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मैं रंडी बनना चाहती हूं। complete

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Guest
[*]नमस्ते

मैं रवि एक कहानी पोस्ट कर रहा हूं जो मेरी नहीं है

मुझे कहानी अच्छी लगी तो पोस्ट कर रहा हूं।
 
बीते दिनों की बात है, मैं हमेशा की तरह ट्रेन में सफ़र कर रहा था, बारिश के कारण ट्रेन में भीड़ नहीं थी। एक डिब्बे में सिर्फ 5-6 लोग अलग अलग बैठे थे। मैं छुप-छुप कर सेक्सी कहानयों वाली किताब पढ़ रहा था और उस पर मैंने एक कवर चढ़ा रखा था जिससे किसी को पता न चले। मेरे बाजू वाली सीट खाली थी।

मैंने किताब बंद करके सीट पर रखी और बाथरूम की तरफ चला गया।उतने में मुगलसराय स्टेशन आया, ट्रेन रुकी, तब मुझे बाथरूम में ही किसी यात्री के ट्रेन में चढ़ने की आवाज सुनाई दी। वापस आकर मैंने देखा कि एक आदमी मेरे बाजू वाली सीट पर बैठा है, साथ में एक औरत भी थी।

साली क्या सेक्सी लग रही थी ! मेरी किताब पढ़ रहा था वो और उसमें से कुछ नंगी तस्वीरें अपनी बीवी को दिखा रहा था। मैं शर्म के मारे पानी पानी हो गया, सोचा कि क्या समझ बैठेगा मेरे बारे में ! उसने मुस्कुरा कर कहा- यह आपकी है? इससे बढ़िया मैं अपनी सच्ची कहानी सुनाता हूँ, सच्ची कहानी सुनोगे तो पागल हो जाओगे, जो अभी-अभी 2 हफ्ते भुगती है।

उसने अपने बारे में बताया कि :

यह मेरी बीवी सुनीता है और मेरा नाम है सुजीत..

उसने अपना कहानी का दौर शुरू किया.

सुजीत- अभी अभी मैं और सुनीता कुल्लू-मनाली, शिमला और आखिर में दिल्ली घूमने के लिए गये थे और शिमला में बहुत खर्च हुआ, सोचा कि दिल्ली में सस्ते में घूमेंगे, सस्ता खाएंगे और सस्ते होटल में रहेंगे पर दिल्ली उतरते ही जेब कट गई। सोचा कि अब कैसे होगा? कैसे भी करके घूमना ही है।मैंने शर्म के मारे किसी से या अपने घर से पैसे नहीं मंगवाए। सोचा कि मेरा मजाक बन जाएगा। तभी मेरे दिमाग में एक शैतानी बात आई कि दुनिया में एक ही चीज कहीं पर भी बिक सकती है, वो है औरत का जिस्म, उसके लिये ग्राहक सामने आ ही जाते हैं।

वो आगे कुछ बोलता, उसके पहले उसकी बीवी सुनीता बोली- औरत का जिस्म ऐसा है कि कोई रोक नहीं कमाने के लिए ! सब भूखे ही होते हैं, इसलिए मैंने उनको कहा कि कोई जगह ढूँढो जहाँ यह सब चलता हो। तुम्हें ताज्जुब होगा मगर मैं जबसे जवान हुई तबसे मुझे रंडियों के बारे में जानने का शौक था। मुझे कुछ दिनों के लिये रंडी बनकर जी कर देखना था, समाज का डर था और अपने शहर में तो यह मुमकिन नहीं था। मैं जब अपने शहर में घूमने निकलती तो रंडियों के कोठे के पास आते ही नीचे अजीब सी खुजली शुरू होती और मैं सोचती थी कि ये रंडियाँ क्या करती होगी मर्द को अंदर ले जाकर? तभी मेरे साथ वाली सहेली ने मुझे समझाया था कि अंदर ले जाकर मर्द के सुसू करने की चीज को औरत अपने सुसू करने की जगह में लेती है, इसे चोदना कहते हैं, पर कहते हैं यह सब गंदा हैं। मैं तो पागल हो गई थी यह सुनकर ! सच कहूँ तो शादी तक मैंने कभी नहीं चुदवाया, पहली रात मैंने सुजीत को यह बता दिया और शादी के बाद इनसे बहुत चुदवाया पर वो तड़प शांत नहीं हुई और मैं मौका ढूंढ्ने लगी। मैंने शादी के बाद इनको यह बात बताई तो ये बोले- यह मुमकिन नहीं ! और फिर यह मौका हाथ आया।

