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मैं रंडी बनना चाहती हूं। complete

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मौसी ने मुझे खींचते हुए अपनी बाहों में लिया और बोली- भड़वे, तेरी तारीफ मैंने सभी रण्डियों से सुनी तो सोचा मैं भी तेरा लौड़ा ले ही लूँ। आज रात मैं सोने वाली नहीं और तुझे भी नहीं सोना।

मैं- हाँ मेरी रण्डियों की रानी। तू क्यूँ बाकी रहेगी? तेरी तो खास खातिरदारी करूँगा। सारे दाँव आजमाऊँगा।

उसने मुझे नंगा किया और खुद कपड़े पहनकर मेरा लौड़ा चूसने लगी।

5 मिनट बाद मौसी- क्या रे? तू मुझे नंगी नहीं करेगा? कर ना रे !

मैंने उसके सारे कपड़े उतारे, उसका भोसड़ा भूखा-प्यासा था। उसने झट से मेरे मुँह पर अपना भोसड़ा धर दिया। मैंने उसे चाट-चाट कर तड़पा दिया।

मौसी ने लौड़ा मसल मसल कर दुबारा खड़ा किया और दोबारा चोदा उसको।

मौसी- भड़वे, क्या लम्बा लौड़ा है रे? आज की रात तुम्हारी आखरी रात है। मैं चाहती हूँ कि तुम दोनों और थोड़ा, मतलब दो-एक दिन रुको न? मैं भी जी भर के चुदवा सकूँ और और सीमा को भी मस्त कमाई हो?

मैं- मौसी, आज की रात तुम्हारी। पर हम नहीं रुक सकते ! घर पर राह देखते होंगे।

मौसी- राजू ! रा..जू… आ भड़वे.. क्या तड़पा रहा है?

मैंने उसे खड़ा किया और पीछे से एक टांग उठाकर एक हाथ का सहारा देकर लौड़ा घुसेड़ दिया। थोड़ी देर बाद मैंने उसे पाँच अलग अलग तरीकों से चोदा और आखिर में सीधे लिटा कर पूरा लौड़ा घुसेड़ दिया और चोद डाला।

मौसी- मज़ा आया इस हफ्ते ! तुम दोनों मिया बीबी के साथ किए मज़े मैं भूल नहीं सकती।

सुबह होते ही मैं और मौसी बाहर !

आते ही सारी रण्डियों ने ताली बजाकर हमारा स्वागत किया।

जाहिदा- तुमने तो तिजोरी पे ही हाथ मार दिया। बड़े उस्ताद चोदू हो? राजू और एक बार मुझे चोद ना ! भड़वे, क्या मस्त चोदता है तू !

जूली- जीजू, आज मेरी वो सहेली डोना आने वाली है, उसके लिए तगड़ा ग्राहक ढूंढ कर लाना।

मैं- अच्छा फिकर मत करना ! मिल जाएगा कोई ना कोई। पर वो तैयार होगी क्या?

सुनीता- उसकी चिन्ता छोड़ो ! यहाँ के नजारे देखते ही मचल उठेगी। पहले तो मैं भी डरी थी। मगर अब मेरा भोसड़ा हर लौड़े के लिए बेताब रहता है। आखिरी दिन है तो बहुत चुदवाऊँगी। सारी कसर एक ही दिन में पूरी करूंगी। फिर कहाँ ऐसा कर सकूँगी?

इतना कहकर सुनीता ग्राहक का इन्तजार करने लगी। साली पूरी तरह रण्डी ही बन गई थी। भड़काऊ मेकअप, तंग हाफ-पैंट, उस पर बिना बाहों वाली जर्सी जिसमें से उसके गोलों की लकीर दिखाई देती थी। मैं सोच भी नहीं सकता था कि वो मेरी पत्नी है और एक संसारी स्त्री है। वो इतनी मस्ताई थी कि उसने एक एक करके सारी रण्डियों की गाण्ड दबा दी..

करीब 11:30 बजे कोठे सामने एक रिक्शा रुकी। उसमें से जूली और एक खूबसूरत लड़की उतरी। उसकी छाती देखते ही सब समझ गए कि यह डोना ही है जिसके बारे में जूली बात कर रही थी।

मैंने सामान उतारकर अन्दर रख लिया। मैं वहाँ भड़वे का काम करता था तो यह सामान उठाने का काम भी कोई बुरा नहीं लगा। मैंने सामान उठाने के बहाने उसकी गाण्ड को छू ही लिया। साली को पता ही नहीं चला। वो तो बावरी बन गई थी। सोच रही होगी कहाँ फंस गई?

जूली- यह है मेरा ऑफिस, जहाँ मैं काम करती हूँ। और यह मेरी सहेली डोना है जो मेरे जैसे गोवा से ही है.. कल से तुम्हें भी काम करने को मिलेगा। जीजू, इसे अन्दर ले चलो। सारा काम अपने आप सीख लेगी ! बहुत होशियार है यह।
 
मैं उसे अन्दर ले आया। वहाँ जाहिदा, नीला, रानी सुनीता धंधे के लिए तैयार होकर खड़ी थी.. उन सब में नीला आज बड़ी सेक्सी लग रही थी। उसने नीली साड़ी कस कर पहनी थी और गहरे गले का बिना बाहों वाला ब्लाउज़ पहना था।

उतने में मौसी नीचे आई और बोली- आ री ! तू ही है क्या जूली की सहेली? बहुत तारीफ़ करती थी.. बोलती थी कि मेरी सहेली के आते ही जादू चल जाएगा। देखते हैं, क्या होता है? तुम आराम से बैठो। कोई डर मत रखना। तुम मेरे कमरे में चलो। राजू तुम भी साथ चलो।

डोना डरते डरते मेरे पीछे-पीछे चलने लगी। हम तीनों मौसी के कमरे में पहुँचे। मौसी ने सी सी टीवी चालू किया। नीचे ग्राहक आने लगे थे। कोई रण्डियो के गाल को छू रहा था, कोई उनकी छाती देख रहा था। एक ने सुनीता की गाँड को दबा कर देखा और भाव ताव करके उसे कमरे में ले गया।

मौसी और मैं डोना के चेहेरे के हाव-भाव देख रहे थे। साली सिर्फ़ नौटंकी कर रही थी, असल में वो भी चुदक्कड़ ही होगी और चुदवाने का मौका ढूंढ रही होगी।

इधर सीसी टीवी पर कमरे में सुनीता ने ग्राहक से 500 रुपए लिए, अपने कपड़े उतारे और सीधे से उसका लौड़ा लेकर चुदवाना चालू किया।

यह देखकर डोना बोली- हूं तो जूली के ऑफिस में यह काम होता है? बड़ी शरीफ बनती है गोवा में ! और यह औरत कौन है और कहाँ से आई है? कितनी बेशरम है?

