut kar aayi to ek tshirt thi uske hath me jo sneha ko aarohi ne hi pehnayi. Is bahane uske doodhon ko 3 4 bar chua aur theek kiya.

Arun tabhi pani pine aaya to sneha apne khayalo se wapas aayi. Aur ek dum se charo or dekhne lagi..uski halat to aise thi jaise abhi kisi sapne se jagi ho..uske chehre par confusion ke bhav aur laali saaf saaf dekhi ja skti thi.

Aarohi ne badi mushkil se khud ko hasne se roka aur fir arun ki taraf dekh kar kaha.."Oh hi bhai.." Usne aisa jataya jaise usne abhi arun ko dekha tha.

Arun bechara thodi teji se chalta hua fridge ke paas aaya. Use dar tha ki sneha kahi uske khade lund ko na dekh le..Fir jaldi se bottle ko bahar leke chala aaya.

Bahar aaya to sofe par baith gaya aur tv on kar li. Abhi kuch hi minute hue the ki supriya bhi aa gayi aur uske side me baith gayi. Uske kapde halke se gile the upar se naha kar aayi thi to ek bheeni bheeni khusboo aa rahi thi. Supriya ne jab arun ki pant ki taraf dekha to apne hothon par jeebh ferne lagi.

Ye kam nahi tha ki soniya bhi uchalti kudti aayi aur arun ke left side me chipak kar baith gayi. Arun ab sochne laga ki do sex addicts me beech baith gaya...aur use dar lagne laga ki kahi dono rape na kar dale. Soniya par to use bharosa tha ki wo kuch aisa nahi karegi lekin supriya..uska koi bharosa nahi.

Soniya ne apna sir arun ke kandhe par rakh diya to supriya ne bhi dusri taraf se aisa hi kiya. Arun ko thodi rahat mili ki chalo abhi to dono dhang se rahengi. Ye sochkar uska lund bhi thoda shant hone laga.

Lekin ye khusi chand lamho ki hi thi. Piche se aarohi aa gayi..wo to pehle se hi arun ke piche thi lekin sahi mauke ka intezar kar rahi thi..Wo sofe ke samne aayi aur dukhi awaz me boli.."Meri liye jagah nahi hai.." To soniya aur supriya thoda thoda side me hat gaye..lekin aarohi..aarohi ne to apni jagah dhund li..wo thi arun ki god..Arun bechara kuch bol bhi nahi paaya tab tak aarohi ki ye harkat dekhkar supriya aur soniya ne bhi apna sir uske kandhe par dobara rakh diya.

Aarohi to aaj full mood me thi...wo dheere dheere apni gaanD ko hilakar arun ko garm karne lagi..uske chehre par smile aur badh gayi jab use apni choot par arun ke lund mahsoos hua..

Arun ki saasein bhari hone lagi lekin wo ektak tv ko dekhta raha aur bilkul seedha pada raha..

"Abhi ghused..abhi.."

Arun to ye bat nahi sun raha tha lekin uske lund ne shayad sun li thi..wo to full sabab me chadkhar gaanD ko chirne ki kosis kar raha tha..upar se aarohi ne koi kami nahi rakhi thi wo bilkul dheere dheere gaanD ko lund par daba rahi thi.

Tabhi supriya ne apna chehra uthakar uski gardan ko hoth khol kar chat liya..aur chatate chatate kaan tak pahuch gayi..

"I cant wait...jab tum dobara hum sab ko chodna start karoge..ummm" aur uske kaan ko bhi chusne lagi.

"Come on..yar..itna keh rahi hai to man ja na..koi apni badi behen ki baat ko talta hai kya"

Soniya use pareshan nahi kar rahi thi lekin ye sab dekhkar use hasi kafi aa rahi thi...aur use ye bhi confusion tha ki ye ho kya raha hai...usne bhi uske kaan ko danto me fasa liya fir kaha.."Bhai pichli raat ko apki bahut yad aayi..aaj ki raat ap sirf mere ho.."

Shit...arun ne soniya ke bare me to socha hi nahi tha. Din bhar to kisi na kisi tarike se khud ko rok lega..lekin raat me jab soniya apne kapde utarkar nangi uske sath letegi tab kya karega..

"Chodenge aur kya karenge...ab hum hamari pyari gudiya ko mana kaise kar skte hain..hahaha..You are gonna be my bitch.."

Arun ne awaz par dhyan nahi diya. Deta bhi kaise, abhi to khud ko control karne me busy nahi nahi to kabka aarohi ko pakadkar uske kapde faad diye hote. Uski saansei atak gayi jab aarohi ne apne samne se chupkar uske lund ke ubhar par hath sehlana start kar diya..

"Lund nikal pant se.."

Arun ki halki si siskari choot gayi to usne kas ke apne hoth kaat liye jisse awaz na ho..aur khud ko kehne laga.."control..huh..control..control" Idhar aarohi dhire dhire uske pants ki jip ko dhundh rahi thi..arun ko tabhi apne lund par thandi hawa ka ahsaas hua aur uski ankhen sharm aur josh se band ho gayi.. soniya ne lund ko thoda sa bahar nikal liya tha..

"Ab isko pakadkar utha aur chod dal.."

Arun se bhi raha nahi gaya to uske hath apne aap hi aarohi ki kamar par chale gaye..

"Yess"

Arun ko lund par halka geelapan mahsoos hua to use realize hua ki aarohi uske lund par uska precum masal rahi thi....fir usne dhire se apne shorts ko side me kiya aur lund ko choot par ragadne lagi...

"Khana ready hai.." Sneha ne jaise hi ye kaha, turant hi teeno dur hat gayi..

"OH NO...fuck..plz mat jao is waqt."

Teeno bina ek bhi shabd bole uske pas se hati aur aarohi to aise utari jaise kuch hua hi na ho ..aur bina kuch bole sab kitchen ki or chale gaye.

"I'm gonna die.."

"Yep, and I fucking hate you..you know.."

"Ab meri kya galti hai??"

"Agar pehle hi meri baat mani hoti to ye naubat nahi aati ab yahan akele baith kar hilate raho ghanta.."

"Atleast main jeet to raha hoon.abhi tak.." Arun ne ek hasi ke sath kaha..

"I hate you..."

Arun munh dhoke kitchen me chala gaya. Akhir itne garm session ke bad munh dhona to banta tha. Aur dhire se jakar apni jagah par baith gaya. Baki sab log aram se apni jagah par baithkar baato me lage hue the.

Aarohi, supriya aur soniya teeno ke chehre par smile thi jaise olympic jeet kar aayi ho..

Arun ko turant hi sab kuch firse yaad ane laga..supriya ki batein, aarohi ki gaanD ka ahsaas aur soniya ka kiss..huh..usne plate par dhyan diya.

Arun ne decide kiya ki in thoughts se azadi paane ke liye har waqt kuch na kuch to har waqt karna hi padega. Usne socha ki abhi khane ke kuch ghante bat gym jake thoda workout karega fir rohit ko call karke kahi ghumne chala jayega. Ya fir sneha ke sath kisi movie dekhne chala jaun. Ideas ek ke bad ek uske dimag me ghumne lage.

Khana khate wqt kuch bhi khas nahi hua, sink me plate rakhkar wo sabko dekhne laga.

"Kisi se puch kya kisi ko sex karna hai.."

Tabhi use yaad aaya ki pool kafi gaanDa ho gaya ho to wo sabko bolkar pool saaf karne chala gya.

Aadhe ghante tak wo pool ki safai karta raha to use mahsoos hua ki upar khidki se takajhaki kari ja rahi hai. Use khud par garv bhi mahsoos hua ki uski behnen uski taraf itni jyada attracted hain.

Pool saaf karne ke bad wo bathroom me nahane laga. Naha ke wo underwear hi pehen raha tha ki tabhi darwaja khula aur aarohi ka chehra andar aaya. Aarohi ko dekhkar arun ne jaldi se underwear ko upar chadha liya.

Ye dekhkar aarohi ke chehre par ek muskan aa gayi. Wo bina puche andar aayi aur apna bathrobe utar diya. Andar kuch nahi pehna hua tha..arun munh khol ke use dekhta raha..

"Hi bhai..pucchhhh.." Aarohi ne uske paas ake uske hothon par kiss kiya aur ek bar lund ko sehla diya fir bina kuch kiye shower on karke uske niche khadi ho gayi..

Thanda thanda pani jaise hi uske sir se hota hua uske nipples par aaya..nipples ek dum se khade ho gaye...

Arun ki najarein waha se hatne ka naam hi nahi le rahi thi..uski icha to ho rahi thi abhi jake uske gulabi nipples ko munh me bhar le.

"Ja bhai...dekh kitni utawali ho rahi hai..jo mang rahi hai wo de de.."

Arun ne ek dum se apni ankhen band kari aur bathroom se bahar nikalne laga. Uski body to use jane se rok rahi thi lekin wo ruka nahi aur seedha apne room me aa gaya aur bed par let gaya. Ye kis bawal me fasa liya maine khud ko?? Arun sochne laga. Agar in logo ne ye karna band nahi kara to pkka main mar jaunga..

"Mujhe pehle hi pata tha, kuch na kuch to gadbad hai tere andar...bhala kunwari choot ko aise koi chodkar aata hai..impotent to nahi hai na..?"

Arun ne is bat ka jawab dena thik nahi samjha. Pata nahi aage baat kaha tak badh jaye. Usne apni ankhen band kari aur dheere dheere so gaya.

Kuch ghanto ki neend ke bad arun neend se jagne laga. To kuch jani pehchani feeling ho rahi thi. Kuch ho raha tha uske sath..

Usne ek dum se ankhen kholkar apni kohniyon ke bal sir ko uthaya. To supriya uske pairon ke beech baithkar khade lund ko choos rahi thi.

Arun ko uthata dekh supriya uski anhon me dekhne lagi..

"Please...di..", arun ne supriya ko hatane ke liye uske sir ko piche karne ki kosis karte hue kaha.

To supriya ne apne daant dikha kar halke se lund par rakh diye..

"Nahi..main janta hoon aap aisa kuch nahi karogi.." Arun thoda dar ke bola..

"Try kar lo.." Supriya ne ankh mar kar kaha aur fir uske lund ko munh me bhar liya.

Ab bechara kuch kar bhi nahi skta tha to is chiz ke maje hi lene laga..supriya har dhakke ke sath lund ko aur jyada munh me ghusedene lagi..jab pura lund uske munh me chala gaya to arun ki siskari nikalne lagi..jitni bar uska supada gale ke end se takarata utni bar arun ki aha nikalti.

Arun ko apne andar orgasm feel hone laga, wo supriya ko batane hi wala tha ki wo jhadne wala ki tabhi supriya ne ek dum se lund ko bahar nikala aur khadi hokar bina kuch kahe room se bahar chali gayi.

Arun achambhe me usko jate hue dekhta raha..

"Ohhh, what the fuck!"

"Dekha, maine kya kaha tha..ab koi tujhe choot nahi dene wala. Ab ko tujhse chudne ki jagah tujhe chodne wali hain..chutiya kahi ka."

Arun apna sir khujane laga, ek man to supriya ko thankyou keh raha tha ki wo ruk gayi lekin baki puri body aur dusra man keh raha tha ki supriya ko aisa nahi karna chahiye the. Agle 10 12 minute me jab uska lund dheela pad gaya to usne tracksuit pehna aur niche aa gaya.

Neeche sneha kisi kitab me dubi hui thi aur supriya washroom me gungunate hue kapde dho rahi thi. Bilkul masoom si lag rahi thi.

"Ghanta masoom." Arun ke munh se nikal gaya.

Aarohi ka kuch ata pata nahi tha. Soniya tv par koi serial dekh rahi thi..

"Main gym ja raha hoon" Arun jate hue bola..

"Wait, bhai..main bhi chaloon?? Bahut din ho gaye tabse nahi gayi..

Arun sochne laga ki soniya ko le jane me koi harz nahi hai. Use viswas tha ki soniya use janboojh kar pareshan nahi karegi aur karegi bhi to wo apni kasrat par dhyan dega.

Arun ke haa kehne par soniya jaldi se apne room me change karne chali gayi aur grey tracksuit pehen kar aa gayi.

Dono idhar udhar ki batein karte hue gym ko chale gaye. Arun apni pasand ki machines ki or chala gaya. Waha bas 2 3 ladke aur the aur ladkiyan koi nahi tha. Waise bhi sham ke 3 baje kaun gym me hota hai.

Soniya bhi uski machine ke samne aa gayi aur uski taraf muskurakar apna tracksuit ka upper utarne lagi. Usne pink colour ka top aur grey colour ki pants pehni thi. Wo arun ke just samne wali machine par chali gayi aur jhuk kar workout karne lagi.

Arun ne bhi is bat par dhyan nahi diya fir apne sets complete karke dusri machine par chala gaya. To fir se soniya bhi aa gayi aur fir uske samne wali machine par kasrat karne lagi. Is wali me age jhukkar bar ko khichana padta tha.

Jitni bar wo khichti utni bar uski gaanD ki mas pesiyan hilti. Arun ka lund ye dekhkar khada hone laga..

"Isko sath me lana itna acha idea bhi nahi tha.." Arun khud ko kosne laga.

"Best idea bhai.."

Soniya ne kuch sets kare fir jaise hi arun kisi aur jagah gaya wo bhi wahi chali gayi aur uske samne hi kasrat karne lagi. Lagbagh 20 minute tak yahi sab chalta raha.

"Tum janboojhkar ye sab kar rahi ho, hai na.." Arun ne us par ilzam lagaya.

"Yep.." Soniya ne apne hothon ko geela karte hue kaha.

"Tumhe bhi dur karna padega kya??" Arun ne kaha.

"Tu ise dur kar, main teri jan le lunga."

Ye sunkar pehle to soniya ke chehre par takleef ke bhav aaye lekin fir usne bacho wali awaz me palke jhapkate hue kaha.."Mujhe laga aap mujhse pyar kalte the bhai.."

 


अरुण ने अपना सिर हिला लिया तो सोनिया हँसने लगी.."यू नो, आइ लव यू.." तो सोनिया और ज़्यादा हँसने लगी.

"तब तो आपको पता ही होगा, कि ये जो कुछ आप करने की कोसिस कर रहे हो, ये नही होने वाला. आप हम मे से किसी एक तक को रेज़िस्ट नही कर सकते, फिर सबकी तो बात ही दूर की है."

अरुण ने हल्के से हंस कर जवाब दिया.."हां अब समझ मे आ रहा है.."

"तो क्यू भाई?? आप अभी तक जाने कितनी बार सेक्स कर चुके होते. मुझे तो कुछ समझ मे ही नही आ रहा. आपके पीछे तीन तीन लड़कियाँ पड़ी हैं जो आपको बेइन्तिहा प्यार करती हैं और कभी भी सेक्स के लिए रेडी और सबसे अच्छी बात तीनो को आपस मे सब कुछ पता है और शेयर करने को भी तय्यार हैं, फिर भी..कोई और होता तो अब तक तो ये पाने के लिए कत्ल-ए-आम कर चुका होता."

"सेकेंड जीनियस ऑफ दा हाउस." दिमाग़ की आवाज़ ने चुटकी लेते हुए कहा

"मैं बस खुद को प्रूव करना चाहता हूँ की मैं कुछ टाइम तक खुद को रोक सकता हूँ" अरुण ने कंधे उचकाते हुए कहा.

"कुछ टाइम तक.." सोनिया उसके नज़दीक आ गयी.

अरुण ने हल्के से हँस दिया तो वो और ज़्यादा पास आई और उसके गले मे बाहें डाल कर किस कर लिया, लेकिन फिर दोनो को रियलाइज़ हुआ कि बाकी लोग भी हैं माना कि वो लोग उनकी तरफ ध्यान नही दे रहे. तो वो जल्दी से दूर हट गयी.

फिर सोनिया बाथरूम की तरफ चली गयी. अंदर जाकर तुरंत ही वो बाहर आई और उसकी तरफ आँख मार कर अंदर आने का इशारा कर दिया.

अरुण के चेहरे पर बड़ी सी स्माइल आ गयी. उसे समझ मे आ गया कि वो क्या करना चाहती है. कुछ सेकेंड्स तक तो वो रुका लेकिन फिर बाथरूम की तरफ चल दिया.

"मैं जीतने वाला हूँ, है ना.." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने कहा

"नोप.." अरुण बोला.

अरुण जल्दी से लॅडीस बाथरूम मे घुसा तो सोनिया एक शवर के नीचे खड़ी होके अपने नंगे बदन पर साबुन लगा रही थी. अरुण को अपने क्यूबिकल मे देखकर उसके चेहरे पर एक सेक्सी स्माइल आ गयी.

उसे देखकर अरुण को रियलाइज़ हुआ, कि ये पहली बार है कि वो उसे ढंग की रोशनी मे देख रहा है. वैसे तो उसने सिर्फ़ उसे चाँद की रोशनी मे ही देखा है. उसकी नज़रें उसके तराशे हुए बदन को निहारने लगी. दूध आरोही से हल्के से बड़े थे. गुलाबी निपल्स को देखकर अरुण के लंड मे झटका लगने लगे.

सोनिया ने उसे देखकर अपनी आँखें बंद कर ली, उसे पता था कि अरुण उसकी बॉडी को ताड़ रहा है. वो धीरे धीरे साबुन के झाग को अपने दूधों पर रगड़ने लगी..अपने हाथ को दोनो दूधों फिर पेट से लेकर नीचे तक ले गयी. चूत के पास जाकर उसने एक उंगली को कुछ सेकेंड्स तक चूत के अंदर किया फिर दोबारा उपर की तरफ चलाने लगी. दूसरे हाथ से एक निपल को पकड़कर ऐंठ दिया फिर उसी उंगली को अपनी चूत मे डाल लिया.

अरुण को चक्कर आने लगा ये देखकर. उसकी बहेन उसके सामने ही मास्टरबेट कर रही है. उसका मन साथ देने को होने लगा.

"अगर अभी मैं ये बात कहता, तो पक्का तू मना कर देता." अरुण के दिमाग़ ने कहा

तुरंत ही, बाथरूम का दरवाजा खुलने की आवाज़ आई और लड़कियों के हँसने की आवाज़ें आने लगी..अरुण ने तुरंत ही एक सेकेंड की भी देर ना करते हुए भागना सही समझा और सिर नीचा करके जल्दी से भाग गया.

अरुण को ऐसे डर कर भागता देख सोनिया की हसी छूट गयी. वो भी जल्दी से नहा कर बाहर निकली. तो अरुण कार मे बैठा सिर स्टियरिंग व्हील पर रखे हुए था. सोनिया जैसे ही उसके पास वाली सीट पर बैठी बहुत तेज़ी से हँसने लगी. अरुण पहले तो उसे गुस्से से देखता रहा लेकिन फिर उसके चेहरे पर भी स्माइल आ गयी.

"तुम दी और आरोही से कम थोड़ी ना हो.."

सोनिया पहले तो हँसी फिर उसके गाल पर किस करके बोली..

"आख़िर बहनें है हम लोग, कुछ तो कामन होगा ना.."

फिर दोनो ऐसे ही हँसते खेलते घर को पहुच गये. अरुण जैसे ही अंदर घुसा तो देखा कि सुप्रिया कुछ कपड़े लिए अपने रूम मे जा रही थी. अरुण को देखकर उसने स्माइल किया लेकिन तुरंत ही उसके हाथ से कपड़े फर्श पर गिर पड़े. तो उसने अरुण की तरफ सेक्सी स्माइल पास करी फिर झुक कर कपड़े उठाने लगी. उसने आज स्कर्ट पहनी थी..तो झुकने के कारण स्कर्ट थोड़ी उपर उठ गयी तो उसकी चिकनी सफेद जांघें अरुण को दिखने लगी. सोनिया भी तभी अंदर आई तो अपने हाथ को मुँह पर रखकर हँसी को रोकने लगी.

अरुण ने एक बार अपने सिर पर हाथ मारा फिर आँखें बंद करके हॉल मे सोफे पर दूसरी तरफ मुँह करके बैठ गया. कुछ ही सेकेंड के बाद सुप्रिया ने नोर्मली कपड़े उठाए और अपने रूम मे चली गयी.

"बेस्ट सिस्टर्स इन दा वर्ल्ड..आइ लव देम.." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ बोली

उसके बाद सबने कुछ टाइम के लिए उसे परेशान करना बंद कर दिया. रात तक सब कुछ नॉर्मल ही रहा. डिन्नर करके अरुण ने सबके गालों पर किस करके गुड नाइट कहा तो सोनिया ने भी सबको गुड नाइट कह दिया और दोनो साथ साथ उपर जाने लगे.

"गुड नाइट.." सुप्रिया ने भी उनको कहा लेकिन जिंदगी मे पहली बार उसके चेहरे पर वो स्माइल नही थी जो हमेशा होती थी.

उपर पहूचकर सोनिया ने अरुण का हाथ दबाकर उसे रोक दिया. अरुण ने उसकी आँखों मे देखा तो दोनो मुस्कुराने लगे. सोनिया ने आगे बढ़कर उसके गाल पर किस किया तो अरुण भी किस करने के लिए आगे बढ़ा. सोनिया ने अपना हाथ उसके मुँह पर रख कर रोक दिया. अरुण कन्फ्यूज़ होकर उसे देखने लगा.

"भाई, मैं समझ सकती हूँ कि आप अभी कुछ दिन कुछ करना नही चाहते हो. आइ नो आपके लिए खुद को प्रूव करना कितना इंपॉर्टेंट है. आइ लव और कुछ दिन तो बिना सेक्स के मैं रह ही सकती हूँ ना."

