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मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचरcomplete

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तुषार बेड पे बैठा हुआ था और अपना चेहरा तौलिया से पोंछ रहा था। उसका छोटा सा लण्ड सो रहा था। उसने पानी की बोतल ले ली जो मोम ने उसकी तरफ बढ़ा दी थी, फिर मोम बेड पे लेट गई।

तुषार ने पानी पीने के बाद मुझे अपनी तरफ खींचा और पूछा - “निशा, तुम कहाँ थी अब तक…”

मोम ने उसके पीछे से कहा- “दिन का जो अहसान था वो चुका रही थी…”

तुषार हँस पड़ा और कहा- “तुम कुछ देर इंतजार कर लो…” फिर तुषार मुझे अपने पास लाकर मेरे टिट्स को किस करके चुचियों को अपने मुँह में भरके उनके मजे लेने लगा।

अब मुझे मोम को सिचुएशन के बारे में बता देना चाहिए, और हो सके तो तुषार को अभी जाने के लिए कह देना चाहिए, लेकिन मैं क्या करूं? मोम तो पहले से ही मूड बनाकर बैठी हैं। अगर मोम को बता दूँ की आदी घर पे ही है तो मोम तुषार को भगा देंगी। लेकिन अभी जो हुआ था उसकी वजह से मुझे भाई की टेन्षन नहीं थी, क्योंकी वो तो यही समझेगा की हम माँ बेटी मिलकर एक-दूसरे को शांत कर रही हैं।

मैंने डिसाइड किया की मोम को ना ही बताऊूँ तो ठीक रहेगा। लेकिन भाई का कोई भरोसा नहीं, हम दोनों की आवाज़ शायद उसको फिर से भड़का दे, और वो पास से सुनने के लिए या फिर चुपके से देखने के लिए मन बना ले। फिर तो बहुत ही मुश्किल हो जाएगी।

मैंने मोम और तुषार को कहा- “मैं अब थक गई हूँ , और मेरे लिए तुषार को रुकने की कोई ज़रूरत नहीं है…”

मोम ने तुषार को कहा- “तुम यहीं रात रुक जाओ और फिर कल चले जाना…” और मेरी तरफ देखकर मोम वाली टोन में कहा- “तुम अपने रूम में जाकर सो जाओ…”

मैंने सोचा की मोम भी ना, एक नंबर की चुदक्कड़ हैं, वो तो पक्का मूड बनाकर बैठी है दूसरे राउंड का। मैं मुड़ी और जाने लगी। तभी एक खयाल आया, और कहा- “तुषार, तुम्हें अली मॉर्निंग में जाना पड़ेगा, मेरे पति आदित्या मॉर्निंग में आ जाएँगे। गुड नाइट…”

मोम मेरा इशारा समझ गई और जवाब में “गुड नाइट” कहा। मुख्य दरवाजा बंद करके रूम से बाहर आ गई। काउच के नीचे से जूते निकाल लिए और पास से मैंने अपना फ़ोन लिया और बाकी सामान भी उठाकर मैं अपने रूम में चली गई।

भाई के कपड़े रूम के दूसरे कोने में चेयर के ऊपर पड़े हुए थे, और वो छत की तरफ घूर रहा था, और किसी सोच में डूबा हुआ था। मेरे आने पे उसने मेरी तरफ देखा जैसे वो कुछ पूछना चाहता है पर उसने कुछ पूछा नहीं।

मैंने दरवाजा लाक करके उसको कहा- “मैंने मोम को कहा की तुम कल मॉर्निंग में आ रहे हो, इसलिए अगर रात को मोम नाक करें, तो तुम बाथरूम में छिप जाना। ओके…”

मैंने रूम के दूसरी ओर के कोने पे चेयर पे रखे भाई के कपड़ों को कपबोड में डालकर कहा- “और अगर मॉर्निंग में भी मोम यहां नहीं आती है तो उनको कह देंगे की तू सुबह 4:00 बजे ही आ गया था और तूने मुझे काल करके उठाया, आज रात तुझे यही पे सोना पड़ेगा…”

भाई- “अगर मैं 4:00 बजे आया हूँ तो अपने रूम में सोऊूँगा ना?” उसने प्लान के कमजोर पाइंट की तरफ इशारा किया।

मैं- “नहीं, अगर मोम 4:00 बजे से पहले तेरे रूम में गई तो जवाब नहीं दे पाएंगे। वैसे वो तेरे रूम में जाएगी तो नहीं, पर हम रिस्क नहीं ले सकते…”

भाई इंप्रेस होने वाली नजर से देख रहा था की मैं कितना डीप में सोचती हूँ । भाई ने इतनी मेहनत की थी इसलिए वो थोड़ी देर बाद ही सो गया। पर मैं टेन्षन में आधा घंटा तक जागी रही और किसी आवाज़ के होने का इंतजार करती रही, पर इतनी देर घर में शांति ही थी। धीरे-धीरे मुझे नींद आ ही गई और मैं अंदर बेडरूम में भाई से लिपटी, सो गई।

अगली सुबह मेरी आँखे खुली और मैं कुछ देर सामने वाल को देखती रही।

मैं दिमाग से रात का सपना भूल ती जा रही थी। बस मुझे इतना याद आया की सपने में मैं किसी मोटे और 6 फुट लंबे, तोंद वाले आदमी से झगड़ रही थी लेकिन क्यों? ये अब भूल चुकी थी पर मुझे अपना गुस्सा अभी भी महसूस हो रहा था।

फिर तेज़ी से मुझे कल की सारी बातें याद आ गई। भाई मेरे पास ही खर्राटे ले रहा था। 7:20 हो रहे थे, मैं जल्दी से उठी, मुझे पक्का करना था की तुषार चला गया है की नहीं? क्या मोम ने रात को दूसरा राउंड किया था? शायद नहीं क्योंकी मुझे काफ़ी देर तक कुछ सुनाई नहीं दिया और हो सकता है की तुषार ही भाई के जैसे थक के सो गया हो।

मैंने मोम के रूम का दरवाजा खोला और देखा की बेड खाली था। बाथरूम का दरवाजा खुला था पर वहां भी कोई नहीं था। शायद तुषार चला गया होगा और मोम किचेन में होंगी। मैं चल के किचेन में गई तो मोम वहां भी नहीं थी। अब मोम मुझे टेन्षन होने लगी है, कल आदी और आज ये मेरी माँ, बस सबको अपनी-अपनी पड़ी है। मैं जल्दी से एक्सरसाइज़ रूम में गई पर मोम वहां भी नहीं थी। अब ये लोग कहीं बाहर तो नहीं चले गये? मैं अपने रूम में गई और टीशर्ट –पजामा पहना और घर के बाहर गई। कार, बाइक और अजक्टवा सब अंदर ही थे, और मैंने देखा भी नहीं था की तुषार कैसे आया था।

हमारे घर के सामने भी कोई कार या बाइक खड़ी नहीं थी। फिर तुषार आया कैसे होगा? और ये कैसे पता चले कि वो गया भी है की नहीं? क्योंकी मोम और उसका तो आता-पता ही नहीं था। मैं गुस्से में वापस अपने रूम में जाने लगी। एक मिनट मैंने भाई का रूम चेक नहीं किया। अब मुझे और गुस्सा आने लगा, मोम ऐसा कैसे कर सकती हैं, अभी दिखती हूँ , ये कोई तरीका है?

और जब भाई के रूम में भी कोई नहीं था तो मुझे राहत तो मिली पर गुस्सा कम नहीं हुआ- “एक बार मोम मेरे हाथ आ जाए…” सोचती हुई मैं वापस अपने रूम की तरफ जाते हुए सीढ़ियों चढ़ने लगी तो सामने से तुषार नीचे आ रहा था।

मैं- “व्हाट द हेल, ह्हवेयर वेयर यू ? पता है मैं कब से पागलों की तरह यहां वहां ढूँढ रही हूँ ? और मोम कहां हैं?” मैं गुस्से से किसी नागिन जैसे फुन्फकारते हुए पूछने लगी।

तुषार- “वो… वो ईिी ईिी, हम लोग तो टेरेस पे थे, और तुम्हारी मोम को मैंने नहीं देखा। बल्कि मैंने किसी को नहीं देखा। क्या वो भी घर पे थी?”

मैं- “ओह्हह धीरे बोलो…” फिर मैंने अपनी बात को संभालते हुए कहा- “मेरी मोम जागगई हैं, और अगर वो तुम्हें देख लेंगी तो गजब हो जाएगा। तुम जल्दी से जाओ, और… और राखी भी टेरेस पे ही है?”

तुषार- “हाँ… हम तुम्हारे सो जाने के बाद ऊपर चले गये थे, ताकी तुम सो सको…”

मैं उसका हाथ पकड़े उसको ले जाने लगी- “वैसे तुम आए कैसे यहां पे?” मैं और तुषार मोम के रूम में गये, जहाँ पे उसके कपड़े थे।

तुषार ने कहा- “मैं कार से आया था…”

मैंने उसको कहा- “मैंने बाहर तो कोई कार नहीं देखी…”

तुषार- “मैं अपनी कार गली के एंड वाले हाउस के बाहर खड़ी की है, तुम लोगों की प्राइवसी के लिए। वैसे तुम्हारी मोम ने कल कुछ नहीं सुना?”

मैं- “उन्होंने टैबलेट ली थी, जिससे वो घोड़े बेचकर सो जाती हैं। इसलिए हमें उनकी कोई टेन्षन नहीं थी…” मैंने जल्दी से कहानी बना दी।

तुषार तैयार हो गया, मुझे किस करने के बाद बोला- “आई मिस्ड यू लास्ट नाइट, तुम भी आ जाती तो अच्छा होता…” फिर उसने मुझे वापस किस किया और इस बार वो मुझे कुछ ज्यादा ही देर किस करता रहा। फिर किस ब्रेक होने के बाद वो मेरा चेहरा पढ़ने की कोशिस कर रहा हो की क्या मेरा मूड है?

