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ये साला है बड़ी किस्मत वाला है

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ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 10

आवाजें लगातार निकल रही थी उससे खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था टीना भी उसकी हालत समझ गई और अब वो दोनों पलंग पर आ गये टीना ने मनीषा को धक्का दे कर पलंग पर लिटा दिया और उसकी दोनों टाँगे फैला कर उसकी चुत चाटने लगी मनीषा तो जैसे सातवें आसमान में उड़ने लगी पूरे पाँच साल बाद उसे ऐसा मजा आ रहा था वरना तो उसे अपनी उंगली से ही कम चलना पड़ता था थोड़ी देर चुत को उप्पर से चाटने के बाद अब टीना ने मनीषा की चुत की फांके खोल कर उसमें अपनी जीभ घुसा दी और जीभ आगे पीछे करने लगी मजे के मारे मनीषा की आंखें बंद हुई जा रही थी तभी उसे एक और झटका लगा टीना ने उसकी चुत में जीभ करते करते अचानक अपनी उंगली उसकी गांड में घुसेड़ दी और आगे पीछे करने लगी अब मनीषा को दोनों ही छेड़ो से मजे आरहे थे एकाएक उसका शरीर अकड़ने लगा उसने टीना का सर अपनी चुत पर दबा दिया और आहह……उउंम्म……. हाईए…….. करते हुए झड़ने लगी इधर टीना भी उसकी हालत समझ गई और जोरों से जीभ अंदर बाहर करने लगी और मनीषा का पानी पीने लगी………..

थोड़ी देर बाद मनीषा नॉर्मल हुई तो बोली ”अब मेरी बड़ी चल तुझे भी ठंडी कर देती हूँ”

”रहने दे यार मेरी चुत को लंड की आदत पड़ गई है अब उंगली से कुछ मजा नहीं आता, वो तो तेरे लिए मैंने ये किया वरना तो अब मैंने उंगली करना बंद ही कर लिया है” टीना बोली

”तू सच में ही चुदाया चुकी है क्या” मनीषा ने पूछा

”हाँ यार मैं सच कह रही हूँ” टीना ने जवाब दिया

कौन है वो मुझे भी तो बता’ मनीसा बोली

”नहीं यार मैं तुम्हें उसका नाम नहीं बता सकती” टीना ने कहा

”बस 5 साल में ही अपनी दोस्ती को भुला दिया ठीक है मत बता” कह कर मनीषा ने नाराज़गी से दूसरी ओर मुंह फेयर लिया

”अरे यार तू तो गुस्सा हो गई”उसे नाराज़ देख कर टीना बोली ”चल मैं तुझे उसका नाम बता दूँगी पर तुझे मेरी कसम खानी होगी के ये बात तुम किसी को भी नहीं बनाएगी”

”वैसे भी मैंने आज तक तुम्हारी कोई भी बात किसी को नहीं बताई है फिर भी अगर कसम खाने से तुम्हें यकीन आएगा तो चलो मैं तुम्हारी कसम खाती हूँ अब तो उसका नाम बता दो” मनीषा ने टीना के सर पर हाथ रखते हुए कहा

”उसका नाम है राहुल भैया ” टीना ने जैसे बम फोड़ा

”क्य्ाआअ………” मनीषा इतनी ज़ोर से चीखी जैसे उसने बहुत देख लिया हो उसे यकीन ही नहीं आ रहा था की एक बहन अपने भाई से कैसे छुड़ा सकती है लेकिन टीना खुद बता रही थी इसलिए शक की कोई गुंजाइश ही नहीं थी

”कैसे, कैसे शुरू ये सब और तुमने अपने रिश्ते का ख्याल भी नहीं किया” मनीषा ने पूछा

”ये सब कैसे हो गया हमें पता ही नहीं चला और रही बात रिश्ते की तो हम दोनों का ही ये मना है की भाई बहन से पहले हम ‘औरत’ और ‘मर्द’ है जिनकी अपनी शारीरिक जरूरत होती है हम पुराने रिश्ते की बजाए अब नये रिश्ते से ज्यादा खुश है” टीना बोली

”ये सब कब और कैसे शुरू हुआ मुझे स्टार्ट से बता” मनीषा बोली

उसकी बात सुनकर टीना सोच में पड़ गई की कहाँ से शुरू करे..

कुछ देर सोचने के बाद टीना बोली ये बात आज से 5 साल पहले तब की है जब उजहे तेरे घर से आए हुए 4-5 महीने हो गये थे उस समय मेरी आगे 19 साल और भैया की 20 साल की थी तेरे साथ की हुई मस्ती के कारण वापस आने के बाद मेरी हालत बहुत खराब हो गई थी मुझे हर पल बस सेक्स ही सेक्स की लगी रहती थी मैं हर रोज 2-3 बार फिंगरिंग भी कर लिया करती थी पर मेरा सेक्स का बुखार बढ़ता ही जा रहा था अब मुझे उंगली करने से भी मजा नहीं आता था मुझे ऐसा लगता था की कोई लड़का आकर मेरे सारे बदन को निचोड़ डाले और अपने मोटे लंड को मेरी चुत में घुसेड़ कर खूब ज़ोर ज़ोर से मेरी चुदाई करे पर मैं जानती थी की मेरी ये इच्छा पूरी नहीं हो सकती थी क्यों के बाहर के किसी लड़के के साथ करने से बात खुलने पर बहुत बदनामी हो सकती थी मैंने इस डर के मारे ऐसी कोई कोशिश नहीं की और अपने आपको किस्मत के हवाले चोद दिया और जैसे तैसे अपनी उंगली से ही कम चलाने लगी.

तुझे तो पता ही है की हम दोनों भाई बहन के कमरों का एक ही कॉमन बाथरूम है जिसका एक दरवाजा मेरे साइड और दूसरा दरवाजा भैया के साइड में है कूलेग की छुट्टियाँ चल रही थी और अक्सर सारा दिन घर पर ही गुजरता था एक दिन दोपहर में मैं बाथरूम गई तो देखा की भैया के साइड का दरवाजा खुला है मैं उसे बंद करने गई तो मुझे भैया के कमरे से किसी लड़की की आहह… उहह… हमम्म्म… जसी कराहने की आवाजें सुनाई दी मैं हैरान हो गई की भैया के कमरे में कौन लड़की आगाई ये देखने के लिए मैंने धीरे से दरवाजा खोला और भैया के कमरे के अंदर आगाई पर जैसे ही मैंने अंदर का नज़ारा देखा मेरे तो होश ही उउड़ गये भैया अपने पीसी के सामने पूरे नंगे बैठे थे और पीसी पर ब्लू फिल्म देखते हुए अपने लगभग 8 इंच के लंड की मूठ मर रहे थे मैं मुंह खोले कभी फिल्म देखती कभी भैया को देखती वही खड़ी रही इधर इतने सेक्सी सीन को देख कर मेरी चुत खुशी के मारे चालक पड़ी और पूरी गीली हो गई तभी भैया की नज़र मुझ पर पड़ी तो वो हड़बड़ा कर उठ गये और मैं भी अपनी चोरी पकड़े जाने भाग कर अपने कमरे में आकर पलंग पर बैठ गई मेरी नज़रो में अभी भी वही नज़ारा घूम रहा था मेरे समझ में कुछ भी नहीं आ रहा था धीरे धीरे जो सेक्स की आग मैं बुझा रही थी वो एक ही झटके में फिर से भड़क गई थी मैं अभी चुत में उंगली करने ही वाली थी की भैया मेरे कमरे में आए और मेरे सामने कुर्सी पर बैठ गये कुछ देर दोनों में से कोई भी कुछ नहीं बोला फिर भैया ने ही शुरूआत की ”तो तूने सब कुछ देख लिया है ना”

”हाँ, कितना गंदा कम कर रहे थे आप, शर्म नहीं आती आपको” मैं बनावटी गुस्से से बोली

”तूने एक बार मुझे ये कम करते देखा तो ऐसा बोल रही है पर मैंने यही कम जिसे तू गंदा कह रही है करते हुए कई बार देखा है पर मैंने तो तुझसे कभी ऐसा नहीं कहा” भैया ने मुझे झटका सा दिया

अब शरमाते की मेरी बड़ी थी मैं ज़मीन में नज़रे गड़ाए हुए बोली ”आपने मुझे कब और कहाँ ये करते हुए देखा है”

”अपने बाथरूम में, एक दिन जब मैं बाथरूम गया तो मैंने देखा की मेरे साइड का दरवाजा खुला है मैंने धीरे से दरवाजा खोला तो अंदर तुझे यही कम करते हुए पाया तेरी आंखें बंद थी और तू पूरी मस्ती के साथ अपने कम में लगी हुई थी इसलिए तू मुझे देख नहीं पाई पर तुझे ऐसा करते देख मुझे बहुत मजा आया और मैंने तेरे वापस जाते ही तुझे देखने का पर्मनेंट जुगाड़ करने की सोची और बाथरूम के दरवाजे के हॅंडेल के पास ला स्क्रृू निकल के उससे अंदर देखा तो मुझे वहाँ से सब स्पष्ट नज़र आया अब मैंने उस स्क्रृू को ढीला कर दिया फिर उस दिन के बाद जब भी तू नहाने के लिए बाथरूम जाती मैं दरवाजे के पास बैठ कर तुझे ऐसा करते देख कर उत्तेजित होकर खुद भी ऐसा करने लगता” भैया ने जवाब दिया

मेरा सागा भाई मुझे चुत में उंगली करते देखता था और खुद भी मूठ मरता था ये सोच कर ही मैं हैरान हो गयी

”आप अपनी सगी बहन को ऐसी नज़रो से देखते है और उसे देख कर वो कम भी करते है आपको ये सब अच्छा लगता है?” मैंने पूछा

”देख टीना भाई बहन होने से पहले हम लड़का लड़की है और वो भी जवान हमारी उमर ही ऐसी है की इस उमर में बदन में सेक्स की आग भड़कती ही रहती है अब मुझमें इतनी हिम्मत नहीं है की मैं किसी लड़की को पता कर उसके साथ ये सब करूं इसलिए मैं फिल्में देख कर ये सब करने लगा फिर उसमें भी मजा नहीं आने लगा फिर तुझे ऐसा करते देख लिया मुझे उसमें और ज्यादा मजा आया तो मैं तुझे देखते हुए ऐसा करने लगा इसमें गलत ही क्या है आख़िर मैं चुप कर ही तो ये सब कर रहा था”

मुझे भी उनकी बात सही लगी सभी अपने आप को शांत करते ही है कुछ ना कुछ करके.

अब मुझे भैया से बातें करते हुए शर्म नहीं आ रही थी

मैं शरारती धनग से बोली ”अब आपका क्या होगा अब तो मैं आपको ये मौका दोबारा नहीं देने वाली”

”इसी मुद्दे पर मैं तुझसे एक बात करना चाहता हूँ तू ध्यान से सुनना देख टीना हम दोनों ही अपने बदन की ज़रूरते अपने अपने ढंग से पूरी करते है और दोनों ही ये जानते भी है क्योना हम दोनों साथ में ये सब करे सोच कितना मजा आएगा” भैया बोले

”ये आप क्या कह रहे है भैया मैं आपकी बहन हूँ मैं आपके साथ सेक्स नहीं कर सकती” मैं भैया की बात सुनकर हैरानी से बोली

”तू मेरी बात को ठीक से समझी नहीं मैं सेक्स करने को नहीं कह रहा हूँ मैं तो सिर्फ़ ये कम जो हम अलग अलग करते है आमने सामने साथ बैठ कर फिल्म देखते हुए करने को कह रहा हूँ क्यों की मुझे अब अकेले में मजा नहीं आ रहा है और शायद तेरा भी हाल यही है तू अच्छे से सोच ले अगर तुझे मेरी बात मंजूर हो तो रात को 10 बजे के आस पास जब अंकल मुम्मी सो जाए तू मेरे रूम में आजना मैं इंतजार करूँगा” इतना कह कर भैया चले गये

इधर भैया को ऑफर सुन कर मैं सोच में पड़ गई मेरे दिल और दिमाग में जंग सी छिड़ गई थी मेरा दिमाग कहता की ये गलत है भाई बहन के बीच ऐसा होना गलत है तो वासना के नशे में डूबा हुआ दिल कहता की भाई बहन भी आख़िर इंसान ही है और जब दोनों ही आग में जल रहे है तो बुझाने में क्या हर्ज है और कौन सा हमें सेक्स करना है बस सामने बैठ कर मूठ ही तो मारनी है, दिमाग कहता की ऐसा करने के लिए भाई के सामने नंगा होना पड़ेगा तो दिल कहता की क्या फर्क पड़ता है भैया तो वैसे भी नंगा देख ही चुके है.

ऐसे ही कुछ सावाक मेरे मान में उताल पुथल मचाए हुए थे अकीर में मेरा दिल जीत गया और मैंने फैसला कर लिया की रात को भैया के रूम में जाना ही है आगे जो होगा देखा जाएगा…….

अब मैं रात होने का इंतजार करने लगी…

ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 10
 
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 11

रात को खाना खाने के बाद मैं रूम में आगाई आते ही सबसे पहले मैंने अपनी चुत के बाल साफ किए क्योंकि उनके होते मुझे भैया के सामने नंगी होने में शर्म आती और शायद भैया को भी वो अच्छे नहीं लगते

फिर मैंने एक टी-शर्ट और लोवर पहना और 10 बजने का इंतजार करने लगी

जैसे ही घड़ी ने 10 बजाए मैं उठी और भैया के कमरे में जाने के लिए सामने का दरवाजा खोलने लगी तभी मेरे दिमाग में कुछ ख्याल आया और मैंने वो दरवाजा अच्छे से बंद कर के बोल्ट कर दिया और लाइट बंद कर के बाथरूम के रास्ते से भैया के रूम की ओर जाने लगी बाथरूम का भैया के साइड वाला दरवाजा खुला हुआ था मैं धीरे से रूम में एंटर हुई भैया अपने पीसी पर कुछ कम कर रहे थे मैं उनके पीछे जा कर खड़ी हो गई और धीरे से बोली ”भैया”

भैया मेरी आवाज़ सुनकर चौंकते हुए उठे और खुशी से चहकते हुए बोले ”आ गई मेरी प्यारी बहन मैं कब से दरवाजा खोले हुए तेरे इंतजार कर रहा था और तू पीछे से क्यों आई?”