सुजीत- और मुझे स्टेशन पर ही जी.बी. रोड का एक दलाल मिल गया उसे मैंने दबी आवाज में पूछा कि ऐसी कोई जगह दिखाओ कि जहाँ जिस्मफरोशी बेरोकटोक चलती हो। मैंने अपने विचार उसे बताये तो वो ले गया एक कोठे पर.. दलाल ने मेरी पहचान कराई वहाँ की मालकिन से ! वो बेफिक्र थी, बड़ी सेक्सी थी, 40 की होगी।
 
दलाल- मौसी, यह देखो, एक आदमी कुछ अजीब काम से आया है।

मौसी- यहाँ पर एक ही काम होता है चोदने का। तुम क्या दूसरा काम लेकर आये हो?

सुजीत- मौसी, मेरी एक समस्या है और वो तुम सुलझा सकती हो।

मौसी- क्या? ठीक से बात करो।

सुजीत- मौसी कोई कोने में चलते हैं जहाँ तुमसे मैं खुलकर बात कर सकूँ।

मौसी मुझे ऊपर वाले कमरे में ले गई, वहाँ रंडियाँ तैयार हो रही थी। उसका कोठा किसी होटल से काम नहीं था, साफ़ सुथरा था और 6-7 कमरे थे जिसमें बड़े पलंग थे और दीवारों पर ग्राहकों को उकसाने वाली नंगी तस्वीरें थी।

मौसी- ए लड़कियो ! चलो बाहर जाओ ! मुझे इससे ख़ास बात करनी है।

सभी चली गई, एक लड़की खड़ी रही।

मौसी- जाहिदा, तू क्यों खड़ी है? जा 2-4 ग्राहक पकड़ !

जाहिदा- मौसी, तू इसे लेने वाली है क्या? मुझे दे न यह कस्टमर.. साला बहोत मस्त है रे।

मौसी- चल हरामी ! तू जा ! मुझे कुछ बात करनी है !

वो चली गई, जाते जाते मुझे एक गन्दा इशारा कर गई।

मौसी- हाँ, अब बोलो !

सुजीत- मौसी, मैं और मेरी बीवी घूमने निकले थे और दिल्ली आने पर जेब कट गई, पराये शहर में कोई पैसे नहीं देगा और घर से नहीं मंगवाना चाहता हूँ।

मौसी- तो क्या मैं पैसे दूँ तुझे? मैं नहीं देती पैसे ! उसके बदले अपनी बीवी को ले आ, दो दिन धंधा करवा और जो कमाया है उससे घर चले जाना।

सुजीत- हाँ मौसी हाँ ! तुमने बस मेरे मुंह की बात छीन ली ! मैं यही तो कहने आया हूँ और तेरे दलाल को भी बताया था।

मौसी- उस भड़वे ने कुछ नहीं कहा। तुझे यहाँ छोड़ कर चला गया शाम को दलाली लेने आएगा साला।

सुजीत- मौसी, मेरी बीवी की ख्वाहिश भी है कि एक बार रंडी की तरह जी लूँ !

मौसी- क्या बात करता है? ऐसा कभी होता है क्या? क्या उसे पसंद है?

मैं- अरे उसकी तो यह इच्छा है और उसने ही मौके का लाभ उठाना है।

मौसी- अरे इस धंधे में आई हुई तो यहाँ से छूटने की कोशिश करती है। ऐसा तो मैंने कभी नहीं देखा कि किसी आम जिंदगी जीने वाली औरत को रंडी बन कर देखना है?

सुजीत- हाँ मौसी, उसने कई बार यह बताया था और समाज के डर से अपने शहर में तो नहीं कर सकते।

मौसी- हाँ ले आ उसको ! देखूँ तो सही कितना दम है उसमें? धंधे के लायक है भी क्या? छाती छोटी नहीं चलेगी, कोई पसंद नहीं करेगा मेरे यहाँ।

सुजीत- अरे मौसी, तू एक बार देख ले ! मौसी तेरी इन रंडियों को पीछे छोड़ देगी।

मौसी- यह बात है तो जल्दी से ले आ ! आज ही उसे रंडी होने का मज़ा देती हूँ, बनने का मज़ा देती हूँ ! तेरी बातों से लगता है कि जितने दिन रहेगी, रंडी बनकर कस्टमर को चूस लेगी साली !

