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मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचरcomplete

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मैंने मुड़कर मोम को देखा, मोम किसी रानी की तरह ग्लास लेकर बेड पे बैठी मुझे देख रही थी। मैं मुड़ी और मोम के बेडरूम से निकल गई। बिना बाथरोब लिए।

दिन की शुरुआत इतनी मजेदार पहले कभी नहीं थी। अब तो भाई हमारे साथ योगा और एक्सर्साइज करता था। मैंने मोम के सजेस्ट करने पे भाई के साथ सेक्स किया था, पर मैं जानना चाहती थी की पहले तो उनको प्राब्लम थी और मुझे ऐसा करने को मना भी किया था, पर अब खुद ही बोल रही थी जाकर भाई से चुदा लूँ।

मोम ने आखिरकार कहा- “अगर सेक्स की जरूरत हो तो उनको कोई प्राब्लम नहीं की मैं किससे चुदाई करूं? पर घर पे यू नंगी घूमेगी तो वो ये बिल्कुल पसंद नहीं करेंगी…” लास्ट टाइम ऐसा ही होता था।

मैंने मोम को छेड़ते हुए कहा- “अगर उनको सेक्स की जरूरत हुई तो क्या वो भी भाई से?”

मोम ने मस्ती करते हुए मेरे बाल पकड़ लिए- “बहुत बोलने लगी है तू…” मोम और मैं सिस्टर्स की तरह लड़ने लगीं।

भाई ने हमें देखा तो वो भी हँसते हुए हमें देखने लगा।

उस दिन मोम ने मेरे सवाल का जवाब तो नहीं दिया और ना ही उन्होंने भाई को घुमा फिराकर सिड्यूस करना बंद किया। हाँ भाई को अपनी मोम से नजर हटाने में प्राब्लम होने लगी, क्योंकी मोम की गाण्ड उसको सबसे ज्यादा पागल करती थी। किसको पसंद नहीं थी? कभी-कभी मोम की योगा पैंटस में ‘कैमल-टो’ देख जाता। ये बात भाई की नींद हराम करने वाली थी।

एक दिन उसने मुझसे पूछा- “दीदी आपने देखा मोम को, उनके नीचे…”

मैंने सवाल करते हुए कहा- “क्या देखा?”

भाई- “अरे उसको बोलते है ना कैमल-टो, यानी यू नो ना?”

उस टाइम मैंने भी लेगिंग पहनी थी, कहा- “तेरा मतलब ये…” मैंने लेगिंग को ऊपर खींचकर भाई से पूछा।

भाई- “ओह्ह गोड… दीदी अपने भी अंदर पैंटी नहीं पहनी?”

मैं- “नहीं…” ऐसे कहा की कोई खास बात नहीं है।

भाई आगे कुछ नहीं बोला।

अगली सुबह मोम एक्सर्साइज रूम में आने में लेट हो गई थी। रोमांच में भाई उनको उठाने गया पर लाल मुँह लेकर वापस आ गया और डम्बलस लेकर शुरू हो गया।

तब मैंने मोम के रूम में जाकर देखा की वो रात को बाथरोब में ही सो गई थी और अभी सिल्क का कपड़ा उनकी कमर तक ऊपर था और एक पैर साइड में करके बड़ी गाण्ड खोले हुए थी और चूत तो मासूम सी बैठी थी की इस सब में उसकी कोई गलती नहीं। भाई ने मोम के नीचे का पूरा हिस्सा नंगी देख लिया था।

अब पता चला भाई के लाल चेहरा का मतलब? मैंने पास में पड़ा मोम का फोन उठाया। मुझे पासवर्ड पता था, फिर मोम की पिक ली और फोन वापस रख दिया। मैं मोम को जगाए बिना वापस एक्सर्साइज करने आ गई। आधे घंटे बाद मोम आई और रोज की तरह करने लगी।

जबकी मोम को पता नहीं था की उन्होंने अंजाने में क्या शानदार शो दिखा दिया था। ब्रेकफास्ट के बाद जब मैंने भाई के जाने के बाद मोम को सुबह की बात बताई, और उनकी मार्निंग पिक भी।

तब मोम ने अपना चेहरा छुपा लिया- “ओफफ्फ हो तूने मुझे बताया क्यों नहीं जब मैं योगा करने आई थी?”

मैं- “आपको वैसे भी आजकल मस्ती ही सूझी रहती है, तो मैं बीच में क्यों आती?” मैंने कहा्

और मोम अपने सिर को ना में हिलाते हुए पिक को देख रही थी। जैसे उनको ऐसा नहीं करना चाहिए था। मुझे लगा की इसके बाद वो भाई को तंग करना बंद कर देंगी। अब तक मोम टैंक टाप पहनती और योगा पैंटस पर मोम के उस मार्निंग शो के हिट हो जाने के बाद से मोम ने स्पोर्ट ब्रा और शार्टस पहनना शुरू कर दिया।

भाई अपनी सिस को हाफ नंगी तो देखकर बर्दाश्त कर लेता था, पर अब अपनी माँ को आधा-नंगा देखकर उससे रहा नहीं जाता था, और इसकी सजा मुझे मिलती। इसलिए मैं और भाई एक्सर्साइज रूम से लेट निकलते, पर मोम कुछ नहीं कहती, तब भी नहीं जब भाई को आफिस और मुझे कालेज के लिए लेट हो जाता।

एक हफ्ता हो चुका था भाई पे, और मुझ पे अत्याचार होते। आखिरकार मैंने मोम से पूछ लिया।

तब मोम ने असल बात बताई- “मोना, देखो मैं आदी को सिड्यूस नहीं करना चाहती…”

मैं- ओह्ह… रियली?

मोम- “अच्छा बाबा हाँ मुझे मजा आता है जब उसको मुझे देखने की फीलिंग मुझे गीला कर देती है…”

मैं- “तो फिर पूरी गीली हो जाओ ना, सारी प्राब्लम ही खत्म हो जाएगी और फिर आप चाहो तो नंगी ही रहना और तब की जो फीलिंग होगी, इस वाली से भी ज्यादा अच्छी होगी। क्यों?” मैंने आप्शन बताते हुए कहा।

“नहीं…” मोम समझाती हुई बोली- “बल्कि सब पहले जैसा नहीं रहेगा…”

मैं- “कैसे?”

मोम- “लुक ऐट यू, अब तू पहले जैसे कहां रहती है? और हम नार्मल माँ बेटी के जैसे थोड़े ही ना हैं। इस तरह से तो भाई हर वक़्त मुझे चैन से बैठने भी नहीं देगा। हम सब नंगे रहेंगे और वो हम दोनों को स्लट, होर और ना जाने क्या-क्या कहता हमारी मारता रहेगा…”

मैं- “तो पाइंट क्या है? आप उसको सिड्यूस क्यों कर रही हो फिर? हो सकता है एक दिन सच में वो चोद डाले, और देखना तब आप भी उसको रोक नहीं पाओगी…”

मोम ने अपनी बात को समझाने के लिए धीरे से कहा- “अच्छा मान ले की हमारी पर्सनल लाइफ के बारे में भाई को पता चल जाए, तो तुझे कैसा लगेगा?”

मैं- “उम्म…”

मोम- “बहुत ही बुरा। और अब सोचो की उसको ये जान लेने के बाद भी कोई प्राब्लम नहीं हो, उसको कोई फर्क ना पड़े?”

मैं सोचने लगी की मोम क्या कहना चाह रही हैं? ऐसा कैसे हो सकता है?

मोम- “अरे बस सोचो की हमारी अडल्टरी, हमारी सेक्स लाइफ से आदी को कोई प्राब्लम ना हो तो क्या होता?”

मैं- “ऐसे तो। उम्म… मुझे जब मन करता तब सेक्स करती, आने जाने के बारे में बताना नहीं पड़ता…”

मोम- “हाँ… सही है, कोई रोक टोक नहीं। हो सकता है लोग घर पे आएं और यहीं पर भाई के सामने चुदाई चालू हो जाती, और लास्ट में हम बदनाम होकर रह जाते। सब कुछ बर्बाद हो जाएगा। यानी डर हमको ऐसी बर्बादी से बचाए हुए है, डर ही है जिसकी वजह से हमें और ऐसा करने का मन होता है…”

मैं- “सही कहा। पर, आजकल आप तो इसका उल्टा ही कर रही हो, इसके पीछे क्या प्लान है?”

मोम ने कहा- “पर तुम एक चीज नोटिस नहीं कर रही, याद है उस दिन हम बहुत थक के आए हुए थे और तू तो अपने रूम में चली गई थी, पर मुझे मर-मर के बाथ लेकर ड्रेसप होना पड़ा था…”

मैं- “हाँ… उसके बाद तो हमसे चला ही नहीं गया था, बहुत दर्द था…”

मोम- “अगर ऐसा हो की घर आकर बस मस्त पलंग पर फैलकर सो सके तो? और किसी को ऐसी हालत पे कोई प्राब्लम ना हो तो? मुख्य पाइंट ये है की, अभी तो हम लकी थे की आदी ने हमें इस तरह नहीं देखा। हो सकता है हमारा लक इतना भी अच्छा ना हो, आदी हमें ऐसी हालत में देखे और हमसे एक्सप्लेन करना भारी पड़ जाए। कोई बच्चा भी समझ जाए की कहां से क्या करके आ रही हैं। मैं घर के माहौल को थोड़ा खुला बनाना चाहती हूँ, ताकी हमें कम कपड़ों में देखने पर आदी पागल ना हो और नार्मल बिहेव करे। बस…”

मैं- “लेकिन आपको नहीं लगता की आपके इस तरीके से उसपे खुलने के बजाए, सेक्सुअल होने का एफेक्ट पड़ रहा है। कम कपड़े तो नार्मल दिन के समय में भी तो आप पहनकर रह सकती हो, और उस वक़्त कोई सिड्यूसिंग मूव्स भी नहीं करने होंगे आपको, जो आप योगा करते हुए दिखाती हो…”

मोम- “अरे… पर वो तो योगा ही ऐसे करते हैं…”

मैं- “जो भी हो, पर आप उसको तंग करना बंद कर दो। अब तो भाई भी पहले जैसा नहीं है, देखो- मैंने अपने कपड़े उतार के चूचियां और गाण्ड दिखाई जिसपे सेक्स के निशान बने हुए थे, ये वाला अभी तक लाल है। अकरम अब मुझे भाई से कम लगने लगा है…”

मोम ने हँसते हुए कहा- “अच्छा फिर तो तेरी तो डबल बजती होगी?”

मैं- “और क्या?”

मोम ने प्यार से कहा- “अच्छा बाबा, अब मुझे लगता है की मैं जितना चाहती थी, उतना काम हो गया है। देखा तूने अब भाई के सामने मैं अब सेक्सी सा भी पहनूं तो वो कुछ नहीं कहता, और रही बात कि वो तुझे इस तरह चोदता है तो इसका मतलब की टाइम तो टाइम उसकी सेक्स परफार्मेन्स भी सुधर रही है। तुझे तो मेरा शुक्रिया अदा करना चाहिए…”

मैं हाथ जोड़कर बोली- “धन्य हैं चुदक्कड़ माता, आपने मेरा संभोग जीवन आनंदमई बना दिया है…”

मोम- “सुखी रहो बच्चा…” और हम हँस पड़े।

रात को हम माँ बेटी क्लब गये। वहां अंदर गये ही थे की मुझे मेरा एक्स बायफ्रेंड मिला, उस समय मुझे उसका नाम भी याद नहीं आ रहा था, बजाए इसके की उसके साथ किए सेक्स के। मैंने कुछ देर बात करके उसका हाथ पकड़ा “राखी कम…” और बाहर कार में ले गई। एक गली में मैंने पार्क किया और पीछे की सीट पे मोम और… अरे क्या नाम है, छोड़ो क्या फर्क पड़ता है? सेक्स के बाद हमने उसको वापस क्लब के बाहर ड्राप किया (हे मोनिका मुझे अपना नम्बर हे रुको।) और हम घर आ गये।

 
अगले दिन, जब कालेज से निकली तब अकरम का काल आया- “और क्या हाल है मेरी रांड़ की चूत का?”

मुझे उसकी बात सुनकर बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा- “एकदम चुदने को तैयार…” ये क्या बोल रही हूँ मैं? मैंने ऐसा सोचा।

अकरम- “ऐसा क्या? आ जाया कर अपनी गली, वो भी खुली है बिल्कुल तेरी चूत की तरह…”

मैं- “चूत क्या गाण्ड भी खुली रहती है अब तो…” ओ तेरी… ये किस भाषा में बात कर रही हूँ मैं?

अकरम- “चिंता मत कर सारे छेद भर देंगे। चल अब काम की बात, अगले हफ्ते तुम लोगों को आना है, और तो तेरी भी बोली लगेगी उस दिन…”

मैं कुछ घबरा गई, बोली- “क्या तुम मुझे किसी को बेचने वाला है? रण्डी तो पहले से ही बना चुका… और अब?” फिर मैंने पूछा - “मतलब समझी नहीं?”

अकरम- “अभी टाइम नहीं है समझाने का, अपनी माँ से पूछ लेना। उसपे तो खूब लगी है। अपने यहाँ पे तो फेमस है तेरी माँ, उसी से जान लेना उसके कारनामे। चल ठीक, शाम तक त आ जाना और तुम दोनों का प्रोग्राम अगले हफ्ते सेट है…” और काल कट हो गया।

मैं कुछ देर किसी-किसी सोच में पड़ गई तभी बाइक का हॉर्न बना। देखा की रेहान है।

रेहान- “लगता है मंजिल खुद सामने आ गई…” वो बोला।

पर उसकी बात मुझे एकदम सड़क छाप सी लगी। मैंने कहा- “सारी यार, मुझे लेट हो रहा है…”

रेहान- “मैं ले चलता हूँ …”

मैं स्माइल दे के एक्टिवा स्टार्ट करके घर की तरफ चल पड़ी। मैंने घर पहुँचकर मोम को काल किया। उन्होंने मुझे कहा की वो रात को मुझे इसके बारे में बताएंगी। फिर मैं खाना खाकर अकरम के क्लब चली गई। अब मेरा बिल्कुल भी मूड नहीं था उसके साथ रहने का। फिर भी मजबूरी थी जाना तो पड़ेगा।

अकरम मुझे अपने रूम ले गया। वहाँ पर पहुँचने के बाद उसने मुझे नंगा कर दिया। मुझे किस करते हुए उसने अपने कपड़े उतार दिए। फिर हम बाथरूम में गये। मेरा मूड नहीं था उसके लण्ड को चूसने का, मैं आगे झुक गई और उसने मेरी चूत में अपना लण्ड डाल दिया। उसने मुझे जम के चोदा। सारी मेहनत मैंने उसे ही करने दी और खुद कोई जोश नहीं दिखाया। खुद को उसके हवाले करके मैंने उसको मुझे चोदने दिया।

उसके बाद वो बाथरूम से चला गया। मैंने बाथरूम में खुद को सॉफ किया और तौलिया से पोंछने के बाद वापस अपने कपड़े पहफकर अपने घर चली आई। मैं घर पहुँचने तक पूरे टाइम थकी हुई महसूस कर रही थी। घर पे अभी कोई नहीं था और मैं सीधा अपने बाथरूम में चली गई, और बाथटब को पानी से भरने के टाइम कपड़े उतार दिए। मैंने मोबाइल पे देखा की मेरे अकाउंट में पैसे डाले गये हैं।

207

फिर अकरम ने काल करके कन्फर्म किया की पैसे मिल गये हैं की नहीं। काल कट करने के बाद मैं उछल पड़ी। फिर टब में लेटकर आराम करने लगी। आह्हह… चलो कुछ तो वसूल हुआ।

रात को मोम आई तो मुझे वो ‘बोली’ वाली बात याद आई। मोम ने कहा की डिनर कर लेते हैं, फिर बात करेंगे। डिनर तक मैं टेन्षन में थी और मोम आराम से। पता नहीं बोली लगाने का क्या मतलब था?

