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मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचरcomplete

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मैंने उसको सोने दिया और एक्सरसाइज़ के लिए तैयार हो गई। भाई थोड़ा लेट रूम में आया और रूम में नज़रें घुमाकर मुझे और मोम को गुड मॉर्निंग विश किया।

आज भाई का छुटकू जल्दी ही बड़ा हो गया, लेकिन मोम और मैं हमेशा की तरह उसको अनदेखा कर दिये। पर प्राब्लम तब हुई जब एरेक्सि जाने के बाद प्री-कम से उसके वहां गीला हो गया। और फिर जब उसको पता चला तो वो रूम से चुपचाप चला गया और वापस आया ही नहीं।

एक्सरसाइज़ के बाद मैंने कामया की नंगी गाण्ड पकड़कर हिलाते हुए जगाया। हमने बस एक दूसरे को स्माइल पास की पर कहा कुछ नहीं। लेकिन जब हम साथ में नहाए, तो पहले उसने मुझे उंगली की उसके बाद हम बैठ गईं और उसने मेरी चूत खानी शुरू कर दी। उसके बाद वो खड़ी होकर अपनी चूत मेरे चेहरे के पास ले आई, मैंने अंगूठे से क्लिट को दबाया और कामया को देखा, तो मुझे उसका बिना बताए रात में चले जाना याद आया और शायद उसे भी। इसीलिए वो मेरे सामने बैठ गई ताकी हम एक दूसरे की चूत आपस में रगड़ सके। झड़ जाने के बाद उसने मेरे किस का उसने पेशेंटली रेस्पान्स दिया।

बाथ या कहूँ तो लेस्बियन सेक्स के बाद मैंने जींस और टाप पहना और देखा की कामया कल वाले ही अपने कपड़े पहन रही थी।

मैं- “क्लास में ये पहन के जाएगी क्या?”

कामया- “नहीं, मुझे मोम के साथ काम है, कालेज नहीं जाउन्गी आज…”

ब्रेकफ़ास्ट टेबल पे मोम कामया से बात करती रही, और पूरे टाइम कामया और भाई नॉर्मल ही रहे। मोम को कामया की मोम से किसी काम से मिलना था तो मोम कामया के साथ चली गई। मोम एक बजे वापस आ गई। मोम ने कहा की वो फ्री हो गई थी, क्योंकी आदी ही न्यू प्रोजेक्ट को हैंडल कर रहा था।

मैंने मोम से कहा- “चलो शॉपिंग चलते है…”

मोम ने कहा- “अभी धूप है, पहले मूवी देखने चलेंगे फिर उसके बाद कोई प्लान बना लेंगे…”

मैंने ओके बोल दिया। मैं प्रिंटेड रैम्पर पहनती हूँ और मोम लोंग मिडी और स्लीवलेश टाप। इंटवनल के टाइम मैं और मोम लाइन में लगे हुए थे की किसी ने पीछे से आवाज़ दी।

वो कल रात वाला सौरव था और उसके पीछे उसके भाई भी खड़े थे। वो हाय हेलो कहने हमारे पास आया, वो मेरा नाम भूल चुका था।

मोम ने कहा- “मोना, अपने दोस्त से मिलवाओगी नहीं?” और अब तो मोम मेरे सभी सेक्स पार्टनर के लिए मेरी कजिन बन गई थी।

सौरव- “मोना, क्या मैं दो मिनट बात कर सकता हूँ …”

मैं- “हाँ श्योर…”

वो मुझे साइड में ले गया, उसने कल के लिए थैंक्स कहा, उसके भाई हमें ही देख रहे थे तो सौरव बोला- “वो लोग कल ज्यादा ही उत्तेजित हो गये थे…”

मैंने कहा- “कोई बात नहीं, तुमको उन्हें कुछ सिखाना चाहिए…”

सौरव हँसते हुए बोला- “सही है, कल जैसा मौका लाइफ में कम ही मिलता है। हाँ अभी मूवी के बाद क्या प्लान है?”

मैं बोली- “पता नहीं…”

फिर मोम हमारे पास आई- “चलो टाइम होने वाला है…”

सौरव- “तो फिर हमारे साथ चलो, हम कॉन्सर्ट में जा रहे हैं…” मेरे चेहरा को पढ़ते हुए वो बोला- “असल में मेरे पास 3 टिकेट्स हैं और तुम दोनों मेरे साथ चल सकती हो…”

मोम बोली- “टिकेट्स?”

सौरव ने मोम को बताया तो मोम ने हाँ कर दी।

मैंने कहा- “और तुम्हारे भाई का क्या?”

सौरव बोला- “पहले बताओ, तुम लोगों को मूवी कैसी लगी?”

मैं- “ट्रेलर जैसी उत्तेनना नहीं है, क्यों?”

हम तीनों इंटवनल के बाद वापस मूवी देखने नहीं गये। मैंने सौरव से पूछा - “तुम्हारे भाई तुमको पीट डालेंगे…”

सौरव- “असल में मैंने अपने भाइयों को कॉन्सर्ट के बारे बताया नहीं अब तक…”

राखी ने कहा- “लेकिन वहां हमें बहुत टाइम बाद जाना था, तब तक हम करेंगे क्या?” हम पार्किंग लाट में अपनी कार में बैठे थे और अभी कोई भी नहीं था वहां पे।

सौरव बोला- “आई थिंक मुझे फ्यूचर में बड़े घर की बजाय बड़ी गाड़ी ले लेनी चाहिए…”

मोम ने पूछा - “क्यों?”

सौरव बोला- “आई लॉस्ट माई वेर्जिनिटी इन माई फ़ादर’स कार, असल में, आई हैव लाट्स आज सेक्स इन कोर्स रादर दैन इन द हाउस आर बेड…”

कल रात मैं सौरव से इंप्रेस हुई थी। लेकिन उसने कल रात की सारी बात बतानी शुरू कर दी, मोम मेरे और मेरी दोस्तों की अड्वेंचरस नाइट के बारे में और पूछने लगी की और क्या-क्या हुआ? तो बताते हुए सौरव ने खुद ही अपनी जिप खोलकर लण्ड बाहर निकाल लिया और सहलाने लगा।

मोम ने पूछा - “ये क्या कर रहे हो?”

सौरव- “तुमको कल की स्टोरी सुननी है?”

मोम- “तो क्या इसके बिना बता नहीं सकते?”

मोम की बात सुनकर उसको एहसास हुआ की उसने ज्यादा ही होशयारी दिखा दी थी। फिर वो वापस अंदर डालने लगा।

तब मोम ने कहा- “क्या हुआ?”

सौरव ने मुझे देखा, जैसे उसके लज्जित होने पे मेरा क्या रियेक्शन है?

मैं- “छोड़ो भी राखी, क्यों तंग कर रही हो?” ये कहकर मैंने अपना रैम्पर उतार दिया। मोम आराम से बैठी हमें देखती रही, मेरे नंगी होने पे मैंने सौरव को मुझे ओरल देने को कहा।

उससे अपनी चूत चटवाने के बाद मैंने प्यार से उसको कहा- “अब राखी को भी ओरल दो…”

मोम उसके बाल पकड़कर अपनी चूत में उसका सिर धंसा रही थी। फिर इसके बाद उसको लगा की अब हम उसको ब्लो-जोब देंगे पर ऐसा हुआ नहीं, क्योंकी मेरा मूड नहीं था उसको मुँह में लेने का, और मोम को सौरव ज्यादा पसंद भी नहीं आया था।

शुरू में मोम उससे सेक्स नहीं करना चाहती थी। पर मैंने कहा- “आपका टाइम पास अच्छे से हो जाएगा…”

सौरव ने भी मेरी कजिन राखी को अकेले-अकेले बैठने से मज़ा किया। मैंने बैकसीट पे सौरव की गोदी में उछल के चुदवा लिया।

मोम भी पीछे की और आ गई, और पहले उसने मोम के टिट्स को भर-भर के चूसा और मोम ने मिडी ऊपर कर दी। फिर उसके आमने सामने बैठ गई और उससे चुदवाने लगी।

सौरव और मैं किस करते और मोम अपनी चुचियाँ उछालती अपनी चूत मरवाती।

 
मोम झड़ के हटी और सौरव खिसक के मेरी सीट पे आ गया और मैं उसके ऊपर बैठ गई। मोम और मैं किस करने लगी। कार अब मेरी मोनिंग से भरी हुई थी और सौरव ने हमको होर स्लट और ना जाने क्या-क्या बोला था, उससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता था, हमें तो बस चुदने से मतलब था और तो मेहनत भी हम माँ बेटी ने ही की थी। अब सौरव झड़ने को था तो मोम उसके ऊपर से उठी और अब वो हम दोनों के बीच बैठा था। हम दोनों उसका लण्ड हाथ में लेकर हिलाने लगी और फिर वो हमारे हाथ में झड़ गया।

मैं अपना हाथ उसके होंठों के पास लाकर बोली- “चाटो इसे…”

मोम भी अपने हाथ में लगे वीर्य को लेकर बोली- “प्लीज़्ज़… प्लीज़…” हम दोनों ने उसको उसी का वीर्य खिला दिया। लेकिन अभी भी बहुत टाइम बाकी था मूवी खतम होने में।

फिर 15 मिनट बाद मोम सौरव का लण्ड चुसते हुए फिर से खड़ा करने लगी। फिर दरवाजा खोलकर सौरव मोम की चूत मारने लगा। अब जाकर मोम सौरव को पसंद करने लगी थी। फिर हमें रुकना पड़ा। जब पार्किंग लाट में बाइक के हॉर्न की आवाज़ आई, हमने अपने कपड़े पहने और वहाँ से निकल गये।

उसके बाद हम एक माल में गये, वहां मैंने और मोम ने शॉपिंग की और चुपके से चेंजिंग रूम में हम तीनों घुस गये। धड़कते सीने और तेज सांसों से मोम चुदूर ही थी। ये बहुत ही रोमांचक था, पास ही और औरतें की आवाज़ें आ रही थीं, और हम बिना आवाज़ किए सेक्स कर रही थीं। वैसे मोस्टली सौरव ने मोम को चोदा क्योंकी वो अपना टैलेंट दिखा देना चाहता था।

मोम की चूत में वीर्य भर जाने के बाद मैं बाहर निकली और उस जगह से दो औरतों के जाने का इंतजार करने लगी। उनके जाते ही मैंने इशारा किया और सौरव निकलकर वहाँ से चला गया। थोड़ी देर बाद हम दोनों उस शाप के बाहर हमारा इंतजार करते सौरव से मिली। फिर हम एक रेस्टोरेंट में लंच करते हुए ये सोच रहे थे की अगले कौन सी जगह पे हम डेयरिंग सिचुएशन में सेक्स कर सकते हैं?

