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मेरी सेक्सी बहनें compleet

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मैने सोचा...आंटी आपकी बेटी की चूत है मेरी फेवोवरिट...

डॉली:- टंग्डोरी चिकन है मम्मी..मेरे भाई की फेव..ये कहके वो मेरे गले लग गयी..बट किसी को शक नही हुआ...

दूर खड़ी ललिता ये सब देख रही थी, शायद उसे समझ नही आया डॉली का ये प्यार मेरे लिए और वो अपने रूम में निकल गयी...

हम सब थके हुए थे...मैं और डॉली चुदाई से..बाकी लोग घूमने की वजह से...

मैं अपने रूम में जाके फ्रेश हुए बिना ही सो गया... सुबह उठके देखा तो 10 बज गये थे...मैने तुरंत अपने बॉस को फोन करके कहा आज लेट होगा...

तुरंत फ्रेश होके...मैं नीचे जाने लगा के तभी मुझे डॉली की याद आई और उसके रूम की तरफ चला गया..

जैसे ही मैं उसके रूम के पास पहुँचा..मुझे डॉली के हँसने की आवाज़ आई और मैं रुक गया

डॉली:- हहाहाहा...हां मेरी छोटी बहेन...राज को मैने फसा दिया है, अब देख उस पायल को मैं कैसे नचाती हूँ...

ललिता:- क्या दीदी, अपनी छोटी बहेन की चूत का भी तो ख़याल रखो ना

मैने यू-टर्न लिया और निकल गया...मैने अपना मोबाइल निकाला तो देखा 10 मिस्ड कॉल्स थे, और बहुत वेट्स अप मेसेजस...

जैसे ही मैं डॉली और ललिता की आधी बात सुनके मुड़ा... मैने अपना मोबाइल निकाल के देखा तो 10 मिस कॉल्स और कई व्हत्सप्प मेसेजस थे..

सब के सब पायल के.. उसका आखरी मेसेज पढ़ के मेरी चाहत पायल के लिए और भी बढ़ गयी

उसका मेसेज ऐसा था

"भाई... प्लीज़ आन्सर माइ कॉल,,, कुछ ग़लती हुई है तो प्लीज़ माफ़ कर दो भाई..बट बात ना करके इतनी बड़ी सज़ा मत दो.. जब तक आप माफ़ नहीं करोगे, मैं कुछ खाउन्गि पियूंगी नहीं... युवर लव पायल"

मैने तुरंत पायल को कॉल किया बट उसका कोई आन्सर नहीं आया..

मैने बुआ को फोन किया तो उन्होने आन्सर किया

बुआ:- राज बेटे.. प्लीज़ जल्दी घर आओ.. पायल को पता नहीं क्या हुआ है

मैने कुछ आगे बात ही नहीं की और तुरंत पायल के घर की तरफ निकला

जैसे ही पायल के घर पहुँचा.. बुआ बाहर ही खड़ी थी

 


प्लीज़ राज बेटे.. पायल को देखो ना क्या हो गया है, रात से ना कुछ खाया है, ना पानी पिया है..खुद को रूम में लॉक करके बैठ गयी है.. मुझे बहुत डर लग रहा है बेटे.. बुआ ने कहा

मैं पायल के रूम की तरफ भागा... और नॉक करके चिल्लाया.. पायल मैं राज हूँ , दरवाज़ा खोल प्लीज़

तुरंत उसने अपना दरवाज़ा खोला.मुझे अंदर लेके, फिर दरवाज़ा बंद किया और मुझसे चिपक के रोने लगी...

भाई....मुझे प्लीज़ माफ़ कर दो... क्यूँ इतनी बड़ी सज़ा दे रहे हो बात नहीं कर के.. क्या किया मैने भाई.. प्लीज़ बात करो ना मुझसे.. और ज़्यादा रोने लगी...

इतना प्यार देख के मुझे समझ ही नहीं आ रहा था क्या करूँ.. मेरी बुआ की बेटी मुझसे इतना प्यार करती है मैने कभी नहीं सोचा था... दिल में ख़याल आया कि सब छोड़ के पायल के साथ ही रहूं हमेशा.. ना शादी ना कुछ.. क्यूँ की हर रिश्ते को नाम देना ज़रूरी नहीं होता... कुछ में सिर्फ़ प्यार ही मायने रखता है.. उसके अलावा कुछ नहीं... पर मैने अपने दिल को समझाया. पायल को कासके बाहों में लिया और कहा

प्लीज़ मत रो मेरी जान.... मैं नहीं हूँ तुझसे नाराज़.. कल रात को सो गया था आंड फोन साइलेंट पे था.. भला ऐसा कभी हो सकता है कोई अपनी जान से रूठ जाए

भाई...प्लीज़ मुझे अकेला मत छोड़ना कभी... आइ लव यू वेरी मच.....

आइ लव यू टू शोना मेरी.... अब चलो, नीचे बुआ भी टेन्षन में आ गयी है...

आप चलो, मैं फ्रेश होके आती हूँ.....10 मिनट, पायल बोली

मैने ओके कहा. और उसके फोर्हेड पे किस देके कहा..

डियर..मुझसे इतना प्यार क्यूँ

भाई.. चाँद की पहचान आसमान से ही है... अगर मेरा भाई नहीं तो मैं भी नहीं... मैं नहीं जानती क्या होगा इस रिश्ते का बट फिलहाल मैं सिर्फ़ अभी का सोच रही हूँ..आगे जो हो भगवान की मर्ज़ी....

मैं सिर्फ़ स्माइल देके वहाँ से निकल गया और जाके बुआ से कहा... " वो आ रही है बुआ डोंट वरी... उसका ऑफीस में झगड़ा हुआ था, और वो आपको बताने से डर रही थी के कहीं आप उसकी ग़लती ही ना निकालो

हे भगवान.. इतनी सी बात, ये लड़की क्या करेगी राज, मैं इसी चिंता में रहती हूँ आज कल... बुआ ने कहा

डोंट वरी बुआ.. मैं हूँ ना, मैं ध्यान रखूँगा.. पायल मेरी ज़िम्मेदारी है अभी...

आह हाई... वो तो मैं हूँ ही..

हमने मूडके देखा तो पायल पीछे खड़ी थी

बुआ:- चलो बेटे, बैठो नाश्ता खा लो...

हम टेबल पे बैठे और बुआ नाश्ता लाई

बेटे तुम स्टार्ट करो.. मैं अभी आई.. ये कहके बुआ चली गयी वापस किचन में

आज तो मैं अपनी बहेन को हाथ से खिलाउन्गा मैने कहा और नीवाला पायल को दिया एक...

धीरे धीरे करके नाश्ता ख़तम होने आया.. आख़िरी नीवाले में पायल बोली

"भाई.. मेरा जूता नीवाला खाओगे आप ?"

मैने बिना कुछ कहे नीवाला खाया और उसे कहा.. और बोलो मेरी प्रिन्सेस... तेरे लिए कुछ भी

" नहीं भाई... आपने मेरा नीवाला ख़ाके साबित किया आप भी मुहसे उतना ही प्यार करते हो जितना कि मैं आपसे....."

मैं:= पगली... इतना प्यार करती है मुझसे

पायल:- आपके लिए जान भी हाज़िर है भाई... उफ्फ तक नहीं करूँगी.. मैं हमेशा भगवान से प्रे करती हूँ कि आपको कुछ होने से पहले वो तकलीफ़ मुझे हो... क्यूँ कि आप से ही मेरा वजूद है... आप नहीं तो मैं भी नहीं

उसकी ये बात सुनके मेरे दिल में सैलाब सा आ गया... मैने उसे तुरंत अपने पास लाया और उसके फोर्हेड चूम के कहा

"ऐसा मत बोल शोना... मैं हमेशा तेरे साथ हूँ... जान जाए तेरे दुश्मनो की... मेरी रानी को मुझसे कोई जुदा नहीं कर सकता..."
 


