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अरुण के दिमाग़ ने ये सुनते ही काम करना बंद कर दिया..."क्याअ..." अरुण ने चीखते हुए मन मे सोचा..."प्रेग्नेंट.?? दिमाग़ तो ठीक है ना.??"
उसी पल उसे ये समझ मे आया कि किसी और ने उसे ऐसा करते देख लिया तो पक्का सीधे पागलख़ाने ले जाएगा..यहाँ सोफे पर बैठ कर वो अपने आप से ही लड़ रहा है वो भी किस बात पर कि उसकी बहेन को प्रेग्नेंट करना है कि नही...यस आइ आम डेफनेट्ली क्रेज़ी..
"तुम समझ नही रहे ये समझना नही चाहते. तुम्हे पता है ना कि जब तुम किसी के सेक्स करते हो तो नेक्स्ट स्टेप प्रेग्नेन्सी ही होता है..इट्स अवर ट्रडीशन ब्रो.." दिमाग़ ने फिर कहा
"हमेशा नही....!" अरुण दोबारा चीखा लेकिन इस बार उसे रियलाइज़ हुआ कि उसने मुँह से चीखा तो वो चारो तरफ देखने लगा कि कही किसी ने सुन तो नही लिया..
"ओके हियर'स दा होल प्लान. अगर तुमने उनको प्रेग्नेंट कर दिया, तो वो हमेशा तुम्हारी होकर रहेंगी..हमेशा! हमे कभी भी उन्हे किसी चूतिए को देना नही पड़ेगा..और वैसे भी सब तुमसे इतना प्यार करती हैं तो बच्चा होने के बाद ये प्यार और बढ़ जाएगा..इस तरीके से हम लोगो को कभी भी चूत की कमी नही पड़ने वाली..एक आइडिया और हमारी जिंदगी चूतो से भर जाएगी..सोच मरते दम तक चूत ही चूत.." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने फिर कहा
अरुण ने एक गहरी साँस ली..."ओके, बॅक टू लिस्ट मुझे क्लियर्ली बताओ 2 नंबर क्या है लिस्ट मे.."
"यही तो नंबर 2 था. देखो 4 चूत हैं इस घर मे, इनमे से एक ना एक चूत तो हमेशा तुम्हारा लंड लेने के लिए तय्यार ही रहेगी.." दिमाग़ ने जबाब दिया
"बस..यही प्लान है??" अरुण ने पूछा
"और नही तो क्या..जब चाहो तब चूत मिले..जागो तब चूत हो...सोते टाइम चूत..और क्या चाहिए एक आदमी को...हां अगर तुम आदमी ना हो तो आइ कॅन अंडरस्टॅंड." दिमाग़ ने अरुण पर व्यंग किया
"मुझे कभी तुमसे डिस्कशन स्टार्ट ही नही करना चाहिए था.." अरुण ने अपने सिर पर रिमोट मारते हुए कहा..
"वेल, ये तो हो नही सकता ना..वी आर इनसेपरबल.." अरुण के दिमाग़ की आवाज़ ने हंस कर कहा
अरुण गुस्से मे अपना चेहरा नोचने लगा..उसने सोचा था कि वो इस आवाज़ को कंट्रोल कर सकता है..लेकिन कैसे..आइडिया.."एक शर्त लगाओगे??" अरुण ने एक शातिर मुस्कान के साथ कहा..
"शर्त?? कैसी शर्त??" दिमाग़ की आवाज़ ने कहा
"यही कि ये जो तुम मुझसे हर वक़्त करने को कहते रहते हो..मैं तुम्हारे बात को सुनकर भी इग्नोर कर सकता हूँ.."
"हाआहहहहहहा,,,एक सेकेंड..हाहहहहहहा" अरुण के दिमाग़ ने हंसते हुए कहा
"आइ'म सीरीयस.." अरुण ने कहा तो आवाज़ और तेज़ी से हँसने लगी.