फिर सौरव ने एक आइडिया दिया- “इस माल के छत पे चलते हैं…”

मैंने कहा- “वहां पे जा सकते हैं?”

सौरव- “वो जाकर देखना पड़ेगा…”

मोम ने कहा- “सौरव एक बार छत पे जाओ, अगर वहां का गेट खुला हो, फिर वहां पे कोई अच्छी सी जगह मिले तो काल कर दो…”

फिर सौरव चला गया। 15 मिनट बाद उसने काल किया और कहा- “दरवाजे पे लाक लगा हुआ है पर यहां तक की सीढ़ियों बिल्कुल खाली हैं…”

मोम ने मना कर दिया और उसको वापस आने को कहा। कार में बैठते टाइम सौरव बोला की वहां पे कर सकते थे। मोम ने कार स्टार्ट करते हुए कहा की उनको एक आइडिया आया है। मोम हमें एक बिल्डिंग में ले गई जिसमें स्माल बिज्निस के ओफिस हर फ्लोर पे बने थे सिर्फ़ चौथे फ्लोर को छोड़कर।

मोम ने बताया की लास्ट हफ्ता ही यहां आई थी, वो पांचवें फ्लोर पे जाना चाहती थीं पर चौथे पे आ गई थी। वहां पे कोई भी नहीं था और बाकी बिल्डिंग के जैसे सॉफ सुथरा भी नहीं था, लगता था की कभी भी इस फ्लोर को रेंट पे लिया नहीं गया था।

मोम हमें लेफ्ट साइड में ले गई। आगे तक जाने तक कोई ऐसी जगह नहीं मिली जहाँ पे कपड़े रखे जा सकें। इसलिए किसी एक को कपड़े पकड़कर हाथ में लेकर इंतजार करना पड़ेगा। इसलिए मैंने रैम्पर और सौरव ने अपनी जींस मोम को पकड़ा दी। फिर मैं दीवाल के सहारे झुक गई और सौरव ने लण्ड गीला करके मेरी चूत में डाल दिया। उस खाली जगह पे हमारी आवाज़ गूँजरही थी।

10 मिनट बाद मैंने मोम से कहा, पर उन्होंने कहा की हम ही कर लें। फिर मैं थोड़ी डेयरिंग करती हुई खिड़की के पास गई और एक टांग उसपे रख दिया और सौरव सूरज की रोशनी में मुझे चोदने लगा। खिड़की से किसी का बंगलो दिख रहा था। किसी को हमें देखने का चान्स मिलता अगर हम खिड़की के ज्यादा पास जाते। एक बार मेरे झड़ जाने के बाद मैंने देखा की मोम अपनी मिडी ऊपर करके खड़ी-खड़ी अपनी चूत मसल रही थी।

मैंने उनको पास बुलाया। सौरव ने मोम की मिडी कमर से भी ऊपर कर दी फिर वो पंजों के बल बैठ गया और मोम की जाँघ अपने कंधे पे रखकर मोम की क्लिट चूसने लगा।

मैं भी पास आ गई और फिर हम दोनों मिलकर मोम की चूत चाटने लगे। फिर मैंने मोम से कपड़े ले लिए और मोम की चूत में लण्ड डाल दिया गया। शाम हो चुकी थी और दोपहर से अब तक सौरव दूसरी बार मोम को चोद चुका था।

रात को हम कॉन्सर्ट में मस्ती से उछल रहे थे, इतनी भीड़ में मोम सौरव का पूरा फ़ायदा उठा रही थी, और मैं सोच रही थी काश मैं भी मिडी या स्कर्ट पहन के आती।

मैंने कहा- “हम कहीं पे चलते हैं…”,

पर मोम ने कहा- “भीड़ में सेक्स का और ही मज़ा है…”

कुछ देर बाद मोम के फेशियल एक्स प्रेशन देखकर पास ही खड़े दो लड़के मोम से चिपकने लगे। मोम ने उनको धक्का दिया लेकिन वो मोम के टाप के ऊपर से ही चुचियाँ दबाने लगे। हद तो तब हो गई जब उनमें से एक मोम के आगे खड़ा हो गया, और एक बंदे ने सौरव को साइड में करके मोम को पकड़ लिया। ओह्हह… माई गोड अब वो दोनों मोम का सैंडबिच बनाकर उछलने लगे, मोम के चेहरे पे दिन दिख रहा था।

मुझे डर था की कहीं वो मोम को यहीं पे नंगा ना कर दें? मैंने जैसे तैसे भीड़ में से निकलते हुए एक बंदे को उसकी शर्ट पकड़कर हटाया और मोम का हाथ कस के पकड़कर खींचकर ले गई- “चलो यहां से…”

मोम- “आह्हह… मोना…”

लड़के- “आईए किधर जा रही हैं…” सौरव के पीछे वो दो लड़के भी आने लगे।

लोग मोम की नंगी गाण्ड देखने लगे तो मोम एक हाथ से मिडी को सही करते हुए मेरे पीछे भागने लगी। मैंने मोम को कार में बैठने को कहा।

सौरव- “हे मेरे लिए भी रुको…” लेकिन वो लड़के उससे आगे थे और हमारे ही पास आ रहे थे।

मोम ने कहा- “चल चल… भगा भगा भगा रुकना मत…”

हम उनसे बच गये थे, लेकिन सौरव वहीं रह गया था, मैंने उसको काल किया।

सौरव ने कहा- “मैं ठीक हूँ और आप लोग कहां हैं?”

मैंने कहा- “हम अपने घर जा रहे हैं, और तुम भी अपने घर चले जाओ…”

मैंने ड्राइव करते हुए मोम से पूछा - “आर यू ओके?”

मोम ने हाँ में सिर हिलाया पर उनको बैठने में परेशानी हो रही थी।

मैं- “दर्द हो रहा है?”

मोम- “आइ एम फाइन …” फिर खिड़की की तरफ देखकर खुद पे गुस्साते हुए ‘ना’ में सिर हिलने लगी। मोम ने खुद ही ऐसा रिस्क लिया और अब गाण्ड के दर्द से पछता रही थी।

मैंने मोम को कहा- “चेक कर लो, फाड़ तो नहीं दी…”

मोम ने मुझे चिढ़कर देखा- “हरामज़ादों में इतना दम नहीं था की मेरी फाड़ सकें…”

मैंने मोम की तरफ देखा फिर मुझे इतनी जोर से हँसी आई की मेरे पेट में दर्द होने लगा।

मोम- “तुझे हँसी आ रही है…” मोम भी अपनी स्टुपिड बात पे हँसने लगी।

मैंने कहा- “कौन बोल रहा था भीड़ में सेक्स का मज़ा ही अलग है? अभी बलात्कार हो जाता तो? स्टुपिड…”

मोम मिडी ऊपर खिसका के देखने लगी, तो मोम की पैंटी गायब थी।

मैंने पूछा - सब ठीक है?

मोम ने मिडी नीचे करके बताया की गाण्ड दर्द कर रही थी। हमारे अड्वेंचरस और डेयरिंग दिन का अंत इस तरह होगा ऐसा सोचा नहीं था, पर आइडिया था की ऐसा हो सकता है।
 
घर पहुँचने पे भाई अपने रूम में था। इसलिए उसने मोम के लड़खड़ाते कदम नहीं देखे। लेकिन डिनर के टाइम, डिनर बाहर से मंगवा लिया था, उसने मोम को आइस पैक उनके हाथों में देखकर पूछा ज़रूर।

मोम ने बहाना बना दिया।

फिर भाई ने कोई सवाल नहीं किया। लेकिन उसके चेहरा को देखकर लगा की उसने मोम की बात पे विश्वास नहीं किया था। दिन की वजह से मोम बाथ लेने के बाद से ही बाथरोब पहन थी और टीवी देखते हुए ही मोम को सोफे पे ही नींद आ गई और करवट लेते टाइम वो खुल गया।

भाई मोम को देखता रह गया। जब मैंने उसको सही करके गाँठ लगा दी तब भाई ने मुझसे कहा की मैं मोम को जगा के बेडरूम में ले जाऊं। ये कह के वो अपने रूम में चला गया।

मोम नींद में- “हाँ… उठती हूँ …” और “हाँ… हाँ…” कहती रही और वापस सो जाती।

कुछ देर बाद अपने रूम से वापस आकर भाई ने मोम को सोते देखा तो उसने कहा- “मोम यहां सही से सो नहीं पाएंगी…”

मैंने कहा- “तू मोम को उठाकर बेड पे लिटा दे…”

इसके बाद उसने मोम को उठाया। मोम ने आँख खोली पर नींद में थी तो उन्होंने भाई को उठाने दिया। उठा लेने के बाद मोम के घुटनों से बाथरोब सरक गया और कमर पे बँधी गाँठ से नीचे का सारा अंग खुल गया।

मैंने वापस उसको सही करके मोम के पैरों को कवर कर दिया और देखा की भाई का लण्ड ट्राउजर फाड़कर बाहर आना चाहता है। मोम को उनके बेड पे सुलाकर हम दोनों अपने-अपने रूम में चले गये। भाई कुछ गुस्से में लग रहा था।

अगले दिन मैंने मोम को जगाया लेकिन वो आज रिलेक्स करना चाहती थीं। वैसे भी दर्द गया नहीं था और करवट लेते टाइम आऽ निकल गई थी। इसीलिए वो वापस सो गई।

एक्सरसाइज़ के टाइम भाई ने मुझसे पूछा - हम कहां “पे गई थीं?”

