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रंडी की मुहब्बत complete

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जिंदगी कई उलझनों में लिपटी हुई चल रही थी तरुणा ने मुझे बताया की काजल ने अपने अतीत के बारे में बताने से उसे साफ मना कर दिया जो हो चुका था वो उसे याद नही करना चाहती थी,

मैं बस कुछ शक ही कर सकता था लेकिन यकीन से कुछ भी नही कह सकता था की आखिर शकील और अविनाश के बीच रिलेशन क्या है…

खैर जो भी हो वो बस इतना तो पता था की शकील अविनाश को जानता है लेकिन अविनाश शकील को नही जानता,क्योकि अविनाश का नाम सुनकर और उसे देखकर शकील के चहरे की हवाइयां उड़ी थी जबकि अविनाश बिल्कुल ही नार्मल था ...और अविनाश और काजल के बीच कोई सम्बंध जरूर है…

खैर अभी मेरे लिए सबसे बड़ी मुसीबत थी दिन रात का पहरा,सिर्फ कालेज के अंदर ही मैं शकील की नजर से दूर रहता था बाकी समय उसके लोग मेरे आसपास ही रहते थे…

कालेज में मेरी मुलाकात मेरे एक सीनियर से हुई जो कम्प्यूटर साइज़ के जीनियस कहे जाते थे,मेरा कोडिंग में इंटरेस्ट देखकर उन्होंने मुझे बुलाया,नाम था देबुजीत ,उन्होंने मेरे अंदर कम्प्यूटर और टेक्नोलॉजी की दुनिया का कुछ अलग ही कीड़ा लगा दिया,उन्होंने मुझे हैकिंग के बारे में बताया जो की नेटवर्किंग का पार्ट था,और अभी कोर्स में भी नही था लेकिन ऐसी चीजो में मुझे इंटरेस्ट बढ़ गया क्योकि मुझे कुछ ऐसा साधन खोजना जरूरी था जिससे मैं शकील के आंखों के सामने ही अपना काम कर सकू और उसे भनक भी ना लगे,देबू सर ने मुझे डार्क वेब के बारे में बताया,डार्क वेब इंटरनेट की वो दुनिया है जंहा कई इनलीगल काम होते है और उन्हें पकड़ा भी नही जा सकता वो एक ऐसा जाल है जंहा अनजान आदमी जाए तो अपना सब कुछ लुटा कर ही आएगा,हैकर्स का गढ़ ,अंडरवर्ड और टेरीरिस्ट लोग भी यंहा एक्टिव है तो पुलिस भी यंहा निगरानी करने की कोशिस करती है,उन्होंने मुझे कुछ बेसिक समझाए और हैकिंग सीखने के लिए डार्क वेब में अपने साथ जुड़ने की सलाह दी ताकि वो मेरा मार्गदर्शन कर सके और वंहा उन लोगो से मिलाए जो की हैकिंग तो करते है लेकिन उसका कोई गलत उपयोग नही करते ….

मैंने भी अपने एक लेपटॉप को खाली किया वंहा से अपने सारे पर्सनल इंफेरमशन डिलीट किया और डार्क वेब के लिए ही उसे रखा,और फिर एक नए दुनिया में प्रवेश किया जो की सामान्य इंटरनेट की दुनिया से बेहद ही अलग थी,कहा जाता है की इंटरनेट की दुनिया का सिर्फ 30% ही सामान्य इंटरनेट है बाकी का 70% डार्क वेब के जरिये ऑपरेट होता है,वो आपको कुछ भी करने की सुविधा देता है लेकिन अगर आप गलत लोगो के हाथ लग गए तो आपका खेल खत्म क्योकि सुरक्षा की कोई गारेंटी वंहा नही होती…

मैं देबू सर के बताए साइट में विजिट किया और उनके रिफरेंस से मुझे वंहा का मेंबर भी बना लिया गया,

वाह ...ये भी एक दुनिया थी,नए नए इन्फॉर्मेशन वंहा अवेलेबल थे,मुझे बस सीखना था और मैं सीखने लगा था…

इधर

शकील के हवेली में एक हलचल सी थी,दुबई से किसी डॉन का काल शकील को आया था और वो उसे अपने साथ काम करने के लिए दुबई बुला रहा था….वो चाहता था की इंडिया में उसका काम शकील ही देखे ,इससे शकील की पॉवर बेहद ही बढ़ने वाली थी उसे बेहिसाब पैसा मिलने वाला था जिससे वो यंहा नेताओ और पुलिस को खरीद कर अपने काम को और भी आसानी से चला सके ,पहले तो शकील को यकीन ही नही हुआ लेकिन फिर उसने अपनी इन्वेस्टीगेशन करवाई वो नंबर दुबई का ही था आर साथ ही उस डॉन का पर्सनल नंबर था ,बाकायदा उसके लोग शकील से मिलने आये और उनसे बात की ,आखिर शकील का दुबई जाना फाइनल हो गया था,वो यंहा के काम को जल्दी से जल्दी निपटान चाहता था और एक जरूरी काम था काजल को ढूंढना …

मैं शकील के सामने खड़ा हुआ था

“क्यो बे तुझे क्या प्रॉब्लम हो गई अब”

“भाई वो आप दुबई जा रहे हो और यंहा मेरे ऊपर इतने आदमी लगा के रखे हो,आप के जाने के बाद तो ये लोग मनमानी ही करने लगाएंगे, क्या अब भी आपको लगता है की काजल के गायब होने में मेरा कोई हाथ था ,इतने दिन बीत गए है छोड़िए इन सबको ये साले मुझे कोई काम ठीक से नही करने देते हर बात पर सवाल करते रहते है,मैं परेशान हो गया हु इन सबसे और वो रंडी तो साली ना जाने कहा भाग गई अगर इस शहर में रहती तो क्या अभी तक वो नही मिलती ..”

शकील अपने तैयारी में ऐसे भी परेशान था और मेरे मुह से काजल का नाम सुनकर वो और भी बौखला गया ..

“अबे तुझे चाहिए क्या “

“भाई इन चिरकुट लोगो को मुझसे दूर ही रहने के लिए बोलिये ,सालों को कुछ समझ तो आता नही है बस मेरा दिमाग खाते रहते है,आप थे तो आपका नाम लेकर इन्हें समझा देता था अब तो ये मेरे सर में चढ़कर मुतेंगे…”

अब मेरी भाषा भी कुछ कुछ शकील के गैंग वालो की तरह ही हो रही थी …

“ह्म्म्म ठीक है अब से कोई इसका पीछा नही करेगा रे,ऐसे भी यंहा धंधा सम्हालने के लिए मुझे और आदमी चाहिए चूतिये पर अब और आदमी बर्बाद नही करूंगा मैं ,चल जा अब “

मेरी तो बांछे ही खिल गई थी ,शकील कुछ 10 दिनों के लिए बाहर रहने वाला था इन 10 दिनों में मुझे अपने सभी बचे काम करवाने थे,सबसे जरूरी था काजल का इलाज ………

**********

शकील जा चुका था और मेरे पीछे लगे लोगो को उसने बाकी के कामो में लगा दिया था,दुबई वाले डॉन की शर्त ऐसी थी की शकील को काजल और बाकी चीजो से अपना ध्यान हटाकर उन कामो में ही फोकस करना पड़ा,फिर पासपोर्ट वीसा आखिर शकील दुबई के लिए रवाना हो गया……

***********

मैं अभी अभी शहर के एक मशहूर हॉस्पिटल के सामने खड़ा था ,मेरा दिल जोरो से धड़क रहा था,कारण साफ था की आज मैं इतने दिनों के बाद अपनी काजल को देखने वाला था,तरुणा ने डॉ से बात करके ऑपरेशन की डेट फिक्स करवा ली थी,काजल हॉस्पिटल में एडमिट भी हो चुकी थी,उसके टेस्ट चल रहे थे दूसरे दिन उसका ऑपरेशन होना था..

धड़कते हुए दिल से मैं हॉस्पिटल की ओर बढ़ रहा था,रिसेप्शन में ही मुझे तरुणा मिल गई ..

“क्यो मजनू आखिर आ ही गए लैला से मिलने”

मैं क्या कहता

“कहा है वो ..?”

“सेकंड फ्लोर रूम नंबर 132”

तरुणा ने मुझे मुस्कुराते हुए कहा और बाहर की ओर निकल गई ,मैं भागता हुआ लिफ्ट के पास पहुचा वो ऑलरेडी ऊपर थी मैंने सीढ़ियों का सहारा लिया और दौड़ाते हुए 2nd फ्लोर में पहुच गया ..

सामने वो कमरा था जंहा मेरी जान थी,मैंने धीरे से उसे खोला..

“कौन है आप बाहर जाइये “

मेरे अंदर घुसने से पहले ही एक नर्स चिल्ला पड़ी,

“जानते नही ये केंसर वार्ड है जाइये पहले ग्लब्स पहन कर आइए “

नर्स मेरे साथ ही बाहर आ गई मेरे ही उम्र की लड़की थी लेकिन बेहद ही तीखी..

“मेडम मैं उसका दोस्त हु “

“सभी तो जबसे उसके दोस्त ही आ रहे है परिवार वाले कहा है उसके “

“वो …...वो यंहा कालेज में पढ़ती है तो परिवार वालो के आने में समय है “

“ओह दोस्त हो तो ठीक है अपनी दोस्त से बाद में मिल लेना चलो जाओ यहां से कल आना ऑपरेशन खत्म हो जाए उसके बाद अभी वोऑब्जेर्वशन में है …परिवार वाले होते हो मिलने की अनुमति थी ”

 
उसकी बात सुनकर मेरा चहरा उतर गया ,मैंने अपना सर झुका लिया था जब मैंने चहरा उठाकर फिर से उस नर्स को देखा तो मैं चौका क्योकि उसके होठो में एक शरारती मुस्कान थी ,मैं उसे प्रश्न भरे नजरो से देखने लगी और वो खिलखिला उठी ..

“तरुणा ने मुझे बताया था की इसका मजनू आने वाला है उसकी लेना,मैंने तो ले ली ,जाओ जाओ तुम्ही लैला अंदर तुमसे मिलने की बेचैनी में मरी जा रही है “

वाह ,यार क्या बताऊँ कैसा लगा ,लगा जैसे उस नर्स को पकड़ कर अभी जोर की झप्पी दे दु लेकिन मैं भगा और तुरंत ही अंदर घुस गया,

मेरी नजर उस चहरे पर थी जिसे देखने को मैं इतने दिनों से बेताब था जिसे मैं बस अपने सपने में ही देख रहा था,काजल ने मुझे देखा और उसके चहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान आ गई,वो अभी बिस्तर में लेटी हुई थी ,हॉस्पिटल में मिलने वाला मरीज वाला गाउन पहने हुए थी ,उसके चहरे को देखकर मेरा दिल ही डूब गया,वो बेहद ही कमजोर दिख रही थी ,आंखों में काले घेरे आ चुके थे,चहरे की रंगत उतर सी गई थी,उसकी मुस्कान से ही उसकी कमजोरी का आभास हो रहा था…

मैं उसके पास जाकर बैठ गया और उसके हाथो को अपने हाथो में ले लिया…..

“क्या हो गया तुझे इतनी कमजोर लग रही है तू”

उसने अपने हाथ मेरे गालों में फिराये

“तू नही था ना मेरा ख्याल रखने के लिए “

उसके आंखों में आंसू आ गए थे,साथ ही मेरे भी

“किसने कहा था मुझे खुद से दूर करने के लिए,तुझे छोड़कर उस उस साले शकील के साथ रहना पड़ रहा है मुझे ..”