”भैया मैंने सोचा की अगर कोई आ गया तो बड़ी परेशानी हो जाएगी इसीलिए मैं अपना दरवाजा अंदर से बंद कर के बाथरूम के रास्ते आगाई की अगर कोई आए भी तो यही समझे की मैं अपने ही रूम में हूँ” मैंने जवाब दिया

तब तक भैया अपना दरवाजा बंद कर चुके थे और मेरी बात सुनते ही उन्होंने मुझे कस के हग कर लिया जिससे मेरी बड़ी बड़ी चुचियां उनके सीने में गड़ गई और उनका खड़ा हुआ लंड मेरे पेट में नाभि के पास गाड़ने लगा मैं एक्शैटेड तो पहले से ही थी और उस पर भैया की इस हरकत ने तो जैसे मेरी जान ही निकल दी मुझे हग कर के भैया बोले ”वो रे मेरी सयानी बहन तूने तो कमाल कर दिया किसी के आने जाने की सारी टेंशों ही खत्म कर दी” भैया लगातार मुझे अपने सीने की ओर भिच रहे थे और मुझे भी इसमें मजा आ रहा था.

थोड़ी देर ऐसे ही रहने के बाद भैया ने मुझे चोदा और पीसी के सामने दो कुर्सियाँ रख दी और बैठते हुए बोले ”चल तू भी बैठ जा अब हम हमारा खेल शुरू करते है”

और उन्होंने पीसी पर एक बाय्फ्रेंड स्टार्ट कर दी जिसमें एक कालो का जोड़ा चुदाई की तैयारी कर रहा था दोनों पूरी तरह नंगे थे आदमी का लंड बहुत लंबा और मोटा था औरत की चुचियाँ भी बड़ी बड़ी थी और उसकी गांड बहुत ज्यादा बाहर की ओर निकली हुई थी.

उस आदमी का लंड देख कर मेरी आंखें फटी की फटी रही गयी मुझे ऐसी हालत में देल् कर भैया समझ गये की मेरे मान में क्या चल रहा है वो बोले ”क्या हुआ टीना ऐसे क्या देख रही है, बताना”

”भैया उस आदमी का ‘वो’ कितना बड़ा है” मैं भी अब खुलते हुए बोली

”अरे ये ‘वो’ क्या होता है देख हम यहाँ मजे लेने के लिए बैठे है शरमाते के लिए नहीं, और अगर तुझे ह्यूमन बॉडी पार्ट्स के नाम नहीं पता है तो सुन मैं तुझे बताता हूँ तू जिसको ‘वो’ कह रही है ना उसे लंड कहते है और वो जो लेडी की छाती पर बारे बारे बॉल्स लटक रहे है ना उन्हें चुचियाँ कहते और उसकी कमर के नीचे टांगों के जोड़ पर जो ‘भी’ शेप है ना उसे चुत कहते है और उस के ठीक पीछे जो हिस्सा बाहर को निकला हुआ है ना उसे गान्ड कहते है समझी, और अब तू भी इन्हें यही सब कहेगी ठीक है” भैया के इस तरह समझने से मुझे हँसी आ गई अब भैया के इस तरह से बात करने से मेरी रही सही झिझक भी खत्म हो गई और मैं एक कदम आगे जा कर बोली ”भैया लगता हैनापने ‘चुदाई शस्त्रा’ में फ्ड कर रखी है कितने अच्छे से समझाया है आपने मुझे ठीक है मैं अब से इन्हें यही सब कहूँगी पर आप मुझे सच सच बताओ अपने अभी तक कितनी बार चुदाई के मजे लिए है”

”एक बार भी नहीं, यदि मुझे ये मौका मिला होता तो मैं तुझे यहाँ क्यों बुलाता” मेरे मुंह से चुदाई जैसे शब्द सुनकर भैया मस्त हो गये थे ये मस्ती उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी

”यनेकी आपने मुझे यहाँ चोदने के लिए बुलाया है” मैंने भैया को खीजाया

”नहीं मैंने तुझे यहाँ चोदने के लिए नहीं बुलाया पर अगर तू चाहे तो तुझे चोदने में मुझे कोई हर्ज नहीं है बोल चुदेगी अपने भाई से” भैया ने मेरे नहले पर दहला मारा

”पहले तो हम वो कम करते हैं जो की हमने देसिडे किया हैं बाद की बात बाद में देखेंगे” मैं बात घूमते हुए बोली

अब फिल्म में चुदाई शुरू हो चुकी थी वो आदमी उस औरत को पूरी ताक़त से कस कस कर चोद रहा था, भैया भी अब अपने बॉक्सर के उप्पर से अपने लंड को सहला रहे थे मैं भी अब गरम हो गई थी और मैंने भी अपना हाथ लोवर के अंदर डाल लिया और अपनी चुत सहलाने लगी ये देख कर भैया बोले ”मेरे ख्याल से अब हमें कपड़े उतार लेने चाहिए”

मुझे लगता है के अब हमें भी अपने कपड़े उतार लेने चाहिए ‘ भैया बोले

”भैया मुझे आपके सामने शर्म आती है” दिल तो मेरा भी कपड़े उतार कर अच्छे से उंगली करने का हो रहा था पर एकदम से भैया के सामने खुलना भी मुझे ठीक नहीं लग रहा था.

”देख टीना तुझे तो पता ही है के मैं तुझे पहले भी नंगा देख चुका हूँ फिर इसमें शरमाना कैसा और बगैर कपड़े उतरे हम मजे भी कैसे ले सकते है?” भैया ने मुझे समझाया

”ठीक है तो पहले आप अपने कपड़े उतरो” मैं नज़रे झुकाए बोली

”चल जैसी तेरी मर्जी, पर पहले एक कपड़ा मैं उतरूँगा फिर एक तुझे उतरना होगा इसी तरह हम अपने पूरे कपड़े उतरेंगे, चल खड़ी हो जा” भैया इतना बोल कर खड़े हो गये

मैं भी उनके साथ ही खड़ी हो गई अब भैया ने अपनी टी-शर्ट उतार दी थी और मेरी तरफ देख रहे थे मैंने भी अपनी टी-शर्ट उतार दी और आंखें बंद कर ली मेरी दोनों चुचियां जो पहले ही एक्शैतमेंट में सख्त हो गई थी ब्रा में कैद भैया के सामने आ गई थी भैया लगातार उन्हें घुरे जा रहे थे मैंने कस कर आंखें बंद कर रखी थी तभी मुझे भैया की आवाज़ सुनाई दी ”चलो टीना आंखें खोलो अब तुम्हारी बड़ी है” मैंने धीरे से आंखें खोल कर देखा तो भैया ने अपना बॉक्सर उतार दिया था अब वो संडो और फ्रेंची में मेरे सामने खड़े थे बॉक्सर कुछ ढीला होने के कारण उसमें से लंड का उभर कुछ कम दिखाई दे रहा था पर फ्रेंची में तो लंड का आकर जैसे पूरा ही स्पष्ट समझ में आ रहा था भैया का लंड ऐसे लग रहा था जैसे वो भैया की उस छोटी सी चड्डी को फाड़ कर बाहर आने को उतावला हो रहा हो मेरा गला सूखने लगा और मैं एकटक भैया के लंड की ओर ही घुरे जा रही थी तभी भैया बोले ”अगर तुम्हें मेरे लंड को नंगा देखने की इच्छा हो रही हो तो उसे घूर्ना चूड़ो और जल्दी जल्दी अपने कपड़े उतरो”

”क्या भैया आप भी ना, अभी आप भी तो मेरी चुचियों को ऐसे घूर रहे थे जैसे उन्हें कहा ही जाएँगे, फिर अगर मैंने ज़रा सी देर लगा दी तो आप चिल्लाने लगे” ये कहते हुए मैंने एक ही झटके में अपना लोवर उतार दिया अब मैं सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में थी काली ब्रा और पैंटी में मेरा जिस्म भैया के ऊपर जैसे कहर ढा रहा था अब उनकी नज़रे मेरे ‘चुत प्रदेश’ से हटने का नाम ही नहीं ले रही थी मेरी भारी भारी गोरी चिकनी जांघें उन्हें ललचाए जा रही थी वो लगातार लेकिन की तरह खड़े हुए वहीं देखे जा रहे थे उन्हें ऐसी हालत में देख कर मैंने मज़ाक किया ”क्या सपनों में ही चुदी च्लू कर दी क्या” मेरी बात सुन कर भैया झेप गये और बोले ”टीना प्लीज़ थोड़ा वापस घूम कर अपना बॅक साइड भी दिखना”

”वो क्या होता है अभी आप ही ने तो मुझे सभी अंगों के नाम बताए थे उसी तरह बोलो ना” मैं उनके मजे लेते हुए बोली

भैया समझ गये के अब मैंने शर्म पूरी तरह चोद दी है वो बोले ”टीना मुझे अपनी प्यारी सी घाआन्न्न्ड दिखा दे बहना”

अब मैं धीरे धीरे वापस मूंड़ गई और मेरी 38 की बाहर की ओर निकली हुई गांड उभर कर भैया के सामने आ चुकी थी पैंटी मेरी गांड की दरार में घुसी हुई थी तो चूतड़ पूरी तरह नंगे थे इस नज़रे को देख कर भैया की क्या हालत हो रही होगी मैं समझ रही थी.

कुछ देर बाद मैं वापस घूम गई जैसे ही मैं वापस घूमी भैया ने अपनी संडो और फ्रेंची दोनों ही एक साथ निकल दी वो शायद अब बहुत गरम हो चुके थे, और बर्दाश्त करना उनके बस में नहीं था

उनका खड़ा हुआ लंड बड़ा भयानक लग रहा था उसकी लंबाई 8 इंच और मोटाई 3 इंच के लगभग थी मैंने आज तक कोई भी लंड इतने पास से नहीं देखा था तो मैं भैया के पास जाकर घुटनों के पास जाकर बैठ गई और बारे ध्यान से उनके लंड को देखने लगी.

मुझे इस तरह से देखते हुए भैया बोले ”इतने ध्यान से क्या देख रही हो टीना”

”भैया ये लंड है या खंजर ये तो किसी भी चुत को फाड़ के रख देगा” मैं बोली

”तू इससे ही डर गई वो फिल्म वाले आदमी का तो इससे भी बड़ा है पर उस लड़की को देख कैसे गपगाप अंदर ले रही है” भैया बोले

ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 11
 
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 12

मैंने फिल्म की तरफ देखा भैया सच कह रहे थे

”चल टीना अब तू भी जल्दी से अपने कपड़े उतार दे” भैया बोले

मेरी चुत भी अब और सहन करने के मूंड़ में नहीं थी मैंने झट से अपना ब्रा उतार कर फेंका और इससे पहले की भैया कुछ समझ पाते पैंटी भी निकल कर दूर फेंक दी भैया हक्कबाक्का रही गये मेरी चूंचिया और चुत दोनों उनके सामने नंगी थी और वो समझ ही नहीं पा रहे थे की पहले किसे देखे इधर मैं उनकी इस हालत का मजा ले रही थी भैया का बुरा हाल था उनका लंड अब झटके पर झटके मारे जा रहा था उसे देख कर मेरी चुत भी अब जलन करने लगी थी मैं जाकर कुर्सी पर बैठ गई और बोली ”भैया आप भी बैठ जाओ जो भी देखना हो बाद में देख लेना अब मुझ से सहन नहीं हो रहा है” और मैं फिल्म देखने लगी मेरी उंगली कब चुत में चलने लगी मुझे पता ही नहीं चला भैया भी कुर्सी पर बैठ कर फिल्म देखते हुए मूठ मरने लगे

हम दोनों पहले से ही गरम थे इसलिए थोड़ी देर ने ही मैं सिसकारी भरते हुए झाड़ गई मेरा बदन अकड़ कर कुर्सी पर टन गया और मेरी आंखें अब भैया के लंड पर जम गई भैया भी ज्यादा देर नहीं टीके और वो भी ”हाय्ी हाय्ी” करते हुए पिचकारी पे पिचकारी चोदने लगे

हम दोनों भाई बहन झड़ने के कुछ देर बाद तक शांत बैठे रहे फिर भैया ने दूसरी फिल्म लगा दी इसमें ग्रुप सेक्स दिखाया गया था मेरा ध्यान फिल्म की तरफ था जबकि भैया मेरे बदन को ही घुरे जा रहे थे ”ऐसे क्या देख रहे हो भैया” मैं बोली

”टीना मुझे तुम्हारे शरीर के सभी अंग बहुत ललचा रहे है क्या मैं इन्हें छू कर देख सकता हूँ” भैया ने जवाब दिया

”पर भैया एक दूसरे को छूने से हमारी भावनाएं भड़क सकती है और कहीं हम चुदाई कर बैठे तो?” मैंने कहा

”तो कौनसा पहाड़ टूट जाएगा, वैसे भी ऐसे सेक्स की आग में जलकर जीने से अच्छा तो ये है की हम दोनों ही एक दूसरे की आग बुझा दे” भैया बोले

”पर मैं अपने आप को इसके तैयार नहीं कर पा रही हूँ” मैं बोली

”तू एक कम कर तू कुछ मत कर तू सिर्फ़ मुझे अपने आप को छूने भर दे मैं वादा करता हूँ की जब तक तू नहीं कहेगी मैं तुझे नहीं चोदूंगा मैं सिर्फ़ तेरे बदन को छू कर चूम कर चाट कर अच्छे से महसूस करना चाहता हूँ बस इतनी इजाज़त तू मुझे देदे” भैया बोले

मैं कुछ समझ नहीं पा रही थी के क्या जवाब दूं चुदाई करने की तो मेरी भी इच्छा हो रही थी पर ना जाने क्यों मेरा दिमाग मुझे रोक रहा था फिर मैंने सोचा की हम दोनों जहाँ तक आ गये है वहाँ से आगे ही तरफ सकते है पीछे तो किसी कीमत पर भी नहीं आसाकते है तो जो हो रहा है वो होने दिया जाए ऐसा सोच कर मैं भैया की और देखने लगी और अपनी नज़रे नीचे झुका ली भैया मेरी मौन स्विकराती को समझ गये और ‘थेन्क यू’ बोल कर मुझे गोद में उठा कर पलंग पर लिटा कर एर ऊपर आ गये. अब भैया मेरे होंठ चूमने लगे मेरी आंखें शर्म और मजे से बंद हो चुकी थी पर चूमने में मैं भैया का साथ नहीं दे रही थी अब भैया का एक हाथ मेरे बूब्स को सहलाते हुए धीरे धीरे दबा भी रहा था भैया के ऐसे करने से अब मैंने भी उनके होंठ चूसने शुरू कर दिए इससे भैया भी मस्त हो गये और उनका लंड टन कर मेरी कमर के पास चुभने लगा मैंने हिम्मत कर के उनके लंड को अपने हाथ से पकड़ लिया और धीरे धीरे सहलाने लगी अब भैया ने अपनी जीभ मेरे मुंह में घुसा दी और मैं उसे चूसने लगी कुछ देर ऐसे ही करने के बाद भैया ने होंठ चूसना बंद कर दिया और मेरी गर्दन को चूमते हुए मेरी मेरी टांगों के बीच से मेरे ऊपर आकर मेरे बूब्स को चूमने और उनके निपल्स को चूसने लगे उनका लंड मेरी चुत से टकराने लगा मैंने मजे में आकर भैया सर मेरे बूब्स पर दबा दिया तभी भैया अपनी एक उंगली मेरी चुत के ऊपर घमाने लगे मैं फुल मस्ती में आगाई और ऐसा लगा की मैं बस झड़ने ही वाली हूँ अचानक ही भैया ने अपनी उंगली खचह से मेरी कुंवारी चुत में घुसा दी भैया के इस हमले से मैं रुक नहीं पाई और झड़ने लगी मेरी चुत ने आज पहली बार इतना पानी चूड़ा की जितना आज तक भी नहीं चोदा था और मुझे मजा भी उतना ही आया