मैंने कहा- “हम मूवी देखने गये थे…”

लेकिन भाई मुझे घूरता रहा, जैसे मैं झूठ बोल रही हूँ ।

मैंने पूछा - “क्या?”

फिर वो नजर घुमा के बोला- “कुछ नहीं…”

क्या भाई ने सही अंदाज़ा लगा लिया था? मेरे खयाल से यही लगता था, वो कोई बच्चा तो है नहीं। मैंने भाई से पूछा - “तू सच में जानना चाहता है की कल हम कहां गये थे?”

लेकिन भाई गुस्से में कुछ नहीं बोला।

मैं- “मैं देख रही हूँ , कल रात से तू मोम को लेकर अलग बिहेव कर रहा है, बोल ना क्या बात है?”

उसने मुझे गुस्से से देखा और धीरे से बोला- “अच्छा ठीक है, बता देता हूँ । जब कोई एनल सेक्स करता है तब उसकी जो हालत होती है ना वैसे ही हालत मोम की थी, अब आप मुझे बताओ की मोम किसके साथ थी?”

मैंने शांत रहते हुए जवाब दिया- “स्ट्रैप-ऑन पता है क्या चीज़ होती है?” मैंने पहले से ही सोच लिया था की भाई यही सवाल पूछेगा, इसलिए, लास्ट टाइम की तरह इस बार भी हम माँ बेटी के लेस्बियन होने का बहाना बेस्ट रहेगा।

भाई बोला- “क्या?”

मैं- “स्ट्रैप ओँ…”

भाई- “आप ना, सीधे बोलो ही मत, ठीक अब मैं सीधा मोम से ही पूछता हूँ …”

मैं- “चल मेरे साथ…” मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसको अपने रूम में ले गई। फिर कपबोर्ड के निचले दराज से एक बाक्स निकालकर मैं भाई के पास गई और उसको दे दिया- “खोल इसे…”

भाई ने उस बाक्स को खोला और देखता ही रह गया, फिर थोड़ी देर बाद बोला- “फक, ए तो…” उसने उससे नज़रें हटाकर मुझे देखा- “इसको तो मैंने पॉर्न वीडियोस में देखा है, ये आपके पास कहां से आया?”

मैंने कहा- “अब पता चला की कल मोम किसके साथ थी?”

भाई बाक्स में से हार्ड नेस, लेदर वाला भाग, को निकालकर देखने लगा। फिर उसने बाक्स में रखे डिल्डो को देखा तो उसकी तबीयत खराब होने लगी, उसको दो सेकंड के लिए भी नहीं देख पा रहा था, हाथ लगाना तो दूर की बात थी। मुझे तो खूब हँसी आ रही थी पर खुद को कंट्रोल किए हुए थी।

मैंने सिंपली कहा- “अब समझा?”

 
भाई ने वापस बाक्स में रखे डिल्डो को देखा, और थूक निगलते हुए बोला- “आप दोनों ये सब करती हो?”

मैं- “देख मैं तुझे ये सब बताना तो नहीं चाहती थी, लेकिन तूने ही मुझे मजबूर किया है…”

भाई ने बाक्स बंद करके मुझे दे दिया लेकिन वो सोच रहा था। तब तक मैंने उसके खड़े लण्ड से नज़रें हटाकर, वो बाक्स साइड में रख दिया।

तब भाई ने पूछा - “लेकिन आप दोनों ऐसा करती क्यों हैं?”

मैं- “खुद ही सोच?”

भाई- “हाँ… पर?”

मैं- “पर क्या?”

भाई- “मुझे एक बात समझ में नहीं आ रही, मोम आपसे कैसे कर लेती हैं?”

मैं- “तू मुझसे कैसे कर लेता है, सेम…”

आदी कोई दमदार बात सोच रहा था फिर उसने कहा- “लुक, उस रात जब आपने कहा था की आप दोनों सेक्सुअली खुले हो और एक दूसरे को अपनी पर्सनल बात बताते हो, ठीक? लेकिन मैंने ये नहीं सोचा था की आप लेस्बियन भी हो…”

मैं- “तुम्हारा मतलब, बाइसेक्सुअल?” मैंने उसकी बात सही करते उसको स्माइल दी।

भाई आगे बोला- “ओके लमस बाइसेक्सुअल, आप ज़रा एक्सप्लेन करोगी आप दोनों का क्या सिस्टम है?”

अब मैं उसको कैसे बताऊूँ? कोई स्टोरी दिमाग में नहीं आई, फिर जैसे मेरा और मोम का स्टार्ट हुआ वो मुझे याद आया, फिर मैंने भाई को कहा-

एक बार मुझे मोम का सीक्रेट पता चला की मोम अकरम की रण्डी है। उसके बाद मोम ने मुझे देख लिया, जब मैं सेक्स टाय से सेक्स कर रही थी, ब्लाइंडेड मोम की आँखों से पट्टी हट गई थी और उन्होंने देखा की मैं भी उनके साथ ग्रुप-सेक्स कर रही हूँ । फिर उसके बाद मोम ने सारी बोला और रोने लगी। फिर उसके बाद उन्होंने बताया की ये कैसे स्टार्ट हुआ?” मोम ने अपना पहली बार होर बनने का अनुभव सुनाया था। फिर मोम की ज़रूरत समझकर मैं भी इमॉशनल हो गई और पता नहीं वो सब एक लेस्बियन सेक्स पे खतम हुआ। इसके बाद हम तेरे सामने तो मदर डाटर की तरह रहते हैं, पर अकेले में हमारा अलग प्लान होता है। और याद है ऐसे ही एक प्लान के बीचूत टपक पड़ा था और तूने सुन लिया था, मोम मास्टरबेट कर रही थी…”

(जब तुषार मोम की बेडरूम में गजब की मार रहा था)

और फिर तूने खुद सुना था की मोम जब बाहर आई थीं, तब मुझे भी साथ में करने का बोला था। जैसे तू मेरी फाड़ के रख देता है वैसे ही मोम भी मेरी हालत खराब कर देती हैं, और कल भी ऐसा ही कुछ हुआ था। देखो, जैसे त और मैं ब्रदर सिस्टर है और लवर भी, तो वैसे ही यहां भी सेम है…”

भाई ने ये बात जल्दी ही आक्सेप्ट कर ली। भाई फिर लास्ट में बोला- “सारी मैंने वो सब सोचा, उम्म… मोम के बारे में…”

मैं- “इट्स ओके, एक बात बता, तूने ये कैसे जान लिया की मोम के लगी नहीं थी…”

भाई खड़ा हुआ और सोचकर बोला- “कोई नहीं कभी-कभी ऐसा होता है की, पता चल जाता है या ऐसा लगता है की कुछ हुआ है…”

मैं- “क्या लगता है और क्या पता चल जाता है? मतलब?”

भाई- “फॉर एग्ज़़ॅंपल उम्म… जैसे कल ही देख लो, मुझे पता चल गया की मोम ने पक्का एनल किया है, ये तो सच है ना?

मैंने ‘हाँ’ में सिर हिलाया।

भाई- “मैंने लड़कियों के साथ गाण्ड मारने का अनुभव किया है और एक गर्लफ्रेंड तो गाण्ड से कुँवारी थी, और फिर जब मोम भी उसी की तरह बिहेव कर रही थी मुझे पता चल गया…”

भाई की नजर पास में पड़े बाक्स में गई और बोलते हुए बिना सोचे उसने बाक्स से डिल्डो निकाल लिया और देखने लगा, हमारी नज़रें मिलते ही उसने कहा- “भेन-का-लौड़ा…” मुझे जोर की हँसी आ गई।

एक्सरसाइज रूम में पहुँचकर उसने शरारती स्माइल से पूछा - “स्ट्रैप-ऑन, वाउ… आप दोनों ने और क्या-क्या ट्राई किया है?”

मैंने नोटिस किया की उसका बाबूराव खुश हो रहा था की घर की औरतें क्या-क्या गुल खिलाती हैं, मैंने लड़कियों के स्टाइल में भाई को झिडकते हुए कहा- “तुझे क्या?”

भाई- “हो सकता है मैं कुछ हेल्प कर दूं ? आप ही ने तो कहा ‘बाइसेक्सुअल’ हो, तो तुम लोगों को अगर रियल काक की ज़रूरत पड़ी तो आप मेरे पास आ सकते हो…”

मैं- “तेरी तो। भाग यहां से…” मैंने उसके सिर के पीछे एक चपत लगा दी।

भाई हँस पड़ा। फिर उसने मुझे छेड़ते हुए पूछा - “अच्छा फिर ये ही बता दो की आपने मोम का ऐसा हाल किया कैसे?”

मैं उसको मारने के लिए भागी- “लगता है मार खाने का मूड है तेरा…”

 
ब्रेकफ़ास्ट बनाने के बाद मैंने मोम को जगाया। मोम को याद आया की कल भाई ने उनको सोफे से उठाकर बेड पे लिटाया था, पर उनको ये याद नहीं था की भाई ने उनको नंगी देखा था। ये जानने के बाद तब उन्होंने कहा- “आदी ने सही कहा था…”

मैंने पूछा - क्या?

