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मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचरcomplete

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मोम- “अकरम को मना भी तो नहीं किया जा सकता…”

मैं- “हाँ मोम… जाना तो पड़ेगा…”

मोम- “तेरे भाई से क्या कहूँगी…”

मैं- “उसकी चिंता मत करो। कह देंगे आपकी किसी दोस्त के यहां शादी में जाना है…”

मोम- “कितने बजे बोला है अकरम ने?”

मैं- “मुझे तो दो बजे के लिए बोला है…”

मोम- “तो ठीक है तू नहाकर तैयार हो जा। तब तक मैं घर के काम खतम करती हूँ…”

मैं- “ओके मोम…” और मैं नहाने चली जाती हूँ और मोम मार्केट चली जाती हैं।

दोपहर को मोम मेरे रूम में आती हैं- “बेटा तैयार हो जा…”

मैं- “जी मोम, हो रही हूँ आप भी यहीं तैयार हो जाओ…”

मोम- “ओके…”

मैं- “आज हमें यहां से साड़ी ही पहनकर जाना होगा, जिससे भाई को लगे कि हम शादी में ही जा रहे हैं…”

मोम- “ठीक है…”

मैं मोम को अपनी ब्रा और थोंग देती हूँ।

मोम- “पर बेटा, ये मुझे टाइट होगा…”

मैं- “नहीं मोम, आप और ज्यादा सेक्सी लगोगी…” और मैं ब्रा की कंधे स्ट्रिप्स थोड़ी छोटी कर देती हूँ, जिससे माँ की बड़ी-बड़ी चूचियां चढ़कर और ऊपर को हो जाएं।

मोम ब्रा पहनती हैं। ब्रा ज्यादा टाइट होने के कारण मोम की चूचियां बाहर की ओर छलकने को होती हैं, और फिर मोम एक छोटा स्लीवलेश ब्लाउज़ पहनती हैं और पेटीकोट। मोम की चूचियां उसमें से फाड़कर बाहर को आ जाने को होती हैं। फिर मैं मोम को एक पारदर्शी जोर्जेट की साड़ी टाइट से पहनाती हूँ, जिससे उनके कटाव देखने से ही महसूस होते हैं। इसी तरह मैं भी ब्लैक जोर्जेट साड़ी पहनकर तैयार हो जाती हूँ और हम दोनों अपना थोड़ा शार्प मेकप करते हैं।

मैं- “मोम, आज तो आप कमसिन बाम्ब लग रहे हो…”

मोम- “कम तो तू भी नहीं लग रही, मैं अपना रूम थोड़ा ठीक करके आती हूँ फिर चलते हैं…”

मैं- “ओके…”

मोम के जाने के बाद मेरा भाई आता है रूम में, कहता है- “दीदी, आप लोग कहीं जा रहे हो क्या?”

मैं- “हाँ… मोम की दोस्त के यहां शादी है, वहां जा रहे हैं…”

भाई- “ओके, पर दीदी एक बात बताओ?”

मैं- “क्या?”

भाई- “कल आप कालेज के स्टोर रूम में क्या करने गई थीं?”

मैं- “मैं वहां क्यों जाऊँगी?”

भाई- “दीदी, मेरे पास सबूत है…”

मैं- “क्या सबूत है?”

तभी वो अपनी पाकेट से मेरी पैंटी निकालता है, और कहता है- “ये आपकी है ना?”

मैं- “हाँ… पर ये तुम्हारे पास कहां से आई?”

भाई- “आप इसे स्टोर रूम में छोड़ आई थी…”

मैं- “हो सकता है?”

भाई- “दीदी बनो मत, मुझे पता है आप रेहान के साथ वहां गई थी। दीदी मैं नहीं चाहता की आप रेहान के साथ दोस्ती बढ़ाओ…”

तभी मोम आ जाती हैं।

मैं- “ओके भाई, इस बारे में हम कल बात करेंगे…”

मोम- “चलो लंच भी बाहर ही कर लेंगे…”

मैं- “ओके मोम…” और हम घर से निकलकर एक माल में आते हैं, और वहां लेडीस सेक्सन में जाकर ड्रेस सेलेक्ट कर रहे होते हैं।

तभी वहां रेहान आ जाता है- “हाय मोना…”

मैं- “हाय, तुम यहां कैसे? और तुम्हारे साथ ये लड़का कौन है?”

रेहान- “ये मेरा दोस्त है और हम यहां कुछ शापिंग करने आए थे। और वैसे ये जो लड़की है तेरे साथ इसके साथ भी सेटिंग करवा दे यार, बड़ा मस्त माल है…”

मैं- “पागल हो गये हो क्या? ये मेरी कजिन है…”

रेहान- “प्लीज़्ज़… प्लीज़्ज़… प्लीज़्ज़…”

मैं- “ओके, मैं मिलवा देती हूँ बाकी फिर कभी देखूँगी…” फिर मैं उसे मोम से मिलवाती हूँ।

मैं- “राखी, ये मेरा क्लासमेट है रेहान और रेहान ये मेरी कजिन है राखी…”

रेहान- “हाय, काफी अच्छा लगा आप जैसी सेक्सी और हाट लड़की से मिलकर…”

मोम शरारती मुश्कान के साथ- “थैंक्स हैंडसम…”

मोम- “मोना ड्रेस सेलेक्ट करो, हमें देर ना हो जाए…” फिर हम ड्रेस सेलेक्ट करते हैं

रेहान- “वैसे मोना, अगर टाइम हो तो हम साथ में लंच करें?”

मैं- “ओके नो प्रोब्लम्स…” हम ड्रेस वहीं पैक कराकर छोड़ देते हैं, और एक रेस्टोरेंट में आ जाते हैं।

तभी अकरम की मोम के पास काल आती है।

मोम- “हेलो…”

अकरम- “डियर, प्रोग्राम थोड़ा चेंज है, अब तुम लोग 4:30 बजे के बाद आना…”

मोम- “क्या हुआ?”

अकरम- “मेरी खाला आई हुई हैं, इसलिए मैं कहता हूँ तुम लोग उनके जाने के बाद आओ…”

मोम- “ओके, आप हमें काल कर देना बाइ…”

मैं- “क्या हुआ? किसकी काल थी?”

मोम- “वो लोग बोल रहे है की हम 4:30 के बाद आएंगे, उसके बाद ही हमें जाना है…”

मैं- “कोई बात नहीं, तब तक हम यहीं घूमते हैं…” फिरर हमारा लंच आ जाता है और हम खाना खा लेते हैं, और मोम हाथ धोने चली जाती है।

रेहान- “यार मोना, अब तो टाइम है तुम्हारे पास। चलो कहीं लोंग ड्राइव पर चलते हैं…”

तभी मोम आ जाती हैं, कहती हैं- “वैसे आइडिया बुरा नहीं है, पर साड़ी में लोंग ड्राइव में मजा नहीं आएगा…”

रेहान- “तो एक काम करो तुम दोनों के लिए ड्रेस सेलेक्ट करता हूँ, वो पहनकर चलो…”

मोम- “ओके, ये हो सकता है…”

रेहान हमारी ड्रेस सेलेक्ट करता है और मेरे लिए एक शार्ट्स और एक कंधे वाला टाप और मोम के लिए एक फ्री फ्लोइंग स्कर्ट और एक शार्ट-टाप जो उनकी चूचियों से जस्ट 3-4 इंच नीचे तक ही होती है। वो हमें चेंज करने को बोलता है। हम ट्रायल रूम में चले जाते हैं, चेंज करके बाहर आते हैं। हमें देखकर रेहान और उसके दोस्त का मुँह खुला का खुला रह जाता है।

रेहान कहता है- “यू आर लुकिंग हाट राखी और मोना यू टू…”

मैं- “थैंक्स…”

मोम- “थैंक्स डियर…”

हम वहां से निकलकर पार्किंग की ओर जा रहे होते हैं। मैं और उसका दोस्त आगे होते हैं, और रेहान और मोम पीछे। रेहान पीछे से मोम की स्कर्ट उठाकर मोम के चूतड़ सहला देता है। मोम नाटी स्माइल देकर कुछ नहीं बोलती।

रेहान- “यार मोना, एक रिक्वेस्ट है पर ना मत करना प्लीज़्ज़…”

मैं- “बोलो…”

रेहान- “मैं बाइक से हूँ, तुम कार से हो तो तुम मेरे कजिन के साथ कार में चलो, मैं तुम्हारी कजिन के साथ बाइक पर चलता हूँ…”

मैं मोम की तरफ देखती हूँ और उन्हें देखकर नहीं लगता की उन्हें कोई प्रोब्लम है, तो मैं हाँ बोल देती हूँ।

रेहान- “सीधे रोड पर ही चलना अगर आगे-पीछे भी हो जाएंगे तो हम मिल जाएंगे…”

मैं- “ओके…”

वो एक स्पोर्ट्स बाइक होती है। मोम उसके पीछे बैठ जाती हैं। मोम दोनों पैर एक तरफ करके बैठ गई और उसके कंधे पर हाथ रख दिया। वो हमसे आगे चल रहा था। थोड़ी देर बाद उसने स्पीड बढ़ा दी और मोम डर की वजह से उससे चिपक कर बैठ गई और वो हमारी आँखों से ओझल हो गया तो मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ाई तभी वो लोग हमें दिखाई दिए। इस बार जब हमने देखा तो मोम दोनों तरफ पैर करके बैठी हुई थी, और उनकी स्कर्ट हवा के कारण उड़ रही थी।

उफ्फ… ये क्या? रेहान ने शायद उनकी पैंटी भी उतार दी थी। वो लोग थोड़ा धीरे हुए शायद, हम करीब आ जाएं इसलिए। तभी वो हमें लेफ्ट रोड की ओर इशारा करते हुए मुड़ गया। वो जंगल का रास्ता था। वो फिर हमें दिख नहीं रहे थे। फिर थोड़ा आगे जाने पर दिखे, इस बार मोम आगे की सीट पर रेहान की ओर मुँह करके बैठी हुई थीं, उन्होंने दोनों हाथों से रेहान के गले को बाँध रखा था और वो रेहान को किस कर रही थी और रेहान ने अब बाइक थोड़ी धीरे कर रखी थी।

ये देखकर रेहान का कजिन थोड़ा हाट हो गया और मेरी जांघों पर हाथ रख दिया। लेकिन मेरा सारा ध्यान उन लोगों पे ही तरफ था। वो दोनों कहीं दिख नहीं रहे थे। और थोड़ा दूर जाने पर वो दिखे तो मैंने कार रोक दी क्योंकी रेहान ने बाइक साइड में स्टैंड पर लगा रखी थी, और मोम उसपर लेटी हुई थी और रेहान उनकी पूरी बाडी को किस कर रहा था।

मैं और रेहान का कजिन वापस कार में जाकर बैठ गये और उन्हें देखने लगे। रेहान का कजिन आदिल मेरी जांघें सहलाने लगा और तभी देखा तो रेहान ने मोम के सारे कपड़े उतार दिए थे, और मोम रेहान का लण्ड चूस रही थी।

आदिल मेरी चूचियां दबाने लगा तो मेरे मुँह से ‘सस्स्सस्स’ निकल गया।

तभी रेहान ने मोम को बाइक पर लेटाया और सीट के दोनों तरफ पैर रखकर उसकी चूत में अपना लण्ड पेल दिया और हिलाने लगा। मोम बाइक पर होने के कारण हिल भी नहीं कर पा रही थी और वहीं लेटे-लेटे अपनी कमर हिलाती हैं, तो वो पोज देखने में काफी उत्तेजक था।

रेहान धीरे-धीरे उन्हें चोद रहा था, 4-5 मिनट की चुदाई के बाद रेहान रुक जाता है। मोम को बाइक से उतार देता है और बाइक पकड़कर झुकने को कहता है।

तभी रेहान का दोस्त मेरे कंधे पर से हाथ घुमाते हुए मेरी एक चूची को कसकर दबाने लगता है। मैं कसमसा कर रह जाती हूँ। पर मेरी आँखें मेरी मोम और रेहान पर ही लगी रहती हैं।

रेहान मोम के पीछे आता है और मोम की गाण्ड पर 4-5 जोर की चपत लगा देता है और अपना लण्ड उनकी गाण्ड के छेद पर लगाकर रगड़ने लगता है। मोम थोड़ा पीछे होकर उसका लण्ड अपने अंदर लेने की कोशिश करती हैं। तभी रेहान बहुत जोरदार धक्का मारता है।

और मोम चीख पड़ती हैं- “आअह्ह्ह… मर गईई…”

और तभी रेहान दूसरा धक्का भी मारकर पूरा लण्ड उनकी गाण्ड में पेल देता है, फिर अपना लण्ड तेजी से अंदर-बाहर करने लगता है, और ठप-ठप, ठप-ठप की तेज आवाजें आने लगती है। रेहान ने मोम की कमर इतनी टाइट पकड़ी थी कि वो अपनी मर्ज़ी से हिल भी नहीं सकती थी। वो उनकी कमर कस के पकड़कर फुल स्पीड में धक्के मारने लगता है।

मोम चिल्लाने लगती हैं- “चोदो मुझे… फक मी… मेरी गाण्ड कस के चोदो… मेरी गाण्ड फाड़ दो… फक फक फक…”

और तभी मेरे मोबाइल पर अकरम की काल आती है की आधे घंटे में क्लब के मेनगेट पे आ जाओ। मैं उन्हें ओके बोलकर काल कट कर देती हूँ और मैं मोम के पास जाती हूँ और कहती हूँ- “मोम, काल आ गई है हमें आधे घंटे में पार्टी में पहुँचना है…”

मोम- “आअह्ह्ह… हाँ बेबी, बस 5 मिनट आआह्ह्ह… आअह्ह्ह…”

तभी रेहान मोम की गाण्ड में झड़ जाता है और किसी से मोबाइल पर बात करने के लिये आगे चला जाता है।

 
मोम अपनी ड्रेस उठाती है।

मैं- “क्या मोम, आप यहीं शुरू हो गई?”

मोम अपने हाथों में कपड़े लेकर नंगी ही कार की तरफ जाती हैं- “सारी बेटा, रेहान के साथ पता नहीं कैसे मैं बहती चली गई…” और हम कार के पास पहुँच जाते हैं।

और रेहान का दोस्त आदिल मोम को मुँह फाड़े देख रहा होता है। मैं उसे कार से उतर जाने को कहती हूँ, और ड्राइविंग सीट पे बैठ जाती हूँ। मोम आदिल के पास जाती हैं, जो कार से बाहर निकलकर खड़ा था। मोम उसको शरारती स्माइल देते हुए उसकी पैंट के टेंट पर अपना हाथ फेरते हुए- “ओह्ह्ह… थैंक यू डियर…” कहते हुए कार में बैठ जाती हैं।

फिर मैं कार स्टार्ट करके वापस मैं हाइवे पे ले जाती हूँ।

मोम- “ओफफो… ये तो खराब हो गई…” मोम अपनी ड्रेस को चेक करते हुए कहती हैं।

मैं- “ऐसा करो, आप अभी ये ड्रेस पहन लो…”

मोम- “नहीं, मुझे अब ये नहीं पहननी…” और पीछे की सीट पे अपने कपड़े फेंक देती है। फिर कुछ ढूँढ़ते हुए कहती हैं- अरे वो ड्रेस कहां है?”

