ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 51-57
“कौन संभालेंगा मतलब योगेश करेगा आपके सब काम अब वो बच्चा नहीं रहा वो सब काम ठीक से कर लेगा और यदि आप उसे अभी से नहीं सिखाएँगे तो वो कब सीखेगा आप उसे अपने काम के बारे में समझा दीजिए मुझे उम्मीद है की योगेश सब ठीक से कर लेगा और अब मुझे कुछ नहीं सुनना है आपको हमारे साथ चलना ही है” नीरज ने जैसे आख़िरी फैसला सुनाया
राजेश ने नीरज की बातों पर गौर किया तो उसे उसकी बात सही लगी आख़िर योगेश ने ही आगे सब संभालना था और अगर उसे अभी से सब कुछ नहीं सिखाया गया तो वो आगे कैसे सब काम करेगा ये सोच कर राजेश ने भी गोआ जाने का फैसला कर लिया और बोला “तुम ठीक कहते हो नीरज योगेश को अभी से ही सब सीखना होगा, ठीक है हम दोनों भी तुम्हारे साथ गोआ चल रहे है लेकिन जाना कब है”
राजेश की बात सुनकर नीरज बहुत खुश होते हुए बोला “थेन्क यू भैया, कल सवेरे ही निकलना है 8 बजे”
“तो ठीक है, योगेश तुम खाना कहा कर मेरे रूम में चलो मैं तुम्हें सब समझता हूँ” राजेश बोले और फिर सभी खाना खाने में व्यस्त हो गये थे योगेश को ये बहुत सुनहरा मौका लगा माधुरी के साथ समय बिताने के लिए क्योंकि वो जनता था की गाँव में उसके अंकल का खाना वहीं के मजदूर बनाते थे और उसे उनके हाथ का खाना अच्छा नहीं लगता था इसलिए वो माधुरी को खाना बनाने के बहाने अपने साथ ले जा सकता था उसे ये आइडिया बहुत अच्छा लगा अब तो मनीषा भी उसे माधुरी को साथ ले जाने से नहीं रोक सकती थी उधर मनीषा ये सोचकर परेशान हो गई थी की योगेश को गाँव जाना पड़ रहा है अब उसकी और टीना की प्लॅनिंग का क्या होगा
कुछ देर बाद सभी लोग खाना खाकर फ्री हो गये थे और कुछ देर बातें करने के बाद अपने अपने रूम में चले गये थे योगेश अपने अंकल के रूम में था और उनसे खेतों के काम के बारे में समझ रहा था मनीषा और टीना दोनों ही अपने रूम में आकर बेड पर लेती हुई थी तब मनीषा टीना से बोली “यार टीना अपनी प्लॅनिंग की तो बंद बज गई योगेश को तो गाँव जाना पड़ रहा है ऐसे में अपना काम कैसे होगा”
“तो क्या योगेश अब कुछ दिन गाँव में ही रहेगा घर नहीं आएगा” टीना बोली
“कुछ पक्का नहीं है शायद एक दो दिन में आता रहे वो भी रात में लेकिन उससे क्या होगा इतने से वक्त में तो अपना काम नहीं हो सकता ना” मनीषा मायूस होते हुए बोली
“अरे यार मनीषा तू उदास मत हो मैं कोई ना कोई रास्ता निकलती हूँ इस प्राब्लम से बचने का अब ज़रा मुझे सोचने दे” टीना ने उसे दिलासा दी लेकिन वो खुद भी समझ नहीं पा रही थी वो अब क्या करे अगर योगेश पास ही होता तो वो उसे दो दिन में ही तैयार कर लेती लेकिन अब वो क्या करे वो सोचने लगी
उधर योगेश को भी बहुत टाइम लगा अपने अंकल से काम समझने में क्योंकि भले ही वो बहुत बार उनके साथ खेतों में गया था लेकिन उसने सामने रही कर कभी भी काम नहीं करवाया था लेकिन उसे उम्मीद थी की श्यमू काका (उसके अंकल का गाँव वाला नौकर) के साथ मिल कर वो काम कर ही लेगा दोपहर के लगभग 3 बजे उसके अंकल ने उसे छोडा तो वो सीधे अपने रूम में ना जाकर माधुरी के रूम में चला गया बाकी सारे ही अपने अपने रूम में सो रहे थे उसने माधुरी के रूम के दरवाजा को ढकाया तो वो खुल गया माधुरी सोई नहीं थी उसके मान में यही बात चल रही थी की कुछ भी हो योगेश उसके पास जरूर आएगा और उसके मान की बात सच साबित हुई योगेश दरवाजा भिड़ा कर बेड पर लेती हुई माधुरी के पास जाकर बैठ गया चूँकि वैसे भी हमेशा ही जब वो दोनों घर पर होते तो एक दूसरे के रूम में ही होते थे तो किसी के कुछ बोलने का सवाल ही नहीं उठता था योगेश को आया देखकर माधुरी ने उसे एक स्वीट सी स्माइल दी और अपनी आंखें बंद कर ली योगेश ने भी रिप्लाइ किया और मधु की आंखें बंद होते ही उसने झुक कर अपने होंठ उसके होठों से जोड़ दिए और माधुरी को किस करने लगा माधुरी भी योगेश के बाल सहलाते हुए उसका साथ देने लगी थोड़ी देर किस करने के बाद माधुरी ने योगेश को अपने से अलग किया और बोली “बहुत हो गया योगेश अब बंद करो कहीं कोई आ गया तो बखेड़ा मच जाएगा” और उठकर बैठ गई योगेश भी समझता था की मधु सही कह रही है इस लिए उसने भी जिद नहीं की और बेड से उठ कर कुर्सी पर बैठ गया
“तो अब तो तू गाँव चला जाएगा फिर हम कैसे मिलेंगे” माधुरी ने पूछा
“तुम चिंता मत करो दीदी मैंने कहा था ना की मैं कोई ना कोई रास्ता ढूंढ. लूँगा लेकिन लगता है की चाचा तो अपने लिए भगवान बन कर आ गये है उन्होंने तो सारी प्राब्लम ही खत्म कर दी” योगेश बोला
“वो कैसे” माधुरी सीधे होते हुए बोली
“तुम्हें तो पता ही है की मुझे गाँव में मजदूरों के हाथ का बनाया खाना अच्छा नहीं लगता इसलिए अंकल से बोलकर मैं तुम्हें भी अपने साथ ले चलूँगा फिर तो समझो जब तक गाँव में रहेंगे अपना हर दिन दशहरा और रात दीवाली होगी” योगेश ने बताया
“सच” योगेश की बात सुनकर माधुरी से उछाल पड़ी और उसने झट से योगेश की एक किस लेली
“हाँ दीदी मैं सच कह रहा हूँ” योगेश बोला
“लेकिन अगर अंकल मुझे भेजने के लिए नहीं मैंने तो, या फिर उन्होंने तुम्हारे साथ मनीषा को भेज दिया तो” माधुरी ने अपनी चिंता जताई क्योंकि उसके अंकल को उसके और योगेश के बारे में वो खुद ही ट्रेन में बता चुकी थी इसलिए उसे डार्ट हां की शायद अंकल नहीं मानेंगे
“तुम ये सब मुझ पर छोड दो अंकल को मैं मना लूँगा” योगेश बोला फिर थोड़ी देर इधर उधर की बातें करने के बाद योगेश अपने रूम में आ गया
शाम को लगभग 5 बजे फिर सभी लोग चाय के लिए हॉल में इकतारा थे ज्योति अभी तक चिंतित थी की पूजा ने अभी तक उससे बात क्यों नहीं की और उसके मान में क्या चल रहा है एक दो बार उसकी नज़र पूजा से मिली भी तो पूजा ने उसकी ओर देख कर मुस्करा दिया था उधर योगेश सोच रहा था की वो अपने अंकल से माधुरी को गाँव ले जाने के बारे में बात कैसे शुरू करे तभी नीरज चाचा योगेश से बोले “तो योगेश तुम ने भैया से सब समझ लिया है ना, कोई परेशानी तो नहीं होगी तुम्हें”
“जी चाचा सब कुछ समझ लिया है और काम में तो कोई परेशानी नहीं होगी लेकिन एक ही प्राब्लम है की मुझे गाँव का खाना अच्छा नहीं लगता उन मजदूरों को ढंग का खाना बनाना ही नहीं आता” योगेश ने भी मौका देख कर चौका लगा दिया
“अब यार ये प्राब्लम तो तुम्हें ही सॉल्व करनी होगी इसमें मैं कुछ नहीं कर सकता अगर इसका कोई हाल है तो बताओ मुझे मैं कोशिश करता हूँ तुम्हारी मदद करने की” चाचा बोले
“चाचाजी एक हाल तो है जो मैंने सोचा है लेकिन पता नहीं अंकल मानेंगे या नहीं” योगेश बोला
“क्यों नहीं मानेंगे पहले तुम बताओ तो सही” चाचा बोले
“वो क्या है ना की मैं सोच रहा हूँ की मैं अपने साथ माधुरी दीदी को भी गाँव ले जा लू अगर दीदी वहाँ मुझे खाना बना के दे देंगी तो मेरी प्राब्लम ही खत्म हो जाएगी” योगेश बोला