मोम ने कहा- “अभी खाना तो खाने दे…”

मैं- “मैंने खा लिया और भाई भी खाकर रूम में चला गया है अब तो बताओ ना?”

मोम- “एक काम कर तू भी अपने रूम में ना, मैं तुझे रिंग करके बुला लूँगी…”

मोम ने रात के 11:00 बजे मुझे बुलाया। मैं मोम के रूम में गई, मोम ने बाथरूम में से कहा की रूम का दरवाना लाक कर दे। फिर मैं बाथरूम में गई, मोम पैर धो रही थी।

मोम- “कैसा रखूं ?” प्युबिक हेयर की तरफ इशारा करते हुए कहा।

मैं मोम के पास बैठ गई- “वी शेप रख लो…”

मोम- “मैं सोच रही थी की एक तीन लाइन रख लेती हूँ …”

मैंने रेजर ले लिया- “हाँ… तो मोम अब बताओ अकरम ने क्या प्रोग्राम रखा है?”

मोम- “असल में ये सेक्स खेल है…”

मैं- “खेल?”

मोम- “ह्हम्म… वो भी अपनी मर्दानगी दिखाने के लिए ऐसा करते हैं ये लोग, जो किसी भी चूत को लंबे टाइम तक चोदसकता है। इसमें लड़कियों में से कोई एक को चुनते हैं और उसको सिर्फ़ अपने तैयार लण्ड से एक बार झड़ने तक ही चोदसकते हैं, लोग इसके लिए ड्रग्स लेते, या पहले से मूठ मारकर आए होते हैं, जो भी हो पर एक बार चुदाई शुरू होती है तब बस एक बार ही कर सकते हैं…”

मैं- “बड़ा अजीब है?”

मोम- “हाँ… मर्द लोग ऐसी छोटी बातों में फँसे रहते हैं, खुद के छोटे लण्ड पे रोते हैं, और अगर बड़ा हो तो चुदाई करने का ढंग नहीं…”

मैं- “और ये बोली लगने का क्या मतलब है?”

मोम ने स्माइल के साथ कहा- “फ्री में कोई करेगा क्या? वो भी इतने लोगों से? लोगों को पसंद की लड़की को चुनने के लिए बोली लगानी होती है, जो ज्यादा पैसे देता है, वो सेक्स करता है, फिर अगले राउंड, फिर से बोली, फिर एक और बंदा आता है…”

मैं- “अरे यार फिर? ये खतम कैसे होता है?” मैं मोम की चूत पर एक तीन लाइन बना चुकी थी।

फिर मोम ने मुझे बैठा दिया। मैंने दो दिन पहले ही शेव की थी फिर भी मोम ने एक हाथ फेर दिया। हम मोम के बेड पे लेटे थे, मेरे होंठ मोम से जुड़े हुए थे। मुझे उनपर लगा मेरी चूत के रस का स्वाद लेने का अलग ही मज़ा आता है।

मोम ने बाद में मुझे उस सेक्स खेल के बारे में वो नियम बताए जो हमें ध्यान में रखने थे। लास्ट में मोम ने फिर मुख्य बात दोहराते हुए कहा- “जितना जल्दी हो सके उनको खाली कर देना…”

मैं बोली- “ओके समझ गई, जी मेम, ओके मेम…”

मोम- “ठीक है, ठीक है…” कहकर मेरे पीछे मोम लेट गई और उन्होंने मुझे स्पूनिंग कर-करके मेरी लेफ्ट चूंची को हथेली में लेकर सो गई- “लव यू मोना…”

मैं- “लव यू मोम…”

फिर उस हफ्ता ज्यादा कुछ खास नहीं हुआ। मोम ने भाई को योगा टाइम में सिडयूस करना बंद तो नहीं पर कम कर दिया था, लेकिन इसका मतलब ये नहीं की इसका फ़ायदा नहीं उठाया। रात को अगर मोम ने टीशर्ट पहनी है, और मोम को ठंड लग रही हो तो आप खुशकिश्मत होंगे।

बुधवार की रात मैं और भाई देर रात टीवी देख रहे थे, तो मोम किमोना पहन आई और हमें सोफे को कहा पर टीवी पे कमेडी दृश्य देखा तो वहीं बैठ गईं। आंड वी आल नो, सिल्क किमोना, मतलब सिर्फ़ किमोना।

अगले दिन, यानी आज अकरम के यहाँ भी जाना था, मोम के साथ मैं माल से शॉपिंग कर आए। मोस्टली मोम ने लेगिन्ग्स ज्यादा ली थी। नहीं तो हमको अंडरगामेंट्स ज्यादा लेने पड़ते हैं, क्योंकी मदो को हमारे कपड़े फाड़कर ठुकाई करना कुछ ज्यादा ही पसंद है। खैर, टाप भी रिवीलिंग टाइप के लिए गये, कुछ बड़ी टाइप के टीशर्ट स जो नांघों तक कवर करे। फिर हम अकरम के क्लब गये, पहले बाहर से काल किया की अंदर का क्या माहौल है? अकरम के चुने हुए लोगों को अलग एक रूम में बैठाया गया और क्लब का आगे वाला हिस्सा बंद कर दिया गया।

तब मैं और मोम अपनी ड्रेस कार में उतार कर बाहर निकली। मोम ने कहा- “ध्यान रखना की कौन झड़ गया है और कौन नहीं…”

मैंने हाँ में सिर हिलाया। अंदर हमारा सीटियों और फब्तियों से स्वागत हुआ। अकरम ने बीच में हमको खड़ा करवाया और वो 20 लोग थे। मैं अब हिसाब लगाने लगी, पता नहीं क्या होगा आगे? लोग चारों तरफ से हमें घेरे हुए थे।

अकरम का एक आदमी जिसको मैंने पहले भी देखा था उसने बोलना चालू किया- “अब आपके सामने पेश है हुश्न की मलिका चुदाई के लिए बेताब है, तो सबसे पहले राखी; सीटियों और गालियों की बौछार होने लगी; के लिए बोली लगेगी और फिर; इतना शोर हुआ की उनको मेरा नाम सुनाई नहीं दिया; के लिए।

पहले दो लोग इनकी मारेंगे। सब हँसने लगे। उसके बाद दो-दो बंदे आएंगे इन दोनों के लिए। फिर तीन और फिर चार। सब समझ गये? अब कायदे ध्यान से सुनिए। हर बंदा सिर्फ़ और सिर्फ़ एक बार झड़ेगा। उसके बाद वो आउट हो जाएगा। जो बंदा बच जाएगा उसको दूसरे ग्रुप यानी दूसरी रण्डी को चोदने वाले लास्ट बंदे से मुकाबला करना होगा, उसमें से जो बंदा पहले झड़ गया वो हार गया और दूसरा जीत जाएगा। अब जीतने वाले के पास गोल्डन चान्स होगा। अगर वो अगले 15 मिनट बिना झड़े अपनी राड़ को चोद सका, तो वो बंदा दोनों रंडियों को भी जीत लेगा और वो बंदा इन दोनों को तब तक चोदसकेगा जब तक वो खुद थक ना जाए…”

फिर उनमें मोम के लिए बोली लगी, सबसे ज्यादा वाला आगे आया, फिर से बोली लगी और दूसरा बंदा मेरे लिए मिल गया। 20 लोग हैं इसलिए मैं आपको सिंपल तरीके से बता रही हूँ । पहले एक-एक बंदे आए मोम के लिए आदमी-1 ; और मेरे लिए आदमी-2।

चारों और शोर हो रहा था।

आदमी-1- “चुप हो जाओ और देखने के लिए तैयार हो जाओ मेरा दम…” मोम वाले बंदे यानी आदमी1 ने झल्लाकर कहा। बीच में खाली जगह पर सोफा, एक बड़ा गद्दा, एक टेबल थी, और एक बाक्स कंडोम्स से भरा हुआ।

आदमी-1 और आदमी-2 आगे आए और वो बाक्स से कंडोम पहफकर तैयार हो गये थे। मोम ने मेरी तरफ देखकर मुझे याद दिलाई। फिर चुदाई का खेल शुरू हुआ।

मैं- “फक मी आऽ आऽ चोद चोद चोद आह्हह… आह्हह… आह्हह… हाँ हाँ…” उसको जोश दिलाकर मैंने उसको मोम के बंदे से पहले ही आउट कर दिया।

कुछ सेकेंड बाद में मोम भी फ्री हो गई। अब फिर से बोली लगी मेरे नाम या फिर मेरे बदन की। दो लोग यानी ब1 और ब2 आगे आए। फिर मोम के लिए ब3 और ब4 ने ज्यादा बोली लगाई।

मुझे मोम का तो पता नहीं, पर मेरे दोनों मर्द लम्बी रेस के घोड़े थे, मुझे खूब उछल-उछल के उनसे करवाना था, ताकी कोई तो जोश में चुदाई में खोकर अपना कंट्रोल खो दे। ब1 को खाली करने में मुझे 15 मिनट लग गये, पर ब2 का मुकाबला ब3 और ब4 से था, यानी मोम को वो दोनों मिलकर झेल रहे थे।

मोम- “आह्हह… मेरी चूत आह्हह… फॅक्क…”

उसने लण्ड निकाला और तेज पानी फुहार भी मोम की चूत ने बरसात कर दी।

मोम- “रुको मत मारते रहो आह्हह… चोदो मुझे आअह्हह… प्लीज़्ज़… फक मी प्लीज़्ज़… प्लीज़…”

मेरी गाण्ड को खोलकर रखकर मेरा मर्द मेरी चूत पे शाट मारने लगा, उधर मोम ने एक से छुटकारा पा लिया, अब मेरे ब2 का मोम के ब4 से मुकाबला होने लगा। मैंने रिवर्स काउगर्ल पोज़ीशन में अपने आदमी को मेरी बड़ी गाण्ड के जाल में फँसा लिया, और वो उसमें झड़ गया। मैं वीर्य टपकाती सोफे पर लुढ़क गई।

लोग अब गिनती करने लगे। पहले तो मुझे लगा की ये ऐसा क्यों कर रहे हैं? ओह्हह गोड… तभी मुझे याद आया की अगर इस बंदे ने मोम को 15 मिनट बिना झड़े चोद दिया तो हम माँ बेटी की खैर नहीं।

ये ब4 बंदा तो बहुत खा-पी के आया लगता था, एकदम बाडी-बिल्डर था। जब 12 मिनट हो गये तो मोम भी टेन्षन में आ गई। वो मोम को डागी स्टाइल में चोदता हुआ मेरी तरफ इशारा करने लगा। और तभी 15 मिनट हो गये। मोम फर्श पर गिर पड़ी।

मैं दौड़कर पास गई, पर ये क्या?

मोम- “आह्हह… मज़ा आ गया मैं तो सारी रात इसके साथ चुदने को तैयार हूँ …”

मैं- “आपको चुदाना है तो चुदाओ पर वो मेरी चूत फाड़ देगा…”

मोम- “तू मेरी बेटी है, ऐसे कैसे फट जाएगी। अभी तू रुक, दो राउंड और होने हैं, अभी तो दो लोग थे, अब तो तीन आएंगे, फिर चार। तेरी चूत तो खुश हो जाएगी…”

मैं- “ओ माई गोड…”

मोम हँसने लगी, मैंने मोम को उठाकर सोफे पे बैठाया। हमें कुछ देर आराम करने को मिला और इतनी देर में हम दोनों को ड्रंक दी गई। जब फिर से बोली लगने लगी तो मुझे उन लोगों को देखकर टेन्षन होने लगी।

 


मोम खड़ी हुई और उनको सी1, सी2 और सी3 मिल गये, फिर मुझे सामने खड़ा होना पड़ा और मेरे लिए बोली लगी। सी4 तो ऐसा था की मानो मेरे बदन की एक-एक हड्डी तोड़ के रख देगा। सी5 को तो मैं झेल लूँगी, चलो अच्छा हुआ लास्ट सी6 पतला सा आदमी था, वो तो मुझे छूते ही झड़ जाएगा। पर मुझे सी4 को सबसे पहले आउट करना पड़ेगा।

तीन लोग मेरे पास आए और वो मुझे पकड़कर सी4 बंदा खुद सोफे पर बैठ गया और उसने मेरी गाण्ड में डाल दिया और सी5 ने चूत में, और सी6 ने कंडोम उतार दिया और लण्ड मेरे मुँह में डाल दिया। वो बे दिल थे, इमॉशनलेश। पर मैं भी अपनी गर्मी को हवा दे-देकर मज़ा ही लेना चाहती थी।

जो मुँह में डाले था उसने दोनों से कहा- “ए ए मुझे भी डालने दो…”

“चुप कर…” चूत चोदने वाले सी5 ने कहा- “पैसे हमने भी दिए हैं…”

“रुक ना यार…” पीछे से दबी आवाज़ आई- “शांति रख ना…”

चूत वाले ने कहा- “हाँ… जाकर शांति को चोद हाहाहा…” वो दोनों हँसने लगे।

मैंने कहा- “पैसे तो सभी ने दिए हैं, पर याद रखना एक बार छूट गया तब तक ही चोदसकते हो…”

पीछे वाले सी4 ने भारी आवाज़ में कहा- “हाँ… जानेमन तू बस मेरे लण्ड का खयाल रख बाकी मैं कर लूँगा…” पर इतना बोलते ही वो घबरा के बोला- “अरे अरे नहीं…”