"आइ नो..तुम सीरीयस हो...इसलिए तो और ज़्यादा हँसी आ रही है.." दिमाग़ की आवाज़ ने कहा
"मेरे कहने का मतलब है कि मैं तुम्हारी बात को रेज़िस्ट कर सकता हूँ." अरुण ने मन में जबाब दिया
"ठीक है..लग गयी शर्त. तो कितने दिन तक तुम खुद को रोकोगे?? तुम समझ रहे हो ना कि रोकने का मतलब है तुम्हे सब से सेक्स करना बंद करना होगा??" दिमाग़ की आवाज़ ने फिर कहा
"हां हां.." अरुण बोला तो लेकिन थोड़ा जोश कम हो गया था. अभी तक उसने ये नही सोचा था कि रेज़िस्ट करने का मतलब था सेक्स ना करना..उसने अपना सिर हिलाया और अपने इरादे को मजबूत किया..
"डील. मैं तुम्हारी जो भी बातें होगी उन्हे रेज़िस्ट करने वाला हूँ...2 वीक्स यानी 14 दिन तक. मुझे ये करना ही होगा..अगर इसके चक्कर मे कोई गड़बड़ होती है तो हो जाए लेकिन मैं शर्त जीतकर ही रहूँगा.." अरुण नेदिमाग़ की आवाज़ को जबाब दिया
"ओके अगर तुम हार गये तो मुझे क्या मिलेगा??" दिमाग़ ने फिर अरुण से पूछा
अब अरुण सोच मे पड़ गया. एक तो खुद के मन की आवाज़ से शर्त लगा रहा था..ये कैसे पासिबल है..लेकिन फिर भी..
अरुण को एक ही रास्ता नज़र आ रहा था..
"अगर मैं हार गया, तो एक दिन के लिए..ध्यान रखना सिर्फ़ एक दिन के लिए मैं तुम्हारा गुलाम बन जाउन्गा. जो तुम कहोगे चाहो कितना भी अजीब काम हो मैं करने को तय्यार हूँ...लेकिन अगर, अगर मैं हारा तो."
"जब तुम हार गये, तुम्हारे कहने का मतलब है." दिमाग़ ने कहा
अरुण ने उस लाइन पर ध्यान नही दिया. वो सोचने लगा..क्या वो ये कर पाएगा..करना ही होगा..उसे खुद को तो कम से कम प्रूव ही करना था.
"बाइ दा वे, लड़कियाँ काफ़ी खुश होने वाली है ये डिसिशन सुन कर..हाहहाहा.." दिमाग़ ने चटखारा लेते हुए कहा
"ओह फक.." अरुण ने अपना सिर पकड़ लिया. ये तो उसने सोचा ही नही था. उनको जब पता चलेगा कि उसने सेक्स ना करने का डिसिशन लिया है तो वो क्या करेंगी. और ये तो बता नही सकता कि उसने अपने मन से ही ये शर्त लगाई है..
"आइ थिंक मैं पागल हो रहा हूँ."
"ना. पागल नही हो यार..." दिमाग़ ने कहा
"मैं अपने ही सिर मे एक आवाज़ से बात करता हूँ, उससे लड़ता हूँ, यहाँ तक उस से शर्त तक लगाता हूँ. ये किस नॉर्मल इंसान के ट्रेट्स हैं. ज़रा बताना मुझे.."
"ओके, अगर इस तरीके से देखा जाए तो.." दिमाग़ ने जबाब दिया
अरुण ने आगे उसकी बात नही सुनी और ये सोचने लगा कि ये बात वो सबको कैसे बताएगा और ख़ासकर आरोही को. वो तो कल रात से जाने क्या क्या सोचे बैठी होगी..और सोनिया..उसे क्या कहेगा..उसके इस डिसिशन से अगर वो वापस पहले वाली सोनिया बन गयी तो..हुहह..