काजल मुस्कुराई

“बहुत बड़ा हो गया है ना तू मेरे लिए शकील से पंगा ले लिया,मुझे उठवा लिया,और अब...इतने बड़े हॉस्पिटल में मेरा इलाज करवा रहा है पैसे कहा से आये रे तेरे पास “

“अरे तू अपनी चिंता कर वो मैं देख लूंगा “

“कैसे उतारूंगी तेरा इतना कर्ज “

उसकी बात सुनकर मेरे होठो में एक शरारती सी मुस्कान खिल गई पता नही क्यो लेकिन शायद उसने भी कुछ समझा जो मैंने नही कहा था,उसने मेरे गालों में हल्की सी चपत मारी…

“चूतिया “

और मैं खुद को नही रोक पाया रोता हुआ उससे लिपट गया..

“ये सुनने के लिए तरस गया था मैं “

वो मेरे बालो को सहला रही थी …….

“पूरा बच्चा है तू,मेरा बच्चा..”

उसने बड़े मुश्किल से उठकर मेरे बालो को चूमा और फिर से लेट गई

कुछ पल होते है ना वो जिसमे आप अपना सब कुछ भूल जाते हो ,मेरे लिए वो वही पल था,शकील की सारी टेंशन,काजल के पास्ट की सारी टेंशन सब कुछ उसके इस एक प्यार भरे किस ने ही भुला दिया था,मैं उसकी आंखों में देख रहा था कोई बात हमारे बीच नही हो रही थी ना जाने कितना समय ऐसे ही निकल गया जब मुझे कुछ याद आया …

“मैंने तरुणा को कुछ पूछने को कहा था ,की तुम कहा की रहने वाली हो “

मेरे सवाल से काजल का खिला चहरा कुछ उतर सा गया

“क्या करोगे जानकर.जो बीत गया वो वापस नही आता “उसकी आवाज बेहद ही कमजोर थी

“मुझे जानना है की शकील तुमसे इतनी नफरत क्यो करता है “

काजल ने कुछ देर मुझे यू ही देखा फिर जोरो से हँस पड़ी

“मुझे तो ये समझ नही आता की शकील तुमसे इतनी मोहोब्बत कैसे करने लगा है,साला तू जो भी बोलता है मान ही लेटा है “

काजल बातों ही बातों में बातों को घुमा रही थी बड़ी ही खूबसूरती से मुझे उसका इंटेंसन तो समझ आ गया लेकिन मैं चुप ही रहा …

मैंने भी बात कोई घुमाया

“अविनाश सर से मिली “

मैं देखना चाहता था की अविनाश का नाम सुनकर उसके चहरे में क्या कोई परिवर्तन आता है और वो आया

“वो तो रंडियों को देखना भी पसंद नही करते ना,खैर उनको मेरा धन्यवाद कहना की उन्होंने एक रंडी की इतनी मदद की “

काजल के चहरे में एक अजीब सा दुख था जिसे मैं पढ़ ही नही पा रहा था और मेरे इस सवाल से और उसके इस जवाब से माहौल कुछ गमगीन सा हो रहा था,मैं काजल के बड़े दिन पर उसे दुखी नही करना चाहता था...मैंने बात वही छोड़ दी

“तरुणा मेडम कैसी है तुम्हारा ध्यान तो रखती है ना “

काजल के होठो में फिर से मुस्कान आ गई

“वो तो बिल्कुल मेरे बहन के जैसी है,राहुल मुझे आज भी यकीन नही होता की मैं यंहा हु,उस रंडीखाने के बाहर जिंदगी जी रही हु,सिर्फ तुम्हारे कारण “

काजल की आंखों में असीमित प्यार देखकर एक बार मैं उनमे डूब ही गया,इतना स्नेह इतना प्यार था उन आंखों में और थोडा सा पानी भी ……

“तेरी याद आती है रे “

मेरा गाला कुछ भर सा गया था,उसने बस मुस्कुराते हुए मेरे बालो में अपनी उंगलियां फंसा ली ,वो बस मेरे आंखों में देख रही थी,वो अजीब पल होते है जब होठो में मुस्कुराहट होती है और आंखों में प्यार से भरा हुआ पानी …

वो कुछ बोल नही रही थी बस मेरे बालो को सहला रही थी ,मुझे निहार रही थी ,मैं उसकी छतियो में सर रखकर सो गया,ये मेरे लिए जन्नत थी इतना सकून दुनिया में कही नही होता जीतना अपने से प्यार करने वाले के सीने में सर रखने का होता है ,

ना जाने कितनी देर ,कोई शब्द कही से नही आ रहे थे ,ना किसी को अपना प्यार जताने की कोई होड़ थी ,ना कुछ समझने समझाने की कोई चिंता,बस मैं था वो थी और अहसास था,शायद ये कहना गलत होगा……

क्योकी कोई दूसरा तो था ही नही बस हम थे जो एक थे और था अहसास वो भी एक ही था……..

 
ना जाने कितनी देर ,कोई शब्द कही से नही आ रहे थे ,ना किसी को अपना प्यार जताने की कोई होड़ थी ,ना कुछ समझने समझाने की कोई चिंता,बस मैं था वो थी और अहसास था,शायद ये कहना गलत होगा……

क्योकी कोई दूसरा तो था ही नही बस हम थे जो एक थे और था अहसास वो भी एक ही था……..

मैं कालेज से जब हवेली पहुचा तो पता चला की शकील वापस आ चुका है,उसे गए 4 दिन ही हुए थे,माहौल बेहद हि टेंशन का था और जाते ही मुझे कहा गया की शकील भाई मुझे बुला रहे है ,

शकील बेहद ही गमगीन मुद्रा में बैठा हुआ था साथ ही उसके सभी पंटर भी दुखी और उदास ही दिख रहे थे,

“भाई आदाब ,आप बहुत ही जल्दी आ गए,अपने तो कहा था की 10 दिन लगेंगे “

शकील ने सर उठाकर मुझे देखा उसका चहरा बेहद ही ख़ौफ़नाक लग रहा था,चहरे में अजीब से भाव थे,

“तू कम्प्यूटर इंजीनियर है ना मुझे एक चीज बता क्या कोई किसी और के मोबाइल से किसी और कोई काल कर सकता है “

“मतलब “

“मतलब की जैसे क्या कालिया के मोबाइल से तू मुझे काल कर सकता है..”

कालिया शकील का आदमी था और वही पास में ही खड़ा था

“है बिल्कुल क्यो नही ,कालिया भाई अपना मोबाइल देना “

“ऐसे नही ,अगर तेरे पास कालिया का मोबाइल ना हो तो “

मैं चुप हो गया और सोचने लगा..

“ऐसे कैसे हो सकता है भाई ??”

“हो तो सकता है,मुझे एक इंसान ने बताया जो मुझे दुबई में मिला था..सोच सोच “

“हुआ क्या है भाई किसे काल करना है,और मुझे नही पता लेकिन मेरे टीचर शायद बता पाए ऐसे अगर मैं कालिया का मोबाइल हैक कर लू तो ये हो सकता है ,लेकिन वो कैसे करते है मुझे नही आता,हा मैंने सुना जरूर है “

“हम्म्म्म”

शकील ने मुझे ध्यान से देखा

“तो पता कर और ये भी अगर किसी का मोबाइल हैक कर लिया जाए तो क्या उसका पता लगाया जा सकता है की ये काम किसने किया है “

“जी भाई लेकिन हुआ क्या है और आप इतने परेशान क्यो लग रहे है “

“किसी ने हमसे धोखा किया है ,दुबई वाले डॉन ने हमे कभी बुलाया ही नही था,किसी ने उसके नंबर से हमे और इंडिया में उसके कुछ नेटवर्क को चूतिया बनाया ,समझ नही आ रहा है की ये किसने और क्यो किया होगा,”

“भाई मतलब आपका नही बल्कि उस डॉन का मोबाइल हैक किया गया है “

“वही तो साला और भी बढ़ा सर दर्द हो गया है ,उन्होंने मुझे पकड़ कर रखा था उसके पूरे गैंग में ये बात फैल गई ,साला जिंदगी में इतना जलील कभी नही हुआ जिनता उस मादरचोद ने किया “

“लेकिन भाई अगर उसका मोबाइल हैक हुआ तो वो उसकी गलती है आपकी नही और उसके गैंग के किसी आदमी ने ही किया होगा..”

“वो पता लगा रहा है,उसने बड़े बड़े हैकर्स को लगा दिया है की आखिर कौन है वो जिसने उसका मोबाइल हैक करके मुझे काल किया,फिर इंडिया में उसके लोगो को सिर्फ इसलिए की वो मुझे दुबई भेज सके “

शकील की बात से मेरा माथा ठनक रहा था..

“भाई ऐसा भी तो हो सकता है की कोई उसे ये अहसास दिलाना चाह रहा हो की डॉन भी उसके सामने कुछ नही है ,हो सकता है की आप उसके टारगेट हो ही नही ,बल्कि उसने आपको रेंडमली ही चुन लिया हो “

“हु हो सकता है ,डॉन के लोग भी यही कह रहे थे,बड़ी मुश्किल से वंहा से निकल कर आया हु ,वो साला जो भी हो मिलेगा तो साले को कुत्ते की मौत दूंगा “

“भाई उसे तो वो डॉन भी ढूंढ रहा होगा,उसके हाथ लगेगा तो वो ही मार देंगा…”

“हा ये तो है ,तू कुछ कर सकता है क्या “

“भाई वंहा बड़े बड़े हैकर्स बैठे है मैं क्या कर सकता हु ,मैंने तो अभी अभी कम्प्यूटर पकड़ा है “

“देख ले यार अगर कोई ऐसा आदमी मिले जो ये बता पाए की वो आदमी कौन था तो …..हो सकता है की दुबई वाले भाई के नजरो में मेरी कुछ इज्जत बढ़ जाए,साला ना जाने क्या क्या सोच लिया था मैंने सब मिट्टी में मिल गया..”

पहली बार शकील मुझसे कुछ मांग रहा था,छिनने वाला आदमी कभी कभी इतना मजबूर हो जाता है की मांगना शुरू कर देता है वाह क्या बात है,वक्त इंसान को क्या क्या नही बना देता…

“ओके भाई पता करता हु “

“लेकिन साला ये कम्प्यूटर,टेक्नालजी भी क्या जोर की चीज है साला इतने बड़े डॉन को भी चूतिया बना दिया “

शकील अचानक से हँसा..फिर मुझे देखने लगा

“छोटे तू सिख जो ये कहते है ना हैकिंग...तू सिख जो चीज लगे मैं तुझे दूंगा साला अगर ये हमारे हाथ लग जाए तो सोच क्या क्या कर लेंगे..आज हर आदमी के हाथो में मोबाइल है,हर जगह कैमरा लगे है,हर कोई इंटरनेट चला रहा है ,आज जिसने टेक्नोलॉजी को जीत लिया वो तो राजा है ,वही असली डॉन है …”

शकील के चहरे में अजीब सी महत्वकांक्षा खिल गई थी ..

उसने बोलना जारी रखा

“सोच जब उस डॉन को पता चला की उसके मोबाइल से मुझे और उसके बंदों को काल गया था तो साले का चहरा देखने लायक था,जिसका यंहा की पुलिस कुछ नही बिगड़ पाई वो आदमी डर रहा था,”

शकील जैसे सदमे में पहुच गया था ,वो जोर जोर से हँस रहा था..

“वंहा जो हैकर्स आये उन्होंने बताया की किसी का भी बैक अकाउंट भी हैक किया जा सकता है,कुछ भी हैक किया जा सकता है ,सोच मादरचोद इतनी मेहनत करने की ही क्या जरूरत जब सब हमे घर बैठे ही मिल जाए ..हा हा हा …”

“छोटे तू सिख जो लगे मैं तुझे दूंगा लेकिन तू ये सब सिख यार “

शकील की बात सुनकर मैंने बस हा में सर हिलाए और मंद मंद मुस्कुराने लगा ..मैं मन ही मन सोच रहा था

‘सीखा चूतिये सीखा,जिस दिन सिख गया पहले तो तेरी ही गांड फाडूँगा ……’

*************************

 
मैं अपने कमरे में अपना लेपटॉप खोले हुए बैठा हुआ था,मैं डार्क वेब में गया,और एक वेबसाइड में अपनी id जिसका नाम rocky था से लॉगिन किया,सामने चैट बॉक्स में जाकर मैंने के मेसेज किया

rocky: हैल्लो भाईजान

BadeBhaiya :ह्म्म्म छोटे,कैसी रही

rocky:सोचा नही था उससे कही ज्यादा अच्छा ,धन्यवाद आपका,मछली तो खुद ही जाल में फंसने को तैयार बैठी है ..