मैंने सोचा की एक और किस करके उसको रवाना कर दूँगी । मेरे सामने से किस करने पे उसने मेरी चुचियों को अपनी हथेली में भर लिया और और फिर एक हाथ पाजामे में डाल दिया।

मैंने उसको अलग किया- “ओके ओके, यू हैव टु गो नाउ…”

तुषार “बस थोड़ी देर…”

मैं- “अगली बार, प्रोमिस। अब चलो…”

उसके जाने के बाद मुझे इतनी राहत मिली की जैसे अभी-अभी मेरे एग्जाम खत्म हो गये हों, और अब छुट्टियाँ ही छुट्टियाँ हैं। मैं खुशी से अपने रूम में गई और भाई के पास बैठ गई। तुषार ने मुझे हाट कर दिया था, लेकिन मेरे पास एक और सेक्स पार्टनर था, जिसके साथ सेक्स करना सबसे मस्त था।

भाई मेरे ब्लो-जोब करने पे जागा, वो मुझे स्माइल करते हुए लण्ड के सुपाड़े को चाटते देख रहा था। जब मैं अपनी जीभ को धीरे से लण्ड के बड़े और गर्म सुपाड़े पर फेरती तो भाई की आँखे बंद होने लगतीं। फिर उससे रहा नहीं गया और झट से खड़ा हुआ और मुझे लिटा दिया और जी भर के चूमते हुए प्यार करने लगा।

मेरी टांगे पूरी खोलकर वो कुछ देर मेरी स्वीट गीली चूत को अपनी हाट शरारती जीभ से और गीली करने लगा। फिर मेरी क्लिट के ऊपर अपना लण्ड रखकर धीरे-धीरे रगड़ने लगा। शायद हम दोनों सेम इनटेन्स प्लेषर महसूस कर रहे थे।

“ऊव… अब डाल ना, मैं आज खूब चुदना चाहती हूँ …” अब मैं पूरा खुलकर बिना टेन्षन के मजे करना चाहती थी।

मैंने रिकवेस्ट की पर उसने नहीं डाला। मैंने फिर कहा- “प्लीज़्ज़… आई वांट यू । हियर, इनसाइड मी…”

भाई रगड़ता रहा।

मैं अब उसकी आँखों में लस्ट फीलिंग से देखती रही, अपने होंठों को काटा, चाटा, जो बात ज़ुबान नहीं कह पाई, वो आँखों ने आखिर मनवा ही ली।

मैं- “ओह्हह… गोड, एस दिस इस इट…” अपने फ़ेवरेट काक को अपनी स्लट कंट में महसूस करके मुझे मज़ा आ गया। उसके बाद भाई ने ऐसा चोदा की मैं कोई पॉर्न-स्टार बन गई। कल मेरा मुँह बंद था पर अभी मैं पक्की रण्डी बन गई थी- “फक माई स्वीट लिटिल पुस्सी, फक इट, आह्हह… फक इट फक इट आह्हह… आह्हह एस्स्स… सस्स्स… ऊह्हह गोड हार्डर हार्डर फक इट माई होर कंट, माई डर्टी कंट, प्लीज़्ज़… प्लीज़्ज़… हाँ हाँ एस एस्स्स्स…”

भाई- “टेक इट, टेक इट, यू फकिंग कंट…” भाई ने मेरे टांग पकड़कर जम के चूत मारते हुए बोला

मैं तड़प गई- “हाँ…”

भाई- “यू लव माई काक डोन्ट यू ? माई होर स्लट सिस?”

अब एक स्वीट एल्डर सिस्टर बनने का टाइम नहीं था, अभी एक होर बाहर निकालकर आ चुकी थी- “एस आई डू । आह्हह… आई एमूड टी चीप होर, फक मी हार्डर, फक माई डर्टी लिटिल फक होल विद योर बिग हार्ड रोड, ओह्हह… आअह्हह… आऽ आऽ एस एस ओह्हह… आह्हह… आई लव इट, आई लव योर बिग काक इन माई चूत ओह्हह… शिट …”

फिर भाई उठा और मुझे बेड के किनारे पे खींचा, मेरी बाडी बेड पे थी पर मेरा सिर लटक रहा था। फिर वो ऐसे खड़ा हो गया, जिससे मेरा सिर बेड से लटकते हुए भाई की टांगों पे भी था। उसने लण्ड को मेरे मुँह में डाला और मेरे बाल पकड़कर सिर को हिलाने लगा। आई टुक हिज़ होल डिक, लिक्ड हिज़ शैफ्ट, लिक्ड हिज़ बाल्स, आंड आई बिकेम सो डर्टी वेन आई लिक्ड हिज़ गाण्ड का छेद।

फिर वो घुमा और मुझे उठा लिया, मेरे पैर हवा में थे और 69 में हो गये थे। ये अभी अिकंनटेबल हो गया था, तो मुझे बेड पे लिटा दिया पर मैं डागी स्टाइल में आ गई।

 


भाई ने मेरी कलाइयां पकड़कर खूब जोर से चोदा, जम के चोदा, रही सही कसर भी निकाल दी, फिर क्या था… मैं झड़ गई। उसके बाद उसने मुझे पलटा के बेड के किनारे पे लिटा दिया और कुछ देर मेरी होर कंट को चाटने लगा जिसको अभी-अभी उसने रुला दिया था और अब मज़ा रहा था। उसके बाद वो मान गई तो वो खड़ा होकर मेरे ऊपर आ गया एक बार फिर मेरी बजाने को।

आखिरकार, मेरी चूत की प्यास बुझ जाने बाद मैंने उसको रिकवेस्ट की कि मुझे अपना ब्रेकफ़ास्ट मिल्क चाहिए, उसने अपने जादुई डंडे में से सफेद हाट मिल्क निकालकर मेरी ये इक्षा भी पूरी कर दी। मैंने उसकी जादुई डंडे को किस करके थैंक्स कहा।

रिलेक्स करने के बाद भाई मेरे रूम से चला गया और मैं बाथरूम में नहाने। मैंने कपबोर्ड से डार्क ग्रीन कलर की पैंटी निकालकर पहनी और फिर लाइट ग्रीन कलर की मिनी ड्रेस। मुझे फिर भाई की शर्ट पैंट गुड़ीमुड़ी किए दिखे तो मैं उनको लेकर भाई के रूम में गई।

भाई अपना फ़ोन लेकर बैठ हुआ था और उसने नहाया भी नहीं था, बस टीशर्ट ट्राउजर पहन फ़ोन में घुसा हुआ था। मुझे देखकर वो ट्रिशा की प्रोफाइल बताने लगा। फिर वो उसी के बारे में बातें करने लगा। ट्रिशा के बायफ्रेंड ने उससे ब्रेकप कर लिया था, वैसे मुझे इंटेरेस्ट नहीं था फिर भी भाई ये बताने में बिजी हो गया की उसने और ट्रिशा ने अब तक क्या-क्या ट्राई किया था।

मुझे लगा था की ट्रिशा जैसी लड़की अभी तक अपनी सारी फेंटसी पूरी कर चुकी होगी। भाई ने मुझे वो लिस्ट भी बता दी जिसको वो दोनों मिलकर करने वाले थे। पर मुझे डाउट था की ट्रिशा ने भाई को झूठ बोला होगा। पर वो इस बार भाई की गर्लफ्रेंड थी, इसलिए फिर से वो सब नये बायफ्रेंड के साथ करना चाहती होगी। उसकी पकाऊ योजना का भाषण खत्म होने पे हम दोनों उसके रूम से निकले और काउच पे बैठने वाले थे की तभी मोम सीढ़ियों से नीचे आने लगी।

ओह्हह गोड… मैं तो मोम के बारे में बिल्कुल भूल ही गई थी। मोम के बाल बिखरे हुए थे लेकिन पूरी तरह जागी हुई मोम बे-ध्यानी से नीचे फर्श को देखती हुई बची हुई 3 सीढ़ियों उतरी और अपने रूम की तरफ बढ़ी। जैसे ही मोम ने हम दोनों को देखा तो वो चीखकर वापस सीढ़ियों पे चढ़ गई। फ्रंट के बाद तो भाई ने मोम की बैक साइड भी नंगी देख ली।

मोम कुछ सीढ़ियों चढ़कर छिप गई और तेज आवाज़ से बोली- “आदी, तू कब आया?”

भाई- “मैं तो मॉर्निंग में ही…” कहकर उसने मेरी तरफ देखा। हमने दोनों ने एक दूसरे को स्माइल दी। फिर उसने मजे लेते हुए मोम से पूछा - “आप ऐसे क्यों घूम रही हो?”

मोम ने कुछ देर रुक के जवाब दिया- “तू अपने रूम में ना…”

भाई- “मोम…”

मोम- “तुझे जो कहा वो कर ना…” मोम की गुस्से वाली आवाज़ आई।

भाई ने मुझे देखा फिर मुँह लटकाए अपने रूम में चला गया, जैसे की उसको अपनी पसंद का टीवी प्रोग्राम देखने से मना कर दिया गया हो।

उसके जाते ही मोम धीरे से कुछ सीढ़ी नीचे उतरी।

मैं- “वो चला गया है…” मेरे ऐसा कहते ही मोम भाग के सीधा अपने रूम में चली गई। मैं भी मोम के पीछे-पीछे उनके बेडरूम में आकर दरवाजा बंद कर दिया।

मोम ने मुझे गुस्सैल नागिन की तरह फूँकारती हुई, धीमी आवाज़ से पूछा - “तू मुझे बता नहीं सकती थी?”

मैं- “बताया तो था? भूल गई क्या? और आप तो जैसे गायब ही हो गई, पूरा घर छान मारा मैंने पता है?”

मोम- “वो लड़का किधर है? तुषार? उसने आदी को देखा तो नहीं?” मोम ने थोड़ा शांत होकर पूछा ।

मैं- “नहीं, अब जल्दी से कुछ पहन लो, बहुत भूख लगी है…”

मोम ने एक बार दरवाजे की तरफ देखा फिर वो बाथरूम में चली गई।

ब्रेकफ़ास्ट करते टाइम सब चुपचाप ही थे। बस भाई थोड़ी-थोड़ी देर में मोम को देख रहा था। पर मोम तो पूरी तरह से उसे अनदेखा कर रही थी। फिर भाई ने मोम का मूड नॉर्मल करने के लिए अपनी बिज्निस ट्रिप के बारे में बोलने लगा- “मीटिंग के टाइम उनको हॉस्पिटल से काल आया, उनके अंकल आई॰सी॰यू ॰ में थे…”

मोम- “कौन? कुलभूषण जी?”