मैं- “उसी शाप में रख आए थे हम। पहले हमने माल जाना है फिर अकरम के यहाँ…”

मोम डैशबोर्ड पे पैर रखकर टीशू-पेपर से चूत साफ करती हैं। अच्छा हुआ की कार की स्पीड तेज होती है, जिससे बाकी लोग हमारी तरफ ज्यादा ध्यान से देख नहीं पाते, पर धीरे-धीरे आगे ट्रैफिक जाम होने लगता है। हमारी कार के आस-पास बाइक्स और कारें बढ़ने लगती हैं। मोम पीछे की सीट पे चली जाती हैं, और वो खराब हो चुकी ड्रेस पहनने लगती हैं।

दायें साइड पे एक बाइक पर दो बूढ़े मोम की तरफ लार टपकाते हुए देख रहे थे। पर मोम का ध्यान उनपर नहीं गया। लेफ्ट साइड पे एक बड़ी सुवो थी, जिसमें 3 औरतें बैठी थीं, उनकी उमर मोम इतनी थी पर देखने में किसी टीवी सीरियल की सास लग रही थीं, और खूब सारी ज्यूयलरी पहनी होती है, वो- “हे राम… हे भगवान्… देखो तो…” करती मोम को देख रही थीं।

काफी देर बाद फिर ट्रैफिक चलने लगता है और मैं तेजी से माल की तरफ कार ले जाती हूँ। हम माल में उस शाप पे जाते हैं। हमको आधे घंटे में अकरम के यहां पहुँचना था, पर उस आधे घंटे को गुजरे दस मिनट हो चुके थे, वहाँ से खरीदी हुई ड्रेस कलेक्ट करके हम, ड्रेस चेंज करने जाते हैं।

मैं- “ये लो मोम, और जल्दी से पहन लो, हम बहुत लेट हो चुके हैं…”

मोम- “क्या? ओह्ह्ह… नो…” और फिर मोम पहली ड्रेस निकाल लेती है और पूरी नंगी होकर बैग से एक ड्रेस निकालकर पहन लेती हैं। मोम पीली बैकलेश मिडी पहन लेती है, जिसमें मोम की कर्वी बाडी बहुत सेक्सी दिख रही होती है, तभी मुझे अकरम की काल आ जाती है।

अकरम- “यार किधर हो, यहाँ पे सब तुम लोगों का इंतेजार कर रहे हैं…”

मैं- “हम बस रास्ते में ही हैं…”

अकरम- “ठीक है जल्दी कर…”

मोम घूमकर मुझे पूछती है- “ठीक तो है ना?” मोम की पीठ पूरी नंगी खुली होती है और उनकी गाण्ड पूरी तरह से विजिबल होती है।

मैं- “यू लुक लाइक आ पोर्न-स्टार…”

मोम- “गुड, चलो चलते हैं…”

फिर हम वापस कार की तरफ जाते हैं। रास्ते में बहुत से लड़के और लड़कियां हमें देख रहे होते हैं। पर अकरम के क्लब पहुँचने में भी हमको फिर से ट्रैफिक जाम की वजह से देर हो जाती है।

मोम- “एक घंटा लग गया…” मोम ने कार से उतरते हुए कहा।

मैं अकरम को काल करती हूँ- “हम आ गये हैं…”

अकरम बोलता है- “तुम वहीं रुको…” पीछे से किसी लड़की की चिल्लाने की आवाज आ रही होती है- “मैं भेजता हूँ किसी को…” और हाँफते हुए काल कट हो जाता है।

कुछ देर बाद अब्दुल बाहर आता है, और हम उसके पीछे चले जाते हैं, अंदर वो हमको बेसमेंट में लेकर जाता है। एक लंबे गलियारे में हम चल रहे होते हैं, और वहाँ पे और भी दरवाजे होते हैं। हम सीधे चलते रहते हैं। आखिरकार, गलियारे के आखीर में एक दरवाजे के पास से हम दायें मुड़ जाते हैं। अब्दुल और मोम आगे निकल जाते हैं।

पर मुझे उस दरवाजा से लोगों को बात करते, चिल्लाते और जोरों से किसी लड़की की चिल्लाने की आवाज आ रही होती है। वो एक लड़की की आवाज नहीं होती, लगता है और भी थीं, शायद दो।

“आऽ आऽ चोद चोद आआऽ माँ उम्म्म्मम…”

“साली ये ले हाहाहा…”

मुझे उस दरवाजे से आदमियों के हँसने, हाँफने और लड़कियों की चुदाई की आवाज आती है। मैं उस दरवाजे को खोलने ही वाली थी की अब्दुल ने मेरा हाथ पकड़कर पीछे खींच लिया।

अब्दुल- “आप क्या कर रहो हो?”

मैं- “हमें यही जाना है न?”

अब्दुल- “पागल हो गई हो क्या आप? अगर आप अंदर चली गई ना तो वो लोग आप पर भी टूट पड़ेंगे…”

मैं बोली- “पर वो तो पहले से ही किसी के साथ कर रहे हैं ना?”

अब्दुल ने पास आकर कहा- “वो तो रंडियां हैं, उनका तो रोज का है, अंदर जो लोग हैं ना… उन्होंने कभी भी आप जैसी को हाथ तक नहीं लगाया, छोड़ो, उम्म्म चलो, आपको तो आगे भाई के रूम में जाना है…”

. और फिर हम आगे चले जाते हैं। पीछे रूम में से आवाज सुनाई दे रही होती है।

“चाच्चा पहले खड़ा तो कर…” एक लड़की की आवाज ने मजाक उड़ाते हुए कहा। फिर लोगों के ठहाका लगाने की आवाज आती है।

फिर एक बूढ़े की आवाज आती है- “एक बार इसको खड़ा तो कर, फिर देख साली, कौन बाप है यहां पे…” और लोग भी हँसने लगते हैं।

लड़की- “मर वर जाओ तो मुझे मत कहना…”

हम फिर दरवाजे से दायें में आगे बढ़ते हुए एक बार लेफ्ट मुड़कर और एक ग्लियारे में जाते हैं। लेफ्ट की साइड पे खिड़कियां होती हैं और रूम के अंदर अलग-अलग बाक्स और कार्टून भरे होते हैं और एक खिड़की से एक रूम के अंदर कुछ पीसी और बड़ी स्क्रीन लगी होती है, जिसमें ऊपर क्लब और बाकी जगह की ब्लैक आंड ह्वाइट वीडियो चल रहे होते हैं। फिर दायें में एक आखिरी दरवाजे में अंदर जाते हैं। वो रूम इस जगह का सबसे साफ कमरा था। लेफ्ट में एक बड़ा सा बेड था और दायें में सोफा और फर्श पे कार्पेट, रूम के दूसरी तरफ एक मिनी बार भी था।

अब्दुल- “आप यहां इंतेजार करो…”

हम रूम में सोफे पे बैठ जाते हैं। कुछ देर बाद बैठे-बैठे हम बोर होने लगते हैं, तो पास में मिनी बार से कुछ ड्रिंक लेकर हम बैठ जाते हैं। 15-20 मिनट हो जाते हैं, तब रूम का दरवाजा खुलता है, 4 लोग हँसते हुए रूम में आते हैं, और रूम का दरवाजा बंद कर देते हैं।

अकरम अपने साथ 3 लोगों को भी अंदर लाता है। दो तो पूरे नंगे होते हैं। पर उनके लौड़े सिकुड़कर दो इंच के हो चुके होते हैं। उन दोनों के हाथ में बोतल भी होती है। तीसरे ने अकरम की तरह सिर्फ पैंट पहन रखी होती है, उसके दायें कंधे और बांह पे टैटू बना होता है। वो अकरम जितनी उंचाई का होता है और बाडी भी उतनी ही सेक्सी होती है।

अकरम- “हाँ… ओह्ह्ह… हूँ बड़ी देर लगा दी तुम लोगों ने?” अकरम हमें देखते हुए कहता है।

उसके पीछे वो तीनों मुँह फाड़े हमें देख रहे होते हैं, और- “वाउ… क्या माल है…” जैसी तारीफें करने लगते हैं।

मोम- “पर आप लोग तो पहले ही शुरू हो चुके हो…” मोम ने कहा।

अकरम- “अरे अभी कहां?” अकरम पास आकर मोम को किस करने लग जाता है।

दोनों नंगे लड़के मुझे पकड़ लेते हैं, हम कुछ देर किस और स्मूचिंग करने के बाद अलग हो जाते हैं, वो पहले से ही चुदाई करके आए हुए होते हैं, इसलिए सभी के लंबे लण्ड लटक रहे होते हैं, फिर वो चारों हमारे सामने बैठ जाते हैं, और मैं मोम के साथ बेड पे बैठ जाती हूँ।

अकरम- “ये है मेरा बड़ा भाई सलमान (जो अकरम के जैसे पैंट पहने हुए था), और ये मेरी खाला के लड़के अशरफ और इरफान (बाकी नंगे लड़के)”

फिर वो सलमान से कहता है- “और ये हैं मेरी खास आइटम, जिसको तुझे मैंने दिखाया था फोन पे…” वो मेरी बात कर रहा था और मेरा दिल जोरों से धड़कने लगा की अकरम ने मेरी चुदाई की फुटेज औरों को भी दिखाई है। फिर कहा- “और ये है मेरी रखैल जो किसी को भी निचोड़ के रख दे…”

वो हमें देखते हुए हमारी तारीफें करते हैं और हम हँसते हुए अपने सेक्सी कर्व्स दिखाते हैं। फिर सलमान बोलता है- “चलो कुछ अपनी अदाएं तो दिखाओ, और इन सोए हुए सापों को जगाओ…”

अकरम- “ये अदा से दिखाएगी भी और करेगी भी, आज तुम लोग मेरी इन रंडियों के खूब मजे ले लो, जितना चाहे मार लो, मना नहीं करेंगी। तुम थक सकते हो पर ये नहीं…”

सभी हँसने लग जाते हैं।

मैं बेड पे बैठी हुई अपनी टाँगें फैला करके शार्टस के ऊपर से चूत पर हाथ फेरती हूँ, और फिर दूसरे हाथ से टाप को ऊपर करके ऊपर से चूचियां दबाती हुई मोम के पास झुकते हुए उनको किस करती हूँ।

 


मोम मेरा टाप थोड़ा ऊपर करके ब्रा में ही मेरी चूचियां दबाती है, फिर किस को खत्म करके उन सभी की तरफ हाट तरीके से बैठ जाती हैं

और मैं भी धीरे-धीरे अपनी टाँगें फैलाकर अपनी जवान चूत सभी के सामने रख देती है, मोम मुझे देखकर फिर से किस करने लग जाती है, और मैं अपना टाप उतारने लग जाती हूँ। और फिर मोम मेरी बड़ी-बड़ी और रसीली चूचियां को ब्रा से आजाद कर देती हैं, और मिडी में दिख रही नंगी चूत को मसलते हुए मेरी चूचियां चूसती हैं, और टिटस पे जीभ फेरती हुई दूसरे टिट को मसलती हैं।

मैं अपनी गाण्ड हिलाते हुए शार्टस को निकाल देती हूँ और अब मैं सिर्फ एक ब्लैक पैंटी में होती हूँ। फिर मैं मोम को भी नंगी कर देती हूँ और वो मुझे अपनी चूचियां चूसने और दबाने के लिए मेरे चेहरे को अपने पास लाती हैं।

सामने अकरम और सलमान नंगे हो जाते हैं। और फिर सभी चारों अपने लण्ड को हाथ में लिए हमारा शो एंजाय करते हैं।

मोम मेरी चूत में उंगलीबाजी करती हुई ‘स्स्स्स… आह्ह्ह…’ कर रही होती हैं, और मैं भी उनको उंगलीबाजी करती उनकी चूचियों के निपल काट रही होती हूँ, और चूस रही होती हूँ। फिर मैं खड़ी होकर मोम के चेहरे के सामने अपनी चूत करके कहती हूँ- “चाटो इसे बेबी…”

और मोम अपनी टाँगें फैलाकर अपनी चूत जोर से मसलती हुई मेरी चूत में अपनी जीभ डालकर चाटने लगती हैं-

मैं- “आअह्ह्ह… आआऽ हूंम्म… यअह्ह्ह… इस्स्स्सस्स…”

फिर मैं उठकर अकरम के पास जाती हूँ। पर वो मेरी पैंटी उतारकर मेरी गाण्ड पे चपत मार के अशरफ के पास भेज देता है। अशरफ मुझे अपनी गोद में बिठाकर मुझे किस करता है, और सलमान मेरी तरफ झुक कर मेरी चूचियां चूसने लग जाता है।

वहां सामने मोम अपनी चूत मसलते हुए हमें देख रही होती हैं। फिर मोम के पास इरफान उठकर जाता है और उनकी चूचियों को चूमने और दबाने लग जाता है, और मोम उसका लण्ड मसलती हैं। मेरे नीचे अब अशरफ का लण्ड खड़ा होकर मेरी चूत में चुभने लगता है।

मैं- “आपका तो खड़ा कर दिया मैंने…” फिर सलमान को देखकर- “अब आपकी बारी…” फिर मैं उठकर सोफे पे खड़ी हो जाती हूँ, और उसके चेहरे को अपनी चूत पे लगा देती हूँ।

सलमान मेरी चूत को अपनी जीभ से जोर-जोर से चूसकर चाटने लगता है- “आह्ह्ह… इस्सस्स… उम्*म्म्म…”

अशरफ और अकरम अपने खड़े हो चुके लण्डों को मसलते हुए दोनों मोम के पास जाते हैं, और मोम पर टूट पड़ते हैं। वो तीनों मिलकर मोम की चूचियां और चूत को चूसने लग जाते हैं।

सलमान मुझे उठाकर पालग पर ले जाकर लेटा देता है, और मैं खुद-ब-खुद अपनी टाँगें खोलकर एक तगड़े लण्ड का इंतेजार करती हूँ। पर अकरम मेरी चूत को चाटने लग जाता है और अशरफ मेरे पास आकर मेरे मुँह में अपना मोटा और 7” इंच का लण्ड डाल देता है जिसे मैं मजे लेते हुए चूसती हूँ।

उधर मोम मेरे पास लेटी होती हैं, और सलमान ने अपना लण्ड मोम के मुँह में डाल रखा होता है, इरफान मोम की चूत पे अपना लण्ड रगड़ रहा होता है, फिर मोम की चूत में डालकर वापस निकाल लेता है। फिर चूत पर रगड़ता है, एक बार डालकर निकाल लेता है, फिर इरफान उनकी एक टांग को अपने कंधे पे रखकर जोर से चोदना शुरू कर देता है।

मोम की चूचियां गोल-गोल घूमने लग जाती हैं और मोम- “आअह्ह्ह… उम्म… उम्म…” करते हुए सलमान का लण्ड पूरा का पूरा मुँह के अंदर ले लेती हैं।

सलमान ‘आह्ह्ह’ करते हुए मोम को अपनी बाल्स चूसने को बोलता है। मोम उसके रगड़ते और सलाइवा से भरे लण्ड को मुँह से निकालकर जीभ को पूरे लण्ड परे फेरते हुए बाल्स तक ले जाती हैं, और एक बाल को मुँह में जोर से चूसती हैं, क्या नजारा था।

इधर मेरी चूत को चाट-चाट कर अकरम मुझे बेहाल कर देता है।

मैं- “आह्ह्ह… आऽ मैं झड़ने वाली हूँ आई एम कमिंग… हाँ आई एम कमिंग…” फिर मैं झड़ जाती हूँ।