BadeBhaiya :गुड ,अब बता की और क्या चाहता है..

rocky:बस यही की उसे बर्बाद कर दु

BadeBhaiya :तब तो पूरा जाल डालना पड़ेगा

rocky:वो खुद ही तैयार है बस आप बताओ की आगे क्या करना है ...

BadeBhaiya :ओके..तो अपने घर में ****** ये सब समान मंगवा ले ,और ये ******* साफ्टवेयर उसके मोबाइल में इंस्टाल करवा ले ,बाकी वो खुद ही बर्बाद हो जाएगा ..

(उसने कुछ डिवाइस और कुछ साफ्टवेयर के बारे में लिखा जिसे मैंने नोट कर लिया )

rocky: धन्यवाद भाईजान आपका अहसान कैसे चुकाऊंगा

BadeBhaiya :उसकी फिक्र मत कर ,मैं अपना हिस्सा खुद ही ले लूंगा...

मेरे चहरे में उसकी बात सुनकर एक मुस्कान आ गई

rocky:ओके

BadeBhaiya :ओके सेटअप तैयार कर फिर बताना,फिर मैं बताउगा की आगे क्या करना है …..

rocky : ओके

मेरे चहरे में मुस्कान थी और दिल में अपार खुसी ,शकील को रोड में लाना इतना आसान होगा मुझे पता भी नही था……

************

इधर

एक कम्प्यूटर स्क्रीन पर

I_am_a_dog :मछली ने चारा कहा लिया

BadeBhaiya :वो तो खुद ही तैयार बैठा है लूटने के लिए

I_am_a_dog :गुड ,तुम्हारा ईमान भी तगड़ा होगा

BadeBhaiya :थैंक्स ,लेकिन लड़का मासूम है

I_am_a_dog :मासूम देखेंगे तो काम कैसे करेंगे,मा चुदाने गई उसकी मासूमियत खुद ही मारने आया है यंहा पर

BadeBhaiya :हम्म ओके

I_am_a_dog :तू रेडी है ना या किसी और को कहु

BadeBhaiya :नही मैं कर लूंगा

I_am_a_dog :गुड सेटअप तैयार हो जाए फिर बताना

BadeBhaiya :ओके ..

*****************

मैं खुशी की लहर में सवार था ,सब कुछ ठीक ही चल रहा था,शकील मेरी बात मान रहा था,काजल का ऑपरेशन सक्सेसजफुल था और उसका पैसा भी जुगाड़ हो चुका था,थोड़ा पैसा एक मंत्री मोहोदय ने दिया था बाकी मेरे जेब से गया था,चीजे इतनी ठीक हो गई थी की मुझे कभी कभी अपने भाग्य पर भी भरोसा नही होता था…

तरुणा एक दिन मुझसे कालेज में मिली

“यार काजल वंहा होस्टल में बैठे बैठे बोर हो जाती है क्यो ना वो भी अपनी पढ़ाई पूरी कर ले “

तरुणा के बात से मैं सोच में पड़ गया

“क्या वो पढ़ी लिखी है “

“हाँ उसने 12th तक की पढ़ाई साइंस में की थी मैं सोच रही हु की उसे कालेज में दाखिला दिला दिया जाए “

“लेकिन अभी भी शकील के लड़के उसे ढूंढ ही रहे है “

“तो ढ़ंढने दो ना एक गर्ल्स कालेज में उसका दाखिला करवा देते है ,प्रिंसपल से बात मैं और भाई (अविनाश) कर लेंगे ,काजल से मैंने एक बार पूछा था की उसे क्या बनना है उसने कहा की वो वकील बन कर बेसहारा लोगो के लिए केस लड़ना चाहती है ,तो क्यो ना उसे लॉ से ही ग्रेजुएट किया जाए “

मैं अभी भी शकील के डर में था लेकिन तरुणा बहुत ही कॉन्फिडेंट दिख रही थी…..

“ठीक है जैसा आपलोगो को अच्छा लगे…”

“गुड ,और एक अच्छी खबर है अविनाश काजल से मिलने को तैयार हो गया है “

तरुणा की बात सुनकर मैं उछल पड़ा…

“क्या ये कैसे हुआ “

“बस तरुणा का जादू है ,भाई मेरी बात बहुत कम ही नही मानता ,मैं उसके पीछे पड़ी थी और वो मान गया “

मेरे दिल में ना जाने कितने सवाल घूम रहे थे,

“क्या हुआ मेरा भाई स्मार्ट है लेकिन तेरी काजल को लेकर नही उड़ जाएगा जो तू इतना सोच रहा है “

मुझे सोचता हुआ देख कर तरुणा ने कहा और मेरी तंद्रा भंग हुई

“नही नही ऐसी कोई बात नही है ……..”

मैं हँस तो रहा था लेकिन मैं उस मोमेंट को मिस नही करना चाहता था जब अविनाश और काजल एक दूसरे से मिले……

*************

आखिर वो दिन तय कर लिया गया जब अविनाश और काजल मिलने वाले थे ,अविनाश गर्ल्स होस्टल में जाकर उससे मिलने वाला था ,मुझे खास हिदायत तरुणा और काजल दोनों ने दी थी की मैं वंहा उस समय नही आ सकता,मेरे लिये ये बात और भी चुभने वाली थी की काजल भी मुझे वंहा उस समय नही चाहती थी ….

लेकिन इससे मेरी बेताबी और भी बढ़ गई थी मैं सीधे अविनाश से मिला

“भाई थैंक्स अपने मेरे लिए इतना कुछ किया ,और आप काजल से मिलने वाले भी हो “

अविनाश मुझे देखकर मुस्कुराया

“अरे छोटे इसमें थैंक्स की क्या बात है ,और मेरी बहन ने इतना जिद किया की मुझे उससे मिलने जाना ही पड़ा,मैं तो चाहता था की तू भी मेरे साथ रहे लेकिन ……..लेकिन पता नही को तरुणा मना कर रही है ,शायद वो नही चाहती की शकील को इसकी भनक लगे ..”

मैं जानता था की शकील के लोग मेरा पीछा नही कर रहे थे,मैंने ये बात तरुणा को भी बताई थी लेकिन नही ….वो अब भी चाहती थी की अविनाश काजल से अकेले में मिले…..

“ठीक है भाई अगर ऐसा है तो आप ही जाओ कब जा रहे हो ..”

“कल सुबह 11 बजे के करीब “

“कहा मिलोगे”

“वही गर्ल्स होस्टल के मीटिंग रूम में जंहा लड़कियों के पेरेंट्स मिलते है “

“ओके…”

***************

मैं वंहा से निकल तो गया लेकिन मेरे दिमाग में एक आंदोलन चल रहा था ना जाने अविनाश और कजाल का ऐसा क्या रिश्ता था जो मुझे भी आने से मना किया गया था ,काजल ने मना किया था या नही ये तो मैं नही जानता लेकिन तरुणा जरूर मेरे आने के सख्त खिलाफ लग रही थी ….

मैंने निश्चय किया था की मैं ये पता लगा कर रहूंगा,और मैं दूसरे दिन 11 बजे वंहा पहुच गया

अविनाश अंदर गया मैं भी अंदर गया लेकिन दूसरे तरीके से मैं उस कमरे के पास ही खड़ा हुआ बाहर एक खिड़की से अंदर का नजारा देख पा रहा था,अविनाश बड़े ही आराम से बैठा था ,

थोड़े देर में फिर से कमरा खुला...काजल और तरुणा अंदर आयी लेकिन तरुणा तुरंत ही वापस निकल गई अभी भी दोनों ही बस एक दूसरे को देख रहे थे……

अविनाश विस्मय से अपना मुह खोले हुआ था ,वही काजल नार्मल ही लग रही थी लेकिन थोड़ी नर्भस थी ,वही तरुणा के चहरे में ना जाने क्यो बेहद ही खुशी थी ………

“प्रिया तुम ……...“

तरुणा के जाने के बाद ही अविनाश बोल उठा काजल नजर गड़ाए खड़ी थी …

“ऐसा नही हो सकता ये तुम नही हो सकती मेरी प्रिया की ये हालत नही हो सकती “

अविनाश दूर ही खड़ा था उसकी आवाज भर्रा गई थी

“वक्त का खेल है अवि ,मेरे पास आओ “

कजाल ने अपनी बांहे फैला दी ,अविनाश किसी बच्चे की तरह दौड़ता हुआ आया और उससे लिपट गया..

“प्रिया,ये क्या हो गया हे,भगवान मैंने कहा कहा नही ढूंढा तुम्हे “

दोनों के नैनो से मोती झर रहे थे ,

“इसमें तुम्हरी कोई गलती नही है अवि “

“जिसकी गलती है मैं उसे कभी नही छोडूंगा प्रिया ,उस रंडी काजल को मैं कभी माफ नही करूंगा “

काजल ने गहरी सांस ली ,उधर मेरी सांस ही रुक सी गई थी

“काजल ने जो किया उसकी सजा तो उसे कुदरत ने दे दी अवि,हमशे उसने जो धोखा किया उसकी सजा उसे वैसे ही मिली,उसने तुमसे प्यार एक झूठा नाटक किया मुझे अपनी दोस्ती के जाल में फसाया और उसे भी झूठे दोस्ती और प्यार का शिकार होना पड़ा,”

अविनाश अब काजल से दूर हट चुका था वो उसे ही देख रहा था..

“तुम्हे और कोई नाम नही मिला जो उस कमीनी का नाम रख लिया “

इस बार काजल मुस्कुराई

“ये नाम तो मुझे शकील ने दिया था ,शायद अपनी प्रेमिका की याद में जिसे उसने अपने ही हाथो से मार दिया “

अविनाश का हाथ काजल के चहरे में था,उसके चहरे का भाव अब बदलने लगा था..

“तो वो शकील था जिसने तुम्हारा ये हाल किया ,इसके लिए वो जिंदगी भर पछतायेगा “

अविनाश की आवाज में गुस्से की कम्पन साफ दिख रही थी ..

“नही अवि नही ,वो बेहद ही ताकतवर है कोई भी गतल कदम खतरनाक हो सकता है ,मैं तुम्हे फिर से नही खोना चाहती ,मैं राहुल को नही खोना चाहती “

काजल की आवाज कांप गई

“प्रिया अब मैं वो सीधा साधा लड़का नही हु जो कभी तुम्हारा दोस्त हुआ करता था “

“हा वो तो जानती हु,मेरा प्यारा अवि अब कितना खतरनाक हो चुका है,जिस दिन मुझे शकील के लोगो के बीच से उठाकर लाये थे मैं तब ही समझ गई थी की ये कोई बड़ा शातिर आदमी है लेकिन जब पता चला की ये तुम हो तो यकीन ही नही हुआ की मेरा अवि ऐसे कैसे हो गया “

“वक्त .वक्त इंसान को बदलने पर मजबूर कर देता है ,अब राहुल को ही देखो ,पहले मैं भी उसके जैसे सीधा साधा था लेकिन उस रंडी ने …”

काजल ने तुरंत ही अवि के होठो पर अपनी उंगली रख दी

“जो हुआ उसे भूल जाओ अवि अब हमारे पास इस जीवन को फिर से शुरू करने का एक अवसर है “

“शकील को उसके किये की सजा तो मिलेगी प्रिया ,मैं उसे बर्बाद कर दूंगा ,उसने तेरे ऊपर ना जाने कितने जुल्म ढाए है इसकी सजा तो से मिलेगी “

काजल बड़े ही प्यार से उसे देख रही थी

“जरूर मिलेगी लेकिन अभी नही “

काजल के चहरे में वो खुशी देखकर मेरा भी दिल झूम गया था ऐसा लगा जैसे जाकर अभी उन लोगो के बीच में कूद जाऊ और काजल और अविनाश को गले से लगा लू लेकिन ,मैं खुद ही चोरों की तरह छिपा हुआ था…….