योगेश के मुंह से माधुरी का नाम सुनते ही अंकल के कोन खड़े हो गये वो समझ गये की अब योगेश गांड के बाद माधुरी की चुत भी मारना चाहता है इसीलिए उसने माधुरी का नाम लिया है अपने साथ चलने के लिए वैसे तो ये राजेश के फायदे की ही बात थी लेकिन उसने सोचा की क्यों ना माधुरी से अभी ही कबुलवा लिया जाए और बोला “इसमें ना मानने वाली क्या बात है, तुम ले जॅलो माधुरी को लेकिन पहले माधुरी को वादा करना होगा की वो मेरे साथ भी गाँव जा करेगी खाना बनाना क्योंकि मैं भी मान मर कर ही वहाँ का खाना खाता हूँ, क्यों माधुरी मेरे साथ भी चला करोगी ना गाँव”
माधुरी समझ गई की अंकल अब उसे बगैर चोदे मानने वाले नहीं है ठीक है एक बार योगेश उसकी सील तोड़ दे बाद में अंकल ने कर भी लिया तो क्या फर्क पड़ता है ये सोच कर बोली “अंकल इसमें वादा करने वाली क्या बात है आप करेंगे तो मैं क्यों नहीं चलूंगी”
“ये हुई ना बात, योेश तो बेकार ही परेशान हो रहा था की भैया मानेंगे या नहीं, चलो भाई योगेश अब तुम माधुरी को अपने साथ ले जा सकते हो ठीक” नीरज चाचा बोले
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 51
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 52
योगेश ने हाँ में गर्दन हिला दी और मुस्कुराते हुए माधुरी को देखा तो माधुरी ने शर्म से अपनी नज़रे झुका ली योगेश के साथ जाने की बात सुनते ही उसकी चुत में सुरसुरी सी होने लगी थी उधर पूजा और योगिता ये सब सुनकर एक दूसरे की ओर देख कर मुस्करा रही थी और मनीषा तो जल कर रख हो गई थी ‘साली कुतिया हमेशा ही योगेश से चिपकी रहती है’ दिल में ऐसा सोच कर उसने टीना की ओर देखा लेकिन टीना अपनी ही सोचो में गुम थी वो भी इस मौके का फायदा उतहाना चाहती थी क्योंकि उसे पता था की यहाँ भीड़ भाड़ में उसे योगेश को तैयार करने में वक्त लगेगा जब की वहाँ सिर्फ़ माधुरी ही होगी जिससे उसे कोई प्राब्लम नहीं थी क्योंकि वो उसके सामने ही उसके भाई से गांड मरवा चुकी थी इसलिए टीना इतना सोचकर झट से बोली “फुफज़ई क्या मैं भी इन दोनों के साथ गाँव चली जाओ मुझे भी वहाँ गये बहुत दिन हो गये है”
“बेटा तुम वहाँ जाकर क्या करोगी बेकार ही बोर हो जाओगी वहाँ” राजेश बोला वो नहीं चाहता था की योगेश और मधु के प्रोग्राम में कोई दखल हो
“नहीं फुफज़ई मैं बिलकुल भी बोर नहीं होंगी और फिर माधुरी और योगेश भी तो मेरे साथ होंगे ना वहाँ” टीना बोली
“लेकिन बेटी….” राजेश इतना ही कह पाया था की नीरज ने उसकी बात काट दी “जाने दो ना भैया जब बच्ची की इतना इच्छा है तो क्यों रोकते हो उसे”
“लेकिन…” राजेश फिर बोला
“अंकल जाने दीजिए ना उसे भी मैं उसे बोर नहीं होने दूँगी” माधुरी बोली
माधुरी के बोलने के बाद तो कुछ बच्चा ही नहीं था राजेश समझ गया की माधुरी टीना को संभाल लेगी “ठीक लेकिन तुम दोनों ने टीना का ख्याल रखना” राजेश बोला
“जी अंकल हम दोनों इसका पूरा ख्याल रखेंगे” योगेश मारे हुए स्वर में बोला वो टीना के साथ जाने के कारण ज़रा भी खुश नहीं था लेकिन माधुरी के भी हाँ कहने के कारण उसे थोड़ी तसल्ली थी
थोड़ी देर बाद सभी अपने अपने काम में लग गये थे……..रात को खाना खाने के बाद अंकल आंटी और चाचा चाची हॉल में बैठे हुए थे जबकि पूजा माधुरी और योगिता सफाई में लगी हुई थी योगेश अपने रूम में आ गया था और टीना और मनीषा भी अपने रूम में थी चाचा के बच्चे निशा और निर्मल ट्रेन लेट होने की वजह से अभी भी घर नहीं पहुंचे थे लेकिन आने वाले घंटे भर में वो कभी भी घर पहुँच सकते थे
टीना बाथरूम से फ्रेश होकर आचुकी थी और अपनी सोचो में गुम थी की अब उसे आगे क्या करना है उसे सोच में डूबे देख मनीषा से रहा नहीं गया तो वो बोल पड़ी “क्या सोच रही है टीना, और तूने योगेश के साथ गाँव जाने के लिए क्यों बोला”
“तू पूरी पागल है योगेश गाँव में रहेगा और मैं यहाँ तो क्या घंटा उखाड़ लूँगी मैं उसका हाँ वहाँ रहकर जरूर मैं कुछ कर सकती हूँ और वही मैं सोच रही हूँ की अब मुझे आगे क्या करना है” टीना बोली
“लेकिन यार वहाँ माधुरी भी तो होगी तू उसका इलाजज़ कैसे करेगी कुछ सोचा है तूने उसके बारे में” मनीषा ने अपनी चिंता व्यक्त की
“तू माधुरी को भूल जॉ ओ अब मेरा सर दर्द है लेकिन योगेश को कैसे तैयार करना है उसी लाइन पर मुझे सर खपाना है” टीना बोली उसे पता था की चूँकि माधुरी खुद उसके सामने राहुल के साथ सेक्स कर चुकी है तो वो उसे योगेश के साथ भी सेक्स करने से नहीं रोकेगी लेकिन टीना माधुरी और योगेश के संबंधों के बारे में नहीं जानती थी वरना उसे योगेश को कैसे पटाया जाए इस बारे में कुछ भी सोचना नहीं पड़ता था. अब मनीषा भी चुप हो गैट ही और टीना अपनी सोचो में गुम थी.
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उधर योगेश अभी भी टीना के अपने साथ जाने से परेशान था और उसे हैरत भी हो रही थी की माधुरी कैसे मान गई टीना को साथ ले जाने के लिए क्योंकि ये तो पक्का था की टीना ने गाँव में हमेशा ही माधुरी से चिपके रहना था फिर रेज़ में उन्हें चुदाई का मौका कहाँ मिल पाएगा ‘माधुरी से इस बारे में बात करनी ही पड़ेगी’ ये सोचकर योगेश ने माधुरी के रूम में झाँक कर देखा तो माधुरी वहाँ नहीं थी इसलिए योगेश भी नीचे आ गया अंकल लोग अभी भी हॉल में बैठे थे और अपनी बातों में मग्न थे योगेश सीधे किचन में पहुंचा वहाँ पूजा और योगिता ही थी उसे माधुरी कहीं भी नज़र नहीं आई “मधु दीदी कहाँ है” उसने पूछा
“क्या भैया ये भी कुछ बात हुई वैसे ही मधु दीदी तुम्हारे साथ ही जा रही है और फिर भी तुम उनके बारे में ही पूछ रहे हो कभी कभी हमें भी याद कर लिया करो” पूजा बोली
“ये अच्छी बात नहीं है भैया आख़िर हम भी आपकी बहने ही है और हमारा भी आप पर पूरा हक है फिर आप हमें अपने साथ क्यों नहीं ले जा रहे है” योहिता ने भी पूजा के सुर में सुर मिलाया
योगेश को पता था की उन दोनों की ही बहुत खुज़ला रही है और इसमें उन दोनों की कोई गलती नहीं है आख़िर उन्हें लंड का चस्का लगाया भी उसी ने था “अरे यार मधु बहुत दीनों से मिली नहीं थी इसी लिए उसे साथ लेकर जा रही हूँ और वैसे भी मुझे गाँव में बहुत दिन रुकना पड़ेगा तो दो दिन बाद उन्हें छोड दूँगा और तुम दोनों को ले जा लूँगा अब तो ठीक है ना, चलो बताओ मधु कहाँ है” वो बोला
“किसे याद आ रही है मेरी” मधु किचन में आते हुए बोली योगेश उसके आने का डाइरेक्षन देख कर समझ गया था की वो बाथरूम से आ रही थी
“आपके प्यारे भाई को आपकी बहुत याद आ रही है दीदी पूरा घर ही सर पर उठा लिया है इन्होंने आपको यहाँ ना पकड़” पूजा योगेश को चिढ़ते हुए बोली
“तू अपना मुंह बंद रख छोटी जब देखो पाटर पाटर और योगेश तुझसे बड़ा है छोटा नहीं, समझी हाँ योगेश बोल क्या काम है मुझसे” माधुरी बोली