मोम बोली- “ये सब जानबूझ के तो कोई नहीं करता है, हम फीमेल्स के साथ रहेगा तो, आजक्सडेंटली तो ऐसा होगा ही…”

इसलिए मैंने मेरी और भाई ने जो मॉर्निंग में बातें की थी वो मैंने मोम को नहीं बताई, क्योंकी इससे मोम बौखला जाती। फिर भी सही टाइम आने पे मैं उनको बता दूँगी । भाई को वैसे आइडिया तो लग जाता होगा जब मोम या मैं अंजाने में आफ्टर सेक्स बिहेवियर दिखा देते होंगे। अगर उसको पता चल जाता है और वो फिर भी कुछ नहीं कहता तो ये रोमांचक नहीं, टेन्षन वाली बात है।

मुझे दो बजे शगुफ्ता का काल आया की मैं उसके घर पे आ जाऊं, वो अभी रास्ते में ही है और घर ही पहुँच रही है। तो मैं जब उसके घर पहुँची तब शगुफ्ता कुछ देर बाद आई, तब मैं उसकी मोम और उनकी एक रिलेटिव से बातें कर रही थी। शगुफ्ता का चेहरा देखकर लगा की वो बीमार है, वो साइड में चुप बैठी और रिलेक्स करने लगी, फिर कुछ देर बाद मुझे अपने रूम ले गई, जहाँ पे रिलेटिव के बच्चे खेल रहे थे। उनको भगाकर शगुफ्ता पहले नॉर्मल इधर-उधर की बात करते मेरे पास बैठी और कुछ सीरियस होकर सोचने लगी की कैसे कहे? फिर उसने पूछा - “कल तू सौरव से मिली थी?”

अब मैं समझी टेन्षन मुझे मिलने वाली है- “क्यों क्या हुआ?”

शगुफ्ता- “वो सौरव से मैं आज मिली थी तो उसने बताया की कल वो तुझसे और तेरी कजिन से मिला था…”

मैंने हाँ में सिर हिलाया

शगुफ्ता- “उसने कहा की तू और तेरी कजिन उसके साथ कॉन्सर्ट गये थे फिर उसको वही छोड़कर चली गई…”

मैं- “हाँ… वो वहां पे मवाली टाइप के लड़के मेरी कजिन से चिपक रहे थे, और बदतमीजी कर रहे थे, इसलिए उनके डर से हम वहां से चली गई थीं…”

शगुफ्ता- “ह्हम्म… मुझे पूछना था की… …” तभी वो बच्चे लोग खेलते-चिल्लाते वापस रूम में आ गये, उनको फिर से रूम से बाहर करके शगुफ्ता ने दरवाजा लाक कर दिया, फिर कहा “इनको बस हल्ला करना आता है…”

शगुफ्ता- “हाँ तो मैं क्या कह रही थी?”

मैंने कहा- “सौरव ने तुझे बताया की मैं उसको वही छोड़ आई थी। वो ठीक से तो पहुँच गया ना घर अपने? मेरी कार में हम वहाँ गये थे। उसको कुछ हुआ क्या, जो मुझसे डीटेल्स माँग रही है?” मैंने उसको टापिक पे लाने के लिए कहा।

शगुफ्ता- “ना, वो बस डर गया था जब उन गुंडे लोग उसको तेरे और तेरी कजिन के बारे में पूछने लगे…”

मैंने सोचा की वो ये क्यों पूछ रहे थे? वो अकरम के तो आदमी नहीं थे, शायद बार में उन्होंने हमें देखा होगा वहां पे, या हो सकता है की उन्होंने हमें पहली बार देखा हो और मोम के मजे लेने के लिए सौरव से पूछ रहे हों।

शगुफ्ता ने आगे कहा- “तो वो वहां से भाग के आटो से घर चला गया। उसको छोड़ो, ये इंपाटेंट नहीं है। तेरी कजिन तो ठीक है ना? वो बोला की वो लोग तेरी कजिन को छेड़ रहे थे…”

मैं- “अब ठीक है, उसको लग गई थी…”

शगुफ्ता- “नाम क्या है उसका?”

मैं- “राखी…” शगुफ्ता का मुझे यूँ देखना अजीब लगा, तो मैंने उससे पूछा ।

तो उसने जींस की पाकेट से फ़ोन निकाला और कुछ देर बाद मुझे दिखाया। उस पिक में मैं और मोम माल में शॉपिंग कर रही थी, सौरव ने हमारी पिक ले ली थी। मेरा दिल जोर से धड़क रहा था और सीना गर्म हो गया। यानी शगुफ्ता को पता चल गया था। मैं चुप रही और रूम के बाहर रिलेटिव्स और उनके बच्चे और शगुफ्ता की मोम की बातें सुनाई देने लगी, वो बगल वाले रूम में आ गये थे।

शगुफ्ता मुझे बाथरूम में ले गई और मैं बस चुपचाप थी, तो शगुफ्ता ने मुझे अपना फ़ोन दिया। मैंने माल की कुछ पिक्स के बाद अगली पिक देखी, वो उस खाली बिल्डिंग के चौथे फ्लौर की पिक थी जिसमें मैं कपड़े लिए खड़ी हूँ और मोम अपने पहन रही थीं। अगला उसी जगह का वीडियो था पर 5 सेकंड का था, पहले सौरव ने अपना चेहरे का, फिर कैमरा हमारी तरफ, फिर वापस से उसके चेहरा की तरफ हो गया। हमारा चेहरा ब्लर तो हो रहा था लेकिन उसमें हम दिख गई थीं, मोम ने मिडी पहन ली थी और मैं जम्पर पहन रही थी। साला हरामी फ़ोन काल का बहाना बनाकर ।

शगुफ्ता ने फिर बताना शुरू किया और मैं बस चुपचाप सुनती रही- “उसने मॉर्निंग में मुझे काल करके बुलाया, मैंने मज़ा कर दिया। फिर उसने कहा की कल वो कुछ गुन्डो से पिटते-पिटते बचा, फिर ऐसे ही मैं वहां चली गई। हम बात कर रहे थे तब वो व्हाटसप पे चैट कर रहा था।

मैंने पूछा तो वो मुझे बताने लगा, उसने ‘तेरी दोस्त और उसकी कजिन’ की स्टोरी सुनाई, मैंने विश्वास नहीं किया तो उसने वीडियो और पिक्स दिखा दी, जिसको देखते ही मैं सब समझ गई। पर एक प्राब्लम अभी भी है उसने वो वीडियो अपने एक दोस्त को भी भेज दिया था, वो भी मेरे सामने। तब मुझे पता चला की ये पक्का कोई गड़बड़ कर देगा। अच्छा हुआ की मुझे उसका पैटर्न पासवर्ड याद रह गया, उसके बाथरूम जाने पे मैंने उसके

फ़ोन से इम्पाटेंट डाटा ले लिया, जो डेलीट करना था वो मैंने कर दिया। बाकी एप्स चेक की लेकिन उसने सिर्फ़ व्हाटसप पे एक दोस्त को ही मेसेज़ किया था…”

मुझे वीडियो शेयर होने की टेन्षन नहीं थी, क्योंकी वो वीडियो पहले से ही खराब था और लोग चेहरा भूल जाएँगे और ज्यादा फ़र्क नहीं पड़ता व्हाटसप पे और कितना आगे जाएगा।

अब टेन्षन थी मेरी दोस्त की, शगुफ्ता अब जान गई थी तो मैंने बात आक्सेप्ट कर ली। उसने जो किया उसके लिए थैंक्स कहा, और शगुफ्ता ने प्रोमिस किया की ये बात वो किसी को भी नहीं बताएगी और मुझे उसपे भरोसा था।

फिर कुछ देर बाद वो मुझे सब कुछ पूछने लगी, कैसे तू ये करती है? कैसे स्टार्ट हुआ ये सब एट्सेटरा एट्सेटरा। अब क्या करती उसको थोड़ा कुछ बताना पड़ा। मेरे जवाब देने पे वो एक्सपेक्टेड रियेक्शन देने लगी, जैसे चकित हो जाती, अपने चेहरा पकड़ लेती। शगुफ्ता के लिए ये बात बहुत बड़ी थी, इसलिए वो अब और बीमार लग रही थी।

फिर हम बाथरूम से निकलकर बेड पे लेट गये, दिमाग शांत होने पे उसने पूछा की जब मैंने उससे शर्त लगाई थी और मैं नंगी ही घर चली गई थी, इसीलिए ना की ये सब चल रहा था मेरे और मोम के बीच? मेरे हाँ बोलने पे उसने कहा की फिर वो शर्त हारी ही नहीं। फिर उसने अपने फ़ोन से वो पिक्स और वीडियो डेलीट कर दिए और कहा की मैं आगे से ध्यान रखूं , अगर ये रिलेशन छुपाकर रखना है तो?