फिर अकरम मुझे घोड़ी बनने को बोलता है। मैं अशरफ का लण्ड छोड़कर झटके से उठती हूँ, मुझे बहुत ही उत्तेजना महसूस हो रही थी और फिर मैं अपनी सेक्सी और हाट गाण्ड को उठाकर अकरम के शैतान जैसे लण्ड के सामने पेश करती हूँ, और अपने बाल झटक के पीछे करते हुए अशरफ का लण्ड फिर से चूसते हुए अपनी चुदाई का इंतेजार करती हूँ। अकरम मेरी गाण्ड पे अपना तगड़ा लण्ड सेट करके जोर का धक्का मारता है।

मैं- “ओह्ह्ह… माँऽऽ…” मेरी चीख निकल जाती है, मैं पीछे अकरम को देखती हूँ और मोम मेरी तरफ देखने लग जाती हैं।

अकरम पीछे मोम को देखते हुए फिर मेरी गाण्ड पे एक धक्का मार देता है।

मैं- “आअह्ह्ह…”

मोम अपनी नजर अकरम की आँखों से हटाकर सलमान का लण्ड चूसने लग जाती हैं। पर अकरम मोम को ही देखते हुए मेरी गाण्ड मारे जा रहा था। मेरा दिल जोरों से धड़क रहा था, ये मैंने क्या कर दिया? कहीं उसको शक तो नहीं हुआ की एक माँ अपनी बेटी की गाण्ड को किसी मर्द से चुदने दे रही है, जबकी वो खुद भी दो लौड़ों का मजा ले रही है? ‘चलो जो होगा देखा जाएगा’ सोचते हुए मैं अपने मुँह को आगे-पीछे करके अशरफ का लण्ड चूसने लगी।

फिर वो मेरे सिर और बालों को पकड़कर मेरे मुँह को ही जोरों से चोदने लगता है। मेरी साँस लेने को नहीं बन पाती। फिर वो एक पल के लिए रुकता है। तो मैं जोर से सांस लेती हूँ। फिर वो वापस मेरे मुँह को जोरों से चोदने लगता है। मेरे मुँह से एक तरह रोने जैसी आवाजें निकल रही थीं। वो मेरे मुँह में अपना पूरा लण्ड अंदर डालकर झड़ जाता है, फिर वो पास में ही लेट जाता है।

पीछे अकरम मेरी गाण्ड में लण्ड निकालकर मुझे खड़ा कर देता है, और खुद पलंग पे लेट जाता है, और मुझे अपने लण्ड पर बैठने को बोलता है।

मैं ऊपर चढ़कर गाण्ड को अकरम की तरफ करके नीचे झुक जाती हूँ, और एक हाथ से अपनी चूत पे थोड़ा सा थूक लगाकर उसके लण्ड को अपनी चूत पे सेट करके बैठ जाती हूँ, और आँखें बंद करके उसके मोटे लण्ड को मेरी चूत को चीरते हुए महसूस करती हूँ।

पूरा लण्ड अंदर ले लेने के बाद अपने दोनों हाथों को पीछे करके ऊपर-नीचे होती हूँ- “आऽ आऽ आऽ इस्स्स…” और फट-फट की आवाजों के साथ मेरी दो बड़ी-बड़ी चूचियां भी मजे से उछल रही होती हैं।

मैं मोम को देख रही होती हूँ, मोम सैंडविच की तरह उन दोनों के लण्ड अपनी चूत और गाण्ड में लिए हुये फक-फक चिल्ला रही होती हैं। दोनों दबा-दबाकर मोम के दोनों छेदों को चोदे जा रहे थे। फिर मोम सलमान को किस करते हुए अपनी चूत से उसका लण्ड निकालकर थोड़ा मसलती हैं, और फिर अपनी चूत में डाल लेती हैं, और वो उनको चोदने लग जाता है।

अकरम मेरी गाण्ड को पकड़कर ऊपर उठा देता है और बहुत ही ताकत से एक मशीन की तरह अपने लण्ड से मेरी चूत को फाड़ने लग जाता है।

मैं- “आऽऽ फफक्क… शिट… आऽऽ मर गई आऽऽ…”

उधर मोम- “चोदो मुझे… हाँ हाँ चोदो, मेरी चूत चोदो आअह्ह्ह… इस्स्स… चोदो मुझे… फक माई अशोल यू मदरफकर… आआह्ह्ह… हार्डर हार्डर फाड़ दो मेरी गाण्ड…”

इधर मेरे मुँह से चीखें निकल रही होती है- “तेज और तेज आआह्ह्ह… आई एम कम्मिंग… मैं आ रही हूँ…” फिर मैं झड़ जाती हूँ और आगे की तरफ झुक जाती हूँ।

तब भी अकरम मेरी चूत मारे जा रहा था। फिर वो भी मेरी चूत में एक पल के लिए अपना लण्ड खूब अंदर डालकर झड़ जाता है।

उधर वो दोनों खड़े हो जाते हैं और मोम घुटनों के बल बैठकर दोनों के लौड़ों को मसल रही होती हैं, और एक-एक करके चूस भी रही होती हैं।

फिर वो दोनों मोम को मेरे पास लिटा देते हैं, मोम सरक कर मेरी तरफ आती हैं, और मैं मोम को किस करती हूँ और हम एक दूसरे की चूत में उंगलीबाजी करते हैं, फिर सलमान और इरफान अपने-अपने लण्ड हमारी चूत में डालकर झड़ जाते हैं।

अकरम सोफे पर सभी के लिए ड्रिंक रखकर बैठ जाता है, और बाकी लोग भी सोफे पर अपने लण्ड को दायें, बांयें झुलाते हुए बैठ जाते हैं, और आराम से ड्रिंक करते हैं, और हम दोनों को एक दूसरे की चूचियां और चूत से खेलते हुए देखते हैं।

सलमान- “आज तो मजा आ गया…”

इरफान- “सच में यार…”

अशरफ- “क्या कयामत है मेरे से एक नहीं संभल पाई…”

सलमान- “तू भाई रहने दे, तेरे बस की बात नहीं है…” फिर कहा- “भाई तेरी गलती नहीं है, साली चीज ही ऐसी है…” फिर सभी हँसने लग जाते हैं।

अकरम- “तुम लोगों को तो अभी पूरी रात का जश्न मनाना है…”

फिर वो आपस में बातें करने लग जाते हैं। मैं धीरे से मोम को स्मूचिंग करते हुए उनके कानों में बोलती हूँ- “क्या उनको पता चल गया क्या?”

मोम- “पता नहीं?”

मैं- “हो सकता है उसने ऐसे ही आपको देखा हो…”

मोम- “नहीं, मुझे उसकी आँखों में देखने पर ऐसा नहीं लगा। क्या होगा अब, वो जानता है?”

मैं- “मोम अब हम कुछ कर नहीं सकते, और हमें पक्के से पता भी तो नहीं है, और पता चल भी गया हो तो क्या बिगड़ जाएगा?”

मोम- “वो हमें ब्लैकमेल कर सकता है?”

मैं- “अभी टेन्शन लेने से कोई फायदा नहीं है मोम…” कहकर मैं मोम को लिप-किस करती हूँ। उनको फिर किस करके कहा- “और अभी के लिए मोम एंजाय करो। चलो अभी जो भी होगा देखा जाएगा…”

 


मैंने मोम को किस करी, और मोम भी जीभ इश्तेमाल करती हुई फुल रेस्पान्स देती हैं। कुछ देर तक हम एक दूसरे को एंजाय करती हैं, फिर हम उठकर सोफे पर बैठकर ड्रिंक लेती हैं, और मोम भी अपना ग्लास उठाकर अशरफ के पास जाती है। फिर उसके लण्ड को पकड़कर उसपर बैठ जाती हैं, और ड्रिंक करती हैं। वो चूचियां दबाते हुए ड्रिंक खत्म कर देता है और मोम अपनी कमर हिलाकर थोड़ी खुश होती हैं। शायद उनकी चूत में अशरफ का लण्ड अब फिर से खड़ा होने लगा था।

फिर वो मोम की टाँगें फैला देता है। हम सभी को उसका लण्ड मोम की चूत में डाला हुआ दिखता है, फिर मोम अपनी ड्रिंक खत्म करके उसके ऊपर उछल-उछल के चुदवाने लग जाती है। ये देखकर वो बाकी तीनों के लण्ड भी खड़े हो जाते हैं।

मैं इशारे से उनको कहती हूँ की वो मोम के साथ ही मजा करें, मुझे ड्रिंक खत्म करनी है। वो सभी मिलकर मोम की आसपास खड़े हो जाते हैं, और मोम दो लण्ड हाथों में लेकर मसलती हुई तीसरे को मुँह में डालकर चूसती हैं- “मुउआह्ह्ह… उम्म… उम्म… याहह… उम्म्म…” वो सभी के लौड़े चख रही थी।

“सक इट बिच…”

“साली आअह्ह्ह… चूस और चूस…”

“मेरा भी ले ले जी भर के चूस…”

मैं अपनी ड्रिंक पीते हुए अपनी चूत को मसल रही होती हूँ। अकरम मोम के पीछे जाता है और अशरफ को आगे आने को बोलता है। फिर अशरफ सोफे पे बैठा जाता है। उसके ऊपर मोम जो अपनी बड़ी सी गाण्ड अकरम के लण्ड की तरफ कर देती है। फिर अकरम धीरे से गाण्ड के दो मोटे तरबूजों को पकड़कर बीच में अपना मूसल डाल देता है

मोम दो लण्ड अपने हाथों में लेकर एक साथ मुँह में ले रही थी, और अब मोम के पास दो लण्ड चूसने को थे, और दो लण्ड उनके दोनों छेदों को बड़ा करने में लगे थे। सोफे पर अशरफ थोड़ा लेटा होता है और मोम उसके ऊपर उसका लण्ड अपनी चूत में लिए होती हैं। वो मोम की चूचियां चूसते हुए हिल नहीं पा रहा था। पर मोम के पीछे अकरम उनकी गाण्ड में जोर-जोर से धक्के मार रहा था, इस वजह से उनकी चूत और गाण्ड की एक साथ ठुकाई हो रही थी।

पर मोम तो इतने से भी खुश नहीं थी। वो सलमान के 7” इंच के लण्ड को पकड़े हुए हिला रही थी और इरफान के 6” इंच मोटे लण्ड को जो उनके मुँह में आ नहीं सकता था, उसको अपने मुँह को आगे-पीछे करके चूस रही थी। कितने बेरहम थे सब, एक अकेली चूत को चोदकर सभी मजे कर रहे थे।

तब मैं उठकर उनके पास जाती हूँ- “तुम लोग सिर्फ चूसते रहोगे या चोदोगे भी? हाँ…”

तब सलमान और इरफान को मेरा ख्याल आता है- “चल आ जा तेरी भी ख्वाहिश पूरी कर देते हैं…” कहकर वो दोनों मुझे चूमने लगते हैं, और मेरी चूत और चूचियों को मसलते हैं।

सलमान- “देखते हैं, तेरी चूत मेरे लण्ड को इतनी देर तक झेल पाती है?”

मैं उसके लण्ड को पकड़ते हुए जवाब देती हूँ- “उसके लिए मेरी चूत में आपको अपना लण्ड डालना पड़ेगा…”

उधर उसके पीछे सोफे पर मोम अशरफ और अकरम से चुदवा रही थीं।

इरफान- “तब तक, तू इसका मजा ले…” वो मेरे पीछे आकर मुझे नीचे झुका देता है।

मैं खड़ी थी मेरी एक टाँग को सलमान ने पकड़कर ऊपर कर दी थी, जिससे मेरी चूत पूरी खुलकर सलमान का लण्ड ले रही थी और इरफान मुझे थोड़ा झुकाकर अपने लण्ड को मेरा सिर पकड़कर चोदने में लगा था। फिर मेरी चूत की मस्त चुदाई करने के बाद सलमान मेरी गाण्ड भी मार रहा था। और तब तक इरफान का चूस-चूसकर मैंने अपने मुँह में उसका वीर्य भर लिया था और मैं भी दो बार झड़ चुकी थी।

सलमान ने अब मेरी चूत में लण्ड डालकर मुझे ऊपर उठा लिया था।

मेरे पीछे मोम अशरफ के लण्ड को चूसती हुई उछल-उछल के अकरम के लण्ड को चोद रही थी। फिर कुछ देर बाद वो दोनों झड़ने वाले होते हैं, और यहाँ सलमान भी। मैं पीछे मोम को देखती हूँ। अशरफ ने अपना माल मोम के चेहरे पर उड़ेल दिया होता है, और मोम घुटनों के बल बैठी अपने वीर्य से सने चेहरे से अकरम का लण्ड चूस रही थी।

सलमान भी मुझे मोम के बगल में बैठा देता है और मोम मुझसे कहती है- “मोना डू यू वान्ट टु क्लीन माई फेस?” अशरफ का वीर्य मोम की भौहों और गाल पे लगा होता है।

“ओह्ह्ह… हाँ राखी, विद प्लेज़र…” फिर मैं उसे चाट लेती हूँ। फिर हम दोनों हमारे चेहरे पर दो-दो लण्डों को हसरत से देख रहे होते हैं।

मैं- “फिल आवर माउथ वित योर टेस्टी कम…”

“ले रांड़ तैयार हो जा मेरे लण्ड के जाम को पीने के लिए…”

मैं- “आह्ह्ह… मैं बहुत ही प्यासी हूँ, मुझे पिला दो अपना नमकीन पानी उह्ह्ह…”

“मुँह खोल, ले पिला दूं तुझे…” उन मोटे और लम्बे से लौड़ों के मालिक मूठ मारते हुए झड़ने को तैयार हो जाते हैं, और हम मुँह खोले इंतजार कर रही होती हैं।

अकरम और सलमान अब अपना लण्ड लिए झड़ने को होते हैं, की तभी दरवाजा पे कोई खटखट करता है। अशरफ उठकर दरवाजा खोलता है और अब्दुल का सिर दरवाजा से हमें देखते हुए अकरम से बोलता है- “उन लोगों का हो गया है…”

अकरम- “ठीक है…” फिर वो और सलमान आखिरकार झड़ जाते हैं।

और दरवाजा पे अब्दुल हमें दो लौड़ों के माल को पीते, फिर उनको चाटते और चूसते हुए देखता है।

वो दोनों कपड़े यानी सिर्फ पैंट पहनकर दरवाजे पे इंतेजार कर रहे अब्दुल के पास दरवाजे की तरफ जाते हैं, और उसके साथ चले जाते हैं। इरफान और अशरफ ड्रिंक करते हुए खड़े हो जाते हैं और रूम से वो भी निकल जाते हैं, नंगे ही।

फिर मोम और मैं खड़ी होकर रूम के बाथरूम में अपना चेहरा धोकर वापस आकर बेड पे ढेर हो जाती हैं। हम अब बुरी तरह से थक चुके थे मेरा पूरा बदन दर्द कर रहा था और मैं जानती थी की मोम का भी यही हाल होगा।

मोम और मैं फैलकर और आँखें बंद करके लेटी रही। आधे घंटे या उससे भी ज्यादा टाइम के बाद रूम का दरवाजा खुला और मैंने हल्की आँखें खोलकर देखा की एक लड़का अंदर आया। मैंने आँखें बंद कर ली, वो हमें पलंग पर नंगी और बेहाल देखकर कुछ सोच में पड़ गया, हमारी चूत पूरी तरह से गीली थी और हमारे बदन हवस की बेरहम चुदाई के निशान और सबूत दे रहे थे, फिर वो वापस चला गया।

मोम बोली- “मोना जाकर दरवाजा बंद कर दो…”

पर मेरे बदन में बहुत ही दर्द हो रहा था। मैंने सोचा की अच्छा हुआ की चला गया, पर ये क्या? थोड़ी देर बाद वो लड़का इस बार दो और लड़कों के साथ आ गया।

“अरे यार, ये तो उन लौंडियों से बहुत ही अच्छा माल है…”

“लगता है महँगी वाली रंडियां हैं, वही जो अमीरों से चुदाई करती हैं ये…”

ये हमारे अलावा किसकी बात कर रहे हैं? क्या अकरम ने हमें इन लोगों के हवाले कर दिया है? पहले तो उसने और उसके भाइयों ने हमारी जम के चुदाई कर ली, अब उसने अपने आदमियों को भी मजे लेने के लिए भेज दिया?