“दीदी हमें गाँव जाना है तो मैं सोच रहा था की जरूरी समान की लिस्ट बना लेते थे ताकि सुबह निकलते वक्त देर ना हो” योगेश बोला
“अरे हाँ यार मैं तो भूल ही गई थी, चलो ये काम भी निपत लेते है पूजा मैं योगेश के साथ जा रही होंठ तुम लोग यहाँ का काम कर लेना” कह कर माधुरी योगेश के साथ ऊपर अपने रूम में आगाई रूम में एंटर होते ही योगेश बोल उठा “तुमने टीना को साथ लेजना कैसे मंजूर कर लिया अब हम वहाँ कैसे कुछ कर पाएँगे उसके वहाँ होते”
“तुम उसकी चिंता मत करो उसके रहते हम और भी अच्छी तरह से एंजाय करेंगे” योगेश बोला
“मैं कुछ समझा नहीं दीदी” योगेश बोला
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 52 ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 53
“ये एक राज की बात है जो मैं तुम्हें गाँव पहुँच कर ही बताऊंगी लेकिन एक बात तुम्हें अभी ही बताती हूँ सोचो अगर गाँव जाने के बाद तुम्हें मेरे साथ साथ टीना भी चोदने को मिले तो कैसा रहेगा” माधुरी ने योगेश को झटका सा दिया
“क्या….टििईन्न्णाआ…को चोदने का मौकाअ…..मधु ये तुम क्या कह रही हो, मज़ाक तो नहीं कर रही मेरे साथ” योगेश मुंह फाड़े बोला
“मैं पक्का तो नहीं कह सकती लेकिन हाँ वहाँ ये मौका तुझे मिल सकता है इसलिए चिंता छोड और टीना को चोदने के बारे में सोच, और भी पेन पेपर निकल समान की लिस्ट बनाना है” योगेश की हालत के मजे लेती माधुरी बोली
योगेश अभी तक ईस्तब्ध था की माधुरी जो बोल रही है वो कैसे हो सकता है टीना उससे चुदवाने को राज़ी कैसे होगी लेकिन सच में अगर ऐसा हो जाए तो मजा आजाएगा यही सोचते हुए उसने पेन और पेपर निकाला और माधुरी के साथ लिस्ट बनाने लग गया
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‘टिंग – तोंग’ दूर बेल बजते ही राजेश उठा और दरवाजा खोलने के लिए आगे तरफ गया “लगता है निशा और निर्मल आ गये है” वो बोला दरवाजा खुलते ही उसे दोनों दिखाई दिए राजेश ने उन्हें देखते ही उन्हें अंदर आने के लिए जगह दी और बोला “आओ बच्चों आओ, बहुत लेट हो गयी तुम्हारी ट्रेन कोई परेशानी तो नहीं हुई ना सफ़र में”
“नहीं तौजी कोई परेशानी नहीं हुई” कहकर निर्मल ने राजेश के पौर छुए और मोनिका के पैर छूने आगे तरफ गया
“और निशा बेटी क्या हाल चल है तुम्हारे सब ठीक तो है ना” राजेश प्यार से निशा के सर पर हाथ फेरते हुए बोला
“जी तौजी सब ठीक है” निशा ने जवाब दिया
दूर बेल की आवाज़ सुनकर सभी बच्चे हॉल में आचुके थे वो सभी समझ गये थे की उनके चाचा के बच्चे आचुके है है अब ज़रा निशा और निर्मल से आपका इंट्रो करवा दूं निशा 20 साल की एक मस्त अल्हड़ लड़की थी और मुंबई जैसे शहर में रहने के कारण स्वभाव से बोल्ड भी बहुत थी ऊपर से भगवान ने उसे बनाया भी फुर्सत में था गोरा रंग 5.7 की हाइट गहरी नीली आंखें 36-26-36 का परफेक्ट फिगर सब कुछ तो दिया था भगवान ने उसे और वो खुद भी जानती थी की वो कितना गजब का माल है वो जानती थी की जॉब ही लड़का उसे एक बार देख ले वो उसका दीवाना हुए बगैर नहीं रही सकता था हलकी खुले विचारों की होने के बाद भी उसने आज तक अपनी वर्जिनिटी नहीं खोई थी हाँ उसने बॉयफ्रेंड बहुत बनाए थे लेकिन कभी भी किसी को भी एक हद से आगे नहीं बढ़ने दिया था वहीं निर्मल भी बहुत स्मार्ट और हॅंडसम था 6 फिट के लगभग की हाइट पर गोरा रंग और अपनी बहन के जैसी नीली आंखों के साथ सुन्दर चेहरा किसी को भी मोहित कर सकता था लेकिन वो अपनी बहन के मुकाबले एकदम विपरीत स्वभाव का था ओ बहुत शर्मीला किस्म था और लड़कियों से दूर ही भागता था यही कारण था की बहुत सी लड़कियों के प्रपोज़ करने बाद भी वो इतनी हिम्मत नहीं जुटा पाया की वो किसी लड़की को अपनी गर्लफ्रेंड बना सके वो तो बस अपने मोबाइल पर पॉर्न क्लिप्स देखकर और नेट पर अडल्ट स्टोरी पढ़कर अपना हाथ जगन्नाथ करते हुए ही टाइम गुजर रहा था लेकिन हर लड़के की तरह उसकी भी इच्छा होती थी किसी लड़की के साथ सेक्स करने की लेकिन वो अपने शर्मीलेपान की आगे मजबूर था
सभी बच्चे नीचे आकर निशा और निर्मल से मिलने लगे चूँकि उन्हें मिले हुए तीन साल हो चुके थे इसलिए मिलने में उत्साह भी बहुत था इन तीन सालों में सभी काफी बदल चुके थे खास टूर पर योगेश,योगिता,पूजा,निशा और निर्मल जो पहले तो बच्चों की तरह ही दिखते थे लेकिन अब फूल जवान हो चुके थे और उनके बदन भी अब पूरी तेरह से भर चुके थे बाकी तो सब ठीक ठाक ही थे लेकिन पूजा की नज़रे निर्मल और निशा की नज़रे योगेश पर जम चुकी थी वो दोनों ही उन्हें बहनों की नज़र से नहीं देख रही थी
कुछ देर बाद निशा और निर्मल खाना कहा चुके थे और सन एके लिए निशा माधुरी के रूम में और निर्मल योगेश के रूम में जा चुका था वैसे ही कल सुबह उनके आंटी अंकल को गोआ के लिए निकलना था सो रात को उन्हें जल्दी ही सोना था…….
सुबह सभी लोग जल्दी उठ गये और अपनी अपनी तैयारियों में लग गये थे टीना माधुरी और योगेश को गाँव जाने की तैयारी करनी थी उन लोगों के आंटी अंकल को गोआ जाने की पूजा मनीषा और माधुरी किचन में बिज़ी थी जबकि निशा और निर्मल अभी भी सोए हुए थे लगभग 8 बजे तक सब लोग तैयार हो चुके थे अपनी अपनी मंजिल पर जाने के लिए लेकिन पहले योगेश को स्टेशन जाना था अंकल वग़ैरह को छोडने के लिए और फिर वापसी में मार्केट से समान भी लेना था गाँव जाने के लिए थोड़ी देर बाद अंकल आंटी चाचा चाची सभी बच्चों से विदा लेकर गाड़ी में बैठ गये और योगेश उन्हें छोडने चला गया निशा और निर्मल अभी तक भी सोए हुए ही थे इसलिए मनीषा ने पूजा को उन्हें जगाने के लिए भेजा पूजा सीधे योगेश के रूम में गई जहाँ निर्मल सो रहा था उसने एक पतली सी टी-शर्ट और एक ढीला सा लोवर पहना हुआ था सुबह का वक्त होने से उसका उसका लंड फुल टाइट था जिससे लोवर में एक बड़ा सा टेंट बना हुआ था पूजा उसके खड़े लंड को देखकर हैरत में पड़ गई 18 साल के लड़के का लंड इतना बड़ा हो सकता है ये उसने सोचा ही नहीं था निर्मल के लंड का साइज महसूस कर के पूजा की चुत में गुदगुदी सी होने लगी थी ‘योगेश भैया से थोड़ा ही छोटा होगा’ उसने मान में सोचा और निर्मल को पुकारा “निर्मल आइये निर्मल” लेकिन निर्मल पर इसका कोई असर नहीं हुआ वो वैसे ही पड़ा रहा अपनी आवाज़ का असर ना होते देख पूजा ने उसे हिला कर उतहाने की कोशिश की लेकिन फिर भी निर्मल नहीं उठा तो पूजा के मान में शैतानी आगाई उसने बेड पर बैठते हुए निर्मल का लंड पकड़ लिया और उसे धीरे धीरे मसलने लगी निर्मल जैसे सपने में था पूजा के लंड पकड़ते ही उसके चेहरे पर एक मीठी सी मुस्कान आगाई थी पूजा भी अब उसके मजे लेने लगी और अपने हाथ की बढ़ता थोड़ी बढ़ने लगी थी उधर निर्मल नींद में ही कसमासते हुए मस्त हुआ जा रही था पूजा ये भी भूल गई थी की अगर निर्मल जगह गया तो क्या होगा और भी उसकी चुत भी गीली होने लगी थी उस पर मस्ती चढ़ती ही जा रही थी इसी मस्ती में उसे पता ही नहीं चला की कब उसने निर्मल के लंड को बहुत ज़ोर से मसल दिया था उसके ऐसा करते ही निर्मल एक ज़ोर की ‘आहह…’ निकलते हुए जगह गया और झट से उठकर बैठ गया उसके जागते ही पूजा भी हड़बड़ा गई और बेड से खड़ी होकर हकलाते हुए बोली “क्क्यय्याअ..क्यों..कुम्भकरण क्क्की तरह सोता है तू कब से जगा रही हूँ जगह ही नहीं रहा है, चल अब उठ और नीचे चल योगेश भैया लोगों को गाँव जाना है चल कर उनसे मिल ले” और रूम से बाहर जाने लगी “पापा, आंटी गये क्या” निर्मल ने पूछा