घर पहुँची। तब मोम ने मेरे चेहरा को देखकर पूछा , तो मैंने मोम को बताया। मोम इतनी चिंतित नहीं हुई जितना मुझे लगा था। मोम ने ये टेन्षन में पूछा की क्या शगुफ्ता ने किसी और को तो नहीं बताया? मैंने पूछा की उसको पता चल गया ये बड़ी बात नहीं है? मोम ने बस ये कहा की तेरी सभी दोस्त एक तरह से अपने टाइप की हैं, तो उसके पता चलने से फ़र्क नहीं पड़ेगा, वो बस आगे किसी और को ना बताए।

असल में मुझे तब महसूस हुआ की शगुफ्ता के अलावा भी अगर बाकी दोस्तों को मेरे और मोम के बारे में पता चलने से मुझे कोई प्राब्लम नहीं होगी, वो मेरी इस युनिक सिचुएशन को स्वीकार कर लेंगी। वो पाँचो मेरे लिए स्पेशल हैं, बस मुझे ये डर था की वो मेरे लिए वियर्ड महसूस ना करें, कम से कम कामया तो नहीं।

 
कुछ दिन बाद अकरम ने हमको अपने क्लब बुलाया, मोम ने ब्लैक फ्री फ्लोइंग स्कर्ट पे रेड टाप पहना और मैंने लो ‘वी’ कट सफेद टीशर्ट वो भी ब्रालेश जिससे बिग क्लीवेज़ के साथ उसमें मेरी चुचियाँ तो फाड़कर निकल ही रही थीं फिर मैंने जींस-शर्ट पहन लिया।

क्लब में अकरम हमें अपने रूम ले गया, वहां जाते टाइम मेरी चूत को पहले से ही फीलिंग आ गई। रूम में पहुँचने पर अकरम ने कहा- “अच्छा अब सुनो, आज तुम दोनों माँ बेटी को मेरे कुछ खास कस्टमर्स को खुश करना है…”

मोम उसकी बात नहीं सुन रही थी और अपने लिए एक ड्रिंक बनाते हुए हमें पूछा की हम क्या पिएंगे?

अकरम थोड़ा चिढ़ के बोला- “अरे मेरी बात तो सुन ले, फिर बोलेगी की ये नहीं बताया वो नहीं बताया?”

मोम हँस ती हुई बोली- “ओके ओके। आई एम लिसनिंग…”

अकरम- “टोटल 7 लोग हैं, पर 3 से एक-एक करके चुदना पड़ेगा, बाकी 4 एक साथ कर लेंगे, तो बोलो चारों को एक साथ कौन संभालेगा?”

“इसको…” मोम ने कहा।

अकरम हँस पड़ा- “अच्छा, बेटी को माँ सिखाना चाहती है…”

रण्डी की माँ बोली- “और नहीं तो क्या?”

अकरम- “अब सिखाना क्या, तेरी बेटी है तो तुझ जैसे ही 5-10 लण्ड आराम से ले लेगी। वैसे… …” वो रुका और फिर आगे बोलने लगा जैसे कोई गलत बात बोलने से पहले रुक जाते हैं। फिर ड्रिंक खत्म कर मेरे पास आया और बस खड़ा हो गया। उसका इशारा था की मैं उसकी पैंट से उसका लण्ड निकालूं पर मैंने निकाला नहीं और सिप लेते हुए उसको देखती रही।

अकरम- “ले…”

मैं- “क्या?”

वो स्माइल करता हुआ- “चल मेरी जान शुरू कर…”

मैं मजे लेते हुए- “क्या शुरू करूं? बोलो तो…”

अकरम मोम को बोला- “सच में तेरी बेटी को तुझे बहुत कुछ सिखाना पड़ेगा…” ये कहते फिर उसने मेरा टीशर्ट निकाल दिया, मेरे बड़ी-बड़ी चुचियाँ उछल के बाहर आ गईं। फिर उसने झुक के मेरे दोनों टिट्स को अपने मुँह में भर लिया।

मैं मजे लेते हुए उसकी पैंट खोलने लगी फिर उसका खड़ा लण्ड बाहर आ गया। मोम ने अपना ग्लास साइड में रख दिया और वो भी उसके लण्ड को सहलाने पास आ गई। वो दोनों मेरे टिट्स को चाटते तो आपस में किस, मोम ने अपना टाप खोल दिया और अकरम ने उनकी रेड ब्रा जो मोम पे अच्छी लग रही थी। मोम और मैं मिलकर अकरम के लण्ड को चूसने लगी, मुँह में लेने लगी।

अकरम- “आऽ देख अपनी माँ को ऐसे चुसते है…”

मैंने उसकी बाल्स दबा दी।

तब अकरम- “आऽऽ अरे मज़ाक कर रहा था, ले त भी अपने मुँह में ले…”

मोम से मैं उसका लण्ड लेकर चूसने लगी।

अकरम- “अया अबे आह्हह… राखी तेरी बेटी को कुछ सिखाने की ज़रूरत नहीं है। आऽ ये तो तेरे पेट से ही सीखकर आई है, मादरचोद हिला-हिला, तू इधर आ…” कहकर उसने मोम के मुँह में डाल दिया और उनके मुँह को चोदने लगा।

फिर मुझसे कहा- “ले जानेमन अब तेरी बारी…” कहकर उसने मेरे बाल पकड़े और मेरा मुँह चोदा, जिससे चोकिंग होने लगी, मेरे साँस लेते टाइम।

मोम उसको डीप नॉट देने लगी और जब लण्ड मुँह से निकला तो वो पहले से ज्यादा स्लिपरि हो गया, फिर हम दोनों जीभ से, विदाउट स्किन वाले मुस्लिम लण्ड के सुपाड़े को तड़पाने लगीं।

अकरम- “आह्हह… आऽ तुम दोनों जब एक साथ होती हो ना, माँ कसम बड़ा धमाका कर देती हो आह्हह… अब ठीक है, पहले माँ की बारी…” कहकर उसने मोम की स्कर्ट और पैंटी उतार दी, और मैंने अपना शॉर्ट्स और थोंग।

अकरम ने हमें अपना मेकप बिगाड़ने से मना किया और कहा की वो ही सारी मेहनत करेगा। हम समझ गये की वो अपने कस्टमर को नहीं पता चलने देना चाहता था की उनको पहले से चुदी हुई लड़कियां मिली हैं। अकरम मोम की मार रहा था और मोम मजे से लेटी रही। बीच-बीच में ‘अरे यार’ बड़बड़ाता रहा और मोम की पोज़ीशन भी चेंज करता रहा।

शायद तंग आकर उसने मोम को साइड में किया, फिर उसने मेरी गीली चूत में आसानी से अपना लण्ड डाल दिया। उसके चोदते टाइम ना मैंने ज्यादा उउह्हह आऽ की और ना ही मोम ने। अकरम थोड़ा परेशान दिख रहा था, फिर उसने मुझे पलटने को कहा। मैं अपनी गाण्ड ऊँची करके पीछे उसकी तरफ देखते हुए इंतजार करने लगी, उसने गाण्ड पे लण्ड रखा और एकदम से अंदर घुसेड़ दिया।

गाण्ड में पहले से ही चिकनाई डाला हुआ था और कार से निकलने से पहले ही मैंने और मोम ने बट-प्लग निकाल लिया था। वो जिसका इंतजार कर रहा था मैंने उसको दे दी, लेकिन नकली। मेरी “आह्हह… माँ की ओह्हह… फक…” अब वो खुश दिख रहा था लेकिन मोम ने मुझे ऐसा करते देख लिया। फिर अकरम ने झड़ने से पहले मोम की भी गाण्ड मार दी और लास्ट में वीर्य मोम को पिला दिया। अकरम हमें यही इंतजार करने का बोलकर चला गया।

मोम ने मुझे सलाह दी- “तुझे नकली मोनिंग के लिए मुझे और प्रेक्टिस करानी चाहिए…”

मैं- “सही तो किया था मैंने…”

मोम- “अच्छा? मुझे नोटिस नहीं किया?”

मैं- “आप भी उसको उल्लू बना रही थी…” मैंने मोम से पूछा ।

मोम ने कहा- “उम्म… ह्हम्म… बाइ द वे, उसको हुआ क्या है?”

मैं हँसते हुए कहा- “मालूम नहीं, सेक्स रोग एवं समाधान…”

मोम हँसने लगी- “स्टुपिड, अच्छा खासा तो चल रहा था…” फिर दरवाजे की तरफ देखते हुए- “आई थिंक उसको रियल में अपनी सेक्सुअल पवर पे डाउट है…”

 
हमने खुद को नेप्किन से सॉफ किया, और अपने कपड़े पहन लिए। अकरम 10 मिनट बाद आया। अकरम ने मोम को इंतजार करने को कहा और मुझे अपने साथ एक दूसरे रूम में ले गया जो अकरम के रूम से ज्यदा सॉफ था, मुझे पता चल गया की इसको हाल ही में सॉफ और सही किया गया है।

रूम में पहुँचने के बाद मैंने वहां पे चार आदमियों को देखा। उनमें से तीन को मैं पहचान गई, मुझे उनके यहां पे भेजा गया था, सिवाय उस हट्टे-कट्टे आदमी को छोड़कर। मैं समझ गई वो भी कोई खास काम करता होगा, जिससे अकरम को फ़ायदा हुआ हो। अकरम ने मुझे ड्रिंक्स बनाने को कहा, मुझे किसी पुरानी हिन्दी फिल्म के दृश्य जैसा महसूस हुआ। सबने ड्रिंक्स लेते टाइम मुझे टच किया और मैं स्माइल करती आखीर में अकरम के पास अपना ग्लास लेकर बैठ गई।

अकरम ने उन चारों से थोड़ी देर अपनी डील के सफलता पूर्वक पूरी होने की बातें की। फिर लास्ट में उठाते हुए उनको कहा- “और ये…” मेरी गाण्ड पे हाथ मारते हुए- “मेरी तरफ से, खूब अयाशी करो…”

मैं खड़ी हुई और उन चारों के सामने गई, जिसमें एक हट्टा-कट्टा था बाकी दो नॉर्मल थे और चौथा बंदा हाइट में सबसे छोटा और मोटा था, जिसकी तोंद फट के बाहर निकल पड़ी थी। कहाँ पे मस्क्युलर बाडी वाले हैंडसम लड़के कालेज में मेरी चूत देखने तक के सपने देखते हैं, और कहाँ इन नमूनों को मेरी चूत के साथ-साथ मेरी गाण्ड भी नशीब होने वाली थी।