मुझे लगा, जिस पार्टी के लिए हम यहाँ पे आए थे ये वो लोग तो नहीं लग रहे। मैं मोम की तरफ देखकर कह सकती थी की ये लोग भी अकरम के नीचे काम करने वाले लोग होंगे। पर हमें पता नहीं था की हम लोगों को ऐसे लोगों से भी चुदवाना पड़ेगा।

वो लोग हमारे पास आकर मेरी और मोम की चूचियां दबाने लगे और चूत में उंगली डाल दी। पर हम अपनी आँखें बंद किए लेटी रहीं, हमसे अब उठा भी नहीं जा रहा था।

“इसकी फुद्दी तो भरी पड़ी है…”

“कोई इनको मस्त पेल गया लगता है…”

“क्या? उम्म… क्या अपन लोग भी बजा दें?”

हम इतने थक चुके थे की हमारे मुँह से शब्द भी नहीं निकल रहे थे। हम उनको मना कैसे कर सकते थे।? और अगर मना कर भी दें तो क्या वो रुकते?

“तुम लोगों का तो पता नहीं मैं तो इनको चोद रहा हूँ…”

“पागल है क्या? ये भाई का खास कमरा है। यहाँ पर सिर्फ उनसे ही लौंडिया चुदवाती है, और कोई दूसरा इनको हाथ नहीं लगा सकता…”

“देख ना यार, ये तो पहले से ही चुद चुकी हैं, अब भाई थोड़े ही ना इनको चोदेंगे। वो तो पार्टी मना कर चले गये…”

“सही बोला, चल इनको यहाँ से उस कमरे में लेकर चोदते है…”

“यहीं कर देते हैब ना…”

“नहीं भाई के कमरे में नहीं…”

“अब कौन उठाए इनको, यहीं कर डालते हैं, और इनके अंदर ही माल छोड़ देंगे…”

“पर भाई को पता चला तो?”

“छोड़ ना यार… चल, इन लौंडियों को उठाकर उसी कमरे में लेजाकर पेलते हैं…”

“चल चल तू इस बड़ी वाली को उठा और तू इस छोटी वाली को…”

 


अब हम लोगों को पता चल गया था की ये लड़के अकरम के आदमी हैं, और हमें इनके लिए नहीं बुलाया गया था। बची खुची ताकत बटोर के मैं कड़क आवाज में बोली- “ओये… हटो, चलो जाओ यहाँ से…”

वो एकदम से मुझे देखने लगे। मैंने इन लड़कों को इस क्लब में देखा था। फिर एक लड़का बोला- “क्यों साली, तू यहाँ पे मरवाने नहीं आई है क्या?”

तभी मोम बोली- “तेरे बाप ने अपने लिए हमको बुलाया है। चलो, अब इससे पहले की वो तेरी गाण्ड मारे, निकलो यहाँ से…”

पर वो ना तो हिले और ना ही वो अब कुछ बोले, बल्की उन्होंने अपनी पैंट से लण्ड निकालकर जबरदस्ती मेरी और मोम की टाँगें फैला दी और एक ने तो मेरी चूत पे अपना लण्ड भी रख दिया, और तो और बाकी दो ने मोम की चूत पे अपने लण्ड को और एक ने तो थोड़ा सा घुसा भी दिया।

अब हम क्या करें? अब तक तो हम बड़े मजे से चुदा रहे थे, खुलकर अपनी ठुकाई करा रहे थे, लेकिन अब तो लगता है की हमारा बलात्कार होने वाला था। उसी टाइम रूम खुला और मैंने अकरम के आने की उम्मीद से दरवाजा की तरफ देखा, पर अब्दुल रूम में आया।

वो हम सभी को इस हालत में देखकर गुस्से से पास आया और एक को कस के झापड़ लगा दी और फिर वो बोला- “मादरचोदों, भेन के लौड़े, क्या कर रहे हो? छोड़ो इनको…”

एक लड़का अपने 5” इंच के लण्ड को मेरी चूत पे सेट किए था और अब्दुल की तरफ, मार खाकर भी बेशर्मी से बोला- “क्या अब्दुल भाई, आपको भी चाहिए क्या?”

अब्दुल- “चुप भोसड़ी के, अकरम भाई ने खास सलमान भाई के लिए इनको बुलाया है…”

जो लड़का मोम की चूत पे अब भी अपना लण्ड रगड़ रहा था वो मोम की क्लिट पे और रगड़ते हुये बोला- “अब्दुल मियां, इसकी चूत तो कुछ और ही बोल रही है, लगता है इसका मन अब भी नहीं भरा…”

और उसके पास खड़ा लड़का जो अपने लण्ड को मोम चूत में आधा डाल चुका था, उसने बिना डरे कहा- “हाँ… ये अब भी खूब गीली है…”

“अरे उन्होंने अपना काम खतम कर भी लिया और चले भी गये। अब तो ये अपनी है…” ये बोलने वाले की बात सुनकर मेरी चूत मुझे धोखा दे रही थी।

“हाँ… और अब इनको कौन चोदने वाला है?” हँसते हुए वो बोला जो हिलाते हुए मोम की चूत में अपना लण्ड डाले बेखबर मोम को चोद रहा था।

मुझे मोम को देखकर लगा की उनकी हालत खराब हो रही थी और वो फिर से चुदने को तैयार हो रही थी। मेरी भी चूत में फिर से लण्ड की चाहत बढ़ने लगी और मेरी चूत पे लगे लण्ड को मैं अपने अंदर लेना चाहती थी। लण्ड चाहिए तो था पर इन लोगों से तो कभी नहीं।

अब्दुल- “भाई ने तुम लोगों के लिए उन रंडियों क्या इंतजाम किया था और फिर तुम लोगों ने उन रंडियों से चुदाई कर तो ली ना, साले उंगली देखकर सिर पे चढ़ने लगे। जाओ जाकर उनको चोदो। पूरी रात के लिए पड़ी है यहाँ पे, चलो फूटो यहां से…”

“अरे वैसी तो रोज ही चोद देते हैं, पर ऐसा माल बहुत किश्मत वालों को मिलता है…”

“अरे भाई जितना बोलोगे, इतनी देर में हम लोगों ने चोद भी दिया होता…”

मुझे भी लण्ड की चाहत में उसकी बात सही लगी। और फिर मोम की “सस्स…” सुनाई दे रही थी।

“भाई लोग चले गये हैं ना, अब क्यों देर रहे हो मियां? आपको नहीं करना तो हमें तो करने दो…”

“वैसे वो हैं कहां?”

अब्दुल बोला- “वो अपने फूफा और रिश्तेदारों को छोड़ने गये हैं, जिन्होंने उन रंडियों को तुम्हारे हवाले कर दिया था, उनकी वजह से ही वो बाद में तुमको चोदने को मिली। अब सालो, भाई को पता चलेगा ना, आकर पहले तेरे को मारेंगे। फिर वो ऊपर क्लब में अपने भाइयों के साथ इनको चोदेंगे…”

“अरे… कितनी देर में वापस आएंगे? अभी बस थोड़ा सा… कर लेने दो ना…” मेरी तरफ वाले ने पूछा।

अब्दुल- “तुम लोग चलो उस रूम में, वहाँ उन रंडियों को चोदो, उनको भी पैसे दिए वसूल करो जाकर…” अब्दुल अब गुस्से से बोला।

“अरे वो कहां और ये कहां? चलो अब्दुल भाई, आप पहले कर लो हम बाद में कर लेंगे…”

अब्दुल- “चुप साले। मादरचोद जाकर अपनी भेन को चोदना…” अब्दुल गुस्से में ऐसे बोला की शायद अब उन लोगों को पीटने ही वाला था।

“चलो यार… हाँ…” मोम की चूत सेमें अपने लण्ड को निकलकर एक लड़का बोला।

तभी मोम की तड़पती आवाज बोल पड़ी- “कितनी देर में अकरम आएगा?”

हम सभी मोम को देखने लगे। अब्दुल अटकते हुए बोला- “आधे घंटे में…”

मोम- “तो फिर मेरी चूत मारो ना, देर किस बात की कर रहे हो?”

तभी मेरी गीली चूत में करेंट दौड़ पड़ा और मैंने अपनी कमर हिलाकर उस 5” इंच के लण्ड को अपनी चूत में ले लिया।

अब तो वो तीनों हम पे टूट पड़े, और अब्दुल मुँह खोले हैरानी से हमें देख रहा था, मोम की चूत में 6” इंच लण्ड जोर-जोर से आ जा रहा था, और मोम 4” इंच के लण्ड और बाल्स को पकड़कर मस्त तरीके से चूस रही थी, और मेरी चूत को 5” इंच के लण्ड वाला लड़का जोरों से चोद रहा था।

मैं पहले की ठुकाई की वजह से लेटी-लेटी चुद रही थी। पर मोम में वापस चुदाई करने के लिए ताकत आ गई और वो अपने मुँह को आगे पीछे करके लण्ड चूस रही थी।

ऐसे में वो लड़का बोला- “उह्ह… अरे मैं… मैं तो झड़ने वाला हूँ…”

तभी मोम ने उसके लण्ड को मुँह से निकल दिया और पीछे धकेल दिया। पीछे हटते ही वो झड़ गया, मुझे चोद रहा लड़का भी अब झड़ने वाला था, और जो लड़का मोम को चोद रहा था उसने अपनी स्पीड धीरे कर दी। पर मोम को समझ में आ गया और मुझे भी की वो भी कमीने निकले। हम दोनों ने अपनी चूत से उनका लण्ड निकल लिया और बैठकर अपने हाथ से हिलाकर उन लोगों को खाली कर दिया, वो तीनों शर्म के मारे रूम से भाग गये।

अब्दुल उनके जाने के बाद रूम से बाहर निकलने वाला ही था की मैंने कहा।- “तुम हमें नहीं चोदोगे?”

“उम्म्म… मैं वो… भाई…”

मोम- “अब्दुल, चलो यहाँ आओ…”

अब्दुल हमारे पास आया और खड़ा हो गया, उसकी पैंट में एक टेंट बन चुका था और हम माँ बेटी भी तड़प रही थी।

मोम- “चलो भी, अब्दुल…” कहते हुए मोम उसकी पैंट को खोलने लगी- “सस्स्स… ओह्ह… गिव में दैट…” कहकर मोम ने उसकी पैंट खोल दी।

और मैं सदमे से एकटक उसके नीचे देखती रह गई। अब्दुल अब हमारे सामने अपने 9” इंच के लण्ड के साथ खड़ा था, उसका अनकांडा अपने आपको आजाद पाकर फनफना रहा था।

मोम ने अपने हाथों में ले लिया, और मुँह में लेते हुए- “उम्*म्म्म… आअह्ह… उम्म्म… उम्म्म… सस्स्स…” फिर मोम ने मुँह से निकाल दिया- “इटस सो फकिंग बिग…”

हमसे रहा नहीं गया और मैं और मोम किसी भूखों सी उसपर टूट पड़ी, कभी मोम लण्ड की पूजा करती और कभी मैं उसकी आरती उतारती- “सस्स्स… उम्म्म… उम्म्म… हाँ उम्म्म… उम्म्म…” की आवाज से मैं उस लण्ड को मुँह में लेती और मोम उसके बाल्स को अपनी जीभ को निकाल के खूब चाट लेती और मुँह में ले लेती।

10 मिनट के बाद अब्दुल ने हमें उठाया और पलंग पे लेटा दिया, वो अपनी शर्ट उतार के फेंक देता है, मोम अपनी टाँगें फैलाए अपनी दो उंगलियों से चूत खोल देती है।

मोम- “ले अब्दुल, आज एक बार फिर से फाड़ दे मेरी चूत को…”

मैं मोम को देखती रह जाती हूँ, क्या? मोम पहले भी अब्दुल के इतने लंबे, मोटे, शैतान से लण्ड का मजा ले चुकी है?

मोम मेरे चेहरे की हैरानी देखकर हँस देती है- मोम- “इस्स्स… नाउ फक मी अब्दुल, फक युवर होरस लिटिल पुस्सी…”

अब्दुल मोम की आज कई बार चुद चुकी चूत पे अपना लण्ड सेट कर लेने के बाद एक झटके से पूरा अंदर डाल देता है।

मोम- “आअह्ह… मर गई आआह्ह…” मोम चिल्ला पड़ी।

फिर अब्दुल मोम को जमके चोदने लग गया, और मोम मुझे पास ला के मोम की चूत को चाटने ले लिए झुका देती है। मैं के अब्दुल लण्ड को पकड़कर बाहर निकाल देती हूँ फिर मोम की क्लिट पर थोड़ा थूकती हूँ। फिर वापस उसमें लण्ड को घुसा देती हूँ- “आअह्ह… एस हाँ हाँ…” मोम तड़प के साथ मजे ले रही होती है, फिर मोम की चूत से पानी निकल आता है जिसे मैं पी लेती हूँ।

 


फिर मोम हटकर साइड में हो जाती है और मुझे लेट जाने को बोलती है। मेरे लेट जाने के बाद मोम ने मेरी टाँगें फैला दी, ताकी अब्दुल मुझे चोद सके।

मोम- “अब्दुल, आज तेरे लिए एक नई चूत हाजिर है, ये भी तेरे हथियार की मार खाने के लिए बेताब है…”

मैं मोम की बातें सुनकर शर्मा जाती हूँ। मोम तो अपनी बेटी को एक रांड़ की तरह पेश कर रही है, पर ये सुनकर मेरी उत्तेजना और भी बढ़ गई।

अब्दुल- “तैयार हो जा, रोने के लिए…” फिर उसने मेरी गीली चूत में अपना लण्ड धीरे से घुसेड़ दिया, और वो चूत की दीवार पे लग गया।

“आअह्ह… स्सोऽ फकिंग बिग…” मैं अपनी चूत को मसलती हुई अपनी चूचियां दबा देती हूँ।

मोम मुझे किस करने लग जाती हैं, और फिर अब्दुल जो शुरू होता है की मेरी चीख निकल के मोम के मुँह में ही रह जाती है। वो मुझ पकड़े होती है, पर अब्दुल मेरी चूत को दबा-दबा के मार रहा होता है। मोम फिर मेरी चूत को मसल रही होती है, पर मेरी चूत में अब्दुल के लण्ड का मजा सबसे ज्यादा होता है। मैं उसको रोकना चाहती थी। पर जो वो शुरू होता है की रुकता नहीं।

धीरे-धीरे मेरी चुदक्कड़ चूत को उसके बड़े से लण्ड की आदत हो जाती है और फिर मैं भी मजे लेते हुए चिल्लाती रहती हूँ- “चोदो, चोदो मेरी चूत… फक इट, फक माई पुस्सी, ओह्ह… हाँ हाँ और और… मोर…”