तभी कोई नुकीली चीज मेरे माथे में टकराई

“ख़बरदार जो हिले तो यही भेजा खोल दूंगा “

मैं जब पलटा तो वो होस्टल का चौकीदार था

“यंहा क्या कर रहे हो चलो इधर “उसकी आवाज बेहद ही कड़क थी

“छोड़ दो भैया अपनी अपनी महबूब से मिलने आया होगा “

ये तरुणा की आवाज थी जो मुझे बेहद ही नाराजगी से घूरे जा रही थी ,उसे देखकर मेरी और भी हालत खराब हो गई

“अरे बेटी ये साला खिड़की से ताका झांकी कर रहा था “

“अच्छा …”तरुणा ने मुझे घुरा

“वो मैं ..वो “

“चुप रहो,जब बोला था तुम्हे की तुम्हे नही आना है तो तुम यंहा जासूसी कर रहे थे “

तरुणा गरजी

“नही मैं वो..”

“क्या वो ..चलो अब अंदर तुम्हारी क्लास लेती हु “

मैं घबराता हुआ उसके साथ गया,वो मुझे लेकर उसी कमरे में ले गई जंहा काजल और अविनाश दोनों थे ..वी दोनों ही मुझे देखकर चौके ,

“ये देख काजल तुम्हारा आशिक तुम्हारी जासूसी कर रहा था “

“नही नही ऐसी कोई बात नही है “मैं सकपकाया

“ये गलत बात है राहुल ऐसा नही करना चाहिए तुझे अपने प्यार पे भरोसा नही है क्या ?”

इस बार अविनाश ने कहा

“मैंने ये कब कहा “अब मैं सच में परेशान हो गया था क्योकि काजल कोई भी रिएक्शन नही दे रही थी और ये लोग बात को कहा से कहा ले जा रहे थे ,

“सच में राहुल तू चूतिया तो था लेकिन अब शक्की भी होई गया है “

काजल के होठो में एक व्यंगात्मक सी मुस्कान थी

“अरे ऐसा कुछ भी नही है,मैं भी अविनाश सर के साथ आना चाहता था लेकिन मुझे मना कर दिया गया,अब शकील भी केशरगढ़ से है और अविनाश भी,और शकील का चहरा भी अविनाश को देखकर उतर गया था तो .. तो मैं इतने दिन से जानने को बेताब था की अविनाश सर, काजल और शकील के बीच आखिर संबंध क्या है ,बस इसीलिए “

सभी ने अपना चहरा बनावटी रूप से सोचने वाला किया

“गलत बात गलत बात “तरुणा ने सर हिलाया और सभी जोरो से हँस पड़े

“अब तो तुम सब जान गए होंगे “

काजल मुस्कुरा रही थी

“हा और अविनाश सर आप अभी शकील को कुछ भी नही करेंगे ,मेरे पास प्लान है “

“ओहो तेरा मजनू तो प्लान की खान ही है,हर चीज के लिए इसके पास प्लान पहले से तैयार रहता है “तरुणा की बात से काजल थोड़ा शर्मा सी गई ………

हम सब अभी गर्ल्स होस्टल के कमरे में बैठे हुए थे,अविनाश और काजल अभी भी इमोशनल लग रहे थे,

“भाई मैं तुम्हारे और काजल के बारे में बहुत ही खुश हु ,इस बेचारी ने बहुत दुख देखे है इसे हमेशा खुश रखना “

अविनाश काजल के बालो को सहलाते हुए बोला

“अरे भैया काजल इसकी लैला है और ये काजल का मजनू ..क्यो मजनू “

तरुणा ने अपने चिर परिचित अंदाज में हमे चिढ़ाया ,काजल ने झट से उसके कन्धे पर अपना हाथ मार दिया

“अच्छा मैं चलता हु कुछ जरूरी काम है “

अविनाश उठ खड़ा हुआ ,साथ ही तरुणा भी खड़ी हो गई

“अच्छा मैं भी चलती हु ,लैला मजनू को थोड़ा अकेले छोड़ दिया जाए ना जाने कितने अरमान दिल में दबाए बैठे होंगे “

तरुणा हँस पड़ी वही उसकी बात से मैं और काजल शर्मा से गए थे.

“अरे रुको ना सालों बाद मिले और अभी जा रहे हो “

काजल ने अविनाश को देखते हुए कहा

“जिसने हमारा ये हाल किया है उसको सबक भी तो सिखाना होगा ,राहुल तुम अभी प्रिया के पास रुको हम तुम्हारे प्लान पर बाद में काम करना शुरू करेंगे अभी के लिए मुझे और भी थोड़ी तैयारी करनी होगी ..”

मैंने हा में सर हिलाया और तरुणा और अविनाश वंहा से चले गए ,

ये अजीब सी सिचुएशन थी आज हम दोनों इतने दिनों के बाद अकेले थे लेकिन बोलने को कुछ भी नही था,बस एक नर्भसनेश हम दोनों को ही घेरे हुए थी ,मैं भी कुछ बोलने से हिचकिचा रहा था और वो भी ,तभी फिर से दरवाजा खुला ,वो तरुणा थी

“अरे अकेले हो फिर भी दूर दूर बैठे हो ,चलो उठो अब क्या यही सुहागरात मनाने का इरादा है काजल इसे अपने कमरे में ले जा “

काजल ने अजीब निगाह से तरुणा को देखा

“अरे ऐसे क्या देख रही है ,तेरा बालम आया है आज तो कुछ हो ही जाएगा “

तरुणा की बात सुनकर काजल ने उसे झूठे गुस्से वाली आंखे दिखाई लेकिन उसके होठो में अब भी शहद सी प्यारी शर्मीली सी मुस्कान थी ,

“चलो चलो ये प्रेजेंट्स के लिए विजिटिंग रूम है और तुम दोनों एक दूसरे के पेरेंट्स नही हो बल्कि तुम दोनों को मिलकर किसी का पेरेंट बनना है “तरुणा फिर से खिलखिला उठी

“क्या मेडम आप भी “मैं पहली बार अपना मुह खोला था

“अरे ये क्या मेडम मेडम लगा के रखा है ,अब से मुझे तरुणा कहना,आखिर तुम मेरी बहन के पति देव जो हो तो मेरे तो जीजा जी हुए ना”

तरुणा के बात से तो मैं भी शर्मा गया था

“ओहो शर्मीले जीजा जी क्या दीदी के साथ अकेले समय नही बिताना ...ऐसे नही बिताना चाहते तो आप जा सकते हो “

मैं थोड़ा शर्म में था तो थोड़ा हिचक में मुझे समझ नही आ रहा था की मैं क्या जवाब दु

“तरुणा बस कर यार हम जा रहे है अपने कमरे में “

काजल उठ कर मेरा हाथ पकड़कर मुझे खड़े करती हुई बोली और मैं किसी रोबोट की तरह उसके पीछे पीछे चलाने लगा ,होस्टल की लडकिया अजीब निगाहों से मुझे देख रही थी ,इतना डर तो मुझे उस रंदीखाने में भी नही लगता था,जितना इन शरीफ लड़कियों के निगाहों से लग रहा था ….

काजल के कमरे में दो बिस्तर लगे हुए थे दोनों ही सिंगल बेड थे,पास ही में एक अलमारी सी बनी थी जिसमे कुछ किताबे थी और एक स्टडी टेबल ,ये पूरी तरह बॉयज होस्टल की ही तरह था लेकिन बस ज्यादा साफ सुधरा था चीजे अपनी सही जगह पर थी ,

मुझे एक बिस्तर में बिठा दिया गया था ,

“देखो ये काजल के कमरे के साथ साथ मेरा भी कमरा है तो जो भी करना है जल्दी जल्दी कर लेना ,ऐसे 1 घण्टे में तो काम हो जाएगा ना,नही हुआ तो कोई बात नही मैं दूसरे कमरे में सो जाऊंगी “

तरुणा के चहरे में अर्थपूर्ण मुस्कान थी

“चुप कर कमीनी हम ऐसा वैसा कुछ भी नही करने वाले ,तू अपनी फेंटेसी हमारे ऊपर मत थोप “

काजल ने तरुणा के बांहों में एक मुक्का मारा

“हाय काश मेरे पास भी इतना प्यार करने वाला मजनू होता तो मैं तो रात दिन बस ..”

तरुणा इतना बोलकर खिलखिला उठी जबकि काजल का चहरा शर्म से लाल हो गया था,मैंने काजल को इतना शर्माते हुए नही देखा था,

“चुप कर कुछ भी बोलते रहती है “

इस बार काजल की आवाज भी शर्म की वजह से धीमी हो गई थी

तरुणा के काजल का चहरा अपने हाथो में पकड़ लिया

“ओह हो देखु तो मेरे लाडो का चहरा शर्म से सुर्ख हो रहा है ,कितनी प्यारी लग रही है कही किसी की नजर ना लग जाए ,”

फिर तरुणा का चहरा मेरी ओर हो गया

“ए हीरो मेरी बहन को ज्यादा परेशान मत करना ,”

मैंने हा में सर हिलाया ,तभी तुरुणा के होठो में एक शैतानी मुस्कान खिल गई

“ऐसे थोड़ा परेशान कर सकते हो “

इस बार वो खिलखिलाते हुए बाहर को गई ,

“अंदर से कुंडी लगा लेना नही तो कोई आ जाएगा “

वो बाहर जाते जाते कह गई ,उसकी बात सुनकर काजल बुरी तरह से शर्मा गई थी वही हाल मेरा भी हो गया था,हम दोनों इतने दिनों तक एक ही कमरे में कई दिन एक ही बिस्तर में साथ सोए भी लेकिन इतनी अजीब सिचुएशन हमारे सामने कभी नही आयी थी ,काजल दूसरे बिस्तर में जाकर बैठ गई थी ,

जिससे मिलने की इतनी तम्मना थी ,जिसे निहारने को मैं रातों को तड़फता था,जिससे बात करने को मैं व्याकुल रहता वही आज मेरे सामने थी और मेरे मुह से एक शब्द भी नही फुट रहे थे,मैं उससे निगाहे भी नही मिला पा रहा था ना जाने काजल कितना शर्मा रही थी लेकिन उससे ज्यादा तो मैं ही शर्मा रहा था…….

“कुछ बोलोगे भी “आखिर काजल ने ही वो शर्म की दीवार गिराने की पहल की

“क्या बोलूं “

“कुछ भी “

मेरी नजर सीधे काजल पर गई वो मुझे ही देख रही थी लेकिन मेरी नजर मिलते ही उसने नजर झुका ली ,मैं उसके टमाटर से लाल हुए चहरे को देख रहा था,मुझे अपनी ओर देखता हुआ पाकर उसका चहरा और भी सुर्ख हो गया था,उसकी उन अदांओ में मैं अपनी जान लुटा सकता था आखिर मैं उठा और सके करीब जा बैठा ,वो मुझसे थोड़ा दूर सरकी जिससे मेरे होठो में एक मुस्कान आ गई ..