और मुझे अपनी गाण्ड में लण्ड महसूस होना बंद हो गया। मैंने कहा- “चल जान हवा आने दे, ए चूतिए चल आ ना…” मैं खुश थी, जिस बंदे को देखकर मेरी सीटी बजी रही थी वो तो ढीला निकला।

वो मुझे मचकाने लग गये, तो मैंने अपना रोब बनाकर उनको गाली देकर चुप करा दिया। एक रण्डी की तरह ना रहो तो लोग बलात्कार करने लग जाते हैं। मैंने आस-पास देखा की क्या चल रहा है? मोम की तरफ देखा तो वो सी1 से निपट चुकी थी और सी2 और सी3 आगे पीछे मोम को उठाकर चोद रहे थे।

आस-पास लोग लार टपकाते तमाशा देख रहे थे। आस-पास लोग कमेंट्स कर रहे थे।

कोई जोर से बोला- “ये नई वाली तो तेज निकली…” और लोग हँसने लगे।

फिर एक और बोला- “सालों ने उसको इसलिए लिया क्योंकी उनसे राखी को संभाला नहीं जाता…” अब और जोर से हँसने लगे- “जल्दी ना छूट जाए इसलिए…”

और फिर वो मेरी तारीफ़ करने लगे तो मैं भी मस्त होने लगी, और ये मेरी स्टाइल में चेंज ला रहा था। नोर्मलि अब तक लोग मुझे यहाँ वहाँ उठाते पटकते, जैसे मैं कोई गुलाम हूँ उनकी।

अब मैं उठी और टेबल के पास गई और एक पैर ऊपर करके टेबल पे रख दिया और दोनों सी2 और सी3 ने मेरे दोनों फक होल भर दिए। थोड़ी देर बाद ही चूत वाला सी2 झड़ गया।

सी3 बंदे ने विजेता की तरह कहा- “तेरे काँटे इसकी किश्मत में नहीं है, ये मेरा ढ दूध ही लेगी…” और फिर वो आराम से मुझे चोदने लग गया।

लोग चिल्लाने लगे- “नई वाली…” शायद वो मेरा नाम नहीं जानते थे; अपनी राखी से मुकाबला करने लगी है।

इसको सुनकर मुझे जोश आ गया। उधर मोम ने उस अकेले बचे आदमी सी2 को लेटा दिया और रिवर्स काउगर्ल पोज़ीशन में मारने लगी।

लोग राखी राखी चिल्ला रहे थे, और मोम की गाण्ड तो जैसे मशीन की तरह हिल रही थी। नीचे बंदा चिल्लाने लगा।

तभी मुझे चोदने वाला अकड़ते हुए झड़ने लगा और वो गुस्से से बोला- “अरे यार…”

मैंने उसको कहा- “जा जाकर अपना दूध किसी और को पिला…”

और लोग उसपे हँसने लगे, ऐसा लगा की वो मुझे मारने वाला था पर तीन लोगों ने उसको पकड़ा और घसीट के बाहर ले गये। शायद वो अब गया काम से। पर लोगों को या फिर किसी को भी इस बात से फ़र्क नहीं पड़ता था। सभी लोग मोम की तरफ देख रहे थे।

कोई बोला- “10 बजकर 7 मिनट टाइम हुआ है। दस मिनट, दस मिनट और राखी…” लोग चिल्लाने लगे।

मोम वाला बंदा अगर दस मिनट और झेल लेता है तो वो बंदा हम दोनों को तब तक चोदसकेगा जब तक वो खुद थक ना जाए। हम सब टाइम और मोम को देख रहे थे।

“नई नई आऽ आह्हह…” वो आदमी एक मिनट भी झेल नहीं पाया। वो भी गोल्डन चान्स हार गया।

मोम मेरे पास आ गई, और कहा- “एक काम कर, अब लास्ट राउंड बचा है ना तो तू ऐसा कर की लास्ट में जो बचे उसको 15 मिनट चोदने देना…”

मैं हैरान होकर बोली- “तो क्या आप दो लोगों से पूरी रात मज़ा लेने की सोच रही हैं? मेरा क्या होगा, मुझसे नहीं होगा…”

मोम ने धीरे से कहा- “तुझे याद नहीं, मैंने कहा था की गोल्डन चान्स सिर्फ़ एक बंदा ही जीत सकता है। अगर तेरी तरफ से भी एक गोल्डन चान्स लेने वाला बंदा आ गया तो टाई हो जाएगा फिर उन दोनों में मुकाबला करना होगा…”

मुझे वो रूल याद आ गया। जो नहीं झड़ पाया उसको दस मिनट का टाइम मिलेगा। मैंने कहा- “ओके मैं तैयार हूँ …”

अब शुरू के 20 लोगों में 12 लोग अपना दांव लगा चुके थे, और अब 8 लोगों की बारी थी। डी1 डी3 और डी4 मोम को बेड पे ले गये, मुझे डी5 ने नीचे से मेरी चूत में डाल दिया, मेरे मुँह में डी6 का लण्ड था और उसने मेरा गला पकड़ रखा था और मैंने डी7 और डी8 के लण्ड।

कुछ देर बाद मैं डी5 के ऊपर लेटी थी और डी8 ने मेरी गाण्ड में पेल दिया। मैं दोनों हाथों से डी6 और डी7 के लण्ड चूसने लगी।

मैं- “आ अब दूसरों को आने दो…” कहा ये सोचकर की वो भी जल्दी से निपट जाए और डी5 और डी6 को चूत और गाण्ड में जगह दिला दी, और ये मेरी गलती साबित हुई। वो दोनों तेज़ी से मारने लगे और मेरी बैंड बज गई। अब तक तो मैं ठीक थी पर जब वो दोनों डी5 और डी6 हटे तो मैं लड़खड़ा गई, मुझसे खड़ा भी नहीं हो पाया। मैं ज़मीन पे बैठ गई। किसी ने मुझे उठाया और मुझे खड़ा करके झुका दिया और फिर किसी ने मुझे उठा लिया।

उसके बाद मुझे बस इतना पता चल रहा था की मेरे दोनों छेदों से मुझे बस एक नशे सा मज़ा आ रहा है। कौन सा बंदा था पता नहीं? पर उसने मुझे अपनी तरफ किया और ऐसा लगा की मुझे पूरी तरह हवा में उठा लिया था।

कुछ देर बाद मेरा एक पैर ज़मीन पे आ गया और मेरा दूसरा पैर आसमान की ओर ऊंचा उठा हुआ था। तीनों छेदों में लण्ड घुस रहे थे। तभी मुझे एहसास हुआ की मेरी गाण्ड में पानी भर गया है। और तब मुझे होश आया और मैंने पीछे उस बंदे को देखा और कहना चाहा की वो हट जाए, पर मेरे मुँह से आअह्हह… आह्हह… के अलावा कुछ नहीं निकला। उसके छूट जाने के बाद भी वो धक्के मारे जा रहा था तो बाकी बचे बंदों ने उसको हटा दिया।

कुछ देर बाद मेरी चूत में भी वीर्य भरने लगा। अब दो बचे थे ये कौन से वाले थे पता नहीं था? आप उनको डी7 और डी8 मान लो। मोम की तरफ मैंने देखा पर अभी वो एक भी बंदे को कम नहीं कर पाई थी।

वो चारों पता नहीं क्या खा-पी के आए थे। चारों तरफ के लोग मेरे बारे में कुछ बोल रहे थे। लेकिन मुझे कुछ कुछ सुनाई दिया- “यार मैंने ऐसी गाण्ड नहीं देखी, तभी तो मैंने उसमें अपना माल भर दिया…”

“मस्त चूत है जी चाहता है की फिर से मोका मिले तो जी भर चाटू और चाटता ही रहूँ …”

“ठीक है फिर अब से तुझे हम चूतिया ही बोला करेंगे…”

“ऐसा नहीं है यार… भट्टी है उसकी चूत, इस राखी से भी ज्यादा गरम…”

मैंने कुछ देर में अपनी ताकत पा ली, और अब खेल में मैं लौटकर आ गई। मैं उठी और डी7 को लेटाया और उसके ऊपर मैं लेट गई और डी8 झुक कर मेरी चूत मारने लगा। मैंने उसको पकड़कर खुद हिलने लग गई।

और फिर वो मेरे ऊपर गिर गया- “आह्हह… आह्हह…” फिर वो उठकर चला गया।

अब मुझे मोम की बात याद आई और मैंने अपनी पोज़ीशन चेंज कर दी। मैंने मोम की तरफ देखा की मोम बेड पे लेटी हुई हैं और आराम से मुझे देख रही हैं।

उन्होंने आूँख मारकर मुझे इशारा किया।

मैंने देखा की लोग बोल रहे थे की 13 मिनट बचे हैं। जब 3 मिनट बचे थे तब मुझे लगा की डी 7 का टाइम से पहले ही झड़ने का मूड है। मैं मन में- “नहीं मैं उसको 15 मिनट के पार ले ही जाउन्गी…”

ये सोचकर मैं उसको किस करने लगी और उसकी स्पीड धीरे हो गई- “लेट मी…” मैंने उसको खड़ा किया और ज़मीन पे लेटाकर काउगर्ल पोज़ीशन में चढ़कर पीछे झुक कर कूदने लगी। दो मिनट हो गये बस एक मिनट और… 30 सेकंड… 10 सेकंड।

तभी अनाउस्मेन्ट हुआ- बहुत टाइम बाद ऐसा हुआ है, दो लोग गोल्डन चान्स के दावेदार हैं पर एक ही चुना जा सकता है। सभी को नियम बता दिए गये थे और अब फिर से सुन लो-

“अब यहाँ पे रंडियों के पास मौका है अपनी चूत की ताकत दिखाने का। अगर रंड्डयां अपने बंदे को 10 मिनट से पहले ही ढेर करती हैं तो उनमें किसी को भी रात भर के लिए जीता नहीं ना सकता। फिर भी 10 मिनट में भी जिसने भी पहले अपने मर्द को ढेर किया, वो जीतेगी और हारने वाली को रात भर की चुदाई से बचाने के लिए 10 मिनट के अंदर अपने बंदे को ढेर करना पड़ेगा। जीतने वाली को 60% और हारने वाली को 40% रकम मिलेगी और साथ ही 20 हज़ार 10 मिनट में खेल खत्म करने का। 10 मिनट के बाद भी रंडियों ने अपने मर्दों को ढेर नहीं किया तो वो रात भर की चुदाई से बचने का मौका गवां देंगी।

मर्दों को चुदाई में 10 मिनट तक ढेर नहीं होना है, नहीं तो वो पूरी तरह हार जाएँगे। लेकिन शुरू के 10 मिनट पूरे होने के बाद भी जो भी ज्यादा टाइम झेल गया वो विजेता होगा और जिसने अपने बंदे को आउट किया वो रण्डी जीतेगी। गोल्डन चान्स में जीतने वाला बंदा हारने वाली रण्डी को ही रात भर के लिए ले जा सकता है। इसमें हारने वाली रण्डी को 30% और जीतने वाली को 70% बोली की रकम का हिस्सा मिलेगा। समझ गये? तो फिर 20 मिनट के बाद फिर से इनका मुकाबला होगा…”

मैंने मोम से पूछा - “10 मिनट के अंदर कैसे करेंगे?”

पीछे से अकरम ने कहा- “टेन्षन ना ले, रात भर बस कहने वाली बात है…”

फिर हम दोनों को अकरम ने अपने पास बिठा लिया और वो मोम से बोला- “और आज फिर से जीतने वाली क्या देगी?”

मोम- “ठेंगा…”

अकरम- “हाहाहा… तू तो मोना के बंदे को तू यूँ सॉफ कर देगी…”

मैं बोली- “मतलब क्या इसका?”

अकरम- “इसका जो बंदा है ना वो तेरी मारेगा और तेरा इसको…”

मैं सोचने लगी की अब तो गये काम से। वो बी4 बंदा तो बहुत ही तगड़ा है, वो मोम की ऐसी हालत करके मेरी तो… और अगर उसने वो भी जीत लिया तो क्या होगा, मेरी तो सारी रात।

आराम करने के बाद बी4 और डी7 हमारे सामने लण्ड लिए खड़े थे और हैवानियत तो बी4 में कूट-कूट के भरी थी। उसकी माँ ने हज़ारों शैतानों का लण्ड लेकर अपने हरामी बेटे में भरी थी।

“अब… शुरू…”

बी4 ने मुझे कस के पकड़ लिया और मुझे उठा लिया।

मैं- “आह्हह… आऽ आऽ मर गई आऽ मेरी माँ आऽ आऽ…”

वो मुझे उछल-उछल के ठोंक रहा था। इतने में पानी झड़ने लगा, और कहा- “मेरी जान आज तेरी चूत इतना झड़ेगी की सागर भर जाएगा, झरना बना द दूँगा तुझे, झरना…”

लेकिन मैं अभी झड़ी नहीं थी, मेरी तो पेशाब (पी) निकल आई थी। ओह्हह गोड… मुझे कुछ करना ही पड़ेगा। और फिर मैं उसको मुझे जोर-जोर से चोदने को उकसाने लगी- “आऽ चोद चोद मेरी चूत मेरी नहीं तेरी गुलाम है, मैं तेरी गुलाम… आज पूरी रात मेरी बनानी है तुझे… आह्हह… आह्हह… फाड़ दे मेरी गाण्ड, शुरू हो ना साले सांड़, रो रही तेरी रांड़…”

“वाह वाह वाह वाह…” करके पूरा रूम हँसने लगा।

मुझे तो अब और जोश आ गया जबकि उस साले को टेन्षन दिला दी। मेरी चूत मारने वाला अब इतना जोर-जोर से मारने लगा की… की…

मैं जोर से बोली- “हाँ हाँऽऽ…”

बी4- “आऽ नहीं… नहीं रुक रुक मैं झड़ा नहीं हूँ …” फिर वो मुझे चोदने लगा, तो वो जो बंदा रूल्स बता रहा था वो आगे आया, और उस बंदे को पकड़कर पीछे गिरा दिया। और फिर मेरी चूत को देख कर रूल्स वाला आदमी बोला- “ये जीत गई है…”

अकरम ने आवाज़ दी- “अब्दुल…”

अब्दुल आया और उस बी4 को ले गया। फिर मैं खड़ी हो गई, लोग मेरी तरफ इशारा करके चिल्ला रहे थे। मैंने अपनी चुचियाँ हाथों में लिए लोगों की तरफ हिलाकर थैंक्स कहा। उनके जोश दिलाने पर मैं खुश थी। एक मिनट बाद ही डी7 भी हार गया। मोम भी खड़ी हो गई। उनको चोदने वाला जा चुका था।

