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मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचरcomplete

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जब उसने अपना सांड़ मेरी चूत में डाला तो वो अंदर जाते ही ऊधम मचाने लग गया। मैं सिसकारियाँ लेते हुए उसकी हाट सेक्सी मस्क्युलर बाडी को देख रही थी।

मैंने कहा- “फक मी हार्डर लाइक फकिंग बिच, फक माई डर्टी लिटिल पुस्सी, मेक इट बिग्गर, फक इट हार्डर…”

उसने मेरे पैर ऊपर कर लिए और मुझे पे चढ़ गया।

क्या चोदा फिर उसने क्या कहूँ ? बस निहाल हो गई। फिर मैं भी उसकी हरामज़ादी चुप ना बैठी, मेरी रण्डी चूत मेरे मुँह से ना जाने क्या-क्या बुलवाने लगी- “फक… हेल एस्स…”

इतनी देर बाद मुझे मोम की मोजूदगी का एहसास हुआ की मैं तो भूल ही गई थी उन दोनों के बारे में। मोम डागी स्टाइल में अनुराग की धमाकेदार स्पीड से मरी जा रही थी। उसने मोम को गर्दन और कमर से फकड़कर रखा हुआ था की ये कुतिया चूत के फटने के डरकर भाग ना जाए। दो हट्टे कट्टे इंसॉफ चुदक्कड़ माँ बेटी की चीखें निकाल देने वाली ठुकाई कर रहे थे।

मोम- “एस एस दैट फकिंग चूत एस्स फॅक्क आह्हह… आह्हह… आह्हह… आह्हह…”

मैं- “ओह्हह… यू बिग बाय योर बिग काक नील्स सो गुड इन माइ लिटिल कंट…”

मोम- “प्लीज़्ज़… फक मोर… मोर आऽऽ लशट…”

मैं- “माई होर कंट वांटस डीप डीप इनसाइड मी एआह्हह… राइट देयर या… या… उन्ह… उन्ह… ऊऊओ फॅक्क मी… ओह्हह गोड… योर बिग फकिंग डिक टियरिंग माई लिटिल चूत आह्हह…”

जब हम दोनों अपनी चूत से पानी निकाल चुकी थी तब हम चारों अंदर गये। अब बेडरूम तक कौन जाए, मैं और मोम उनके खड़े गर्म लन्डों को पकड़कर सामने काउच की तरफ ले गईं। मैं कापेट पे घुटनों के बल बैठ गई और तुषार मेरे सामने।

अनुराग काउच पे लेटा और मोम उसके लण्ड पे बैठ गईं। फिर उसने मोम की गाण्ड पकड़कर अपने लण्ड पे मोम की चूत घिसने लगा।

तुषार ने मेरा सिर पकड़कर मेरे गले से चोकिंग आवाज़ पैदा करनी शुरू की। उसने मुझे घूमने को कहा और मैं घूमी फिर तुषार ने मुझे पीछे झुकाया और फिर लण्ड मेरे मुँह में डाला। इस तरह मेरा मुँह चोदने लगा। वो बहुत डीप में जा रहा था और उसकी बाल्स मेरी नाक से लग रही थीं।

रूम में मेरी चोकिंग और मोम की गाण्ड की फट-फट की आवाज़ के साथ मोनिंग भी मूड को और हाट बना रही थी। फिर हमने पोज़ीशन चेंज करने के लिए मोम और अनुराग को रोका। मोम और मैं कमर के बल लेटी 69 हो गई। तुषार और अनुराग हमारे पीछे लेटे और हमारी टांगे ऊपर करके चोदने लगे।

मोम और मैं एक दूसरे की चूत को नज़दीक से चुदते हुए देख सकते थे, और फिर हमने एकदूसरे की क्लिट को चाटना शुरू कर दिया। हमारे मर्द कुछ आपस में बोल रहे थे और हँसते हुए शाट मार रहे थे। पर मुझे मोम की ठुकाई के शोर की वजह से कुछ भी सुनाई नहीं दिया।

मोम ने मेरी क्लिट को जोर से चुसते हुये जीभ से मसला की मेरी चूत पानी निकालने को तैयार होने लगी। मैंने भी मोम की क्लिट को मुँह से दबोच लिया। अब मुझे भी मेरी टांगों के बीच से मोम की चीख सुनाई देने लगी। हम दोनों आह्हह… उन्न्ह… की घुटी हुई आवाज़ों से झड़ने लगी।

अनुराग के लण्ड को मोम की चूत से निकाल के मैंने अपने मुँह में ले लिए, मोम के जूस ने उसका टेस्ट बढ़ाया था, या फिर वो था ही एरोटिकली स्वीट। अनुराग ने मोम को कहा- “निशा कितनी भूखी है लण्ड की…”

मोम ने कहा- “चलो तुम दोनों निशा की गाण्ड और चूत एक साथ मारो…”

अनुराग मुझे काउच की तरफ ले गया और खुद बैठाता। मैं जब उसके लण्ड पे बैठी तो उसने कहा- “योर चूत इस सो वेट, यू वांटेड मी आल दिस टाइम?”

मैंने कहा- “असल में आई वांट डू यू इन माई गाण्ड, लेकिन यू फक माई चूत फर्स्ट…”

जब मैं उसके लण्ड पे उछल रही थी तो मोम की चूत तुषार के मुँह में थी। मेरी चूत अनुराग के लण्ड से खुश हो जाने के बाद मेरी गाण्ड भी उसके लण्ड को परखना चाहती थी की वो उसकी कितनी बना सकता है।

अनुराग- “इट्स सो टाइट…”

मैं- “हाँ मेरी गाण्ड का छेद बहुत छोटा है, प्लीज़्ज़… मेक इट बिग्गर ओह्हह… य रियली बिग ओउ…” फिर धीरे-धीरे और रिलेक्स होकर उसने मेरी गाण्ड में अपना लण्ड डाला और फिर धीरे-धीरे मैं अपनी कमर मटकाने लगी और लण्ड को गाण्ड में घुमाने लगी।

अनुराग- “या बेबी फक माई डिक, मूव योर गाण्ड लाइक जस्ट्रपर, ओह्हह… युवर सो हाट…”

मैं- “यू लाइक दैट हाँ?”

अनुराग- “या आई लोव योर बिग बट…” हम किस करते हुए आराम से चुदाई करने लगे।

लेकिन दूसरी ओर मोम किसी पॉर्न-स्टार की तरह लग रही थी। अब लगने लगा की दोनों और टिके नहीं रह सकते इसलिए अब तुषार मेरे ऊपर झुक के मेरी चूत चोदने लगा और मोम सोफे के ऊपर चढ़कर मेरे चेहरे के पास बैठ गई। मेरे दोनों छेद दो बड़े-बड़े लण्ड झेल रहे थे और मैं पैशिेटली मोम की क्लिट चाट रही थी। मोम हाई होने लगी।

उस पतली सी चमड़ी के दोनों और दो लण्ड पिस्टन की तरह मुझे घिस रहे थे। मैं अपना होश खाने लगी, इतनी बेरहमी से वो मेरी बना रहे थे। मुझे कुछ खयाल नहीं रहा, मैं कहा हूँ ? क्या हो रहा है? कुछ पता नहीं था। मुझे बस अपनी चूत और गाण्ड में कुछ घुसता और निकलता महसूस हो रहा था।

मोम मेरे गाल पे थपथपा के होश में लाई- “बेचारी की हालत तो देखो, सबसे ज्यादा मजे इसी को आ रहे हैं…” मोम ने कहा और सब हँसने लगे।

मैं स्माइल के साथ सोचने लगी की क्या सच में मैं एक पल के लिए बेहोश हो गई थी। मुझे फिर सब कुछ महसूस होने लगा और मैंने अपने होंठों पे मोम की चूत देखी तो मैंने उसको चाटना चालू किया।

मोम झुक कर तुषार को किस कर रही थी। फिर मोम अनुराग को किस करने लगी। पर वो दोनों लगातार मेरी मारे जा रहे थे। रूम में सबसे ज्यादा मेरी ही आवाज़ें सुनाई दे रही थी।

मोम हटकर अनुराग के चेहरे पे ऊपर आ गई। मोम तड़प के झड़ गई।

और फिर अनुराग ने कहा- “मैं झड़ने वाला हूँ …”

मैंने कहा- “तुम मेरी गाण्ड में भर दो…”

उसके बाद तुषार भी बोला दिया- “मैं झड़ने वाला हूँ …”

तब मोम ने कहा- “तुम भी निशा की चूत में अपना माल भर दो…”

वो दोनों जब ‘आह्हह’ करते हुए मेरे दोनों फक होल में खाली होने लगे तो मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था। मैं पहले से ही दो लण्ड से भरी हुई थी और अब मुझे वो गर्म वीर्य अपने अंदर महसूस हो रहा था- “ओह्हह गोड… ओह्हह गोड… फक… दिस इस अमेजिंग। आई लव यू बोथ आज य गाइस…”

15 मिनट हम यहां वहां लेटे रहे, सबके चेहरा पे स्माइल थी क्योंकी इतने मिदार सेक्स और मस्त कर देने वाले ओर्गज्म से सकून मिल गया था।

तुषार ने कहा- “चलो पूल में जाकर रिलेक्स करते हैं…”

पर मुझसे तो खड़ा भी नहीं हुआ ना रहा था तो अनुराग ने मुझे उठा लिया। इसपर मैं शरारत से हँसने लगी।

उसको देखकर तुषार ने भी मोम को उठा लिया- “चलो दोनों को पूल में फेंकते है…”

“नहीं नहीं नहीं आअह्हह…”

“छपाक्…” फिर दो और छपाक् की जोरदार आवाज़ से वो दोनों भी कूद गये। हमने मजे करते हुए आराम किया और हूँ सी मज़ाक करने लगे।

तुषार ने मोम को कहा- “पानी के अंदर आप कितनी देर ब्लो-जोब कर सकती हैं?”

मोम ने 30 सेकंड तक करके दिखाया। लेकिन मैं 20 सेकंड ही कर पाई और फिर मोम ने इस चेलेंज को 1:27 मिनट करके तुषार को चेलेंज किया कि वो कितनी देर तक मोम की चूत को चूस सकता है? वो 40 सेकंड तक करके बाहर निकला फिर अनुराग को बोला। अनुराग ने मेरी चूत 25 सेकंड तक चूसी लेकिन जब बाहर निकला तो खाँसते हुए बेहाल हो गया।

स्ट्रांग, हम्म्म… उसकी बाहों में यूँ पानी में रिलेक्स करना कितना अद्भुत था।

मोम भी आँखे बंद की तुषार की बाहों में थीं। मुझे अनुराग के शील्ड जैसे स्ट्रांग सीने पर प्यार आ रहा था, मैं उसको सहलाने लगी और चूमने लगी। हमारी किसिंग के बाद मोम मुझे देख रही थी। मैं तैरती हुई मोम के पास गई और उनको किस करने लगी। तुषार और अनुराग दोनों दिलकश मुश्कान के साथ हम माँ बेटी का लेस्बियन रूप देख रहे थे।

जब हम उन दोनों के पास आए तो पता चला की वो कितने हाट थे। मैंने और मोम ने मिलकर दोनों लण्डों को पानी के अंदर सहलाते हुए एक दूसरे को किस करने लगे।

फिर मैंने कहा- “अब राखी की बारी है डबल मज़ा लेने की…:”

उन दोनों ने मोम का सैंडबिच बना दिया। मुझे अपनी चूत के लिए पूल से बाहर निकलना पड़ा। मैं किनारे पे अपने पैर फैलाकर बैठ गई और मोम- “फक आह्हह… आआ एयेए…” करती हुई मेरी चूत चूसने लगी।

पूल में मोम को उठाकर चोदना थोड़ा मुश्किल था उन दोनों के लिए। इसलिए हम वापस घर में चले आए और तौलिया से खुद को पोंछकर हम बेडरूम में गये।