“हाँ योगेश भैया उन्हें छोडने ही गये है तू जल्दी से नीचे आजा” पूजा ने बगैर उसे देखे जवाब दिया
“तू चल मैं फ्रेश होकर आता हूँ” निर्मल के इतना कहने से पहले ही पूजा रूम से निकल गैट ही निर्मल अब अपने लंड में हुए दर्द के बारे में सोचने लगा की उसे एकाएक ही इतना तेज दर्द कैसे हुआ उसने अपने लोवर को नीचे खिसकाया और अपने नंगे लंड को देखा जो पूजा के मसलने से एकदम लाल हो चुका था ‘तो क्या पूजा मेरे लंड को मसल रही थी’ उसने सोचा लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है वो तो उसकी बहन है वो ऐसा नहीं कर सकती लेकिन मेरे जागते ही वो कैसे हड़बड़ा के खड़ी हो गैट ही और बातें भी कैसे हकलाते हुए कर रही थी जैसे उसकी चोरी पकड़ी गई हो और बाद में उसने मुझसे नज़रे मिला के बात भी नहीं की और कैसे बात पूरी होने के पहले ही चली गई अपनी इन सारी सोचो से निर्मल ने यही मतलब निकाला की सच में ही पूजा उसका लंड पकड़े हुई थी इसका मतलब था की उसके दिल में निर्मल के लिए कुछ गलत भावना थी जो की किसी बहन के दिल में अपने भाई के लिए हो ही नहीं सकती तो अब मुझे क्या करना चाहिए वो सोचने लगा लेकिन इस बार उसके दिमाग ने उसका साथ नहीं दिया और उसने फैसला किया की मौका आने पर वो इस बारे में पूजा को टोकेगा जरूर इतना सोच कर वो बॅयात रूम में घुस गया
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अब लगभग 9.30 बज चुके थे और निशा को छोड़कर सभी लड़कियाँ किचन में व्यस्त थी योगेश सभी को स्टेशन छोड कर आ चुका था उसका प्रोग्राम खाना खाकर गाँव के लिए निकालने का था रात को माधुरी का बताया हुआ सारा समान वो मार्केट से ला चुका था अभी वो हॉल में बैठा था निर्मल से बातें कर रहा था की तभी निशा भी वहाँ आगाई वो नहा चुकी थी और एक छोटा टॉप और वैसी ही स्कर्ट पहने थी जिसमें से उसकी पूरी जांघें दिखाई दे रही थी और टॉप इतना डीप कट था की उसकी चुचियाँ उससे बाहर आने को हो रही थी वो आकर योगेश के साथ ही बैठ गई और बोली “गुड मॉर्निंग योगेश”
“गुड मॉर्निंग” योगेश ने भी उसे रिप्लाइ किया निशा के वहाँ आते ही निर्मल उठा और बोला “अच्छा भैया आप लोग बातें करो मैं भी जब तक नहा लेता हूँ
“और सुनाओ क्या चल रहा है, बहुत स्मार्ट हो गया है तू तो कोई गर्लफ्रेंड बनाई की नहीं तूने अभी तक” निशा बोली वो शुरू से ही मुहफट थी और किसी से भी और कैसी भी बातें कर लेती थी यहाँ तक की मनीषा से भी
“तुझे पता है की यू क्या बोल रही है, तू मेरे अंकल को तो जानती ही है अगर मैं ऐसा कुछ करूं और उन्हें मालूम पड़ गया तो पता है ना वो मवरा क्या हाल करेंगे इसलिए मैंने कभी इस बारे में सोचा भी नहीं” योगेश बोला
“सो परेशान, इतना स्मार्ट लड़का और कोई ग फ नहीं बहुत नाइंसाफी है” कहते हुए निशा योगेश के गाल को अपने हाथ से गुळेचने लगी इसके लिए उसे योगेश के पास आना पड़ा जिससे उसके बूब्स योगेश की पसलियों से सात गये थे और उनका दबाव योगेश अच्छे से महसूस कर रहा था लेकिन अभी तक उसके मान में निशा के लिए कोई गलत भावना नहीं आई थी और वो निशा की आदते जनता था निशा का बोल्ड बिहेवियर किसी से भी छुपा नहीं था
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 53 ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 54
“चल चल ज्यादा नाटक मत कर बात तो ऐसे कर रही है जैसे तू अपना बाय्फ्रेंड बना चुकी हो”योगेश चिढ़ते हुए बोला
“तो तुम्हें क्या लगा मुंबई जैसी जगह में मेरे जैसी बेउटयफुल और सेक्सी लड़की का कोई बॉयफ्रेंड नहीं बना होगा अभी तक” निशा बोली
“बेउटयफुल और सेक्सी और वो भी तू, तू पागल तो नहीं हो गई तेरे जैसी भूटनी को कौन अपनी गर्लफ्रेंड बनाएगा” योगेश ने उसे चीढ़या
“क्या कहा भूटनी तुम्हारी इतनी हिम्मत” इतना कह कर निशा योगेश पर झपट पड़ी वो जानती थी की योगेश उसे चिढ़ा रहा है लेकिन मस्ती करने के लिए उसने योगेश के बाल पकड़ लिए और उसका सर इधा उधर घूमने लगी योगेश भी इस मस्ती में उससे हार मानने के मूंड़ में नहीं था चुकी निशा ने उसकी गर्दन नीचे झुका रखी थी जो को निशा के बूब्स के ठीक सामने थी इस लिए जैसे ही योगेश ने ताक़त से अपनी गर्दन ऊपर उठाई वो सीधे निशा के बूब्स से जोरों से टकराई “आहह…” दर्द के मारे निशा के मुंह से कराह निकल गई और उसके हाथ योगेश के बालों से अपने आप ही चुत गये उसकी आंखों में हल्के से आँसू भी आ गये थे उसकी ऐसी हालत देखकर योगेश की मस्ती एक झटके में ही खत्म हो गई “सॉरी निशा ये मैंने जानबूझकर नहीं किया” योगेश बोला और उसने इस शर्म से की अब निशा उसके बारे में क्या सोचेगी अपनी गर्दन नीचे झुका ली
निशा को दर्द तो बहुत हुआ था लेकिन वो योगेश की ऐसी हालत देख कर ज़बरदस्ती मुस्कुराते हुए बोली “कोई बात नहीं इसमें मेरी भी गलती थी” उसकी बात सुनकर योगेश को कुछ राहत मिली और उसने अपनी गर्दन ऊपर उठा ली और निशा से बोला “चल अब बहुत मस्ती हो गई मुझे भी अब गाँव जाना है”
“अरे मैं अभी आई हूँ और तुम मेरे आते ही गाँव जा रहे हो नहीं मिस्टर ऐसा नहीं होता”निशा बोली उसे नहीं पता था की योगेश गाँव क्यों जा रही है तब योगेश ने उसे सारी बात बताई की वो गाँव क्यों जा रही है और उसके साथ माधुरी और टीना भी जा रही है टीना और माधुरी के जाने की बात सुनकर निशा बोली “जब वो दोनों जा रही है तो मैं भी चलती हूँ, मैं भी गाँव घूम कर आ जाऊंगी”
“नहीं निशा अभी तुम्हारा वहाँ जाना ठीक नहीं होगा पहले मैं वहाँ जाकर सब ठीक कर दूं फिर तुम मेरे साथ चलना पता नहीं वहाँ क्या हालत हो शायद वहाँ तो अभी हमारे रहने के लिए रूम भी तैयार नहीं होंगे” योगेश ने उसे समझाया और उसकी बात कुछ हद तक निशा की समझ में भी आगाई और वो बोली “तो ठीक है वादा करो जल्दी ही मुझे वहाँ लेकर चलेंगे”
“ठीक है निशा मैं बस दो तीन दिन बाद में ही तुम्हें वहाँ ले चलूँगा” योगेश बोला
फिर थोड़ी देर बाद सभी लोग खाना कहा चुके थे और योगेश ने सारा समान गाड़ी में रख दिया था अब टीना और माधुरी भी गाड़ी में बैठ चुकी थी फिर योगेश मनीषा और बाकी सब लोगों से विदा लेकर टीना और माधुरी के साथ अपने गाँव की ओर निकल गया………….