मौसी- अरी, ये सारी रण्डियाँ हैं और यह रण्डी इसकी बीवी है। घूमने निकले और जब दिल्ली आए तो जेब कट गई तो कोई उन्हें पैसे नहीं दे रहा था। फिर पैसे कमाने दोनों मेरे पास आए। उसकी औरत का नाम सीमा है और यह राजू है और इन रण्डियों के लिए कस्टमर लाता है और दलाली के बदले उनको चोदता है। सब इसे जीजू बुलाती है। ये सारी रण्डियाँ कहलाने में शर्म नहीं करती। तुझे भी रण्डी बनना हो तो बोल?

डोना- आपको शर्म नहीं लगती अपनी बीवी से धंधा करवाते?

मैं- अरे बाहर की दुनिया देखी है मैंने और मेरी बीवी ने.. साले सब के सब हवस खोर होते हैं। यहाँ एक अच्छा है कि जिसे भी इच्छा होती है चला आता है, पैसे देकर चोद कर चला जाता है। कोई नौटंकी नहीं। थोड़ी देर तू अकेली इस कमरे में बैठ कर देख कैसे कैसे लोग आते हैं.. पता चलेगा कि लोगों के लौड़े में कितनी आग होती है ! फिर सब मिटाने यहाँ की गलियों में आते हैं। बड़ी-बड़ी पार्टी के कार्यकर्ता भी आते हैं। कल ही यहाँ का नगर-सेवक देर रात आया था और जाहिदा, नीला और सुशी को ले गया था।

इतना कहकर मैं मौसी को लेकर बाहर निकल गया। डोना के लिए सी सी टीवी चालू ही छोड़ दिया और हम दूसरे कमरे में बैठ कर उसके ऊपर नजर रखने लगे।

डोना ने देखा कि एक नया नवेला लड़का आया, थोड़ा डरा हुआ था। पहली बार इस गली में आया होगा.. जूली ने एक आँख मारी और उसके पास जाकर खड़ी हो गई।

उसने डरते हुए जूली को कहा- मैं पहले कभी नहीं आया ! दोस्तों ने बोला कि मज़े करने हैं तो इस गली में चले जाना।

जूली- सच है ! यहाँ बहुत मज़े करवाने वाली हैं। तुझे किसके पास जाना है?

जूली ने उसको पास खींच कर चूम लिया और उसके लौड़े को दबा दिया। वो शर्म और डर से पानी पानी हो गया.. फिर उसने जूली से मोल-तोल किया तो जूली ने उसको 1000 रुपए में दो घंटे कहा।
 
वो तैयार हो गया।

जूली उसकी कमर में हाथ डालकर ले गई। कमरे में जाते ही उस लड़के की हिम्मत बढ़ गई। उसने जूली की गाण्ड को आहिस्ता से छुआ।

जूली- अरे आराम से ! अब दो घंटे के लिए मैं सिर्फ तेरी हूँ। क्या नाम है रे?

लड़का- जी, सुखबीर ! और तुम्हारा?

जूली- अरे क्या तुम तुम करता है? अभी तू मुझे चोदेगा तो क्या मैं तेरी बीवी बनने वाली हूँ.. यहाँ सिर्फ लौड़े और भोसड़े के रिश्ते होते हैं।

जूली ने उसे उसके और अपने कपडे उतारने कहा। उसने एक एक करके जूली के कपड़े उतारे और जूली ने शरारती होकर लड़के को एकदम नंगा कर दिया, उसे अपनी बाहों में लपेट लिया और फिर उसे पलंग पर बिठाकर उसका लौड़ा मुँह में लिया और लॉलीपोप की तऱह चूसा और थोड़ी देर बाद।

जूली अपनी गेंदें झूलाती हुई- मैं तुम्हें सुक्खू बुलाऊँगी। सुक्खू, यह मेरी छाती कैसी है रे?

सुक्खू- बहुत मस्त साली ! इसे देख कर तो मैं अन्दर घुसा। बहुत डर लग रहा था।

जूली- अरे डरने का नहीं ! बिन्दास आने का ! बहुत लोग आते हैं, सबको पहले डर लगता है ! तेरा नया लौड़ा है इसलिए मुँह में लिया। आज के बाद निरोध लगाना पड़ेगा क्योंकि अब तू हमेशा मेरे को ही तो चोदने नहीं आएगा। मगर कुछ दिन मेरे पास ही आना ! चोदने का पूरा आनन्द दूंगी। और अलग-अलग तरीके से चोदना सिखाऊँगी। अगली बार 2000 रुपए लेकर आना और रात भर मुझे चोदना।

लड़का- अब अगले हफ़्ते अपने एक दोस्त के साथ आऊँगा। हम दोनों को देगी एक साथ? जैसे ब्लू फिल्म में दिखाते हैं?

जूली- अरे दो क्या मैं तो 3-4 भी ले लूंगी मगर पैसे ज्यादा देने पड़ेंगे। हम रण्डियों को सिर्फ़ पैसा चाहिए। जो तुम जैसे भड़वे ही लाकर देते हैं।

लड़का- अरे दे देंगे। मगर बीयर या व्हिसकी का बन्दोबस्त करना पड़ेगा। क्या तुम पीती हो?

जूली- हाँ ! मैं सिर्फ बीयर पीती हूँ..

जूली ने उसकी छाती के बालों को सहलाया और दोबारा लौड़े को दबाया..