हम एक दूसरे में इतना खो गये थे कि अचानक बुआ की आवाज़ आई..

क्या डिसकस हो रहा है बेटे जो इतना सोच रहे हो तुम दोनो.. बुआ ने कहा

पायल:- मोम कुछ नहीं.. मैं भाई को बोल रही थी, आप नहीं होते तो क्या होता मेरा, इतना प्यारा भाई भगवान ने किसी को नहीं दिया आज तक...

बिल्कुल ठीक कहा बेटे.. राज, तुम पायल से इतने क्लोज़ हो, कि हमे लगता ही नहीं के हमारा कोई बेटा नहीं, हम हमेशा खुश हैं पायल महफूज़ हैं अपने भाई के साथ.. बुआ ने कहा

बुआ प्लीज़ अब आप इतने एमोशनल ना हो.. आंड चलिए अब ऑफीस जा रहा हूँ, पायल भी मेरे साथ चल रही है.. ओके अब बाइ..

ये कहके हम निकल गये.. जैसे ही मैन रोड आया

पायल:- भाई अब बोलो, क्या हुआ

मैं:- किसका ?

पायल:- भाई, बनो मत.. मैं जानती हूँ आप सोए नहीं थे कल रात को..झूठ मत बोलो

मैं:- बाबा झूठ क्यूँ बोलूँगा मेरी जान से

पायल:- भाई.. आपकी आँखें देखो एक दम लाल.. और आज ऑफीस लेट जा रहे हो मीन्स लेट सोए हो.. तो फोन क्यूँ नहीं उठाया...

मैं उससे कुछ कह नहीं पाया.. उसके ऑफीस पहुँच के उसे ड्रॉप किया

पायल:- तो नहीं कहोगे.. फाइनल ?

मैं:- पायल.. इस वीकेंड गोआ चलें ?

पायल:- भाई... बताओगे के नहीं

मैं:- चल... मैं टिकेट्स बुक करके कन्फर्म करता हूँ.. बाइ नाउ

ये कहके मैं निकल गया वहाँ से... बट मुझे पता था पायल मानेगी नहीं...

मैं बताता भी तो क्या... क्यूँ कि मैं खुद इतने सवालों से अंदर ही अंदर जूझ रहा था

क्या पायल सही में मुझसे इतना प्यार करती है ? क्या मैं उसके लायक हूँ ? क्या चाहती है आख़िर डॉली पायल से ?

ये सब सोचते सोचते ऑफीस आ गया और मैं ये सब साइड रख के काम में ध्यान दिया... फिलहाल !!!!

जैसे ही मैने पायल को ड्रॉप किया.. ऑफीस की तरफ निकल पड़ा…. ऑफीस पहुँचते ही मेरे बॉस मुझे घूर्ने लगा….

ये कोई टाइम है ऑफीस आने का.. चिल्ला के कहा…. मैने जवाब दिया “सर आपको सुबह को स्मस तो किया था”

आज कल बहुत लेट हो रहे हो तुम राज.. ध्यान रखो… धमकी देके मुझे निकल गया

उस वक़्त मेरे दिमाग़ में एक शायरी आई… “ गम-ए-उलफत में यूँ गान्ड ना मारो हमारी… जिस दिन दूसरी नौकरी मिलेगी, उस दिन मा चोद देंगे तुम्हारी”

खैर मैं अपने काम में लग गया.. पूरा दिन बहुत हेक्टिक निकला…. मैं बहुत थक चुका था… मैने अपना काम बंद करके पायल को स्मस किया

मैं:- ही स्वीटी… कॉफी ?

पायल:- मीट मी @ सीसीडी नियर माइ ऑफीस.. इन 10 मिनट्स

“इन 10 मिनट्स” पढ़ के मुझे पता चल गया आज मेरी लगाने के मूड में है पायल

मैं फटाफट निकल के जाने लगा बट देखा तो ट्रॅफिक बहुत था, शाम के 8 बजे उतना रहता ही है.. मैं सोचने लगा पायल क्या क्या बोलेगी लेट होने से

ट्रॅफिक क्लियर होने लगा और मैं धीरे धीरे बढ़ने लगा….. जैसे ही मैं गाड़ी पार्क करके निकला, सामने पायल खड़ी थी और बहुत गुस्सा लग रही थी….

मैं:- हाई स्वीटी…

पायल:- हाई वाइ छोड़ो…. कितना लेट करते हो… इतनी देर से पागलों की तरह खड़ी हूँ….

मैं:- रोज़ फॉर माइ रोज़ हनी…. कहते ही मैने उसके आगे रेड रोज़स का छोटा सा बूकेट रख दिया…

पायल अपनी खुशी और आँखों की चमक को छुपाते हुए…. “लास्ट टाइम” ओके ?

मैं:- ओके हनी… अब चलें, मुझे बहुत हेडएक हो रहा है, कॉफी पिए

हम अंदर जाके बैठे और दो ब्लॅक कॉफी ऑर्डर कर दी
 


पायल:- अब बोलो… सुबह से क्या छुपा रहे हो… अभी तो मैं जान के रहूंगी, कोई बहाना नहीं चलेगा

मैं:- कुछ नहीं यार, कल मोम दाद बाहर थे, तो मैने सोचा थोड़ी देर गेम खेलूँ.. फिर गेम खेलने बैठा तो टाइम का पता ही नहीं चला… जब मोम डॅड आए तब ध्यान गया तो 11 बज चुके थे, दोपहर से मैने कुछ खाया नहीं था, इसलिए उस वक़्त सो गया और सीधा लेट उठा

मैने बहाना बनाते हुए कहा…..

पायल:- नो वे भाई.. प्लीज़ डॉन’ट लाइ ओके… नहीं बताना तो ना बोल दो, मैं बार बार नहीं पूछूंगी आपसे…

मैं:- अरे बाबा कुछ नहीं है, क्यूँ ज़िद्द कर रही है

इतने में हमारी कॉफी आ गयी और हम कॉफी पीने लगे

उम्म्म.. इसे कॉफी कहते हैं भाई.. आइ लव दिस

ह्म्‍म्म… तेरे होंठों पे आके सब कुछ स्वादिष्ट हो जाता है स्वीट हार्ट

पायल:- बातें नहीं बनाओ अब… जो पूछ रही हूँ वो नहीं बता रहे तो और कुछ नहीं सुनना मुझे..

अरे डियर कुछ नहीं है.. क्यूँ ज़िद्द पे अडि हुई है…

वो कुछ कहती उसके पहले उसका फोन बज उठा

पायल:- हाई डॅड… ओके… ऊह हुह…. ओके, मैं आती हूँ 15 मिनट में अभी ऑफीस से निकलूंगी 10 मिनट में

“क्या हुआ” मैने पूछा

डॅड बाहर जा रहे हैं तीन दिन के लिए… चलो मुझे घर छोड़ो और कॉफी गाड़ी में लेते हैं

हम बिल पे करके निकल गये और गाड़ी भगा दी घर की तरफ

बीच में बार बार पायल पूछती रही, बट मैने उसे गुज़री हुई रात की बातें नहीं बताई

मैं:- अच्छा पायल ये सब छोड़ो ना, गोआ का तुमने सोचा कुछ.. ये वीकेंड चलें

पायल:- नहीं जाना कहीं भी मुझे… और आपके साथ तो बिल्कुल नहीं..

उसका गुस्सा बढ़ते देख मैने कहा.. ओके, मत चल बस, और मैने गाड़ी की स्पीड बढ़ा दी जिससे वो भी काफ़ी डर गयी

पायल:- भाई धीरे चलो, क्यूँ डरा रहे हो.. अच्छा बस नहीं पूछूंगी अभी कोई सवाल.. थोड़ा स्लो करो प्लीज़

मैं:- और गोआ चलेगी के नहीं ?