दोपहर में लगभग 2 बजे योगेश अपनी दोनों बहनों के साथ गाँव पहुंच गया था वहाँ पहुंचते ही सब से पहले उसने स्यमू काका को बुला कर खेतों में बने हुए मकान की सफाई करवाई मकान ज्यादा बड़ा नहीं था और खपरैल वाला था उसमें एक किचन और दो रूम दूसरे थे एक हॉल भी था साथ ही पक्का लेट-बात भी था कुल मिलकर उन्हें वहाँ कोई परेशानी नहीं होनी थी बस एक बार वहाँ की सफाई उन के हिसाब से हो जाती स्यमू काका दो मजदूरों को भी ले आया था जो उसके साथ सफाई में लगे थे टीना और माधुरी सामने रही कर अपने हिसाब से सब चीज़े सेट करवा रही थी लगभग 2 घंटे बाद सब उनके मान मुताबिक सेट हो चुका था अब तक वो तीनों ही तक गये थे और पसीने की वजह से सभी की इच्छा नहाने की हो रही थी
“योगेश अब तो सब सेट हो चुका है क्यों ना अब नहा लिया जाए, पसीने के मारे तो मेरा बुरा हाल है” माधुरी बोली
“हाँ यार ये चिप चिप तो मुझसे भी नहीं सही जाती मेरी भी इच्छा नहाने की हो रही है” टीना बोली
“ठीक है मैं स्यमू काका से कह कर पानी बुलवता हूँ” कहते हुए योगेश स्यमू को बुलाकर बोला “काका हमें नहाना है पानी बुलवाडो”
“बेटा अभी तो लाइट है नहीं तो मोटर शुरू हो नहीं सकती मुझे मालूम नहीं था की आप लोग आने वाले है वरना मैं पगले ही पानी भरवा कर रखता अब आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा” श्यमू बोला
“लेकिन हमें पसीने ने परेशान कर रखा है बगीर नहाए तो हम ठीक से बैठ भी नहीं सकते है, कोई और उपाए नहीं है क्या” योगेश बोला
“है तो सही लेकिन पता नहीं वो आपको पसंद आएगा भी या नहीं” स्यमू बोला
“तुम बताओ तो सही पसंद ना पसंद बाद में देख लेंगे” योगेश चिढ़ कर बोला
“बेटा वो यहाँ से कुछ दूरी पर एक नदी है जिस में सारे गाँव वाले नहाते है वैसे अब तो वहाँ कोई नहीं होगा क्योंकि लगभग सभी लोग 12 बजे के पहले ही वहाँ से नहा कर आजाते है अगर आप की मर्जी हो तो मैं आपको वहाँ ले जा सकता हूँ,वैसे अगर आप थोड़ा और पैदल चल सके तो वहां से कुछ दूर एक छोटा सा झरना भी है जहाँ बहुत कम लोग जाते है और वहाँ नहाने का अलग ही मजा है” श्यमू बोला
श्यमू काका की बात सुनकर टीना खुशी से चाहक पड़ी “क्या काका इतनी अच्छी बात बताने में भी आपने इतनी देर लगा दी इतना अरसा हो गया है मुझे झरने के नीचे नहाए हुए मैं तो बिलकुल तैयार हूँ वहाँ जाने के लिए तुम दोनों क्या बोलते हो” वो योगेश और माधुरी को देखते हुए बोली
“मैं तो तैयार हूँ क्योंकि मुझे भी झरने के नीचे नहाने में मजा आता है लेकिन माधुरी से पूछ लो” योगेश बोला
“मैं कब मना कर रही हूँ वहाँ जाने से लेकिन हमने ऐसे कपड़े तो लाए ही नहीं है जो वहाँ नहाने के काम आए” माधुरी ने कहा
“तू कपड़ों की चिंता मत कर हम इन्हीं कपड़ों में नहा लेंगे” टीना बोली
“तो ठीक है चलो” योगेश बोला, फिर उन तीनों ने ही अपनी अपनी जरूरत के कपड़े और समान एक बैग में रखा और श्यमू के साथ झरने की ओर निकल पड़े लगभग आधा घंटे के बाद वो उस झरने के पास पहुँच गये थे बहुत सुंदर व्यू था वहाँ का चाटो ओर घने पेड़ ज़मीन पर हरी हरी नरम घास और कल कल करती पानी की आवाज़ वातावर्ण को और भी मधुर बना रही थी झरना ज्यादा बड़ा नहीं था लगभग 12 फुट ऊपर से पानी अपनी मध्यम बढ़ता से नीचे गिर रहा था और नीचे एक बहुत बारे घेरे में जआंटी हो रहा था जिसकी गहराई भी लगभग 5 फुट थी और लंबाई चौड़ाई कोई 40-30 फुट थी जहाँ आराम से टायिरा भी जा सकता था टीना को ये जगह बहुत पसंद आई “योगेश मेरा मान तो ये कर रहा है की जब तक भी हम यहाँ है रोज यही आए नहाने के लिए कितना सुंदर स्थान है ये” वो बोली
“जैसी तुम्हारी मर्जी मैं रोज ही तुम्हें यहाँ ले आया करूँगा” योगेश बोला
“अच्छा बेटा अब मैं चलता हूँ खेतों में ज़रा काम है और भी तुमने रास्ता भी देख लिया है तो नहा कर वापस आजना फिर अभी मुझे तुम्हारे रात के खाने की भी तैयारी करनी है” श्यमू बोला
“ठीक है काका आप जाए हम लो आजाएँगे और आप रात के खाने की चिंता मत करो सिर्फ़ सब्जियो की व्यवस्था कर दो बाकी सारी चीज़े हम साथ ही लाए है और खाना भी ये दोनों ही बना लेगी और हाँ कल सुबह से ही मैं भी आपके साथ ही काम करूँगा” योगेश ने जवाब दिया
“ठीक बेटा जैसी तुम्हारी मर्जी” इतना कह कर श्यमू चला गया
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 54 ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 55
अभी झरने पर उन लोगों के सिवाय और कोई नहीं था और जैसा श्यमू ने बताया था उसके हिसाब से वहाँ किसी के आने की उम्मीद भी बहुत कम थी योगेश अपने कपड़े उतार कर सिर्फ़ आंडरवेयर में ही पानी के अंदर घुस गया लेकिन लड़कियों के सामने अभी भी कपड़ों की परेशानी थी की वो क्या पहन कर नहाए
“अब बोल हम क्या पहने, वहाँ तो खूब बोल रही थी की कपड़ों का इंतजाम हो जयर्गा अब कर इंतजाम” माधुरी टीना से बोली
टीना तो पहले ही तय कर चुकी थी की उसे क्या करना है यहाँ वो सिर्फ़ योगेश को पटाने के लिए आई थी इसलिए उसने सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में की नहाने की सोच रखी थी लेकिन माधुरी जो इतनी जल्दी अपने आप को टीना के सामने एक्सपोज़ नहीं करना चाहती थी उसके सामने बड़ी समस्या थी उसकी बात सुन कर टीना बोली “देख भाई मैं तो ब्रा और पैंटी में ही नहा रही हूँ अगर तेरी मर्जी है तो टब भी मेरे जैसे ही नहा ले”
“क्या पागलों जैसी बातें कर रही योगेश के सामने मैं उन कपड़ों में कैसे नहा सकती हूँ, और क्या तुझे शर्म नहीं आएगी योगेश के सामने ऐसे कपड़ों में नहाने में” मधु बोली
“जो लड़की अपने सगे भाई से चुदाया सकती है उसे अपने कज़िन भाई के सामने इन कपड़ों में कैसे शर्म आसक्ति है, लेकिन हाँ अगर तुझे ब्रा पैंटी में नहाने में शर्म आती है तो तू एक काम कर वहाँ झाड़ियों के पीछे जाकर अपने सारे कपड़े उतार और सिर्फ़ कुरती पहन कर आजा जिससे तुझे योगेश के सामने शर्म भी नहीं आएगी और तू सिर्फ़ कुरती में होने की वजह से अच्छे से नहा भी लेगी” टीना बोली
टीना की बात माधुरी को जाच गई और झाड़ियों के पीछे चली गई लेकिन वो नहीं जानती थी की आगे जिस तरह वो नहाने वाली है उससे योगेश पर क्या फर्क पड़ने वाला है इधर माधुरी के जाते ही टीना ने अपना काम शुरू कर दिया वो के ढीली सी शर्ट और पेंट पहने हुई थी जिसे उतरने में उसे टाइम नहीं लगना था उसने योगेश की ओर देखा जो झरने की नीचे खड़ा अपने सर पर गिरते पानी का मजा ले रहा था और उसका ध्यान टीना की ओर नाशी था “योगेषह…पानी ठंडा है क्या” टीना उसका ध्यान अपनी ओर खिंचते हुए बोली और अपनी शर्ट के बटन जल्दी जल्दी खोलने लगी ताकि योगेश को उसके ब्रा में कैद बूब्स के दर्शन हो जाए उसकी आवाज़ सुनते ही योगेश ने पलट कर जवाब दिया “नहीं पानी ठीक है ज्यादा ठंडा नहीं हाईईईईईई….” टीना की हालत देख कर योगेश की बाकी बात उसके मुंह में ही रही गई क्यों की उसके पलटने तक टीना अपनी शर्ट उतार चुकी थी और उसके बारे बारे गोरे बूब्स उसकी छोटी सी ब्लैक ब्रा में फँसे हुए आज़ाद होने के लिए मचल से रहे थे ये सीन देख कर योगेश भौचक्का रही गया था