अब्दुल- “ये ले हाँ हाँ, आज तेरी भी बजा दूँगा…” अब्दुल पशीने से नहा गया था।

मैं- “हाँ… अब्दुल चोद मुझे, आअह्ह… चोद आह्ह… मर गई…”

अब्दुल- “तेरी चूत बहुत टाइट है, आज तो इसको चूत से भोसड़ा बना दूँगा…”

मैं झड़ जाती हूँ और अपने हाथ से मोम की चूत को जोर से मसल देती हूँ।

“आआह्ह… ऊऊओ शिट…” कहकर मोम मुझे फिर किस करती है और मोम भी तड़प रही होती हैं लण्ड के लिए, कहा- “सस्स्स… अब मेरी बारी… अब्दुल अब मेरी चूत को तेरा लण्ड दे दे…”

मैं अपनी पानी छोड़ती हुई चूत से लण्ड को निकाल के मोम को देती हूँ- “फक इट, टेक दिस प्रिक, होर टेक इट इन योर फकिंग डर्टी डर्टी होर पुस्सी…”

मोम- “येस, गिव इट तो मी, मेरी रण्डी चूत नीडस दिस फकिंग बिग काक… शिट इट्स सो बिग, फक मी वित योर बिग काक, फक माई डर्टी पुस्सी…” और मोम मेरे पास बैठी अपनी चूत को आगे पीछे करते हुए लण्ड को ले रही थी।

और अब्दुल भी मोम की कमर को पकड़े उनको आगे पीछे कर रहा था।

मोम मुझे अपने पास करके किस करने लगी, मोम तो फुल जोश में थी- “ओह्ह… ओह्ह… आआ फक माई पुस्सी…”

अब्दुल तो जैसे पूरे फार्म में था वो जम के शाट पे शाट लगा रहा था- “हाँ… ऊ हाँ हाँ…” वो पूरे पशीने से नहा गया था- “साली तेरी चूत की तो हाँ हाँ आज्ज भोसड़ा बना दूंगा हुहुहू फँसधुह…”

फिर मोम जोरों से चिल्ला पड़ती है और उनकी चूत से खूब सारा पानी बहना शुरू हो जाता है और वो तेजी से हाँफ रही होती हैं, और वो बुरी तरह से काँप रही होती हैं। फिर भी मोम अपनी क्लिट को मसलती रहती है।

उसके बाद मोम ने हटाकर मुझे लेटा दिया और मेरे मुँह पर चूत रखकर बैठ गई- “सक माई फकिंग चूत यू बिच, उम्म्म… इस्स्स्स…” मोम की चूत में करेंट दौड़ रहा था।

मैं अपनी माोम की चूत को पूरी ताकत से चूस और चाट रही थी और वो भी मुझे अपना रस पिलाकर फिर से झड़ गई।

तब अब्दुल ने मुझे कमर से पकड़कर अपने पास खींच लिया और फिर मेरी चूत को मारने लगा। मोम मेरे ऊपर से हटकर मेरे पास लेटकर मेरी चुदाई देख रही थी।

अब्दुल की मर्दानगी भरी चुदाई के कारण मेरी हालत ही खराब हो गई और मैं झड़ गई। मेरी चूत से खूब पानी निकल रहा था।

अब्दुल ने अपना लण्ड निकाल लिया और मेरी चूत में अपने दायें हाथ की बीच की दो उंगलियों को मेरी चूत में डालकर जोरों से मसलकर मेरी बारह बजाने लगा। फिर उसने मोम को पास बुलाया और मोम अपनी एक टांग ऊपर करके हाथ में ले लेती हैं, अब मोम को अब्दुल ने फिर से चोदना शुरू कर दिया।

मैं- “आअह्ह… फक फक फक उम्म्म… आअह्ह… शिट…” मैं तड़प कर मरी जा रही थी।

और अब्दुल मोम की मारे जा रहा था, और मोम पहले से ज्यादा तड़प रही थी, वो झड़ती हुई बोलती जा रही थी “टोर माई चूत… फक इट आह्ह… मेरी चूत… हाय रैम इट यू फकर…”

अब्दुल मेरी चूत में दो उंगलियों को जोरों से मसल रहा था और मेरी चूत से पानी के छींटे उछल रहे थे। मेरी चूत फिर से झड़ जाती है और थोड़ी देर बाद मोम भी झड़ जाती हैं। अब्दुल अब झड़ने ही वाला होता है।

मैं तभी बोल पड़ी- “मेरी गाण्ड, अब्दुल मेरी गाण्ड में अपना बड़ा सा लण्ड पेल दो, प्लीज़्ज़… फक माई आस…”

अब्दुल मुझे घोड़ी बनाकर मेरी गाण्ड में अपना लण्ड पेल देता है।

“आआअ… शिट…” मैं चिल्ला पड़ती हूँ- “अब्दुल फक माई लिटिल गाण्ड का छेद… मेक इट बिगर… और मार ओह्ह माँ स्स्स्स… ओह्ह… गोड इट्स फकिंग बिग आऽ हाँ हाँ आई लोव इट…”

अब्दुल पूरे जोश में मेरी गाण्ड को दबा-दबा के फाड़ देता है और आखिरकार, वो अंदर ही झड़ जाता है। मेरी गाण्ड में इतना दर्द होता है की मेरी आँखों में पानी आ जाता है। फिर वो मुझ पर झुक जाता है और तेज-तेज हाफ रहा होता है। मेरी गाण्ड की जलन से मैं मरी जा रही होती हूँ, और अब्दुल का वीर्य मेरी गाण्ड के छेद से बहने लगता है।

मैं बड़ी कामुक आवाज से बोलती हूँ- “थैंक्यू अब्दुल…”

मोम भी हँसते हुए बोलती हैं- “थैंक्यू अब्दुल्ल…” और हम हँसते हुए उसको हाथ हिलाकर बाइ-बाइ करते हैं।

अब्दुल मुश्कुराता है और थोड़ा शर्माते हुए वो जल्दी से अपने कपड़े पहन लेता है और फिर आज की रात को सबसे रंगीन बनाकर अब्दुल कमरे से निकल जाता है।

मोम मुझे अपनी बाहों में लेकर लिपट जाती हैं, और अपनी उंगलियों से मेरी जलती गाण्ड को सहलाती हैं, मोम और मैं एक बार फिर नंगी और अकेली थी, एक दूसरे से लिपटी हुई थी।

मोम मुझे देखते हुए कहती है- “होर…”

मैं शर्माते हुए कहती हूँ- “आइ एम सारी… शट-अप बिच…” और हम हँस पड़ते हैं, काफी देर तक हमारी हँसी नहीं रुकती, फिर मैं मोम की चूत हल्के से सहलाती हूँ, उनसे लिपट जाती हूँ, और हम सो जाते हैं।

हम आज बहुत बुरी तरह से चुद चुके होते हैं। चार लोगों ने हमें जम के चोदा था। फिर उन तीनों कमीनों ने हमारी भूख और प्यास को बढ़ा तो दिया था पर उसे शांत एक ऐसे मर्द ने किया जिसको देखकर कभी सोचा ही नहीं था की उसके पास यहां का सबसे लंबा लण्ड है।

फिर मेरी नींद किसी की आवाजों से खुल जाती है। मेरे पास मोम लेटी हुई गहरी नींद में सो रही होती हैं। पर रूम में अब अकरम और उनके भाई भी होते हैं, वो लोग किसी को घेर के खड़े होते हैं। फिर कुछ होश आने के बाद समझ में आता है की चार लोग अपने लण्ड से कंडोम निकालकर दो लड़कियों को अपने लण्ड चूसा रहे थे। मैं लेटी-लेटी उनको देख रही थी।

एक स्लिम बाडी, घुंघराले बाल जो अब उलझे और वीर्य से भरे थे, लंबी सेक्सी टांगों वाली लड़की जिसकी चूचियां थोड़ी छोटी-छोटी थीं, फिर भी वो मस्ती से दो लोगों को हाट ब्लो-जोब दे रही थी, उसकी स्लिम बाडी के उलट उसके पास वाली लड़की थी।

उसका फिगर कर्वी था और वो उससे ज्यादा सांवली थी, उसकी हाइट दूसरी लड़की से छोटी थी, उसके बड़ी-बड़ी चूचियों पर बड़े काले-काले निपल थे और उसके चूतड़ फुटबाल जितने बड़े-बड़े थे और इस सब खूबियों के कारण वो पक्की चुदक्कड़ लग रही थी।

दोनों औरतें एकदम प्रोफेशनल थीं चुदाई में, पर उनकी अबकी हालत से वो भयानक दिख रही थीं, सेक्सी बाडी होने पर भी वो दोनों के चेहरे चुड़ैल जैसे हो गये थे और पता नहीं वो लोग उनको कैसे चोद रहे थे, और चार लण्ड अब उनको चोदने वाले थे, पर वो उनपर झड़ गये और उन्होंने सब कुछ पी लिया। फिर वो सभी सोफे पे बैठ गये और वो लड़कियां कार्पेट पे लेट गई, तब उन सभी ने मुझे देखा।

सलमान- “ओह्ह… जाग गई? तुम लोग गहरी नींद में थी, तो हमने यहीं पर अपना खेल चालू कर लिया…” सलमान ने कहा।

मैं- “कोई बात नहीं…” मैं बोली।

फिर वो सभी मर्द उठकर मेरे पास आए और मेरे मुँह के पास अपने लटकते लौड़ों को लाकर कहा- “आज बेचारों ने बहुत ठुकाई की है जरा गुड नाइट किस्सी दे दो…” फिर वो हँसने लगे।

मैं नींद भरी आँखों से उनको देखती हूँ। उनके प्लीज़्ज़… बोलने पर मैंने सभी लण्ड के सुपाड़े को एक-एक करके किस किया।

सलमान बोला- “मेरी जान थोड़ा प्यार से किस करो, नहीं तो कल ये तुमको नहीं मिलेगा…”

मैं बोली- “ओके तो फिर…” फिर उसके लण्ड को पूरा मुँह में ले लिया और फिर जोर से चूसते हुए अपने मुँह से निकाला- “अब ठीक है?” शरारती स्माइल से पूछा।

सलमान- “वाह… मजा आ गया…”

उसके बाद मैंने सभी चारों लण्डों को 3-4 बार वैसे ही मुँह में लिया और निकाला, वो दो रंडियां मुझे देख रही थीं, पर मैंने उनपर ध्यान दिया ही नहीं।

चारों को मेरे गुड नाइट किस्सी देने के बाद अशरफ का मूड बन गया और वो मेरे पास आया पर सलमान बीच में आकर मेरे पीछे लेट गया और अशरफ की तरफ देखते हुए कहा- “तुम लोग ऊपर वाले रूम में जाकर सो जाओ…”

तब तक अकरम मोम के पीछे लेट गया। उन दोनों के हम पर कब्जा कर लेने से अशरफ का मूड आफ हो गया, क्योंकी बेड पर अब मेरे और मोम के साथ वो दोनों स्पून पोजीशन में थे। आखिरकार, वो अपना खड़ा होता लण्ड लेकर उन रंडियों और इरफान को साथ लेकर रूम से निकल गया।

 


मैंने पीछे सलमान की तरफ देखते हुए कहा- “थैंक्स, मेरा बदन अभी भी दर्द कर रहा है और आपने मुझे चुदने से बचा लिया…”

सलमान- “पता है मेरी जान, उस गान्डू को अकल नहीं है, तू चिंता मत कर…” फिर उसने मुझे एक प्यारा सा किस दिया।

फिर मैंने भी उसको सपोर्ट किया, किस ब्रेक होने के बाद मुझे उसकी बाहों में कैद होकर बड़ा मजा आ रहा था और मेरी चूत में फिर से खलबली होनी शुरू हो गई। उसने मेरे बालों को पकड़कर फिर से किस किया, गर्म सांसें छोड़ते, गर्दन और कंधे पे किस करते हुए वो मेरी चूचियों से लेकर मेरी नाभि और फिर मेरी क्लिट तक सहलाने लगा।

उधर अकरम मोम के पीछे से हमें देख रहा था, ऐसा लगता था की वो मोम को तंग नहीं करना चाह रहा था। इसलिए फिर वो उनसे चिपक के सो गया।

इधर मैंने अपने हाथ को चूत पे लेजाकर पीछे से गर्म और सख्त लण्ड को अपनी चूत के बीच कर दिया, वो मेरी लेफ्ट चूची के निपल को हल्के से छेड़ता रहा और मैं हल्के से कसमसाती रही, जिसके कारण अपने लेफ्ट हैंड से अपनी चूत से सटे लण्ड की मसाज करने लग गई।

हम बहुत थके हुए थे। आज मेरी और मोम की जम के ठुकाई हुई थी, और ना जाने हमारे आने से पहले भी इन लोगों ने भी कितने मजे किए होंगे? वो अब भी हार्नी था और फोरप्ले कर रहा था। मैं थकी हुई थी और सोना चाहती थी, पर उसके खेल से मुझे अच्छा महसूस हो रहा था।

उसने उत्तेजना में अपने लण्ड को मेरी चूत के सिरे पर धीरे-धीरे रगड़ना शुरू कर दिया और फिर अचानक से उसने अपना बुरी तरह तड़पता हुआ लण्ड मेरी भट्टी जैसी गर्म और सागर से ज्यादा पानी से भरी चूत में डाल दिया। मैं हौले से सिसक उठी।

फिर सलमान कुछ देर यूँ ही रुका रहा, उसके बाद वो बहुत ही धीरे-धीरे, प्यार से मेरे अंदर-बाहर डालने लगा, इस धीरे और सेक्सी इनटेन्स सेक्स से बड़ा मजा आ रहा था।

मैं इस तरह का सेक्स काफी टाइम से नहीं कर पाई थी, क्योंकी जब भी मेरा कोई बायफ्रेंड होता वो मुझे वाइल्ड होकर ही चोदता और फिर उनमें इतनी समझ नहीं होती की मैं उनकी गर्लफ्रेंड हूँ, और उनसे प्यार भी चाहती हूँ, अभी मुझे ठीक वैसा महसूस हुआ जब मैंने अपनी वर्जिनिटी खोई थी।

सलमान मुझे एक कुँवारी लड़की की तरह का प्यार कर रहा था, मैं इस्स्स… उह्ह… उह्ह… उह्ह… माआ उन्ह उन्ह करती हुई लेटी रही, सलमान मेरे कान और गर्दन को चूमता हुआ गर्म सांसें छोड़ रहा था। तभी मैं अपनी चूत में जोरदार हिट महसूस करती हूँ और फिर बड़ा तेज आर्गैज्म मिलता है, मेरी चूत में बाढ़ सी आ जाती है। ये बिल्कुल अद्भुत और आश्चर्यजनक थे।

मोम करवट लेकर अकरम की तरफ हो जाती हैं।

मैं अपनी चूत मसलती हुई करवट लेटे हुए सलमान की तरफ मुँह कर लेती हूँ, और किस करते हुए एक टांग उसकी कमर पे रख देती हूँ और वो मेरी जाँघ पकड़कर मुझे अपने ऊपर लेकर मेरी दोनों जांघें फैला देता है और लण्ड को फिर से चूत में डाल देता है।