भाई- “हाँ…”

मोम- “ओह्हह… मैं उनसे मिली थी, फिर क्या हुआ?”

भाई- “फिर मीटिंग रोकनी पड़ी और वो चले गये। मैं उसी टाइम वापस आ जाता पर उन्होंने कहा की शाम में वो वापस आकर मुझसे मिलेंगे ताकी मेरा दिन खराब ना हो…”

मोम- “अरे कुलभूषण जी का पूछ रही हूँ । अब तो वो ठीक है ना?”

मेरे दिमाग में एक इमेज बनी जिसमें 60-70 साल का बुड्ढा आई॰सी॰ यू ॰ में लेटा है और मोम नंगे बदन उसपे झुकी हुई और कमजोर हाथ को थामे कह रही हों- “जान , तुम जल्दी ही ठीक हो जाओगे। सच में…” मैं ये सोचकर स्माइल कर दी पर किसी ने मुझे देखा नहीं।

भाई- “हाँ वो, वो ठीक हैं…”

मोम- “ह्हम्म… तो फिर तू शाम में ही आ जाता, तुझे इंतजार नहीं करना चाहिए था…” मैंने मोम को देखा, तो मोम मुझे स्माइल देकर भाई की तरफ सीरियस होकर देखने लगी।

भाई- “मैं तो आ ही रहा था, उन लोगों ने ही मुझे पकड़ रखा था। चलो फिर दिन तो वेस्ट नहीं हुआ। कल से हम काम शुरू कर सकते हैं, मैंने अड्वान्स भी ले लिया है…”

इस सबके बाद मोम और भाई ऐसे दिखा रहे थे की मॉर्निंग में कुछ हुआ ही नहीं था। लेकिन उन दोनों के चेहरे के एक्सप्रेशन्स और सरीर की भाषा सारी पोल खोल रहे थे। भाई ने रात को मोम की सेक्स मोनिंग सुनी, और मेरे साथ रात को और मॉर्निंग में फुल मजे लेने के बाद उसके लिए मॉर्निंग शो तो बोनस पैकेज जैसा था। मोम शुरू में तो चिड़चिड़ी थी, पर अभी आफ्टरनून को भाई अपने रूम में था और हम किचेन में सन्डे के स्पेशल लंच की तैयारी कर रहे थे तब मोम से मैंने पूछा की कल रात को मेरे जाने के बाद क्या किया था? तब मोम थोड़ी खुश दिख रही थी।

तुषार ने आइडिया दिया था मोम को टेरेस पे जाने का। वो मेरे जाने के आधे घन्टे के बाद ऊपर चले गये। मैंने मोम को बताया की मुझे तो कुछ सुनाई नहीं दिया, तो मोम ने जब बताया की तुषार ने मोम के मुँह में पैंटी डाल दी थी तो मुझे भाई और तुषार का एक रात को एक जैसी स्टाइल में होना अजीब लग रहा था, शायद मोम के लस्ट का दोनों पे एक जैसा ही असर हुआ था।

फिर मोम ने बताया की वो लोग शायद रात के 3-4 बजे ही सोए होंगे इसलिए मोम की तब आँख खुली जब धूप से मोम का नंगा बदन जलने लगा था। मोम के ऊपरी बाडी और चेहरे पे कम्बल थी इसलिए दिन की रोशनी से आँख नहीं खुली। मोम को लगा की भाई के आने में टाइम है और वो समान समेटकर उनको मेरे रूम में रखकर नीचे आ गई थी।

फिर मोम ने कहा- “मैं आदी को देखकर डर गई थी, मुझे लगा की उसने तुषार को भी देख लिया होगा…”

मैंने मोम को छेड़ते हुए कहा- “अच्छा तो सिर्फ़ इस बात का ही डर था?”

मोम स्माइल करते हुए बोली- “और नहीं तो क्या? नहीं तो मैं सीधा अपने रूम में चली जाती, जैसे मैंने तुम लोगों को देखा ही नहीं…”

मैं- “ऊओ बड़ी आई, तब भी आप भाग के छुप जाती?”

मोम ने चेलेंज वाली टोन में कहा- “तुझे लगता है की मैं ऐसा नहीं कर सकती?”

मुझे याद है की एक बार भाई जस्ट पास में था और वो अपनी चूत मसल रही थी। पर पूरी नंगी होना बहुत ही डेयरिंग काम था।

“रहने दो…” मैंने कहा- “वैसे भी भाई ने आज का सदमा झेल लिया है, अगर फिर से उसने अपनी स्लट मोम के जलवे देख लिए तो वो बर्दास्त नहीं कर पाएगा…” फिर धीरे से आगे कहा- “और यही पे आपकी चूत फाड़ डालेगा। और हाँ, आप ऐसा हरगिज़ नहीं करना चाहोगी, मुझे पता है…”

मोम- “क्या पता, मैं ऐसा ही चाह रही हूँ तो?” मोम ने बेशर्मी से फ्राइंग स्पून को डिक की तरह चाटते हुए आँख मारी।

उसी टाइम भाई अपने रूम से निकलकर किचेन में आया और फ्रिज से बोतल निकालकर पानी पीने लगा।

मोम कुछ नहीं बोली पर उनके चेहरा पे शैतानी भरी स्माइल थी और फ्राइंग पैन में स्पून घुमाने लगी। भाई ने मोम की हिलती गाण्ड को देखा और मेरी तरफ देखकर स्माइल कर दिया। मोम ने पिंक फ्राक ड्रेस पहनी हुई थी, जिसकी हेम घुटने तक नीचे थी, पर मोम की सेक्सी गाण्ड को हिलते देखना आँखों को ठंडक और लण्ड को गर्मी देने जैसा था।

भाई कुछ ज्यादा देर रुक के मजे लेते रहा।

 
फिर उसके वापस अपने रूम में जाने और जाते हुए दरवाजा बंद कर देने पे मैंने मोम की ड्रेस का हेम पकड़कर ऊपर किया, पैंटी के गीलेपि ने बता दिया की मोम भाई की नजर से कैसा महसूस कर रही थी।

मोम- “मोना, मुझे खाना बनाने दे, आऽ हट ना…” लेकिन मैंने अपना हाथ नहीं निकाला।

मैं मोम के पीछे गई और एक नजर भाई के बेडरूम के बंद दरवाजे पे डाली। हेम ऊपर करके दोनों हाथों से पैंटी को नीचे खींचकर नीचे किया। मोम ने मज़ा किया पर मेरे नीचे करने पे उन्होंने पैर उठाकर अपनी पैंटी को उतरवा लिया। फिर मैं खड़ी होकर मोम के पीछे से उनको परेशान करने वाली ही थी की भाई अपने रूम से निकलकर बाहर आ गया।

भाई- “दीदी, आपके लैपटाप में आइज़ो है क्या? ये ओफिस-13 की? मैं ओफिस-16 वाला अनस्टॉल कर रहा हूँ …” ये बोलते हुए वो किचेन में चला आया।

मैं मोम की पैंटी अपने पीछे छुपाकर भाई के सामने मुड़ गई- “हाँ… पड़ी होगी, जाकर ‘डी’ ड्राइव में देख ले…”

लेकिन भाई गया नहीं और बताने लगा की ओफिस-16 से उसको क्या परेशानी है।

मोम ने मुझे चम्मच पकड़ाकर- “मैं अभी आती हूँ …” बोलकर अपने रूम में चली गई।

मोम के जाने के बाद भाई ने देखा की मैं अपना हाथ पीछे किए हुए हूँ , तो पूछा - “क्या छुपा रही हो?” और फिर उसने मेरे हाथ से मोम की पैंटी ले ली।

भाई ने हैरानी से मोम के रूम की दीवाल की तरफ देखा जैसे वो दीवाल के उस पार देख सकता हो। भाई ने मेरे नीचे हाथ डालकर मेरी पैंटी चेक की, कि कहीं ये मेरी तो नहीं। पर उसका मुँह खुल गया जब उसको पता चला की मैंने थोंग पहनी हुई है। वो सब समझ गया, तब मैंने हाँ में सिर हिलाया। फिर उसने मेरी चूत को थोंग के ऊपर से मसल दिया।

मैं- “मोम अभी वापस आ जाएँगी…”

भाई- “आने दो…”

मैं- “पागल है क्या?”

भाई- “पागल तुम दोनों हो, और हाट भी। क्यों? सही कहा ना?”

तभी फ्लश की हल्की आवाज़ आई, हमने गलत सोच लिया था, मोम तो पेशाब करने गई थी। भाई ने जल्दी से मेरी थोंग को उतार दिया, मेरे पैरों से वो अलग होते ही उसने दोनों पैंटीस को अपनी जेब में डालकर मेरे रूम की तरफ चला गया।

कुछ सेकेंड बाद मोम आई और भाई को मेरे पास ना देखकर भौंहें उठाकर पूछा - “वो कहां गया?”