“जानती हो मुझे कैसा लग रहा है “मैंने बहुत ही हल्की आवाज में कहा

“कैसा ‘उसकी नजर अभी भी नीचे थी

“जैसे आज हमारी सुहागरात हो “

“धत “वो और भी शर्मा गई और मैंने उसे अपनी बांहों में समेट लिया ,वो भी मेरे बांहों में घुलने लगी थी ……

“काजल मैं तुमसे बहुत प्यार करता हु “

“ये भी कोई कहने वाली बात है”काजल मेरे सीने में सिमटे हुए बोली

“क्या तुम मुझे अपना चहरा नही दिखाओगी “

मैं उसका चहरा नही देख पा रहा था

“नही “उसके आवाज में एक शरारत थी जरूर उसके होठो में मुसकान भी रही होगी ,वो मेरे सीने से और भी कस कर सट गई

“जानती हो मैंने इस दिन का कितना इंतजार किया है “

“मैंने भी “

“फिर भी मुझे अपना चहरा नही दिखा रही “मैंने नीचे देखने की कोशिस की उसके बाल ही मेरे सामने थे

“नही “

मैं अपनी उंगलियों को उसके गालों पर ले गया और उसके कोमल गालों को सहलाने लगा,वो मेरे सीने में ही मचली मुझे उसकी हल्की सी हंसी सुनाई दी …

“तुम्हारे गाल कितने कोमल है “

मैं अब भी उसके गालों को सहला रहा था ,उसने अपने को थोड़ा उठाकर मेरे सीने में एक किस किया और फिर से मुझे कस लिया ,

“अरे अपना चहरा तो उठाओ “

“ना “

“मुझे तुम्हारे गालों को चूमना है “

मैं अधीर हो रहा था

“ना”उसने बड़ा ही प्यारा सा जवाब दिया लेकिन उसकी ना में भी एक मदहोशी थी एक शर्म था ,मैंने उसके चहरे को अपने हाथो से उठाया वो बिना किसी विरोध के मेरे सामने थी ,उसकी आंखे बंद। थी ,उसका प्यारा मुखड़ा मेरे आंखों में भर रहा था,उसके लबो में एक हल्की सी हलचल थी जो मुझे अपनी ओर खिंच रही थी ,मेरे होठो ना जाने किस आकर्षण से उसके होठो से मिल गए….

 
हम दोनों ही एक दूसरे को भिच कर एक दूसरे को अपने में समाने को आतुर हो गए थे,हमारे होठ एक दूसरे के गीलेपन से भीग रहे थे,कभी हमारे दांत उसने गढ़ जाते तो कभी जीभ उसके मुह में चली जाती ,

दुनिया जैसे खो गई थी काजल मुझसे और सट गई थी मैं अपनी बांहों में उसे कसकर भरे हुए था,मैं उससे इंच भर भी दूर नही था लेकिन हम और भी पास आने को तड़फ रहे थे,हमारे होठो एक दूसरे के मुह की गहराई को नाप रहे थे वो और भी गहरे जाने को बेताब थे,कोई दीवार नही थी कोई पर्दा नही था,कोई हसरत भी नही थी ,और शायद हम भी नही थे,

जो था वो बस एक अहसास था एक प्यार का अहसास एक दूसरे का होने का अहसास एक दूसरे में घुल जाने का अहसास,और दुनिया में कुछ भी तो नही बचा था ………….

काजल के होठो की मिठास अभी भी मेरे होठो में थी और उसका प्यार दिल में ,रह रह कर मेरे होठो में एक मुस्कान सी खिल जाती थी ,मुझे उसका प्यार भरा ये तोहफा याद आ जाता,लेकिन अभी सिर्फ खुशियां मनाने का वक्त नही था मेरे सामने एक बड़ी चुनोती थी वो था शकील के मोबाइल में सॉफ्टवेयर इंस्टाल करना और साथ ही bhadebhaiya उसकी जानकारी पहुँचाना ..

मैं एक ही झटके में शकील को बेसहारा और मजबूर कर देना चाहता था उसके सारे व्हाइट और ब्लैक पैसे का खात्मा और साथ ही पुलिस तक कुछ ऐसे ठोस सुबूत जिससे वो धोबी का कुत्ता बन जाए ……

शकील ने मेरे मांगने पर अपने मोबाइल की जांच करने के लिए मुझे दे दिया,ताकि मैं पता लगा सकू की उसके साथ धोखा किसने किया है ,साथ ही मैंने इंटरनेट सर्वर के जरिये उसके दूसरे कम्प्यूटर में भी घुस गया था मैंने सारी सेटिंग्स कर ली अब वक्त था की डार्क वेब में जाकर चैटिंग करके उस हैकर को तैयार करने का जिससे मैं बाते किया करता था ……

Rocky :हैल्लो

BadeBbhaiya:हम्म

Rocky :पूरी तैयारी हो गई है आप अपना काम चालू कर दीजिए

BadeBbhaiya:ओके मुझे एक्सेस भेज

Rocky :ओके

BadeBbhaiya:ठीक है कल सुबह धमाल के लिए तैयार रहना

Rocky :थैंक्स

BadeBbhaiya:अभी से बोलने की कोई जरूरत नही है जब काम हो जाए तब बोलना …………

मैं अब चैन से सोने वाला था जो किसी मारपीट या माथापच्ची करके नही होता वो कुछ कोडिंग के जरिये होने वाला था ये मेरी समझदारी थी या बेवकूफी ये तो वक्त ही बताता लेकिन मैं बहुत ही खुश था,मैं खुश था की शकील की आधी दौलत मेरी हो जाएगी और वो होगा जेल में और मैं अपनी काजल के साथ आराम की खुशियों भरी जिंदगी बिताऊंगा ……..

*************

इधर दो कम्प्यूटर स्क्रीन पर

BadeBbhaiya:काम हो गया मुझे एक्सेस मिल गया

I_am_a_dog :गुड अब आज रात में ही उन दोनों की गांड मार दे ,और कल से अपनी जिंदगी ऐश के साथ जीने को तैयार हो जा

BadeBbhaiya:एक बात पुछू तुम इस लड़के में और शकील में इतना इंटरेस्ट क्यो ले रहे हो

I_am_a_dog :हा हा हा ...उससे तुम्हारा कोई मतलब नही होना चाहिए ,तुम अपने काम और पैसे से मतलब रखो

BadeBbhaiya:फिर भी शकील का तो समझ आता है लेकिन उस लड़के ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है

I_am_a_dog :उसने नही लेकिन उससे जुड़े कुछ लोगो ने जरूर बिगाड़ा है ,उसके जरिये मैं सब को रुलाऊंगा,अब और बात नही कल के tv चैनल में खबर मुझे दिख जानी चाहिये …

BadeBbhaiya:ओके

******************

ये सुबह मेरे जीवन की सबसे मस्तानी सुबह होने वाली थी ,जब मेरी नींद खुली तो मैं बाहर हो रहे शोर शराबे को सुनकर खुश हो गया मुझे जो करना था वो बस इतना था की वो बस इतना की मुझे अपने चहरे में दुख रखना था ताकि शकील को भनक भी ना लगे की उसकी इस तबाही के पीछे कौन है …..

मैंने अपना मोबाइल देखा जिसमे अविनाश और तरुणा के कई मिस काल थे मोबाइल साइलेंट में होने की वजह से मैं सुन नही पाया था ,मेरे होठो में एक मुस्कान आ गई शायद मुझे उठाने में थोड़ी देर हो गई थी ये खबर सब जगह फैल गई होगी ,लेकिन मैंने अभी उन्हें काल करने का फैसला रद्द कर दिया अभी तो मैं शकील के मजे लेना चाहता था,या हो सकता है की पुलिस ने उसे पहले ही अरेस्ट कर लिया होगा ,मैं खिड़की से बाहर की ओर झांका मैंने पुलिस की दो जीप वंहा देखी साथ ही कुछ न्यूज़ वाले भी दिखे जिन्हें पुलिस अंदर आने से रोक रही थी ,मैं मुस्कुराता हुआ अपने को सम्हाला और थोड़ी सीरियस शक्ल बना कर बाहर निकला ही था की मुझे मेरी ओर पुलिस वाले आते दिखे …

“हैंड अप बिल्कुल नही हिलना “उन्होंने मेरे ऊपर ही बंदूख तान दी थी मैंने तुरंत ही अपने हाथ उठाये की मेरे हाथो में हथकड़ी डाल दी गई और उन्होंने मुझे ऐसे दबोचा जैसे मैं कोई अपराधी हु ,

“सर हुआ क्या है??”

“ले चलो इसे गाड़ी में “

पुलिस वाले में कोई जवाब ही नही दिया ,वो मुझे हवेली से बाहर के आंगन में लाये मैंने नजर घुमाई लेकिन शकील मुझे कही नही दिखा उसके कुछ लोग ही दिखे जिन्हें पुलिस ने घुटनो के बल बिठा रखा था उन्होंने मुझे भी घुटनो के बल बिठा दिया ..

“भाई ये क्या हो रहा है “मैंने पास ही बैठे हुए शकील के आदमी से पूछा जो सर झुकाए हुए मेरे बाजू में घुटनो के बल बैठा था उसने सर उठा कर मुझे देखा और उसके चहरे का भाव तुरंत ही बदल गया मानो वो मुझे खा जाने वाली नजर से देख रहा हो ..

“मादरचोद तुझे शकील भाई कभी नही छोड़ेंगे,और जो तेरी रांड है ना जिसके लिए तूने ये सब किया देख भाई उसकी क्या हालत करते है ,अविनाश के साथ मिलकर गेम खेला था ना तूने उसे होस्टल में छिपा कर रखा था,अब देखना मादरचोद शकील भाई अब गेम खेलेगा तेरे और तेरी उस रांड के साथ …”

ऐसे लगा जैसे मेरा पूरा खून ही चूस लिया गया हो ,ये क्या हो रहा था मैंने ऐसा तो नही सोचा था,शकील को काजल का पता चल गया और ये भी की ये सब मैंने किया लेकिन शकील कहा था ..??

“शकील कहा है ?”

मेरे होठो से अनायास ही निकल गया ,जिसे सुनकर वो जोरो से हंसा

“वो तेरी मा चोद रहा है “

वो और जोर से हंसा लेकिन कुछ ही दूर खड़े पुलिस वाले ने उसे जोर से लात मार दिया

“राहुल कौन है ??”

अंदर से आते हुए एक अफसर ने कहा ,मैंने अपना हाथ उठा दिया

“इसे अलग जीप में बिठाओ और बाकियों को अलग “

वो गरजा और कुछ पुलिस वाले मुझे पकड़ कर दूसरे जीप की ओर जाने लगे ..

“लेकिन साहब मैंने किया क्या है “मैं हिम्मत करके अफसर से बोला

“मादरचोद तेरे ऊपर धोखाधड़ी का आरोप है ,अबे इतना सा तो तू है तूने मंत्री साहब के पत्नी का अकाउंट हैक किया और चूतिये पैसे अपने ही अकाउंट में डाल दिए ,तेरे कारण शकील की भी लग गई ,चलो अच्छा हुआ धरती से कुछ तो बोझ कम होगा “

मैं स्तब्ध था ,बिल्कुल ही अवाक ,हर चीज समझ के परे थी की क्या हुआ है क्या हो रहा है,मुझे अपने मोबाइल की याद आयी जिसमे तरुणा और अविनाश के मिस काल थे कही मेरी काजल तो खतरे में नही थी ,मेरी सांस ही बंद हो गई थी ……….

मेरे बाहर निकलते ही न्यूज़ चेनल वालो ने मुझे घेर लिया था …

मेरी फ़ोटो उतारी जा रही थी लेकिन एक क्रिमिनल के तौर पर पुलिस ने मुझे सबसे बचा कर जीप में बिठा दिया ……….

***************

 
“काजल ,काजल कहा है ..”

मैं अविनाश को देखते ही खड़ा हो गया था ,मैं अब भी पुलिस स्टेसन में बैठा हुआ था और पुलिस मेरे खिलाफ चार्ज सीट बना रही थी ,अविनाश के साथ साथी कुछ लड़के भी वंहा आये थे और साथ ही एक वकील भी था ,

अविनाश को देखते ही मैं खड़ा हो चुका लेकिन अविनाश ने मेरे सवालों का कोई जवाब नही दिया बल्कि

‘चटाक ‘

मेरा गाल मानो शून्य हो गया था ,अविनाश बेहद ही गुस्से में लग रहा था ..

