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दूसरे दिन एमडी सर ने मुझसे बोला- कम्पनी का एक कांट्रॅक्ट किसी कम्पनी के मालिक के पास फँसा हुआ है, जो किसी कीमत पर नहीं मान रहा है. उसे सीधी राह पर लाओ. अगर इस काम में तुम कामयाब हो गई तो तुम्हारी यह नौकरी पक्की और तुम्हें 5 लाख का बोनस भी दिया जाएगा. जाने से पहले यह अपना फोन जो किसी के यहाँ छूट गया था, लेती जाओ. उसे मैंने कह दिया है, अब वो तुम्हें किसी तरह से परेशान नहीं करेगा.
‘जी सर…’ कह कर मैं अपने रूम में आ गई.
फिर मैंने उस कंपनी के मलिक को फ़ोन किया और कहा- क्या हम लोग वीडियो कॉल पर बात कर सकते हैं?
जब वो लाइन पर आया तो मैंने जानबूझ कर अपने को इतना झुका लिया कि मेरे मम्मों और उसकी घुन्डियां भी उसे नज़र आ जाएं.
उसकी नज़र मुझ पर ऐसी टिकी कि वो लहराते हुए बोला- जी.
मैंने अपना परिचय देते हुए कहा कि मैं इस कम्पनी से बोल रही हूँ और आपसे काम के सिलसिले में मिलना चाहती हूँ.
उसने लगभग लार टपकाते हुए कहा- आ जाइए.
तब मैंने कहा- क्या शाम का टाइम मिल सकता है, अगर आपको कोई प्राब्लम ना हो.
उधर से जवाब आया- हां कोई प्राब्लम नहीं है.. मगर आप 8 बजे मेरे ऑफिस में आ पाओगी?
मैंने कहा- ज़रूरत मेरी है… अगर आप ऑफिस में तो क्या जहाँ भी बुलायेंगे, मैं पक्का आऊंगी.
उसने कहा- ओके ठीक 9 बजे आ जाना. अपना कॉंटॅक्ट नंबर मेरी सेक्रेट्री को लिखा दीजिए.
कोई एक घंटे के बाद मेरे पास उसका डायरेक्ट फोन आया. वो बोला- मैडम, अगर आप बुरा ना माने तो आप मुझे इस होटल के रूम नो 123 में मिल सकती हैं.. क्योंकि ऑफिस में आराम से बात नहीं कर पाऊंगा.
मैंने भी हाँ कह दिया कि मैं भी ऑफिस में सहज नहीं रह पाऊंगी.. खास कर आपकी कम्पनी के कांट्रॅक्ट के लिए.
अंधे को क्या चाहिए दो आँखें… मैं भी खुशी से मान गई और दिए गए टाइम पर उस होटल में जा पहुंची. वहां पर वो आराम से बैठा हुआ व्हिस्की पी रहा था.
मुझे देखते ही बोला- आइए आपका ही इंतज़ार कर रहा था.. कुछ पीएंगी?
मैंने कहा- मैं पीती तो नहीं मगर आपको नाराज़ भी नहीं कर सकती इसलिए आप जो कहेंगे मैं करूँगी.
उसने पूरा गिलास सोडा मिला कर मेरे आगे रख दिया और बोला- आप किस फटीचर कम्पनी में नौकरी कर रही हैं.
मैंने कहा कि सर जिसका नमक खाया हो.. उससे नमक हलाली करना ही पड़ता है. अब आपके आगे मेरी इज़्ज़त का सवाल है, आप इस कांट्रॅक्ट पर अपनी हामी भर दीजिए.
उसने कहा- ठीक है मगर उसके लिए आपको पूरा नमक हलाल करना पड़ेगा.
मैंने कहा- मैं आपके साथ कमरे में हूँ, बोलिए क्या करना है मुझे?
वो बोला- ठीक है.. पहले जाम पूरा कीजिए.
उसने मुझे दो तीन जाम पिला कर पूरी तरह से मेरे होश गुम करवा दिए. फिर वो मुझसे बोला- आप अपना अपनी जवानी का जलवा तो दिखाइए.
मैंने कहा- आपने मदहोश कर दिया है.. अब आप खुद ही मेरी जवानी को देख लीजिए.
इतना कह कर मैं खड़ी होकर लड़खड़ाने लगी. उसने मुझे मेरी कमर में हाथ डाल कर संभाला. फिर मैं खुद ही अपने कपड़े उतारने लगी. क्योंकि नशे की वजह से मेरे शरीर में पूरी गर्मी दौड़ रही थी. कुछ ही पलों में मैं सिर्फ ब्रा, जिसका कप सिर्फ मेरे मम्मों को नीचे से ही पकड़ कर रखता था और बाकी पूरी चूचियां साफ़ दिखती थीं.