मैंने इशारे से बता दिया। मैंने मोम की स्कर्ट ऊपर करके देखा की उन्होंने वापस कुछ पहना कि नहीं? मुझे मोम की सफाचट चूत दिखी तो मोम ने हाथ झटक के ड्रेस सही कर दी।

फिर मोम ने कहा- “अब मुझे परेशान मत कर और खाना बनाने दे…” वैसे सब तैयार हो चुका था फिर भी मैं साइड में हो गई।

थोड़ी देर में भाई वापस नीचे आया और हमारी तरफ देखते हुए अपने रूम में जाने लगा, तो मोम ने उसको कहा की वो अपना काम खत्म करके हाथ धोकर आ जाए।

भाई बुदबुदाया “हाँ… वो तो है…” डबल मीनिंग जवाब देकर वो अपने रूम में चला गया।

मुझे पता नहीं कि इस सबके बाद मोम को नोटिस करने पर उसको कुछ फ़ायदा हुआ या नहीं? लेकिन उसकी नजर पूरे टाइम हम दोनों के नीचे ही ट्रैक होती रही। शायद इसीलिए मोम ने उसको कोई चान्स नहीं दिया कुछ ‘देखने’ का।

लंच के बाद मैं और भाई ऑनलाइन ग्लासेस पर्चेज़ करने पे डिस्कस करते हुए उसके रूम में चले गये। फिर मोम भी आ गई ग्लासेस पसंद करने। उसके बाद भाई तो पीसी पे कुछ-कुछ करता रहा और मैं और मोम बेड पे लेटे बातें कर रही थी। मोम बोलते-बोलते रुक गई और फिर मैंने वहां देखा, जहाँ मोम देख रही थी। भाई की ब्लैक ट्राउजर के दायें पाकेट से पिंक कलर का कपड़ा झाँक रहा था।

मोम ने मुझे इशारे से पूछा लेकिन मेरे जवाब देने से पहले ही भाई ने कहा- “मोम, अरे ये देखना…”

और मोम बड़े ध्यान से उठी और उसके पास जाकर स्क्रीन को देखने लगी, जो भाई दिखाना चाह रहा था। फिर मोम भाई को हटने का बोलकर खुद भाई की जगह बैठकर नेट पे खो गई।

भाई ने मेरी तरफ देखा और मैंने अपनी जाँघो को खोल दिया। फिर वो मोम का ध्यान वेब पेज या जो भी था उसमें लगाकर मेरी शरारती हरकतें देखने लगा। कुछ ही सेकेंड में वो तैयार हो गया पर बेचारे को अभी अंदर ही रहना पड़ेगा।

मोम जब कुछ कहती या फिर हिलती तो मैं सही से बैठ जाती। लेकिन ये टीजिंग ज्यादा देर नहीं चली, मुझे ऊपर रूम से अपने फ़ोन की रिंग सुनाई दी और मैं उठकर चली गई।

मेरे क्लासमेट का काल था, वो उस सब्जेक्ट के बारे में सवाल पूछना चाहता था जिसमें मैं बेस्ट थी। लेकिन मैं उसकी किसी भी प्राब्लम का जवाब नहीं दे पाई। उसके काल के बाद मुझे एहसास हुआ की आजकल मेरा ध्यान कहीं और रहने पे मैं स्टडी में पीछड़ती जा रही हूँ । अबे यार ऐसे तो फेल हो जाउन्गी, इसलिए मैं वापस सन्डे का मज़ा लेने नहीं गई और लैपटाप खोल करके शुरू हो गई। 10 मिनट बाद भाई मेरे रूम में आया तो मैंने उसको भगा दिया।

फिर मैं ईअरफ़ोन लगाकर ऑनलाइन पेजस से नोट्स बनाने लगी और कुछ वीडियोस भी देखे लेक्चर्स के। एक घंटे के बाद मेरे क्लासमेट के उन सवाल और टापिक्स को मैंने कवर कर लिया, तब जान में जान आई। लेकिन इस सब में मैं थक भी गई थी। लैपटाप शटडाउन किया और अब एक ही प्राब्लम साल्व करनी बाकी थी- भाई की।

मोम लौंड्री कर रही थी, क्योंकी मेरे नीचे जाते टाइम वाशिंग मशीन की आवाज़ आ रही थी। भाई के अपने बेडरूम का दरवाजा अंदर से बंद था।

फिर जब भाई ने दरवाजा खोला- “दीदी आप हो क्या?”

मैंने देखा की उसने उल्टा ट्राउजर पहना हुआ था। मैं रूम में घुसी तो मुझे स्मेल आ रही थी, सेक्स की। मैंने पूछा - “तू क्या कर रहा था?”

भाई- “काम कर रहा हूँ …”

फिर मैंने उसके ट्राउजर की तरफ इशारा किया- “और ये क्या है?”

भाई ने दरवाजा बंद करके कहा- “खुद ही देख लो…”

मैंने ट्राउजर नीचे खींचा।

भाई ने कहा- “सारी यू वेस्टेड योर चान्स…”

मैं खड़ी हुई, वो मेरे चेहरे को देखकर स्माइल कर रहा था। मैं उसको धक्का देकर उसके रूम से चली गई।

पीछे से भाई ने आवाज़ दी- “15-20 मिनट बाद…”

मैं- “कोई ज़रूरत नहीं…” कहकर मैं अपने रूम में चली गई।

रात को मैंने और भाई ने ही साथ में डिनर किया क्योंकी मोम शाम में ही अपनी दोस्त के यहां चली गई थी, नॉप। उस चीज़ के लिए नहीं। डिनर के बाद भाई ने कपड़े पहने और वो भी अपने दोस्तों के साथ वीकेंड मनाने चला गया।

 


वीर्य पीने और खाने खाने के बाद मैं आलस से काउच पे लेट गई, मेरी ड्रेस शायद भाई ने मेरे रूम में उतार के फेंक दी थी, सही से याद नहीं। फिर मैं अपना फोन लेकर चैट करने के मूड में थी। पर मेरी सभी दोस्त आफलाइन थीं। फिर एक स्टुपिड लड़के ने फालतू की बातें कर-करके मुझे इतना बोर कर दिया की मुझे नींद आ गई।

मोम- “कल तू मार्निंग में मेरे साथ चलना, क्योंकी तूने वो आर्डर लिया है, इसलिए तुझे कल ही काम शुरू कर देना चाहिए…”

भाई- “लेकिन बाइक को मार्निंग में दे आऊँ तो वो ठीक रहेगा ना कोई और होगा भी नहीं…” भाई मोम की बात नकारते हुए बोला।

मोम- “बाइक को तो बाद में भी मेकैनिक को दे सकता है…” कहकर मोम रुक गई और हैरानी भरी साँस खींची।

भाई और मोम ने मुझे काउच पे लेटी हुई देखकर वहीं अपनी जगह पे जम गये। मैं अभी-अभी आवाजें सुनकर, नंगे बदन, नींद से जाग गई थी, पर होश गुम था। मैंने काउच पे बैठे हुए देखा की भाई अपनी जगह पे खड़े-खड़े मुझे देख रहा था।

मोम जल्दी से मेरे पास आई, कहा- “ये लड़की भी ना… मोना तू ऐसे क्यों बैठी है? और कपड़े कहां है तेरे?”

भाई ने हैरानी से कहा- “ये आज हो क्या रहा है, पहले मोम और अब दीदी?”

मोम ने भाई से कहा- “तू जा अपने रूम में…”

भाई- “अरे मैं क्यों जाऊँ? खुद तो नंगे होकर घूमते हैं और ऊपर से मुझपे चिल्लाते हैं। हद है?”

मोम- “एक काम कर तू भी नंगा हो जा, एक तू ही रह गया है…”

वो दोनों झगड़ने लगे और मैं किसी ज़ॉंबी की तरह चलते हुए जाने लगी, तो मोम ने मुझपे चिल्लाते हुए कहा- “मोना जल्दी कर…”

मैं भी नींद की वजह से झल्ला पड़ी- “जा तो रही हूँ ना, वैसे भी सबने देख तो लिया है ना?”

मोम- “क्या कहा?” मेरे जवाब से मोम को और गुस्सा आ गया- “क्या मतलब? मतलब क्या है तेरा?”

मैं- “भाई ने पहली बार थोड़े ही ना मुझे नंगा देखा है?”

मोम बालों को लहराते हुए भाई की तरफ मुड़कर बोली- “ये लड़की तो पागल हो गई है, तुझे तो शर्म है ना, जाता क्यों नहीं यहां से?”

भाई भी टेश में बोला- “हाँ… मैं ही चला जाता हूँ, फिर जो करना है, वो करते रहना आप दोनों मिलकर। प्राब्लम तो आप दोनों को है मुझसे, जब मैं नहीं होता तो सबको कपड़ों से आलर्जी हो जाती है। और मेरे आते ही छुपते फिरते हैं, फिर शर्म आने लगती है, धूम-धड़ाका होने लगता है…”

मोम- “मैं मार्निंग में हाट योगा कर रही थी…”

भाई- “बड़ी अच्छी बात है…” उसने ताना मारते हुए कहा- “और फिर उसके बाद क्या करने का प्लान था, कृपा करके वो भी बता दीजिए?”

उसकी बात सुनकर मुझे हँसी आ जाती है, पर मोम हम दोनों को थप्पड़ ना मार दें। इससे की पहले मोम दुर्गा माता का रूप धारण कर लें, मैं मुड़कर अपने रूम में जाने लगी।

फिर भाई ने आगे कहा- “एक बात बताओ, आप दोनों को मैं पहली बार तो नंगी नहीं देख रहा हूँ, फिर भी आप हर बार मुझ पे ही क्यों चिल्ला पड़ती हो?”

ये सुनकर मैं अपने रूम की तरफ जाते-जाते रुक गई।

भाई और मैंने मोम को बचपन में एक बार मोम के नहाने के बाद नंगी ही कपड़े धोते देखा था, जब हम दूसरे स्टेट में रहते थे और वो घर भी एक बेडरूम का था। लेकिन अभी भाई ने ‘हर बार’ कहा, इसका क्या मतलब है?

भाई आगे बोलता रहा- “दीदी ने कपड़े नहीं पहने हैं, तो दीदी को भगाओ, आपने नहीं पहने तो खुद चली जाओ, लेकिन आपका काम तो हर बार मुझे ही पकड़ना है बस…”

मोम ने कहा- “क्योंकी तू लड़का है…” उनका चेहरा एकदम लाल हो गया था।

भाई- “हाँ… तो इसमें भी मेरी गलती है?”

मोम- “नहीं, पर?”