वो बेताब हुआ और उसने जूली को चूम लिया और दोनों हाथों में जूली की चूचियाँ लेकर दबाना चालू किया और चुचूक मुँह में लेकर चोकलेट की तरह चूसने लगा। नये लड़के ने कितनों से चुदवा चुकी जूली जैसी रांड को गर्म किया और जूली ने घोड़ी बनते हुए उसे कहा- पहले जैसे ब्लू फिल्मों में मारते हैं, वैसे गाण्ड मार और बाद में आगे से चोदना !

जूली ने उसके लौड़े पर निरोध लगाया और फिर गाण्ड मरवाना चालू किया।
 
अपनी पैंट उतारी और चड्डी निकालकर अपनी फ़ुद्दी को सहलाना चालू किया और अपने ही हाथों से अपने बड़े-बड़े नारियल जैसे स्तनों को सहलाना चालू किया। उसने इधर उधर देखा तो उसे मौसी का खिलौने वाला लौड़ा दिखा जिसे मौसी ने जानबूझ कर रखा था। उसने उसे लेकर अपनी फ़ुद्दी में डाल दिया।

यह देखकर मौसी बोली- देखा साली को? अभी तो सिर्फ चड्डी उतरी है ! साली राण्ड ने छाती नहीं खोली ! अब देखना कैसे गिड़गिड़ाएगी मेरे पास आकर चुदवाने के लिये। आज ही बंदोबस्त करती हूँ किसी कस्टमर का इसके लिये।

थोडी ही देर में डोना नीचे आकर बोली, उसके कपड़ों का कोई ठिकाना न था- मौसी, सहन नहीं होता ! क्या करूँ?

मौसी नाटक करते हुये- किस चीज का?

डोना अब रण्डीपन पर उतर आई और बोली- मौसी, मुझे भी ऐसा मस्त लौड़ा चाहिये ! बहुत दिन हो गए मैंने लौड़ा नहीं लिया ! गोवा में चार महीने पहले एक 50 साल के आदमी से चुदवाया था, वो मेरी पहली चुदाई थी मगर उसने मुझे खुश नहीं किया था। मुझे भी जूली के जैसे चुदावाना है। मैं तीन महीने के लिये आई हूँ और बार-बार आना है मुझे ! यहाँ मुझे सुरक्षित लग रहा है, मेरे बारे में किसी को पता नहीं चलेगा।

देख मौसी, मैं 10,000 लूँगी पहले ग्राहक से ! मूहुर्त में नाटक नहीं चाहती मैं ! 3 घण्टे से ज्यादा नहीं दूँगी, उसको बोल कर रखना।

मौसी मेरे कान में बोली- राजू देखा इसे? साली अपने काम की चीज निकली ! साली बहुत तड़प रही है लौड़ा लेने के लिए। बहुत तड़पाऊँगी उसे फिर दूँगी कस्टमर।

फ़िर मौसी डोना को बोली- हाँ हाँ ! वैसे ही होगा पर सुन ! मैं 2000 रुपल्ली लूँगी।

डोना- अरे, यह तो आपका हक है मौसी। पर एसी कमरा ही चाहिए। चलो मुझे अब थोड़ा आराम करने दो, तुम दोनों जाओ।

मैं और मौसी एक दूसरे को देखते ही रह गए।

मौसी- साली पहले से ही चुद चुकी है ! कौन देगा इतने पैसे?

मैं- अरे बुला न तेरे राजा बाबू को। बोल रहा था न कि मुझे बुलाना।

जूली- क्या हुआ? साली को भड़वों से चुदवाएँ?

मौसी- चुप साली ! वो तो सुनीता और तुझसे भी चुदक्कड़ है। देख साली कैसे तड़प रही है..

मौसी ने दोबारा सीसी टीवी चालू करके जूली को दिखाया। डोना अपने भोसड़े को सहलाते हए सीत्कार कर रही थी।

जूली- मौसी, अब मत देर कर ! चढ़वा दे इस पर कोई मजबूत कस्टमर ! मुझे तो लगता है साली एक साथ 3-4 कस्टमर ले लेगी। साली हमसे ज्यादा चहेती राण्ड बनेगी तेरी ! मौसी, आज उसको कस्टमर दे, फिर एक घण्टे के लिए मैं इसके साथ खेलूँगी। मेरे गाँव की है तो मुझे दलाली के बदले पहले दिन उसके साथ सेक्स करना है।

मौसी- हाँ बाबा हाँ ! पहले मुझे राजा बाबू को बुलाने दे।

मौसी ने राजा बाबू को फोन किया और बताया कि उनके लिए एक मस्त रण्डी आई है, देखते ही लौड़ा कड़क हो जाएगा।

थोड़ी ही देर में राजा बाबू किसी आदमी को लेकर आ गया।

राजा बाबू- मौसी, लो हम आ गए। यह मेरा दोस्त उस्मान है कलकत्ता से आया है। बोल रहा था कुछ आईटम दिखाओ तो मैं इसे ले आया। क्या तेरी वो रण्डी हम दोनों को एक साथ लेगी? बुलाओ उसे, देखें तो सही।

मौसी- देखना क्या? अब सीधे नंगी करके चोदना ना.. साली के नारियल दबाते दबाते थक जाओगे।
 
इतने में डोना टाईट सफ़ेद लेगिंग और उस पर सफ़ेद टाईट बिना बाहों की बनियान पहन कर आ गई जिसमें से नारियल उछल कर बाहर आने के लिए बेताब थे।

आते ही मौसी ने उसकी पहचान कराई। उसने राजा बाबू का चुम्बन लिया और उसे आँख मारी और उस्मान का लौड़ा दबा दिया।

मौसी- क्या ख्याल है? ठीक है?

राजा बाबू- मौसी तू ना हीरे ही पकड़ कर लाती है। उस्मान, क्या ख़याल है?

उस्मान- अरे, रात भर न हम सोयेंगे न इस साली राण्ड को सोने देंगे।

डोना- देखती हूँ तुम दोनों भड़वों में कितनी ताकत है? एक ही शॉट में लुढ़क मत जाना। मुझे जम कर चुदवाना है।

राजा बाबू- कितना पैसा लेगी?