पायल:- नहीं, भले ही आप फास्ट चलाओ, आपकी मर्ज़ी… लेकिन नो गोआ.. आपने मेरी बात नहीं मानी तो मैं आपकी बात क्यूँ मानु

हमारा डिस्कशन आधा ही रह गया क्यूँ कि उसका घर आ गया…

गाड़ी से उतार के वो बाइ बोले बिना भाग गयी.. और मैं भी वहाँ से सीधा घर की तरफ निकला

मैं घर पहुँच के सबसे पहले फ्रेश हुआ और डाइरेक्ट खाने पे गया क्यूँ कि आज ऑफीस से बहुत थक चुका था….

सब लोग डाइनिंग टेबल पर आ गये और खाने बैठ गये…. मेरे ठीक सामने डॉली बैठी थी जो मुझे नीचे से बार बार टाँगों से टच कर रही थी

मैं:- डॉली कुछ लगा है क्या पावं में.. बहुत शिवर कर रहे हैं.. मैने ज़ोर से सबके सामने पूछा

डॉली:- एक दम सकपका गयी.. “ऊह.. नहीं तो, क्यूँ, नहीं ऐसा नहीं है, सॉरी पेर लगा तो”

मैं:- इट्स ओके डियर….

पूरे वक़्त डॉली मुझे देख रही थी बट मैं उसे इग्नोर कर रहा था, क्यूँ कि मुझे कहीं ना कहीं ऐसा लगा कि मैं पायल के साथ चीट करूँगा अगर डॉली के साथ फिर कुछ किया तो.. और जान गया था कि वो कुछ बड़ा प्लान कर रही है जिससे पायल को नुकसान पहुँच सकता है

मैं सब को गुड नाइट बोलके सोने चला गया और सीधा अपने रूम में जाके गेम खेलने बैठा

करीब 12 बजे स्मस आया मुझे .

डॉली:- ब्रो, दरवाज़ा खोलो, मैं बाहर खड़ी हूँ

मैने इग्नोर किया और फिर गेम खेलने लगा.. कुछ देर बाद वापस स्मस आया

डॉली:- भाई, तुम सो नहीं रहे हो आइ नो, चलो भी अब जल्दी करो

मैं:- बिज़ी प्लेयिंग गेम डियर, सॉरी, वी विल टॉक टुमॉरो

डॉली:- वॉटेवर भाई.. बाइ,

जैसे ही डॉली का जवाब आया, मैने गेम पॉज़ की और गेट खोला तो डॉली जा चुकी थी..

मैं सीधा डॉली और ललिता के रूम के पास गया, क्यूँ कि मैं शुवर था कि वो लोग कुछ डिसकस कर रहे होंगे अपने प्लान के बारे में

ललिता:- क्या दीदी, आप तो बड़ी शुवर थी, क्या हुआ आज, खाली हाथ और खाली चूत लेके ही वापस आ गयी

डॉली:- ललिता, मगज की हटा मत अब, आज राज की वजह से ऑलरेडी गुस्सा हूँ, उपर से तू मत बोल ज़्यादा

ललिता:- खुद को तो कामयाबी नहीं मिली और मुझपे गरम हो रही हो… इतना आटिट्यूड

इतना कहके ललिता उठकर वहीं सो गयी

डॉली बैठे बैठे कुछ सोचने लगी… और फिर वो भी सो गयी..

 


मैं वापस अपने रूम में आया और सोने लगा तभी पायल का कॉल आया

पायल:- हाई स्वीट हार्ट.. व्हाट आर यू डूयिंग

मैं:- कुछ नहीं, तुम बोलो, गुस्सा उतरा

पायल:- गुस्सा तो आएगा ना, अपनी स्पेशल स्वीटी को गोआ ले जाओगे सस्ते में, इंडोनेषिया नहीं ले जा सकते क्या आप मुझे

मैं:- ले जाने को तो मैं तुझे चाँद पे ले जाउ यार, बट बजेट थोड़ा प्राब्लम है, इंडोनेषिया की ट्रिप के लिए 25000 कम हैं

पायल:- भाई, मैं पूरी ट्रिप का पे करूँगी…. बस आपके साथ वक़्त बिताना है

मैं:- वक़्त बिताना है ? क्या करेगी वक़्त बिता के ज़रा डीटेल में बता

पायल:- भाई, आइलॅंड की रेत पे आपकी बाहों में सोते हुए चाँद सितारे देखूँगी.. आपके दिल की धड़कन सुनूँगी.. आपको अपने दिल की धड़कन सुनाउन्गि.. और बहुत कुछ, बस आप चलो ना

मैं नही चाहता था कि वो कुछ पे करे.. इसलिए मैने उसे कहा कि नेक्स्ट मंत डन करेंगे बिकॉज़ नेक्स्ट मंत तक मेरी सॅलरी भी आएगी और मेरा इन्सेंटिव भी आएगा.. अगर अच्छा ख़ासा अमाउंट आया इन्सेंटिव का, तो पूरा खर्चा इन्सेंटिव से ही निकलेगा

मैं:- ओके मेरी बहना… तू कुछ नहीं निकालेगी… नेक्स्ट मंत डन करते हैं, आंड ये ट्रिप तेरे लिए गिफ्ट मेरी तरफ से. हॅपी नाउ हनी

पायल:- वेरी हॅपी भाई.. लव यू वेरी मच… मवाअहह

नेक्स्ट मंत इंडोनेषिया का प्लान फाइनल करके, मैं सोचने लगा अरेंज्मेंट्स के बारे में और घर पे क्या बोलके जाउन्गा ?

सोचते सोचते नींद आ गयी और सुबह 7 बजे अपने रेग्युलर टाइम पे उठ गया… उठा के आराम से फ्रेश हुआ थोड़ी न्यूज़ देखने बैठा.. जैसे ही मैने टीवी ऑन किया

“हाई भाई” .. पीछे से आवाज़ आई..

मैने मूड के देखा तो ललिता खड़ी थी पीछे… मैं सोचने लगा इसको क्या हुआ अचानक..

मैं:- हाई ललिता

ललिता:- क्या कर रहे हो भाई आज.. क्या प्लॅनिंग है

मैं:- कुछ नहीं डियर, ऑफीस निकलूंगा थोड़ी देर में

ललिता:- व्हाट भाई, भूल गये क्या, आज छुट्टी है ***** फेस्टिवल की

मैं:- अरे वो आज है क्या, कौनसा सेलेब्रेट करते हैं यार, छुट्टी देनी ही नहीं चाहिए आज के दिन

ललिता:- क्या भाई, आप तो ऐसे सॅड हो रहे हो जैसे कोई बड़ी सज़ा मिली है आपको , घर पे बैठना पसंद नहीं है या ऑफीस में कोई है आपकी स्पेशल, मुझे आँख मारते हुए कहा

मैं:- अरे नहीं यार…. छोड़ , तो फिर आज क्या करना है घर पे बैठ के

ललिता:- आप तो ऐसे पूछ रहे हो जैसे मैं जो बोलूँगी वो आप करोगे

मैं:- अरे बोल ना यार, चल आज जो तू बोलेगी वो मैं करूँगा

ललिता:- पक्का ना भाई… चलो आप फ्रेश हो जाओ मैं मिलती हूँ आपको

उसके जाने के बाद मैने सोचा, क्या ग़लती कर दी यार, बिना सोचे उसको बोल दिया, अब साला कुछ उल्टा दाव ना पड़े..