तुरंत मैं स्टेशन पर पहुँचा, सुनीता ने चाय-नाश्ता कर लिया था, मेरी राह देख रही थी। मैंने उसे मौसी के कोठे के बारे में और मौसी के बारे में कहा। वो तो खुश हुई। मैंने उसे बुरका पहनने कहा।.फिर रिक्शे में बैठ कर मैं और सुनीता मौसी के जी.बी. रोड वाले कोठे पर पहुँचे।

मैंने सुनीता को बुरका पहनाया था.. आजू-बाजू की औरतें धंधे पर खड़ी थी और ग्राहक का इन्तजार कर रही थी, वो कुछ अजीब नजरों से हमें देख रही थी, सोच रही होंगी कि और एक औरत रंडी बन गई क्या?
 
हमने अपना सामान उतारा और कोठे के अन्दर चल दिए।

मौसी ने उसका बुरका उठाया, तुरंत पूरा बुरका निकालने कहा और उसकी छाती दबाकर देखी और गांड पर थपथपाया।

मौसी ने खुश होकर कहा- साली मस्त रांड बनेगी !

सुनीता- मैं सिर्फ 4-5 दिन के लिए आई हूँ, मुझे भी यह जिंदगी जी कर देखनी है।

मौसी- अच्छा चलो, थोड़ा फ्रेश हो जाओ और कुछ खा लो तुम दोनों !

मौसी ने होटल से बढ़िया खाना मंगवाया, खाते खाते बातें होने लगी।

मौसी- साली, तुझे यह रंडी बन कर जीने का कैसे सूझा?

सुनीता- जब से मेरी एम सी चालू हुई। एक बार मैंने पड़ोस में मिया बीवी को लिपट कर सोये हुए देखा और हमारे शहर में भी रंडी बाज़ार है, उसे देखकर यह लालसा हुई। मैंने सहेली से सुना तो था ही कि चोदना क्या है? मुझे अनजान लोगों से खूब चुदवाना है और आम जिंदगी में यह नहीं कर सकती और सुजीत को भी नई-नई औरतों के साथ चोदना अच्छा लगता है।

मौसी- साले, तुम दोनों रांड और भड़वे ही हो ! मज़ा आएगा ! सुनो हर ग्राहक पर मुझे 200 रु. कमीशन देना होगा और तू ग्राहक से 500 रु. से कम मत लेना। मेरे यहाँ सब रईस आते हैं। जाहिदा, इसे ले जाकर सब सिखा दे।

जाहिदा- चलो दीदी, सब सिखाती हूँ।

और दोनों ऊपर चली गई, मैं मौसी के पास बैठा था।

मौसी- क्या नाम है रे? तेरा और तेरी बीवी का?

मैं- सुजीत और बीवी का सुनीता।

मौसी- मैं तुम्हें राजू बुलाऊंगी जिससे तेरी पहचान छिपी रहे।

सुजीत- हाँ यह भी सच है।

मौसी- तेरी बीवी को सीमा बुलाऊंगी।

मैं- चलेगा !

मौसी- कोई गड़बड़ नहीं चाहिए, नहीं तो मार-मार कर भुरता बना दूँगी और बिना औरत जाना पड़ेगा।

मैं- क्या मौसी? मैं और बीवी खुद आये और तुम्हें विश्वास नहीं है?

मौसी- ठीक है, यहाँ गाली गलोच तो चलती रहती है, वो भी सहना पड़ेगा।

मैं- क्या मौसी, मुझे मालूम है, गाली बगैर कोठे की इज्जत नहीं ! हमें तो बस मजा करना है और पैसे कमा कर दिल्ली देख कर घर लौटना है।

मौसी- यह हुई न बात ! चल तुझे भी चोदने का मज़ा चखा देती हूँ।

मौसी ने एक सेक्सी मगर थोड़ी सांवली लड़की को बुलाया और :

मौसी- ए सुशी ! ये देखा जो नई रांड आई है, उसका भड़वा है यह ! जब तक जाहिदा उसको तैयार कराती है तब तक तू इसको चढ़वा। पूरा मजा दे !

मैं- क्या मौसी? अभी बनी नहीं, उसके पहले उसे रांड मत बोल ! अच्छा नहीं लगता।

मौसी- अरे अभी एकाध घण्टे में बन जायेगी, ऐसे रंडीपन करेगी कि घर जाना नहीं चाहेगी। तुझे मालूम है कितनी भी गाली खायेगी पर धंधा नहीं छोड़ेगी ! बिना मेहनत पैसे मिलते हैं. बाहर की जिंदगी में? कोई मुफ्त में चोद लेगा और तुझसे यह बात छुपी रहेगी। उससे बेहतर है कि तेरे सामने उसके अरमान पूरे हों !