अकरम मुझे उनके हवाले करके चला गया और उन चार लोगों ने मुझ अकेली को उस रूम में घेर लिया और मुझे नंगा करने लगे, और मैं भी स्माइल करती हुई कपड़े उतरवाती रही। उन दो नॉर्मल बाडी वालों ने अपने चेहरे मेरी चुचियों पे सटा दिए, उस हट्टे-कट्टे जाट बंदे ने मेरी कमर पकड़ ली और अपनी तरफ खींच लिया।

लेकिन मैं प्यार से और अदा दिखाते हुए सबको नंगा करने लगी, किसी का भी लण्ड 5” इंच से ज्यादा नहीं था और उस मोटे का तो आलमोस्ट 4” इंच का छोटा पर मोटा लण्ड देखकर याद आया की उसने अनुभव से मेरी चूत से पानी निकाल लिया था। सबके नंगे हो जाने के बाद मैंने कहा की सब एक लाइन में खड़े हो जाओ।

मुझे उनके साथ खेलते देखकर वो भी मेरी बात मानने लगे, ब्लो-जॉब के बाद मैं जिनके यहां भेजी जा चुकी थी उन्होंने कंडोम इश्तेमाल किए थे, पर अभी वो कंडोम पहनने के मूड में नहीं दिख रहे थे। इसलिए मैंने कुछ कहा भी नहीं, सो, अपने आप ही पहले उस मोटे की बारी आ गई, और मैं उस मोटे के लण्ड पे बैठ गई और बाकी 3 को ब्लो-जॉब दिया, मोटा जल्दी ही निपट गया।

फिर वो जाट आदमी मेरे ऊपर चढ़ गया, उसने मुझे पागल कर दिया, नहीं, अपने लण्ड से नहीं बल्कि अपने जंगली बिहेवियर और स्ट्रांग बाडी से।

मुझ रण्डी के झड़ जाने के बाद नॉर्मल बाडी वालों को मेरी चूत और गाण्ड दोनों एक साथ मिल गई। मैं सैंडबिच बनी हुई थी और मैंने उस मोटे को मेरी चुदाई देखते देखा। उसको बुरा ना लगे इसलिए मैंने उसको पास बुलाया और उसका नर्म हो चुका लण्ड सहलाती रही, और दूसरे हाथ से उस जाट, जो मोटे को देखकर पास आ गया था, उसका लण्ड मुँह में ले लिया। इस तरह मैं एयर टाइट थी यानी मेरे तीनों छेद लण्ड से भरे थे। ऐसे में वो दो नॉर्मल बाडी वाले भी झड़ गये, तो मोटा भी उनके साथ साइड में जाकर ड्रिंक्स करने लगा।

अब सिर्फ़ वो हट्टा-कट्टा बंदा बचा था जो मुझे डागी स्टाइल में चोद रहा था, उसने चूत मारने के बाद मेरी गाण्ड में अपना लण्ड पेल दिया। मेरी गाण्ड मराई देखकर बाकी बंदे भी वापस आ गये, मोटे ने मुझे बोतल दे दी और मैं ड्रिंक करती हुई गाण्ड चुदा रही थी।

फिर मैंने बोतल वापस दे दी और उन्होंने शराब से अपने-अपने लण्ड गीले कर दिए। उनके लण्ड थोड़े से मुरझाए से थे, पर वो मेरा चेहरा और जहाँ उनको ठीक लगा वहां पे अपने लण्ड डालने लगे। इस चक्कर में उनके लण्ड फिर से खड़े हो गये और अब सभी चारों मिलकर मेरी बजाने में लग गये।

कभी मुझे खड़ा करके झुका दिया जाता, तो कभी किसी के ऊपर लिटा दिया जाता, मुझे उस हट्टे-कट्टे बंदे ने उठा लिया और उछल-उछल के मेरी चूत मारी। मोटे आदमी ने उसको कहा की मुझे उनके सामने उठाकर रखे, तो मुझे पहले उतारा, फिर उसने मेरे पीछे आकर मुझे मेरी जांघे पकड़कर उठा लिया।

मैं बोली- “लुक हू इज हियर, से हाय एवरीवन…”

सभी हँस पड़े फिर मुझे उठाने वाले ने मुझे तीनों के सामने घुमाया जैसे वो मेरी चूत उन सबको दिखा रहा हो, इस छोटी सी बात पे वो खूब हँसने लगे।

मैंने कहा- “ओके लड़कों, बारी-बारी से आ जाओ और अपना लण्ड रजिस्टर करवा लो…”

फिर वो सब हँसते हँसते , बारी-बारी से मेरी चूत मारने लगे। मुझे उठाए हुए उस जाट ने मेरी गाण्ड में अपना लण्ड डाल दिया। पहले वो नॉर्मल बाडी वाला आया और चूत मारने लगा, और उसके बाद मोटा; पिछली बार की तरह ही वो 2” इंच ही डाल पाया। मैंने उसको किस किया और एंकरेज किया दम लगाकर चोदने के लिये, फिर वो भी जम के चोदने लगा, अब मुझे उसका बचा खुचा लण्ड मिलने लगा।

वो मुझे किस करके हट गया, वो पसीने से बुरी तरह गीला हो चुका था, हम सबसे ज्यादा। उसके बाद दूसरे नॉर्मल बाडी वाले ने अपनी बारी आने पे काम चालू कर दिया।

“या या या…” मैं उछल रही थी और दोनों लण्ड मुझमें समा रहे थे।

फिर मुझे उतार दिया। उसी टाइम मैं झड़ गई, मेरे पैर काँपने लगे, जिससे मैं गिरने लगी तो उन्होंने मुझे संभाल लिया। वो मुझे बेड पे ले गये। एक बार मेरे झड़ जाने के बाद तक दो बंदे अपना वीर्य निकाल चुके थे। फिर जिसका लण्ड चूत में था वो खड़ा हुआ और मेरे मुँह में अपना लण्ड डालकर लण्ड हिलाता हुआ झड़ गया। और आखीर में उस मोटे के लण्ड का वीर्य मेरी गाण्ड पे गिरा।

उन सबने मुझे किस किया और थैंक्स कहा और मेरी तारीफ़ करने लगे। मैंने कह दिया की वो भी सच्चे मर्द हैं। हालाँकि मैं उनसे ज्यादा फाड़ चुदक्कड़ों से चुद चुकी हूँ । वो मोटा मेरी बात को दिल पे ले लिया और पास आकर बोला की भले ही अकरम की गिफ्ट हूँ पर; उसने वैलेट से छोटी सी गड्डी निकाल दी; तूने मेरा दिन बना दिया।

उसके देखा देख सभी ने मेरे नंगे बदन पे थोड़ी-थोड़ी रकम रख दी। फिर वो सब बातें करते-करते कपड़े पहन कर चले गये। मैं हैरान थी, और अच्छी चुदाई से खुश भी और दर्द में भी। मैं वो रकम बेडशीट के नीचे रखकर सो गई।

जब जागी तब मेरे पास मोम भी सो रही थी। मैं थोड़ा और रिलेक्स कर रही थी। तब एक अकरम का बंदा मोम के कपड़े ले आया। मैंने उसको कहा की हमारे लिए कुछ खाने पीने को ले आए। उसने हाँ में सिर हिला दिया और चला गया। मैंने मोम को जगाकर कहा की चलो नहा लेते हैं। मोम ने नहाते हुए बताया की उनको भी मुझ जैसे वोही लोग मिले जिनके यहां हमें भेजा गया था।

हमने नहाकर अपने कपड़े पहन लिए फिर अब्दुल उसी लड़के के साथ आया जो पहले अभी आया था, लेकिन अभी उसको देखकर लगता था की उसको किसी ने डांटा है या थप्पड़ मारी गई है। वो लड़का हमारा डिनर रखकर चला गया।

उसके जाने के बाद अब्दुल ने कहा की सोने से पहले अपने रूम को बंद कर लिया करो।

मोम के पूछने पे उसने बताया की अभी जो लड़का आया था ना… उसने मेरे सोते की पिक्स ले ली थी, और मोम की पिक्स लेने के बहाने वो मोम के कपड़े ले आया था।

हम घबरा के बोली- “ऐसे तो यहां पे सभी काम करने वालों ने हमारी पिक्स ले ली होंगी या वीडियो बना लिए होंगे, और… और बाकी जो लोग बार में बैठे होते हैं उन्होंने भी…”

अब्दुल बोला- “अरे अरे शांत हो जाओ, ये जो बार तुम जो देखती हो ना वो अंदर वाला है, और कोई भी यहां पे फ़ोन कैमरा कुछ भी नहीं ला सकता, सब बाहर। और रही बात ये छोकरा लोग को पता है की अंदर की फोटो नहीं लेने का है…”

मैं- “तो फिर उसने पिक कैसे ले ली?”

अब्दुल बैठ गया फिर समझाते हुए बोला- “क्या है, सबके पास फ़ोन तो रखना ज़रूरी है। भाई ने रूल बना रखा है की कोई भी रण्डी की फोटो वगैरह लेना मना है। जो सस्ती वाली रंड्डयां होती हैं ना, ये पन्टर लोगों के लिए ही होती हैं, जिस रण्डी को जमता है वो इन लोगों के साथ फोटो वीडियो का मना नहीं करती, दूसरा ये की तुम्हारा (मेरी तरफ इशारा करके) आज इन पन्टरों का रूम में प्रोग्राम रखा। इसीलिए उसको लगा की कोई नई लाए हैं, और रूम भी सॉफ तुम लोगों के लिए करा है। ये बात उसको पता नहीं थी और उसने फोटो ले ली…”

मोम ने पूछा - “फिर भी बाकी वर्कर चुपके से भी फोटो ले सकते हैं ना?”