रूल्स वाला बंदा बोला की बी7 जीत गया है। और पहले के आ बी सी राउंड के लास्ट में झड़ने वालों को उनकी बोली की आधी रकम दी। फिर उसने बी7 को उसकी बोली की 75% रकम दी।

फिर लास्ट में हमको अपना -अपना हिस्सा मिला। मैंने मोम को थैंक्स कहा की अगर उन्होंने मुझे टिप्स नहीं दी होते तो आज रात ना जाने क्या होता मेरा? देखने वाले लोग अब जाने लगे, रूम खाली हो गया।

मोम और मैं बाथरूम में गये और नहाकर वापस आए। हमारे कपड़ों का पता नहीं था और हम नंगी गाण्ड मटकाती वहां से निकली। रूल्स वाला बंदा पास से निकलते टाइम मेरी गाण्ड पे मार गया। ‘आउच’ मैंने उसको देखा लेकिन वो बस बिना देखे चला गया। हम उस रूम में वापस आए।

अकरम ने पास आकर कहा- “अच्छा शो था, मोना तू तो पहली बार में राखी से जीत गई, लगता है…” और पास आकर धीमे से- “अपनी माँ से आगे जाएगी। और तुम दोनों की जीत का पैसा तेरे अकाउंट में डाल दिया है…”

मैंने बैंक का मेसेज देखा, मुझे यकीन नहीं हुआ की हमने एक रात में इतने बड़ी रकम कमा ली थी।

 
दो नंगी औरतें एक सुनसान गली में हाई हील्स की आवाज़ करती एक क्लब से निकली और वहाँ पर एक कार में बैठ गई। कार स्टार्ट की और अंधेरी गली रोशनी से भर गई। कार चलते हुए आगे से मेन रोड में दूसरी कारों में मिल गई।

किसी का ध्यान नहीं गया की कार के अंदर ड्राइवर ने कुछ नहीं पहना है, और उसके पास की औरतने अपनी दोनों टांगे डैशबोड पे रखी हुई है। ड्राइवर ने कार को एक पार्किंग जोन में खड़ी दूसरी कारों के बीच में अपनी कार रोक दी।

ड्राइवर से दूसरी नंगी औरत बोली- “मुझे जल्दी घर जाना है, और तूने कार यहाँ रोक दी?”

ड्राइवर सीट पीछे करके आराम से बोली- “आह्हह… मोम, ऐसी हालत में घर नहीं ना सकते, कुछ देर यहीं पे आराम कर लेते हैं…”

हम कार में बैठे रहे। रात की हवा में हिलते पत्तो की आवाज़ सुन रहे थे। ये रात की ठंडी हवा बस सकून दे रही है। ये अच्छा था, खास था, इंपाटेंट था। मैंने अपने नंगे बदन पे हाथ फेरा और कुछ सोचने लगी। मैंने मोम को देखा जो ड्रेसबोर्ड पे अपने पैरों को देख रही थी।

फिर मोम की नजर मुझे उनको देखते हुए पड़ी। वो मुश्कुरा दी- “पत्तों की सरसराहट अच्छी लग रही है, है ना?”

मैंने हाँ कहा, और फिर दोनों कुछ देर सुनने लगे।

मैं- “चलो बाहर ठंडी हवा में चलते हैं…”

मोम ने हँसते हुए कहा- “क्या? कोई देख लेगा…”

मैं- “हम कार का दरवाना खुला रखेंगे और जल्दी से निकल जाएँगे, या फिर हो सकता है हमको चुड़ैल समझकर भाग जाएँ …”

मोम हँसते हुए बोली- “हाँ… वो फिर लोगों को बताएगा की रात को उसने दो नंगी चुड़ैलें देखी…” और हम कार से बाहर निकले, ये शुरू में डेरिंग था।

मैं रोड पे कुछ दूर जाकर वापस आई, हमने सिर्फ़ हाई हील्स ही पहने हुए थे, जो रात में ज्यादा आवाज़ से टक-टक कर रहे थे। मैंने घूमते हुए कहा- “कितना अच्छा लग रहा है, आज़ाद…” मोम को नंगी चलते हुए मेरे पास आते देखना शानदार था।

मोम ने मेरी तारीफ़ वाली नज़रों को देखकर उन्होंने अपनी चाल कैटवाक में बदल दी- “सुपर-हाट…”

हमने रात का मज़ा इस तरीके से कभी नहीं उठाया था। हम काफ़ी देर यूँ ही मस्ती करते रहे। लेकिन किसी ने भी हमें देखा हो तो उसने हमें परेशान नहीं किया। कोई भी कार का शोर सुनकर नहीं आया था, वहां पे और कारों को हम छूना नहीं चाहते थे। मैं लास्ट में एक ब्लैक कलर की कार पे जमी धूल पे झुक के उसपे चुचियों के मार्क्स बनाती हुई मोम से कहा- “चलो अब चलते है…”

मोम पास वाली सफेद कार के बोनट से उतरी जिसपे हमने किस मार्क्स बनाए थे, और लिपजस्टक से लिखा-“दिस इज द लकियेस्ट कार…” और कहने की बात नहीं की हमने ढेर सारी सेल्फी ले ली। कुछ फन्नी वीडियोस भी बनाए।

मोम- “मस्ती बहुत हो गई अब घर चलते हैं…” मोम ने कहा, जबकि मेरे पिछली बार कहने पे खुद रोड के दूसरी तरफ रखे सफाई वाले झाड़ू को ले आई और मुझसे कहा- “हे आई एम आ बिच, चल एक पिक ले ना…”

और पिक ही नहीं मुझे वीडियो भी लेना पड़ा। उसके बाद हम फन्नी वीडियोस बनाने लगे। मस्ती करते-करते मैं गालियां बोलने लगी, लेकिन फिर चुप हो गई। उसके बाद मोम ने मुझे एक वीडियो शूट करने को बोला, जिसमें मोम न्यूज रिपोर्टर बजकर अनाप-शनाप बोलने लगी।

मोम- “देखिए इस किराने की दुकान को, इसका मादरचोद दुकानदार उधार में माल उसी को बेचता है जिस फुद्दू की रण्डी बीवी उससे चुदती है, क्या ये इंसॉफ है? उन भेन के टक्कों का क्या जो अपनी गाण्ड मरा के पैसे कमाते हैं और गान्डुओं के जैसे लाइन में खड़े पीछे वाले का लण्ड लेकर लाइन में खड़े होते हैं…”

मेरा तो हँसते हुए कैमरा पकड़ना मुश्किल हो गया।

फिर मोम ने भी मुझे शामिल कर लिया- “जी सही कह रही हैं आप, इस भेनचोड़ दुकानदार ने मेरी चूत मारने का ओफर दिया, जब मैं अपने पति की मर्दानगी के लिए तेल लेने आई थी…”

मैं- “आपने फिर क्या किया?”

मोम- “हमने अपने पति को जाकर सारी बात बताई, उन्होंने इस हरामी दुकानदार को पकड़कर बाँध दिया और जितना तेल था दुकान में सब अपने लण्ड पे लगा के उसकी खूब गाण्ड मारी, तब भी हमारा मरद नहीं शांत हुआ। उसने दुकानदार की गाण्ड में मिर्ची, हल्दी, नमक और राम जाने का का डाल दिया…”

मैं- “तो क्या आपके पति को पुलिस पकड़कर नहीं ले गई?”

मोम ने कहा- “अरे नहीं, वो नाशपीटे दुकानदार की चुदासी औरतने दारोगा से कहा की उनको माफ़ कर दो उन्होंने सही किया है, और फिर पुलिस भी चुपचाप ही चली गई उसको छोड़कर। लेकिन वो डायन को शांति नहीं पड़ी, उसने हमारे मरद को अपनी दुकान बना लिया है। मुहल्ले की सारी चुदक्कड़ औरतों को बुलाकर उनसे पैसे लेकर हमारे पति से चुदवाती है, और हमारे पति अब यूँ तेल लगाकर बड़ा गाण्ड-चूत फाड़ बन गया है। हे राम… इहां हम खुद, उसकी औरत को बारी नहीं मिली, दो दिन से हम लाइन में लगे हैं, बोलो…”

उसके बाद एक से बढ़कर एक वीडियोस हमने बनाए फिर हम थक के अपनी कार में बैठ गये। मोम ने मुझे किस किया। उसी टाइम उस रोड से एक कार निकली। किसी को कोई आइडिया नहीं था की क्या हुआ था। वैसे भी हमने खूब मज़े किए और इतनी देर बाहर नंगी घूमने का तो सोचा भी नहीं था। हम अलग हो गये और मैं पीछे की सीट पे गई कपड़े पहनने के लिए।

मोम ने सोचते हुए कहा- “इतनी मस्ती के बाद दिन गायब हो गया है ना…”

मैंने पीछे की सीट पे रखे शॉपिंग बैग से कपड़े निकालकर एक टीशर्ट पहनते हुए कहा- “सच बताओ मम्मा, उस दिन भाई ने मुझे आप मानकर सेक्स किया था, तब आप बाथरूम में क्या कर रही थी?”

मोम- “अपनी किश्मत पे रो रही थी…” कहते हुये उन्होंने एक टीशर्ट और स्कर्ट पहन ली।

मैं- “बताओ ना, क्योंकी भाई ने उस दिन बड़ी मस्त ठुकाई की थी मेरी, असल में आप होती तो पता नहीं क्या करता?”

मोम- “अच्छा ऐसा किया उसने?”

मैं- “और आजकल आप जो उसको भड़का रही हो उसकी भड़ास मुझ पे निकाल रहा है, आप होती तो पता चलता…”

मोम ने शरारती होकर कहा- “चलो आज देख लेती हूँ , मेरे बेटे में कितना दम है?”

मैं कार स्टार्ट करते हुए बोली- “ओह्हह… हो हो। आज रात को मुझे अपनी मोम और भाई का शो देखने को मिलेगा, वाउ… मज़ा आएगा, रास्ते में पॉपकॉर्न ले लेती हूँ , क्या खयाल है?”

मोम- “शटअप, आंड ड्राइव, वैसे भी इतनी रात को वो सो गया होगा…”
 


हम मस्ती मज़ाक करते हुए घर पहुँच गये। भाई टीवी देख रहा था और मोम शॉपिंग बैग लेकर अपने रूम में चली गई। मैं भी फट से बाथरूम चली। मोम ने आवाज़ दी तो मैं हेयर-ड्रायर आफ करके, तौलिया बाँधकर आ गई। भाई मोम के रूम में था और मोम नहा चुकी थी और टीशर्ट और पजामा में थी। भाई मोम से ओफिस की बात ही कर रहा था, मेरे आने के बाद बैग खाली कर दिया।

कपड़े देखकर भाई बोला- “ये अभी पहनोगी? वो भी रात को?”

मैं- “घर पे पहनने के ही लिए है स्टुपिड…”

मोम- “मोना, तू अपने वाले अपने रूम में रख दे…”

मैं- “क्या मोम, तेरा मेरा कर रही हो, सेम टाइप के ही तो हैं…” मैं मासूम बनकर बोली।

भाई बोला- “हाँ…”

एकदम से चुप्पी छा गई। सेम बाडी, सेम टाइप, सेम चुचियाँ , सेम गाण्ड सेम सब सबकुछ याद आ गया।

भाई- “आऽ मोम आपने दीदी की टाइप में कपड़े लिए हैं?”

मोम ने मुश्कुरा कर, मेरा मतलब शरारती होकर कहा- “क्यों मैं मोना जैसी नहीं दिखती?”

भाई- “ओह्हह… मोम, मेरे पूछने का मतलब था की आप दीदी की स्टाइल में रहोगी?”

मोम- “नहीं बेटा, आई गाट माई ऑन स्टाइल…” कहकर मोम ने बेड पर से एक लेगिंग ली और एक टैंक टाप फिर कहा- “मैं पहन कर आई…” और वो बाथरूम में चली गई।

भाई मुझसे बोला- “अपने सेम बाडी फिगर वाली बात कही क्या मोम से…”

मैं- “नहीं तो?”

भाई- “सच बोलो…”

मैं- “चुप कर वरना अभी बता दूँगी …”

मोम बाहर आई तो भाई उनको देखकर खड़ा हो गया- “वाउ मोम य लुकिंग सुपर्ब…”

मैं- “रेड हाट…”

मोम- “थैंक्स…” और घूम गई।

बड़ी सेक्सी कर्वी बाडी को देखकर मेरा मन बिगड़ रहा था। मैंने भाई के उभार को नोटिस किया।

मोम- “चल तू भी ट्राई कर ना…”

भाई- “मोम इसमें आपका फिगर मस्त लग रहा है…”

मोम ने कहा- “ओह्हह… थैंक्स, तुझे इसमें क्या मस्त लगा?”

मैंने कपड़े लिए और बाथरूम की तरफ जाते हुये सुनाकर कहा- “हाटन शेप गाण्ड, आपकी गाण्ड- सारी…”

मोम- “कोई बात नहीं, तुझे मेरी गाण्ड मस्त लगी?”

भाई- “क्या?”

मोम हँसने लगी- “सारी, आई एम फीलिंग यंग राइट नाउ…”

भाई- “युवर आलरेडी यंग आंड सो ब्यूटीफुल …”

इसके बाद हमने एक-एक कर ड्रेस पहन कर देखी, या कहूँ तो अपनी एरोटिक स्टाइल में ड्रेस को प्रेजेंट किया- “लुक अमेजिंग ना…”

मोम- “ओह्हह… दिस वन … हियर लुक…”

जबकि हम अपनी बाडी दिखाकर भाई की हालत खराब कर रहे थे। भाई का लण्ड पूरे टाइम टाइट था और वो हमारी फिगर, चुचियों , और गाण्ड की तारीफ़ भी खुलकर करने लगा जिसमें- “कर्व्स, क्लीवेज़, हाट, सेक्सी पटाखा, आपकी गाण्ड, आपके चुचियाँ शब्द थे…” सही में अब हम घर में खुलकर रह सकते हैं।

भाई लास्ट में बोला- “हाँ… मैं अब चला सोने, आप लोग चेक करते रहो…”

भाई के जाने के बाद हम हँस पड़े, मोम बोली- “अब मैं खुलकर रह सकती हूँ आऽ…” और फिर ड्रेस उतारकर बेड पे नंगी लेट गई।

मैं भी मोम के पास लिपट के सो गई। अपनी चुचियों पे मोम के हाथ पे अपना हाथ रखकर मैंने कहा- “कल मैं देर तक सोना चाहती हूँ …”

मोम ने “ह्हम्म…” कहते मेरी गर्दन पे किस कर दिया।

मोम ने मुझे अगली सुबह तब जगाया जब उनको ओफिस के लिए तैयार होना था- “उठो बेटा लेट हो जाएगा…” फिर वो बाथरूम में नहाने चली गई।

मैं उठी और नींद में मोम के रूम से बाहर निकली और बाहर भाई मिल गया। उसके चेहरा पे लुक मुझे पूछ रहा था- “दीदी नंगी मोम के रूम में सोई हुई थी? कैसे?