“ये क्या तमाशा कर रहे हो यंहा पर ये पुलिस स्टेशन है “

पास खड़ा इंस्पेक्टर भड़का लेकिन फिर अविनाश के चहरे और उसके साथ आये लड़को को देखकर थोड़ा शांत हो गया …

“मादरचोद तेरे कारण मेरी प्रिया फिर से उस शकील के जाल में फंस गई ,अगर उसे कुछ हुआ ना तो तुझे मैं जिंदा जला दूंगा “

अविनाश बेहद ही गुस्से में लग रहा था ,और काजल का नाम सुनकर मैं सकते में आ गया था

“क्या???क्या हुआ काजल को “

“शकील उसे होस्टल से उठा ले गया है ,तू अपने को बहुत ही बड़ा तीसमारखाँ समझता है साले ये सब करने की क्या जरूरत थी तुझे “

अविनाश की बात सुनकर मेरे होश ही उड़ गए थे ये क्या कर दिया मैंने मैं सर पकड़कर बैठ गया था ,अविनाश ने मुझसे फिर कुछ भी नही कहा ..वो वकील के साथ इंस्पेक्टर से बात करने लगा …

“मैं मंत्री जी से बात कर चुका हु,इस लड़के को किसी साजिश के तहत फसाया गया है,उन्होंने कहा है की इसे छोड़ना है वो केस वापस ले रहे है ,”

वकील ने कुछ पेपर्स इंस्पेक्टर को दिखाया

“लेकिन “

“लो बात करो “अविनाश किसी को फोन लगाकर इंस्पेक्टर को देता है ...कुछ ही देर में इंस्पेक्टर का रुख भी बदल गया था,शकील के सारे लोगो पर कई आरोप थे वही मेरे ऊपर बस धोखाधड़ी के मामले का आरोप लगा था,शकील और उसके कुछ साथी रात से ही गायब थे ,उनके सारे काले कारनामे खुल गए थे उसका एकाउंट भी खाली कर दिया गया था,उसके पास से बहुत मात्रा में ड्रग्स ,हथियार और पैसे बरामद किये गए थे लेकिन शकील पुलिस के हाथो में नही आया ,मुझे तुरत ही पुलिस से छुड़ा लिया गया था लेकिन इन सबके बीच में मेरे दिमाग में कई सवाल खड़े हो गए थे,..

आखिर शकील को किसने काजल के बारे में सूचना दी थी ?

आखिर किसने उसे आगाह किया की पुलिस उसके हवेली और दूसरे ठिकानों पर छापा मारने वाली है ?

आखिर किसने उसे ये बताया की इन सबमे मेरा हाथ है ,फिर भी वो मुझे छोड़कर काजल को पकड़ने क्यो गया ?

सवाल तो कई थे लेकिन मेरे दिमाग में एक ही नाम घूम रहा था …

BadeBbhaiya लेकिन आखिर वो था कौन और उसने मेरे साथ ऐसा क्यो किया ?????

......................................

हम सब इसी सोच में डूबे हुए तब की आखिर शकील काजल को ले कर कहा गया होगा ,

“कौन सी ऐसी जगह होगी जंहा शकील को सहारा मिले,वो पुलिस से छिप सके और उसके मदद करने वाले लोग भी उसे मिल जाए “

अविनाश अपना दिमाग लगा रहा था

“ऐसी जगह हो घर ही हो सकती है “प्यारे के मुह से अचानक ही निकल गया

“घर ,शकील का घर यानी ...केशरगढ़ “

अविनाश के मुह से निकला और सभी उसे ही देखने लगे..

“यस हमे अभी वंहा के लिए निकलना होगा “मैं बोल उठा अविनाश ने एक बार फिर हिरकत वाली नजर से मुझे देखा लेकिन फिर सर हिला कर हामी भरी……..

*************

हम केशरगढ़ के लिए निकलने ही वाले थे की तरुणा हमारे पास दौड़ाते हुए आयी …

“भैया,आकाश…”

उसकी हालत बेहद ही खराब लग रही थी

“क्या हुआ तरुणा “अविनाश ने उसे सहारा दिया ,और उसने अपना मोबाइल अविनाश के सामने कर दिया मेरी भी आंखे मोबाइल के स्क्रीन पर जम गई थी ..

सामने जो दृश्य था वो देख कर हमारे रोंगटे ही खड़े हो गए ,वो मेरी काजल थी ,

काजल के शरीर में एक भी कपड़ा नही था उसे किसी बिस्तर में लिटा कर बांध दिया गया था ,उसकी आंखे खुली थी लेकिन मुह में एक पट्टी बंधी हुई थी ,ये एक वीडियो था ,सामने वाले शख्स का चहरा तो नही दिख रहा था लेकिन उसकी आवाज सुनाई दे रही थी …

“रंडी हमेशा रंडी ही रहती है,वो कभी भी किसी की बहन, दोस्त ,बीवी और प्रेमी नही बन सकती ...और ये तो मेरी रंडी है अब सारी दुनिया को पता चल जाएगा की ये एक रंडी है चूतिये राहुल और गांडू अविनाश तुम मेरा कुछ भी नही बिगाड़ सकते ,मैं तुम्हारी पहुच से बहुत दूर हु ,अब तुम देखना की कैसे मैं इस रंडी के वीडियो बना बना कर इसे इंटरनेट में फेमस कर दूंगा …”

इसके साथ ही एक भयावह हंसी भी थी,मैं आवाज को पहचान गया था ये शकील की ही आवाज थी ,मेरे शरीर में मानो ताकत ही नही बची थी मैं सर पकड़ कर बैठ गया था ,आखिर काजल की इस हालत का दोषी मैं ही था,उसे फिर से बलात्कार झेलना पड़ रहा था तो वो सिर्फ मेरी वजह से ..

“मुझे जिंदा रहने का कोई हक नही है मैं ही काजल का दोषी हु,मुझे मार डालो अविनाश ..तरुणा मुझे मार डालो मुझे जिंदा रहने का कोई हक नही है “

मैं रोता हुआ नीचे बैठ गया था ,मेरे कंधे में एक हाथ रखा गया ,वो अविनाश था इस पूरे वाकये में पहली बार उसने मुझपर सहानुभूति दिखाई थी वही तरुणा मेरे बगल में बैठ गई

“हिम्मत रखो राहुल अगर तुम ही ऐसी हिम्मत हार जाओगे तो काजल का क्या होगा,उसके बारे में सोचो वो सभी जुल्म सह कर भी जिंदा रहेगी क्योकि उसे तुमपर भरोसा है,वो मुझसे कहा करती थी की मेरा चूतिया मेरे लिए कुछ भी कर जाएगा ,समझो उसके विस्वास को उसे धोखा मत दो ,उसे तुमपर जान से ज्यादा भरोसा है और तुम्हे उसे छुड़ाना यही उसे तुम्हे नई जिंदगी देनी है जिसकी वो हकदार है ,तुम्हे उसे बचाना है तुम ऐसी कमजोर नही हो सकते ,तुम उसकी उम्मीद को ऐसे तोड़ नही सकते उठो ..उठो राहुल और जाओ हमारी काजल को सही सलामत वापस लेकर आओ “

तरुणा की बातों ने मुझमें जैसे एक नया जोश भर दिया मैं तो टूट ही चुका था लेकिन तरुणा ने सही कहा था मेरी काजल को मुझपर पूरा भरोसा था और मैं किसी भी कीमत में वो भरोसा तोड़ नही सकता था ...मैं उठ खड़ा हुआ और अपने आंसू पोछते हुए उस वीडियो में अपनी काजल को देखने लगा

“मैं आ रहा हु काजल मैं इस बार उस शकील को जिंदा नही छोड़ूंगा तुम्हारे गुनहगारों को सजा मिलेगी काजल ,ये वीडियो तुम्हे किसने भेजा ..”

मैंने तरुणा को देखा

“पूरे कालेज के लड़के लड़कियों के वाट्सअप पर ये मेसेज भेजा गया है “तरुणा बोल उठी और अविनाश और मैंने तुरंत ही अपना मोबाइल निकाला,वो सही थी हमे भी वीडियो भेजे गए थे ..

“ये किसका नंबर हो सकता है “अविनाश सोच में पड़ गया

“देबू..देबू हमारी मदद कर सकता है “मैं बोल उठा और हम उसके कमरे की तरफ भागे ,जब हम कमरे में पहुचे तो देबू बहुत ही गंभीर मुद्रा में कम्प्यूटर के सामने बैठा हुआ था …

“देबू ????”

मैं बोल उठा

“मुझे भी ये वीडियो मिला है और मैं इतने देर से इस नंबर का पता लगाने की कोशिस कर रहा हु लेकिन ...ये कोई इंटरनेशल नंबर है और इसे ट्रेक करना मेरे तो क्या किसी एक्सपर्ट हैकर या साइबर क्राइम वाले के बस का भी नही है “हमारे बिना कुछ बोले ही देबू बोलने लगा

“और इतना ही नही जब मैंने ये वीडियो सर्च किया तो मुझे पता चला की काजल की ये वीडियो कई पोर्न साइट में भी डाली गई है,कोई हमारे साथ बड़ा गेम खेल रहा है ..”देबू चिंतित था

“BadeBhaiya “ मेरे मुह से अचानक ही वो नाम निकला जिसने मेरी पूरी दुनिया कुछ ही घण्टो में उजाड़ दी थी

“हो सकता है लेकिन उसका शकील से क्या कनेक्शन है समझ नही आ रहा ,उसने तो शकील को नंगा ही कर दिया फिर वो शकील की मदद क्यो करेगा “देबू फिर से बोला ,सभी के मन में ढेरो सवाल थे लेकिन उत्तर किसी के पास नही था …

“हो सकता है की ये काम शकील का ही हो ,आवाज तो उसकी ही है “अविनाश ने कहा

“नही ...उसके पास इतना दिमाग नही हो सकता की वो ऐसे इंटरनेशनल नंबर से वीडियो भेजे और उसके पास पूरे कालेज के लड़के लड़कियों के मोबाइल नंबर कहा से आएंगे,इसके लिए किसी ने कालेज का डेटा बेस हैक किया होगा,मैं शकील के पास इतने दिन तक था उसके पास टेक्नोलॉजी का इतना ज्ञान नही हो सकता “मेरी बात सुनकर सभी सकते में आ गए

“मुझे तो लगता ही की शकील ने किसी हैकर को अपने साथ रखा होगा ,वैसे भी ये काम इतना छोटा है की ये कोई भी सामान्य हैकर आराम से कर सकता है बस उसे वीडियो बना कर देंगे होगा ,मुझे लगता है की शकील ने कही से वीडियो बना कर उस हैकर को भेजा होगा और फिर हैकर ने उसे फैलाया होगा “देबू की बात में दम तो था..

“राहुल हमे जल्द ही केशरगढ़ के लिए निकलना होगा ,और देबू तुम अपना प्रयास जारी रखना अगर किसी भी तरह से हमे ये पता चल जाए की ये वीडियो आखिर कहा से भेजे गए है तो हमारा काम आसान हो जाएगा “

अविनाश ने मुझे और देबू को कहा हमने भी हामी भर दी …

“मैं इंटरनेट पर डाले गए वीडियो के जरिये भी उसे तलाशने की कोशिस करता हु ,तुम लोग अपना काम करो मैं तुम्हारे कांटेक्ट में रहूंगा ………”

देबू ने सहमति दिखाई और हम तेजी से वंहा से केशरगढ़ के लिये निकल गए …….

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हम दोनों अविनाश की कार से केशरगढ़ के लिए निकल गए थे,साथ ही अविनाश के दो दोस्त भी थे ,राकेश और जॉनी,दोनों की ही छबि एक गुंडे की थी ,लड़ने और मरने मारने में आगे रहते थे शायद इसी लिए अविनाश ने इन्हें अपने साथ रखा था ..