सुशी ने नखरीले अंदाज में मुझे बाहों में लपेटा और मेरे कमर पर हाथ डाल कर ले गई। उसने बिन बांह का नीला ब्लाउज और नीली साड़ी पहनी थी।

सुशी- चलो राजा जी, अब तुम्हें भी मज़ा दे दें ! एड्स तो नहीं न हुआ?

मैं- न, नहीं, क्यों?

सुशी- मैं तुमसे बिना निरोध के चुदवाना चाहती हूँ ! देखो, आज सब तरह से मजे करवा दूँगी ! तुम क्या दोगे? तुम्हारी बीवी अब हम जैसे धंधा करेगी तो वो हमारी दीदी और आप उनके मर्द हो इसलिए आप हमारे जीजाजी !

मैं- चलो पहले देखने दो कि क्या कर सकती हो? मेरी साली जी !

कमरे जाती ही वो मेरे गोद में बैठ गई और उसने मुझे चूम लिया। उसने एक एक करके मेरे सारे कपड़े उतार दिए और खुद कपड़ों में मेरी गोद में बैठ गई।

यह एक लम्बी कहानी है, पढ़ते रहिए ! कैसी लगी कहानी आप लोग बोलोगे तो कहानी आगे जायेगा

धन्यवाद
 
सुशी ने नखरीले अंदाज में मुझे बाहों में लपेटा और मेरे कमर पर हाथ डाल कर ले गई। उसने बिन बांह का नीला ब्लाउज और नीली साड़ी पहनी थी।

सुशी- चलो राजा जी, अब तुम्हें भी मज़ा दे दें ! एड्स तो नहीं न हुआ?

मैं- न, नहीं, क्यों?

सुशी- मैं तुमसे बिना निरोध के चुदवाना चाहती हूँ ! देखो, आज सब तरह से मजे करवा दूँगी ! तुम क्या दोगे? तुम्हारी बीवी अब हम जैसे धंधा करेगी तो वो हमारी दीदी और आप उनके मर्द हो इसलिए आप हमारे जीजाजी !

मैं- चलो पहले देखने दो कि क्या कर सकती हो? मेरी साली जी !

कमरे जाती ही वो मेरे गोद में बैठ गई और उसने मुझे चूम लिया। उसने एक एक करके मेरे सारे कपड़े उतार दिए और खुद कपड़ों में मेरी गोद में बैठ गई। उसने मेरे छाती के बालों के साथ खेलना शुरू किया और थोड़ी ही देर में मेरे लौड़े पर हाथ पहुंचा दिया। मैंने उसकी पीठ पर हाथ फेरा और धीरे से उसकी गेंदों को दबा दिया।

वो सिसक उठी।

मैंने उसकी गांड पर साड़ी में से हाथ फेरा तो पता चला कि उसने चड्डी ही नहीं पहनी थी।

मैं- सुशी, तुम चड्डी नहीं पहनती?

सुशी- नहीं ! क्योंकि यहाँ सब फटाफट चोदने के लिए आते हैं ! जीजू तुम आराम से चोदो, देखूँ कि तुम में कितना दम है?

मैं- तुम थक जाओगी मेरे लौड़े से ! पर मैं नहीं थकने दूंगा तुम्हें ! जब तक सीमा (सुनीता) तैयार नहीं होती, मैं खेलूंगा तुम्हारे भोसड़े मुंह और गांड से।

सुशी- बस अब मुझे नंगी कर दो !

मैंने उसके कपड़े उतारे तो पता चला कि क्या मस्त जिस्म था उसका !

मैंने बिना सोचे उसके भोसड़े में जीभ डाल दी, यह भी नहीं याद रहा कि यह एक धंधे वाली का भोसड़ा है।

मैं- सुशी, तुम्हें तो एड्स नहीं हुआ न?

सुशी- जीजू, मैं 6 महीने से आई हूँ, मुझे भी दीदी जैसे शौक है और इस पूरे मोहल्ले में मौसी जैसा कोठा कोई नहीं ! यहाँ सिर्फ नामी लोग आते हैं जो अपनी पहचान छुपाना चाहते हैं। पर एकदम साफ़ सुथरी औरत चाहते हैं, सो मौसी ने एक डॉक्टर को रखा हुआ है, वो हम सबकी चेकिंग हफ़्ते में एक बार करता है। मेरी चेकिंग कल ही हुई है और मैं तंदरुस्त हूँ।

यह सुनकर मैं खुश हुआ और मैंने उसके भोसड़े में दुबारा जीभ डाल दी। सुशी ने दोनों जांघों में मेरा सर दबा दिया, वो गर्म हो रही थी।