जितना ज़्यादा वो इस चीज़ के बारे मे सोच रहा था उतना ही ज़्यादा पछता रहा था कि ये चूतिया सी शर्त आख़िर उसने लगाई ही क्यूँ.. और अगर कही वो हार गया तो पता नही ये आवाज़ उस से क्या क्या करवाएगी. पता चले वो सड़क पर नंगा घूम रहा हो और आती जाती लड़कियों को छेड़ रहा हो..ओह शिट..
अरुण ने अपना सिर हिलाकर कुछ सोचा..थोड़ी देर के लिए बाहर चला जाए..उसने सोचा..ना घर मे रहेगा ना सब पर नज़र पड़ेगी ना कुछ होगा..
वो जाने के लिए उठा ही था कि सुप्रिया के रूम का दरवाजा खुलता है और सुप्रिया बाहर आती है..उसे देख कर अरुण फिर पछताने लगता है..सुप्रिया ने सिर्फ़ एक डीप नेक टीशर्ट और पैंटी पहनी हुई है..
वो मटकती हुई सोफे के पास आई और अरुण के पास चिपक गयी और उसके मुँह को अपने पास खींच कर किस करने लगी..
लेकिन अरुण ने अपना चेहरा घुमा लिया तो उसके होठ अरुण के गाल से टकरा गये..
सुप्रिया की थयोरी चढ़ गयी.."कुछ गड़बड़ है क्या.." उसने अरुण का चेहरा अपनी तरफ घुमाया और उस पर साँस छोड़कर पूछा.."मॉर्निंग ब्रीथ??"
"ना..थोड़ा कॉंप्लिकेटेड है.." अरुण ने उसे गले लगा के कहा शायद इस से वो अपनी बात ढंग से कह पाए..
"ममममईए...ए.ए.ए.ए."
अरुण ने गहरी साँस ली. आने वाले दो साप्ताह बहुत भारी पड़ने वाले हैं.
"दी..मुझे लगता है हम लोगो को अब सेक्स नही करना चाहिए.." अरुण ने सीधे सीधे लफ़ज़ो मे सुप्रिया से कह दिया लेकिन तुरंत ही पछताने लगा कि इस तरीके से नही कहना चाहिए था.
"तू पिटेगा..पक्का" अरुण के दिमाग़ ने कहा
सुप्रिया ने उसकी बात सुनी तो एक दम से उसे गले से हटाया और उसकी तरफ बड़े अजीब तरीके से देखने लगी. दोनो के बीच मे एक खामोसी छा गयी.
"व्हाई? क्यू?..4 मे से 3 लड़कियाँ तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती हैं और तुम मना कर रहे हो. 90 पर्सेंट लोग किसी का खून भी कर देंगे इसे पाने के लिए...लिटरली.." सुप्रिया ने कहा
"इसमे भी दिमाग़ है..बस तुझमे नही है.." दिमाग़ ने कहा
"दी..." अरुण बोलने लगा..
"यॅ, मैं समझ गयी रात मे जो कुछ भी हुआ वो सिर्फ़ सिंपती के कारण हुआ. अब तो तुम्हारे पास आरोही और सोनिया है ना.." सुप्रिया ने दर्द से भरे एक्सप्रेशन के साथ कहा..
"नूओ" अरुण तेज़ी से बोल पड़ा.."दी, फिरसे वही बात. मैं पहले ही कह चुका आप सब मेरे लिए बराबर हो. आइ लव यू ऑल, ईक्वली. आइ जस्ट..मैं..कैसे बताऊ.." अरुण अपने दिमाग़ मे सही वर्ड्स को ढूढ़ने लगा जिससे वो सुप्रिया को समझा सके..
"देखा चूत ना मिलने पर क्या हो जाता है तुझे.." दिमाग़ ने फिर चुटकी ली
सुप्रिया भी चुपचाप उसे देखती रही..लेकिन उसके चेहरे के एक्सप्रेशन वही रहे..