केशरगढ़ प्रकृति की गोद में बसा एक शहर,वहां के सदियों पुराने महल जो की अब खण्डार हो चुके थे बेहद प्रसिद्ध थे साथ ही प्रसिद्ध था वंहा का एक इंसान नाम उनका थोड़ा अजीब था,’डॉ चुन्नीलाल तिवारी यरवदा वाले ‘लोग उन्हें डॉ चूतिया के नाम से जानते थे,पहले वो एक डॉ हुआ करते थे ,सुना था की वो एक जासूस भी थे और अपने जीवन में कई बड़े केस उन्होंने साल्व किये थे,लेकिन अब वो सब छोड़कर केशरगढ़ में जा बसे थे और यंहा लोगो को ज्ञान बाटने के लिए एक आश्रम चलाते थे ,

खैर हमे उनसे क्या हमे तो शकील को ढूंढना था लेकिन मेरे दिल में उनसे मिलने की एक तमन्ना थी शायद वही से कुछ रास्ता मिल जाए ……..

गाड़ी के बड़े घर के पास पहुची हमारा समान घर के नॉकर ने उठाया और उसे अंदर ले गया ,सभी घर के अंदर गए ये अविनाश का घर था ,घर देखकर ही मुझे समझ आ गया था की अविनाश एक बेहद ही अमीर परिवार से तालुक रखता है ,हवेली के जैसा घर था और घर में कई नॉकर चाकर थे ,उसके माता पिता भी बेहद ही मिलनसार थे और जैसे ही उन्हें प्रिया यानी काजल के बारे में पता चला उन्होंने हमे पूरी मदद करने का आश्वासन दिया,

यंहा मुझे काजल के अतीत के बारे में बहुत कुछ जानकारी मिली ,पहली ये की उसके माता पिता का देहांत बहुत पहले हो चुका था और उसके पिता अविनाश के पिता के बहुत अच्छे दोस्त थे इसलिए काजल की परवरिश अविनाश के साथ ही उसके ही घर में हुई थी,दोनों में बहुत ही अच्छी दोस्ती थी वो भाई बहन के जैसे एक दूसरे को प्यार करते थे ,जब वो जवान हुए तो अविनाश के जीवन में एक लड़की आई जिसका नाम काजल था,अविनाश के पैसों की लालच में उसने अविनाश को फसाया था,और प्रिया की अच्छी दोस्त बन गई ,लेकिन बाद में इन्हें पता चला की वो किसी और की मासूका है...आगे क्या हुआ ये तो शकील और काजल ही जानते है लेकिन इन बातो से मुझे ये जरूर समझ आ गया था की अविनाश के लिए काजल की क्या अहमियत थी…

आज भी अविनाश के घर में काजल के बचपन से जवानी तक के फ़ोटो थे उन्हेंने उसे ढूंढने की भी बहुत कोशिस की लेकिन उनकी प्रिया कही नही मिली ,और अब जब वो मिली तो फिर से ये घटना हो गई ……..

हम दोपहर में ही केशरगढ़ पहुच चुके थे और शाम से ही हम शकील का ठिकाना ढूंढने निकल पड़े ,पुलिस स्टेशन से उसके पुराने क्रिमिनल रिकार्ड निकलवाये और शकिल के जितने पुराने दोस्त थे उन्हें टारगेट किया ,वंहा का इंस्पेक्टर भी हमारे साथ था अविनाश के पिता की यंहा अच्छी चलती थी शायद इसलिए इंस्पेक्टर भी हमारी पर्सनली मदद करने को राजी हो गया था ,रात तक हमारे पास पूरी जानकारी थी ,अब बात थी की उन ठिकानों पर छापे मारना,हमने तीन टीम बनाई एक में मैं ,इंस्पेक्टर और कुछ सिपाही थे,दूसरे में अविनाश और कुछ सिपाही थे और तीसरे में राकेश ,जॉनी और कुछ सिपाही थे ,तीनो टीम को एक साथ अलग अलग जगहों में छापा मरना था जंहा से जो भी मिले उसकी जानकारी वाकी टोकि के द्वारा हम सभी टीमो तक पहुचा सकते थे ,

हमने पूरी रात छापे मारे,शकील के सभी पुराने दोस्त या सहयोगी हमारी गिरफ्त में थे लेकिन शकील और काजल का कही कुछ भी पता नही लगा ना ही ये पता लगा की शकील यंहा आया है या किसी को लाया है …….

सुबह के 5 बज चुके थे जब सभी टीम फिर से पुलिस स्टेशन में इकट्ठा हुई ……

“ये ऐसी तो कुछ नही बताएंगे 3rd डिग्री देना पड़ेगा सालों को फिर मुह खोलेंगे “

अविनाश ने इंस्पेक्टर को देखते हुए कहा,हमने कुछ लोगो को गिरफ्तार भी कर लिया था जो शकील के खास सहयोगी हुआ करते थे …

“हा लेकिन तिवारी साहब शकील कई साल पहले यंहा से जा चुका है मुझे नही लगता की इन लोगो से उसका कोई संपर्क रहा होगा…”

इंस्पेक्टर ने अविनाश से कहा

“कोई कितनी भी दूर क्यो आ चले जाए अपने बचपन के दोस्तो और सहयोगियों से अलग नही रह सकता,और शकील तो ऐसे बिजनेस में था की उसे इन जैसे चोर उचक्कों की जरूरत पड़ते ही रहती होगी,ट्राई करने में हर्ज ही क्या है “

अविनाश ने इंस्पेक्टर को मना ही लिया और फिर शुरू हुई कुटाई ,,,

और एक दो लोगो ने शकील से कनेक्शन होनी की बात भी कबूल ली,फिर हुई और कुटाई ,और आखिर 3-4 घण्टो की महेनत के बाद एक ने अपना मुह खोला …

“शकील भाई का सुबह फोन आया था की वो केशरगढ़ आये यही और उन्हें छिपने की जगह चाहिए लेकिन केशरगढ़ से बाहर ,वो जानते थे की अगर पुलिस उन्ह ढूंढेगी तो वो कभी ना कभी यंहा जरूर पहुचेगी इसलिए वो यंहा नही रहना चाहते थे,उन्होंने अपनी गाड़ी यंहा ठिकाने लगाई और दूसरी गाड़ी लेकर निकले,सच कह रहा हु साहब हमे नही पता की वो कहा गए लेकिन वो जंगल की तरफ बड़े है …”

उसने रोते रोते कहा

“अच्छा तो वो कितने लोग थे “

“नही पता साहब वो तो गाड़ी लेने अकेले ही आये थे शायद वो नही चाहते थे की उनके साथ कौन कौन आया है उसकी हमे भनक भी लगे ,वो उन लोगो को किसी दूसरी जगह छोड़ कर आये थे ….”

उस आदमी के कबूलनामें के बाद हमारे लिए चीजे थोड़ी और सुलझ गई थी ,हमे उस गाड़ी का नंबर पता था जिसमे वो भागा था,इंस्पेक्टर ने आस पास के थानों में बात की और घेरा बंदी की बात कह दी साथ ही उस गाड़ी का पता लगाने की बात कही ,सभी लोग बहुत थक चुके थे लेकिन सच बताऊँ तो मेरे और अविनाश के चहरे से थकान जैसी कोई भी चीज कोसो दूर थी …

“हमे जंगलों की तरफ निकलना चाहिए ,हम यंहा यू की नही बैठ सकते”

मैं बोल उठा ,इंस्पेक्टर ने मुझे एक अजीब निगाह से देखा

“उन लोगो के पास हथियार हो सकता है,अगर वो मिल भी गए तो तुम 4 लोग उनका क्या ही बिगड़ लोगे “

“जितना मुझे पता है शकील के साथ 8 से ज्यादा आदमी नही हो सकते और हमारे पास ही हथियार है हम उनसे निपट लेंगे क्यो अविनाश “

मैंने वो माउजर इंस्पेक्टर को दिखाई जो अविनाश ने मुझे दी थी ,अविनाश ने भी मेरी बात पर सहमति जताई ,

“घर चलते है कुछ समान और रख लेते है और फिर निकलनेगे “

 
अविनाश ने मुझे देखते हुए कहा और हम घर की तरफ चल दिए ,राकेश और जॉनी की तो कार में बैठे बैठे ही आंखे लग गई थी ,अविनाश के घर जाकर हम फ्रेश हुए नाश्ता किया और अविनाश ने कुछ सामना और अपने पास रखा उसने ना जाने कहा से कई बड़ी बन्दूखे ला के कार में लोड किया और फिर हम उसके घर से जंगल की तरफ निकले ,कुछ ही दूर में हमे एक और गाड़ी मिली शायद ये अविनाश के दोस्त ही थे ,सभी लड़को को उसने गले लगाया और अपने कार से हथियार निकाल कर उन्हें दिए और मुझे उनके साथ दूसरी कर में आने को कहा ताकि मैं भी थोड़ी देर सो सकू ,अब हम 10 लोग थे दोनों गाड़िया जंगल की तरफ दौड़ाने लगी ,2 घण्टे बाद ही हम दूसरे थाने में पहुच चुके थे ,वंहा के इंचार्ज ने हमे बताया की आसपास के किसी थाने में उस गाड़ी का पता नही चल पाया है ,हो सकता है की वो यंही कही जंगलों में छिपा होगा,उसने बताया की वंहा से कुछ दूर जंगल के बीच एक छोटा पहाड़ है ,पुराने समय में डाकू उस जगह को छिपने के लिए उपयोग में लाते लाते थे ,वंहा छोटे छोटे गांव भी है शायद वही कही शकील ने शरण ले रखी हो ….

हम लोग उस पहाड़ी की ओर निकल गए ,सड़क से उतर कर कारे पगडंडियों में चलने लगी थी ,कुछ दूर बाद ही वो भी खत्म हो गई हमे एक कार के निशान दिखाई पड़े और लगभग तय हो गया की शकील हमे यही मिलेगा थोड़ी दूर तक गाड़ी गई लेकिन आगे जंगल बेहद ही घना था और कार से जाना मुमकिन नही था हमने कार को कही छिपाने का प्लान बनाया और हमारे दिमाग में आया की शकील ने भी अपनी कार यही कही छिपाई होगी,हम बेहद ही शांति से उसे ढ़ंढने लगे और हमे झाड़ियों के झुंड में उसकी कार मिल गई ,हमने उसके टायरों की हवा निकाल दी और अपनी कारो को ऐसे पोजिशन में छिपाया की हमे वंहा से निकलने में सुविधा हो,सच में मेरे लिए ये सभी काम बहुत मुश्किल थे लेकिन हमारे साथ आये लोगो के लिए ये जैसे रोज का काम हो ,पूछने पर पता लगा के अविनाश ने जिन लोगो को बाद में बुलाया था वो लोग पहले फोर्स में काम कर चुके थे या कुछ कर रहे थे और उन्होंने जंगल वॉर की ट्रेनिंग ले रखी है …..

मुझे यकीन हो गया था की अब हम काजल को आसानी से शकील के चुंगल से बचा लेंगे इतना ही नही बल्कि हम शकील को ठिकाना भी लगा देंगे ….