सुशी- जीजू, मेरी दीदी के भड़वे ! चूसो मेरा भोसड़ा ! जोर से चूसो ! बहुत अन्दर तक चूसो।

करीब 15 मिनट में उसका पानी छूट गया। मैंने उसे अपना लौड़ा चूसने को कहा तो-

सुशी- जीजू, तुम 4 दिन तक यही हो तो बारी बारी मजे करेंगे। अभी मुझे थोड़ा धंधा करने दो।

इतना कहकर कपड़े पहनकर वो चली गई। बाहर आकर देखा तो सुनीता रंडियों के जैसे मेकअप करके बैठी थी, उसने किसका लो-कट टाईट बिना बाहों वाला कुरता पहना था और हाफ-पेंट पहनी थी। और एकदम लाल रंग की लिपस्टिक लगाई थी। मैं दंग रह गया उसे देख कर !

मेरे पीछे से मौसी ने आकर कहा- क्यों राजू? लग रही है न टॉप क्लास?

मैं- क्या?

मौसी- अरे भड़वे ! रंडी लग रही है न? पहला दिन है तो बस एक ही ग्राहक ! साली रोज कम से कम पाँच ग्राहक लेगी तो 500-1000 के हिसाब से 2500- 5000 रूपए कमाएगी। अब तू कोने में बैठ कर देख कि तेरी घरवाली कैसे कस्टमर को पटाती है।
 
मौसी ने सुनीता के पास जाकर कहा- देखो, हर चीज के दाम लेना ! सिर्फ चोदने के 500 रूपए, छाती खोलकर गेंद दबाने के 250 रु. अलग ! और मुंह में लौड़ा लेने के 500 अलग ! और सारा काम करना है तो 1250 रु. होते हैं पर तू कम से कम 1000 रुपए तो लेना ही ! बिल्कुल कम मत करना। यहाँ दया नहीं पैसा चाहिए और सुन कोन्डोम जरूर चढ़ाना। और जब तक तू यहाँ है तब तक तेरे मर्द के साथ नहीं सोएगी, आज तेरे लिए मैं कस्टमर ढूढूँगी।

सुनीता- बहुत अच्छा ! मौसी जरा कसदार और मालदार ही पकड़ना !

मौसी- मेरे यहाँ सब ऊँचे लोग ही आते हैं।

कोने में खड़ी जाहिदा ने मेरी ओर देख कर एक फ्लाईंग किस दी। यह देख कर सुनीता हस पड़ी। मैं तो सुनीता को तुरंत चोदना चाहता था, मैं उससे बात करने ही वाला था कि उतने में एक युवक आया तो मौसी बोली- आओ आओ ! बहुत दिन बाद? क्या कोई तकलीफ?

युवक- नहीं यार ! दफ्तर में काम था और बॉस छोड़ता ही नहीं था तो फिर थक हार कर घर जाकर सो ही जाता था।

मौसी- कोई बात नहीं ! देखो कोई पसंद है?

युवक- मौसी, यह नई कौन है? साली मस्त लग रही है।

मौसी- यह सीमा है, यह शौक से रंडी बन रही है, यह नई रंडी है। वैसे है पुरानी पर इस शहर में नई आई है।

युवक- बस यही चाहिए मौसी ! पूरे 2000 दूँगा।

मौसी- नहीं यह काम उसका पहला है और मुहूर्त 5000 रुपए होगें !

युवक- मौसी, इतने नहीं हैं ! 4000 रुपए रखो ना !

मौसी- चल ठीक है, तू पुराना ग्राहक है।

युवक- चल मेरी नई नवेली रंडी रानी !

इतना कह कर वह सुनीता(सीमा) को हाथों में उठाकर कमरे में ले गया..

सुनीता सच में घबराई हुई थी क्योंकि पहली बार रंडी जो बनी थी।

मौसी- देखा राजू, तेरी बीवी का कमाल? आते ही 4000 रुपए कमा लिए। आज और सिर्फ दो कस्टमर मिलते ही उसको आराम से रहने दे ! राजू, तू चल मेरे कमरे में ! देख वहाँ से कि कैसे चुद रही है तेरी बीवी ! मैंने हर एक कमरे में कैमरा फिट किया है जिससे कस्टमर और रंडियों पर नजर रख सकूँ।

हम मौसी के कमरे में पहुंचे आलीशान कमरा था और ए सी भी लगा था। मौसी ने सिगरेट जलाई, बड़ी सेक्सी लग रही थी, उसकी उम्र 40 साल से ज्यादा नहीं होगी। उसने सी.सी.टी.वी. चालू किया और हर कमरे का नजारा दिखाई दिया। जाहिदा के पास भी कस्टमर आ पहुँचा था और वो उससे भाव-ताव कर रही थी।