मैं उसको अनदेखा करके अपने रूम की तरफ चली गई। जब तैयार होकर मैं नीच वापस आई तब भाई जा चुका था।

मोम को भी लेट हो रहा था पर वो मेरे लिए रुकी हुई थी, कहा- “सुन, मुझे तुझसे एक बात करनी थी…”

मैं- “हाँ?”

मोम- “शाम को हमें डाक्टर के पास जाना है…”

मैंने एकदम से पूछा - “क्या हुआ?”

मोम- “हुआ कुछ नहीं है पर हमें हेल्थ चेक-अप कराना है…”

मैंने राहत की सांस लेकर कहा- “ओह्हह… उम्म… पर किसलिए?”

मोम के चेहरा पर स्माइल आ गई और कहा- “हम दोनों इतने दिनों से ना जाने कितनों के साथ सेक्स कर चुके हैं, इसलिए…”

मैं- “आपको लगता है की हमें कुछ हुआ होगा?”

मोम- “ना हो तो बेटर है…”

मैं- “ओके मोम। मैं कालेज से निकलते ही आपको काल कर दूँगी …”

मोम- “ठीक है, पर ध्यान रखना। नो मोर सेक्स। ओके…”

मैं मोम को हग करते हुए- “ओके, बाइ देन…” फिर गुडबाइ किस करके मैं चली गई।

 
कालेज में क्लासेस खत्म होने के बाद मैंने मोम को काल कर दिया। उन्होंने कहा की वो ओफिस से निकल रही है, और घर पहुँचकर दोनों चल चलेंगे। मोम और मैं एक क्लीनिक पहुँचे। मोम ने कार से उतरते हुए बताया की डॉक्टर शोभा उनकी दोस्त है।

हम अंदर गये और कुछ देर इंतजार करने के बाद हम उनसे मिले। डॉक्टर शोभा ने मेरी प्रेजेन्स की वजह से मोम से केजुअल बातें की। फिर मोम ने मुझे बाहर इंतजार करने को कहा। मोम ने उनसे बात की। कुछ देर बाद डॉक्टर शोभा ने मुझे पहले टेस्ट करने के लिए बुलाया। यूरिन और ब्लड टेस्ट किए। फिर उन्होंने मुझसे पूछा की लास्ट कब सेक्स किया था, फिर वेजाइनल सेक्स के अलावा एनल का पूछा ।

ये सवाल तो नॉर्मल लग रहे थे। फिर उन्होंने जब मुझसे पिछले दिनों के सेक्सुअल रिलेशन और पार्टनर के बारे में जब पूछा तो मैं चुप रह गई। मोम ने बताया था की वो उनकी दोस्त हैं, क्या मुझे उनको सब सही-सही बताना चाहिए था?

शोभा ने कहा- “देखो तुम अगर परेशान हो ना बताने के लिए तो सही से ट्रीटमेंट नहीं हो पाएगा…”

और फिर मैंने उनको जो जानना था वो सब बताया। इसलिए उन्होंने कहा की पहले चूत फिर रेक्टम से सैम्पल लेंगे। जब सभी कुछ हो गया तो मैं बाहर बैठकर मोम के टेस्ट होने का इंतजार करने लगी। और जब मोम और डॉक्टर शोभा बाहर आए और कहा- “रिपोर्ट एक हफ्ते में आ जाएगी और तब तक शालिनी, तुम जानती हो, परहेज करना ओके…”

फिर हम बाहर आ गये, जैसे ही कार में बैठे, मैंने पूछा - “मोम, क्या डॉक्टर शोभा जानती हैं?”

मोम- “वो एक अच्छी डाक्टर है, मैं काफ़ी सालों से उससे हेल्थ चेक-अप करा रही हूँ …”

मैं- “पता नहीं हमारे बारे में क्या सोचती होंगी? किसी को बता दिया तो?”

मोम ने स्माइल देते हुए कहा- “डोन्ट वरी, शी’स ट्रस्ट वदी…”

मैं- “लास्ट कब आपने चेकअप कराया था?”

मोम- “4 महीने पहले…”

हम घर पहुँचे और आराम से सोफे पर बैठ गये। मोम ने अपना फ़ोन निकाला और किसी को काल करने लगी फिर नशीली आवाज़ में बोली- “हाय हैंडसम, क्या हाल है?”

मुझे आइडिया हो गया की वो किससे बात कर रही हैं।

मोम- “दो दिन ही तो हुए हैं… हँसने लगती है… हाँ अच्छा जी कह दूँगी । हाँ… क्यों कोई और मिल गई है क्या? तो फिर? कितनों से? हाहाहा… वो तो है… अनुभव बेबी अनुभव… हाँ अच्छा सुजो अभी 10 दिनों तक कोई प्रोग्राम मत रखना। तुम्हारी ही गलती है, तुम लोग कुछ पहनते ही नहीं, बस शुरू जाते हो और सजा हमें भुगतनी पड़ती है… हाँ आज ही कराया है। ओके। बाइ लव यू …” जब मोम ने काल कट किया तो मैंने मोम के होंठों को “मादरचोद” शब्द में हिलते देखा।

मोम फिर नॉर्मल टोन में मुझसे बोली- “चलो अकरम का हो गया, वो कोई डिमांड नहीं करेगा। और जब तक रिपोर्ट नहीं आती हमें कुछ नहीं करना है, जो सेक्स, जो मास्टरबेशन, नॉट इवन आ किस…”

मैं हैरान होकर बोली- “किस भी?”

मोम- “हाँ… मेरी गुड़िया। किस पे भी बैन है। ओके अब मैं चलती हूँ …” कहकर वो खड़ी हो गई फिर मुड़कर कहा- “रिपोर्ट आ जाने के बाद तेरी प्रेग्नेन्सी का भी कुछ करना पड़ेगा…”

मैं- “पिल तो लेती ही हूँ …”

मोम ने कहा- “अच्छा बता तूने कभी प्रेग्नेंट होने का सोचा है?”

मैं सकते में आकर- “जो, अभी क्यों सोचूँगी?”

मोम- “अभी की बात भी नहीं कर रही हूँ , शादी तो करेगी ना, और फिर बच्चे?”

मैं कुछ नहीं बोली, इतना कभी सोचा नहीं फ्यूचर के बारे में।

मोम समझ गई- “अभी तो तेरे मजे के दिन हैं, इसलिए मिरेना डलवा देते हैं…”

मैं- “वो क्या होता है?”

मोम- “कभी सुना होगा तूने कापर-टी बस वही है। मैंने भी मिरेना लगवाया हुआ है। और जब तुझे कभी प्रेगनेंट होना होगा तो निकलवा लेंगे ठीक है?”

मैं- “मुझे लगता था की आपने अपनी ट्यूब टाइड करवा ली होगी…”

मोम- “अब तो पता चल गया ना?” मोम ने स्माइल देते हुए कहा।

लेकिन मुझे कुछ अलग ही महसूस हुआ उनकी स्माइल से, कहा- “ठीक है…”

मोम मुझे बाइ बोलकर वापस ओफिस चली नाती हैं। मैं सोफे पर लेटे हुए आने वाले दिनों के बारे में सोचने लगी- “अब से हेल्थ का ध्यान रखना ही पड़ेगा…”

अगले दिन मैं अर्ली मॉर्निंग में उठ गई। फिर मैं फ्रेश होकर ब्लू स्पोर्ट्स ब्रा और ब्लैक शॉर्ट्स शर्ट पहन कर मोम के रूम में गई। मोम बाथरूम से नंगी बाहर आई।

मोम- “ओह्हह… गुड मॉर्निंग। क्या बात है?”

मैं- “गुड मॉर्निंग, चलो आप भी तैयार हो जाओ पर हाँ प्लीज़्ज़… उसको भड़काना मत…”

मोम ने मेरे लुक पे इशारा करते हुए कहा- “ह्हम्म… अच्छा आज तेरी बारी है क्या?”

मैं- “मैं ऐसे रहूँ तो भाई इसका बदला ले सकता है, लेकिन आपको तो वो टच नहीं कर सकता ना…”

मोम ने मेरी बात सुनकर मुझे धक्का दे दिया- “बकवास बंद कर…”

और मैंने वापस खड़ी होकर मोम की नंगी गाण्ड पे चपत लगा दी, और फिर मस्ती वाली कैट नाइट शुरू हो गई।

मैं- “अया हाहाहा…”

मोम- “इधर आ तू …”

मैं- “अच्छा…”

मोम- “नहीं माना आआऊच्च हाहाहा…”

मैं- “आऽ मम्मी छोड़ो हाहाहा आऽ…”

मोम हँस ती हुई मेरी कमर को पकड़कर बेड पे गिरा दिया और जोर से मुझे गुदगुदी करने लगी। मैंने मोम को अपने पीछे से हटाने के लिए जोर लगाया तो मोम ने मेरी शर्ट में हाथ डालकर मेरी चूत को जोर से पकड़ लिया।

मैं- “आअह्हह… सारी सारी सारी…”

फिर मोम ने मुझे छोड़ा। बाद में मुझे शर्ट की जगह लेगिन्ग्स पहनी पड़ी, और मोम टैंक टाप और योगा पैंट के साथ ऊपर एक्सरसाइज़ रूम में गई। आधे घंटा की एक्सरसाइज़ करने के बाद हम पसीने से नहा गये। मोम ब्रेकिास्ट और लंच के लिए कुछ बजाने लिए चली गई और मैं भाई के साथ रूम में एक्सरसाइज़ करने लगी।

जब मैंने वर्कआउट कर लिया तब भाई मेरे पास आया।

मैं- “आइ एम टायर्ड, बाद में…”

भाई- “बस थोड़ा सा…”

मैं- “नो …” कहकर मैंने उसको अलग कर दिया। उसको रोक के रूम से निकल गई।

मुझे रिपोर्ट आने तक सेक्स से दूरी बनानी थी, पर ये तो शुरुआत थी, मुझे पूरे एक हफ्ता तक रोके रखना था। रात को भी भाई ने मुझे पकड़ लिया पर मैंने उसको भगा दिया।

अगले दिन रेहान मिल गया। क्या सारे लण्ड कभी शांति से रह नहीं सकते? पर काल का बहाना बनाकर वहां से चली गई। लेकिन इस बार उसके चेहरा पर गुस्सा सॉफ दिखाई दिया। हू केयर्स। मेरी दोस्तों ने एक पाटी में जाने का बोला, तो मैं क्या करती? ना चाहते हुए भी मज़ा करना पड़ा क्योंकी मुझे पता था की वहाँ क्या होने वाला था।

मैंने मोम को तीसरे दिन एक्सरसाइज़ टाइम अपनी दोस्त अंजली आंटी से बात करते देखा। मोम ने काल कट करने के बाद कहा- “अंजली मेरा इंतजार कर रही है…”

मुझे भाई के साथ नहीं रुकना था इसलिए मैं बोली- “मोम। मैं भी चलती हूँ साथ में…”

हम गार्डन में उनसे मिले। अंजली आंटी टाप और लेगिन्ग्स पहन हुए थी हमारी तरह और वो एक “हाट मिल्फ” लग रही थी। मोम और वो आगे-आगे बातें करते हुए जॉगिंग कर रही थी।

अंजली- “तैयारी करने में देव, उसके पति, बहुत ही बिजी हैं, अब दो महीने ही तो बचे हैं शादी में। आजकल दिन तो ऐसे निकल जाता है की पता ही नहीं चलता। मिताली, उसकी बड़ी बेटी के लिए उन्होंने…”

मोम- “ये भी कोई बात है, मैंने कब से लेकर रखा है…”

हम अपनी एक्सरसाइज़ और जॉगिंग करते हुए बातें करने में लगे हुए थे, इस बीच पता नहीं कितने लड़कों को खुश करते चले गये। सेक्सी गाण्ड, चुचियाँ और कर्व्स दिखाते हुए हमने वर्कआउट कर लिया।

अंजली हान्फते हुए “हाँ हाँ मोना अब तेरी बारी है। कोई बायफ्रेंड है तो बता तेरी भी साथ में ही करा देते है…”

मोम हँसते हुए- “पहले पढ़ाई तो कर लेने दे…”

अंजली- “ठीक है। अच्छा याद आया यश, मेरे डैडी, को काल कर दिया था ना?”

मोम- “कल ही बात हुई थी…”

हम सब लड़कों के ग्रुप के बीच से निकले तब कुछ आगे जाकर अंजली आंटी लेस बाँधने झुक गई। मोम ने मुझे इशारा किया और हम खड़े रहे अंजली का क्लीवेज़ शो खत्म होने तक। फिर हम घर चले आए।

जब रात को भाई ने मुझे मेरे बेडरूम में घेर लिया तो मुझे एक आइडिया आया। मैंने कहा- “ठीक है लेकिन जो इन्फेक्शन होगा उसका तू ही जिम्मेदार होगा…”

भाई ने शाक और टेन्षन में आकर मुझे पकड़ा और एक बड़े भाई की तरह पूछा - “कही तुझे एड्स तो नहीं हो गया?”

तो मैंने उसको रिलेक्स करने के बाद कहा- “मेरी चूत में कुछ प्राब्लम हो गई है, त नहीं समझेगा। मैं और मोम गई थी डाक्टर के पास। डोन्ट वरी एक हफ्ते बादसही हो जाउन्गी…”

भाई मान गया और उसने आगे कुछ नहीं किया।

टेस्ट के 8 दिन बाद हमें डॉक्टर शोभा ने बुलाया। थैंक्स गोड… रिपोर्टस सही थी, जो एस॰टी॰डी॰, जो नथिंग। उसके बाद मोम ने शोभा से मेरी प्रेग्नेन्सी रोकने के बारे में बात की। उन्होंने टाइप्स बताए, लास्ट में शोभा ने मिरेना रेकमेंड किया। उन्होंने चेक किया और फिर डिवाइज़ को अंदर डाला। मुझे डर था की कहीं ये दर्द करने लगा तो? या फिर सेक्स के टाइम लण्ड को लग गई तो?