अरुण को उसकी बात सुनकर उसपर और ज़्यादा प्यार आने लगा. उसने बिना कुछ बोले उसे बाहों मे भरकर उठाया और अंदर जाकर रूम लॉक कर दिया. फिर प्यार से उसे बेड पर लिटा दिया और उसे किस करने लगा.

"वाउ.."सोनिया बोली जब अरुण ने उसके माथे, आँखों गालो, हर जगह किस कर दिया.."लगता है आज इंतजार नही करना होगा.."

अरुण ने उसे किस करना चालू रखा, उसके कानो से लेकर उसके गर्दन तक फिर गर्दन से लेकर कंधे तक. सोनिया की हल्की सी खिलखिलाहट और आहें उसके कानो मे रस घोलती जा रही थी. उसने कमर मे हाथ डाल कर उसे हल्का सा उपर उठाया और उसकी टीशर्ट के साथ साथ ब्रा को भी निकाल कर साइड मे डाल दिया.

सोनिया की मस्ती भरी चीख निकल गयी जब अरुण ने जीभ बाहर निकालकर उसके निपल को मुँह मे भर लिया..सोनिया के हाथ अपने आप अरुण के सिर को दबाने लगे तो अरुण उसकी बात समझ गया और अपनी चूसने की स्पीड को बढ़ा दिया और दूसरे हाथ से दूध को दबाने भी लगा. और एक हाथ से उसकी पीठ के नीचे से उपर उठाने लगा..

"आहहा,,उम्म्म्म..आइ लव यू भाई....हाः..उम्म.." सोनिया आह भरकर बोली..

अरुण ने नीचे बढ़ना स्टार्ट किया लेकिन सोनिया ने रोक दिया.."भाई आज मेरी बारी है..." जिसे सुनकर अरुण की आँखें चमक गयी. सोनिया ने जल्दी से उसे लिटा दिया और खुद उसके उपर आ कर लेट गयी. उसने जल्दी से पॅंट और शर्ट को उतार दिया. बॉक्सर के उतारते ही लंड पूरे जोश मे खड़ा हो गया जिसे देखकर सोनिया के चेहरे पर विजयी मुस्कान आ गयी.

"मैं गोआ के बाद से ये करने को तड़प रही थी.."

उसने धीरे से लंड को पकड़ा और अपने मुँह को उसके उपर लेक जीभ को बाहर निकला और सुपाडे पर जीभ फिरा दी. अरुण ने मस्ती मे आँखें बंद कर ली. सोनिया ने भी देर ना करते हुए लंड के उपर अपना मुँह उपर नीचे करना स्टार्ट कर दिया.

माना कि सोनिया उतने अच्छे से नही चूस रही थी जितना अच्छे से बाकी दोनो चूस्ति थी लेकिन उसका चूसने का अंदाज़ अलग था बस यही अरुण के लिए काफ़ी था.

"क्या फ़र्क पड़ता है, कोई भी चूसे..." दिमाग़ के अंदर की आवाज़ ने चुटकी ली

सोनिया चूस्ति रही जब तक उसकी साँस तक नही गयी..फिर उसने मुँह को उपर उठाया और साँस भर के धीरे धीरे चाटने लगी. चुसते चूस्ते वो अरुण की आँखों मे देखने लगी..

कुछ देर बाद उसने अपने शॉर्ट्स और पैंटी को उतार दिया और आगे बढ़कर उसके कंधे पर अपने हाथ रख दिए और उसके लंड के उपर अपनी कमर को ले गयी. अरुण ने उसकी कमर को पकड़कर उसे सहारा दिया हुआ था.

जैसे जैसे उसके लंड और उसकी चूत का मिलन हो रहा था..सोनिया ने अरुण की आँखों मे देखते हुए कहा.."आइ वॉंट टू बी युवर्ज़, भाई, हमेशा के लिए..आइ लव यू.." और फिर अपनी कमर को पूरा लंड पर धसा दिया. दोनो की आहें निकल गयी इस मिलन से.."आइ लव यू टू, गुड़िया.." अरुण ने उसे किस करने से पहले कहा. सोनिया ने अपना चेहरा नीचे करके अरुण के निपल्स पे जीभ फिराने लगी और साथ मे अपनी कमर को भी उपर नीचे करती रही.

"मैं सिर्फ़ आपकी और आपकी ही रहना चाहती हूँ..हुहह.." सोनिया बोलती रही. अरुण ने अपने धक्के तेज कर दिए और उसके निपल्स को प्यार करने लगा..

"मैं सिर्फ़ आपके लंड को चूसना चाहती हूँ...सिर्फ़ आपके.." गहरी साँस लेते हुए सोनिया बोली..

सोनिया ने कमर को पूरा उपर किया फिर तुरंत ही नीचे किया तो अरुण की आह निकल गयी..

"ओह..माइ..गॉड..उम्म.." अरुण मस्ती मे बोला.

"मैं चाहती हूँ आप जब भी मुझे प्यार करो हमेशा मेरे अंदर अपना कामरस डालो...आइ वॉंट यू आंड ओन्ली यू..आहूहम्म्म्मम..." कमरे मे सिर्फ़ चप चॅप की आवाज़ आ रही थी.

अरुण के लंड ने अंत मे स्पर्म छोड़ ही दिया और उसने सारा का सारा गर्म स्पर्म सोनिया की चूत के अंदर डाल दिया. उस गर्म गर्म स्पर्म के अहसास से सोनिया भी झड़ने लगी और दोनो एक दूसरे को सहलाते हुए एक ही बात बार बार बोलने लगे.."आइ लव यू. आइ लव यू.." क्लाइमॅक्स के बाद दोनो पस्त होकर बिस्तर पर गिर पड़े. अरुण वैसे ही सोनिया को अपनी छाती पर रख रखे सो गया.

Arun ne apna sir hila liya to soniya hasne lagi.."You know, I love you.." to soniya aur jyada hasne lagi.

"Tab to apko pata hi hoga, ki ye jo kuch aap karne ki kosis kar rahe ho, ye nahi hone wala. Aap hum me se kisi ek tak ko resist nahi kar skte, fir sabki to bat hi dur ki hai."

Arun ne halke se has kar jawab diya.."Haan ab samajh me aa raha hai.."

"To kyu bhai?? Aap abhi tak jane kitni bar sex kar chuke hote. Mujhe to kuch samajh me hi nahi aa raha. Aapke piche teen teen ladkiyan padi hain jo apko beintah pyar karti hain aur kabhi bhi sex ke liye ready aur sabse achi bat teeno ko apas me sab kuch pata hai aur share karne ko bhi tayyar hain, fir bhi..koi aur hota to ab tak to ye pane ke liye katl-e-aam kar chuka hota."

"Second genius of the house."

"Main bas khud ko prove karna chahta hoon ki main kuch time tak khud ko rok skta hoon" Arun ne kandhe uchkate hue kaha.

"Kuch time tak.." Soniya uske najdeek aa gayi.

Arun ne halke se has diya to wo aur jyada pas aayi aur uske gale me baahein dal kar kiss kar liya, lekin fir dono ko realize hua ki baki log bhi hain manaki wo log unki taraf dhyan nahi de rahe. To wo jaldi se door hat gayi.

Fir soniya bathroom ki taraf chali gayi. Andar jakar turant hi wo bahar aayi aur uski taraf ankh mar kar andar aane ka ishara kar diya.

Arun ke chehre par badi si smile aa gayi. Use samajh me aa gaya ki wo kya karna chahti hai. Kuch seconds tak to wo ruka lekin fir bathroom ki taraf chal diya.

"Main jeetne wala hoon, hai na.."

"Nope.." Arun bola.

Arun jaldi se ladies bathroom me ghusa to soniya ek shower ke niche khadi hoke apne nange badan par sabun laga rahi thi. Arun ko apne cubicle me dekhkar uske chehre par ek sexy smile aa gayi.

Use dekhkar arun ko realize hua, ki ye pehli bar hai ki wo use dhang ki roshni me dekh raha hai. Waise to usne sirf use chand ki roshni me hi dekha hai. Uski najarein uske tarashe hue badan ko niharane lagi. Doodh aarohi se halke se bade the. Gulabi nipples ko dekhkar arun ke lund me jhatka lagne laga.

Soniya ne use dekhkar apni ankhen band kar li, use pata tha ki arun uski body ko taad raha hai. Wo dheere dheere sabun ke jhag ko apne doodhon par ragadne lagi..apne hath ko dono doodhon fir pet se lekar niche tak le gayi. Choot ke paas jakar usne ek ungli ko kuch seconds tak choot ke andar kiya fir dobara upar ki taraf chalne lagi. Dusre hath se ek nipple ko pakadkar ainth diya fir usi ungli ko apni choot me dal liya.

Arun ko chakkar aane laga ye dekhkar. Uski behen uske samne hi masturbate kar rahi. Uska man sath dene ko hone laga.

"Agar abhi main ye bat kehta, to pkka tu mana kar deta."

Turant hi, bathroom ka darwaja khulne ki awaz aayi aur ladkiyon ke hasne ki awazein aane lagi..Arun ne turant hi ek second ki bhi der na karte hue bhagna sahi samjha aur sir nicha karke jaldi se bhag gaya.

Arun ko aise dar kar bhagta dekh soniya ki hasi chhoot gayi. Wo bhi jaldi se nahakar bahar nikli. To arun car me baitha sir steering wheel par rakhe hue tha. Soniya jaise hi uske pas wali seat par baithi bahut teji se hasne lagi. Arun pehle to use gusse se dekhta raha lekin fir uske chehre par bhi smile aa gayi.

"Tum di aur aarohi se kam thodi na ho.."

Soniya pehle to hasi fir uske gal par kiss karke boli..

"Akhir behene hai hum log, kuch to common hoga na.."

Fir dono aise hi haste khelte ghar ko pahuch gaye. Arun jaise hi andar ghusa to dekha ki supriya kuch kapde liye apne room me ja rahi thi. Arun ko dekhkar usne smile kiya lekin turant hi uske hath se kapde fars par gir pade. To usne arun ki taraf sexy smile pass kari fir jhuk kar kapde uthane lagi. Usne aaj skirt pehni thi..to jhukne ke karan skirt thodi upar uth gayi to uski chikni safed jaanghein arun ko dikhne lagi. Soniya bhi tabhi andar aayi to apne hath ko munh par rakhkar hasi ko rokne lagi.

Arun ne ek bar apne sir par hath mara fir ankhen band karke hall me sofe par dusri taraf munh karke baith gaya. Kuch hi second ke bad supriya ne normaly kapde uthaye aur apne room me chali gayi.

"Best sisters in the world..I love them.."

Uske baad sabne kuch time ke liye use pareshan karna band kar diya. raat rak sab kuch normal hi raha. Dinner karke arun ne sabke galon par kiss karke good night kaha to soniya ne bhi sabko good night keh diya aur dono sath sath upar jane lage.

"Good night.." Supriya ne bhi unko kaha lekin jindagi me pehli bar uske chehre par wo smile nahi thi jo hamesha hoti thi.

Upar pahuchkar soniya ne arun ka hath dabakar use rok diya. Arun ne uski ankhon me dekha to dono muskurane lage. Soniya ne age badhkar uske gal par kiss kiya to arun bhi kiss karne ke liye age badha. Soniya ne apna hath uske munh par rakh kar rok diya. Arun confuse hokar use dekhne laga.

"Bhai, main samajh skti hoo ki aap abhi kuch din kuch karna nahi chahte ho. I know apke liye khud ko prove karna kitna important hai. I love aur kuch din to bina sex ke main reh hi skti hoon na."

Arun ko uski bat sunkar uspar aur jyada pyar aane laga. Usne bina kuch bole use bahon me bharkar uthaya aur andar jakar room lock kar diya. Fir pyar se use bed par lita diya aur use kiss karne laga.

"Wow.."Soniya boli jab arun ne uske mathe, ankhon galo, har jagah kiss kar diya.."Lagta hai aaj intezar nahi karna hoga.."

Arun ne use kiss karna chalu rakha, uske kano se lekar uske gardan tak fir gardan se lekar kandhe tak. Soniya ki halki si khilkhilahat aur aahein uske kano me ras gholti ja rahi thi. Usne kamar me hath dal kar use halka sa upar uthaya aur uski tshirt ke sath sath bra ko bhi nikal kar side me dal diya.

Soniya ki masti bhari cheekh nikal gayi jab arun ne jibh bahar nikalkar uske nipple ko munh me bhar liya..soniya ke hath apne aap arun ke sir ko dabane lage to arun uski bat samajh gaya aur apni choosne ki speed ko badha diya aur dusre hath se doodh ko dabane bhi laga. aur ek hath se uski peeth ke niche se upar uthane laga..

"ahhaa,,ummmm..I love you bhai....haah..umm.." Soniya aah bharkar boli..

Arun ne niche badhna start kiya lekin soniya ne rok diya.."Bhai aaj meri bari hai..." Jise sunkar arun ki ankhen chamak gayi. Soniya ne jaldi se use lita diya aur khud uske upar aa kar let gayi. Usne jaldi se pant aur shirt ko utar diya. Boxer ke utarte hi lund pure josh me khada ho gaya jise dekhkar soniya ke chehre par vijayi muskan aa gayi.

"Main goa ke bad se ye karne ko tadap rahi thi.."

Usne dhire se lund ko pakada aur apne munh ko uske upar lake jeebh ko bahar nikla aur supade par jibh fira di. Arun ne masti me ankhen band kar li. Soniya ne bhi der na karte hue lund ke upar apna munh upar niche karna start kar diya.

Mana ki soniya utne ache se nahi choos rahi thi jitna ache se baki dono choosti thi lekin uska choosne ka andaz alag tha bas yahi arun ke liye kafi tha.

"Kya fark padta hai, koi bhi choose..."

Soniya choosti rahi jab tak uski saans thak nahi gayi..fir usne munh ko upar uthaya aur saans bhar ke dhire dhire chatne lagi. Chooste chooste wo arun ki ankhon me dekhne lagi..

Kuch der bad usne apne shorts aur panty ko utar diya aur aage badhkar uske kandhe par apne hath rakh diye aur uske land ke upar apni kamar ko le gayi. Arun ne uski kamar ko pakadkar use sahara diya hua tha.

Jaise jaise uske lund aur uski choot ka milan ho raha tha..soniya ne arun ki ankhon me dekhte hue kaha.."I want to be yours, bhai, hamesha ke liye..I love you.." aur fir apni kamar ko pura lund par dhasa diya. Dono ki aahein nikal gayi is mailan se.."I love you too, gudiya.." Arun ne use kiss karne se pehle kaha. Soniya ne apna chehra niche karke arun ke nipples pe jeebh firane lagi aur sath me apni kamar ko bhi upar niche karti rahi.

"Main sirf apki aur apki hi rehna chahti hoon..huhh.." Soniya bolti rahi. Arun ne apne dhakke tej kar diye aur uske nipples ko pyar karne laga..

"Main sirf aapke lund ko choosna chahti hoon...sirf apke.." Gehri saans lete hue soniya boli..

Soniya ne kamar ko pura upar kiya fir turant hi niche kiya to arun ki aah nikal gayi..

"Oh..my..god..umm.." Arun masti me bola.

"Main chahti hoon aap jab bhi mujhe pyar karo hamesha mere andar apna kaamras dalo...I want you and only you..ahoohmmmmm..." Kamre me sirf chap chap ki awaz aa rahi thi.

Arun ke lund ne ant me sperm chod hi diya aur usne sara ka sara garm sperm soniya ki choot ke andar dal diya. Us garm garm sperm ke ahsaas se soniya bhi jhadne lagi aur dono ek dusre ko sehlate hue ek hi baat bar bar bolne lage.."I love you. I love you.." Climax ke bad dono past hokar bistar par gir pade. Arun waise hi soniya ko apni chhati par rakh rakhe so gaya.

 
अगली सुबह जब अरुण की आँख खुली तो सोनिया अभी भी उसके आगोश मे थी..

"तो कब से गुलामी स्टार्ट करने वाले हो..??" अरुण के दिमाग़ मे उस अंजानी आवाज़ ने चुटकी ली

अरुण हल्के से मुस्कुरा दिया. वो सोच ही रहा था कि कब ये अपनी बात बोलेगा.

"फॉर युवर इन्फर्मेशन, आप अभी तक जीते नही हैं." अरुण ने कहा

"हाहहा, तुम्हे ध्यान है जब ये सेक्सी सी बालिका आपके उपर चढ़ कर आपको प्यार करते हुए अपना बनाने को बोल रही थी.. किस तरीके से मस्ती मे आपके कामरस की माँग कर रही थी जो अपने इसे दिया.." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने कहा

"हां, याद है. लेकिन इसका मतलब ये थोड़ी ना कि तुम जीत गये." अरुण ने फिर उसका विरोध किया

"अच्छा, वो कैसे..?" दिमाग़ की आवाज़ ने कहा

"शर्त ये थी कि मैं तुम्हारी कही हुई बातों को रेज़िस्ट करूँगा. जब तुम मुझे सेक्स करने को कहोगे तब नही करूँगा.." अरुण बोला

"हां, तो वही तो हुआ ना..सबूत सामने है.." दिमाग़ की आवाज़ ने कहा

"हां, लेकिन रात मे तुमने मुझे सोनिया से सेक्स करने के लिए बोला ही कब. तुमने सिर्फ़ एक ही बात बोली उन 4 5 घंटो मे कि कोई भी चूसे क्या फ़र्क पड़ता है. क्यूकी तुमने मुझसे सेक्स करने के लिए कहा ही नही तो बात ना मानने का सवाल ही पैदा नही होता. शर्त मे ये नही था कि मैं अपनी इच्छा से किसी के साथ प्यार नही कर सकता. तो आप अभी तक कुछ नही जीते हैं..ओके.." अरुण ने अपने दिमाग़ की आवाज़ को जवाब दिया

कुछ देर तक एक खामोसी सी छाइ रही. ऐसी खामोशी जो तूफान के आने से पहली होती है. लेकिन तभी जैसे सूनामी आती है वैसे..ही..

"भोसड़ी के, मादरजात, मादरचोद, माँ के लौडे. हरामी, हरामज़ादे, अहसान फरामोश.." और जाने क्या क्या अरुण को सुनाई देता रहा फिर.."ओके..अब तक जितने मज़े लेने थे ले लिए तूने. अब मैं तुझे कोई भी मौका नही देने वाला. तूने एक बार मुझे उल्लू बनाया है अब देख मैं तेरी क्या हालत करवाउन्गा..मादरचोद.." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच चुका था

"ओके, देखा जाएगा आंड बाइ दा वे,,अपने लोगो ने आज तक किसी की भी माँ को नही चोदा है.." अरुण हँसते हुए बोला..

सोनिया ने करवट बदली और उसके हाथ को चूम लिया.."गुड मॉर्निंग, भाई."

"पकड़ और डाल दे अपना लंड मुँह के अंदर. फिर गान्ड को फाड़ दे. सारे कपड़े फाड़ के चोद डाल." अरुण के दिमाग़ मे उस आवाज़ ने कहा

"उसने कुछ भी नही पहना है.."अरुण ने जवाब दिया, फिर पूछा.."थोड़े गुस्से मे हैं क्या हम लोग.." और हल्के से हंस दिया..

"तेरी माँ का..." अरुण के दिमाग़ मे उस आवाज़ ने फिर से गुस्से मे कहा

इसके बाद अरुण और सोनिया दोनो थोड़ी देर किस करते रहे फिर साथ मे ही बाथरूम मे नहाने चले गये. अरुण काफ़ी खुश था कि चलो एक बार तो आवाज़ को मात दे दी . वो ये भी जानता था कि उसने कुछ नही किया था. आवाज़ कल इतनी ज़्यादा एग्ज़ाइटेड थी कल रात कि अरुण तो सेक्स करने जा रहा है तो उसने इंटर्फियर करना ज़रूरी ही नही समझा. लेकिन अब आगे ऐसा कुछ नही होने वाला. फिर इन थॉट्स को दिमाग़ से निकालकर वो सोनिया के साथ शवर का मज़ा लेने लगा. उसके बाद अपने रूम मे तय्यार होकर नीचे ब्रेकफास्ट करने चला गया.

ब्रेकफास्ट तो नॉर्मली निपट गया. तो अरुण अपने रूम मे चला गया. नीचे टेबल पर सोनिया और सुप्रिया अभी भी खा रही थी. सुप्रिया के चेहरे पर तनाव के भाव थे जो सोनिया ने देख लिए. उसने मुस्कुरा कर पूछा.."क्या बात है दी??"

सुप्रिया ने सामने से प्लेट को साइड मे किया फिर कुछ सेकेंड्स चुप रही..

"मैं एक रिक्वेस्ट करना चाहती हूँ?"

सोनिया ने उसे सवालिया नज़रों से देखा.."रिक्वेस्ट..?"

सुप्रिया ने हाँ मे सिर हिला दिया.."हां, और ये थोड़ा अजीब लगेगा सुनने मे लेकिन मैं..मैं और आरोही चाहते हैं कि तुम अरुण के साथ सेक्स नही करोगी..मेरा मतलब है सिर्फ़ कुछ टाइम के लिए.."

"अच्छा, और भला वो क्यू.?" सोनिया ने ठंडी मुस्कान के साथ कहा.

"कम ऑन, सोनिया," सुप्रिया ने विनती वाली टोन मे कहा.."तुम जानती हो हम लोग क्या करने की कोशिश कर रहे हैं. वो बहुत ज़्यादा ही..."

"जिद्दी है?" सोनिया ने बात पूरी करी.