दूसरे कमरे में सुशी के ऊपर कस्टमर चढ़ा था, वो पूरी ताकत लगा कर चोद रहा था। तीसरे कमरे में सुनीता और वो युवक पहुँचे और सुनीता ने उससे पैसे लिए और बाहर जाकर अपने पेटी में रख दिए। इस बीच युवक ने शर्ट निकाली और जांघिए में बैठ सुनीता का इन्तजार करने लगा।

सुनीता के आते ही उसने सुनीता के पीछे जाकर उसके गेंद दबा दिए। इस पर सुनीता ने उसका लौड़ा हल्का सा दबा दिया और कस कर चुम्मी ली।

यह देखकर मौसी बोली- साली बड़ी शरारती है रे तेरी बीवी?
 
[हम मौसी के कमरे में पहुंचे आलीशान कमरा था और ए सी भी लगा था। मौसी ने सिगरेट जलाई, बड़ी सेक्सी लग रही थी, उसकी उम्र 40 साल से ज्यादा नहीं होगी। उसने सी.सी.टी.वी. चालू किया और हर कमरे का नजारा दिखाई दिया। जाहिदा के पास भी कस्टमर आ पहुँचा था और वो उससे भाव-ताव कर रही थी। दूसरे कमरे में सुशी के ऊपर कस्टमर चढ़ा था, वो पूरी ताकत लगा कर चोद रहा था। तीसरे कमरे में सुनीता और वो युवक पहुँचे और सुनीता ने उससे पैसे लिए और बाहर जाकर अपने पेटी में रख दिए। इस बीच युवक नेशर्ट निकाली और जांघिए में बैठ सुनीता का इन्तजार करने लगा।

सुनीता के आते ही उसने सुनीता के पीछे जाकर उसके गेंद दबा दिए। इस पर सुनीता ने उसका लौड़ा हल्का सा दबा दिया और कस कर चुम्मी ली।

यह देखकर मौसी बोली- साली बड़ी शरारती है रे तेरी बीवी?

तीसरे कमरे में सुनीता और वो युवक पहुँचे और सुनीता ने उससे पैसे लिए और बाहर जाकर अपने पेटी में रख दिए। इस बीच युवक ने शर्ट निकाली और जांघिए में बैठ सुनीता का इन्तजार करने लगा।

सुनीता के आते ही उसने सुनीता के पीछे जाकर उसके गेंद दबा दिए। इस पर सुनीता ने उसका लौड़ा हल्का सा दबा दिया और कस कर चुम्मी ली।

यह देखकर मौसी बोली- साली बड़ी शरारती है रे तेरी बीवी? मस्त रांड है साली ! इसको यहीं रहने दे 1-2 साल !

मैं- नहीं मौसी। मेरी गृहस्थी टूट जायेगी। रांड मत बोल न ! अच्छा नहीं लगता।

मौसी- तो क्या यह पूजा कर रही है? रांड का धधा कर रही है तो रांड ही बोलूंगी न? और वो देख कैसे खुश हुई रंडी बनकर ! मैं भी ऐसी खुश हुई थी पहला कस्टमर लेकर ! और मैंने तुझे पहले कहा था कि गाली-गलोच तो होगी, सहना पड़ेगा। इतना दुखता है तो तू भी पानवाले के यहाँ खड़ा रह कर या सड़क पर से कस्टमर लाकर भड़वा बन न। बड़े बड़े नेता देश को चोदू बनाते हैं तो उनको कोई कुछ नहीं कहता और तेरी बीवी का शौक पूरा हो रहा है तो तुझे बुरा लगा?

मैं- अच्छा मौसी, पहले तो वो घबराई थी फिर कैसे हिम्मत खुली?

मौसी- सभी रंडियों के साथ यही होता है ! पहले दिन लौड़ा भोसड़े में डलवाते हुए मेरा हाथ कांप रहा था तो कस्टमर ने खुद डाला और पूछा था कि क्यों? डर लगता है?