ये दूसरा राउंड था, इसका मतलब पहले से ज्यादा मज़ा। इतना कि मैं बता नहीं सकती। संछेप में पहले मोम की चूत और गाण्ड मारने के बाद मैंने अपनी गाण्ड और चूत की दूसरी बार जब पूजा करवाई तो उन दोनों पंडितों ने ऐसे मंत्र पढ़े की देवी खुश क्या… देवी की हालत खराब हो गई। छोटी देवी मर ना जाएं और बड़ी देवी रूठ ना जाएं, तो उन पंडितों ने और जम के मेहनत से बड़ी देवी को खुश कर दिया।

बारी-बारी से तुषार और अनुराग ने मेरी और मोम को डबल पेनेट्रेशिन सेक्स से बेहाल कर दिया। दूसरे राउंड में मेरी दूसरी बार डी॰पी॰ मैं बहुत थक गई और मेरा बदन तो गजब का दिन करने लगा, इसलिए मैं लेटकर मोम की तीसरी बार डी॰पी॰ देखने लगी।

गाण्ड-चूत फाड़ चुदाई में मोम की आँखे ऊपर हो गई और एक पल बाद नॉर्मल हो गईं। लेकिन ये सिर्फ़ एक बार और मोम के साथ नहीं हुआ। काफ़ी देर मोम की चुदाई देखकर, भले ही मेरी बाडी की खड़े होने की हालत नहीं थी, लेकिन मैं आखिरी बार चुदना चाहती थी।

मुझे तुषार ने पीछे से और अनुराग ने आगे से चोदा और मेरे लास्ट लेकिन सबसे बिग ओर्गज्म के बाद उन दोनों ने मोम को पकड़ा।

तब मोम ने कहा- “लेट्स फिनिश दिस ब्वायस…”

पिछली बार की ही तरह, लेकिन इस बार मोम को उन दोनों ने अपने वीर्य से भर दिया।

कुछ देर बाद मैंने मोम से पूछा - “रात यहीं सो जाते हैं…”

मोम ने कहा- “कल ओफिस जल्दी जाना है। वैसे भी अभी 11:30 ही बजे हैं…” हमने आराम नहीं किया, अगर करते तो नींद आ जाती और नींद आती तो मॉर्निंग में उठना मुश्किल हो जाता। हम किसी तरह से कपड़े पहन कर कार में बैठे।

मोम ने हाइवे तक का रास्ता बताया फिर बाकी मैं ड्राइव करते हुए हमें घर ले आई। हम लड़खड़ाते हुए अंदर आये, जैसा की हमने जाने से पहले भाई को कहा था की हम लड़खड़ाते हुए ही आएंगे। मोम के रूम में हम गये तब मैंने भाई के सीढ़ियों से नीचे आने की आवाज़ सुनी। मैंने दरवाना बंद कर दिया ताकी वो हमें यूँ ना देखे और सवाल पूछने लग जाए। मैंने मोम की ड्रेस उतारी और फिर खुद की भी और फिर मैं उनके पास लेट गई।

मोम ने धीरे से कहा- “आज कितना मज़ा आया ना, मैंने कभी तुझे फेंट होते नहीं देखा…”

मैं- “और मैंने आपको…” और फिर हम सो गये।

 
मेरी नींद 11:00 बजे पूरी हुई, पर बदन में दर्द अब भी था। मैं हैरान थी की मोम कैसे इतनी सुबह ओफिस चली गई थी? मैं थकी मुड़कर साथ टीवी ऑन करके सोफे पे बैठ गई। क्या रात थी और अब मेरा मूड कुछ नहीं करने का कर रहा था, बस यूँ ही टीवी देखती रही।

12:00 बजे भी मैं बिखरे बालों में और नंगी, चिप्स खाती हुई टीवी देख रही थी। तब भाई ओफिस से आया। भाई जल्दी से प्लास्टिक बैग को टेबल पे रखते हुए कहा- “ये रहा लंच…” फिर अपने रूम की तरफ तेज़ी से चला गया।

मैं- “क्या हुआ?” मैंने पूछा पर उसने जवाब नहीं दिया।

फिर भाई जब रूम से आया और मोम के रूम में जाते हुए उसने पूछा - “ऐसे क्या बैठी हो?”

मैं- “तू क्या ढूँढ रहा है?”

भाई- “बिल…”

मैं- “कैसा बिल?”

भाई- “आपको नहीं पता? और आप अभी पागलों की तरह क्यों बैठी हो? रात का नशा आपका भी अभी तक नहीं उतरा?”

मैं- “नहीं, और मेरे भी का मतलब?”

भाई- “मोम…”

मैं- “मोम को क्या हुआ?”

भाई- “वो छोड़ो…” और इतना कहकर वो वापस अपने रूम की तरफ गया और 5-6 मिनट बाद ढूँढ -ढुंढ़ाई करके चला गया।

मैंने मोम को काल करके पूछा । लेकिन मोम ने 15 मिनट बाद वापस काल करके बताया की मॉर्निंग में मोम की वियर्ड वाक की वजह से मोम किचेन में गिर गई थी। भाई ने आवाज़ सुनी और मोम की हेल्प करने आया तो उसने मोम को फर्श पे दर्द से कराहते हुए देखा। उसने मोम को उठाया और मोम के बेडरूम के दरवाजे तक ले आया। लेकिन मोम ने उसको रोका और लड़खड़ाते हुए अंदर आकर दरवाना बंद कर दिया।

मैंने पूछा तो मोम ने कहा की अब वो ठीक है, बस मॉर्निंग में ही दर्द था।

फिर कुछ रुक के मोम ने कहा- “आदी की मॉर्निंग हम दोनों से बेटर थी…”

मैंने पूछा - कैसे?

मोम ने कहा- “उसने एक पल के लिए मोम को अध नंगी देखा लिया था…”

मेरा दिन तो आराम से निकला।

रात को भाई ने हमारी एक तरह से क्लास ले ली, उसने हम दोनों को डांटा की हमने इतनी पी और फिर ड्राइव करते हुए घर आए। हमें भाई को काल करना चाहिए था। फिर उसने नॉर्मल होकर पूछा - “पार्टी कैसी रही?”

तो हमने एक नकली स्टोरी सुना दी। लेकिन मैं और मोम कल रात की चुदाई याद करने लगे। भाई जब काल रिसीव करने अपने रूम में गया तो हम बस कल की बातें करने लगे।

मोम ने बताया की तुषार के साथ पहली बार सेक्स करने के बाद मोम वहीं रुक गई और फिर मॉर्निंग में भी सेक्स के बाद वापस घर तो आ गई थी, लेकिन ओफिस नहीं जा पाई। क्योंकी मोम जब चलती को किसी को भी पता चल जाता की मोम की गाण्ड किसी ने फाड़ दी है।

आदी वापस आकर डिनर करने बैठ गया और हम तीनों ने साथ में डिनर किया।

रात को भाई के साथ सेक्स करने के बाद मैं मोम के रूम में गई, नहां मोम मेरा इंतजार कर रही थी। मैंने मोम की चूत पे अपनी चूत रखी और उंगली से भाई का वीर्य बाहर निकालने लगी, जितना निकाल सकती थी। फिर मैंने उस वीर्य को मोम की चूत में घुसाया।

मैंने मोम को महीनों पहले बताया था की उनके बेटे के लण्ड का टाइप क्या है? उसी टाइप का डिल्डो लेकर मोम ने मेरी चूत में डाला और भाई के वीर्य से गीला डिल्डो लेकर मोम ने अपनी चूत की भूख शांत की। पता नहीं मोम जब झड़ी तो उनका मूड खराब हो गया। मैंने सोचा की उनको शायद गिलटी महसूस हो रही हो।

अगले दिन मोम ने एक्सरसाइज़ नहीं की। और तो और मोम जल्दी ओफिस भी चली गई। शाम को अकरम के दलाल का काल आया। रात के 9:30 बजे मैं वापस आई और अपने रूम में चली गई, डिनर से पहले किचेन में मोम का मूड सही लग रहा था, पर मैंने उनको पूछा नहीं।

ऐसे ही इधर-उधर की बातों के बाद मोम ने पूछा की मेरा कैसा रहा?

मेरा जवाब था- “ज्यादा देर नहीं चला, बाकी ठीक ही था…”

मोम ने फिर कहा- “नहाते टाइम क्लीन कर दी ना?”

मैंने हँसते हुए कहा- “तो क्या माउथ वाशर डालकर क्लीन करूं?”

मोम हँस ती हुई फ्रिज से कुछ लेने लगी। मुझे लगा की शायद मोम का मूड अच्छा हो तो मैंने कहा- “उम्म तो… रात को?”

मोम ने बाउल लेकर फ्रिज को बंद करते हुए ‘ना’ में सिर हिला दिया। ह्हम, अब क्या करूं की मोम का मूड सही हो जाए। इतना मैं सोच ही रही थी की मोम ने बिना मेरी तरफ देखे कहा- “चाहे तो तू मेरे पास सो जाना…”

मैंने सबसे पहले डिनर किया और खाना खाते मोम भाई को गुड नाइट बोलकर मैं अपने रूम में जाकर ब्रश करते टाइम आइडिया आया की मैं मोम के सोने से पहले भाई के साथ कुछ सेक्स कर लूँ, क्योंकी मेरा आज का सेक्स मजेदार नहीं था। मैं नीचे गई और देखा की मोम किचेन से अपने रूम में गई और भाई अब भी डिनर चेयर पे बैठे टीवी देख रहा था। भाई ने मुझे दबे पाँव आते देखा और फिर डिनर टेबल के नीचे जाते हुए।

मोम- “वो 25000 क्यों माँग रहा था? तूने उससे क्या बात की फिर?” मोम की आवाज़ आई और फिर मेरे लेफ्ट में चेयर हिली।

मोम की मौजूदगी में मैं भाई को बिना आवाज़ के ब्लो-जोब देती रही। मोम काफ़ी देर भाई से बात करती रही, मुझे याद है लास्ट टाइम भाई की हवा टाइट थी। पर अभी भाई बिल्कुल शांत था और नॉर्मल टोन में मोम से बात कर रहा था।

मुझे डर था की वैसे भी अभी मोम का मूड खराब है और अभी उनको मेरा यहां होने का पता चला तो हो सकता है की बहुत गुस्सा हो जाएँ । मुझे इस वजह से भाई का लण्ड चूस ना बंद करना पड़ा। भाई ने मोम को प्राडक्ट्स के प्रमोशन को लेकर अपना प्लान बताते टाइम उसने मेरे बाल पकड़ लिए और मेरे मुँह को अपने मोटे लण्ड का फक होल बना लिया।

ओह्हह गोड… भाई तो बड़े आराम से मोम से बात कर रहा था और अपनी सिस को रांड़ बनाकर मजे ले रहा था। मैं उसकी इस आइडिया से गरम होने लगी। मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी तो भाई ने मेरे बाल को कसकर पकड़ लिया और मुझे खुद की मर्ज़ी से इश्तेमाल करने लगा।

मोम उठी और जाने लगी, तो भाई ने फिर एक टापिक छेड़कर मोम को रोक लिया। वो पक्का इसके बाद फुल मजे ले रहा होगा। फिर मोम अपनी बात पूरी करके चली गई।

मैंने उनके रूम का दरवाना बंद होने की आवाज़ सुनी। मैं टेबल के नीचे बाहर आई- “तू हम दोनों को पिटवा देगा…”

भाई ने मुझे पकड़कर झुका दिया और वहीं पे मेरी मारने लगा।

मैं- “पागल हो गया है क्या तू ?” मैंने फुसफुसाते हुए कहा- “जो आअह्हह… रूम में चलते हैं ओफ्न…”

लेकिन भाई सुनने वाला नहीं था। दो मिनट के बाद उसको और मस्ती सूझी - “चलो दि…” टीवी के सामने काउच है और उसके 10 फीट दूर मोम के बेडरूम का दरवाना है। भाई मुझे काउच पे ले गया और मुझे डागी स्टाइल में चोदने लगा। हम लकी थे कि मोम अपने रूम में सो गई थी।

