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Guest
मेरी बातों सुनके पूजा ने कुछ रिएक्सन नहीं दिया, शायद उसे यकीन था मुझ पे.. शायद नहीं... कुछ देर की खामोशी के बाद.......
"तो तुम क्या सोच रही हो इतनी देर से" मैने आगे देखते हुए कहा... मैं उसकी आँखों को नहीं देखना चाहता था उस वक़्त... शायद उसकी आँखों में देखता तो मुझे उससे प्यार हो जाता....
"वाह भगवान... शैतान भेजा भी तो इतना खूबसूरत. इतना हसीन" मैं खुद से बोलने लगा....
पूजा:- कुछ नहीं... क्यूँ ?
मैं:- शायद तुम ये सोच रही हो कि मैं झूठ बोल रहा हूँ... देखो पूजा, फ़ैसला तुम्हारा है, मैने तुम्हे सब सच बता दिया है, कुछ छुपाया नहीं है, अब फ़ैसला तुम्हे करना है के हम साथ अपनी ज़िंदगी बिताएँगे कि नहीं...
पूजा:- नहीं ... मैं ये नहीं सोच रही, बल्कि मैं खुश हूँ के आज हम साथ हैं.. खुश हूँ के तुम उस पायल के चंगुल से छूट गये हो... मुझे वो बिल्कुल पसंद नहीं है, तुमने उसे अभी पहचान लिया और उसे छोड़ के तुमने अपनी ज़िंदगी का सबसे बड़ा और सही फ़ैसला लिया है..... आइ एम वेरी हॅपी टुडे....
ये कहते कहते पूजा तो खुश थी, पर पायल के बारे में सुनके मुझे बहुत गुस्सा आया.....
"तेरी मा को चोदु, तू कौन होती है उसे हेट करने वाली...वो तेरे जैसियों को अपने आस पास भी भटकने नहीं देती, भगवान से 10 जनम भी लेगी ना तू, तो भी मेरी पायल जैसी नहीं बन पाएगी तू समझी रांड़ कहीं की.."
ये सब मैने पूजा से कहा नहीं, पर दिल में ही सोचने लगा था.... इतना खामोश देख के पूजा बोली...
"क्या हुआ ... लगता है पायल को भुला नहीं पाए हो अब तक, उसके बारे में सुन भी नहीं सकते.." पूजा ने ताना मारते हुए कहा...
ये सुनके मैने गाड़ी साइड में रोक दी.. सड़क के बीच में हम रुके हुए थे, मैने उसे आँखों में देखते हुए कहा...
"देखो पूजा.. आज से... नहीं, अभी से, हमारी बातों में पायल का डिस्कशन नहीं चाहिए मुझे... " समझी
मेरी आँखों में गुस्सा देख कर शायद पूजा भी चौंक गयी और उसे लगा कि मैं शायद ये सब सच बोल रहा हूँ...
"ओके डियर... नहीं कहूँगी, सॉरी प्लीज़..." पूजा ने मासूम सा चहरा बना के कहा...
मा की लौडी , चेहरा सिर्फ़ मासूम है, काश नियत भी सॉफ होती तेरी.. मैं बार बार उसकी आँखों को देखके उसके प्यार में गिर रहा था...
"अब चलें प्लीज़... 10 बजने आए हैं" पूजा ने फिर मेरा ध्यान तोड़ते हुए कहा...
उसकी ये बात सुनके मुझे होश आया कि पिछले 10 मिनट से हम सड़क पे खड़े हैं.... मैं गाड़ी वापस स्टार्ट करके आगे बढ़ा दी... करीब 10 मिनट बाद हम होटेल ****** पहुँचे.... जैसे ही मैने गाड़ी वलेट पार्किंग के लिए दी, सामने एक जाना पहचाना सा चेहरा दिखाई दिया...
पूजा और मैं अंदर रेस्टोरेंट की तरफ बढ़ ही रहे थे, तभी पीछे से आवाज़ आई..
"सर... हेलो सर... "
मैने पीछे मूड के देखा तो वही जाना पहचाना चेहरा मेरी तरफ बढ़ रहा था... थोड़ा दिमाग़ पे ज़ोर डाला तब ख़याल आया ये वोई होटेल है जहाँ पायल और मैने डॉली का म्मस बनवाया था, और वो शक्स नारायण है....
"सर.. आपने मुझे पहचाना नहीं शायद" नारायण ने मेरे पास आके कहा...
"जी बिल्कुल पहचाना आपको..." मैने नारायण से हॅंड शेक करके मुस्कुराते हुए कहा...
नारायण ने पूजा को देखा तो उसे देखता ही रह गया... शायद वो भी उसके चुचों में खोया हुआ था... मैने उसका ध्यान तोड़ते हुए कहा
"आप प्लीज़ टेबल के लिए अरेंज कीजिए, टेबल फॉर 2"
इससे नारायण ने अपनी नज़रें पूजा से हटाई और कहा.. आइए सर,
हम उसके पीछे जाने लगे और बैठ गये सीट पे.... हमे बिठा के नारायण ने वेटर से कहा
"साहब का ध्यान रखना... ही ईज़ वेरी स्पेशल गेस्ट फॉर अस"
ये कहके नारायण निकल गया और पूजा मुझे आँखें फाड़ फाड़ के देखने लगी.... उसका मूह खुला का खुला रह गया..
मैने उसका ये रिएक्सन देख के कहा
"क्या हुआ अचानक तुम्हे"
पूजा को एहसास हुआ, वो ठीक होके बैठी और कहने लगी
"वाउ!!! तुम तो बहुत फेमस हो, इतने बड़े रेस्तरॉ में भी जान पहचान है..नोट बॅड मिस्टर वीरानी...."
"अभी तुमने हमे जाना ही कहाँ है मिस जोशी... अच्छी तरह जान तो लो, मेरी दीवानी ना हो जाओ तो तुम जो कहोगी मैं वो हार जाउन्गा"
"मैं तो कब्से तुम्हारी दीवानी हूँ .. आज जाके इस दिल के अरमान पूरे हुए हैं... अब मुझे तुमसे कोई अलग नहीं कर सकता... इसी पल का इंतेज़ार था... " पूजा अब पूरी तरह दीवानी बनके बोल रही थी.. या शायद दिखावा कर रही थी..
हम बातें करने लगे और अपने मोबाइल नंबर्स भी एक्सचेंज किए.. खाने के साथ साथ ड्रिंक्स भी लेने लगे... ड्रिंक्स लेते लेते मुझे लगा अगर आग जलानी है तो पेट्रोल मुझे ही डालना पड़ेगा... ये सोचते सोचते मैं पूजा के पैरो के साथ अपने पैरो को सटा लिया और उसकी जांघों पे अपने पैर का अंगूठा फेरने लगा... शायद पूजा इसके लिए तैयार नहीं थी.. उसने मेरा साथ तो नहीं दिया, पर उसे इसके बुरा भी नहीं लगा...