मैंने हाँ कहा तो हंस पड़ा था। शाम तक देख तेरी बीवी कैसे मस्त लौड़े लेने लगेगी। जहिदा ने तो 3 दिन तक धंधा किया फिर भी डरती थी। अब देख कैसी शरारती हो गई है, उसी ने तेरी बीवी को तैयार किया तो उसका डर भाग गया होगा।

इधर सुनीता ने आहिस्ता से युवक का जांघिया निकाल दिया। इस पर युवक ने सुनीता की पैंट निकाली और सुनीता के कुरते को ऊपर करके उसकी पेंटी में हाथ डाला और बोला- अरे, बड़ा गर्म है यह भोसड़ा ! डरना मत ! दो घंटे के लिए तेरी मरम्मत करूंगा !
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इतना कहकर उसने सुनीता की पेंटी निकाल दी और सुनीता ने अपने हाथों से कुरता निकाला और पूरी नंगी हो गई। साली ने ब्रा नहीं पहनी थी, लगता है यह सब जाहिदा का सिखाया था।

युवक ने सुनीता को पलंग पर बिठा कर उसके भोसड़े में जीभ डाल दी और मुंह से चोदने लगा। थोड़ी देर बाद उसने सुनीता को मुंह में लौड़ा लेने को कहा। सुनीता ने उसे कोंडोम पहनने को कहा। वो तैयार नहीं था पर आखिर मान गया।

फिर सुनीता ने कस कर उसके लौड़े को पकड़ा और मुंह में डाल कर लॉलीपोप की तरह चूसने लगी, और वो बेकाबू हो गया, उसने झट से पलट कर 69 की पोजिशन ली और लगे एक दूसरे का लौड़ा-भोसड़ा चाटने !

करीब 20 मिनट बाद उन्होंने आसन बदला, सुनीता को अपनी तरफ मुंह करके गोद में बैठने कहा, आहिस्ता से लौड़ा भोसड़े में घुसेड़ दिया और सुनीता को ऊपर-नीचे होने को कहा।

सुनीता को बड़ा मजा आ रहा होगा ऐसा उसके चहरे को देख कर लगता था।

उन्होंने पुनः आसन बदला, युवक ने उसको सीधा लिटाया और थोड़ा टेढ़ा होकर पीछे लेट कर उसके भोसड़े में पीछे से लौड़ा डाल दिया और धक्के देने लगा।

मैंने तो ऐसे कभी सुनीता को चोदा ही नहीं था और यह बंदा बड़ी मस्ती से चोद रहा है। थोड़ी देर बाद उसने उसको घोड़ी बनाकर पीछे से चोदा और आखिर में सीधे लिटा कर उस पर चढ़ कर चोदने लगा। जैसे ही उसका पानी छूटा तो झट से सुनीता ने उसको अपनी टांगों से लपेट लिया।

वो दोबारा लौड़े को तैयार कर रहा था।

इतने में मौसी बोली- चलो बन गई तेरी बीवी रंडी ! क्योंकि पराए मर्द का लौड़ा लेना सीख लिया, अब इसे कुछ नहीं सिखाना पड़ेगा। अब तू भी भड़वाई सीख ले अब्दुल से ! मास्टर है एकदम ! राजू चल अब नीचे चलते हैं।मौसी ने मेरे कमर में हाथ डाल कर मुझे नीचे ले गई, वहाँ नए कस्टमर आकर बैठे थे।

मौसी- आओ आओ ! बैठो, थोड़ी देर अभी आती होंगी ग्राहक निपटा कर। क्या तुम्हें ये रीना और नीला नहीं चलेगी?

पहला ग्राहक- मौसी, हमें जूली चाहिए।

मौसी- नहीं रे ! वो बीमार है और डोक्टर के पास गई है। नीला के साथ बैठ जा ना?

पहला ग्राहक- मौसी, वो बहुत अकड़ कर बात करती है !

मौसी- नीला, यहाँ आ ! क्या री? तू इनको अकड़ दिखाती है? देख साली, नई आई हुई सीमा झट से ग्राहक को लेती है।

दूसरा ग्राहक- मौसी हमें भी तो दिखाओ।

मौसी- 5000 रु. है तेरे पास? आज अगर चोदना है तो इतने देने होंगे क्योंकि अभी उसका पहला कस्टमर बैठा है।

दूसरा ग्राहक- मौसी, पहले देखने तो दो।

इतने में सुनीता उस कस्टमर के साथ बाहर आ गई।

युवक- मौसी बहुत दिनों बाद इतना मज़ा आया। पैसे वसूल ! कल फ़िर आऊँगा।

मौसी- यह सिर्फ 4 दिन यहाँ है ! आ जाना उसके पहले !

युवक- क्यों मौसी, यह यहाँ नहीं रहेगी?

मौसी- नहीं रे ! यह तो मेहेमान है मेरी ! उसका धंधा तो कलकत्ता, मुंबई और लखनऊ में चलता है। यह तो मेरे कहने पर धंधे पर बैठी !