आवाज़ तो हमने धीमी ही रखी पर इस रिस्की सेक्स में हम ब्रो-सिस जबरदस्त चुदाई कर रहे थे। फिर भाई काउच पे लेट गया और मैं काउगर्ल पोज़ीशन में आ गई। मैं और भाई आँख मिलाए हुए इंटीमेट लव कर रहे थे, जो मेरे फर्स्ट ओर्गज्म से टूटा । भाई मेरी गाण्ड पकड़कर नीचे शाट मारने लगा। मैंने तड़पते हुए आँखे खोली और दायें साइड में बेडरूम के दरवाजे की तरफ देखा।

भाई का फोकस मुझे चोदने में था और मेरा ध्यान मोम को मुझ चुदते हुए देखने में। मेरे सीने में एकदम आग लग गई थी, पर मोम की हल्की स्माइल ने उसको बुझा दिया । मोम दरवाजे पे आराम से हाथों को अपने सीने पे बांधे शो देख रही थी।

आबियस्ली भाई को मोम नहीं देख सकती थी और ना ही उसकी तेज फटके मारती स्पीड को। लेकिन शाट्स का शोर सुनकर वो कल्पना कर रही होंगी की उनके आदी में कितना दम है।

 
मैं ज्यादा देर मोम की साइड में नहीं देख सकती थी, क्योंकी भाई को पता चल जाता। लेकिन कभी-कभी मैं पक्का करती रही की हमारे लाइव पॉर्न मूवी की ओड़ीयंस चली तो नहीं गई है? ओड़ीयंस को मजे आ रहे थे। मुझे इससे पहले इतना मज़ा नहीं आया। मुझे मज़ा बढ़ाने का एक आइडिया आया।

मैं बोली- “हाऊ डू यू नील, माइ बिग लवर। फकिंग ऑन सिस्टर इन दिस फकिंग रिस्की प्लेस?”

भाई- “दिस इस सो हाट…” उसने मुझे चोदते हुए धीरे से कहा। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था की मोम भी सुन रही थीं। मोम को तो आइडिया भी नहीं था की टेबल के नीचे क्या चल रहा था, और हाँ हाँ… अभी ओह्हह गोड… उनके ही रूम के सामने- “आई लव यू …”

मैंने भी अपने बालों में हाथ डालते हुए, प्लेषर में कहा- “आई लव यू टू , सो मच…”

भाई- “मोम अगर देख लें, ये सोचकर क्या महसूस होता है आपको?”

मैंने मोम की तरफ देखते हुए कहा- “तू बता?”

भाई- “अगर मोम ने देख लिया तो बहुत ही हंगामा हो जाएगा, लेकिन आई विश, काश मोम के सामने ही हम लव कर सकते…”

मैं- “हाँ… कितना अच्छा होता की जब नी करता हम बता पाते की हम कितना एक दूसरे को लव करते हैं…”

भाई- “डोन्ट जो, मैं कभी-कभी सोचता हूँ , ये हमारा सीक्रेट मोम को पता चल जाए…”

मोम भी ध्यान से सुन रही थी। मैंने पूछा - “अच्छा वो क्यों?”

भाई- “क्योंकी मैं ये सोच-सोचकर पक गया हूँ की फ्यूचर में हम इसी तरह रहेंगे? क्या होगा जब मोम को पता चलेगा? मोम कैसे रिएक्ट करेगी? इसलिए एक बार मोम को सच में पता चल जाए और आखिर पता तो चले?”

मैं दरवाजे पे खड़ी मोम की तरफ देखते हुए- “सच कहूँ तो मुझे भी आइडिया नहीं है की मोम क्या सोचती? क्या रिएक्ट करती?” फिर भाई की तरफ देखते हुए- “वैसे मोम खुले दिमाग की हैं तो सही। हो सकता है हमारा इस तरह का इन्सेस्ट लव वो आक्सेप्ट कर लें?”

भाई- “लेकिन , ये तो पॉसीबल नहीं है यार…” उसने ये बात कुछ उदासी से कही।

मैं अपनी कमर हिलाकर लण्ड को चूत में लेते हुये रुक गई थी। कसा- “तो फिर छोड़ो और जो अभी पॉसीबल है, उसका तो मज़ा लेते हैं…” कहकर मैंने फिर से लण्ड पे उछलना शुरू कर दिया।

हमने चालूकिया ही था की भाई ने कहा- “यू नो आई लव मोम, युजुअलि सन डोन्ट लव हिज़ मदर लाइक आई डू ?”

मैंने अब अपने चेहरा पे बहुत ही हीट महसूस की, मोम यहीं खड़ी है, मैंने कहा- “उह्हह… हाँ…”

भाई- “अगर पॉसीबल हो की मोम इन्सेस्ट रिलेशन को आक्सेप्ट करती हैं, तो फिर ये भी पॉसीबल है की… …”

मैं रुक गई- “क्या?”

भाई- “जस्ट इमेजिन व्हाट इन वी… आल थ्री ऑफ अस…”

मुझे उस दिन मोम की बात याद आई, तो मैंने कहा- “अगर ऐसा होता तू मोम से कैसा बिहेव करता? मुझसे कैसा बिहेव करता?”

भाई- “आई लव बोथ आज यू , मैं आपसे रेस्पक्ट से बिहेव करता हूँ जब हम लोगों के सामने होते हैं और अकेले आप जानती ही हो… तो फिर मोम को मैं बाहर मोम की तरह ही ट्रीट करता अगर… अगर यू नो … आई नो एवरी गर्ल नीडस रेस्पेक्ट फ्राम हर बायफ्रेंड आर हिबैंड…”

मैं- “ओह्हह… आदी, आई लव यू …”

एक सेकंड के लिए मैंने मोम को देखा जो दरवाजे पे खड़ी थी और अपने मुँह पे हाथ रखे खड़ी थी। ये बात मोम को भी छू गई थी।

मैं झुक के भाई को किस करने लगी और हम जताने लगे की हमें कितना प्यार है एक दूसरे के लिए। किस ब्रेक करके मैं मोम को देखने उठी, और देखा की दरवाना बंद हो चुका था।

लास्ट में भाई ने मेरी चूत में अपना प्यार भर दिया, जिससे मेरा दिल पिघल गया, आई कान्ट टेल हाउ आई फेल्ट लेकिन दैट वान लाइक आई एम आज टाप आज द वल्ड टचिंग द स्काइ। मैंने भाई को कहा- “मैं अपने रूम में सोऊूँगी…”

और भाई मुझे गुड नाइट किस होंठों पे करके स्माइल के साथ अपने रूम में चला गया।

 
मैंने जल्दी से मोम के रूम में जाकर दरवाजा बिना आवाज के बंद कर दिया। मोम अपने बेड पे सो रही थीं, मैं धीरे से उनके पास लेट गई, मोम गहरी नींद में सो रही थी। माँ का प्यारा चेहरा देखते हुए मुझे भी नींद आ गई।

मार्निंग में हम एक्सर्साइज करते टाइम स्माइल तो पास करती रही, पर कुछ बात नहीं हुई, और फिर हम सभी बिजी हो गये अपने-अपने काम में। ब्रेकफास्ट के बाद मोम और भाई भी साथ ही आफिस चले गये। मेरा दिन तो नार्मल था।

रात को मोम मेरे रूम में आई पर उसी टाइम भाई ने मोम को आवाज देकर बुला लिया। डिनर टेबल पे मोम ने बताया की वो बंगलोर जाने वाली है अपनी दोस्तों से मिलने। जब मैं बाद में मोम के रूम में गई तो मोम पैकिंग कर रही थी।

मेरे पास बैठते हुए मोम ने कहा की दिन को अकरम ने मोम को बुलाया था।

मैंने पूछा की क्या बंगलोर जाने का बहाना बनाना पड़ा अकरम की वजह से?

तो मोम ने कहा- “अकरम का काम तो मैं दिन को ही खत्म कर आई थी और रही बात बंगलोर जाने की, तो मैं रियल में अपनी दोस्त से मिलने जा रही हूँ…”

मुझे कल रात वाली बात पूछनी थी उससे पहले ही मोम को काल आया।

मोम- “हाँ हाँ अभी पैकिंग कर रही हूँ, आप क्या कर रहे हैं? उन्ह हाँ… आपको पता तो है… फिर? और ऐसे ही? अच्छा… मैं कब से कह रही हूँ आपको…”

मोम तो बस इसी में लगी हुई थी, लास्ट टाइम डैड का काल मुझे आया था तब मोम ने मुझसे फोन लिया और बहुत ही गुस्से से बात करने लगी थी, लगता है की मोम का गुस्सा खत्म हो गया होगा। वैसे काल आने पे मोम डैड से प्यार से ही बात करती हैं। जब मोम इसी तरह बातें करने में लगी रही तो मैंने मोम को इशारा किया की मैं अपने रूम में सोने जा रही हूँ।

अगले दिन, मोम बंगलोर चली गई, भाई आफिस, और मैं अपनी लड़कियों के गैंग के यहाँ। रात को भाई ने मुझे अपने साथ एक पार्टी में चलने को बोला। वहाँ पहुँचने पे भाई ने कहा की मुझे उसकी गर्लफ्रेंड होने का प्रिटेंड करना है, पूछने पे उसने एक लड़की के बारे में बताया।

जब मैं उस लड़की यानी ट्रिशा से मिली, उसकी हाइट मुझसे 1-2 इंच कम थी। वो पेटाइट गर्ल, छोटि-छोटी चूचियां, पर्फेक्ट गाण्ड वाली लड़की थी। ब्राउन आँखें और ऊँची नाक उसको और भी सेक्सी बना रही थी। भाई ने हमें मिलवाया, वो अपने करेंट बायफ्रेंड के साथ थी। पार्टी में ट्रिशा की दोस्तों से मैं बातें करने लगी। मुझे पता नहीं था की आदी अपने दोस्तों में इतना पापुलर है। मैंने और भाई ने खूब एंजाय किया।

पार्टी से वापस आते टाइम मैंने कार में अपने कपड़े उतार दिये और भाई को ब्लो-जोब देने लगी, जब घर नजदीक था तो मैंने भाई को कार रोकने को कहा।

भाई- “क्यों क्या हुआ, अरे बाहर क्यों जा रही हो?” भाई ने चौंकते हुए कहा और वो भी कार से बाहर निकला।

खुली सड़क पे मैंने भाई को ब्लो-जोब दिया। भाई ने फिर मुझे खड़ा किया और मेरे पीछे से मेरी चूत मारने लगा ही था की दो लोग वहाँ आ गये। वो हमें देखकर ही जोर से चिल्ला पड़े। जब तक वो पास आते तब तक हम कार में बैठ गये। एक ने खिड़की पे हाथ मारा।

तभी भाई ने कार भगा दी। हम उनसे जब बहुत आगे निकल आए तो हम जोरों से हँसने लगे। उसके बाद भाई ने मेरे बालों में हाथ डाला और अपना काम पूरा करने को कहा। लंबे टाइम के बाद ऐसा हुआ था की मोम 4 दिनों के लिए घर पे नहीं थी। भाई मुझे उठाकर अपने रूम में ले गया।

अगली सुबह मैं तैयार होकर एक्सर्साइज करने रूम में चली गई। एक घंटे बाद भाई रूम में आया, उसके हाथ में देखा एक काफी का कप और हाफ एरेक्ट टूल को जो गुड मार्निंग होने का हिंट दे रहा था। लेकिन भाई दीवार के सहारे खड़े काफी पीते हुए मुझे देख रहा था तो मैंने योगा करना चालू रखा।

मैं- “मुझे लगा की तू मार्निंग में ही शुरू हो जाएगा मुझे यहां देखकर…” मैंने आसान बनाते हुए कहा। मेरे मूव्स देखकर उसका लण्ड खड़ा हो गया था पर भाई ने अपने लण्ड को टच भी नहीं किया।