भाई- “तो आप ऐसा क्यों करती हो फिर?” उसने मोम की बात काटते हुए कहा- “ये सब जान बूझ के तो कोई नहीं कर रहा है, तुम फीमेल्स के साथ रहूँगा तो, आक्सिडेंटली तो ऐसा होगा ही, इसलिए आप हर बार सब पे चिल्लाना बंद करो…” ये कहकर वो अपने रूम का दरवाजा जोर से बंद करता हुआ चला गया।

मोम तेज सांसें लेती हुई उसके रूम की तरफ देखती रही, फिर उन्होंने मुझे देखा। मैंने ना में सिर हिला दिया, क्योंकी भाई की बात सही थी। फिर मोम पैर पटकती हुई अपने रूम में गई और उन्होंने भी दरवाजा जोर से बंद किया।

एक पल मैं वहीं खड़ी रही, मुझे कोई आइडिया नहीं था की मोम नग्नता को लेकर इतना बड़ा हंगामा कर देंगी? जबकी लास्ट टाइम मैं शगुफ्ता के साथ नंगी आई थी तब मोम एकदम कूल थी। शायद मैंने हद पार कर दी थी? मैं भी कितनी बड़ी स्टुपिड हूँ, ये सब मेरी वजह से हुआ है। ऐसा सोचते हुए अपने रूम में चली गई।

 
अगली सुबह मेरा मूड खराब था कल की वजह से। इसीलिए, जब कालेज जाने का टाइम हुआ तब ही अपने रूम से निकली। लेकिन भाई और मोम घर पे थे ही नहीं। मुझे लगा की मोम ने खाना भी नहीं बनाया होगा। लेकिन टेबल पे ‘ब्रेकफ़ास्ट करके जाना’ का नॉट मिला।

मोम ने मुझे भीड़ में भी नंगा देख लिया होता तो कुछ भी ना कहती, मोम ऐसी फ्रीडम मुझे दे सकती हैं पर ये मामला मोम के प्यारे बेटे आदी का था, इसलिए ये सबसे बुरी बात बन गई थी और मोम बहुत गुस्से में थी।

मोम को हमारे घर के माहौल को नॉर्मल परिवार जैसे रखने में बहुत मेहनत करनी पड़ती थी, वो भी तब जब हम सब सेक्सुअली एक्टिव टाइप के लोग हैं, और कल मोम की मेहनत से बनाए हुए सिस्टम को तोड़ने वाली बात हो गई थी।

मॉर्निंग में खुद उनपे हुए अटैक को वो झेल गई थीं, और रात वाला भी जल्दी ही काबू किया जा सकता था। पर जिस आदी के लिए ही मोम कर रही थी और उसी ने मोम से पंगा कर लिया था। मुझे मोम को सामना करने का डर नहीं था, लेकिन मुझे ये डर सताता रहा की अगर अकरम ने काल कर दिया तो क्या होगा? और अगर उसने मुझे और मोम को साथ में बुला लिया तो? मोम तो उसका खून ही कर डालेंगी।

अकरम के मामले में उसकी चलती है, वो हमें आदी तो क्या, पूरी सिटी में बदनाम कर सकता है। फिर हम कपड़ों में भी लोगों को नंगे ही नजर आएंगे। फिर मुझे पता था की मोम अकरम से लड़ने की बेवकूफी नहीं करेंगी।

कालेज क्लास के बाद मैं पूरे टाइम कामया के साथ उसकी मोम के ओफिस में ही रही। फोटोशूट चल रहा था और कामया भी बिजी हो गई। वहां फोटोशूट के टाइम मैं एक लड़के से मिली, डीसेंट और क्यूट सा था, उस विजुअल स्टाइलिस्ट का नाम तिलक था। वो मुझमें काफ़ी इंटेरेस्ट ले रहा था और हमने बातें करने के बाद नंबर एक्सचेंज किए।

ऐसा बहुत टाइम बाद हुआ जब घर जाने से मुझे प्राब्लम थी। 9:00 बजे मैंने अपनी एक्टिवा भाई की बाइक के पीछे पार्क करने के बाद, घर के अंदर चली गई। मोम फ़ोन पे कुछ टाइप कर रही थी और मैंने सोचा की भाई अपने रूम में ही होगा।

मैं मोम की तरफ बिना देखे जल्दी से अपने रूम चली गई। भाई मेरे रूम में ही था और लैपटाप से अपनी हार्ड ड्राइव में वो मूवी डाल रहा था जो मैंने पहले ही देख ली थी। बेड पे लेटी मैं आराम कर रही थी तब उसने दोस्ताना टोन में मुझसे लेट आने की वजह पूछी।

मैंने उससे पूछा - “तेरे और मोम के बीच ओफिस में ठीक था?”

भाई- “ठीक ही था, ज्यादा बात नहीं की हमने…” उसने बताया की मोम अब भी मुझसे गुस्सा हैं, और वो चाहता था की मैं मोम से बात करूं।

मैं- “अच्छा रायता फैलाओ तुम दोनों, और सॉफ करूं मैं?”

भाई- “रायता आप ही ने बनाया था और आपको ही उसको सही से रखना था…”

मैं- “या या…” कहते हुए मैं बेड से उठी और चेंज करने लगी- “एक बात बता तुझे मोम से इतना बोलने की क्या ज़रूरत थी?”

भाई- “मैंने मोम से कुछ गलत कहा क्या?”

 
उसकी फाइल ट्रांसफर हो रही थी और उस टाइम वो फोटोस देख रहा था। मैं अपनी और मोम की पिक्स और वीडियो हाइड नहीं करती लेकिन ऐसी जगह रखती हूँ जहाँ पे कोई इमेजिज और वीडियोस नहीं खोलता, इसलिए कोई टेन्षन नहीं थी। वो लास्ट टाइम की मेरी अपने दोस्तों के साथ जयपुर ट्रिप की पिक्स देख रहा था जिसमें मैं और शगुफ्ता बाइक पे बैठी थीं।

मैं- “बात तो तेरी सही थी, अगर तू वो सब नहीं बोलता ना तो कुछ भी नहीं होता, तुम दोनों क्या पहले से फाइट करते हुए आ रहे थे?” अगले फोटो में मोम, भाई और मैं भीगे हुए थे और हँस रहे थे। मुझे याद आया की ये लास्ट कान की फर्स्ट बारिश में भीगने वाले दिन की है।

भाई ने उस फोटो से नजर हटाकर कहा- “नहीं, मुझे लगता है… …” कहकर वो रुक गया।

मैंने कहा- “क्या?”

भाई ने कहा- “आई थिंक मोम नोज अबाउट अस…”

मैं टीशर्ट पहन कर रुक गई- “मतलब?” फिर मैंने दराज से पैंटी निकालकर पहनी।

तब भाई बोला- “मोम को देखकर कभी-कभी ऐसा लगता है की वो जानती हैं, और कल मोम आपको देखकर समझ गई की हमने सेक्स किया था…”

मैं शॉर्ट्स पहन के भाई के पास बैठी- “ऐसा नहीं है, तूने कल मुझे नंगी देखा तो मोम…”

भाई बोला- “फिर मोम इतना हंगामा कैसे कर रही थी? आई थिंक वी शुड स्टाप दिस…”

मैं- “य-युवर राइट, मोम टोटली अनप्रिडिक्टीबल हैं…”

भाई- “ह्हम्म… कुछ करता हूँ इस बारे में…”

बात और ना बढ़े इसलिए हमने साथ बैठकर डिनर किया, पर किसी ने भी एक दूसरे से बात नहीं की। भाई मोम से गुस्सा था, लेकिन मोम ने भी उसको सॉरी नहीं बोला। डिनर के बाद मैं मोम से बात करने गई, पर मोम मेरी बात समझने को तैयार नहीं थी, और तो और मोम ने मुझे ही डाँट दिया। हमें धीमी आवाज़ में बात करनी पड़ रही थी लेकिन मन तो चिल्ला-चिल्ला के बोलने का था।

उनको मैंने कहा- “डिनर के बाद मुझे नींद आ गई थी, जानबूझ के तो नहीं किया मैंने, मुझे ये तो बताओ इसमें बड़ी बात क्या है?”

मोम- “तुझे मैं बता चुकी हूँ पर तु समझती कहां है, तुम दोनों ने फ्रीडम का ज्यादा ही फ़ायदा उठा लिया है…”

मैं- “लेकिन मोम इस सब में भाई की क्या गलती है? आपको उसपे चिल्लाना नहीं चाहिए था…”

मोम- “हम तो ओफिस में भी एक दूसरे पे खूब चिल्लाते हैं, तो क्या हर टाइम सारी बोलती फिरू…”

मैं- “मुझे पता नहीं की ओफिस में आप कैसे रहते हो? और ये मामला ओफिस का है भी नहीं। हर बार आप ही बखेड़ा करती हो और ये वाला भी आप ही ने खड़ा किया है…”

मोम- “अच्छा? वो कैसे? ज़रा मैं भी तो सुनूँ?”

मैं- “आपको नहीं पता? मुझे ना, कुछ समझ में नहीं आता। एक तो इतनी सी बात के लिए आप झगड़ बैठी, जबकि दिन को खुद भाई से चुदाने की बात कर रही थी। फिर उसका हमें नंगी देखना तो बहुत ही छोटी बात नहीं लगती आपको?”

फिर मोम ने कहा- “सिर्फ़ बात की थी, और उससे कुछ नहीं होता…”

मैं- “पर आपने उसको ब्लो-जोब तो दिया था ना? और कई बार उसका वीर्य भी आप पी चुकी हो, अब ये बड़ी बातें नहीं क्या आपके लिए?”

मोम के पास अब जवाब नहीं था।

फिर मैंने कहा- “अगर नग्नता से इतनी प्राब्लम है तो ये बाकी चीज़ें भी करना छोड़ दो, क्योंकी आपका गुस्सा भी ढोंग लग रहा है…”

मोम ने मुझे ऐसे देखा की वो अभी एक रखकर देंगी, पर मुझे भी डर नहीं था। मोम अपना सिर पकड़कर बेड पे बैठ गई और कुछ सोचने लगी, शायद वो कुछ बताना चाह रही हों, और शब्द ना मिलने पे बताना कैंसल कर दिया। फिर उन्होंने कहा- “मोना, मैं अब इस बारे में बात नहीं करना चाहती, तू अब जा यहां से…”

फिर मैं भी रुकी नहीं और अपने रूम में चली गई।

मोम की वजह से मेरा मन बाहर जाने को होने लगा, और मैं कामया को काल करके उसके वहां जाने के लिए तैयार होकर घर से निकल गई। रास्ते में मेरी रिंग बजी, तो मुझे लगा की भाई ने काल किया होगा। लेकिन वो काल तिलक का था जिससे में आज ही मिली थी। उसने मुझे कल मिलने के लिए काल किया था लेकिन , 15 मिनट बाद मैं तिलक के प्लेस पे पहुँच गई।

मैं और तिलक कुछ देर बातें करने लगे और फिर रहा नहीं गया। उसने मेरी तरह पैशनेट और अग्रेलसवली किस करते हुए मुझे नंगी कर दिया और खुद को भी। उसकी सेक्सी रिप्ड़ बाडी मेरी हाट कर्वी बाडी से लिपटी हुई थी। हम एक दूसरे को इस तरह किस कर रहे थे जैसे नन्मों बाद मिले हों, और इसके बाद फिर हम मर जाएँगे।