खैर.. देखते हैं ये क्या बोलती है.. अभी इतने में डॉली आ गयी और मुझसे धीरे बोली

डॉली:- राज, कुछ प्राब्लम है क्या

मैं:- क्या प्राब्लम होगी, सब ठीक ही तो है

डॉली:- नहीं , मुझे ऐसा लगा, कल रात को

मैं बीच में कट करके बोला… कल रात को मेरा मूड ठीक नहीं था, उससे ज़्यादा थकावट थी, तेरे से कुछ प्राब्लम नहीं है मेरी रानी,

डॉली खुश होके बोली, थॅंक गॉड मेरे राजा.. मुझे लगा तुम नाराज़ हो गये मुझसे

नहीं ऐसा कुछ नहीं है, तू चिल मार यार… इतना कहके मैं फ्रेश होने चला गया… अगर मैं उसे अचानक बंद कर देता बात करना तो मुझे पता नहीं चलता उसकी प्लॅनिंग के बारे में

मैं फ्रेश होके नीचे नाश्ता खाने बैठा और सामने ललिता बैठी थी.. इतने में डॉली आके बाजू में बैठ गयी और हम नाश्ता खाने लगे..

नाश्ता खाते खाते मैने सोचा, इन दोनो बहनो को अलग किया जाए नहीं तो पता नहीं चलेगा इनके मन्सुबे क्या हैं… इसलिए मैने नीचे से ललिता के पेर को सहलाना स्टार्ट किया और उसकी आँखों में देखने लगा…

अचानक मेरी हरकत से वो हड़बड़ा गयी… पर उसने कुछ नहीं किया, ना तो मेरा साथ दिया ना तो विरोध किया…

बीच में डॉली भी मेरी जाँघ पे हाथ फिराने लगी…. मैने उसका हाथ पकड़ के मेरे लंड पे रखा और वो उसे सहलाती रही…

इतना हॉट नाश्ता ख़तम करके मैं बाहर निकल रहा था कि तभी पीछे से ललिता चिल्लाई

“भाई.. कहाँ जा रहे हो, आज आपको मेरे साथ बाहर चलना है, भूल गये क्या, सुबह को वादा किया था”

मैं:- अरे डियर कहीं नहीं जा रहा, गाड़ी वॉश करवा के आता हूँ, तू तब तक रेडी हो जा,

ओके भाई.. बोलके ललिता चली गयी और मैं गाड़ी वॉश करवाने बाहर निकल गया.. गाड़ी वॉश होती तब तक मैं सोच रहा था क्या करूँ इनका, क्यूँ ये लोग एक दूसरे के पीछे इतना पड़े हुए हैं.. और पायल ने क्या किया है इनको जो ये लोग पता नहीं क्या प्लॅनिंग कर रहे हैं… सोचते सोचते मेरी गाड़ी रेडी हुई और मैं घर पहुँच गया जाके देखा तो ललिता और डॉली दोनो रेडी थी…
 


मैं:- डॉली, तू कहाँ जा रही है ?

ललिता:- भाई, हमारे साथ ही चल रही है, मैने कहा चलने को

“ओके. चलो, बट कहाँ चलना है सोचा है तुमने ?”… मैने पूछा

ललिता:- भाई, मूवी आई है एक मस्त वहाँ चलेंगे पीवीआर में, आंड फिर सिज़्ज़लेर्स खाने हैं, फिर उसके बाद शॉपिंग.. फिर आगे का बाद में बोलूँगी

मैं:- अरे बाप रे, इतना बड़ा प्रोग्राम, चलो, बट पैसे ले लिए हैं कि मैं निकालूँगा ?

ललिता आगे आके मुझसे सॅट के बोली, क्या भाई, अपनी बहेन के लिए इतना तो कर सकते हो ना

मैने ललिता से दूर होके कहा, चलो ठीक है, तू भी क्या याद करेगी

जैसे ही हम गाड़ी में बैठे, फ्रंट सीट पे डॉली बैठ गयी और पीछे ललिता.. बातें करते करते हम थियेटर में पहुँचे और मूवी की टिकेट्स ली… ज़्यादा भीड़ तो थी बट उस मूवी पे नहीं जिसमे हम गये थे, तुस्शार की मूवी वैसे भी कौन देखने जाता है

जैसे ही सीट पे पहुँचे

मैं:- ललिता, कॉर्नर टिकेट्स क्यूँ ली, हम इधर बैठेंगे तो लवर्स कहाँ बैठेंगे यार

ललिता:- भाई, आप बैठो तो, आप वो मत सोचो

मैं कॉर्नर में बैठा, मेरे बाजू में डॉली और उसके बाजू में ललिता..

मूवी स्टार्ट हुई और हम देखने लगे… कुछ ज़्यादा ख़ास तो थी नहीं, मैने इधर उधर नज़र मारी तो सब कॉर्नर वाले लगे हुए थे, मैने सोचा आज ध्यान होता कि छुट्टी है तो मेरी पायल के साथ घूमने जाता, कहाँ आके फस गया हूँ इनके साथ…

तभी मैने डॉली को कॉर्नर से हाथ मार के कहा, बाहर आने के लिए मैं उठके बाहर गया और डॉली का वेट करने लगा 10 मिनट बाद डॉली आई

डॉली:- क्या हुआ राज, अचानक बाहर क्यूँ बुलाया

मैं:- तो क्या यार, कहाँ लाई है तू, इससे अच्छा तो हम कुछ करते ना, अब कुछ सोच ललिता का

डॉली:- मैं क्या सोचूँ यार, अब तुमने उसको वादा क्यूँ किया..

मैने सोचा इससे अच्छा मौका नहीं है दोनो बहनो को अलग करने का…

मैं:- ठीक है डॉली, एक काम कर, अपने जिस रेस्तरो में गये थे ना उस रात को तू वहाँ जा, मैं ललिता को घर छोड़के किसी बहाने से तुझे वहाँ मिलता हूँ.. वहाँ से फिर अपने मनाने चॅलेंज सुहाग दिन, समझी मेरी रानी

डॉली:- उम्म्म्म मेरे राजा भैया.. चलो, मैं वहाँ ऑटो में जाती हूँ, आप जल्दी आना ना, उम्म, बाइ

डॉली निकली और मैं उपर जाके ललिता के पास बैठ गया

मैं:- अरे ललिता, डॉली को कोई प्राब्लम हुई क्या, वो बाहर मिली, बोली घर जा रही है

ललिता:- नहीं तो, मैं अभी उसे फोन करती हूँ, 3-4 बार ट्राइ किया बट डॉली ने आन्सर ही नहीं दिया क्यूँ कि उसे लगा ललिता शायद उसको वापस बुला रही है

भाई, वो तो उठा ही नहीं रही.. अभी ?

मैं:- छोड़ ना यार मूवी, कहीं बाहर चलते हैं,

ललिता:- ओके, बट कहाँ,

मैं:- पहले कॉफी पीते हैं फिर सोचते हैं

ललिता ने ओके कहा और हम स्क्रीन के बाहर आके कॉफी शॉप में बैठ गये और कॉफी ऑर्डर की जब तक कॉफी आए तब तक मैने सोचा ललिता को ट्राइ करता हूँ मैने उसे फिर नीचे से पेर मारना चालू किया.. इस बार वो शॉक नहीं हुई, मेरा साथ देने लगी और धीरे धीरे पेर से उपर आके, मेरे लंड पे अपने पेर का अंगूठा रगड़ने लगी…

हम कुछ बात नहीं कर रहे थे, बट आँखें बहुत कुछ बोल रही थी… जैसे ही हमारी कॉफी आई, हम हड़बड़ा गये और कॉफी पीने लगे….

ललिता:- भाई, कोई देख ना ले इधर..

मैं:- तो कहाँ चलना है स्वीट हार्ट, मैं कंट्रोल नहीं कर सकता अब

ललिता:- कॉफी ख़तम करो पहले
 


हमने जल्दी से कॉफी ख़तम की और पार्किंग में जाने लगे… गाड़ी में बैठते ही, मैं ललिता को पकड़ के चूमने लगा और उसके होंठों का रस पीने लगा..