भाई- “आपको एक्सर्साइज करनी थी तो आप यहां आई हो, इसलिए मैं आपको परेशान नहीं करूँगा…” उसने आराम से काफी का कप रखते हुए कहा और ऐसे खड़ा होकर देखने लगा, जैसे मेरे एक्सर्साइज खत्म होने का इंतेजार करेगा।

“ओके…” मैंने कहा। उसका लण्ड लटक गया था की जैसे उसके मन की चीज नहीं मिलने पे वो मायूस हो गया हो। मैंने देखा की प्री-कम की लार धीरे से नीचे गिर रही थी।

जब मैंने खतम किया तो भाई के पास मैं घुटनों और हाथों के बल डागी के जैसे गई। जीभ से मैंने प्री-कम की लार उसकी जांघों से ली और ऊपर उठाते हुए लण्ड के सुपाड़े तक ले गई। स्किन को पीछे किया और सुपाड़े को मैंने मुँह में लेकर भाई को घूरती हुई मस्त चूसना शुरू किया।

भाई- “ऊओह्ह… सो गुड…” कहकर भाई ने मजे लेते हुए मेरे बोलो में हाथ फेरा। मस्त ब्लो-जोब के बाद उसने मेरी चूत आअह्ह… मस्त चूत को मस्त चूसा।

मैं- “फक मी…” मैंने और देर ना करते हुए कहा तो फिर भाई ने मुख्य खेल शुरू कर दिया। डर्टी टाक के साथ सेक्स करते मजा आ रहा था। हमने जम के सेक्स किया डर्टी भाषा में बात करते हुए।

इस सबके बाद बाकी का टाइम नार्मली जैसे था, भाई आफिस और मैं अपने काम पे। शाम को भाई ने काल करके कहा की हम रात को रेस्टोरेंट चलेंगे डिनर के लिए।

भाई मुझे अपनी गर्लफ्रेंड की तरह कैंडल लाइट डिनर पे ले गया। मैं उसको टीज करती रही और उसको भी मजा आ रहा था। मैंने उसका मूड देखकर उसकी दूसरी लड़कियों के साथ सेक्स लाइफ का पूछा। उसको खोलने के बाद वो मुझे अपनी डेट के बारे में बताने लगा।

उसने अभी तक 4 लड़कियां को ही डेट किया था। मुझे अजीब लगा की मैंने अगर मैंने अपने सेक्स पार्टनर की गिनती की होती तो पता नहीं कितनी होती, और चलो भाई ने जितना टाइम एक गर्लफ्रेंड के साथ रीलेशन में था उतना तो मैं कभी भी नहीं रही। भाई ने ट्रिशा की बात छेड़ दी। मैंने भाई को बताया की वो तो मुझे ठीक लगी और पूछा की उसको पटाने में मेरी हेल्प क्यों चाहिए?

भाई ने कहा- “ट्रिशा मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड है इसलिए मैं उसको पटना नहीं चमैंहता, मैं चाहता हूँ की ट्रिशा खुद मेरे पास आ जाए…”

मैंने कहा- “इस तरह ट्रिशा शायद ही पटे लेकिन अगर पट भी गई तो ज्यादा टाइम तेरे पास नहीं रहेगी…”

भाई ने कहा- वो तो है।

मैंने कहा- “इसकी जगह कोई और क्यों नहीं ढूँढ़ लेता? जो तेरे टाइप की भी हो। और अगर तेरे टाइप की जब तक ना मिले तो जो मिलती है उसको गर्लफ्रेंड बना ले, थोड़े टाइम के लिए ही सही…”

भाई ने कहा- “मैं टाइम पास गर्लफ्रेंड नहीं चाहता…”

इस टापिक को छोड़कर हमने फिर नये टापिक पे बात करने लगे। वो ये की अगर की हम ब्रदर सिस्टर नहीं होते तो हमारा रीलेशन कैसा होता?

मैंने कभी भी अपने फ्यूचर पति के बारे में नहीं सोचा, मुझे अपनी रियल सेक्स लाइफ भाई को नहीं बतानी थी इसलिए मैं उसकी इमेजिनेशन के साथ ऐसे ही हम वो हवाई महल बनाने लगे जिसमें थे पति, पत्नी और फ्यूचर।

लेकिन जो मेरे मन में फ्यूचर को लेकर सवाल थे वो मैं भाई से नहीं पूछ सकती थी। सोचा की मोम आएंगी तब बात करूँगी। फिर मैंने उस रात भाई के साथ एक प्रेमिका की तरह हसीन शाम बिताई और फिर रात।

अगले दिन हम फिर से सेक्सुअल हो गये। हमें कपड़ों से आलर्जी हो गई और चूहों की तरह लगे रहे। मैंने ट्रिशा को काल किया। पार्टी में हम दोस्तों बन गये थे, और हम शापिंग करने गये, ताकी और खुल सकें। मिशन सक्सेस होने के बाद मैं रात को लड़कियों के गैंग के साथ क्लब गई। जस्ट फ्लर्टिंग नथिंग मोर।

अगली सुबह भाई ने इनफार्म किया जब हम बाथरूम में सेक्स के बाद नहा रहे थे। उसने मुझे साबुन देते हुए कहा की शाम को उसका दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड ट्रिशा के साथ डिनर पे आएंगे। मैंने भाई की बैक पे साबुन लगते हुए कहा की ट्रिशा ने कहा था की वो तो तैयार है, लेकिन शायद ही उसका बायफ्रेंड मानेगा। भाई ने मुझे स्माइल दी और साबुन लेकर मेरी चूचियों पे लगाने लगा।

डिनर के बाद मैं और भाई चिपक के बैठे थे और दूसरी तरफ ट्रिशा और उसका बायफ्रेंड। शुरुआत होस्ट को करनी थी सो मेरे बायफ्रेंड यानी मेरे भाई आदी ने मेरी गर्दन पे किस किया और मैंने अपना ग्लास साइड में रखा। गेस्ट्स ने अपने होस्ट कपल को इंटिमेट होते देखा।

ट्रिशा के बायफ्रेंड ने अपने दोस्त के इशारे पे ट्रिशा को किस करने से शुरुआत की और धीरे-धीरे उसने भी होस्ट कपल से बराबरी कर ली। वहां अब दो बायफ्रेंड अपनी-अपनी गर्लफ्रेंड से सेक्स कर रहे थे। मैं भाई को फर्श पे ले गई और रियल सेक्सी और अनिमल सेक्स स्टार्ट किया।
 


ट्रिशा ने देखा की मैंने अपने बायफ्रेंड के बारे में सही कहा था। पार्टी के होस्ट का सेक्स इतना स्टीमी और एरोटिक था की गेस्ट बस देखने लग गये। इसका बुरा असर ये हुआ कि गेस्ट बायफ्रेंड जब वापस अपनी गर्लफ्रेंड की चूत में घुसाने लगा की उसका खेल खतम गया। अच्छी बात ये थी की उनका सेक्स थोड़ी देर ही चला था।

अब उनको हमें देखने के अलावा और कोई काम नहीं था, उस बायफ्रेंड को चिढ़ाने के लिए मैं भाई पे रिवर्स काउगर्ल पोजीशन में चुदाने लगी खासकर उसकी तरफ होकर और कभी-कभी उसको घूरते हुए। उसको ये महसूस हुआ की मैं कितना मजा ले रही हूँ। ट्रिशा को और तपाने के लिए मैंने डर्टी टाक करते हुए भाई का लण्ड चूसा।

पार्टी के बाद, रात यहीं रुकने का कहने पर भी हमारे गेस्ट रुके नहीं।

भाई और मैंने कुछ देर इस प्लान के सक्सेस का मजा लिया और देखा की भाई फिर से तैयार है। भाई ने एक कार्ड खेल रखने का बोला पर एक ट्विस्ट ये था की जो जीतेगा वो डामिनेंट बनेगा और जो हारेगा वो सबमिसिव। भाई कार्ड खेल में कितना माहिर था मुझे पता ही नहीं था। वो जीत गया था।

पहले उसने रस्सी से मुझे बाँध दिया, जो मेरे गले से होकर नीचे क्रॉच, फिर वहाँ से होकर बैक, फिर चूचियों को टाइट बाँध दिया, जिससे चूचियां लाल दिखने लगी और आखीर में मेरे हाथ भी बाँध दिए। भाई मुझे बालों से पकड़कर मोम के रूम में ले गया।

अब भाई ने कहा- “दीदी, अब मैं जो भी करूं वो आपको करना पड़ेगा, ओके?”

मैं- “ओके…”

भाई- “मतलब मैं आपको मारूँगा तो आपको मंजूर है? जो भी कुछ?”

मैं भाई का ऐसा रूप देखना चाहती थी, मैं देखना चाहती थी की वो क्या-क्या करेगा? मैंने हामी भर दी।

भाई- “प्रामिस?”

मैं- “प्रामिस…”

फिर उसने अपना लण्ड मुझे चूसने को दिया। मैंने कुछ देर अपना सिर हिलाकर ब्लो-जोब दिया। फिर भाई मेरे बाल पकड़कर मुँह को चोदने लगा। फिर चार शाट के बाद उसने लण्ड खूब अंदर गले में उतार दिया और ऐसे ही रहने दिया।

कुछ देर तो ठीक था, पर अब मैं साँस लेना चाहती थी तो ह्म्म… करने लगी तभी उसने निकाला। ऐसे उसने चार-पाँच बार किया जिससे मेरी जान ही निकाल गई फिर उसने मुझे देखकर कहा- “यू नो वाट, मैं बहुत टाइम से ऐसा करना चाहता था…”

मैं मुश्कुरा के बोली- “रियली मास्टर? आज जो-जो करना चाहे कर लो, आपको पूरी छूट है… आई एम योर स्लट, मास्टर आदी…”

भाई बेड पर लेट गया, मैंने झुक के उसके लण्ड को थोड़ा और चूसा और फिर मैं बैठ गई उसके ऊपर। जब भाई ने मुझे खोल दिया, तो मैंने उछल-उछल के चूत मरवाई। फिर भाई उठाकर मेरे पास आया। फिर कभी तो मुझे मेरी चूत पे थप्पड़ मारने लगा, तो कभी चारों उंगली से जोरों से मेरी चूत मसल दी, जिससे मेरी चूत से पानी निकल गया।

फिर मैं डागी स्टाइल में बेड पर आ गई। भाई ने मेरी गर्दन पकड़कर शाट मारे और उसके बाद मेरी गाण्ड पर तमाचे मारने लगा। वो बहुत ही बेरहम और सेक्सी था। मुझे दर्द हो रहा था पर मजा भी आ रहा था।

मैं- “एस फक मी…”

भाई- “से फक मी मास्टर…”

मैं- “ओह्ह… मास्टर आदी, प्लीज़्ज़… फक योर स्लेव सिस्टर लाइक आ चीप होर…”

भाई- “ओह्ह गोड…”

मैं- “एस मास्टर आदी… आई एम योर स्लट सिस्टर, आंड योर सिस्टर इस बिग्गेस्ट होर इन द टाउन, फक मी हार्ड…”

भाई- “आह्ह… आह्ह… आह्ह…” करके उग्रता से मुझे चोद रहा था। पूरा बेड जोर-जोर से बजने लगा।

मुझे लगता है की मेरी आवाजें बाहर तक गई होंगी। पर मुझे क्या मैं तो सातवें आसमान में थी- “आऽ आह्ह… चोद अपनी रण्डी को भेन्चोद…”

और उसने ऐसा किया भी, फुल स्पीड से। हम जानवरों की तरह सेक्स करते रहे, जब तक झड़ ना गये। फिर हम लेट गये… पर दो घंटे बाद हमने फिर से चुदाई चालू कर दी। इस बार उसने सिर्फ मेरे हाथों को बांधा, और दीवाल से टिका के मेरी चूत में पेलने लगा।

