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मैं कॉलगर्ल कैसे बनी

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उसने जवाब दिया कि मैंने उससे कई बार कोई ख़ास लड़की लाने के लिए बोला और उसने उस काम के लिए मुझसे जितने पैसे माँगे मैंने दे दिए. मेरे पास वो कई बार चुदने के लिए आई है. मगर मैं अब उसको ज़्यादा घास नहीं डालता क्योंकि उसकी चुत पूरा भोसड़ा बन गई है. वो मेरे पास कई लड़कियां लाई है, जैसे कि आज तुमको ले आई.

मैंने पूछा- आप मेरे बारे में कैसे जानते थे?

अशोक- उसके फोन में तुम्हारी फोटो थी, जिसे मैंने देखा था. मैंने उससे कहा कि यह कौन है? वो बोली बॉस इसका ख्याल छोड़ दो. मैंने कहा कि तू जितना पैसा माँगेगी, मैं दूँगा. लेकिन इसको मेरे पास लेकर आ और मैं अब इसी को चोदना चाहता हूँ. उसी ने मुझे बताया था कि तुम अभी तक चुदी नहीं हो. मतलब एक फ्रेश माल हो. उसके मुँह से यह सुन कर मेरे लंड पैन्ट से बाहर निकलने लगा. मैंने बोला कि जो चाहेगी, मैं दूँगा. तो बोली कि ठीक है कोशिश करूँगी मगर इसके लिए पैसे बहुत लगेंगे. मैं बोला 50 से 70 हजार तक जो माँगेगी, मैं दूँगा. तो बोली ओके डील पक्की. मैं 70 हजार में उसे मना लूँगी. वो मुझसे 20 अड्वान्स में कोई एक महीना पहले ले गई थी और बाकी के आज तुम्हारे सामने लेकर गई है. वो बीच बीच में मुझसे चुदते समय कहा करती थी कि बॉस आपने जो एड्वान्स दिया है, उसके बदले मेरी चुत चोद लो. वो पट नहीं रही है. उसके बाद तो उसने यह बोल कर मुझसे फोन पर बात करनी ही बंद कर दी कि वो कुछ दिनों के लिए मुंबई जा रही है. दो दिन पहले उसका फोन आया कि वो वापिस आ गई है और मुझे मेरी माँगी चुत को ले कर आएगी. उसने यह भी कहा था कि उसको जरा प्यार से हैंडल करना, वो अभी तक किसी से चुदवाना तो दूर, किसी ने उसे टच भी नहीं किया. हां मगर बाक़ी के 50000 उसे उसी वक़्त देने होंगे. मैंने उससे कहा कि कोई प्राब्लम नहीं. मुझे नहीं पता था कि वो तुम्हारी साथ काम करती है.

मैंने पूछा- उसने आपको क्या बताया था?

अशोक- मुझे तो उसने बताया था कि तुम उसकी कज़िन हो मगर इस मामले के लिए बहुत जिद्दी हो. उसे चुदवाने के लिए बहुत कोशिश करनी पड़ेगी. खैर छोड़ो इन बातों को, मैं भी कहाँ फंस गया.

यह बोल कर वो मेरे मम्मों को फिर से जोर जोर से दबाने लगा. मैं उसको बोल रही थी- दबाओ मगर जरा प्यार से मजा लो ना.

वो बोला- हम लंड वालों का प्यार ही ऐसे होता है कि मम्मों को तब तक दबाओ जब तक वो लाल या नीले ना हो जाएं. तुम्हारी चुचियों को तो मैं दांतों से रगड़ कर काटूँगा जानेमन. आज तुम मुझसे चुदाई के पूरे पाठ सीख लो.

कुछ देर बाद यह सब करने के बाद मुझे छोड़ कर अपना फोन अटेंड करने लगा, जो पता नहीं कहां से आया था.

फिर वो मुझसे बोला- तुम मेरे एक फ्रेंड से भी चुदवा लोगी आज. अगर राज़ी हो तो मैं तुमको 30000 अलग से भी दूँगा.

मैं सोच में पड़ गई कि हां बोलूं या ना. एक तरफ इतनी रकम, जिसको मैंने आज तक नहीं देखी थी और दूसरी तरफ मेरी चुत का बुरा हाल होना लाजिमी था. पता नहीं वो कैसे चुदाई करेगा. आख़िर मैंने उसको ना बोला क्योंकि मुझे नहीं पता था कि वो मेरे साथ कैसा सलूक करेगा.

फिर वो बोला- जानेमन, वो लंड मेरे जितना लंबा मोटा नहीं है और वो कुछ ज़्यादा जानता भी नहीं है. हां बोलो और पैसे ले जाओ. मैं कुसुम से इस बारे में नहीं कहूँगा.

आख़िर मुझे सोचता देख कर वो बोला कुछ दिनों बाद तुम्हारी चुत की कीमत एक बार चुदने के लिए सिर्फ 2000 की रह जाएगी और पूरी रात को चुदवाने की कीमत बस 5000 से ज़्यादा नहीं मिलगी. मैं तो तुम्हें इसलिए इतने पैसे दे रहा हूँ क्योंकि तुम्हारी चुत अभी तक सिर्फ़ मेरे से ही चुदी है.. वो भी सिर्फ दो बार. अभी यह पूरी टाइट है और मैं अपने दोस्त को टाइट चुत का मज़ा दिलवाना चाहता हूँ.

मैंने कुछ सोच कर हां कर दी. मुझे पता लग चुका था कि कुसुम मुझे कोई पैसे देने वाली नहीं है, क्योंकि उससे मैंने 40000 लिए हुए हैं, जो वापिस करने थे. वो सब कुछ इधर उधर का बोल कर मुझे एक या दो हज़ार ही देगी. बाकी के सब अपने पास रखेगी. उससे निपटना आसान भी नहीं था क्योंकि मैं उससे बहस नहीं कर सकती थी, खास कर जब उसके खोजे हुए लंड से चुद कर आई हूँ. वो मुझे पूरी तरह से बदनाम कर सकती है और उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा, क्योंकि वो तो घुटी हुई दलाल है चुतों की. फिर उसने मुझसे सारा का सारा ही झूठ बोला था और मुझे फंसा कर और पैसे वापस मांगने की धमकी दे कर राज़ी किया था. मेरे पास और कोई रास्ता ही नहीं बचा था, सिवाए खुद को किसी लंड के हवाले कर दूं और वो जो चाहे जैसे मुझे नंगी करके चुदाई करे.

उसने कहा कि उसके फ्रेंड को यहाँ पर आने में 40-45 मिनट लगेंगे, तब तक मैं अपना लंड तुम्हारी चुत में एक बार फिर से पेल दूं.