अब भैया मेरी नाभि के पास चूम रहे थे और कभी कभी उसमें अपनी जीभ भी घुसा रहे थे और उनका एक हाथ लगातार मेरे बूब्स दबाए जा रहा था मैं फिर से उत्तेजित होती जा रही थी भैया धीरे धीरे नीचे मेरी चुत की तरफ तरफ रहे थे जैसे ही उनके होठों ने मेरी चुत को टच किया मैं मछली की तरह छटपटाई मैंने अपने दोनों हाथों से बेड शीट को भिच लिया अब भैया मेरी चिकनी चुत को चाटने लगे उन्होंने चुत के दोनों होठों को खोल कर अपनी जीभ उसमें घुसा दी और जीभ से ही उसे चोदने लगे कुछ देर ऐसा करने के बाद भैया ने मुझे उल्टा लेता दिया और मेरी पीठ चाटते हुए मेरी गांड पर आकर मेरे बारे बारे चूतडो को चाटने लगे मैं मजे के समंदर में डुबकिया लगाने लगी अब भैया ने मेरे चूतडो को फैला दिया और अपनी जीभ से मेरी गांड की दरार को चाटने लगे तभी भैया ने अपनी एक उंगली मेरी गांड के छेद में घुसा दी मुझे थोड़ा दर्द तो हुआ पर इतना मजा आया की मैं एक बार फिर जहड़ गई अब भैया रुक गये और उठ कर बैठ गये मैंने सीधी हो कर उन्हें देखा और बोली ”क्या हुआ भैया”

”कितनी ख़ुदग़र्ज़ है यार यू तेरा तो दो बार हो चुका है पर मेरी भी तो सोच मेरा लंड अब दर्द करने लगा है इसे भी तो आराम चाहिए” भैया मुस्कुराते हुए बोले

मैं उठी और मैंने भैया लंड अपने हाथों में ले लिया वो बहुत सख्त और गरम था मैं धीरे धीरे उसको आगे पीछे करने लगी

”ऐसे नहीं इसको मुंह में लेकर चूसो वरना मुझे मजा नहीं आएगा” भैया बोले

मैंने अपना मुंह भैया के लंड से लगाया और उसे चूम लिया लेकिन मैं उसे मुंह में लेकर चूस नहीं सकती थी क्योंकि मुझे ये सब गंदा लगता था अब मैं क्या करूं जिससे भैया को भी मजा आ जाए और मुझे भी लंड नहीं चूसना पड़े कुछ देर सोचने के बाद मैंने फैसला कर लिया और बोली ”नहीं भैया ये मुझे अच्छा नहीं लगता मैं आपका लंड नहीं चूस सकती”

”तो फिर मेरा क्या होगा” भैया बोले

”अपने आज मुझे बहुत मजे दिए है भैया इसलिए मैंने भी आपको एक गिफ्ट देने का सोच लिया है” मैं बोली

”कैसा गिफ्ट” वो बोले

”मेरी चुत हाँ भैया आप मुझे चोद सकते है” कह कर मैं पलंग पर लेट गई और अपनी टाँगे खोल दी.

मेरे मुंह से ऐसा सुनकर तो भैया जैसे पागल हो गये वो मुझे दीवानों की तरह चूमने लगे और ‘टॅंक्स बहना’ कह कर मेरी टांगों के बीच में आ गये उन्होते एक तकिया मेरी गांड के नीचे लगा दी जिससे मेरी चुत पूरी तरह से खुल कर सामने आगाई

”भैया प्लीज़ मेरा ध्यान रखना मेरा पहली बार है”

”तू चिंता मत कर टीना बस एक बार ही तुझे थोड़ा सा दर्द सहन करना है फिर तो मजे ही मजे है तेरे” कह कर भैया ने बहुत सारा थूक अपने लंड पर लगा लिया और लंड मेरी चुत के मुंह पर लगा कर धीरे धीरे दबाव बनाते हुए मेरे ऊपर आकर मेरे होठों को अपने होठों में दबाने लगे भैया ने अभी धक्का नानी मारा था इस लियड लंड अभी अंदर नहीं गया था पर वो धीरे धीरे अपने लिए मेरी चुत में जगह बनाने लगा था मेरी चुत धीरे धीरे फैलने लगी थी और मुझे दर्द होना भी शुरू हो गया था मैंने भैया के बालों को कस कर पकड़ लिया था तभी भैया थोड़ा पीछे हुए और उन्होंने एक ज़ोर का धक्का लगाया मेरी आहें दर्द से फट गई मैं दर्द से हाथ पैर पताकने लगी भैया के होठों से मेरे होंठ बंद थे इसलिए मेरे मुंह से चीख तो नहीं निकली पर गुउुउ की आवाज़ निकल रही थी मैं भैया को पीछे धक्का रही थी भैया का लंड आधा अंदर घुस चुका था भैया कुछ देर तक रुके रहे तो मेरा दर्द भी कुछ कम हो गया मेरा विरोध कम होते देख भैया उतनी जगह में ही लंड आगे पीछे करने लगे कुछ देर बाद मेरी चुत भी पानी छोड़ लगी थी जिससे लंड को आगे पीछे होने में अब परेशानी नहीं हो रही थी लेकिन भैया का लंड अभी पूरा अंदर नहीं गया था अब मुझे भी मजा आने लगा था तभी भैया ने मेरे मुंह पर हाथ रखते हुए लंड पूरा पीछे खिंचते हुए एक ज़ोर का आखिरी धक्का मारा और पूरा लंड मेरी चुत में घुसेड़ दिया मेरी चीख मेरे मुंह में ही घुट कर रही गई और आंखों से आँसू बहने लगे इसके बाद भैया ने कोई हरकत नहीं नहीं और मेरे होंठ चूसते और चूची दबाते लगभग 5 मिनट तक वैसे ही पड़े रहे अब मेरा दर्द भी कम हो गया था और मैं भी भैया का साथ देते हुए उनकी पीठ सहलाने लगी अब भैया धीरे धीरे धक्के लगाने लगे और मैं भी कमर उठा उठा कर चुदवाने लगी अब भैया के धक्को की बढ़ता तरफ गई थी कुछ देर बाद मेरा शरीर अकड़ने लगा और मैं झड़ने लगी मेरी चुत ने भैया के लंड को जकड़ लिया जिससे भैया भी अपने आपको रोक नहीं पाए और मेरी चुत में ही झाड़ गये .

उस रात हमने दो बार और चुदाई की फिर तो हर रात 2-3 बार चुदाई पक्का ही होती टनी और कभी कभी दिन में भी मौका मिला तो हम शुरू हो जाते है कही गड़बड़ ना हो जाए इसलिए मैं गर्भ निरोधाज टॅब्लेट्स ले लेती हूँ और हम दोनों भाई बहन चुदाई का पूरा मजा लेते है कह कर टीना चुप हो गई.

मनीषा छपछप मुंह खोले टीना को देखे जा रही थी उसे अभी भी यकीन नहीं आ रहा था की ऐसा भी हो सकता है वो बिना कुछ बोले ही सोने की कोशिश करने लगी और टीना भी उसे देख कर चुप ही रही और अपनी आंखें बंद कर के लेट गई..

दोपहर के 2 बज चुके थे माधुरी अभी तक योगेश के रूम में नहीं आई थी जिस से योगेश बेचैन होने लगा उसने सोचा की शायद वो माधुरी के चक्कर में योगिता से भी हाथ धो बैठा है वो बहुत पचता रहा त ना की क्यों उसने माधुरी की बात पे यकीन कर के योगिता को मना कर दिया.

रही रही कर उसकी निगाहें खुले हुए दरवाजे पर चली जाती पर माधुरी की कोई खबर नहीं थी.

ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 12
 
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 13

कुछ देर और इंतजार करने के बाद भी जब माधुरी नहीं आई तो वो उठा और गुस्से से तेजी के साथ रूम के खुले दरवाजा की और बड़ा वो माधुरी के रूम जाकर देखना चाहता था के वो क्यों नहीं आई जैसे ही वो दरवाजा पर पहुँचा उसका जिस्म किसी और जिस्म से टकराया और वो हड़बड़ी में धम से नीचे गिर पड़ा उसका सर फर्श से ज़ोर से टकराया जिस से दर्द के मारे उसके मुंह से एक कराह निकली और उसकी आंखें बंद हो गई आने वाला भी सीधे उसके उप्पर आकर गिरा था.

किसी के अपने उप्पर गिरते ही योगेश को अपने सीने में दो बूब्स की चुभन महसूस हुई वो समझ गया की माधुरी या योगिता दोनों में से ही कोई एक है इसलिए उसने देर ना करते हुए अपनी दोनों बाहों को अपने उप्पर गिरने वाले के उप्पर लपेट कर उसे अपने सीने में भींच लिया जिस से वो दोनों बूब्स अब और भी उसके सीने में गढ़ से गये योगेश की गिरफ्त अपने उप्पर गिरने वाले पर लगातार बढ़ती जा रही थी पर गिरने वाला कोई विरोध नहीं कर रहा था बल्कि खुद भी योगेश से चिपकटे ही जा रहा था योगेश की आंखें अभी भी बंद थी पर उसे लग रहा था की ये शायद योगिता ही है क्योंकि सामने वाला कोई वोरोध नहीं कर रहा था जब की माधुरी से उसे ऐसी कोई उम्मीद नहीं थी अब योगेश ने अपना एक हाथ गिरफ्त से हटा लिया और उसे अपने उप्पर गिरने वाली की गान्ड पर ले जाकर सहलाने लगा कुछ देर ऐसा करते रहने से उसके कानों में किसी की सिसकियां लेने की आवाजें आने लगी थी इतनी बड़ी गांड को सहलाते हुए वो भी मस्त हो गया और मस्ती में उसने कपड़े के ऊपर से ही अपनी एक उंगली उस मस्त गान्ड में घुसनी चाही उंगली तो गांड में नहीं गई पर उप्पर जो भी गिरा था वो चौंक कर उउठ गया ”क्या अंधे जैसे चलते हो खुद भी गिरे और मुझे भी गिरा दिया अच्छा हुआ मुझे कहीं चोट नहीं लगी” उसे माधुरी की आवाज़ सुनाई दी ”तुम्हें तो कुछ नहीं हुआ”

माधुरी की आवाज़ सुन कर उसने धीरे धीरे आंखें खोली और सामने देखा माधुरी उत्त् कर खड़ी हो चुकी थी और अपने कपड़े ठीक कर रही थी वो अभी भी सवेरे वाले टी-शर्ट और लोवर ही पहने हुए थी. इस पूरे हादसे से योगेश का लंड पूरी तरह से खड़ा हो चुका था उसने फिर ड्राआंटी करते हुए अपनी आंखें बंद कर ली उसके ऐसा करने से माधुरी घबरा कर नीचे बैठ गयी और उसका सर उठा कर अपनी गोद में रख लिया और चिंटीर स्वर में बोली ”योगेश, योगेश तुझे क्या हो गया मेरे भाई कहाँ चोट लगी है तुझे मुझे बता मैं अभी डॉक्टर को बुलाती हूँ, प्लीज़ तू आंखें तो खोल” ऐसा कहते हुए उसका गला भर्रा गया था जबकि उसकी गोद में लेते हुए योगेश लगातार अपना मुंह उसकी छातियो से टच करना चाह रहा था और उसके शरीर की मादक सुगंध का मजा ले रहा था अचानक योगेश ने माधुरी को फिर से अपने उप्पर गिरा लिया और उसके होठों पर अपने होंठ लगा दिए उसके ऐसा करते ही माधुरी उस से अलग हो गई और घूर कर उसे देखने लगी.

”अच्छा तो ये बात है” कह कर माधुरी ने धीरे से एक लात योगेश के कुल्हो पर मारी.

उसके लात मरते ही योगेश आंखें खोलते हुए खड़ा हुआ और बोला ”क्या मधु एक तो तूने मुझे गिरा दिया देख कितना बड़ा गुमड़ मेरे सर में बन गया है और उप्पर से लात भी मर रही है” योगेश उसका हाथ अपने सर के गुमाध से लगते हुए बोला. माधुरी ने भी उसके सर पर गुमाध महसूस किया और बोली ”ये तो तू सच कह रहा है पर इतना बड़ा गुमाध आने के बाद भी तेरी गांड से मस्ती नहीं गई इतना होने के बाद भी कैसे मेरी गांड में उंगली डालने की कोशिश कर रहा था और बाद में मैं अगर नहीं उत्त्ती तो शायद मेरे होठों को कहा ही जाता तू”

”देख मधु मैं अपना सर ज़ोर से फर्श से टकराने के कारण दर्द से पागल हो गया था इसीलिए जिस कम से मुझे दर्द से राहत मिलती वो मैं करने लगा और मैंने तो तुझे देखा भी नहीं था, हाँ बाद में तेरे जिस्म की खुशबू से मदहोश हो के मैंने होंठ चूमने की कोशिश की इसमें जरूर मेरी गलती है.” योगेश बोला

”चल ठीक है अब तू एक कम कर पता नहीं क्यों वो लॅपटॉप चालू ही नहीं हो रहा है तू चल कर देख ले कहीं खराब ना हो गया हो” माधुरी बोली

”तू तो यहाँ मेरे पास आकर फिल्म देखने वाली थी फिर अपने कमरे में अये चालू क्यों किया” योगेश बोला

”वो मैं एक्सपेरिमेंट करना चाहती थी की मैं एक ही फिल्म पहले अकेले देखती हूँ फिर वही फिल्म तेरे साथ देखहूँगी, दो बार देखने के बाद मैं जानना चाहती थी की मुझे अकेले में ज्यादा मजा आता है या तेरे साथ में ज्यादा मजा आता है” माधुरी बोली

”चल बता लॅपटॉप मैं भी तो देखु की उसे क्या हुआ है” कह कर योगेश ने माधुरी को आगे कर दिया और उसके पीछे चिपक कर चलने लगा जिस से उसका खड़ा लंड बार बार माधुरी की गांड से टच हो रहा था…….