शराब की मदहोशी के कारण मेरे मम्मों की घुन्डियां खड़ी हो गई थीं. मेरी चुत पर जो चड्डी थी, वो तो बस नाम मात्र के लिए ही थी. इस हालत में वो मुझे देख कर अपना आपा खो बैठा. उसने अपने कपड़े उतार दिए.
उसका लंड भी पूरा लौड़ा बन कर उछाल मार रहा था.
मैंने उससे झूम झूम कर कहा- सर, पहले उन पेपर्स पर साइन कर दीजिए, फिर मेरी चुत में अपना लौड़ा डाल कर जो करना है, मजे से करिए. अगर आप कहेंगे तो मैं पूरा वीक आपसे चुदती रहूंगी. मगर पहले मेरा काम कर दीजिए.
वो लंड सहलाता हुआ बोला- क्यों नहीं क्यों नहीं.. तुमने देखा नहीं, मैं उन पर साइन कर चुका हूँ. इन पेपर को तुम्हारी चूत में एक बार डाल कर इनको भी तुम्हारी चूत का आशिक़ बना दूं, फिर दे दूँगा.
हम दोनों चुदाई की मस्ती में आ गए. बस फिर क्या था.. लंड चुत का घमासान शुरू हो गया. जब चूत ने पानी छोड़ा तो उसने पेपर्स पर जहाँ साइन किए था, उसके नीचे चूत का पानी डाल दिया.
वो बोला- ये लो आप यह पेपर अब तुम्हारे हैं.. इस पर तुम्हारी चूत का ठप्पा भी लग गया है.
मैं उससे बोली- मेरी चूत तो अब आपकी गुलाम बन गई है.. जब बोलोगे हाज़िर हो जाएगी.
इस तरह से आधी रात तक उससे चुदवा कर मैं साइन किए हुए पेपर्स को लेकर वापिस आ गई.
दूसरे दिन ऑफिस ने एमडी से जाकर बोली- लीजिए सर.. आपका काम हो गया.
वो नहीं समझ पाया कि ऐसे भी हो सकता है. जो काम कई महीनों से लटका हुआ था, मैंने एक दिन में कर दिया.
वो बोला- तुम्हारा बोनस तुमको मिल जाएगा.. जैसे ही यह कॉन्ट्रैक्ट नोटिफाइ होता है.
मैंने कहा- सर कोई बात नहीं आप जब चाहें, दे दीजिएगा. मुझे अगला काम बताइए.
‘जी सर…’ कह कर मैं अपने रूम में आ गई.
फिर मैंने उस कंपनी के मलिक को फ़ोन किया और कहा- क्या हम लोग वीडियो कॉल पर बात कर सकते हैं?
जब वो लाइन पर आया तो मैंने जानबूझ कर अपने को इतना झुका लिया कि मेरे मम्मों और उसकी घुन्डियां भी उसे नज़र आ जाएं.
उसकी नज़र मुझ पर ऐसी टिकी कि वो लहराते हुए बोला- जी.
मैंने अपना परिचय देते हुए कहा कि मैं इस कम्पनी से बोल रही हूँ और आपसे काम के सिलसिले में मिलना चाहती हूँ.
उसने लगभग लार टपकाते हुए कहा- आ जाइए.
तब मैंने कहा- क्या शाम का टाइम मिल सकता है, अगर आपको कोई प्राब्लम ना हो.
उधर से जवाब आया- हां कोई प्राब्लम नहीं है.. मगर आप 8 बजे मेरे ऑफिस में आ पाओगी?
मैंने कहा- ज़रूरत मेरी है… अगर आप ऑफिस में तो क्या जहाँ भी बुलायेंगे, मैं पक्का आऊंगी.
उसने कहा- ओके ठीक 9 बजे आ जाना. अपना कॉंटॅक्ट नंबर मेरी सेक्रेट्री को लिखा दीजिए.
कोई एक घंटे के बाद मेरे पास उसका डायरेक्ट फोन आया. वो बोला- मैडम, अगर आप बुरा ना माने तो आप मुझे इस होटल के रूम नो 123 में मिल सकती हैं.. क्योंकि ऑफिस में आराम से बात नहीं कर पाऊंगा.
मैंने भी हाँ कह दिया कि मैं भी ऑफिस में सहज नहीं रह पाऊंगी.. खास कर आपकी कम्पनी के कांट्रॅक्ट के लिए.