उम्म भाई.. ह्म्‍म्म यहाँ से तो चलो ना पहले, मैं भी नहीं रह सकती आपके बिन अब

मैने जल्दी से गाड़ी स्टार्ट की और बाहर निकलके थोड़ा दूरी पर जाके एक गेस्ट हाउस के बाहर गाड़ी रोक दी

ललिता:- भाई यहाँ सेफ रहेगा, आइ मीन पोलीस का चक्कर या कॅमरा , वैसा कुछ तो नहीं होगा ना

मैं:- अरे नहीं मेरी जान, मैं काफ़ी बार आ चुका हूँ इधर, मैने झूठ कहा उसको

ललिता:- फिर चलो ना भाई, आपके होते हुए मुझे कोई डर नहीं

मैं:- मोबाइल यहाँ रख दे, नहीं तो कोई डिस्टर्ब करता रहेगा

मेरी बात मानके उसने हां कहा और हमने अपने मोबाइल गाड़ी में ही छोड़ दिए और अंदर चले गये…

अंदर जाके मैने रिसेप्षन पे बैठे आदमी को एसी रूम का रेट पूछा 3 घंटे के लिए.. उसने मुझसे 1000 रुपीज़ माँगे, मैने उसे 2000 देके कहा अगर कोई लफडा हुआ तो सबसे पहले निकालना..

चिंता मत कीजिए भाई.. आपके जैसे महेंगे ग्राहक का ख़याल हम पहले रखते हैं.. एंजाय कीजिए आप

जैसे ही मैने रिसेप्षन वाले को पैसे दिए, मैं ललिता को लेके रूम में चला गया.. रूम में जाते ही, मैने ललिता को अपने आप से सटा लिया और उसके होंठ चूमने लगा...

उम्म भाई.. आहमम्म्ममम उम्म्म्मममम आहह...... आहह चूसो ना और भाई आहह...... हम होंठ छूते चूस्ते बेड पे आ गये और उसने मेरी टी शर्ट निकाल दी..

आहह भाई... उम्म्म्म क्या मर्दाना खुश्बू आ रही है आपके शरीर से, ुआहहहहहहहहा... जी करता है ज़िंदगी भर आपके शरीर को कुतिया की तरह बस सूंघति रहूं आहमम्म्म वाहहहहा आहह...

मैने भी देरी ना करते हुए उसका टॉप उतारा और अंदर उसने ब्लॅक लेसी ब्रा पहनी हुई थी... सेम अपनी बहेन जैसे चुचे, साइज़ में छोटे थे बट बिल्कुल पक्के हुए आम जैसे लग रहे थे.... उस पर उसके कड़क निपल्स मुझे और मदहोश कर रहे थे

मैने देर ना करते हुए उसकी ब्रा उतारी और निपल लेके चूसने लगा, जैसे केसर आम को चूस्ते हैं

उम्म्म्मम आहह.... आहहहहा आ मेरी बहना, आहह ललिता बेबी... उम्म्म्मम क्या चुचे हैं तेरे मेरी जान आहहामम्म्ममममम दूध पिला दे अपना मेरी जान आहह,,,

एक निपल को चूस्ता रहा और दूसरे पर हाथ से प्रहार जारी रखा...

आहमम्म भाई चूसो ना मेरे चुचों को,,,, आपके लिए ही हैं उफ़फ्फ़ आहह और लो ना भाई आहम्‍म्म्म, इन्हे बड़ा कर दो ना मेरे प्यारे भैया आहमम्म्मम....

मैने एक चुचे को छोड़ा और दूसरे को लेके मूह में चूसने लगा... अहहहहहहहाहा उम्म्म्मम और मज़ा दे ना मेरी रानी आहह सिर्फ़ मज़े लेगी क्या मेरी चुदासी बहेन साहहहहाहाः उम्म्म्म

ये सुनके ललिता नीचे झुक गयी और मेरी जीन्स उतार के मेरे लंड को अंडरवेर के उपर से सहलाने लगी.. आहहह मेरे भैया, आपका तो कितना बड़ा है आहह मेरे शेर भैया उम्म्म्ममम.....

आहह तो ले ले ना मेरी कुतिया बहेन आजहह.. मूह मे ले ना इसको, और मत तडपा मेरी जानू उम्म्म्ममम.. ये कहके मैने अंडरवेर निकाला और लंड डाइरेक्ट उसके मूह में दे दिया.....

आहह धीरे मेरे राजा आहह. उम्म्मममुंम्म आहह मेरे लॉलीपोप वाले भाई आहह, और दो ना अंदर, पूरा दो आज, आहह...बहुत दिनो से चुदना चाहती थी मेरे भाई आहह तुमसे उईईईई आहह.....

मैं धड़ाधड उसके मूह को चोदने लगा.... उसका मूह चोक होने लगा और सिर्फ़ गन गुणन्ं आहह,,,,म्माहह,, गुणन्ं गुणन्ं ऐसी आवाज़ें आ रही थी.....

मैने लंड उसके मूह से निकाला तो देखा मेरा सुपाडा एक दम लाल हो चुका था और उसके मूह से सिर्फ़ लार टपक रही थी.. बट थकि हुई बिल्कुल नहीं लग रही थी...

उसने इशारे से मुझे बेड पे सोने के लिए कहा.. जैसे ही मैं लेटा वो अपनी गान्ड मेरे उपर लाई और मुझे बोली.. आहहहहहहः मेरे भाई, आज गान्ड भी चूसो ना मेरी आहमम्म्मममम ये कहके वो मेरे लंड को हाथ से हिलाने लगी और मैं उसकी गान्ड चाटने लगा..

आहह आहहाहहायआः यॅ आहहहहहहहा मेरे मर्द भाई, आहह और चोदो ना अपनी बहेन को आहहहहहहहहा और तेज़ आहह येस्स

उम्म्म्म,, आहहाहहसिईईईईई हां मेरी रंडी बहेन, बेहेन्चोद बना दिया आज तूने मुझे आहह उःम्म्म्मममम आहहाहहहहहहा

 


मेरे उपर से उतरके फिर मेरे लंड को मूह में लेने लगी और इस बार एक दम एक्सपर्ट की तरह चूसने लगी.. आआहहहहहहा मेरे भाई आहह माल दो ना आप मुझे आहह...

आहमम्म्म मेरी रांड़, ले ले ना माल आहह......

वो तेज़ी से मेरे मूठ मारने लगी, मैं झड़ना नहीं चाहता था, इसलिए मैने उसके हाथ से लंड लेके उसे बेड पे लिटाया और उसकी चूत चाटने लगा

आहहहहहहहहा मेरे भाई ह्म्‍म्म्मम मैं कुत्ति तो तू भी कुत्ता बन गया आख़िर आहहहहहहा और चोद ना अपनी जीब से ह्म्‍म्म्मम आहहाहहहहहा,,,,, और तेज़ हां मैं निकल रही हूँ भाई आहहहहहहहा,..... भाई मैं गयी आअहमम्म्ममममममम....उईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई...............,माअममहाहाहः......

इस चीख के साथ उसका पानी बहने लगा और वो निढाल होने लगी...

मेरा लंड अब खड़ा ही था... मैने फिर उसकी भीगी हुई चूत पे सेट किया और एक धक्के के साथ लंड अंदर घुसा डाला...

माआअ अहहहहहहहहहहहा धीरे आहह मेरे भाई आहह उम आआअम्मा मम्मी अहहहहहहहहा... बेहेन्चोद धीरे से डाल आहहहहहहहह....