"यस, वैसे महाजिद्दी कहना ज़्यादा ठीक रहेगा." सुप्रिया बोली."हम लोग बस उसे इतना ज़्यादा एग्ज़ाइट करना चाहते हैं कि उससे कंट्रोल ही ना हो और जो भी ये रेज़िस्ट वाली बकवास है ना, वो भूल जाए."

"तो हम लोगो को भी अपने उपर कंट्रोल करना पड़ेगा..?" सोनिया ने थोड़ा धीरे से पूछा.

"नही, ज़रूरी नही है.." सुप्रिया ने जवाब दिया.."मैने पहले भी देखा है कि तुम लोग उसे एग्ज़ाइट करके कितने मज़े लिया करती थी. और अब तो बात ही अलग है, सोचो जब

वो पूरी तरह से एग्ज़ाइटेड हो जाएगा तो कितना मज़ा आएगा."

सोनिया हँसने लगी.."दी, वैसे एक बात कहूँ. अब जब हम तीनो उसके साथ इंटिमेट हैं तो भाई को आराम करने का कुछ चान्स तो देना ही पड़ेगा. सूपरमॅन थोड़ी ना है."

"ये भी है, लेकिन अभी तक तो उसने काफ़ी कंट्रोल किया है जैसे.." सुप्रिया ने ताना मारते हुए कहा..

सोनिया फिर भी हँसती रही.."तो आप चाहती हो मैं भाई के साथ कुछ ना करूँ. तब भी नही जब वो अच्छे से मुझे अपने पास लिटाए हुए हैं, उनका वो..लंड मेरी कमर पर रगड़ रहा है. और आपको पता है जब सुबह उठो और उनका लंड पेट पर चुभ रहा हो तो कितना कंट्रोल करना पड़ता है?"

ये बातें सुन कर सुप्रिया तो किसी सपने मे खो गयी..

"वेल, ये काम थोड़ा मुस्किल होगा..मैं खुद कल उसे ब्लोवजोब दे रही थी और मुझे ही पता है कितनी मुश्किल से मैं उसे बीच मे छोड़कर आई थी. इट वाज़ वेरी वेरी डिफिकल्ट.." सुप्रिया की बात सुन सोनिया खिलखिला कर हँस पड़ी.

."प्लीज़ सोनिया, मेरी बात को समझो. वैसे भी कल रत को तुम्हे उसका प्यार तो मिल ही गया ना. हम लोगो को भी थोड़ा टाइम दो ना. हम दोनो भी उस से उतना ही प्यार करते हैं."

"ओके दी, आपके लिए ये भी सही. और हो सकता है हम लोग उसके कंट्रोल को और जल्दी तोड़ सके.."

"मतलब?" सुप्रिया ने क्यूरीयासिटी के साथ पूछा..

तो सोनिया ने बस बड़ी सी स्माइल दिखा दी.

*******************

"अरुण!" सुप्रिया नीचे से चिल्ला रही थी.

अरुण अपने रूम मे हल्की फुल्की कसरत कर रहा था जब उसने आवाज़ सुनी.."अब क्या चाहिए इन लोगो को. नया प्लान है क्या कोई?"

लेकिन जाना तो पड़ेगा ही. तो वो उठकर नीचे चला गया. सब लोग डाइनिंग टेबल पर थे तो वो भी वही जाके बैठ गया. सुप्रिया कोई लिस्ट बना रही थी. उनकी बातें सुन कर तो ग्रोसरी लिस्ट ही लग रही थी. और लिस्ट देखकर उसके मुँह से गाली निकल ही गयी "बहनचोद..." हालाँकि धीरे.

"ग्रोसरीस?" अरुण ने चेयर पर बैठते हुए पूछा. और उन लोगो को लिस्ट को पूरा करते हुए देखने लगा. तब तक स्नेहा भी आ गयी और उसने भी 10 12 आइटम बढ़ा दिए लिस्ट मे. इतनी लंबी लिस्ट देख कर अरुण ने एक दुख भरी आह भरी.

"इतनी ओवेरक्टिंग की ज़रूरत नही है, स्नेहा जाएगी तुम्हारी हेल्प के लिए.." सुप्रिया ने उसकी तरफ देख कर बोला.

"वाउ, एक पागल के साथ जाना पड़ेगा अब तो.."

"आए, बहेन है अपनी.."

"व्हाटेवेर.."

फिर अरुण ने स्नेहा की ओर देखा तो भी मुस्कुरा दी. अरुण ने सोचा चलो इन तीनो से कुछ देर की मुक्ति तो मिलेगी और स्नेहा से बात करके वैसे भी उसे अच्छा ही फील होता था.

फिर दोनो बाहर जाके कार मे बैठ गये. स्नेहा ने आज सूट पहना हुआ था, नारंगी रंग का जिससे उसकी गोरी काया और ज़्यादा चमक रही थी. उपर से वो क्यूट सा चश्मा. और सूट का टॉप भी था डीप नेक. जब वो कार मे चढ़ि तो थोड़ा झुकने के कारण उसका क्लीवेज सॉफ दिख रहा था. अरुण ने दरवाजा बंद करके अपना दिमाग़ को क्लियर किया और कार को माल की तरफ ले जाने लगा लेकिन स्नेहा चुपचाप अपने ख़यालो मे खोई रही.

"तो दी, थियरी कहाँ तक पहुचि.." अरुण ने बात को स्टार्ट करने के लिए पूछा.

"उम्म, मैं काम ही कर रही थी कि कल से..." वो ये बोलते समय लाल होती जा रही थी..

अरुण समझ गया कि कल जो कुछ आरोही ने किया था उसकी वजह से स्नेहा थोड़ी एंबॅरास्ड है..

"दी, आइ'म सॉरी उन सबके लिए..और ख़ासकर जो आरोही ने किया उसके लिए आइ'म रियली सॉरी.."

स्नेहा ने नर्वस होकर अपने बालो की लट को पीछे किया...

"वो..वो..थोड़ा आ..आ.जीब था.." स्नेहा थोड़ा हकलाकर बोली.

"हॉट था,...हॉट..पागल कहीं की." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने गुस्से से कहा

"हे, ज़बान संभाल के.." अरुण ने अपने दिमाग़ की आवाज़ को उसकी औकात दिखाई

"तो दी, कुछ नया मिला अभी तक.."

"हां..." स्नेहा बोलने को हुई लेकिन फिर अपने निचले होठ को काटने लगी. अरुण उसे देखकर समझ गया कि वो एंबॅरेस्ड है..

"दी, आप क्यो परेशान हो रही हो. मैं हूँ जो अपने ही घर मे अपनी तीन बहेनॉ के साथ इंटिमेट हूँ. आप कुछ भी बोलो, आपकी इमेज मेरे लिए कभी खराब नही होने वाली. उपर से मुझे तो खुशी है कि कम से कम एक बहेन तो ऐसी है जो मुझे सिड्यूस करने पर नही तुली हुई है.."

स्नेहा ने हल्के से हँस दिया..

"वेल, तो जो कुछ भी आरोही ने किया माना कि तुम्हे एग्ज़ाइट करने के लिए किया लेकिन..मुझे भी कुछ हुआ...जैसा कि तुम्हारे साथ हुआ था.." स्नेहा ने अपनी चूनर के छोर को मरोडते हुए कहा.."और जब वो वो सब कर रही थी, मेरा मन कह रहा था कि वो ना रुके.."

अरुण के जहेन मे दोबारा वही सीन प्ले होने लगा. सोनिया उंगली से क्लीवेज पर पड़ा पेस्ट उठाकर चाट रही है फिर स्नेहा को चटा रही है..

"देखा, इट'स हॉट बेबी. अब मूठ मार इसके मुँह पर.." अरुण के दिमाग़ मे फिर से आवाज़ ने कमेंट पास किया

अरुण को हल्की सी हँसी आ गयी तो स्नेहा उसकी तरफ देखने लगी.."दी, मैं समझ सकता हूँ आप क्या कहना चाहती हो..रियली." तो स्नेहा थोड़ा रिलॅक्स हो गयी.."अच्छा तो ये बताओ थियरी का क्या रिज़ल्ट निकला? अपने पता कर लिया कि क्यू तीनो एक दम से मेरे साथ इंटिमेट होने लगी हैं?"

स्नेहा उसकी बात ख़त्म होने से पहले ही अपना सिर ना मे हिला रही थी.."नहीं, मुझे और डेटा चाहिए."

"और डेटा?" अरुण ने सोचा, फिर उसे थोड़ी घबराहट होने लगी कि ये किस डाइरेक्षन मे जा रही हैं.

"तूने सही कहा था, इसके बातें सुन कर सही मे अच्छा लगता है..हाहहः." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने फिर से कहा

"कैसे दी.."

"वो ऐसे, अगर मुझे समझना है कि हमारी बहने क्यू अपने ही भाई के साथ इंटिमेट होना चाहती हैं, ऐसा क्या है तुममे जो बाहर नही है उसे समझाने के लिए मुझे भी खुद को इसमे शामिल करना होगा. मेरे हिसाब से तो यही सबसे अच्छा सल्यूशन है?" स्नेहा किसी किताब की लाइन की तरह बोलती चली गयी.

अरुण के पैर ब्रेक पर कसते चले गये...

"व्हाट??"

"व्हाट नही, कब पूछ कब.."

"हां, जब तक मैं तुम्हारे साथ इंटिमेट नही होती तब तक मैं कोई रिज़ल्ट नही निकल पाउन्गी."

"भाई, कभी कभी तू भी सही काम कर देता है. और मैं अपने वर्ड्स वापस लेता हूँ, शी ईज़ जीनियस. आइ लव हर.उम्म्मा...पुचह. लेकिन ये इस तरीके से क्यू बोल रही है जैसे हम लोगो के साथ सोना कोई बहुत बुरी चीज़ है." अरुण के दिमाग़ में उस आवाज़ ने कहा

इस बात पर अरुण भी अग्री हुआ..

"दी, व्हाट आर यू सेयिंग?" अरुण ने दोबारा पूछा.

"अरुण, जितनी बार मैने इस के सल्यूशन के बारे मे सोचा उतनी बार मुझे हमारा किस याद आ गया और मेरी इच्छा दोबारा तुम्हे किस करने की होने लगी. तो हो सकता है तुम्हारे साथ इंटिमेट होके मैं पता लगा सकूँ कि क्यू वो सब और मैं भी तुम्हारी तरफ इतने अट्रॅक्टेड हैं."

"गाड़ी साइड मे कर, और लंड ठूंस दे मुँह मे.." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने बेसब्री से कहा

"कोई मौका नही छोड़ने वाले ना..?" अरुण ने उस आवाज़ को जवाब दिया

"यॅ बेबी.." दिमाग़ मे आवाज़ गूँजी

"दी, आप समझ रही हो ना आपने अभी क्या कहा. आंड बाइ दा वे मैं आपका भाई हूँ आंड आइ लव यू सो मच. आपको किस चाहिए था तो आप मुझसे कभी भी माँग सकती थी."

अरुण ने मुस्कुरा कर कहा तो स्नेहा भी उसकी ओर देखकर मुस्कुराने लगी. तब तक दोनो माल पहुच चुके थे. माल मे जाके अरुण का काम हमेशा होती था ट्रॉल्ली को पीछे पीछे ले जाना तो आज भी कुछ अलग नही होने वाला था. अरुण स्नेहा के पीछे पीछे ट्रॉल्ली लेकर एक जगह से दूसरी जगह घूमने लगा. आगे चलती स्नेहा की गान्ड पर अपनेआप ही अरुण की निगाह पड़ गयी तो वो उसी के मज़े लेने लगा.

"एक चपत मार ना.." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने अरुण को कहा

Agli subah jab arun ki ankh khuli to soniya abhi bhi uske aghosh me thi..

"To kab se gulami start karne wale ho..??"

Arun halke se muskura diya. Wo soch hi raha tha ki kab ye apni bat bolega.

"For your information, aap abhi tak jeete nahi hain."

"Hahahaa, tumhe dhyan hai jab ye sexy si balika apke upar chadh kar apko pyar karte hue apna banane ko bol rahi thi.. Kis tarike se masti me apke kaamras ki mang kar rahi thi jo apne ise diya.."

"Haan, yaad hai. Lekin iska matlab ye thodi na ki tum jeet gaye."

"Acha, wo kaise..?"

"Shart ye thi ki main tumhari kahi hui baton ko resist karunga. Jab tum mujhe sex karne ko kahoge tab nahi karunga.."

"Haan, to wahi to hua na..saboot samne hai.."

"Haan, lekin raat me tumne mujhe soniya se sex karne ke liye bola hi kab. Tumne sirf ek hi bat boli un 4 5 ghanto me ki koi bhi choose kya fark padta hai. Kyuki tumne mujhse sex karne ke liye kaha hi nahi to baat na manane ka sawal hi paida nahi hota. Shart me ye nahi tha ki main apni icha se kisi ke sath pyar nahi kar skta. To aap abhi tak kuch nahi jeete hain..okay.."

Kuch der tal ek khamosi si chhayi rahi. Aisi khamoshi jo tufan ke aane se pehli hoti hai. Lekin tabhi jaise sunami aati hai waise..hi..

"Bhosdi ke, madarjaat, madarchod, maa ke laude. harami, haramjade, ahsan faramos.." Aur jane kya kya arun ko sunai deta raha fir.."Okay..ab tak jitne maje lene the le liye tune. Ab main tujhe koi bhi mauka nahi dene wala. Tune ek bar mujhe ullu banaya hai ab dekh main teri kya halat karwaunga..madarchod.."

"Okay, dekha jayega and by the way,,apne logo ne aaj tak kisi ki bhi maa ko nahi choda hai.." Arun haste hue bola..

Soniya ne karwat badli aur uske hath ko choom liya.."Good morning, bhai."

"Pakad aur daal de apna lund munh ke andar. Fir gaand ko faad de. Sare kapde faad ke chod dal."

"Usne kuch bhi nahi pehna hai.."Arun ne jawab diya, fir pucha.."Thode gusse me hain kya hum log.." Aur halke se has diya..

"Teri maa ka..."

Iske bad arun aur soniya dono thodi der kiss karte rahe fir sath me hi bathroom me nahane chale gaye. Arun kafi khush tha ki chalo ek bar to awaz ko maat de di . Wo ye bhi janta tha ki usne kuch nahi kiya tha. Awaz kal itni jyada excited thi kal rat ki arun to sex karne ja raha hai to usne interfere karna jaruri hi nahi samjha. Lekin ab aage aisa kuch nahi hone wala. Fir in thoughts ko dimag se nikalkar wo soniya ke sath shower ka maja lene laga. Uske bad apne room me tayyar hokar niche breakfast karne chala gaya.

Breakfast to normally nipat gaya. To arun apne room me chala gaya. Niche table par soniya aur supriya abhi bhi kha rahi thi. Supriya ke chere par tanav ke bhav the jo soniya ne dekh liye. Usne muskurakar pucha.."Kya baat hai di??"

Supriya ne samne se plate ko side me kiya fir kuch seconds chup rahi..

"Main ek request karna chahti hoon?"

Soniya ne use sawaliyan najaron se dekha.."Request..?"

Supriya ne haa me sir hila diya.."Haan, aur ye thoda ajeeb lagega sunane me lekin main..main aur aarohi chahte hain ki tum arun ke sath sex nahi karogi..mera matlab hai sirf kuch time ke liye.."

"Acha, aur bhala wo kyu.?" Soniya ne thandi muskan ke sath kaha.

"Come on, soniya," Supriya ne vinti wali tone me kaha.."tum janti ho hum log kya karne ki kosis kar rahe hain. Wo bahut jyada hi..."

"Jiddi hai?" Soniya ne bat puri kari.

"Yes, waise mahajiddi kehna jyada thik rahega." Supriya boli."Hum log bas use itna jyada excite karna chahte hain ki usse control hi na ho aur jo bhi ye resist wali bakwas hai na, wo bhul jaye."

"To hum logo ko bhi apne upar control karna padega..?" Soniya ne thoda dhire se pucha.

"Nahi, jaruri nahi hai.." Supriya ne jawab diya.."Maine pehle bhi dekha hai ki tum log use excite karke kitne maje liya karti thi. Aur ab to baat hi alag hai, socho jab

wo puri tarah se excited ho jayega to kitna maja aayega."

Soniya hasne lagi.."Di, waise ek bat kahoon. Ab jab hum teeno uske sath intimate hain to bhai ko araam karne ka kuch chance to dena hi padega. Superman thodi na hai."

"Ye bhi hai, lekin abhi tak to usne kafi control kiya hai jaise.." Supriya ne tana marte hue kaha..

Soniya fir bhi hasti rahi.."To aap chahti ho main bhai ke sath kuch na karu. Tab bhi nahi jab wo ache se mujhe apne pas litaye hue hain, unka wo..lund meri kamar par ragad raha hai. Aur apko pata hai jab subah utho aur unka lund pet par chubh raha ho to kitna control karna padta hai?"

Ye batein sun kar supriya to kisi sapne me kho gayi..

"Well, ye kam thoda muskil hoga..Main khud kal use blowjob de rahi thi aur mujhe hi pata hai kitni muskil se main use beech me chodkar aayi thi. It was very very

difficult.." Supriya ki bat sun soniya khikhilakar has padi.."Please soniya, meri bat ko samjho. Waise bhi kal rat ko tumhe uska pyar to mil hi gaya na. Hum logo ko bhi thoda time do na. Hum dono bhi us se utna hi pyar karte hain."

"Ok di, apke liye ye bhi sahi. Aur ho skta hai hum log uske control ko aur jaldi tod sake.."

"Matlab?" Supriya ne curiosity ke sath pucha..

To soniya ne bas badi si smile dikha di.

*******************

"Arun!" Supriya niche se chilla rahi thi.

Arun apne room me halki fulki kasrat kar raha tha jab usne awaj suni.."Ab kya chahiye in logo ko. Naya plan hai kya koi?"

Lekin jana to padega hi. To wo uthkar niche chala gaya. Sab log dining table par the to wo bhi wahi jake baith gaya. Supriya koi list bana rahi thi. Unki batein sun

kar to grocery list hi lag rahi thi. Aur list dekhkar uske munh se gali nikal hi gayi "Behenchod..." halanki dheere.

"Groceries?" Arun ne chair par baithate hue pucha. Aur un logo ko list ko pura karte hue dekhne laga. Tab tak sneha bhi aa gayi aur usne bhi 10 12 item badha diye list me. Itni lambi list dekh kar arun ne ek dukh bhari aah bhari.

"Itni overacting ki jarurat nahi hai, Sneha jayegi tumhari help ke liye.." supriya ne uski taraf dekh kar bola.

"Wow, ek pagal ke sath jana padega ab to.."

"Ae, behen hai apni.."

"Whatever.."

Fir arun ne sneha ki or dekha to bhi muskura di. Arun ne socha chalo in teeno se kuch der ki mukti to milegi aur sneha se bat karke waise bhi use acha hi feel hota

tha.

Fir dono bahar jake car me baith gaye. Sneha ne aaj suit pehna hua tha, narangi rang ka jisse uski gori kaya aur jyada chamak rahi thi. Upar se wo cute sa chasma. Aur suit ka top bhi tha deep neck. Jab wo car me chadhi to thoda jhukne ke karan uska cleavage saaf dikh raha tha. Arun ne darwaja band karke apna dimag ko clear kiya aur car ko mall ki taraf le jane laga lekin Sneha chuchap apne khayalo me khoyi rahi.

"To di, theory kaha tak pahuchi.." Arun ne bat ko start karne ke liye pucha.

"Umm, main kam hi kar rahi thi ki kal se..." Wo ye bolte samay laal hoti ja rahi thi..

Arun samajh gaya ki kal jo kuch aarohi ne kiya tha uski wajah se sneha thodi embarrassed hai..

"Di, I'm sorry un sabke liye..aur khaskar jo aarohi ne kiya uske liye I'm really sorry.."

Sneha ne nervous hokar apne balo ki lat ko piche kiya...

"Wo..wo..thdoa a..a.jib tha.." Sneha thoda haklakar boli.

"Hot tha,...hot..pagal kahi ki."

"HEY, jaban sambhal ke.."

"To di, kuch naya mila abhi tak.."

"Haan..." sneha bolne ko hui lekin fir apne nichle hoth ko katne lagi. Arun use dekhkar samajh gaya ki wo embarrased hai..

"Di, aap kyo pareshan ho rahi ho. Main hoon jo apne hi ghar me apni teen beheno ke sath intimate hoon. Aap kuch bhi bolo, apki image mere liye kabhi kharab nahi hone wali. Upar se mujhe to khushi hai ki kam se kam ek behen to aisi hai jo mujhe seduce karne par nahi tuli hui hai.."

Sneha ne halke se has diya..

"Well, to jo kuch bhi aarohi ne kiya mana ki tumhe excite karne ke liye kiya lekin..mujhe bhi kuch hua...jaisa ki tumhare sath hua tha.." sneha ne apni chunar ke chor ko marodte hue kaha.."Aur jab wo wo sab kar rahi thi, mera man keh raha tha ki wo na ruke.."

Arun ke jehen me dobara wahi scene play hone laga. Soniya ungli se cleavage par pada paste uthakar chaat rahi hai fir sneha ko chata rahi hai..

"Dekha, it's hot baby. Ab muth mar iske munh par.."

Arun ko halki si hasi aa gayi to sneha uski taraf dekhne lagi.."Di, main samajh skta hoon aap kya kehna chahti ho..really." To sneha thoda relax ho gayi.."Acha to ye batao theory ka kya result nikla? Apne pata kar liya ki kyu teeno ek dum se mere sath intimate hone lagi hain?"

Sneha uski baat khatm hone se pehle hi apna sir naa me hila rahi thi.."Naah, mujhe aur data chahiye."