अंधे को क्या चाहिए दो आँखें… मैं भी खुशी से मान गई और दिए गए टाइम पर उस होटल में जा पहुंची. वहां पर वो आराम से बैठा हुआ व्हिस्की पी रहा था.
मुझे देखते ही बोला- आइए आपका ही इंतज़ार कर रहा था.. कुछ पीएंगी?
मैंने कहा- मैं पीती तो नहीं मगर आपको नाराज़ भी नहीं कर सकती इसलिए आप जो कहेंगे मैं करूँगी.
उसने पूरा गिलास सोडा मिला कर मेरे आगे रख दिया और बोला- आप किस फटीचर कम्पनी में नौकरी कर रही हैं.
मैंने कहा कि सर जिसका नमक खाया हो.. उससे नमक हलाली करना ही पड़ता है. अब आपके आगे मेरी इज़्ज़त का सवाल है, आप इस कांट्रॅक्ट पर अपनी हामी भर दीजिए.
उसने कहा- ठीक है मगर उसके लिए आपको पूरा नमक हलाल करना पड़ेगा.
मैंने कहा- मैं आपके साथ कमरे में हूँ, बोलिए क्या करना है मुझे?
वो बोला- ठीक है.. पहले जाम पूरा कीजिए.
उसने मुझे दो तीन जाम पिला कर पूरी तरह से मेरे होश गुम करवा दिए. फिर वो मुझसे बोला- आप अपना अपनी जवानी का जलवा तो दिखाइए.
मैंने कहा- आपने मदहोश कर दिया है.. अब आप खुद ही मेरी जवानी को देख लीजिए.
इतना कह कर मैं खड़ी होकर लड़खड़ाने लगी. उसने मुझे मेरी कमर में हाथ डाल कर संभाला. फिर मैं खुद ही अपने कपड़े उतारने लगी. क्योंकि नशे की वजह से मेरे शरीर में पूरी गर्मी दौड़ रही थी. कुछ ही पलों में मैं सिर्फ ब्रा, जिसका कप सिर्फ मेरे मम्मों को नीचे से ही पकड़ कर रखता था और बाकी पूरी चूचियां साफ़ दिखती थीं.
शराब की मदहोशी के कारण मेरे मम्मों की घुन्डियां खड़ी हो गई थीं. मेरी चुत पर जो चड्डी थी, वो तो बस नाम मात्र के लिए ही थी. इस हालत में वो मुझे देख कर अपना आपा खो बैठा. उसने अपने कपड़े उतार दिए.
उसका लंड भी पूरा लौड़ा बन कर उछाल मार रहा था.
मैंने उससे झूम झूम कर कहा- सर, पहले उन पेपर्स पर साइन कर दीजिए, फिर मेरी चुत में अपना लौड़ा डाल कर जो करना है, मजे से करिए. अगर आप कहेंगे तो मैं पूरा वीक आपसे चुदती रहूंगी. मगर पहले मेरा काम कर दीजिए.
वो लंड सहलाता हुआ बोला- क्यों नहीं क्यों नहीं.. तुमने देखा नहीं, मैं उन पर साइन कर चुका हूँ. इन पेपर को तुम्हारी चूत में एक बार डाल कर इनको भी तुम्हारी चूत का आशिक़ बना दूं, फिर दे दूँगा.
हम दोनों चुदाई की मस्ती में आ गए. बस फिर क्या था.. लंड चुत का घमासान शुरू हो गया. जब चूत ने पानी छोड़ा तो उसने पेपर्स पर जहाँ साइन किए था, उसके नीचे चूत का पानी डाल दिया.
वो बोला- ये लो आप यह पेपर अब तुम्हारे हैं.. इस पर तुम्हारी चूत का ठप्पा भी लग गया है.
मैं उससे बोली- मेरी चूत तो अब आपकी गुलाम बन गई है.. जब बोलोगे हाज़िर हो जाएगी.
इस तरह से आधी रात तक उससे चुदवा कर मैं साइन किए हुए पेपर्स को लेकर वापिस आ गई.
दूसरे दिन ऑफिस ने एमडी से जाकर बोली- लीजिए सर.. आपका काम हो गया.
वो नहीं समझ पाया कि ऐसे भी हो सकता है. जो काम कई महीनों से लटका हुआ था, मैंने एक दिन में कर दिया.
वो बोला- तुम्हारा बोनस तुमको मिल जाएगा.. जैसे ही यह कॉन्ट्रैक्ट नोटिफाइ होता है.
मैंने कहा- सर कोई बात नहीं आप जब चाहें, दे दीजिएगा. मुझे अगला काम बताइए.