"ये सब मेरे साथ इतनी जल्दी हो गया है कि मेरा दिमाग़ डाइजेस्ट नही कर पा रहा. अभी 15 दिन पहले मैं सिंपल सा लड़का था जिसने आज तक रिलिटी मे कभी किसी लड़की के साथ किस से आगे नही बढ़ा. और आज 3 3 लड़कियाँ और वो भी मेरी बहनें मेरे साथ सेक्स करने को तय्यार हैं और उन मे से 2 के साथ मैं कर भी चुका हूँ...मैं ये नही कह रहा, कि मुझे ख़ुसी नही बट..मैं थोड़ा डर भी गया हूँ.."
"डर?" सुप्रिया ने अब थोड़ा प्यार से पूछा.."कैसा डर? तुम्हे वो सब कुछ मिल रहा है जो दुनिया मे ज़्यादातर लोगो को जिंदगी भर मे नसीब नही होता. हम सब तुम्हे प्यार करते हैं आंड यू ऑल्सो लव अस. फिर भी.."
अरुण ने अपना सिर हिला के कुछ सोचा..
"मुझे डर है कि कही मैं किसी को प्रेग्नेंट ना कर दूं"
सुप्रिया ने बात समझकर एक ठंडी साँस ली और उसका हाथ अपने हाथ मे लेकर कहा.."अरुण, तुम्हे इस बारे मे परेशान होने की कोई ज़रूरत नही है. मैं मानती हूँ, कि थोड़ा रिस्क तो होता है. लेकिन हम लोग प्रिकॉशन्स यूज़ कर सकते हैं."
अरुण अब थोड़ा परेशान होने लगा कि कैसे समझाए सुप्रिया को..
"दी और एक बात..मैं अपने आप को प्रूव करना चाहता हूँ कि मैं आप तीनो को रेज़िस्ट कर सकता हूँ. मतलब इच्छा होते हुए भी खुद को कंट्रोल कर सकूँ."
"रेज़िस्ट? कंट्रोल? लेकिन क्यू? अच्छी ख़ासी हेल्थ है, अभी तो यंग हो और उपर से तीन तीन सेक्सी लड़कियाँ तुम्हारे साथ कभी भी बेड मे जाने के लिए तय्यार हैं..फिर क्यूँ?"
"एक्सलेंट पॉइंट..सुप्रिया 1 अरुण 0" अरुण के दिमाग़ ने चुटकी ली
अरुण ने अब थोड़ा खुद को टफ करते हुए कहा.."दी अभी तक जब भी आप लोगो की इच्छा होती थी आप लोग मेरे साथ कुछ भी कर लेते थे चाहो मेरी इच्छा हो कि नही. लेकिन अब मैं खुद को प्रूव करना चाहता हूँ, कि मैं डिसाइड कर पाउन्गा कि कब सेक्स करना है, और किसके साथ करना है.."
सुप्रिया ने कुछ देर तो उसे देखा फिर एक सुपीरियर आटिट्यूड वाली स्माइल दी.."रियली? तुम खुद को कंट्रोल करोगे जब हम मे से कोई भी तुम्हारे कपड़े फाड़ कर तुम्हारे साथ वो चीज़े करना चाहेगी जो तुमने कभी सोची भी नही होंगी.."
"यही तो मैं कह रहा था डफर.." दिमाग़ की आवाज़ ने फिर चुटकी ली
"दी प्लीज़...आपको इस बात से अजीब नही लगता कि हम भाई बहेन हैं?"
"मुझे लगा हम लोग इस बात को पहले ही डिसकस कर चुके हैं?" सुप्रिया ने कहा
अब अरुण को सच मे काफ़ी ज़्यादा पछतावा होने लगा कि आख़िर शर्त क्यू लगाई. बहुत मुश्किल होने वाली थी..