"Aur data?" Arun ne socha, fir use thodi ghabrahat hone lagi ki ye kis direction me ja rahi hain.

"Tune sahi kaha tha, iske batein sun kar sahi me acha lagta hai..hahahah."

"Kaise di.."

"Wo aise, agar mujhe samajhana hai ki hamari behene kyu apne hi bhai ke sath intimate hona chahti hain, aisa kya hai tumme jo bahar nahi hai use samjhane ke liye mujhe bhi khud ko isme shamil karna hoga. Mere hisab se to yahi sabse acha solution hai?" sneha kisi kitab ki line ki tarh bolti chali gayi.

Arun ke pair break par kaste chale gaye...

"What??"

"What nahi, kab puch kab.."

"Haan, jab tak main tumhare sath intimate nahi hoti tab tak main koi result nahi nikal paungi."

"Bhai, kabhi kabhi tu bhi sahi kam kar deta hai. Aur main apne words wapas leta hoon, she is genius. I love her.ummma...puchhhh. Lekin ye is tarike se kyu bol rahi hai jaise hum logo ke sath sona koi bahut buri chiz hai."

Is bat par arun bhi agree hua..

"Di, what are you saying?" Arun ne dobara pucha.

"Arun, jitni bar maine is ke solution ke bare me socha utni bar mujhe hamara kiss yad aa gaya aur meri icha dobara tumhe kiss karne ki hone lagi. To ho skta hai

tumhare sath intimate hoke main pata laga saku kyu wo sab aur main bhi tumhari taraf itne attracted hain."

"Gadi side me kar, aur lund thoos de munh me.."

"Koi mauka nahi chodne wale na..?"

"Yeah baby.."

"Di, aap samajh rahi ho na aapne abhi kya kaha. And by the way main apka bhai hun and I love you so much. Apko kiss chahiye tha to aap mujhse kabhi bhi mang skti thi."

Arun ne muskurakar kaha to sneha bhi uski or dekhkar muskurane lagi. tab tak dono mall pahuch chuke the. Mall me jake arun ka kaam hamesha hoti tha trolly ko piche piche le jana to aaj bhi kuch alag nahi hone wala tha. Arun sneha ke piche piche trolly lekar ek jagah se dusri jagah ghumne laga. Aage chalti sneha ki gaanD par apneaap hi arun ki nigah pad gayi to wo usi ke maje lene laga.

"Ek chapat maar na.."

 
अरुण को लड़कियों की गान्ड देखकर काफ़ी मज़ा आता था वैसे. उपर से जब वो चल रही हो तो जिस तरीके से मटकती थी तब तो कहना ही क्या. स्नेहा ने एक बॉटल उठाकर ट्रॉली मे डाली तो उसकी नज़रो ने अरुण की नज़रो को देख लिया. उसे समझते देर नही लगी कि अरुण गान्ड को देख रहा है. अरुण ने तुरंत ही अपने नज़रें उपर करी तो उसके क्लीवेज पर टिक गयी. लेकिन स्नेहा ने स्माइल दी और बिना कुछ कहे आगे चलती रही. अरुण भी अब उसके पीछे चलता रहा.

"बाइ दा वे, अरुण, आइ नीड सम हेल्प."

"बूब मसाज.." दिमाग़ की आवाज़ ने फ़ौरन चुटकी ली

"हां दी, बोलो ना..आपके लिए तो कुछ भी"

स्नेहा ने हल्के से उसके हाथ पर मार दिया.."चल मस्केबाज़. मैं कह रही हूँ कि..."

"बोलो ना दी.."

"मैं आज तक कभी किसी डेट पर नही गयी. मैं जानना चाहती हूँ कि डटे पर कैसा लगता है. ऐसा नही है कि मेरे फ्रेंड्स ने मुझे पूछा नही डेट पर ले जाने के लिए. एक दो लड़को ने पूछा था लेकिन मैं डर जाती हूँ हर बार कि कहीं मैं कुछ गड़बड़ ना कर दूं.."

"बस इतनी सी प्राब्लम.." अरुण ने चैन की साँस लेते हुए कहा. उसने तो पता नही क्या सोच लिया था.

"मेरे लिए बड़ी प्राब्लम है.." स्नेहा दुखी मन से बोली.

"नो, नो, दी मेरा कहने का वो मतलब नही थी. मुझे तो बस चैन पड़ गया कि आप की हेल्प बाकियों की तरह नही है. अगर बाकी किसी को हेल्प चाहिए होती तो...हुहह" अरुण साँस छोड़ते हुए बोला तो स्नेहा ट्रॉली मे डालते हुए हँसने लगी.

"ऑफ कोर्स, मैं आपकी हेल्प करूँगा.."

"तो क्या हम लोग डिन्नर पर चले?"

"जब आप कहे मेडम.."

स्नेहा ने खुश होके उसके गाल चूम लिए. फिर दोनो काफ़ी देर तक शॉपिंग करते रहे. थोड़ी देर के बाद स्नेहा उसके सामने झुक कर ट्रॉली के अंदर समान को उलट पुलट करने लगी..

"दी, अब आप ये जानबूझकर कर रही हो,," अरुण क्लीवेज की सुंदरता को देखते हुए बोला.

"मेबी.." स्नेहा ने हासकर कहा.

ऐसे ही दोनो ने शॉपिंग ख़तम करी. फिर कार मे समान रख कर घर की तरफ चल दिए.

घर मे ग़ैराज मे पहुचने से पहले अरुण ने पूछा.."तो दी कब चलना है?"

"आज रात कैसा रहेगा?" स्नेहा ने बड़ी होप के साथ उस से पूछा..

अरुण ने स्नेहा की तरफ देखा तो तभी उसके दिमाग़ मे कुछ स्ट्राइक हुआ. स्नेहा किसे छोटे बच्चे की तरह उसकी तरफ देख रही थी और कुछ खिलोना माँगने की ज़िद कर रही हो ऐसा लग रहा था. उसका चेहरा थोडा आगे था, उस पर वो क्यूट सा चश्मा, 3 4 लटे आगे की तरफ आ रही थी. पीछे से सूरज की किरणें आकर उसके बालो को सुनहरापन दे रही थी. वो बिल्कुल सोनिया की तरह प्यारी लग रही थी और उपर से उसके चेहरे पर वो दिल लुभाने वाली मुस्कान. अरुण की नज़रें बस उसके चेहरे को ही देखे जा रही थी.

"बूब्स देख ना, चेहरे मे क्या है.." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने उसे सजेशन दिया

"टुनाइट ईज़ दा बेस्ट.." अरुण ने उसका सिर चूम के कहा..

"कभी तो बात मान लिया कर" अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने फिर विनती की

उसके बाद दोनो समान निकालकर अंदर ले गये जहाँ सुप्रिया समान को छाँटने लगी. अरुण समान का लास्ट बॅग लेकर किचन के काउंटर के पास खड़ा हो गया और सुप्रिया को समान रखते देखने लगा. सुप्रिया ने बॅग से केच्युप की बॉटल निकाली और अरुण के जस्ट सामने आकर उसकी उपर वाली सेल्फ़ पर केच्युप रखा तो उसके बूब्स अरुण की छाती मे चुभ गये. केच्युप रखने के बाद सुप्रिया ने अरुण को और दबाया और हाथ नीचे ले जाकर लंड को सहलाने लगी..

"तो मेरे बच्चे को कोई गिफ्ट चाहिए इतनी मेहनत करने के लिए.." सुप्रिया ने कहा

"यस, यस बोल यस...." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने कहा

"आह..आ..नो.नो.." अरुण ने बड़ी मुस्किल से कहा..

"ओके, जैसी तुम्हारी मर्ज़ी." सुप्रिया एक दम से हटी और दूसरा समान निकालने लगी.

...................

तब तक आरोही नीचे आ गयी और सीधे स्नेहा के पास जाके खड़ी हो गयी..

"मेरी चीज़..." आरोही बिल्कुल बॉस के अंदाज़ मे बोली..

स्नेहा ने हँस के उसके हाथ मे चॉक्लेट का एक्सट्रा लार्ज बार दे दिया. तो आरोही ने खुशी मे कूद कर उसे गले लगा लिया तभी उसकी नज़र अरुण पर पड़ी तो एक नॉटी स्माइल दी फिर स्नेहा का चेहरा पकड़ लिया. और जल्दी से अपने होठ स्नेहा के होठों पर रख दिए साथ मे जीभ को भी अंदर तक डाल दिया.

स्नेहा का मुँह अपने आप ही खुलता चला गया और उसका हाथ अपनी इच्छा से आरोही के सिर पर चला गया और दोनो एक दूसरे के होठ चूसने लगी. अरुण ने अपने चेहरे पर हाथ मारा और उपर जाने लगा.

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उसे उपर जाते देख आरोही ने किस तोड़ दिया..और स्नेहा के गाल पर किस कर दिया..

"भाई तुम्हे भी तो कुछ मिलना चाहिए ना इतनी मेहनत के लिए.." ये बोलते बोलते वो तेज़ी से भागी और कूद कर अरुण के उपर चढ़ गयी. अरुण ने एक दम से उसे उछलते देखा तो उसे गिरने से बचाने के लिए हवा मे ही पकड़ लिया. लेकिन इस चक्कर मे आरोही का काम हो गया उसने गोद मे आते ही अपने होठ अरुण के होठों मे पेवस्त कर दिए और तेज़ी से उसकी जीभ के साथ खेलने लगी.

आरोही के एक हाथ मे चॉक्लेट अभी भी थी. तब तक सोनिया भी आ गयी. "ऊवू चॉक्लेट," इतना बोलकर उसने आरोही के हाथ से चॉक्लेट छीन ली और सोफे की तरफ भागने लगी. आरोही जल्दी से अरुण की गोद से उतरी और सोनिया के पीछे भागी.

"आए, वो मेरी चॉक्लेट है, इधर दे चोर कहीं की.." अरुण बेचारा वहाँ बेवकूफो की तरह खड़ा रहा. वो अभी तक किस के अहसास से ही बाहर नही आ पाया था.

पूरे घर मे सोनिया और आरोही की हँसी की आवाज़ें गूंज़ने लगीं. स्नेहा भी अरुण की तरह अभी भी जड़वत खड़ी थी. आरोही की हरकत ने उसे भी अचंभित कर दिया था.

उधर सोनिया जैसे ही सीढ़ियों की तरफ दौड़ी पीछे से आरोही उसके उपर कूद पड़ी तो दोनो फर्श पर गिर पड़ी.

सोनिया हँसते हँसते चॉक्लेट को आरोही से दूर रखने की कोशिस मे लगी हुई थी..तब तक आवाज़ सुनकर सुप्रिया भी बाहर आ गयी.."क्या हो रहा है..." उसने दोनो को ऐसे देखा तो वो भी हँसने लगी..

आरोही सोनिया को हिलने से रोक रही थी.."दी, हेल्प करो ना जल्दी.." आरोही ने सोनिया का एक हाथ पकड़ते हुए सुप्रिया से कहा. तो सुप्रिया भी जल्दी से आई और अपने हाथों से सोनिया के हाथ पकड़ने लगी. अब तो आरोही ने सोनिया के पेट पर अपनी उंगलियों से हमला बोल दिया, सोनिया बहुत ही तेज़ी से हँसने लगी. वो इधर उधर हिल डुल कर छूटने की कोसिस कर रही थी लेकिन कोई फ़ायदा नही हुआ.

"उंगलियों की जगह अपने लंड से गुदगुदा..ज़्यादा मज़ा आएगा" अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने उसे सजेशन दिया

अरुण ने अपना सिर हिलाया और बाकी सब को नज़रअंदाज़ करते हुए उपर जाने लगा.

उधर स्नेहा वही तले के पास रखी चेयर पर बैठकर हँसे जा रही थी.."दी, आप नही आओगे.." आरोही ने खड़े होकर एक स्माइल के साथ स्नेहा को देखा.
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स्नेहा के चेहरे पर घबराहट के भाव आ गये, लेकिन तब तक तीनो हँसते हुए उसके पास आ गये और एक दम से उसके उपर कूद पड़े. और तीनों ने स्नेहा के गुदगुदी करना शुरू कर दिया. स्नेहा छटपटाते हुए हँसने लगी, हँसने के चक्कर मे उसके दो तीन धाँसे भी लग गये.

"आअ...अरुण, हेल्प.." स्नेहा बड़ी मुस्किल से हँसी के बीच मे बोली.

अरुण भी एक दम से पलटा और दौड़ कर पास मे आया. उसने एक हाथ आरोही की कमर मे डाला और उसे कंधे के उपर डाल दिया और दूसरे हाथ से सुप्रिया को पीछे खीचने लगा. आरोही उसकी पीठ पर हल्के हल्के घुसे मारने लगी.."नीचे उतारो, दिस ईज़ चीटिंग.." उधर सुप्रिया भी छूटने के लिए हाथ पैर चला रही थी.

"दी, पीछे का दरवाजा खोलो..जल्दी.." अरुण ने स्नेहा से कहा जो तब तक सोनिया से आज़ाद हो गयी थी..वो जल्दी से भागी और पीछे का दरवाजा खोल दिया.

"नो, नो..अरुण ये नही, ये नही.हाहाहा..मार खाओगे..एयेए" सुप्रिया उसके इरादे समझ कर बोली. लेकिन अरुण ने दोनो की एक ना सुनी और दोनो को अपने साथ लेके सीधे पूल के अंदर डाल दिया.

स्नेहा और अरुण दोनो साइड मे खड़े होकर अपना पेट पकड़कर हँसने लगे और दोनो को चिढ़ाने लगे. लेकिन तुरंत ही एक छपाक की आवाज़ आई और दोनो पानी के अंदर थे. उपर सोनिया खड़ी होकर उन चारो पर हँस रही थी. अरुण ने जल्दी से अपने आप को संभाला और सोनिया को भी पूल मे खींच लिया. फिर पाँचो हँसने लगे और साथ मे खेलने लगे. सब लोगो के पेट मे हँस हासकर दर्द होने लगा तो सब सुस्ताने लगे.

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अरुण ने सोचा इससे पहले कि ये लोग उसके उपर टूट पड़े भाग लेना सही होगा तो वो जल्दी से घर के अंदर भाग गया.

धीरे धीरे बाकी सब भी अंदर आ गये. सुप्रिया ने सबको अंदर जाने से पहले टवल दे दी. फिर सब अपने अपने रूम मे चले गये. आरोही लेकिन अरुण के रूम मे गयी तो वो अंदर क्रंचस मार रहा था. कानो मे हेडफोन थे और आँखें बंद थी. तो आरोही बिना आवाज़ किए उसके पास गयी और जैसे ही अरुण नीचे हुआ उसके सीने पर बैठ गयी.

अरुण ने अपने उपर वजन का अहसास पाकर आँखें खोली..तो सामने आरोही अपने भीगे टॉप को उतार रही थी..आरोही ने उसकी तरफ मुस्कुराते हुए अपने टॉप को उतार दिया फिर ब्रा को भी...

"भाई अब तो चोद डाल.,प्लीज़.." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने अरुण से रिकवेस्ट की

आरोही ने आगे झुककर अपने दूध को अरुण के होठों पर रख दिया तो अरुण के होठ अपने आप खुलते चले गये. जैसे ही अरुण के गर्म होठ निपल पर पड़े आरोही ने और कस के अपना भार उसके उपर डाल दिया. अरुण भी मस्ती मे उसके ठंडे हो चुके निपल्स और दूध को चाटने लगा.

थोड़ी देर के बाद वो उठी और अरुण के होंठो पर किस कर दिया..और अपनी चूत को लोवर के उपर से ही लंड पर रगड़ने लगी..

"चोद दे, इससे पहले कि ये चली जाए, चोद दे.." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने उसे फिर से चेताया
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लेकिन अरुण जब तक कुछ कर पाता तब तक आरोही खड़ी हुई और अपने उपर टवल डाली और चुपचाप बाहर चली गयी.. अरुण वही पड़े पड़े खुद को कोस्ता रहा..

"आइ फक्किंग हेट यू, भोसड़ी वाले, मादरचोद..फिर खड़े लंड पर धोका" दिमाग़ की आवाज़ ने गुस्से से कहा

"यॅ, आइ हेट माइसेल्फ टू.." अरुण सिर को ज़मीन मे पटकते हुए बोला..

Arun ko ladkiyon ki gaanD dekhkar kafi maja aata tha waise. Upar se jab wo chal rahi ho to jis tarike se matakati thi tab to kehna hi kya. Sneha ne ek bottle uthakar trolley me dali to uski najro ne arun ki najro ko dekh liya. Use samjhate der nahi lagi ki arun gaanD ko dekh raha hai. Arun ne turant hi apne najarein upar kari to uske cleavage par tik gayi. Lekin sneha ne smile di aur bina kuch kahe aage chalti rahi. Arun bhi ab uske piche chalta raha.

"By the way, arun, I need some help."

"Boob massage.."

"Haan di, bolo na..aapke liye to kuch bhi"

Sneha ne halke se uske hath par mar diya.."Chal maskebaz. Main keh rahi hoon ki..."

"Bolo na di.."

"Main aaj tak kabhi kisi date par nahi gayi. Main janana chahti hoon ki date par kaisa lagta hai. Aisa nahi hai ki mere friends ne mujhe pucha nahi date par le jane ke liye. Ek do ladko ne pucha tha lekin main dar jati hun har bar ki kahi main kuch gadbad na kar doon.."

"Bas itni si problem.." arun ne chain ki saans lete hue kaha. Usne to pata nahi kya soch liya tha.

"Mere liye badi problem hai.." Sneha dukhi man se boli.

"No, no, di mera kehne ka wo matlab nahi thi. Mujhe to bas chain pad gaya ki aap ki help bakiyon ki tarah nahi hai. Agar baki kisi ko help chahie hoti to...huhhh" Arun

saas chodte hue bola to sneha trollye me dalte hue hasne lagi.

"Of course, main apki help karunga.."

"To kya hum log dinner par chale?"

"Jab aap kahe madam.."
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Sneha ne khush hoke uske gaal choom liye. Fir dono kafi der tak shopping karte rahe. Thodi der ke bad sneha uske samne jhuk kar trolley ke andar saman ko ulat pulat karne lagi..

"Di, ab aap ye janbujhkar kar rahi ho,," Arun cleavage ki sundarata ko dekhte hue bola.

"Maybe.." Sneha ne haskar kaha.

Aise hi dono ne shopping khatam kari. Fir car me saman rakh kar ghar ki taraf chal diye.

Ghar me garrage me pahuchne se pehle arun ne pucha.."To di kab chalna hai?"

"Aaj rat kaisa rahega?" Sneha ne badi hope ke sath us se pucha..

Arun ne sneha ki taraf dekha to tabhi uske dimag me kuch strike hua. Sneha kise chote bache ki tarah uski taraf dekh rahi thi aur kuch khilona mangne ki jid kar rahi ho aisa lag raha tha. Uska chehra thoda aage tha, us par wo cute sa chasma, 3 4 late aage ki taraf aa rahi thi. Piche se suraj ki kirane aakar uske balo ko sunahrapan de rahi thi. Wo bilkul soniya ki tarah pyari lag rahi thi aur upar se uske chehre par wo dil lubhane wali muskan. Arun ki najarein bas uske chehre ko hi dekhe ja rahi thi.

"Boobs dekh na, chehre me kya hai.."

"Tonight is the best.." Arun ne uska sir choom ke kaha..

"Kabhi to bat man liya kar"

Uske bad dono saman nikalkar andar le gaye jahan supriya saman ko chantne lagi. Arun saman ka last bag lagar kitchen ke counter ke pas khada ho gaya aur supriya ko saman rakhte dekhne laga. Supriya ne bag se ketchup ki bottle nikali aur arun ke just samne aakar uski upar wali self par ketchup rakha to uske boobs arun ki chati me chubh gaye. Ketchup rakhne ke bad supriya ne arun ko aur dabaya aur hath niche le jakar lund ko sehlane lagi..

"To mere bachche ko koi gift chahiye itni mehnat karne ke liye.."

"Yes, yes bol yes...."

"Ah..aa..no.no.." Arun ne badi muskil se kaha..

"Okay, jaisi tumhari marji." Supriya ek dum se hati aur dusra saman nikalne lagi.

Tab tak aarohi niche aa gayi aur seedhe sneha ke pas jake khadi ho gayi..

"Meri chiz..." Aarohi bilkul boss ke andaz me boli..

Sneha ne has ke uske hath me Chocolate ka extra large bar de diya. To aarohi ne khusi me kud kar use gale laga liya tabhi uski najar arun par padi to ek naughty smile di fir sneha ka chehra pakad liya. Aur jaldi se apne hoth sneha ke hothon par rakh diye sath me jibh ko bhi andar tak dal diya.

Sneha ka munh apne aap hi khulta chala gaya aur uska hath apni icha se aarohi ke sir par chala gaya aur dono ek dusre ke hoth chusne lagi. Arun ne apne chehre par hath mara aur upar jane laga.

Use upar jate dekh aarohi ne kiss tod diya..aur sneha ke gal par kiss kar diya..

"Bhai tumhe bhi to kuch milna chahiye na itni mehnat ke liye.." Ye bolte bolte wo teji se bhagi aur kud kar arun ke upar chadh gayi. Arun ne ek dum se use uchalte

dekha to use girne se bachane ke liye hawa me hi pakad liya. Lekin is chakkar me aarohi ka kam ho gaya usne god me aate hi apne hoth arun ke hothon me pevast kar diye aur teji se uski jeebh ke sath khelne lagi.