ये कह कर उसने मुझे कुतिया की तरह बना दिया, मतलब दोनों हाथ और घुटनों के बल खड़ा कर दिया. अब मैं उसे नहीं देख सकती थी और वो मुझे अच्छी तरह से देख सकता था
 
जैसे ही मैं कुतिया बनी, उसने अपना मूसल मेरी चुत में घुसेड़ कर और मेरे ऊपर चढ़ते हुए मम्मों को निचोड़ना शुरू कर दिया.

लगभग 20 मिनट के बाद उसने अपने लंड को मेरी चुत से निकाला और मुझे सीधा किया और बोला- मुँह खोलो.

मैंने जैसे ही मुँह खोला, उसके लौड़े ने पिचकारी छोड़ दी, जो सीधी मेरे मुँह में गई और मैं उसे इस डर से गटक गई कि अगर कुछ बोली तो अगली बार मेरी चुत को हरा भरा कर देगा.

अब उसने मुझसे बोला कि तुम साफ़ सफाई कर लो और अपने पूरे कपड़े डाल लो, जो मैंने तुमको दिए थे.

मैंने कहा- ठीक है.

वो बोला कि मेरा दोस्त अनाड़ी है. उसके सामने मैं तुम्हें नचवाऊंगा और तुम अपनी चुत खोल खोल कर उसे दिखलाना, मुझे ना दिखाना क्योंकि मैं तेरा सब देख चुका हूँ.

मैंने कहा- ठीक है.

अशोक- ओके अब जाओ साफ़ कर लो.

मैं अपनी चुत साफ़ करके कपड़े पहन कर रंडियों के बाज़ार में कस्टमर को पकड़ने के लिए जैसे बैठ गई.

कोई 10 मिनट बाद उसका फोन बज़ा. उसने उसको बोल दिया था कि बेल ना बजाए वरना सर्वेंट आ जाएगा. फोन की घंटी बजते ही वो नंगा का नंगा ही डोर तक गया और उसको साथ ले कर आया. वो लड़का कोई 25-26 साल का था मगर काफ़ी आकर्षक था.

अपने साथ उसको बिठा कर बोला- यार, अपने पूरे कपड़े उतार दो, यहाँ पर कपड़ों का कोई काम नहीं है. यह मेमसाब भी अभी पूरी नंगी होकर तुम्हें अपनी जवानी का जलवा दिखाएगी.

जब उसने अपनी कपड़े उतार दिए. तब मुझसे बोला कि हां तो मैडम जी अपनी चुत और मम्मों का जरा जलवा इसको भी दिखाओ ना. इसने भी अभी तक किसी घरेलू लड़की की चुत नहीं देखी.. जरा अच्छी तरह से दिखाओ. ये तो अब तक चुत में बस लंड पेल कर अपना पानी ही निकालता रहा है.

मैंने पहले बिना कपड़े उतारे ही डांस करना शुरू कर दिया. उसके आगे जाकर झुक जाती थी, मेरी स्कर्ट इतनी ऊपर थी कि पूरी गांड पूरी नंगी नजर आती थी. क्योंकि एक बड़ा सा स्प्रिंग जो मेरी टांगों के नीचे से पीछे जाता था, उसकी दो तारें इतनी दूर दूर थीं कि गांड पूरी नंगी नजर आती.

मैं झुक कर अपने टॉप से उसे मम्मे भी दिखाती थी. कुछ देर बाद मैंने टॉप उतार दिया और स्कर्ट भी अब एक पान के पत्ते जितना कवर जैसा था, जो स्प्रिंग के नीचे लगा था और उसने बस चुत को ही कवर किया हुआ था.

वो लौंडा बोला कि यार यह तो मैंने कभी नहीं देखा. यह तो चुत का क्राउन है, जो चुत को छिपा कर रखे हुए है.

अशोक बोला- ज़रा करीब से देखो.

उसका दोस्त मुझसे बोला- जरा पास आओ.

मैं गई.. और उसने उसे उतारने की कोशिश की, मगर नहीं उतार पाया. मैंने कहा कि अगर ऐसे ही उतारी तो इसका क्या फ़ायदा. यह स्प्रिंग पीछे और आगे से जोर लगा कर चौड़ा करो तब अपने आप ये नीचे हो जाएगा. ये चुत का ‘बुर्क़ा’ है.

उसने जैसे ही दोनों तरफ से खींचा वो झट से नीचे गिर गई और मेरी चुत पूरी नंगी उसके सामने थी.

मेरे को अशोक ने कहा कि यह चोदू राम आज मेरे सामने तुम्हारी चुत में अपना लंड डालेगा. जरा हिला हिला कर चुत देना इसको.. ना कि ऐसे ही नीचे पड़ी रहना. इसको भी पता लगना चाहिए कि चुत खुद भी लंड से मज़ा लेना चाहती है. इसे पूरा खुश कर दो आज.. ताकि यह भी तुम्हारा पक्का कस्टमर बन जाए. तुम्हारी सीधी चुदाई बिना किसी दलाली के होगी तो तुमको पूरी रकम मिलेगी और किसी को पता भी नहीं लगेगा.

उसका मतलब कुसुम से था.

मैं उसको ओके बोल कर चालू हो गई. अपनी चुत खोल खोल कर उसको दिखाती जाती थी और डांस के नाम पर बस इधर उधर हिल रही थी.

मेरी नन्हीं सी चुत को देख कर उसका लंड भी लौड़ा बन गया. वो 6 इंच के लगभग का रहा होगा और 2.5 इंच मोटा था. मतलब की अशोक से छोटा और पतला था.

मुझे यह देख कर तसल्ली हुई कि अशोक का लंबा और मोटा लेने से तो इसका बेहतर है.

अशोक ने मुझे खींच कर उसकी गोदी में बिठा दिया और बोला- सुन ओ चोदूराम, आज इसकी पूरी चुत बजानी है कोई रहम नहीं करना इस पर. अपुन ने पूरे पैसे दिए हैं.. उनको वसूल करना है.

“ओके बॉस…”

अशोक- तुमको यह चार काम करके इससे पैसे वसूल करने है.

1. मम्मों को पकड़ कर इतना दबाओ की लड़की के मम्मों पर दबाने वाले का हाथ छाप जाए.

2. उसके निप्पलों को काट काट कर चूसो.

3. उसके बूब्स के बीच में लंड रख कर तब तक चोदो, जब तक लंड का पानी सीधा उसके मुँह में ना जाए.

4. उसकी चुत तो पूरा रगड़ कर रख दो.