साली मा की लौडि चिल्ला मत, सील तो टूटती हुई है कुतिया कहीं की,, आहहहहहहा कहाँ से चुदवाइ है.... मैं धीरे धीरे धक्के मारने लगा

उम्म्म्म अहहाहा, कहीं से नहीं, बस एक बार चुदवाइ थी वो भी सिर्फ़ 5 मिनट, शायद उसमे ही टूट गया आहहहहहः उम्म्म, आपके जैसा लंड नहीं था उसका आहहहहहहाः,,, धीरे ना मेरे प्यारे भाई,,,,

मैं और तेज़ी बढ़ाता गया और तेज़ धक्के मारने लगा... साथ चिल्लाने की आवाज़ भी बढ़ गई आहहाहह उम्म्म्म आहहहा हां भाई चोदो ना आहहहहाहा मेरी प्यास बुझाओ आहहहहहहा एस फक मे भाई आहहहहहहा,, चोद डालो ना, आआहहहहहहा, अपनी रखेल बनाओ आहहहहह और ज़ोर से मेरे भाई आह्हहह्ह्हहह्हौम्म.... अहहहहः यस यस यस आहहहहहहा

मैं और तेज़ धक्के मारने लगा.. सिर्फ़ चुदाई की आवाज़ ही गूँज रही थी कमरे में,, पच पच फॅक फॅक आहहहहहाहा आ... मैने चूत से लंड निकाल के ललिता को पलंग के कोने पकड़ के घोड़ी बनाया और पीछे से चूत मारने लगा

आहहहहहहा मेरे भाई आहम्‍म्म्मम ये तो आहहहहहाहा मेरी फेव हहाऐईयईई क्या पोज़िशन है अहह, लव यू भाई आहहहहहमम्म्ममममममममममम

अहहहहहा उम्म्म तू भी तो मेरी फेव बहेन है ना आहहाहहहहा... और ले ना अंदर आहहाहहहहहहा, आज तेरी चूत की आहाहहहाहा प्यास आहहहहा बुझानी है आहहहहहहहा

मैने झड़ने के करीब था... मैने लंड बाहर निकाल के ललिता के मूह में रखा और पूरा माल उसके मूह मे निकाल दिया

अहहहहहहा.... ले माल साली आहहहहः..... उम्म्म्मममम और ले नाआअ आ आ

हााअ और दो ना भाई,उम्म्म्म गल्प गल्प आहहहहहहहा मेरा लॉलीपोप है ये आहहहहः... उम्म्म्मममम

मेरा पूरा माल लेने के बाद ललिता वॉशरूम में गयी और चूत धोके वापस आई...

मैं थक के सो चुका था बेड पे.. मेरे पास आके मेरी छाती पे सो गयी और बालों के साथ खेलने लगी

ललिता:- भाई, यहाँ कितनो को लाए हो चोदने के लिए

मैं:- तू छोड़ ना वो सब, तुझे मज़ा आया तू बता

ललिता:- बहुत मज़ा आया भाई... चूत की खुजली निकल गयी, आज पता चला मर्द क्या होता है

मैं:- बट तू तो चुदवा चुकी है ना कइयों से

ललिता:- नहीं भाई, सिर्फ़ एक से कहा तो, वो भी ढीला निकला..

मैं:- तो फिर डॉली... ये बोलके मैने आधे में छोड़ दिया

ललिता:- क्या डॉली

मैं:- नहीं कुछ नहीं...

ललिता:- क्या बताओ ना

मैं:- नहीं रे, छोड़ अब

अब गुस्सा उसका दिखने लगा था
 


ललिता:- जल्दी बताओ अब, ज़्यादा गुस्सा मत दिलाओ

मैं:- तू जानती है डॉली और पायल के बीच झगड़ा चल रहा है

ललिता:- हां, बट रीज़न नहीं पता, सिर्फ़ डॉली ने बताया के झगड़ा हुआ

मैं:- हां, वो इसी की वजह से हुआ..

ललिता:- मतलब ?

मैं:- डॉली ने पायल को कहा कि उसने तुझे किसी लड़के के साथ देखा था बाहर घूमते हुए और फिर तुम दोनो किसी होटेल में गये... पायल ने इस बात पे ऐतराज़ किया कि ललिता ऐसी हो ही नहीं सकती, और डॉली की बात को नकार दिया... बस इसी बात पे डॉली ने पायल को बुरा भला सुनाया.. कहने लगी कि मेरी बहेन मुझे पता कैसी है रांड़ कहीं की, तू मत साइड ले उसकी.... पायल ने उसे बहुत समझाया बट डॉली नहीं मानी और उनका झगड़ा हुआ

ललिता:- व्हाट!!!! भाई आप झूठ बोल रहे हो ना, प्लीज़ बोलो

मैं:- अरे मुझे झूठ बोलके क्या मिलेगा... मुझे लगा डॉली ने तुझसे अट्लिस्ट किसी तरह डिसकस तो किया होगा... आइएम सॉरी यार, बट प्लीज़ डॉली को ग़लत मत समझना, शी ईज़ युवर सिस्टर आफ्टर ऑल

ललिता:- नहीं भाई.. ज़रूर कुछ ग़लत फहमी है... घर चलते हैं, चलिए

इतना कहके ललिता बाथरूम गयी और मैं सोचने लगा कि जो मैं करने जा रहा हूँ कहीं उसका उल्टा असर ना पड़े मुझ पे और पायल पे... फिर मैने सोचा, क्या नुकसान है, चूत मिल रही है चुदवाने को, और क्या चाहिए... और पायल को मैं संभाल लूँगा, उसे कुछ नहीं होगा...

लेट्स गो भाई !!! ज़ोर से ललिता ने कहा... मैने कहा मैं कपड़े तो पहनु.... मैने फटाक से कपड़े पहने और गाड़ी में गये....

जाके देखा तो 10 मिस कॉल थे डॉली के और ललिता के सेल पे भी कई मिस कॉल्स थे

मैने कॉल बॅक नहीं किया, बट ललिता ने भी नहीं किया... इससे मुझे यकीन हो गया के मैने पहला कदम सही उठाया है,,,

ललिता और मैने, डॉली के मिस कॉल्स इग्नोर करके घर की तरफ बढ़ने लगे...

काफ़ी खामोशी थी... ऐसा लग रहा था जैसे मैं अकेला ही हूँ कार में... कई सवाल थे ललिता के मन में, मेरे दिमाग़ में इस बार सवालों के बदले षड्यंत्र चल रहा था.. मेरा अगला कदम क्या होगा.. मुझे पायल को इन सब में शामिल करना चाहिए ?

ये सब सोचते सोचते ललिता ने मेरा ध्यान तोड़ा

ललिता:- राज,डॉली को क्या बोलेंगे, उसने इतने सारे कॉल्स किए हैं

मैं:- तू सोच ना, उसके साथ तू ज़्यादा क्लोज़ है, तुझे पता है वो कौनसी बात को सच मानेगी

ललिता ने हां में सर हिलाया..

फिर एक लंबी खामोशी... और FM पे चल रहे एक गाने से मेरा दिल फिर पायल के बारे में सोचने लगा

"तुम आ गये हो.. नूर आ गया है"

खैर.. लंबी ट्रॅफिक और एक घंटे की ड्राइव के बाद हम घर पहुँचे... पता चला डॉली भी घर पे पहुँच गयी है और इधर उधर चक्कर काट रही थी...

जैसे ही हमे देखा, डॉली ने अपने सवाल के बॉम्ब हम पर फेंके... किधर थे तुम लोग, इतने फोन किए फिर भी कोई जवाब नहीं दिया, और राज तू, कहाँ थे तुम दोनो इतनी देर

मैने कुछ कहना चाहा. पर मुझे बीच में कट करते हुए ललिता बोली..