मेरे हाथों को ऊपर करके दूसरे हाथ से मेरे गालों पे थप्पड़ मारता रहा, शिट… उसका मारना भी मुझे मजा दे रहा था। उसने मेरी चूचियों पर चपत मार-मार के लाल रंग से रंग दिए। मैं दिखने में ऐसी लग रही थी जैसे मेरा गैंगबैंग हुआ है। हम जंगली होकर गालियां बकते ताबड़तोड़ ठुकाई करते रहे।

मेरे फिर से झड़ जाने के बाद भाई ने मुझसे पूछा। कोई और होता तो लस्ट में मुझसे पूछता ही नहीं। बाद में भाई मुझे बाथरूम में ले गया और उसके बाद उसने वो किया जो मैंने अपने सपने में भी नहीं सोचा था। मैं लस्टी स्लुटी होर उसको मना नहीं कर पाई और हाँ कर दी। उसने मेरे चेहरे, चूचियों पे पेशाब कर दी। फिर शावर ओन करके मेरी गाण्ड की बारह बजा दी, जो पहले से लाल कर दी गई थी। और आखीर में वो मेरे चेहरा पे झड़ गया।

उसने मेरे बंधन खोले, और हमने स्माइल देकर एक दूसरे को इतने सुपरहाट सेक्स के लिए थैंक्स कहा। भाई के अपने रूम में जाने के बाद मैं अपना फोन लेकर अपनी फोटोस लेने लगी, मेरे चेहरे पर वीर्य लगा हुआ था, गाल, चूचियां, गाण्ड सब लालमलाल हो रखे थे।

मुझे अब भी अजीब लग रहा था की उसने मेरे चेहरे पे पेशाब की। मैं उसके रूम में गई और बेड पर लेटे हुए भाई को देखा- “गुड नाइट मास्टर…” कहकर मैं उसका लण्ड पकड़कर सो गई।

अगले दिन भाई को आफिस के लिए गुडबाइ करके मैंने ट्रिशा को काल किया। हमने कल रात को लेकर बात की। मैंने कहा की मैं उसकी सेक्सी बाडी को भुला नहीं पा रही हूँ, अगर वो चाहे तो हम दोनों अच्छा टाइम साथ में बिता सकते हैं। रोमांचक और ईगर आवाज में उसने मुझे अपना अड्रेस दिया।

मैं ट्रिशा के ग़र गई। वो मुझे बेडरूम में ले गई।

बेड पे मैं ब्राउन आँखें को अपनी जांघों के बीच से देख रही थी, वो बता रही थी की उसको मेरी चूत का स्वाद कितना यम्मी लग रहा है। फिर मैं उसको लिटाकर उसके ऊपर लेट गई, मेरी 36डी की बड़ी-बड़ी चूचियां उसके शायद 34सी चूचियों को दबाए हुए थीं।

मैं उसको किस करते हुए नीचे गई, 23” वेस्ट, सेक्सी नाभि बटन, और षायद 34” के चूतड़। वो बिल्कुल कमसिन पर तेज धमाका करने वाली पटाखा थी।

ट्रिशा- “वाउ… यू नो हाउ टु फक फीमेल…” उसने हाँफते हुए कहा जब हम सेक्स कर चुके थे- “मैंने अपनी दोस्त के साथ पहले भी सेक्स किया है लेकिन आज मैंने तुमसे कुछ सीखा भी है…”

मैंने कहा- “थैंक्स, अगर तुम आज रात भी मेरे साथ चलो तो कुछ और भी चीजें मैं तुम्हें सिखा सकती हूँ…” और फिर हम आराम करती हुई बातें करने लगीं।

ट्रिशा मेरे बताए हुए टाइम पर पहुँच गई, वो खुद इतनी उत्तेजित थी की खुद मुझे बेडरूम ले गई। उसने मुझे नंगी किया और मेरी चूचियां, गर्दन, होंठ, चूचियां किस करते हुए उसने अपनी ड्रेस भी उतार दी।

ट्रिशा- “हाउ इज योर गिफ्ट लुक…” वो मेरे सामने रेड ब्रा पैंटी में लाल छड़ी लग रही थी।

मैं- “यू आर सो ब्यूटीफुल…” कहते हुए मैंने लंबा पैशनेट किस किया। मैंने ब्रा पैंटी निकालकर फेंक दी फिर- “तुम बहुत स्वादिष्ट हो…” मैंने उसकी चूत चखकर कहा।

फोरप्ले से हम दोनों हाट और गीली चूत वाली सेक्स की प्यासी हो गई थी। किसी के बेडरूम में आने का एहसास होने पे हमने किस ब्रेक करते हुए देखा की आदी हमारे सामने खड़ा है।

 
हम तीनों मेरे बेडरूम में थे, इतने टाइम उसके साथ रहकर मुझे पता चल चुका था की वो जंगली गर्ल है जो कुछ रोमांचक ट्राई करना चाहती थी। उसने कहा की किश्मत से मैं उसको मिल गई, बोलो। दिन को मैंने ट्रिशा को और तड़पा दिया था, और वो चुदक्कड़ लड़की अपने बायफ्रेंड को चीट करके मेरे और मेरे बायफ्रेंड (यानी भाई) के साथ थ्री-सम के लिए तैयार हो गई थी।

मैंने भाई के लण्ड को पकड़ा और ट्रिशा की तरफ करते हुए कहा- “डू यू वांट टु टेस्ट दिस?”

ट्रिशा- “ऊऊह्हह… सो ब्यूटीफुल , इस्स्स… आई वांटेड इट सो बैडली दैट नाइट उम्म…”

ट्रिशा जब मेरे भाई या यूँ कहें मेरे बायफ्रेंड का बड़ा लण्ड चूस रही थी तो मैं लेट गई और उसकी चूत मसलते हुए उंगली करने लगी। फिर उसने मुझे भाई का लण्ड चूसने को दिया और वो मेरी क्लिट पे अपनी जीभ चलाने लगी। फिर हमने भाई को लिटा दिया और बारी-बारी लण्ड और बाल्लस पे भूखों की तरह टूट पड़े।

ट्रिशा खड़ी होकर बोली- “कब से मेरी चूत मरी जा रही है, और इंतजार नहीं कर सकती…” और वो भाई के दोनों तरफ पैर करके लण्ड पे झुकने लगी। तब मैंने भाई के फड़कते लण्ड को पकड़ा और ट्रिशा- “आह्हह… फक…” फीलिंग लेते हुए लण्ड पे बैठ गई।

शुरू में तो धीरे फिर भाई ने स्पीड पकड़ ली।

ट्रिशा- “ओह्हह… माई गोड ओह्हह… माई गोड आआह्हह… फक आआ एइस्स्स… एस्स एस्स आअह्हह… फॅक्क ओह्हह…” रोती और चूत मराती हुई ट्रिशा अपनी चूत फटने का मज़ा ले रही थी।

उसके बाद भाई ने उसको हटाया और मेरी गाण्ड को पकड़कर मुझे अपनी तरफ कर दिया- “कम हियर…” और भाई मेरी चूत को मारने लगा, मैं तड़प रही थी।

और ट्रिशा हँसते हुए मुझे देख रही थी- दि दिस इस अमेजिंग ना…”

मैंने कहा- “ओह्हह… यस्स…”

 
फिर भाई ने मुझे चोदकर ट्रिशा को लिटा दिया और उसकी टांगे खोलकर उसके ऊपर चढ़ गया- “एस गिव इट टु मी, आह्हह…” पूरा बेड आवाज़ करने लगा, कहीं पतली ट्रिशा भाई के शाट्स से कुचल ना जाए।

फिर मैं भी ट्रिशा के मजे लेने उसके चेहरे पे बैठ गई। आदी ट्रिशा की चूत मार रहा था मैं अपनी चूत उससे चटवा रही थी और हम बायफ्रेंड-गर्लफ्रेंड किस कर रहे थे।

हमारा प्लान सक्सेस हो चुका था। भाई ने मुझे थोड़ा सा उठने को कहा और ट्रिशा को मुँह खोले रखने को। फिर भाई ने मेरी चूत में इतनी जोर से अपनी उंगली की कि मेरा पानी ट्रिशा के मुँह में जाने लगा। वो किसी बच्ची की तरह पहली बारिश का पानी चख रही थी।

फिर भाई ने आगे आकर उसके मुँह में अपना लण्ड डाल दिया। मेरी चूत उसकी नाक पे रगड़ने लगी या मैं उसकी नाक से अपनी चूत रगड़ रही थी।

फिर भाई ने लण्ड को मेरी चूत में डाला और वहीं ट्रिशा के चेहरे के ऊपर मुझे चोदने लगा। नीचे वो जीभ निकाले सब चाटे जा रही थी। आज के बाद ट्रिशा के सेक्सी चेहरे को देखकर कोई आइडिया नहीं लगा सकता की उसके चेहरे पे कैसा काम हो चुका है? मैं अब झड़ने को थी और मैं वही पे उसके चेहरे पे झड़ गई। व्हाट आ सेक्स।

हमने ट्रिशा को उठाया, मैंने उसकी टांगे खोल दी, ताकी मेरा भाई उस रांड़ को चोद सके। फिर मैं लेट गई। ट्रिशा मेरे ऊपर मेरे आमने सामने लेट गई। भाई के सामने दो चूत थी, दोनों उसकी थी। उसने मेरी कम ट्रिशा की ज्यादा मारी क्योंकी घर का माल है, जब जी चाहे अपना माल खाली कर सकते हैं। हम दोनों किस करते रहे और ट्रिशा एक बार और ओर्गज्म से काँप गई।

लेकिन हमने ट्रिशा को एक कुतिया बना डाला था। जिस तरह भाई ने मेरी बुरी तरह से चुदाई की थी पिछले दिन, वैसे ही आज इस ट्रिशा की बारी थी। ट्रिशा स्लिम पेटाइट बाडी से बच्ची दिखती थी, और उसकी चूत भी। लेकिन भेन के लण्ड आदी ने उसकी चूत को भोसड़ा बना दिया था।

मुझे अब लगा की भाई कुछ देर के सेक्स के बाद झड़ जाएगा। ऐसा भाई को भी लगा तो उसने ट्रिशा की चूत मारनी बंद कर दी। ट्रिशा उठी और गहरी सांसें लेते हुए मेरे पास आई और किस करने लगी और मेरी चूत को मसल्ने लगी।

भाई लण्ड हिलाता हुआ हमें देखने लगा फिर वो उठकर आया और हमारे किस में अपना लण्ड बीच में डाल दिया। हमारे होंठों के बीच में वो आगे पीछे होने लगा- “आइ एम कमिंग…” भाई ने कहा।

मैंने कहा- “भाई, ट्रिशा के मुँह को भर दो…” कुछ बूंदे मेरे चेहरा पे गिरी।

भाई पूरा वीर्य ट्रिशा के मुँह में खाली करके उसके मुँह से लण्ड निकाल लिया और मैंने उसको पकड़कर सॉफ कर दिया। ट्रिशा ने इशारा किया और मेरे मुँह में थोड़ा वीर्य गिरा दिया। मैंने हम दोनों को बेड पे घुमा के खुद उसके ऊपर आ गई और उसके मुँह में वीर्य वापस दे दिया।

ट्रिशा ने वीर्य गटकने के बाद कहा- “आई वांटेड तो शेयर…”

मैं- “य डोन्ट हैव टु, यू डर्टी होर। आई एम हिज़ बिच। हिज़ कम बकेट, दिस कम इस माई डेली डोस…”

ट्रिशा- “वाउ…” उसके चेहरा पे स्माइल थी।

भाई हमारे बीच में सोया उस रात। अगली सुबह ट्रिशा ने मुझे जगाया, हमारे किस करते टाइम भाई भी नाग गया। हमने भाई को ब्लो-जोब दिया।

लेकिन कुछ देर बाद ट्रिशा को याद आया- “ओह्हह गोड… 10:00 बज गये हैं, मुझे जाना है…” उसने बताया की आज संडे को उसकी डेट है उसके बायफ्रेंड के साथ, इसलिए उसको खुद पे काबू रखकर जाना पड़ा।