तब डॉक्टर शोभा ने माँ कि तरफ देखकर कहा- “ऐसी कोई प्राब्लम नहीं होगी। और एक बात बताऊूँ? युवर जस्ट लाइक योर मदर…” फिर उन्होंने मेरी चूत पे हाथ रखकर कहा- “हाँ, ये बिल्कुल वैसी ही है। फिर भी कोई प्राब्लम हो तो आ जाना…” और लास्ट में उन्होंने मुझे स्माइल दी।

जब हम घर आए तब भी थोड़ा अजीब लग रहा था। सब ठीक ही था लेकिन इमॉशनल टाइप कुछ था। मोम और मैं सोफे पे बैठ गये और मोम मेरे बालों में हाथ फेरकर बोली- “कुछ दिन रुको फिर हम मिलकर खूब मजे करेंगे…”

मैं- “वो क्यों?”

मोम- “ऐसे ही, चल परसों तक ठीक रहेगा…” कहकर मोम ने मुझे किस किया- “ओह्हह… आई कान्ट वेट…”

मैं- “आप तो अभी कर सकती हो, मेरे लिए मत इंतजार करो…”

मोम ने मेरी कान की लोलकी को अपनी नीभ से हिलाया जिससे इयर-रिंग बजने लगी और फिर मोम ने प्यार से कहा- “आई वांट टु सक दैट काक व्हिच कोटेड पवत योर टेस्टी वीर्य आज योर स्वीट कंट…” फिर मोम मेरे कान को चाटने लगी।

ओह्हह… शी’स सो फकिंग हाट राइट नाउ। मैंने कहा- “दैटस गोयिंग टु बी आ प्राब्लम आई थिंक। उम्म… वेरी बिग प्राब्लम इन्नेक्ट असल में…” मैं मोम को छेड़ना चाहती थी।

मोम- “डोन्ट वरी, आई विल साल्व दैट इन सेकंड…” मोम ने अपनी शर्ट के बटन खोलते हुए कहा।

मैं- “ओह्हह… रियली?” मैंने मोम की लेफ्ट चूंची को हाथ में भरते हुए कहा, जिसे मोम ने अभी ब्रा से निकाला था। उसकी स्मेल मुझे पागल करने लगी- “ओह्हह… मेरी मोम की बड़ी-बड़ी चुचियाँ ओह्हह… इस्स्स…”

 


मोम ने मेरी टीशर्ट को ऊपर किया- “एस हिी, मम्मी लव्ड टो नेस चेहरा एवरी प्राब्लम फॉर हर किड्स…” और उन्होंने मेरी टीशर्ट साइड में फेंक दिया।

मैंने कहा- “ओके हियर इट इन, भाई से पीछा छुड़ाने के लिए मैंने उसको प्रोमिस किया है की मेरा इंफेक्सन सही होते ही मैं उसके साथ सेक्स करूँगी…”

और मोम कुछ और बोलने वाली थी तो मैंने आगे कहा- “और? और मैंने उसी टाइम मन ही मन डिसाइड किया की रिपोर्टस अगर सही हुई तो सबसे पहले भाई ही हो जो पहले मुझमें जाए। बिकॉज ही इज ओन्ली वन हू लव्स मी, इन रियल। और दूसरा, ही डिजर्वस दिस…”

मोम- “सो वाट ड्डड य सेड बबिोर?”

मैं- “वैसे असल में मैंने ऐसा कोई प्रोमिस नहीं किया। लेकिन अभी लग रहा है की मुझे यही करना चाहिए। भाई शुड बी जस्टन…” मैंने स्माइल करते हुए मोम को देखा की अब वो क्या कहती हैं?

मोम ने ऐसे देखा जैसे मैं उनको फँसाना चाहती हूँ , मुश्कुरा के कहा- “नो नो यू वांट टु ट्रिक मी, डोन्ट यू ? तूने कोई प्रोमिस नहीं किया है…”

मैं- “भाई से पूछ लो, वो आपसे झूठ नहीं बोलेगा…”

मोम- “तूने उसको प्रोमिस किया है तो तू ही कर ना उसके साथ…” मोम सोफे से उठी और जाने लगी।

मैं- “ओ माँ। तो क्या आप ऐसे ही बोल रही थी, यू वांटेड टु सक दैट काक व्हिच कोटेड विद माई कम? ऐसा ही बोला था ना?”

मोम- “हाँ कहा था। लेकिन कोई और लड़का होता तो मैं पक्का ऐसा करूँगी। तेरा कोई बायफ्रेंड है?”

 
मैं शॉपिंग बैग लिए जा रही थी, पर उसने सिर्फ़ हैट पहनी हुई थी, उसका गोरा बदन नंगा था, किसी ने क्लोजेट ही पहना हुआ था, किसी ने टेप से टिट्स को कवर किया हुआ था। लेकिन सबने सैंडल, जूते पहन थे, मैंने हाई हील पहनी हुई थी और ब्लैक ओफिस सूट । हाँ उसको यही कहा जा सकता था, क्योंकी मेरी गर्दन पे कालर और कोट मेरे कंधे को ही ढक रहे थे, इतना छोटा ही सूट था और दो इंच की टाई।

मर्दों में सब पूरी तरह नंगे नहीं थे, मेरे दायें साइड के आदमी ने एक ब्लैक अंडरवेर पहनी हुई थी लेकिन उसके लण्ड और आँड बाहर थे, एक ने सिर्फ़ टाई पहनी हुई थी।

मैं आखिर कैसी जगह पे आ गई थी? कहां पे थी, पर मुझे ऐसा लग रहा था की मुझे पता है की मैं कहां और क्यों जा रही हूँ ? मैं भीड़ से अलग हुई और कुछ लोग भी मेरे साथ एक बिल्डिंग में गये। कुछ लोगों को उनके दोस्त मिल गये।

मैं अकेली जाती रही और उस बड़े हाल में मुझे एक बूढ़ा आदमी मिला जो 4 फुट का था। उसने मेरी चुचियों को देखा और चूत के पास एक यंत्र ले गया। बीप की आवाज़ हुई और वो पलट गया, मुझे भी उसके साथ जाना था। जाते हुए मुझे एक रूम के मिरर में मोटी हट्टी-कट्टी औरतें दिखीं, जो दो-दो के ग्रुप में एक दूसरे से कुश्ती टाइपूल ड़ रही थी, पर वो कुश्ती करने जैसा नहीं लगा।

मुझे उस बूढ़े आदमी के पीछे जाना पड़ा। फिर एक और रूम में मैंने देखा की एक लाइन में मर्दों को किसी ट्राली से बाँधा हुआ था, पर इस अजीब दुनियां में पहली बार मैंने खड़े लण्ड देखे। एक साइड में खड़ी लड़की ने बटन दबाया और वो ट्राली चलने लगी। आगे ठीक सामने और लड़कियां दीवार के सहारे खड़ी थीं, अपनी गाण्ड आगे किए हुए। मुझे और आगे जाना था पर मुझे पीछे उन औरतें की सिसकारियाँ सुनाई दी।

बहुत अजीब-अजीब चीज़ें देखने के बाद मैं आखिरकार, एक रूम में पहुँच गई। पूरे रास्ते जो कुछ देखा मेरी चूत गीली हो चुकी थी, उस बूढ़े ने मुड़कर मुझे, फिर मेरी चूत को देखा। फिर हँस कर कुछ दूसरी भाषा में कहा।

मुझे लगा की उसने कहा- “तुमने नेचुरली खुद को तैयार कर लिया। बहुत बढ़िया…” फिर वो मुड़ा और फिर उसी भाषा में बोलने लगा- “कुछ भी नहीं करना तुम्हें, बस जमे रहना है। तुम तैयार हो?”

मैंने कहा- “हाँ…”

उस रूम में एक पूल था पर वो पूल तैरने के लिए नहीं था, उसमें बेड बने हुए थे, और हर बेड के ऊपर एक मशीन आर्म बनी हुई थी जिसके एंड पे मुझे खड़ा होना था, मैं एंड पे खड़ी हुई, उसी टाइम रूम में और लड़कियां आने लगीं।

उस बूढ़े ने मुझे मशीन आर्म के एंड में बिठाया और मुझे बाँध दिया। लेकिन जो लड़कियां और औरतें आई थीं, वो खुद ही अपनी-अपनी जगह पे गई और नीचे पूल में बेड के ऊपर मशीन आर्म पे बैठकर खुद को बाँधने लगी।

थोड़ी देर बाद एक अलार्म बीप बजा और पूल के एंड में एक दरवाजे से मर्द आने लगे। वो कमजोर और बिगड़ी हेल्थ वाले आदमी थे, लेकिन उनके लण्ड तैयार थे। सब अपने बेड पे लेट गये। वो बूढ़ा चला गया था। मेरे नीचे पूल बेड पे एक जो मर्द लेटा उसने मुझे देखा फिर बेड पे साइड से रिमोट उठाकर एक बटन दबाया।

मैं जिस मशीन आर्म पे बैठी थी वो हरकत में आ गई और मैंने नीचे देखा, उसने रिमोट से 2-3 बटन दबाए जिससे वो रोबोट आर्म ने मुझे उल्टा कर दिया, और मैं नीचे जाने लगी मेरा मुँह उसके लण्ड पे आ गया। अब अपना लण्ड मेरे मुँह में डाला और रिमोट से मुझे ऊपर-नीचे करने लगा। फिर उसने मुझे स्थिर रखकर और उठकर मेरे मुँह को चोदने लगा। आसपास के लोगों की सेक्स की आवाज़ें आ रही थीं। मुझे ऐसा लगा की लोगों से खुद सेक्स नहीं होता, इसलिए ये लड़कियों को अपने हिसाब से चोदते थे।

पास के दूसरे और तीसरे कमजोर दिख रहे आदमी आपस में बात कर रहे थे की उसको एक लड़की ने इतनी बुरी तरह से चोदा की उसको अस्पताल में भरती होना पड़ा, इसलिए उसके एक दोस्त ने यहाँ का बताया, अब उसको अच्छा लग रहा है की वो जैसे चाहे उस तरह से सेक्स कर सकता है।

दूसरे बंदे ने उसकी बात में हामी भरते हुए शिकायत की कि ये मशीन उसको समझ में नहीं आती।

उसके बाद मेरा आंगल बदल दिया गया। 3 बार लोग आए और हमें इश्तेमाल करके चले गये। हर बार के बाद हमें खुद को खोलकर, एक शावर में जाना पड़ता और सॉफ करके वापस उस मशीन पे बैठना होता। लेकिन मेरी चूत इश्तेमाल हुई थी पर झड़ी नहीं थी। मैंने आस-पास देखकर खुद को उंगली किया, मैं हाई होने लगी तब मेरे पास वाली ने मुझे टोका और इशारा किया की और लोग आ रहे हैं। मैंने हाथ हैंडल पे रखे और बटन दबाया और मेरे हाथ बाँध गये।

मेरे वाले आदमी ने मुझे रिमोट से घुमाया और मेरी गाण्ड उसकी तरफ हो गई। उसने शाट नहीं लगाया बल्कि रोबटिक आर्म मुझे आगे पीछे कर रही थी और इतनी स्पीड से की मेरी हालत खराब होने लगी, और मैं झड़ गई। मेरे पैर काँपने लगे, ओर्गज्म एकदम रियल था की मेरी आँख खुल गई।

ओह्हह गोड… ये कैसा सपना था?

मैं अब भी भाई के ऊपर लेटी हुई थी और उसका लण्ड मेरी चूत में था, रियली मैं अभी-अभी… क्या मैंने? रियली? मेरी चूत और लण्ड के बीच गीला-गीला था।

मैंने अपनी आँखे बंद की ताकी मैं सो सकूँ। लेकिन इस टाइम मुझे ढंग का सपना आना चाहिए। मुझे वो चीज़ें दिख रही थी इसलिए मैंने फोकस किया की कार में जा रही हूँ । नो नो उम्म चाकलेटस। नो मैं और मोम सोफे पे बैठी हुई हैं, उम्म इट्स वर्किंग। सो मोम मोम ने पहना है।

मोम ने दिन में क्या कहा था- “आई वांट टु सक तट काक व्हिच कोटेड विद योर टेस्टी वीर्य आज योर स्वीट कंट…”

मैंने सोचा की जैसे मोम सच में ऐसा करने वाली हैं, अभी भाई का लण्ड मेरी चूत के जूस से सना हुआ है और मोम कभी भी अपने बेटे का लण्ड नहीं लेगी अपने मुँह में।

मैं ऐसे ही सोचते-सोचते सोने लगी। मतलब सो गई थी की मुझे अपनी गाण्ड पे कुछ महसूस हुआ। ह्हम भाई मी लिटिल भाई… हाउ गुड ही फक मी। मेरी गाण्ड में हाथ घुमाने लगा और मैंने भाई की तरफ देखा, वो सोया हुआ था, वो सपने में था, आई लोव हिम और… उसका हाथ? ये हाथ… कुछ तो अलग है। मैं पलटी और मेरा दिल जोर से धमाके करते हुए धड़कने लगा।

“मोम…” मैंने फुसफुसाते हुए कहा।

लाइट आज थी पर हाल की रोशनी रूम में इतनी थी की मैं बेड के कोने पे अपनी माँ को देख सकती थी। उन्होंने अपना ब्लैक सिल्क किमोना पहना हुआ था और उनकी आँखों में लस्ट दिख रहा था। ये रियल नहीं है, मैं फिर से एक और अजीब सपना देख रही हूँ ।

चुप रहने का इशारा करके मोम ने भाई की दाईं टांग को धीरे से उठाया और साइड में कर दिया, अब मैं मोम को भाई के पैर फैलाते हुए देख रही थी। ये काम उन्होंने धीरे-धीरे किया, जीतने में मैं नॉर्मल हो गई। अब मैं समझ गई की वो क्या करने वाली हैं? मोम भाई के पैरों के बीच में झुक के बैठ गई और मेरी गाण्ड को सहलाने लगी।

मोम स्माइल कर रही थी, वो थोड़ी घबराई हुई भी लग रही थी। डर तो मैं भी रही थी क्योंकी ये ड्रीम नहीं है, ये रियलिटी है। मैंने मोम को इशारा किया की वाकई वो ये करने वाली है? मोम ने भाई के चेहरा की तरफ इशारा किया, मैं समझ गई और बहुत धीरे से ऊपर उठी और सरकते हुए ऊपर की तरफ जाने लगी, फिर रुक गई जब भाई के चेहरा पे मेरी चुचियाँ आ गईं और भाई का चेहरा कवर कर दिया।