ऐसे ही पीछे से घिस्सा मरते और खाते हुए दोनों भाई बहन रूम के अंदर पहुँचे लॅपटॉप पलंग पर रखा हुआ था योगेश अभी भी माधुरी की पीतह से चिपका हुआ था उसका लंड माधुरी की गांड के अंदर घुसने की लगातार कोशिश कर रहा था माधुरी भी इस से अंजान नहीं थी पर इस सब में उसे भी बहुत मजा आ रहा था इस लिए वो योगेश को मना भी नहीं कर रही थी अब योगेश का हौसला माधुरी के इस तरह कुछ ना कहने से बढ़ता ही जा रहा था दोनों लॅपटॉप के सामने आकर खड़े हो गये ”ले तू ही चेक़ कर ले ये चालू ही नहीं हो रहा है” माधुरी बोली

”मैं तो पीछे हूँ तू ही चालू कर ना फिर मैं देखता हूँ इसे क्या हुआ है” योगेश बोला

लॅपटॉप चूँकि पलंग पर रखा था इस लिए उसे स्टार्ट करने के लिए माधुरी को नीचे झुकना पड़ा जिस से उसकी बड़ी सी गांड अब पूरी तरह से खुलकर योगेश के सामने आ गई थी उसकी गांड की दरार इतनी बड़ी थी की झुके हुए होने के बावजूद भी लोवर उसमें फँसा हुआ था जिस से उसकी गांड की लाइन एकदम क्लियर नज़र आ रही थी योगेश तो ये सब देख कर जैसे पागल हो गया था उसने कुछ भी ना सोचते हुए अपने बॉक्सर को थोड़ा सा नीचे किया अंदर तो वैसे भी कुछ नहीं पहने हुए था जिस से उसका नंगा और पूरी तरह से उप्पर की और उत्ता हुआ लंड बाहर आ गया उसने आव देखा ना ताव अपना लंड पकड़कर सीधे माधुरी की गांड से लगा दिया और धीरे से आगे की और दबाव बनाने लगा उसके ऐसा करते ही माधुरी काँप गई वो समझ गई की योगेश का लंड अभी नंगा है अपने भाई के नंगे लंड को अपनी गांड के उप्पर महसूस करते ही उसकी धड़कने तरफ गई और उसकी चुत भाल-भाल पानी छोड़ लगी उसका हाथ जहाँ था वहीं रुक गया और वो जैसी थी वैसी ही रही मजे से उसकी आंखें बंद हो रही थी वो इस तरह से जैसे योगेश को इन्विटेशन दे रही थी की वो जो चाहे कर सकता था योगेश भी सब समझ रहा था अब वो वाइज़ ही धीरे धीरे आगे पीछे होने लगा माधुरी चूँकि लोवर पहने हुए थी इस लिए लंड अंदर तो जाहि नहीं सकता था पर फिर भी माधुरी की गांड की दरार जो की लगभग 1.5 इंच की थी में थोड़ा बहुत आगे पीछे हो रहा था योगेश की मदहोशी बढ़ते ही जा रही थी वो जैसे पागल हुआ पड़ा था अचानक उसने एक ज़ोर का धक्का मारा जिस से माधुरी पलंग के उप्पर गिर गई उसके गिरते ही जैसे दोनों भाई बहन वापस इस दुनिया में आ गये योगेश ने तुरंत अपना लोवर उप्पर किया और और बोला ”सॉरी मधु वो मेरा बैलेन्स बिगड़ गया था”

”तू भी ना ठीक से खड़ा भी नहीं हो सकता ले तू ही देख इसे मुझ से नहीं होता ये स्टार्ट” कह कर माधुरी वहाँ से हाथ कर खड़ी होकर अपनी उखड़ी सांसें संभालने लगी.

योगेश ने लॅपटॉप को चेक़ किया शायद उस की चार्जिंग खत्म हो गई थी ”मेरव रूम में चलकर इसे चार्जिंग पर लगा कर देखते है शायद इस की बटारी डाउन हो गई है” वो माधुरी से बोला

”हमम्म” कहते हुए माधुरी भी उसके पीछे पीछे चलने लगी.

अपने रूम में पहुँच कर योगेश ने लॅपटॉप को चार्जिंग पर लगा कर स्टार्ट किया तो वो स्टार्ट हो गया उसने मिनिमाइज़ किया हुआ फोल्डर खोला तो एक क्षकशकश क्लिप ओपन हुई उसे पौस कर के वो माधुरी की और देखते हुए बोला ”अब क्या इरादा है”

”इरादा क्या है, वही जो पहले था साथ बैठ कर देखते है मगर तू मेरे से आगे बैठेगा और मैं तेरे पीछे बैठूँगी ठीक है” उसने जवाब दिया

”ठीक है” कह कर योगेश उत्ता और दरवाजा बंद कर के उसने दो कुर्सियां आगे पीछे रख दी और मूवीए स्टार्ट कर दी….

मूवीए स्टार्ट होते ही मनीषा पीछे वाली कुर्सी पर बैठ गई और योगेश सामने वाली कुर्सी पर. फिल्म में एक कम उमर का जोड़ा दिखाया गया था जो अभी पूरे कपड़े पहने हुए एक दूसरे को उप्पर से ही सहला रहे थे दोनों के होंठ आपस में जुड़े हुए थे और लड़के कएक हाथ लड़की के बूब्स पर था और दूसरे हाथ से वो लड़की की गांड की दरार में उंगली घुआंटी रहा था और लड़की भी पेंट के उप्पर से ही लड़के का लंड ज़ोर ज़ोर से भींच रही टनी दोनों भाई बहन ये सीन देख कर मस्त हो गये थे.उनकी कुर्सियों में लगभग 1 फिट का अंतर था जिस से वो दोनों एक दूसरे की ज़ोर से चलती धड़कन की आवाज़ भी थोड़ी कोशिश करने पर सुन भी सकते थे कुर्सियां एकदम आगे पीछे रखी थी इसलिए माधुरी को थोड़ा तिरछा हो कर देखना पड़ रहा था.

अब फिल्म में वो जोड़ा एक दूसरे के कपड़े उतरने लगा था. दोनों भाई बहन एक दूसरे के साथ बाय्फ्रेंड देखने की एक्शैतमेंट में डूबे हुए थे और अभी माधुरी के कमरे में जो घिसा घिसी हुई थी उसके कारण भी वो बहुत गरम हो चुके थे अब स्क्रीन पर वो जोड़ा नंगा हो चुका था और लड़की घोड़ी बनी हुई थी लड़के ने लड़की की नंगी गांड में अपना मुंह घुसा रखा था और कभी कभी वो उसके भारी नितंबों को ज़ोर से काट भी लेता था एकाएक ही उस लड़के ने अदकी की गांड से अपना मुंह हटाया और लड़की की गांड के छेद में अपनी एक उंगली घुसेड़ दी ये सीन देख कर योगेश के मुंह से एक ‘आ’ सी निकल गयी उसका लंड अब बहुत दर्द करने लगा था उसने पीछे मूंड़ कर देखा मनीषा भी बारे मजे से ये सीन देख रही थी ”यार मधु जब हम साथ में ये सब देख रहे है तो आगे पीछे बैठने का क्या मतलब है अगर एक दूसरे को देखते हुए ये फिल्म देखेंगे तो शायद ज्यादा मजा आएगा” योगेश बोला

उसकी बात सुन कर माधुरी कुछ देर सोचने के बाद बोली ”ठीक है पर तू अपनी हद में ही रहेगा कुछ उल्टा सुलटा नहीं करेगा”

”ठीक है तेरी मर्जी के बगैर मैं कभी कुछ करता भी हूँ अभी तेरे रूम में जो हुआ वो भी तो तेरी मर्जी से ही हुआ था” योगेश के ऐसा बोलते ही माधुरी को ऐसा लगा जैसे उसकी चोरी पकड़ी गई हो वो हड़बड़ा कर बोली ”ऐसा क्या हुआ था मेरे रूम में और मैंने कब तुझे कुछ करने को कहा था” माधुरी ने अपनी नज़रे झुका ली थी

”क्यों जब मैं काओदो के उप्पर से ही तेरी लंबी चौड़ी गांड में अपना नंगा लंड घुसने की कोशिश कर रहा था तब तू कैसे अपनी मोटी गांड मेरे लंड पर दबा रही थी अब ये मत बोलना के तुझे कुछ महसूस नहीं हुआ, तू तो इतनी बड़ी घाग है की तेरी पीठ पीछे भी मैं तुझे घूरता हूँ तो तुझे पता चल जाता है और तूने मुझे ऐसा करने से रोका नहीं इसका मतलब इसमें तेरी मर्जी थी, क्यों ठीक कहा ना मैंने?” योगेश ने उसे और छेड़ा

ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 13
 
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 14

मदूरी से कुछ कहते ही नहीं बन रहा था वो शर्म के मारे लगातार नीचे देखे जा रही थी उसे योगेश से ऐसी उम्मीद नहीं थी उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसे बीच बाजार नंगा कर दिया गया हो

”बोल ना चुप क्यों है” योगेश फिर बोला

”वो तेरे ऐसा करने से मुझे पता नहीं क्या हो गया था मेरा अपने आप पर कंट्रोल ही नहीं रहा था मैं सब कुछ भूल गई थी इसीलिए ये सब हो गया” माधुरी हकलाते हुए बोली

”देख मधु हम भाई बहन है इस लिए इतना सोच रहे है अगर हम अपने आप को भाई बहन ना मान कर दोस्त मानते हुए ये सब करे तो हम बहुत मजे ले सकते है” योगेश ने उसे समझाया

”देख योगेश हम आज से ही नहीं बहुत पहले से हेलो दोस्तों की तरह ही रही रहे है इस लिए अभी तक हमारे बीच अभी तक जो कुछ भी हुआ या हो रहा है वो तो ठीक है पर इस से आगे बढ़ना गलत है” माधुरी बोली

”इस से आगे से तेरा क्या मतलब है” योगेश ने पूहा

”तू इतना भोला तो नहीं है की मेरी बात का मतलब नहीं समझ सके फिर भी मैं तुझे बोल देती हूँ की मैं तेरे साथ उप्पर उप्पर से तो बहुत कुछ कर सकती हूँ पर ‘चुदाई’ के बारे में तो तू सोचना भी मत मेरी तेरे साथ वो करने की हिम्मत ही नहीं है” माधुरी बोली

”अरे यार तो मैं भी तुझे चुदाई करने के लिए कब कह रहा हूँ पर उप्पर से तो हम मजे कर ही सकते है ना” योगेश बोला

”हाँ उसके लिए तो मैं बिलकुल तैयार हूँ” माधुरी ने कहा

”तो चल यहाँ आकर बैठ जा” योगेश ने अपनी गोद की ओर इशारा किया

माधुरी कुछ सोच कर खड़ी हुई और बोली ”मैं तेरी गोद में बैठ तो जाती हूँ पर तू याद रखना सिर्फ़ उप्पर उप्पर से ही ओके”

योगेश ने हाँ में गर्दन हिला दी और माधुरी उसकी गोद में आकर बैठ गई योगेश का लंड उसके भारी कुल्हो के नीचे दब सा गया लंड का अहसास होते ही माधुरी मस्त हो गई और मस्ती में उसने आंखें बंद कर ली इधर माधुरी की गांड का दबाव अपने लंड पर पड़ते ही योगेश जैसे दुनिया को भूल गया उसने अपने होंठ माधुरी की गर्दन पर लगा दिए और अपने हाथों से उसकी भारी जांघें सहलाने लगा उधर फिल्म में भी अब चुदाई शुरू हो गई थी लड़का उस लड़की की गांड ज़ोर ज़ोर से मर रहा था माधुरी ने आंखें खोल के जब फिल्म का ये सीन देखा तो बोली ”योगेश ये लड़का तो उस लड़की की गांड मर रहा है इसमें भी मजा आता है क्या”

”क्यों जब मैं तेरे रूम में काओदो के उप्पर से ही तेरी गांड मरने की कोशिश कर कर रहा था तो क्या तुझे मजा नहीं आ रहा था क्या” माधुरी की गर्दन चूमते हुए योगेश बोला

”यार वो तो कपड़ों के उप्पर से था ना सीधे गांड में इतना मोटा लंड डालने से तो गांड फॅट ही जाती होगी”माधुरी आहें भरते हुए बोली क्योंकि अब योगेश के हाथ उसकी जांघों से उसके बूब्स पर आ गये थे और योगेश उसनको ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था मनीषा ने अपने हाथ उसके हाथों के उप्पर रख दिए और कराहते हुए बोली ”प्लीज़ धीरे धीरे दबाओ ना दर्द होता है आहह…..”

तभी योगेश ने माधुरी को खड़ा होने को कहा और उसके खड़े होते ही अपना लंड बाहर निकल लिया जो की अपनी सबसे खतरनाक स्थिति में आ चुका था फिर उसने माधुरी को अपने लंड पर बैठा लिया और एक हाथ से उसकी चुचियां सहलाते हुए दूसरे हाथ से उसकी चुत सहलाने लगा उसके ऐसा करते ही माधुरी के हाथ पैर सुन्न हो गये वो जैसे जन्नत की सैर करने लगी उसके भाई का नंगा लंड उसकी गांड में घुसने को तैयार था और उसकी चुत को उसका भाई अपनी मुठ्ठी में भिच रहा था माधुरी के मुंह से लगातार आहह…. उहह…की आवाजें निकल रही थी अब योगेश को लगने लगा था की वो अब कभी भी झाड़ सकता है पर वो झड़ने से पहले अपनी बहन की नंगी गांड को अपने लंड पर महसूस करना चाहता था इस लिए उसने माधुरी को फिर से उठने को कहा माधुरी के उठते ही उसने दोनों हाथों से माधुरी के लोवर को पैंटी सहित घुटनों तक उतार दिया और इस से पहले की वो कुछ समझ पति उसे ज़ोर से अपने लंड पर बैठा लिया उसका लंड माधुरी की गांड की दरार में धँस गया था और योगेश की उंगली माधुरी की चुत में अंदर बाहर होने लगी थी अचानक ही हुए इस हमले से माधुरी बुरी तरह चौंक गई और आहें भरते हुए बोली ”देख योगेश तूने वादा किया था की उप्पर से ही करेगा”

”बिलकुल मेरी बहन मुझे मेरा वादा याद है मैं तो सिर्फ़ झाड़ते हुए तेरी नंगी गांड को अपने लंड पर महसूस करना चाहता था इसलिए ऐसा किया” अब माधुरी भी झड़ने ही वाली थी और जैसे ही योगेश झड़ने को हुआ उसने अपनी उंगली की बढ़ता बढ़ा दी और ज़ोर का एक धक्का नीचे से मारा जिस से उसका लंड थोड़ा सा महिशा की गांड में घुस गया और वो वहीं झड़ने लगा उधर लंड के गांड में घुसने से थोड़ा दर्द तो हुआ पर लंड से निकालने वाली पिचकारियों की गुदगुदी ने उसे मदहोश कर दिया और वो भी झड़ने लगी योगेश ने अपने वीर्य से माधुरी की गांड भर दी थी और माधुरी ने अपने पानी से अपने भाई का हाथ भिगो दिया था दोनों की ही आंखें बंद थी और दोनों के ही चेहरों पर ये साफ लिखा था के दोनों को ही आज जितना मजा कभी नहीं आया था.