अब उसके दोस्त की बारी थी. मैं समझी थी कि वो धीरे धीरे चुदाई करेगा, मगर उसने अपनी गोद में लेते ही मेरी चुचियों का हाल बुरा कर दिया. वो दांतों से काटने में लग गया और मम्मों को दोनों हाथों से ऐसे पकड़ लिए कि जैसे कोई कपड़े निचोड़ रहा हो. फिर उसने मेरी चुत में उंगली कर दी.

कुछ देर बाद वो बोला- ओके राउंड नम्बर वन.

मुझे बेड पर पटक कर मेरी चुत में अपना लंड एक ही झटके में घुसेड़ कर अपना ध्यान मेरे मम्मों और उनकी घुंडियों पर रख कर उसने वो बुरा हाल किया कि मैं लिख नहीं सकती. उसने अपने लंड पर रबर लगा रखा था इसलिए उसने अपना लंड बाहर नहीं निकाला और जब उसका पानी निकल गया तो वो फिर भी मेरे ऊपर चढ़ा रह कर मेरे मम्मों की माँ चोदता रहा.

मेरी पूरी नींद खत्म हो चुकी थी, मैं भगवान से प्रार्थना कर रही थे कि जल्दी से 7 बजें और मेरा छुटकारा हो. मगर कहते हैं ना कि हर एक प्रार्थना मंजूर नहीं होती. अभी 4 ही बजे थे और दोनों मुझे पूरी तरह से पेल रहे थे. अशोक अपने लंड से मेरी चुत का हलवा बना रहा था और उसका फ्रेंड मेरी चूचियां के बीच में अपना लंड रख बूब फकिंग कर रहा था.

अब मेरी हालत हिलने लायक नहीं थी. बस मैं बेहोश नहीं थी और अपनी दुर्दशा देख रही थी. लेकिन पैसे की लालच मुझे ये सब करने को कह रही थी.

 
लगभग सुबह के 5 बजे थे तो उसका फ्रेंड बोला- यार मुझे 8 बजे की फ्लाइट लेनी है, मैं तो अब जाऊंगा. इतना बोलते हुए वो बाथरूम में जाकर फ्रेश होकर चला गया. मगर अशोक तो मेरी अभी भी चुत बजाने को तैयार बैठा था. उसका मूसल लौड़ा पूरा फ़ौज के सिपाही की तरह तैयार था अपने दुश्मन यानि मेरी चुत पर हमला करने को.

वो बोला- अब तुम अपनी चुत फैला कर मेरे लंड पर चढ़ जाओ और अब तुम मेरी चुदाई करो.

उसके कहे अनुसार मैं अपनी चुत में उसका लौड़ा लेकर बैठ गई और धीरे धीरे झटके मारने लगी.

वो बोला- जरा जोर से धक्के मार.

मैंने जोर जोर से हिलना शुरू कर दिया. जोर जोर से लंड को चुत से आधा निकाल कर फिर पूरा अन्दर करती रही.

पता नहीं तभी अशोक को क्या सूझा, वो बोला- देख अब कैसे मजा लिया जाता है.

उसने नीचे से अपने लंड से राजधानी एक्सप्रेस चला दी और चुत की धज्जियाँ उड़ानी शुरू कर दीं. मेरे मम्मे उछल रहे थे और वो उन्हें खींच खींच कर मजा ले रहा था.

इस तरह से पूरी रात भर में चुदती रही. हां मगर अब मुझे मज़ा भी आने लगा था.

लगभग 6 बजे अशोक बोला- चलो साथ में नहाते हैं और फिर तुम्हें ड्राइवर छोड़ कर आएगा.

कुछ देर बाद जब मैं पूरे होश में आ गई तो बोला कि नहाने से पहले मैं इस चुदाई का एक मेडल तुम पर लगा दूँगा.

मैं सोचने लगी कि अब ये क्या करने वाला है.

वो बोला- आज तुम्हें मैं एक गिफ्ट देता हूँ जिससे तुम इस चुदाई को नहीं भूलोगी.

उसने मेरी चुत के ऊपर और नीच राउंड शेप में लिख दिया- आज इस चुत की नथ उतरी है अशोक के लंड के द्वारा. तारीख एक अक्टूबर 2016.. इसके साथ उसने मेरी चुत के ऊपर एक खड़े हुए लंड का स्केच भी बना दिया, जिस पर लिखा था अशोक स्तम्भ.

मुझे नहीं पता लगा था कि उसने क्या लिखा है क्योंकि अब मेरे में ताक़त नहीं थी कि मैं कुछ कर पाती या देख पाती.

उसके हाथ में एक पेन था, मुझे नहीं पता कि उसमें कौन से इंक थी. वो तो बाद में पता लगा कि उसमें हेयर डाइ वाली इंक थी जो स्किन पर लगने के बाद कई दिनों तक बनी रहती है.

लिखने के 15 मिनट के बाद वो मुझे पकड़ कर बाथरूम में ले आया और साथ अपने और अपने लंड पर बिठा कर शावर के नीचे बैठ हर तरह से मजा लिया.

फिर बोला- ओके अब तुम जल्दी से नहा लो, मैं तुम्हारे कपड़े और 30000 वहीं छोड़ कर कहीं जा रहा हूँ. हां ड्रॉइंग रूम में ड्राइवर तुम्हारा इंतज़ार कर रहा होगा तुम उसको जहाँ बोलोगी, वो वहीं छोड़ कर आएगा. उसने मुझे अपना कार्ड भी दिया और उस पर अपने फ्रेंड का नम्बर भी लिख दिया, तब मुझे पता लगा कि जिसे वो चोदूराम कह रहा था, उसका नाम विमल है.

वो जाते हुए बोला कि मैंने जो कुछ चुत पर लिखा है.. वो तुम्हें किसी और से चुदने से रोकेगा. मैं तुमसे तुम्हारा नम्बर नहीं मांगूगा. हां जो मैंने पैसों के साथ लिफ़ाफ़े में लेटर रखा है, तुम उसे जरूर पढ़ लेना. अगर मेरा सुझाव तुम्हें पसंद आए तो अपना नम्बर मुझे मैसेज कर देना या फिर बात कर लेना.

जब मैं बाथरूम से फ्रेश होकर आई तो मैंने सोचा देखूं कि अशोक क्या लिख रहा था. देखते ही मेरा रोना निकल आया. इस लिखे हुए सेंटेन्स के साथ अब मैं किसी और से कैसे चुद सकती हूँ. मैं तब तक कुछ नहीं करवा सकती जब तक यह मिट नहीं जाता. जो कि कम से कम 15 या 20 दिन में मिटेगा.