“वहाँ मजा तो आ रहा है ना” कहते हुए टीना बगैर योगेश की ओर देखे अपने पेंट की बटन खोलने लगी वो योगेश से नज़र मिला कर उसका ध्यान नहीं भटकना छगती थी अब बटन खोल चूकने के बाद उसके हाथ जीप नीचे कर रहे थे जैसे ही जीप खुली योगेश को टीना की ब्लैक पैंटी के दर्शन हो गये और उसका लंड पूरा टाइट हो गया अब टीना धीरे धीरे अपने टाइट जींस को उतरने लगी जैसे जैसे जींस नीचे आ रहा था योगेश की धड़कने भी बढ़ती जा रही थी अबतक उसका लंड उसके ढीले से आंडरवेयर में बड़ा सा टेंट बना चुका था जो दूर से ही नज़र आ रहा था लेकिन अब योगेश कुछ कर भी नहीं सकता था अब तक टीना का जींस उसके घुटनों तक उतार चुका था लेकिन झुके होने की वजह से योगेश को उसकी चुत का भाग दिखाई नहीं दे रहा था तभी ‘अऔच्च…मर गई रीई….’ की आवाज़ निकलते हुए धम से नीचे गिर गई उसका पेंट अभी भी उसके पैरों में फँसा हुआ था उसे गिरते देख योगेश को होश आया और वो टीना की तरफ लपका लेकिन फिर अपने खड़े लंड का तंबू देखकर आधे रास्ते में ही रुक गया उसे रुकता देख टीना ने फिर आ भारी और बोली “वहाँ खड़ा क्या देख रहा है, यहाँ आकर मुझे उठा ना” टीना की बात सुनकर अब रुकने का तो कोई मतलब ही नहीं था योगेश धीरे धीरे उसकी तरफ बढ़ने लगा वो नहीं चाहता था की तेज चलने से उसका लंड जोरों दे हिले उधर माधुरी भी झाड़ियों के पीछे अपनी सलवार कुरती और ब्रा पैंटी उतार चुकी थी उसने एक बार अपनी चुत पर हाथ फिराया जो की आज पहली बार चुदने वाली थी और फिर अपनी कुरती पहन ली तभी उसे टीना की चीख सुनाई दी तो उसने अपने कपड़े उतहाए और झाड़ियों से बाहर आगाई लेकिन बाहर आते ही जहाँ की तहाँ रुक गई और सामने का नज़ारा देखने लगी अब तक योगेश टीना के पास आ चुका था टीना उसके टेंट का साइज देखकर चौंक गई वो समझ गई की योगेश का लंड उसके भाई राहुल के लंड से बड़ा है और इससे चुदवाने में तो बहुत मजा आएगा वो उसे ही घूरने लगी योगेश समझ गया की टीना क्या घूर रही है इसलिए वो झट से टीना के पीछे गया और उसकी बाहों में हाथ डाल कर उसे ऊपर उठाने लगा लेकिन टीना जानबूझ कर उठने की कोशिश नहीं कर रही थी इसलिए योगेश उसे उठा नहीं पाया
“इतना बड़ा हो गया है फिर भी एक लड़की को नहीं उठा पा रहा है चल पहले मेरा पेंट उतार फिर मुझे उतहाना” टीना बोली उसकी बात सुनकर योगेश झेपते हुए टीना के सामने आ गया और मॅब ही मान अपने लंड को गली बकने लगा की साला बैठने का नाम ही नहीं ले रहा है फिर वो टीना के पैरों के सामने नीचे बैठा और टीना का पेंट खींचने लगा तभी टीना ने अपने पैर का एक पाँजा योगेश के लंड से टीका दिया योगेश एकदम से चौंक उठा और उसका हाथ पेंट खिंचते हुए रुक गया “क्या हुआ तू रुक क्यों गया पेंट उतार ना” कहते हुए टीना योगेश का लंड अपने पैर से रगड़ने लगी योगेश समझ रहा था की टीना जानबूझ कर ऐसा कर रही है लेकिन उससे कुछ बोलते भी नहीं बना जैसे तैसे अपना लंड रगद्वाते हुए वो टीना पेंट उतरने लगा उधर माधुरी टीना का सारा तमाशा देख रही थी अभी तक वो चुप थी लेकिन अब उसे लगा की उसे वहाँ जाकर योगेश की हेल्प करनी चाहिए वरना पता नहीं टीना बेचारे योगेश को कितना परेशान करे
“अरे टीना क्या हुआ तुम कैसे गिर गई” माधुरी टीना के पास बैठते हुए बोली यूँ बैठने से उसकी दोनों मोटी गोरी जांघें कुरती के दोनों साइड से बाहर आगाई जिन्हें देखते ही योगेश के लंड ने एक जोरदार झटका मारा जिसे टीना ने अपने पैर पर अच्छे से महसूस किया और उसने योगेश को देखा टीना से नज़रे मिलते ही योगेश ने अपनी गर्दन झुका ली “बता ना क्या हुआ” मधु फिर बोली
“कुछ नहीं बस पेंट उतरते वक्त बैलेन्स बिगड़ गया था और मैं गिर गई” टीना बोली
“कहीं चोट वॉट तो नहीं लगी ना” मधु ने पूछा
“नहीं यार कोई चोट नहीं लगी” टीना बोली
तब तक योगेश टीना का पेंट उसके पैरों से अलग कर चुका था पेंट निकलते ही टीना ने अपनी टाँगे फैला ली जिससे उसकी छोटी सी पैंटी में फाँसी हुई फूली चुत एकदम योगेश के सामने आगाई उसके लंड ने एक झटका और मारा और उसका मुंह खुला का खुला ही रही गया उसकी ऐसी हालत देख कर टीना मुस्कुराते हुए बोली “इतना बड़ा होने के बाद भी तू अभी बच्चा ही है” योगेश उसकी बात नहीं समझ पाया लेकिन माधुरी समझ गई और बोली “पहले नहले फिर फार्म हाउस पहुँच कर इसे भी बड़ा कर देना” टीना भी माधुरी का मतलब समझ गई और माधुरी के साथ ही खड़ी होकर झरने की ओर चल दी योगेश वही बैठे अपनी दोनों बहनों के पिछवाड़ो को घुरे झड़ रहा था टीना की पैंटी में फँसी गांड की मटकं उसके लंड को तर्रए दे रही थी तो माधुरी की भारी गांड जॉन की टाइट कुरती में थिरक रही थी योगेश की गांड में गुदगुदी कर रही थी तभी हवा एक झोंका आया जिससे माधुरी की कुरती पीछे से ऊपर उठ गई और योगेश को जैसे जन्नत के नज़रे हो गये कुरती उठहते ही योगेश को माधुरी की नंगी गांड दिखाई दे गई तभी माधुरी ने पलट कर योगेश को आँख मर दी वो समझ गया की माधुरी भी मूंड़ में है इसीलिए उसने पैंटी नहीं पहनी है अब योगेश की हालत खराब हो चुकी थी वो समझ नहीं परहा था की वो इन दोनों को एक साथ कैसे संभाले एक उसे आँधी लग रही थी और दूसरी तूफान
अब तक दोनों ही लड़कियाँ पानी में घुस चुकी थी ‘चल अब जॉब ही होगा देखा जाएगा’ मान में ऐसा सोच कर सर झटकता हुआ वो भी झरने की ओर चल दिया………..
टीना और माधुरी दोनों ही पानी में उतार चुकी थी लेकिन वो दोनों ही ज़हरे पानी में उतरने की जगह किनारे किनारे से ही झरने की ओर जाने लगी जाहिर था की वो पानी में डुबकी लगाने की बजाए पहले तेज पानी की बौछार अपने शरीर पर लेना चाहती थी उधर योगेश पानी में उतार कर तैरने लगा था
टीना और मनीषा जैसे ही झरने के नीचे पहुँची दोनों ही ठंडे पानी की वजह से झुरजुरी लेने लगी कुछ देर बाद जब दोनों का ही बदन उस पानी को झेलने लायक हुआ तो दोनों ही पानी में मस्ती करने लगी टीना तो पहले ही ब्रा पैंटी में थी तो उनके गीले होने से उसे ज्यादा असर नहीं हुआ लेकिन माधुरी की पतली सी कुरती गीली हो कर उसके बदन से चिपक गैट ही और थोड़ी ऊपर भी उठ गई थी जो अब बड़ी मुश्किल से उसके भारी नितंबों को भी नहीं ढक पा रही थी
“तू योगेश के साथ क्या कर रही थी तब” माधुरी बोली
“कब” टीना अंजान बनते हुए बोली
“देख टीना तू मुझे बहलाने की कोशिश मत कर मैं सब देख रही थी की किस तरह तू उससे पेंट उतरवाते हुए उसके लंड को अपने पैर से रगड़ रही थी और हाँ अब झूठ नहीं बोलना वैसे भी हम एक ही थाली के चाटते बात है इस लिए कुछ भी छुपाने की जरूरत नहीं है” माधुरी बोली
अब टीना थोड़ी गंभीर हो गई थी “तू सच कह रही है माधुरी सच में मैं ऐसा ही कर रही थी लेकिन तू तो जानती है की राहुल से चुदवाते चुदवाते मुझे लंड लेने की ऐसी आदत हो गई है की अब मैं बगैर लंड के रही ही माही सकती इसीलिए मैं तुम्हारे साथ यहाँ आई हूँ ताकि मुझे चुदाई का मौका मिल सके इसीलिए मैं योगेश को पटाने की कोशिश कर रही हूँ अगर तुम इसमें मेरी मदद कर सको तो कर दो यार” टीना बोली
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 55 ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 56
टीना की बात सुनकर माधुरी सोच में पड़ गई थी हलकी उसे खुद भी टीना को अपनी साइड मिलना ही था अगर उसे योगेश से चुदाई करनी थी तो लेकिन टीना खुद भी यही चाहती थी इसलिए वो थोड़ा कन्फ्यूज़ हो गई की कहीं टीना के चक्कर में योगेश उसे ही ना भूल जाए लेकिन अब टीना से बात किए बगैर कुछ हो भी नहीं सकता था इसलिए मान पक्का कर के बोली “देख टीना मैं तेरी मदद कर सकती हूँ बल्कि तुझे योगेश से चुदाया भी सकती हूँ लेकिन तुझे वादा करना होगा की ये बात राज रहेगी और हम दोनों के बीच ही रहेगी”
“ठीक है मैं मैं वादा करती हूँ छा लब बोल क्या बात है” टीना अपने बदन पर हाथ फिरती हुई बोली
“जब मैं राहुल से गांड मरवाने को तैयार हुई थी तब तूने पूछा था ना की मैंने पहले अपनी गांड किस से मरवाई है तो मैंने तुझे कहा था की वो मेरा एक दोस्त है, है ना?” माधुरी बोली
“हाँ और तूने ये भी कहा था की जब मैं तेरे घर आऊंगी तो तू मुझे उससे मिलवाएगी भी, लेकिन इस बात से हमारी अभी की बात का क्या मतलब है” टीना कुछ ना समझते हुए बोली