कुछ देर बाद दोनों नॉर्मल हुए तो योगेश माधुरी के गाल चूमते हुए बोला ” बता डार्लिंग मजा आया की नहीं”

”बहुत ज्यादा मेरी जान” ये कहती हुई माधुरी ने उसके होंठ चूम लिए और खड़ी हो कर वैसे ही नंगी गान्ड मतकते हुए रूम के बाथरूम में घुस गई उसके बाहर आने के बाद योगेश ने उसे रुकने को कहा और वो भी फ्रेश हो कर आ गया.

”अब आगे का क्या प्रोग्राम है” वो बोला

”प्रोग्राम तो तुम ही बनाना मैं रात को आ जाऊंगी” कह कर माधुरी उसे आँख मरते हुए बाहर निकल गई. योगेश ने घड़ी पर नज़र मारी तो शाम के 5 बज गये थे अब वो फिर से रात होने का इंतजार करने लगा कल उसे योगिता का इंतजार था और आज माधुरी आने वाली थी..

शाम को योसेश रूम से बाहर आया तो माधुरी और पूजा उसे कम करते दिखाई दी पर योगिता कहीं दिखाई नहीं पड़ी वो माधुरी के पास गया और उस से योगिता के बारे में पूछा तो माधुरी बोली ”योगेश उसकी तबीयत खराब है शायद फ़ीवर है पूजा बता रही थी, तू ऐसा कर उसे डॉक्टर को दिखा ला”

”ठीक है मैं देखता हूँ” कह कर योगेश उप्पर योगिता के रूम में आ गया उसने देखा की योगिता बेड पर लेती हुई थी वो भी जा कर बेड पर बैठ गया और धीरे से अपना हाथ उसके मस्तक पर रखा उसे नहीं लगा के योगिता को फ़ीवर है उसके छूने से योगिता ने आंखें खोली और योगेश को देख कर उठ कर बैठ गई

”अरे भैया आप कब आए” वो बोली

”बस अभी ही आया हूँ, मधु दीदी ने बताया की तुम्हें फ़ीवर है चलो तुम्हें डॉक्टर के पास ले चलता हूँ” योगेश बोला

”रहने दो भैया कुछ देर बाद अपने आप ही ठीक हो जाएगा” योगिता बोली

”अरे नहीं तू जल्दी से तैयार हो जा हम चलते है, जब तक तू चेंज करती है मैं नीचे तेरा इंतजार करता हूँ” कह कर योगेश उठने लगा तो योगिता ने उसका हाथ ज़ोर से पकड़ लिया और बोली ”नहीं भैया आप यही बैठो मैं तुरंत ही चेंज कर लेती हूँ प्लीज़”

”ठीक है” कह कर योगेश चुप हो गया

योगिता ने उठ कर अलमारी से अपने कपड़े निकले और बाथरूम में घुस गई लेकिन उसने दरवाजा बहड़ नहीं किया.

”भैया ज़रा इधर तो आओ”कुछ देर बाद उसने योगेश को बुलाया

योगेश उठ कर बाथरूम के बाहर खड़ा हो गया ओए बोला ”क्या बात है, क्या हुआ”

”भैया मेरे ब्रा का हुक नहीं खुल रहा है प्लीज़ खोल दोनों”वो बोली

योगेश समझ गया की योगिता क्या चाहती है उसे फ़ीवर नहीं है ये तो उसे पहले ही मालूम हो चुका था और अब ये ब्रा खोलने का बहाना ‘लगता है इसे डॉक्टर की नहीं लंड की जरूरत है’ उसने मान में सोचा और अंदर चला गया. उसने देखा की योगिता सिर्फ़ ब्रा और पैंटी पहने हुए थी और उसकी पीठ योगेश की तरफ थी.

”भैया खोलो ना” वो फिर बोली

ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 14
 
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 15

योगेश ने अपने काँपते हाथ बड़ी मुश्किल से उसकी ब्रा तक पहुंचाए और ब्रा खोलने लगा

”भैया आपके हाथ क्यों कांप रहे है” वो बोली

”अब क्या बताऊं तेरे जैसी हसीना लड़की को सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में देख कर तो पूरा शरीर कांप जाए बेचारे हाथों की तो औकात ही क्या है” वो बोला

”अच्छा भैया सच सच बताना ऐसा क्या है मेरे में” वो नशीली आवाज़ में बोली

योगेश ब्रा खोल चुका था अब योगिता की नंगी पीठ पूरी तरह से उसके सामने थी वो उसकी पीठ सहलाते हुए बोला ”क्या नहीं है तुझ में तेरी ये चिकनी चिकनी पीठ और तेरी ये पतली कमर”अब योगेश के हाथ उसकी कमर पर थे

”और” वो बोली

योगेश हिम्मत कर के अपने हाथ उसके भारी कुल्हो पर लेआा और उनको दबाते हुए बोला ”और तेरी सेक्सी गांड जो किसी भी आदमी का पानी निकल दे” वो अब लगातार ज़ोर ज़ोर से योगिता के कूल्हे दबाए जा रहा था उसका लंड पूरे उफान पर आ गया था उधर योगिता भी नशे में दुबई आहें भर रही थी.

अब योगेश ने अपना हाथ कुल्हो से हटा लिया और योगिता की पीठ से चिपक कर पीछे से उसके नंगे बूब्स पर अपने हाथ रख कर उन्हें धीरे धीरे दबाने लगा उसका लंड जैसे योगिता की पैंटी को फाड़ कर उसकी गांड में पनाह ले लेना चाहता था योहिता भी अपनी गांड में उसका लंड महसूस कर के मस्त हुई जा रही थी उसने मस्ती में आंखें बंद कर ली और हकलाते हुए बोली ”और”

”और तेरे ये प्यारे प्यारे बूब्स इन पर तो कई अपनी जान भी कुर्बान कर दे” उसके बूब्स को कस कस के दबाते हुए योगेश बोला. कुछ देर तक बूब्स दबाने के बाद उसने अपना हाथ नीचे लाना शुरू किया जैसे ही उसका हाथ पैंटी के उप्पर से चुत पर टच हुआ योगिता ने एक झटका सा खाया और बोली ”और”

”और तो अभी मैंने कुछ देखा नहीं है पर टच करने से ही पता चलता है की तेरी ये फूली हुई चुत भी कुछ कम नहीं होगी, क्या मैं इसे देख सकता हूँ” योगेश बोला

”देख सकते हो पर एक शर्त है तुम्हें भी अपना लंड मुझे दिखना होगा” योगिता ने जवाब दिया

”ठीक है” कह कर योगेश ने उसे अपनी ओर घुआंटी कर उसके होठों को अपने होठों में भर लिया और उन्हें जैसे चबाने लगा उत्तेजना के मारे उसका बुरा हाल था वो जानवरों की तरह उसके होठों को चूसता हुआ उसकी चुचियों को ज़ोर ज़ोर से मसलने लगा.

इधर योगिता भी कम नहीं थी वो भी योगेश के पेंट के अंदर हाथ डाल कर उसके लंड को ज़ोर ज़ोर से मसलने और उमेत्ने लगी जैसे वो उसे उखाड़ कर ही दम लेगी योगिता के ऐसा करने से योगेश ने भी अपना एक हाथ उसकी पैंटी के अंदर घुसा दिया और उसकी चुत को अपनी मुट्ठी में भर कर ज़ोर ज़ोर से भिचने लगा दीनों भाई बहन जैसे पागल हो गये थे दोनों ही सब कुछ भूल कर सेक्स की दुनिया में खो चुके थे.

कुछ देर बाद योगेश ने चुत को अपनी मुट्ठी से आज़ाद किया और उसमें अपनी एक उंगली डालते हुए धीरे से योगिता के कान में बोला ”योगिता मेरा लंड आज तक प्यासा है क्या मैं तुझे चोद कर उसकी प्यास बुझा सकता हूँ”

”भैया चुत तो मेरी भी प्यासी है और मैं भी तुम्हारे लंड के पानी से उसकी प्यास बुझाना चाहती पर ये अभी कैसे हो सकता है” योगिता बोली

”तू एक कम कर तू जल्दी से तैयार हो जा हम डॉक्टर को दिखाने के बहाने से बाहर चलते है और उधर ही कही अपनी प्यास बुझाने का इंतजाम कर लेंगे ठीक है” योगेश बोला

”ठीक है भैया आप चलो मैं आती हूँ” योगिता ने जवाब दिया

योगेश अपनी सोचो में डूबा अपने लंड को अंदर करता हुआ उसके रूम से बाहर आ गया अगर आज उसकी किस्मत ने साथ दिया तो आज उसे एक कोरी कचल सील पैक चुत फाड़ने को मिल ही जानी थी मान में ऐसा सोचते हुए वो नीचे आ गया

योगेश नीचे आया और उसने अपनी फोर वीलर निकल ली वो जनता था के बाहर उसे चुदाई करने के लिए कोई मुनासिब जगह नहीं मिलने वाली है इसलिए वो गाड़ी में ही अपनी जिंदगी की पहली चुदाई कर लेना चाहता था कुछ देर बाद योगिता नीचे आई तो योगेश माधुरी से बोला ”दीदी हम लोग डॉक्टर के पास जा रहे है”

”ठीक है जल्दी आना” माधुरी बोली

तभी पूजा योगिता के पास आई और योगिता से इशारे में पूछा की क्या हुआ योगिता ने भी इशारे से ही उसे समझा दिया की सब ठीक है पूजा इतनी खुश हुई की उसने योगिता को गले लगा लिया ये देख कर योेश पूजा से बोला ”तू तो इस से ऐसे गले मिल रही है जैसे ये हॉस्पिटल नहीं ससुराल जा रही हो”

”वो भैया इसे इंजेक्शन से डर लगता है ना इसलिए इसे दिलासा दे रही थी” पूजा बोली जब की मान में तो वो सोच रही थी की ‘ससुराल भले ही नहीं जा रही पर सुहागरात मानने तो जा ही रही है’

”तू चिंता मत कर मैं हूँ ना मैं इसे सामने रही कर आराम से इंजेक्शन लाग्वौनगा” योगेश बोला

‘लाग्वौनगा या लगौँगा’ पूजा ने मान में कहा

इसके बाद योगेश और योगिता गाड़ी में बैठ कर निकल गये ‘हे कितनी किस्मत वाली है योगिता आज उसे चुदाई का मजा मिलने वाला है’ ये सोचते हुए पूजा कम में लग गई

उधर गाड़ी में योगेश ने योगिता को देखा जैसे ही दोनों की नज़रे मिली तो योगिता ने शर्म से अपनी आंखें झुका ली

”ऐसे क्या शर्आंटी रही है अगर ज्यादा शर्म आ रही है तो हम नहीं करते कुछ वैसे ही घर लौट जाते है” योगेअः ने उसे चीढ़या

”नहीं भैया ऐसी बात नहीं है मैं बिलकुल भी शर्आंटी नहीं रही, पर हम ये सब करेंगे कहाँ” वो बोली

”तू इसकी चिंता मत कर ये हमारी गाड़ी कब कम आएगी” योगेश बोला

”लेकिन गाड़ी में कैसे हो पाएगा ये सब” योगिता बोली

”तू चिंता मत कर मैं सब कर लूँगा” योगेश बोला

कुछ दूर जाकर योगेश ने एक दुकान से क्रीम का ट्यूब लिया और गाड़ी फिर आगे बढ़ा दी ट्यूब देख कर योगिता ने पूछा ”भैया ये क्यों लिया”

”तेरी कुंवारी चुत को चोदने के लिए तैयार करने के लिए” योगेश बेशर्मी से बोला

योगिता ने फिर शर्आंटी गई.

शहर से बाहर निकलते ही योगेश ने गाड़ी एक कच्चे रास्ते पर डाल दी थोड़ी देर चलने के बाद एक जंगल की शुरूआत हो गई थी इस ओर कोई और बस्ती नहीं थी इस लिए इधर लोगों का आना जाना कम ही होता था बस कुछ लकड़ी काटने वाले ही कभी कभार इधर आजाते थे योगेश ये अच्छे से जनता था

कुछ आगे जा कर घनी झाड़ियों का सिलसिला शुरू हो गया योगेश ने गाड़ी रोकी और नीचे उतार कुछ देखने लगा दूर एक पेड़ो का झुर्मुट नज़र आ रहा था योगेश ने गाड़ी में बैठ कर गाड़ी चालू की और गाड़ी उस पेड़ो के झुर्मुट के अंदर ले जा कर खड़ी कर दी अब यहाँ पर बाहर से गाड़ी नज़र नहीं आ सकती थी सब अच्छे से चेक करने के बाद योगेश बोला ”अब हमें अपना कम शुरू करना चाहिए”

”लेकिन भैया यहाँ कोई आ तो नहीं जाएगा” योगिता ने चिंता करते हुए पूछा

”तूने देखा नहीं कितनी उजाड़ और वीरान जगह है इधर कोई भी नहीं आने वाला और फिर मैंने गाड़ी भी ऐसी जगह खड़ी की है की किसी को आसानी से नज़र भी नहीं आएगी,अब तू ज्यादा चिंता मत कर जो करने आए है जल्दी से वो कम पूरा कर वरना घर पहुँचने में लेट हो जाएँगे” इतना कह कर योगेश ने योगिता के होठों से होंठ जोड़ लिए योगिता भी उसका साथ दे रही थी योगेश उसके होठों को चूमते हुए उसके बूब्स को जोरों से दबाने लगा योगिता ने भी अब उसका लंड पकड़ कर उसे मसलना शुरू कर दिया था.