हमने उन लोगो को ही लीड करने दिया और उनके कहे अनुसार ही हम उनके पीछे चलने लगे ,दोपहर के 2 बज चुके थे लेकिन ऐसा लग रहा था जैसे शाम हो गई हो ,घने जंगल में चलना भी दुर्भर था,पास की पहाड़ी पर चढ़कर हमे दूर एक गांव दिखाई दिया,उसे गांव बोलना भी शायद गलत होगा क्योकि वंहा महज 5-6 घर जो झोपड़ियों जैसे दिख रहे थे ,हमारा लक्ष्य था वंहा तक पहुचना हम निकल गए और 1 घण्टे में हम उस गांव के पास थे ,उन्होने पहले दूरबीन से जांच की और कन्फर्म किया की कुछ लोग एक घर के बाहर बैठे है ,उन्होंने हमे समझाया की गोली बारी से किसी मासूम गांव वाले की जान जा सकती है इसलिए जंगलों में लड़ने वाली लड़ाई लड़नी होगी,जिसे गोरिल्ला युध्द कहा जाता है एक एक कर लोगो को ठिकाने लगाना और वो भी इतने खामोशी से की किसी को पता भी नही चले ,उनमे से 4 लोग आगे आये और हमे वही छिप कर देखने को कहा अगर जरूरत पड़ती तब हमे आना था ,वो बोल बड़े ही अभ्यस्त थे पास ही पहरा दे रहे शकील के दो आदमीयो को पलक झपकते ही ठिकाने लगा दिया और कोई शोर भी करने नही दिया,मैं उन लोगो को पहचान गया था ये शकील के खास आदमी थे ,वो उस झोपड़ी के बाहर से उसका निरक्षण करने लगे ,और हमे अपना अंगूठा दिखाया मतलब की सब ठीक है ,तभी हमे पास से ही एक बुड्ढा आदमी आता हुआ दिखा,हमारे लोग उसके पास पहुचे और उसने बताया की एक मोटा आदमी पास की झोपड़ी में आया हुआ है उसने उन लोगो को बहुत पैसे दिए जिसकी एवज में वो उसकी खातिरदारी कर रहे थे...हमने उसको और उसके परिवार को झोपड़ी से दूर रहने को कहा,पता चला की उसका परिवार अभी जंगल में लकड़ियो की तलाश में गया है और शाम होने पर ही लौटेगा ,,,,अब हमारे लिए काम आसान था,हम सभी एक साथ टूट पड़े और एक एक करके शकील के आदमियों को धूल चटा दी लेकिन अभी तक एक भी गोली चलानी नही पड़ी ,अंत में बारी थी उस झोपड़ी की जंहा शकील आराम फरमा रहा था ,मेरे दिल की धड़कने जोरो से चल रही थी क्योकि शायद काजल भी वही थी …..

हमने दरवाजा तोड़ा और शकील बुरी तरह चौकते हुए उठा,उसके साथ दो लोग और भी थे वो कोई भी एक्शन ले उससे पहले ही अविनाश का पिस्तौल बोल उठा…

‘धाय धाय ‘

शकील के दोनों आदमी ढेर थे,लेकिन शकील के चहरे में ख़ौफ़ का कोई नामोनिशान नही दिख रहा था…

“तुम साले चूतिये आखिर यंहा तक पहुच ही गए ,मुझे लगा ही था की तुम मुझे ढूंढ ही लोगे ..”शकील ने मुझसे नही बल्कि अविनाश से कहा था ..

“प्रिया कहा है “अविनाश बौखला गया था और काजल को नही देख कर मैं भी

“प्रिया ...ओह वो रंडी काजल . कोई चोद रहा होगा उसे मुझे क्या पता “

शकील बुरी तरह से हंसा और अविनाश ने आगे बढ़कर उसके मुह में कई घुसे लगा दिए …

“मादरचोद एक बार तूने उसे मुझसे अलग कर दिया था लेकिन अब नही अगर मुझे उसी समय पता होता की उसके गायब होने में तेरा और उस रंडी का हाथ है तो अब तक मैं तुझे कब का मार चुका होता,बता मादरचोद कहा छिपा कर रखा है तूने …”

अविनाश बोलता रहा लेकिन शकील को जैसे कोई फर्क नही पड़ा वो हंसता ही रहा …

उसने मुझे देखा

“तू तो मुझे चोद कर काजल को बचाना चाहता था ,मेरा भरोसा जीता,जीवन में पहली बार मैंने किसी के ऊपर भरोसा किया,साला पहली बार चूतियापा किया ,लेकिन किस्मत देखो किसी ने हम दोनों को एक साथ चोद दिया ….काजल मेरे पास नही है ,हा मैंने उसे होस्टल से उठाया था लेकिन केशरगढ़ में आकर गाड़ी चेंज करने के दौरान कुछ लोग मेरे आदमीयो को मार कर काजल को अपने साथ ले गए,मुझे लगा की वो अविनाश के आदमी होंगे लेकिन फिर मैंने अपनी जान बचाने की सोची ,मुझे मेरे लोगो ने सेटेलाइट फोन के जरिये बताया की उसका एक वीडियो वायरल हो रहा है ,तब मुझे समझ आया की किसी ने मुझसे और काजल से बदला लिया है और जरिया बना तू ,मेरा सब कुछ गया,पैसे मेरी पवार ,यू जंगलों में भटकने के लिए मजबूर हो गया,लेकिन तुम दोनों से तुम्हारी काजल छीन गई ,काश वो आज मेरे पास होती तो मैं अपना सपना पूरा करता,उससे प्यार करने वालो के सामने ही उसे चोदता …”

वो फिर से शैतानों वाली हंसी हँसने लगा,हमारा दिमाग ही घूम गया था और अविनाश ने अपना पिस्तौल निकाल कर सीधे उसके सीने में गोलियों की बौछार कर दी ……..

शकील ने वही दम तोड़ दिया था ,एक एक करके सभी लाशों को ठिकाने लगा दिया गया ,लेकिन हमारे दिमाग में अब भी एक बात घूम रही थी की अगर काजल शकील के पास नही है तो आखिर किसके पास है ?????????

हम फिर से केशरगढ़ पहुच चुके थे,मैंने अविनाश से रिक्वेस्ट किया की मुझे डॉ चूतिया से मिलना है क्योकि मैंने उनका नाम बहुत सुन रखा था ऐसी स्तिथि में शायद वो हमारी कुछ मदद कर पाए …

अविनाश बहुत देर तक शून्य चित्त से मुझे देखता रहा वो मानो बिल्कुल ही चुप हो गया था,शकील को मारने के बाद से अभी तक उसने एक बार भी कोई बात नही की थी,उसने बस अपना हिलाया और हामी भरी…………..

 
फिर से सुबह हुई हम अविनाश के घर में थे ,सुबह ही हमारे मोबाइल पे उसी नंबर से फिर से एक वीडियो आ गया था ,आवाज अब भी शकील की ही थी ,कोई लड़का काजल के मुह में अपना लिंग जबरदस्ती डाले हुए उसके बालो को अपनी ओर खिंच रहा था…

“ढूंढो चुतियो ढूंढो इसे बहुत गुमान था ना तुम्हे अपने प्यार पर अब देखो मैं कैसे इसे असली रंडी बनाता हु ,”

वो दरिंदगी से भरा हुआ हँस रहा था,मैंने काजल की आंखों में देखा एक आंसू उसके आंखों में ठहर गया था वो बह तो नही रहा था लेकिन गिर भी नही रहा था,मेरे दिल में एक जोरो की टीस उठी ,ऐसा लगा की अभी उस कुत्ते को जान से मार दु लेकिन …..

लेकिन वो मेरी पहुच के बाहर था …..

मैं और अविनाश नाश्ता करके डॉ चूतिया के आश्रम की ओर बढ़ गए …

एक दम शांति ,इतनी शांति मैंने अपने जीवन में महसूस नही की थी ….नही नही काजल के गोद में मुझे इतनी शांति मिलती थी..

लोग यंहा वंहा ध्यान में बैठे हुए थे,हम डॉ को ढूंढते हुए आगे बड़े और के पेड़ के नीचे कुछ लोगो के साथ वो ध्यान में बैठे हुए मिल गए ….

हम भी जाकर उसी भीड़ के साथ बैठ गए ,थोड़ी देर बाद जब सब उठकर जाने लगे तो डॉ की नजर अविनाश पर पड़ी …

उन्होंने हम दोनों को अपने पास बुलाया …

“तुम तिवारी जी के बेटे हो ना “

“जी ..”

“तुम्हारे पिता जी से मेरे अच्छे संबंध है वो यंहा आते रहते है,मुझे पता चला उस लड़की के बारे में बहुत दुख हुआ “

डॉ की नजर मुझपर पड़ी ,उन्होंने मेरे बारे में पूछा और हमने उन्हें शुरू से लेकर अंतिम तक सभी बातें बता दी ,कैसे मैं काजल से मिला ,कैसे शकील ने मुझे अपने अपने पास बुलाया,कैसे काजल और मैं प्यार में पड़ गए और कैसे मैंने उसे अविनाश के मदद से शकील के चुंगल से बाहर निकाला ,कैसे मैं डार्क वेब में गया और कैसे शकील और मुझे लूट लिया गया,हमने ये भी बता दिया की हमने शकील को ढूंढ लिया लेकिन काजल उसके पास नही थी और शकील को जान से मार दिया ….

डॉ सब कुछ शांति से सुनते रहे फिर मेरी ओर मुड़े…

“तुम्हे अगर प्रीति उर्फ काजल को ढूंढना है तो पहले तुम्हे खुद को शांत करना होगा,जब कुछ समझ नही आये तो कुछ सोचने से अच्छा है की अपने दिमाग को शांत कर लिया जाए ,अभी के केस में यही हो रहा है ,कोई भी क्लू तुम्हारे पास नही है ,किसने किया होगा क्यो किया होगा कुछ भी नही पता,तो आंखे बंद करो और खुद को शांत करो ,शुरू से सोचो की क्या हुआ था शायद कही ना कही कोई ना कोई घटना ऐसी हुई होगी जिसे तुम मिस कर रहे हो ….हर कड़ी को ढूंढो और शुरू से शुरू करो ……”

अविनाश और मैं दोनों ने आंखे बंद कर लिए और डॉ के कहे अनुसार अपने सांसों पर ध्यान लगाने लगे,धीरे धीरे मन शांत होने लगा ऐसा लगा जैसे सदियों का बोझ मिट गया हो…

मन अपने गहराई में गोते खा रहा था कई चीजे दिमाग में घूम रही थी एक के बाद काजल के साथ बिताए हुए लम्हे सामने आ रहे थे ,कुछ भी खोजने का प्रयास नही किया जा रहा था बस चीजे आ रही थी बार बार दिमाग में आ रही थी जा रही थी ……

मुझे वो रंडीखाना दिखा और उसमें दिखी हंसती हुई काजल साथ ही शबनम मौसी बनवारी ……….

मैंने झट से आंखे खोली…

“मुझे एकबार फिर से वही जाना होगा जंहा से मैंने और काजल ने शुरुवात की थी “

डॉ अब मेरे सामने नही थे ना ही अविनाश ही था ,मैं कितने देर तक बैठा रहा मुझे पता नही लेकिन जब मैंने इधर उधर देखा तो डॉ को कुछ लोगो से बात करता पाया वही अविनाश एक कृत्रिम झील के पास बैठा हुआ उसे निहार रहा था.मैं उसतक पहुचा और उसके कंधे में हाथ रखा …..

उसने मुड़कर मुझे देखा और जोरो से रो पड़ा..

“सब मेरी गलती है राहुल सब कुछ मेरी ही गलती है ...मेरे ही कारण प्रिया को इतने कष्ट झेलने पड़ रहे है ,ना ही मैं उस रंडी काजल के प्यार में पड़ता और ना ही शकील प्रिया को अपने जाल में फंसा पता ..”जो रोता हुआ मेरे सीने से लग गया...मैंने पहली बार इस शख्स को इतना टूटा हुआ देख रहा था,शायद हम दोनों ही प्रिया उर्फ काजल के सबसे बड़े मुजरिम थे,उसने हम दोनों से ही बहुत उम्मीद की हम दोनों से ही प्यार किया और हम दोनों की गलती के कारण उसे दुख देखने पड़े ,एक की गलती ने उसे शकील के चुंगल में फंसा दिया और मेरी गलती ने उसे फिर से उसी नरक में झोंक दिया ...अविनाष के इस प्रकार के व्यवहार से मेरे आंखों में भी पानी आ गया था ……….

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