डोना- मौसी से सुना है कि तुम पुराने कस्टमर हो इसलिए तुम दोनों के मैं 15,000 रुपए लूंगी ! बोलो है मंजूर?

उस्मान- हाँ हाँ ! मैं देता हूँ.. फिकर मत कर। खुश हुआ तो सुबह जाने के वक्त 2,000 रुपए और दूंगा। मगर इक साथ दोनों को लेना होगा।

डोना- चलेगा ! कोई बात नहीं, चलो कमरे में ! मौसी, ए सी चालू कर दो और 2 बोतल व्हिस्की और कुछ चना-चबैना भेज दो ! पैसे मैं दूँगी।

यह देखकर मैं, मौसी और सारी रण्डियाँ चौंक गईं। सोचा था कि डर जायेगी, यहाँ से भागने की कोशिश करेगी, फिर उसे धंधे के लिए डरा धमका कर तैयार करना पड़ेगा, जबरदस्ती करनी पड़ेगी। पर यहाँ तो उल्टा हुआ। उसने दोनों की कमर में हाथ डाला और ले गई कमरे में।

सामने की दुकान से नौकर आकर कमरे में बोतल और नाश्ता छोड़ गया। डोना ने उसे हिसाब से ज्यादा पैसे दिए और बोली- बाकी के तुम रख लो। कभी कोई कस्टमर भी भेज देना। दलाली दे दूँगी !

वो हाँ बोलकर चला गया।

थोड़ी देर में शराब और शबाब ने रंग दिखाना चालू किया। हम सब टीवी में देख रहे थे।

डोना उस्मान की गोद में उसकी तरफ मुँह करके बैठ गई और राजा ने पीछे से उसके नारियल को सहलाना शुरू किया। फिर उसने उस्मान और राजा के कपड़े उतारे और दोनों को पलंग पर बिठाकर बारी-बारी दोनों के लौड़े चूसने शुरू किये..

थोड़ी देर बाद :

डोना- मेरे बदन में आग लगी है, मुझे नंगी करो !

राजा ने उसकी लेगिंग निकाली और उसकी डोरी टाइप चड्डी उतारी। उस्मान ने उसकी बनियान उतारी और ब्रेज़ियर उतारी, जिसके खुलते ही नारियल एकदम उछल कर बाहर आये। डोना ने राजा को सामने खड़ा किया और खुद उस्मान की गोद में राजा के तरफ मुँह करके बैठ कर लौड़ा चूसने लगी और उस्मान को छाती के साथ खेलने के लिए कहा।

बाहर यह देखकर मेरे लौड़े ने बाहर आने की कोशिश शुरू की।

मौसी- राजू, बोल क्या ख्याल है?

मैं- मौसी, मैं इसको चोदे बगैर नही जाऊँगा। मैं सुनीता को समझाता हूँ..

मौसी- मेरे लिए तो अच्छा है। फिलहाल मुझे शान्ति से उसकी चुदाई देखने दे, कोई गड़बड़ न हो जाए। नई राण्ड है न? वो साले उसे काट न लें ! वो क्या है ना कि सेक्स के मारे लोग रण्डियों को काट लेते हैं और बवाल मच जाता है।

इधर डोना पूरी ताकत के साथ पूरी रण्डी बनकर दोनों को मज़े देने में जुट गई। राजा की गर्दन में हाथ डाल कर उसने उस्मान को चोदने के लिए कहा। उसने आहिस्ता से लौड़ा उसके भोसड़े में घुसेड़ दिया और फिर दोनों टांगों को हाथों से पकड़कर चोदने लगा।
 
डोना- चोद मेरे बहादुर ! बराबर है, चालू रख। अरे राजा, तू एक हाथ से मेरी चूचियों को दबा ना ! आज मेरे भोसड़े की प्यास बुझा दो ! मुझे मस्त रण्डी बना दो।

राजा- तुम्हें यह पसंद है? कोई राण्ड बुलाता है तो बुरा नहीं लगता?

डोना- अरे साली जूली ने पहले नहीं बताया ! नहीं तो मैंने भी दिल्ली आकर अब तक कितना कमा लिया होता? और मुझे रण्डी बुलाओ या वेश्या ! मुझे तो बस भोसड़े की खुजली मिटानी है और साथ में पैसे मिलते हैं तो क्या बुरा है? मुझे कहाँ तुमसे शादी करनी है? इसी पैसे से शादी करूंगी और यह मुल्क छोड़ दूँगी। चलो बातें बंद, चोदना चालू।

थोड़ी देर बाद उसी तरह वो उस्मान पे लटकी और राजा से चुदवाया। फिर वो उस्मान के लौड़े को भोसड़े में लेकर बैठी और मुँह में राजा का लोलीपोप लिया। अब बारी राजा की थी वैसे उसने राजा को लिया। फिर उसने मुँह पलट कर अपने भोंसड़े में राजा का लौड़ा लिया और हाथों से उस्मान का लौड़ा सहलाने लगी। पाँच ही मिनट में उसने उस्मान को बुलाया और उससे गाण्ड में लौड़ा डालने को कहा मतलब पहले ही दिन पहले दो कस्टमर के लौड़े चूत और गाण्ड दोनों में खा लिए।

दोनों ने जल्दी ही अपना पानी छोड़ दिया। फिर डोना ने मेज़ पर से सिगरेट का पैकेट लिया उसमें से उसने एक सिगरेट जलाई और आराम करने लगी।

राजा ने इस बीच उसके भोसड़े में मुँह घुसेड़ दिया और उसके भोसड़े का रस चाटने लगा। सिगरेट ख़त्म होते ही उसने उस्मान को भी अपना फ़ुद्दा चाटने के लिए मजबूर किया।

दोनों के चाट लेने के बाद दूसरे राउंड के लिए डोना तैयार हो गई। इधर मौसी और बाकी रण्डियाँ हैरान हो गई। टीवी पे देखते ही रह गई। किसी का धंधा करने का मूड नहीं था, सब जिन्दा फिल्म देखने में मस्त थी, सिर्फ जाहिदा और नीला कोई भी कस्टमर नहीं छोड़ रही थी। थोड़ी देर बाद वो भी आकर हमारे साथ बैठ गई।