पर भाई ने उसको ऐसे जाने नहीं दिया। पहले तो वो नहाकर तैयार हुई फिर जब जाने लगी तो भाई ने उसको पकड़ा और झुका के उसकी चूत में लण्ड पेल दिया। ट्रिशा पहले तो ना-नुकुर करने लगी पर उसने भाई से खुद को छुड़ाने की रत्ती भर कोशिस नहीं की, और इधर भाई ने तब तक उसको नहीं छोड़ा जब तक उसकी चूत में माल ना भर जाए।

भाई ने उसकी पैंटी वापस उसको पहनाई- “डोन्ट यू डेयर तो रिमूव इट, य अंडरस्टैंड बिच…”

ट्रिशा ने शमीली लड़की की तरह हाँ में सिर हिलाया।

भाई ने उसको झुका के अपना लण्ड सॉफ करवाया- “नाउ यू कैन गो…”

फिर ट्रिशा चुपचाप चली गई।

दिन को भाई के साथ नंगी बिताने के बाद मुझे मेरी दोस्त कामया का काल आया।

कामया के घर पे सबको थोड़ी बहुत चढ़ गई थी, जब हम ट्रूथ और डेयर खेल रहे थे तो चीज़ें और सेक्सुअल होती जा रही थी। कामया को 10 सेकंड के लिये अपने बायफ्रेंड को ब्लो- जॉब करना पड़ा। नेहा के बायफ्रेंड को शायद पायल ने कहा था की अगले दो लोगों के डेयर खत्म होने तक उसको मास्टरबेट करना है। और जब नेहा की बारी आई तो आकांक्षा ने आबियस्ली नेहा को अपने बायफ्रेंड को ब्लो- जॉब करना पड़ा। लेकिन वीर्य नहीं आना चाहिए।

बाद में ये खेल और हाई होने लगा। गर्ल गर्ल किसिंग उंगली या सकिंग तो होता था लेकिन शगुफ्ता ने नेहा के बायफ्रेंड को अपने बायफ्रेंड का डिक चूसने को बोला। बस फिर क्या था दो कपल्स बहस करने लगे। शगुफ्ता ने पाइंट रखा की क्यों लड़कियां को लेस्बो डेयर दिए फिर? ऐसे तो लड़कों को ‘गे’ डेयर आक्सेप्ट करने चाहिए।

वेल ये फेयर पाइंट था और लड़कियां लड़कों के अगेन्स्ट हो गई और लड़के जाने की तैयारी करने लगे। सबने इतनी पी इसीलिए थी क्योंकी सबका रात यहीं पे गुजारने का प्लान था, अब नशे में वो जाते तो कल किसी की फोटो न्यूज में देखने को मिलती। बाद में लड़कों को शांत करके मामला खत्म किया। 4 कपल्स अपने-अपने रूम में चले गये।

मैं और पायल बात करते रहे, लेकिन काफ़ी देर बाद भी हमें सेक्स की आवाज़ नहीं सुनाई दी।

पायल ने कहा- “शगुफ्ता को ऐसा नहीं करना चाहिए था, उसकी वजह से बाकी लड़कियों को भी नुकसान हो गया…”

अगली सुबह मैं थकी हुई घर पहुँची।

उसी टाइम मोम कैब से उतर के ड्राइवर को पैसे देकर मुझे गले मिली- “हाय, कहां से मजे करके आ रही है?”

मैं- “मेरी छोड़ो, आप बताओ आपका कैसा रहा?”

मोम- “हाँ, मैंने तो खूब मजे किए, मैं तेरे लिए कुछ लाई भी हूँ …” मोम एकदम फ्रेश लग रही थी जबकि मैं।

“चलो छोड़ो…” हम मुख्य दरवाजा खोलकर अंदर गये तो देखा और हमने एक दूसरे को देखकर “ओह्हह…” का इशारा किया।

मोम- “तभी सोचूँ, मेरा काल क्यों नहीं उठाया था इसने?” मोम ने धीरे से कहा।

मैंने स्माइल करते हुए कहा- “अभी नई-नई गर्लफ्रेंड बनी है…” सामने काउच के पास फर्श में भाई और ट्रिशा नंगे बदन सो रहे थे।

मोम ने ध्यान से देखते हुए कहा- “तू जानती है क्या उसे?”

फिर मैंने मोम को मेरे साथ ध्यान से मेरे रूम में चलने का इशारा किया। फिर मैंने मोम को सब बताया, हाँ। अब मोम से क्या छुपाना। लेकिन ट्रिशा की नजर में मैं भाई की गर्लफ्रेंड हूँ और अभी मुझे इस घर में नहीं होना चाहिए था। इसलिए मैं अपने रूम में ही रही और मोम को जाकर उन दोनों को जगाना पड़ा।

मैंने- “मोम आप?” जोर की आवाज़ सुनी और कल्पना किया की वहां पे क्या दृश्य चल रहा होगा। दो घंटे बाद मोम के कहने पे ट्रिशा नाश्ता करके जा चुकी थी और फिर मुझे नाश्ता करने के लिए बुला लिया।

रात को डिनर के बाद हम सभी साथ में मूवी देख रहे थे तब मोम ने भाई से उसकी नई गर्लफ्रेंड की बात छेड़ दी। मोम को सब पता था लेकिन ऐसे ही मोम ट्रिशा के बारे में भाई से पूछताछ करने लगी।

अगले कुछ दिन नॉर्मल ही निकले। भाई के कहने पे मुझे एक बार ट्रिशा से मिलने जाना पड़ा। भाई आजकल उसको डेट कर रहा था। वैसे ये रिलेशन मुझे बायफ्रेंड-गर्लफ्रेंड टाइप नहीं लगा।

ट्रिशा से मैं उस थ्री-सम सेक्स नाइट के बाद तीन बार मिली और उसमें एक बार हमने लेस्बियन सेक्स किया था। इसके बाद मेरा काम इस टापिक पे खतम हो चुका था। लास्ट टाइम मिलने के बाद भाई से मिलकर मैंने अपनी रिपोर्ट में कहा की ट्रिशा सिर्फ़ उसके साथ सेक्स के लिए है, उसमें भाई के लिए इमॉशनली कुछ नहीं है, सो बी अवेयर।

 
भाई ने स्माइल देकर कहा- “मैं जानता हूँ…”

कुछ दिन बाद अकरम ने अपनी रांड़ को काल किया। सेक्स तो गजब का था लेकिन मजा नहीं आया। अब इससे क्या उम्मीद कर सकते हैम। मोम ने सही कहा था, इस एस्कार्ट के काम में एक ही चीज से मूड अच्छा नहीं रहता, वो ये की मर्द हमने नहीं चुना होता है।

मैंने कहा- “मैं सोचती हूँ कि इसमें पसंद करने का विकल्प होता तो?”

मोम ने मेरी आँखों देखते हुए, स्माइल के साथ कहा- “मैं ऐसा कर चुकी हूँ, याद है?”

मैं- “हाँ… राखी मुझे याद है…” और मोम को हँसी आ गई।

भाई के आफिस जाने के बाद मैंने मोम को बताया की भाई आजकल कुछ ज्यादा ही बिजी है, हमने काफी दिनों से सेक्स नहीं किया है।

मोम ने न्यूसपेपर साइड में रखकर कहा- “ह्म्म… यू नो वाट? आई नीड रियल हाट सेक्स, क्योंकी लास्ट नाइट वाज आ जोक…” मोम को अकरम ने काल किया था।

मैंने मोम को वो रात याद दिलाई जब मोम मुझे अपने एक जानने वाले हंक दोस्त और उसके दोस्त के पास ले गई थी। मोम ने झट से अपने फक दोस्त तुषार को काल किया। उसका दोस्त अनुराग नहीं आ सकता था। फिर बाद में मोम ने कहा की वो एक और बंदे का प्रबंध कर लेगी।

मैंने कहा- “यू अरे द बेस्ट मोम, हू केयर्स हर डर्टी स्लट डाटर…”

इसके बाद मोम बोली- “वी आर द बेस्ट स्लट मदर - स्लट डाटर…”

रात को मोम ने भाई को कहा की अभी ही पैकिंग कर लो, अर्ली मार्निंग की फ्लाइट है ना…” भाई को कहने के बाद मोम ने मुझे आँख मारी।

अगली सुबह हमने एक्सर्साइज नहीं की। भाई को किस करके हमने गुडबाइ किया। उसके जाने के बाद हम दोनों तैयार होने के लिए साथ में बाथरूम में घुस गई। एक घंटे बाद डोरबेल बजी और दरवाजे पे सिर्फ तुषार खड़ा था। मैंने उसको अंदर इन्वाइट किया।

उसके अंदर आते ही मोम ने उसकी बाँहो में झूलकर उसको किस किया- “वाउ… यू लुक ग्रेट, आंड यू टू निशा…” मुझे तो एक पल तो पता नहीं चला, फिर याद आया की, आई एम निशा, राखी’स सिस्टर।

उसको काउच पे बिटाया और हम ड्रिंक्स करने लगे। कुछ देर बात मुझे उसका चेहरा कहने लगा की हम किस बात का इंतेजार कर रहे हैं?

मैंने अपनी स्कर्ट दिखाकर कहा- “डोन्ट वरी, एक से हमारा काम नहीं चलता…”

उसके चेहरा पे स्माइल आ गई।

आधा घंटा हो जाने के बाद हमें लगा की दूसरा बंदा नहीं आएगा। मोम म्यूजिक को और थोड़ा तेज करके वापस आई फिर दोनों तुषार पे शुरू हो गये। 10 मिनट बाद डोरबेल बाजी तो मोम और मैं रुक गई। उस वक़्त हम तीनों नंगे थे और हम तुषार को ब्लो-जोब दे रही थी। दूसरे बंदे ने तो कैन्सल कर दिया था तो जान पहचान का ही कोई आया होगा।

मोम ने मुझे और तुषार को अपने बेडरूम में भेज दिया और मोम ने ड्रेस पहनकर खुद को सही किया और देखने गई की कौन था वो?

मैं और तुषार मोम के बेडरूम में नंगे थे, उसने कहा- “राखी बाहर हैंडल कर लेगी तब तक तुम यहां इसको हैंडल करो…” और उसने मुझे अपने लण्ड पे झुका दिया।

मैं भी यही सोच रही थी। 10 मिनट बाद मैंने तुषार ने सुना- “सब ठीक है?” मैंने उठकर देखा की मोम थी और वो सब ठीक है का इशारा करके वापस चली गई।

तुषार- “तुम्हें लगता है की हमें राखी का इंतेजार करना चाहिये?”