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Aarohi ke ek hath me chocolate abhi bhi thi. Tab tak soniya bhi aa gayi. "Oooh chocolate," itna bolkar usne aarohi ke hath se chocolate chin li aur sofe ki taraf

bhagne lagi. Aarohi jaldi se arun ki god se utari aur soniya ke piche bhagi.

"Ae, wo meri chocolate hai, idhar de chor kahi ki.." Arun bechara waha bevkoofo ki tarah khada raha. Wo abhi tak kiss ke ahsaas se hi bahar nahi aa paya tha.

Pure ghar me soniya aur aarohi ki hasi ki awazein gunzane lagin. Sneha bhi arun ki tarah abhi bhi jadwat khadi thi. Aarohi ki harkat ne use bhi achambhit kar diya tha.

Udhar soniya jaise hi seedhiyon ki taraf daudi piche se aarohi uske upar kood padi to dono farsh par girl padi.

Soniya haste haste chocolate ko aarohi se dur rakhne ki kosis me lagi hui thi..tab tak awaz sunkar supriya bhi bahar aa gayi.."kya ho raha hai..." Usne dono ko aise

dekha to wo bhi hasne lagi..

Aarohi soniya ko hilne se rok rahi thi.."Di, help karo na jaldi.." Aarohi ne soniya ka ek hath pakadte hue supriya se kaha. To supriya bhi jaldi se aayi aur apne hathon se soniya ke hath pakadne lagi. Ab to aarohi ne soniya ke pet par apni ungliyon se hamala bol diya, soniya bahut hi teji se hasne lagi. Wo idhar udhar hil dul kar chhotne ki kosis kar rahi thi lekin koi fayda nahi.

"Ungliyon ki jagah apne lund se gudguda..jyada maja aayega"

Arun ne apna sir hilaya aur baki sab ko nazarandaz karte hue upar jane laga.

Udhar Sneha wahi tale ke pas rakhi chair par baithkar hase ja rahi thi.."Di, aap nahi aaoge.." Aarohi ne khade hokar ek smile ke sath sneha ko dekha.

Sneha ke chehre par ghabrahat ke bhav aa gaye, lekin tab tak teeno haste hue uske pas aa gaye aur ek dum se uske upar kood pade. Aur teenon ne sneha ke gudgudi karna shuru kar diya. Sneha chatpatate hue hasne lagi, hasne ke chakkar me uske do teen dhanse bhi lag gaye.

"Aa...arun, help.." Sneha badi muskil se hasi ke bich me boli.

Arun bhi ek dum se palta aur daud kar pas me aaya. Usne ek hath aarohi ki kamar me daala aur use kandhe ke upar dal diya aur dusre hath se supriya ko piche khichne laga. Aarohi uski peeth par halke halke ghuse marne lagi.."Niche utaro, this is cheating.." udhar supriya bhi chutne ke liye hath pair chala rahi thi.

"Di, piche ka darwaja kholo..jaldi.." Arun ne sneha se kaha jo tab tak soniya se azad ho gayi thi..wo jaldi se bhagi aur piche ka darwaja khol diya.

"no, no..arun ye nahi, ye nahi.hahaha..mar khaoge..aaa" Supriya uske irade samajh kar boli. Lekin arun ne dono ki ek na suni aur dono ko apne sath leke sidhe pool ke andar daal diya.

Sneha aur arun dono side me khade hokar apna pet pakadkar hasne lage aur dono ko chidhane lage. Lekin turant hi ek chapak ki awaz aayi aur dono pani ke andar the. Upar soniya khadi hokar un charo par has rahi thi. Arun ne jaldi se apne aap ko sambhala aur soniya ko bhi pool me khinch liya. Fir pachon hasne lage aur sath me khelne lage. Sab logo ke pet me has haskar dard hone laga to sab sastane lage.

Arun ne socha isse pehle ki ye log uske upar toot pade bhag lena sahi hoga to wo jaldi se ghar ke andar bhag gaya.

Dhire dhire baki sab bhi andar aa gaye. Supriya ne sabko andar jane se pehle towel de di. Fir sab apne apne room me chale gaye. Aarohi lekin arun ke room me gayi to wo andar crunches maar raha tha. Kano me headphone the aur ankhen band thi. To aarohi bina awaz kiye uske pas gayi aur jaise hi arun niche hua uske seene par baith gayi.

Arun ne apne upar wajan ka ahsaas pakar ankhen kholi..to samne aarohi apne bhige top ko utar rahi thi..aarohi ne uski taraf muskurate hue apne top ko utar diya fir bra ko bhi...

"Bhai ap to chod daal.,plz.."

Aarohi ne aage jhukkar apne doodh ko arun ke hothon par rakh diya to arun ke hoth apne aap khulte chale gaye. Jaise hi arun ke garm hoth nipple par pade aarohi ne aur kas ke apna bhar uske upar dal diya. Arun bhi masti me uske thande ho chuke nipples aur doodh ko chatne laga.

Thodi der ke bad wo uthi aur arun ke hotho par kiss kar diya..aur apni choot ko lower ke upar se hi lund par ragadne lagi..

"Chod de, isse pehle ki ye chali jaye, chod de.."

Lekin arun jab tak kuch kar pata tab tak aarohi khadi hui aur apne upar towel dali aur chupchap bahar chali gayi.. Arun wahi pade pade khud ko kosta raha..

"I fucking hate you, bhosdi wale, madarchod..fir klpd"

"Yeah, i hate myself too.." arun sir ko jameen me patakte hue bola..

 
"आइ फक्किंग हेट यू, भोसड़ी वाले, मादरचोद..फिर खड़े लंड पर धोका" दिमाग़ की आवाज़ ने गुस्से से कहा

"यॅ, आइ हेट माइसेल्फ टू.." अरुण सिर को ज़मीन मे पटकते हुए बोला..

इसके बाद अरुण दोपहर भर कुछ ना कुछ काम करता रहा. थोड़ी देर नॉवेल पढ़ी, कुछ देर कंप्यूटर पर काम किया, कुछ देर ऐसे ही लेटा रहा. लेकिन पूरे टाइम उसके दिमाग़ मे आवाज़ ने अपना राग अलापना बंद नही किया, वो बार बार उसे नीचे जाकर किसी को चोदने की बात करती ही रही.

इन बातों का असर भी हुआ, हालाँकि अरुण नीचे नही गया लेकिन उसे वो सब सीन याद आने लगे जब उसकी बहनो ने उसे एग्ज़ाइट करने की कोशिस करी थी. कैसे सुप्रिया उसे बीच ब्लॉजॉब मे छोड़ के चली गयी, फिर आरोही का यूँ दूधों को उसके मूह मे देना.

अरुण के दिमाग़ मे बार बार यही सीन्स साइकल के रूप मे चलने लगे लेकिन बाद मे सुप्रिया पर आकर रुक गये, जब वो उसकी आँखों मे देखकर लंड को पूरे जोश के साथ चूस रही थी.

उस टाइम उसकी इच्छा तो हो रही थी कि बस उसका सिर पकड़कर पूरा का पूरा लंड मूह के अंदर घुसेड दे.

"सुप्रिया दी कितना खुश होती. उन्हे तेरा रस कितना ज़्यादा पसंद है." उस आवाज़ ने जैसे अरुण को याद दिलाया

"ऐसी बातें करना कब बंद करोगे?"

"कभी नही ." उस आवाज़ ने कहा

अरुण ने घड़ी मे देखा तो अभी 5 बजे थे. उसने और स्नेहा ने 7 बजे एक रेस्टोरेंट मे मिलने का प्लान बनाया था. उन दोनो ने घर पर नही बताया था. स्नेहा ने बहाना बना दिया था कि वो अपनी फ्रेंड पलक के घर जा रही है कोई प्रॉजेक्ट है उसमे हेल्प करने.

तो अभी 3 घंटे थे तो अरुण 2 घंटे तक सोता रहा, फिर अच्छे से तय्यार होकर बाहर जाने लगा. गेट पर पहुच कर उसने आवाज़ देकर बता दिया कि वो बाहर जा रहा है. उसकी आवाज़ सुन कर सुप्रिया हॉल मे आ गयी.

"कहाँ जा रहे इतने बन ठन कर?"

"रंडी चोदने, बोल" अरुण के दिमाग़ मे आवाज़ ने कहा

"मूवी.."

"अकेले?"

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"नही, रोहित है ना उसी के साथ. वो वही थियेटर मे मिल जाएगा."

"ओके" सुप्रिया ने थोड़ा दुखी होके कहा लेकिन फिर बहुत ही सेक्सी आवाज़ मे बोली "पक्का तुम्हे किसी और को ले जाने की ज़रूरत न्ही है. जैसे कि 'मैं'?" सुप्रिया ने मैं कहते वक़्त अपने हाथ से दूध को दबा दिया. और उसको दिखा कर आह भरने लगी.

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"विल यू प्लीज़ फक हर?" अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने कहा

अरुण ने उसकी इस हरकत को देखकर थूक को निगल लिया.."गॉड, आइ रियली वॉंट टू फक हर."

"तो जा ना रोका किसने है?" आवाज़ ने फिर कहा

सुप्रिया को उसकी हालत देखकर हँसी आ गयी. फिर वो मुड़कर टेबल पर रखी टवल उठाने लगी. "हॅव फन, स्वीतू." उसने टवल फोल्ड करते हुए कहा. तो अरुण उसके पीछे आ गया और पीछे से उसकी टीशर्ट मे हाथ डाल कर उसके बूब्स को पकड़ लिया. दोनो एक दूसरे से इस कदर चिपके थे कि अरुण का लंड सुप्रिया की गान्ड पर अच्छे से चिपका हुआ था. लंड का अहसास गान्ड पर पड़ते ही सुप्रिया की आह निकल गयी, सुप्रिया उसे किस करने के लिए उसकी ओर मूडी तो अरुण उसकी आँखों मे ही झाँकने लगा.

"दी आप जानती हो ना मैं हमेशा आपको रेज़िस्ट नही कर पाउन्गा.." इतना कह कर अरुण ने उसके गाल काट लिए..

सुप्रिया ने भी अपना हाथ उसके गले मे डाल दिया.."मैं खुद कंट्रोल नही कर सकती.." और उसे किस करने लगी.."लेकिन जाने से पहले वादा करो, जल्दी ही तुम हम लोगो के पास आ जाओगे."

"आइ प्रॉमिस, दी" अरुण ने उसके गले पर अपने दाँतों के निशान डाल दिए.

उसके बाद दोनो थोड़ी देर एक दूसरे को चूमते रहे फिर अरुण जल्दी से बाहर चला गया.

वो कार से डिसाइड करे हुए रेस्टोरेंट में पहुचा. और जाके रिज़र्व्ड सीट पर बैठ गया. थोड़ी देर ही हुई थी कि स्नेहा रेस्टोरेंट के एंट्रेन्स पर आई.

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बाल पीछे की ओर किए हुए थे. वन पीस डार्क ब्लू सूट, डीप नेक जिसमे से तिल के सहित अच्छा ख़ासा क्लीवेज नज़र आ रहा. सही तरीके से तराशे हुए पैर. अरुण तो पलके झपकाना तक भूल गया और जब वो अरुण की तरफ स्टाइल से चलते हुए आई तो काफ़ी लोगो की नज़र सिर्फ़ उस पर थी.

अरुण उसके नज़दीक आते आते खड़ा हो गया और उसके गाल पर किस किया. "यू लुक अमेज़िंग" अरुण ने कहा "दी" फिर दी धीरे से कह दिया. ये सुन कर स्नेहा के चेहरे पर मिलियन डॉलर स्माइल आ गयी जिसने उसके चाँद से मुखड़े को और रोशन कर दिया.

"थॅंक यू," उसने सिंप्ली जवाब दे दिया.

फिर दोनो आराम से बैठ गये. कुछ ही सेकेंड्स मे वेटर आया और ड्रिंक्स का ऑर्डर लेके चला गया. अरुण ने नोटीस किया कि वेटर अपनी नज़रें स्नेहा के क्लीवेज से हटा ही नही पा रहा था लेकिन स्नेहा को तो इस बात का आभास भी नही था वो तो बस मेनू को बड़े गौर से पढ़े जा रही थी.

अरुण को स्नेहा की इस मासूमियत पर प्यार आ गया लेकिन वेटर पर थोड़ा सा गुस्सा. वेटर थोड़ी देर मे ही ड्रिंक्स लेकर आया और जितनी देर उसने टेबल पर चीज़े सेट करी पूरे टाइम बस स्नेहा के क्लीवेज को देखता रहा. जैसे ही वापस गया स्नेहा ने आगे होकर अरुण से पूछा..

"वो मेरे ब्रेस्ट्स देख रहा था, है ना?"

"युवर क्लीवेज..दी" अरुण ने थोड़ा सा हँसकर कहा.."हां, देख रहा था. लेकिन आप उस पर गुस्सा भी नही कर सकती. आप हो ही इतनी खूबसूरत."

स्नेहा के चेहरे पर लाली छा गयी, "थॅंक यू, अगेन." उसने दोबारा थॅंक यू कह दिया.

"तो आपके पास डेट से रिलेटेड कोई क्वेस्चन्स हैं?" अरुण ने अपनी ड्रिंक का सीप लेते हुए पूछा.

स्नेहा ने भी सीप लिया फिर कुछ सेकेंड्स सोचने के बाद कहा,"वेल, मैं इस से पहले कभी किसी डेट पर आई नही हूँ, तो मुझे पता नही कि क्या करना सही होता है, क्या ग़लत..या फिर आख़िर मे करना ही क्या होता है?"

अरुण मुस्कुरा दिया. "दी आप टेन्षन मत लो. अभी तक आपने सब ठीक किया है. आंड आइ ट्रूली बिलीव आप डेट के एंड तक भी सब अच्छा ही करोगी. आप बस ये मानो कि मैं वो हूँ जो आपको पसंद है."

"इसमे ज़्यादा मुश्किल नही होनी चाहिए." उसने हँस कर जवाब दिया.

अरुण के दिल मे ये बात सुन कर गिटार बजने लगे.

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"तो कोई भी लड़का, इन और केस यू, क्या एक्सपेक्ट करता है एक डेट मे?"

"शी'स जोकिंग वित मी, राइट? उसके कहने का मतलब.." अरुण के दिमाग़ मे उस आवाज़ ने कहा

"उन्हे पता भी नही है कि तुम जैसा भी है कोई इस दुनिया मे," अरुण ने आवाज़ को इंट्रप्ट करते हुए सोचा,"और नही मुझे नही पता वो किस बारे मे पूछ रही हैं?"

"ओके, आएँ,,क्याअ?" आवाज़ ने फिर पूछा

"जस्ट, शट अप." अरुण ने मन मे उस आवाज़ को झिड़का

"उम्म्म, दी, ये डिपेंड करता है आइ थिंक, मेन्ली फर्स्ट डेट मे लोग एक दूसरे को रियली जानने की कोसिस करते हैं. एक तरीके से ये थोड़ा फन्नी भी है क्यूकी कोई भी डेट पर ऐसे आक्ट नही करता जैसे कि वो रियली हैं. ज़्यादातर लोग यही दिखाते रहते हैं जो वो है ही नही, या फिर वो इंसान जो सामने वाला पसंद करता है. तो कभी कभी एंड मे प्रिटेंड करने के चक्कर मे सब गड़बड़ हो ही जाती है."

"तो मुझे जस्ट स्नेहा ही रहना है?" स्नेहा ने डाइरेक्ट्ली पूछ लिया.

"मोस्ट्ली, हां, ज़्यादातर फर्स्ट डेट्स काफ़ी ईज़ी होती हैं अगर आप सिंपल रहो तो. दी, रिलेशन्षिप्स टेक टाइम. और ये भी गॅरेंटी नही है कि डेट एंड मे सक्सेस्फुल हो ही जाए. और इसी बात पर मुझे ये स्मझ मे नही आ रहा कि आप मुझसे इन चीज़ो के बारे मे क्यू पूछ रही हो. मुझे खुद ज़्यादा एक्सपीरियेन्स नही है इस फील्ड मे."

"यार, मैं ऐसे किसी और लड़के को जानती ही नही हूँ जिससे इस बारे मे पूछ सकूँ. मेरी लाइफ मे सिर्फ़ तुम ही अकेले लड़के हो जिसके मैं इतने ज़्यादा करीब हूँ, आंड आइ आम अड्मिटिंग इट नाउ, आइ'म लिट्ल बीट अट्रॅक्टेड टू यू ऑल्सो." उसने आख़िरी लाइन बोलते समय अपनी आँखें टेबल पर झुका दी.

अरुण भी ये सुनकर खुश हो गया. और उसने अपने हाथ से उसका चेहरा उपर उठा दिया.

"तो, इस सबका आपकी थियरी से क्या रीलेशन?"

स्नेहा काफ़ी खुश हो अरुण के क्न्सर्न को देखकर. "ये तो मुझे भी पक्का नही है. "और एक बात बताऊ, आज जब आरोही मुझे किस कर रही थी..तो..आइ वांटेड....मोर."

अरुण उसकी बात समझ के मुस्कुरा दिया.

"आइ नो, दी. वो कुछ ज़्यादा ही पोवर्स्वेसिव है और जब एग्ज़ाइटेड हो तब अग्रेसिव."

स्नेहा हल्के से हँस दी.

अरुण ने तब उसी बात को आगे किया. "बाइ दा वे, जब मुझे किस किया तब अच्छा नही लगा था?" वो किसी बच्चे के तरह नाराज़ होकर बोला.

"यही तो प्राब्लम है. मैं तुम्हारे साथ भी वही फील करती हूँ. मैं आगे बढ़कर कुछ करना चाहती हूँ लेकिन क्या करूँ, बस यही नही पता. यूष्यूयली मेरे सामने कोई प्राब्लम आती है तो मैं उस पर रिसर्च करती हूँ, फिर जो बेस्ट तरीका होता है प्राब्लम सॉल्व करने का वो यूज़ करती हूँ. लेकिन इस केस मे मुझे कुछ समझ मे नही आ रहा. और मैं एंबॅरस भी नही होना चाहती."

"आपको वो दिन याद है अभी 20 दिन पहले जब मैं पूल सॉफ कर रहा था?" अरुण ने पूछा " और आप, सोनिया और आरोही वही पास मे थे."

"यॅ" स्नेहा उसकी ओर उत्सुकता से देखकर बोली "तुम पूल के अंदर जा कर सफाई कर रहे थे. फिर गर्मी के कारण तुमने अपनी टीशर्ट उतार दी. और फिर पाइप से सिर पर पानी डालने लगे थे." स्नेहा का चेहरा लाल हो गया ये बोलते वक़्त.

"हां और उसके बाद जब मैं अंदर गया तो हमेशा की तरह सुप्रिया दी ने वही पर मेरे गीले कपड़े उतरवाए. लेकिन इस चक्कर मे मेरा एरेक्षन उनके मूह से टकरा गया जो कि आप तीनो की वजह से था. आंड आप सोच नही सकती की वो कितना ज़्यादा एंबॅरसिंग था मेरे लिए."

"I fucking hate you, bhosdi wale, maadarachod..fir khde lund par dhoka"

"Yeah, i hate myself too.." arun sir ko jameen me patakte hue bola..

Iske baad arun dopahar bhar kuch na kuch kam karta raha. Thodi der novel padhi, kuch der computer par kaam kiya, kuch der aise hi leta raha. Lekin pure time awaz ne apna raag alapna band nhi kiya, wo bar bar use niche jakar kisi ko chodne ki bat karti hi rahi.

In baton ka asar bhi hua, halanki arun niche nhi gaya lekin use wo sab scene yaad ane lage jab uski beheno ne use excite karne ki kosis kari thi. Kaise supriya use bich blowjob me chod ke chali gayi, fir aarohi ka yun doodhon ko uske mooh me dena.

Arun ke dimag me bar bar yahi scenes cycle ke roop me chalne lage lekin bad me supriya par aakar ruk gaye, jab wo uski ankhon me dekhkar lund ko pure josh ke sath choos rahi thi.

Us time uski icha to ho rahi thi ki bas uska sir pakadkar pura ka pura lund mooh ke andar ghused de.

"Supriya di kitna khush hoti. Unhe tera ras kitna jyada pasand hai."

"Aisi baatein karna kab band karoge?"

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"Kabhi nhi."

Arun ne ghadi me dekha to abhi 5 baje the. Usne aur sneha ne 7 baje ek restaurant me milne ka plan banaya tha. Un dono ne ghar par nhi bataya tha. Sneha ne bahana bana diya tha ki wo apni friend Palak ke ghar ja rahi hai koi project hai usme help karne.

To abhi 3 ghante the to arun 2 ghante tak sota raha, fir ache se tayyar hokar bahar jane laga. Gate par pahuch kar usne awaz dekar bata diya ki wo bahar ja raha hai. Uski awaz sun kar supriya hall me aa gayi.

"Kaha ja rahe itne ban than kar?"

"Randi chodne, bol"

"Movie.."

"Akele?"

"Naah, Rohit hai na usi ke sath. Wo wahi theatre me mil jayega."

"Okay" Supriya ne thoda dukhi hoke kaha lekin fir bahut hi sexy awaz me boli "Pkka tumhe kisi aur ko le jane ki jarurat nhi hai. Jaise ki 'Main'?" Supriya ne main kehte waqt apne hath se doodh ko daba diya. Aur usko dikha kar aah bharne lagi.

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"WILL YOU PLEASE FUCK HER?"

Arun ne uski is harkat ko dekhkar thook ko nigal liya.."God, I really want to fuck her."

"To ja na roka kisne hai?"