मौसी- साली गजब की राण्ड है ! दो लौड़े लिए हैं और उनको सोने भी नहीं देगी। ये साले अब एक-दो महीना चोदने का नाम नहीं लेंगे। देख री नीला, कैसे चुदवाती है कस्टमर से? ऐसे चुदवाएगी तो कस्टमर बार-बार आयेंगे, कहीं नहीं जायेंगे और अपने दोस्तों को भी ले आयेंगे। तू तो एक कस्टमर लेकर एक घंटा आराम करती है.. कल से तू भी एकदम भड़काऊ टाईट कपड़े और अधनंगे कपड़े पहन।

नीला- हाँ ये बरोबर है। मैं कल ही वैसे कपड़े ले आती हूँ। फिलहाल मुझे डोना से चुदाई सीखनी है। अगर इसने सिर्फ एक बार ही चुदवाया तो इतना सब चोदने के बारे में कैसे मालूम?

मैं- अरे तू भी ब्लू फिल्म देख ! सब आ जाएगा।

नीला- छी, मुझे नहीं पसंद।

मैं- तो ये डोना की चुदाई देख।

मैं मौसी और नीला के बीच जा बैठा और धीरे से नीला के कंधे पे हाथ रख दिया, आहिस्ता से मैंने उसके गोले दबा दिए। मौसी ने देख लिया और नजर फेर ली। वो जानती थी कि मैं नीला को एकदम चुदक्कड़ बना सकता हूँ..

इतने में सुनीता का एक आशिक दोबारा आ गया। सुनीता उसके साथ चुदवाने चली गई।

मौसी- साली ने आज दस कस्टमर को बुला रखा है। अब सब एक साथ आयेंगे तो कैसे बिठाएगी?

मैं- चिंता मत करना। उसको चड्डी पहनने का मौका भी नहीं मिलेगा। वो सब सम्भाल लेगी। अब कस्टमर सम्भालने में एक्सपर्ट हो गई है। नीला तुम्हें भी ऐसे सिखाना है।नीला- तुम सिखा दो ना।

मैं- पहले डोना की चुदाई तो देखने दे ! साली मेरे लौड़े को मजबूर कर रही है यहाँ रुकने के लिए।

मौसी- तो फिर रुक ना दो दिन। फिर कहाँ तुम इस गली में आने वाले हो।

मैं- देखते हैं। अभी नीला को सिखाना है।

इतना कहकर हम टीवी को ध्यान से देखने लगे। इधर डोना ने दोनों के लौड़ों को टनाटन कर दिया। उसने उस्मान को लिटाया और धीरे उलटे बैठ कर लौड़े को गाण्ड में घुसवाया और कमरे में लगी रॉड को पकड़ कर ऊपर नीचे होते हुए गाण्ड मरवाने लगी। उसके झटकों के कारण उसके नारियल जोरदार उछल रहे थे। जिन्हें राजा बाबू ने हाथों से दबा दिया..

डोना- राजा, तुम क्या करोगे? लौड़ा दुबारा दे दो मेरे मुँह में। उसको भी कोई जगह मिले चोदने के लिए।

उसने राजा का लौड़ा जोरदार चूसना चालू किया। अब राजा, उस्मान और डोना की सिसकारियों से और चिल्लाने से कमरे में सेक्स का माहौल छा गया।

डोना- ओह माई गॉड ! आई कांट बिअर दिस ! आई वांट मोर फक ! राजा डोंट लीव मी । उस्मान ढीले मत पड़ना।

मौसी- साली ऐसी चुदाई मेरे यहाँ किसी रण्डी की नहीं हुई ! यहाँ तक कि राजू तेरी सीमा की भी नहीं। आज जल्दी धंधा बंद करके कमरे में पार्टी करते हैं.. राजू नीला को सिखा दे यह सब और दो महीने रहना है उसने यहाँ।

मैं- मौसी मैंने सोच लिया। मैं और सीमा (सुनीता) और एक हफ्ता रहते हैं।

मौसी- मैं समझ गई। तुझे डोना के नारियल चाहिएँ। और नीला को चोदना भी है। वो भी सिखाने के बहाने। साले तेरे जैसे भड़वों को मैं अच्छी तरह जानती हूँ। रहे तू और तेरी रण्डी बीवी जितना चाहे उतना ! मुझे क्या मुझे तो पैसा चाहिए। और इन रण्डियों को कस्टमर। मगर तू सम्भालना !

तेरी बीवी रण्डी बनी है तो कही यहाँ ही न रह जाए। और तुझे लौड़ा पकड़कर घर अकेले जाना पड़े। क्योंकि औरत ने एक बार पराया लौड़ा अपने मर्द के कहने पे भोसड़े में लेना शुरू किया या रण्डी बन गई फिर मुश्किल से वो आम जिंदगी में घुलमिल सकती है। वो तो चलते फिरते मर्दों के लौड़े अपने भोसड़े में घुस जाए, यही चाह रखती है। मेरी ही बात कर ! मुझे शुरू में रोज नए लौड़े चाहिएं थे, और चोदुओं की कमी नहीं। लाली लिपस्टिक लगा, अधनंगे टाईट कपड़े पहन के खड़ी हो जाओ, अपने आप चोदने चले आते हैं।

नीला- मौसी, जीजू को अपने यहाँ आई वो मालती के बारे में बताना।

मौसी- हाँ, चेन्नई से तुम जैसा एक जोड़ा आया था। दोनों को पैसों की कमी नहीं थी मगर तेरी बीवी जैसा राण्ड बनने का चस्का चढ़ा था। दस दिन का कह कर रहे, फिर उसकी बीवी मालती को रण्डीपना इतना भा गया कि जाने को तैयार ही नहीं थी। एक दिन, और एक दिन ! और कहते कहते महीना हो गया पर उसको यह सब इतना अच्छा लगा कि अपने मर्द को अकेले चले जाने को कहा।