उसने मेरे टिट्स को काटा और जोर से चुचियों को हथेलियों में भर के दबोचा। मैं उसकी बैक को खरोंच रही थी, फिर मैं उसके कड़क लण्ड को पकड़कर जोश में चूसने लगी। तिलक का होश उड़ा हुआ था, और मुझे हैरानी से और अपने भाग्य पे बिलीव ना करते हुए मुझे उसके लण्ड को पूरा मुँह में लेते हुए देख रहा था।

उसने मेरा चेहरा अपने हाथों में लिया और मस्ताने अंदाज में जी भर के चूम लिया, चूमते -चूमते वो सही जगह पहुँच गया और मेरी चूत जिसे बस लण्ड चाहिए था, उसमें अपनी जीभ डालने लगा। मैं शानदार चुदाई का इंतजार कर रही थी, पर मैंने उसको मेरी चूत को फाड़ने से पहले चेक कर लेने दिया। उसके बाद वो मुझे उठाकर बेडरूम में ले गया। आँखों में देखते हुए मैंने अपनी खुली चूत में उसका मोटा लण्ड महसूस किया, ओह्हह गोड… मैंने उसके बाल पकड़ लिए और उसने मेरे।

मैं- “आह्हह… आह्हह… आह्हह… आह्हह… एसस्स…” कहते हुये मैं पलट गई।

और उसने मेरी गाण्ड पकड़कर डागी पोज़ में मेरी चूत फाड़ने लगा। वो तूफ़ानी चुदाई कर रहा था और मैं भी लहरों के जैसे हिल रही थी। चूत में बिजलियाँ धमाके कर रही थी।

मैं- “ओह्हह… फक…” मैं चिल्ला पड़ी और मेरी चूत से समुंदर उमड़ के बाहर आ गया। उसका लण्ड पलक झपकते ही मेरे अंदर वो कमाल की गर्मी बढ़ाने लगा जिसकी वजह से मैं यहाँ आई थी।

तिलक मुझपे झुका हुआ- “आऽ आऽ आऽ…” वो पूरी ताकत से मेरी चूत मारते हुए- “आऽ आह्हह… आह्हह…” मुझे देख रहा था, लेकिन उसकी आँखों में देखते हुए भी मैं सिर्फ़ उस बदन को याद कर रही थी जिसने मुझे अपने जैसा बनाया।

जिसने मुझे बनाया- “आह्हह… फक मी…” हाँ वो भी यही कहती- “एस एस हार्डर…” उसको भी ये पसंद है, क्या सच में उसको ये पसंद है? अंजान लोगों से चुदा लेना, जो बस उससे यही चाहते हैं, और उनका क्या जो उसको सच में चाहते हैं? मेरा क्या? आदी का क्या? तुम हमसे छुपती क्यों हो? प्लीज़्ज़… कम आंड शो यौरसेल्फ़, फ़ॉर अस प्लीज़… मैं और आदी, वी बोथ लव यू …”

“आई लव यू , हाँ हाँ आई लव यू मोनिका…” एक मर्द की आवाज़ दरवाजा से कहीं सुनाई दी।

मेरी पलक झपकी, और देखा कि वो जाना पहचाना चेहरा मुझे देख रहा था, फिर मेरे बदन में गर्मी बहती हुई बाहर निकल गई।

“ओह्हह… फक…” तिलक ने कहते हुए अपना मोटा लण्ड मेरी भीगी चूत से निकाल लिया।

तिलक से विदा लेकर मैंने कामया को काल करके मना कर दिया की मैं नहीं आ रही, क्योंकी अब मैं वहीं रहना चाहती थी जहाँ मोम थी। नो वॅन्स मी। कल तो सब नॉर्मल हो जाएगा, ये सोचकर मैं अपने बेडरूम में सो गई।

भाई तो चलो मोम के साथ काम भी करता था इसलिए उनके बीच नॉर्मल जैसा ही था। लेकिन अगले कुछ दिनों तक भी मोम का मुझ पर से गुस्सा कम नहीं हुआ। बस एक दूसरे को चीज़ें देने, ज़रूरी काम करने को कहने के अलावा हमने बात नहीं की। मैं एक्सरसाइज़ रूम गई नहीं लेकिन भाई ने मुझसे कहा की वो अकेला ही एक्सरसाइज़ कर रहा है और हम नहीं। मैंने घर पे भी आउटडोर आउटकिट पहन, ताकी मोम को कोई बात कहने का मौका ना मिले।

 


लेकिन मोम ने अपने इनडोर लुक में चेन्जिज नहीं किए, जिसमें वो सेक्सी लगती थी और गुस्से में तो सुपर-हाट, पर इस सबका हम पे असर नहीं हुआ। दिन को मोम ओफिस नहीं गई थी, और लंच से पहले ही मोम तैयार होकर, वन सडर टाप और जींस में, एक हाट आइटम बनकर चली गई।

जब वो थकी हुई शाम में आई। पहले तो मुझे गुस्सा आया, पर मेरा गुस्सा बाद में शांत हो गया क्योंकी, मोम अकरम के काम की वजह से गई थीं, जिसको स्किप करना मुश्किल होता था। मोम ने मुझसे कहा नहीं, पर मैंने उनको काफ़ी बनाकर दी और अपने रूम में चली आई।

अगले दिन डिसाइड करके मैं एक्सरसाइज़ रूम गई। मेरे रूम में आने के 10 मिनट बाद मोम आई, लेकिन मुझे देखकर वापस चली गई। मैं बस रुक सी गई, फिर मैं खड़ी होकर अपने रूम में तेज़ी से चली गई और योगा पैंट और स्पोर्ट ब्रा उतार के फेंक दिया और सिर पकड़कर बेड पे धड़ाम से लेट गई।

10 मिनट बाद दरवाजे पे नाक हुआ- “मोना?” जबकि दरवाजा खुला था।

मैंने जवाब नहीं दिया, फिर मोम रूम में आई तो मैं बाथरूम में चली गई और दरवाजा बंद कर लिया।

बाहर से मोम ने कहा- “तू वापस क्यों आ गई? चल कपड़े पहन और आ जा एक्सरसाइज़ करने…”

मैंने फिर रुक के कहा- “नहीं, मेरे पैर में दर्द हो रहा है…”

मोम- “अच्छा बहाना है, चल आ ना बाहर…” उनकी आवाज़ में गुस्सा नहीं था, वो मनाने की कोशिस कर रही थी।

मैं अपना चेहरा धोकर बाहर आई। मोम ने मेरी आँखों को देखकर कुछ नहीं कहा और मेरे वापस योगा आउटकिट पहनने तक मेरा इंतजार करती रही। फिर मुझे लेकर एक्सरसाइज़ रूम में ले गई। भाई वहां पे पहले से ही था और पुस-अप कर रहा था। तब मुझे समझ में आया कि मोम मुझे देखकर चली नहीं गई थी, वो तो भाई के ना होने पे उसको लेने गई थी।

फिर हमने खूब पशीना बहाया। एक्सरसाइज़ के बाद एक फ़ायदा ये भी हुआ की दिमाग से कचरा निकल गया था। मोम कुछ ना कुछ पूछकर हमसे बात कर रही थीं। हमको पता था की मोम वापस आपस में नॉर्मल करना चाह रही थीं। इसलिए हमने भी पुरानी बात भुला दी।

शाम में कामया के मेशन के बैकयार्ड में बने पूल में हम लड़कियां स्वीमिंग करने के बाद हम सब क्लब गये। नेहा और कामया के बायफ्रेंड अभी भी उनसे उस पार्टी की वजह से नाराज़ थे। कामया अपने बायफ्रेंड को क्लब में एक लड़की के साथ देखकर वापस बाहर अपनी कार में बैठ गई।

मैं और नेहा भी वापस कार में बैठकर स्मोकिंग करते हुए बातें करने लगी, मुझे मोम का काल आया की वो और भाई ओफिस में ओवरटाइम की वजह से लेट हो जाएँगे। काल कट होने के बाद पायल और आकांक्षा खी-खी करती हुई आई- “तुम लोग यहां बैठे हो?”

नेहा ने पूछा - “शगुफ्ता कहां है?”

पायल ने जवाब दिया- “उसको कोई मिल गया है…”

15 मिनट बाद शगुफ्ता आई पर उसके साथ एक लड़का भी था। शगुफ्ता अंदर बैठी और बताने लगी, जब तक पायल और वो लड़का बाहर खड़े रहे। उसने बताया की वो सौरव है, उसकी छोटी बहन का क्लासमेट था और अभी साल भर के बाद मिला है।

कामया ने पूछा - “तो मैं क्या करूं?”

शगुफ्ता ने कहा की उसका प्लान उसके साथ मजे करने का है। लेकिन सौरव अपने दोस्त के साथ आया है, इसलिए वो चाहती थी की हम, शगुफ्ता और सौरव दोनों को उसके प्लेस पे ड्रॉप कर दें। कामया मान गई फिर शगुफ्ता और उसका दोस्त फ्रंट सीट पे बैठ गये और वो ड्राइव करने लगी।

सौरव के डायरेक्षण बताने पे हम सब उसके घर पहुँच गये। आकांक्षा ने शगुफ्ता से पूछा - “फिर तुम वापस अपने घर कैसे जाओगी?

शगुफ्ता ने कहा- “सौरव मुझको छोड़ देगा…”

तभी सौरव बोला- “मुझको बाइक नहीं चलानी आती…”

पायल बोली- “क्या? फिर तुम्हारी उम्र कितनी है?”

और जब सौरव ने बताया की वो 18 साल का है तो हम सब उसको छोड़कर शगुफ्ता को देखने लगे। सौरव दिखने में मासूम और क्यूट लुक में भी 19-20 साल का लग रहा था। हमने उसकी 5’ फुट की हाइट को अनदेखा कर दिया था। चलो उसकी नॉर्मल बाडी को अनदेखा कर भी दें, लेकिन 18 साल की उम्र के लड़के को शगुफ्ता क्यों उठाकर लाई है? कामया ने शगुफ्ता को वापस कार में बैठने को कहा।

शगुफ्ता सौरव को- “5 मिनट में आती हूँ , तुम चलो…” कहा और हमारे पास आई।

पायल ने कहा- “पागल है क्या तू ?”