Supriya ko uski halat dekhkar hasi aa gayi. Fir wo mudkar table par rakhi towel uthane lagi. "Have fun, sweetu." Usne towel fold karte hue kaha. To arun uske piche aa gaya aur piche se uski tshirt me hath dal kar uske boobs ko pakad liya. Dono ek dusre se is kadar chipke the ki arun ka lund supriya ki gand par ache se chipka hua tha. Lund ka ahsaas gand par padte hi supriya ki aah nikal gayi, supriya use kiss karne ke liye uski or mudi to arun uski ankhon me hi jhakne laga.

"Di aap janti ho na main hamesha aapko resist nhi kar paunga.." Itna keh kar arun ne uske gaal kat liye..

Supriya ne bhi apna hath uske gale me dal diya.."Main khud control nhi kar skti.." Aur use kiss karne lagi.."Lekin jane se pehle waada karo, jaldi hi tum hum logo ke paas aa jaoge."

"I promise, di" Arun ne uske gale par apne danto ke nishan dal diye.

Uske bad dono thodi der ek dusre ko choomte rahe fir arun jaldi se bahar chala gaya.

Wo car se decide kare hue restuarant pahucha. Aur jake reserved seat par baith gaya. Thodi der hi hui thi ki sneha restaurant ke entrance ar aayi.
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Baal piche ki or kiye hue the. One piece dark blue suit, deep neck jisme se til ke sahit acha khasa cleavage najar aa raha. Sahi tarike se tarashe hue pair. Arun to palke jhapkana tak bhool gaya aur jab wo arun ki taraf style se chalte hue aayi to kafi logo ki najar sirf us par thi.

Arun uske najdeek aate aate khada ho gaya aur uske gaal par kiss kiya. "You look amazing" Arun ne kaha "di" fir di dheere se keh diya. Ye sun kar sneha ke chehre par million dollar smile aa gayi jisne uske chand se mukhde ko aur roshan kar diya.

"Thank you," Usne simply jawab de diya.

Fir dono aram se baith gaye. Kuch hi seconds me waiter aaya aur drinks ka order leke chala gaya. Arun ne notice kiya ki waiter apni najarein sneha ke cleavage se hata hi nahi pa raha tha lekin sneha ko to is bat ka abhas bhi nhi tha wo to bas menu ko bade gaur se padhe ja rahi thi.

Arun ko sneha ki is masumiyat par pyar aa gaya lekin waiter par thodi si gussa. Waiter thodi der me hi drinks lekar aaya aur jitni der usne table par cheeze set kari pure time bas sneha ke cleavage ko dekhta raha. Jaise hi wapas gaya sneha ne aage hokar arun se pucha..

"Wo mere breasts dekh raha tha, hai na?"

"Your cleavage..di" Arun ne thoda sa haskar kaha.."Haan, dekh raha tha. Lekin aap us par gussa bhi nahi kar skti. Aap ho hi itni khoobsurat."

Sneha ke chehre par laali chaa gayi, "Thank you, again." usne dobara thankyou keh diya.

"To aapke pas date se related koi questions hain?" Arun ne apni drink ka sip lete hue pucha.

Sneha ne bhi sip liya fir kuch seconds sochne ke bad kaha,"Well, main is se pehle kabhi kisi date par aayi nhi hoon, to mujhe pata nhi ki kya karna sahi hota hai, kya galat..ya fir akhir me karna hi kya hota hai?"

Arun muskura diya. "Di aap tention mat lo. Abhi tak aapne sab thik kiya hai. And I truly believe aap date ke end tak bhi sab acha hi karogi. Aap bas ye mano ki main wo hoon jo apko pasand hai."

"Isme jyada mushkil nhi honi chahiye." usne has kar jawab diya.

Arun ke dil me ye bat sun kar guitar bajne lage.

"To koi bhi ladka, in our case you, kya expect karta hai ek date me?"

"She's joking with me, right? Uske kehne ka matlab.."

"Unhe pata bhi nhi hai ki tum jaisa bhi hai koi is duniya me," Arun ne awaz ko interrupt karte hue socha,"Aur nhi mujhe nhi pata wo kiss bare me puch rahi hain?"

"Okay, ayen,,kyaaa?"

"Just, shut up."

"Ummm, di, ye depend karta hai I think, mainly first date me log ek dusre ko really janane ki kosis karte hain. Ek tarike se ye thoda funny bhi hai kyuki koi bhi date par aise act nhi karta jaise ki wo really hain. Jydatar log yahi dikhate rahte hain jo wo hai hi nhi, ya fir wo insan jo samne wala pasand karta hai. To kabhi kabhi end me pretend karne ke chakkar me sab gadbad ho hi jati hai."

"To mujhe just sneha hi rehna hai?" sneha ne directly puch liya.

"Mostly, haan, jyadatar first dates kafi easy hoti hain agar aap simple raho to. Di, relationships take time. Aur ye bhi guarantee nhi hai ki date end me successful ho hi jaye. Aur isi bat par mujhe ye smajh me nhi aa raha ki aap mujhse in cheezo ke bare me kyu puch rahi ho. Mujhe khud jyada experience nhi hai is field me."

"Yaar, main aise kisi aur ladke ko janti hi nhi hoon jisse is bare me puch sakoon. Meri life me sirf tum hi akele ladke ho jiske main itne jyada kareeb hoon, and I am admitting it now, I'm little bit attracted to you also." Usne akhiri line bolte samay apni ankhen table par jhuka di.

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Arun bhi ye sunkar khush ho gaya. Aur usne apne hath se uska chehra upar utha diya.

"To, is sabka apki theory se kya relation?"

Sneha kafi khush ho arun ke concern ko dekhkar. "Ye to mujhe bhi pkka nahi hai. "Aur ek baat bataun, aaj jab aarohi mujhe kiss kar rahi thi..to..I wanted....more."

Arun uski baat smajh ke muskura diya.

"I know, di. Wo kuch jyada hi pursuasive hai aur jab excited ho tab aggressive."

Sneha halke se has di.

Arun ne tab usi bat ko aage kiya. "By the way, jab mujhe kiss kiya tab acha nhi laga tha?" Wo kisi bache ke tarah naraj hokar bola.

"Yahi to problem hai. Main tumhare sath bhi wahi feel karti hoo. Main age badhkar kuch karna chahti hoon lekin kya karoon, bas yahi nhi pta. Usually mere samne koi problem aati hai to main us par research karti hoon, fir jo best tarika hota hai problem solve karne ka wo use karti hoon. Lekin is case me mujhe kuch samajh me nhi aa raha. Aur main embarrass bhi nhi hona chahti."

"Aapko wo din yad hai abhi 20 din pehle jab main pool saaf kar rha tha?" arun ne pucha " Aur aap, soniya aur aarohi wahi pas me the."

"Yeah" Sneha uski or utsukta se dekhkar boli "Tum pool ke andar ja kar safai kar rahe the. Fir garmi ke karan tumne apni tshirt utar di. Aur fir pipe se sir par pani dalne lage the." Sneha ka chehra laal ho gaya ye bolte waqt.

"Haan aur uske bad jab main andar gaya to hamesha ki tarah supriya di ne wahi par mere gile kapde utarwaye. Lekin is chakkar me mera erection unke muh se takra gaya jo ki aap teeno ki wajah se tha. And aap soch nhi skti ki wo kitna jtyada embarrassing tha mere liye."

 
स्नेहा ड्रिंक पी रही थी. ये बात सुनते ही वो खिलखिलाकर हँस पड़ी. आस पास के लोग उनकी तरफ देखने लगे तो उसने अपने मुँह पर हाथ रख लिया.

"आइ'म सॉरी" वो अभी भी हल्की सी हँस रही थी.." फिर?"

"वही दिन था जब मैं और सुप्रिया दी पहली बार इंटिमेट हुए थे." अरुण ने अपनी ड्रिंक लेते हुए कहा. "मेरा पॉइंट है कि सेक्स या इंटिमेसी कभी कभी बहुत ज़्यादा एंबॅरसिंग भी हो जाती है. ज़रूरी नही है हर टाइम पर्फेक्ट हो. उपर से ये तो मेरा गुड लक है कि मुझे ऐसी बहनें मिली जिन्होने शुरुआत मे होने वाली ग़लतियों को नज़रअंदाज़ कर दिया."

स्नेहा ने बात को समझते हुए हां मे सिर हिला दिया. तब तक उनका खाना भी आ गया तो दोनो उसी को एंजाय करने लगे. खाते खाते अरुण ने पूछा.

"तो दी, डोंट टेक इट रॉंग, लेकिन क्या आपको सेक्स से रिलेटेड कोई एक्सपीरियेन्स नही है?"

"नोप. मैं आज तक किसी के साथ इंटिमेट नही हुई. जितना कुछ हुआ है बस तुम्हारे और आरोही के साथ हुआ है. बाकी कुछ नही. इनफॅक्ट तुम्हारे साथ वाला किस वाज़ माइ फर्स्ट किस. आंड बिलीव मी इट वाज़ पर्फेक्ट." स्नेहा बिना एक पल गवाए जवाब दे दिया.

"ओह माइ गॉड, येस्स्स्स, येस्स्स्स, तेरी सभी बहनें वर्जिन हैं. एसस्स्स्स्सस्स, अगर तू अंदर होता तो मैं तुझे किस कर लेता. आइ लव यू मॅन.." दिमाग़ में उस आवाज़ ने अपनी खुशी प्रकट की

"यक...और कोई बात कह देता" अरुण ने अपने मन में कहा

अरुण उसे देख कर बस मुस्कुरा दिया और खाना ख़ाता रहा.

"वेल, आप मुझसे जो चाहो पूछ सकती हो.."

फिर स्नेहा ने उसकी बात को पकड़ते हुए पूछ ही लिया, "तो हमारी सारी बहनों मे से तुम्हारी फॅवुरेट कौन है?"

अरुण को ये क्वेस्चन सुनकर ठन्सका लग गया. उसने तुरंत ही सामने रखा पानी पी लिया.

"सॉरी," स्नेहा हँसते हुए माफी माँगने लगी.

अरुण हाथ हिला दिया.."कुछ नही दी, बस वो ऐसे ही.."

फिर उसने कुछ पल सोचा. क्या सही मे उसकी कोई फॅवुरेट है भी? आज से पहले तो उसने कभी इस बारे मे सोचा भी नही था.

"बेसिकली, मेरी कोई फॅवुरेट नही है." उसने सच बताते हुए कहा. फिर अपनी आवाज़ को कम करके और आगे झुक गया जिससे आस पास के लोग उनकी बातें ना सुन सकें.."सबकी अपनी अपनी खूबी हैं. जैसे सुप्रिया दी बेस्ट ब्लोवजोब देती हैं. आरोही ईज़ सो वाइल्ड आंड अग्रेसिव," और फिर बहुत ही धीमे से बोला.."और सोनिया, सोनिया के साथ सेक्स नही सिर्फ़ प्यार होता है. ऐसा लगता है जब हम दोनो साथ मे होते हैं तो दो नही एक ही हों."

स्नेहा उसकी आखो मे देखे देखे बात सुन रही थी.

"तो जब तुमने सुप्रिया दी के साथ सेक्स किया, तो क्या...वो...उनका फर्स्ट टाइम था?" स्नेहा भी उतने ही धीरे से पूछती है.

अरुण हां मे सिर हिला देता है.

"दी को क्या तक़लीफ़ हुई थी?" स्नेहा ने एक गंभीर स्वर मे पूछा.

अरुण ने उसकी तरफ देखते हुए अपना सिर हिला दिया. "नही दी, एग्ज़ॅक्ट्ली ऐसा नही है. मेरे हिसाब से ये डिपेंड करता है कि आप किसके साथ हो. मैं जानता था कि अगर मैने जल्दबाज़ी करी तो उन्हे तक़लीफ़ होगी, तो मैने ध्यान रखा, और सब कुछ आराम से किया. माना कि मैं उतना एक्सपीरियेन्स्ड नही हूँ इन मामलो मे लेकिन आइ रियली केयर अबाउट यू ऑल, तो दी को तक़लीफ़ कैसे दे सकता था जहाँ तक मेरा बस चलता."

"यार ये बक्चोदि बंद करो तुम दोनो, जल्दी यहाँ से निकलो और कहीं जाके चुदाई शुरू करो. ये तो मुझे भी पता है कि तुम दोनो यहाँ सब के सामने तो करने वाले हो नही." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने झुंझलाते हुए कहा

"आइ बिलीव, इट हॅड बीन वंडरफुल." स्नेहा ने अपने खाने का एक बाइट लेते हुए कहा.

"हां, मेरे हिसाब से तो ठीक ही था. दी और आरोही काफ़ी एंजाय....." अरुण बोलते बोलते रुक गया, उसके आवाज़ ही गले मे अटक गयी जब उसे रियलाइज़ हुआ कि उसने क्या बोल दिया है. उसने सामने देखा तो स्नेहा की आँखें अचंभे मे प्लेट जितनी बड़ी हो गयी थी.

"बहेन के लौडे....ऐसे ही बता दिया. अब पक्का ये हमारे हाथ से गयी.." अरुण के दिमाग़ में उस आवाज़ ने आवेश मे आते हुए कहा

"आरोही भी तुम्हारे साथ थी, जब तुमने दी के साथ सेक्स किया?" स्नेहा ने पूछा

अरुण अब मना तो कर सकता नही था.

तो उसने सच बताना ही ठीक समझा. "हां, दी, दोनो थी.."

"तो उन लोगो ने आपस मे...?" स्नेहा ने पानी पीते हुए कहना स्टार्ट किया.

अरुण ने कुछ कहा नही बस हां मे सिर हिला दिया.

"ओके, नाउ, अब ये एक वेरियबल है ईक्वेशन मे," स्नेहा किसी साइंटिस्ट की तरह बोलने लगी."वो लोग तुम्हारे साथ ही नही बल्कि एक दूसरे के साथ भी इंटिमेट हैं. वाउ!" फिर कुछ देर वो 'डेटा' को कलेक्ट करती रही फिर दोबारा बोली.."तो अकॉरडिंग टू दिस, इन्सेस्ट रिलेशन्षिप चाहे वो किसी के साथ भी हो इस ऑल्सो इंपॉर्टेंट. दट'स इंट्रेस्टिंग."

अरुण को ज़्यादा कुछ समझ मे नही आया लेकिन फिर भी उसने कंधे उचका कर उसकी बात का समर्थन किया. फिर खाते खाते चारो तरफ देखने लगा कि कहीं कोई आस पास सुन तो नही रहा.

"तो एक और क्वेस्चन, उन्हे तुम्हारे साथ ज़्यादा मज़ा आया या एक दूसरे के साथ?" स्नेहा ने फिर पूछा

"शिट, आख़िर यही क्वेस्चन पूछना था? बता दे तेरे साथ." दिमाग़ मे आवाज़ गूँजी

दोबारा, अरुण के पास कोई जवाब नही था. उसने खुद इस बारे मे कुछ नही सोचा था. और सच तो ये था, कि उसे खुद नही पता था. वो अपने ख़यालो मे खोया हुआ इधर उधर तकने लगा.

आख़िर मे उसने कंधे उचकाकर जवाब दिया.."आइ डॉन'ट नो. हां अगर इस बात को देखा जाए कि वो दोनो ही मुझे पसंद करती हैं, तो दोनो को दोनो कंडीशन मे एक जैसा ही मज़ा आया होगा. या फिर आप दोनो मे से किसी से पूछ सकती है. वैसे आपको बता दूं अभी मैने आरोही के साथ कुछ नही किया है. हम दोनो करते अगले दिन, लेकिन फिर मैने ये शर्त लगा ली."

"चूतिए पक्का तेरे साथ ज़्यादा मज़ा आया होगा. अगर तेरे साथ ज़्यादा मज़ा नही आता तो तुझे एग्ज़ाइट करने की जगह खुद आपस मे अभी तक लेज़्बीयन सीन नही चालू कर देती." अरुण के दिमाग़ में उस आवाज़ ने कहा

इधर स्नेहा अपने ही ख़यालो मे खोई हुई थी. फिर कुछ मिनिट के बाद वो नॉर्मल हुई और अपना खाना ख़त्म करने लगे. वेटर बाद मे आया और बिल देकर आख़िरी बार स्नेहा के क्लीवेज के दर्शन करे और चला गया.

"अब ये बात मुझे क्लियर नही है. अब जब बिल आया है तो क्या मुझे अपने पार्ट्नर के साथ बिल स्प्लिट करना चाहिए या फिर उसे ही पूरा बिल पे करने देना चाहिए? और मान लो अगर मैने उसे पे करने दिया, तो क्या वो रिटर्न मे कुछ नही माँगेगा?"

"दी, नॉर्मली तो लड़का ही पे करता है. और इसका मतलब ये बिल्कुल नही है कि आपको कुछ रिटर्न मे देना पड़ेगा. हां आगे वाली डेट्स पे आप चाहो तो पे कर सकती हो, लेकिन अगर एक सही लड़का होगा तो वो कभी भी आपसे शेयर करने को नही कहेगा. उसने आपको डेट पर पूछा है. आप उसकी मेहमान हो."

फिर उसने बिल पे कर दिया और वेटर की टिप भी रख दी, फिर घूम कर स्नेहा की चेयर पीछे की ओर उसे लेकर दरवाजे की तरफ चल दिया. रेस्टोरेंट के हॉल से निकलते वक़्त उसने अपना हाथ स्नेहा की पीठ पर रख दिया और दरवाजे पर पहुच कर उसके लिए गेट खोला और उसे पहले निकलने दिया.

"दी, अभी तो काफ़ी टाइम है. और उपर से अगर मैं जल्दी चला गया, तो दी कभी बिलीव नही करेगी कि मैं 1 घंटे मे ही मूवी देखकर आ गया." अरुण साथ मे चलते हुए बोला.

स्नेहा काफ़ी खुश लग रही थी.."तो फिर क्या करना चाहिए?"

अरुण कुछ पॅलो तक सोचता रहा. कार तक जाते जाते उसने अपने हाथ स्नेहा की कमर पर ही रखे.."आइडिया."

स्नेहा हँसते हुए बोली.."मुझे तो लगा था कि मुझे कुछ नही देना पड़ेगा.."

"हहा, वेरी फन्नी" अरुण ने उसकी कमर पर चिकोटी काटते हुए कहा.."जस्ट ट्रस्ट मी, दी."

"ओह, आइ ट्रस्ट यू, बेबी." स्नेहा ने भी उसी अंदाज़ मे कहा..

अरुण ने स्नेहा के लिए अपनी कार का दरवाजा खोला फिर उसे बंद कर के ड्राइवर सीट पर बैठ गया.."आपकी कार के लिए हम लोग वापस आ जाएँगे."

स्नेहा ने सिर हिला दिया फिर मज़ाक मे बोली.."तो मुझे तुम्हारे इरादो से घबराना चाहिए कि नही?"

अरुण भी हँस दिया.."नही आज नही. आज मैं खुद को कंट्रोल कर लूँगा. लेकिन आगे से आप थोड़ा होशियार रहना." फिर दोनो हँसने लगे.

वो कुछ देर तक गाड़ी चलाता रहा फिर एक बड़े से पार्क के साइड मे कार रोक दी. उसने कार से एक चादर निकाल ली और स्नेहा का हाथ थाम कर उसे उतारा और पार्क के अंदर चले गये.

"मैने सोचा, आप तारों को देखना ज़्यादा पसंद करोगी."

"भाई सही जगह है, कोई है भी नही. आगे देख काफ़ी बड़े पेड़ हैं और घने भी हैं. और ये मस्ती मे भी है चोद डाल यही." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने अरुण को सुझाव दिया

"ओये, शांत रह भाई." अरुण ने अपने दिमाग़ मे उस आवाज़ से कहा

स्नेहा बस उसे देख कर मुस्कुराए जा रही थी. वो दोनो एक दूसरे का हाथ पकड़े आगे गये फिर एक खुला सा एरिया देखकर वही चादर बिछा दी और दोनो सट कर लेट गये. फिर स्नेहा अरुण को कॉनस्टिलेशन्स और तारों के बारे मे फॅक्ट्स बताने लगी और अरुण भी उसकी बतो को ध्यान से सुनता रहा.

धीरे धीरे काफ़ी टाइम बीत गया तो दोनो कार मे वापस आ गये और अरुण कार को वापस रेस्टोरेंट ले गया.

"थॅंक यू, माइ बेबी, फॉर दिस वंडरफुल ईव्निंग. यू वर रियली स्वीट आंड आइ लव यू." स्नेहा अपनी कार के नज़दीक पहुच कर बोली.

"नो दी, इट वाज़ माइ प्लेषर." अरुण बोला."मुझे आपके साथ बहुत अच्छा लगा. आंड आइ लव यू टू."

फिर दोनो एक दूसरे की ओर देखने लगे.

"अब इसी पार्ट के बारे मे मैं थोड़ी घबराती हूँ."

अरुण हँस पड़ा.."दी मैं आपको खा थोड़ी जाउन्गा.."

"क्यू नही, इतनी टेस्टी तो है." अरुण के दिमाग़ मे उस आवाज़ ने चुटकी ली

"मैं लास्ट बार कह रहा हूँ. शट अप." अरुण ने अपने दिमाग़ की आवाज़ को धमकी दी

स्नेहा ने उसके हाथ पर मार दिया.."ये मैं जानती हूँ, डफर. मुझे बस आइडिया नही है कि क्या करना है या फिर सामने वाला इंसान मुझसे क्या एक्सपेक्ट कर रहा होगा?"