मैंने मालती को समझाया कि ऐसे मत कर ! घर संसार चला और कभी मौका मिले तो आ जाना इस कोठे के दरवाजे हमेशा खुले हैं। तब कहीं जाने को राजी हुई।

कल ही उसका फोन आया था कि बहुत दिन हुए पराया लौड़ा नहीं लिया तो मैंने कहा कि मर्द के साथ आ जा 2-4 दिन के लिए, तो वो आने वाले हैं। साली वो भी आखिर आखिर में डोना के जैसे 2-2 या 3-3 कस्टमर एक साथ लेती थी। किसी भी औरत को आदत हो गई तो छूटना मुश्किल है। और हम तो इस काम के पैसे लेती हैं इसलिए रण्डी कहलाती हैं।

इतने में सुनीता कस्टमर से चुदवाकर बाहर आई। मैंने उसे मौसी ने जो कहा वो बताया तो बोली- बिल्कुल सच है, मुझे यह सब भाने लगा है। साले मूछ पे ताव देने वाले मर्द भी हमारे भोसड़े पे सब कुर्बान करने चले आते हैं.. पर मैं सिर्फ और एक हफ्ता रुकूँगी, फिर तुम्हें यहाँ रहना है तो रहो मुझे ट्रेन में बिठा देना।

यह सुनकर मुझे शांति हुई।
 
इस बीच डोना ने अपने कस्टमर के साथ दूसरा राउंड ख़त्म किया और तीसरे राउंड के लिए राजा और उस्मान को तैयार कर रही थी। लगता था सारी कसर एक ही झटके में पूरी करना चाहती थी। अब साली ने उस्मान का लौड़ा गाण्ड में और राजा का लौड़ा भोसड़े में लेकर दोनों से चुदवाना चालू किया। इतने एसी से ठन्डे हुए कमरे में भी तीनों जन पसीने से लथपथ हो गए थे। मगर कोई भी हार नहीं मान रहा था।

और आखरी राउंड में तो थोड़ा-थोड़ा करके कामशास्त्र के सारे दाँव आजमा लिए।

यह देख कर नीला बोली- साली के पास सीखना पड़ेगा। इसने तो जूली को ही पीछे छोड़ दिया? साली जूली को तगड़ा कमीशन मिलेगा।

मैं- क्यों? वो क्यों?

मौसी- डोना को जूली लाई ना ! इसलिए कमीशन उसको। मैं सबको इस तरह कमीशन देती हूँ। तुझे कमीशन के बदले इन रण्डियों को मुफ्त में चोदने देती हूँ।

मैं- वो तो मैं इनके लिए कस्टमर लाता हूँ इसके लिए। फिर मेरी बीवी का कमीशन?

मौसी- चल अब नाराज मत हो जाने के वक्त दे दूँगी।

रात होते ही सब सोने चले गए क्योंकि डोना ने रात भर के लिए सौदा बढ़ा दिया। अबकी बार पैसे राजा ने दिए। डोना अधनंगी हालत में बाहर आकर मौसी को पैसे दे गई। नीला की आँखें चार हो गई।

नीला- जीजू, मुझे भी कमाना है और मस्ती करनी है। इसलिए तुम एक हफ्ता और रुकने वाले हो तो मेरे लिए भी ऐसा कस्टमर ढूँढो न और आज की रात मेरी सेक्स की पढ़ाई शुरू करो।

उस रात मैंने नीला को चुदने के दाँव सिखाए और कहा- सिर्फ मालदार आसामी के साथ ही ऐसे दाँव खेलना, बाकी ग्राहकों को 1/2 घंटे में चोद के भगा देना है।

आखिर में हम दोनों मिंया बीवी का रण्डी और भड़वा बनने का शौक इस तरह पूरा हुआ। एक हफ्ता ख़त्म हो गया इस बीच मैंने नीला के लिए तगड़े कस्टमर ला दिए और उसकी भी टॉप की रण्डियों में मौसी के यहाँ गिनती होने लगी। वो भी हफ्ते में न न करते 10,000 रुपे कमा लेने लगी। उसने भी बदले मुझसे मस्त तरीके चुदवाया।

मौसी ने सब रण्डियों को कमरे में बिठाया और डीवीडी चालू किया और:

मौसी- देखो, सब कैसे कस्टमर से ख़ुशी ख़ुशी चुद रही है। और राजू भी कैसे चोद रहा है नीला को।

मैं- यह तुमने कब किया? अरे इसको नेट पे मत डालो लफड़ा हो जाएगा..

मौसी- चुप रे बे साले ! ऐसा नहीं करूंगी नहीं तो मेरे कोठे पे रण्डी बनने आने वाली औरतों का भरोसा उठ जाएगा। राजू, तुम्हारी बीवी के लिए यह भेंट है।

उस सीडी में पहले जाहिदा की, फिर जूली की, सुशी की, फिर मैं खुद मौसी को चोद रहा था उसकी, रानी की और आखिर में डोना की पहली दो कस्टमर से हुई चुदाई और आखरी में मेरे साथ हुई चुदाई की वीडियो थी। मौसी ने सुनीता की अलग डीवीडी बनाई थी जिसमें सुनीता एक एक करके कस्टमर को अन्दर ले जाती है और चुदवाकर बाहर भेज देती ! सब लाइन में बैठे दिखाई देते हैं। उस दिन उसने हद कर दी, चड्डी पहनी ही नहीं। चोद कर जाने वाले कटमर को कहती थी कि अगले कस्टमर को अन्दर भेज दे।
 
आखिर में नंगी ही बाहर आई, पानी पिया और

सुनीता- तुम दोनों बचे हो ! बोलो, दोनों एक साथ चोदोगे?