खैर मैंने अपनी किस्मत पर रोते हुए कपड़े डाले, पैसे का लिफ़ाफ़ा लिया और ड्राइंग रूम में आ गई, जहाँ ड्राइवर मेरा वेट कर रहा था.

लेटर में लिखा था कि डार्लिंग, जो मैंने लिखा है उसे पढ़ कर क्या घबरा गईं? तुम फिक्र मत करना, मैं अपना लंड तब तक किसी चुत में नहीं डालूँगा सिर्फ तुम्हारी चूत छोड़ कर, जब तक इस इंक का रंग खत्म नहीं हो जाता. मैं तुम्हें पूरी मालामाल कर दूंगा, अगर तुम मुझसे जब तक चुदवाती रहोगी.. जब तक इंक की लिखावट रहती है. फैसला तुम्हारे हाथ में है.

अगले दिन जब पूरी तरह से चुद कर घर वापिस आई तो थकान की अवस्था में ही मैं ऑफिस चली गई मगर मेरी आँखें लाल और खुमारी से भरी हुई थीं. मैं ऑफिस में चुपचाप अपने काम में लग गई और किसी से कोई खास बात नहीं की.

मगर कुसुम पूरी घाघ थी, वो मेरे पास आकर बोली- चल जरा चाय पी कर आते हैं.

मैंने कहा- अभी नहीं.

वो बोली- नहीं मुझे तुझसे जरूरी बात करनी है, अभी चल मेरे साथ चाय का तो बहाना है.

मैं मजबूरी में उसके साथ चल पड़ी. चाय पीते हुए बोली कि देख मैं जानती हूँ कि तेरी चुदाई बहुत जबरदस्त हुई है और तू उससे कम से कम 5 बार चुदी होगी, जिसका पूरे गधे जैसे लौड़ा है. तेरी चुत की जो हालत उसने बनाई होगी, वो मैं समझ सकती हूँ. मगर जान, यह सब तो तेरी चुत पर होना ही था. अगर अब ना होता तो शादी के बाद तो होना ही था, इसलिए वो सब भूल जाओ और रियलिटी में जियो. लो यह तुम्हारे 5000 बाकी के बनते हैं, जो मैं तुम्हें दे रही हूँ. उससे तुम्हारे सामने ही 50000 मिले थे.. मेरी कमिशन१०%
 
10% काट कर मतलब 5000/- और 40000 मेरा लोन इस तरह से 45,000 मेरे बनते हैं बाकी के ये रहे 5000 रूपए, जो तुम्हारे हैं, ले लो.

मुझे उसकी बात सुनकर गुस्सा तो बहुत आया था क्योंकि उससे 70000 उससे लिए थे, जो कि उसने मुझे बता दिया था कि 20000 अड्वान्स में ले गई थी.. साली ने उसका कोई जिक्र तक नहीं किया था. मेरी चुत की नीलामी करने के उसने मुझे 5000 रूपए हाथ में थमा दिए.

मैं चुपचाप उन पैसों को ले कर अपने पर्स में डालते हुए बोली- ठीक है जब तुमने सौदा किया तो तुम्हें ही पता होगा ना हिसाब का, मैं क्या जान सकती हूँ.

इस पर वो उछल कर बोली- क्यों कल देखा नहीं था उसने क्या दिया है?

मैंने चुप रहना ही ठीक समझा और बोली- ठीक है.

फिर वो बोली- बोलो आज भी तुम्हारा कोई इंतज़ाम करवाना है या अब एक दो दिन रुकना है?

मैंने कहा- अभी 2 दिन रूको फिर बता दूँगी. मगर अब उतने तो नहीं मिलेंगे.

वो बोली- सच बात कहूँ तू बुरा ना मानना.. चुदने से पहले चुत की कीमत लगती है.. और चुदी हुई चुत को जो चोदना चाहे, ये उस पर डिपेंड करता है कि वो कितना देगा. वो भी सब कुछ देख कर तय करेगा मतलब कि शकल और बूब्स आदि.. यार मगर तुम्हारी अभी कीमत फुल नाइट की 30000 मिल जाएगी. अगर चाहो तो 10000 में 10 बजे तक दो बार चुद कर घर वापिस आ जाओ. मगर मेरी कमीशन 10% ही होगी.

मैंने कहा- ओके.

“हां एक बात ध्यान में रखना कि चुत की कीमत तब तक ही रहेगी जब तक तुम्हारे मम्मे ढीले होकर लटकने नहीं लगते, इसलिए इनकी तरफ़ कुछ ज़्यादा ही ध्यान रखना, वरना समय से पहले धंधे से बाहर हो जाओगी.”

मैं चुप रही और सर हिला कर हामी भर कर हां कह दिया.

मगर मेरी सब से बड़ी प्राब्लम थी, मेरी चुत पर जो मुहर लगी थी. मैंने बहुत सोच विचार कर अशोक को मिस कॉल की. कोई 5 मिनट उसका फोन आया- बोलो डार्लिंग क्या सोचा फिर?

मैंने जवाब दिया- आपने कुछ सोचने के लायक ही नहीं छोड़ा मुझको.

वो हंस कर बोला- नहीं डार्लिंग तुमको मैं बहुत पसंद करता हूँ.. तुम्हें मैं दुखी नहीं देख सकता. बोलो आओगी आज.. या अपना विचार ही बदल लिया है?

मैंने जवाब दिया- क्या बताऊं अशोक जी?

अशोक- फिर मैं आपकी हां समझूँ ना?

मैं चुप रही, तो वो बोला कि ओके.. मैं शाम तो अपनी गाड़ी भेजता हूँ. ऑफिस से एक किलोमीटर दूर जो बस स्टैंड है. गाड़ी के ड्राइवर को तो तुम जानती ही हो, क्योंकि वो ही तुम्हें छोड़ने गया था. मैं वेट करूँगा और हां जितना, मैंने तुम्हारी फर्स्ट डेट पर दिया था. उतना ही दूँगा आज भी. बाकी की बातें इधर आने पर होंगी.

मैं सोच रही थी कि क्या पता आज भी 50000 रूपए देगा या कम देगा, कुछ पता ही नहीं. यही सोचते हुए शाम हो गई और मैंने घर पर फोन किया कि मैं आज ऑफिस के काम से बाहर जा रही हूँ, रात को घर नहीं आऊंगी.

मैं शाम को अशोक के कहे हुए बस स्टैंड पर चली गई और मुझे वहां ड्राइवर वहाँ वेट करता हुआ मिला. मैं गाड़ी में बैठ गई और वो मुझे आज किसी और जगह ले कर आया था.