"अरुण ध्यान से सुनो..तुमने मेरे और आरोही इनफॅक्ट सबके अंदर अगर स्नेहा को नॉर्मल माने तो..हीही..हां तो हम सबके अंदर एक दूसरे पर्सन को जगा दिया जिसे हम लोग शांत नही कर सकते और करना भी नही चाहते. और तुम ये भी जान लो कि हम लोग तुम्हे उत्तेजित करना तो बंद नही करने वाले."
"भाई अभी भी वक़्त है..शर्त कॅन्सल कर सकता है.." दिमाग़ की आवाज़ ने फिर चुटकी लेते हुए कहा
"दी, ओके क्लियर बात, ओके, मैं कुछ दिन अपनी किसी भी बहेन के साथ सेक्स नही करने वाला. और कोई कुछ भी कहे मैं अपना डिसिशन नही बदलूँगा. मुझे प्रूव करना है कि मैं अपने आप को कंट्रोल कर सकता हूँ बस."
"ओके, ड्सिसन ले लिया है तो.." सुप्रिया ने एक शातिर मुस्कान के साथ कहा..जिसे देखकर अरुण को डर तो लगने लगा.."अच्छी बात है. लेकिन अब तुम पक्का पछताओगे कि ये डिसिशन क्यूँ लिया. बाइ स्वीतू..हॅपी कॉंटरोलिंग." सुप्रिया ने खड़े होकर उसके गाल पे किस किया और किचन की तरफ जाने से पहले एक बार उसकी तरफ देखा और आँख मार के कहा..
"ओके, माइ डियर ब्रदर..गेम स्टार्ट्स नाउ.."
"यू आर डेफनेट्ली क्रेज़ी. दिन मे 3 बार सेक्स करने को मिले तो कौन आदमी मना करता है. और उपर से तूने अपनी स्नेहा को देखा है..वो भी तय्यार हो रही है धीरे धीरे.." दिमाग़ की आवाज़ ने कहा
अरुण ने आवाज़ को इग्नोर कर दिया. वैसे भी अब उसकी बात सुनने का कोई फ़ायदा तो था नही. फिर वो उठ कर किचन मे चला गया. कुछ ही देर हुई थी सोनिया और आरोही दोनो बातें करते हुए किचन मे आ गयी और दोनो ने अरुण के दोनो गालों पर किस कर दिया. अरुण ने अपने दिमाग़ को उन पर ना लगा कर अपने सॅंडविच पर किए रखा. लेकिन फिर भी उसने आँखो से देख ही लिया था..सोनिया तो नहा चुकी थी तो शॉर्ट्स और टीशर्ट मे थी लेकिन आरोही...वो स्पोर्ट्स ब्रा और कॉटन के स्लीपिंग शॉर्ट्स मे थी..
Arun ke dimag ne ye sunate hi kam karna band kar diya..."Kyaaa..." Arun ne cheekhte hue man me socha..."Pregnant.?? Dimag to thik hai na.??"
Usi pal use ye samajh me aaya ki kisi aur ne use aisa karte dekh liya to pkka sidhe pagalkhane le jayega..yahan sofe par baith kar wo apne aap se hi lad raha hai wo bhi kis bat par ki uski behen ko pregnant karna hai ki nahi...yes I am definitely crazy..
"Tum samajh nahi rahe ye samjhana nahi chahte. Tumhe pata hai na ki jab tum kisi ke sex karte ho to next step pregnancy hi hota hai..Its our tradition bro.."
"HAMESHA NAHI....!" Arun dobara cheekha lekin is bar use realize hua ki usne munh se cheekha to wo charo taraf dekhne laga ki kahi kisi ne sun to nahi liya..
"Okay here's the whole plan. Agar tumne unko pregnant kar diya, to wo hamesha tumhari hokar rahengi..hamesaa! Hame kabhi bhi unhe kisi chutiye ko dena nahi padega..aur waise bhi sab tumse itna pyar karti hain to bachcha hone ke bad ye pyar aur badh jayegi..is tarike se hum logo ko kabhi bhi choot ki kami nahi padne wali..ek idea aur hamari jindagi chooton se bhar jayegi..soch marte dam to choot hi choot.."