वो दोनों तैयार हो गए ! उसने दो कस्टमर एक साथ लिए एक से गाण्ड मरवाती तो दूसरे से चुदवाती थी।

मैं- मौसी, मैंने कहा था न कि सीमा की फ़िक्र मत कर, सब कस्टमर निपटा देगी।

मौसी- साली ऐसी राण्ड तू पहले होगी जिसने 2 घंटे में 10 को चढ़वाया हो। तू गए जन्म राण्ड ही होगी और चुदवाते चुदवाते मर गई होगी।

सुनीता- हो सकता है। मगर मैंने किसी कस्टमर को नाराज नहीं किया और सबको बोल दिया यहाँ से मैं गई तो क्या हुआ और नई आएगी और बाकी रण्डियाँ तो है। कल्पना, मैं तेरी कर्जदार हूँ जो तुने मेरी यहाँ खातिरदारी की और लोगों की चहेती राण्ड बनने में साथ दिया।

मौसी- मेरा शुक्र अदा मत कर। यह तो तेरे समझदार राजू के कारण यह मौका मिला वर्ना तुझे यह सब चोरी छुपे करना पड़ता और फिर न जाने क्या होता?

मैं- मौसी, मैंने कंपनी का बहुत सामान बेचा है, मैं बहुत जाना माना सेल्स एग्जिक्यूटिव हूँ पर रण्डियाँ बेचने का और उनको मुफ्त में चोदने का मौका तेरे कारण मिला। मेरी और मेरे बीवी की तमन्ना पूरी हुई। अगर कभी इच्छा हुई तो फोन करके आ जायेंगे।

आखरी दिन मौसी के कोठे की सभी रण्डियाँ नीला, सुशी, जाहिदा, रानी, जूली, डोना और मौसी ने हमें विदा किया, सब एक दूसरे के गले मिली। हम दिल्ली स्टेशन के लिए निकल पड़े। सुनीता को बुरका पहनाया था ताकि कोई पहचाने ना। हमने दिल्ली देखी और आज ही लौट रहे हैं।

इतना कहकर सुजीत बोला- जानते हो? डोना मुझे घास नहीं डाल रही थी। फिर आने के चार घंटे पहले मैंने डोना के लिए भी मालदार ग्राहक लाकर दिया तो बदले में उसकी भी चुदाई की। साली की छाती पर मैं क्या कोई भी कुर्बान हो जाएगा, वैसी थी। मेरे लौड़े की वो बहुत आशिक हो गई थी। पर मैं वहाँ के मायाजाल से छूटना चाहता था। औरत एक समंदर है उसमें आदमी ज्यादा तैर नहीं सकता। उसके भोसड़े में चाहे जितना पानी डालो, वो प्यासा ही रहता है। फिर भी डोना तो साली क्रीम बिस्किट के जैसे थी। साली की दो टाँगों के बीच में जादू है।

तो हरेश जी कैसे लगी?

मैं- सच नहीं लगता ! आपकी बीवी तो सुशील दिखाई देती है।

इतने में सुनीता सुजीत को हटाकर मेरे बगल में बैठ गई। आखरी स्टेशन अहमदाबाद था और आने में सिर्फ 10 मिनट की देर थी। उसने अपनी पर्स में से चार फोटो निकाले। एक में वो तंग कपड़ों में रण्डी के लिबास में ग्राहकों की राह देख खड़ी थी, दूसरे फोटो में वो एक के गले में हाथ डालकर नंगी खड़ी थी, तीसरे में वो और बाकी रण्डियाँ नंगी खड़ी थी।

उसने सबके नाम बताये और आखरी फोटो में डोना नंगी थी। सच में फोटो में भी डोना के नरियल बड़े बेताब कर रहे थे। फोटो देखकर मुझे यह कहानी सच लगने लगी।

उतने में सुनीता ने मेरे लौड़े हो छुआ और बोली- सुजीत, इस भड़वे के लौड़े ने मान लिया कि हमारी कहानी सच है। मैं तो चाहती हूँ कि इसके लौड़े को मैं ले लूँ ! टनाटन हो गया है। इधर अहमदाबाद में स्टेशन के पास बहुत होटल हैं। यह भड़वा चोदेगा और मज़ा करेगा तो होटल का भाड़ा भी भरेगा और हमें खाना भी खिलायेगा पैसे नहीं लूंगी इस भड़वे से !
 
मैं मन ही मन सोचने लगा कि सुनीता के दिमाग से रण्डी बनने का भूत उतरा क्यों नहीं था। साली को ट्रेन में मौका मिलता तो धंधा कर लेती। उसके कोठे वाली मौसी ने जो कहा था वो सोलह आने सच था- बिना मेहनत जांघें फैलाकर लौड़े लेकर पैसे कमाने की आदत हो गई तो फिर छूटना मुश्किल।

क्या मैं सच कहता हूँ या झूठ? इसके बारे में पराये लौड़े को लेने वाली औरत और उसके पास चोदने जाने वाले मर्द जरूर बता पायेंगे।

सुजीत- सुनीता रण्डी बनने का तुम्हारा शौक पूरा नहीं हुआ क्या?

सुनीता- नहीं रे (मेरे लौड़े को दबाते हुए) इस लौड़े को देखकर और इसे सेक्सी किताब पढ़ते हुए देखकर मन कर रहा है। बस ये एक आखरी बार। फिर कभी नहीं।

मैंने सुजीत से पूछा- दिन कैसे शुरू होता था?

सुजीत- सुबह होते ही रात वाले ग्राहक चले जाते थे फिर रण्डियाँ थोड़ा आराम कर लेती, नहा-धोकर जाहिदा, रानी नमाज पढ़ती थी, सीमा, मैं, मौसी, नीला और सुनीता पूजा-पाठ करती, जूली, सुशी, मोमबत्ती जलाकर जीजस के फोटो के सामने प्रार्थना करती थी। आखिर में डोना उनके साथ जुड़ गई। फिर अपनी कमाई गिनने बैठ जाती। मौसी को उसका हिस्सा देकर बाकी अपने कमरे में पेटी में रख देती। सुनीता के पैसे मैं सम्भालता था।

सुजीत- सुनीता, तुम्हें पहले-पहले कैसा लगा था?