ड्राईवर बोला- दरवाजा खोल कर मेमसाहब अन्दर चलिए, साहिब आप का इंतज़ार कर रहे हैं.

मैं अन्दर गई तो देखती ही रह गई. क्या शानदार रूम था. लगता था जैसे मैं किसी शीशमहल में आ गई हूँ. पूरे रूम में मिरर ऐसे लगे हुए थे कि अपनी झलक एक के बाद एक नजर आ रही थी.

अशोक- आइए आइए मैं मैडम आपका भरे दिल से इंतज़ार कर रहा था. अब सब शर्म और तकल्लुफ एक तरफ रख दीजिएगा और बाथरूम में जाकर अपनी नेचुरल ड्रेस में मतलब की पूरी नंगी होकर आ जाइएगा.

इससे पहले कि मैं बाथरूम में जाती. वो बोला- मैं जानता हूँ कि तुम मजबूरी में इस धंधे में आई हो. तुम चिंता न करो मैं तुम्हें पूरा मालामाल कर दूँगा और आज की रात में तुम्हें पूरे 70000 दूँगा जो मैंने तुम्हारी पहली कीमत आधी की थी. मुझे नहीं पता है कि कुसुम ने तुम्हारे पैसे तुमको दिए या नहीं. खैर ये मेरा काम नहीं है, उसने भी तुम्हें लाने के लिए पूरी मेहनत की थी. अगर वो पैसे उसने अपने पास भी रखे तो कोई ग़लत नहीं किया. मगर मैं आज तुम्हारी उस रात की पूरी कीमत दूँगा. मगर इसके बाद 40000 ही दिया करूँगा. अगर तुम चाहो तो मेरे एक दो दोस्त भी हैं जो तुम्हारी जवानी का मज़ा लूटना चाहते हैं. तुम उनसे भी चुदना चाहोगी तो उनसे भी इतनी ही रकम मिल जाएगी. फैसला तुम पर ही रहेगा जो चाहो, सो करो.

मैंने कहा- मगर यह बताओ कि सब साथ साथ होओगे या अलग अलग.

अशोक हंस कर बोला- अब क्या फरक पड़ता है, साथ रहें या अलग. तुम तो दूसरे लौड़े से भी चुद चुकी हो और वो मेरे ही सामने मेरे द्वारा दिलवाए गए लौड़े से चुदोगी. चलिए यह सब तो बाद की बात है, आप अबकी बार हां करिए, नहीं भी कर सकती हो. जो रकम मैं दूँगा, उससे उनकी चुदाई की रकम अलग से रहेगी. यह सब सुन कर मेरी आँखें खुली की खुली रह गईं. मैंने भी झट से हां कर दी.
 
अब तक आपने पढ़ा था कि अशोक ने मुझे बड़ी रकम का ऑफर दिया था जिसे मैंने स्वीकार कर लिया था.

वो बोला- मैं जानता हूँ कि तुम मजबूरी में इस धंधे में आई हो. तुम चिंता न करो मैं तुम्हें पूरा मालामाल कर दूँगा और आज की रात में तुम्हें पूरे 70000 दूँगा जो मैंने तुम्हारी पहली कीमत आधी की थी. मुझे नहीं पता है कि कुसुम ने तुम्हारे पैसे तुमको दिए या नहीं. खैर ये मेरा काम नहीं है, उसने भी तुम्हें लाने के लिए पूरी मेहनत की थी. अगर वो पैसे उसने अपने पास भी रखे तो कोई ग़लत नहीं किया. मगर मैं आज तुम्हारी उस रात की पूरी कीमत दूँगा. मगर इसके बाद 40000 ही दिया करूँगा. अगर तुम चाहो तो मेरे एक दो दोस्त भी हैं जो तुम्हारी जवानी का मज़ा लूटना चाहते हैं. तुम उनसे भी चुदना चाहोगी तो उनसे भी इतनी ही रकम मिल जाएगी. फैसला तुम पर ही रहेगा जो चाहो, सो करो.

मैंने कहा- मगर यह बताओ कि सब साथ साथ होओगे या अलग अलग.

अशोक हंस कर बोला- अब क्या फरक पड़ता है, साथ रहें या अलग. तुम तो दूसरे लौड़े से भी चुद चुकी हो और वो मेरे ही सामने मेरे द्वारा दिलवाए गए लौड़े से चुदोगी. चलिए यह सब तो बाद की बात है, आप अबकी बार हां करिए, नहीं भी कर सकती हो. जो रकम मैं दूँगा, उससे उनकी चुदाई की रकम अलग से रहेगी. यह सब सुन कर मेरी आँखें खुली की खुली रह गईं. मैंने भी झट से हां कर दी.

अब आगे…

फिर अशोक ने भी मुझसे ओके कहा और वो बोला- मगर एक काम करना होगा… तुमको पूरे एक सप्ताह की छुट्टी ले लो और मेरे साथ आउट ऑफ़ स्टेशन चलना होगा. वहाँ मेरे दो दोस्त और होंगे, तुमको सबको अपनी जवानी का जलवा दिखाना पड़ेगा. इसलिए तुम ऑफिस में कोई पर्सनल बहाना बना कर छुट्टी ले लो और घर पर बोलो कि किसी इंटरव्यू के लिए जाना है और वन वीक लगेगा, अगर जॉब मिल गई तो अच्छी सेलरी मिलेगी.

मैंने सोचा यह तो बढ़िया आइडिया है. कुसुम तो मुझे चुदवाएगी और अपनी जेब भरेगी और हमेशा ही मुझे कम पैसे बताएगी. जिसमें से बाकी के तो उसे मिलेंगे ही… और बताई हुई रकम से भी 10% निकाल लेगी. मतलब कि चुदूँगी मैं और मेरी चुदाई की आधी रकम उसकी जेब में, यह बढ़िया धंधा है.

मैंने कहा- ठीक है… कब जाना होगा?

अशोक बोला- चाहो तो कल ही चले चलो, वरना एक दो दिन बाद… जैसे तुम्हें सूट करे.

मैंने कहा- ओके मैं कल ही चलती हूँ और ऑफिस में घर से ही एप्लिकेशन भेज दूँगी कि मैं किसी सिक रिलेटिव को देखने आउट ऑफ स्टेशन जा रही हूँ.

अब अशोक ने कहा- जाओ जैसा कहा था, बाथरूम से वैसा करके आओ.