Arun ne ek gehri saans li..."Okay, back to list mujhe clearly batao 2 no kya hai list me.."
"Yahi to no 2 tha. Dekho 4 choot hain is ghar me, inme se ek na ek choot to hamesha tumhara lund lene ke liye tayyar hi rahegi.."
"Bas..yahi plan hai??"
"Aur nahi to kya..Jab chaho tab choot mile..jago tab choot ho...sote time choot..Aur kya chahiye ek admi ko...haan agar tum admi na ho to I can understand."
"Mujhe kabhi tumse discussion start hi nahi karna chahiye tha.." Arun ne apne sir par remote marte hue kaha..
"Well, ye to ho nahi skta na..we are inseparable.."
Arun ne gusse me apna chehra nochne laga..usne socha tha ki wo is awaz ko control kar skta hai..lekin kaise..idea.."Ek shart lagaoge??" Arun ne ek shatir muskan ke sath kaha..
"Shart?? Kaisi shart??"
"Yahi ki ye jo tum mujhse har waqt karne ko kehte rehte ho..main tumhare baat ko sunkar bhi ignore kar skta hoon.."
"Haaahahahhahaha,,,ek second..hahahhahahha"
"I'm serious.." Arun ne kaha to awaz aur teji se hasne lagi.
"I know..tum serious ho...isliye to aur jyada hasi aa rahi hai.."
"Mere kehne ka matlab hai ki main tumhari baat ko resist kar skta hoon."
"Thik hai..lag gayi shart. To kitne din tak tum khud ko rokoge?? Tum samajh rahe ho na ki rokne ka matlab hai tumhe sab se sex karna band karna hoga??"
"Haan haan.." Arun bola to lekin thoda josh kam ho gya tha. Abhi tak usne ye nahi socha tha ki resist karne ka matlab tha sex na karna..Usne apna sir hilaya aur apne irade ko majboot kiya..
"Deal. Main tumhari jo bhi batein hogi unhe resist karne wala hoon...2 weeks yani 14 din thak. Mujhe ye karna hi hoga..agar iske chakkar me koi gadbad hoti hai to ho jaye lekin main shart jeetkar hi rahunga.."
"Ok agar tum har gaye to mujhe kya milega??"
Ab arun soch me pad gaya. Ek to khud ke man ki awaz se shart laga raha tha..Ye kaise possible hai..lekin fir bhi..
Arun ko ek hi rasta najar aa raha tha..
"Agar main haar gaya, to ek din ke liye..dhyan rakhna sirf ek din ke liye main tumhara gulam ban jaunga. Jo tum kahoge chaho kitna bhi ajeeb kam ho main karne ko tayyar hoon...lekin agar, AGAR main haara to."
"JAB tum har gaye, tumhare kehne ka matlab hai."
Arun ne us line par dhyan nahi diya. Wo sochne laga..kya wo ye kar payega..karna hi hoga..Use khud ko to kam se kam prove hi karna tha.
"By the way, ladkiyan kafi khush hone wali hai ye decision sun kar..hahahaha.."
"Oh fuck.." Arun ne apna sir pakad liya. Ye to usne socha hi nahi thi. Unko jab pata chalega ki usne sex na karne ka decision liya hai to wo kya karengi. Aur ye to bata nahi skta ki usne apne man se hi ye shart lagayi hai..
"I think main pagal ho raha hoon."
"Naa. pagal nahi ho yaar..."
"Main apne hi sir me ek awaz se bat karta hoon, usse ladta hoon, yahan tak us se shart tak lagata hoon. Ye kis normal insan ke traits hain. Jara batana mujhe.."
"Okay, agar is tarike se dekha jaye to.."
Arun ne age uski bat nahi suni aur ye sochne laga ki ye bat wo sabko kaise batayega aur khaskar aarohi ko. Wo to kal raat se jane kya kya soche baithi hogi..aur soniya..use kya kahega..uske is decision se agar wo wapas pehle wali soniya ban gayi to..huhhh..