दोनों भाई बहन कुछ देर पहले घर में हुए प्रोग्राम से वैसे ही बहुत गरम हुए पड़े थे और अब चुदाई करने का मौका मिलने से उनकी आग काफी भड़क गई थी योगेश अब देरी नहीं करना चाहता था उसने योगिता को बीच की सीट पर आने का इशारा किया और खुद भी वहाँ जा कर अपना पेंट उतरने लगा योगिता पहले ही सब तैयारी कर के आई थी उसे पता था की कपड़े उतरने पड़ेंगे इस लिए वो पहले ही एक स्कर्ट और टॉप पहन कर आई थी अंदर उसने कुछ भी नहीं पहना था वो सीट पर बैठ गई और योगेश की ओर देखने लगी योगेश अब सिर्फ़ टी-शर्ट में था नीचे से वो पूरा नंगा हो चुका था और उसका लंड खड़ा हो कर उसके पेट से चिपक चुका था

”तू भी अपने कपड़े उतार ना” वो बोला

ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 15
 
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 16

योगेश की बात सुन कर योगिता ने अपना टॉप उतार दिया जिस से उसकी बड़ी बड़ी चुचियाँ उछाल कर बाहर आगाई फिर उसने अपनी स्कर्ट उप्पर अपनी कमर तक उठा ली जिस से उसकी नंगी चुत नज़र आने लगी.

”वो रही मेरी बहन कीटि समझदार है तू” कह कर योगेश उसके सामने आ गया और अपना मुंह ुआकी चुत पर रख दिया और उसे चाटने लगा मस्ती में आकर योगिता ने उसका सर अपनी चुत में दबा लिया योगेश कुछ देर ऐसे ही करते रहा तो योगिता बोली ”भैया अब बर्दाश्त नहीं होता जो करना है जल्दी करो”

योगिता के ऐसा कहने से योगेश उठा और क्रीम का ट्यूब खोल कर उसने बहुत सारी क्रीम अपने लंड पर लगा ली और बची हुई क्रीम अच्छे से योगिता की चुत पर माल दी फिर उसने योगिता की दोनों टाँगे उठा कर उसकी छाती से टीका दी जिस से उसकी चुत खुल कर बाहर आ गये अब उसने अपने लंड को हाथ से पकड़ कर योगिता की चुत के मुंह पर सेट किया और धीरे से दबाव बढ़ाया पर चिकना होने के कारण लंड फिसल गया उसने दो तीन बार और ऐसा ही किया पर हर बार नतीजा यही निकला पहली बार चुत चोदने के तनटीओं से वैसे ही उसके पैर कांप रहे थे और उस पर साला लंड बार बार फिसल रहा था उसे बहुत गुस्सा आ रहा था अब उसने फैसला कर लिया की योगिता को दर्द हो तो हो वो अब धीरे से नहीं ज़ोर से ही धक्का लगाएगा ये सोच कर चुत के मुंह पर लंड सेट किया और उसे हाथ से पकड़े पकड़े ही एक ज़ोर का धक्का मारा चिकना होने के कारण एक चौथाई योगिता की चुत में घुस गया जैसे ही लंड चुत में घुसा योगिता की चीख ने सारे जुंगुल को तर्रा दिया ”ऊऊमाआआ……….मर गई रीई………..”

योगिता की चीख सुनते ही योगेश ने उसका मुंह दबा दिया जिस से योगिता की आवाज़ अब उसके मुंह में ही घुट गई योगिता की आंखों से आँसू बहने लगे और वो योगेश को पीछे धकेलने लगी लेकिन योगेश भी पूरी ताक़त लगाए दाता हुआ था योगिता दर्द के मारे छटपटा रही थी और उसका विरोध बढ़ता ही जा रहा था योगेश को पता था की जो करना है अभी ही करना है वरना क्या पता बाद में योगिता दर्द से डर के कभी छुड़ाने को तैयार ही ना हो उसने एक ज़ोर का धक्का और मारा जिस से आधे से भी ज्यादा लंड चुत में घुस गया योगिता की सील अब टूट चुकी थी और उसकी चुत से बहुत खून बहने लगा था इस धक्के से योगिता की आंखें फॅट गई वो विरोध करना चोद एकदम ठंडी पड़ गई योगेश ने एक धक्का और मारा अब उसका पूरा लंड चुत में घुस गया था अब उसका ध्यान योगिता की तरफ गया उसे ऐसा देख योगेश ने उसका सर पकड़ कर हिलाया अचानक जैसे योगिता होश में आई और फिर रोते हुए बोली ”प्लीज़ भैया अपना लंड बाहर निकल लो बहुत दर्द हो रहा है मुझे नहीं करनी ये चुदाई उड़ाई प्लीज़ भैया बाहर निकल लोना” योगिता को ऐसे गिड़गिड़ाते देख योगेश ने उसे समझाया ”देख योगिता पहली बार में तो दर्द होता ही है और अब तो लंड भी पूरा अंदर जा चुका है थोड़ी देर में ही दर्द खत्म हो जाएगा फिर देखना कितना मजा आता है”

उसकी बात सुन कर योगिता कुछ शांत हुई फिर योगेश उसके बूब्स दबाते हुए उसके होठों को चूसने लगा लगभग 5 मिनट ऐसा करते रहने से योगिता का दर्द काफी कम हो गया था अब वो भी योगेश का साथ देने लगी थी अब योगेश ने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए धीरे धीरे योगिता को भी मजा आने लगा और वो भी नीचे से कमर उछलकर साथ देने लगी अब योगेश ने ज़ोर ज़ोर से धक्के मरने शुरू कर दिए ”ले मेरी बहन ले बहुत मस्ती थी ना तेरी गांड में छुड़ाने की, ले और ले आज मैं तेरी चुत का भोसड़ा बना कर ही चूड़ूँगा, ले साली ले”योगेश मस्ती में बोला

”आहह……भैया चोदा और ज़ोर ज़ोर से चोदा फाड़ दो मेरी चुत को साली मुझे चैन से रहने ही नहीं देती थी आज मिटा दो इसकी खुजली को फिर तुम्हें ऐसी ही एक चुत की खुजली को भी मिटाना है” योगिता बोली

”किसकी चुत की बात कर रही है तू” योगेश बोला

”पूजा की चुत की भैया साली की चुत में तो मेरे से भी ज्यादा मस्ती है छुड़ाने की” योगिता बोली

पूजा का नाम सुनते ही योगेश और भी ज़ोर से धक्के लगाने लगा और बोला ”क्या कह रही है तू क्या पूजा भी मुझ से चुदवाना चाहती है”

”हाँ भैया वो भी आपसे चुदवाना चाहती है, और उसे हमारे बारे में सब पता है ये भी की अभी हम चुदाई कर रहे होंगे ये सारा प्लान ही उसने बनाया था मेरी तबीयत खराब होने का” योगिता बोली

”ठीक है उसके बारे म्ड बाद में देखेंगे पहले तू तो अच्छे से चुदाया ले” योगेश बोला

और अब दोनों ज़ोर ज़ोर से मजे के साथ चुदाई करने लगे लगभग 10 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद दोनों ही झाड़ गये योगेश ने अपने वीर्य से योगिता की चुत को पूरा भर दिया था.

थोड़ी देर बाद दोनों ने अपने कपड़े और हालत ठीक किए और घर की ओर निकल गये

योगेश और योगिता दोनों ही घर पहुँचे योगोटा अपनी पहली चुदाई के दर्द के मारे ठीक से चल भी नहीं पा रही थी उसकी चल में एक लंगड़ाहट आ गई थी जब दोनों घर पहुँचे रात के 8 बज गये थे मदूरी और पूजा दोनों ही कम खत्म कर के हाल में बैठी टीवी देख रही थी वो दोनों ही योगिता को लंगदाते देख कर एक साथ ही बोल पड़ी ”अरे तुझे क्या हुआ”

उनकी बात सुनकर योगिता से कुछ बोलते ही नहीं बना उसे समझ ही नहीं आ रहा था के वो क्या जवाब दे.

”अरे तू कुछ बोलती क्यों नहीं क्या हुआ है तुझे और इतना टाइम क्यों लगा दिया” माधुरी ने चिल्लाते हुए पूछा

”वो दीदी योगिता के पैर में मोच आ गई है इस लिए ये ऐसे लंगड़ा कर चल रही है और इसी लिए हम लेट भी हो गये है” योगेश बात संभलता हुआ बोला

”ये लास्की भी ना, ज़मीन पर तो रहती ही नहीं है आसमान को ही देख कर चल रही होगी तभी ठोकर कहा कर मोच आई होगी, अब भुगत. चलो ठीक है अब तुम दोनों ही फ्रेश होकर आ जाओ जब तक मैं खाना लगती हूँ” कह कर माधुरी अंदर चली गई

”दीदी सच में मोच आई है या भैया के इंजेक्शन की वजह से ये हाल है” पूजा ने योगिता से पूछा

उसकी ऐसी बात सुनकर योगिता ने शर्म से सर नीचे झुका लिया और योगेश अपने रूम में जाने लगा

”भैया मुझे भी फाइवर हो गया है मुझे इंजेक्शन कब लगा रहे हो” पूजा ने उसे छेड़ा

”तू अभी बहुत छोटी है सोच जब योगिता का ये हाल है तो तेरा क्या होगा” योगेश मूंड़ कर बोला

”उमर में भले ही मैं इससे छोटी हूँ लेकिन बाकी सब में इससे बहुत बड़ी हूँ अगर यकीन ना आए तो खुद ही देख लो” कहते हुए पूजा ने अपनी छाती बाहर की ओर निकल ली जिस से उसके बारे बारे बूब्स और भी बारे लगने लगे उसे ऐसे देख योगेश का मुंह खुला का खुला रही गया वो बगीर जवाब दिए ही उप्पर की तरफ भाग लिया.

”चल अब तू बता कैसी रही तेरी पहली चुदाई” पूजा ने योगिता से पूछा

”अभी पहले मुझे फ्रेश हो कर खाना कहा लेने दे फिर रूम में चल कर तुझे सब बताती हूँ ठीक है” कह कर लंगदाते हुए योगिता उपी चली गई

‘साली बहुत किस्मत वाली है आख़िर चुदाया ही लिया भैया से ठीक है तेरे बाद ही सही पर मैं भी भैया से चुदाया ही लूँगी’ अपने मान में सोचते हुए पूजा भी माधुरी के पास जा कर खाना लगाने लगी

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खाना खाते और बाकी सारे कम निपटाते निपटाते रात के 10 बज चुके थे योगिता और पूजा अपने रूम में जा चुकी थी योगेश अपने रूम में लॅपटॉप ले कर बैठा हुआ था और माधुरी भी अपने रूम में फ्रेश हो रही थी वो अभी फिर योगेश के रूम में जाने वाली थी दोपहर में जो भी हुआ था उसमें उसे बहुत मजा आया था वो फिर से वही मजा लेना चाहती थी लेकिन उसे डर भी लग रहा था की कहीं बात चुदाई तक ना पहुँच जाए वैसे वो चुदवाने के लिए तैयार थी पर वो चाहती थी की जो कुछ भी हो वो धीरे धीरे हो ताकि उसके भाई को ऐसा ना लगे की उसकी बहन कितनी चुदसी है अब वो अच्छे से तैयार हो गई थी उसने अभी एक छोटी सी नाइटी पहनी थी जो की बड़ी मुश्किल से उसके घुटनों तक आ रही थी और नाइटी का गला बहुत बड़ा था जिस से उसके बूब्स बिलकुल भी नहीं चुप रहे थे और जैसे उनमें होड़ लगी थी की पहले कौन बाहर आएगा उसने अपने आपको आने में देखा तो उसे खुद यकीन नहीं आया की वो इतना हॉट माल है ‘ले बेटा योगेश आज तो मैंने तेरी गांड फाड़ने का फुल इंतजाम कर लिया है बच्चा सकता है तो बच्चा अपनी गांड फटने से’ ये सोचते हुए वो अपना रूम लॉक कर के योगेश के कमरे में आ गई उसने कमरे में घुसते ही दरवाजा बंद किया और चुपके से योगेश के पीछे जा कर देखने लगी की वो क्या कर रहा है.

ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 16
 
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 17

योगेश अपने लॅपटॉप में इतना मग्न था के उसे माधुरी के आने का पता ही नहीं चला वो नेट पे एक अडल्ट स्टोरी की साइट खोले एक भाई बहन की चुदाई की कहानी पढ़ रहा था जिसमें एक बड़ी बहन अपने छोटे भाई को ब्लैक मैल कर के उस से चुदवाती है माधुरी भी वो कहानी पढ़ने लगी उसने आज तक ऐसी कहानी नहीं पढ़ी थी उसे कहानी पढ़ के बहुत मजा आने लगा एक्शैतमेंट में उसकी चुत गीली होने लगी उसने देर ना करते हुए अपनी एक उंगली अपनी गोरी चिकनी चुत में घुसेड़ ली और कहानी पढ़ते हुए अंदर बाहर करने लगी योगेश ने भी अपना लंड बाहर निकल लिया और वो भी अब धीरे धीरे अपना लंड सहला रहा था उसका लंड देख कर अचानक माधुरी के मुंह से आ निकल गई आ की आवाज़ सुनते ही योगेश ने चौंकते हुए मुड़कर पीछे देखा तो मदूरी को खड़ा पाया तभी उसकी नज़र चुत में उंगली करते माधुरी के हाथ पर पड़ी तो उसके होठों पर एक मुस्कान तैयार गई

”तू लब आई, मेरी तो गांड ही फॅट गई थी तेरी आवाज़ सुन कर” योगेश बोला

अब माधुरी ने अपना हाथ पैंटी से बाहर निकल लिया था वो थोड़ा आगे बड़ी और योगेश के लंड को घूरते हुए बोली ”ये क्या गंदी गंदी कहानियां पढ़ रहा है तू ऐसा भी कहीं होता है की भाई बहन आपस में चुदाई करते हो”

”देख मधु एक बात तो तुझे माननी ही पड़ेगी की धुआँ वहीं से उठता है जहाँ आग होती है यदि ऐसा नहीं हुआ होता तो ये इतनी सारी कहानियां कहाँ से बनती हाँ ये बात अलग है के हर घर में ऐसा नहीं होता पर बहुत से घरो में तो ये होता ही है और हम भी तो भाई बहन हो कर ये करना चाहते है और तू अगर इसे गंदा कहती है तो तू क्यों ये कहानी पढ़ कर अपनी चुत में उंगली कर रही थी अब झूठ मत बोलना मैंने देख लिया है तुझे ऐसा करते हुए” कह कर योगेश अपने लंड पर हाथ फेरने लगा

”ऐसा करना तू चाहता है मैं नहीं समझा, मैं तो बस उप्पर से ही ये सब करना चाहती हूँ” कहकर माधुरी फिर से योगेश के लंड को घूरने लगी

”ऐसे क्या घूर रही इसे, क्या कहा ही जाएगी आंखों से’ योगेश बोला

तभी माधुरी ने एक कुर्सी खींची और उस पर बैठने लगी तो योगेश ने उसका हाथ पकड़ कर उसे खींच लिया और अपनी गोद में खड़े लंड पर बिता लिया लंड ने सीधे माधुरी की गांड पर दस्तक दी ‘आहह….’ उसके मुंह से सिसकारी निकली उसके बूब्स अब बिलकुल योगेश के मुंह के पास थे योगेश का मान कर रहा था के वो इन बारे बारे बूब्स को कच्चा चबा जाए योगेश ने माधुरी की दोनों टांगों को अपनी जांघों से नीचे लटका दिया और नाइटी के उप्पर से ही माधुरी के बूब्स को चूसने लगा माधुरी भी अब पूरी मस्ती में आ गई थी वो भी अब योगेश के सर को अपनी छाती में दबाते हुए उसके बालों में उंगली फेरने लगी.