उसने मुझे पूरी नंगी करके मुझसे डांस करवाया और मम्मों को बुरी तरह से खींचना शुरू कर दिया. जब वो निप्पल खींचता था तो रबीर की तरह से खींच कर छोड़ता था. मेरे चूचे पूरे लाल हो गए और घुन्डियां कड़क हो गईं. फिर वो मेरी चूचियां मुँह में ले कर उन्हें चूसता और मम्मों के आस पास दांतों से काटता रहा. दो तीन बार तो इतनी जोर से काटा कि दांतों के निशान पूरी रात भर बने रहे और दूसरे दिन भी नजर आते रहे. मेरा दर्द के मारे बुरा हाल हो रहा था. मगर वो मुझको इसी दर्द के तो पैसे दे रहा था. पूरी रात भर उसने मुझे 4 बार चोदा और सुबह 7 बजे बोला- जाओ घर पर जाओ, चलने की तैयारी करो… रात को चलेंगे.
 
उसने जाते जाते मुझसे कहा कि शुक्र करो कि तुम्हारे चूचे पर मैंने अपने नाम का ठप्पा नहीं लगाया, वरना मैं तो वहाँ पर भी लगा देता हूँ ताकि वो अगर मेरे पास ना वापिस आए तो कोई उसे बहुत सोच समझ कर ही चोदेगा और पैसे भी सड़क छाप रंडी की तरह ही उसे मिलेंगे.

मैं घर पर वापिस आई और घर पर बोला कि एक नौकरी मिल रही है जिसमें सेलरी भी डबल होगी… करनी तो यहीं है पर कम्पनी इसका इंटरव्यू दूसरे शहर में ले रही है. मुझे भी उधर पूरे वन वीक के लिए जाना होगा. कम्पनी ने रहने का पूरा प्रबंध किया है और कोई प्राब्लम नहीं होगी.

यह कह कर मैंने जाने की तैयारी शुरू कर दी और ऑफिस में फोन कर दिया कि मुझे अभी अपने विलेज से फोन आया है कि मेरे अंकल सीरीयस हैं इसलिए मैं वन वीक के लिए जा रही हूँ.

ये सब करने के बाद मैंने अशोक को मैसेज किया कि सब कुछ प्लान के मुताबिक रेडी हो गया है.

वो बोला- ओके दोपहर एक बजे मैं ड्राइवर को भेजूँगा, उसके साथ चली आना.

ड्राइवर आया तो मैं उसके साथ चल पड़ी. यहीं से मेरी कॉलगर्ल बनने के शुरूआत हो गई.

अशोक किसी दूसरे शहर नहीं गया, वहीं किस फ़ार्महाउस में ले गया और बोला- अब यह तुम्हारा एक हफ्ते का घर है. यहाँ पर और भी लड़कियां आती हैं और यहाँ से जाते हुए पूरी रंडी बन कर निकलती हैं.

उसने सच ही कहा था. उस घर के अन्दर का रास्ता तो था, मगर बाहर का कोई रास्ता नहीं था. जब तक वो खुद ना जाने को बोले. जो उसने कहा था वो पूरा धोखा था और उसने वहाँ पर 6-7 लौंडों को बुलवाया हुआ था. सबको कुछ डायरेक्शन दिए गए थे.

फिर अशोक मेरे पास आ कर बोला- मैडम आज से यहाँ पर ये कपड़े नहीं चलेंगे. यह नंगों का घर है, यहाँ पर हर एक को नंगा ही रहना पड़ता है. मगर क्या करें… चुत एक ही होती है लंड 10 12 होते हैं. मगर तुम फिकर ना करो कोई तुम्हें छुएगा भी नहीं, जब तक तुम नहीं चाहोगी.

इतना कह कर उसने मेरे सारे कपड़े अपने किस बॉक्स में डाल कर लॉक कर दिए और बोला- यह सब तुम्हें वन वीक के बाद ही मिलेंगे.

अब मैं पूरी तरह से नंगी थी और कहीं भी आने जाने के लायक नहीं थी. उस पर मेरी चुत पर ठप्पा भी लगा था कि मैं फर्स्ट टाइम किस से चुदी हूँ.

अब मैं पिंजरे के पंछी की तरह से थी, जिसके पर तो हैं, मगर उड़ नहीं सकता था. मेरी भी टांगें तो थीं मगर मैं कहीं भी जा नहीं सकती थी क्योंकि नंगी रखी गई थी.
 
उसने रात को उसके साथ दो और भी थे. उसने मुझसे कहा कि देखो आज हम तीन लोग हैं. मगर हम नहीं चाहते कि तुम किसी एक को देखो और फिर समझो कि किस ने कैसे चोदा है. इसलिए तुम्हारी आंखों पर पट्टी बाँध कर रखा जाएगा. इसके दो फ़ायदे हैं. यहाँ पर तुम्हें कोई भी देखेगा तो तुम्हें नहीं पता लगेगा, जिससे तुम शर्मा जाओ और दूसरा फायदा ये है कि यह नहीं पता लगेगा कि चुदाई के समय किस का लंड अच्छा और ताकतवर है.

मैं कुछ भी कहने लायक नहीं थी मुझे तो पैसे की चमक ने अँधा कर दिया था.

अब उन्होंने मेरे हाथ बांध दिए ताकि मैं आंखों पर जो पट्टी बाँधी जाएगी, उसे खोल ना सकूँ.

जब आंखें बंद हो गईं तो मुझे कुछ और आवाजें सुनाई दीं. मगर मैंने जब पूछा कि कौन है?

तो बोले- कोई नहीं टीवी की आवाज है.

इसके बाद चुदाई का खेल शुरू हुआ. मुझे कम से कम 10-12 लंडों ने चोदा होगा क्योंकि मुझे चुदाई करने वाले लड़के की गंध से पता लग रहा था कि यह कोई नया है. मुझे आराम करने और सोने के लिए काफी कम वक्त मिलता. मैं सिर्फ नहाने धोने आदि के लिए ही अपनी आँखों की पट्टी हटा सकती थी.

पूरा एक सप्ताह तक मैं दिन और रात चुदाई करवाती रही. इसके बाद अशोक और उसके दो दोस्तो को छोड़ कर बाकी के सबको वहाँ से भगा दिया गया.

फिर मेरी आंखें खोल कर मुझसे बोला गया कि तुम नहा लो और अपने कपड़े डाल लो. आज तुम्हारी चुदाई हम तीनों एक साथ मिल कर करेंगे ताकि तुम भी देख सको और चुदाई को देखने के पूरे मज़े लो.

मुझे नहीं पता था कि रूम में एक कैमरा फिक्स है, जो पूरी ब्लू फिल्म बना रहा था. मुझसे से पूरी सेक्सी बातें की जा रही थीं और मुझसे उसी तरह से जवाब भी लिए जा रहे थे.