मेरी चूचियां उसके सीने पर रगड़ने लगती हैं, जब वो मेरी गाण्ड को पकड़कर मुझे हिला रहा होता है। मैंने तो जैसे अपने आपको उसके हवाले कर दिया था, वो मेरी पूरी बाडी को सहलाने लगा और मुझे किस करने लगा, धीरे-धीरे अब फिर से मैं झड़ने को होती हूँ।

अब वो मेरे बड़ी गाण्ड को दोनों हाथों से जकड़ के तेजी से चोदना चालू कर देता है और आखिरकार, मेरी चूत में उसका माल एक फुहार के साथ भर जाता है। उसके ठीक बाद मैं भी झड़ जाती हूँ। हम तेज सांसों के साथ एक दूसरे से लिपटे थे और मुझे हल्की ‘सस्स्स’ सुनाई दे रही होती है, और मैं सलमान के ऊपर लेटे हुये उन सस्स्स… आह्ह… को सुनती हुई सो जाती हूँ।

अगले दिन मेरी आँखें खुल जाती है। आह्ह… क्या रात थी, पर मेरी पूरी बाडी तो जैसे अकड़ सी गई थी। फिर मैं देखती हूँ कि मैं बेड के लेफ्ट साइड में लेटी हूँ और मेरे दायें साइड में सलमान, फिर मोम और आखीर में अकरम सो रहे होते हैं। मैं अंगड़ाई लेते हुए उठ जाती हूँ।

फिर मैं बाथरूम चली जाती हूँ, बाथरूम से अपने मुँह और हाथों को पोंछते हुए बेड की तरफ देखती हूँ, वो तीनों अब भी सो रहे होते हैं। तौलिया पास पड़ी चेयर पे फेंक के सामने सोफे के बीच टेबल के नीचे से अपनी पैंटी उठाकर पहन लेती हूँ, पर्स से फोन निकलकर देखती हूँ की 11:00 बज गये थे, कुछ मिस काल थे, रेहान के 4, भाई के 2, और 15 विशाल ने किए थे (लगता है बहुत ही याद आई थी उस मिनिस्टर के बचे को।)

फोन पर्स में डालकर बेड पर मोम को जाकर उठती हूँ, वो दोनों भी जाग जाते हैं। मैं स्वीट आंड सेक्सी आवाज में- “गुड मार्निंग हन्नी…”

मोम, अकरम, और सलमान अंगड़ाई लेते हुए- “गुड मार्निंग…” “गुड मार्निंग स्वीटी…” “गुड मार्निंग जानू…”

मोम उठती हैं पर सलमान उनको अपने पास करके किस कर देता है, और मोम उसका सोया हुआ लण्ड सहलाती हुई किस का जवाब देती हैं- “गुड मार्निंग बिग बाय…”

“आ मार्निंग…”

अकरम- “आह्ह… क्या पार्टी थी… भाई आपको मजा तो आया ना?”

सलमान मोम के किस को तोड़ते हुए कहता है- “बहुत, आज तक इतना मजा कभी नहीं आया, छोटे मुझपे तेरा कर्ज़ रहा…”

मोम- “अच्छा जी… और हमारा क्या?”

सलमान- “तेरी वजह से तो मैं कर्ज़े में डूब गया…”

मोम स्माइल के साथ उसे एक छोटा सा किस करती है।

अकरम मुझे अपने पास खींचकर, आह्ह… मेरी चूचियां उसके चेहरे से टकरा जातेी हैं, वो बोलता है- “कल तुम लोग जल्दी क्यों सो गई थी? हमारा इंतेजार ही नहीं किया…”

मैं- “तो फिर इतना लेट आए ही क्यों?”

अकरम- “अच्छा। चल कोई बात नहीं, अब तो खुश कर दे…”

मैं- “क्यों उन दोनों ने आपको खुश नहीं किया?”

सलमान और अकरम ‘ऊऊओ’ करते हुए चिढ़ाते हैं- “लगता है किसी और को खुश करने की जरूरत है?” फिर अकरम मेरी चूचियों को दबाकर मुझे अपने ऊपर गिरा देता है।

मेरी गाण्ड अकरम के लण्ड पर आ जाती है और मेरा सिर मोम की चूत के पास आ जाता है, मेरी नजरों के एकदम पास दो अँगुलियां एक रसीली चूत को मसल रही होती हैं, अकरम मेरी पैंटी को उतार के फेंक देता है। फिर मैं अपनी जीभ को मोम की क्लिट के ऊपर फेरने लग जाती हूँ।

बेड पर अकरम मेरी क्लिट को दबाते हुए मोम को किस कर रहा था, मोम सलमान का तगड़ा और मोटा लण्ड अपने हाथों से तेजी से सहला रही थी और सलमान मोम की चूचियां चूस और दबा रहा था और एक हाथ से मेरी चूचियां सहला रहा था।

वो दोनों उठकर हमें डागी स्टाइल में आने को बोलते हैं। थोड़ी देर बाद मैं और मोम घोड़ी बनकर उनके लण्ड को अपनी लाल गाण्ड हिला-हिलाकर अपने पीछे खड़े दो भाइयों के एक जैसे लण्ड को चोद रहे थे, उन्होंने अपनी जगह बदल दी। अब अकरम मोम की चूत को जोरदार झटके देते हुए मारे जा रहा था और सलमान मेरी चूत में अपना लण्ड पेल रहा था, और हम माँ बेटी चुदक़्कड़ रंडियों की तरह चिल्लाते और रोते हुए अपनी फड़वा रही थीं, ऐसा लग रहा था की अब तो सच में फट ही जाएगी।

मैं- “हाय मर गई आअह्ह…”

मोम- “चोदो चोदो आअह्ह… मेरी चूत आह्ह…”

मैं- “हाँ हाँ आई एम योर फकिंग होर, फक मी हार्डर…”

मोम- “एस एस एस…” मोम झड़ने वाली थी।

और मैं भी- “हार्डर हार्डर हार्डर…”

पर वो दोनों भाई रात भर सोने के बाद बहुत भूखे थे, वो दबा के खाए जा रहे थे हम माँ बेटी की चूत को।

अकरम- “आह्ह… हूँ हूँ ये ले, ए ले रांड़ साली हूँ हूँ हूँ…” फट-फट झटके देते हुए उसने कहा।

सलमान- “हूँ हूँ हूँ तुम लोगों की चूत का भोसड़ा बना देंगे…”

मोम- “हाँ… चोद डालो आअह्ह… फक आवर फकिंग चूत, इट्स आल योर्स…”

मैं पीछे मुड़कर उन दोनों को देखते हुए बोलती हूँ- “हमारा मुँह सूखा जा रहा है…”

मोम एरोटिक टोन में बोलती है- “हाँ कुछ पिलाओगे नहीं हमें?” और मोम मेरे बाल पकड़कर अपने पास करती है। फिर हम एक दूसरे को बेहताशा किस करते हैं।

सलमान- “आह्ह… क्या नजारा है…”

अकरम- “चलो एक साथ इनकी प्यास बुझा दें…”

फिर आखिरकार, वो एक साथ बोलते हैं- “ले आ पिल्ला दूं तुझे… चल नीचे बैठ जा और पी डाल सारा का सारा…”

हम झट से नीचे कार्पेट पर घुटनों के बल मुँह खोले बैठ जाती हैं, वो दोनों अपने लण्ड को तेजी से हिलाते हुए हमारे चेहरे और मुँह पर झड़ जाते हैं।

मोम- “आह्ह… ह्म मोना, कम हियर, लेट मी क्लीन योर फेस, ह्म टेस्टी, यू वांट सम?” और मोम उठकर मेरे मुँह पे लगे वीर्य को चाट के मुझे किस करती हैं।

मैं- “थैंक्स राखी…” फिर मैं भी ऐसा करके मोम का चेहरा क्लीन कर देती हूँ।

वो दोनों अब हमें अपनी बाहों में उठाकर बाथरूम लेकर जाते हैं और शावर के नीचे खड़ा कर देते हैं।

अकरम- “चलो अब हमें नहला दे मेरी जान…”

मोम मुश्कुराते हुए सोप उसके हाथ से लेती हैं, और मैं शावर ओन कर देती हूँ। मोम सोप अपनी चूचियां पे लगाती है, फिर वो अकरम के लटकते लण्ड को चूचियां के बीच रखकर मस्त चूची-चुदाई करती हैं।

मैं सोप को सलमान को देते हुए सेक्सी और शरारती आवाज में कहती हूँ- “आप जरा मेरी पीठ पे साबुन लगा दोगे?” और फिर हम एक दूसरे के बदन को अच्छी तरह से साफ कर देते हैं। फिर चारों शावर के नीचे नहाते हैं, जिससे उनके लण्ड वापस खड़े हो जाते हैं, और तब तक वो हमारी चूत, गाण्ड, और चूचियों को मसल मसलकर धो चुके होते हैं।

एक बार और बाथरूम हमारी चुदाई की आवाजों से भर जाता है। सुबह को उन्होंने हमारी चूत को फाड़ डाला था पर इस बार उन दोनों ने बारी-बारी से बाथरूम में हमारी गाण्ड फाड़ दी।

 


आखीर में अकरम ने मोम को अपनी गाण्ड ऊपर करके बैठा दिया और उसमें अपने लण्ड डाले ऊपर-नीचे होने लगा और फिर मुझसे कहा की वो अपना माल मेरे मुँह में भरेगा, पर उसको पीना मत।

फिर सलमान ने मेरे मुँह को अपने लण्ड से भर दिया और मैं सिर आगे पीछे करके उसके लण्ड से वीर्य निकालने लगी। तब वो मेरे मुँह में झड़ गया। जैसा उसने कहा, मैंने चाहते हुए भी उस टेस्टी वीर्य को अपने गले से नीचे नहीं उतरा।

अकरम ने मोम की गाण्ड से लण्ड निकालते हुए कहा- “अब इसकी गाण्ड में भर दे…”

मोम की गाण्ड का छेद खुला हुआ था और मुझे अंदर का हाल दिख रहा था, मैं अपने मुँह को छेद पे लेजाकर सारा वीर्य उसमें डाल दिया।

फिर अकरम ने अपना लण्ड मुझे चूसने को दे दिया और सलमान ने मोम की गाण्ड के छेद में अपना लण्ड डाल दिया, ताकी गाण्ड का छेद सिकुड़ ना जाए, कुछ देर बाद मोम की गाण्ड में उन दोनों का वीर्य था जिसे मैंने अपने मुँह से अंदर डाला था। फिर उन्होंने हमें बाथरूम के गीले फर्श पे लिटाकर अपनी जबान के कमाल से हमें झड़ने को मजबूर कर दिया, कुछ देर हम यूँ ही लेटे रहे फिर उसके बाद शावर ओन करके हम चारों नहाकर बाहर आ गये।

“चलो अब कुछ खा लेते हैं…” फिर हम सभी रूम में अपने कपड़े ढूँढ़ने लगे, मेरी और मोम की ड्रेस सोफे के कोने में खराब और सलवटों से भरी होती है।

मोम- “मेरी कार के अंदर शापिंग बैग रखे हैं, आप उनको ला देंगे?”

अकरम- “अभी ये ही पहन लो ना, यहाँ पर कोई कपड़ों को नहीं देखता…”

मोम- “नहाने के बाद मैं ये नहीं पहन सकती, आप किसी को बुला दो बैग लाने के लिए और कार की पीछे की सीट पे ही बैग रखे हुए हैं…”

अकरम- “रुक जरा, फोन किधर है?” फिर वो फोन ढूँढ़ने लगता है।

सलमान कहता है- “आज क्लब खाली ही है और कोई फेर्क नहीं पड़ेगा, पर मोम और मैं मना कर देते हैं…”

अकरम- “चलो अब तुम ये तो नहीं पहनोगी, कोई बात नहीं। अब तुम लोगों को ये कपड़े भी नहीं मिलेंगे…” और वो हमसे सारे कपड़े ले लेता है।

मैं- “नहीं नहीं…”

सलमान- “अब तो तुम लोगों को ही जाना पड़ेगा अपनी कार से कपड़े लेने…” कहकर वो दोनों हँसने लगते हैं।

मोम थोड़ी मूड में आकर कहती है- “नहीं, अब तो तुम ही लाओगे हमारे कपड़े…”

सलमान- “अच्छा। नहीं तो?”

मोम बोलने वाली होती है की तब अकरम मोम को तौलिया लाकर पकड़ा देता है- “अब ज्यादा शर्म आ रही है तो ये पहन के जाओ और अपने कपड़े लाओ…”

मैं- “क्यों मस्ती कर रहे हो, ला दो ना प्लीज…” प्लीज़्ज़… बोलते टाइम मेरी चूचियां हिलती हैं।

और दोनों हँसते हुए कहते हैं- “अब ये तौलिया ले लो, वरना यूँ ही नंगे जाना पड़ेगा…”

मोम तौलिया लेकर अपनी चूचियां और चूतड़ को कवर कर लेती है, और नाक ऊँची करके अपनी सेक्सी गाण्ड को मटकाते दरवाजा की तरफ जाती हैं।

सलमान मोम का हाथ पकड़कर रोकते हुए बोलता है- “ये फुलझड़ी तो बड़ी नकचढ़ी भी है, पर मानना पड़ेगा, सच्ची तू ऐसे ही बाहर चली जाएगी?”

मोम अपने हाथ सीने पे बांधती हुई बोलती है- “आप नहीं लाओगे, तो फिर किसी को तो जाना पड़ेगा…”

सलमान- “अरे हम तो मजाक कर रहे थे, अगर बाहर अकेली चली गई होती तो लोग पकड़ लेते तुझे…” और फिर सलमान काल करके किसी लड़के को खाना लाने को बोलता है।

मोम- “तुम भी तौलिया पहन लो…”

मैं- “इटस ओके राखी…” मैं आँख मारते हुए कहती हूँ।

पर अकरम हम दोनों को फिर से अलग नजरों से देख रहा होता है। मोम मुझे एक तौलिया ला देती हैं, जिसे चूची के ऊपर से बाँधकर मैं खुद को कवर कर लेती हूँ।

कुछ देर में एक लड़का खाना लेकर रूम में आता है, और अकरम मुझसे कार की चाभियां लेकर उस लड़के को हमारा सामान लाने को कहता है। हम चारों मिलकर खाना खाते हैं, और बातें करते हैं। इस सबके बाद वो खाना लाने वाला लड़का मुझे कार की चाभियां देता है और हमें अपने शापिंग बैग मिल जाते हैं।

मैं तौलिया निकाल के एक डीप ‘वी’ कट सफेद कलर का टाप और वेस्ट बेल्ट के साथ ब्लैक फ्लोयिंग हेम स्कर्ट पहन लेती हूँ, मोम रेड कलर डीप ‘वी’ कट रैमपर पहन लेती हैं, जिसमें उनकी कर्वी बाडी सेक्सी लग रही होती है। हम सभी ऊपर क्लब में जाते हैं, क्लब और वो जगह पहले से काफी खाली होती है, पर अब भी 3-4 लोग वहां बैठे होते हैं

सलमान- “चल ठीक, अब मैं चलता हूँ…” वो अकरम के गले लगकर मेरी तरफ आता है- “तेरी बड़ी याद आया करेगी अब से…”

मैं और मोम उसको किस करते हैं, फिर वो वहाँ से चला जाता है। अकरम उन 3-4 लोगों को सलमान के साथ जाने को बोलता है, अब उस जगह पे सिर्फ हम तीनों ही होते हैं।

अकरम मेरे और मोम की कमर पे हाथ रखकर ऊपर रूम में ले जाता है जहाँ मुझे उसने पहली बार चोदा था। उस रूम की तरफ जाते हुए अकरम हमारी तारीफें करते हुए कहता है- “तुम लोगों ने तो पार्टी की शान बढ़ा दी…”

हम थोड़े शर्मा जाते हैं। मैंने कहा- “पर आपने तो हमारी हालत खराब ही कर दी…”

अकरम- “तुम लोगों ने ही हमें मजबूर किया ऐसा करने के लिए…” हमारे चूतड़ों और पेट पर हाथ फेरते हुए कहा।

मोम सेक्सी आवाज में बोली- “वो कैसे?”