नेहा बोली- “तेरा तो ब्रेकप नहीं हुआ है ना, फिर क्यों उस बच्चे को फँसा रही है?”

मैंने कहा- “उसको मज़ा करके आ, फिर चलते हैं यहां से…”

शगुफ्ता ने बताया- “मैं सौरव को पहले से जानती थी और फिर बातों-बातों में वो शर्त लगाने लगे, धीरे-धीरे ड्रिंक्स से पैसों पे हो गई, सौरव से उसकी 3 शर्त लगी थी, पहली दो शर्त पैसों वाली शर्त वो जीत गई थी, पर थीसरी शर्त में सौरव ने उसको सेक्सुअल शर्त लगाई जिसमें वो हार गई।

सौरव भी कार में था तो उसके सामने वो हमको बताना नहीं चाहती थी, इसलिए उसने हमें जाने को कहा।

कामया बोली- “तुम फिर क्या कल आटो से आओगी?

नेहा ने कहा- “वो लड़का कुछ मिनट में ही ढेर हो जाएगा, तू जा हम यही इंतजार करते हैं…”

शगुफ्ता बोली- “मुझे भी यही लगता है, तो तुम लोग मेरा इंतजार करोगे?”

उसी टाइम सौरव आया और हमको अंदर आने को बोला। हमने डिसाइड किया की शगुफ्ता का “काम” पूरा होने तक रुक जाते हैं।

 
शगुफ्ता उसको एक बेडरूम में लेकर गई और हम 5 लड़कियां हाल में बैठे स्नैक्स के साथ टीवी देख रही थीं, जो शगुफ्ता ऑन करके गई थी।

20 मिनट बाद भी शगुफ्ता वापस नहीं आई और हम सब इस वजह से थोड़ी बहुत सेक्सुअली अराउज हो गई थीं। पायल और आकांक्षा को सबसे ज्यादा मस्ती स झ रही थी और उन दोनों ने नेहा और कामया को भी शामिल कर लिया।

फिर हमें किसी के आने नी आवाज़ आई, अंदर से नहीं बाहर से। हमने जल्दी से अपने कपड़े और बाल ठीक किए। वो बाहर से आने वाली आवाज़ें दो आदमियों की थी। उन्होंने दरवाजा खोला और अंदर आ गये।

पायल डर के बोली- “कौन है?”

तो वो दोनों चुप हो गये फिर वो हाल में आए, वो दोनों भी हैरान थे। वो दोनों करीब 26-28 साल के होंगे, दोनों की मस्क्युलर बाडी और हल्की दाढ़ी थी।

उनमें से एक ने पूछा - “आप लोग कौन हैं, और यहां क्या कर रही हो?”

दूसरे वाले ने दाँत दिखाते हुए कहा- “आप लोग कोई गैंग-वैंग तो नहीं हो?”

फिर हमें राहत मिली ये जानकर की वो सौरव के बड़े भाई थे। लेकिन उनके होश उड़ गये जब उनको पता चला की हम सौरव के साथ आए हैं, और हमारी एक दोस्त उसके साथ बेडरूम में है। उन दोनों को बिलीव नहीं हुआ और एक दूसरे को देखकर बोले- “ऐसा हो ही नहीं सकता…”

फिर वो हमसे बातें करने लगे। गैंग वाली बात करने वाला विष्णु था और एल्डर ब्रदर था, दूसरे का नाम था नवीन। नवीन थोड़ा कम बोलता था पर विष्णु फ्लर्टी था और पायल तो ज्यादा ही खी-खी करने लगी। विष्णु, कामया में ज्यादा इंटेरेस्ट ले रहा था।

कामया का भी मूड अब सही लग रहा था। आकांक्षा ने उसको आँख मारी, तो कामया उठी और विष्णु का हाथ पकड़कर दूसरे बेडरूम में ले गई। हम लड़कियां अपनी हँसी रोके हुए थे, और कामया नुदकती हुई उसको ले गई।

अब नवीन थोड़ा घबरा रहा था, क्या उसको भी कोई लड़की ले जाएगी, या फिर उसको भी फ्लर्ट करना पड़ेगा? अगर कहे भी तो क्या कहे और किससे कहे? यहां तो 4-4 हाट और सेक्सी लड़कियां उसके सामने बैठी थीं।

नेहा ने सीधा उससे पूछ डाला- “चलो तुम्हारे बेडरूम में चलते हैं”

नवीन बोला- “हमारे दो ही बेडरूम है…”

पायल, जो उसके पास ही बैठी थी, ने कहा- “डोन्ट वरी, नेहा को बेडरूम की ज़रूरत नहीं पड़ती, चल नेहा, कम ऑन…”

नेहा ने उसकी शर्ट खोलते हुए किस किया, फिर बेल्ट को। नवीन बार-बार हम सबको देख रहा था जैसे उसका बलात्कार होने वाला हो। नेहा ने अपनी चुचियाँ खोल दी और नवीन उनको ऐसे देख रहा था की अब इनका क्या करना है?

नाउ रियली, अब हमें लगने लगा की भले ही उसने मस्क्युलर बाडी बना ली हो, मे बी उसको पता हो की सेक्स कैसे करते हैं? लेकिन वो नेचुरल नहीं था और कभी किसी लड़की की बाडी टच नहीं किया था।

नेहा रुक गई और पीछे होकर अपनी चुचियाँ हाथों से ढक कर उसने कहा- “सारी, इफ़ यू डोन्ट वांट टु डू दिस, इट्स ओके…”

नवीन जल्दी से बोला- “नो नो, उम्म… आई वांट टु डू दिस, रियली…” और उसने खुद को नंगा कर लिया और जींस साइड में फेंक दी।

अभी दो मिनट भी नहीं हुए थे नेहा को उसका लण्ड चुसते की वो नेहा के मुँह में और चेहरे पे झड़ गया। नवीन अब पुराना हो गया था।

उसी टाइम शगुफ्ता और सौरव आए और उन्होंने हैरानी से नंगे हुए नवीन को हमें पूरे कपड़ों में लड़कियों के सामने देखा। नवीन ने जल्दी से अपना लण्ड छुपा लिया, हमसे नहीं, अपने छोटे भाई सौरव की वजह से।

सौरव नवीन को हँसते हुए देख रहा था और नवीन उसको गुस्से से।

उसी टाइम कामया भी वापस चली आई और उसके पीछे विष्णु उसको मनाता हुआ आया।

हम समझ गये। फिर हम सभी वहां से चल के कार में बैठ गईं। शगुफ्ता का मूड नेहा और कामया से अच्छा था। सौरव अपने भाई से बिल्कुल अपोजिट निकला। शगुफ्ता ने कामया और नेहा से कहा- “अगर मूड है तो सौरव को भी अपने साथ ले चलते हैं?”

दोनों ने मना कर दिया और कामया ने कार स्टार्ट कर दी।

शगुफ्ता बोली- “रुक, मैं उसको तेरे लिए बुला रही हूँ ” ये बोलकर वो कार से उतर गई।

वो सौरव को ले तो आई थी पर प्राब्लम ये थी की करेंगे कहां? हम लड़कियां अपनी पार्टी कामया के गेस्ट हाउस में करते हैं, और अगर एक लड़का हो तो उसके घर पे, लेकिन अभी ना तो उसके पास गेस्टहाउस की चाभियाँ थीं और अभी कामया की मोम भी ओफिस से आ गई होंगी, सिर्फ़ उसके ही नहीं बाकी लड़कियां के भी पैरेंटस घर पे होंगे।

हमने एक डार्क लेकिन सेफ लगने वाली गली में कार साइड में लगा दी थी। हम 4 लड़कियां कार के बाहर स्मोकिंग कर रहे थे और कार में चुदाई चल रही थी, कामया नेहा मिलकर सौरव की इज़्ज़त लूट रही थीं। सौरव ने कभी अपनी लाइफ में नहीं सोचा होगा की एक दिन ऐसा भी आएगा। सौरव किसी सीट की तरह था, कामया उसके लण्ड पे और नेहा उसके मुँह पे बैठी थी। अंदर ज्यादा हीट होने की वजह से प्राब्लम हो रही थी।

कामया हट के अगली सीट पे आ गई और सौरव नेहा को लिटाकर उसकी चूत मारने लगा।

कामया ने कहा- “यार यहां सफ़ोकेसन हो रहा है, किसी के भी यहां नहीं चल सकते क्या?”

मैं- “मोम से फाइट नहीं हुई होती तो मेरे यहां चल सकते थे…”

कामया ने धीरे से कहा ताकी मैं ही सुन पाऊूँ- “पर तूने बोला था ना की आज सब ठीक हो गया है?”

मेरा मूड लास्ट डे अच्छा नहीं था तो कामया के पूछने पे मैंने उसको थोड़ा झूठ बोला था की भाई और मोम ने मुझे मास्टरबेशन के बाद नंगी देख लिया था।

मैं- “हाँ… मॉर्निंग में मोम का मूड ठीक था, पर अगर वो फिर से मेरे साथ-साथ तुम सबको देख लेंगे तो? फालतू में टेन्षन कौन ले यार इस लड़के के लिए?”

कामया- “तेरे बेडरूम में कर लेंगे…”

मैंने अपनी सिगरेट फेंकते हुए कहा- “और इस चूतिए को छोड़ने कौन जाएगा?”

ये सुनकर सौरव रुक गया।

नेहा बोली- “रुक क्यों गया, चोद ना साले…”

सौरव हमको अनदेखा करके वापस काम पे लग गया।

कामया ने नेहा को कहा- “अब हट ना बहुत चुदा लिया…”

नेहा हट गई और सौरव कामया की मारने लगा।

नेहा कार से नंगी बाहर निकलकर स्ट्रेचिग करने लगी- “आ बाडी पूरी अकड़ गई…” फिर वो जींस और टाप पहन कर पायल और आकांक्षा को पूछने लगी- “तुम लोग किस बात पे हँस रही हो?”

आकांक्षा बोली- “नेहा तेरी हाइट हम सबसे कम है और तू वहाँ अकड़ गई?”