Jitna jyada wo is cheez ke bare me soch raha tha utna hi jyada pachta raha tha ki ye chutiya si shart akhir usne lagayi hi kyu.. Aur agar kahi wo haar gaya to pata nahi ye awaz us se kya kya karwayegi. Pata chale wo sadak par nanga ghum raha ho aur aati jati ladkiyon ko ched raha ho..oh shit..
Arun ne apna sir hilakar kuch socha..Thodi der ke liye bahar chala jaye..usne socha..Na ghar me rahega na sab par najar padegi na kuch hoga..
Wo jane ke liye utha hi tha ki supriya ke room ka darwaja khulata hai aur supriya bahar aati hai..use dekh kar arun fir pachtane lagta hai..supriya ne sirf ek deep neck tshirt aur panty pehni hui hai..
Wo matakti hui sofe ke paas aayi aur arun ke paas chipak gayi aur uske munh ko apne paas kheench kar kiss karne lagi..
Lekin arun ne apna chehra ghuma liya to uske hoth arun ke gaal se takara gaye..
supriya ki tyori chadh gayi.."Kuch gadbad hai kya.." Usne arun ka chehra apni taraf ghumaya aur us par saans chodkar pucha.."morning breath??"
"Nah..thoda complicated hai.." Arun ne use gale laga ke kaha shayad is se wo apni bat dhang se keh paye..
"Mammmeee...e.e.e.e."
Arun ne gehri saans li. Aane wale do sapatah bahut bhari padne wale hain.
"Di..mujhe lagta hai hum logo ko ab sex nahi karna chahiye.." Arun ne seedhe seedhe lafzo me supriya se keh diya lekin turant hi pachtane laga ki is tarike se nahi kehna chahiye tha.
"Tu pitega..pkka"
Supriya ne uski bat suni to ek dum se use gale se hataya aur uski taraf bade ajib tarike se dekhne lagi. Dono ke beech me ek khamosi chaa gayi.
"Why? Kyu?..4 me se 3 ladkiyan tumhare sath sex karna chahti hain aur tum mana kar rahe ho. 90 percent log kisi ka khoon bhi kar denge ise pane ke liye...literally.."
"Isme bhi dimag hai..bas tujhme nahi hai.."
"Di..." Arun bolne laga..
"Yeah, main samajh gayi raat me jo kuch bhi hua wo sirf sympathy ke karan hua. Ab to tumhare paas aarohi aur soniya hai na.." Supriya ne dard se bhare expression ke sath kaha..
"NOOO" Arun teji se bol pada.."Di, firse wahi baat. Main pehle hi keh chuka aap sab mere liye barabar ho. I love you all, equally. I just..main..kaise batau.." Arun apne dimag me sahi words ko dhudhne laga jisse wo supriya ko samjha sake..
"Dekha choot na milne par kya ho jata hai tujhe.."
Supriya bhi chupchap use dekhti rahi..lekin uske chehre ke expression wahi rahe..
"Ye sab mere sath itni jaldi ho gaya hai ki mera dimag digest nahi kar pa raha. Abhi 15 din pehle main simple sa ladka tha jisne aaj tak reality me kabhi kisi ladki ke sath kiss se aage nahi badha. Aur aaj 3 3 ladkiyan aur wo bhi meri behnen mere sath sex karne ko tayyar hain aur un me se 2 ke sath main kar bhi chuka hoon...Main ye nahi keh raha, ki mujhe khusi nahi but..main thoda dar bhi gaya hoon.."
"Dar?" Supriya ne ab thoda pyar se pucha.."Kaisa dar? Tumhe wo sab kuch mil raha hai jo duniya me jyadatar logo ko jindagi bhar me naseeb nahi hota. Hum sab tumhe pyar karte hain and you also love us. Fir bhi.."