जैसे कि हां हां और जोर से चोदो… मेरी चुत का पूरा भोसड़ा बना दो ताकि किसी को भी अपना लंड पेलने में कोई दिक्कत ना हो. साथ ही वे जबाव भी दे रहे थे कि अब तो तू पूरी सड़क छाप रंडी बन चुकी है… तुझे यह यहाँ से जाने से पहले पूरा पता लगेगा.

अशोक ने मुझे 7 दिन के 7,00,000/- रुपए दिए और बोला कि अब तुम्हारी कीमत कोई खास नहीं रही है. मैंने प्रॉमिस के मुताबिक तुम्हें 7 दिनों की चुदाई की पूरी रकम दे दी है.

वो तो मुझे बाद में पता लगा कि उसने बहुत से रईसजादे बुलवा रखे थे, जिनसे काफ़ी रकम वसूल करके मेरे साथ चुदाई करवाई थी.

मेरे जाने के समय मुझसे बोला- हां, जरा पूरी तरह से तैयार होकर रूम में बैठो मैं तुम्हें कुछ दिखाना चाहता हूँ.

मुझे क्या पता था कि मुझे क्या दिखाया जाएगा. जब मैं वहाँ पर बैठ गई तो उसने सबको रूम से बाहर कर दिया और टीवी पर कोई फिल्म लगा कर दिखाना शुरू की. जैसे ही टीवी शुरू हुआ तो मुझे मेरी ही आवाज सुनाई पड़ने लगी.

अशोक- बताओ यहाँ कौन है…?

मैंने देखा कि मैं पूरी नंगी थी और मेरी आंखें बंद थीं. पूरे सात दिन की चुदाई की फिल्म थी, जो कइयों के साथ हुई थी. इसकी पूरी फिल्म बना ली गई थी और जो आज मेरी आंखें खोल कर चुदाई हुई, उसकी भी रिकार्डिंग थी. इस सब फिल्म को बीच बीच में मुझे फास्ट फॉरवर्ड मोड पर भी दिखाया गया.

ये सब बीस मिनट तक चला.

मैंने पूछा- आपने यह क्या किया?

तो बोला- आपको पैसे भी दिए हैं मैडम जी… कोई मुफ़्त में इतनी रकम नहीं दी जा सकती है. किसी को भी फिल्म में हिरोईन बनना होता है तो वो कई लंडों के सामने चुत खोल कर ही चुदवाती हैं, बॉलीवुड सेक्स के बिना चलता ही नहीं है. तुमको तो मैंने पूरी पोर्न स्टार बना दिया है. यह साथ दिनों की चुदाई की कम से कम 15-20 डीवीडी बनेगीं. जब पूरी तरह इसे एडिट कर लेंगे… तब इनको बाज़ार में बेचा भी जाएगा और हो सकता है कि इसके राइट्स मैं किसी पॉर्न कंपनी को दे दूं, जिससे मुझे काफ़ी मोटी रकम मिलेगी. तब तुम्हारी कीमत क्या होगी तुम नहीं जान पाओगी. तुम्हें पोर्न कंपनीज के कई ऑफर मिलेंगे.

मैं अब कुछ नहीं बोल सकती थी सिवाए अपनी किस्मत को गालियां देने के…
 
जब मैं वापिस घर आई तो कहा कि मैं इंटरव्यू में पास नहीं हुई.

जब ऑफिस पहुँची तो कुसुम मेरा इंतज़ार कर रही थी. वो मुझसे बोल रही थी कि बिना बताए क्यों चली गईं? मैंने तुम्हारे लिए कई कस्टमर ढूंढे थे. तुमने सब खराब कर दिया. कहो आज से काम शुरू करना है क्या?

मैं उसे अपने साथ बाथरूम में ले जाकर आई और अपनी चुत को दिखा कर बोली- यह देख तेरे यार ने मेरी चुत के साथ अपने नाम का ठप्पा लगा कर क्या किया है. तू ही बोल मैं क्या करूँ?

वो कुछ सोच में पड़ गई, फिर बोली- मैं उसी से बात करती हूँ. वो तुम्हें तब तक चोदेगा, जब तक इंक नहीं मिट जाती. उसने अशोक को फोन लगाया और पता नहीं क्या बात हुई उनमें. बाद में वो बोली कि वो तुम्हें आज रात बुला रहा है. मगर यह जान लो, जो मिलेगा उसमें से 10% मेरा होगा.

मैंने भुनभुना कर कहा- ओके… तुम भी पहले मेरी तरह उससे यह 10% की मुहर लगवा लो.

वो मेरा मुँह देखने लगी.

शाम तो जब उससे मिली तो अशोक ने कहा कि मैंने उसे जो बताया था आपके बारे में… तब मैंने उसे पूरी बात बताई. उसने कहा- ओके वो उससे निपट लेगा और मुझसे बोला- रोज एक बार मुझसे चुदने के लिए आ जाना. मैं अपने दिए प्रॉमिस पर टिका रहूँगा. मगर हर चुदाई के सिर्फ 10000 ही मिलेंगे और मैं बस एक बार ही चोदूंगा.

इस तरह से मैं उससे रोज चुदती रही. तब तक जब तक कि लिखी हुई मुहर पूरी तरह से से मिट नहीं गई.

उसने मुझे यह भी कहा कि कुसुम से डरने की कोई जरूरत नहीं है. मैंने उसे पूरी डोज दे दी है. उससे कहा है कि वो मेरी कम्पनी में काम करेगी, ना कि तुम्हारी. उससे कुछ ना कहना वरना तुम्हारे साथ बहुत बुरा कर दूँगा.

इसके बाद कुसुम ने मुझसे कुछ भी कहना बंद कर दिया.

मैं पूरी कॉल गर्ल बन गई और खुद ही उन लोगों के रिफरेन्स से कस्टमर ढूँढने लगी… जिन्होंने मेरी चुत में अपना लंड डाल कर हिलाया था.

तो दोस्तो यह है मेरी कॉल गर्ल बनने की कहानी.

हो सकता है मैं कुछ दिनों बाद एक न्यू पॉर्न स्टार बन कर पोर्न फिल्मी बाज़ार में आ जाऊं.

अगर आपने मेरी इस कहानी को पसंद किया तो मैं इसके बाद की भी कहानी लिख कर भेज सकती हूँ वरना यह मेरी अन्तिम सेक्स स्टोरी ही होगी.
 


ये दिवाली आपके जीवन

में खुशियों की बरसात

लाए,

धन और शौहरत की

बौछार करे,

दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं!
 