मैं धीरे से उठी ताकी पीछे मोम को देख सकूँ।

मोम चुपचाप भाई के सोए हुए लण्ड को देख रही थी। मोम हिम्मत जुटा रही थी शायद। पर मोम ने डिसाइड कर लिया था। मेरा दिल धड़कने लगा जब मोम आगे बढ़ी। मोम ने लण्ड को छुआ और फिर मोम ने ऊपर मेरी चूत की तरफ देखा, फिर मेरी तरफ। उसके बाद मोम ने मेरी चूत में उंगलियों डाली और बचा हुआ रस बाहर निकाला। उसको मोम ने लण्ड पे लगाया और फिर उसको हाथ में लेकर सहलाने लगी। डर और लस्ट सॉफ दिख रहा था मोम के चेहरा पर। भाई अब भी सोया हुआ था पर उसका छोटा लण्ड जागने लगा था।

मोम भाई के आधे खड़े लण्ड को सहलाना बंद करके उसको देख रही थी। मोम ने मुझे देखा और… और मैं तो खुद हैरान थी की मोम ने इतना कुछ कर लिया था। मुझे विश्वास नहीं हो रहा था। मैंने देखा की मोम बिल्कुल लण्ड के पास आ गई थी, फिर मोम ने मुझे देखा और मैंने देखा की मोम के चेहरा इमॉशनलेश था। ओह्हह… गोद। आँखे बंद करके मोम ने अपने सामने खड़े लण्ड को मुँह में ले लिया। एक पल रखने के बाद मोम ने उसको निकाल लिया। यार यकीन नहीं होता। मोम ने अब एक बार और भाई के लण्ड को मुँह में लिया और इस बार उसको चुसते हुए मुँह से धीरे-धीरे निकालने लगी।

मुझमें करेंट दौड़ रहा था ये देखकर। मोम ने मेरी ओर देखा और उनके चेहरा पे स्माइल आ गई। मेरा तो मुँह खुला का खुला रह गया। मुझे लगा की अब मोम ने अपनी वो बात सही साबित कर ली थी और उनको और कुछ नहीं करना था। लेकिन मोम भाई के लण्ड को देख रही थी।

ओह्हह… यानी वो मोम को ललचा रहा था। देखो तो।

मोम ने भाई के खड़े लण्ड को मेरी गीली चूत में डाल दिया और मेरी तरफ देखने लगी। मुझे लगा की अब मोम का काम खत्म हो गया, पर नहीं, वो मुझे देख रही थी की और ऐसा लगा की इंतजार कर रही थी।

मुझे समझ में नहीं आ रहा था तो मोम ने मेरी गाण्ड को पकड़कर हिलाया जिससे लण्ड चूत को चोदने लगा। मैंने घबरा के मोम को ऐसा नहीं करने का कहा। लेकिन मोम ने मुझे शांत रहने का इशारा किया, और मेरी चूत पे झुक गई और मुझे मोम का चेहरा दिखना बंद हो गया। लेकिन मैं उनकी गर्म साँस वहाँ नीचे महसूस कर रही थी। ओह्हह गोड… मोम मेरी गाण्ड को हिला रही थी और मुझे लगा की वो अपने बेटे का लण्ड और बाल्स चाट रही थी।

फिर मोम ने मेरी गाण्ड हिलाना बंद किया, फिर मुझे महसूस हुआ की भाई के लण्ड को मेरी चूत से निकाल लिया गया है। मैंने धड़कते दिल से मोम को देखना चाहा लेकिन मोम का सिर ही दिखा। अब मोम को किसी बात का डर नहीं था। मुझे आवाज़ से पता चला की मोम अपने बेटे के लण्ड को मस्त चूसने में लगी हुई हैं। ब्लो-जोब देते हुए मोम ने किमोना उतार दिया।

अब रूम में पूरी परिवार नंगी थी। माँ अपने बेटे का लण्ड चूस रही थी और बेटी उसकी रखवाली कर रही थी। मुझे वहां टच हो रहा था, लगा जैसे मोम ने भाई का लण्ड पूरा टाइट और हाडन कर लिया था फिर मैंने महसूस किया की भाई ने कुछ हरकत की।

मैंने जल्दी से मोम को इशारा किया पर मोम तो लण्ड पे लगी हुई थी। भाई और कराहा जिससे मेरी तो फट गई। अब क्या करूं? मैंने पीछे हाथ किया और मोम के सिर पे हल्का मारा। मोम फिर भी नहीं हटी तो मैंने पीछे मुड़कर देखा की मोम की ठोड़ी वीर्य से भरी हुई है और मोम भाई के लण्ड से सारे वीर्य को चूस कर निकाल चुकी थी।

भाई ह्हम्म… करते हुए सोता रहा। क्या उसको पता भी है की क्या हुआ है? … मैंने वापस पीछे देखा और मोम उठ रही थी। मोम के होंठ और ठोड़ी पे वीर्य अब भी लगा हुआ था। मोम ने अपना किमोना उठाया और मुझे आँख मारकर और स्माइल के साथ, नंगी, रूम से बाहर चली गई।

 
“व्हाट दा फक वान दट? आई एम स्टिल इन शाक…” मैंने मोम से कहा, और मोम हँस रही थी।

सुबह हो चुकी थी और हम दोनों मोम के रूम में थे। भाई को मैंने जगाया और अभी वो अपने रूम में चला गया और मैं योगा के लिए तैयार होकर मोम के रूम में चली आई। मोम ने स्पोर्ट ब्रा पहनी और फिर बेड के पास जाकर उन्होंने अपना फ़ोन उठाया।

मोम ने मुझे अपनी सेल्फी पिक्स दिखाई जो उन्होंने भाई को ब्लो-जोब देने के बाद ली थी। मोम की ठोड़ी पे वीर्य लगी पिक एकदम हाट थी। फिर और भी पिक्स थी जिसमें मोम अलग-अलग सेक्सी पोज़ में थी। अगली पिक ने मेरे होश उड़ा दिये, उसमें मोम ने मुँह खोला हुआ था और वीर्य अब भी मोम के मुँह में था।

मैं- “यू डर्टी बिच…”

मोम मेरे पास बैठी हँसने लगी- “सो? डू यू लाइक योर डर्टी मोम? आई वान नाट मायसेल्फ लास्ट नाइट…”

मैं- “चलो इसको भाई को दिखाते हैं…”

मोम ने फ़ोन मुझसे ले लिया- “हाहाहा… वेरी फन्नी…”

हम योगा रूम में गये तो भाई का सामना करना अलग ही था। भाई ने हमें पूछा की हम बार-बार हँस क्यों रही हैं? तो हम क्या बताते? हम माँ बेटी हाट महसूस कर रहे थे तो हमारे योगा मूव्स भी वैसे होने लगे।

हमको पता है की भाई मास्टरबेट करके ही योगा करने आता है, क्योंकी गरम कुतियों को देखते ही किसी का भी लण्ड झट से खड़ा हो जाता है। लेकिन भाई का खड़ा होने में टाइम लगता है। इसलिए 20 मिनट बाद उसके ट्राउजर में टेंट तैयार हो चुका था।

थोड़ी देर बाद मोम ने कहा- “ओके आई एम डन, लंच में क्या बनाऊूँ?” जानने के बाद मोम चली गई।

मोम के जाने के बाद मैंने फट से योगा पैंट को नीचे कर दिया, भाई झट से पीछे आया और तेज़ी से धक्के लगाने लगा। 3 मिनट बाद वो बोला- “आई एम कमिंग…”

तो मैं झट से मुड़कर बैठ गई और लण्ड को मुँह में ले लिया। धार पे धार मेरे मुँह को भर रही थी। इस सबके बाद भाई ने ट्राउजर पहना ‘थैंक्स’ दी और फिर रूम से चला गया। मैंने कुछ देर इंतजार किया और फिर किचेन की ओर गई।

भाई अपने रूम में बाथ ले रहा था।

मैं सीधे मोम के पास गई और मोम मेरा इंतजार कर रही थी। मोम मुझे देख जल्दी से मेरे पास आई और मुझे किस करके मेरे मुँह से वीर्य ले लिया।

मैं- “यू वांट टु सक माई कंट?”

मोम- “ओह्हह गोड… एस…” मोम घुटनों के बल बैठ गई और मैं किचेन काउंटर पे झुक गई। मोम मेरी चूत सॉफ करके खड़ी होकर बोली- “थैंक्स मोना…” और फिर किस करके अपने काम पे लग गई।

मैं अपने रूम की तरफ जाते हुए सोचने लगी- “क्या परिवार है?”

ब्रेकफ़ास्ट पे हम नॉर्मल थे, जैसे कुछ हुआ ही ना हो। फिर भाई ओफिस चला गया और मैं कालेज। लंच के बाद मैं अपने रूम में लैपटाप पे हॉमवर्क करने बैठी, पर रात का दृश्य मुझे बार-बार परेशान करने लगा। खिड़कियों के पास चेयर पे बैठ गई, खिड़की खोल थी और मैं सिगरेट लेकर बैठ गई। मोम की आँखे जब भाई का डिक मुँह में लिए जो मुझे देख रही थी। मेरा हाथ मेरी क्रॉच की तरफ चला गया। मोम की ठोड़ी पे वो वीर्य।

मैं उठी और अपने कपड़े उतार दिए, नंगी होने के बाद मैं वापस खिड़की के पास बैठ गई पर इतना ही नीचे हुई की सामने से सिर्फ़ मेरा चेहरा ही दिखे। सिगरेट के कश के साथ मेरा बांयां हाथ अपना काम करने लगा था। जब झड़ने को हुई तो मैंने मोम को काल किया।

मोम- “हाँ?”

मैं- “हाय स्वीट कंट…”

मोम हँसते हुए- “वाह… क्या चल रहा है?”

मैं- “आइ एम नंगी, आंड मास्टरवेटिंग ऑन यू …”

मोम- “और?”

मैं- “थिंकिंग अबाउट लास्ट नाइट, उम्म… ओह्हह… यू आऱ स्टिल मेकिंग मी वेट। यू आंड योर सन्स बिग काक… इन योर माउथ… हिज़ कम ऑन योर चिन । फक उऊि उन्ह…”

मोम- “ओह्हह… ड्डयर…”

मैं- “आऽ आऽ उन्ह… उन्ह… इस्स्स… इस्स्स… आऽ…” मैं अपनी चूत को तेज़ी से उंगली से चोदने लगी।

मोम ने फुसफुसाते हुए कहा- “नाउ यू मेकिंग मी वेट हनी…”

मैं हँसने लगी- “मोम, अभी कहां हो?”

मोम- “इन माइ ओफिस, आबियस्ली आंड फुल क्लोद्ड। यंग लेडी…”

मैं अब फिर से अपनी चूत रगड़ने लगी और मोम मेरी सिसकारियाँ फ़ोन पे सुनती रही। फिर मोम ने कहा- “आर यू स्टिल इमजिनिंग अबाउट मी आंड आदी?”

मैं- “आ एस्स मम्मी…”

मोम- “सो नाउ इमेजिन व्हाट आई एम गोयिंग टु से। ओके इन माई रूम, आदी सिटिंग ऑन चेयर आंड आई वियरिंग ब्लैक स्टॉकिंग…”

मैं- “ओह्हह… आह्हह… और?”

मोम- “जस्ट स्टॉकिंग, बेबी इस्स्स… यू डर्टी गर्ल, आदी ग्रैब माई बूब्स आंड सककंग निपल्स ह्वाइल आई एम जम्पिंग आज हिज़ हार्ड काक…”

मैं- “ओह्हह गोड… मोम आह्हह…”

मोम- “हे स्टैंड उप विद मेी वाइल हिज़ काक स्टिल इन माई होर कंट। नाउ आई एम हिज़ डाल, सेक्स टाय, ही इन रॉकिंग हिज़ बटस आंड माई बूब्स बाउनसिंग आंड रबिन्ग अगेन्स्ट हिज़ चेस्ट…”

मैं- “ओह्हह… आई एम कमिंग…”

मोम- “आंड आदी टू , ही राप्स मी ऑन फ्लोर। नाउ आई एम ऑन माई नीड, ओपेनिंग माइ होर माउथ आंड वेटिंग नार माइ सन्स’स कम

मैं- “ओह्हह… आह्हह… फक फक फक लशट…”

मोम- “आंड देन स्पर्ट्स आल ओवर हिज़ स्लट मोम’स फकिंग फेस …”

और ये सुनकर और कल्पना करके मैं झड़ जाती हूँ ।

मोम हँसने लगती हैं- “हो गया?”

मैं- “हाँ… हाँ… वाह। थैंक्स… थैंक्य मोम, आई लव यू …”

मोम- “लव यू टू हनी। आंड वि लास्ट थिंग यू कैन इमेजिन…”

मैं- “वो क्या है?”

मोम- “आइ एम कीपिंग माई मादरचोद सन’स स्वीट कम ऑन माई होर फेस सो आल एंप्लायी कैन सी हाउ बिग डर्टी बिच आई आम। हाहाहाहा…”

मैं- “गुड वन, आई लाइक दैट। बाइ, सी यू अट नाइट…”

मोम- “ह्हम्म…”

मैं- “वा वाउ… मोम भी ना, गजब हैं…” मैं बेड पे लेट गई और मेरा मन वापस मास्टरबेट करने को होने लगा। इस बार मैंने भाई को कल्पना किया ओफिस में सभी करम्चारियो के सामने मोम को चोदते हुए। लेकिन मास्टरबेट करने के बाद मुझे लगा की मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। और मेरा मूड भी आज हो गया। वैसे ये अच्छा भी हुआ क्योंकी मैं वापस स्टडी पे फोकस कर पाई।

रात हो जाने के बाद मोम और भाई घर आ गये। मेरे रूम पे नाक हुआ। मैं जानती थी ये भाई है। इसलिए, मैं उठी और टीशर्ट पहन लिया और कहा- “कम इन…”

भाई अंदर आया और वो सिर्फ़ एक्सटरनल हार्ड ड्राइव लेने आया था। उसके जाने के बाद मैंने वापस टीशर्ट उतारी, चेयर पे बैठकर डेस्क पे बुक को खोल करके लैपटाप पे सर्च करने लगी तब फिर दरवाना खुला।

मोम की आवाज़ ने कहा- “मोना ऐसे मत बैठा करो, कितनी बार कहा है…”

मैं- “गर्मी कितनी है?”

मोम मेरी बात इग्नोर करते हुए बिल्स के बारे में बात करने लगी। बातों-बातों में मोम मेरे पीछे खड़ी हुई और लैपटाप स्क्रीन को देखते हुए मेरे कंधे दबाने लगी। फिर लास्ट में किस करके मोम जाने लगी।

तब मैंने कहा- “हे मोम, आज चलें क्या पब? व्हाट डू यू से?”

मोम- “नहीं मेरा पहले से ही प्रोग्राम है…” और फिर जाते हुए रुकी और सोचते हुए कहा- “मोना, तू शावर लेना और नीचे डिनर करने आ जाना। उसके बाद हम दोनों को तैयार होना है…”

मैं- “सो युवर कमिंग?”