Arun ne apna sir hila ke kuch socha..
"Mujhe dar hai ki kahi main kisi ko pregnant na kar doon"
Supriya ne baat samjhkar ek thandi saans li aur uska hath apne hath me lekar kaha.."Arun, tumhe is bare me pareshan hone ki koi jarurat nahi hai. Main manti hoon, ki thoda risk to hota hai. Lekin hum log precautions use kar skte hain."
Arun ab thoda pareshan hone laga ki kaise samjhaye supriya ko..
"Di aur ek baat..Main apne aap ko prove karna chahta hoon ki main aap teeno ko resist kar skta hoon. Matlab icha hote hue bhi khud ko control kar sakoon."
"Resist? Control? Lekin kyu? Achi khasi health hai, abhi to young ho aur upar se teen teen sexy ladkiyon tumhare sath kabhi bhi bed me jane ke liye tayyar hain..fir kyu?"
"Excellent point..Supriya 1 Arun 0"
Arun ne ab thoda khud ko tough karte hue kaha.."Di abhi tak jab bhi aap logo ki icha hoti thi aap log mere sath kuch bhi kar lete the chaho meri icha ho ki nahi. Lekin ab Main khud ko prove karna chahta hoon, ki main decide kar paunga ki kab sex karna hai, aur kiske sath karna hai.."
Supriya ne kuch der to use dekha fir ek superior attitude wali smile di.."Really? Tum khud ko control karoge jab hum me se koi bhi tumhare kapde faad kar tumhare saath wo chize karna chahegi jo tumne kabhi sochi bhi nahi hongi.."
"Yahi to main keh raha tha duffer.."
"Di please...aapko is bat se ajib nahi lagta ki hum bhai behen hain?"
"Mujhe laga hum log is bat ko pehle hi discuss kar chuke hain?"
Ab arun ko sach me kafi jyada pachtava hone laga ki akhir shart kyu lagai. Bahut mushkil hone wali thi..
"Arun dhyan se suno..tumne mere aur aarohi infact sabke andar agar sneha ko normal mane to..hihi..haan to hum sabke andar ek dusre person ko jaga diya jise hum log shant nahi kar shakte aur karna bhi nahi chahte. Aur tum ye bhi jan lo ki hum log tumhe uttejit karna to band nahi karne wale."
"Bhai abhi bhi waqt hai..shart cancel kar skta hai.."
"Di, okay clear bat, okay, main kuch din apni kisi bhi behen ke sath sex nahi karne wala. Aur koi kuch bhi kahe main apna decision nahi badlunga. Mujhe prove karna hai ki main apne aap ko control kar skta hoon bas."
"Okay, decison le liya hai to.." Supriya ne ek shatir muskan ke sath kaha..jise dekhkar arun ko dar to lagne laga.."achi baat hai. Lekin ab tum pakka pachtaoge ki ye decision kyu liya. Bye sweetu..happy controling." Supriya ne khade hokar uske gaal pe kiss kiya aur kitchen ki taraf jane se pehle ek bar uski taraf dekha aur ankh mar ke kaha..
"Okay, my dear brother..game starts now.."
"YOu are definitely crazy. Din me 3 bar sex karne ko mile to kaun admi mana karta hai. aur upar se tune apni sneha ko dekha hai..wo bhi tayyar ho rahi hai dheere dheere.."
Arun ne awaz ko ignore kar diya. Waise bhi ab uski baat sunane ka koi fayda to tha nahi. Fir wo uth kar kitchen me chala gaya. Kuch hi der hui thi soniya aur aarohi dono batein karte hue kitchen me aa gayi aur dono ne arun ke dono galon par kiss kar diya. Arun ne apne dimag ko un par na laga kar apne sandwich par kiye rakha. Lekin fir bhi usne ankho se dekh hi liya tha..soniya to naha chuki thi to shorts aur tshirt me thi lekin aarohi...wo sports bra aur cotton ke sleeping shorts me thi..