"ओके, अगर डेट अच्छे तरीके से होती है और आपको रियली लड़का पसंद आता है तो एक किस काफ़ी है फर्स्ट डेट के लिए. हां अगर लड़का उतना पसंद नही है, लेकिन डेट सही गयी तो गाल पर भी किस चलेगा. और अगर कुछ भी पसंद नही आया तो झूट बोलने की बिल्कुल ज़रूरत नही है." अरुण उसके करीब होते हुए बोला.

Sneha drink pi rahi thi. Ye bat sunte hi wo khilkhilakar has padi. Aas paas ke log unki taraf dekhne lage to usne apne munh par hath rakh liya.

"I'm sorry" wo abhi bhi halki si has rahi thi.." fir?"

"Wahi din tha jab main aur Supriya di pehli bar intimate hue the." Arun ne apni drink lete hue kaha. "Mera point hai ki sex ya intimacy kabhi kabhi bahut jyada embarrassing bhi ho jati hai. Jaruri nhi hai har time perfect ho. Upar se ye to mera good luck hai ki mujhe aisi behene mili jinhone shuruat me hone wali galtiyon ko najarandaz kar diya."

Sneha ne bat ko samjhte hue haan me sir hila diya. Tab tak unka khana bhi aa gaya to dono usi ko enjoy krne lage. Khate khate arun ne pucha.

"To di, dont take it wrong, lekin kya aapko sex se related koi experience nhi hai?"

"Nope. Main aaj tak kisi ke sath intimate nhi hui. Jitna kuch hua hai bas tumhare aur aarohi ke sath hua hai. Baki kuch nhi. Infact tumhare sath wala kiss was my first kiss. And believe me it was perfect." Sneha bina ek pal gawaye jawab de diya.

"Oh my god, yessss, yessss, teri sabhi behene virgin hain. Yessssssss, agar tu andar hota to main tujhe kiss kar leta. I love you man.."

"Yuck...aur koi bat keh deta"

Arun use dekh kar bas muskura diya aur khana khata raha.

"Well, aap mujhse jo chaho puch sakti ho.."

Fir Sneha ne uski bat ko pakadte hue puch hi liya, "To hamari sari beheno me se tumhari favourite kaun hai?"

Arun ko ye question sunkar dhasa lag gaya. Usne turant hi samne rakha pani pi liya.

"Sorry," Sneha haste hue mafi mangne lagi.

Arun hath hila diya.."Kuch nhi di, bas wo aise hi.."

Fir usne kuch pal socha. Kya sahi me uski koi favourite hai bhi? Aaj se pehle to usne kabhi is bare me socha bhi nhi tha.

"Basically, meri koi favourite nhi hai." Usne sach batate hue kaha. Fir apni awaz ko kam karke aur aage jhuk gaya jisse aas paas ke log unki batein na sun saken.."Sabki apni apni khoobi hain. Jaise Supriya di best blowjob deti hain. Aarohi is so wild and aggressive," aur fir bahut hi dheeme se bola.."Aur Soniya, Soniya ke sath sex nhi sirf pyar hota hai. Aisa lagta hai jab hum dono sath me hote hain to do nhi ek hi hon."

Sneha uski akho me dekhe dekhe bat sun rahi thi.

"To jab tumne Supriya di ke sath sex kiya, to kya...wo...unka first time tha?" Sneha bhi utne hi dhire se puchti hai.

Arun haan me sir hila deta hai.

"Di ko kya taqleef hui thi?" Sneha ne ek gambheer swar me pucha.

Arun ne uski taraf dekhte hue apna sir hila diya. "Nhi di, exactly aisa nhi hai. Mere hisab se ye depend karta hai ki aap kiske sath ho. Main janta tha ki agar maine jaldbaji kari to unhe taqleef hogi, to maine dhyan rakha, aur sab kuch aaram se kkiya. Mana ki main utna experienced nhi hoon in mamlo me lekin I really care about you all, to di ko taqleef kaise de skta tha jaha tak mera bas chalta."

"Yaar ye bakchodi band karo tum dono, jaldi yahan se niklo aur kahi jake chudai shuru karo. Ye to mujhe bhi pata hai ki tum dono yahan sab ke samne to karne wale ho nhi."

"I believe, it had been wonderful." Sneha ne apne khane ka ek bite lete hue kaha.

"Haan, mere hisab se to thik hi tha. Di aur aarohi kafi enjoy....." Arun bolte bolte ruk gaya, uske awaz hi gale me atak gayi jab use realize hua ki usne kya bol diya hai. Usne samne dekha to sneha ki ankhen achambhe me plate jitni badi ho gayi thi.

"Behen ke laude....Aise hi bata diya. Ab pkka ye hamare hath se gayi.."

"Aarohi bhi tumhare sath thi, jab tumne di ke sath sex kiya?"

Arun ab mana to kar skta nhi tha.

To usne sach batana hi thik samjha. "Haan, di, dono thi.."

"To un logo ne apas me...?" Sneha ne pani pite hue kehna start kiya.

Arun ne kuch kaha nhi bas haan me sir hila diya.

"Okay, now, ab ye ek variable hai equation me," Sneha kisi scientist ki tarah bolne lagi."Wo log tumhare sath hi nhi balki ek dusre ke sath bhi intimate hain. Wow!" Fir kuch der wo 'data' ko collect karti rahi fir dobara boli.."To according to this, incest relationship chahe wo kisi ke sath bhi ho is also important. That's interesting."

Arun ko jyada kuch samajh me nhi aaya lekin fir bhi usne kandhe uchka kar uski baat ka samarthan kiya. Fir khate khate charo taraf dekhne laga ki kahi koi aas paas sun to nhi raha.

"To ek aur question, unhe tumhare sath jyada maja aaya ya ek dusre ke sath?"

"Shit, akhir yahi question puchna tha? Bta de tere sath."

Dobara, Arun ke paas koi jawab nhi tha. Usne khud is bare me kuch nhi socha tha. Aur sach to ye tha, ki use khud nhi pata tha. Wo apne khayalo me khoya hua idhar udhar takne laga.

Akhir me usne kandhe uchakakar jawab diya.."I don't know. Haan agar is bat ko dekha jaye ki wo dono hi mujhe pasand karti hain, to dono ko dono condition me ek jaisa hi maja aaya hoga. Ya fir aap dono me se kisi se puch skti hai. Waise aapko bata doon abhi main Aarohi ke sath kuch nhi kiya hai. Hum dono karte agle din, lekin fir maine ye shart laga li."

"Chutiye pkka tere sath jyada maja aaya hoga. Agar tere sath jyada maja nhi aata to tujhe excite karne ki jagah khud apas me abhi tak lesbian scene nhi chalu kar deti."

Idhar Sneha apne hi khayalo me khoyi hui thi. Fir kuch minute ke bad wo normal hui aur apna khana khatm karne lage. Waiter bad me aaya aur bill dekar akhiri bar Sneha ke cleavage ke darshan kare aur chala gaya.

"Ab ye bat mujhe clear nhi hai. Ab jab bill aya hai to kya mujhe apne partner ke sath bill split karna chahiye ya fir use hi pura bill pay karne dena chahiye? Aur man lo agar maine use pay karne diya, to kya wo return me kuch nhi mangega?"

"Di, normally to ladka hi pay karta hai. Aur iska matlab ye bilkul nhi hai ki apko kuch return me dena padega. Haan aage wali dates pe aap chaho to pay kar skti ho, lekin agar ek sahi ladka hoga to wo kabhi bhi apse share karne ko nhi kahega. Usne aapko date par pucha hai. Aap uski mehman ho."

Fir usne bill pay kar diya aur waiter ki tip bhi rakh di, fir ghum kar Sneha ki chair piche ki aur use lekar darwaje ki taraf chal diya. Restaurant ke hall se nikalte waqt usne apna hath Sneha ki peeth par rakh diya aur darwaje par pahuch kar uske liye gate khola aur use pehle nikalne diya.

"Di, abhi to kafi time hai. Aur upar se agar main jaldi chala gaya, to di kabhi believe nhi karegi ki main 1 ghante me hi movie dekhkar aa gaya." Arun sath me chalte hue bola.

Sneha kafi khush lag rahi thi.."To fir kya karna chahiye?"

Arun kuch palo tak sochta raha. Car tak jate jate usne apne hath Sneha ki kamar par hi rakhe.."Idea."

Sneha haste hue boli.."Mujhe to laga tha ki mujhe kuch nhi dena padega.."

"Haha, very funny" arun ne uski kamar par chikoti katate hue kaha.."just trust me, di."

"Oh, I trust you, baby." Sneha ne bhi usi andaz me kaha..

Arun ne Sneha ke liye apni car ka darwaja khola fir use band kar ke driver seat par baith gaya.."Apki car ke liye hum log wapas aa jayenge."

Sneha ne sir hila diya fir majak me boli.."To mujhe tumhare irado se ghabrana chahiye ki nhi?"

Arun bhi has diya.."Nhi aaj nhi. Aaj main khud ko control kar lunga. Lekin aage se aap thoda hoshiyar rehna." Fir dono hasne lage.

Wo kuch der tak gadi chalata raha fir ek bade se park ke side me car rok di. Usne car se ek chadar nikal li aur Sneha ka hath tham kar use utara aur park ke andar chale gaye.

"Maine socha, aap taro ko dekhna jyada pasand karogi."

"Bhai sahi jagah hai, koi hai bhi nhi. Age dekh kafi bade ped hain aur ghane bhi hain. Aur ye masti me bhi hai chod dal yahi."

"Oye, shant reh bhai."

Sneha bas use dekh kar muskuraye ja rahi thi. Wo dono ek dusre ka hath pakade aage gaye fir ek khula sa area dekhkar wahi chadar bicha di aur dono sat kar let gaye. Fir Sneha Arun ko constellations aur taro ke bare me facts batane lagi aur arun bhi uski bato ko dhyan se sunata raha.

Dhire dhire kafi time beet gaya to dono car me wapas aa gaye aur Arun car ko wapas restaurant le gaya.

"Thank you, my baby, for this wonderful evening. You were really sweet and I love you." Sneha apni car ke najdeek pahuch kar boli.

"No di, it was my pleasure." Arun bola."Mujhe aapke sath bahut acha laga. And I love you too."

Fir dono ek dusre ki or dekhne lage.

"Ab isi part ke bare me main thodi ghabrati hoon."

Arun has pada.."Di main apko kha thodi jaunga.."

"Kyu nhi, itni tasty to hai."

"Main last bar keh raha hoon. SHUT UP."

Sneha ne uske hath par mar diya.."Ye main janti hoon, duffer. Mujhe bas idea nhi hai ki kya karna hai ya fir samne wala insan mujhse kya expect kar raha hoga?"

"Okay, agar date ache tarike se hoti hai aur apko really ladka pasand aata hai to ek kiss kafi hai first date ke liye. Haan agar ladka utna pasand nhi hai, lekin date sahi gayi to gaal par bhi kiss chalega. Aur agar kuch bhi pasand nhi aaya to jhoot bolne ki bilkul jarurat nhi hai." Arun uske kareeb hote hue bola.

 
जवाब मे स्नेहा ने अपने होठों को अपनी जीभ से लिक्क कर लिया जैसे ही अरुण ने उसे अपने आगोश मे लिया. स्नेहा के शरीर मे 'कुछ' सेन्सेशन सा दौड़ गया और उसका सिर अपने आप ही तिरछा हो गया जैसे ही अरुण के होठ उसके होठों से मिले. अरुण के हाथ स्नेहा की पीठ से होते हुए उसके बालों मे गये और उसने थोड़ा सा प्रेशर डाल के उसके मूह मे अपनी जीभ डाल दी. स्नेहा भी उतने ही जोश के साथ उसे किस करने लगी.

कुछ सेकेंड्स के बाद, दोनो ने धीरे धीरे होठ अलग किए. फिर स्नेहा उसकी ओर देखती हुई उस से अलग हुई.

"हाउ वाज़ इट?" स्नेहा ने साँस को रोकते हुए पूछा.

अरुण ने पहले तो एक गहरी सास ली फिर उसकी ओर मुस्कुरा आँख मार दी.."दी, यू आर आ वंडरफुल किस्सर. कहाँ से सीखा?" स्नेहा ने भी हँसते हुए कहा."तुम भी ठीक ही थे.." फिर दोनो हँसते लगे और दोबारा एक छोटा सा किस लिप्स पर किया.

"थॅंक यू अगेन, माइ बेबी ब्रदर." स्नेहा उसके गले लगकर बोली.

"माइ प्लेषर, माइ स्वीट दी." फिर अरुण ने उसे उसकी कार मे बैठने मे हेल्प करी फिर वो चली गयी. अरुण उसे जाते हुए देखता रहा फिर अपनी घड़ी की तरफ देख कर जल्दी से कार तक पहुचा और अपनी कार मे बैठकर उसके पीछे पीछे चलने लगा.

"अगर एक बार मम्मे दबा दिए होते, तो क्या नुकसान हो जाता?" अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने कहा

घर पहुच कर अरुण स्नेहा के पीछे पीछे ही घर मे एंटर हुआ. लेकिन गेट पर रुककर वो स्नेहा को अपने रूम मे जाते हुए देखने लगा. अपने रूम पर पहूचकर स्नेहा ने एक बार उसकी तरफ देखकर स्माइल दी और फिर बाइ बोलकर अंदर चली गयी.

उसके बाद अंदर चला गया. सीढ़ियों पर पहुचा ही था कि सुप्रिया की आवाज़ आ गयी..

"तो मूवी कैसी थी?" सुप्रिया की आवाज़ अरुण के कानो मे पड़ी.

"डंब" अरुण उसकी तरफ मुड़कर बोला.

तब तक सुप्रिया उसके पास आ चुकी थी. उसके इतने नज़दीक आने पर अरुण ने नोटीस किया कि वो क्या पहने हुई थी. ना, पहनी हुई कहना सही नही रहेगा. उसने एक वाइट शर्ट पहनी थी जिसके आगे के सारे बटन्स खुले हुए थे, और पर्पल कलर की पैंटी के अलावा कुछ नही.

उसने एक बार जी भर के देखा फिर बड़ी मुश्किल से सिर पीछे मोड़ कर उपर जाने लगा. तभी उपर से सोनिया नीचे आती दिखाई दी. उसे देखकर तो उसके कदम वही रुक गये. सोनिया ने उसी की ब्लू शर्ट पहनी थी, उसने भी शर्ट को सामने से पूरा खोल रखा था और पिंक कलर की पैंटी पहन रखी थी.

"ओह शिट," अरुण ने अपने आप से कहा. वो पीछे हटा तो पीछे किसी से टकरा गया. उसने तुरंत ही पीछे मुड़कर उस इंसान को पकड़ने की कोशिश करी तो उसका मूह और ज़्यादा खुलता चला गया.

पीछे आरोही थी और वो भी बाकी दोनो की तरह कपड़े पहने हुई थी. खुली हुई शर्ट और ब्लू पैंटी. वो आगे बढ़ी और उसकी कमर मे अपने हाथ डाल कर अपने दूधों को उसके सीने से रगड़ने लगी. तब पीछे से बाकी दोनो भी आ गयी.

"अगर तूने अब नही चोदा तो समझ लेना..." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने अरुण को चेतावनी दी

"ओह, शट दा फक अप." अरुण ने सोचा.

"आ, म..मुझे जाके अपने...दद्दूध...ईमेल चेक करनी है." वो जल्दी से तीनो से दूर हटने की कोसिस करते हुए बोला.

तो आरोही खिलखिला कर हँसते हुए सामने सोफे पर जाके बैठ गयी और अपनी शर्ट को खोल दिया जिससे उसके छोटे लेकिन पर्फेक्ट दूध सामने आ गये और एक सेक्सी से पोज़ मे बैठ कर उसे देखने लगी. अरुण भी बीच रास्ते मे रुक गया. तो सोनिया और सुप्रिया भी आरोही की दोनो साइड बैठ कर उसे अपने दूधों के दर्शन करवाने लगे. और एक दूसरे के शरीरों को छूने लगे.

"भाई प्लीज़ कुछ तो कर ले, चलो आज रात बेट ऑन नही है. तू कुछ भी कर सकता है. अब तो कर ले.." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने अरुण को मनाते हुए कहा

"मैने कहा, चुप रहो.." अरुण ने अपनी आँखों को बंद करते हुए कहा.

"भाई, हम लोगो के साथ टीवी देखोगे?" सोनिया ने किसी बच्चे की तरह पूछा.

अरुण ने तुरंत ही आँखें खोली और सिर हिलाते हुए कहा.."उम्म मुझे स्षेव करना है.." उसने फिर बड़ी मुश्किल से खुद को पीछे की ओर मोड़ा और उपर जाने लगा. पीछे उसके कानो मे हसी की आवाज़ें आती रही.

अभी सिर्फ़ 11 बजे थे, लेकिन जितना कुछ आज हुआ था उस हिसाब से अब सो जाना सही थी. उसने अपने कपड़े उतारे और सिर्फ़ बॉक्सर्स मे चादर के अंदर लेट गया.

वो सोचने लगा कि उसकी बहने आगे पता नही किस हद तक जाएँगी. सुबह पता नही क्या मायाजाल फेका जाएगा उसके उपर.

तभी उसके रूम का दरवाजा खुला.

"चूत...चूत....चूओत." दिमाग़ मे उस आवाज़ ने शोर मचाना शुरू कर दिया

बाहर लाइट ऑफ थी लेकिन अरुण समझ गया कि सोनिया है. वो धीरे से आई और उसके साथ चादर मे लेट गयी. जैसे ही अरुण को उसके गरम बदन का अहसास अपने पास हुआ उसकी बॉडी भी रिलॅक्स हो गयी. उसने अपने हाथ से उसके बाल हटा दिए और उसकी गर्दन पर गुड नाइट किस कर दिया.

दोनो को थोड़ी ही देर मे नींद आ गयी. आज की रात अरुण के सपने और ज़्यादा खराब थे. हालांकि उनमे आक्सिडेंट या कोई जोकर नही था, लेकिन उनसे भी ज़्यादा हिला देने वाले सपने थे.

उसने देखा कि सुप्रिया उसका लंड चूस रही है लेकिन झड़ने से जस्ट पहले वो उसके लंड को दाँतों से काट लेती है और काटती ही रहती है. आरोही अपने दूध उसके मुँह मे रखती है लेकिन वो जितनी भी कोशिश करे होठों को दूधों से नही जोड़ पा रहा. सोनिया उसके पास आके लेट जाती है और उससे चोदने के लिए कहती है लेकिन जब अरुण नीचे देखता है तो उसके पास लंड ही नही होता.

अरुण सोया तो ज़रूर लेकिन सुकून से नही.

सुबह अरुण की आँख खुली तो उसका हाथ सोनिया के पेट पर था. उसने आँखे खोल कर अपने पास सोई हो उस मासूम सी लड़की को देखा और उसका सिर चूम लिया. अरुण सोचने लगा कि आज का दिन भी आज सुबह की तरह ही अच्छा बीते तो कितना अच्छा हो.

"मैं अभी भी कह रहा हूँ कल तूने चीटिंग की थी. मैं आसानी से जीत सकता था." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने अरुण से शिकायत की

"ओह सर, आज आप बड़ी जल्दी उठ गये." अरुण ने चुटकी ली

"हहा, सो फन्नी. मैं अब तुझसे साँस लेने और खाने के लिए कहने वाला हूँ. तू वो सब करेगा और मैं शर्त जीत जाउन्गा." दिमाग़ की आवाज़ ने भी गुस्से से कहा

"फर्स्ट ऑफ ऑल हम दोनो जानते हैं शर्त मे मेरी बहनों के साथ सेक्स शामिल है.

और मैं जानता हूँ तुम इतने गुस्से मे इसलिए हो क्यूकी कल मैने तुम्हे उल्लू बना दिया था. आंड सेकेंड दिस विल बी चीटिंग." अरुण ने अपने दिमाग़ मे उस आवाज़ को जबाब दिया

"लो अब चीटिंग के बारे मे मुझे कौन बता रहा है." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने अरुण को छेड़ा

"ओये मैने कोई चीटिंग नही की. तुम्हारी बस जल रही है क्यूकी मैं जीत रहा हूँ." अरुण ने गुस्से मे अपने दिमाग़ की आवाज़ को जबाब दिया

"कमऑन, तेरी बहनें पहले से ज़्यादा हर्नि हैं. और ये जो तेरे पड़ोस मे मासूम सी लड़की लेटी हुई है ना ये बस एक कदम दूर है, तुम्हारी जिंदगी हराम करने से. और मैं पक्का कह सकता हूँ कि अगर तुम अभी इस से सेक्स के लिए कहोगे तो मना कर देगी. पक्का बाकी दोनो ने इसे सेक्स करने से मना किया होगा." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने अरुण को उकसाते हुए कहा

"नही, नही मना करेगी." अरुण थोड़ा इरिटेट होकर बोला.

"शर्त लगा ले, अभी कुछ करके देख पक्का मना कर देगी." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने उसे उकसाते हुए कहा

अरुण तुरंत ही चादर को सोनिया की गर्दन के नीचे करने लगा लेकिन फिर तुरंत ही अपना हाथ रोक लिया. एक स्माइल भी आ गयी उसके चेहरे पर.

"नाइस ट्राइ.." अरुण समझ गया कि बस एक पल और फिर वो शर्त हार जाता.