“मतलब है टीना योगेश ही मेरा वो दोस्त है” टीना बोली
“क्या……ये क्या बोल रही है तू” पहले तो टीना चौंकी लेकिन फिर मुस्कुराते हुए बोली “मैं तो तुझे बहुत शरीफ समझती थी लेकिन टब ही मेरे जैसी ही निकली ‘भाई चोद’ चल ठीक है अब तो मेरा सारा टानशों ही खत्म हो गया है अब तो तू योगेश को ऐसे ही राज़ी कर लेगी”
“लेकिन अभी मेरे संबंध उससे इतने पक्के नहीं हुए है की मैं डायरेक्ट उससे तेरी बात कर सुकून तुझे मैं पहले ही बता चुकी हूँ की मैंने अभी तक योगेश को अपनी चुत नहीं मरने दी है और हम इसीलिए यहाँ आए भी है आज रात को मैं योगेशसे चुदाया लू फिर कल तेरा नंबर लगवती हूँ लेकिन तुझे रात को हमें मौका देना होगा” माधुरी बोली
“ठीक है लेकिन अभी मुझे उससे थोड़े मजे तो ले लेने दे, तू अभी यहीं रहना मैं जाती हूँ उसके पास ठीक है” टीना बोली
“ठीक है लेकिन कहीं यही उससे मत चुदवाने लगना” माधुरी हंसते हुए बोली
उधर योगेश की हालत बहुत खस्ता होती जा रही थी उसके सामने दो दो लड़कियाँ अधनंगी हालत में खड़ी थी और उसके लंड को उपवास रखना पड़ रहा था खास टूर से माधुरी की कुरती ने उसके होश उड़ा रखे थे जो उसके पूरे बदन से चिपक कर धीरे धीरे ऊपर की ओर सरकते जा रही थी योगेश का लंड माधुरी के गोलमटोल चूतड़ देख कर झटके पर झटके मर रहा था वहीं टीना का कातिलाना बदन भी उसके दिल पर छुरिया चलाए जा रही था उसने अपना लंड पानी के अंदर ही मसलना शुरू कर दिया था तभी टीना को अपनी ओर आते हुए देख उसने अपने लंड को वापस अंदर डाला और अपना हाथ भी बाहर निकल लिया
“योगेश मुझे भी टरना सिखाओ ना” टीना उसके पास आते ही इठला कर बोली
“क्या तुम्हें अभी तक तैरना नहीं आता” योगेश बोला
“आज तक कभी सीखने का मौका ही नहीं मिला तो कैसे आता” टीना बोली
“टिक है च्लो इधर आओ” योगेश बोला
अब टीना योगेश के पास आगाई तो योगेश ने पहले खुद उसे तैयार कर दिखाया और फिर उससे भी ऐसा ही करने को कहा लेकिन वो ठीक से नहीं कर पाई तो योगेश ने उसे हाथों का सहारा देकर तारन की कोशिश की लेकिन फिर भी टीना से नहीं बन पाया लेकिन इस कोशिश में कई बार योगेश के हाथ टीना के बूब्स पर दबे और कई बार योगेश का लंड टीना की गांड से टकराया जिस से दोनों ही गरम हो गये थे योगेश तो टीना से ज्यादा कुछ कर ही नहीं सकता था लेकिन टीना को भी ऐसा कोई मौका नहीं मिल रहा था जिससे वो कुछ कर सकती आख़िर उसने परेशान होकर अपनी हार मान ली और बोली “रहने दो योगेश मुझसे नहीं होगा” और वापस झरने की ओर चली गई उसे वापस आया देख माधुरी बोली “ले लिए मजे”
“कहाँ यार बस थोड़ा बहुत ही मजा मिल पाया बाकी मौका ही हाथ नहीं आया कुछ करने का और योगेश भी अपनी तरफ से कुछ नहीं कर रहा था” टीना मायूस होकर बोली
“ठीक है तो अब वापस चलते है टाइम भी बहुत हो गया है लेकिन याद रखना रात को मुझसे दूर ही रहना” माधुरी बोली
“लेकिन तुम्हें कुछ ऐसा करना होगा की मैं तुम दोनों की चुदाई देख सुकून” टीना ने शर्त रखी
“ठीक है मैं दरवाजा खुला रखूँगी” कह कर माधुरी ने योगेश को बुलाया “योगेश चलो अब बहुत टाइम हो गया है”
“ठीक है दीदी तुम लोग कपड़े बदलो तब तक मैं भी आता हूँ” कह कर योगेश झरने की तरफ तरफ गया और टीना और माधुरी वापस आकर अपना बैग निकल कर झाड़ियों की तरफ चेंज करने चली गई
कुछ देर बाद तीनों ही अपने फार्म हाउस वापस आ गये थे शाम हो चुकी थी और दोनों ही बहने श्यमू के साथ मिलकर खाना बनाना लगी थी…………….
शाम के 8 बज चुके थे टीना और माधुरी खाना तैयार कर चुकी थी टीना अभी बाथरूम में थी जबकि माधुरी किचन की सफाई में लगी थी श्यमू के साथ,
योगेश एक रूम में जो उसके लिए सेट किया गया था में बैठा बियर चुसाक रहा था दोपहर में टीना ने उसके साथ जो भी किया था वो उसे अभी तक गुदगुदा रहा था ‘क्या टीना के दिल में कुछ है,वो करना क्या चाहती है,और मधु कौन सी राज की बात बताने वाली थी उसे’ योगेश के मान में यही सोचे घूमड़ रही थी झरने पर माधुरी के भीगे बदन की याद करके उसका पप्पू अभी भी झटके मर रहा था ‘आज तो तुझे रुला कर ही छोड़ूंगा मधु, आज अगर तेरी चुत फाड़ ना दी तो कहना’ सोचते हुए योगेश ने अपना लंड बाहर निकल लिया और सहलाने लगा उसकी आंखों के सामने अभी भी उसकी दोनों बहनों का अर्धनग्न शरीर ही घूम रहा था अभी तक वो के बियर खत्म कर चुका था जिसका सुरूर उसके चेहरे पर देखा जा सकता था वो आज बहुत उत्तेजित था क्यों की आज उसे माधुरी की अनचुड़ी चुत खोलने को मिलने वाली थी बियर उस पर अपना असर अच्छे से दिखा चुकी थी और वो अपनी सोचो में गुम ये भी भूल गया था की दरवाजा खुला है और वो अपना नंगा लंड थामे बैठा है
टीना फ्रेश हो कर आचुकी थी वो अभी छोटी सी ंघितय पहने हुई थी जो उसकी जांघों को ढँक पाने में ही पसीने बहा रही थी और उसके नीचे उसने सिर्फ़ पैंटी भर पहनी थी नाइटी का गला डीप कट होने के बावजूद भी उसने ब्रा पहनने की जरूरत महसूस नहीं की थी अभी कंडीशन ये थी की अगर वो ज़रा भी नीचे झुकती तो उसकी बड़ी बड़ी चुचियाँ बिना किसी शोर शरबले के झट से बाहर आ जाती इधर माधुरी भी अपने काम से फ्री हो चुकी थी अब वो भी बाथरूम जाना चाहती थी फ्रेश होने के लिए तो वो टीना से बोली “तू बैठ मैं आती हूँ फ्रेश होकर”
“हाँ हाँ ज़रा अच्छे से फ्रेश होना आज तो तेरी सुहाग रात है ना योगेश को कुछ भी गलत नहीं लगना चाहिए, और हाँ अपनी पप्पी की शेव भी कर लेना कहीं योगेश को बुरा ना लगे” टीना उसकी मजा लेते हुए बोली
“तू तो ऐसे बातें कर रही है जैसे तुझ पर ये समय आया ही ना हो, वैसे टीना पहली बार चुदवाने में बहुत दर्द होता है क्या?” माधुरी बोली
“अरे यार वो तो थोड़ा बहुत होता ही है लेकिन गांड मरवाने से कम ही होता है और तू तो पहले ही गांड मरवा चुकी है इसलिए शायद तू ये दर्द बर्दाश्त कर लेगी, वैसे अगर मैं तेरी चुदाई के वक्त तेरे साथ रहूं तो शायद इस दर्द को सहने में मैं तेरी कुछ मदद कर सकती हूँ” टीना बोली
टीना की बात सुनकर माधुरी कुछ देर तक सोचने के बाद बोली “चल मैं फ्रेश हो कर आती हूँ फिर बात करते है” और बाथरूम की तरफ जाने लगी
“योगेश कहाँ होगा अभी” टीना ने पूछा
“वो अपने रूम में बैठा है” कहते हुए माधुरी चली गई ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 57
अब टीना योगेश के रूम में पहुंच गई लेकिन वहाँ का नज़ारा देख कर उसका हलक सच गया योगेश शून्या में देखते हुए अपने फुल टाइट 8 इंच के विकराल लंड को धीरे धीरे सहला रहा था साथ ही बियर की चुस्कियाँ भी ले रहा था उसे पता नहीं था की टीना उसके कमरे में आचुकी है और उसकी हरकत देख रही है टीना धीरे धीरे चल कर योगेश के पीछे आकर खड़ी हो गई और उसके मूसल लंड को ललचाई नज़रो से देखने लगी योगेश का लंड देखकर उसकी चुत की प्यास जगह गैट ही और वो हल्का हल्का पानी छोडने लगी थी कुछ देर ये सब देखकर टीना अपने आपे से बाहर हो गई उसकी तीव्र इच्छा हो रही थी की वो योगेश के लंड को अपने हाथों से मसलते हुए उसे मुंह में भर ले और आख़िर में उसके सब्र का बाँध टूट ही गया और वो झुक कर योगेश के हेल में हाथ डाल कर उसकी गर्दन को चूमते हुए बोली “जान मैं कुछ मदद कर दूं क्या”
टीना की आवाज़ सुनकर योगेश चौंक गया और उसने उतना चाहा लेकिन एक तो टीना का वजन उसके ऊपर था और दूसरे नशे की अधिकता के कारण वो उठ नहीं पाया लेकिन वो अपने लंड को अपने पेंट के अंदर करने की कोशिश करने लगा लेकिन उसका लंड टाइट होने के कारण अंदर जा ही नहीं पाया तब तक टीना ने और नीचे झुकते हुए उसका लंड पकड़ लिया टीना के कोमल हाथों का स्पर्श अपने कड़क लंड पर होते ही योगेसह सिहर उठा और अपने आप को ढीला छोड़ते हुए मारे स्वर में बोला “ये आप क्या कर रही हो दीदी”