नेहा ने हम सबसे लम्बी आकांक्षा को चेलेंज किया- “की वो कार में सेक्स कर ही नहीं सकती, जगह ही नहीं बचेगी…”

आकांक्षा ने कहा- “मुझको इतनी गर्मी में, वो भी कार के अंदर घुटकर नहीं मरना…” फिर वो दोनों हाइट को लेकर बातें करने लग गई।

 


कामया भी झड़ जाने के बाद चुदना बंद करके कपड़े पहन कर बाहर आ गई।

सौरव का अभी भी खड़ा था। आकांक्षा और पायल ने मज़ा कर दिया और शगुफ्ता तो पहले ही उसके साथ ही थी। सौरव ने मुझसे ‘प्लीज़्ज़’ कहा।

मैं भी कार की घुटन में नहीं करना चाहती थी। फिर मैंने सभी लड़कियां को कार में बैठ जाने को कहा और सौरव को बाहर निकलने को। फिर दरवाजा खोलकर रखने को कहा और अपनी जींस और पैंटी घुटने तक उतार दी। सौरव पूरा नंगा था और मैं कार पे झुक के अपनी चूत चुदाने लगी।

पायल और नेहा नजर रखे थी की कोई आ ना जाए। पर सभी मेरी खुले में चुदाई का मज़ा ले रहे थे। असल में सौरव ने नेहा और कामया को ज्यादा देर नहीं चोदा था और इसका फ़ायदा मुझे मिला।

वो 18 साल का पतला पर चूत फाड़ चुदक्कड़ मशीन था। तभी शगुफ्ता उससे चुदा लेने के बाद भी अपनी दोस्तों के लिए उसे बुला लाई थी। मैं एक बार झड़ जाने के बाद मेनरोड पे ही उसका लण्ड चूसने लगी। वो हाट और डेलीशियस था, जिसपे मेरी चूत का भी स्वाद आ रहा था। फिर मैं खड़ी हुई।

आकांक्षा ने कहा- “चाभी…”

पर मुझे सही सुनाई नहीं दिया फिर वो मुझे किस करने लगी। फिर शगुफ्ता भी बाहर आ गई और मेरी क्लिट को मसल्ने लगी। मैं अब और हाट होने लगी थी की मेरे कहने पे शगुफ्ता ने मुझे नंगा कर दिया।

अब एक लड़का और एक लड़की पूरी तरह नंगी उस अंधेरी गली में कार के पास सेक्स कर रहे थे, और तीन और लड़कियां लेकिन पूरे कपड़े पहन, चुदने वाली लड़की के पास आ गई थीं। मेरी एक टांग को ऊपर अपने हाथ से पकड़कर उसने मेरी चूत मारी और पायल मेरी चूत में जाते लण्ड पे जीभ घिसने लगी।

मैंने तड़पते हुए पायल को कहा- “तू भी अपनी चूत में ले ले…”

पर पायल ने कहा- “मुझको रोड पे नहीं करना है…”

सौरव और मैं हँस पड़े, क्योंकी खुले में बहुत ही मज़ा आ रहा था। नेहा ने मेरी चीख निकाल दी जब उसने मेरी क्लिट को जम के रगड़ा और चूत से बारिश करवा दी।

तभी अगुफ्ता ने कहा- “अरे ऊपर देखो…”

हम सबने देखा की 3 स्कूल उम्र की लड़कियां एक बालकोनी से हमें देख रही थीं। हमारे हालात को देखते ही दो अंदर भाग गईं, और एक हमें देखती रही। लेकिन जब उसको पता चला की उसकी सिस्टर डरके भाग गई थी वो भी धीमी चीख निकालकर अंदर चली गई।

पायल- “चलो चलते हैं यहां से, वो अपने पैरेंटस को बुला लेंगी…”

तभी सौरव बोला की वो झड़ने वाला है तो मैंने कहा- “जो भी ड्राइवर सीट पे है वो अब तैयार हो जाए…”

कार स्टार्ट कर दी गई। और फिर सौरव मोनिंग करने लगा। मैं झड़ने वाली थी और तड़पती हुई बोली- “डोन्ट स्टाप, डोन्ट स्टाप…” और फिर मेरे पैर काँप गये।

सौरव ने पूछा - “वीर्य चूत में डालूं या मुँह में?”

पायल मेरी चूत के पास ही थी और उसने अपना मुँह खोल दिया। इस सबके बाद सौरव फ्रंट सीट पे बैठा और शगुफ्ता ने मुझे बैक सीट पे खींचकर अंदर ले लिया।

कार में बैठते ही वो लड़कियां अपनी मम्मी को बालकोनी में ले आई- “मम्मी देखो यहीं पे, आओ, अरे डान्स बंद हो गया, मम्मी…” पर उनकी मम्मी चुप ही रही।

कार उस अंधेरी गली से निकलकर मेनरोड की रोशनी में, बाकी कारों में गुम हो गई। हमने सौरव को उसकी गली में ड्रॉप कर दिया। उसको बिना कपड़ों के भेजने में हमने खूब मजे लिए। फिर बेचारे को उसके कपड़े दे दिए ताकी वो घर ना सके।

फिर पायल-आकांक्षा को उनके यहां ड्रॉप किया, फिर नेहा, उसके बाद शगुफ्ता और आखीर में कामया ने मेरे घर के बाहर कार रोकी। 12:00 बजने वाले थे पर मोम की कार नहीं थी। मैंने कामया को कहा की वो मेरे यहां ही रात रुक जाए।

हम बाथटब में बैठकर नहा रही थी। कामया ने नहीं सुना था की हमारे उस अंधेरी गली से निकलते टाइम उन लड़कियां ने क्या कहा था? जब मैंने उसको बताया तो वो हँसते हुए बोली- “उन्होंने हमें स्ट्रीट डांसर्स कैसे समझ लिया?”

मैं- “डोन्ट नो …”

कामया- “हाँ… बच्चे…”

मैं- “पर ऐसा नहीं होना चाहिए था, पायल को बोला था की नजर रखे…”

कामया- “लेकिन ऊपर का नहीं बोला था…”

फिर कामया ने कहा- “तू फालतू में नाटक कर रही थी, यहां आ जाते तो मैं भी पूरे मजे ले पाती और ऐसा होता भी नहीं…”

मैंने कहा- “मेरी तरह ही बाहर खुले में चुदा लेती ना फिर? फिर तू उन लड़कियों को अपना ऑटोग्राफ भी दे सकती थी…”

कामया बोली- “हाहाहा… वेरी फन्नी, तू तो एक पड़ोसी की होर है, तू तो 100 लोगों के सामने भी चुदाने में शरम नहीं करेगी…”

मैं उसको नहीं बता सकती थी की मैं ऐसा कर भी चुकी हूँ । हाँ, पर वो 100 तो नहीं थे। कामया ने सही कहा था, मैं दिन-बा-दिन बेशरम होती जा रही हूँ । बाथ लेने के बाद हम बेड पे नंगी लेट गये और गाने चला दिए। डोरबेल बजी और हमें पता चला की मोम और भाई आ गये हैं, और भाई ने मुझे आवाज़ लगाई।

मैं उठकर शॉर्ट्स और टीशर्ट पहन के उन्हें देखने गई। मोम अपने रूम में चली गई थी और भाई को बहुत भूख लगी हुई थी, और मैंने खाना लगाकर दिया। जब वो शावर लेने गया, फिर मैं कामया से डिनर का पूछने चली गई, क्योंकी मुझे भी भूख लग गई थी।

कामया मेरी क्रोप्ड टीशर्ट और लेगिन्ग्स पहन कर मेरे साथ आ गई। डिनर टेबल पे कामया ने भाई का सीना देखकर पूछा - “क्या वो अब पहले से ज्यादा एक्सरसाइज़ कर रहा है आजकल?”

भाई ने हाँ में जवाब दिया। कामया की कर्वी सेक्सी बाडी की भी तारीफ़ की। और फिर वो बातें करने लगे फिटनेस के बारे में, जॉब के बारे में, फिर लास्ट में एक दूसरे से रिलेशन स्टेटस के बारे में जाना। भाई जल्दी से खाना खत्म कर चुका था। फिर गुडनाइट बोलकर अपने रूम में सोफे चला गया।

अगर मेरी दूसरी दोस्त होती तो वो भाई से फ्लर्ट करने बैठ जाती। हम भी डिनर करके मेरे रूम में गये। तब कामया बोली- “यार अगर मैं आदी के साथ एक्सरसाइज़ करती तो मेरी तो हालत ही खराब हो जाती…”

मैंने अपना टीशर्ट उतार के कहा- “वो तो है…”

कामया ने पूछा - “उसकी सच में कोई गर्लफ्रेंड है क्या?”

मैं- “हाँ… पर वो सीरियस नहीं है, क्यों तुझे भाई को पटाना है?” मैंने उसको छेड़ते हुए कहा।

कामया बेड पे लेटी मुझे नंगी होते देखने लगी- “नहीं, बेस्ट दोस्त के भाई से रिलेशन और फिर ब्रेकप टेन्षन का काम है…” उसकी बात भी सही है। कामया कपड़े पहनी थी और मैं नंगी, और हम बातें करती-करती सो गईं, कामया मुझे किसी बायफ्रेंड के जैसे अपनी बाहों भरे हुए थी।

रात को कामया के फ़ोन की बैटरी लो होने के नॉटीफिकेशन साउंड से मेरी आँख खुली, जब बेड पे कामया नहीं थी, तो मैंने सोचा की वो पानी पीने चली गई होगी या फिर बाथरूम। मैंने करवट ली, मुझे वापस नींद आ गई।

अगली सुबह मैं उठी और मेरी गाण्ड पे पैर पड़ा हुआ था। मैंने मुड़कर देखा, कामया नंगी मेरे पास सो रही थी, जबकि कल डिनर के बाद उसने कपड़े नहीं उतारे थे। मैंने कामया को हटाया और आँख मलते मैं खड़ी हुई और बाथरूम में चली गई। ब्रश करते हुए मुझे उसकी कल वाली बात पे हँसी आ गई- “बेस्ट दोस्त के भाई से रिलेशन और फिर ब्रेकप टेन्षन का काम है…”
 
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