सुनीता- वैसे जाहिदा ने सब सिखा दिया था, पर मैं डर गई थी। फिर अचानक मुझे जाहिदा ने सिखाया था कि डर लगे तो कस्टमर के पास देख कि पैसा खर्चने वाला है। ठीक लगा तो उसको बाहों में लेकर चूम और आस्ते से लौड़ा दबा दो। ऐसा ही किया और डर गायब और ग्राहक चोदने के लिए तैयार।

सुजीत- हाँ, मैंने मौसी के कमरे में लगे टीवी पर देखा। मौसी भी खुश हुई थी।

बातें करते करते हम तीनों होटल पहुँच गए और पूरे दिन के लिए होटल का कमरा बुक किया। मैंने सुनीता को जम के चोदा और सुजीत ने जम के सुनीता की गाण्ड मारी क्योंकि सुजीत को कोठे पर सुनीता की गाण्ड मारने का मौका नहीं मिला था। सुनीता का कस्टमर से चुदवाने में समय चला जाता था और मौसी ने दोनों को एक दूसरे से दूर रहने को भी कहा था।

मैंने और सुजीत ने एक ही व़क्त पर सुनीता को आगे से और पीछे से चोदा। जब सुजीत भोसड़े में डालता था तब मैं सुनीता की गाण्ड में डालता था, वैसे मैं सुनीता के भोसड़े में लौड़ा डालता तब सुजीत उसकी गाण्ड मारता।

सुजीत- यार सही में बहुत सकून मिलता है गाण्ड मारने में !

मैं- तो फिर एक बार मरवा के भी देखो। सारे अरमान पूरे हो जाएंगे।

मैंने उसको घोड़ा बनने कहा और उसकी गाण्ड थूक लगा कर चिकनी की और हल्का झटका देते हुए डाल दिया लौड़ा उसकी गाण्ड में !

सुजीत- धीरे ! कितना कड़क है रे?

सुनीता- सुजीत, फ़िक्र मत करो, पहली बार गाण्ड में लौड़ा लेते वक्त तकलीफ होती है ! एक बार अन्दर चला गया फिर आसमान की सैर करने का मज़ा आयेगा। जब मैंने राजा बाबू से गाण्ड मरवाई तब ऐसे ही हुआ था अब तो उसके बगैर नहीं चलता। मैंने कोठे पे 10 दिन में नब्बे से चुदवाया उसमें मेरे ख़ास तीस कस्टमर से जमकर गाण्ड मरवाई।

फिर क्या था सुजीत ने मुझसे गाण्ड भी मरवाई और मेरी भी गाण्ड जम के मारी। दोनों ने मुझे इतना मजबूर किया कि एक महीने तक मैं सेक्स के बारे में सोचता भी नहीं था। हाथ पैर दुखते थे, अपनी बीवी को भी चोदने से डरता था। फिर हम चेक आउट करके स्टेशन गए जहाँ सुजीत और सुनीता ने आखरी बार के लिए टाटा बाई बाई किया और कहा- जैसे घर पहुँचूंगी और दहलीज पर कदम रखूँगी रण्डी से गृहिणी बन जाऊँगी।

दोनों ने अपने पीछे कोई एड्रेस नहीं छोड़ा वर्ना उस राण्ड को उसके शहर में जाकर जरूर चोद लेता और सुजीत की गाण्ड मार लेता।

मगर सुजीत ने मेरा फोन नंबर लिया था तो कल ही बताया कि वो अमरीका चला गाया है बड़ी कंपनी में काम करता है बीवी गृहिणी है और सुजीत के बच्चे की माँ बनने वाली है।

सुजीत- हरेश कैसे हो? पहचाना? ट्रेन वाला किस्सा याद है? मुझे मेरी ऑफिस ने अमेरिका कि जिम्मेदारी दे दी और घर, गाड़ी दी है.. लो सुनीता से बात करो !

सुनीता- क्यों हरेश? कैसे हो? मेरे जैसी कोई मिली या नहीं?

मैं- नहीं, साली तू तो ऐसी राण्ड है मलाई है मलाई। तुझे राण्ड बुलाया तो बुरा लगा क्या?

सुनीता- नहीं रे ! मैं उस समय रण्डी ही थी और तेरे साथ भी राण्ड बाजी की ना ! मेरे बचपन की तमन्ना पूरी हुई। मुझे सारे लौड़े याद हैं कोई छोटा, कोई बड़ा, कोई पतला, कोई काला तो कोई लम्बा। मगर एक कस्टमर का टेढ़ा लौड़ा बहुत भा गया था मैंने उसे चोदने के पहले चिड़ाया कि वो क्या टेढ़ा होकर चोदेगा? तो उसने हंसकर कहा था- लौड़ा अन्दर ले सब पता चल जाएगा !

साले ने पूरे पैसे वसूलकर लिए। मुझे पसीना ला दिया.. कोई कोई तो अन्दर डालने के पहले छूट जाता था। मगर मैं उनको दुबारा तैयार कराती और चोदने का पूरा मज़ा देती। इस बात के कारण एक कस्टमर दो दिन समय निकालकर चोदने आता था और साथ में नाश्ता जूस ले आया था। याद करेंगे साले कि ऐसी दिल वाली रण्डी भी हो सकती है।

एक गम रहेगा कि जो मस्ती कल्पना मौसी ने मेरे साथ की, वैसा मज़ा मैं डोना के साथ न कर सकी। अब सब बंद हो गया ! मौका मिलेगा तो एकाध दिन के लिए कल्पना के कोठे पर मिल आऊँगी और सुजीत ने इज़ाज़त दी तो दुबारा 2-3 दिन रण्डी बनूँगी।

सच है कि एक बार पराया लौड़ा भोसड़े में घुसा और वो भी मर्द की इजाजत से फिर इच्छा बढ़ जाती है। मेरे बारे में जरूर लिखना ताकि मेरे जैसी कोई हो तो बिना बताये अनजाने शहर में कोठे पे रण्डी बाजी कर ले। मुंबई, दिल्ली में ऐसे बहुत कोठे हैं जहाँ अपनी पहचान छुपाते हुए बहुत सारी औरतें शौक से रण्डी बन जाती हैं। चलो अब सुजीत को काम पर जाना है। बाय !

इतना कहकर उसने फोन बंद कर दिया और मेरा लौड़ा तनक गया, तुरंत बीवी को मनाया और जम के चोद लिया।

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END

kaisi lagi story plzz comments friends

nhi to agli baar se koi story nhi post karunga

aapka

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#Rk
 
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