अब्दुल बोला- “ठीक है, भाई ने सबको बोल रखा है, खास करके तुम दोनों का, फिर भी आज ये हो गया। तुम लोग टेन्षन ना लो, मैं कुछ करता हूँ । अच्छा अब तुम लोग डिनर कर लो। मैं चलता हूँ …”

डिनर करने के बाद मैंने बेडशीट के नीचे से वो पैसे निकाल लिए। मोम के चेहरा को देखकर- “उत्तेजित मत हो, ये मुझे टिप में मिले हैं…” हम आधी रात के बाद, अपने ही घर में चोरों के जैसे घुसे।

अब्दुल ने एक बार मुझे बताया था की सी॰सी॰टी॰वी॰ के जो फुटेज कभी भी बाहर नहीं जाते, इसके लिए अलग से दो बंदे बिठा रखे हैं। अकरम ने बहुत पहले मुझे मोम की सी॰डी॰ दी थी जब मुझे मोम के बारे में कुछ भी पता नहीं था।

मैंने नेट पे भी खूब सर्च किया था पर मुझे आज तक हमारा एक भी वीडियो नहीं मिला था। आई थिंक, इस सबसे निकल ना नाएं, तब तक टेन्षन लेने से कोई फ़ायदा नहीं है। जब बदनाम होंगे, तब की तब देखेंगे।

 
भाई और मैंने लास्ट तब सेक्स किया था जिस दिन मोम से झगड़ा हुआ था और हमने डिसाइड किया था की हम ये बंद कर देंगे। अगले दिन मार्निंग में, हमने सोचा आज पूरा दिन आराम करेंगे, 10:00 बजे मोम और मैं मस्ती कर रही थीं, मोम ने मेरे कपड़े वाटर स्प्रे से गीले कर दिए तो मैं भी एक स्प्रे पानी से भर के मोम के पीछे भागी।

फिर मोम बेशर्म होकर नंगी हो गई और कहा- “अब जितना गीला करना है कर…” और मुझसे बचते हुए मुझे पकड़ लिया और मेरी क्लिट को मरोड़ दिया।

मैं मोम से बचने के लिए अपने रूम की तरफ भागी। मोम ने मेरी कमर पकड़ ली और खुद के साथ मुझे भी गिरा दिया। मैं मोम को रोक रही थी की वो मेरे बदन को कवर करने वाले लास्ट कपड़े यानी टी-शर्ट को ना उतारें। मैंने मोम को धक्का दिया, मैं नंगी अपने रूम में भागी और मोम भी नंगी मेरे पीछे-पीछे आई।

मैं रुक गई और मोम को गुदगुदी करने लगी, तो मोम मुझसे बचने के लिए एक्सर्साइज रूम का दरवाजा पकड़कर मुझसे बचने लगीं। मैं पूरी ताकत से दरवाजा खोल रही थी और मोम हँसती हुई दरवाजा बंद करने की कोशिश की। तभी मुख्य दरवाजा पे बेल बाजी।

डोरबेल बजी थी, यानी भाई तो नहीं था, कोई कोरियर वाला या ऐसा ही कोई आया होगा, क्योंकी हमारे गेस्ट आल्वेज काल करके ही आते हैं। मैंने मोम को जाने को कहा। मोम जब निकली तो मैंने एक गाण्ड पे जमा दी, मोम ने शाक से मुझे देखा फिर कहा की हमारा खेल खत्म नहीं हुआ और वो वापस आकर इसका बदला लेंगी, मैंने उनको बाइ बाइ का इशारा किया। फिर मोम जल्दी से नीचे गई और मैं अपने रूम में। मोम के कुछ पहन लेने तक डोरबेल बजती रही।

15 मिनट बाद मोम ने; शायद, मुझे चैलेंज करने के लिए; बुलाया तो मैं नंगी ही नीचे गई। तब मैंने देखा की अब्दुल आया हुआ था और मोम उससे बात कर रही थी, जिन्होंने येल्लो कलर की सम्मर ड्रेस पहन ली थी।

अब्दुल ने मुझे देखकर हैरान हुआ, नंगी देखकर नहीं, और कहा- “अरे तू यहां कैसे?”

मैंने बस कंधे उचका के उसको आँख मार दी।

फिर अब्दुल ने मोम से आगे कहा- “अच्छा तो तुम तैयार हो लो चलने के लिए। भाई ने बोला, दो होंगी तो ठीक ही रहेगा पर मैं बोल देगा की दूसरी थी नहीं…”

मैंने उसकी बात का मतलब समझने के लिए मोम की तरफ देखकर पूछा- “कहां पे चलना है?”

अब्दुल- “फार्महाउस पे…”

मैं- “अरे यार, कल ही तो इतने सारे लोगों को हम पे छोड़ दिया थे और… …”

मोम ने मेरी बात काटते हुए कहा- “बात क्या है? कोई अकरम की खास पार्टी है आई है क्या?” मोम ने ऐसे कहा जैसे वो समझ गई हों।

और अब्दुल भी मोम की बात पे हाँ में सिर हिलता हुआ सोफे पे बैठ गया।

मोम- “अरे वो फालतू का टाइम पास है, भाई को बड़ा फायदा होगा इसीलिए तुमको (मेरी तरफ हाथ करके) बुलाने को बोला…”

अब्दुल- “एक मोटा सा आदमी ही है, वैसे भी उससे कुछ होगा भी नहीं, खाली बोलता ही रहेगा बस और वो बहुत ही पकाऊ बातें करता है इसलिए उसको सुनना भी पड़ेगा अलग, और उसके लिए (मुझे स्माइल करते हुए देख) तू तो भाग जाएगी मुझे पता है…”

मैं- “अच्छा?”

अब्दुल- “और नहीं तो क्या? तू चिढ़ती नहीं है क्या तोंद वालों को देखकर…” उसने ऐसे कहा जैसे मुझे जानता हो, मेरा मतलब वो सही कह रहा था।

मोम के बेडरूम में हम चले गये, मैं बेड पर लेट गई, पूरे कपड़े पहने हुये अब्दुल मेरे टिट्स को देखते हुए पास में बैठ गया। मोम ने सम्मर ड्रेस उतार दी जिसके नीचे उन्होंने कुछ नहीं पहना था, नंगी मोम अब्दुल से बातें कर रही थी और साथ ही अपनी चुदाई के लिए तैयार हो रही थी। मोम बट-प्लग को अपनी गाण्ड में डालकर कपबोर्ड से कुछ ढूँढ़ने लगी।

असल में अब्दुल उन टाइप के लोगों में था जो नंगी फ़रतों को देखकर फुदकते नहीं थे। वो हम दोनों को कई बार चुदते देख चुका था, मुझे तो एक-दो बार अकरम के फायदे के लिए पिंप की तरह ले भी जा चुका था, और साथ ही वो हेल्पफुल भी था। उसके इसी नेचर की वजह से मैं उसका आदर करती थी।

मैंने ऐसे ही बातें करने के लिए अब्दुल से पूछा- “अकरम ने अभी कितनी लड़कियों को काम पे लगा रखा है? क्या कभी उनको हमारे जैसे इश्तेमाल नहीं करता?

अब्दुल बोला- “ऐसा नःीं है, इंतेजाम करने में तो दस लौंडियों को खड़ा कर सकते हैं, तुम लोग क्या है कि, हाई क्लास टाइप की हो ना? अँगरेजी भी बोल लेती हो, 3 हैं जो थोड़ी बहुत तुम लोगों के जैसी हैं, बाकी…” फिर थोड़ा रुक के बोला- “हाँ… एक लड़की थी पहले, मेहर, जिसको तेरे बरोबार मान सकते हैं, लेकिन अब उससे धंधा नहीं करा सकते। तुमको याद है ना वो शेख लोग? जब तुम नई-नई थी और वो तुम दोनों को पहली बार एक साथ में भेजा था, (मैंने हाँ में सिर हिलाया) हाँ तो वो ले गये थे उसको महीने भर के लिए, वो तो उसको खरीदना भी चाहते थे…”

मेरे होश उड़ गये ये सुनकर- “क्या?”

अब्दुल बोला- “अकरम का बड़ा भाई होता ना उस टाइम, तो बेच ही देता, लेकिन भाई का दिल आ गया था उस पे, इसलिए बात घुमा फिरा के टाल दिया, और जाकर ले आया वापिस…”

मैंने पूछा- “अब वो लड़की किधर है?”

अब्दुल बोला- “वो अब भाई के घर ही रहती है…”

मैं- “क्या शादी कर ली अकरम ने फिर उससे?”