“कुछ नहीं जान बस अपने भाई की प्यास बुझाने की कोशिश कर रही हूँ” टीना बोली
“लेकिन ये गलत है दीदी आख़िर हम भाई बहन है” योगेश ने उसी तरह ढीले लहजे में कहा
“इसीलिए तो मैं तेरी मदद कर रही हूँ की तू मेरा भाई है कोई दूसरा होता तो मैं उसकी मदद क्यों करती” टीना हल्के हाथों से उसका लंड सहलाते हुए बोली
“लेकिन दीदी ये सहीं नहीं है हमारे बीच में” योगेश टीना के स्पर्श से आनंदित होते हुए जूता विरोध करते हुए बोला
तभी माधुरी एक ढीला सा गऊन्न पहने कमरे में दाखिल हुई और टीना और योगेश को मुंह फाड़े देखने लगी उसे यकीन नहीं आया की टीना इतनी जल्दी योगेश को कब्जे में लेलेगी उधर योगेश माधुरी को देख नहीं पाया था लेकिन टीना की नज़र माधुरी पर पड़ चुकी थी माधुरी को देखते हुए टीना ने योगेश को जवाब दिया “क्यों जब माधुरी जो सगी बहन है उसके साथ ठीक है तो मेरे साथ क्यों नहीं मैं तो फिर भी तुम्हारे माआंटी की ही लड़की हूँ”
योगेश को झटका सा लगा उसे समझ ही नहीं आया की टीना ये बात कैसे जानती है जब की ये बात तो उसके और माधुरी के सिवाय किसी को भी पता नहीं थी “ये क्या बोल रही हो दीदी तुम, मेरे कुछ समझ नहीं आ रहा”
“क्यों माधुरी अब तू इसे समझाएगी या मैं ही बता दूं” टीना माधुरी से बोली
माधुरी का नाम सुनकर ही योगेश की गांड फट गई और वो इस बार सच में खड़ा हो गया उसका ताना हुआ लंड अभी भी पेंट के बाहर था उसे इस बात का भी होश नहीं था ओ आंखें फाड़े माधुरी को ही देखे जा रहा था वो इस तरह से माधुरी के सामने पकड़े जाने से बहुत आहट था भले ही वो कुछ नहीं कर रहा था लेकिन वो टीना को मना भी तो नहीं कर रहा था क्या सोचेगी माधुरी उसके बारे में बस यही बात उसे परेशान कर रही थी
“टीना से कुछ भी नहीं छुपा है योगेश इसलिए तुम उससे ना तो डरो और ना ही झूठ बोलो अब ये हमारी साथी है तुम जो कुछ भी मेरे साथ कर चुके हो या करने वलेहो वो सब अब तुम इसके साथ भी कर सकते हो और हाँ मैं बुरा भी नहीं मानूँगी” माधुरी बोली
माधुरी की बात सुनकर टीना योगेश के सामने आगाई और योगेश के मूसल लंड को मुंह में लेने की हसरत पूरी करने के लिए घुटनों के बाल योगेश के सामने बैठ कर उसके लंड को अपने होठों से रगड़ने लगी
“लेकिन दीदी ये सब चक्कर है क्या” योगेश टीना के होठों के जादू के वशीभूत होते हुए बोला तब माधुरी माधुरी शुरू से उसे सारा किस्सा सुनाने लगी की ये क्या चक्कर था उधर टीना अब योगेश के लंड को मुंह में लेने की कोशिश शुरू कर चुकी थी हलकी लंड थोड़ा मोटा होने की वजह से उसे तकलीफ हो रही थी लेकिन वो अपनी कोशिशों में लगी हुई थी
माधुरी की बातें सुनकर उसे यकीन ही नहीं हो रहा था की पिछले 5 सालों से टीना और राहुल आपस में चुदाई कर रहे थे और तो और माधुरी ने भी राहुल से गांड मरवाली है माधुरी के राहुल से गांड मरवाने की बात सुन कर उसे थोड़ी जलन हुई उसने टीना की ओर देखा तो वो अब तक उसके लंड को पूरी तरह मुंह में भर चुकी थी जलन के कारण योगेश ने एक हल्का सा धक्का लगा दिया जिससे उसका लंड सीधे टीना के गले से जा टकराया टीना ने झट से उसका लंड मुंह से बाहर निकल दिया और खांसने लगी माधुरी समझ गई की उसकी और राहुल की बात योगेश को अच्छी नहीं लगी थी वो आगे बढ़ी और उसने योगेश को कुर्सी पर बैठा दिया और खुद उसकी गोद में दोनों तरफ टाँगे डालकर बैठ गई और योगेश के होठों से अपने होंठ जोड़ लिए योगेश का खड़ा लंड जो अभी भी पेंट से बाहर ही था उसकी गांड पर गऊन्न के ऊपर से दस्तक देने लगा माधुरी भी उसे अच्छे से महसूस करके अपनी गांड आगे पीछे करने लगी थी टीना अब संभाल चुकी थी और उसकी खाँसी भी बंद हो चुकी थी और भी वो टकटकी लगाए उन दोनों भाई बहन को देख रही थी
अब योगेश के हाथ भी माधुरी के बूब्स पर पहुंच चुके थे और वो ज़ोर ज़ोर से उन्हें मसल रहा था दोनों ही भाई बहन एकदुसरे में पूरी तरह खो चुके थे और टीना उनकी हरकतों में वो शायद अभी बहुत देर तक होश में भी नहीं आते लेकिन श्यमू काका की आवाज़ सुनकर उन तीनों की तंद्रा टूटी श्यमू उन्हें खाना खाने के लिए बुला रहा था तीनों ही होश में आकर अपनी हालत ठीक करने लगे और अपने आप को ठीक करके तीनों ही हॉल में आ गये जहाँ श्यमू थाली परोसने की तैयारी कर रहा रात क्ले 9 बजे ही तीनों खाना कहा चुके थे और हॉल में बैठे थे श्यमू एक और मजदूर के साथ किचन की सफाई में लगा था अभी थोड़ी देर पहले हुई घटना से तीनों ही अपने आप में गुम थे योगेश और टीना अभी भी यकीन नहीं कर पड़े थे की उन डोडो के बीच एकाएक ही इतना सब कैसे हो गया हलकी दोनों के मान में एक दूसरे के साथ यही सब करने की इच्छा थी लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी की ये सब ऐसे होगा उन दोनों को ही इसकी उम्मीद नहीं थी
“तो आगे का क्या प्रोग्राम है” माधुरी बोली
माधुरी की आवाज़ सुनकर दोनों जैसे नींद से जागे और माधुरी का मुंह देखने लगे शायद वो माधुरी की आवाज़ सुन नहीं पाए थे “अरे भाई मैं पूछ रही हूँ की आगे का क्या प्रोग्राम है और तुम दोनों ऐसे कहाँ गुम हो की तुम दोनों को ही मेरी आवाज़ भी सुनाई नहीं दे रही”
अब तक टीना अपने आपको संभाल चुकी थी वो मुस्कुराते हुए बोली “हम से क्या पूछती हो तुम ही बताओ क्योंकि आज की फिल्म की मैं स्टार तो तुम ही हो आख़िर आज तुम काली से फूल बनने जा रही हो आगे जॉब ही होगा तुम्हारी ही मर्जी से होगा, क्यों योगेश”
योगेश टीना के ऐसे पूछने से शर्आंटी गया वो अभी भी टीना से नज़रे नहीं मिला पा रहा था माधुरी उसकी हालत समझ रही थी उसे पता था की जो कुछ भी अभी हो के हटा था योगेश उसके लिए तैयार नहीं था लेकिन अगर योगेश इसी तरह शरमाता रहा तो फिर बात आगे कैसे बढ़ेगी इसलिए योगेश को समझना होगा ये सोचकर माधुरी बोली “कम ऑन योगेश तुम तो किसी लड़की की तरह शर्आंटी रहे हो अरे मैं तुम्हें टीना के बारे में सब बता तो चुकी हूँ फिर इस तरह बिहेव करने का क्या मतलब है भी ब्रेव यार अगर मैं तुम्हारी जगह होती और टीना जैसी लड़की यू मुझे मिलजाति तो अभी तक मैं उसकी चुत का भोसड़ा बना चुकी होती”
“बिलकुल अगर मैं भी होती योगेश की जगह तो यही करती जोत तुम कह रही हो” टीना ने भी माधुरी के सुर में सुर मिलाया
“मैं…” अभी योगेश कुछ कहता उसके पहले ही श्यमू और वो मजदूर वहाँ आ गये और स्यमू योगेश से बोला “बेटा सारा काम कर दिया है और कोई बात हो तो बोल दो नहीं तो अब हम दोनों जाते है”
“नहीं काका अब कोई काम नहीं है तुम जा सकते हो अब, लेकिन सुबह जल्दी आजना कल से हमें काम भी देखना है” योगेश बोला
“ ठीक है बेटा अब हम चलते है” कहकर श्यमू उस मजदूर को लेकर चला गया योगेश उठा और उसने सारे दरवाजे अच्छे से लॉक कर दिए और आकर टीना और माधुरी के पास बैठ गया
“हाँ तो क्या बोल रहा था तू” माधुरी बोली
योगेश भी अब तक समझ चुका था की अब ज्यादा शरीफ बनने का कोई मतलब नहीं है जब टीना की चुत में ही खुजली हो रही है तो मुझे क्या हर्ज है “मैं ये बोल रहा था की तुम दोनों कितनी बिगड़ गई हो क्या तुम्हें चुदाई के सिवाय और कुछ भी नहीं सूझता” वो बोला “अब देखो योगेश मैंने अभी तक चुदवाया नहीं है तो मुझे इसके सिवाय और क्या सुझेगा”माधुरी बोली
“ और मैं इतना ज्यादा चुदाया चुकी है की मुझे इसकी लत पड़ गई है अब तुम ही बताओ की मेरी गलती क्या है, गलती तो तुम दोनों भाइयों की है जिन्होंने हमें इसकी आदत लगाई, क्यों मधु मैंने ठीक कहा ना” टीना बोली
“एकदम सही कहा टीना मुझे भी इसी ने उकसाया था सेक्स के लिए ना ये मेरा नाम लेकर मुत्ह मरता ना मैं इसके इतने करीब आती” माधुरी बोली
ये साला है बड़ी किस्मत वाला है – 57