मैं सोचते हुए बोली- “नहीं उसकी जरूरत नहीं पड़ेगी, जो भी होगा उसको मो… मेरी सिस जल्दी ही निपटा लेगी। और उसके बाद तुम दोनों कर लेना। लेकिन ध्यान रखना, हमें आवाज नहीं करनी है…”

फिर तुषार ने मुझे लिटा दिया और होंठों, गर्दन, चूचियां सब जगह चूमते हुए नीचे बढ़ने लगा। मैं, अपनी चूचियां दबाए, अपनी चूत में उसकी जीभ की मस्ती से मस्त होने लगी। मैंने उसकी आँखों में देखते हुए फीलिंग दी की उसकी चूत चाटने की स्टाइल का जवाब नहीं। जीभ और उंगली, दो उंगली 3–4 उंगलियों से उसने मुझे झड़वाया। फिर वो मेरे ऊपर आकर मुझे किस करने लगा।

मुझे मेरे वहां पे वो टच हो रहा था। गर्दन पे किस करते हुए मुझे उसने मेरी घंटी बजा दी और मुझसे रहा नहीं गया। मैंने धीरे से कहा- “ओह्ह… माई लवर, फक मी प्लीज़्ज़… आई वांट यू इनसाइड मी…” मैं उसके जोरदार शाट से फिर से झड़ गई।

मैं उठी और लण्ड को पकड़े उसपे लगा अपनी चूत के जूस का टेस्ट लेने लगी। फिर मुझे खयाल आया की मोम अभी तक नहीं आई। मैंने तुषार को कहा- “जस्ट आ सेकेंड…” और बेडरूम के दरवाजे को थोड़ा सा खोलकर मैंने हाल में देखा पर वहां ना तो मोम थी ना ही कोई और। मुझे लगा की जो भी आया है उससे मोम शायद घर के बाहर ही बात कर रही होंगी।

मैं वापस तुषार के खड़े लण्ड पे बैठ गई। मैंने सोचा की वो लोग तो बाहर हैं, और हाल में म्यूजिक चल रहा है, तो थोड़ी बहुत आवाजें हम भी कर सकते हैं। तुषार ने मुझे पहले तो धीरे-धीरे फिर तेज-तेज जंगली रफ सेक्स किया।

उसने मेरा मेकप कब का बिगाड़ दिया था, लेकिन बदले में मेरे चेहरा पे अपना हाट वीर्य गिराकर वापस मेकप कर दिया। जो थोड़ा सा वीर्य उसके लण्ड में था उसको पूरा निकाल के पी गई। पर मैंने अपने चेहरे से वीर्य साफ नहीं किया। मोम का बेडरूम हमारे स्टीमी सेक्स की स्मेल से भरा था। ड्रिंक करने के लिए हम रूम से बाहर आ गये। मैंने तुषार को ग्लास दिया और म्यूजिक को धीरे किया, तभी मुझे पता चला की इतनी देर मोम कहां थी।

तुषार- “मुझे लगा ही था की तुम्हारा गेस्ट जो लेट हो गया था, आखिर आ ही गया…”

मैं- “मैं सोचती हूँ कि तुम सही थे…”

15-20 मिनट बाद मोम नीचे आई और उनके पीछे एक लड़का था जो गुड लुकिंग था। दोनों ने कपड़े पहन लिए थे। जबकी यहाँ हम नंगे थे और दिखने में ऐसे थे जिससे पता चल रहा था की हमने भी कोई कम गुल नहीं खिलाए थे।

मोम मेरे पास आकर बैठ गई और वो लड़का मुझे देखे जा रहा था। कुछ देर बैठने के बाद वो चला गया और उसके जाने के बाद मैंने पूछना चाहा। लेकिन मोम मुझे इग्नोर करके तुषार से बात करने लगी और मैं चुप ही रही बाकी टाइम।

तुषार के भी जाने के बाद मोम ने मुझे देखा और पूछा- “हाँ… अब बोल?”

मैं- “आप बोलो, प्लान क्या था और आपने क्या किया? बस यूँ चली ही गई…” मैंने नाराजगी से कहा।

मोम ने साँस छोड़ते हुए कहा- “जब मैंने उसको लेट आते देखा तो मुझे गुस्सा आ गया और सोचा की उसको वापस जाने का बोल दूं। फिर मैं उसको तेरे रूम में ले गई ताकी पहले बात कर लूं…”

मैं- “आपने बात नहीं की थी पहले?”

मोम- “अरे यार, तुझे भी तो देखना चाहिए की तुझे वो ठीक लग रहा है या नहीं? फिर शुरू करते। ऐसे ही तेरे सामने ले आती और फिर बाद में मुझे बोलती। तभी तो इंतेजार कर रहे थे उसके आने का ताकी तू देख ले पहले…”

मैंने सारी वाली टोन में कहा- “ओके तो फिर? फिर क्या हुआ?”

मोम- “हाँ… मैं तुझे बुलाने आई तो तू लगी हुई थी, मैंने सोचा चलो ठीक है, तू इसके साथ मैं उसके साथ…”

मैंने उठकर मोम के लिए ड्रिंक बनाई और पूछा- वो बंदा कैसा था?

मोम ने कहा- “ज्यादा देर दौड़ने वाला घोड़ा था, पर रेस के लिए कच्चा है…”

मैंने स्माइल के साथ पूछा- “क्यों मजा नहीं आया?”

मोम- “हाँ…” टाइप वाली स्माइल देकर सिप लेकर बोली- “तेरे क्या हाल हैं?” पर मोम को जवाब देने की जरूरत नहीं पड़ी।

मैंने कहा- “तुषार को रोक लेते फिर, अच्छा अभी उसको काल करो और उसको बुला लो…”

मोम ने पहले कहा की रहने देते हैं। लेकिन मैंने कहा की उसको सिर्फ आपके लिए बुला रहे हैं, आपको अपनी जरूरत पूरी करनी चाहिए। उसके बाद मोम ने काल लगाया।

तुषार ने कहा की अभी तो वो नहीं आ सकता है लेकिन वो 10:00 बजे तक ही बिजी रहेगा। रात को 11:30 बजे तुषार को मैंने दरवाजे पे खड़ा पाया। मैंने अभी दिन के जैसे स्लटी ड्रेस नहीं पहनी थी।

उसने मुश्कुराते हुए कहा- “फिर से तुम, लगता है मुझ पे फिदा हो गई हो…”

मैंने उसको किस किया और कहा- “फिदा सिर्फ मैं ही नहीं हुई हूँ…” मैंने दरवाजे को और खोला- “कम इन…”

तभी मेरा फोन बज उठा, नेहा का काल था। मैंने तुषार को मोम के रूम की तरफ इशारा करते हुए कहा- “राखी बाथरूम में है…” और वो अंदर चला गया।

और मैं दरवाजा बंद करके बाहर ही खड़ी रहकर नेहा से बात करने लगी। नेहा के बायफ्रेंड ने ब्रेकप कर लिया था, उसका मूड आफ था और मुझे पता था की उसको जल्दी ही दूसरा मिल जाएगा। फिर उसने कहा की कामया की भी अपने बायफ्रेंड से फाइट हुई थी वहां पे।

मैं पूछने वाली थी की वहां पे ऐसा क्या हो गया? लेकिन उसी टाइम मैंने देखा की बाहर कैब रुकी और फिर भाई उसमें से निकला। ओह्ह गोड।

मैंने नेहा को कहा- “नेहा तू टेन्शन ना ले और अपना ध्यान रखना। ओके बाइ (कट)…”

मैं- “हाय भाई…” कहकर मैंने भाई को हग किया।

भाई मुझे किस करके अंदर चला गया। मैं उसके पीछे गई और मुख्य दरवाजा बंद किया। जल्दी से भाई के पीछे गई- “कैसा रही तेरी पुणे ट्रिप? तू जल्दी आ गया घूम घुमा के?”

भाई ने कहा- “अरे कुछ नहीं बस… ये क्या? एक मिनट…” भाई मोम के बेडरूम की तरफ जाने लगा।

मैंने उसका हाथ पकड़कर रोक दिया- “अरे कहां जा रहा है?”

भाई उड़े होश में मुझे देखकर बोला- “मोम अंदर…”

 


“आह्हह… एम्म सस्स्स… आअह्हह… इस्स्स… अह्हह…” बहन की चुदाई।

भाई की आँखे और मुँह दोनों पूरी तरह से खुल चुके थे। हमें मोम के बेडरूम के बंद दरवाजा से धीमी पर सॉफ-सॉफ मोम की सिसकारियाँ सुनाई दे रही थीं। शायद तुषार मोम की चूत चूस रहा होगा, क्योंकी मोम भी आराम से मोन कर रही थी। मैंने अपना दिमाग चलाना शुरू किया और सोचने लगी की अब कैसे इस सिचुएशन को हैंडल करूं?

भाई तभी मोम के बेडरूम की तरफ बढ़ने लगा, मैंने झट से उसको रोक दिया।

भाई- “दीदी…” उसने धीरे से कहा- “आपको पता भी है की अंदर क्या चल रहा है…” उसने मुझसे ऐसे कहा की मैं कोई छोटी सी बच्ची हूँ और सोचती हूँ की परियाँ ही बच्चे इस धरती पे लाती है।

मैंने भाई के पास जाकर धीरे से कहा- “तुझे क्या लगता है, मोम क्या कर रही हैं?”

भाई कभी मेरी तरफ तो कभी दरवाजे की तरफ देखता वो कोई दमदार बात बोलना चाहता था।

मैं- “हाँ… वही कर रही है जो तू शावर करते टाइम अपने हाथ से करता है। क्या बोलते है लड़के इसको? ज़रा बताना?”

भाई- “आपको कैसे पता मोम मूठ - उंगली- अबे यार मास्टरबेट कर रही हैं…” भाई अब जाकर सही ढंग से बोल पाया था।

मैं- “मैं और मोम आपस में पर्सनल बात कर सकती हैं, जैसे तुम लड़के मास्टरबेट की बात आपस में करते हो…”

भाई- “इस तरह की बातें स्क ल टाइम में ही होती है, अभी इस उमर में मूठ मारने की बात करूँगा तो चूतिया लगूंगा…”

मैं उसको वहां से ले जाने के लिए खींचते हुए बोली- “अच्छा तो फिर तू अपने किसी घनिष्ट दोस्त से सेक्स लाइन पे बात नहीं करता?”

भाई तो हिल भी नहीं रहा था और फिर उसने कहा- “हाँ… कोई घनिष्ट दोस्त हो तब ना। वैसे आप और मोम कब से अपनी सेक्स लाइन पे बातें करने लगी, मुझे तो पता ही नहीं था…”

मैंने उसको कहा- “हममें से कोई भी तुझे क्यों अपनी पर्सनल बात बताएंगी? वैसे भी मोम को थोड़े ही पता है की तू घर आ गया है, नहीं तो जोर से मोन नहीं करती, अगर घर में कोई नहीं होगा तो कोई भी अनाड़ी से तो ये काम कर ही सकता है ना? है की नहीं?”

भाई- “हाँ… पर आप तो घर पे थीं ना? तो फिर मोम इतना खुलकर?”

तभी मोम की एक और जोर की “आअह्हह…” सुनाई दी जिससे भाई चुप हो गया।

मैंने सोचा- “मोम भी ना… एक तो सिचुएशन पहले से हाथ में नहीं है और ऊपर से…”

तभी एक और ‘आह्हह’ ने मेरा दिमाग बंद कर दिया। कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था। मैंने भाई का हाथ खींचा यहां से चलने के लिए, पर वो तो जैसे जम-सा गया था। उसकी पैंट पे एक बड़ा सा तंबू भी तैयार हो चुका था।

तभी मुझे एक शैतानी भरा आइडिया आया। मैंने भाई के तंब के तंबू को धीरे से पकड़ा- “ओह्हह… हूँ देखो तो?”