तब तक हम ऊपर रूम में पहुँच गये थे, और दरवाजा खुला छोड़कर हम बेड पर बैठ गये। अकरम किसी राजा की तरह बीच में बैठा हुआ था और मैं और मोम अगल बगल में रानियां बनकर उससे लिपटी हुई थीं।

अकरम- “तुम दोनों का ये जवान और सेक्सी बदन किसी को भी चोदने के लिए मजबूर करता है, इसलिए तुम लोग ही कसूरवार हो कल रात की ठुकाई के…”

मैं- “जब सामने इतने लंबे और तगड़े लण्ड होंगे तो कोई भी लड़की अपनी जवानी पे कैसे कंट्रोल कर सकती है? और तो और आपके वो दो भाई तो यूँ ही नंगे पुँगे घूम रहे थे…”

अकरम- “तुम दोनों को उनके लिए थोड़े ही ना बुलाया था। वैसे मेरा बड़ा भाई कैसा लगा?”

मोम- “आपके भाई तो आपकी तरह निकले, हमारे सभी छेदों की उन्होंने बैंड बजा दी…”

अकरम- “आखिर भाई किसका है? लेकिन ये तो बताओ, तुम दोनों को मजा तो आया ना दो भाइयों से एक साथ चुदने में?”

मैं उसके पैंट के ऊपर हाथ फेरते हुए बोली- “हाँ… बहुत…” और फिर पैंट पर से लंबे और कड़क तने हुए लण्ड को पकड़कर हिलाते हुए शरारती आवाज में- “और आपको? आपको मजा आया ना?” फिर झुक के उस उभार को चाटने लगी, फिर शरारती तरीके से हल्का काटा।

अकरम तड़पते हुए- “हाँ… मेरी जान, मजा तो मुझे भी आया। लेकिन कल जितने भी लोग यहाँ थे उन सबसे ज्यादा, और तो और तुम दोनों से भी ज्यादा…”

मोम अपने टाप के डीप ‘वी’ कट को साइड करके अपने चूचियां बाहर निकल देती हैं, और सेक्सी स्माइल से पूछती हैं- “ह्म्म… वो कैसे?”

अकरम अब हल्के से फुसफुसाते हुए कहता है- “मुझे तुम दोनों को पहले चार भाइयों से रण्डी के जैसे चुदते देखने में मजा आया, फिर आज सुबह देखा…” फिर हम तीनों एकदम पास में आ जाते हैं फिर वो बोला- “की कैसे दो भाई मिल के एक साथ माँ बेटी को चोद रहे हैं…”

मेरा हाथ उसके लण्ड पर फेरते हुए रुक जाता है, और मोम की सेक्सी स्माइल कहीं खो जाती है, हम एक दूसरे को देखने लग जाते हैं, कैसे पर आखिर कैसे इनको पता चला? ओह्ह… माई गोड।

अकरम चालू रहता है- “… और कैसे एक बेटी अपनी माँ की गाण्ड में किसी का माल भरती है, सच में मुझे तो अपनी पूरी लाइफ में ऐसा मजा नहीं आया…”

मोम मुझे देख रही थी। फिर मैंने धड़ाके दिल के साथ अकरम को पूछा- “कैसे? आपको कैसे पता चला?”

अकरम- “कल तेरे भाई का फोन आया था…”

मेरे तो जैसे काटो तो खून नहीं। मैं बिल्कुल सदमे में आ गई और मोम की आँखें और मुँह डर और शाक के मारे खुले के खुले थे।

मैं- “और… और क्या आपने उसको बता दिया?”

मोम अपने मुँह पे हाथ रख लेती हैं।

अकरम मोम को शाक और डरी हुई देखता है, तो अकरम मुश्कुरा के उनके कंधे पर हाथ रखकर बोलता है- “तुझे लगता है, मैं तेरी असलियत तेरे बेटे को बताऊँगा? पागल है क्या? उसने अपने बाकी पेमेंट को लेने के लिए फोन किया था। मैंने उससे बस कुछ सवाल पूछे और फिर मेरे को पता चला की पहले माँ आई थी, और फिर लास्ट टाइम वो बाहर गई हुई थी, इसलिए उसकी बहन को पेमेंट के लिए आना पड़ा…”

हमारी जान में जान आ गई की भाई को हमारे बारे में पता नहीं चला और अकरम ने भी उसको नहीं बताया, लेकिन अब भी हमारा दिल जोरों से धड़क रहा था।

अकरम- “और ये जान के मुझे भी धक्का लगा। यार सच में मानना पड़ेगा, तुम दोनों माँ बेटी पक्की चुदक्कड़ हो। आज तक मैंने खूब रंडियां देखी हैं, विदेशी चुदक्कड़ लौंडियों को भी अपने लण्ड का मजा चखाया है, पर तुम दोनों सबसे आगे हो…”

मैं और मोम रंडियों जैसे सेक्स करते रहे, और वो हम माँ बेटी के बारे में जानता था।

अकरम ने आगे कहा- “मैंने तुम लोगों को भले ही औरों से चुदाने दिया हो, पर मुझे खयाल है तेरा और तेरा भी की तुम अपने घर वालों से छिपाकर मजे करती हो। पर मुझे पता नहीं था की तुम दोनों एक ही घर से आई हो, तुम जब अपने भाई और बेटे को और हाँ पति को भी उल्लू बनाती हो तब?”

उसने आगे कहा- “वैसे भी जब तुझे अपनी बेटी के साथ और तेरी बेटी को तेरे साथ मिलकर कई-कई लोगों से मरवाने में कोई प्राब्लम नहीं होती, तो फिर मुझे क्या पड़ी है तुम्हारी पर्सनल लाइफ में लोचा करने की। इसलिए सिर्फ मेरे को ही पता है, मैंने किसी को भी नहीं बताया। ताकी तुम लोग अपनी मर्ज़ी से चुदती रहो, ना की मजबूरी से…”

ओफ्फ… चलो घर पे पता नहीं चला, हमारी जान में जान आ गई।

फिर अकरम मेरी तरफ देखते हुए कहता है- “अब आगे से ध्यान रखना की ये बात सिर्फ मुझे ही पता हो। ठीक…”

तभी मोम मेरी तरफ मुड़कर कहती है- “मोना, चलो अब यहाँ से…”

अकरम- “क्या हुआ? अभी कोई टेन्शन की बात नहीं है…”

मोम- “कैसे टेन्शन की बात नहीं है? आज आप जान गये हो, कल कोई और जान जाएगा। हम ऐसा नहीं कर सकते, हमारी बदनामी हो जाएगी और फिर हम क्या करेंगे?”

फिर मैं रिलैक्स होकर मोम को बोलती हूँ- “ओह्ह… कम ओन, मोम। भाई को कुछ भी पता नहीं चला है…”

अकरम- “शांत हो जा मेरी जान, कोई बदनामी वदनामी नहीं होगी, देख आज तक तूने यहाँ पे मेरे कितने कस्टमरों से चुदवाया है, कोई जान पाया अब तक? और फिर तुझे तो चुदाई का बड़ा शौक है, रह पाएगी बिना चुदाये, ऐसे ही? बोल…”

मोम कोई जवाब देना चाहती थी। पर मैं मोम को अच्छी तरह से जानती हूँ, वो तो कल बेशर्मी से रेहान की बाइक के पीछे अपनी नंगी गाण्ड पूरे शहर को दिख रही थी, और अभी मोम को बदनाम होने का डर है? मैंने कहा- “मोम, क्या आपको मजा नहीं आता ऐसी मजेदार लाइफ में? हाँ?”

मोम चुप रही।

मैंने मोम से कहा- “देखा, आप मना भी नहीं कर पा रही हो…”

मोम- “बात ये नहीं है। वी हैव टु स्टाप दिस। हम पकड़े जा सकते हैं, और फिर तुम्हारा फ्यूचर भी खराब हो जाएगा…”

मैं- “ओह्ह… प्लीज़्ज़… मोम, अभी तक क्या बिगड़ गया है?” फिर मैं मोम की चूचियां पे हाथ रखकर कहती हूँ- “और कल के चक्कर में आज जो बिगड़ सकता है उसका क्या?” कहते हुए मैं मोम की चूचियों को पकड़कर मसल देती हूँ।

मोम ‘सस्स्स…। करके- “पर बेटा, तू अब ऐसा नहीं कर सकती। मैं अपनी बेटी को किसी प्राब्लम में नहीं आह्ह… नहीं डाल सकती…” मोम कड़क आवाज में ये बात कहना चाह रही थी पर उन्होंने सेक्सी आवाज में कह डाला।

मैं- “क्यों? मैं क्यों नहीं मजे ले सकती, जो आप लेना चाह रही हो?”

मोम- “तू अभी… आऽऽ बहस मत कर…”

 


अकरम ने मोम की मिनी ऊपर करके उनकी चूत में दो उंगली डाल दी, और कहा- “तुझे अकेले मजे करने हैं, पर अपनी बेटी को मजे नहीं करवाना चाहती?” कहकरर वो मोम का दायां निपल चुटकी में जोर से मसल देता है।

मोम- “ऊउईई माँ… आह्ह… मैं अपनी बेटी को रंडियों के जैसी नहीं बना सकती…”

अकरम- “अच्छा? और तू खुद क्या है?”

मैं- “हाँ बोलो?”

मोम- “आ स्टाप दिस। मोना चलो आज के बाद ना मैं कभी ऐसा करूँगी और ना तुम करोगी…”

अकरम- “क्या?”

मोम मजे लेते हुए आइन्दा सेक्स ना करने की कसम खा रही होती हैं।

इसलिए मैं मोम को कहती हूँ- “ठीक है मोम, चलो अब यहां से…”

पर मोम मेरा हाथ अपनी चूत से नहीं हटाती और मुझे पता चल गया था की मोम असल में क्या चाहती हैं, पर वो स्वीकार नहीं कर पा रही थीं।

मैं- “चलो मोम, अब हम नार्मल लाइफ जियेंगे ओके?” ओके पर मैं उनकी क्लिट दबा देती हूँ।

अकरम ये सब देख रहा होता है। फिर वो कहता है- “ह्म्म… तो तुम अब से सती सावित्री बन ही रही हो। अच्छा तो एक बार इस रति वाली लाइफ को अलविदा कह दो…”

मोम बोली- “ठीक है…” उनकी हालत खराब हो रही थी।

फिर अकरम मोम की ड्रेस की जिप पीछे से खोल देता है, और मोम भी अपने हाथ ऊपर कर लेती है और अकरम उनकी ड्रेस ऊपर खींचके मोम को नंगी कर देता है। फिर मोम को पीठ के बल लिटाकर दोनों टाँगें फैलाकर मोम की गीली चूत पे अपना बड़ा सा लण्ड रगड़ते हुए मोम को कहता है- “बोल अब आखिरी बार रण्डी जैसे चुदेगी?”

“हाँ…” मोम की पीठ अकड़ जाती है।

अकरम- “और तेरी बेटी भी रण्डी बनकर चुदेगी? हाँ बोल…”

मोम- “नहीं मेरी बेटी को इससे दूर रखो…”

अकरम- “वो क्यों? आज तक तो बड़े मजे के साथ उसको भी अपनी चूत चुसाती आई है…” अपने लण्ड को उनकी चूत पे और तेज रगड़ते हुए वो बोला।

मोम- “आह्ह… अब डाल दो आखिरी बार, मैं बर्दाश्त नहीं कर सकती…”

अकरम अपने लण्ड को चूत से हटा देता है और मेरे पास आकर मुझे किस करता है और मेरे कपड़े उतार देता है, और मैं अपनी मुट्ठी में उसके तगड़े लण्ड को भर के तेजी से सहलाती हूँ।

मोम तड़प रही होती है और अकरम अब मेरी चूत को मसलते हुए मोम की तरफ देख रहा होता है, और मोम की आँखें लण्ड की भीख माँग रही होती हैं। पर वो बेरहम उन्हें तड़पाता रहता है। मैं भी मजा लेते हुए मोम के पास आकर उनकी चूचियां दबा रही होती हूँ।

मोम- “आआह्ह… अब डाल भी दो ना…”

अकरम मेरी चूत में अपना लण्ड डाल देता है और उसपर मेरा वीर्य लगा देता है फिर वो मोम के पास जाकर उनके चेहरे के पास अपने लण्ड को दिखाते हुए- “देख तेरी बेटी भी चुदना चाहती है, पर तेरी वजह से वो आखिरी बार लण्ड नहीं ले पाएगी, बोल फिर, चुदायेगी उसको मुझसे?”

मोम- “आह्ह… सस्स्स… अब सहन नहीं होता आह्ह…”

अकरम मोम की चूत पे लण्ड रगड़ते हुए उनको तंग करता है- “बोल तू खुद एक रण्डी है, और अपनी बेटी को भी रण्डी की तरह चुदायेगी?”

मोम बुरी तरह तड़प उठती है- “ओह्ह… माँ शिट… हाँ मैं एक रण्डी हूँ, अब तो डाल दो…”

अकरम- “किसकी रण्डी है?”

मोम- “आपकी आह्ह… प्लीज़्ज़ फक मी… आई एम फकिंग स्लट आफ युवर्ज़, फक मी लाइक आ बिच, फक माई होर चूत वित योर फकिंग बिग काक, ओह्ह गोड…”

अकरम- “और? तेरी बेटी का क्या?”

मोम- “आऽ मुझे लण्ड चाहिए, प्लीज़्ज़… फक मी…”

अकरम- “और तुझे?” अकरम मुझसे पूछता है।

मैं भी अपनी चूत शांत करना चाहती थी इसलिए हाँ में सिर हिला दिया।

अकरम मोम से- “तेरी बेटी को मेरा लण्ड चाहिए, पहले उसे दूं या तुझे? अब बोल चुदाई करवाना चाहती है या नहीं?”