"दीदी... आप ही बीच में हमे छोड़ के चली गयी थी, आप बताओ कहाँ गयी थी"

"और राज भाई पे मत चिल्लाओ... उन्होने बहुत कहा घर चलने को, बट मैने उन्हे रोका और आप की वजह से प्रोग्राम क्यूँ कॅन्सल करें, हम मूवी के बाद खाने गये फिर शॉपिंग पे भी जा रहे थे, बट भाई ने मना किया, कहा घर चलते हैं शायद डॉली घर पे हो... आंड आपने भी तो मेरे 3 कॉल्स आन्सर नहीं किए".. आप बताओ कहाँ थी आप... ललिता ये सब एक साँस में बोल गयी

ये सीन देख के मुझे यकीन हो गया दोनो बहनों की तलवारें निकल चुकी हैं, मेरा काम आसान होगा...

इतना सब सुनके आंटी और मोम नीचे आ गये..

आंटी:- क्या है ये सब.. इतना शोर कैसा, क्या हुआ

ललिता और डॉली दोनो चुप थी... " कुछ नहीं आंटी, ललिता की मूवी चाय्स डॉली को अच्छी नहीं लगी इसलिए डॉली बीच में घर आ गयी और ललिता को ये अच्छा नहीं लगा"

ललिता ने मेरी तरफ "शुक्रिया" वाली नज़रों से देखा और डॉली पेर पटक के चली गयी

" कितना गुस्सा है इस लड़की में आज कल".. डॉली रुक बेटे, ये कहके आंटी भी चली गयी उसके पीछे

करीब 15 -20 मिनट में सब लोग अपने कमरे में थे, मैने पायल को स्मस किया

मैं:- हाई डार्लिंग, बियर का क्या करें ?

पायल:- आ जाओ घर पे.. कोई नहीं है, और चॉक्लेट भी लाना ,

बियर और चॉक्लेट का रीलेशन समझ नही आया.. मैं बियर लेके निकला और गाड़ी स्टार्ट की तभी घर के रोड के सामने बोरडिंग पे नज़र गयी " मॅन्फार्स चॉक्लेट फ्लओरेड कॉनडम्स"

मैने गाड़ी स्टार्ट की और 2 कॉंडोंस खरीद के पायल के घर पहुँचा

पायल के घर पहुँच के देखा तो दरवाज़ा खुला था.. मुझे अजीब लगा बट मैं अंदर गया और पास पड़ी टेबल पे एक नोट पड़ा था

"राज.. दरवाज़ा बंद करो और उपर आओ"

मुझे समझते देर नहीं लगी आज पायल खेलने के मूड में है....

जैसे नोट पे लिखा था मैने वैसे किया और उपर के फ्लोर पे पहुँचा...

उपर दीवार पे एक नोट लगा हुआ था

"मेरे रूम में चुपचाप आ जाओ और दरवाज़ा नॉक मत करना, मैं डिस्टर्ब नहीं होना चाहती"

मैं जल्दी से उसके रूम में घुसा तो सामने का सीन देख के मेरा लंड अंदर से एक दम स्पीड में उछल पड़ा

सामने पायल सिर्फ़ एक छोटे से टॉप में थी और नीचे कुछ नहीं था... उसकी आँखें बंद थी और वो धीरे धीरे अपनी चूत पे उंगली किए जा रही थी

मैं आवाज़ किए बिना उसके पास गया.. और उसकी चूत से उसका हाथ हटा के अपनी जीभ रख दी...

वो एक दम सिहर उठी और सिर्फ़ एक लंबी सिसकारी भरी.. उम्म्म्म आहह....

मैं धीरे धीरे उसकी चूत चाटने लगा और एक हाथ ले जाके उसके टॉप के उपर से उसके चुचे पे रखा...

अहहहहहहहहाः भाई, ज़ोर से दबाओ इन्हे, आहह मज़ा आ गया उम्म्म्म आहहहहहाहा.. इतना कहके वो अपने दोनो पेर मेरे सर के करीब लाके मेरे सर को लपेट दिया और मेरी जीब उसकी चूत की गहराइयों में जाने लगी...

उम्म्म आआ अभाई फास्टर भाई.. आहहहहहाहा और करो ना भाई, मेरे दूसरे चुचे को लो ना भाई, आहहाः ये कहके उसने मेरा हाथ अपने दूसरे चुचे पे रखवाया.... और मैं उसके दूसरे निपल को लेके सहलाने लगा...

आहहहहा भाई.. तेज़ करो ना आहह उम्म्म यस भाई आहहाहहहहहहा, पानी निकालो ना मेरा आहहहहा भाई, उम्म्म यस यस आआहाहहहाः और दो ना अपनी जीभ आहहहहहहा आअहह

मैं तेज़ी से उसकी चूत चाटने लगा और पूरे रूम में चप चप्प आहहहहहाहा स्लर्प गलपा आहहहहहहहहहा की आवाज़ें गूँज रही थी

आहहहहहहहाहा भाई और तेज़ हाआनाँना ,, मैं आ रही हूँ भाई आहहाहाः मैं आई भाई येस आआहहहहहहहहहाअ,, ये कहके उसने अपना पूरा नमकीन पानी मुझ पे छोड़ दिया और लंबी साँसें लेने लगी

 


औआहहा उह हॅम अहहहहहा.. थॅंक्स भाई अहहहहहहहह ह्म्‍म्म्म

मैं उसकी चूत को छोड़ के उसकी बाहों में आ गया

मैं:- अगर पानी जीभ से ही निकलवाना था तो चॉक्लेट किसलिए मँगवाया

पायल:- वो मेरे लिए है मेरे भाई, कहाँ है वो

मैने उसके हाथ में कॉंडम पकड़ाया और उसने झट से मेरे हाथ से छीन के रॅपर खोला

बेड से उठ के उसने मेरी जीन्स उतारी और मेरे लंड को उपर से सहलाने लगी....

अहहहंम भाई... जी करता है इसको हमेशा चुस्ती रहूं.. आहहहाहम्म

" चूस ले ना, आहहहहहा बट अभी तो इसे ठंडा कर ना आहहहः"

ये सुनके पायल ने मेरा अंडरवेर नीचे किया और लंड को हाथ में लेके सहलाने लगी..

वाह भाई आहहहहहाहा, मज़ा आएगा आज और ये कहके मेरे लंड पे कॉंडम चढ़ाने लगी... कॉंडम चढ़ा के मेरे लंड को मूह में लेने लगी और अपना टॉप भी फेंक दिया... अब वो एक दम नंगी थी और मैं टीशर्ट में था

उम्म्म्म आहाहहा मेरे भाई,, क्या चॉक्लेट लॉलीपोप है आपका, आहहहहाहम् उम्म्म मज़ा आ गया... अहहहहहा,,

ये कहके वो साइड में आके लंड मूह में लेने लगी और मैने देर ना करते हुए उसकी चूत में उंगली घुसा दी

आहहहहहाः भाई, अओमम्म ऐसे ही करो आहा,,,,ये कहके उसने चूसने की स्पीड बढ़ा दी और मेरे टट्टों को ज़ोर से मसल्ने लगी.. आहहहहाहा मेरे भाई, आहहहहा, प्लीज़ कम फॉर मी, आहहाहाहा ह्म्‍म्म्म उम्म्म गल्प गल्प, हाहहहहहा क्या लंड है, अहहहहहहा मज़ा आ गया अहहहहहहहहा..

हम दोनो अपने काम में लगे हुए थे.. कभी मैं उसकी चूत में अंगूठा घुस्सा देता तो कभी वो मेरे लंड पे अपने नाख़ून मारती

अहहहहहः भाई.. आहह झड़ो ना मेरे भाई आहहहहा...

यस, हाआँ मेरा निकल रहा है आहहहहहहहा इतना सुन के पायल ने झट से मेरा कॉंडम उतारा और लंड हिलाने लगी और मूह में ले लिया पूरा पानी

आहाहहाहाहा म्भाई, ज़ोर से रागडो ना, आहहहा दूसरी बार आहहाहा निकल रही हूँ मैं आहहाहाहा एस आहहहहहहा... उई माआ मैं गयी आहाहहहहहहः अमा आहहहहहहहाआ......