भाई एक पल के लिए शर्मा गया क्योंकी उसका लण्ड उसकी मोम की सिसकाररयों की वजह से खड़ा हो गया था। मैंने पैंट की जिप खोल दी और हाथ डालकर, पर कुछ मुश्किल से उसके लण्ड को बाहर निकाला क्योंकी वो अंडरवेर में अड़ा हुआ था। जब मैंने उसको पकड़ा तो तो एकदम गर्म था।

फिर उसको पैंट से बाहर निकाल के देखा। भाई के दिमाग और दिल ने सारा का सारा ब्लड उसके लण्ड में भर दिया था, मुझे तो यही लगा क्योंकी लण्ड आज से पहले इतना तना हुआ, हार्ड और हाट कभी भी नहीं हुआ था। सभी नसें फूली हुई दिख रही थीं, जस्कि को पीछे करके मैंने लण्ड के सुपाड़े को देखा, जो बहुत ही ‘बड़ा’ और सेक्सी लग रहा था।

मुझसे रहा नहीं गया और बिना सोचे समझे मैं वहीं बैठकर भाई की हाट स्टीमी मीट के मजे लेने बैठ गई। मोम की एरोटिक सेक्स मोनिंग सुनाई दी तो भाई ने मुझे रोक दिया। मैं भी सोचने लगी की ये मुझसे कैसे हो गया? जबकि मुझे जल्दी से भाई को या तो यहां से, या फिर हो सके तो घर से निकालना ही होगा। अभी तो चलो मोम ही मोन कर रही हैं, अगर तुषार ने भी आवाज़ कर दी तो? उसका तो भाई खून ही कर डालेगा।

भाई ने मुझे उठाया, और… ये क्या? उसने मुझे घुमाकर मेरी ड्रेस ऊपर कर दी और थोंग को साइड में करके मेरी गीली चूत में अपना फड़कता लण्ड डाल दिया।

मैं घबरा के पीछे देखकर धीरे से बोली- “आऽ नहीं… आदी पागल है क्या? तुझे जो करना है वो रूम में चल के कर ले, पर यहां नहीं…”

भाई- “नहीं…” उसने औरडर देने वाली टोन में कहा।

मैं- “प्लीज़्ज़… चल यहां से, मोम सुन लेगी…” मैं उसको रिकवेस्ट करने लगी। मुझे खयाल आया की भाई का लण्ड इतना एरेक्ट हुआ हुआ है तो 15-20 शाट में ही वो झड़ जाएगा। फिर मैंने उसको मनाना छोड़कर उसके लण्ड का मज़ा लेने लग गई। तभी मुझे समझ में आया- “आदी, यू बास्टर्ड…” मैंने उसको चकित होकर देखा।

और आदी मुझे आँख मारकर शैतानी हँसी से चोदने लगा।

मुझे पता था की अंदर रूम में या तो तुषार मोम को ओरल दे रहा होगा जिससे मोम की स्लो मोन आ रही थी और इधर भाई भी मोम की मोनिंग के साथ मेरी चूत में लण्ड डाल रहा था जैसे वो मोम को चोद रहा हो। ये भाई के लिए अमेजिंग होगा पर हम माँ बेटी के लिए ख़तरनाक था।

क्योंकी मुझे पता था की ओरल के बाद अगर तुषार मोम को चोदने बैठा तो पूरा घर मोम की चीखों से भर जाएगा और मोम भी कोई नई नवेली दुल्हि नहीं थी। मुझे कुछ करना ही होगा।

मैंने भाई को रोका पर वो मुझे कस के पकड़े हुए था। 5-6 शाट्स के बाद मोम की आवाज़ बंद हुई फिर एक लंबी खामोशी के बाद वापस मोम की आवाज़ें आनी शुरू हुई। मुझे ये कल्पना नहीं करना पड़ा की तुषार किस तरह मोम की बना रहा था, क्योंकी सेम स्पीड भाई ने भी पकड़ रखी थी।

ये वेबकूफी थी, पागलपन था, मोम को कैसा लगेगा जब उनको पता चलेगा की उनका बेटा किस अजीब तरीके से मजे ले रहा है, भाई तो चलो अंजाने में कर रहा था पर कोई भी बेटा ऐसा हरगिज़ नहीं करता और ना ही करना चाहेगा।

तभी मोम की आवाज़ ने कहा- “एस फक मी, फक मी फक मी ओह्हह…” तो भाई रुक गया।

मैंने भाई को बताया- “मोम ज़रूर अपना डिल्डो लिए कुछ कल्पना कर रही होंगी, वो हमेशा ऐसा करती है…”

भाई- “क्या? आपको कैसे पता?” अब मैं अपने इस बहाने पे पछता रही थी पर मैंने जवाब नहीं दिया, मुझे लगा अब भाई को अकल आ जाएगी और ये अजीब सेक्स बंद कर देगा पर इससे भाई पे उल्टा ही असर हो गया। भाई ने मुझे नंगा कर दिया और बेडरूम के सामने ही मुझे काउच के सहारे झुका के चोदने लग गया जबकि मैं उसको रोकने की कोशिस कर रही थी।

 


वो अभी तक पूरे कपड़े पहना था, बस उसके पैंट की जिप होल से उसका लण्ड और टेस्टिकल बाहर निकले हुए थे, वो ऐसा लग रहा था की कोई बास अपनी नंगी सेक्रेटरी को फाड़ चुदाई से सजा दे रहा हो। अब तो मेरी भी जान पे आ गई थी और खुद की चीखें रोकने में बहुत ही मेहनत करने पड़ रही थी। तभी मुझे इनटेन्स प्लेज़र का झटका लगा और मेरी आ… निकल गई।भाई ने मेरे मुँह को तो बंद कर दिया पर ठोंकना बंद नहीं किया।

और मोम को तो आज फुल छूट थी एक रण्डी बन के चुदाई का मज़ा लेने की- “आह्हह… एस एस आह्हह… ऊऊओ आह्हह… आह्हह… आह्हह… फक फक फक गिव इट टू मी एस्स एइस्स्स… ऊओ फक…”

काश कोई मोम को बता दे, उनकी इस हाट स्क्रीम्स की वजह से मेरी चूत फटी ना रही थी, क्यूंकी भाई ने भी वैसा रफ सेक्स करना शुरू कर दिया था जैसा उस रात को तुषार और उसके दोस्त ने किया था। आज पता चला की भाई भी कच्चा खिलाड़ी नहीं था।

एक हाथ से उसने मेरे मुँह को बंद किया था और दूसरे से मेरे बालों को खींचे हुए था, जिससे मेरी बैक की आर्च शेप में हो गई थी। उसने मुझे पूरी तरह काबू कर रखा हुआ था और उसकी स्ट्रांग पकड़ से मैं हिल भी नहीं सकती थी। मेरी एक भी नहीं चलने दी उसने, मैं उसकी गुलाम बन चुकी थी और वो मुझपर पूरी तरह हावी हो चुका था। आज रात भाई अलग ही रूप में था और सबसे बुरी बात ये थी की मैं भाई के इस स्टाइल की दीवानी हो गई थी। मैंने पीछे मुँह करके भाई की आँखों में देखा। बात उसको भी समझ में आ गई। और उसने मुझे छोड़ दिया।

मैं घूमी और पीछे सोफे के सहारे खड़ी हुई और एक टांग उठाकर मैंने भाई को इजाज़त दे दी। भाई ने झुक के ज़मीन से मेरी थोंग उठाई और शरारती स्माइल से मेरी आँखों में देखा, मैंने अपना मुँह खोला, और एक अड्वेंचरस, रिस्की लेकिन एरोटिक सेक्स का पल आते देखकर मेरी धड़कनें बढ़ गई।

दरवाजे के उस पार- “आह्हह… आह्हह… आह्हह…” थी तो इस पार मेरे मुँह की घुटी हुई आवाज़ थी- “फक फक फक ऊऊओ…” भाई ने मेरा गला पकड़ा हुआ था और मैं उसको जलती नज़रों से देख रही थी- “यू बिग बाय गिव मी मोर प्लीज़्ज़… प्लीज़्ज़… प्लीज़्ज़… आअह्हह… अह्हह… स्स्स्स आऽ…” मैं दर्द से कांप गई और गिरने को हुई, तो भाई ने मुझे संभाल लिया-

“हुह्हह हुउऊह्हह…” मोम की गहरी सांसें सुनाई दी और वो कुछ बोल रही थी, भाई तेज सांसें लेते हुए धक्के मार रहा था तो उसको सुनाई नहीं दिया, ध्यान भी नहीं दिया की अब एक हल्की मर्द की आवाज़ भी आ रही थी।

मैं डर गई, मैंने भाई का सिर मेरी चुचियों में धूँसा दिया और खुद तेज और गहरी सांसें छोड़ने लगी, ताकी भाई को कुछ भी ढंग से सुनाई ना दे। मेरा दिल तो गले में अटका हुआ था ये सोचकर की कहीं वो दोनों रूम से बाहर आकर हमें देख लें तो फिर क्या होगा?

भाई ने मुझे काउच पे जाने का इशारा किया। मैंने सोचा की अगर मैं भाई को बिठा दूं और खुद काउगर्ल में सेक्स करूं तो मेरी नजर मोम के बेडरूम के दरवाजा पे ही होगी और अगर वो लोग बाहर आ भी गये तो मैं चुप रहने और वापस रूम में जाने का इशारा कर दूँगी ।

भाई बैठ गया, और मैं उसके जूते और पैंट के साथ अंडरवेर को भी खींचकर उतार दी। भाई ने अपना शर्ट उतारते हुए मुझे उसके शैतान को और गीला करते देखने लगा। भाई की शर्ट उतारते ही मैं लण्ड को पकड़कर उसपे बैठ गई, थोंग अब भी मेरे मुँह में ठूँसी हुई थी।

हमारी चुदाई के दो मिनट बाद वापस मोम की आवाज़ें आनी शुरू हो गईं, लेकिन इस बार तुषार और मोम कुछ बोल रहे थे पर इतना धीरे की हमारी फट-फट की आवाज़ से दब गई थी। लेकिन मेरी तो फट चुकी थी और फट भी रही थी।

अब तो दरवाजे की तरफ देखना भी मुश्किल होने लगा, जब भाई ने मुझे उठा लिया और तेज़ी से फट-फट करते हुये मेरी चूत में अपने लण्ड को किसी पिस्टन की तरह डालने लगा। मैं अपनी आँखे खुली भी नहीं रख पा रही थी और मेरा दिमाग तो जैसे बंद ही हो गया था। जब मैं झड़ने के बाद वापस थोड़ी रिकवर हुई तो मुझे ध्यान आया की मोम के रूम से आवाज़ें आनी बंद हो गई थीं।

मैंने भाई को काउच पे लेट जाने का इशारा किया, तो भाई ने हान्फते हुए कहा- “रुक तो थोड़ी देर हुह्हह… हुह्हह…”

लेकिन 3 मिनट बाद ही वो रुका और हान्फते हुए मेरी चूत को गरमा-गरम वीर्य से भरने लगा। जब सारा माल उसके लण्ड से निकल के मेरी चूत में समा गया तो वो थके अंदान से काउच के दायें साइड की तरफ ढेर हो गया और अपनी आँखे बंद करके रिलेक्स करने लगा। मैं काउच के दूसरे कोने में खिसक गई। मैं पसीने से नहाई हुई तेज साँस ले रही थी, और बांयें हाथ को चूत पे सहलाकर दो उंगली अंदर डाल दी। म् म्म्म… भाई के वीर्य का स्वाद हमेशा की तरह लाजवाब था।

तभी बेडरूम का दरवाजा खुला और मोम ने मुझे अपनी उंगलियों को चाटते हुए देखा। मोम बेध्यानी में मुझे देखकर बोली- “इधर अकेली क्यों बैठी हुई है?” और मुझसे नज़रें हटाकर मोम किचेन की तरफ जाने लगी।

मोम के बाल बिखरे और थोड़े गीले थे, बाडी पे पसीने की बूंदे मोतियों सी चमक रही थीं, और हाल तो ऐसा था की किसी की उनको देखकर होश उड़ जाएँ, पर मेरे होश तो गुम हो गये मोम को देख के।

मोम- “तू भी आ जाती…” कहते हुई मोम किचेन में चली गई।

यही मौका था, मैंने भाई को लात मारी, लेकिन उसकी कोई ज़रूरत नहीं थी। वो घबरा के उठ गया था और उस दिशा में देख रहा था जहाँ से मोम अपनी मस्तानी गाण्ड मटकाते हुए किचेन में गई थी। भाई ने जल्दी से अपनी शर्ट उठाई और मैंने ध्यान से पैंट को लपेटा ताकी बेल्ट आवाज़ ना करे। फिर पैंट को भाई को पकड़ा दी और सीढ़ियों की तरफ इशारा किया, ताकी वो मेरे रूम में चला जाए, क्योंकी भाई का रूम किचेन के सामने था।

भाई जल्दी से पंजों के बल भागते हुए सीढ़ियों चढ़कर गायब हो गया, तो मेरी साँस में साँस आई। मैंने भाई के जूते काउच के नीचे छुपा दिए।

मोम- “तुझे अब इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकी अपना तो हो चुका…” मोम पानी की बोतल लिए वापस आई।

मैं अब मोम को असली बात बताने वाली थी।

तभी मोम ने आगे शरारत भरी टोन में कहा- “चलो अच्छा है, इस बार मैं भी एक और राउंड कर लूँगी…” मोम ने आँख मारी और मेरा हाथ पकड़कर रूम में ले गई।

 
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