मोम के चेहरा पर बेताबी साफ दिख रही थी- “हाँ… मुझे करवानी है। प्लीज़्ज़… फक मी, आई डोन्ट यर अबाउट एनीथिंग फक में फार गोड सेक… आई एम आ स्लट, बैड मोम आंड होर…”

ये सुनते ही अकरम अपना सख्त लोहे जैसा लण्ड मेरी रांड़ माँ की चुदक्कड़ चूत में डाल देता है। इतनी तड़प के बाद मिले लण्ड से मोम का मजा दोगुना हो जाता है। अकरम मोम की कमर पकड़कर शाट पे शाट मार के मोम का हाल बुरा कर देता है।

मोम- “आह्ह… आह्ह… आह्ह… हाँ हाँ चोदो मुझे हाँ…”

मैं अपनी क्लिट को मसलते हुए सामने अपनी माँ को चुदाई का पूरा मजा लेते देखती रही। मोम जोर-जोर से चूत मसलते हुए अकरम का बड़ा सा लण्ड ले रही थी, अब वो झड़ने वाली होती है।

तभी अकरम अपना लण्ड निकाल के फिर से चूत के ऊपर लण्ड टिका के पूछता है- “ये बात फिर से अपनी बेटी को बोल, बता उसको तुझे कितना मजा आ रहा है?” कहकर अकरम मुझे आँख मारता है।

और मैं मुश्कुराते हुए मोम को लण्ड के लिए तड़पते हुए देख रही होती हूँ।

मोम- “मोना आई एम आ डर्टी स्लट मोम, योर मोम इस आ बिग फकिंग होर, आई लाइक फक, रियली रियली हार्ड फक्क आह्ह…”

अकरम अब मोम की टाँगें पूरी फैलाकर उनको चोदना चालू कर देता है।

मोम अपनी कमर हिला-हिलाकर सपोर्ट कर रही होती हैं- “फक हाँ हाँ अह्ह… आई लोव इट, फक मेी हार्डर वित योर बिग काक्क हाँ हाँ फक योर होर, योर स्लेव चूत…”

मोम की मस्त ठुकाई शुरू हो चुकी थी और मोम उत्तेजित होकर एक लय में लण्ड को पूरा अंदर ले रही थी, और फिर मैं मोम के पास जाकर उनके मुँह पर अपनी चूत रखकर बोलती हूँ- “डू यू लाइक इट, योर डाटर पुस्सी…”

मोम- “यस्स… आई वांट टु लिक इट, लेट मी टेस्ट योर जूस…”

फिर मैं मोम के चेहरे पर अपनी चूत फेरने लग जाती हूँ। मोम मेरी चूत पे तेजी से अपनी जीभ फेरती है जिससे मुझे हार्नी और किकी महसूस होता है। अकरम मेरी चूचियां पकड़कर मोम को और जोर-जोर से चोदने लगता है।

मोम- “आह्ह… मर गई…” मेरी चूत के नीचे से मोम की चीखें निकलना शुरू हो जाती है आऽ आऽ आऽ उम्म्म… उम्म्म… ऊओह्ह… चोदो हाँ चोदो अह्ह… फक अह्ह…”

अकरम- “क्यों रे मेरी रांड़, मजा आ रहा है अपनी बेटी की चूत और मेरा लण्ड लेकर?”

मोम मेरी चूत को जोर से चूसते हुए अंदर जीभ डालकर मुझे चोदने लगती है।

मैं- “आह्ह… सस्स्स्स आउच… मोम आह्ह…”

फिर अकरम मोम की चूत से अपना लण्ड निकाल लेता है, फिर वो मोम के चेहरे के पास अपना लण्ड लाता है, मैं अपनी चूत थोड़ी उठा देती हूँ और वो लण्ड को चूत और मुँह के बीच रखकर रगड़ने लगता है। मुझे और मोम दोनों को मजा आ जाता है।

पर लण्ड मुझे अपनी चूत में चाहिए था- “मोम आप अकरम की रांड़ है तो क्या मैं भी उनका लण्ड तो ले सकती हूँ ना?”

ये फन्नी सी सिचुयेशन होती है, जब हम सेक्स गेम खेल रहे हों। मैं मोम को अच्छे से जानती हूँ। वो अब बेशर्मी से चुदाई करवा रही थीं, और मुझे पता है की मोम को अपनी बेटी के साथ मिलकर ऐसी सेक्सी और रोमांचक लाइफ जीने में बड़ा मजा आता है। अब हम माँ बेटी मिलकर अकरम के लण्ड का पूरा मजा लेने वाले थे।

मोम शरारती स्माइल के साथ मुझे देख रही होती हैं, फिर मैं पीछे की तरफ झुक जाती हूँ। अकरम मोम के चेहरा के ऊपर से अपने तगड़े लण्ड को मेरी चूत में घुसेड़ देता है। अब मोम की आँखों पे अकरम की बाल्स थीं, और उनके रसीले लाल होंठों पर लण्ड का लंबा और मोटा तना रगड़ता हुआ मेरी चूत में जा रहा था।

अकरम लण्ड निकाल के मोम के मुँह में डाल देता है- “देख, तूने अपनी बेटी की चूत का क्या हाल किया है?”

और मोम उसे चूसने लगती हैं और फिर अपने मुँह से लण्ड निकाल के मेरी चूत पे रख देती है- “अकरम अब इसको भी चोद डाल…”

फिर अकरम मुझे चोदने लगता है, और मोम शैफ्ट और बाल्स को चाटती हैं। फिर हम अलग हो जाते हैं और मोम उठकर बैठ जाती हैं, और मैं पीठ के बल अपनी टाँगें खोलकर लेट जाती हूँ। फिर अकरम मेरी चूत के पास अपना लण्ड लाता है और मोम उसको पकड़कर मुँह में लेकर मेरी चूत में डाल देती है। फिर निकालती हैं और अपने मुँह में डालकर चूसती है और फिर वापस चूत में डाल देती है। अकरम अब जोर-जोर से मेरी चूत को फाड़ने लग जाता है।

और मोम मेरी चूत के होंठों को खोलकर अकरम को बोलती हैं- “चोद इसे, फक इट, फक हेर लिटिल चूत, अकरम, इसको भी रण्डी बना दे मेरे जैसी, चोद मेरी बेटी की चूत को, फाड़ दे…”

 
मैं- “ओह्ह… मोम ओह्ह… आअह्ह… मर गई ऊ माँ…”

मोम- “एस यू लोव इट, डोन्ट यू?”

मैं- “एस मदर आह्ह…”

मोम- “यू लोव दिस बिग फकिंग काक…”

मैं- “ओह्ह हाँ… जोर-जोर से चोदो मुझे…”

मोम- “फक हार्डर अकरम, फक माई डाटर, शी इस बैड… वेरी वेरी बैड गर्ल, आई वांट यू टु पनिश हर…”

मैं- “एस मम्मी आई एम बैड डाटर, पनिश योर स्लट डाटर, बिकाज आई वांटेड टु बी लाइक यू, आ डर्टी होर…”

मोम- “एस आई एम बिग फकिंग होर, यू वांट टु बी लाइक योर मदर?”

मैं- “हाँ यस्स…”

अकरम- “जैसी माँ…”

मोम- “वैसी बेटी…”

अकरम- “तुम दोनों तो पक्की चुदक्कड़ हो…”

मैं- “आखिर बेटी किसकी हूँ?”

अकरम- “तो फिर, अब से चुदाई करवाना बंद? रंडियों की जिंदगी खतम?”

मोम अपनी ओर इशारा करते हुये- “ये रण्डी हमेशा रण्डी रहेगी…”

अकरम- “और ये?” मेरी और इशारा करके मुझे जोर का झटका देते हुए पूछता है।

मोम- “मुझे से भी बड़ी…”

फिर अकरम मेरी कमर को कस के पकड़कर फट-फट की जोर की आवाज से मुझे चोदता है और फिर मैं झड़ जाती हूँ, मेरी चूत की बैंड बज जाती है। पर अकरम नहीं रुकता और मोम मेरी चूत मसलती रहती है, मेरी हालत बहुत ही खराब हो चुकी होती है और मैं जोर-जोर से चिल्ला-चिल्ला के मेरी चुदाई के मजे लेती हूँ।

एक बार और झड़ जाने के बाद मोम मेरी चूत चाटने लगती हैं, और हम 69 की पोजीशन में आ जाते हैं, और अकरम मेरे मुँह और मोम की चूत की तरफ आकर, चूत में अपना लण्ड डालकर चोदने लगता है और मैं उसके शैफ्ट को चाटने लग जाती हूँ।

कुछ देर बाद मोम भी झड़ जाती है, अकरम अपना लण्ड निकाल के मेरे मुँह में डाल देता है और चोदने लगता है, और उसके बाद फिर से चूत को चोदने लग जाता है फिर वो मोम की चूत में झड़ जाता है। उसका लण्ड निकाल के मेरे मुँह में डाल देता है और मैं उसके और मोम के वीर्य को चाट लेती हूँ। उसके बाद मोम की चूत में दो अँगुलियां डालकर अंदर से वीर्य निकालने लगती हूँ।

चूत में से वीर्य निकलकर मेरे मुँह में आ गिरता है और मैं वो सारा माल अपने मुँह में भर लेती हूँ। मोम उठकर मेरे पास आती हैं और मैं बैठ जाती हूँ और मोम के बाल पकड़कर किस करती हूँ, मोम मेरे मुँह से वीर्य ले लेती हैं। अकरम के माल को हम दोनों अपने मुँह में अपनी जीभ को लड़ाते हुए लेती और देती हैं, और आखीर में पी जाती है, आज तक इतना टेस्टी वीर्य हमने कभी भी नहीं पिया था।

अकरम बेड पे लेट जाता है। फिर मोम और मैं मिलकर एक साथ उसके पेट पर लेटे लण्ड को अपने हाथों में लेकर चूसते हैं, कभी मोम बाल्स को मुँह में लेकर जोर से चूसती हैं, तो मैं पूरा लण्ड अपने मुँह में डाल लेती हूँ। अकरम बेड पर हम माँ बेटी को अपने लण्ड के साथ खेलते हुए देखकर आँहें भर रहा होता है। फिर हम तीनों बेड पे एक दूसरे से चिपक के लेट जाते हैं, और एक दूसरे को सहलाते रहते हैं।

मुझे और शायद मोम को भी अब थोड़ा अजीब सा महसूस हो रहा था और हम एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे। अब लगता है की हम अब माँ बेटी के रिश्ते से भी ज्यादा कुछ और भी थी। मुझे अपनी मोम के लिए अलग तरह की फीलिंग मेरे दिल में महसूस हो रही थी और उस वजह से मोम मुझे और भी आकर्षक, प्यारी, हाट, क्यूट, सेक्सी लग रही थी।

कुछ देर लेटे रहने के बाद हम उठ जाते हैं और अकरम हमारे लिए ड्रिंक लाता है, एक पेग पीने के बाद मैं अकरम से कहती हूँ की वो वादा करे की वो हमारे बारे में किसी को नहीं बताएगा।

अकरम एक शर्त पर मानता है की हम अब हमेशा उससे चुदाई करने आया करेंगी जिसे हम दोनों खुशी से मान लेती है। दोपहर के दो बज चुके थे, फिर मैं और मोम ड्रेस-अप होने के बाद अकरम को गुडबाइ किस देकर नीचे जाते हैं। अकरम कुछ देर बाद हमारा सामान और एक लिफाफा लाकर मोम को देता है। हम वो लिफाफा और अपना सामान लेकर कार में बैठकर घर की तरफ रवाना हो जाते हैं।

मैं मोम को पूछती हूँ- “इस लिफाफा में क्या है?”

मोम कार ड्राइव करते हुए मुझे खोलने को कहती है, जिसमें 10 लाख का चेक निकलता है।

मैं- “अकरम ने बाकी के दस लाख का चेक दिया है…” मोम चुपचाप ड्राइव कर रही होती हैं, मैं अपने आपको मोम से कुछ कहना चाह रही होती हूँ, पर बोल नहीं पाती।

मोम कुछ देर थोड़ा सोचने और झिझक के बाद- “मोना, तुझे क्या लगता है?”

मैं- “उम्म… किस बारे में?”

मोम- “तुझे अजीब नहीं लग रहा?”

मैं- “क्या अजीब?” मुझे पता था मोम किस बारे में कह रही थी, क्योंकी मैं भी सामने महसूस कर रही थी।

मोम- “कुछ नहीं, घर चल के बात करते हैं…”

पर मैं अभी बात करना चाहती थी इसलिए कहा- “मोम, मुझे भी अजीब लग रहा है…”

मोम मेरी तरफ देखती है और कार रोड के साइड में लेकर रोक देती है, मोम और मैं एक दूसरे की आँखों में देख रहे होते हैं, और हमारे दिल भी तेज धड़क रहे होते है, की आगे कौन क्या कहने वाला है? मोम मेरा हाथ पकड़ती हैं। पर मैं अपने आपको रोक नहीं पाती और झट से मोम को चूमने लगती हूँ। मुझे ऐसा बिल्कुल भी नहीं लग रहा था की मैं जिसके मदहोश कर रहे होठों को जी भर के चूम रही हूँ वो मेरी माँ है, मोम और मैं कई मिनट के किस के बाद एक दूसरे की आँखों में देख रहे होते हैं।

मोम- “आई लोव यू मोना…”

मैं- “आई लोव यू टू शालिनी…”

हम कुछ देर और किस करते हैं की तभी मेरा फोन रिंग करता है। मैं काल कट करने वाली होती हूँ पर वो काल भाई का होता है, स्क्रीन पर “भाई” लिखा देखकर मुझे एहसास होता है की मैं मोम को किस कर रही हूँ, ना की अपनी जान से प्यारी गर्लफ्रेंड को। हमारी किस ब्रेक हो जाती है।

मैं- “हेलो…”

भाई- “दीदी कहा हो, आपने फोन क्यों नहीं उठाया?”

मैं और मोम अब तक कंफर्टबल हो जाते हैं। फिर मोम मेरी स्कर्ट से अपनी गीली अँगुलियां निकाल लेती हैं, और मुँह में ले लेती हैं।

मैं स्माइल के साथ- “वो हम बिजी थे ना शादी में, कल देर रात काम किया और आज सुबह को भी…” मोम समझ जाती हैं।

भाई- “बढ़िया, अच्छा तो काम पूरा हो गया? घर कब आ रही हो?”

मैं- “ये पूछने के लिए तूने इतने काल किए थे?”

भाई- “नहीं वो मुझे मीटिंग में जाना है, बाहर। इसलिए बताने के लिए काल किया, और हाँ मोम को बता देना की वो आप गई थी ना उस दिन पैसे निकलवाने, तो वहां से बाकी के पैसे लेती आएं। वो मोम को चेक दे देंगे…”

मैं- “ओके बोल दूँगी…”

भाई- “ओके बाइ…” फिर मैं बाइ बोलकर काल कट कर देती हूँ।

भाई ने अकरम की बात छेड़ दी थी, इस वजह से मैं और मोम शरारती मूड से सीरीयस मूड में आ जाती है, मैंने कहा- “मोम जब हम सेक्स कर रहे थे, जिस तरह हमने एक दूसरे से सेक्स किया था, जो बातें कही थी वो… वाट डू यू फीलिंग नाउ?”

मोम- “मोना जब से हम एक साथ हैं, मुझे बहुत ही अलग महसूस होता है…”

मैं- “लाइक टैबू?”

मोम कुछ देर सोचती है फिर कहती है- “नो, नोट रियली, मुझे डर्टी फीलिंग होता है, नहीं ये इन्सेस्ट जैसा नहीं लग रहा था, बट लाइक इट…”

मैं स्माइल के साथ कहती हूँ- “आई थिंक, दैट वाज फन…”

मोम- “हाँ… तू मेरे सामने जब बेशर्मी से ओफफ्फ़… आह्ह्ह… करके चुदवाई… सच बेटा मुझे बहुत ही अच्छा लगता है तेरे साथ…” हमें हँसी आ जाती हैं, और हम बहुत देर तक हँसते हैं, ये अजीब था, हमने कभी ऐसे बातें डिसकस नहीं की थी।

मैं- “मोम एक बात बताओ, क्या हम दोनों उम्म्म… आपको नहीं लगता हम रियली रण्डी बन गई हैं…”

मोम मुझे आँख मारते हुए- “हम नहीं, तुम…”

मैं- “मौऊउंम क्या?”

 
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