अब्दुल हाथ घुमाकर बोला- “नहीं रे, भाई कभी फिर से शादी नहीं करेगा, वो तो रखैल है, भाई ने अपने यहां सब टिप टाप सामान रख रखा है, ताकी उसको कोई परेशानी ना हो। ये राखी भी वहां पे रह चुकी है, कितने टाइम रही थी?” उसने मोम से पूछा।

मोम- “याद नहीं सही से…” मोम ने जवाब दिया, वो बाथरूम में टायलेट सीट पे बैठी हुई थी- “लेकिन ये याद है की तूने खूब मजे किए थे…”

मैंने अब्दुल को कहा- “तुम में तो बड़ी हिम्मत है, अपने बास की पर्सनल सेक्स स्लेव को चोद दिया…”

मोम ने कहा- “अब्दुल ऐसा नहीं है, वही अकरम की गैर-मौजूदगी का फायदा उठती है और मजे से रहती है…”

अब्दुल हँस पड़ा- “हाँ… अजीब बात है, भाई को कभी पता ही नहीं चला इस बात का…”

 
मोम स्माइल करती बोली- “वो तो पहले दिन ही चला गया था, और तू साला उसके पीछे-पीछे उसकी रखेल की मारने में लग गया…”

अब्दुल- “मैंने कहां उस मेहर को पकड़ा था, मैं तो सिर्फ तुमको एक बार चोदना चाहता था, फिर उसने ही हम दोनों को देख लिया…” मैंने अब्दुल की पैंट में हरकत होते देखी। अब्दुल ने अपनी हसीन याद ताजा करते हुए बताया की उसने कैसे मोम और उस मेहर की 4-5 बार बजाई थी।

मोम ने चुगली करने वाली टोन में बताया- “मेहर मोम से छुपकर अब्दुल के अलावा एक और बंदे से चुदती थी…”

अब्दुल ने कहा की उसको पता है क्योंकी उसने उस लड़के की धुनाई भी कर दी थी।

मोम ने पूछा- “क्या वो अब भी अकरम के पीछे-पीछे गुलछर्रे उड़ाती है? क्योंकी उसको देखकर मुझे नहीं लगता की वो अकरम से संतुष्ट होती थी…”

अकरम- “तुम सही बोल रही हो। हाँ अब ऐसा वो नहीं करती, नहीं अब नहीं। अब तो कैमरे-वैमरे लगा दिए हैं हर जगह, और दूसरी बात भी है कि वो अब पहले जैसी नहीं है, वो खुद को अकरम की बीवी मानती है, टाइम भी कितना हो गया है उसको भाई के साथ रहते, अकरम भाई भी अब तो अपने बड़े भाई सलमान को भी नहीं छूने देता है…”

मैंने अब्दुल से पूछा- “तुझे कैसे पता?”

अब्दुल सुनते टाइम अपने लण्ड को थोड़ा मसल दिया जैसे उसको खुजली हो रही हो- “मेहर ने ही मुझे बताया…”

मोम ने उसको छेड़ते हुए पूछा- “ओहो उसने बताया, कब? तेरी गोदी में भैठकर?”

अब्दुल शर्मा गया।

फिर मोम ने बाथरूम का दरवाजा बंद कर दिया, थोड़ी देर बाद मोम वापस बाथरूम से अपनी गाण्ड तौलिया से पोंछती हुई आई और कपबोर्ड खोलकर ड्रेसेस देखने लगी। अब्दुल की आँखें हसरत से मोम की गाण्ड को देख रही थीं, लेकिन वो खुद पे पूरा कंट्रोल किए हुए बैठ रहा।

मैंने नोटिस किया की अब्दुल, मोम को जो अकरम की एक्स-गर्लफ्रेंड या रखैल जो भी थी उस टाइम भी वो उनको पसंद करता था। मोम ने बताया था की वो अब्दुल से चुदा चुकी है, अब्दुल जो हमेशा वेल बिहेव्ड और नंगी रंडियों के सामने एकदम शांत रहता था, उसने भी एक बार मुझे और मोम को एक साथ चोदा था।

ये सोचते ही मेरा हाथ अपने आप मेरे पास बैठे अब्दुल के लण्ड पे चला गया। अब्दुल ने मुझे देखा, पर कहा कुछ नहीं। मैंने अब्दुल के कान में धीरे से कहा- “तू राखी को चोदना चाहता है, है ना?”

मोम ने मेरी फुसफुसाहट को सुनकर हमें देखा, अब्दुल ने केयरलेसली ना में सिर हिला दिया।

मैंने कहा- “शर्मा क्यों रहा है?”

अब्दुल थोड़ा सख्त हो गया था जैसे उसको ऐसा काम करना पसंद नहीं है, और इधर हम दोनों इतनी देर से उसके सामने नंगी बैठी थीं, जैसे की ये नार्मल बात है। हाँ ये नार्मल हो गया था हमारे अकरम के क्लब में इतने सारे लोगों के सामने चुदने और उसके बाद नंगी रहने से। मुझे ये ख्याल आते ही मेरे दिमाग ने मुझसे कहा- “मुझे लास्ट टाइम शर्म कब आई थी?”

मैंने बेशर्मी से अब्दुल का लण्ड बाहर निकाल लिया, जो कब से अपनी अंडरवेर को गीला कर रहा था।

फिर अकरम का काल अब्दुल को आया, अकरम ने कहा की फार्महाउस 1-2 बजे पहुँच जाना, उनको टाइम लगेगा। काल कट होने के बाद अब्दुल बोला- “वो मोटा ही टाइम खराब कर रहा होगा, अभी तो 11:00 भी नहीं बजे हैं…”

मोम कपबोर्ड बंद करके मुड़ी और मुझे अब्दुल के लण्ड को चेक करते हुए देखने लगी।

मैं- “फिर तो राखी, तुम बैठ जाओ, बहुत टाइम पड़ा है…”

मेरा हाथ अब भी अब्दुल के लण्ड को पकड़े था, मैंने अपनी चुदक्कड़ लाइफ में हर टाइप के; आफ्रिकन को छोड़कर; लण्ड देखे और लिए थे, लेकिन आज तक अब्दुल से लंबा लण्ड नहीं देखा था।

मोम- “तू क्या कर रही है?”

मैं- “मैंने कुछ नहीं किया, ये तो तुझे देखकर चिल्ला रहा था कि ‘मुझे बाहर निकालो, मुझे बाहर निकालो’ और मैंने निकाल लिया, ये है कितना लंबा?” फिर अब्दुल से कहा- “पता है कितने इस तरह के लण्ड खुद के ना होने पे रोते हैं?”

अब्दुल बोला- “पागल है, मैंने कई चूत मारी है, उनमें भी कई तो मेरा पूरा ले नहीं पाती, दर्द से चिल्ला पड़ती हैं, किसी-किसी की चूत छोटी होती है, इधर मेरी खुद अपनी औरत को पूरा नहीं डाल पाता, उसकी भी चूत छोटी है…”

मुझे खयाल आया की वो भी किसी ऐसे पे मरती होगी जिसका लण्ड वो ले सके। मुझे याद आया की अब्दुल ने अपना लण्ड पूरा मेरी चूत में डाला था, डाक्टर शोभा ने भी कहा था की मेरी चूत भी मोम के जैसी है। हम उसके लण्ड को हाथ में लिए बातें कर रही थी, हम उसको सहलाती रही और खेलती रही, चूमती रही। उसका लण्ड एकदम हार्ड करके नापा भी, वो 8½” इंच से थोड़ा सा लंबा था।

हम दोनों आराम से ब्लो-जाब देती हुई अब्दुल से बातें करती रही। अब्दुल अकरम के बेरहम क्लब और उससे मिले होर वाली जिंदगी से एक अच्छी पाजिटिव वाली चीज थी, इसीलिए हम अपने घर में उसको स्पेशल गेस्ट का दर्जा दे रही थी।

35-40 साल की उम्र का नार्मल चेहरा और फिगर वाला अब्दुल, जिसका बालों वाला बदन मजबूत था, उसके बड़ी घनी झांटों की खेती बरसों से नहीं हुई थी, अच्छा था की लंबा लण्ड था उसका जिसको चूसते टाइम बालों से प्राब्लम नहीं हो रही थी।

अब्दुल कुछ सोचते हुए बोला- “एक बात मुझे समझ में नहीं आई, मोनिका, तुम राखी के घर पे ही रहती हो? मेरा मतलब खाली तुझे ही लेने आना होता है तो तू हुमेशा यही पे मुझे बुलाती है…”

मैंने और मोम ने एक दूसरे को देखा, क्या अब्दुल को पता नहीं था की हम माँ बेटी हैं?

शायद अकरम ने हमारे राज को अपने किसी भी आदमी को नहीं बताया था। मैंने कहा- “हाँ… मैं मोस्टली यहीं रहती हूँ…”

अब्दुल- “वो क्यों?”

मोम- “जैसे मेहर अकरम की रखेल है, वैसे ही ये मोनिका मेरी रखेल है…”

मैंने अपने हाथ में अब्दुल के लण्ड को हिलते महसूस किया जैसे ये सुनकर उसको मजा आ गया हो। मैंने अब्दुल को सेक्सी आवाज में कहा- “ये सच है, मैं राखी की गर्लफ्रेंड हूँ…”

अब्दुल- “ओ तेरी, क्या बात कर रही हो?”

हमने अब्दुल को स्पेशल डेमो देना शुरू किया, और इसमें ज्यादा देर भी नहीं लगी। जल्द ही उसका लंबा सा लण्ड मोम की गाण्ड में था जिसको वो कब से निहार रहा था। मेरी चूत मोम चाटती और साथ में मोन करती जा रही थी।

अब्दुल ने अपना लण्ड मोम की गाण्ड से निकाल लिया तब मोम की गाण्ड खुली थी और मुझे बड़े सेक्सी तरीके से वो छेद चाटने का आर्डर दिया। मैं बड़े चाव से अपनी मिस्ट्रेस की खुली गाण्ड को चूमने लगी, साथ ही उस लण्ड को भी जिसने बट-प्लग के बाद उसको और खोल दिया था।

मैंने अपनी गाण्ड ऊँची करके उसके लण्ड के सामने रख दी- “आह्ह… नहीं गाण्ड में नहीं, चूत में अइस्स्स… ओह्ह… फक्क योर काक फील्स सो गुड इनसाइड मी, कम ओन अब्दुल फक माइ पुस्सी, हार्डर। फक मी हार्डर अब्दुल…” फिर मैं मोनिंग करती हुई मोम की क्लिट पे जीभ फेरती रही, पर मुँह एक जगह टिक नहीं पा रहा था क्योंकी पीछे से अब्दुल जोर-जोर से धक्के मारता मेरी चूत फाड़ने में लगा हुआ था।

 
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