मेरी कहानी के पिछले भाग में आप सभी ने पढ़ा था कि मैं अब एक पक्की कॉलगर्ल बन गई थी.

अब आगे..

अब मेरी हालत ऐसी हो गई थी, जैसे मैं कोई खेलने की वस्तु थी. हर कोई मुझे अपनी गोदी में बैठाना चाहता था और रात को वो सब सच करवाना भी चाहता था, जो कोई भी अय्याश किसी लड़की के साथ करते हैं, मगर सुबह के उजाले में वो मेरी परछाई भी देखना पसंद नहीं करते थे.

खैर.. अब मुझे सबसे पहले खुद को लोगों की नज़र भी बचा कर रखना था, जिसके लिए मैं प्रयत्न किया करती थी. मेरे पास अब दो मोबाइल थे. एक तो जिसमें चुदाई के लिए मैसेज मिला करते थे और दूसरा जिस पर मैं अपने जान पहचान व रिश्तेदारों से बात करती थी. जिस मोबाइल पर मुझे चुदाई के मैसेज मिलते थे, उसे मैं छुपा कर रखती थी और नॉर्मली उसे वाइब्रेशन मोड पर रख कर अपने मम्मों के बीच रखा करती थी ताकि कभी भी वो मोबाइल किसी के हाथ ना लगे. आमतौर पर मैं फोन अटेंड नहीं करती थी और मैसेज देख कर या तो जवाब दे देती थी या फिर मैसेज भेजती थी. इस तरह से मुझे ग्राहक मिला करते थे.

एक दिन वो फोन किसी से चुदाई करवाते हुए गलती से उसी ग्राहक के पास ही रह गया. मुझे तो पता नहीं था कि कहाँ रह गया. मैं बहुत परेशान हुई. उस फोन पर मैंने एमर्जेन्सी के लिए अपना फोन नम्बर फीड किया हुआ था. मगर बिना नाम के फीड था.

रात को ही मेरे फोन पर एक फ़ोन आया जिससे पता लगा कि मेरा फोन किसी के पास रह गया है. उसने कहा कि मैडम फोन तो मिल जाएगा मगर एक बात याद रख लो जो भी कुछ उस फ़ोन में कॉन्टेक्ट्स और बाकी की डिटेल हैं, मैंने वो सब कॉपी कर लिए हैं. मेरी शर्त यह है कि अगर आप अपना सीक्रेट बनाए रखना चाहती हैं तो मैं आपको एक लड़के के पास भेजूँगा, उससे चुदवा कर आएं और उससे कोई पैसे ना मांगिएगा.

मैं उसकी शर्त मान गई और दिल में सोच लिया कि बस उसमें से कुछ कॉंटॅक्ट नंबर लेकर इस फोन की सिम को ही तोड़ दूँगी. इस तरह से वो सिम ही नहीं रहेगी, जो सारे झगड़े की निशानी है.

खैर.. मैं उसके बताए हुए पते पर चुदने के लिए गई. मगर जैसे ही उसे मैंने देखा तो मेरी शर्म से आँखें झुक गईं, क्योंकि वो मेरी ही कंपनी का एम डी था. अब मेरी हालत ऐसे थी कि ना मैं निगल सकती थी और ना ही थूक सकती थी.

मुझे देखते ही वो बोला- आप…? खैर आइए.. आराम से बैठ जाओ. मैं तुम्हारे साथ कुछ नहीं करूँगा क्योंकि मैं अपने ऑफिस की किसी भी लड़की से ऐसे कुछ भी करने की नहीं सोच सकता. तुम बताओ तुम्हारी क्या मजबूरी थी जो तुम यह सब करती हो.

उसकी बातें सुन कर मैं रोने लगी और रो रो कर सब कुछ बता दिया कि मेरे साथ क्या क्या हुआ.

वो बोला- मुझे नहीं पता था कि मेरे ऑफिस में भी कोई लड़की ऐसी हो सकती है, जो लड़कियों को फँसा कर उससे यह काम करवाती है. खैर तुम जाओ यहाँ से और कल ऑफिस में मिलना.

मैं बिना चुदे घर वापिस आ गई और अपनी किस्मत पर रोती रही, जिसने आज फिर मुझे धोखा दिया और मैं कल से ऑफिस में भी बदनाम हो जाऊंगी.

सुबह उठ कर सबसे पहले मैंने एमडी को फोन लगाया और कहा कि सर मैं आज रिज़ाइन भेज दूँगी क्योंकि मैं नहीं चाहती कि मैं ऑफिस में बदनाम हो जाऊं.

उधर से जवाब मिला- डरो नहीं, मैं किसी से कुछ कहना वाला नहीं हूँ.. वरना मेरी भी इज्ज़त उतर सकती है. तुम निश्चिन्त होकर आओ, जैसे कि हमारी कोई मुलाकात ही नहीं हुई.

उसकी इस बात से मेरा हौसला बढ़ गया और मैं ऑफिस चली गई. उसी दिन कुछ समय बाद एमडी सर ने मुझे बुलवाया तो मैं उनके पास गई. मुझे देखते ही उन्होंने सबको बाहर जाने के लिए कहा.

सर ने मुझसे पूछा- तुम्हें कितनी सेलरी मिलती है?

मैंने कहा- सर 25000 मिलती है.

एमडी बोले- अच्छा मैं तुम्हारी सेलरी 50000 करता हूँ मगर अब तुम जो काम ऑफिस के बाहर करती हो, वो नहीं करोगी. तुम्हें मैं कंपनी की पब्लिक रिलेशन ऑफिसर बनाता हूँ और तुम्हारा काम होगा कंपनी के लिए नए नए कॉन्ट्रैक्ट्स लाना, जिसके लिए तुम जो करती हो, बस वो ही करना पड़ेगा. हां मगर हर कांट्रॅक्ट की रकम को देखते हुए तुमको उसकी कमिशन भी दी जाएगी. कम्पनी तुम्हें एक कार भी देगी, ड्राइवर के साथ.. बोलो मंजूर है. हां मगर यह सब समझ लो कि जिससे कांट्रॅक्ट हासिल करना है, वो सब एक नम्बर के अय्याश हैं. उन्हें किस तरह से हैंडल करना है, वो तुम्हें खुद ही सोचना होगा.

मैंने कहा- सर मंजूर है.. बोलिए अभी किस कांट्रॅक्ट की बात चल रही है.

वो बोला कि आज तो तुम्हारी प्रमोशन का लेटर निकलवाता हूँ, कल बताऊंगा.

 
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