”हाय मधु क्या चुचियां है तेरी पूरा दीवाना बना दिया है मुझे मान करता है दिन रात इन्हें चूसता ही रहूं” ज़ोर ज़ोर से माधुरी की चुचियों पर अपना मुंह चलते हुए योगेश बोला

”और क्या मान करता है तेरा” माधुरी भी अपनी गांड उसके लंड पर दबाते हुए बोली

”और तेरी गांड को देख कर तो ऐसी इच्छा होती है की एक झटके में ही उसमें पूरा लंड घुसा कर इतनी ज़ोर ज़ोर से चोद उसे की पूरी फॅट जाए” योगेश ने जवाब दिया

”सिर्फ़ गांड ही छोड़ण्द की इच्छा होती है चुत नहीं” माधुरी ने पूछा

”अभी मैंने सिर्फ़ गांड देखी है इसलिए अभी तो सिर्फ़ उसे चोदना चाहता हूँ अगर तुम चुत भी दिखा दो और वो मुझे पसंद आ गई तो उसे भी वैसे ही चोदना चाहूँगा” योगेश ने कहा

”लेकिन तेरी ये इच्छा कभी भी पूरी नहीं होगी” माधुरी ने उसे चिड़या

”क्यों” योगेश ने पूछा

”बस मेरी मर्जी नहीं है और वैसे भी हम जितना कुछ कर रहे है वही काफी है” माधुरी बोली

अब योगेश ने माधुरी को अपने ज़्ड अलग कर दिया और बोला ” जब तेरी कुछ भी करने की मर्जी नहीं है तो क्यों आई है तू यहाँ, जा अपने रूम जा और करती रही अपनी चुत में उंगली मेरा क्या है मैं तो बाहर कोई ना कोई पता ही लूँगा चोदने के लिए पर तेरा क्या होगा शादी होने तक उंगली से ही कम चलना पड़ेगा” और लॅपटॉप पर कहानी पढ़ने लगा

माधुरी को योगेश से ये उम्मीद नहीं थी की वो उसे इस तरह से जाने को कहेगा बल्कि वो तो ये सोच रही थी की योगेश उसकी मिन्नटे करेगा और उसे मनाएगा पर यहाँ तो उल्टा ही हो गया था उसने सोचा अब कैसे बिगड़ी बात जाए कुछ सोचने के बाद वो बोली ”क्या यार तू तो बुरा मान गया, देख अपने इस रिश्ते की वजह से मैं तुझ से चुदवाने में हिचकिचाती हूँ एक बहन अपने भाई का लंड कैसे अपनी चुत में ले सकती है?”

”चुत में ना सही गांड में तो ले सकती है” योगेश ने फिर उसे झटका दिया

”क्य्ाआआअ…” वो चूँकि

”हाँ गांड में तो ले सकती है ना चुदाई तो चुत की होती है ना गांड को तो मारा जाता है अब अगर तू अपने भाई से छुड़ाने में हिचकिचाती है तो गांड तो मरवा ही सकती है ना इसमें तो कोई प्राब्लम भी नहीं होनी चाहिए तुझे” योगेश बोला

अब माधुरी की हालत बड़ी खराब हो गई थी की वो क्या जवाब दे अगर वो हाँ कहती है तो गाड़ मारनी पड़ेगी और ना कहती है तो ये जो मजे उसे मिल रहे है वो आज से खत्म कुछ देर तक वो सोचने लगी फिर वो बोली ”लेकिन योगेश गांड मरवाने में तो बहुत दर्द होता होगा ना और देख तो तेरा लंड भी कितना बड़ा और मोटा है ये तो मेरी गांड ही फाड़ डालेगा”

”नहीं फटती गांड तूने खुद तो देखा है बाय्फ्रेंड में सभी लड़कियां चुत के साथ गांड भी माएवटी है उनकी गांड फटती है क्या हाँ पहली बार में थोड़ा सा दर्द जरूर होता है पर बाद में तो मजे ही मजे है” योगेश बोला

माधुरी को फिल्आंटी में देखी हुई गांड मराई की याद आ गई कैसे मजे से वो सारी लड़कियां अपनी गांड मरवती है पर योगेश मेरा भाई है उसके साथ मैं ऐसा कैसे कर सकती हूँ उसका दिमाग बोला ‘तो अभी जो वो कर रही है वो भी क्या भाई के साथ किया जाता है और चुदवाने और गांड मरवाने में बहुत अंतर है’उसके दिल ने जवाब दिया कुछ देर ऐसे ही सोचने के बाद उसने फैसला कर लिया और बोली ”ठीक है पर आराम से और जब तक मैं ना काहु तब तक तुम मेरी गांड में लंड नहीं डालोगे”

”ये क्या बात हुई ऐसे तो तुम साल भर भी नहीं बोलॉगी तो”योगेश बोला

”मैं आज की बात कर रही हूँ चूतिया” माधुरी बोली

उसकी बात सुनकर योगेश का चेहरा खिल उठा आख़िर आज उसे उसकी मान पसंद गांड मरने को मिलने वाली थी वो उत्ता और उसने माधुरी को गोद में उठा लिया और बेड पर पटक कर बोला ”शुभ कम में देरी क्यों” एर वो माधुरी को जानवरों के जैसे झिझोड़ने लगा और उसके होंठ चूसने लगा उसका लंड अभी तक बाहर ही था जो की लगातार माधुरी की चुत से टकरा रहा था माधुरी ने मस्ती में आंखें बंद कर ली थी योगेश ज़ोर ज़ोर से उसके बूब्स दबाए जा रहा था थोड़ी देर बाद योगेश बोला ”चल कपड़े उरर ले” और वो अपने कपड़े उतार कर नंगा हो गया. माधुरी कपड़े उतरने में शर्आंटी रही थी वो आहें बंद कर के बोली ”मुझे शर्म आती है तू ही उतार ले”

”वो रही मेरी बहन गांड मरवाने में शर्म नहीं आएगी पर कपड़े उतरने में शर्म आ रही है चल खड़ी हो मैं ही उतार देता हूँ” कह कर योगेश ने उहे खड़ा किया और उसके कपड़े उतरने लगा जैसे ही माधुरी पूरी नंगी हुई योगेश की आंखें फटी की फटी रही गई आज वो पहली बार उसे नंगी देख रहा था क्या जिस्म था उसका अगर कोई बुड्ढा भी उसे ऐसे देल् ले तो उसका भी लंड फुल टाइट हो जाए जिन चुचियों का वो दीवाना था वो एकदम कठोर हो कर टन के खड़ी थी जैसे वो योगेश को इन्वाइट कर रही हो दबाने और चूसने के लिए माधुरी का चिकना और सपाट पेट और उसकी नाभि ने तो जैसे योगेश को मंत्र मुग्ध कर दिया था उसकी नज़र वहाँ से हटने का नाम ही नहीं ले रही थी फिर जैसे ही उसकी नज़र थोड़ा नीचे गई तो वहाँ का सीन देख कर तो योगेश का लंड दर्द करने लगा क्या चुत टनी गोरी गोरी छकनी सी एकदम क्लएअनष्वेद जिसकी दोनों पंखुड़िया खुल बंद हो रही थी योगेश धीरे से नीचे बेटा और उसने माधुरी की कुंवारी चुत पर धीरे से एक किस की और माधुरी को उल्टा घुआंटी दिया अब उसके सामने उसके सपनों की रानी उसकी बहन की बड़ी गांड थी माधुरी के दोनों चूतड़ किसी बारे तरबूज की तरह नज़र आ रहे थे उसकी गांड की दरार एकदम चिपकी हुई थी योगेश ने अपने काँपते हाथ उन भारी भारी कुल्हो पर रखे और उन्हें ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा कुछ देर कुल्हो से खेलने के बाद उसने अपने दोनों हाथों से माधुरी के दोनों चूतडो को अलग कर के उनकी दरार देखने लगा तो योगेश को उसकी गांड का छेद दिखाई दिया बिलकुल लाल सा होल देख कर योगेश ने वहाँ अपना मुंह लगा दिया और अपनी जीभ से उसे छेड़ने लगा ऐसा करते ही माधुरी के मुंह से सिसकारी निकल गई ”नहीं भैया वहाँ जीभ मत लगाओ वो जगह गंदी होती है” वो बोली

”तुझे क्या पता ये तो मैं ही जनता हूँ की ये जगह कितनी सुन्दर है मेरे लिए तो ये जन्नत से कम नहीं है” कह कर योगेश उत्ता और माधुरी को बेड पर लिटते हुए उसके उप्पर आ गया और उसके होंठ चूसते हुए ज़ोर ज़ोर से उसके बूब्स दबाने लगा और उसका लंड बार बार माधुरी की चुत से टकराने लगा माधुरी जैसे मदहोश हो गई थी ना चाहते हुए भी उसका हाथ योगेश के लंड पर पहुंच गया और वो उस को अपनी मुट्ठी में भर कर दबाने लगी थोड़ी देर ऐसा करने के बाद योगेश माधुरी के बूब्स को अपने मुंह में भर कर चूसने लगा माधुरी भी नशे जैसी हालत में उसका सर अपनी छाती पर दबा रही टनी फिर धीरे धीरे योगेश माधुरी के पेट और नाभि को चूमने लगा और उसने अपनी एक उंगली माधुरी चुत में घुसा दी माधुरी को जैसे करेंट लगा वो अपने पैर पताकने लगी इतना मजा उसे आज तक नहीं आया था अब योगेश तेजी से अपनी उंगली अंदर बाहर करने लगा माधुरी की चुत से जैसे नदी बहने लगी टनी अब योगेश ने अपना मुंह उसकी चुत पर रख दिया और अपनी जीभ से उसकी चुत को चाटने लगा माधुरी ने पूरी ताक़त से बेड शीत को भींच अपनी मुत्ठियो में भर लिया उसे झटके पर झटके लगने लगे अचानक ही वो धीरे से चीख पड़ी क्योंकि योगेश ने अपनी एक उंगली उसकी टाइट गांड के अंदर घुसेड़ दी थी

”आहह…. भैया उंगली निलालो ना बहुत दर्द हो रहा है” माधुरी बोली

”साली रंध एक ज़रा सी उंगली में ही तेरी गांड फॅट रही है तो जब मेरा ये सांड जैसा लंड तेरी गांड में घुसेगा तो तिरी क्या हालत होगी बहन की लौदी” योगेश अब उत्तेजना में गंदे वर्ड और गलियों का उपयोग करने लगा था

”ये कौन सी भाषा बोल रहे हो भैया और गलिया क्यों दे रहे हो” माधुरी ने उसे टोका

ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 17
 
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 19

”आबे तू मेरा कम करना चाहती है या अपना ही जुगाड़ लगा रही है” मनीषा बोली

”देख मनीषा मुझे तो यही आइडिया सही लग रहा है अगर तुझे पसंद नहीं है तो मैं नहीं चलती तेरे साथ” टीना ने उसे धमकाया

मनीषा ने कुछ देर तक सिचा और बोली ”ठीक है मुझे मंजूर है पर योगेश से पहले मैं ही चुदवाएगी तुम्हारा नंबर बाद में आएगा ओ.के”

”ठीक है मुझे मंजूर है अब मैं मुम्मी को पटती हूँ तेरे साथ जाने के लिए” टीना ने कहा और दोनों ही उत्त् कर अंदर चली गई

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उधर योगेश के घर

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सुबह हो चुकी थी सभी भाई बहन उत्त् कर फ्रेश हो चुके थे मदूरी को कल रात की गांड मराई से बहुत दर्द हुआ था जिसके कारण आज उसकी चल में भी हल्की लंगड़ाहट थी उसे ऐसे लंगदाते देख पूजा की आंखें सिकुड़ गई थी जब सभी लोग नाश्ता करने बैठे तो उसने माधुरी से पूछा ”दीदी क्या हुआ कल योगिता लंगड़ा रही थी आज आप”

”लगता है मुझे योगिता की नज़र लग गई थी रात को ही मेरे पैर में भी मोच आ गई थी” माधुरी ने मुस्कुराते हुए कहा

पूजा को उसकी बात कुछ हजम नहीं हुई योगिता के बर्ड में तो वो जानती थी की वो चुदाया कर आई है और माधुरी पर तो उसे पहले ही शक था की वो योगेश को पता रही है उसने तिरछी नज़रो से योगेश की ओर देखा वो माधुरी की तरफ देख कर मुस्करा रहा था अब पूजा को पक्का यकीन हो गया था की रात को योगेश ने माधुरी को भी थोक दिया है पर वो ये बात कन्फर्म कैसे करे तभी उसे एक आइडिया आया के योेश से तो वो वैसे भी कल शाम को थोड़ा खुल ही गई थी क्यों ना उसे ही ब्लूफ मर कर सच्चाई का पता लगाया जाए ये सोच कर वो चुप चाप नाश्ता करने लगी………..