मौसी ने झूठ बोलकर बाजी सम्हाली।

पहला ग्राहक- मौसी, मैं इसके लिए 3000 दूंगा ! बोलो है मंजूर?

मौसी ने सीमा को आँख मारी और- क्या री? सीमा चलेगा?

सुनीता- अरे भड़वे, नई फसल चखनी है तो और 5000 रु. ढीले कर ना?
 
मैं तो उसके मुंह से ऐसी रंडी वाली भाषा सुनकर दंग रह गया। साली पूरी रंडी ही बन चुकी थी। बड़े बेफिक्र होकर पैंट से सिगरेट निकाली और जला कर कश लेने लगी। उसके सामने धुंआ फेंका और उसके शर्ट को पकड़ा।

सुनीता- चलता है क्या? नहीं तो भाग यहाँ से..

वो उठकर चला गया। मौसी थोड़ी गुस्सा होने ही वाली थी कि :

दूसरा ग्राहक- मैं देता हूँ ! चल ! मगर तीन घंटे बैठूंगा और पूरा मज़ा लूँगा।

सुनीता- आ जा मेरे राजा ! बजा दे मेरे भोसड़े का बाजा।

सुनीता ने उसकी बाहों में बांह डाल दी और चल पड़ी चुदवाने।

मौसी- साली बड़ी तेज है ! 4 दिन में 20000 रु. कमा लेगी।

- बड़ी प्यार से रंडी बाजी पे उतर आई ! अब मुझे भी भड़वा बनने की इच्छा हो रही है।

जाहिदा- इसे लाया कौन? तुम ना? अब तुम क्या करोगे? मौसी जीजू को आज मेरे कमरे में सोने देना, मुझे उनका पूरा रस चूस लेना है।

तभी सुशी, नीला और रीना बोली- क्यों? हम नहीं सो सकती क्या? हमें भी देखना है कि जीजू कैसे चोदते हैं।

मौसी- आज की रात जाहिदा के साथ सोने दे ! जाहिदा ने उसकी बीवी को तैयार किया था ! और तुम बारी बारी लेना इस भड़वे को !

मैं- जैसे मौसी बताती है, वो ठीक है, चल मेरी रंडी साली।

जाहिदा- क्या जीजू? तुम गाली देते हो?

मैं- नहीं तो क्या तुम रंडियाँ नहीं हो? मेरी बीवी तो शौक से रंडी बनी है और उसे रंडी बुलाते ही खुश हो जाती है ! है न मौसी?

मौसी- हाँ, साली गजब ढ़ाती है, पिछले जन्म में रंडी ही होगी !

मैं- चलो, सबको गुड नाईट ! और सीमा को बता देना !

रीना, नीला- हाँ, बता देंगे ! मौसी, अब तो वो कस्टमर नहीं लेगी न? तो हमें दे देना।

मौसी- क्या मालूम? उसकी मरजी !

और वो दोनों कस्टमर की राह देखने लगती हैं.. इतने में 2 कस्टमर आते हैं और 500-500 रु. में ले जाते हैं, दोनों 1/2 घंटे के लिए सौदा कर लेते हैं। दोनों मस्त मज़े करके निकल लेते हैं और फ़िर दोनों ग्राहकों की राह देखने लगती हैं।

नीला- साली, इस सीमा ने धंधा तोड़ दिया !

मौसी- अरे, वो सिर्फ 4 दिन के लिए है, उसका नाम लोगों में पहुँचेगा और नए कस्टमर आयेंगे और तुम्हें ढूंढने नहीं जाना पड़ेगा ! समझी?

रीना- यह बात ठीक है !

सुनीता चुदवा कर बाहर आई, इस बीच रीना और नीलू ने 4 ग्राहक पटाए और बैठ गई टीवी देखने ! टीवी पर राखी सावन्त का शो चल रहा था।

मौसी- साली ये तो हम रंडियों से भी ज्यादा बड़ी रण्डी लगती है। मेरे यहाँ हमेशा के लिये आएगी न तो बहुत माल कमाएगी। सीमा, अब बस कर ! कोइ और को मत लेना, आज पहला दिन है।

सुनीता- हाँ मौसी, आज आराम करूंगी ! कल कोई कस्टमर रात भर के लिए मिलता है तो ले लेना ! अभी तो भोंसड़े की खुजली पूरी नहीं हुई..

मौसी सुनीता की गाण्ड को थपथपाते हुए- हाँ मेरी रण्डी रानी, जो हुकुम ! अब तुम्हारा राज है और 3 दिन ! साली रण्डी बनी है तो मर्द के साथ क्या करेगी? तुम आज मेरे साथ सो जाओगी?
 
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