इस चीख के साथ वो निढाल हो गयी और बाजू में आके लेट गयी

पायल के साँसें उखड़ रही थी..

आहहहा भाई. हननननाना उम्म्म,,, बियर ?

मैं:- दो मिनट साँस ले ले बहना, आहहहा उम्म्म्म

5 मिनट लेटे रहे , उसके बाद हम बियर पीने लगे...

टीशर्ट उतार दो ना , अब मुझसे क्या छुपाना, हंस के पायल ने कहा...

तू ही उतार दे ना मेरी रानी...

नंगी चलके पायल मेरे पास आई, और मेरी गोदी में बैठ के मेरी टीशर्ट उतारने लगी.. इस में उसका चुचा मेरे मूह के पास था, जिसको देख के मैं उसे मूह में लेने लगा...

आहाआहा भाई. बियर पियो ना, ये दूध तो बाद में आपका ही है.. शरारती आवाज़ से कहक फिर भाग के अपनी चेर पे बैठ गयी

बियर पीते पीते हम दोनो सिर्फ़ आँखों में ही बातें कर रहे थे

पायल के इशारे मैं समझ गया और जाके उसे गोदी में उठा के बेड पे लिटाया

बेड पे लेटा के बियर का कॅन उसकी पूरी बॉडी पे उडेल दिया.. ठंडी बियर के एहसास से वो सिहर गयी और उसके निपल्स कड़क होने लगे

अहहहाहा भाई.... बियर पियो ना, वेस्ट नही करो आहहहहहहः..

मैं उसकी पूरी बॉडी चाटने लगा और वो भी मेरे लंड को पकड़ के उसे सहलाने लगी... उसके नाज़ुक हाथों के एहसास से मेरे लंड में जान आने लगी

आहमम्म भाई. आआहा यहाँ से पियो ना, ये कहके वो मुझे अपनी चूत की तरफ ले गयी.. और मैं उसकी चूत चाटने लगा

अहहहाहा भाई... और करो ना अहहहहहाहा.... वो मेरा सर पकड़ के अपनी चूत की तरफ दबाने लगी...

मैने उसकी चूत छोड़के उसके पास गया और वो मेरी तरफ सवालिया नज़र से देखने लगी...

मैने उसे गोदी में उठाया और उसे नीचे ले गया और डाइनिंग टेबल पे लेटा दिया

आहहहहाः भाई... यहाँ चोदोगे क्या आहहहहाहा... बहुत पॉर्न मत देखो अब आप,,, आहहाहह

मैने झट से अपने लंड पे कॉंडम चढ़ाया और उसे टेबल पे घोड़ी बनाके उसकी चूत में लंड पीछे से डालने लगा.. मेरा साथ देते हुए पायल ने भी अपना एक पेर चौड़ा कर लिया जिससे मुझे आसानी से उसकी चूत मिल रही थी

अहहहाहा भाई.. उम्म्म और ज़ोर से चोदो ना अहहहहहा... ऐसी पोज़ीशन देख के मेरे लंड की अकड़ बढ़ गयी और मैं तेज़ी से चोदने लगा

अहहहाहाहा.. उम्म पच पच फॅक फॅक अहहहहाहा और घुसाओ,, और ले ना मेरी रानी, अहहहहहा और चोदो ना भैया अहहहहहा हाननना मेरे बेहेन्चोद भाई आहहहहा मेरी प्यारी बहेंन अहहाहाहा

ऐसा आवाज़ों से माहॉल गूँज उठा और हम भूरी तरह से पसीने में भीग चुके थे

अहहहहहहा पायल आइ अम कमिंग अहहाहाहा... हाआँ भाई मे तू अहहहहहः ाओह यस आह अहह आफूक्क मे हार्ड भाई अहहहहहा

ये कहके हम दोनो एक साथ झाड़ गये और वहीं ज़मीन पे लेट गये

अहाआहहा भाई... आहा मज़ा दे दिया आज आहहाहहाः

" तू भी तो पॉर्न बहुत देखती है मेरी बहना आहाहहहा" क्या पोज़िशन में चुदवायि है आहहहहः, लंड खिल उठा मेरा आजा अहहहहा

" हां भाई, आपके लिए एनितिंग" और ये कहके वो मुझसे लिपट गयी

इतने पसीने में भी मुझे पायल का चिपकना बहुत सुकून जैसा लगा

मैं:- "पायल, कुछ कहना चाहता हूँ मैं तुमसे"...........

पायल:- हान्फ्ते हुए...ह्म्म...बोलो ना , पूछना क्या

मैं:- मुझे इंडोनेषिया चलने में डर लग रहा है... ( सच में मैं उसे डॉली ललिता की बातें शेर करना चाहता था, बट नही कर पाया,शायद कन्फ्यूज़्ड था , मैं और मेरा दिल दोनो)

पायल:- व्हाट भाई, क्यूँ ऐसा, बाली ईज़ सच आ नाइस प्लेस, व्हाट्स रॉंग?

मैं:- कुछ नही यार, सुना है वहाँ कुदरती आफ़तें बहुत आती हैं...कुछ हो गया तो हमको

पायल:- कुछ नही होगा, और अगर कुछ हुआ तो मुझे डर नहीं, मैं अपनी आखरी साँसें भी आपके साथ ही लूँगी, इससे खुशी की बात मेरे लिए कोई नहीं

"मुझसे मत प्यार कर पायल इतना, हमारा रिश्ता कोई क़ुबूल नहीं करेगा, और मैं तुझे दुखी नहीं देख सकता" मैने धीरे से कहा

पायल:- भाई, आप क्यूँ ऐसा बोलते हो, हर रिश्ते का नाम हो ऐसा ज़रूरी नहीं, दिल के रिश्ते से ज़्यादा अहम कुछ नहीं मेरे लिए

काफ़ी देर खामोशी रही..शायद हमसे ज़्यादा हमारी आँखें बोल रही थी

"उफफफ्फ़...अब इस पल को वापस हल्का करना ही पड़ेगा"ये कहके पायल अपने कमरे की ओर जाने लगी..

पीछे से मैने उसकी गान्ड देखी..एक दम मस्त, दिल शेप, करीना की गान्ड याद आ गयी..

"ये लो भाई..ये शांत करेगी आपको" पायल ने मेरा ध्यान तोड़ते हुए मुझे सिगरेट दी

सिगरेट स्मोकिंग के बाद हम उठे और कपड़े पहनने लगे...कपड़े पहनते पहनते मैने कहा

"मेरे साथ भागने को कहूँ, तो कितनी देर करेगी तू"

"अभी चलो भाई"... हमारा सिर्फ़ जिस्मानी रिश्ता नहीं है"

उसका जवाब सुनके मैं मुस्कुराया और उसके फोर्हेड को किस करके निकल गया..

गाड़ी में पहुँचा तो मिस कॉल था शन्नो आंटी का.. मैने कॉलबॅक नही किया, मूड ही नहीं हो रहा था...

मैने गाड़ी स्टार्ट की और घर निकला... पहुँचते देखा तो 8 बज चुके थे..

मोम:- राज कहाँ है पूरा दिन, चल मुझे और तेरी आंटी को ले चल, हमे संगीत में जाना है

ओके मोम चलो, बट आंटी कहाँ है..और पापा और अंकल?

"आंटी उपर है, जा बुला के ला उन्हे, तेरे पापा और अंकल ऑफीस से लेट आएँगे..", मोम ने कहा

मैं, उपर गया आंटी को बुलाने और बिना नॉक किए उनका दरवाज़ा खोला

मैं सामने का नज़ारा देखता ही रह गया..
 
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