नाश्ता खत्म करने के बाद योगिता और माधुरी अपने अपने रूम में चली गई थी नहाने के लिए और योगेश हॉल में बैठ कर टीवी देख रहा था तभी पूजवाहँ आई और उसके साइड में उस से चिपक कर बैठ गई योगेश को पता था की पूजा उसकी और योगिता की चुदाई के बारे म्व जानती थी इस लिए वो पूजा से कुछ झेंप रहा था और नज़रे भी नहीं मिला रहा था पूजा उस से इस तरह चिपक कर बैहठी थी उसकी एक चूची योगेश की बाँह से रगड़ कहा रही थी योगेश भी उसकी चूची को अच्छे से महसूस कर रहा था लेकिन कुछ बोल नहीं रहा था

”क्या भैया बहुत फास्ट जा रहे हो एक ही दिन में दो-दो बहनों को मोच ला दी” पूजा बोली

”क्या कह रही है तू मैंने क्या किया है” बड़बड़ाते हुए योगेश बोला

”देखो भैया योगिता के बारे में तो मैं जानती ही हूँ के कल शाम को आप ने उसे अपना इंजेक्शन लगा दिया है पर रात को ही आप माधुरी दीदी को भी निपटा देंगे इसकी मुझे उम्मीद नहीं थी” टीना ने उसे और चुनकाया

”ये क्या अनप शनाप बोल रही है तू, हाँ योगिता के साथ मैं कर चुका हूँ पर तू माधुरी के बारे में ऐसा कैसे बोल सकती है” योगेश ने सफाई दी

”भैया मुझे बेबकुफ़ समझते हो क्या माधुरी दीदी रात को कहाँ कबड्डी खेलने गई थी जो उन्हें मोच आ गई ये सब आप का ही करा धारा है वैसे मैं नहीं समझती की इसमें आपकी कोई गलती है क्यों की मुझे पता है की आपने माधुरी दीदी को नहीं उसने आपको ये सब करने के लिए मजबूर किया है”पूजा बोली

”तू क्या कह रही है मेरी समझ में तो कुछ भी नहीं आ रहा है” योगेश झुंझलता हुआ बोला

”सुनो भैया मैं आपको सब बताती हूँ” कह कर पूजा ने पहले जो भी माधुरी और योगेश के बीच होते हुए देखा था की कैसे माधुरी योगेश को अपनी गांड दिखा के सेदुएस करती थी और फिर अचानक ही पलट कर योगेश को घूरने लगती थी और भी उसने जो भी देखा था सब योगेश को बता दिया फिर बोली ”अब बोलो भैया ये सब हुआ है के नहीं”

पूजा की बातें सुनकर योगेश हैरान रही गया की कितनी खड़ूस है उसकी सबसे छोटी बहन जिसने ये छोटी छोटी बातें भी पकड़ ली वो कुछ नहीं बोला तो पूजा ने फिर पूछा ”बोलो ना भैया मैंने सही कहा हैईना”

”हाँ तूने सही कहा है पर इसका मतलब ये तो नहीं की मैंने उसे चोद ही दिया है” योगेश ने बोल तो दिया लेकिन उसे बाद में ध्यान आया के उसके मुंह से क्या निकल गया है. उधर पूजा भी अपने भाई के मुंह से चोद जैसा वर्ड सुन कर दंग रही गई

”अब आ रहे हो ना अपने असली रूप में मैं झूठ में ही ये नहीं बोल रही ही की तुमने माधुरी दीदी को ‘चोद’ दिया है बल्कि मैं जानती हूँ के रात में तुम दोनों ने तुम्हारे रूम में ये सब किया है”

”तुझे कैसे पता की हमने ऐसा किया है” योगेश बोला

”वो क्या है ना रात में आपकी चुदाई से योगिता को अपनी चुत में बहुत दर्द हो रहा था तो मैं पेन किलर लेने के लिए माधुरी दीदी के रूम में गई थी तो वो अपने रूम में नहीं थी मैं समझी की वो नीचे आई होगी तो मैं भी नीचे आने लगी तभी आपके रूम के अंदर से मुझे कुछ आवाजें सुनाई दी मैंने दरवाजे से कोन लगा कर सुना तो साफ तो कुछ सुनाई नहीं दिया पर आपकी और माधुरी दीदी की आवाजें मैं पहचान गई और फिर मुझे कुछ आहें भरने और सिसकारी लेने की आवाजें सुनाई दी जैसी चुदाई करते वक्त आती है मैं समझ गई की अंदर क्या हो रहा है मैं चाहती तो आप दोनों को रंगे हाथ पकड़ सकती थी पर मैंने ऐसा नहीं किया अब बोलो की ये सब गलत है” पूजा ने बहुत बड़ा ब्लूफ मारा

योगेश की हालत देखने लायक थी उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसकी चोरी पकड़ी गई हो योगिता और पूजा की अच्छी जमती थी इस लिए उसे योगिता के बारे में मालूम होने से योगेश को फर्क नहीं पड़ता था पर माधुरी के बारे में भी उसे पता चल गया है वो क्या सोच रही होगी उसके बारे में की कितना बड़ा बहन चोद हूँ मैं

”अब साँप क्यों सूंघ गया कुछ तो बोलो” अपना तुक्का तीर बनते देख पूजा ने थोड़े सख्त लहजे में पूछा

”वो क्या हैईना पूजा तू जो समझ रही है वो गलत है माधुरी मेरे कमरे में थी जरूर पर हमने चुदाई नहीं की थी” योगेश गर्दन झुकाए बोला

”जब तुमने चुदाई नहीं की तो वो लंगड़ा कैसे रही है मुझे बच्चा समझते हो क्या योगिता को तो मैं जानती हूँ की वो कितनी चुदसी है और तुम भी सेक्स के मामले में भूखे ही थे तो एक बहन को तुमने चोद भी लिया तो कोई बड़ी बात नहीं थी मेरी नज़र में पर तुम इतने भूखे हो की अब नंबर लगा कर अपनी बहनों को चोद रहे हो, मुझे तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं थी भैया” पूजा गुस्से से बोली

”मैं सच कह रहा हूँ पूजा तेरी कसम मैंने मधु को नहीं चोदा है” योगेश ने उसकी मिन्नत की

”मैं फिर से वही पूछती हूँ की फिर वो लंगड़ा क्यों रही थी अभी” ट्यूना बोली

”वो क्या है ना मैंने उसकी….उसकी….” योगेश से बोलते नहीं बना

”ये उसकी..उसकी क्या कर रहे हो” पूजा चिल्लाई

”मैंने उसकी गाआअंड मारी थी रात को इसीलिए वो लंगड़ा रही थी” आख़िर योगेश ने बोल ही दिया

”क्य्ाआआ………तुमने मधु दीदी की गांड मारी है” पूजा को एकदम से यकीन ही नहीं हुआ

”हाँ पूजा” योेश गर्दन झुकाए धीरे से बोला

ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 19
 
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 20

”वो रे मेरे बहँचोड़ भाई एक ही दिन में एक बहन की चुत चोद ली और दूसरी बहन की गांड भी मर ली तुम्हें तो सबसे बारे बहँचोड़ का अवॉर्ड मिलना चाहिए” पूजा ने उसे टोन्ट मारा

एकाएक ही योगेश सोफा से उतार कर पूजा के पैरों के पास बैठ गया और उसके पैर पकड़ कर बोला ”पूजा देख मैं जनता हूँ की मैंने बहुत बड़ी गलती की है मैं बहक गया था मुझे माफ कर दे मेरी बहन तू जो बोलेगी मैं वो करूँगा आज से योगिता और मधु की तरफ आँख उठा कर भी नहीं देखूँगा बस तू ये बात किसी को भी नहीं बताना योगिता और मधु को भी नहीं” योगेश लगातार गिड़गिदा रहा था उसे ऐसे गिड़गिड़ाते देख पूजा अपनी जीत पर फूले नहीं सआंटी रही थी कुछ देर वो इन सब का मजा लेती रही

”बोल ना पूजा की तूने माफ कर दिया है बोल ना पूजा” योगेश फिर उसके पैर दबाते हुए बोला

”ठीक है पर मेरी एक शर्त है” पूजा बोली

”मुझे तुम्हारी कोई भी शर्त मंजूर है” योगेअः जल्दी से बोला

”तुमने जो भी योगिता और मधु के साथ किया वो सब मेरे साथ एक बार में ही करना होगा बोलो मंजूर है” टीना ने कहा

”क्या तुम चुत और गांड एक साथ ही मरवाना चाहती हो पता है कितना दर्द होता है सहन कर पाएगी इतना दर्द” योगेश हैरानी से बोला

”भैया मैं उमर में सबसे छोटी हूँ पर इस खेल में मैं सबसे बड़ी बन जाना चाहती हूँ कितना भी दर्द हो मैं सहन कर लूँगी तुम उसकी चिंता मत करो बस इतना बताओ की तुम्हें मंजूर है की नहीं’ टीना बोली

”मुझे मंजूर है पर जो तुम चाहती हो वो सब जल्दी में नहीं हो सकता हमें मौके का इंतजार करना होगा क्योंकि ये कम घर में ही हो सकता है बाहर नहीं” योगेश बोला

”ठीक है यदि मौका मिलने में देर होगी तो हम खुद ही मौका बनाने की कोशिश करेनए, करेंगे ना” टीना ने उसे घूरा

”हाँ हाँ क्यों नहीं फिर तो कोशिश करनी ही पड़ेगी” योगेश हकलाते हुआ बोला

”ठीक है फिर, अब तुम फिर से आज़ाद हो योगिता और मधु को कैसे भी चोदने को पर मेरी एक रिकवेस्ट है जब भी तुम पहली बार योगिता की गांड मरोगे या माधुरी को छोड़ोगे मुझे ये दिखना पड़ेगा” टीना बोली

”इसमें कौन सी बड़ी बात है जब भी ऐसा होगा मैं तुम्हें पहले ही बता दूँगा” योगेश बोला

तभी उन्हें किसी की सीडिया उतरने की आवाज़ आई थी योगेश उत्त् कर वापस सोफा पर बैठ गया आने वाली माधुरी थी वो सीधे किचन में जाती हुई बोली ”चल पूजा खाना बनाने की तैयारी करते है”

पूजा उत्त्ते हुए योेश की तरफ देखते हुए बोली ”सब याद हैईना भैया” योगेश ने हाँ में गर्दन हिला दी और पूजा भी अंदर चली गई

योगेश बैठे बैठे सोचने लगा की अब उसे आगे क्या करना है……

माआंटी के घर

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टीना और मनीषा दोनों ही नहा कर और नाश्ता कर के अपने कमरे में आगाई थी मनीषा अभी बाथरूम गई थी और टीना बेड पर बैठे कुछ सोच रही थी आज शाम को उसका भाई राहुल 5 दीनों के बाद वापस आने वाला था इन 5 दीनों में शुरू के दो दिन तो उसे कुछ खास फर्क नहीं पड़ा था लेकिन पिछले तीन दीनों से उसकी चुत आग उगल रही थी वो लंड लेने के लिए तड़प रही थी पर उसके पास राहुल का इंतजार करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था वो सोच रही थी की आज रात को ऐसा क्या स्पेशल किया जाए जिस से राहुल को भी मजा आ जाए और उसे भी पूरी संतुस्नती मिल जाए वो लगातार ऐसी ही सोचो में गुम बैठी थी तभी मनीषा रूम में आई उसने टीना को ऐसे देख कर कहा ”क्या सोच रही है टीना”

”कुछ खास नहीं यार मैं यही सोच रही थी की भैया आज शाम को वापस आ रहे है और मैं भी इन पाँच दीनों में बहुत तड़पी हूँ उनका लंड लेने के लिए तो मैं सोच रही थी की मैं ऐसा क्या करूं जिस से हम दोनों को ही मजा आ जाए”टीना बोली

उसकी बात सुन कर मनीषा बोली ”मतलब आज रात तू चुदवाने के लिए राहुल के कमरे में जाएगी”

”हाँ यार बहुत खुजली हो रही है मेरी चुत में मैंने जिस दिन से पहली बार चुदवाया है आज तक कभी भी इतने दिन मैं बगैर छुड़ाए कभी नहीं रही यहाँ तक की पीरीओड्स में भी हम कॉंडम लगा कर चुदाई कर ही लेते थे” टीना ने जवाब दिया

”वैसे तुम लोग अपनी चुदाई में किस हद तक जा चुके हो” मनीषा ने पूछा

”किस हद तक मतलब” टीना कुछ समझी नहीं

”मेरा मतलब है की तूने अभी तक अपने किस किस छेद में लंड लिया है अपने तीनों छेड़ो में से” मनीषा ने कहा

”तीनों छेद मतलब” टीना को अभी भी कुछ समझ नहीं आया था

”अरे यार तू कितने सालों से चुदाया रही है फिर भी तुझे कुछ नहीं समझता, देख एक औरत के पास तीन छेद या होल होते है चुत, गांड और मुंह और तीनों में ही लंड लिया जा सकता है, अब तू ये बता की क्या तूने इन तीनों में ही लंड पेलवा लिया या नहीं” मनीषा बोली

मनीषा की बात सुनकर टीना शर्आंटी गई उसका चेहरा लाल हो गया और वो बोली ”देख मनीषा शुरू शुरू में तो भैया सिर्फ़ चुत ही चोदते थे फिर कुछ महीनों बाद वो मेरी चुत चाटने लगे और मैं उनका लंड चूसने लगी फिर कुछ दीनों बाद हम दोनों ही एक दूसरे का पानी भी पीने लगे और मेरी तो अब ये हालत है की मैं कभी कभी तो उनको चुत में झड़ने ही नहीं देती झड़ने से पहले भैया का लंड अपने मुंह में ले लेती हूँ और उसका पूरा पानी पी जाती हूँ एक भी बंद खराब नहीं होने देती हूँ मैं फिर एक दिन भैया ने मुझे चोदते हुए मेरी गांड में उंगली घुसेड़ दी मुझे इतना दर्द हुआ की मैं बता नहीं सकती मैंने उन्हें बहुत दाता और दो दिन तक उनके पास नहीं गई फिर भैया ने मुझसे माफी माँगी और आगे से ऐसा नहीं करने वादा किया लेकिन फिर कुछ महीनों के बाद भैया ने मुझसे कहा की वो मेरी गांड मारना चाहते है पर मैं उस दिन के दर्द से डर गई थी जब भैया ने मेरी गांड में उंगली की थी और मैंने उन्हें सख्ती से मना कर दिया की वो आगे से इस बारे में सोचे भी नहीं वरना जो अभी चल रहा है वो भी मैं बंद कर दूँगी मेरी बात सुन कर भैया डर गये और फिर उन्होंने उसके बाद कभी भी गांड मरने के बारे में नहीं कहा” टीना ने बताया

”कितनी पागल है रे तू भी टीना, अरे जब तक लड़की के तीनों छेड़ो की चुदाई नहीं होती तब तक लड़की अधूरी ही रहती है तेरे भैया खुद तेरी गांड मारना चाह रहे है और तूने ही मना कर दिया, अच्छा ये बता जब तेरे भैया तेरी चुत चोदते हुए तेरी गांड में उंगली करते है तो तुझे कैसा लगता है” मनीषा बोली

”पहली बार तो मुझे बहुत दर्द हुआ था लेकिन उसके कुछ दीनों बाद भैया मेरे मना करने पर भी मेरी गांड में कभी कभी उंगली कर ही देते थे और अब तो हमेशा ही वो मुझे चोदते हुए मेरी गांड में उंगली भी करते है और सच काहु तो इसमें मुझे मजा भी बहुत आता है” टीना ने जवाब दिया

”तो फिर तू अपने भैया से गांड क्यों नहीं मरवा लेती है” मनीषा बोली

ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 20
 
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