मोम स्माइल देकर चली गई।

 
डिनर के टाइम मोम भी बाथ लेकर आई थी और उन्होंने फुल स्लीव टाप पहना हुआ था ग्रे कलर का और उसमें ब्रा-लेश मोम के निपल पोक करते दिख रहे थे। और मैंने लूज टीशर्ट पहना हुआ था।

लेकीन हम दोनों सेक्सी औरतों के साथ भाई नॉर्मल था। थोड़ा सा खाना खा लेने के बाद मोम उठी तो भाई बोला- “बस इतना ही?”

मोम ने कहा- “मुझे और मोना को पार्टी में जाना है…”

भाई ने स्माइल के साथ कहा- “वहाँ पे खाने को नहीं मिलगा क्या?”

तो मोम ने किचेन की तरफ जाते हुए कहा- “खाना तो देर रात को होगा, अभी कुछ हल्का खाकर जाना ठीक रहेगा…”

पर भाई का ध्यान मोम की गाण्ड पे था जो मोम के शॉर्ट्स में एरोटिक लग रही थी। फिर मैं भी उठ गई। उसके बाद हम अपने-अपने रूम में गई तैयार होने, और भाई टीवी पे मूवी देखने बैठ गया। मैं तैयार होकर मोम के रूम की तरफ जा रही थी तभी भाई ने पीछे मुड़कर सीटी मारी- “वाउ…”

मैं स्माइल के साथ घूमी और पिछाड़ी भाई की तरफ की, मैंने ब्लैक कलर की स्पगेटी बैकलेश ड्रेस पहनी थी।

भाई- “दिन आपकी गाण्ड तो बिना टच किए महसूस हो रही है, अंदर भी कुछ पहना है कि नहीं?”

मैं जवाब देती की मोम अपने रूम से निकली और कहा- “इस ड्रेस में सिर्फ़ पैंटी ही पहन सकते हैं, हाउ आई लुक?”

भाई- “व्हाट दा फककककककककककक …”

मोम सुपर-हाट लग रही थी। मोम ने सही कहा कि सामने से खुली ड्रेस में बदन पर सिर्फ़ पैंटी ही पहन सकते हैं, जब डीप ‘वी’ कट से चुचियाँ और क्लीवेज़ पूरा खोलकर दिखाना हो।

भाई- “मोम आप ये पहन कर कहां जा रही हो?”

मोम ने एक भौं को उठाते हुए कहा- “पार्टी में… और कहां जाएँगे इस तरह तैयार होकर?”

भाई को समझ में नहीं आ रहा था की अपनी माँ को स्लटी ड्रेस में बाहर जाने से कैसे रोके? उसने हड़बड़ाते हुए कहा- “लेकिन … लेकिन लुक अट दीज?”

मोम- “हाँ… सही जगह देख रहे हो बच्च , डोन्ट वरी, कोई भी इनको टच नहीं करने वाला है…” मोम ने इतनी बड़ी बात आसानी से कह दी जैसे नॉर्मल हो।

भाई- “व्हाट? आई मीन। व्हाट डू यू मीन ‘टच’? लोग घूर - घूर के देखेंगे आपको…”

मैंने स्माइल के साथ कहा- “लाइक यू ? है ना भाई?”

भाई ने मुझे आँख दिखाया की मैं चुप रहूँ ।

मोम- “आदी, उस दिन तूने कहा था की तुझे कोई प्राब्लम नहीं है मेरी ड्रेसिंग से?”

भाई- “लेकिन मोम ये कुछ ज्यादा ही है, आपके। आपकी…”

“चुचियाँ ?” मोम ने शब्द सुझाया।

भाई- “हाँ… खुलकर दिख रहे हैं…” भाई ने अपनी बात पूरी की।

मोम- “ओके, मैं चेंज करके आती हूँ । किसी ने ये तक नहीं कहा की मैं इसमें अच्छी दिखती हूँ या बुरी? तुमको तो बस…” और मोम अपने रूम में जाने लगी।

भाई ने मुझे देखा तो मैंने सिर हिला दिया जैसे की उसने मूड खराब कर दिया हो।

तब भाई ने कहा- “मोम…”

और मोम मुड़कर भाई को देखने लगी।

तब भाई ने आगे कहा- “आप ब्यूटीफुल लग रही हो…” फिर ऊपर से नीचे देखकर कहा- “मोर दैन ब्यूटीफुल …”

मोम ने उतरे मूड से थैंक्स कहा।

भाई बोला- “मैं बस ये कहना चाहता था की आपको देखकर पार्टी में कोई नशे में आप पर अटैक नहीं कर दे। बदतमीजी ना करे कोई…”

मोम- “अगर मैं कहूँ की नहाँ हम जा रहे हैं, वहाँ पे सभ्य, और क्लासी लोग ही होंगे, तो?”

भाई- “तो फिर आप इस ड्रेस में जा सकती हो, मुझे कोई प्राब्लम नहीं है…”

मोम ने आँखे सिकोड़कर परखने वाली नज़रों से देखते हुए कहा- “और अगर मैंने सी- थ्रू ड्रेस पहनी होती तो?”

भाई ने स्माइल करते हुए कहा- “आप आखिर करना क्या चाहती हो?”

मोम- “ये देखना चाहती हूँ की मेरा बेटा मुझे कितनी फ्रीडम देता है?”

भाई ने अपने सिर पे हाथ फेरते हुए कहा- “फ्रीडम? आप क्या नंगी घूमना चाहती हो?”

अब रूम में मूड टेन्षन की जगह मज़ाक करने का हो गया।

मोम- “हाँ… शायद एक दिन मैं ये भी ट्राई करूं?”

भाई- “और उस टाइम आप शायद भूल गई होंगी की आप जवान बेटे की माँ हो?”

मोम- “वही जवान बेटा जो मेरी ड्रेस में सिर्फ़ मेरी चुचियों को ही देख सकता है?”

भाई ने हँसते हुए कहा- “उसको क्या कुछ नहीं देखने को मिलता?”

मोम की भौंहें उठ गई- “तू क्या-क्या देखता है?”

भाई- “उदाहरण के लिये, अभी इस ड्रेस में कोई लड़का क्या नोटिस करेगा? दि आप ही बताओ?”

मैं- “अच्छा मैं भी यही खड़ी हूँ क्या? मुझे लगा की कोई टीवी प्रोग्राम चल रहा है…”

मोम और भाई हँसने लगे। फिर भाई ने वापस इशारा किया।

मैंने कहा- “मोम को पता है, मोम क्या सभी औरतें को पता होता है की लड़के क्या नोटिस करते हैं?”

मोम- “लेकिन मोना, यहां पे मेरा बेटा अपनी मोम को नोटिस कर रहा है…”

मैं- “लेकिन मोम लड़के, लड़के ही होते है। इस लल्लू को तो शरम आनी चाहिए…” मैंने हँसते हुए कहा।

मोम- “नो । मेरा आदी मुझे उस तरह नहीं देखता, है ना आदी?” मोम ने भाई के गाल पे किस कर दिया और भाई का हाथ मोम की कमर पे से नीचे आ गया।

भाई ने मुझे स्माइल के साथ कहा- “और नहीं तो क्या, शी’स माई मोम…”

मैंने इशारा करते हुए कहा- “आंड दैट इस योर मोम’स आस…”

मोम- “कम ऑन मोना, आदी तो मज़ाक कर रहा है…” लेकिन मोम शरमाने लगी। फिर भाई से अलग हो गई, और भाई से कहा- “हम लेट हो जाएँगे आने में, आबियस्ली। ओके बाइ…”

मैं मोम की कमर में हाथ डालकर बोली- “लेटस हैव फन …”

भाई- “यस्स लाट्स ऑफ …”

मोम ने शरारती स्टाइल में भाई से पूछा - “कितना?”

भाई- “बस ज्यादा मत पीना…”

मोम- “तुझे मेरे पीने से कोई प्राब्लम तो नहीं?” मोम ने भाई को आँख मारते हुए पूछा ।

भाई- “जोप। आपको जो करना है वो करो, चाहो तो लड़खड़ाते हुए आना…” भाई ने मज़ाक में कहा।

मैं- “अब तो हम लड़खड़ाते हुए ही आएंगे…” फिर हमने भाई को बाइ किया और चले हम पीने और लड़खड़ा जाने वाली हालत करने को।

मोम- “कम ऑन। आदी को कोई प्राब्लम नहीं…”

मोम को ड्राइव करते टाइम मैंने उनको पूछा की कौन से क्लब चल रहे हैं? तो उन्होंने कहा की हम क्लब नहीं जा रहे हैं, पर जब उन्होंने पूछा - “तुझे नकली नाम रखना हो तो क्या रखेगी?”

मैं- “मुझे समझ में नहीं आया की नकली नाम से क्या मतलब है आपका?”

मोम ने कहा- “हम मजे करने रहे हैं मेरी जान। मैं इस ड्रेस में क्लब थोड़े ना जाउन्गी, कोई सच में मेरी चुचियों पे अटैक कर देगा तो?”

मैं- “तो हम जा कहां पे रहे हैं?”

मोम- “मैंने हमारे लिए दो लड़कों का प्रबंध किया है, लाइक हुक-अप। तुम जानती हो ना?”

मैं- “नो रिलेशनशिप, नो स्ट्रिंग अटैचड? वही ना…”

मोम- “हाँ…” मोम ने आगे कहा- “वैसे मैंने मॉर्निंग में मेरे लिए प्रोग्राम सेट किया था, मैंने बताया था ना की मेरा एक प्रोग्राम है पहले से? तो यही था। तुषार नाम है उसका। फिर तूने क्लब जाने का बोला तो मैंने सोचा की तुझे भी साथ लेकर चलती हूँ …”

मैं- “दूसरे लड़के को आप बिल्कुल नहीं जानती?”

मोम- “नहीं, तुषार को मैंने कहा की कोई उसके जैसा और रिलायबल बंदा होना चाहिए। देखते हैं कैसा है वो? तो तुझे कोई नकली नामे रखना पड़ेगा आज रात के लिये…”

जब हम पहुँचे एक टाल हंक ने दरवाना खोला- “हेलो राखी। कम इन…”

मोम- “हाय तुषार गुड टु सी यू अगेन, दिस इस माई लिटिल सिस्टर निशा; और निशा- ये तुषार है…”

“हाय…” मैंने अंदर आते हुए और कुछ शरमाते हुए कहा और तुषार को हग किया।

तुषार 6’ फुट से कुछ ज्यादा लंबा होगा, उसके एक कान में बाली थी और हल्की दाढ़ी से वो और भी ज्यादा चार्मिन्ग लग रहा था। सफेद शर्ट की फिटिंग में उसका चौड़ा सीना और उसकी मजबूत बाँहे शानदार थीं। मोम ने भी क्या बंदा छुपा के रखा हुआ था। ज़रूर वो मोम की सारी हवस बाहर निकाल देता होगा। मुझे रोमांचक महसूस हो रहा था की मोम ने उसको उसी के जैसा बंदा मेरे लिए अरेंज करने को बोला था। ओह्हह… गोड।

तुषार अंदर ले जाते हुए मोम से बात करने लगा की वो और उसका दोस्त ये पहले भी कर चुके हैं और फिर भी अगर चाहो तो इंटरव्यू ले सकते हैं। मैं उनके पीछे चलने लगी, उसका घर लग्ज़री स्टफ से भरा हुआ था, हम बैकयार्ड में गये नहाँ पूल था और वहाँ हमारी मुलाकात उसके दोस्त अनुराग से हुई।

उसने पीले कलर की शर्ट पहनी हुई थी और ब्लैक पैंट। मोम ने तुषार को अपने जैसा बंदा लाने को कहा था तो शायद तुषार अपने जुड़वाँ भाई को ले आया। नहीं, वो ना ही जुड़वाँ थे और ना ही भाई। लेकिन चेहरा और बाडी में एक जैसे ही थे। अब हमें देखना था की दोनों कितने स्मार्ट और अच्छे बिहेवयर वाले हैं। हम पूल के पास टेबल पे बैठे और ड्रिंक्स के साथ बातें करने लगे। अनुराग से हमने वेल, मोस्टली मोम ने बातें की, शायद 15 मिनट तक। और फिर हम दोनों अनुराग को लेकर संतुष्ट हो गये।

फिर मोम और मैं टेबल के पास लाउन्ज चेयर की तरफ गई और मोम ने अनुराग को साथ ले लिया, लगता है मोम पूरी तरह उसको टेस्ट करना चाहती हैं। इसका मतलब कि मुझे तुषार मिल गया। मैं लाउन्ज में बैठी और तुषार मेरे पास बैठ गया और उसने किस से शुरू किया। किसिंग धीरे-धीरे बढ़ी और वो मुझे लिटाकर प्यार से मेरे सेन्स्टिव अंगों को छेड़ने लगा।

उसके बाद वो मुझे और डीप किस करने लगा और मैं उसके नशे से भरने लगी। किसिंग और उसकी मजबूत बाहों में एसी फीलिंग थी की ऐसा लग रहा था की मुझे कुछ करने की ज़रूरत ही नहीं है, मैं उसकी रानी हूँ और वो मेरी खिदमत कर रहा था। फिर उसने मुझे उठाकर अपनी गोद में बिठा दिया और मैं उसकी शर्ट खोलने लगी और मेरी ड्रेस सरक के नीचे हुई और मैंने पीछे हाथ लेजाकर ब्रा भी खोल दी।

उसने मेरी चुचियाँ अंगूठे से रगड़ के चुचियों को भरते हुए एक साथ ला दिया और फिर फीलिंग के साथ दबा के एक टिट को शरारत से चाटने लगा।

मैं उसकी आँखों में देख रही थी। आँखों ही आँखों में एक इशारा हुआ और उसने मुझे किस किया, पर हमने बिना आँखे बंद किए किस किया। इससे केमिस्ट्री बैठने लगी और हम और खुलने लगे। हमने तेज़ी दिखाई और एक पल में हम नंगे हो गये।

वो समझ गया की मुझे अभी के अभी उसको अपने अंदर लेना है। मैं लाउन्ज पे लेटी और फिर मैंने उसका लण्ड पहली बार देखा। वो बहुत ही खूब स रत था, शानदार था और शैतान था। आई वांट टु टच दैट डेपवल, लिक हिम आर टेक डीप इंटउ माई नॉट। लेकिन अभी मुझे वो मेरी चूत में चाहिए था।

तुषार ने कहा- “तुम तो बरस रही हो…”

मैंने कहा- “मेरी चूत तो तुमको देखने के बाद से ही गीली है…”
 
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