"आह, कमीने. अभी जीत गया कोई बात नही. लेकिन जल्दी ही तुझे हारना ही है. चोद दे ना, हमें भी कोई तक़लीफ़ नही उठानी पड़ेगी और ना ही हमारी सेक्सी बहनों को." अरुण के दिमाग़ मे उस आवाज़ ने कहा

"जब हारुन्गा तब देखा जाएगा." अरुण ने जबाब दिया

Jawab me Sneha ne apne hothon ko apni jeebh se lick kar liya jaise hi Arun ne use apne aghosh me liya. Sneha ke shareer ko 'kuch' sensation sa daud gaya aur uska sir apne aap hi tircha ho gaya jaise hi Arun ke hoth uske hothon se mile. Arun ke hath Sneha ki peeth se hote hue uske balon me gaye aur usne thoda sa pressure dal ke uske muh me apni jeebh dal di. Sneha bhi utne hi josh ke sath use kiss karne lagi.

Kuch seconds ke bad, dono ne dhire dhire hoth alag kiye. Fir Sneha uski or dekhti hui us se alag hui.

"How was it?" Sneha ne saas ko rokte hue pucha.

Arun ne pehle to ek gehri saas li fir uski or muskurakar ankh mar di.."Di, you are a wonderful kisser. Kahan se seekha?" Sneha ne bhi haste hue kaha."Tum bhi theek hi the.." Fir dono hasne lage aur dobara ek chota sa kiss lips par kiya.

"Thankyou again, my baby brother." Sneha uske gale lagkar boli.

"My pleasure, my sweet di." Fir Arun ne use uski car me baithne me hlep kari fir wo chali gayi. Arun use jate hue dekhta raha fir apni ghadi ki taraf dekh kar jaldi se car tak pahucha aur apni car me baithkar uske piche piche chalne laga.

"Agar ek bar mamme daba diye hote, to kya nuksan ho jata?"

Ghar pahuch kar Arun Sneha ke piche piche hi ghar me enter hua. Lekin gate par rukkar wo Sneha ko apne room me jate hue dekhne laga. Apne room par pahuchkar Sneha ne ek bar uski taraf dekhkar smile di aur fir bye bolkar andar chali gayi.

Uske bad Andar chala gaya. Seedhiyon par pahucha hi tha ki Supriya ki awaz aa gayi..

"To movie kaisi thi?" Supriya ki awaz Arun ke kano me padi.

"Dumb" arun uski taraf mudkar bola.

Tab tak Supriya uske paas aa chuki thi. Uske itne najdeep aane par arun ne notice kiya ki wo kya pehne hui thi. Na, pehni hui kehna sahi nahi rahega. Usne ek white shirt pehni thi jiske aage ke sare buttons khule hue the, aur purple colour ki panty ke alawa kuch nhi.

Usne ek bar ji bhar ke dekha fir badi mushkil se sir piche modkar upar jane laga. Tabhi upar se Soniya niche aati dikhayi di. Use dekhkar to uske kadam wahi ruk gaye. Soniya ne usi ki blue shirt pehni thi, usne bhi shirt ko samne se pura khol rakha tha aur pink colour ki panty pehn rakhi thi.

"Oh shit," Arun ne apne aap se kaha. Wo piche hata to piche kisi se takra gaya. Usne turant hi piche mudkar us insan ko pakadne ki kosis kari to uska muh aur jyada khulta chala gaya.

Piche Aarohi thi aur wo bhi baki dono ki tarah kapde pehne hui thi. Khuli hui shirt aur blue panty. Wo aage badhi aur uski kamar me apne haath dal kar apne doodhon ko uske seene se ragadne lagi. Tab piche se baki dono bhi aa gayi.

"Agar tune ab nhi choda to samajh lena..."

"Oh, shut the fuck up." Arun ne socha.

"Ahh, m..mujhe jake apne...dddoodh...email check krni hai." Wo jaldi se teeno se dur hatne ki kosis karte hue bola.

To Aarohi khilkhila kar haste hue samne sofe par jake baith gayi aur apni shirt ko khol diya jisse uske chote lekin perfect doodh samne aa gaye aur ek sexy se pose me baith kar use dekhne lagi. Arun bhi beech raste me ruk gaya. To Soniya aur Supriya bhi Aarohi ki dono side baith kar use apne doodhon ke darshan karwane lage. Aur ek dusre ke sareeron ko chune lage.

"Bhai plz kuch to kar le, chalo aaj raat bet on nhi hai. Tu kuch bhi kar skta hai. Ab to kar le.."

"Maine kaha, chup raho.." Arun ne apni ankhon ko band karte hue kaha.

"Bhai, hum logo ke sath tv dekhoge?" Soniya ne kisi bachche ki tarah pucha.

Arun ne turant hi ankhen kholi aur sir hilate hue kaha.."Umm mujhe sssshave karna hai.." Usne fir badi mushkil se khud ko piche ki or moda aur upar jane laga. Piche uske kano me hasi ki awazein aati rahi.

Abhi sirf 11 baje the, lekin jitna kuch aaj hua tha us hisab se ab so jana sahi thi. Usne apne kapde utare aur sirf boxers me chadar ke andar let gaya.

Wo sochne laga ki uski behene aage pata nhi kis had tak jayengi. Subah pata nhi kya mayajal feka jayega uske upar.

Tabhi uske room ka darwaja khula.

"Choot...choot....chooot."

Bahar light off thi lekin Arun samajh gaya ki Soniya hai. Wo dhire se aayi aur uske sath chadar me let gayi. Jaise hi Arun ko uske garam badan ka ahsas apne pas hua uski body bhi relax ho gayi. Usne apne hath se uske baal hata diye aur uski gardan par good night kiss kar diya.

Dono ko thodi hi der me neend aa gayi. Aaj ki raat Arun ke sapne aur jyada kharab the. Halanki unme accident ya koi joker nhi thi, lekin unse bhi jyada hila dene wale sapne the.

Usne dekha ki Supriya uska lund choos rahi hai lekin jhadne se just pehle wo uske lund ko danto se kaat leti hai aur katati hi rehti hai. Aarohi apne doodh uske munh me rakhti hai lekin wo jitni bhi kosis kare hothon ko doodhon se nahi jod paa raha. Soniya uske paas aake let jati hai aur usse chodne ke liye kehti hai lekin jab arun niche dekhta hai to uske pas lund hi nhi hota.

Arun soya to jaroor lekin sukoon se nhi.

Subah Arun ki ankh khuli to uska hath Sobiya ke pet par tha. Usne ankhe khol kar apne paas soyi ho us masum si ladki ko dekha aur usma sir choom liya. Arun sochne laga ki aaj ka din bhi aaj subah ki tarah hi acha beete to kitna acha ho.

"Main abhi bhi keh raha hoon kal tune cheating kri thi. Main asani se jeet skta tha."

"Oh sir, aaj aap badi jaldi uth gaye."

"Haha, so funny. Main ab tujhse saas lene aur khane ke liye kehne wala hoon. Tu wo sab karega aur main shart jeet jaunga."

"First of all hum dono jante hain shart me meri beheno ke sath sex shamil hai.

Aur main janta hoon tum itne gusse me isliye ho kyuki kal maine tumhe ullu bna diya tha. And second this will be cheating."

"Lo ab cheating ke bare me mujhe kaun bta raha hai."

"Oye maine koi cheating nhi kri. Tumhari bas jal rahi hai kyuki main jeet raha hoon."

"Comeon, teri behenen pehle se jyada horny hain. Aur ye jo tere pados me masum si ladki leti hui hai na ye bas ek kadam door hai, tumhari jindagi haram karne se. Aur main pkka keh skta hoon ki agar tum abhi is se sex ke liye kahoge to mana kar degi. Pkka baki dono ne ise sex krne se mana kiya hoga."

"Nahi, nhi mana karegi." Arun thoda irritate hokar bola.

"Shart laga le, abhi kuch karke dekh pkka mana kardegi."

Arun turant hi chadar ko soniya ki gardan ke niche karne laga lekin fir turant hi apna hath rok liya. Ek smile bhi aa gayi uske chehre par.

"Nice try.." arun samajh gaya ki bas ek pal aur fir wo shart har jata.

"Ahhh, kamine. Abhi jeet gaya koi bat nhi. Lekin jaldi hi tujhe harna hi hai. Chod de na, hume bhi koi taqleef nhi uthani padegi aur na hi hamari sexy beheno ko."

"Jab harunga tab dekha jayega."

 


अरुण समझ तो चुका था कि वो आवाज़ हर पल के साथ स्ट्रॉंग होती जा रही है. लेकिन फिर भी 4 दिन हो गये कंट्रोल करते करते. इतनी जीत भी बहुत है. फिर वो धीरे से सोनिया को डिस्टर्ब करे बिना बिस्तर से उठा और बाथरूम की ओर जाने लगा. अभी वो अपने रूम से बाहर निकला ही था कि आरोही अपने रूम से बाहर निकली. वो जस्ट अभी जागी थी तो बाल बिखरे थे. अरुण को तब रीयलाइज़ हुआ कि उसकी जुड़वा बहेन सही मे कितनी सुंदर है. वो एक पुरानी टीशर्ट मे सामने खड़ी थी, बाल बिखरे हुए, चेहरे पर कोई मेकप नही, फिर भी इतनी सुंदर लग रही थी.

"गुड मॉर्निंग, ब्यूटिफुल." अरुण सीढ़ियों से नीचे जाते हुए बोला.

"मॉर्निंग," आरोही ने एक नॉर्मल स्माइल के साथ कह दिया. उस वक़्त वो बिल्कुल पहले वाली आरोही लग रही थी, ना की नयी वाली सेक्स क्रेज़ी आरोही, जो पिछले 3 दिन से उसे तड़पाने के लिए स्नेहा के साथ पता नही क्या क्या करे जा रही थी. वो भी अरुण के पीछे पीछे बाथरूम मे चली गयी और अपने दाँत ब्रश करने लगी.

अरुण अपने कपड़े निकालकर, शवर मे चला गया. आरोही ब्रश करने के बाद अपने बाल सही कर ही रही थी कि बीच मे ही उसका हाथ रुक गया और चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान आ गयी. नयी वाली आरोही जाग गयी थी आख़िर.

अरुण आराम से हल्के गुनगुने शवर का मज़ा ले रहा था कि एक दम से दरवाजा खुला और सामने आरोही बिल्कुल नंगी खड़ी हुई थी. आरोही ने अपनी नज़रे उसके लंड पर डाली और वही नज़रे गढ़ाए रखी. वो आगे बढ़ी और दरवाजे को बंद कर दिया.

उसके बाद उसने बिना कोई हरकत किए बस अपने शरीर पर साबुन लगाना स्टार्ट कर दिया. दोनो के शरीर काफ़ी पास थे लेकिन कुछ भी आपस मे छू नही रहा था अगर हल्का सा कुछ छू भी रहा था तो वो तब जब वो अपने शरीर पर हाथ घुमा रही थी. आरोही के हाथ उसके शरीर के हर हिस्से पर झाग को फैला रहे थे फिर उसने शवर हेड लेकर अपने हर अंग पर से झाग को हटा दिया. अरुण का लंड ये देखकर खड़ा होने लगा.

"फक हर. चोद डाल. गान्ड मार. फक हर. चोद डाल. चोद...चोद...चोद...चोद." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने शोर मचाना शुरू कर दिया

इधर आरोही नहाती रही उधर अरुण का लंड झटके पर झटके ख़ाता रहा. आरोही ने उस पर ध्यान भी नही दिया, बस नहा कर बिना कुछ कहे दरवाजा खोलकर बाहर निकली.

"व्हाात! दोबारा? और तूने ऐसे जाने कैसे दिया? मैं कह रहा हूँ, अभी भी पकड़ ले जाके. वो चूत चाहिए है तो चाहिए..." अरुण के दिमाग़ में उस आवाज़ ने गुस्से से कहा

आरोही ने अपना एक पैर टाय्लेट सीट पर रखा और अपने पैरो को टवल से सॉफ करने लगी. अरुण की आँखें उसकी नंगी गान्ड पर जाके टिक गयी जहाँ पर पानी की बूंदे उसके जिस्म का मज़ा ले रही थी. जब उसने पैरो को अच्छे से सूखा लिया तो वो दोनो पैरो पर उसके सामने खड़ी हो गयी और अरुण को अपने यौवन का दर्शन करवाने लगी. नीचे का हिस्सा तो सूखा था लेकिन उपर बालों से पानी की बूंदे उसके शरीर को चूमते हुए नीचे तक आ रही थी. उसने उपर के हिस्से को भी अच्छे से टवल से रगड़कर सुखा दिया फिर अपना ध्यान अरुण की ओर करके एक मीठी सी स्माइल पास कर दी.

"ओह हाई, गुड मॉर्निंग." आरोही ने उसके लंड की तरफ देखते हुए कहा फिर मुड़कर बाथरूम से बाहर जाने लगी.

"फकक्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क!" आवाज़ बहुत तेज़ी से चीखने लगी.

तभी उसे बाहर आरोही की धीमी सी आवाज़ सुनाई दी.."नही, खाली है."

तुरंत ही दरवाजा खुला और स्नेहा अंदर आने लगी. स्नेहा की नज़र सीधे शवर पर पड़ी, फिर अपने भाई पर, फिर नज़रे सीधे नीचे जा कर उसके पानी से भीगे खड़े लंड पर जम गयीं.

"ओह्ह्ह, सॉरी, सॉरी." उसके मूह से अनायास ही निकल गया और वो सॉरी कहते कहते बाथरूम से चली गयी.

अरुण ने एक आह भारी और फिर नहा कर शवर ऑफ कर दिया. शायद आज का दिन उतना अच्छा भी नही जाने वाला था.

कुछ देर बाद जब वो अपने रूम से नीचे आया तो सुप्रिया नाश्ता बना रही थी. उसने फिर से एक टीशर्ट के उपर एप्रन पहेन रखा था. उसने आकर पीछे से सुप्रिया को गले लगा लिया और उसके गाल चूम लिए.

"मॉर्निंग, स्वीतू." उसने पराठे बनाते बनाते विश कर दिया.

"गुड मॉर्निंग, दी." अरुण ने थोड़ा डर के जवाब दिया. वो नॉर्मल ऐक्ट कर रही थी, ना कि कल की तरह सेक्सी वाली सुप्रिया.

फिर अरुण जाके टेबल पर बैठ गया और सोचने लगा कि कम से कम नाश्ता तो सुकून से हो जाए. कुछ ही देर मे सुप्रिया उसके लिए पराठे ले आई. अरुण ने बिना उपर देखे पराठो का मज़ा लेना स्टार्ट कर दिया. फिर खाते खाते उपर देखा तो धस्का लग गया. सामने सुप्रिया सिर्फ़ एप्रन मे थी. सिर्फ़ एप्रन मे. टीशर्ट निकाल दी थी उसने.

उसने जल्दी से पानी पिया और अपनी आँखें नीचे खाने पर कर दी. फिर दोबारा नज़रे चुराकर उपर देखा तो उसके माथे पर शिकन आ गयी. सुप्रिया की टीशर्ट वापस आ गयी थी.

"ये क्या था?" अरुण ने सोचा.

तब तक सोनिया नीचे आ गयी. अरुण उसे किस करने के लिए पीछे मुड़ा तो उसे देख कर उसका मूह खुला का खुला ही रह गया. वो पूरी तरीके से नंगी थी. वो ऐसे ही नंगी अपने दूध हिलाते हुए वहाँ आई और सुप्रिया के मुँह पर किस करने लगी.

अरुण ने तुरंत ही अपनी आँखो को रगड़ा तो फिर उसे झटका लगा. उसने कपड़े पहने थे और वो सुप्रिया के गाल पर किस कर रही थी.

"मैं कहा था दोस्त. तेरी चबन्नी हट गयी है. मैने कहा था कि चूत नही मिली तो तेरा दिमाग़ तो गया. अब देखो मेरी बात ना मानने का क्या नतीज़ा होता है." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने अरुण को धमकी देते हुए कहा

"हे भगवान, क्या हो रहा है मेरे साथ?" अरुण भी सोचने पर मजबूर हो गया.

Arun samjh to chuka tha ki awaz har pal ke sath strong hoti ja rahi hai. Lekin fir bhi 4 din ho gaye control karte karte. Itni jeet bhi bahut hai. Fir wo dhire se soniya ko disturb kare bina bistar se utha aur bathroom ki or jane laga. Abhi wo apne room se bahar nikla hi tha ki Aarohi apne room se bahar nikli. Wo just abhi jagi thi to baal bikhre the. Arun ko tab realise hua ki uski judwa behen sahi me kitni sundar hai. Wo ek purani tshirt me samne khadi thi, baal bikhre hue, chehre par koi makeup nhi, fir bhi itni sundar lag rahi thi.

"Good morning, beautiful." Arun seedhiyon se niche jate hue bola.

"Morning," Aarohi ne ek normal smile ke sath keh diya. Us waqt wo bilkul pehle wali Aarohi lag rahi thi, na ki nayi wali sex crazy Aarohi, jo pichle 3 din se use tadpane ke liye Sneha ke sath pta nhi kya kya kare ja rahi thi. Wo bhi Arun ke piche piche bathroom me chali gayi aur apne daant brush karne lagi.

Arun apne kapde nikalkar, shower me chala gaya. Aarohi brush karne ke bad apne baal sahi kar hi rahi thi ki bich me hi uska hath ruk gaya aur chehre par ek kutil muskan aa gayi. Nayi wali aarohi jag gayi thi akhir.

Arun aaram se halke gungune shower ka maja le raha tha ki ek dum se darwaja khula aur samne Aarohi bilkul nangi khadi hui thi. Aarohi ne apni najre Uske lund par dali aur wahi najre gadayi rakhi. Wo age badhi aur darwaje ko band kar diya.

Uske bad usne bina koi harkat kiye bas apne sharir par sabun lagana start kar diya. Dono ke shareer kafi paas the lekin kuch bhi apas me chhoo nhi raha tha agar halka sa kuch choo bhi raha tha to wo tab jab wo apne sharir par hath ghuma rahi thi. Aarohi ke hath uske sharir ke har hisse par jhag ko faila rahe the fir usne shower head lekar apne har ang par se jhag ko hata diya. Arun ka lund ye dekhkar khada hone laga.

"Fuck her. Chod dal. Gand Mar. Fuck her. Chod dal. Chod...chod...chod...chod."

Idhar Aarohi nahati rahi udhar Arun ka lund jhatke par jhatke khata raha. Aarohi ne us par dhyan bhi nhi diya, bas nahakar bina kuch kahe darwaja kholkar bahar nikli.

"Whaaaat! dobara? Aur tune aise jane kaise diya? Main keh raha hoon, abhi bhi pakad le jake. Wo choot chahiye hai to chahiye..."

Aarohi ne apna ek par toilet seat par rakha aur apne pairo to towel se saaf karne lagi. Arun ki ankhen uski nangi gand par jake tik gayi jaha par pani ki boonde uske jism ka maja le rahi thi. Jab usne pairo ko ache se sukha liya to wo dono pairo par uske samne khadi ho gayi aur arun ko apne youvan ka darshan karwane lagi. Niche ka hissa to sukha tha lekin upar balon se pani ki boonde uske sharir ko chumte hue niche tak aa rahi thi. Usne upar ke hisse ko bhi ache se towel se ragadkar sukha diya fir apna dhyan Arun ki or karke ek meethi si smile paas kar di.

"Oh hi, good morning." Aarohi ne uske lund ki taraf dekhte hue kaha fir mudkar bathroom se bahar jane lagi.

"Fuckkkkkkkkkkkkkkkkkkk!" awaz bahut teji se chikhne lagi.

Tabhi use bahar aarohi ki dheemi si awaz sunai di.."Nahi, khali hai."

Turant hi darwaja khula aur Sneha andar aane lagi. Sneha ki najar seedhe shower par padi, fir apne bhai par, fir najre sidhe niche ja kar uske pani se bheege khade lund par jam gayin.

"Ohhh, sorry, sorry." uske muh se anayas hi nikal gaya aur wo sorry kehte kehte bathroom se chali gayi.

Arun ne ek aah bhari aur fir naha kar shower off kar diya. Shayad aaj ka din utna acha bhi nhi jane wala tha.

Kuch der baad jab wo apne room se niche aaya to Supriya nashta bana rahi thi. Usne fir se ek tshirt ke upar apron pehen rakha tha. Usne aakar piche se supriya ko gale laga liya aur uske gaal choom liye.

"Morning, sweetu." Usne parathe banate banate wish kar diya.

"Good morning, di." Arun ne thoda dar ke jawab diya. Wo normal act kar rahi thi, na ki kal ki tarah sexy wali supriya.

Fir Arun jake table par baith gaya aur sochne laga ki kam se kam nasta to sukoon se ho jaye. Kuch hi der me supriya uske liye parathe le aayi. Arun ne bina upar dekhe paratho ka maja lena start kar diya. Fir khate khate upar dekha to dhasa lag gaya. Samne supriya sirf apron me thi. Sirf apron me. Tshirt nikal di thi usne.

Usne jaldi se pani piya aur apni ankhen niche khane par kar di. Fir dobara najre churakar upar dekha to uske mathe par shikan aa gayi. Supriya ki tshirt wapas aa gayi thi.

"Ye kya tha?" arun ne socha.

Tab tak Soniya niche aa gayi. Arun use kiss karne ke liye piche muda to use dekh kar uska muh khula ka khula hi reh gaya. Wo puri tarike se nangi thi. Wo aise hi nangi apne doodh hilate hue waha aayi aur Supriya ke muh par kiss karne lagi.

Arun ne turant hi apni ankho ko ragda to fir use jhatka laga. Usne kapde pehne the aur wo Supriya ke gaal par kiss kar rahi thi.

"Main kaha tha dost. Teri chabanni hat gayi hai. Maine kaha tha ki choot nhi mili to tera dimag to gaya. Ab dekho meri baat na manane ka kya nateeza hota hai."

"Hey bhagwan, kya ho raha hai mere sath?" Arun bhi sochne par majboor ho gaya.

 
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